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केमिकल छोड़िए-देसी अपनाइए! मच्छरों पर भारी बघेलखंड का देसी जुगाड़, ‘प्याज का दीया’ दिलाएगा राहत

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Satna News: इस दीये को घर के उन कोनों में रखा जाता है, जहां ज्यादा मच्छर होते हैं. जैसे ही इस दीये को जलाते हैं, उसमें से निकलने वाली गंध और धुएं से मच्छर भागने लगते हैं.

सतना. गर्मियों के मौसम में जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, वैसे-वैसे मच्छरों का प्रकोप भी लोगों की परेशानी का बड़ा कारण बन जाता है. बाजार में उपलब्ध केमिकल युक्त मॉस्किटो किलर भले ही तुरंत असर दिखाते हों लेकिन इनके दुष्प्रभाव खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं. ऐसे में बघेलखंड के पारंपरिक देसी नुस्खे बेहद कारगर साबित होते हैं. ये उपाय न सिर्फ पूरी तरह प्राकृतिक हैं बल्कि सस्ते, सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध भी हैं, जिससे ग्रामीण ही नहीं शहरी लोग भी जरूरत पड़ने पर घर में ही इस नुस्खे को झटपट तैयार कर सकते हैं.

लोकल 18 से बातचीत में सतना निवासी उर्मिला मिश्रा ने बताया कि मच्छरों से छुटकारा पाने के लिए घर में मौजूद सामान्य चीजों का उपयोग करके बेहद कारगर उपाय तैयार किए जा सकते हैं. इनकी खासियत यह है कि इनमें किसी भी तरह के हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता. इसके लिए सबसे पहले एक प्याज लिया जाता है, जिसे छीलकर उसके ऊपरी हिस्से में छोटा सा छेद किया जाता है. इस छेद में सरसों का तेल डाला जाता है, फिर उसमें पिसा हुआ तेजपत्ता और कपूर मिलाया जाता है.

मच्छरों का सफाया करेगा प्याज का दीया
उन्होंने कहा कि इस तैयार मिश्रण के ऊपर एक बाती लगाकर उसे जला दिया जाता है, जिससे यह एक देसी प्याज का दीया बन जाता है. इस दीये को घर के उन कोनों में रखा जाता है, जहां मच्छरों की अधिकता होती है. जैसे ही यह दीया जलता है, उसमें से निकलने वाली गंध और धुआं मच्छरों को दूर भगाने में मदद करता है. कुछ ही देर में इसका असर दिखाई देने लगता है और मच्छर या तो भाग जाते हैं या खत्म हो जाते हैं.

बाजार के उत्पादों से बेहतर और सुरक्षित विकल्प
एक्सपर्ट की मानें तो बाजार में मिलने वाले कई मच्छर भगाने वाले उत्पादों में हानिकारक केमिकल होते हैं, जो लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं. खासकर छोटे बच्चों में एलर्जी, सांस संबंधी समस्याएं और त्वचा रोग जैसी दिक्कतें सामने आ सकती हैं. इसके विपरीत देसी उपाय पूरी तरह सुरक्षित होते हैं और इनके इस्तेमाल से किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं होता.

परंपरा और विश्वास का मजबूत आधार
बघेलखंड में वर्षों से इन घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल होता आ रहा है और लोगों का इनपर गहरा विश्वास भी है. आधुनिकता के दौर में भले ही लोग नई तकनीकों और उत्पादों की ओर बढ़े हों लेकिन जब बात स्वास्थ्य और सुरक्षा की आती है, तो पुराने देसी तरीके आज भी भरोसेमंद साबित हो रहे हैं. यही कारण है कि अब शहरों में भी लोग इन पारंपरिक उपायों को अपनाने लगे हैं.

About the Author

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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सतना. गर्मियों के मौसम में जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, वैसे-वैसे मच्छरों का प्रकोप भी लोगों की परेशानी का बड़ा कारण बन जाता है. बाजार में उपलब्ध केमिकल युक्त मॉस्किटो किलर भले ही तुरंत असर दिखाते हों लेकिन इनके दुष्प्रभाव खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं. ऐसे में बघेलखंड के पारंपरिक देसी नुस्खे बेहद कारगर साबित होते हैं. ये उपाय न सिर्फ पूरी तरह प्राकृतिक हैं बल्कि सस्ते, सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध भी हैं, जिससे ग्रामीण ही नहीं शहरी लोग भी जरूरत पड़ने पर घर में ही इस नुस्खे को झटपट तैयार कर सकते हैं.

लोकल 18 से बातचीत में सतना निवासी उर्मिला मिश्रा ने बताया कि मच्छरों से छुटकारा पाने के लिए घर में मौजूद सामान्य चीजों का उपयोग करके बेहद कारगर उपाय तैयार किए जा सकते हैं. इनकी खासियत यह है कि इनमें किसी भी तरह के हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता. इसके लिए सबसे पहले एक प्याज लिया जाता है, जिसे छीलकर उसके ऊपरी हिस्से में छोटा सा छेद किया जाता है. इस छेद में सरसों का तेल डाला जाता है, फिर उसमें पिसा हुआ तेजपत्ता और कपूर मिलाया जाता है.

मच्छरों का सफाया करेगा प्याज का दीया
उन्होंने कहा कि इस तैयार मिश्रण के ऊपर एक बाती लगाकर उसे जला दिया जाता है, जिससे यह एक देसी प्याज का दीया बन जाता है. इस दीये को घर के उन कोनों में रखा जाता है, जहां मच्छरों की अधिकता होती है. जैसे ही यह दीया जलता है, उसमें से निकलने वाली गंध और धुआं मच्छरों को दूर भगाने में मदद करता है. कुछ ही देर में इसका असर दिखाई देने लगता है और मच्छर या तो भाग जाते हैं या खत्म हो जाते हैं.

बाजार के उत्पादों से बेहतर और सुरक्षित विकल्प
एक्सपर्ट की मानें तो बाजार में मिलने वाले कई मच्छर भगाने वाले उत्पादों में हानिकारक केमिकल होते हैं, जो लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं. खासकर छोटे बच्चों में एलर्जी, सांस संबंधी समस्याएं और त्वचा रोग जैसी दिक्कतें सामने आ सकती हैं. इसके विपरीत देसी उपाय पूरी तरह सुरक्षित होते हैं और इनके इस्तेमाल से किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं होता.

परंपरा और विश्वास का मजबूत आधार
बघेलखंड में वर्षों से इन घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल होता आ रहा है और लोगों का इनपर गहरा विश्वास भी है. आधुनिकता के दौर में भले ही लोग नई तकनीकों और उत्पादों की ओर बढ़े हों लेकिन जब बात स्वास्थ्य और सुरक्षा की आती है, तो पुराने देसी तरीके आज भी भरोसेमंद साबित हो रहे हैं. यही कारण है कि अब शहरों में भी लोग इन पारंपरिक उपायों को अपनाने लगे हैं.

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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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