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40 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों के लिए नए सख्त दिशानिर्देश तैयार किए हैं। इन नियमों के तहत जो कंपनियां अमेरिकी सरकार के साथ काम करना चाहेंगी, उन्हें अपने AI सिस्टम के किसी भी वैध उपयोग के लिए अमेरिकी सरकार को स्थायी लाइसेंस देना होगा। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, नए दिशानिर्देश जनरल सर्विसिज एडमिनिस्ट्रेशन (GSA) द्वारा तैयार किए गए हैं और यह नागरिक (सिविलियन) सरकारी अनुबंधों पर लागू होंगे। इसका मकसद सरकारी संस्थाओं द्वारा AI सेवाओं की खरीद प्रक्रिया को अधिक सख्त और सुरक्षित बनाना है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिकी रक्षा विभाग और AI कंपनी एंथ्रोपिक के बीच तनाव बढ़ गया है। पेंटागन ने हाल ही में एंथ्रोपिक को सप्लाई-चेन जोखिम घोषित कर सरकारी ठेकेदारों को सैन्य कार्यों में उसकी तकनीक इस्तेमाल करने से रोक दिया था। ड्राफ्ट नियमों के अनुसार: AI कंपनियों को सरकार को अपने मॉडल के सभी कानूनी उपयोगों के लिए कभी न बदले जाने वाला लाइसेंस देना होगा। कंपनियां अपने AI सिस्टम के आउटपुट में जानबूझकर राजनीतिक या वैचारिक झुकाव नहीं जोड़ सकतीं। उन्हें यह भी बताना होगा कि क्या उनके AI मॉडल को किसी विदेशी सरकार या गैर-अमेरिकी नियमों के अनुरूप संशोधित किया गया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… कनाडा में भारतीय मूल की इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की हत्या, मां का आरोप- 18 बार चाकू मारा, पुराने विवाद के कारण हमला भारतीय मूल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की कनाडा में चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना मंगलवार शाम विंडसर के पास हुई। नैन्सी की मां शिंदर पाल ग्रेवाल का आरोप है कि हमलावरों ने उनकी बेटी पर 18 बार चाकू से हमला किया और उसकी हत्या कर दी। परिवार के अनुसार, यह हमला किसी पुराने विवाद के कारण किया गया। परिजनों का कहना है कि नैन्सी मूल रूप से लुधियाना जिले के नरंग गांव की रहने वाली थीं। वह कनाडा में एक मरीज से मिलने गई थीं। घर के बाहर निकलते ही कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। मां ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने ऐसी जगह पर वारदात को अंजाम दिया जहां CCTV कैमरे नहीं थे, जिससे साफ है कि हमला पहले से योजनाबद्ध था। परिवार के मुताबिक, नैन्सी का विवाद एक गुरुद्वारे से जुड़े कुछ लोगों के साथ चल रहा था। आरोप है कि उन्होंने गुरुद्वारे के राशन की चोरी का मुद्दा उठाया था और वहां कैमरे लगवाने में मदद की थी। उनकी मां का कहना है कि इसी विवाद के बाद उन्हें धमकियां मिलने लगी थीं। 45 वर्षीय नैन्सी ग्रेवाल पेशे से नर्स थीं और दो कंपनियों में काम करती थीं, जहां वे अक्सर 16 घंटे तक की शिफ्ट करती थीं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल 55 रुपए महंगा:पेट्रोल 336 और डीजल 321 रुपए लीटर हुआ, अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का असर

पाकिस्तान ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 20% की बढ़ोतरी की है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपए (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत अब 335.86 रुपए प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल 321.17 रुपए प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है। सरकार का तर्क है कि अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग व मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं, जिसकी वजह से यह फैसला लेना पड़ा। पेट्रोल पंपों पर भीड़ जमा हुई कीमतों में बढ़ोतरी की खबर आने के बाद होते ही पाकिस्तान के बड़े शहरों जैसे लाहौर और कराची में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ जमा हो गई। लोग घंटों अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। लोगों को डर है कि आने वाले दिनों में कहीं तेल की किल्लत न हो जाए। जमाखोरी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई: पीएम शहबाज पेट्रोल की कमी की अफवाहों और जमाखोरी की शिकायतों के बीच प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि जो भी लोग पेट्रोल का स्टॉक छिपाकर रख रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। मिडिल ईस्ट संकट कब खत्म होगा, कुछ पता नहीं पाकिस्तान सरकार का कहना है कि वे मौजूदा पेट्रोल रिजर्व को लंबे समय तक खींचने की योजना बना रहे हैं। मंत्री ने कहा कि हमें नहीं पता कि मिडिल ईस्ट का यह संकट कब खत्म होगा। सप्लाई चेन पर इसका असर पड़ सकता है, इसलिए हमें पहले से तैयारी रखनी होगी। भारत में भी LPG गैस सिलेंडर महंगा हुआ भारत में भी केंद्र सरकार ने 7 मार्च से घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम की LPG गैस अब 913 रुपए की मिलेगी। पहले यह 853 रुपए की थी। वहीं 19 किग्रा वाले कॉमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपए का इजाफा किया गया है। यह अब 1883 रुपए का मिलेगा। सिलेंडर की किल्लत रोकने के लिए LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश सरकार ने 5 मार्च को इमरजेंसी पावर इस्तेमाल करते हुए देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने यह आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि अब रिफाइनरियां प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल सिर्फ रसोई गैस बनाने के लिए करेंगी। सभी कंपनियों को प्रोपेन और ब्यूटेन की सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों को करनी होगी। सरकारी तेल कंपनियों में इंडियन ऑयल (IOC), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) शामिल है। इसका मकसद कंज्यूमर्स को बिना रुकावट गैस सिलेंडर की सप्लाई है। कच्चे तेल के दाम 90 डॉलर पर पहुंचे ईरान को लेकर ट्रम्प के दिए एक बयान ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट में हलचल मचा दी है। ट्रम्प ने ईरान से ‘बिना शर्त सरेंडर’ की मांग की है, जिसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी तेजी देखी जा रही है। शुक्रवार को क्रूड ऑयल WTI फ्यूचर्स 12.2% की बढ़त के साथ 90.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। रूस से कच्चा तेल खरीद सकेगा भारत भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का संकट फिलहाल खत्म हो गया है, क्योंकि भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने की शर्तों के साथ छूट मिल गई है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भारतीय रिफाइनरियों को 30 दिन का स्पेशल लाइसेंस दिया है। ये लाइसेंस 3 अप्रैल तक वैलिड रहेगा।
दादी-नानी का देसी नुस्खा! मिश्री और इलायची से ऐसे बनाएं पेस्ट, मुंह के छालों में मिलेगा आराम

Last Updated:March 07, 2026, 09:58 IST Remedies to Get Rid of mouth Ulcers: मुंह में छाले होने पर लोग अक्सर दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन कुछ घरेलू उपाय भी काफी असरदार होते हैं. मिश्री और इलायची से तैयार किया गया देसी पेस्ट छालों के दर्द और जलन को कम करने में मदद करता है. इस प्राकृतिक नुस्खे को बनाना आसान है और इसके साइड इफेक्ट भी कम होते हैं. दिन में 2-3 बार हल्के हाथ से लगाने पर 2-3 दिनों में राहत महसूस होने लगती है. यह पारंपरिक घरेलू उपाय आज भी कई लोगों के लिए भरोसेमंद और उपयोगी माना जाता है. मुंह में छोटे-छोटे छाले होना आम समस्या है, लेकिन ये काफी दर्द और जलन पैदा कर देते हैं. छालों के कारण खाने-पीने में परेशानी होती है और कई बार बोलने में भी असहजता महसूस होती है. ऐसे में लोग अक्सर दवाइयों या माउथवॉश का सहारा लेते हैं. हालांकि कुछ घरेलू नुस्खे भी इस समस्या में काफी राहत दे सकते हैं. दादी-नानी के समय से अपनाए जा रहे ये उपाय आज भी प्रभावी माने जाते हैं. खास बात यह है कि इन्हें रसोई में मौजूद साधारण चीजों से आसानी से तैयार किया जा सकता है और ये छालों की जलन को कम करने में मदद करते हैं. इस देसी नुस्खे को बनाने के लिए केवल मिश्री और इलायची की जरूरत होती है. सबसे पहले मिश्री को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लें और इलायची के दानों को छीलकर बारीक पीस लें. अब इन दोनों को मिलाकर अच्छा सा पेस्ट तैयार करें. अगर पेस्ट ज्यादा सूखा लगे तो इसमें थोड़ा सा पानी या गुलाबजल मिला सकते हैं. ध्यान रखें कि पेस्ट की स्थिरता ऐसी हो कि वह आसानी से छालों पर लगाया जा सके. तैयार मिश्रण को एक साफ कटोरी में रख लें, ताकि जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया जा सके. पेस्ट को साफ उंगलियों या छोटे कॉटन की मदद से छालों पर हल्के हाथ से लगाएं. ध्यान रखें कि बहुत जोर से न रगड़ें, ताकि छाले और ज्यादा परेशान न हों. इस पेस्ट का उपयोग दिन में 2-3 बार किया जा सकता है. खासतौर पर खाने से पहले और बाद में लगाने से बेहतर असर मिलता है. इससे छालों की जलन और दर्द धीरे-धीरे कम होने लगता है. आमतौर पर 2-3 दिनों में राहत महसूस होने लगती है. नियमित उपयोग करने पर छाले जल्दी भरने लगते हैं और मुंह में होने वाली तकलीफ से काफी राहत मिलती है. Add News18 as Preferred Source on Google मिश्री और इलायची से बना यह देसी पेस्ट मुंह के छालों में होने वाले दर्द और जलन को कम करने में मदद करता है. यह प्राकृतिक उपाय होने के कारण आमतौर पर दवाइयों की तरह साइड इफेक्ट नहीं देता. बच्चों या संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इसे बहुत हल्के हाथ से लगाना चाहिए. अगर अधिक गर्म या मसालेदार भोजन किया जाता है तो राहत मिलने में थोड़ा समय लग सकता है. इस घरेलू नुस्खे का असर धीरे-धीरे दिखाई देता है, लेकिन नियमित उपयोग से छाले जल्दी ठीक होने लगते हैं और मुंह की तकलीफ में आराम मिलता है. दादी-नानी के अनुभव बताते हैं कि यह देसी नुस्खा लंबे समय से घरेलू उपचार के रूप में अपनाया जाता रहा है. रसोई में मौजूद साधारण चीजों से तैयार होने वाला यह उपाय बेहद आसान और भरोसेमंद माना जाता है. कई बार छोटे-छोटे घरेलू उपाय भी बड़ी राहत दे सकते हैं. स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी परेशानियों में प्राकृतिक नुस्खों का महत्व हमेशा बना रहता है. मिश्री और इलायची से तैयार यह पेस्ट न सिर्फ असरदार माना जाता है, बल्कि पूरी तरह देसी और सुरक्षित उपाय भी है, जिसे घर पर आसानी से अपनाया जा सकता हैहल् First Published : March 07, 2026, 09:58 IST
'मैं हमेशा देश के समर्थन में खड़ी रही हूं':खामेनेई की मौत पर दुख जताने के बाद ट्रोल हुईं फरहाना भट्ट ने किया रिएक्ट

‘बिग बॉस 19’ की पूर्व कंटेस्टेंट फरहाना भट्ट ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर दुख जताने के बाद हुई ट्रोलिंग पर प्रतिक्रिया दी है। फरहाना ने कहा कि उन्होंने हमेशा अपने देश के समर्थन में खड़े होकर काम किया है और देश के खिलाफ किसी भी नैरेटिव का विरोध किया है। इंस्टेंट बॉलीवुड से बातचीत में फरहाना भट्ट ने अपने बयान को लेकर कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां सभी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है और लोग अपने विचार अलग-अलग तरीके से व्यक्त कर सकते हैं। विचारों में मतभेद होना स्वाभाविक है और वह इसे स्वीकार करती हैं। उन्होंने कहा कि लोग उनकी बात को लेकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने देश के लिए काम किया है और आगे भी करती रहेंगी। कश्मीर में शांति के लिए कई पहल कीं: फरहाना फरहाना ने कहा कि पहलगाम हमले, ईरान, फिलिस्तीन या इजरायल से जुड़े मुद्दों पर वह पहले भी अपनी राय रखती रही हैं। पुलवामा हमले और पहलगाम हमले जैसे मामलों में भी वह भारतीय सेना के साथ खड़ी रही हैं। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि कश्मीर में शांति से जुड़े काम के दौरान उन्होंने भारतीय सेना के साथ मिलकर कई पहल की हैं। कश्मीर में सेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके काम की सराहना की है और उन्हें कई बार सम्मानित भी किया गया है। वहीं, होली को लेकर हुई ट्रोलिंग पर जवाब देते हुए फरहाना ने कहा कि भारत एक स्वतंत्र देश है। यहां हर व्यक्ति को अपने तरीके से त्योहार मनाने और अपनी बात रखने का अधिकार है, बशर्ते इससे देश की गरिमा को ठेस न पहुंचे। फरहाना ने खामेनेई के निधन पर क्या कहा था? खामेनेई के निधन को लेकर फरहाना भट्ट ने कहा था, “बिल्कुल, वे एक ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्हें हम कभी नहीं भूल सकते। वे हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे। इस घटना से सभी कश्मीरी गहरे सदमे में हैं। आप विश्वास नहीं करेंगे, सेहरी के बाद मैं बिल्कुल नहीं सो पाई। मैं बहुत दुखी थी। ऐसा कभी नहीं होना चाहिए था।”
अहमदाबाद की पिच सेमीफाइनल की तरह बैटिंग फ्रेंडली होगी:स्पिन कम, पेस और बाउंस ज्यादा; फाइनल में रिचर्ड इलिंगवर्थ अंपायरिंग करेंगे

भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 वर्ल्ड कप का फाइनल बैटिंग फ्रेंडली पिच पर होगा। ESPN के मुताबिक अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फ्रेश पिच का ही इस्तेमाल होगा, जहां टूर्नामेंट के शुरुआत में एक मैच खेला गया था। काली और लाल मिट्टी को मिक्स कर पिच बनाई गई है। यहां गेंद बहुत कम स्पिन होगी, लेकिन पेस और बाउंस जरूर मिलेगा। हालांकि, इससे बैटर्स को ही फायदा होना है। खिताबी मुकाबला 8 मार्च को शाम 7 बजे से खेला जाएगा। ICC ने बताया कि इंग्लैंड के रिचर्ड इलिंगवर्थ और एलेक्स व्हार्फ अंपायरिंग करेंगे। दूसरे सेमीफाइनल में भी अहमदाबाद जैसी पिच थी वर्ल्ड कप का पहला सेमीफाइनल न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के बीच कोलकाता में हुआ। पिच बैटिंग फ्रेंडली जरूर थी, लेकिन पहली पारी में बॉलर्स को भी मदद मिली। साउथ अफ्रीका 169 रन ही बना सका, न्यूजीलैंड ने 12.5 ओवर में 1 ही विकेट के नुकसान पर टारगेट हासिल कर लिया। दूसरा सेमीफाइनल भारत और इंग्लैंड के बीच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया। यहां की पिच दोनों ही पारियों में बैटिंग के लिए बहुत आसान रही। जहां टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया ने 253 रन बना दिए। इंग्लैंड ने भी हार नहीं मानी और भारत के करीब पहुंचते हुए 246 रन बना दिए। 40 ओवर के मैच में 499 रन बने। अब फाइनल में भी ऐसी ही पिच मिलने वाली है। काली और लाल मिट्टी को मिक्स किया अहमदाबाद में काली और लाल मिट्टी को मिक्स कर फाइनल के लिए पिच बनाई गई। वानखेड़े स्टेडियम में भी सेमीफाइनल के दौरान इसी तरह की पिच थी। अब फाइनल में भी स्पिनर्स के लिए मदद कम रहेगी, पेसर्स को अच्छा बाउंस मिलेगा, लेकिन इससे बैटिंग बहुत ज्यादा आसान हो जाएगी। पहली पारी में 200 से ज्यादा रन बनाए तभी जीत के चांस हैं। फाइनल की पिच पर एक ही मैच हुआ फाइनल की पिच लगभग फ्रेश ही रहेगी, क्योंकि यहां टूर्नामेंट का इकलौता मैच करीब एक महीने पहले 9 फरवरी को हुआ था। यहां पहले बैटिंग करते हुए साउथ अफ्रीका ने 4 ही विकेट खोकर 213 रन बना दिए थे। जवाब में कनाडा 156 रन ही बना सका। अहमदाबाद में कनाडा-अफ्रीका मैच के बाद भी 5 मुकाबले खेले गए, लेकिन किसी में भी फाइनल वाली पिच का इस्तेमाल नहीं हुआ। हालांकि, उन पिचों पर कभी 200 रन भी बने। 184 पहली पारी में औसत स्कोर रहा। 2 बार पहले बैटिंग और 2 ही पहले बॉलिंग करने वाली टीमों को जीत मिली। जबकि एक नतीजा सुपर ओवर में आया। भारत 2 मैच खेल चुका टूर्नामेंट में अहमदाबाद के मैदान पर भारत ने 2 मैच खेले हैं। ग्रुप स्टेज में नीदरलैंड के खिलाफ पहले बैटिंग करते हुए टीम इंडिया ने 193 रन बनाए थे। हालांकि, डच टीम भी फाइट दिखाते हुए 176 तक पहुंच गई थी। सुपर-8 स्टेज में भारत का सामना फिर साउथ अफ्रीका से हुआ। पहले बैटिंग करते हुए प्रोटियाज टीम ने 187 रन बना दिए। जवाब में टीम इंडिया 111 रन ही बना सकी। दूसरी ओर न्यूजीलैंड यहां दूसरा मैच ही खेलेगा, इन्हें भी साउथ अफ्रीका से ही हार मिली। टीम इंडिया की प्रैक्टिस शनिवार को टीम इंडिया आज ही अहमदाबाद में अपनी प्रैक्टिस करेगी। दूसरी ओर न्यूजीलैंड टीम बुधवार को सेमीफाइनल जीतने के बाद गुरुवार को नरेंद्र मोदी स्टेडियम पहुंची। टीम ने उसी दिन प्रैक्टिस भी की। भारत और न्यूजीलैंड लगातार दूसरे ICC व्हाइट बॉल टूर्नामेंट के फाइनल में आमने-सामने हैं। पिछले साल ही 9 मार्च को भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में न्यूजीलैंड को हराया था। रिचर्ड इलिंगवर्थ अंपायरिंग करेंगे ICC ने फाइनल मुकाबले के लिए ऑफिशियल्स भी बता दिए हैं। इंग्लैंड के रिचर्ड इलिंगवर्थ और एलेक्स व्हार्फ ऑन फील्ड अंपायर होंगे। दोनों पहले सेमीफाइनल में भी अंपायर थे। इलिंगवर्थ 2024 के टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भी क्रिस गैफनी के साथ अंपायरिंग कर रहे थे। वे पिछले वनडे वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भी अंपायर थे। साउथ अफ्रीका के अल्लाहुद्दीन पालेकर थर्ड अंपायर रहेंगे। वहीं एड्रियन होलस्टोक चौथे अंपायर की भूमिका निभाएंगे। ऑस्ट्रेलिया के एंडी पाइक्रॉफ्ट मैच रेफरी रहेंगे। वे एशिया कप फाइनल में भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान भी रेफरी थे। ————————————— क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ——————————————————- टी-20 वर्ल्ड कप में भारत-इंग्लैंड मुकाबले की मैच रिपोर्ट पढ़िए भारत चौथी बार टी-20 वर्ल्डकप फाइनल में; इंग्लैंड को 7 रन से हराया भारत ने चौथी बार टी-20 वर्ल्डकप के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। टीम ने गुरुवार को दूसरे सेमीफाइनल मैच में इंग्लैंड को 7 रन से हराया। भारतीय टीम की ओर से संजू सैमसन ने 89 रन की पारी खेली। वे प्लेयर ऑफ द मैच रहे। पढ़ें पूरी खबर
Balen Shah Set to Become Nepal PM as RSP Surges, CPN-UML Faces Heavy Defeat

काठमांडू2 दिन पहले कॉपी लिंक नेपाल में आम चुनाव की मतगणना जारी है। 165 सीटों पर शुरुआती रुझान आ चुके हैं। रैपर और काठमांडू के मेयर रहे बालेन शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को 50 हजार वोटों से हरा दिया है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के बालेन शाह और ओली झापा-5 सीट से चुनाव लड़ रहे थे। यहां बालेन शाह को 68,348 वोट मिले, जबकि केपी शर्मा ओली को 18,734 वोट मिले। ओली को भारत विरोधी नेता माना जाता है। उन्होंने झापा-5 सीट से 2017 और 2022 का चुनाव जीता था। बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। RSP ने अब तक 122 सीटें जीत ली हैं, जबकि 3 सीटों पर आगे चल रही है। यह पार्टी सिर्फ 4 साल पहले एक पत्रकार रहे रबि लामिछाने ने बनाई थी। पिछले साल सितंबर में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद 5 मार्च को हुए चुनाव में 58% लोगों ने वोट डाले। वोटों की गिनती पूरी होने में 3 से 4 दिन लगने की उम्मीद है। चुनाव आयोग ने कहा है कि 9 मार्च तक काउंटिंग पूरी करने की कोशिश की जाएगी। नेपाल में 2 तरीके से सांसदों का चुनाव नेपाल में चुनाव की व्यवस्था मिश्रित चुनाव प्रणाली पर आधारित है। यानी यहां दो तरीकों से सांसद चुने जाते हैं- सीधे चुनाव से और पार्टी को मिले कुल वोट के हिसाब से। सीधा चुनाव (फर्स्ट पास्ट द पोस्ट) संसद की 275 में से 165 सीटों पर सीधे चुनाव होता है। हर इलाके (निर्वाचन क्षेत्र) में लोग अपने उम्मीदवार को वोट देते हैं। जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं, वही जीतता है। वोट % के आधार पर सीटें (प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन) बाकी बची 110 सीटें पार्टियों को मिले कुल वोट प्रतिशत के आधार पर मिलती हैं। इसमें वोटर किसी उम्मीदवार को नहीं बल्कि किसी पार्टी को वोट देती है। पूरे देश में पार्टी को जितने प्रतिशत वोट मिलते हैं, उसी हिसाब से उन्हें संसद में सीटें मिलती हैं। इस सिस्टम का मकसद यह है कि छोटे दलों और अलग-अलग सामाजिक समूहों को भी संसद में जगह मिल सके और कोई एक पार्टी पूरी तरह हावी न हो। नेपाल चुनाव के अब तक के नतीजे… सीधा चुनाव (फर्स्ट पास्ट द पोस्ट)- कुल सीटें-165 पार्टी जीत बढ़त राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी 122 3 नेपाली कांग्रेस 17 1 CPN-UML 7 3 नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) 7 0 अन्य 5 0 वोट % के आधार पर (प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन)- कुल सीटें-110 पार्टी वोट हासिल प्रतिशत राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी 4.25 लाख 54% नेपाली कांग्रेस 1.43 लाख 16% CPN-UML 1.15 लाख 13% नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) 58 हजार 5% अन्य 1 लाख 12% अब तक कुल वोटों की गिनती- 8.25 लाख नेपाल चुनाव से जुड़ीं 5 तस्वीरें… चुनाव जीतने के बाद समर्थकों के साथ जश्न मनाते बालेन शाह। चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ जीत के प्रमाण पत्र के साथ बालेन शाह नेपाल के आम चुनाव के नतीजों की घोषणा से पहले शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (RSP) के समर्थक चुनाव आयोग के बाहर नारे लगाते हुए। नेपाल के आम चुनाव के नतीजों की घोषणा से पहले शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (RSP) के समर्थक चुनाव आयोग के बाहर इकट्ठा हुए। नेपाल के आम चुनाव के नतीजों की घोषणा के दौरान शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (RSP) के समर्थक चुनाव आयोग के बाहर पार्टी के चुनाव चिन्ह ‘घंटी’ को बजाते हुए। नेपाल चुनाव के नतीजे के अपडेट्स जानने के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए… अपडेट्स 01:58 PM7 मार्च 2026 कॉपी लिंक बालेन शाह की जीत के बाद की 4 तस्वीरें बालेन शाह समर्थकों के साथ नेपाल का झंडा लहराते हुए। बालेन शाह जीत का प्रमाण पत्र दिखाते हुए। बालेन शाह जीत के बाद रोड शो के दौरान समर्थकों से मिलते हुए। बालेन शाह रोड शो में लोगों को जीत का प्रमाण पत्र दिखाते हुए। 01:34 PM7 मार्च 2026 कॉपी लिंक बालेन शाह ने केपी शर्मा ओली को हराया बालेन शाह ने पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली को झापा-5 सीट से चुनाव हरा दिया है। बालेन शाह को 68,348 वोट मिले, जबकि केपी शर्मा ओली को 18,734 वोट मिले। काठमांडू के नारादेवी में जन्मे बालेन शाह मधेशी परिवार से आते हैं। उनके पिता स्वर्गीय राम नारायण शाह प्रसिद्ध आयुर्वेद चिकित्सक थे। 2015 के गोरखा भूकंप के बाद शाह राहत कार्यों में भी सक्रिय रहे थे। वे एक रैपर, गीतकार और म्यूजिक प्रोड्यूसर भी हैं। उन्होंने 2012 में अपने संगीत करियर की शुरुआत की थी। शुरुआत में वे विवेकशील पार्टी से जुड़े थे। बाद में 2022 में काठमांडू मेयर का चुनाव उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीता था। इसके बाद दिसंबर 2025 में वे RSP में शामिल हुए और 2026 के आम चुनाव में पार्टी के अभियान का नेतृत्व किया, जहां उन्हें नेपाल के प्रधानमंत्री पद के प्रमुख दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। 11:49 AM7 मार्च 2026 कॉपी लिंक PM मोदी ने सफल चुनाव कराने पर नेपाल को बधाई दी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल में सफल रहे चुनाव के बाद नेपाल की जनता और सरकार को बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लैटफोर्म X पर लिखा “मैं नेपाल के लोगों और सरकार को चुनाव के सफल आयोजन पर दिल से बधाई देता हूं। अपने नेपाली भाइयों और बहनों को अपने डेमोक्रेटिक अधिकारों का इतने जोश के साथ इस्तेमाल करते देखना बहुत अच्छा लग रहा है। भारत नेपाल के लोगों और उनकी नई सरकार के साथ मिलकर काम करने के अपने वादे पर कायम है।” 11:42 AM7 मार्च 2026 कॉपी लिंक बालेन शाह की पार्टी ने 55 सीटें जीतीं नेपाल चुनाव के लिए मतगणना जारी है और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 55 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है। पार्टी 66 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी 6 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है और सिर्फ 2 सीटों पर अभी तक जीत दर्ज कर पाई है। नेपाली कांग्रेस ने 10 सीटें जीत ली हैं और 9 सीटों पर आगे चल रही है। 07:41 AM7 मार्च 2026 कॉपी लिंक बालेन शाह की पार्टी ने 36 सीटें जीतीं नेपाल चुनाव के लिए मतगणना जारी है और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 36 सीटों पर जीत दर्ज कर
दूध से निकली मलाई से घी बनाकर खाना कितना हेल्दी? आयुर्वेद में बताए गए हैं इसके कई नुकसान

Last Updated:March 07, 2026, 08:43 IST How healthy is ghee made from milk cream: घी का सेवन करने से शरीर को कई फायदे होते हैं, क्योंकि इसमें हेल्दी फैट होता है. कुछ लोगों को लगता है कि घी खाने से वजन बढ़ता है, लेकिन ऐसा नहीं है. काफी लोग मार्केट से घी खरीदते हैं तो कुछ घर पर ही दूध की मलाई को इकट्ठा करके घी तैयार करते हैं. आपको लगता है कि मलाई से बना घी हेल्दी और शुद्ध है, लेकिन आयुर्वेद का कुछ और ही कहना है. जानिए, मलाई से घी बनाकर खाना सेहत के लिए कैसे है अनहेल्दी. घर के दूध की मलाई से बना घी सेहत के लिए कितना हेल्दी? How healthy is ghee made from milk cream: दाल में घी का तड़का हो या फिर रोटी पर घी लगाकर खाना हो, लोग इसके लिए मार्केट से घी जरूर खरीदते हैं. कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो घर पर ही दूध से मलाई निकालकर एक महीने स्टोर करते हैं और फिर इससे शुद्ध देसी घी तैयार करते हैं. मार्केट में अब हर कुछ मिलावटी मिलने लगी है, ऐसे में घी शुद्ध है या अशुद्ध इसका पता लगा पाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा, आजकल मार्केट में क्रीम से देसी घी निकालने का चलन भी बढ़ता जा रहा है. लोग ये भी सोचते हैं कि डिब्बांबद मिलावटी घी खाने से अधिक बेहतर है क्रीम से निकला घी खाना. लेकिन, आयुर्वेद का कहना है कि क्रीम से निकला घी शरीर को सिर्फ बीमारी और वसा ही देता है. चलिए जानते हैं कैसे… मलाई से तैयार घी खाना क्या नुकसानदायक है? चरक संहिता के अनुसार, ‘सर्वस्नेहेषु श्रेष्ठं घृतम्’. इसका मतलब ये है कि सभी वसायुक्त पदार्थों में घी सबसे सर्वोत्तम होता है. आयुर्वेद में घी को वसा रहित माना गया है, जिसमें किसी तरह का ट्रांस फैट नहीं होता है. आयुर्वेद में घी बनाने की सही विधि भी बताई गई है, जिसका पालन सदियों से हमारे देश में होता आ रहा है. हालांकि, आज लोगों के पास समय का इतना अभाव और आधुनिकता का इतना असर है कि सब कुछ बदल गया है. पहले दूध से दही जमाया जाता है, फिर दही को मथकर माखन निकाला जाता है और अंत में उसी माखन को पकाकर घृत (Ghee) तैयार किया जाता है. लेकिन, अब तो लोग सीधा दूध से मलाई निकाल कर इकट्ठा करते हैं और उसी से घी निकाल लेते हैं. क्या आप जानते हैं कि इस तरह से बनने वाले घी में वसा की मात्रा काफी अधिक होती है, पोषक तत्व न के बराबर होते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. घी बनाने का सही तरीका प्राकृतिक तरीके से बनाए गए घी को मटके में धीमी आंच पर पकाने की परंपरा रही है, जिससे घी में केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि पाचन में आसानी और शरीर के लिए बलवर्धक रहा है. प्राकृतिक तरीके से बनाए गए घी को बनाने से पहले दूध को दही के रूप में जमाया जाता है, जो उसके गुणों में वृद्धि करता है. दही में मौजूद प्राकृतिक जीवाणु दही को पौष्टिक और पाचन में आसान बनाते हैं और उससे निकले मक्खन में वही सारे गुण होते हैं. नेचुरल तरीके से बना घी सेहत के लिए है हेल्दी प्राकृतिक तरीके से बना घी पाचन में आसान होता है. पाचन अग्नि को भी संतुलित करता है. धातुओं को पोषण देता है. शरीर का ओज भी बरकरार रखता है. वहीं, सीधा मलाई या क्रीम से बनाए गए घी में दही जमाने वाला चरण नहीं होता है, जिससे घी की गुणवत्ता कम होती है. सीधे क्रीम से घी निकालने पर हाथ में घी नहीं, प्योर वसा आती है. इसका सेवन करने से मोटापा बढ़ने के साथ ही शरीर कई तरह की बीमारियों का घर बन सकता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें First Published : March 07, 2026, 08:23 IST
रैपर बादशाह पर FIR, गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित:हरियाणा पुलिस बोली- लुक आउट सर्कुलर जारी होगा; सिंगर बोले- बेटा समझकर माफ कर दो

बॉलीवुड सिंगर-रैपर बादशाह पर न्यू रिलीज सॉन्ग ‘टटीरी’ को लेकर हरियाणा में 3 मामले दर्ज हुए हैं। हरियाणा पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी हैं साथ ही लुक आउट सर्कुलर (LOC) करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। पुलिस ने यह भी कहा है कि इस गाने पर रील बनाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। गाने में बादशाह के बोल और लड़कियों के सीन पर आपत्ति जताई गई है। अब पुलिस के एक्शन के बाद इस सॉन्ग को यूट्यूब से भी हटा दिया गया है। 1 मार्च 2026 को रिलीज हुए इस गाने पर करीब 5 मिलियन व्यूज आ चुके थे। उधर, विवाद के बीच बादशाह ने वीडियो जारी कर कहा, “मेरे गाने ‘टटीरी’ के कुछ बोल और सीन से हरियाणा के कुछ लोगों को ठेस पहुंची है। मैं खुद हरियाणा से हूं। मेरा कोई उद्देश्य नहीं था कि मैं हरियाणा के किसी बच्चे या महिला के बारे में ऐसी बेहूदी बात कहूं। मैं हिप-हॉप जॉनर से हूं, जहां बोल हमेशा कॉम्पिटिशन को नीचा दिखाते हैं। एक तरह से ये प्रतिद्वंद्वी के लिए होते हैं। मैंने हमेशा कोशिश की है कि मैं हरियाणा की संस्कृति को आगे लेकर जाऊं। अगर मेरे गाने के उस हिस्से से किसी को बुरा लगा हो, तो मुझे हरियाणा का बेटा समझकर माफ कर दीजिए।” पहले जानिए सॉन्ग को लेकर विवाद क्यों… 14 मार्च को मुंबई में होना था शो इस गाने की शूटिंग जींद के सच्चा खेड़ा, नरवाना और दुबई में हुई। 26 फरवरी को बादशाह इस गाने के प्रमोशन के लिए हरियाणा के कैथल और सोनीपत पहुंचे थे। वहीं, प्रोडक्शन टीम ने 14 मार्च को सिमरन और बादशाह का मुंबई में एक शो भी शेड्यूल किया था। महिला आयोग ने किया तलब विवाद के बीच हरियाणा महिला आयोग ने शुक्रवार को बादशाह को नोटिस जारी किया था। उन्हें 13 मार्च को पानीपत में पेश होने को कहा गया है। इसके अलावा, पंचकूला और जींद में सिंगर के खिलाफ अलग-अलग 3 केस भी दर्ज किए गए। खाप पंचायतों और सामाजिक संस्थाओं ने भी इस गाने को हरियाणवी संस्कृति के खिलाफ बताते हुए इसे प्रतिबंधित करने की मांग की थी। ————– टटीरी सॉन्ग से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… बादशाह के टटीरी सॉन्ग पर पंचकूला-जींद में FIR:लड़कियों को स्कूल बैग फेंकते दिखाया, गंदे शब्द का इस्तेमाल; महिला आयोग ने रैपर को तलब किया बादशाह संग ‘टटीरी’ सॉन्ग गाने वाली सिमरन की कहानी: पिता हरियाणवी सॉन्ग ‘पानी आली पानी प्यादे’ गाकर फेमस हुए, बेटी बॉक्सिंग में स्टेट चैंपियन रही हरियाणवी सॉन्ग ‘टटीरी’ का रैप वर्जन लाए सिंगर बादशाह:सोनीपत में सरपंचों के वेलकम पर बोले- मासूम शर्मा वाली वीडियो देखी है; साग-मक्के की रोटी खाई
2 साल की बच्ची का शव उठाकर रो पड़े लोग:छोटे बच्चों को लेकर बंकर में छिपीं महिलाएं; अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग की 20 PHOTOS

ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल हमले का शनिवार को आठवां दिन है। US-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब आम लोगों, खासकर बच्चों पर साफ दिखाई दे रहा है। लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच महिलाएं अपने छोटे बच्चों को लेकर बंकरों में शरण लेने को मजबूर हैं। कई जगहों पर पब्लिक स्कूलों और इमारतों को अस्थायी शेल्टर में बदला जा रहा है, जहां लोग हमलों से बचने के लिए छिपे हुए हैं। इजराइल के लेबनान पर हमले के बाद हर तरफ मलबा ही मलबा नजर आ रहा है। इसके अलावा यमन और तुर्किये जैसे देशों में ईरान के समर्थन में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। 28 फरवरी को शुरू हुई इस जंग में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामनेई की मौत हो गई थी। अब तक 1400 से ज्यादा लोग इस युद्ध में मारे जा चुके हैं। युद्ध की तबाही और डर के बीच आम नागरिकों की जिंदगी कैसे प्रभावित हो रही है, इन 20 तस्वीरों में देखिए। 12 फोटोज में देखें, हमलों के बाद के हालात… ईरान इजराइल लेबनान यमन में ईरान के समर्थन में रैली तुर्किये में ईरान के समर्थन में प्रदर्शन इटली की संसद में ट्रम्प का विरोध US-इजराइल vs ईरान की 8 तस्वीरें… ईरान के हमले अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमले इजराइल के लेबनान में हमले ——————– ये खबर भी पढ़ें… भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत पर अमेरिका का हमला: श्रीलंका के पास डूबा, 87 सैनिकों की मौत; 32 का रेस्क्यू किया अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज पांचवां दिन है। अमेरिका ने भारत से लौट रहे एक ईरानी युद्धपोत IRIS देना को श्रीलंका के पास हमला कर डुबा दिया है। हमले में अब तक 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
UAE, सऊदी, जॉर्डन में अमेरिकी THAAD डिफेंस-सिस्टम पर ईरानी हमला:जॉर्डन वाला सिस्टम तबाह, कीमत ₹22 हजार करोड़; अमेरिका के पास ऐसे सिर्फ 7 सिस्टम

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज आठवां दिन है। ईरान ने बीते एक हफ्ते में सऊदी अरब, UAE और जॉर्डन में तैनात अमेरिका के टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम को निशाना बनाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों में जॉर्डन के ‘मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस’ पर लगे THAAD का रडार सिस्टम तबाह हो गया है। एक THAAD सिस्टम की कीमत ₹22 हजार करोड़ तक होती है, जबकि THAAD के रडार सिस्टम की कीमत 2700 करोड़ रुपए (300 मिलियन डॉलर) तक होती है। यह रडार THAAD सिस्टम का अहम हिस्सा होता है और दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को पहचानने और ट्रैक करने का काम करता है। अमेरिका के पास सिर्फ 7-8 THAAD सिस्टम ही मौजूद हैं, इसलिए इसे बड़ा सैन्य नुकसान माना जा रहा है। ईरान का युद्धपोत भारत में रुका ईरान का एक युद्धपोत IRIS लावन भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। ANI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरान ने 28 फरवरी को तकनीकी खराबी आने के बाद भारत से मदद मांगी थी। भारत ने 1 मार्च को जहाज को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति दी और इसके बाद 4 मार्च को यह बंदरगाह पर पहुंच गया। जहाज के 183 क्रू मेंबर फिलहाल कोच्चि में भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं। IRIS लावन हाल ही में भारत में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) 2026 और मिलान 2026 नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था, जो 15 से 25 फरवरी के बीच आयोजित हुए थे। इससे पहले अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS देना को श्रीलंका के पास हमला कर डुबा दिया था। हमले में 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए। इजराइल-ईरान जंग से जुड़े बड़े अपडेट्स इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें… अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…









