सीएम ने नेता-अफसरों को उठाया, फिर बैठाया:कलेक्टर बोलीं- रोटी-पराठे नहीं कुछ और बनाएं, गैस बचेगी; पूर्व जज के घर से सिलेंडर चोरी

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। सीएम बोले- एक बार सभी उठकर फिर से बैठ जाएं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक कार्यक्रम में अलग ही अंदाज में नजर आए। उन्होंने मजाक-मजाक में नेताओं और अफसरों को बड़ा संदेश दे दिया। सीएम जब कार्यक्रम को संबोधित करने के लिए मंच पर आए तो सबसे पहले उन्होंने सभी से अपनी जगह पर खड़े होकर फिर से बैठने के लिए कहा। सीएम की यह बात किसी की समझ में नहीं आई और कुछ पल के लिए सभी हैरान रह गए। दरअसल यह वाकया भोपाल में कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत आयोजित एक कार्यक्रम का है, जिसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी और प्रबुद्धजन शामिल हुए थे। सीन कुछ ऐसा बना कि जैसे ही सीएम को संबोधन के लिए बुलाया गया, वे अपनी कुर्सी से उठे। उनके साथ मंच पर बैठे अन्य नेता भी उनके सम्मान में खड़े हो गए, लेकिन नीचे बैठे कई नेता और अफसर अपनी जगह पर बैठे ही रहे। इस पर सीएम ने मजाकिया लहजे में कहा- एक बार सभी उठकर फिर से बैठ जाएं, बहुत देर हो गई बैठे-बैठे। इतना सुनते ही पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा। अब लोग कह रहे हैं कि सीएम ने हंसी-मजाक में ही नेताओं और अफसरों को एक बड़ा संदेश दे दिया। दरअसल कार्यक्रम काफी लंबा चल रहा था। लंबे समय से लगातार बैठे रहने की वजह से कई लोग असहज भी नजर आ रहे थे। ऐसे में सीएम ने पलभर के लिए ही सही, वहां बैठे नेताओं और अफसरों को थोड़ा ‘सीधा’ होने का मौका दे दिया। पूर्व जज के घर से चार गैस सिलेंडर उड़ा ले गए चोर देश में एलपीजी गैस की किल्लत क्या बढ़ी, चोरों का फोकस भी बदल गया। भोपाल में चोरों ने एक पूर्व जज के घर से एक नहीं, दो नहीं, बल्कि पूरे चार गैस सिलेंडर ही उड़ा लिए। चोरी की यह घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें चोर सिलेंडर ले जाते नजर आ रहे हैं। गैस सिलेंडर संकट के बीच हुई इस घटना को लोग चटकारे लेकर एक-दूसरे को सुना रहे हैं। लोगों का कहना है कि आज के हालात में गैस सिलेंडर मिलना भी किसी सोना-चांदी मिलने से कम नहीं है। हालांकि इस मामले में चोर कुछ बदकिस्मत ही निकले, क्योंकि चारों सिलेंडर खाली थे। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। कलेक्टर मैडम की खाने का मेन्यू बदलने की सलाह एलपीजी गैस संकट के बीच बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह ने लोगों को खाने का मेन्यू बदलने की अनोखी सलाह दे दी। इसके बाद वे सोशल मीडिया पर ट्रोल होने लगीं, वहीं विपक्ष ने भी इस पर निशाना साधा है। कलेक्टर ने कहा कि जिन व्यंजनों को बनाने में ज्यादा ईंधन लगता है, उनसे हटकर ऐसे खाने की ओर जाना चाहिए जो कम ईंधन में बन जाए। जैसे रोटी-पराठों की जगह हम दूसरे ऐसे मेन्यू अपना सकते हैं, जिन्हें बनाने में कम गैस लगे। इस पर कांग्रेस का कहना है कि गैस की किल्लत और महंगाई की मार से जूझ रही जनता को मोहन राज में राहत के बजाय अफसर ज्ञान दे रहे हैं। वहीं इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोग कलेक्टर को जमकर घेर रहे हैं। कई यूजर्स उनकी सलाह पर तंज कसते हुए तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुल मिलाकर मैडम का बयान ट्रोलर्स के निशाने पर आ गया है। कांग्रेस ने बांटा कोयला, गैस संकट पर किया प्रदर्शन उधर बड़वानी कलेक्टर ने ईंधन बचाने के लिए खाने का मेन्यू बदलने की सलाह दी, तो इधर भोपाल में कांग्रेस ने मानो ईंधन ही बदल दिया। कांग्रेस नेता कट्टों, थैलियों और ठेला-गाड़ी पर कोयला लेकर बाजार में निकल पड़े। दरअसल, यह एलपीजी गैस की किल्लत के खिलाफ किया गया विरोध प्रदर्शन था। कांग्रेस नेताओं ने लोगों को मुफ्त में कोयला बांटा और कहा कि हम आपके घर का चूल्हा बुझने नहीं देंगे। अब लोग कह रहे हैं कि कांग्रेस ने ईंधन बदलकर, यानी कोयले के सहारे, राजनीति की रोटियां सेकने की कोशिश की है। हालांकि इन रोटियों का स्वाद कैसा रहा, यह तो 2028 के चुनाव में ही पता चलेगा। इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल), साकिब खान (भोपाल) सचिन राठौर (बड़वानी) ये भी पढ़ें – मंत्री बोले- क्यों बार-बार मेरी नाक कटवाते हो: भाजपा विधायक ने सिंधिया से कहा- मैं आपकी ‘मैं हूं ना’ का फैन जबलपुर में मंत्री राकेश सिंह सफाई कर्मचारियों पर भड़क उठे। उन्होंने उन्हें जमकर फटकार लगाते हुए कहा- तुम्हें शर्म नहीं आती? बार-बार मेरी नाक क्यों कटवाते हो? दरअसल, स्थानीय लोगों ने मंत्री राकेश सिंह से इलाके में साफ-सफाई नहीं होने की शिकायत की थी। पूरी खबर पढ़ें
केरला स्टोरी 2 में गीत लिखना बड़ी जिम्मेदारी:साहिल सुल्तानपुरी बोले– संस्कृति, मां भवानी और राजस्थान की परंपरा से प्रेरित होकर एक रात में घूमर लिखा

फिल्म ‘द केरला स्टोरी 2’ में ‘घूमर’ गीत लिखने वाले गीतकार साहिल सुल्तानपुरी इन दिनों चर्चा में हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में बताया कि यह गाना उन्होंने दुर्गा पूजा के दौरान एक रात में लिखा। साहिल कहते हैं कि गाना मां भवानी, राजस्थानी संस्कृति और भारतीय परंपरा से प्रेरित है, इसलिए इसे लिखते समय जिम्मेदारी भी ज्यादा महसूस हुई। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म को लेकर हुए विवाद से ज्यादा जरूरी है कि दर्शक खुद थिएटर जाकर फिल्म देखें और फैसला करें। बातचीत में उन्होंने अपने संघर्ष, इंडस्ट्री के अनुभव और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर भी खुलकर बात की। पेश है कुछ प्रमुख अंश.. सवाल: ‘द केरला स्टोरी 2’ में आपका गीत ‘घूमर’ काफी चर्चा में है। इसकी शुरुआत कैसे हुई? जवाब: इस फिल्म के लिए मन्नान शाह भाई का फोन आया था। उन्होंने कहा कि फिल्म में एक घूमर गीत चाहिए। उस समय मैं कोलकाता में दुर्गा पूजा में था। उन्होंने ट्यून भेजी और कहा कि आज ही चाहिए। पूरी रात जागकर मैंने गीत लिखा और रात करीब 2 बजे भेज दिया। सवाल: इस गीत को लिखते समय आपके मन में क्या चल रहा था? जवाब: जब आप किसी संस्कृति को पेश करते हैं तो जिम्मेदारी बढ़ जाती है। घूमर राजस्थान की पहचान है, इसलिए मैंने कोशिश की कि शब्दों में वही सम्मान और भाव आएं। गाना मां भवानी और भारतीय संस्कृति से जुड़ा है, इसलिए इसे बहुत श्रद्धा के साथ लिखा। सवाल: क्या इसके लिए आपने खास रिसर्च भी की? जवाब: हां, थोड़ी बहुत जानकारी पहले से थी क्योंकि मैंने पहले भी राजस्थानी बैकड्रॉप वाली फिल्म और एक सीरियल किया था। इसके अलावा इंटरनेट और अपने अनुभव से मारवाड़ी शब्द और संस्कृति को समझकर गीत में शामिल किया। सवाल: फिल्म के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह ने आप पर भरोसा कैसे जताया? जवाब: मैं उनका बहुत आभारी हूं। इससे पहले उनकी फिल्म ‘कमांडो 3’ में मेरा लिखा गाना ‘आंखियां मिलावांगा’ था, जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया। उसी भरोसे की वजह से उन्होंने मुझे फिर मौका दिया। सवाल: ‘द केरला स्टोरी 2’ को लेकर पहले काफी विवाद भी हुए। आपने इसे कैसे देखा? जवाब: मेरा मानना है कि हर फिल्म का अपना मुद्दा होता है। अगर किसी को आपत्ति है तो वह अपनी राय रख सकता है, लेकिन फैसला दर्शकों को करना चाहिए। लोगों को थिएटर जाकर फिल्म देखनी चाहिए, फिर तय करना चाहिए कि सही क्या है। सवाल: कुछ फिल्मकारों ने भी फिल्म का विरोध किया था, इस पर आपकी क्या राय है? जवाब: मैं किसी का विरोध नहीं करता। हर किसी की अपनी सोच होती है। लेकिन मेरा मानना है कि किसी भी बात को कहने का एक तरीका होना चाहिए। अगर सुझाव देना है तो सम्मान के साथ देना चाहिए। सवाल: मुंबई आने के बाद आपका पहला बड़ा मौका कब मिला? जवाब: मैं 1995 के आसपास मुंबई आया। पहला मौका मुझे टी-सीरीज में मिला। 1999 में हमने क्रिकेट वर्ल्ड कप पर ‘जीतेंगे हम हिंदुस्तानी’ नाम का एल्बम किया था। सवाल: अब तक आपने कितने गाने लिखे हैं? जवाब: लगभग 300 गाने रजिस्टर हो चुके हैं। कुछ फिल्मों में, कुछ एल्बम में और कुछ अलग प्रोजेक्ट्स में। सवाल: आगे किन प्रोजेक्ट्स में काम कर रहे हैं? जवाब: कुछ प्रोजेक्ट्स लाइनअप हैं, लेकिन अभी उनके नाम बताना मुश्किल है। कई बार फिल्मों में गाने बाद में हट भी जाते हैं, इसलिए मैं तभी बताना पसंद करता हूं जब सब तय हो जाए। सवाल: दर्शकों से क्या कहना चाहेंगे? जवाब: बस यही कि फिल्म देखें और ‘घूमर’ गीत को भी प्यार दें। अगर लोगों को हमारा काम पसंद आए, वही हमारे लिए सबसे बड़ी खुशी है।
केरला स्टोरी 2 में गीत लिखना बड़ी जिम्मेदारी:साहिल सुल्तानपुरी बोले– संस्कृति, मां भवानी और राजस्थान की परंपरा से प्रेरित होकर एक रात में घूमर लिखा

फिल्म ‘द केरला स्टोरी 2’ में ‘घूमर’ गीत लिखने वाले गीतकार साहिल सुल्तानपुरी इन दिनों चर्चा में हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में बताया कि यह गाना उन्होंने दुर्गा पूजा के दौरान एक रात में लिखा। साहिल कहते हैं कि गाना मां भवानी, राजस्थानी संस्कृति और भारतीय परंपरा से प्रेरित है, इसलिए इसे लिखते समय जिम्मेदारी भी ज्यादा महसूस हुई। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म को लेकर हुए विवाद से ज्यादा जरूरी है कि दर्शक खुद थिएटर जाकर फिल्म देखें और फैसला करें। बातचीत में उन्होंने अपने संघर्ष, इंडस्ट्री के अनुभव और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर भी खुलकर बात की। पेश है कुछ प्रमुख अंश.. सवाल: ‘द केरला स्टोरी 2’ में आपका गीत ‘घूमर’ काफी चर्चा में है। इसकी शुरुआत कैसे हुई? जवाब: इस फिल्म के लिए मन्नान शाह भाई का फोन आया था। उन्होंने कहा कि फिल्म में एक घूमर गीत चाहिए। उस समय मैं कोलकाता में दुर्गा पूजा में था। उन्होंने ट्यून भेजी और कहा कि आज ही चाहिए। पूरी रात जागकर मैंने गीत लिखा और रात करीब 2 बजे भेज दिया। सवाल: इस गीत को लिखते समय आपके मन में क्या चल रहा था? जवाब: जब आप किसी संस्कृति को पेश करते हैं तो जिम्मेदारी बढ़ जाती है। घूमर राजस्थान की पहचान है, इसलिए मैंने कोशिश की कि शब्दों में वही सम्मान और भाव आएं। गाना मां भवानी और भारतीय संस्कृति से जुड़ा है, इसलिए इसे बहुत श्रद्धा के साथ लिखा। सवाल: क्या इसके लिए आपने खास रिसर्च भी की? जवाब: हां, थोड़ी बहुत जानकारी पहले से थी क्योंकि मैंने पहले भी राजस्थानी बैकड्रॉप वाली फिल्म और एक सीरियल किया था। इसके अलावा इंटरनेट और अपने अनुभव से मारवाड़ी शब्द और संस्कृति को समझकर गीत में शामिल किया। सवाल: फिल्म के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह ने आप पर भरोसा कैसे जताया? जवाब: मैं उनका बहुत आभारी हूं। इससे पहले उनकी फिल्म ‘कमांडो 3’ में मेरा लिखा गाना ‘आंखियां मिलावांगा’ था, जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया। उसी भरोसे की वजह से उन्होंने मुझे फिर मौका दिया। सवाल: ‘द केरला स्टोरी 2’ को लेकर पहले काफी विवाद भी हुए। आपने इसे कैसे देखा? जवाब: मेरा मानना है कि हर फिल्म का अपना मुद्दा होता है। अगर किसी को आपत्ति है तो वह अपनी राय रख सकता है, लेकिन फैसला दर्शकों को करना चाहिए। लोगों को थिएटर जाकर फिल्म देखनी चाहिए, फिर तय करना चाहिए कि सही क्या है। सवाल: कुछ फिल्मकारों ने भी फिल्म का विरोध किया था, इस पर आपकी क्या राय है? जवाब: मैं किसी का विरोध नहीं करता। हर किसी की अपनी सोच होती है। लेकिन मेरा मानना है कि किसी भी बात को कहने का एक तरीका होना चाहिए। अगर सुझाव देना है तो सम्मान के साथ देना चाहिए। सवाल: मुंबई आने के बाद आपका पहला बड़ा मौका कब मिला? जवाब: मैं 1995 के आसपास मुंबई आया। पहला मौका मुझे टी-सीरीज में मिला। 1999 में हमने क्रिकेट वर्ल्ड कप पर ‘जीतेंगे हम हिंदुस्तानी’ नाम का एल्बम किया था। सवाल: अब तक आपने कितने गाने लिखे हैं? जवाब: लगभग 300 गाने रजिस्टर हो चुके हैं। कुछ फिल्मों में, कुछ एल्बम में और कुछ अलग प्रोजेक्ट्स में। सवाल: आगे किन प्रोजेक्ट्स में काम कर रहे हैं? जवाब: कुछ प्रोजेक्ट्स लाइनअप हैं, लेकिन अभी उनके नाम बताना मुश्किल है। कई बार फिल्मों में गाने बाद में हट भी जाते हैं, इसलिए मैं तभी बताना पसंद करता हूं जब सब तय हो जाए। सवाल: दर्शकों से क्या कहना चाहेंगे? जवाब: बस यही कि फिल्म देखें और ‘घूमर’ गीत को भी प्यार दें। अगर लोगों को हमारा काम पसंद आए, वही हमारे लिए सबसे बड़ी खुशी है।
सिख लड़की को मुस्लिम बनाने के 10 हजार पाउंड:युवती का दावा- UK में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग एक्टिव, कौर-टू-खान मूवमेंट चल रहा

ब्रिटेन में कौर-टू-खान मूवमेंट चल रहा है। सिख लड़कियों को फंसाकर उन्हें मुसलमान बनाया जा रहा है। इसके लिए यूके में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग सक्रिय है। इंग्लैंड में रहने वाले पंजाबी नवदीप सिंह ने एक युवती का वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें युवती ये सभी दावे कर रही है। हालांकि, दैनिक भास्कर उस युवती के दावों की पुष्टि नहीं करता। युवती ने वीडियो में दावा किया कि यूके में ग्रूमिंग गैंग को कौर (सिख लड़की) से खान (मुस्लिम) बनाने पर 10 हजार पाउंड दिए जा रहे हैं। युवती का कहना है कि पाकिस्तानी मूल की ग्रूमिंग गैंग सोची-समझी साजिश के तहत गैर-मुस्लिम लड़कियों, खासकर सिख लड़कियों को निशाना बना रहे हैं। युवती ने ग्रूमिंग गैंग की स्ट्रेटजी का भी खुलासा किया। उसका कहना है कि ग्रूमिंग गैंग पहले लड़कियों को टारगेट कर उनसे इमोशनली अटैच होते हैं, फिर उन्हें महंगी गाड़ियों व रेस्टोरेंट्स में घुमाते हैं और जब लड़की उनके जाल में फंस जाती है तो उसका धर्म परिवर्तन करा देते हैं। युवती का दावा है कि अलग-अलग धर्म की लड़कियों को फंसाने के रेट भी अलग हैं। सिख लड़की को फंसाकर मुस्लिम बनाने पर युवक को 10,000 पाउंड (करीब 11 लाख रुपये) मिलते हैं। वहीं, हिंदू या ईसाई लड़की के धर्म परिवर्तन कराने पर 5,000 पाउंड (करीब साढ़े 5 लाख रुपये) का इनाम दिया जाता है। कैसे जाल बिछाते हैं ग्रूमिंग गैंग, स्टेप-टू-स्टेप प्रोसेस जानिए… युवती बोली- एक धर्म के सभी लोग खराब नहीं होते युवती ने यह भी कहा कि यह वीडियो किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, और न ही किसी को टारगेट करने के लिए बनाया गया है। उसने कहा कि एक धर्म के सभी लोग खराब नहीं होते। कुछ लोग होते हैं जो पूरे धर्म को बदनाम करते हैं। जनवरी में सिखों ने एक 15 वर्षीय लड़की को छुड़ाया करीब 2 महीने पहले वेस्ट लंदन के हॉन्सलो इलाके में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग ने एक 15 वर्षीय लड़की को बंधक बना लिया था। जिस फ्लैट में यह मामला सामने आया, उसी में एक सिख युवक भी रहता है। युवक ने एक दिन 34 वर्षीय पाकिस्तानी युवक को सीढ़ियों से उतरते वक्त 15 वर्षीय सिख लड़की के साथ देखा। उसने पाकिस्तानी युवक को रोका तो वह भड़क गया था। पाकिस्तानी युवक इस सिख लड़की को सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक अपने फ्लैट में रखता था। आरोप है कि उसने लड़की का यौन शोषण करने के लिए 6 पुरुषों को बुलाया था। इन सभी ने मिलकर उसके साथ रेप किया। सिख युवक ने पाकिस्तानी युवक के घर से बच्ची को रिहा करने की बात कही तो वह मामले से दूर रहने की धमकी देने लगा। उसने पुलिस को इस संबंध में शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद सिख युवक ने अपने समुदाय के लोगों को इकट्ठा किया और पाकिस्तानी युवक के फ्लैट का घेराव किया। अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील भाजपा के पंजाब प्रवक्ता सरचंद सिंह ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से अपील की है कि इस मुद्दे को केवल धार्मिक मामला नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा से जुड़ा वैश्विक मुद्दा मानकर गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड से लगातार इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।
Khabar Hatke | UP: Presidents Spectacles Saved by Langur Cutout; Farmer Farms as Bear

उत्तर प्रदेश में एक महिला गैस सिलेंडर की कमी से ससुराल छोड़ मायके चली गई। वहीं UP के ही संभल में किसान भालू बनकर खेती कर रहे हैं। उधर मथुरा-वृंदावन में राष्ट्रपति के चश्मे को बचाने के लिए लंगूर के कटआउट लगाए जा रहे हैं। . आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
Saas Bahu Conflict Advice; Husband Support Relationship Tips

41 मिनट पहले कॉपी लिंक सवाल- मेरी शादी को 2 साल हो चुके हैं। मेरे हसबैंड के पेरेंट्स भी हमारे साथ रहते हैं। यहां बाकी सब तो ठीक है, लेकिन मेरी सास मुझे सख्त नापसंद हैं। वो हर चीज के लिए टोकती हैं। चाहती हैं कि मैं हर काम उनकी मर्जी से, उनसे पूछकर करूं। यहां तक कि उन्हें इस बात से भी समस्या है कि मैं कब-किससे बात करती हूं। ये बातें मेरे हसबैंड को भी पता हैं। अकेले में वो मुझे सपोर्ट करते हैं, लेकिन अपनी मां के सामने चुप रहते हैं। कहते हैं, “मैं मां को नहीं समझा सकता, लेकिन तुम्हें समझा सकता हूं।” मैं समझते-समझते थक गई हूं। क्या करूं? एक्सपर्ट: डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा जवाब- अपनी समस्या को इतने साफ शब्दों में लिखने के लिए शुक्रिया। आपने जो समस्या बताई है, ये अक्सर जॉइंट फैमिली में देखने को मिलती है। यह कोई आदर्श स्थिति नहीं है। बहुत ज्यादा रोक–टोक हो तो परेशानी जायज है। लेकिन पता है, जीवन की और इंसान की सबसे अच्छी बात क्या है। वो ये कि हममें खुद को बदलने की असीमित क्षमता है। आइए आपकी स्थिति को बेहतर बनाने के तरीकों पर बात करते हैं। आपकी फीलिंग्स पूरी तरह वैलिड हैं आप जो महसूस कर रही हैं, वो बिल्कुल सही है। अगर सास हर बात पर टोकती हैं तो इससे आपकी प्राइवेसी और आजादी का दायरा कम हो सकता है। हमारे समाज में सास-बहू के बीच ऐसे कॉन्फ्लिक्ट बहुत कॉमन हैं। सास कंट्रोल करने की कोशिश क्यों करती हैं? सास अकसर बहुओं को कंट्रोल करने की कोशिश इसलिए करती हैं क्योंकि वो सिर्फ बहुओं को ही कंट्रोल कर सकती हैं। अब तक उनकी जिंदगी में जितने भी और रिश्ते थे, उन सब में उनकी स्थिति मातहत की थी। वो अपनी सास को, पति को, बेटे को किसी को कंट्रोल नहीं कर सकती थीं। बहू के रूप में उन्हें जीवन में पहला ऐसा रिश्ता मिला है, जिसके ऊपर उनका पावर है। अपनी सत्ता छिनने का डर इस तरह की स्थितियां अक्सर इनसिक्योरिटी से पैदा होती हैं। अभी सास के हाथ में घर की पावर है। यह सत्ता एक लंबे संघर्ष के बाद उनके पास आई है। इससे पहले ये पावर उनकी सास के हाथ में रही होगी। अब आपके आने से उनके मन में एक अनजाना डर हो सकता है। शायद उन्हें महसूस हो रहा हो कि बहू के आने से घर में उनका हक या उनकी अहमियत कहीं कम न हो जाए। यह भी हो सकता है कि वह जताना चाहती हों कि “इस घर में आज भी मेरी चलती है।” इसलिए वह बार-बार टोककर अपनी जगह सुरक्षित रखने का प्रयास करती हैं। बार-बार टोकने से बढ़ता स्ट्रेस बार-बार टोका-टाकी से किसी भी व्यक्ति के मन पर गहरा असर पड़ता है। इससे तनाव बढ़ सकता है और भावनात्मक संतुलन बिगड़ सकता है। इसके कई साइकोलॉजिकल इफेक्ट हो सकते हैं, सभी ग्राफिक में देखिए- हसबैंड को कैसे समझाएं? आपके हसबैंड अकेले में ही सही, पर आपको सपोर्ट करते हैं। आपने बताया कि वह अपनी मां के सामने चुप रहते हैं। उन्हें बताएं कि ये आपको हर्ट करता है। आप अपने हसबैंड से ये बातें कह सकती हैं- “मैं समझती हूं कि आप मां से प्यार करते हो, लेकिन मुझे भी आपका सपोर्ट चाहिए। मैं खुद को अकेला महसूस करती हूं।” “मां का सम्मान करना अच्छी बात है, लेकिन क्या सम्मान का मतलब हर सही–गलत बात को चुपचाप सिर्फ बर्दाश्त करना होता है?” “क्या आप मां से प्यार से बात नहीं कर सकते। क्या उन्हें प्यार से यह समझाया नहीं जा सकता कि मैं भी तो इस घर की बेटी हूं। मुझे भी थोड़ी आजादी, थोड़ा स्पेस चाहिए।” मेरा बोलना उन्हें बुरा लग सकता है, लेकिन आपकी बात वो सुनेंगी और अमल भी करेंगी। आपको किस बात का डर है कि मां सोचेंगी कि “आप जोरू के गुलाम हो गए हैं।’’ लेकिन आप रोज अपने व्यवहार, अपनी बातों से यह दिखा सकते हैं कि आप अभी भी उन्हें उतना ही प्यार करते हैं। ऊपर मैंने जितने भी उदाहरण पेश किए हैं, उन सबका सार और उनका मकसद एक ही है। अगर प्यार से, संतुलन से और सम्मान से बात की जाए तो दुनिया की कोई ऐसी समस्या नहीं है, जो सुलझ न सके। बिना नाराज हुए, बिना दुखी हुए, बिना आवाज ऊंची किए सिर्फ एक बार अपनी भावनाओं को व्यक्त करके देखिए। अपना पक्ष एक बार तार्किक ढंग से उनके सामने रखकर देखिए। प्यार और कंपैशन से बदल सकते हैं रिश्ते हम ये नहीं कह रहे कि प्यार से पूरी दुनिया बदल जाएगी, लेकिन ये दवा की तरह काम करता है। सास को प्यार दिखाएं। उन्हें महसूस करवाएं कि आप उनकी टीम में ही हैं। इसके लिए छोटी-छोटी चीजें ट्राई करें। जैसे- साथ घूमने जाएं, शॉपिंग करें, टीवी देखें। ह्यूमर से डील करें सिचुएशन आपने सोशल मीडिया पर वो मीम जरूर देखा होगा। एक बहू काम कर रही होती है और सास आकर पूछती है- “तू काम क्यों कर रही है? क्या ये तेरे बाप का घर है?” बहू कहती है, “नहीं।” फिर सास पूछती है, “क्या ये मेरे बाप का घर है?” बहू कहती है, “नहीं।” फिर सास अपने बेटे की तरफ देखती है और कहती है, “ये इसके बाप का घर है। जिसका घर है, वही काम करेगा।” ये ह्यूमर है, लेकिन इसमें सीख ये है कि घर सबका है। सास को ये महसूस करवाएं कि बहू भी फैमिली का हिस्सा है। ह्यूमर से बात कहें, नाराजगी से नहीं। साइकोलॉजिकल हेल्प कब लें? अगर ये तरीके काम न करें तो प्रोफेशनल हेल्प लें। इसके लिए फैमिली थेरेपी ली जा सकती है। इससे आपको प्रोफेशनल टूल्स मिलेंगे, जिससे सिचुएशन को हैंडल करने में मदद मिलेगी। इस दौरान खुद का ख्याल रखें इस बीच खुद को न भूलें। सेल्फ-केयर जरूरी है। जर्नल लिखें, वॉक करें। अपनी हॉबी फॉलो करें। याद रखें, आप अकेली नहीं हैं। लाखों बहुएं ये फेस करती हैं, लेकिन आप मजबूत हैं। दोस्तों से बात करें। जर्नलिंग करें। वॉक और योग करें। हॉबीज ट्राई करें। काउंसलिंग लें। खुद को दोष न दें। एक सच्ची गल्पकथा आखिरी बात से पहले मैं एक कहानी सुनाना चाहती हूं। एक
Actress Jiah Khan Death Case, Boyfriend Sooraj Pancholi Accused of murder, Know Full Story and Case Details

1 घंटे पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय कॉपी लिंक बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के जिया खान डेथ केस में अब तक आपने पढ़ा कि कैसे 3 जून 2013 को जिया खान का शव उनके जुहू स्थित अपार्टमेंट में फांसी के फंदे से लटका मिला। जिया की मौत के 4 दिन बाद उनके घर से 6 पन्नों का नोट मिला, जिसमें उन्होंने लिखा था कि सूरज पंचोली ने उनके साथ मारपीट की और उनका जबरदस्ती अबॉर्शन करवाया। उनकी मां की शिकायत के बाद जिया के बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली की गिरफ्तारी हुई। जांच में सामने आया कि मौत से चंद मिनटों पहले तक जिया ने सूरज को कई कॉल किए थे, वो उनके घर भी गई थीं। जिया की मां ने इस समय सूरज पर हत्या के आरोप भी लगाए। उन्होंने जिया की डेडबॉडी की तस्वीरें दिखाईं, जिनमें चोट के कई निशान थे। हालांकि दूसरी तरफ सूरज की मां ने कहा कि जिया एक बार मां से झगड़े के बाद रोती हुईं उनके घर आई थीं, उनके सिर से खून निकल रहा था। जिया की मौत के दिन का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया, जिसमें सूरज के पिता आदित्य पंचोली, जिया की बिल्डिंग में नजर आए। जुलाई 2014 में सीबीआई ने केस की जांच शुरू की, जिससे केस के कई और एंगल भी सामने आए। अब पार्ट-2 में जानिए कहानी आगे- क्यों मौत से पहले सूरज के घर गई थीं जिया खान जिया खान केस में जनवरी 2014 में जुहू पुलिस ने 447 पन्नों की चार्जशीट दायर की थी। इसके बाद जुलाई 2014 में केस सीबीआई को ट्रांसफर किया गया। दिसंबर 2015 में सभी तथ्यों की जांच के बाद सीबीआई ने चार्जशीट दायर की। चार्जशीट के अनुसार, जिया खान डेथ केस की जांच में कॉल रिकॉर्ड्स निकालने से सामने आया कि जिस समय जिया की मौत हुई, उससे कुछ मिनट पहले तक उनकी बॉयफ्रेंज सूरज पंचोली से कॉल पर बात हुई थी। जिया खान और सूरज सितंबर 2012 से रिलेशनशिप में थे। सीबीआई की जांच के मुताबिक, रात 10 बजकर 4 मिनट पर सूरज ने जिया को कॉल किया था। उन्होंने जिया से कहा था कि वो एक होटल में जूलरी डिजाइनर का इंतजार कर रहे हैं। दरअसल, जिया, अपनी बहन कविता को बर्थडे में तोहफा देने के लिए खास जूलरी बनवा रही थीं। जिस दिन जिया की मौत हुई, उस दिन दोपहर को वो बहन कविता के लिए जूलरी लेने बांद्रा गई थीं। कविता 3 जून को मौत वाले दिन ही रात 3 बजे की फ्लाइट से मुंबई लैंड करने वाली थीं। लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही जिया की मौत हो गई। खुद कुछ जूलरी खरीदने के अलावा जिया ने सूरज को एक अमाउंट दिया था, जिससे वो जूलरी डिजाइनर नीलू से जूलरी पिक कर सकें। रात को 10 बजे के करीब कॉल पर हुई बातचीत में सूरज ने उनसे यही कहा था कि वो जूलरी डिजाइनर से मिलने होटल आए हैं। कॉल रिकॉर्ड्स के अनुसार, सूरज से बात करने के बाद जिया ने तुरंत जूलरी डिजाइनर को कॉल किया। उन्होंने जिया को बताया कि उस दिन नहीं बल्कि अगली सुबह सूरज से मिलने वाली हैं। सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, जूलरी डिजाइनर से बात करने के बाद जिया ने गुस्से में सूरज को दोबारा कॉल किया और उन पर झूठ बोलने के आरोप लगाए। जिया को नाराज होता देख सूरज ने उस जूलरी डिजाइनर को कॉल किया और जिया से अगले दिन की अपॉइंटमेंट की बात कहने पर सवाल किया। इस पर डिजाइनर ने उन्हें यही कहा कि वो अगले दिन ही मिलेंगी। कुछ देर बाद सूरज ने फिर जूलरी डिजाइनर को कॉल किया और कहा कि वो जिया को कॉल कर उनकी गलतफहमी दूर करें। जूलरी डिजाइनर ने जिया को कॉल भी किए, लेकिन उनका नंबर व्यस्त था। इस समय जिया ने सूरज को कई कॉल और मैसेज किए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। रात 10 बजकर 22 मिनट पर सूरज ने जिया को कॉल किया। दोनों के बीच कुछ बातचीत हुई, जो आज तक साफ नहीं है। इसके थोड़ी देर बाद जिया अचानक सूरज के घर पहुंच गईं। उन्होंने पहुंचकर सूरज को कॉल किया, लेकिन उनका नंबर तब बंद था। जिया ने सूरज के हाउसहेल्प को भी कॉल किया। सूरज के कहने पर उसके घरेलू सहायक ने जिया से झूठ कहा कि वह अपने पिता आदित्य पंचोली के साथ मीटिंग में है। लेकिन जब हाउस हेल्प ने जिया को बाहर खड़ा देखा तो उसने सूरज को इसकी जानकारी दी। जब तक सूरज ने किसी को उसे अंदर बुलाने के लिए भेजा, जिया वहां से जा चुकी थी। इसके बाद सूरज ने उन्हें मैसेज कर फोन करने को कहा। जिया ने रात 10:45 बजे उसे कॉल किया। सीबीआई के अनुसार, दोनों के बीच हुई तीखी बातचीत को सूरज के हाउसहेल्प और घर में मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने भी सुना। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि जिया रात 10:48 बजे घर लौटी। सूरज ने 10:54 बजे उसे फिर कॉल किया और यह दोनों के बीच आखिरी बातचीत थी। इसके बाद 10:56 से 11:21 बजे के बीच सूरज द्वारा भेजे गए दस मैसेज का जिया ने कोई जवाब नहीं दिया। रात 11:20 बजे जब जिया की मां पार्टी से घर लौटीं, तब तक जिया की मौत हो चुकी थी। अबॉर्शन में आए कॉम्प्लिकेशन, डॉक्टर की सलाह के बावजूद अस्पताल नहीं गए सूरज सीबीआई जांच के दौरान उस डॉक्टर का भी बयान लिया गया, जिसने जिया के अबॉर्शन के लिए मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन दिया था। डॉक्टर के बयान के अनुसार, जिया की मौत से 5 महीने पहले यानी जनवरी 2013 में वो प्रेग्नेंट हुईं। उन्हें 4 हफ्ते का गर्भ था। सूरज ने डॉक्टर से कॉल पर मदद ली और जिया को खिलाई। दवाई दिए जाने के 2 दिन बाद सूरज ने डॉक्टर को कॉल कर कहा कि आधा फीटस (भ्रूण का आधा हिस्सा) जिया के अंदर फंसा हुआ है। ये अबॉर्शन के कॉम्प्लिकेशन में शामिल होता है। डॉक्टर ने सूरज से कहा कि वो तुरंत जिया को अस्पताल लाएं, लेकिन सूरज ने ऐसा नहीं किया। जांच अधिकारियों के मुताबिक, सूरज उस समय बॉलीवुड डेब्यू करने वाले थे। कोई स्कैंडल न बने इस डर से वो जिया को अस्पताल नहीं ले
Actress Jiah Khan Death Case, Boyfriend Sooraj Pancholi Accused of murder, Know Full Story and Case Details

3 घंटे पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय कॉपी लिंक बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के जिया खान डेथ केस में अब तक आपने पढ़ा कि कैसे 3 जून 2013 को जिया खान का शव उनके जुहू स्थित अपार्टमेंट में फांसी के फंदे से लटका मिला। जिया की मौत के 4 दिन बाद उनके घर से 6 पन्नों का नोट मिला, जिसमें उन्होंने लिखा था कि सूरज पंचोली ने उनके साथ मारपीट की और उनका जबरदस्ती अबॉर्शन करवाया। उनकी मां की शिकायत के बाद जिया के बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली की गिरफ्तारी हुई। जांच में सामने आया कि मौत से चंद मिनटों पहले तक जिया ने सूरज को कई कॉल किए थे, वो उनके घर भी गई थीं। जिया की मां ने इस समय सूरज पर हत्या के आरोप भी लगाए। उन्होंने जिया की डेडबॉडी की तस्वीरें दिखाईं, जिनमें चोट के कई निशान थे। हालांकि दूसरी तरफ सूरज की मां ने कहा कि जिया एक बार मां से झगड़े के बाद रोती हुईं उनके घर आई थीं, उनके सिर से खून निकल रहा था। जिया की मौत के दिन का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया, जिसमें सूरज के पिता आदित्य पंचोली, जिया की बिल्डिंग में नजर आए। जुलाई 2014 में सीबीआई ने केस की जांच शुरू की, जिससे केस के कई और एंगल भी सामने आए। अब पार्ट-2 में जानिए कहानी आगे- क्यों मौत से पहले सूरज के घर गई थीं जिया खान जिया खान केस में जनवरी 2014 में जुहू पुलिस ने 447 पन्नों की चार्जशीट दायर की थी। इसके बाद जुलाई 2014 में केस सीबीआई को ट्रांसफर किया गया। दिसंबर 2015 में सभी तथ्यों की जांच के बाद सीबीआई ने चार्जशीट दायर की। चार्जशीट के अनुसार, जिया खान डेथ केस की जांच में कॉल रिकॉर्ड्स निकालने से सामने आया कि जिस समय जिया की मौत हुई, उससे कुछ मिनट पहले तक उनकी बॉयफ्रेंज सूरज पंचोली से कॉल पर बात हुई थी। जिया खान और सूरज सितंबर 2012 से रिलेशनशिप में थे। सीबीआई की जांच के मुताबिक, रात 10 बजकर 4 मिनट पर सूरज ने जिया को कॉल किया था। उन्होंने जिया से कहा था कि वो एक होटल में जूलरी डिजाइनर का इंतजार कर रहे हैं। दरअसल, जिया, अपनी बहन कविता को बर्थडे में तोहफा देने के लिए खास जूलरी बनवा रही थीं। जिस दिन जिया की मौत हुई, उस दिन दोपहर को वो बहन कविता के लिए जूलरी लेने बांद्रा गई थीं। कविता 3 जून को मौत वाले दिन ही रात 3 बजे की फ्लाइट से मुंबई लैंड करने वाली थीं। लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही जिया की मौत हो गई। खुद कुछ जूलरी खरीदने के अलावा जिया ने सूरज को एक अमाउंट दिया था, जिससे वो जूलरी डिजाइनर नीलू से जूलरी पिक कर सकें। रात को 10 बजे के करीब कॉल पर हुई बातचीत में सूरज ने उनसे यही कहा था कि वो जूलरी डिजाइनर से मिलने होटल आए हैं। कॉल रिकॉर्ड्स के अनुसार, सूरज से बात करने के बाद जिया ने तुरंत जूलरी डिजाइनर को कॉल किया। उन्होंने जिया को बताया कि उस दिन नहीं बल्कि अगली सुबह सूरज से मिलने वाली हैं। सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, जूलरी डिजाइनर से बात करने के बाद जिया ने गुस्से में सूरज को दोबारा कॉल किया और उन पर झूठ बोलने के आरोप लगाए। जिया को नाराज होता देख सूरज ने उस जूलरी डिजाइनर को कॉल किया और जिया से अगले दिन की अपॉइंटमेंट की बात कहने पर सवाल किया। इस पर डिजाइनर ने उन्हें यही कहा कि वो अगले दिन ही मिलेंगी। कुछ देर बाद सूरज ने फिर जूलरी डिजाइनर को कॉल किया और कहा कि वो जिया को कॉल कर उनकी गलतफहमी दूर करें। जूलरी डिजाइनर ने जिया को कॉल भी किए, लेकिन उनका नंबर व्यस्त था। इस समय जिया ने सूरज को कई कॉल और मैसेज किए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। रात 10 बजकर 22 मिनट पर सूरज ने जिया को कॉल किया। दोनों के बीच कुछ बातचीत हुई, जो आज तक साफ नहीं है। इसके थोड़ी देर बाद जिया अचानक सूरज के घर पहुंच गईं। उन्होंने पहुंचकर सूरज को कॉल किया, लेकिन उनका नंबर तब बंद था। जिया ने सूरज के हाउसहेल्प को भी कॉल किया। सूरज के कहने पर उसके घरेलू सहायक ने जिया से झूठ कहा कि वह अपने पिता आदित्य पंचोली के साथ मीटिंग में है। लेकिन जब हाउस हेल्प ने जिया को बाहर खड़ा देखा तो उसने सूरज को इसकी जानकारी दी। जब तक सूरज ने किसी को उसे अंदर बुलाने के लिए भेजा, जिया वहां से जा चुकी थी। इसके बाद सूरज ने उन्हें मैसेज कर फोन करने को कहा। जिया ने रात 10:45 बजे उसे कॉल किया। सीबीआई के अनुसार, दोनों के बीच हुई तीखी बातचीत को सूरज के हाउसहेल्प और घर में मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने भी सुना। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि जिया रात 10:48 बजे घर लौटी। सूरज ने 10:54 बजे उसे फिर कॉल किया और यह दोनों के बीच आखिरी बातचीत थी। इसके बाद 10:56 से 11:21 बजे के बीच सूरज द्वारा भेजे गए दस मैसेज का जिया ने कोई जवाब नहीं दिया। रात 11:20 बजे जब जिया की मां पार्टी से घर लौटीं, तब तक जिया की मौत हो चुकी थी। अबॉर्शन में आए कॉम्प्लिकेशन, डॉक्टर की सलाह के बावजूद अस्पताल नहीं गए सूरज सीबीआई जांच के दौरान उस डॉक्टर का भी बयान लिया गया, जिसने जिया के अबॉर्शन के लिए मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन दिया था। डॉक्टर के बयान के अनुसार, जिया की मौत से 5 महीने पहले यानी जनवरी 2013 में वो प्रेग्नेंट हुईं। उन्हें 4 हफ्ते का गर्भ था। सूरज ने डॉक्टर से कॉल पर मदद ली और जिया को खिलाई। दवाई दिए जाने के 2 दिन बाद सूरज ने डॉक्टर को कॉल कर कहा कि आधा फीटस (भ्रूण का आधा हिस्सा) जिया के अंदर फंसा हुआ है। ये अबॉर्शन के कॉम्प्लिकेशन में शामिल होता है। डॉक्टर ने सूरज से कहा कि वो तुरंत जिया को अस्पताल लाएं, लेकिन सूरज ने ऐसा नहीं किया। जांच अधिकारियों के मुताबिक, सूरज उस समय बॉलीवुड डेब्यू करने वाले थे। कोई स्कैंडल न बने इस डर से वो जिया को अस्पताल नहीं ले
Navratri Vrat Diet Tips; Working Professionals Advice

Hindi News Lifestyle Navratri Vrat Diet Tips; Working Professionals Advice | Dietitian Poonam Tiwari 5 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक व्रत का मतलब है– संयम और अनुशासन। नवरात्रि व्रत में यह संयम और अनुशासन पूरे 9 दिन बरतना होता है। अगर इसके साथ नौकरी या ऑफिस के काम भी करने पड़ें, तो चुनौती बढ़ जाती है। पूरे दिन मीटिंग, काम के दबाव और डेडलाइन के बीच कई बार ऊर्जा की कमी, भूख और थकान महसूस होने लगती है। व्रत में लोग अक्सर ज्यादा तला-भुना फलाहार खाते हैं। लेकिन इससे एनर्जी क्रैश, डिहाइड्रेशन और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि- वर्किंग प्रोफेशनल्स हेल्दी तरीके से नवरात्रि व्रत कैसे रहें? वर्किंग लोगों के लिए नवरात्रि व्रत की डाइट क्या होनी चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ सवाल- नौकरीपेशा लोगों के लिए व्रत रखना क्यों चैलेंजिंग हो सकता है? जवाब- काम के बोझ के साथ व्रत रखना शरीर और दिमाग दोनों पर असर डाल सकता है। इन कारणों से वर्किंग लोगों के लिए लंबा व्रत ज्यादा चैलेंजिंग हो सकता है- घर–जॉब की डबल रिस्पॉन्सिबिलिटी चैलेंजिंग हो सकती है। ऑफिस के काम से स्ट्रेस बढ़ सकता है। फील्ड वर्क में खाली पेट ज्यादा थकान हो सकती है। खाली पेट लंबी मीटिंग मेंटल स्ट्रेस बढ़ा सकती है। देर तक भूखे रहने से ब्रेन जल्दी थकता है। व्रत की हाई कैलोरी, हाई फैट डाइट से सुस्ती हो सकती है। व्रत में स्लीप साइकल बदलने से थकान हो सकती है। लो फाइबर डाइट से बार-बार भूख लगती है। ज्यादा चाय–कॉफी पीने से बॉडी डिहाइड्रेट हो सकती है। गर्मी के मौसम में वैसे भी शरीर जल्दी थकता है। सवाल- क्या पूरा दिन काम और जॉब करने वाले लोगों को व्रत रखने के तरीके बदलने चाहिए? जवाब- हां, पारंपरिक तरीके से लंबे समय तक भूखे रहना या सिर्फ तला-भुना खाना शरीर पर ज्यादा दबाव डाल सकता है। सीनियर डाइटीशियन डॉ. पूनम तिवारी कहती हैं, नौकरीपेशा लोगों को व्रत रखते समय अपनी डाइट, रूटीन और खाने के तरीके में थोड़ा बदलाव करना चाहिए, ताकि ऊर्जा बनी रहे और सेहत पर असर न पड़े। सवाल- वर्किंग लोगों के लिए नवरात्रि व्रत रखने का हेल्दी तरीका क्या है? जवाब- इसके लिए डाइट और रुटीन को संतुलित रखना जरूरी है। डाइट- डाइट बैलेंस्ड रखें। खाने में प्रोटीन, फाइबर और एनर्जी से भरपूर चीजें चुनें। रूटीन- दिनचर्या सामान्य रखें। ज्यादा शारीरिक मेहनत से बचें और काम के दौरान बीच–बीच में ब्रेक लें। खाने का समय- दो मील के बीच लंबे गैप की बजाय कुछ-कुछ देर में हेल्दी स्नैक्स लें। खाने का तरीका- बहुत ज्यादा तली-भुनी या हैवी डाइट न लें। हाइड्रेशन- लगातार पानी पीते रहें। छाछ, नारियल पानी जैसी चीजें लेते रहें। चाय-कॉफी न पिएं। सवाल– वर्किंग लोगों के लिए नवरात्रि व्रत की डाइट क्या होनी चाहिए? जवाब- व्रत के दौरान डाइट ऐसी होनी चाहिए, जो लंबे समय तक एनर्जी दे, पेट भरा रखे और शरीर को जरूरी पोषण भी दे। ग्राफिक से सुबह से लेकर शाम तक का पूरा डाइट प्लान समझिए- तले हुए स्नैक्स की जगह भुने हुए मखाने या शकरकंद की चाट खाएं। कुछ मीठा बनाते समय चीनी की बजाय खजूर या गुड़ का इस्तेमाल करें। सवाल- वर्किंग लोग नवरात्रि व्रत में इंस्टेंट एनर्जी के लिए कौन-से फल और ड्रिंक्स ले सकते हैं? जवाब- फल और कुछ हल्के ड्रिंक्स शरीर को नेचुरल शुगर, इलेक्ट्रोलाइट और पानी देते हैं, जिससे थकान और कमजोरी कम महसूस होती है। पॉइंटर्स से समझते हैं- इंस्टेंट एनर्जी देने वाले फल केला- तुरंत ऊर्जा देता है, पोटेशियम से भरपूर होता है। सेब- इससे धीरे-धीरे ऊर्जा मिलती है, फाइबर और नेचुरल शुगर होता है। पपीता- कंप्लीट एनर्जी मिलती है, हल्का और पचने में आसान होता है। अनार- भरपूर पोषण मिलता है, ऊर्जा और एंटीऑक्सिडेंट देता है। मौसंबी/संतरा- विटामिन-C और हाइड्रेशन में मददगार है। इंस्टेंट एनर्जी देने वाले ड्रिंक्स नारियल पानी- इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर, तुरंत हाइड्रेशन देता है। नींबू पानी- थकान और डिहाइड्रेशन कम करने में मददगार है। छाछ/मठा- पेट हल्का रखता है और पाचन में मददगार है। दूध- प्रोटीन और ऊर्जा देता है। फ्रूट-योगर्ट स्मूदी- एनर्जी और प्रोटीन दोनों देता है। सवाल- वर्किंग लोगों को व्रत के दौरान अगर ऑफिस में भूख लगे तो उनके लिए हेल्दी स्नैकिंग के ऑप्शन क्या हो सकते हैं? जवाब- ऐसे स्नैक्स चुनना बेहतर है, जो हल्के हों, जल्दी ऊर्जा दें और लंबे समय तक पेट भरा रखें। पॉइंटर्स से समझते हैं हेल्दी स्नैकिंग ऑप्शन्स- भुना हुआ मखाना भीगे हुए बादाम या मिक्स नट्स फल (केला, सेब, पपीता) दही या फ्रूट योगर्ट शकरकंद चाट नारियल पानी मूंगफली या पीनट लड्डू खजूर और नट्स के एनर्जी बाइट्स सवाल- वर्किंग लोगों को नवरात्रि व्रत की डाइट में क्या चीजें नहीं खानी चाहिए? जवाब- नौकरीपेशा लोगों को ऐसी चीजें कम खानी चाहिए, जो भारीपन, सुस्ती या एनर्जी क्रैश पैदा करें। ग्राफिक से समझते हैं क्या चीजें नहीं खानी चाहिए- सवाल– वर्किंग लोगों का खाने का समय और तरीका क्या होना चाहिए? उन्हें क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए? जवाब- पॉइंटर्स से समझते हैं- छोटे-छोटे मील लें। दिन की शुरुआत न्यूट्रिशन रिच फूड से करें। हाइड्रेशन बनाए रखें। हल्का डिनर करें। धीरे-धीरे खाएं। अब ग्राफिक में देखिए कि क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए- सवाल- व्रत के दौरान ऑफिस में काम करते समय कमजोरी लगे या चक्कर आए तो क्या करें? जवाब- ऐसी स्थिति में ये काम करें- कुछ देर ब्रेक लें। पानी, नारियल पानी पिएं। कोई फल जैसे केला या खजूर लें। अगर बार-बार ऐसा महसूस हो रहा हो, तो व्रत जारी रखने की बजाय हल्का भोजन करना बेहतर है। जरूरत पड़े तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। सवाल- जिन्हें डायबिटीज है, क्या उन्हें नवरात्रि का व्रत रखना चाहिए? जवाब- डायबिटीज से पीड़ित लोगों को नवरात्रि व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। सवाल- व्रत के दौरान डायबिटिक लोगों को किन बातों का ख्याल रखना चाहिए? जवाब- डायबिटिक लोगों के लिए लंबे समय तक भूखे रहने से ब्लड शुगर अचानक कम (हाइपोग्लाइसीमिया) या ज्यादा (हाइपरग्लाइसीमिया) हो सकता है। पॉइंटर्स से समझते हैं कि किन बातों का ख्याल रखना चाहिए- सवाल- नवरात्रि व्रत में किन लोगों को पूरा दिन उपवास करने से बचना चाहिए? जवाब- पूरे दिन का उपवास हर
UP Eggs Get Laying & Expiry Dates; March 18 Current Affairs

1 घंटे पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. डाक विभाग ने वन-डे मेल डिलीवर सर्विस शुरू की 17 मार्च को केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और राज्य मंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी ने इंडिया पोस्ट की गारंटी वाली ‘नेक्स्ट डे डिलीवरी’ सर्विस शुरू की। ये कार्यक्रम नई दिल्ली के आकाशवाणी भवन में हुआ। नेक्स्ट डे डिलीवरी पहल का उद्देश्य पर्सनल कुरियर सर्विस के साथ डाक डिलीवरी को फास्ट बनाना है। पोस्टल डिपार्टमेंट ने नेक्स्ट डे डिलीवरी के अंतर्गत तीन प्रीमियम सर्विस शुरू की हैं-24 स्पीड पोस्ट – अर्जेंट कंसाइनमेंट के लिए अगले दिन (D+1) डिलीवरी की गारंटी।24 स्पीड पोस्ट पार्सल – अगले दिन (D+1) पार्सल डिलीवरी की गारंटी।48 स्पीड पोस्ट – इसमें ये तय करना कि दो दिनों में (D+2) डिलीवरी हो पाए। पहले फेज में ये सर्विस देश के छह मेट्रो शहरों में शुरू होगी-दिल्लीमुंबईचेन्नईकोलकाताबेंगलुरुहैदराबाद इसके बाद अगले फेज में ज्यादा शहरों तक विस्तार किया जाएगा। वन-डे मेल डिलीवरी OTP (वन टाइम पासवर्ड) पर आधारित होगी। वन-डे मेल में SMS अलर्ट के साथ ट्रैकिंग की सुविधा होगी। डिलीवरी में देरी की स्थिति में मनी-बैक गारंटी मिलेगी। वन-डे मेल में बिजनेस पिकअप के लिए सुविधा फ्री होगी। 2. पश्चिम बंगाल में मुख्य सचिव नंदिनी को पद से हटाया 16 मार्च को चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को पद से हटा दिया। नंदिनी पश्चिम बंगाल की पहली महिला चीफ सेक्रेटरी हैं। 1 जनवरी 2026 को वे इस पद पर अपॉइंट हुईं थीं। नंदिनी पश्चिम बंगाल कैडर 1994 बैच की IAS हैं। नंदिनी चक्रवर्ती की जगह 1993 बैच के IAS दुष्यंत नारियाला को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। नंदिनी ने अपनी पढ़ाई जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से की है। 1993 में एकेडमिक एक्सीलेंस के लिए नंदिनी को जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल अवॉर्ड दिया गया था। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के दूसरे ही दिन चुनाव आयोग ने 6 अफसरों का तबादला कर दिया। डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) पीयूष पांडे की जगह सिद्धनाथ गुप्ता को DGP बनाया है। राज्य के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा की जगह 1997 बैच की IAS अफसर संघमित्रा घोष को गृह सचिव अपॉइंट किया गया है। ट्रांसफर आदेश में कहा गया है कि जिन अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है, उन्हें चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी चुनाव से जुड़े पद पर अपॉइंट नहीं किया जाएगा। चुनाव आयोग ने 15 मार्च को बंगाल के अलावा तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था। बंगाल की 294 सीटों पर 2 फेज में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। 4 मई को रिजल्ट आएगा। नंदिनी 2023 में होम एंड हिल्स अफेयर्स डिपार्टमेंट की एडिशनल चीफ सेक्रेटरी रहीं। 3. इंडियन वेल्स ओपन में जैनिक सिनर, आर्यना सबालेंका जीते 16 मार्च को अमेरिका के कैलिफोर्निया में खेले गए इंडियन वेल्स ओपन में इटली के जैनिक सिनर और बेलारूस की आर्यना सबालेंका ने खिताब जीता। मेन्स सिंगल्स के फाइनल में सिनर ने रूस के डैनियल मेदवेदेव को हराकर अपना पहला इंडियन वेल्स टाइटल जीता। विमेंस सिंगल्स में वर्ल्ड नंबर-1 आर्यना सबालेंका ने एलिना रायबाकिना को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। सिनर ने हार्ड कोर्ट पर होने वाले सभी बड़े खिताब अपने नाम कर लिए हैं। सिनर के खिताबों में छह ATP मास्टर्स 1000, निट्टो ATP फाइनल्स, ऑस्ट्रेलियन ओपन और यूएस ओपन शामिल हैं। इससे पहले तक ये रिकॉर्ड सिर्फ रोजर फेडरर और नोवाक जोकोविच के नाम थे। सिनर ने 2023 में टोरंटो में अपना पहला मास्टर्स 1000 खिताब जीता था और अगले तीन सालों के भीतर ही उन्होंने हार्ड कोर्ट के सभी बड़े खिताब अपने नाम कर लिए हैं। विमेंस सिंगल्स फाइनल में आर्यना सबालेंका ने एलिना रायबाकिना को हराया। यह सबालेंका का पहला इंडियन वेल्स खिताब है। इससे पहले वह दो बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में हार चुकी थीं। सबालेंका ने 2025 के आखिर में वर्ल्ड नंबर 1 रैंकिंग हासिल की और 2026 में भी उस पर बरकरार हैं। साल 2023 और 2024 में सबालेंका ने ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियनशिप जीती। सबालेंका ने 2024 में यूएस ओपन चैंपियनशिप जीती। सबालेंका ने कई ग्रैंड स्लैम डबल्स खिताब भी जीते हैं, इनमें 2019 US ओपन और 2021 ऑस्ट्रेलियन ओपन शामिल हैं। सबालेंका ने 2015 में प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की थी और वे 6 साल की उम्र से टेनिस खेल रही हैं। अमेरिका के कैलिफोर्निया में इंडियन वेल्स ओपन खेला गया। 4. भारत और नॉर्डिक देशों के बीच बैठक हुई 16 मार्च को भारत और नॉर्डिक देशों के राजदूतों ने भारत-यूरोपीय फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और भारत- EFTA के लिए बातचीत की। नॉर्डिक देशों में नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड शामिल हैं। इस चर्चा में व्यापार, निवेश, डिजिटल टेक्नोलॉजी, AI, रीन्यूएबल एनर्जी और क्लीन टेक्नोलॉजी पर बातचीत की गई। भारत और नॉर्डिक देशों ने भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते पर बात की और इसके महत्व पर जोर दिया। भारत-EU FTA का उद्देश्य भारत और यूरोपीय संघ के बीच वस्तुओं और सेवाओं के लिए बाजार पहुंच में सुधार करना है। 5. अभिनेत्री नवनींद्र बहल का निधन 16 मार्च को अभिनेत्री नवनींद्र बहल का निधन हो गया। वे 76 साल की थीं। नवनींद्र क्वीन, ओए लकी, लकी ओए जैसी फिल्मों और कई टेलीविजन शो में अपने यादगार अभिनय के लिए जानी जाती थीं। नवनींद्र ने तीन साल की छोटी उम्र में एक्टिंग करना शुरू कर दिया था और अपने शुरुआती सालों में वे शौकिया थिएटर में शामिल हुईं थीं। ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद नवनींद्र ने शिक्षाशास्त्र की पढ़ाई की और पंजाब यूनिवर्सिटी पटियाला में ड्रामा डिपार्टमेंट में लेक्चरर बन गईं। एक लेक्चरर के तौर पर उन्होंने कई एक्टर्स को ट्रेनिंग दी और थिएटर, टेलीविजन और फिल्मों में काम किया। नवनींद्र ने UGC से चलने वाले ऑडियो-विजुअल रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर के तौर पर भी काम किया। नवनींद्र को 1984 में ‘कुमारस्वामी’ शो के लिए आकाशवाणी बेस्ट राइटर अवॉर्ड मिला। 6. UP में अब हर अंडे पर लिखी जाएगी एक्सपायरी 17 मार्च को उत्तर प्रदेश सरकार ने हर अंडे पर एक्सपायरी डेट लिखने का आदेश दिया है। 1 अप्रैल से हर








