Monday, 25 May 2026 | 10:21 PM

Trending :

EXCLUSIVE

President Droupadi Murmu Ayodhya Mathura Vrindavan Visit; Ram Janmabhoomi Temple

President Droupadi Murmu Ayodhya Mathura Vrindavan Visit; Ram Janmabhoomi Temple

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू वृंदावन में संत प्रेमानंदजी महाराज से मिलने आ रही हैं। वह 19 से 21 मार्च तक तीन दिन यूपी में रहेंगी।

.

राष्ट्रपति मुर्मू अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगी। श्रीरामयंत्र स्थापित करेंगी। मथुरा- वृंदावन में इस्कॉन और प्रेम मंदिर सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जाएंगी।

20 मार्च को राष्ट्रपति संत उड़िया बाबा के निर्वाण दिवस पर उनके आश्रम पहुंचकर समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगी। संत उड़िया बाबा की जन्मस्थली ओडिशा है। राष्ट्रपति मुर्मू भी वहीं की रहने वाली हैं।धर्मनगरी में करीब 50 घंटे का राष्ट्रपति का दौरा कितना खास, कहां-कहां जाएंगी, जिन जगहों पर जाएंगी उनका महत्व क्या? सबकुछ जानिए

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अयोध्या-मथुरा में करीब 50 घंटे रहेंगी।

पहले बात राष्ट्रपति के अयोध्या दौरे की…

राष्ट्रपति का दौरा इसलिए भी खास है, क्योंकि 19 मार्च को हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि शुरू हो रहा है, उसी दिन द्रौपदी मुर्मू रामनगरी पहुंचेंगी। इस मौके पर वे राम मंदिर परिसर में आयोजित विशेष धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर श्री राम यंत्र का विधि-विधान से पूजन करेंगी।

राम मंदिर के दूसरे फ्लोर पर स्थापित होगा यंत्र श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में स्थापित किए जाने वाले दिव्य श्रीराम यंत्र को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस यंत्र की स्थापना मंदिर के दूसरे तल पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों कराई जाएगी। प्राण-प्रतिष्ठित इस यंत्र का पूजन रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ ही नियमित रूप से राम मंदिर में किया जा रहा है। अब इसे औपचारिक रूप से मंदिर के दूसरे तल पर स्थापित किया जाएगा।

यंत्र 150 किलो वजनी, सोने की परत चढ़ी है करीब 150 किलोग्राम वजन वाले इस श्रीराम यंत्र पर सोने की परत चढ़ाई गई है। इसे कांचीपुरम मठ के मुख्यालय में स्थापित प्राचीन यंत्र के आधार पर तैयार किया गया है।

यंत्र पर भगवान श्रीराम समेत अन्य देवी-देवताओं के विभिन्न वैदिक मंत्र अंकित हैं, जिन्हें अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।

यह यंत्र पहले कांचीपुरम से तिरुपति लाया गया था। इसके बाद एक भव्य रथयात्रा के माध्यम से करीब दो हजार किलोमीटर की यात्रा तय कर अयोध्या पहुंचाया गया। इस यात्रा के दौरान कई राज्यों में श्रद्धालुओं ने यंत्र के दर्शन कर पूजा-अर्चना की थी।

अब मथुरा में राष्ट्रपति का कार्यक्रम जानिए…

राष्ट्रपति सबसे पहले इस्कॉन मंदिर जाएंगी अयोध्या से 19 मार्च को ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सेना के हेलीपैड से नेशनल हाईवे होते हुए शाम करीब 5:35 पर वृंदावन स्थित रेडिसन होटल आएंगी। यहां से वह शाम 6:30 बजे इस्कॉन मंदिर जाएंगी। जहां वह एक घंटे तक रहेंगी। यहां वह भगवान कृष्ण- बलराम, राधा-कृष्ण और निताई गौर के दर्शन करेंगी। मुर्मू वृंदावन दो बार आने वाली तीसरी राष्ट्रपति हैं।

वृंदावन इस्कॉन की स्थापना राम नवमी के दिन 1975 में की गई थी।

वृंदावन इस्कॉन की स्थापना राम नवमी के दिन 1975 में की गई थी।

प्रेम मंदिर जाएंगी राष्ट्रपति राष्ट्रपति मुर्मू इस्कॉन मंदिर के बाद 19 मार्च की देर शाम प्रेम मंदिर जाएंगी। जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा बनाए गए प्रेम मंदिर में वह भगवान कृष्ण के दर्शन करेंगी। प्रेम मंदिर का उद्घाटन 17 फरवरी, 2012 को हुआ था। प्रेम मंदिर जनवरी, 2001 में बनना शुरू हुआ था।

12 साल में बनकर तैयार हुए इस मंदिर में सफेद इटैलियन पत्थर का इस्तेमाल किया गया है। यहां आने वाले लोग भगवान के दर्शन करने के साथ-साथ शाम के समय होने वाली लाइटिंग देखने के लिए आते हैं। राष्ट्रपति यहां भगवान की आरती में भी शामिल होंगी।

केली कुंज आश्रम में करेंगी संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात राष्ट्रपति दौरे के दूसरे दिन यानी 20 मार्च की शुरुआत संत प्रेमानंद महाराज के साथ आध्यात्मिक चर्चा से होगी। संभावित समय के अनुसार वह सुबह 7:25 पर रमण रेती स्थित केली कुंज आश्रम पहुंचेंगी। जहां वह 8 बजे तक रहकर संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन कर उनसे आध्यात्मिक चर्चा करेंगी।

राधारानी की भक्ति में लीन प्रेमानंद महाराज। क्रिकेटर विराट कोहली और एक्ट्रेस अनुष्का ने संत प्रेमानंद से दीक्षा ली थी।

राधारानी की भक्ति में लीन प्रेमानंद महाराज। क्रिकेटर विराट कोहली और एक्ट्रेस अनुष्का ने संत प्रेमानंद से दीक्षा ली थी।

संत प्रेमानंद महाराज राधा रानी के अनन्य भक्त हैं। उनके भक्त मानते हैं कि किडनी न होने के बाबजूद वह राधारानी की कृपा से सकुशल हैं। पिछले कुछ वर्षों से उनका सोशल मीडिया पर तेजी से प्रचार बढ़ा तो उनके अनुयायियों की संख्या लाखों में पहुंच गई।

विराट-अनुष्का जैसे सेलेब्रिटी संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य संत प्रेमानंद महाराज वर्तमान में प्रतिष्ठा के शिखर पर हैं। उनके शिष्यों में प्रसिद्ध क्रिकेटर विराट कोहली, उनकी पत्नी और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा, WWE चैंपियन रिंकू सिंह के अलावा अन्य नामचीन हस्तियों के नाम हैं। उनसे मिलने संघ प्रमुख मोहन भागवत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के अलावा राजनीतिक, फिल्मी जगत, खेल जगत, आध्यात्मिक जगत, सांस्कृतिक जगत की हस्तियां आ चुकी हैं।

बाबा नीब करौरी की समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात करने के बाद होटल जाएंगी। जहां से सुबह 11:10 बजे हनुमानजी के अनन्य भक्त और उनका कलयुग में स्वरूप माने जाने वाले बाबा नीब करौरी के परिक्रमा मार्ग स्थित आश्रम जाएंगी। जहां वह बाबा नीब करौरी की समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगी। इस दौरान वह हनुमान जी के दर्शन करेंगी। राष्ट्रपति के आश्रम पहुंचने पर उनका प्रबंधन बाबा का प्रसादी कंबल और लड्डू प्रसाद देकर स्वागत करेगा।

1973 में बाबा ने त्यागा था शरीर बाबा नीब करौरी ने 11 सितंबर 1973 में वृंदावन के इसी आश्रम में अपना शरीर छोड़ा था। बाबा कैंची धाम जा रहे थे, लेकिन अचानक उन्होंने वृंदावन जाने का प्रोग्राम बनाया। बाबा जैसे ही वृंदावन में प्रवेश किए, उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा। बाबा आश्रम पहुंचे और अपना शरीर त्याग दिया। बाबा के गोलोक गमन के बाद उनका यहां समाधि स्थल बना हुआ है। इसके साथ ही ध्यान कक्ष है, जहां बाबा ध्यान लगाते थे। राष्ट्रपति यहां आधे घंटे तक रहेंगी।

उड़िया बाबा की समाधि के करेंगी दर्शन बाबा नीब करौरी के समाधि स्थल से राष्ट्रपति का काफिला दावानल कुंड स्थित उड़िया बाबा आश्रम पहुंचेगा। जहां वह जगन्नाथ पूरी के राजगुरु के परिवार के सदस्य आर्थ प्राण मिश्रा उर्फ स्वामी पूर्णानंद तीर्थ उर्फ उड़िया बाबा की समाधि के दर्शन करेंगी। 1875 में जन्मे आर्थ प्राण मिश्रा ने जब पूरी शंकराचार्य से दंड संन्यास लिया तो उनका नाम स्वामी पूर्णानंद तीर्थ हो गया।

बाबा 1913 में जब वृंदावन आए तो उनको ब्रजवासी उड़ीसा से आने के कारण उड़िया बाबा कहने लगे। उड़िया बाबा का यह नाम अब तक प्रसिद्ध हो गया। उड़िया बाबा महाराज का जन्म ओडिशा में हुआ था। वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी ओडिशा से हैं। इसी कारण दोनों का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंध एक ही प्रदेश की पवित्र भूमि से जुड़ता है।

संत प्रेमानंद महाराज भी पढ़ते हैं उड़िया बाबा के उपदेश संत स्वामी पूर्णानंद तीर्थ उर्फ उड़िया बाबा के बारे में कहा जाता है, वह वृंदावन आने वाले पहले संत थे। उड़िया बाबा 1913 में वृंदावन आए थे। संत प्रेमानंद महाराज भी उड़िया बाबा के उपदेश पुस्तक के बारे में कहते हैं- यह उनके जीवन गाइड है। इसने ऐसा गाइड किया है कि आजतक दूर नहीं कर पाए।

कैंसर विभाग का करेंगी उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का काफिला उड़िया बाबा आश्रम से 20 मार्च की दोपहर 12:30 मथुरा वृंदावन रोड स्थित रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल पहुंचेगा। जहां वह रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में नए ऑन्कोलॉजी ब्लॉक (कैंसर विभाग) का उद्घाटन करेंगी।

रामकृष्ण मिषन सेवाश्रम अस्पताल में कैंसर ब्लॉक के उद्घाटन के लिए वृन्दावन रामकृष्ण मठ एवं मिशन के सचिव स्वामी सुप्रकाषानंद महाराज और सह सचिव स्वामी कालीकृष्णानंद महाराज ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को निमंत्रण दिया था।

वृंदावन रोड स्थित रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल का कैंसर विभाग।

वृंदावन रोड स्थित रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल का कैंसर विभाग।

स्वामी कालीकृष्णानंद महाराज ने बताया, यह चार मंजिला कैंसर ब्लॉक आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। अत्याधुनिक चिकित्सा संसाधनों से लैस इस कैंसर ब्लॉक में रेडियोथेरेपी, ब्रेकीथेरेपी, आधुनिक कैंसर सर्जरी, कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, हार्मोन थेरेपी, RT-CT स्कैन और PET-CT स्कैन जैसी जांच और उपचार सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इसके साथ ही यहां जनरल वार्ड, डे-केयर यूनिट, फार्मेसी और प्राइवेट केबिन जैसी व्यवस्थाएं भी होंगी।

उन्होंने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के लिए यह अत्याधुनिक कैंसर उपचार केंद्र होगा, जहां लगभग सभी प्रकार के कैंसर के इलाज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

साध्वी ऋतम्भरा से करेंगी मुलाकात राष्ट्रपति रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल में एक घंटे रहने के बाद वापस होटल जाएंगी। दोपहर को आराम करने के बाद राष्ट्रपति शाम 5:10 पर साध्वी ऋतम्भरा के आश्रम वात्सल्य ग्राम जाएंगी। यहां वह पद्मश्री साध्वी ऋतम्भरा से मुलाकात करेंगी और उन बच्चियों से मिलेंगी] जिनका कोई अपना न होने पर वात्सल्य ग्राम में आश्रय दिया गया है। यहां राष्ट्रपति उन महिलाओं से भी मुलाकात करेंगी जो यहां दादी, नानी, मौसी बनकर बेसहारा बच्चियों के साथ रिश्ता निभा रही हैं।

21 किलोमीटर की करेंगी परिक्रमा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने दौरे के तीसरे दिन यानी 21 मार्च की सुबह करीब 9 बजे वृंदावन से गोवर्धन के लिए रवाना हो जाएंगी। जहां वह दानघाटी मंदिर पहुंच कर पूजा-अर्चना करेंगी और गिरिराज जी का दूध से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति गोवर्धन की 21 किलोमीटर की गोल्फ कार्ट से परिक्रमा करेंगी। राष्ट्रपति उसी दिन गोवर्धन स्थित हेलीपैड से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी।

राष्ट्रपति गिरिराज जी की परिक्रमा करेंगी।

राष्ट्रपति गिरिराज जी की परिक्रमा करेंगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के वृंदावन और गोवर्धन दौरे को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अधिकारी वृंदावन की सड़कों को दुरुस्त करा रहे हैं, तो रास्ते में पड़ने वाली सभी दीवारों पर पेंट किया जा रहा है। इन दीवारों पर भगवान की पेंटिंग बनाई जा रही हैं। बिजली विभाग खंभों, झूलते तारों को दुरुस्त करा रहा है। जिन सड़कों को वर्षों से लोग बनवाने की मांग कर रहे थे, वह अब तेजी से सही की जा रही हैं।

———————

ये खबर भी पढ़ें…

शंकराचार्य की ‘चतुरंगिणी’ सेना कैसी होगी?:योद्धाओं की पीली ड्रेस; हाथ में तलवार-भाले; सेनापति खुद अविमुक्तेश्वरानंद

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अपनी सेना तैयार कर रहे हैं। इसके सेनापति खुद शंकराचार्य होंगे। टास्क वो खुद देंगे, उनके आदेश पर ये सेना पूरे देश में मूवमेंट करेगी।अभी मौजूदा वक्त में 3 तरह के टास्क होंगे। पहला- गोरक्षा। दूसरा- धर्म की रक्षा। तीसरा- मंदिर रक्षा। इस सेना को बनाने की शुरुआत हिंदू नववर्ष यानी 19 मार्च से होगी। इस सेना में कोई नागा साधु नहीं, ब्लकि आम लोग होंगे। पढ़ें पूरी खबर

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
ट्रम्प आज अमेरिकी संसद को संबोधित करेंगे:ईरान-गाजा और टैरिफ पर बयान दे सकते हैं; एपस्टीन सेक्स स्कैंडल की कई पीड़ित शामिल होंगी

February 25, 2026/
2:20 am

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में दूसरे कार्यकाल का दूसरा ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ भाषण देंगे। इस...

पश्चिम बंगाल एग्जिट पोल 2026: इस एग्जिट पोल में कांग्रेस की 'बल्ले-बल्ले', बंगाल में पांच गुना पार्टी का फायदा, फिर रह गईं टीएमसी-बीजेपी

April 30, 2026/
7:25 am

पश्चिम बंगाल में रविवार (29 अप्रैल 2026) को दूसरे चरण का मतदान समाप्त हो गया है। इसके साथ ही सामने...

हरियाणा बीजेपी: बंगाल और असम के बाद यहां बीजेपी की बम्पर जीत, पीएम मोदी ने किया शानदार स्वागत

May 14, 2026/
9:37 am

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को हरियाणा नगर के प्रमुखों को चुनाव में शानदार जीत दिलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी...

Kolkata Knight Riders' Finn Allen plays a shot during the Indian Premier League cricket match between Delhi Capitals and Kolkata Knight Riders in New Delhi, India, Friday, May 8, 2026. (AP Photo/Manish Swarup)

May 8, 2026/
11:49 pm

आखरी अपडेट:08 मई, 2026, 23:49 IST कई दिनों की गहन बातचीत और राजनीतिक गतिरोध के बाद तमिलनाडु में राज्यपाल के...

राजनीति

President Droupadi Murmu Ayodhya Mathura Vrindavan Visit; Ram Janmabhoomi Temple

President Droupadi Murmu Ayodhya Mathura Vrindavan Visit; Ram Janmabhoomi Temple

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू वृंदावन में संत प्रेमानंदजी महाराज से मिलने आ रही हैं। वह 19 से 21 मार्च तक तीन दिन यूपी में रहेंगी।

.

राष्ट्रपति मुर्मू अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगी। श्रीरामयंत्र स्थापित करेंगी। मथुरा- वृंदावन में इस्कॉन और प्रेम मंदिर सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जाएंगी।

20 मार्च को राष्ट्रपति संत उड़िया बाबा के निर्वाण दिवस पर उनके आश्रम पहुंचकर समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगी। संत उड़िया बाबा की जन्मस्थली ओडिशा है। राष्ट्रपति मुर्मू भी वहीं की रहने वाली हैं।धर्मनगरी में करीब 50 घंटे का राष्ट्रपति का दौरा कितना खास, कहां-कहां जाएंगी, जिन जगहों पर जाएंगी उनका महत्व क्या? सबकुछ जानिए

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अयोध्या-मथुरा में करीब 50 घंटे रहेंगी।

पहले बात राष्ट्रपति के अयोध्या दौरे की…

राष्ट्रपति का दौरा इसलिए भी खास है, क्योंकि 19 मार्च को हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि शुरू हो रहा है, उसी दिन द्रौपदी मुर्मू रामनगरी पहुंचेंगी। इस मौके पर वे राम मंदिर परिसर में आयोजित विशेष धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर श्री राम यंत्र का विधि-विधान से पूजन करेंगी।

राम मंदिर के दूसरे फ्लोर पर स्थापित होगा यंत्र श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में स्थापित किए जाने वाले दिव्य श्रीराम यंत्र को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस यंत्र की स्थापना मंदिर के दूसरे तल पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों कराई जाएगी। प्राण-प्रतिष्ठित इस यंत्र का पूजन रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ ही नियमित रूप से राम मंदिर में किया जा रहा है। अब इसे औपचारिक रूप से मंदिर के दूसरे तल पर स्थापित किया जाएगा।

यंत्र 150 किलो वजनी, सोने की परत चढ़ी है करीब 150 किलोग्राम वजन वाले इस श्रीराम यंत्र पर सोने की परत चढ़ाई गई है। इसे कांचीपुरम मठ के मुख्यालय में स्थापित प्राचीन यंत्र के आधार पर तैयार किया गया है।

यंत्र पर भगवान श्रीराम समेत अन्य देवी-देवताओं के विभिन्न वैदिक मंत्र अंकित हैं, जिन्हें अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।

यह यंत्र पहले कांचीपुरम से तिरुपति लाया गया था। इसके बाद एक भव्य रथयात्रा के माध्यम से करीब दो हजार किलोमीटर की यात्रा तय कर अयोध्या पहुंचाया गया। इस यात्रा के दौरान कई राज्यों में श्रद्धालुओं ने यंत्र के दर्शन कर पूजा-अर्चना की थी।

अब मथुरा में राष्ट्रपति का कार्यक्रम जानिए…

राष्ट्रपति सबसे पहले इस्कॉन मंदिर जाएंगी अयोध्या से 19 मार्च को ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सेना के हेलीपैड से नेशनल हाईवे होते हुए शाम करीब 5:35 पर वृंदावन स्थित रेडिसन होटल आएंगी। यहां से वह शाम 6:30 बजे इस्कॉन मंदिर जाएंगी। जहां वह एक घंटे तक रहेंगी। यहां वह भगवान कृष्ण- बलराम, राधा-कृष्ण और निताई गौर के दर्शन करेंगी। मुर्मू वृंदावन दो बार आने वाली तीसरी राष्ट्रपति हैं।

वृंदावन इस्कॉन की स्थापना राम नवमी के दिन 1975 में की गई थी।

वृंदावन इस्कॉन की स्थापना राम नवमी के दिन 1975 में की गई थी।

प्रेम मंदिर जाएंगी राष्ट्रपति राष्ट्रपति मुर्मू इस्कॉन मंदिर के बाद 19 मार्च की देर शाम प्रेम मंदिर जाएंगी। जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा बनाए गए प्रेम मंदिर में वह भगवान कृष्ण के दर्शन करेंगी। प्रेम मंदिर का उद्घाटन 17 फरवरी, 2012 को हुआ था। प्रेम मंदिर जनवरी, 2001 में बनना शुरू हुआ था।

12 साल में बनकर तैयार हुए इस मंदिर में सफेद इटैलियन पत्थर का इस्तेमाल किया गया है। यहां आने वाले लोग भगवान के दर्शन करने के साथ-साथ शाम के समय होने वाली लाइटिंग देखने के लिए आते हैं। राष्ट्रपति यहां भगवान की आरती में भी शामिल होंगी।

केली कुंज आश्रम में करेंगी संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात राष्ट्रपति दौरे के दूसरे दिन यानी 20 मार्च की शुरुआत संत प्रेमानंद महाराज के साथ आध्यात्मिक चर्चा से होगी। संभावित समय के अनुसार वह सुबह 7:25 पर रमण रेती स्थित केली कुंज आश्रम पहुंचेंगी। जहां वह 8 बजे तक रहकर संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन कर उनसे आध्यात्मिक चर्चा करेंगी।

राधारानी की भक्ति में लीन प्रेमानंद महाराज। क्रिकेटर विराट कोहली और एक्ट्रेस अनुष्का ने संत प्रेमानंद से दीक्षा ली थी।

राधारानी की भक्ति में लीन प्रेमानंद महाराज। क्रिकेटर विराट कोहली और एक्ट्रेस अनुष्का ने संत प्रेमानंद से दीक्षा ली थी।

संत प्रेमानंद महाराज राधा रानी के अनन्य भक्त हैं। उनके भक्त मानते हैं कि किडनी न होने के बाबजूद वह राधारानी की कृपा से सकुशल हैं। पिछले कुछ वर्षों से उनका सोशल मीडिया पर तेजी से प्रचार बढ़ा तो उनके अनुयायियों की संख्या लाखों में पहुंच गई।

विराट-अनुष्का जैसे सेलेब्रिटी संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य संत प्रेमानंद महाराज वर्तमान में प्रतिष्ठा के शिखर पर हैं। उनके शिष्यों में प्रसिद्ध क्रिकेटर विराट कोहली, उनकी पत्नी और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा, WWE चैंपियन रिंकू सिंह के अलावा अन्य नामचीन हस्तियों के नाम हैं। उनसे मिलने संघ प्रमुख मोहन भागवत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के अलावा राजनीतिक, फिल्मी जगत, खेल जगत, आध्यात्मिक जगत, सांस्कृतिक जगत की हस्तियां आ चुकी हैं।

बाबा नीब करौरी की समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात करने के बाद होटल जाएंगी। जहां से सुबह 11:10 बजे हनुमानजी के अनन्य भक्त और उनका कलयुग में स्वरूप माने जाने वाले बाबा नीब करौरी के परिक्रमा मार्ग स्थित आश्रम जाएंगी। जहां वह बाबा नीब करौरी की समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगी। इस दौरान वह हनुमान जी के दर्शन करेंगी। राष्ट्रपति के आश्रम पहुंचने पर उनका प्रबंधन बाबा का प्रसादी कंबल और लड्डू प्रसाद देकर स्वागत करेगा।

1973 में बाबा ने त्यागा था शरीर बाबा नीब करौरी ने 11 सितंबर 1973 में वृंदावन के इसी आश्रम में अपना शरीर छोड़ा था। बाबा कैंची धाम जा रहे थे, लेकिन अचानक उन्होंने वृंदावन जाने का प्रोग्राम बनाया। बाबा जैसे ही वृंदावन में प्रवेश किए, उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा। बाबा आश्रम पहुंचे और अपना शरीर त्याग दिया। बाबा के गोलोक गमन के बाद उनका यहां समाधि स्थल बना हुआ है। इसके साथ ही ध्यान कक्ष है, जहां बाबा ध्यान लगाते थे। राष्ट्रपति यहां आधे घंटे तक रहेंगी।

उड़िया बाबा की समाधि के करेंगी दर्शन बाबा नीब करौरी के समाधि स्थल से राष्ट्रपति का काफिला दावानल कुंड स्थित उड़िया बाबा आश्रम पहुंचेगा। जहां वह जगन्नाथ पूरी के राजगुरु के परिवार के सदस्य आर्थ प्राण मिश्रा उर्फ स्वामी पूर्णानंद तीर्थ उर्फ उड़िया बाबा की समाधि के दर्शन करेंगी। 1875 में जन्मे आर्थ प्राण मिश्रा ने जब पूरी शंकराचार्य से दंड संन्यास लिया तो उनका नाम स्वामी पूर्णानंद तीर्थ हो गया।

बाबा 1913 में जब वृंदावन आए तो उनको ब्रजवासी उड़ीसा से आने के कारण उड़िया बाबा कहने लगे। उड़िया बाबा का यह नाम अब तक प्रसिद्ध हो गया। उड़िया बाबा महाराज का जन्म ओडिशा में हुआ था। वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी ओडिशा से हैं। इसी कारण दोनों का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंध एक ही प्रदेश की पवित्र भूमि से जुड़ता है।

संत प्रेमानंद महाराज भी पढ़ते हैं उड़िया बाबा के उपदेश संत स्वामी पूर्णानंद तीर्थ उर्फ उड़िया बाबा के बारे में कहा जाता है, वह वृंदावन आने वाले पहले संत थे। उड़िया बाबा 1913 में वृंदावन आए थे। संत प्रेमानंद महाराज भी उड़िया बाबा के उपदेश पुस्तक के बारे में कहते हैं- यह उनके जीवन गाइड है। इसने ऐसा गाइड किया है कि आजतक दूर नहीं कर पाए।

कैंसर विभाग का करेंगी उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का काफिला उड़िया बाबा आश्रम से 20 मार्च की दोपहर 12:30 मथुरा वृंदावन रोड स्थित रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल पहुंचेगा। जहां वह रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में नए ऑन्कोलॉजी ब्लॉक (कैंसर विभाग) का उद्घाटन करेंगी।

रामकृष्ण मिषन सेवाश्रम अस्पताल में कैंसर ब्लॉक के उद्घाटन के लिए वृन्दावन रामकृष्ण मठ एवं मिशन के सचिव स्वामी सुप्रकाषानंद महाराज और सह सचिव स्वामी कालीकृष्णानंद महाराज ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को निमंत्रण दिया था।

वृंदावन रोड स्थित रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल का कैंसर विभाग।

वृंदावन रोड स्थित रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल का कैंसर विभाग।

स्वामी कालीकृष्णानंद महाराज ने बताया, यह चार मंजिला कैंसर ब्लॉक आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। अत्याधुनिक चिकित्सा संसाधनों से लैस इस कैंसर ब्लॉक में रेडियोथेरेपी, ब्रेकीथेरेपी, आधुनिक कैंसर सर्जरी, कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, हार्मोन थेरेपी, RT-CT स्कैन और PET-CT स्कैन जैसी जांच और उपचार सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इसके साथ ही यहां जनरल वार्ड, डे-केयर यूनिट, फार्मेसी और प्राइवेट केबिन जैसी व्यवस्थाएं भी होंगी।

उन्होंने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के लिए यह अत्याधुनिक कैंसर उपचार केंद्र होगा, जहां लगभग सभी प्रकार के कैंसर के इलाज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

साध्वी ऋतम्भरा से करेंगी मुलाकात राष्ट्रपति रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल में एक घंटे रहने के बाद वापस होटल जाएंगी। दोपहर को आराम करने के बाद राष्ट्रपति शाम 5:10 पर साध्वी ऋतम्भरा के आश्रम वात्सल्य ग्राम जाएंगी। यहां वह पद्मश्री साध्वी ऋतम्भरा से मुलाकात करेंगी और उन बच्चियों से मिलेंगी] जिनका कोई अपना न होने पर वात्सल्य ग्राम में आश्रय दिया गया है। यहां राष्ट्रपति उन महिलाओं से भी मुलाकात करेंगी जो यहां दादी, नानी, मौसी बनकर बेसहारा बच्चियों के साथ रिश्ता निभा रही हैं।

21 किलोमीटर की करेंगी परिक्रमा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने दौरे के तीसरे दिन यानी 21 मार्च की सुबह करीब 9 बजे वृंदावन से गोवर्धन के लिए रवाना हो जाएंगी। जहां वह दानघाटी मंदिर पहुंच कर पूजा-अर्चना करेंगी और गिरिराज जी का दूध से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति गोवर्धन की 21 किलोमीटर की गोल्फ कार्ट से परिक्रमा करेंगी। राष्ट्रपति उसी दिन गोवर्धन स्थित हेलीपैड से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी।

राष्ट्रपति गिरिराज जी की परिक्रमा करेंगी।

राष्ट्रपति गिरिराज जी की परिक्रमा करेंगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के वृंदावन और गोवर्धन दौरे को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अधिकारी वृंदावन की सड़कों को दुरुस्त करा रहे हैं, तो रास्ते में पड़ने वाली सभी दीवारों पर पेंट किया जा रहा है। इन दीवारों पर भगवान की पेंटिंग बनाई जा रही हैं। बिजली विभाग खंभों, झूलते तारों को दुरुस्त करा रहा है। जिन सड़कों को वर्षों से लोग बनवाने की मांग कर रहे थे, वह अब तेजी से सही की जा रही हैं।

———————

ये खबर भी पढ़ें…

शंकराचार्य की ‘चतुरंगिणी’ सेना कैसी होगी?:योद्धाओं की पीली ड्रेस; हाथ में तलवार-भाले; सेनापति खुद अविमुक्तेश्वरानंद

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अपनी सेना तैयार कर रहे हैं। इसके सेनापति खुद शंकराचार्य होंगे। टास्क वो खुद देंगे, उनके आदेश पर ये सेना पूरे देश में मूवमेंट करेगी।अभी मौजूदा वक्त में 3 तरह के टास्क होंगे। पहला- गोरक्षा। दूसरा- धर्म की रक्षा। तीसरा- मंदिर रक्षा। इस सेना को बनाने की शुरुआत हिंदू नववर्ष यानी 19 मार्च से होगी। इस सेना में कोई नागा साधु नहीं, ब्लकि आम लोग होंगे। पढ़ें पूरी खबर

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.