Tuesday, 14 Apr 2026 | 03:48 PM

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IPL के शुरुआती 20 मैच का शेड्यूल जारी:28 मार्च को बेंगलुरु में RCB-SRH का ओपनिंग मैच, विक्ट्री परेड में यहीं भगदड़ मची थी

IPL के शुरुआती 20 मैच का शेड्यूल जारी:28 मार्च को बेंगलुरु में RCB-SRH का ओपनिंग मैच, विक्ट्री परेड में यहीं भगदड़ मची थी

BCCI ने IPL 2026 के शुरुआती 20 मैच का शेड्यूल जारी कर दिया है। बुधवार को जारी शेड्यूल के अनुसार इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत 28 मार्च को डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के मैच से होगी। देश के 5 राज्यों में चुनाव के कारण IPL के ओपनिंग मैच को दो दिन बढ़ाया गया है। पहले लीग की शुरुआत 26 मार्च को होनी थी, लेकिन अब लीग 28 मार्च को होगी। ओपनिंग मैच बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। जहां पिछले साल RCB की विक्ट्री परेड के दौरान भगदड़ मच गई थी और 11 लोगों की मौत हो गई थी। 16 दिन में 4 डबल हेडर होंगे शेड्यूल के अनुसार पहले फेज में 16 दिन में 20 मैच खेले जाएंगे। इनमें 4 डबल हेडर शामिल हैं। 5 बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस 29 मार्च को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ अपने होम ग्राउंड वानखेड़े स्टेडियम में अपना पहला मैच खेलेगी। RCB ने जीता था पिछले सीजन का खिताब बेंगलुरु की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) डिफेंडिंग चैंपियन है, इसलिए परंपरा के अनुसार टूर्नामेंट का ओपनिंग मैच, क्वालिफायर-2 और फाइनल मुकाबला उसी के होमग्राउंड एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में रखा गया है। RCB ने पिछले सीजन के फाइनल में पंजाब किंग्स को 6 रन से हराकर पहली बार IPL खिताब जीता था। विधानसभा चुनाव वाले राज्यों में 4 ऐसे प्रमुख स्टेडियम हैं। जहां IPL के मैच होने हैं। तमिलनाडु के चेन्नई स्थित एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) चेन्नई सुपर किंग्स का होम ग्राउंड है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित ईडन गार्डन्स कोलकाता नाइट राइडर्स का घरेलू मैदान है, जबकि असम के गुवाहाटी में बना बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम राजस्थान रॉयल्स का सेकेंड होम वेन्यू रहा है। ——————————————— IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पूरा सीजन खेलेंगे धोनी:CSK CEO बोले- उनकी भूमिका पर फैसला कोचिंग स्टाफ करेगा, ट्रेनिंग शुरू की भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी IPL 2026 में पूरा सीजन खेलेंगे। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के CEO काशी विश्वनाथन ने बुधवार को इसकी पुष्टि की। हालांकि उन्होंने कहा कि टीम में धोनी की भूमिका क्या होगी, इसका फैसला कोचिंग स्टाफ करेगा। पढ़ें पूरी खबर

IPL के शुरुआती 20 मैच का शेड्यूल जारी:28 मार्च को बेंगलुरु में RCB-SRH का ओपनिंग मैच, विक्ट्री परेड में यहीं भगदड़ मची थी

IPL के शुरुआती 20 मैच का शेड्यूल जारी:28 मार्च को बेंगलुरु में RCB-SRH का ओपनिंग मैच, विक्ट्री परेड में यहीं भगदड़ मची थी

IPL 2026 के शुरुआती 20 मैचों का शेड्यूल बुधवार को जारी कर दिया गया है। ओपनिंग मैच 28 मार्च को डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होगा। इसी मैदान में पिछले साल 4 जून को RCB के पहले टाइटल जीतने के बाद हुई विक्ट्री परेड के दौरान भगदड़ मच गई थी और इसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि, एम चिन्नास्वामी स्टेडियम, बेंगलुरु के मैच कर्नाटक सरकार की एक्सपर्ट कमेटी से मंज़ूरी के बाद ही होंगे। एक्सपर्ट कमेटी 13 मार्च 2026 को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम का निरीक्षण करेगी। 16 दिन में 4 डबल हेडर होंगे IPL 2026 के पहले फेज में 16 दिन में 20 मैच खेले जाएंगे। इनमें 4 डबल हेडर शामिल हैं। 5 बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) 29 मार्च को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ अपने होम ग्राउंड वानखेड़े स्टेडियम में अपना पहला मैच खेलेगी। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) 30 मार्च को राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ गुवाहाटी में अपने अभियान की शुरुआत करेगी। ऋतुराज गायकवाड की कप्तानी वाली CSK में संजू सैमसन पहली बार खेलते दिखेंगे। वे टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे। दूसरे फेज का शेड्यूल चुनाव तारीखों के ऐलान के बाद जारी होगा IPL के दूसरे फेज का शेड्यूल 5 राज्यों में होने वाले चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद जारी किया जाएगा। 2008 में IPL शुरू होने के बाद जब भी देश में आम चुनाव (2009, 2014, 2019 और 2024) या किसी राज्य में विधानसभा चुनाव हुए हैं, तब टूर्नामेंट का शेड्यूल दो हिस्सों में जारी किया गया है। 2 दिन टली ओपनिंग देश के 5 राज्यों में चुनाव के कारण IPL के ओपनिंग मैच को 2 दिन बढ़ाया गया है। पहले लीग की शुरुआत 26 मार्च को होनी थी, लेकिन अब लीग 28 मार्च को होगी। विधानसभा चुनाव वाले राज्यों में 4 ऐसे प्रमुख स्टेडियम हैं। जहां IPL के मैच होने हैं। तमिलनाडु के चेन्नई स्थित एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) चेन्नई सुपर किंग्स का होम ग्राउंड है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित ईडन गार्डन्स कोलकाता नाइट राइडर्स का घरेलू मैदान है, जबकि असम के गुवाहाटी में बना बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम राजस्थान रॉयल्स का सेकेंड होम वेन्यू रहा है। RCB ने जीता था पिछले सीजन का खिताब बेंगलुरु की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) डिफेंडिंग चैंपियन है, इसलिए परंपरा के अनुसार टूर्नामेंट का ओपनिंग मैच, क्वालिफायर-2 और फाइनल मुकाबला उसी के होमग्राउंड एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में रखा गया है। RCB ने पिछले सीजन के फाइनल में पंजाब किंग्स को 6 रन से हराकर पहली बार IPL खिताब जीता था। विक्ट्री परेड में 11 लोगों की जान गई थी 4 जून 2025 को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में RCB की IPL जीत का जश्न मनाते समय भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई और 33 से अधिक लोग घायल हो गए। ——————————————— IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पूरा सीजन खेलेंगे धोनी:CSK CEO बोले- उनकी भूमिका पर फैसला कोचिंग स्टाफ करेगा, ट्रेनिंग शुरू की भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी IPL 2026 में पूरा सीजन खेलेंगे। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के CEO काशी विश्वनाथन ने बुधवार को इसकी पुष्टि की। हालांकि उन्होंने कहा कि टीम में धोनी की भूमिका क्या होगी, इसका फैसला कोचिंग स्टाफ करेगा। पढ़ें पूरी खबर

पीएम मोदी ने कहा कि डीएमके ‘वैज्ञानिक भ्रष्टाचार मॉडल’ चला रही है, तमिलनाडु को ‘एक परिवार के लिए एटीएम’ में बदल रही है | राजनीति समाचार

IPL 2026 Schedule Announcement Live

आखरी अपडेट:मार्च 11, 2026, 18:59 IST पीएम मोदी ने डीएमके सरकार पर लोगों के जनादेश के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया और तमिलनाडु को एक परिवार के लिए एटीएम बनाने का आरोप लगाया। पीएम मोदी तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे हैं। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि तमिलनाडु ने सत्तारूढ़ द्रमुक सरकार को “उखाड़ फेंकने” का फैसला किया है, और कहा कि लोग एक ऐसी सरकार चाहते हैं जो हर परिवार के लिए काम करे, न कि केवल एक परिवार के लिए। तिरुचिरापल्ली में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को अंग्रेजी में संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “पूरे राज्य ने डीएमके को सरकार से बाहर करने का मन बना लिया है. लोग ऐसी सरकार चाहते हैं जो सिर्फ एक परिवार के लिए नहीं बल्कि हर परिवार के लिए काम करे.” उन्होंने तिरुचिरापल्ली को साहस और विश्वास की भूमि बताया और कहा कि जब तमिलनाडु और इसकी संस्कृति का सम्मान करने की बात आती है तो भाजपा सरकार हमेशा सबसे आगे रही है। उन्होंने कहा, “यह गर्व की बात है कि तमिलनाडु के बेटे सीपी राधाकृष्णन हमारे उपराष्ट्रपति हैं।” उन्होंने कहा, “एनडीए सरकार के लिए, तमिलनाडु की प्रगति बेहद महत्वपूर्ण है। 2014 के बाद से, केंद्र सरकार ने अकेले हस्तांतरण के लिए 3 लाख करोड़ रुपये दिए हैं। यह पिछली कांग्रेस-डीएमके सरकार के दौरान की राशि से कई गुना अधिक है।” “एनडीए सरकार ने राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगभग 57,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जो 2004-14 तक कांग्रेस-डीएमके सरकार द्वारा खर्च की गई राशि का चार गुना है।” ‘डीएमके ने जनादेश के साथ विश्वासघात किया’ उन्होंने द्रमुक सरकार पर लोगों के जनादेश के साथ विश्वासघात करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने टिप्पणी की, “डीएमके शासन में, सब कुछ एक परिवार के साथ शुरू और समाप्त होता है। मंत्री बदल सकते हैं, विधायक बदल सकते हैं, लेकिन सत्ता केवल एक राजवंश के पास रहती है। डीएमके उनके वैज्ञानिक भ्रष्टाचार मॉडल के पक्ष में है। आज, उसी मॉडल का उपयोग तमिलनाडु को उस परिवार के लिए एटीएम बनाने के लिए किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि किसान तमिलनाडु की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ हैं और अच्छी सुविधाओं और आधुनिक बुनियादी ढांचे के हकदार हैं। पीएम ने इस बात पर प्रकाश डाला कि डीएमके ने अनाज गोदाम बनाने का वादा किया था, लेकिन किसान अभी भी इन गोदामों की तलाश कर रहे हैं जो कहीं नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, “डीएमके ने धान के लिए एमएसपी में बड़ी वृद्धि का वादा किया था। किसान पूछ रहे हैं – इन वादों का क्या हुआ? अवैध रेत खनन नदियों को नष्ट कर रहा है और पर्यावरण को खतरे में डाल रहा है, फिर भी जिम्मेदार लोग डीएमके के संरक्षण का आनंद ले रहे हैं।” प्रधानमंत्री चुनावी राज्य केरल में लगभग 11,000 करोड़ रुपये की कई विकास पहलों का उद्घाटन करने के बाद आधिकारिक यात्रा के लिए तमिलनाडु पहुंचे। इससे पहले सोमवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने त्रिची में डीएमके सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “राज्य हमेशा बीजेपी और एनडीए के लिए नो-एंट्री जोन रहेगा। लड़ाई तमिलनाडु के लोगों और एनडीए के बीच है।” यह भी पढ़ें: ‘एनडीए बनाम तमिलनाडु’: पीएम मोदी के दौरे से पहले तमिलनाडु में छिड़ा पोस्टर युद्ध पीएम मोदी की टिप्पणी तब आई जब राज्य विधानसभा चुनाव के करीब पहुंच रहा है। इस बार एनडीए को राज्य में बढ़त बनाने की उम्मीद है. जगह : तिरुचिरापल्ली, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 11, 2026, 18:59 IST समाचार राजनीति पीएम मोदी ने कहा, DMK ‘वैज्ञानिक भ्रष्टाचार मॉडल’ चला रही है, तमिलनाडु को ‘एक परिवार के लिए एटीएम’ में बदल रही है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पीएम मोदी तमिलनाडु(टी)डीएमके सरकार(टी)बीजेपी सरकार(टी)तमिलनाडु की राजनीति(टी)एनडीए सरकार(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव(टी)डीएमके भ्रष्टाचार(टी)तमिलनाडु विकास

Ears Blocked in Flight What To Do: हवाई यात्रा के दौरान कान क्यों बंद हो जाते हैं?

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Last Updated:March 11, 2026, 18:40 IST Blocked Ears In Flights: फ्लाइट में ट्रेवल करते समय ईयर पेन बहुत कॉमन प्रॉब्लम है. ऐसा हाइट पर एयर प्रेशर के बढ़ने के कारण होता है. इसके लिए आप च्वुइंगम चबाने से लेकर गहरी सांस लेने-छोड़ने जैसे तुरंत किए जाने वाले उपाय कर सकते हैं. लेकिन यदि आपको ये प्रॉब्लम फ्लाइट से उतरने के बाद भी कई दिनों तक बनी रहती है तो ईएनटी स्पेशलिस्ट को दिखाना जरूरी है. ख़बरें फटाफट Ears Blocked in Flight What To Do: अगर आप फ्लाइट से ट्रेवल करते हैं तो कान में दर्द, सुन्नता और भारीपन जैसी समस्याओं का सामना आपने जरूर किया होगा. ऐसा कैबिन में हवा का दबाव बढ़ने के कारण होता है. कान का पर्दा जिसे ईयरड्रम भी कहते हैं. ये एक तरह की झिल्ली होती है जो बाहरी कान और कान के बीच वाले हिस्से को बाटंती है. नॉर्मल कंडिशन में कान के पर्दे के दोनों तरफ हवा का दबाव बराबर रहता है. इस बैलेंस को बनाए रखने का काम यूस्टेशियन ट्यूब करता है जो नाक के पीछे के हिस्से को कान से जोड़ती है. लेकिन जब हम फ्लाइट में यात्रा कर रहे होते हैं, तो ये बैलेंस बिगड़ जाता है. खासकर उड़ान भरते समय और लैंडिंग यानी जमीन पर उतरते समय. इससे कान के पर्दे के दोनों तरफ का दबाव असंतुलित हो जाता है और कान में भरा-भरा महसूस होना, असहजता या दर्द हो सकता है. मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, लखनऊ के ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ.सोनम राठी बताते हैं कि अगर किसी को जुकाम, एलर्जी या इंफेक्शन हो तो यूस्टेशियन ट्यूब बंद या सूजन हो सकती है, जिससे समस्या और बढ़ जाती है. ऐसे में सेफ्टी के लिए क्या करना चाहिए यहां समझ लीजिए- कान का दबाव कम करने के आसान उपाय – मुंह खोलकर गहरी सांस लेना या छोड़ना, इससे यूस्टेशियन ट्यूब को दबाव संतुलित करने में मदद मिलती है.– नाक को हल्का दबाकर मुंह बंद रखें और धीरे-धीरे हवा बाहर निकालने की कोशिश करें.– जिन्हें अक्सर यह समस्या होती है, वे डॉक्टर की सलाह से उड़ान से पहले डिकंजेस्टेंट दवा ले सकते हैं.– पर्याप्त पानी पीते रहें और शरीर को हाइड्रेट रखें.– यात्रा के दौरान बार-बार थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें.– च्यूइंग गम चबाने से भी यूस्टेशियन ट्यूब को दबाव संतुलित करने में मदद मिलती है. प्रॉब्लम ज्यादा होने पर करें ये उपाय डॉक्टर बताते हैं कि यदि कान में लगातार परेशानी, दर्द या सुनने में दिक्कत हो, तो ENT (कान-नाक-गला) विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें. डॉक्टर नाक की सूजन और जाम को कम करने के लिए नैसल स्प्रे या दवाइयां, एलर्जी या संक्रमण के मामलों में एंटीहिस्टामिन दवा, दबाव कम करना या तरल निकालन के लिए मायरिंगोटॉमी (कान के पर्दे में छोटा सा चीरा लगाना) या टाइम्पैनोस्टॉमी कान के पर्दे में छोटे ट्यूब लगा सकते हैं. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 11, 2026, 18:40 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

भोपाल के रचना टॉवर पहुंचे मंत्री विश्वास सारंग:निरीक्षण किया, कैम्पस में होगा सौंदर्यीकरण; पार्क, ओपन जिम-पोल लाइट भी लगेगी

भोपाल के रचना टॉवर पहुंचे मंत्री विश्वास सारंग:निरीक्षण किया, कैम्पस में होगा सौंदर्यीकरण; पार्क, ओपन जिम-पोल लाइट भी लगेगी

भोपाल के रचना नगर स्थित रचना टॉवर पर बुधवार को मंत्री विश्वास कैलाश सारंग पहुंचे। उन्होंने रचना टॉवर परिसर का दौरा कर क्षेत्र की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों से चर्चा कर क्षेत्र की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। रहवासियों ने बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं और सौंदर्यीकरण की मांग की। इस पर मंत्री सारंग ने अधिकारियों को रचना टॉवर के समक्ष स्थित पेविंग के समीप सौंदर्यीकरण कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस स्थान को व्यवस्थित और आकर्षक रूप देने के लिए यहां पार्क का विकास किया जाएगा। जिससे क्षेत्र के नागरिकों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सके। यह भी निर्देश दिए मंत्री सारंग ने निर्देश दिए कि पार्क के साथ ही यहां ओपन जिम की भी व्यवस्था की जाए। ताकि क्षेत्र के नागरिक नियमित रूप से व्यायाम कर सकें और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बढ़ती आबादी को देखते हुए इस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पार्क और ओपन जिम क्षेत्र की फेंसिंग कर उसे सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाए। पोल भी लगेंगे मंत्री सारंग ने क्षेत्र में बेहतर प्रकाश व्यवस्था तय करने के लिए रचना टॉवर के समक्ष पोल लाइट लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रचना टॉवर परिसर के सौंदर्यीकरण से संबंधित सभी कार्यों की कार्ययोजना तैयार कर शीघ्रता से कार्य प्रारंभ किया जाए। ताकि क्षेत्र के नागरिकों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।

हंसिका मोटवानी और सोहेल खतूरिया का तलाक:4 साल बाद खत्म हुआ रिश्ता, एक्ट्रेस ने नहीं मांगी कोई एलिमनी

हंसिका मोटवानी और सोहेल खतूरिया का तलाक:4 साल बाद खत्म हुआ रिश्ता, एक्ट्रेस ने नहीं मांगी कोई एलिमनी

एक्ट्रेस हंसिका मोटवानी और बिजनेसमैन सोहेल खतूरिया ने आपसी सहमति से अपनी शादी खत्म कर ली है। मुंबई की फैमिली कोर्ट ने दोनों को म्यूचुअल डिवोर्स दे दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों पिछले साल यानी 2024 से अलग-अलग रह रहे थे और अब कानूनी तौर पर भी उनका रिश्ता खत्म हो गया है। सूत्रों के अनुसार, तलाक की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई और दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया। खास बात यह है कि हंसिका मोटवानी ने इस सेटलमेंट के दौरान एलिमनी की मांग नहीं की। उन्होंने बिना किसी आर्थिक दावे के ही तलाक के लिए सहमति दे दी। हंसिका और सोहेल की शादी दिसंबर 2022 में बेहद भव्य अंदाज में हुई थी। राजस्थान के जयपुर स्थित ऐतिहासिक किले में दोनों ने शाही अंदाज में सात फेरे लिए थे। इस शादी में परिवार और करीबी दोस्तों के अलावा फिल्म और बिजनेस जगत के कई लोग शामिल हुए थे। शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए थे। हालांकि शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के रिश्ते में दूरियां आने की खबरें सामने आने लगी थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2024 में दोनों अलग रहने लगे थे। इसके बाद उन्होंने आपसी बातचीत के जरिए शादी को खत्म करने का फैसला किया और कोर्ट में म्यूचुअल डिवोर्स की अर्जी दी। फैमिली कोर्ट ने दोनों पक्षों की सहमति को देखते हुए तलाक की अर्जी मंजूर कर ली। बताया जा रहा है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान दोनों ने एक-दूसरे के प्रति सम्मानजनक रवैया बनाए रखा और बिना किसी विवाद के मामले को सुलझा लिया। फिलहाल हंसिका मोटवानी अपने करियर पर फोकस कर रही हैं और कई फिल्म और वेब प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं। वहीं सोहेल खतूरिया भी अपने बिजनेस में व्यस्त हैं। दोनों ने अलग होने का फैसला तो लिया है, लेकिन इसे पूरी तरह सौहार्दपूर्ण तरीके से अंजाम दिया है, जिससे यह साफ है कि वे अब अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं।

हंसिका मोटवानी और सोहेल खतूरिया का तलाक:4 साल बाद खत्म हुआ रिश्ता, एक्ट्रेस ने नहीं मांगी कोई एलिमनी

हंसिका मोटवानी और सोहेल खतूरिया का तलाक:4 साल बाद खत्म हुआ रिश्ता, एक्ट्रेस ने नहीं मांगी कोई एलिमनी

एक्ट्रेस हंसिका मोटवानी और बिजनेसमैन सोहेल खतूरिया ने आपसी सहमति से अपनी शादी खत्म कर ली है। मुंबई की फैमिली कोर्ट ने दोनों को म्यूचुअल डिवोर्स दे दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों पिछले साल यानी 2024 से अलग-अलग रह रहे थे और अब कानूनी तौर पर भी उनका रिश्ता खत्म हो गया है। सूत्रों के अनुसार, तलाक की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई और दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया। खास बात यह है कि हंसिका मोटवानी ने इस सेटलमेंट के दौरान एलिमनी की मांग नहीं की। उन्होंने बिना किसी आर्थिक दावे के ही तलाक के लिए सहमति दे दी। हंसिका और सोहेल की शादी दिसंबर 2022 में बेहद भव्य अंदाज में हुई थी। राजस्थान के जयपुर स्थित ऐतिहासिक किले में दोनों ने शाही अंदाज में सात फेरे लिए थे। इस शादी में परिवार और करीबी दोस्तों के अलावा फिल्म और बिजनेस जगत के कई लोग शामिल हुए थे। शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए थे। हालांकि शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के रिश्ते में दूरियां आने की खबरें सामने आने लगी थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2024 में दोनों अलग रहने लगे थे। इसके बाद उन्होंने आपसी बातचीत के जरिए शादी को खत्म करने का फैसला किया और कोर्ट में म्यूचुअल डिवोर्स की अर्जी दी। फैमिली कोर्ट ने दोनों पक्षों की सहमति को देखते हुए तलाक की अर्जी मंजूर कर ली। बताया जा रहा है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान दोनों ने एक-दूसरे के प्रति सम्मानजनक रवैया बनाए रखा और बिना किसी विवाद के मामले को सुलझा लिया। फिलहाल हंसिका मोटवानी अपने करियर पर फोकस कर रही हैं और कई फिल्म और वेब प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं। वहीं सोहेल खतूरिया भी अपने बिजनेस में व्यस्त हैं। दोनों ने अलग होने का फैसला तो लिया है, लेकिन इसे पूरी तरह सौहार्दपूर्ण तरीके से अंजाम दिया है, जिससे यह साफ है कि वे अब अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं।

hair transplant News| cosmetic treatment Risk| skin treatment news| सोशल मीडिया के झांसे से बचें, सुंदर दिखने की चाहत में डॉक्टरों की चेतावनी.

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Hair transplant-Cosmetic surgery Risk: सुंदर और स्मार्ट दिखना कौन नहीं चाहता. खूबसूरत बनने के लिए लोग धुआंधार पैसा उड़ाने से भी गुरेज नहीं करते. लोगों की इसी कमजोरी को भुनाने का धंधा आज खूब फल-फूल रहा है, लेकिन इस धंधे से अलग कहीं ऐसा न हो कि आपकी सुंदर दिखने की चाहत आपको ले डूबे और आप अपने बालों और वास्तविक चेहरे से भी हाथ धो बैठें. सोशल मीडिया पर ऐसा ही शातिर खेल चल रहा है, जिसे लेकर डॉक्टरों की कई बड़ी संस्थाओं ने लोगों के लिए न केवल वॉर्निंग जारी की है, बल्कि इस पर लगाम लगाने की भी मांग की है. देश की बड़ी मेडिकल बॉडीज में शुमार इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट, वेनेरोलॉजिस्ट एंड लेप्रोलॉजिस्ट (IADVL) और एसोसिएशन ऑफ प्लास्टिक सर्जन्स ऑफ इंडिया (APSI) ने सोशल मीडिया पर आ रही डॉक्टरों के सफल उपचार के दावों की बाढ़ और मरीजों को ग्राहक समझकर दिए जा रहे एस्थेटिक और हेयर रेस्टोरेशन प्रोसीजरों में मरीजों की सुरक्षा और ट्रेनिंग स्टैंडर्ड्स को लेकर गहरी चिंता जताई है. डॉक्टरों ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े युवा डेमोग्राफिक्स में से एक है और हाल के वर्षों में स्किन, बाल और अन्य एस्थेटिक प्रोसीजर जैसे बोटॉक्स, हेयर ट्रांसप्लांट और थ्रेड लिफ्ट की मांग तेजी से बढ़ी है. यही वजह है कि भारत के युवा एस्थेटिक और डर्मेटोलॉजिकल मार्केटिंग के टार्गेट कंज्यूमर बन गए हैं और शातिर लोग इसका फायदा उठाने के लिए तमाम हथकंडे अपना रहे हैं. सोशल मीडिया पर ऐसे बहुत सारे विज्ञापन दावों के साथ चल रहे हैं और मरीज उनके शिकार भी बन रहे हैं, जो कि बड़ी चिंता की बात है. कहां से शुरू हुआ झोल? दोनों संस्थाओं से जुड़े डॉक्टरों ने कहा कि डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (DCI) द्वारा डेंटिस्ट्स एक्ट, 1948 के प्रावधानों के तहत MDS डेंटल सर्जनों को कुछ एस्थेटिक प्रोसीजर और हेयर ट्रांसप्लांटेशन करने की अनुमति दे दी थी. जिसके बाद से यह मामला और भी महत्वपूर्ण हो गया है. मेडिकल बॉडीज के मुताबिक, लोगों के चेहरे, स्किन और बाल आदि से संबंधित ये सर्जिकल प्रोसीजर पारंपरिक रूप से नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत ट्रेंड डर्मेटोलॉजिस्ट और प्लास्टिक सर्जन जैसे स्पेशलिस्ट द्वारा किए जाते रहे हैं. हेयर ट्रांसप्लांट, स्किन ग्राफ्टिंग, बोटोक्स हैं टिपिकल सजर्री एपीएसआई से जुड़े डॉक्टरों ने कहा कि ऐसे सर्जिकल प्रोसीजर के लिए स्किन की बायोलॉजी, बालों के डिसऑर्डर, इन्फेक्शन मैनेजमेंट और संभावित कॉम्प्लीकेशंस को संभालने की गहरी समझ होना बेहद जरूरी है. चूंकि हेयर ट्रांसप्लांट एक मॉडर्न मेडिकल प्रोसीजर है और इसे केवल रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर्स (RMPs) द्वारा ही किया जाना चाहिए जो इस क्षेत्र में विशेषज्ञता रखते हों. जान जाने से लेकर आंखों की रोशनी तक गई डॉक्टरों ने कहा कि देखा जा रहा है कि पिछले कुछ साल से ऐसे मामलों की संख्या बढ़ी है, जिनमें बिना पर्याप्त योग्यता वाले लोगों पर एस्थेटिक मेडिकल प्रोसीजर करने के आरोप लगे हैं. कानपुर हेयर ट्रांसप्लांट केस इसका एक बड़ा उदाहरण है, जिसमें हेयर ट्रांसप्लांट के बाद दो इंजीनियरों की मौत हो गई थी.आरोप है कि यह प्रोसीजर एक डेंटल सर्जन द्वारा किया गया था. देश के कई हिस्सों में बिना योग्य मेडिकल प्रैक्टिशनर्स द्वारा एस्थेटिक प्रोसीजर करने के अन्य मामले भी सामने आए हैं, जिनमें किसी को गंभीर संक्रमण हो गया तो किसी की आंखों की रोशनी चली गई. मेडिकल एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी कि स्किन की बीमारियों, बालों के डिसऑर्डर और सर्जिकल कॉम्प्लीकेशंस के मैनेजमेंट में पर्याप्त मेडिकल ट्रेनिंग के बिना प्रोफेशनल्स को ऐसे प्रोसीजर करने की अनुमति देने से ट्रेनिंग के स्टैंडर्ड कम हो सकते हैं और मरीजों के लिए रिस्क बढ़ सकता है. एमबीबीएस की डिग्री नहीं काफी आईएडीवीएल के अध्यक्ष डॉ. विनय सिंह का कहना है कि हेयर ट्रांसप्लांट जैसे प्रोसीजर करने के लिए एस्थेटिक प्रोसीजर और डर्मेटोलॉजी में एक्स्ट्रा ट्रेनिंग की जरूरत होती है. एमबीबीएस डिग्री के अलावा, डर्मेटोलॉजिस्ट ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत मान्यता प्राप्त मेडिकल स्कूलों में डर्मेटोलॉजी में पोस्टग्रेजुएट स्तर पर तीन साल की रेजिडेंसी करनी होती है. इस ट्रेनिंग में त्वचा की विभिन्न बीमारियों, बालों की समस्याओं और डर्मेटोलॉजी से जुड़े एडवांस्ड प्रोसीजर का अध्ययन शामिल होता है. सोशल मीडिया के डॉक्टर खतरनाक डॉ. सिंह ने कहा कि आजकल स्किन और बालों से जुड़ी समस्याओं को लेकर सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल हो रहा है और लोग केमिस्ट या अन्य गैर-चिकित्सकीय प्रशिक्षित व्यक्तियों की सलाह पर दवाओं का इस्तेमाल करने लगते हैं. सोशल मीडिया पर फ्रॉड मार्केटिंग लिस्टिंग भी चल रही है. कई वेबसाइटें पेड ऐड प्लेसमेंट के जरिए डर्मेटोलॉजिस्ट के रूप में ऐसे लोगों को प्रमोट करती हैं, जिनके पास प्रैक्टिस के लिए बहुत कम या कोई सत्यापित मेडिकल क्वालिफिकेशन नहीं होती. यह स्थिति लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती है. एड और मार्केटिंग को रोकना जरूरी एसोसिएशनों ने कहा कि मेडिकल प्रैक्टिस के विज्ञापन और मार्केटिंग को नियंत्रित करने के लिए बेहतर औपचारिक और कानूनी नियंत्रण प्रणाली की जरूरत है. IADVL की तमिलनाडु ब्रांच (रिट पिटीशन नंबर 36164 और 12044 ऑफ 2024) ने डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया की 06 दिसंबर 2022 की गाइडलाइंस को चुनौती देते हुए मद्रास हाई कोर्ट में कानूनी कार्रवाई शुरू की है. इन गाइडलाइंस में ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जनों को कुछ एस्थेटिक और हेयर ट्रांसप्लांट प्रोसीजर करने की अनुमति दी गई थी. हाल ही में कोर्ट ने दिया आदेश 21 जनवरी 2026 को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया और नेशनल मेडिकल कमीशन के बीच रेगुलेटरी टकराव पर ध्यान दिया और केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को मामले की जांच कर मरीजों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट रेगुलेटरी दिशा-निर्देश सुनिश्चित करने के लिए अपना जवाब देने का निर्देश दिया है. वहीं अब एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि पूरी गाइडलाइंस जारी की जाएं और मौजूदा नियमों को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि झोलाछाप डॉक्टरों पर रोक लगाई जा सके और लोगों की सेहत की बचाई जा सके. आम लोगों को दी विशेष सलाह डॉक्टरों ने कहा कि कोर्ट और सरकारें अपना काम कर रही हैं लेकिन इसके लिए आम लोगों को जागरुक होने की बेहद जरूरत है, ताकि मरीज ऐसे जाल में न फंसें. अगर आप कोई भी स्किन, कॉस्मेटिक या हेयर ट्रीटमेंट लेने जा रहे हैं और आपने सोशल

गर्मी में भी नहीं सूखेगा गला! पेट के लिए ‘फ्रीज’ से कम नहीं यह देसी सब्जी, कई बीमारियों में फायदेमंद

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Last Updated:March 11, 2026, 18:11 IST Health Tips: भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण लोगों के शरीर में पानी की कमी हो जाती है. इससे बचाव के लिए खीरा बेहद कारगर है, जो कई गुणों से भरपूर है. आइए एक्सपर्ट ने खीरे के फायदे के बारे में जानते हैं. अब तेज धूप होने लगा है और लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है. हालांकि, गर्मी में अक्सर शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे थकान और कमजोरी महसूस होती है. ऐसे में खीरा बेहद लाभकारी और गुणकारी साबित हो सकती हैं. इसको खाने से शरीर में पानी की पूर्ति होती है और डिहाइड्रेशन से बचाव होता है. इसलिए डॉक्टर भी गर्मियों में खीरा खाने की राय देते हैं. आज के दौर में अधिकतर लोगों को वजन की दिक्कत है. जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए खीरा बेहतरीन फल है. इसमें कैलोरी बहुत कम और फाइबर ज्यादा होता है. इसको खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है और बार-बार भूख नहीं लगती है. यह बहुत सेहतमंद माना गया है. खीरे में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में बहुत सहायता करता है. यह पेट को साफ रखने में मदद करता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में बेहद लाभकारी और गुणकारी है. यह त्वचा के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होता है. Add News18 as Preferred Source on Google राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, खीरे में पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी खनिज पाए जाते हैं. ये शरीर में ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करते हैं और दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं. आजकल शुगर की समस्या तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में खीरा कैलोरी और पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसलिए इसे डायबिटीज के मरीज भी अपनी डाइट में आसानी से शामिल कर सकते हैं. खीरा ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में बहुत मददगार साबित हो सकता है. अगर आप आंख या त्वचा की समस्या से परेशान हैं, तो खीरे में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन मौजूद होते हैं, जो त्वचा को हेल्दी और चमकदार बनाए रखने में मदद करते हैं. इसके अलावा, आंखों पर खीरे के टुकड़े रखने से थकान और डार्क सर्कल्स कम हो सकते हैं. कुल मिलाकर खीरा सेहत का खजाना है. खीरा शरीर से विषैले तत्वों को भी बाहर निकालने में मदद करता है. हालांकि, बेहतर पाचन के लिए इसे रात में खाने से बचना चाहिए. सही समय पर खाया गया खीरा सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद साबित हो सकता है. अगर आप किसी गंभीर रोग से ग्रस्त हैं, तो किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श जरूर लें. First Published : March 11, 2026, 18:11 IST

चमकती त्वचा के लिए सनस्क्रीन: बढ़ी है गर्मी? बाहर से घर पर केवल 3 निचे से डेक्सिट केमिकल फ्री सनस्क्रीन; चेहरा देखना ग्लोब

एलोवेरा जेल, नारियल तेल और गुलाब जल, गुलाब जल का उपयोग करके चमकती त्वचा के लिए घर पर चेहरे के लिए सनस्क्रीन कैसे बनाएं

घर पर स्क्रीनशॉट सनस्क्रीन | छवि: फ्रीपिक घर पर सनस्क्रीन कैसे बनाएं: गर्मी का मौसम शुरू ही हो रहा है तेज धूप और गर्म हवा हमारी त्वचा पर बुरा असर दिख रहा है। धूप की वजह से टैनिंग, सनबर्न, पिंपल्स और धूप डल होने की वजह से बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में लोग बाजार से लेकर साड़ी-महंगे सनस्क्रीन लेबल वाले होते हैं, जिनमें कई बार केमिकल भी मौजूद होते हैं। अगर आप अपनी दुकान को सिलाई के तरीके से धूप से बचाना चाहते हैं, तो घर पर ही आसान तरीके से केमिकल से फ्री सनस्क्रीन बना सकते हैं। खास बात यह है कि इसे बनाने में सिर्फ 3 लोगों की जरूरत होती है और यह स्किन को ग्लोइंग भी बनाता है। घर पर सनस्क्रीन स्क्रीनशॉट बनाने के लिए जरूरी सामान 2 एलोवेरा जेल 1 नारियल नारियल का तेल 1 गुलाब जल ये तैलीय वस्तुएं स्कीन के लिए बेहद खतरनाक मनी बनती हैं और धूप से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करती हैं। घर का स्केच सनस्क्रीन कैसा है? सबसे पहले एक साफा बाउल लें। आइटम्स 2 माइन्स एलोवेरा जेल। अब इसमें 1 नारियल गुलाब का तेल और 1 नारियल गुलाब जल स्टॉक शामिल है। इन तीन जानवरों को अच्छे तरीके से मिक्स कर लें। बस आपका कैनवास सनस्क्रीन तैयार है। कैसे उपयोग किया जाए? घर से बाहर प्रस्थान से 15 मिनट पहले इसका सामना और जिम्मेदारी पर स्थान। वैध हाथों से बनाएं ताकि यह अच्छे तरह के त्वचा में समा जाए। अगर आप चाहें तो इसे दिन में 2 बार भी इस्तेमाल कर सकते हैं। सनस्क्रीन के फायदे क्या हैं? धूप से बचाव एलोवेरा और नारियल तेल त्वचा को ठंडक देते हैं और सनबर्न से बचने में मदद करते हैं। ग्लोइंग बनाने के लिए गुलाब जल और एलोवेरा स्कार्फ को प्लास्टर लगाया जाता है, जिससे चेहरा ताज़ा और चमकदार दिखता है। तानिंग कम करने में सहयोग इसका नियमित उपयोग करने से धूप की वजह से होने वाली टैनिंग धीरे-धीरे कम हो सकती है। केमिकल मुफ़्त और सुरक्षित घर पर यह सनस्क्रीन स्क्रीनशॉट पूरी तरह से टाइप होता है, इसलिए स्किन पर साइड इफेक्ट होने का खतरा भी कम रहता है। किन बातों का रखें प्रबंध? अगर आपकी त्वचा बहुत सेंस सेंसुअल है तो पहले पैच टेस्ट जरूर करा लें। बहुत तेज धूप में जाने से पहले टोपी, धूप का चश्मा और स्कार्फ का भी इस्तेमाल करें। अगर आप केमिकल वाले प्रोडक्ट्स से बचना चाहते हैं और खरीदारी के तरीकों से त्वचा की देखभाल करना चाहते हैं, तो यह आसान होममेड सनस्क्रीन जरूर ट्राई कर सकते हैं। इससे आपकी धूप धूप से भी सुरक्षित रहेगी और चेहरे की चमक भी दिखेगी। यह अवश्य पढ़ें: चमकती त्वचा के लिए फेस ब्लीच: केमिकल वाले प्रोडक्ट्स से चेहरे पर लगाया जाता है फायदा? इन 2 एनईईटी से घर पर तैयार करें फेस मास्क; लौट आया खोया नूर अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।