मिराए-एसेट का नाम एशिया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में:फाइनेंशियल लिटरेसी कैंपेन से 39,833 महिलाओं को किया जागरूक, 320 कॉलेजों तक पहुंचा

विमेंस डे के मौके पर मिराए एसेट म्यूचुअल फंड ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी का नाम ‘एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ और ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया है। यह सम्मान महिलाओं के लिए चलाए गए अब तक के सबसे बड़े ‘इन्वेस्टमेंट फोकस्ड फाइनेंशियल लिटरेसी कैंपेन’ के लिए दिया गया है। इस मुहिम के जरिए कंपनी ने देशभर की हजारों महिलाओं को वित्तीय रूप से साक्षर बनाने का लक्ष्य पूरा किया है। देश के 45 शहरों और 320 कॉलेजों तक पहुंची मुहिम मिराए एसेट ने अपनी इस मुहिम का दायरा काफी बड़ा रखा था। कंपनी के मुताबिक, यह कैंपेन केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे देश के 45 अलग-अलग शहरों में चलाया गया। इस दौरान टीम ने 320 कॉलेजों में जाकर युवा छात्राओं और महिलाओं से संवाद किया। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को निवेश के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वतंत्र रूप से वित्तीय फैसले लेने के लिए तैयार करना था। 39,833 महिलाओं को मिली निवेश की जानकारी इस इन्वेस्टर एजुकेशन प्रोग्राम के जरिए कुल 39,833 महिलाओं को सशक्त बनाया गया। प्रोग्राम में महिलाओं को सेविंग्स, म्यूचुअल फंड्स और बेहतर फाइनेंशियल प्लानिंग के तरीके सिखाए गए। रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज होने पर कंपनी ने कहा कि यह हमारे उस कमिटमेंट को दर्शाता है, जिसमें हम महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर देखना चाहते हैं। एशिया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से मिली मान्यता इस बड़े स्तर के कैंपेन को देखते हुए ‘एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ और ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ ने इसे “महिला प्रतिभागियों के लिए सबसे बड़ा निवेश-केंद्रित वित्तीय साक्षरता अभियान” के तौर पर मान्यता दी है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर महिलाओं को एक साथ जोड़ना और उन्हें निवेश की बारीकियां समझाना एक चुनौतीपूर्ण लेकिन संतोषजनक अनुभव रहा। भविष्य की योजना: ‘यह तो बस शुरुआत है’ मिराए एसेट म्यूचुअल फंड ने इस मौके पर भविष्य के लक्ष्यों को भी साझा किया। कंपनी का कहना है कि रिकॉर्ड बुक में नाम आना उनके लिए एक मील का पत्थर है, लेकिन उनका मिशन यहीं खत्म नहीं होता। आने वाले समय में वे युवा और बुजुर्ग, दोनों वर्ग की महिलाओं के लिए इस तरह के और भी एजुकेशन प्रोग्राम चलाएंगे। कंपनी का लक्ष्य है कि वित्तीय शिक्षा हर घर तक पहुंचे ताकि महिलाएं अपनी मेहनत की कमाई को सही जगह इन्वेस्ट कर सकें।
रात में दही खाना सही या गलत? एक्सपर्ट से समझें बीमार होने का पूरा सच

X रात में दही खाना सही या गलत? एक्सपर्ट से समझें बीमार होने का पूरा सच Health Tips : गर्मी के मौसम में दही खाना शरीर के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है और यह शरीर को ठंडक देने के साथ पोषण भी देता है. विशेषज्ञों के अनुसार दही में प्रोटीन, कैल्शियम, फास्फोरस और विटामिन B12 जैसे जरूरी तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा और ताकत देते हैं. यह शरीर में पानी की कमी को भी पूरा करने में मदद करता है. हालांकि दही का सेवन सीमित मात्रा में और दिन के समय करना बेहतर माना जाता है. रात में दही खाने से सर्दी-खांसी या पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं. साथ ही ज्यादा खट्टा या बासी दही खाने से पेट खराब होने का खतरा भी रहता है.
Jannat Zubair Attacked Highway | Brother Ayan Safe

28 मिनट पहले कॉपी लिंक टीवी एक्ट्रेस जन्नत जुबैर और उनके छोटे भाई अयान जुबैर के साथ नवी मुंबई के पनवेल में मारपीट की घटना हुई है। सोमवार को दिनदहाड़े हाईवे पर कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी का पीछा किया और मारपीट की। जन्नत ने सोशल मीडिया पर एक ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी कर इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अब वे दोनों सुरक्षित हैं और पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। एक्ट्रेस ने कहा- हम सुरक्षित हैं, अफवाह न फैलाएं स्टेटमेंट में कहा गया की, हम सबको अपडेट देना चाहते हैं कि जन्नत और अयान के साथ कल हाईवे पर दिनदहाड़े मारपीट और पीछा करने की घटना हुई। अभी पुलिस अथॉरिटीज एक्टिवली मामले को देख रही हैं और जांच जारी है। जन्नत और अयान अब पूरी तरह सुरक्षित हैं। हम आपकी चिंता और सपोर्ट के लिए शुक्रिया अदा करते हैं। उन्होंने फैंस से अपील की कि वे इस मामले में किसी भी तरह की अटकलें न लगाएं और बिना पुख्ता जानकारी के कुछ भी शेयर न करें। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के जरिए आरोपियों की तलाश कर रही है। ‘फुलवा’ से मिली थी पहचान, सोशल मीडिया पर हैं करोड़ों फॉलोअर्स जन्नत जुबैर ने अपने करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट टीवी शो ‘फुलवा’ से की थी। इस शो से उन्हें घर-घर में पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने ‘काशी’ और ‘तू आशिकी’ जैसे पॉपुलर शोज में लीड रोल निभाया। जन्नत ने बॉलीवुड फिल्म ‘हिचकी’ में भी काम किया है और वे ‘खतरों के खिलाड़ी 12’ जैसे रियलिटी शो का हिस्सा रही हैं। जन्नत भारत की सबसे ज्यादा फॉलो की जाने वाली डिजिटल इन्फ्लुएंसर में से एक हैं, जिनके सोशल मीडिया पर करोड़ों चाहने वाले हैं। भाई अयान भी ‘गली बॉय’ में आ नजर चुके जन्नत के छोटे भाई अयान जुबैर ने ऐतिहासिक शो ‘जोधा अकबर’ में छोटे सलीम का किरदार निभाकर अपना करियर शुरू किया था। इसके बाद वे ‘चक्रवर्ती अशोक सम्राट’ और ‘महाबली हनुमान’ जैसे शोज में दिखे। फिल्मों की बात करें तो अयान रणवीर सिंह की ‘गली बॉय’ और टाइगर श्रॉफ की ‘बागी 3’ जैसी बड़ी फिल्मों में नजर आ चुके हैं। अयान अपनी बहन जन्नत के साथ अक्सर सोशल मीडिया वीडियो में नजर आते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
चेल्सी पर ₹92 करोड़ का जुर्माना, ट्रांसफर बैन भी लगा:ईडन हजार्ड और विलियन के लिए गुप्त भुगतान किए गए, क्लब ने खुद कबूली अपनी गलती

प्रीमियर लीग ने चेल्सी फुटबॉल क्लब पर वित्तीय नियमों के उल्लंघन के मामले में 92(10 मिलियन पाउंड ) करोड़ का जुर्माना लगाया है। क्लब पर एक साल का ट्रांसफर बैन लगाया गया है, लेकिन इसे दो साल के लिए टाल दिया गया है। यह कार्रवाई 2011 से 2018 के बीच किए गए गुप्त भुगतानों को लेकर की गई है। क्लब ने ईडन हजार्ड, विलियन और डेविड लुइज जैसे बड़े खिलाड़ियों को साइन करने के लिए अनरजिस्टर्ड एजेंटों को करोड़ों रुपए दिए थे। नए मालिकों ने खुद ही दी थी जानकारी, 2022 में शुरू हुई थी जांच यह पूरी गड़बड़ी उस समय की है जब क्लब के मालिक रूसी अरबपति रोमन अब्रामोविच थे। साल 2022 में जब ‘ब्लूको’ ग्रुप ने क्लब को खरीदा, तो उन्हें अकाउंट्स की जांच के दौरान इन गुप्त भुगतानों का पता चला। नए मैनेजमेंट ने खुद आगे बढ़कर प्रीमियर लीग को इन उल्लंघनों की जानकारी दी। जांच में सामने आया कि क्लब से जुड़े तीसरे पक्ष के जरिए खिलाड़ियों, अनरजिस्टर्ड एजेंटों और अन्य लोगों को गुप्त भुगतान किए गए थे। इन भुगतानों की जानकारी उस समय फुटबॉल अथॉरिटी को नहीं दी गई थी, जो कि नियमों के खिलाफ है। प्रीमियर लीग के अनुसार ये भुगतान चेल्सी के हित में किए गए थे और इन्हें क्लब के खर्च के रूप में दिखाया जाना चाहिए था। क्लब ने यह भी माना कि इन भुगतानों को छिपाना और सही जानकारी न देना नियमों का उल्लंघन है। हालांकि जांच के बाद यह साफ हुआ कि अगर इन भुगतानों को सही तरीके से शामिल भी किया जाता, तब भी चेल्सी नियमों का उल्लंघन नहीं करती। अगर क्लब खुद इसकी जानकारी नहीं देता, तो उन पर और भी सख्त कार्रवाई हो सकती थी और उनके प्वॉइंट्स भी काटे जा सकते थे। 7 एजेंटों को दिए 250 करोड़ रुपए, हजार्ड और विलियन भी शामिल जांच में सामने आया है कि क्लब ने सात अनरजिस्टर्ड एजेंटों या उनसे जुड़ी संस्थाओं को कुल 23 मिलियन पाउंड (करीब 250 करोड़ रुपए) दिए थे। यह पैसा ईडन हजार्ड, रामिरेस, डेविड लुइज, आंद्रे शूरले और नेमान्जा मैटिक जैसे खिलाड़ियों को साइन करने के लिए दिया गया था। इसके अलावा सैमुअल इटो और विलियन की ट्रांसफर फीस के तौर पर करीब 210 करोड़ रुपए का भुगतान भी रिकॉर्ड में नहीं दिखाया गया था। स्टाफ को सैलरी भी ‘अंडर द टेबल’ दी गई सिर्फ खिलाड़ियों के ट्रांसफर ही नहीं, बल्कि क्लब के स्टाफ को दिए गए पेमेंट में भी गड़बड़ी मिली। क्लब के तत्कालीन डायरेक्टर ऑफ फुटबॉल फ्रैंक अर्नेसन, स्काउट पीट डी विसर और एक अन्य स्टाफ मेंबर को करीब 15 करोड़ रुपए दिए गए थे, जिसे उनकी सैलरी माना गया लेकिन इसे आधिकारिक तौर पर रिपोर्ट नहीं किया गया था। जिन खिलाड़ियों पर विवाद था, उन्होंने चेल्सी को कई खिताब दिलाए जिन खिलाड़ियों के ट्रांसफर पर विवाद है, वे चेल्सी के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। इसी समय जोस मोरिन्हो क्लब में वापस आए थे। उस दौर में टीम ने 2 प्रीमियर लीग, 2 एफए कप और यूरोपा लीग समेत कुल 6 बड़ी ट्रॉफियां जीतीं। ईडन हजार्ड ने चेल्सी के लिए 352 मैचों में 110 गोल किए। वहीं विलियन और डेविड लुइज ने भी लंबे समय तक टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई। एकेडमी खिलाड़ियों के रजिस्ट्रेशन में भी गड़बड़ी: 9 महीने की रोक एक अन्य मामले में, चेल्सी ने 2025 में खुद ही एक और रिपोर्ट लीग को सौंपी थी। इसमें 2019 से 2022 के बीच एकेडमी खिलाड़ियों (युवा खिलाड़ियों) के रजिस्ट्रेशन में नियमों के उल्लंघन की बात कही गई थी। जांच के बाद लीग ने चेल्सी की एकेडमी पर 9 महीने का बैन लगा दिया है। इस दौरान क्लब प्रीमियर लीग और ईएफएल (EFL) के किसी भी नए युवा खिलाड़ी को साइन नहीं कर सकेगा। साथ ही इस मामले में 7.50 लाख पाउंड (करीब 8 करोड़ रुपए) का अलग से जुर्माना लगाया गया है। UEFA पहले ही लगा चुका है जुर्माना चेल्सी की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुई हैं। इसी मामले में क्लब 2022 में यूईएफए (UEFA) को भी रिपोर्ट कर चुका है, जिसके बाद उन पर 10 मिलियन यूरो का जुर्माना लगा था। इसके अलावा, इंग्लैंड का फुटबॉल एसोसिएशन (FA) भी इसी तरह के आरोपों की अलग से जांच कर रहा है। आने वाले समय में एफए की ओर से भी क्लब पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
कपिल शर्मा ने नवजोत सिंह सिद्धू के लिए वोट मांगे:बोले- भीड़ देख लगा जैसे रैली चल रही हो; शो के प्रमोशन के लिए मोहाली पहुंचे

पूर्व क्रिकेटर व पंजाब कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू काफी समय से राजनीति से दूरी बनाए हुए हैं। राज्य में इलेक्शन भी अभी दूर हैं, लेकिन जब वह पंजाब में अपने शो के प्रमोशन के लिए पहुंचे तो कॉमेडियन कपिल शर्मा ने उनके लिए मंच से वोट मांग लिए। इसे सुनकर सिद्धू भी खुद को ठहाके लगाने से नहीं रोक पाए। कपिल शर्मा का कहना था कि वहां जुटी भीड़ को देखकर लग रहा था कि किसी रैली में आए हों। सोमवार (16 मार्च) शाम को नवजोत सिंह सिद्धू, कपिल शर्मा और इनके शो द ग्रेट इंडियन कपिल शो की अन्य स्टार कास्ट मोहाली की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में कार्यक्रम के लिए पहुंचे थे। इस दौरान कपिल शर्मा जब स्टूडेंटस को संबोधित करने लगे तो सिद्धू भी उनके साथ थे। इस दौरान कपिल ने मजाकिया अंदाज में कहा, “इस बार वोट आप नवजोत सिद्धू को ही डालना।” यह सुनकर सिद्धू भी हंस पड़े। इसके बाद कपिल शर्मा ने सिद्धू को गले लगाया। फिर उन्होंने कहा- “मुझे सच में लगा जैसे किसी रैली में आ गए हों। यहां का जोश देखकर मजा आ गया। जो भी काम करने आए हैं, उसे दिल लगाकर करें।” नवजोत सिंह सिदधू राजनीति से बचते रहे कपिल शर्मा के साथ काफी देर तक नवजोत सिंह सिदधू भी मंच पर मौजूद रहे। उन्होंने इस मौके पर कोई राजनीति वाली बात नहीं की। उन्होंने कहा कि उनका शो 152 देशों में देखा जाता है और इस यूनिवर्सिटी के छात्र भी दुनिया के 152 देशों तक पहुंचते हैं। इस बात पर उन्होंने अपने अंदाज में कहा- ठोको ताली। कपिल शर्मा भी खुद को गाने से रोक नहीं पाए जब कपिल शर्मा स्टेज पर पहुंचे तो माहौल पहले से ही शानदार था। बारिश के कारण ठंडी हवाएं चल रही थीं, जिससे माहौल और भी खुशनुमा हो गया। कपिल ने छात्रों से कहा कि उन्हें देखकर एक बढ़िया गाना याद आ गया है। इसके बाद उन्होंने मशहूर पंजाबी सिंगर सतिंदर सरताज का किथे नई तेरा रुतबा घटदा गाना गाया, जिसे स्टूडेंट्स ने खूब एन्जॉय किया। कपिल ने छात्रों के साथ अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि हम सभी यूनिवर्सिटी से ही निकले हैं और यह समय दोबारा नहीं आता, इसलिए इसे खुलकर एन्जॉय करना चाहिए। अर्चना पूरन सिंह ने किया धन्यवाद एक्ट्रेस अर्चना पूरन सिंह ने छात्रों को कहा कि आप सभी हमारा शो देखते हो, जिसकी वजह से अब तक यह शो कामयाब हो पाया है। आगे भी आप और आप सभी का परिवार हमारा यह शो देखते रहेंगे। इसके लिए आप सभी को धन्यवाद और आप हमारे शो को आगे भी इस तरह कामयाब बनाते रहोगे। कीकू शारदा और कृष्णा अभिषेक ने लगाए ठुमके मंच पर कीकू शारदा और कृष्णा अभिषेक ने छात्रों के बीच ठुमके लगाए। उन्होंने झूमे जो पठान और व्हॉट झुमका जैसे गानों पर छात्रों को नचाया। इसके अलावा टीम के सदस्य कॉमेडियन सुनील ग्रोवर भी शामिल हुए। उन्होंने भी अपने अंदाज में छात्रों को हंसाया।
इंडक्शन कुकिंग टिप्स: विशेष यूज़ करने के बाद तुरंत स्विच ऑफ न करें भूल, बिजली के चक्कर में हो सकता है नुकसान; जानिए असली वजह

इन एवेरिट्स कुकिंग टिप्स | छवि: एआई हिंदी में इंडक्शन का उपयोग कैसे करें: इनसेट गैस की कमी के कारण कई लोग इन गैसों का इस्तेमाल करने लगे हैं। यह तेज़, सुरक्षित और आसान होता है, लेकिन अगर इसका सही तरीके से इस्तेमाल न किया जाए तो यह जल्दी खराब भी हो सकता है। बहुत से लोग एक आम गलती करते हैं, जैसे ही खाना बनाते हैं, तुरंत में बंद कर देते हैं। लग रहा है कि इससे बिजली बचेगी, लेकिन असल में इससे आपका पता खराब हो सकता है। तत्काल स्विच ऑफ क्यों नहीं करना चाहिए? इन्साइक चूल्हा इलेक्ट्रोमैग्नेटिक टेक्नोलॉजी पर काम करता है। जब आप इसमें खाना पकाते हैं तो इसके अंदर मौजूद कॉइल और सर्किट काफी गर्म हो जाते हैं। जब आप इन लाइक्स को उसके ऐड-ऑन से बंद करते हैं, तब भी आपने ध्यान दिया होगा कि अंदर से हल्की आवाज आती रहती है। बता दें कि यह कूलिंग फैन होता है। यह फैन इसलिए है ताकि अंदर की गर्मी बाहर निकल सके और मशीन की जरूरत हो सके। इसके अलावा यह सर्किट को सुरक्षित रखने में भी सहायता करता है। इंस्टेंट मेन स्विच बंद करने से क्या नुकसान होता है? यदि आप सीधे मेन स्विच बंद कर देते हैं, तो इससे कूलिंग फैन तुरंत बंद हो जाता है और अंदर के हीटर से बाहर नहीं निकलता है। साथ ही, सर्किट बोर्ड और खराब सेंसर हो सकते हैं। ऐसे में कम समय में मदरबोर्ड स्टिकर का खतरा बढ़ जाता है। बताएं कि इसे ठीक करने का नया खर्चा लाइक्स में कैसे खोजा जा सकता है। इन एडिट बंद करने का सही तरीका इन्सुलेट को सुरक्षित रखने के लिए फॉलो करें ये आसान स्टेप्स। सबसे पहले एग्जामिनेशन से बंद करें इनसेट के ‘पावर’ या ‘ऑन/ऑफ’ बटन को बंद करें। फैन बंद होने का इंतजार करें बंद करने के बाद भी 1-2 मिनट तक प्रशंसक रहेंगे, तो इसे बंद कर दें। फिर मेन ऑफ़ स्विच करें जब फैन की आवाज पूरी तरह बंद हो जाए, तो एक ही संबंध या मेन स्विच बंद हो जाए। अन्य जरूरी टिप इनमें से एक के ग्लास टॉप की सतह को कभी भी गर्म रहते हुए पतले कपड़ों से साफ नहीं किया जा सकता। इस तरह की फाइल में दरार पड़ सकती है। हमेशा ठंडा रहने के बाद ही इन चीजों को साफ करें। छोटे-सी सावधानी आपके लिए युवाओं की आयु बढ़ाई जा सकती है। इसलिए अगली बार जल्दीबाजी में स्विच बंद करने की गलती न करें। थोड़ा इंतजार करें और आपके किचन के ये स्मार्ट उपकरण लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगे। यह अवश्य पढ़ें: इंडक्शन यूजिंग टिप्स: एलपीजी का उपयोग किस स्थान पर किया जा रहा है? तो जानें लगातार कितनी देर तक उपयोग करना सुरक्षित (टैग्सटूट्रांसलेट)इंडक्शन कुकिंग टिप्स(टी)इंडक्शन कुकिंग टिप्स(टी)इंडक्शन कुकटॉप
NH-39 पर सड़क धंसी, 2 दिन में 3 हादसे:अमिलई गांव में गहरी सुरंग बनी, 50 से ज्यादा पत्थर भरे फिर नहीं भरी

सीधी जिले के अमिलई गांव में NH-39 मुख्य मार्ग पर सड़क धंस गई है। यहां अचानक एक गहरी सुरंग बन गई, जिसके कारण पिछले दो दिनों में तीन बड़े हादसे हुए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने इसे एक असाधारण रूप से गहरी सुरंग बताया है। 50 से ज्यादा पत्थर भरे गांव निवासी तेज बहादुर सिंह ने इस घटना को विभाग की लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने जानकारी दी कि उन्होंने सुबह 50 से अधिक बड़े पत्थर इस सुरंग में डाले, लेकिन किसी भी पत्थर का पता नहीं चला। ग्रामीणों का मानना है कि यह सुरंग असामान्य रूप से गहरी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को इस खतरे की सूचना दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि NH-39 से जुड़े अधिकारी जिले में उपलब्ध नहीं रहते, जिससे उनकी शिकायतें उन तक नहीं पहुंच पातीं। PWD नहीं कर सकता है हस्तक्षेप इस मामले में पीडब्ल्यूडी अधिकारी कौशल परते ने बताया कि यह सड़क उनके विभाग द्वारा निर्मित नहीं है, इसलिए वे इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते। इससे विभागों के बीच जिम्मेदारी को लेकर असमंजस की स्थिति सामने आई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, गांव के रमेश तिवारी ने स्वयं पहल की। उन्होंने गड्ढे को कपड़ों से ढका और पास में एक लकड़ी का डंडा गाड़कर उस पर चेतावनी झंडा लगाया, ताकि राहगीर सतर्क रहें और दुर्घटनाओं से बचा जा सके। खतरनाक सुरंग को भरवाएंगे सीधी के अपर कलेक्टर बीपी पांडे ने इस पूरे मामले पर कहा कि उन्हें जानकारी मिल गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर जल्द ही इस खतरनाक सुरंग को भरवाया जाएगा।
Sensex 75400, Nifty 23400 | Metal, Auto Shares Rise; Flat Market

मुंबई15 मिनट पहले कॉपी लिंक शेयर बाजार में आज यानी 17 मार्च को फ्लैट कारोबार देखने को मिल रहा है। सेंसेंक्स 75,400 और निफ्टी 23,400 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। आज मेटल, एनर्जी और ऑटो शेयर्स में बढ़त है। वहीं IT, बैंकिंग और एनर्जी शेयर्स में गिरावट है। एशियाई बाजार अपडेट साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 2.63% चढ़कर 5,695 पर कारोबार कर रहा है। जापान का निक्केई इंडेक्स 0.50% गिरकर 54,013 पर कारोबार कर रहा है। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.80% चढ़कर 26,043 पर कारोबार कर रहा है। चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.03% नीचे 4,083 पर कारोबार कर रहा है। GSP क्रॉप साइंस के IPO में निवेश का मौका एग्रोकेमिकल कंपनी GSP क्रॉप साइंस का IPO 16 मार्च से ओपन हो चुका है। इसमें आम निवेशक 18 मार्च तक पैसा लगा सकेंगे। कंपनी इस मेनलाइन इश्यू के जरिए ₹400 करोड़ जुटाना चाहती है। इसमें मिनिमम 14,720 रुपए लगाने होंगे। अमेरिकी बाजार में 16 मार्च को गिरावट रही डाउ जोन्स 387 अंक (0.83%) बढ़कर 46,946 के स्तर पर बंद हुआ। टेक बेस्ड इंडेक्स नैस्डैक कंपोजिट 1.22% गिरकर 22,374 पर बंद हुआ। S&P 500 इंडेक्स 67 अंक (1.01%) गिरकर 6,699 पर बंद हुआ। कल बाजार में रही थी तेजी इससे पहले कल यानी 16 मार्च को शेयर बाजार में तेजी रही थी। सेंसेक्स 938 अंक की तेजी के साथ 75,502 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 257 अंक की तेजी रही, ये 23,408 के स्तर पर बंद हुआ था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
नौकरियों पर नकदी: कल्याणकारी राज्य जो ममता बनर्जी की राजनीति को शक्ति देता है | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 17, 2026, 10:11 IST रोजगार-संचालित समृद्धि के बजाय, बंगाल तेजी से नकद हस्तांतरण, सब्सिडी वाले भोजन, पेंशन और अनुदान सहित राज्य-समर्थित उपभोग पर काम कर रहा है। पारंपरिक बेरोजगारी राहत को 1,500 रुपये प्रति माह के वजीफे के रूप में पुनः ब्रांड करके, दीदी अब राज्य के स्थिर औद्योगिक क्षेत्र को लेकर बढ़ती युवा बेचैनी के खिलाफ प्रभावी ढंग से समय खरीद रही है। (पीटीआई) पश्चिम बंगाल में आज कल्याण सिर्फ एक विनम्र शब्द है। नकदी की राजनीति अधिक सटीक और उपयुक्त मुहावरा हो सकता है। टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की पुरोहितों (पुजारियों) और मुस्लिम मौलवियों के लिए अंतिम समय में पदयात्रा निश्चित रूप से पूर्व-खाली लोकलुभावनवाद में एक उल्लेखनीय अभ्यास है, जो आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) को केवल 80 मिनट से मात देने के लिए है। सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी घोषणा एक शासन शैली को दर्शाती है जो केवल राज्य की राजकोषीय बैंडविड्थ को बढ़ाकर, टिकाऊ नीति पर सामरिक अस्तित्व को प्राथमिकता देती है। तकनीकी तौर पर एमसीसी की भावना को दरकिनार करके, बनर्जी ने धार्मिक पादरियों के बीच अंतिम-मील संरक्षण नेटवर्क बनाने के लिए राज्य के खजाने को प्रभावी ढंग से हथियार बना लिया है, जो स्थानीय वोटिंग ब्लॉकों पर महत्वपूर्ण प्रभाव रखते हैं। हालाँकि, यह निर्णय चुनाव से पहले बनर्जी की नकद खैरात की राजनीति पर भी नजर डालता है। धार्मिक पादरियों के लिए भत्ते में वृद्धि भाजपा के कथित सांप्रदायिक आख्यान को बेअसर करने के साथ-साथ अपने स्वयं के अल्पसंख्यक आधार को शांत करने के लिए एक सुविचारित पूर्व-खाली हमला है। हालाँकि, चुनाव से कुछ घंटे पहले धार्मिक मध्यस्थों की वफादारी को सुरक्षित करने के लिए सार्वजनिक धन का उपयोग प्रणालीगत आर्थिक सुधार के बजाय लोकलुभावन अनुदान पर गहरी निर्भरता को दर्शाता है। एक दशक से अधिक समय से, मुख्यमंत्री ने वित्तीय सहायता योजनाओं का एक विस्तृत नेटवर्क बनाया है जो राज्य के लगभग हर घर और उनकी पार्टी मशीनरी को भी छूता है। सरकार लगभग 10 करोड़ लोगों के राज्य में आठ से नौ करोड़ से अधिक लाभार्थियों के साथ लगभग 100 योजनाओं का गर्व से विज्ञापन करती है। कागज पर, यह भारत में सबसे बड़े कल्याणकारी आर्किटेक्चर में से एक जैसा दिखता है। लेकिन प्रभावशाली संख्या के पीछे एक गहरी राजनीतिक वास्तविकता छिपी है। बंगाल की अर्थव्यवस्था अपने कल्याणकारी विस्तार के साथ तालमेल नहीं बिठा पाई है। आज राज्य की राजनीतिक अर्थव्यवस्था का केंद्रबिंदु प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण है, जबकि सरकार राज्य भर में बुनियादी ढांचे का निर्माण करने और रोजगार पैदा करने में विफल रही है। जब मुफ़्त पैसा चुनावी गणित से मेल खाता है फरवरी में, बनर्जी सरकार द्वारा बांग्लार युवा साथी या युवाश्री योजना की घोषणा की गई थी। यह ‘डोल राजनीति’ से ‘आकांक्षा प्रबंधन’ की ओर बढ़ने का एक और उच्च-स्तरीय प्रयास है, क्योंकि जनसांख्यिकीय लाभांश एक राजनीतिक दायित्व बनने का खतरा है। जीवित रहने के लिए प्रति माह 1,500 रुपये के वजीफे के रूप में पारंपरिक बेरोजगारी राहत या ‘बेकर भाटा’ को फिर से ब्रांड करके, दीदी अब राज्य के स्थिर औद्योगिक क्षेत्र पर बढ़ती युवा बेचैनी के खिलाफ प्रभावी ढंग से समय खरीद रही है। यह ‘भत्ता’ औद्योगिक पक्षाघात का एक पारदर्शी प्रवेश है, जहां राज्य अल्प राजकोषीय राहत के लिए वास्तविक रोजगार सृजन को बदल देता है। लक्ष्मीर भंडार जैसी योजनाएं, जो महिलाओं को मासिक धन भेजती हैं, अब 2.2 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को कवर करती हैं। कन्याश्री, रूपश्री, जय बांग्ला, कृषक बंधु के माध्यम से किसान सहायता, खाद्यसाथी के तहत सब्सिडी वाला भोजन, बांग्लार बारी के तहत आवास और स्वास्थ्य साथी के माध्यम से स्वास्थ्य बीमा जैसे अन्य कार्यक्रम सामूहिक रूप से सुनिश्चित करते हैं कि राज्य सरकार लाखों लोगों के दैनिक जीवन में वित्तीय रूप से मौजूद है। उदाहरण के लिए, चुनाव से ठीक पहले 2021 में लॉन्च किया गया लक्ष्मीर भंडार अब महिला मतदाताओं को मासिक प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण प्रदान करता है। राज्य के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2026 तक 25-60 वर्ष की महिलाओं को एससी-एसटी वर्ग के लिए 1,500 रुपये और सामान्य वर्ग के परिवारों के लिए 1,000 रुपये प्रति माह मिलते हैं। 26,700 करोड़ रुपये के वार्षिक बजट आवंटन के साथ लगभग 2.21 करोड़ महिलाओं को वित्तीय रूप से सशक्त बनाया गया है। सरकार ने अपनी स्थापना के बाद से कुल 74,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। राजनीतिक रूप से, तर्क सरल और प्रभावी है। सरकार का पैसा हर महीने घर तक पहुंचे तो वफादारी आती है। लेकिन बड़ा आर्थिक प्रश्न असहज बना हुआ है। नकदी बनाम सुधार नकदी योजनाओं का नाटकीय रूप से विस्तार हुआ है, फिर भी रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास की गति समान नहीं रही है। बड़े उद्योग दुर्लभ बने हुए हैं, निवेश प्रवाह सीमित है, और रोजगार सृजन उन पड़ोसी राज्यों से पिछड़ गया है जिन्होंने आक्रामक रूप से विनिर्माण और बुनियादी ढांचे के विस्तार को आगे बढ़ाया है। इस असंतुलन ने एक अजीब राजनीतिक अर्थव्यवस्था का निर्माण किया है। रोजगार-संचालित समृद्धि के बजाय, बंगाल तेजी से नकद हस्तांतरण, सब्सिडी वाले भोजन, पेंशन और अनुदान सहित राज्य-समर्थित उपभोग पर काम कर रहा है। कल्याण परिवारों को सहारा देता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि दीर्घकालिक आर्थिक गतिशीलता पैदा करता हो। नीति आयोग की प्रकाशित रिपोर्ट- राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026- के अनुसार, बढ़ते कर्ज, निरंतर घाटे और मामूली राजस्व वृद्धि के कारण पश्चिम बंगाल को लगातार राजकोषीय तनाव का सामना करना पड़ रहा है। नीति आयोग की एक अन्य प्रकाशित रिपोर्ट, ए मैक्रो एंड फिस्कल लैंडस्केप ऑफ द स्टेट ऑफ वेस्ट बंगाल में कहा गया है कि बंगाल की वास्तविक जीएसडीपी 2012-13 से 2021-22 की अवधि के दौरान 4.3 प्रतिशत की औसत दर से बढ़ी है, जबकि राष्ट्रीय औसत वृद्धि 5.6 प्रतिशत है। राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में राज्य की हिस्सेदारी 1990-91 में 6.8 प्रतिशत से घटकर 2021-22 में 5.8 प्रतिशत हो गयी है। 2021-22 तक इसकी प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय प्रति व्यक्ति आय से 20 प्रतिशत कम है। भाजपा और सीपीएम जैसे विपक्ष का तर्क है कि यह मॉडल वित्तीय रूप से जोखिम भरा और आर्थिक रूप से उथला है। उनका दावा है कि यह राज्य के सब्सिडी बोझ को बढ़ाते हुए निवेश को हतोत्साहित करता है। समर्थकों का कहना है कि ऐसे राज्य में कल्याण आवश्यक है जहां गरीबी और
बिहार में एनडीए द्वारा पांचवीं राज्यसभा सीट जीतने के बाद राजद ने कांग्रेस पर आरोप लगाया, जिससे ग्रैंड अलायंस में दरार बढ़ गई राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 17, 2026, 09:18 IST कांग्रेस के तीन विधायकों और राजद के एक विधायक के मतदान के लिए नहीं आने के बाद पांचवीं राज्यसभा सीट के लिए मुकाबला एनडीए के पक्ष में हो गया। राजद नेता तेजस्वी यादव | फ़ाइल छवि सोमवार को हुए चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) द्वारा बिहार से पांचवीं राज्यसभा सीट हासिल करने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने सहयोगी कांग्रेस पर हमला बोल दिया, जिससे विपक्षी ग्रैंड अलायंस के भीतर नए तनाव पैदा हो गए। कांग्रेस के तीन विधायकों और राजद के एक विधायक के मतदान के लिए नहीं आने के बाद मुकाबला एनडीए के पक्ष में हो गया, जिससे विपक्ष की सावधानी से तैयार की गई संख्या गड़बड़ा गई। अनुपस्थिति ने एनडीए समर्थित उम्मीदवार और राष्ट्रीय लोक मंच के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के लिए राजद उम्मीदवार एडी सिंह को हराने का मार्ग प्रशस्त कर दिया। बिहार विधानसभा में संख्या को देखते हुए, जद (यू) के नीतीश कुमार और राम नाथ ठाकुर के साथ-साथ भाजपा नेता नितिन नबीन और शिवम कुमार की जीत पहले से ही सुनिश्चित थी। हालाँकि, पाँचवीं सीट पर कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद थी, क्योंकि आवश्यक सीमा तक पहुँचने के लिए ग्रैंड अलायंस बाहरी समर्थन पर निर्भर था। विपक्षी गुट, जिसके अपने 35 विधायक हैं, ने 41 के जादुई आंकड़े को छूने के लिए एआईएमआईएम के पांच विधायकों और बहुजन समाज पार्टी के एक विधायक का समर्थन हासिल कर लिया था। जबकि एआईएमआईएम ने अंततः राजद के पक्ष में मतदान किया और बसपा विधायक गठबंधन के साथ खड़े रहे, लेकिन योजना तब विफल हो गई जब कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास, मनोहर प्रसाद सिंह और सुरेंद्र कुशवाह ने वोट नहीं दिया। राजद विधायक फैसल रहमान भी अनुपस्थित थे. कोई प्रदर्शन न होने से राजद के भीतर गुस्सा बढ़ गया है, पार्टी के नेता निजी तौर पर कांग्रेस पर अपने रैंकों के भीतर असंतोष को प्रबंधित करने में विफल रहने का आरोप लगा रहे हैं। इस मुद्दे ने दोनों सहयोगियों के बीच पिछली समन्वय विफलताओं की यादें भी ताजा कर दी हैं। हालाँकि, राजद नेता तेजस्वी यादव ने सार्वजनिक रूप से भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन सांसदों को प्रलोभन की पेशकश की गई जिन्होंने या तो गठबंधन के खिलाफ मतदान किया या गठबंधन से दूर रहे। उन्होंने कहा, “हम उनसे लड़ने के लिए तैयार हैं और हमारा संघर्ष जारी रहेगा।” इस प्रकरण ने एक बार फिर बिहार में राजद और कांग्रेस के बीच असहज रिश्ते को उजागर कर दिया है। पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान, दोनों दलों के बीच लंबे समय तक सीट-बंटवारे की बातचीत के कारण भ्रम की स्थिति पैदा हुई, बागी उम्मीदवार खड़े हुए और कई निर्वाचन क्षेत्रों में हार हुई। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के संयुक्त अभियान के बावजूद, आंतरिक कलह ने विपक्ष की गति को कुंद कर दिया। सूत्रों का कहना है कि अनुपस्थित विधायकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना कम है, क्योंकि निष्कासन से उनकी विधानसभा सदस्यता नहीं जाएगी। जगह : बिहार, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 17, 2026, 09:18 IST समाचार राजनीति बिहार में एनडीए द्वारा पांचवीं राज्यसभा सीट जीतने के बाद राजद ने कांग्रेस पर आरोप लगाया, जिससे ग्रैंड अलायंस में दरार बढ़ गई अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें









