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Gold Surges ₹300 to ₹1.56 Lakh; Silver Jumps ₹5000 to ₹2.54 Lakh

Gold Surges ₹300 to ₹1.56 Lakh; Silver Jumps ₹5000 to ₹2.54 Lakh

Hindi News Business Gold Surges ₹300 To ₹1.56 Lakh; Silver Jumps ₹5000 To ₹2.54 Lakh नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने और चांदी के दामों में आज यानी 17 मार्च को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 300 रुपए बढ़कर 1.56 लाख रुपए पर पहुंच गया है। एक किलो चांदी 5 हजार रुपए बढ़कर 2.54 लाख रुपए पर पहुंच गई है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, 29 जनवरी को सोने की कीमत 1.76 लाख रुपए और चांदी के दाम 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गए थे। इसके बाद से इनकी कीमत में काफी गिरावट आ चुकी है। इसलिए इनकी खरीदारी देखने को मिल रही है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत कैरेट भाव (रुपए/10 ग्राम) 24 ₹1,56,042 22 ₹1,42,934 18 ₹1,17,032 14 ₹91,285 देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत शहर 10 ग्राम 24 कैरेट दिल्ली ₹1,58,770 मुंबई ₹1,58,620 कोलकाता ₹1,58,620 चेन्नई ₹1,59,820 जयपुर ₹1,58,770 भोपाल ₹1,58,670 पटना ₹1,58,670 लखनऊ ₹1,58,770 रायपुर ₹1,58,620 अहमदाबाद ₹1,58,670 सोर्स: goodreturns 17 मार्च, 2026) सोना इस साल ₹23 हजार और चांदी ₹24 हजार महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में तेजी देखने को मिली है। बीते साल के आखिर में सोना 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जो अब 1.56 लाख रुपए पर है। यानी इसकी कीमत इस साल अब तक 27 हजार बढ़ चुकी है। वहीं चांदी भी इस दौरान 39 हजार रुपए महंगी हुई है। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल तारीख सोना चांदी 31 दिसंबर 2025 ₹1,33,195 ₹2,30,420 20 जनवरी 2026 ₹1,47,409 ₹3,09,345 10 फरवरी 2026 ₹1,56,255 ₹2,59,100 28 फरवरी 2026 ₹1,59,097 ₹2,66,700 17 मार्च 2026 ₹1,56,042 ₹2,54,028 नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA अमेरिका-ईरान तनाव पर निर्भर रहेगा बाजार जानकारों का मानना है कि सोने-चांदी की अगली चाल इन दो बातों पर निर्भर करेगी: मिडिल ईस्ट संकट: अगर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ता है या कच्चे तेल की कीमतें फिर से उछलती हैं, तो सोने-चांदी में दोबारा तेजी आ सकती है। अमेरिकी डेटा: अगर अमेरिका के आर्थिक आंकड़े उम्मीद से बेहतर आते हैं, तो डॉलर मजबूत होगा और इससे सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। एक्सपर्ट की राय: क्या अभी सोना खरीदना सही है? एक्सपर्ट्स के इनुसार रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोना फिलहाल ‘करेक्शन फेज’ (कीमतों में सुधार) में है। शॉर्ट टर्म में मोमेंटम थोड़ा कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन लॉन्ग टर्म में तेजी का रुझान बरकरार है। ऐसे में निवेशक सोने में थोड़ा-थोड़ा करके निवेश कर सकते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

स्कूल के बाहर छात्रों से मारपीट VIDEO:बाइक सवार बदमाशों ने पीटा, छात्रों ने भी की पत्थरबाजी

स्कूल के बाहर छात्रों से मारपीट VIDEO:बाइक सवार बदमाशों ने पीटा, छात्रों ने भी की पत्थरबाजी

सेमरिया के सांदीपनि हायर सेकेंडरी स्कूल के बाहर छात्रों के साथ मारपीट का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में बाइक सवार कुछ बदमाश लगभग 6 से ज्यादा छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटते हुए दिख रहे हैं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। यह घटना स्कूल के मुख्य गेट के बाहर हुई बताई जा रही है। हमले के जवाब में छात्रों ने भी पत्थरबाजी की, जिसके बाद हमलावर मौके से भाग गए। इस मारपीट में दो छात्रों को चोटें आई हैं। उन्हें सेमरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने स्कूल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई है। मारपीट की प्रारंभिक वजह आपसी विवाद बताई जा रही है, हालांकि इसके वास्तविक कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। प्राचार्य को नहीं जानकारी स्कूल के प्राचार्य अनिल मिश्रा ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं थी क्योंकि वे मूल्यांकन कार्य में व्यस्त थे। उन्होंने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। शिकायत पर कार्रवाई करेंगे सेमरिया थाना प्रभारी केदार परौहा ने पुष्टि की कि उन्होंने भी वीडियो देखा है। उन्होंने बताया कि इस मामले में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। स्कूल प्रबंधन से चर्चा के बाद मामले की जांच की जाएगी और आरोपियों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

कमजोरी, सुस्ती और थकान से हैं परेशान? गुड़ के साथ इस चीज का करें सेवन, शरीर को तुरंत मिलेगी ऊर्जा

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Last Updated:March 17, 2026, 12:09 IST Jaggery and Roasted Gram Health Benefits: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान और कमजोरी आम समस्या बनती जा रही है. थोड़ी मेहनत करने पर ऊर्जा की कमी या सुस्ती महसूस होना आम है. ऐसे समय में गुड़ और भुना चना एक सरल घरेलू उपाय बन सकते हैं. गुड़ में प्राकृतिक शुगर और मिनरल्स होते हैं, जो तुरंत ऊर्जा देते हैं, जबकि भुना चना प्रोटीन और फाइबर से भरपूर है. नियमित सेवन से शरीर की शक्ति बढ़ती है, थकान कम होती है और दिनभर सक्रिय रहने में मदद मिलती है, जिससे शरीर ऊर्जावान रहता है. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में शरीर की कमजोरी और जल्दी थकान आम समस्या बनती जा रही है. थोड़ी सी मेहनत करने पर थकान महसूस होना, ऊर्जा की कमी या दिनभर सुस्ती रहना लोगों को परेशान करता है. ऐसे में पारंपरिक घरेलू नुस्खे असरदार साबित होते हैं. गुड़ और भुना चना खाने की सलाह अक्सर दी जाती है, क्योंकि यह शरीर के लिए प्राकृतिक ऊर्जा का बेहतरीन स्रोत हैं. नियमित सेवन से थकान कम होती है, शक्ति बढ़ती है और शरीर में ऊर्जा का स्तर बनाए रखने में मदद मिलती है. गुड़ और भुना चना दोनों ही पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ माने जाते हैं. गुड़ में आयरन, मिनरल्स और प्राकृतिक शर्करा होती है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देने में मदद करती है. भुना चना प्रोटीन, फाइबर और अन्य जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसी वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से इसे ताकत बढ़ाने वाले पारंपरिक आहार के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है. नियमित सेवन से थकान कम होती है और शरीर की शक्ति व सहनशक्ति बढ़ती है. हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, जब शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता या काम के हिसाब से ऊर्जा की कमी रहती है, तो कमजोरी और जल्दी थकान की समस्या सामने आती है. ऐसे समय में गुड़ और भुना चना एक आसान और सस्ता घरेलू उपाय माना जाता है. यह सिर्फ तुरंत ऊर्जा नहीं देता, बल्कि धीरे-धीरे शरीर की ताकत भी बढ़ाता है. नियमित सेवन से थकान कम होती है, शक्ति में सुधार आता है और शरीर लंबे समय तक सक्रिय और ऊर्जा से भरपूर रहता है, जिससे दिनभर सुस्ती से राहत मिलती है. Add News18 as Preferred Source on Google अगर खाने के तरीके की बात करें तो गुड़ और भुना चना का सेवन करना बेहद आसान है. इसके लिए एक छोटा टुकड़ा गुड़ और एक मुट्ठी भुना चना लिया जाता है. दोनों को साथ में धीरे-धीरे अच्छी तरह चबाकर खाने की सलाह दी जाती है. इसे सुबह नाश्ते के समय ऊर्जा बढ़ाने के लिए या शाम को हल्के स्नैक के रूप में लिया जा सकता है. नियमित सेवन से शरीर में ताकत और ऊर्जा बनी रहती है, थकान कम होती है और दिनभर सक्रिय रहने में मदद मिलती है. गुड़ में मौजूद प्राकृतिक शुगर शरीर में जल्दी अवशोषित हो जाती है, जिससे तुरंत ऊर्जा मिलती है. वहीं भुना चना प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है, जो मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है. गुड़ और भुना चना का एक साथ सेवन करने से शरीर को कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और मिनरल्स का संतुलित संयोजन मिलता है. यह थकान कम करने, शक्ति बढ़ाने और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में प्रभावी है. नियमित सेवन से स्वास्थ्य और सहनशक्ति दोनों में सुधार आता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि सिर्फ घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार, पर्याप्त पानी पीना और नियमित आराम लेना भी बेहद जरूरी है. अगर कमजोरी और थकान लंबे समय तक बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है. इसके पीछे शरीर में पोषक तत्वों की कमी, खून की कमी या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या भी हो सकती है. समय पर सही जांच और देखभाल से समस्या को जल्दी पहचाना और ठीक किया जा सकता है, जिससे स्वास्थ्य और ऊर्जा बनाए रखना आसान हो जाता है. साथ ही जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है, उन्हें गुड़ का सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है. ऐसे लोग किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले चिकित्सकीय सलाह जरूर लें. सही मात्रा में और संतुलित आहार के साथ गुड़ और भुना चना का सेवन शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देने वाला सरल और सुरक्षित घरेलू विकल्प बन सकता है. यह थकान कम करने, शक्ति बढ़ाने और दिनभर सक्रिय रहने में मदद करता है, जिससे शरीर स्वस्थ और ऊर्जावान बना रहता है. First Published : March 17, 2026, 12:09 IST

रजनीकांत बनाम विजय फैन वॉर? टीवीके नेता की टिप्पणियों के खिलाफ मदुरै में पोस्टर लगाए गए

रजनीकांत बनाम विजय फैन वॉर? टीवीके नेता की टिप्पणियों के खिलाफ मदुरै में पोस्टर लगाए गए

टीवीके नेता आधव अर्जुन की हालिया टिप्पणी कि द्रमुक ने तमिल फिल्म सुपरस्टार रजनीकांत को “धमकी” दी थी जब उन्होंने राजनीति में प्रवेश करने की कोशिश की थी, जिससे तमिल राजनीति और गहन प्रशंसक संस्कृति में एक बड़ा विवाद पैदा हो गया है, मदुरै में एक प्रमुख रजनीकांत प्रशंसक क्लब ने माफी की मांग करते हुए पोस्टर लगाए हैं। आधव अर्जुन की कथित अपमानजनक टिप्पणियों की निंदा करते हुए, मदुरै सिटी डिस्ट्रिक्ट रजनीकांत फैंस एसोसिएशन ने पोस्टर लगाए, जिसमें लिखा था ‘दर्द, शर्म, अपमान’ और ‘समय नहीं बोलेगा लेकिन जवाब जरूर देगा’, और ‘आइए मैदान पर मिलते हैं, यह खत्म हो गया है’। रजनीकांत के मित्र और सेवानिवृत्त पुलिस एडीएसपी कुमारवेल, मदुरै सिटी डिस्ट्रिक्ट रजनी क्लब के उप सचिव अलगरसामी और सिटी रजनी क्लब के प्रशासक बल। नामचिवयन ने पत्रकारों से भी मुलाकात की. उन्होंने याद किया कि कैसे 1996 में सुपरस्टार ने तत्कालीन सत्तारूढ़ पार्टी एआईएडीएमके के खिलाफ बोला था। उन्होंने कहा, “जिसने इतनी प्रसिद्धि देखी है, उसे डरने की कोई बात नहीं है। भले ही रजनी राजनीति में नहीं हैं, फिर भी हम लोगों के लिए काम कर रहे हैं। जिन लोगों ने अभी-अभी पार्टी शुरू की है, उन्हें हमें भड़काना नहीं चाहिए।” 12 मार्च को तमिलनाडु सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान टीवीके सदस्यों को संबोधित करते हुए, टीवीके महासचिव आधव अर्जुन ने आरोप लगाया कि जब रजनीकांत ने राजनीति में प्रवेश करने की कोशिश की तो डीएमके ने उन्हें धमकी दी। अर्जुन ने कहा कि वह अभिनेता की आलोचना नहीं कर रहे थे बल्कि यह बताना चाहते थे कि टीवीके के संस्थापक विजय में इस तरह के दबाव को झेलने का साहस था। हालाँकि, उनकी टिप्पणियों की रजनी के प्रशंसकों सहित विभिन्न हलकों से सहज आलोचना हुई। रजनीकांत के पूर्व सलाहकार रा अर्जुनमूर्ति ने टिप्पणी की कड़ी निंदा की और तमिलगा वेट्री कज़गम के संस्थापक विजय से अर्जुन पर कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया। तमिलनाडु के मंत्री एस रेगुपति ने आरोप के लिए टीवीके पर हमला बोला और कहा कि विजय के नेतृत्व वाली पार्टी “झूठ” बोलकर राजनीतिक लाभ हासिल करने का प्रयास कर रही है। पत्रकारों से बात करते हुए, मंत्री ने कहा कि रजनी द्रमुक के मित्र थे और उन्होंने पार्टी के लिए समर्थन जताया था। तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने भी अर्जुन की टिप्पणी की निंदा की और इसे “सुपरस्टार रजनीकांत के खिलाफ निराधार आरोप” बताया। रजनीकांत के प्रशंसकों ने आधव अर्जुन पर अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय के अभिनेत्री तृषा कृष्णन के साथ कथित संबंध से ध्यान भटकाने के लिए टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया है, जिसे उनके चल रहे तलाक के पीछे का कारण माना जा रहा है। रजनी के फैन क्लब के सदस्य एस रवि ने संवाददाताओं से कहा, “रजनीकांत ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जो धमकियों से डरते हैं। उन्होंने सभाओं में संक्रमण फैलने के खतरे को देखते हुए महामारी के दौरान राजनीति से दूरी बना ली। वह वायरस के कारण होने वाली जान के नुकसान से बचना चाहते थे।” (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी(टी)डीएमके(टी)मदुरै(टी)रजनीकांत(टी)रजनीकांत प्रशंसक(टी)तमिलनाडु(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)टीवीके(टी)विजय

SC Industry Definition Hearing; Constitution Bench Udyog Word Hearing

SC Industry Definition Hearing; Constitution Bench Udyog Word Hearing

नई दिल्ली27 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान बेंच 17 मार्च से औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के तहत ‘उद्योग’ शब्द को परिभाषित करने के विवादित मुद्दे पर सुनवाई शुरू करेगी। बेंच की अध्यक्षता CJI सूर्यकांत करेंगे। 16 फरवरी को कोर्ट ने तय किया था कि वह उद्योग की परिभाषा, सरकारी संस्थाओं की स्थिति, NGO/चैरिटी की भूमिका और 1978 के पुराने फैसले की समीक्षा जैसे अहम मुद्दों पर यह बेंच फैसला सुनाएगी। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण क्योंकि इससे तय होगा कि कौन-कौन सी संस्थाओं पर लेबर लॉ लागू होंगे। क्या उद्योग की परिभाषा तय होने से कर्मचारियों के अधिकार (जैसे छंटनी, वेतन, यूनियन) प्रभावित होंगे। 9 जजों की बेंच में CJI सूर्यकांत, जस्टिस बीवी नागरत्ना, जस्टिस पीएस नरसिम्हा, जस्टिस दीपांकर दत्ता, जस्टिस उज्ज्वल भुइयां, जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा, जस्टिस जॉयमाल्या बागची, जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस विपुल एम पंचोली शामिल हैं। सुनवाई 18 मार्च को खत्म हो जाएगी। उद्योग शब्द पर विवाद क्यों… 1978 में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस वीआर कृष्ण अय्यर ने ‘बैंगलोर वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड’ मामले (1978) में उद्योग की विस्तृत परिभाषा दी थी। फैसले के पैराग्राफ 140 से 144 में कहा गया था कि जहां नियोक्ता और कर्मचारी का संबंध है और कोई सेवा/काम होता है, वह उद्योग हो सकता है। इस परिभाषा की वजह से सरकारी विभाग, अस्पताल, स्कूल, NGO भी उद्योग माने जाने लगे और उन पर लेबर कानून लागू हो गए। मई 2005 में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 2(j) में उद्योग शब्द की परिभाषा की व्याख्या से जुड़े इस मामले को एक बड़ी बेंच के पास भेज दिया था। बेंच ने कहा था कि बड़ी बेंच को सभी कानूनी सवालों के हर पहलू और गहराई पर विचार करना होगा। इसके बाद 2017 में तत्कालीन CJI टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली 7 जजों की बेंच ने कहा था कि उसकी राय में, उसके सामने आई अपीलों को नौ जजों की बेंच के सामने रखा जाना चाहिए, क्योंकि इस मुद्दे के गंभीर और दूरगामी असर हो सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट इन मुद्दों पर देगा फैसला… उद्योग की सही परिभाषा क्या हो: क्या हर तरह की संगठित गतिविधि को उद्योग माना जाए। या परिभाषा को सीमित किया जाए। क्या सरकारी विभाग भी उद्योग हैं: क्या सरकार के विभाग जैसे नगरपालिका, अस्पताल, शिक्षा संस्थान) भी उद्योग माने जाएंगे, या इन्हें अलग रखा जाए। गैर-लाभकारी संस्थाएं NGO उद्योग हैं या नहीं: क्या NGO, चैरिटी, ट्रस्ट जैसी संस्थाएं उद्योग की कैटेगरी में आएंगी। श्रमिक-नियोक्ता संबंध: क्या केवल वही जगह उद्योग होगी जहां साफ तौर पर नियोक्ता-कर्मचारी में संबंध हो, या विस्तृत परिभाषा लागू होगी। सॉवरेन फंक्शन का दायरा: सरकार के कौन-कौन से काम जैसे पुलिस, रक्षा उद्योग से बाहर रहेंगे। 1978 के फैसले की समीक्षा: क्या 1978 में बेंगलुरु वाटर सप्लाई केस की व्यापक परिभाषा सही है, या उसे संबदला जाए, या उसका दायरा छोटा किया जाए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Salim Khan Discharged From Lilavati Hospital

Salim Khan Discharged From Lilavati Hospital

25 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के पिता और स्क्रिप्ट राइटर सलीम खान आज मुंबई के लीलावती अस्पताल से डिस्चार्ज होंगे। 90 साल के सलीम खान को ब्रेन हेमरेज के कारण 17 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब एक महीने तक चले इलाज के बाद अब उनकी तबीयत में काफी सुधार है और डॉक्टर्स ने उन्हें घर जाने की अनुमति दे दी है। उन्हें आज शाम तक हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया जाएगा। सलमान खान लगातार अपने पिता का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचते रहे हैं। एक महीने से लीलावती अस्पताल में थे भर्ती सलीम खान सीनियर कंसल्टेंट डॉ. जलील पारकर की देखरेख में थे। अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, बढ़ती उम्र की वजह से उन्हें कुछ कॉम्प्लिकेशंस हो रहे थे। जांच में मामूली ब्रेन हैमरेज की बात सामने आई थी, जिसके बाद न्यूरोसर्जन डॉ. नितिन डांगे ने उनकी एक छोटी सर्जरी (DSA प्रोसीजर) की थी। उनकी उम्र को देखते हुए रिकवरी में थोड़ा समय लगा, लेकिन अब वे पूरी तरह स्टेबल हैं। अपने पूरे परिवार के साथ राइटर सलीम खान। शुरुआती इलाज में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहे सलीम इलाज के शुरुआती दौर में सलीम खान को कुछ समय के लिए वेंटिलेटर पर भी रखा गया था। डॉ. जलील पारकर ने बताया था कि हैमरेज के बाद छोटा प्रोसीजर जरूरी था जो सफल रहा। हाल ही में एक इफ्तार पार्टी के दौरान अरबाज खान ने पैपराजजी से बात करते हुए बताया था कि पिता की सेहत अब काफी बेहतर है और वे सुधार कर रहे हैं। हाल जानने पहुंचे थे शाहरुख और आमिर खान सलीम खान के अस्पताल में रहने के दौरान पूरा खान परिवार उनके साथ खड़ा रहा। बेटे सलमान खान, अरबाज खान और सोहेल खान लगातार अस्पताल के पहुंचते रहे। शाहरुख खान और आमिर खान भी सलीम खान का हाल जानने अस्पताल पहुंचे थे। इसके अलावा, सलीम खान के पुराने साथी और दिग्गज लेखक जावेद अख्तर ने भी अस्पताल जाकर अपने दोस्त की सेहत की जानकारी ली थी। आमिर खान दो बार सलीम खान का हाल जानने लीलावती अस्पताल जा चुके हैं। एक्टिंग से शुरू हुआ था करियर सलीम खान ने 60 के दशक में बतौर अभिनेता अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने ‘तीसरी मंजिल’ जैसी फिल्मों में छोटे रोल किए, लेकिन बाद में उन्होंने राइटिंग को अपना पेशा बनाया। 60 के दशक के अंत में उनकी मुलाकात जावेद अख्तर से हुई और ‘सलीम-जावेद’ की आइकॉनिक जोड़ी बनी। इस जोड़ी ने ‘शोले’, ‘दीवार’, ‘जंजीर’, ‘डॉन’ और ‘मिस्टर इंडिया’ जैसी 24 फिल्में लिखीं, जिनमें से 20 फिल्में ब्लॉकबस्टर रहीं। 1982 में जावेद अख्तर से अलग होने के बाद भी उन्होंने ‘नाम’ और ‘प्यार किया तो डरना क्या’ जैसी सुपरहिट फिल्में दीं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

युवक पर धर्मविरोधी रील बनाने का आरोप:हिंदू संगठनों ने सौंपा ज्ञापन, पहले भी कर चुका है टिप्पणी

युवक पर धर्मविरोधी रील बनाने का आरोप:हिंदू संगठनों ने सौंपा ज्ञापन, पहले भी कर चुका है टिप्पणी

दमोह जिले के पटेरा थाना क्षेत्र में एक युवक पर सोशल मीडिया पर धर्मविरोधी रील वायरल करने का आरोप लगा है। इसके विरोध में सोमवार रात हिंदू संगठनों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और गौ रक्षक सेवा समिति ने पटेरा थाने में यह ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देते हुए शिवा चौरसिया ने बताया कि पटेरा के वार्ड 13 निवासी समीर खांन नामक युवक ने सोशल मीडिया पर एक रील साझा की है। आरोप है कि इस रील में पाकिस्तान का समर्थन करते हुए हिंदुओं के खिलाफ धर्मविरोधी शब्दों का प्रयोग किया गया है। पहले भी टिप्पणी कर चुका है युवक संगठनों ने यह भी बताया कि समीर खांन ने पहले भी बागेश्वर धाम महाराज के विरुद्ध टिप्पणी की थी। उस समय शिकायत के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी ने युवक को समझाकर माफी मंगवाई थी। हालांकि, अब उसने दोबारा धर्मविरोधी रील वायरल की है, जिस पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। पटेरा थाने में पदस्थ एसआई संतोष सिंह ने पुष्टि की कि हिंदू संगठनों द्वारा ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर ठोस कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन सौंपते समय मोनू विश्वकर्मा, संस्कार सोनी, मोनू यादव, सौरव असाटी, मनीष खरे, छोटू साहू सहित कई अन्य सदस्य मौजूद थे।

राज्यसभा चुनाव: तेजस्वी यादव के समर्थकों पर जदयू का बड़ा बयान, एडी सिंह की हार का कारण कौन?

राज्यसभा चुनाव: तेजस्वी यादव के समर्थकों पर जदयू का बड़ा बयान, एडी सिंह की हार का कारण कौन?

बिहार के पांचवे संग्रहालय में मेहमानों की जीत हुई है। प्रतिभा से एडी सिंह उम्मीदवार थे लेकिन वे हार गए। रिजल्ट के बाद अधेड़ और तेज तर्रार यादव की ओर से लगाए गए कई गंभीर आरोप। इस बीच अब नामांकन की ओर से बड़ा बयान आया है. मंगलवार (17 मार्च, 2026) को मीडिया से बातचीत में नामांकित के प्रवक्ता नीरज कुमार ने करारा जवाब दिया। निरंजन ने कहा, “राज्यसभा चुनाव में राजाओं की शानदार विजय और शानदार कुमार की शानदार विजय हुई है, जिसका नेतृत्व तेजतेज यादव कर रहे थे।” आगे ने कहा, “वे बिहार से लड़के हो गए और हम पर आरोप लगाया गया कि उनकी बेइज्जती खत्म हो गई और धमाका हो गया, लेकिन उन्होंने ऐसा कोई प्रतीकात्मक पेश नहीं किया…:” #घड़ी | दिल्ली: जदयू नेता नीरज कुमार ने राज्यसभा चुनाव के बारे में कहा, “राज्यसभा चुनाव में एनडीए की शानदार जीत और विरासत की शर्मनाक जीत हुई है, जिसका नेतृत्व कर्ता युवा यादव कर रहे थे। वे बिहार से भाग गए थे और हम पर आरोप लगाया जा रहा है कि उनके संबंधों को डराया और धमाका किया गया है…” pic.twitter.com/PzRz6aXTne – ANI_हिन्दीन्यूज़ (@Aहिन्दीन्यूज़) 17 मार्च 2026 यह भी पढ़ें- राज्यसभा चुनाव रिजल्ट: बेटे निशांत ने पिता को दी ऐसी बधाई, बोले- ‘एक बेटे के रूप में…’ युवा यादव हार के कारण:नीरज कुमार नोएडा नेताओं ने आगे कहा, “आपकी अंशकालिक टीम एआईएमआईएम ने अपना उम्मीदवार नहीं बनाया और धनबल वाले को दावेदार बनाया…होटल के बिल का भुगतान किया?…गैस की दुकान की जो बात उठा रहे थे, वहां होटल में क्या लकड़ी के चूल्हे पर खाना मांगा गया? इन लोकप्रिय बातों की जानकारी दें…” नीरज कुमार ने कहा कि कांग्रेस पूर्व में भी कहा गया है कि युवा यादव हार के कारक हैं। उधर, नामांकन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा, “…कौन सा नेता आया या नहीं आया, उस पार्टी को देखना चाहिए। हमारे सभी स्वतंत्र नेता थे…” यह भी पढ़ें- बिहार में राज्यसभा चुनाव हारे वाले राजद के उम्मीदवार एडी सिंह का बड़ा बयान, कहा- ‘बड़ी सिंपल बात है…’ (टैग्सटूट्रांसलेट)राज्यसभा चुनाव(टी)राज्यसभा चुनाव 2026(टी)राज्यसभा चुनाव परिणाम 2026(टी)राज्यसभा चुनाव परिणाम(टी)जेडीयू(टी)तेजस्वी यादव(टी)आरजेडी(टी)एडी सिंह(टी)बीजेपी(टी)एनडीए(टी)कांग्रेस(टी)बिहार समाचार(टी)राज्यसभा चुनाव(टी)राज्यसभा चुनाव 2026(टी)राज्यसभा चुनाव परिणाम 2026(टी)राज्यसभा चुनाव परिणाम(टी)जदयू(टी)तेजस्वी यादव(टी)राजद(टी)एडी सिंह(टी)भाजपा(टी)एनडीए(टी)कांग्रेस(टी)बिहार समाचार(टी)राज्यसभा चुनाव बिहार(टी)बिहार(टी)बिहार समाचार(टी)बिहार की खबरें(टी)आज की खबरें

संजय दत्त-नोरा फतेही का गाना सरके चुनर तेरी विवादों में:एडवोकेट की चंडीगढ़ SSP को शिकायत, कहा- सॉन्ग में डबल मीनिंग बोल, बैन किया जाए

संजय दत्त-नोरा फतेही का गाना सरके चुनर तेरी विवादों में:एडवोकेट की चंडीगढ़ SSP को शिकायत, कहा- सॉन्ग में डबल मीनिंग बोल, बैन किया जाए

अप्रैल में रिलीज होने वाली फिल्म केडी: द डेविल के गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके को लेकर विवाद हो गया है। चंडीगढ़ काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन एवं पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के ‌एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य ने मंगलवार को चंडीगढ़ के एसएसपी को शिकायत दी है। उन्होंने कहा कि गाने में डबल मीनिंग बोल हैं। इसके साथ आपत्तिजनक सीन दिखाए गए हैं। यह न सिर्फ समाज की शालीनता के खिलाफ है, बल्कि खासकर बच्चों और कम उम्र के युवाओं के मन पर बुरा असर डाल सकता है। यह सार्वजनिक शालीनता के लिए अपमानजनक है इस गाने में नोरा फतेही और संजय दत्त नजर आए हैं, जबकि इसके गीतकार रकीब आलम हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने की मांग पुलिस से उन्होंने मांग की है कि वायरल हो रहे अश्लील गाने के मामले में तुरंत BNS की धारा 294, 296, 79 तथा आईटी एक्ट की धारा 67 व 67A के तहत FIR दर्ज की जाए और गाना सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाए, क्योंकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर अश्लीलता को बढ़ावा देना कानूनन अपराध है। गृहमंत्री अमित शाह को भी भेजी शिकायत इस पर सख्त से सख्त कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि सेंसर बोर्ड ने ये गाना कैसे रिलीज होने दिया। शिकायत की कॉपी गृहमंत्री अमित शाह को भी भेजी गई है। उन्होंने कहा कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। जरूरत पड़ी तो कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया जाएगा। लोगों का भी फूटा गुस्सा गाने को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा देखने को मिल रहा है, कई यूजर्स इसे ‘वलगर’ और ‘भद्दा’ बता रहे हैं। सिंगर अरमान मलिक ने भी एक्स पर पोस्ट कर गाने के लिरिक्स पर नाराजगी जताई है। 5 भाषाओं में गाना रिलीज हुआ है यह गाना दो दिन पहले 15 मार्च को रिलीज हुआ। इस गाने को बेंगलुरु के एएमबी सिनेमाज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लॉन्च किया गया था। यह गाना केवल हिंदी ही नहीं, बल्कि कन्नड़, तेलुगु, तमिल और मलयालम भाषाओं में भी एक साथ रिलीज किया गया है। यह फिल्म 30 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

President Droupadi Murmu Ayodhya Mathura Vrindavan Visit; Ram Janmabhoomi Temple

President Droupadi Murmu Ayodhya Mathura Vrindavan Visit; Ram Janmabhoomi Temple

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू वृंदावन में संत प्रेमानंदजी महाराज से मिलने आ रही हैं। वह 19 से 21 मार्च तक तीन दिन यूपी में रहेंगी। . राष्ट्रपति मुर्मू अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगी। श्रीरामयंत्र स्थापित करेंगी। मथुरा- वृंदावन में इस्कॉन और प्रेम मंदिर सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जाएंगी। 20 मार्च को राष्ट्रपति संत उड़िया बाबा के निर्वाण दिवस पर उनके आश्रम पहुंचकर समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगी। संत उड़िया बाबा की जन्मस्थली ओडिशा है। राष्ट्रपति मुर्मू भी वहीं की रहने वाली हैं।धर्मनगरी में करीब 50 घंटे का राष्ट्रपति का दौरा कितना खास, कहां-कहां जाएंगी, जिन जगहों पर जाएंगी उनका महत्व क्या? सबकुछ जानिए… राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अयोध्या-मथुरा में करीब 50 घंटे रहेंगी। पहले बात राष्ट्रपति के अयोध्या दौरे की… राष्ट्रपति का दौरा इसलिए भी खास है, क्योंकि 19 मार्च को हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि शुरू हो रहा है, उसी दिन द्रौपदी मुर्मू रामनगरी पहुंचेंगी। इस मौके पर वे राम मंदिर परिसर में आयोजित विशेष धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर श्री राम यंत्र का विधि-विधान से पूजन करेंगी। राम मंदिर के दूसरे फ्लोर पर स्थापित होगा यंत्र श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में स्थापित किए जाने वाले दिव्य श्रीराम यंत्र को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस यंत्र की स्थापना मंदिर के दूसरे तल पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों कराई जाएगी। प्राण-प्रतिष्ठित इस यंत्र का पूजन रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ ही नियमित रूप से राम मंदिर में किया जा रहा है। अब इसे औपचारिक रूप से मंदिर के दूसरे तल पर स्थापित किया जाएगा। यंत्र 150 किलो वजनी, सोने की परत चढ़ी है करीब 150 किलोग्राम वजन वाले इस श्रीराम यंत्र पर सोने की परत चढ़ाई गई है। इसे कांचीपुरम मठ के मुख्यालय में स्थापित प्राचीन यंत्र के आधार पर तैयार किया गया है। यंत्र पर भगवान श्रीराम समेत अन्य देवी-देवताओं के विभिन्न वैदिक मंत्र अंकित हैं, जिन्हें अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यह यंत्र पहले कांचीपुरम से तिरुपति लाया गया था। इसके बाद एक भव्य रथयात्रा के माध्यम से करीब दो हजार किलोमीटर की यात्रा तय कर अयोध्या पहुंचाया गया। इस यात्रा के दौरान कई राज्यों में श्रद्धालुओं ने यंत्र के दर्शन कर पूजा-अर्चना की थी। अब मथुरा में राष्ट्रपति का कार्यक्रम जानिए… राष्ट्रपति सबसे पहले इस्कॉन मंदिर जाएंगी अयोध्या से 19 मार्च को ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सेना के हेलीपैड से नेशनल हाईवे होते हुए शाम करीब 5:35 पर वृंदावन स्थित रेडिसन होटल आएंगी। यहां से वह शाम 6:30 बजे इस्कॉन मंदिर जाएंगी। जहां वह एक घंटे तक रहेंगी। यहां वह भगवान कृष्ण- बलराम, राधा-कृष्ण और निताई गौर के दर्शन करेंगी। मुर्मू वृंदावन दो बार आने वाली तीसरी राष्ट्रपति हैं। वृंदावन इस्कॉन की स्थापना राम नवमी के दिन 1975 में की गई थी। प्रेम मंदिर जाएंगी राष्ट्रपति राष्ट्रपति मुर्मू इस्कॉन मंदिर के बाद 19 मार्च की देर शाम प्रेम मंदिर जाएंगी। जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा बनाए गए प्रेम मंदिर में वह भगवान कृष्ण के दर्शन करेंगी। प्रेम मंदिर का उद्घाटन 17 फरवरी, 2012 को हुआ था। प्रेम मंदिर जनवरी, 2001 में बनना शुरू हुआ था। 12 साल में बनकर तैयार हुए इस मंदिर में सफेद इटैलियन पत्थर का इस्तेमाल किया गया है। यहां आने वाले लोग भगवान के दर्शन करने के साथ-साथ शाम के समय होने वाली लाइटिंग देखने के लिए आते हैं। राष्ट्रपति यहां भगवान की आरती में भी शामिल होंगी। केली कुंज आश्रम में करेंगी संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात राष्ट्रपति दौरे के दूसरे दिन यानी 20 मार्च की शुरुआत संत प्रेमानंद महाराज के साथ आध्यात्मिक चर्चा से होगी। संभावित समय के अनुसार वह सुबह 7:25 पर रमण रेती स्थित केली कुंज आश्रम पहुंचेंगी। जहां वह 8 बजे तक रहकर संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन कर उनसे आध्यात्मिक चर्चा करेंगी। राधारानी की भक्ति में लीन प्रेमानंद महाराज। क्रिकेटर विराट कोहली और एक्ट्रेस अनुष्का ने संत प्रेमानंद से दीक्षा ली थी। संत प्रेमानंद महाराज राधा रानी के अनन्य भक्त हैं। उनके भक्त मानते हैं कि किडनी न होने के बाबजूद वह राधारानी की कृपा से सकुशल हैं। पिछले कुछ वर्षों से उनका सोशल मीडिया पर तेजी से प्रचार बढ़ा तो उनके अनुयायियों की संख्या लाखों में पहुंच गई। विराट-अनुष्का जैसे सेलेब्रिटी संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य संत प्रेमानंद महाराज वर्तमान में प्रतिष्ठा के शिखर पर हैं। उनके शिष्यों में प्रसिद्ध क्रिकेटर विराट कोहली, उनकी पत्नी और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा, WWE चैंपियन रिंकू सिंह के अलावा अन्य नामचीन हस्तियों के नाम हैं। उनसे मिलने संघ प्रमुख मोहन भागवत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के अलावा राजनीतिक, फिल्मी जगत, खेल जगत, आध्यात्मिक जगत, सांस्कृतिक जगत की हस्तियां आ चुकी हैं। बाबा नीब करौरी की समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात करने के बाद होटल जाएंगी। जहां से सुबह 11:10 बजे हनुमानजी के अनन्य भक्त और उनका कलयुग में स्वरूप माने जाने वाले बाबा नीब करौरी के परिक्रमा मार्ग स्थित आश्रम जाएंगी। जहां वह बाबा नीब करौरी की समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगी। इस दौरान वह हनुमान जी के दर्शन करेंगी। राष्ट्रपति के आश्रम पहुंचने पर उनका प्रबंधन बाबा का प्रसादी कंबल और लड्डू प्रसाद देकर स्वागत करेगा। 1973 में बाबा ने त्यागा था शरीर बाबा नीब करौरी ने 11 सितंबर 1973 में वृंदावन के इसी आश्रम में अपना शरीर छोड़ा था। बाबा कैंची धाम जा रहे थे, लेकिन अचानक उन्होंने वृंदावन जाने का प्रोग्राम बनाया। बाबा जैसे ही वृंदावन में प्रवेश किए, उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा। बाबा आश्रम पहुंचे और अपना शरीर त्याग दिया। बाबा के गोलोक गमन के बाद उनका यहां समाधि स्थल बना हुआ है। इसके साथ ही ध्यान कक्ष है, जहां बाबा ध्यान लगाते थे। राष्ट्रपति यहां आधे घंटे तक रहेंगी। उड़िया बाबा की समाधि के करेंगी दर्शन बाबा नीब करौरी के समाधि स्थल से राष्ट्रपति का काफिला दावानल कुंड स्थित उड़िया बाबा आश्रम पहुंचेगा। जहां वह जगन्नाथ पूरी के राजगुरु के परिवार के सदस्य आर्थ प्राण मिश्रा उर्फ स्वामी पूर्णानंद तीर्थ उर्फ उड़िया बाबा की समाधि के दर्शन करेंगी। 1875 में जन्मे आर्थ प्राण मिश्रा ने जब पूरी शंकराचार्य से दंड संन्यास लिया तो उनका नाम स्वामी पूर्णानंद तीर्थ हो गया। बाबा 1913 में जब वृंदावन आए तो उनको ब्रजवासी उड़ीसा से आने