Monday, 13 Apr 2026 | 12:58 PM

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वर्ल्ड अपडेट्स:नाइजीरिया में बम धमाकों में दर्जनों की मौत, कई घायल

वर्ल्ड अपडेट्स:नाइजीरिया में बम धमाकों में दर्जनों की मौत, कई घायल

आपातकालीन सेवाओं ने एसोसिएटेड प्रेस(AP) को बताया कि सोमवार रात पूर्वोत्तर नाइजीरिया के बोर्नो राज्य में कम से कम तीन जगहों पर आत्मघाती हमलावरों ने हमला किया, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए और घायल हो गए। अधिकारियों ने इन हमलों के पीछे आत्मघाती बम धमाकों की आशंका जताई है। बोर्नो राज्य की राजधानी मैदुगुरी में तीन अलग-अलग जगहों पर धमाकों की आवाजें सुनी गईं। मैदुगुरी वह जगह है जहां नाइजीरिया के ही जिहादी संगठन बोको हराम के चरमपंथी एक दशक से भी ज्यादा समय से विद्रोह कर रहे हैं। मैदुगुरी में नाइजीरिया की राष्ट्रीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी (NEMA) के ऑपरेशंस हेड सिराजू अब्दुल्लाही के अनुसार, ये बम धमाके एक स्थानीय बाजार और मैदुगुरी विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल के प्रवेश द्वार पर हुए।

वर्ल्ड अपडेट्स:नाइजीरिया में बम धमाकों में दर्जनों की मौत, कई घायल

वर्ल्ड अपडेट्स:नाइजीरिया में बम धमाकों में दर्जनों की मौत, कई घायल

आपातकालीन सेवाओं ने एसोसिएटेड प्रेस(AP) को बताया कि सोमवार रात पूर्वोत्तर नाइजीरिया के बोर्नो राज्य में कम से कम तीन जगहों पर आत्मघाती हमलावरों ने हमला किया, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए और घायल हो गए। अधिकारियों ने इन हमलों के पीछे आत्मघाती बम धमाकों की आशंका जताई है। बोर्नो राज्य की राजधानी मैदुगुरी में तीन अलग-अलग जगहों पर धमाकों की आवाजें सुनी गईं। मैदुगुरी वह जगह है जहां नाइजीरिया के ही जिहादी संगठन बोको हराम के चरमपंथी एक दशक से भी ज्यादा समय से विद्रोह कर रहे हैं। मैदुगुरी में नाइजीरिया की राष्ट्रीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी (NEMA) के ऑपरेशंस हेड सिराजू अब्दुल्लाही के अनुसार, ये बम धमाके एक स्थानीय बाजार और मैदुगुरी विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल के प्रवेश द्वार पर हुए।

Family Court Judges, Lawyers No Uniform? Kids Scared

Family Court Judges, Lawyers No Uniform? Kids Scared

नई दिल्ली28 मिनट पहले कॉपी लिंक फाइल फोटो। भारत के मुख्य न्यायाधीश(CJI) सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि यह बहुत जरूरी है कि फ़ैमिली कोर्ट बच्चों के मन से मनोवैज्ञानिक डर को खत्म करें, और इसके लिए कोर्ट के पारंपरिक कामकाज में कुछ बदलाव किए जाएं। उन्होंने पूछा कि क्या फ़ैमिली कोर्ट में ये काले चोगे होने चाहिए? CJI ने कहा कि जब हम फ़ैमिली कोर्ट के लिए एक नई सोच और अवधारणा बना रहे हैं, तो क्या इससे बच्चे के मन में कोई मनोवैज्ञानिक डर पैदा नहीं होगा? उन्होंने सुझाव दिया कि फैमिली कोर्ट में पीठासीन जज और वकील यूनिफॉर्म में नहीं आने चाहिए। जस्टिस सूर्यकांत ने ये बातें दिल्ली के रोहिणी में एक फैमिली कोर्ट की आधारशिला रखने जाने के कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने कहा कि फैमिली कोर्ट में आप सभी के लिए, हमारे पीठासीन अधिकारी कोर्ट की पोशाक में नहीं बैठेंगे। बार के सदस्य भी काले और सफेद चोगे में नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी भी पुलिस की वर्दी में नहीं आएंगे, क्योंकि यह पूरा माहौल बच्चों के मन में डर पैदा करता है, खासकर तब जब वे किसी भी व्यवस्था के सबसे ज्यादा पीड़ित होते हैं। जस्टिस सूर्यकांत ने ये भी कहा… हर कोई कोर्ट आना नहीं चाहता। जब हम सुधारों की बात करते हैं और जब हम फैमिली कोर्ट की अवधारणा को विवादों को सुलझाने के एक मंच के रूप में देखते हैं, तो यह सिविल संपत्ति विवादों जैसा नहीं है। इसका मकसद मानवीय रिश्तों को सुधारना, उन पर विचार करना और उन्हें ठीक करना है। क्या हम इन्हें ‘पारिवारिक समाधान केंद्र’ नहीं कह सकते? फैमिली कोर्ट में अन्य कोर्ट के मुकाबले ज्यादार मुकदमों और विवादों के विपरीत, ये दूर के पक्षों या बेजान संस्थाओं के बीच नहीं होते हैं। ये मामले परिवारों के भीतर से ही उठते हैं। ऐसे व्यक्तियों के बीच, जो कभी एक साझा जीवन में साथी थे, वे माता-पिता, देखभाल करने वालों या एक ही घर के सदस्यों के रूप में आपसी जिम्मेदारियों को साझा करना जारी रख सकते हैं। इसलिए, परिवार न्यायालय के समक्ष आने वाले विवादों के भारी भावनात्मक, सामाजिक और वित्तीय परिणाम होते हैं, जो तात्कालिक कानूनी विवाद से कहीं आगे तक जाते हैं। कार्यक्रम में दिल्ली सीएम, सुप्रीम कोर्ट के अन्य जज भी शामिल इस कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मनमोहन ने कहा कि दिल्ली में, जिला न्यायपालिका को जिन निरंतर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, वे तीन प्रकार की हैं। पहली है बजट, दूसरी है कर्मचारी और तीसरी है जगह। उन्होंने कहा कि जगह का अर्थ है अदालत के कमरे, साथ ही रहने की व्यवस्था (आवासीय आवास) भी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय ने भी इस कार्यक्रम में अपने विचार रखे। ———– ये खबर भी पढ़ें… पीरियड्स में पेड लीव की याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज:CJI बोले– कानून बनाया तो महिलाओं को कोई काम नहीं देगा, उनका करियर खत्म हो जाएगा सुप्रीम कोर्ट में 13 मार्च को देशभर में महिला छात्रों और कामकाजी महिलाओं को पीरियड्स में पेड लीव देने की मांग वाली याचिका खारिज हो गई। CJI सूर्यकांत ने कहा कि ऐसी याचिकाएं अनजाने में महिलाओं के बारे में बनी रूढ़ियों को और मजबूत कर सकती हैं। यह कानून बनाया तो महिलाओं को कोई काम नहीं देगा, उनका करियर खत्म हो जाएगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos and More From Dainik Bhaskar

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Hindi News National Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar 19 मिनट पहले कॉपी लिंक AI Image जम्मू शहर के बाहरी इलाके में जोरियां-अखनूर सड़क पर एक यात्री बस की SUV से टक्कर हो गई, जिसके बाद बस पलट गई। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 29 अन्य घायल हो गए। यह हादसा कोटगढ़ी इलाके में हुआ। बस जोरियां के सीमावर्ती इलाके से अखनूर जा रही थी और बताया जा रहा है कि वह बहुत तेज रफ्तार से चल रही थी। बस की एक स्कॉर्पियो गाड़ी से आमने-सामने की टक्कर हो गई। अधिकारियों ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस सड़क से फिसलकर पलट गई। स्थानीय लोग और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि 11 घायल लोगों को सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल अखनूर ले जाया गया, जबकि 18 अन्य को इलाज के लिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) अस्पताल जम्मू ले जाया गया। आज की अन्य बड़ी खबरें… महाराष्ट्र के नागपुर में पिकअप जीप पलटने से 26 लोग घायल महाराष्ट्र के नागपुर जिले में वर्धा नदी के पास एक तेज रफ्तार पिकअप जीप पलटने से 26 मजदूर घायल हो गए, जिनमें नौ महिलाएं भी शामिल हैं। ये मजदूर गाड़ी में ठूंस-ठूंसकर भरे हुए थे, और गाड़ी बेलौना गांव की ओर जा रही थी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह हादसा तब हुआ जब मोवाड़ में वर्धा नदी के पास ड्राइवर का गाड़ी पर से नियंत्रण हट गया। स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों की मदद की। हादसे की जानकारी मिलने के बाद, नारखेड़ पुलिस स्टेशन की एक टीम घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को पास के एक अस्पताल में पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद, उन्हें आगे के इलाज के लिए नागपुर के GMC&H में रेफर कर दिया गया। तकनीकी खराबी के कारण एयर इंडिया की न्यूयॉर्क-दिल्ली फ्लाइट आयरलैंड डायवर्ट एयर इंडिया का एक A350 विमान सोमवार को एक तकनीकी खराबी के कारण आयरलैंड के शैनन डायवर्ट कर दिया गया। विमान न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रहा था। सूत्रों के अनुसार, विमान में लगभग 300 लोग सवार थे। शैनन डायवर्ट किए जाने से पहले यह विमान लगभग छह घंटे तक हवा में रहा। एयरलाइन ने बताया कि फ्लाइट AI102, जो 15 मार्च को न्यूयॉर्क (JFK) से दिल्ली के लिए उड़ान भर रही थी, में एक संभावित तकनीकी खराबी का संदेह होने पर उसे एहतियातन आयरलैंड के शैनन शहर में डायवर्ट कर दिया गया। एयर इंडिया के उच्च सुरक्षा मानकों के अनुरूप, विमान की अभी व्यापक तकनीकी जांच की जा रही है, जिसमें पूरा होने में थोड़ा अतिरिक्त समय लगेगा। एयर इंडिया ने कहा कि उसके एयरपोर्ट पार्टनर, शैनन एयरपोर्ट अधिकारियों के साथ मिलकर यात्रियों और क्रू को पूरी सहायता देने के लिए काम कर रहे हैं। एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों को भोजन और जलपान उपलब्ध कराया गया, साथ ही इमिग्रेशन और कस्टम की प्रक्रिया पूरी करने में उनकी मदद के लिए भी व्यवस्था की गई। महाराष्ट्र के दहिसर में डंपर ट्रक की टक्कर से डिलीवरी मैन की मौत सोमवार दोपहर वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के दहिसर इलाके में एक 28 साल के डिलीवरी मैन की मौत हो गई। उसकी स्कूटर को पीछे से एक डंपर ट्रक ने टक्कर मार दी थी। अधिकारी ने पीड़ित की पहचान समीर शेख के रूप में की, जो अंधेरी की जूहु गली का रहने वाला था। दहिसर पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने बताया कि यह घटना दोपहर में चेक नाके के पास हुई। डंपर ट्रक का ड्राइवर अकबर पठान (43), जो मौके से फरार हो गया था, उसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

बार-बार याचिका लगाने पर पटवारी पर 10 हजार का जुर्माना:हाईकोर्ट ने कहा- आपराधिक मामले में बरी होने से नौकरी बहाल नहीं होती

बार-बार याचिका लगाने पर पटवारी पर 10 हजार का जुर्माना:हाईकोर्ट ने कहा- आपराधिक मामले में बरी होने से नौकरी बहाल नहीं होती

हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक पटवारी की याचिका खारिज कर दिया है। बार-बार याचिका लगाकर न्यायालय का समय बर्बाद करने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने राजस्व रिकॉर्ड में गलत एन्ट्री कर दस्तावेज से छेड़छाड़ के मामले में बर्खास्त किए गए पटवारी को राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि आपधारिक मामले में बरी होने का मतलब यह नहीं है कि विभागीय कार्रवाई स्वत: समाप्त हो जाती है और कर्मचारी को सेवा में बहाल करने का अधिकार स्वत: नहीं मिलता है। कोर्ट ने बार-बार याचिका लगाने पर भी नाराजगी जाहिर की है। साल 2016 में बर्खास्त हुआ था पटवारी जस्टिस आनंद पाठक एवं जस्टिस अनिल वर्मा की खंडपीठ ने पटवारी विश्राम सिंह कुशवाह द्वारा दायर रिट अपील को खारिज करते हुए एकलपीठ के आदेश को सही ठहराया। याचिकाकर्ता पटवारी विश्राम सिंह को वर्ष 2016 में राजस्व अभिलेख में गलत नाम दर्ज करने का आरोप था। पटवारी जिला शिवपुरी में पदस्थ था और वहीं के एसडीओ, शिवपुरी ने विभागीय जांच के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। इसी मामले में दर्ज आपराधिक प्रकरण में वर्ष 2022 में ट्रायल कोर्ट से पटवारी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया था, जिसके आधार पर उसने पुनः सेवा में बहाली की मांग की थी। कोर्ट ने कहा- विभागीय कार्रवाई और आपराधिक मुकदमा की प्रकृति अलग-अलग कोर्ट ने कहा कि विभागीय कार्रवाई और आपराधिक मुकदमा दोनों अलग-अलग प्रकृति की कार्रवाई हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए कहा गया कि आपराधिक मामले में बरी होने से विभागीय दंड अपने आप समाप्त नहीं होता, विशेषकर तब, जब बरी होना संदेह का लाभ मिलने के कारण हुआ हो। बार-बार याचिका पर कोर्ट ने जताई नाराजगी कोर्ट ने यह भी कहा है कि याचिकाकर्ता बार-बार अलग-अलग याचिकाएं दायर कर एक ही राहत मांगता रहा, जबकि पहले की याचिका खारिज हो चुकी थी। इसे न्यायालय ने रचनात्मक पूर्व न्याय के सिद्धांत के विपरीत बताते हुए याचिका को अव्यवहार्य माना। साथ ही यह भी कहा गया कि बर्खास्तगी आदेश को कई वर्ष बाद चुनौती देना अनुचित देरी है।

भोपाल के होम्योपैथी वैलनेस सेंटर को राष्ट्रीय सम्मान:लकवा समेत जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के सवा लाख मरीजों का हुआ सफल इलाज

भोपाल के होम्योपैथी वैलनेस सेंटर को राष्ट्रीय सम्मान:लकवा समेत जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के सवा लाख मरीजों का हुआ सफल इलाज

भोपाल स्थित आयुष परिसर के शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय के होम्योपैथी वैलनेस सेंटर को आयुष और इंटीग्रेटिव मेडिसिन के क्षेत्र में नवाचार के लिए ‘आयुष एंड इंटीग्रेटिव मेडिसिन इनोवेशन सम्मान-2026’ से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उत्तराखंड शासन के सेतु आयोग द्वारा दिया जा रहा है। सम्मान समारोह 19 मार्च 2026 को देहरादून में आयोजित होगा। देशभर में नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दिए जाने वाले इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए भोपाल का यह केंद्र चुना गया है। खास बात यह है कि यह देश का एकमात्र शासकीय संस्थान है। जिसे आयुष और इंटीग्रेटिव मेडिसिन के क्षेत्र में यह सम्मान प्राप्त हो रहा है। यह सम्मान इसलिए दिया जा रहा है, क्योंकि सेंटर में अब तक सवा लाख से अधिक मरीजों को उपचार और स्वास्थ्य सेवाएं दी जा चुकी हैं। जिसमें हड्डी और जोड़ों की समस्याएं, लकवा (पक्षाघात), मोटापा, हाइपोथायरायडिज्म, डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के सफल उपचार शामिल हैं। 2016 से संचालित हो रहा वैलनेस सेंटर भोपाल के आयुष परिसर में स्थित यह होम्योपैथी वैलनेस सेंटर वर्ष 2016 से संचालित हो रहा है। वर्ष 2024 में इसे एक नए और आधुनिक भवन में स्थापित किया गया। इस केंद्र की स्थापना में प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह केंद्र केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद, भारत सरकार के सहयोग से संचालित किया जाता है। यहां होम्योपैथी, प्राकृतिक चिकित्सा और योग के माध्यम से रोगियों के उपचार के साथ-साथ स्वस्थ लोगों को भी स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं प्रदान की जाती हैं। सवा लाख से अधिक लोगों को मिल चुकी सेवाएं होम्योपैथी वैलनेस सेंटर में अब तक सवा लाख से अधिक मरीजों को उपचार और स्वास्थ्य सेवाएं दी जा चुकी हैं। यहां मध्यप्रदेश शासन और आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है। इन विशेषज्ञों का उद्देश्य विभिन्न बीमारियों की समय पर पहचान कर उनका प्रभावी उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि गंभीर रोगों को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके। कई जीवनशैली संबंधी रोगों में मिल रहा लाभ संस्था के प्रधानाचार्य डॉ. एस.के. मिश्रा ने बताया कि कई कठिनाइयों के बावजूद होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में इस केंद्र की स्थापना की गई। केंद्र सरकार के सहयोग और विशेषज्ञों के लगातार प्रयासों से यह केंद्र अब बड़ी संख्या में मरीजों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। यहां हड्डी और जोड़ों की समस्याएं, लकवा (पक्षाघात), मोटापा, हाइपोथायरायडिज्म, डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के सफल उपचार शामिल हैं। रिसर्च के लिए भी बना अहम केंद्र इस केंद्र में मिल रहे बेहतर परिणामों के कारण भारत सरकार की विभिन्न अनुसंधान परिषदों द्वारा यहां व्यापक और विस्तृत शोध कार्य भी किए जा रहे हैं। वर्तमान में पक्षाघात और थायराइड जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या यहां अधिक है, जिन्हें उपचार से लाभ मिल रहा है। देश के लिए बन रहा मॉडल केंद्र की नोडल अधिकारी डॉ. जूही गुप्ता ने बताया कि यह केंद्र होम्योपैथी और प्राकृतिक चिकित्सा का एक अनूठा संगम है, जिसका पहले कोई उदाहरण नहीं था। आयुष मंत्रालय और मध्यप्रदेश शासन के सहयोग से यह केंद्र अब पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन गया है। देश के कई होम्योपैथिक और प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय यहां की कार्यप्रणाली का अध्ययन कर इसी तरह के केंद्र स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। होम्योपैथी वैलनेस सेंटर से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति दूरभाष क्रमांक 0755-2992970 पर संपर्क कर सकते हैं।

मोबाइल विवाद में दोस्त की पीट-पीटकर हत्या की थी:जंगल में छिपा आरोपी गिरफ्तार; काम की तलाश में मुरैना से ग्वालियर आए थे

मोबाइल विवाद में दोस्त की पीट-पीटकर हत्या की थी:जंगल में छिपा आरोपी गिरफ्तार; काम की तलाश में मुरैना से ग्वालियर आए थे

ग्वालियर के मोहना में हाईवे पर एक दोस्त ने दूसरे दोस्त की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को सोमवार को जंगल में मंदिर के पास से पकड़ लिया है। हत्या करने के बाद आरोपी जंगल के रास्ते कूदकर भाग गया था। पकड़े जाने के बाद आरोपी ने बताया कि मोबाइल को लेकर उसका झगड़ा हुआ था। पास ही पड़ी बबूल की लकड़ी उठाकर उसने ऋषिकेश पर वार कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई तो वह पकड़े जाने के डर से वहां से भाग आया था। पुलिस आरोपी से डिटेल में पूछताछ कर रही है। सोमवार को मृतक का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। बबूल की लकड़ी से सिर पर किए ताबड़तोड़ वार, मौत मुरैना के आमपुरा स्थित एसएएफ लाइन के पास रहने वाला 35 वर्षीय ऋषिकेश सिंह पुत्र दिनेश सिंह सिकरवार काफी समय से काम की तलाश कर रहा था। शनिवार को उसका दोस्त दीपक शाक्य उसे काम की तलाश में ग्वालियर के मोहना लेकर आया था। रविवार को दोनों ने दिनभर काम की तलाश की। शाम को वे बायपास स्थित अजीत नायक भोजनालय पहुंच गए, जहां दोनों ने शराब पी। नशा होने के बाद दीपक और ऋषिकेश के बीच मोबाइल को लेकर विवाद हो गया। दीपक ने ऋषिकेश का मोबाइल छीन लिया था, जिसका उसने विरोध किया। इसी बात पर दोनों के बीच बहस बढ़ गई। ढाबा मालिक ने उन्हें समझाने की कोशिश भी की, लेकिन नशे में धुत दीपक ने पास पड़ी बबूल की लकड़ी उठाकर ऋषिकेश के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में ऋषिकेश के सिर में गंभीर चोट लगी। वह सड़क पर ही गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वैष्णो देवी मंदिर के पास छिपा मिला आरोपी हत्या के बाद दीपक मोहना बायपास से होते हुए जंगल में दाखिल हो गया। उसका इरादा डकैतों के मूवमेंट वाले इलाके से गुजरकर किसी तरह मुरैना पहुंचने और कुछ दिन जंगल में छिपे रहने का था। इधर वारदात के तुरंत बाद पुलिस ने जंगल में उसकी तलाश शुरू कर दी थी। आरोपी जंगल में गुम होता, उससे पहले ही वैष्णो देवी मंदिर के पास छिपे हत्या आरोपी दीपक शाक्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि नशे की हालत में मोबाइल को लेकर उसका अपने दोस्त से विवाद हो गया था, जिसके बाद गुस्से में आकर उसने हत्या कर दी। फिलहाल पुलिस उससे पूरे मामले में पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपा सोमवार को ग्वालियर के जेएएच स्थित पोस्टमार्टम हाउस में ऋषिकेश सिंह के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर में गंभीर चोट बताया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया, जिसके बाद मुरैना में मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। परिजन का आरोप है कि दीपक हत्या के इरादे से ही ऋषिकेश को ग्वालियर लेकर आया था। पुलिस इन आरोपों के आधार पर भी आरोपी से पूछताछ कर रही है।