सेंट्रल यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों ने की भूख हड़ताल:सागर में महर्षि पतंजलि भवन से योग शिक्षा विभाग को शिफ्ट किए जाने का कर रहे विरोध

सागर के डॉ हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में विद्यार्थी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने बताया कि योग शिक्षा विभाग को महर्षि पतंजलि भवन में संचालित किया जा रहा था। लेकिन कुलपति द्वारा योग विभाग को कंप्यूटर साइंस विभाग में विस्थापित करने का आदेश जारी किया है। जिसका विद्यार्थी विरोध कर रहे हैं। इसी विरोध के चलते विद्यार्थी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार की शाम 5 बजे तक विद्यार्थी हड़ताल पर बैठे हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि विश्वविद्यालय में योग शिक्षा विभाग शुरू से ही महर्षि पतंजलि भवन में संचालित होता आ रहा है। लेकिन कुलपति द्वारा विभाग को कंप्यूटर साइंस भवन में शिफ्ट किया जा रहा है। छात्रों ने विभाग को शिफ्ट करने का किया विरोध इस भवन में किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं है। क्षतिग्रस्त अवस्था में है। इससे योग विभाग के छात्र-छात्राओं को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। योग शिक्षा विभाग के छात्र-छात्राओं की मांग है कि भवन को यथावत रखा जाए, वरना जब तक विश्वविद्यालय के कुलपति आश्वासन नहीं देंगे, भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे।
Iqair report most polluted country pakistan india on 6 delhi fourth

नई दिल्ली15 मिनट पहले कॉपी लिंक वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2025 के मुताबिक भारत दुनिया का छठा सबसे प्रदूषित देश है। उत्तर प्रदेश का लोनी दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बना है, जबकि दिल्ली चौथे स्थान पर है। यह रिपोर्ट स्विस कंपनी IQAir ने जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में 5 भारत के हैं। इनमें लोनी, बर्नीहाट, दिल्ली, गाजियाबाद और उला शामिल हैं। लोनी का औसत PM2.5 स्तर 112.5 µg/m³ दर्ज किया गया, जो WHO की गाइडलाइन (5 µg/m³) से 22 गुना ज्यादा है। रिपोर्ट में 143 देशों के 9,446 शहरों के डेटा का एनालिसिस किया गया है। इसके मुताबिक सबसे ज्यादा पॉल्यूटेड देशों में पाकिस्तान पहले नंबर पर है। इसके बाद बांग्लादेश, ताजिकिस्तान, चाड और कांगो हैं। भारत छठे स्थान पर है। 54 देशों में प्रदूषण बढ़ा रिपोर्ट के मुताबिक 54 देशों में PM2.5 बढ़ा है। जबकि 75 देशों में PM2.5 में कमी आई है। 2 देशों में कोई बदलाव नहीं हुआ है और 12 नए देश शामिल हुए हैं। दुनिया के सिर्फ 14% शहर ही WHO के मानकों पर खरे उतरे हैं। जंगल की आग बना बड़ा कारण 2025 में क्लाइमेट चेंज के चलते जंगल की आग ने वैश्विक प्रदूषण बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। यूरोप और कनाडा से रिकॉर्ड बायोमास उत्सर्जन हुआ, जिससे 1,380 मेगाटन कार्बन उत्सर्जन हुआ। अमेरिका और यूरोप में भी असर अमेरिका में PM2.5 बढ़कर 7.3 µg/m³ हुआ। एल पासो सबसे प्रदूषित शहर रहा। जबकि सिएटल सबसे साफ शहर बना। यूरोप के भी 23 देशों में प्रदूषण बढ़ा, जबकि 18 में कमी आई। मॉनिटरिंग में कमी से बढ़ी चिंता मार्च 2025 में अमेरिकी ग्लोबल एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग प्रोग्राम बंद होने से कई देशों में डेटा की कमी हो गई। CREA के अनुसार 44 देशों में मॉनिटरिंग कमजोर हुई है। 6 देश बिना किसी मॉनिटरिंग के रह गए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
सांसद राघव चड्डा संसद में किया दावा, आपके जूस में है बीमारी फैलाने वाले रसायन, डॉक्टर से जानें पूरा सच

Last Updated:March 24, 2026, 18:41 IST Raghav Chadha on Fruit Juice: सांसद राघव चड्डा ने संसद में दावा किया है कि बाजार में जो पैकेटबंद जूस मिलते हैं उसमें बीमारियों को फैलाने वाली चीजें मिली रहती है. कंपनियां डिब्बे पर सही जानकारी नहीं देती जिसके कारण युवाओं को कई तरह की बीमारियों का शिकार होना पड़ता है. ऐसे में सवाल उठता है कि फ्रूट जूस में ऐसा क्या होता है जो बीमारियों का घर बन जाता है. इसलिए हमने यही सवाल डॉ. प्रभात रंजन सिन्हा से किया. उन्होंने इसकी पूरी सच्चाई बताई. संसद में सवाल पूछते हुए राघव चड्डा. Photo-Ragahv Chadha X Raghav Chadha on Fruit Juice: आप जो जूस पीते हैं क्या वह शुद्ध जूस होता है? अगर आप खुद जूस के डिब्बे को देखेंगे तो शायद ही लगेगा कि यह जूस इतना खराब हो सकता है लेकिन आम आदमी पार्ट के राज्यसभा सांसद राघव चड्डा ने इसके लिए तीखा सवाल किया है. उन्होंने संसद में कहा है कि बाजार में जो पैकेटबंद जूस हम पीते है उसकी पैकेजिंग से हमें लगता है कि यह बहुत ही ताजा और शुद्ध होगा लेकिन जमीनी हकीकत बेहद खराब है. वास्तव में इस जूस में चीनी का घोल मिला रहता है जो युवाओं को डायबिटीज, मोटापा और लाइफस्टाइल की कई बीमारियों को जन्म दे रहा होता है. डॉ. राघव चड्डा ने जो सवाल उठाए हैं वे कई मायने में सही है. आकाश हेल्थकेयर, नई दिल्ली में इंटरनल मेडिसीन के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. प्रभात रंजन सिन्हा से हमने इससे होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से बातचीत की है. आइए जानते हैं. राघव चड्डा ने क्या कहा पहले ये जानते हैं कि राघव चड्डा ने संसद में क्या है. राघव चड्डा ने सरकार से सवाल का जवाब मांगते हुआ कहा कि भारत का कंज्यूमर ब्रांड एक बड़ी बीमारी का शिकार है जिसे मिसलीडिंग ब्रांड और फॉल्स एडवरटाइजमेंट के नाम से जाना जाता है. जब हम फ्रूट जूस खरीदते हैं तो डिब्बे पर एकदम बढ़िया फ्रेश फ्रूट जूस की तस्वीर लगी रहती है. यह बहुत ही लुभावनी लगती है. इससे लगता है कि जूस बहुत ताजा है लेकिन डिब्बे के पीछे बहुत छोटे-छोटे अक्षरों लिखा रहता है कि यह पिक्चर सिर्फ मार्केटिंग उद्येश्य के लिए है. इसे पढ़कर हमारे देश के युवा यह सोचकर इसे पीते हैं कि उन्हें लगता है कि यह हेल्दी और स्वादिष्ट है लेकिन उन्हें पता नहीं कि वे चीनी का घोल पी रहे हैं जिनके चलते डायबिटीज, मोटापा और लाइफस्टाइल डिजीज होती है. मेरी सरकार से यह सवाल है कि क्या सरकार इस तरह के भ्रामक प्रचार पर पाबंदी लगाने के बारे में सोच रही है. You think you’re drinking Fruit Juice? THINK AGAIN.Big food brands are selling sugar water with shiny ‘fresh fruit’ pictures on the front. And hiding the truth in tiny fine print at the back of packet which reads ‘Pictures for marketing purposes only’. SERIOUSLY? Today in… pic.twitter.com/ROu2YGH3G2 — Raghav Chadha (@raghav_chadha) March 24, 2026
Summer Tips: गर्मी में हेल्थ को कैसे रखें ठीक, जानिए 7 आसान टिप्स, बॉडी रहेगी बिल्कुल फिट

Last Updated:March 24, 2026, 18:08 IST गर्मी का मौसम अपने साथ कई चुनौतियां लाता है. तेज़ धूप, उमस और बढ़ता तापमान शरीर को थका देता है और कई बार सेहत पर भी असर डाल सकता है. ऐसे में सही आदतें अपनाना बेहद जरूरी है ताकि आप न केवल गर्मियों की थकान से बच सकें, बल्कि खुद को फिट, हाइड्रेटेड और तंदरुस्त भी रख सकें. नीचे कुछ आसान और प्रभावी हेल्थ टिप्स दिए गए हैं, जिन्हें अपनाकर आप गर्मियों में अपने शरीर और मन को तरोताजा रख सकते हैं. गर्मियों में हेल्थ का ख्याल रखना बेहद जरूरी है. तेज़ धूप, उमस और बढ़ते तापमान से शरीर में पानी की कमी, थकान और कई बार पेट या त्वचा की समस्याएं हो सकती हैं. ऐसे में कुछ आसान आदतों को अपनाकर आप गर्मियों में खुद को फिट और तंदरुस्त रख सकते हैं. गर्मियों में शरीर तेजी से पानी खोता है. इसलिए दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं. नारियल पानी, नींबू पानी या फलों का जूस भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है. कोशिश करें कि रोज़ाना कम से कम 8-10 गिलास पानी लें. भारी और तैलीय भोजन गर्मियों में पचाना मुश्किल होता है. फ्रूट सलाद, दही, ओट्स और हरी सब्ज़ियां शरीर को ऊर्जा देती हैं और पेट को हल्का रखती हैं. दिन में कई बार हल्का भोजन करना बेहतर होता है. Add News18 as Preferred Source on Google हल्के रंग और कॉटन के कपड़े पहनें. ये न केवल शरीर को ठंडा रखते हैं बल्कि पसीने को सोखकर आराम भी पहुंचाते हैं. धूप में बाहर जाते समय कैप या छाता का इस्तेमाल करें. दोपहर के समय तेज़ धूप से बचें. UV किरणें त्वचा और आंखों के लिए हानिकारक होती हैं. बाहर निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें और कोशिश करें कि धूप में कम समय बिताएं. तरबूज, खीरा, संतरे और खट्टे फल गर्मियों में शरीर को ठंडक देते हैं. ये न केवल पानी की कमी को पूरा करते हैं बल्कि शरीर को आवश्यक विटामिन और मिनरल भी देते हैं. सुबह-सुबह हल्की वॉक या योग करें. गर्मी में भारी व्यायाम शरीर पर तनाव डाल सकता है, इसलिए सूरज कम होने के बाद हल्की गतिविधियां ही करें. पर्याप्त नींद और आराम भी जरूरी है. एलोवेरा जूस, खीरे का जूस, ठंडे पानी से स्नान करना या ठंडी पट्टियों का इस्तेमाल शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है. ये उपाय न केवल राहत देते हैं, बल्कि शरीर को अंदर से ताज़गी भी देते हैं. गर्मी में इन आसान टिप्स को अपनाकर आप न केवल खुद को सेहतमंद रख सकते हैं, बल्कि गर्मी की थकान और परेशानियों से भी बच सकते हैं. हाइड्रेशन, हल्का भोजन, सही पहनावा और ठंडक देने वाले फलों का सेवन करना आपकी हेल्थ को गर्मियों में मजबूत बनाए रखेगा. First Published : March 24, 2026, 18:08 IST
आंवला मिश्री के फायदे: आंवले के साथ मिश्री खाने से हो सकते हैं सेहतमंद ये खास फायदे, जानें कैसे और कैसे खाएं

आंवला मिश्री के फायदे | छवि: फ्रीपिक आंवला मिश्री के फायदे: आयुर्वेद में आँवले को अत्यंत सौभाग्यशाली माना जाता है और जब इसे मिश्री के साथ खाया जाता है तो इसकी मात्रा और भी अधिक बढ़ जाती है। जब हम थकावट और कमज़ोर इम्युनिटी से बचते हैं तो आपके लिए बेहद बढ़िया साबित हो सकते हैं। आइये इस लेख में विवरण से लेकर मसालों और मिश्री खाने के फायदों के बारे में विस्तार से बताया गया है। जड़ी बूटी और मिश्री का संयोजन मिश्रित विटामिन-सी, एंटीऑक्सीडेंट और तंबाकू का भंडार है, लेकिन इसका स्वाद कसैला और कट्टा होता है। मिश्री न केवल इसका स्वाद लाती है, बल्कि इसकी तासीर और भी अधिक गुणकारी होती है। ध्यान रहे, यहां सामान्य चीनी की जगह ग्लास वाली मिश्री का उपयोग करना सबसे अच्छा होता है क्योंकि यह मूर्ति से मुक्त और अनपेक्षित तासीर वाली होती है। एल्युमीनियम और मिश्री इम्युनिटी को मजबूत बनाता है विटामिन-सी का सबसे बड़ा स्रोत है। मिश्री के साथ नियमित सेवन शरीर की रक्षा प्रणाली को मजबूत करता है, जिससे विषाक्तता और वायरल संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। मिश्रित और मिश्रित पाचन तंत्र मजबूत होता है अगर आपको एसिडिटी, सीने में जलन या उल्टी की चिंता है, तो मिश्री और मिश्री का सेवन आपके लिए बेहद फायदेमंद है। यह पेट की गर्मी को शांत करता है और पाचन रसों के स्राव में मदद करता है। आँखों की रोशनी और बालों की चमक के लिए रामबाण आंवले में मौजूद ‘कैरोटीन’ आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक है। वहीं, मिश्री के साथ इसके सेवन बालों को जन्म से मजबूत बनाया जाता है और उन्हें असमय सफेद होने से जोड़ा जाता है। हीमोग्लोबिन को बढ़ाने में मदद मिलती है जिन लोगों का इरादा या खून की कमी है, उनके लिए यह रामबाण है। यह शरीर में आयरन को बढ़ाने में मदद करता है। जड़ी-बूटियों और मिश्री का सेवन कब और कैसे करें? मूर्ति आँवले के आकार और मात्रा में पिसी हुई मिश्री मिला लें। रोज सुबह खाली पेट एक मसाला इस मिश्रण को गुनगुने पानी के साथ लें। यदि ताज़ा मशीनरी उपलब्ध है, तो 10-20 मिली रस में एक मिश्री मिश्री पिएं। आयुर्वेद के अनुसार, इसका अधिक लाभ उठाने के लिए सुबह खाली पेट का सेवन करना सबसे उत्तम माना जाता है। ये भी पढ़ें – बुध मंगल युति 2026: बुध-मंगल की युति से इन 3 रातों-रात चमकेगी किस्मत, शुरू होगी स्वर्णिम समय अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।
शीर्ष 10 सबसे अमीर राज्यसभा सांसद और उनकी संपत्ति

बंदी सारधी: तेलंगाना के सांसद श्री डॉ बंदी पार्थ सारधी (बीआरएस) 5300+ करोड़ रुपये की कुल संपत्ति के साथ सूची में शीर्ष पर हैं, जो कि चल संपत्ति में 5215+ करोड़ रुपये से प्रेरित है। राजिंदर गुप्ता: AAP के राजिंदर गुप्ता 5053+ करोड़ रुपये के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जिसमें 4437+ करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 615+ करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। एएआर रेड्डी: आंध्र प्रदेश के अल्ला अयोध्या रामी रेड्डी (वाईएसआरसीपी) की कुल संपत्ति 2577+ करोड़ रुपये है, जिसमें 2518+ करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 59+ करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। अभिषेक मनु सिंघवी: तेलंगाना के अभिषेक मनु सिंघवी (कांग्रेस) के पास 2558+ करोड़ रुपये हैं, जिसमें 2104+ करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 453+ करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। जया बच्चन: समाजवादी पार्टी की जया अमिताभ बच्चन ने 1578+ करोड़ रुपये की घोषणा की, जिसमें 849 + करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 729 + करोड़ रुपये की अचल संपत्ति के बीच लगभग समान विभाजन है। कपिल सिब्बल: उत्तर प्रदेश के स्वतंत्र सांसद कपिल सिब्बल ने कुल संपत्ति 608 करोड़ रुपये से अधिक बताई है, जिसमें 376 करोड़ रुपये चल और 232 करोड़ रुपये अचल संपत्ति शामिल है। (छवि: इंस्टाग्राम) संत्रप्त मिश्र: संतरूप मिश्रा (बीजेडी), ओडिशा ने 595+ करोड़ रुपये की संपत्ति की सूचना दी, जिसमें मुख्य रूप से 533+ करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 61+ करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। विक्रमजीत सिंह साहनी: आप नेता ने कुल संपत्ति 498 करोड़ रुपये घोषित की है, जिसमें 466 करोड़ रुपये चल और 31 करोड़ रुपये अचल संपत्ति है। एमआर रेड्डी: आंध्र प्रदेश के मेदा रघुनाधा रेड्डी (वाईएसआरसीपी) ने 475+ करोड़ रुपये की संपत्ति बताई, जिसमें 102+ करोड़ रुपये की चल संपत्ति की तुलना में 372+ करोड़ रुपये की अचल संपत्ति में हिस्सेदारी अधिक है। (छवि: इंस्टाग्राम) दिलीप रे: ओडिशा के निर्दलीय सांसद, 456+ करोड़ रुपये के साथ सूची को बंद कर देते हैं, जिसमें 403+ करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 53+ करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है।
Beauty Tips: 20 साल के होते ही Gen Z लड़कों के झडने लगे हैं बाल, तो 40 में तो हो जाएंगे गंजे! एक्सपर्ट ने बताई वजह

आजकल बालों का झड़ना सिर्फ 40–50 की उम्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि 20–25 साल के लड़कों में भी तेजी से गंजापन देखने को मिल रहा है. हाल ही में एक्सपर्ट्स ने बताया कि Gen Z यानी आज की युवा पीढ़ी में हेयर फॉल एक आम समस्या बनती जा रही है. Traya Health के आंकड़ों के अनुसार यह समस्या तेजी से बढ़ रही है. उनके 5 लाख पुरुषों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि बाल झड़ने की समस्या से जूझ रहे 50% लोग 25 साल से कम उम्र के हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह केवल जेनेटिक समस्या नहीं है, बल्कि आज की खराब लाइफस्टाइल इसका सबसे बड़ा कारण बनती जा रही है. यह सिर्फ लुक्स का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाल रहा है. पहले जहां बाल झड़ना उम्र बढ़ने का संकेत माना जाता था, वहीं अब कॉलेज जाने वाले लड़के भी हेयरलाइन पीछे जाने की चिंता में हैं. Traya Health की कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. दिव्या के अनुसार, इसका सबसे बड़ा कारण आज की बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल है. लगातार बढ़ता स्ट्रेस, अनियमित नींद और डिजिटल लाइफस्टाइल बालों की जड़ों को कमजोर कर रही है. आज की Gen Z देर रात तक मोबाइल और लैपटॉप पर रहती है, जिससे शरीर का हार्मोनल बैलेंस बिगड़ता है. इससे बालों की ग्रोथ साइकिल प्रभावित होती है और बाल समय से पहले झड़ने लगते हैं. इसके अलावा पढ़ाई, करियर और सोशल प्रेशर के कारण लगातार तनाव बना रहता है, जिससे शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है और हेयर फॉल तेज हो जाता है. खराब खानपान भी इस समस्या को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रहा है. आज की युवा पीढ़ी घर के खाने से ज्यादा फास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड और जंक फूड पर निर्भर हो गई है. ऐसे खाने में जरूरी पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, आयरन, जिंक और विटामिन D और B12 की कमी होती है, जिससे बाल कमजोर और पतले होने लगते हैं. इसके साथ ही प्रदूषण और खराब पानी भी स्कैल्प को नुकसान पहुंचाती है, जिससे बाल जल्दी टूटने लगते हैं. शहरों में रहने वाले युवाओं में यह समस्या ज्यादा देखी जा रही है. इसके अलावा जेनेटिक कारण भी अहम भूमिका निभाते हैं. अगर परिवार में पहले से गंजेपन की समस्या रही है, तो अगली पीढ़ी में इसके जल्दी दिखने की संभावना बढ़ जाती है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि DHT नाम का हार्मोन बालों की जड़ों को छोटा कर देता है, जिससे धीरे-धीरे बाल पतले होकर गिरने लगते हैं. हालांकि, आज की लाइफस्टाइल इस प्रक्रिया को और तेज कर देती है, इसलिए पहले के मुकाबले अब कम उम्र में ही गंजापन दिखने लगा है. इस समस्या से बचने के लिए समय रहते कदम उठाना बहुत जरूरी है. सबसे पहले अपनी डाइट सुधारें और प्रोटीन, हरी सब्जियां, फल और नट्स को शामिल करें. अच्छी नींद लें और स्ट्रेस को कम करने के लिए योग या एक्सरसाइज करें. साथ ही बालों में ज्यादा केमिकल प्रोडक्ट्स और हीट स्टाइलिंग से बचें. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर शुरुआती स्टेज में ध्यान दिया जाए, तो बालों के झड़ने की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है. वरना 20 की उम्र में शुरू हुआ हेयर फॉल 40 तक गंजेपन में बदल सकता है.
‘क्या ईडी अधिकारी काम करते समय अधिकार खो देते हैं?’: I-PAC मामले की सुनवाई के दौरान SC ने ममता सरकार से सवाल किया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 24, 2026, 17:56 IST सुप्रीम कोर्ट ने ईडी और पीएसी की तलाशी में बाधा पर पश्चिम बंगाल से सवाल किए, ईडी अधिकारियों की धारा 32 की याचिकाएं सुनीं, कपिल सिब्बल की आपत्तियों को खारिज कर दिया और चुनाव से जुड़ी देरी से इनकार किया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (छवि: पीटीआई) सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC की तलाशी में कथित हस्तक्षेप को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर सुनवाई करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार से तीखे सवाल पूछे। सुनवाई के दौरान, शीर्ष अदालत ने पूछा कि अगर भूमिकाएं उलट जाने पर ऐसी ही स्थिति उत्पन्न होती है तो राज्य की स्थिति क्या होगी। “क्या होगा यदि आपकी सरकार केंद्र में सत्ता में है और कोई अन्य राजनीतिक दल राज्य स्तर पर भी ऐसा ही करता है?” पीठ ने केंद्रीय एजेंसी के संचालन में बाधा पर चिंताओं को रेखांकित करते हुए यह टिप्पणी की। ईडी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के अधिकारियों पर इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पीएसी) से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के हिस्से के रूप में जनवरी की शुरुआत में की गई जांच और तलाशी अभियान में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है। जस्टिस पीके मिश्रा और एनवी अंजारिया की पीठ संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत ईडी की याचिका की विचारणीयता पर पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर सुनवाई कर रही थी। अदालत ने कहा कि एक संस्था के रूप में ईडी के अलावा, एजेंसी के व्यक्तिगत अधिकारियों ने भी अपने अधिकारों के उल्लंघन का दावा करते हुए उससे संपर्क किया है। न्यायमूर्ति मिश्रा ने टिप्पणी की, “कृपया ईडी के उन अधिकारियों के मौलिक अधिकार पर ध्यान केंद्रित करें जिनके खिलाफ अपराध किया गया है। अन्यथा, आप मुद्दे से चूक जाएंगे।” उन्होंने राज्य के वकील को व्यक्तिगत अधिकारियों द्वारा दायर याचिकाओं को नजरअंदाज करने के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा, “आप दूसरी याचिका को नहीं भूल सकते… सिर्फ ईडी, ईडी, ईडी मत कहिए।” पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि ईडी ऐसे मामले में अनुच्छेद 32 को लागू नहीं कर सकता, क्योंकि वैकल्पिक वैधानिक उपाय उपलब्ध हैं। सिब्बल ने कहा, “वैधानिक कर्तव्य के प्रदर्शन में कोई भी बाधा मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं है। एक वैधानिक उपाय है। अन्यथा, प्रत्येक पुलिस अधिकारी अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर करेगा।” उन्होंने यह भी तर्क दिया कि किसी मामले की जांच करना मौलिक अधिकार नहीं है। उन्होंने तर्क दिया, “एक ईडी अधिकारी को क़ानून के तहत केवल जांच करने का अधिकार है। उस अधिकार का उल्लंघन मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं है।” हालाँकि, पीठ असंबद्ध दिखाई दी, जिससे संकेत मिलता है कि कथित बाधा और व्यक्तिगत अधिकारियों पर इसके प्रभाव की बारीकी से जांच करने की आवश्यकता है। अदालत ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के कारण सुनवाई टालने के सुझाव को भी दृढ़ता से खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति मिश्रा ने कार्यवाही में देरी के अनुरोधों को खारिज करते हुए कहा, “हम चुनाव में पक्षकार नहीं बनना चाहते, हम किसी अपराध में भी पक्षकार नहीं बनना चाहते। हम अदालत के समय को जानते हैं।” मामला अभी भी विचाराधीन है, अदालत से उम्मीद है कि वह जांच एजेंसियों की कथित रुकावट से जुड़े मामलों में मौलिक अधिकारों के दायरे की और जांच करेगी। जगह : दिल्ली, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 24, 2026, 17:56 IST न्यूज़ इंडिया ‘क्या ईडी अधिकारी काम करते समय अधिकार खो देते हैं?’: I-PAC मामले की सुनवाई के दौरान SC ने ममता सरकार से सवाल किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सुप्रीम कोर्ट ईडी पश्चिम बंगाल मामला(टी)सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद 32 याचिका(टी)ईडी हस्तक्षेप आई-पीएसी खोजें(टी)ममता बनर्जी ईडी जांच(टी)पश्चिम बंगाल सरकार बनाम प्रवर्तन निदेशालय(टी)ईडी अधिकारियों के मौलिक अधिकार(टी)कपिल सिब्बल तर्क अनुच्छेद 32(टी)जांच एजेंसियों में बाधा भारत
पंजाब-चंडीगढ़ दिनभर,10 बड़ी खबरें:CM बोले- अमित शाह का नाम लेकर आदमी मरा; हिडन कैमरे से न्यूड VIDEO बनाया; चलती कार में हार्टअटैक; 1 अप्रैल से शराब महंगी

नमस्कार, पंजाब की आज की सबसे बड़ी खबर DM गगनदीप रंधावा के सुसाइड केस से जुड़ी रही। जिसमें एक तरफ रंधावा का पोस्टमॉर्टम हुआ। दूसरी तरफ पूर्व AAP मंत्री की कोर्ट में पेशी हुई। CM भगवंत मान ने CBI जांच कराने से इनकार कर दिया। इसके अलावा सरकार ने भुल्लर के ट्रांसपोर्ट और जेल विभाग का भी दूसरे मंत्रियों में बंटवारा कर दिया। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. CM मान बोले- शाह का नाम लेकर आदमी मरा, तब किसने रिजाइन किया पंजाब के अमृतसर में वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड केस की जांच CBI को देने की बात पर CM भगवंत मान भड़क गए। चंडीगढ़ में आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि अमित शाह और राजा वड़िंग पर भी आरोप लगाकर लोग मर गए। तब किसने रिजाइन किया और कौन गिरफ्तार हुआ? CBI जांच से इनकार करते हुए CM ने कहा कि मिनिस्टर का रिजाइन हो गया। उसे अरेस्ट कर लिया। चीफ सेक्रेटरी को जांच के आदेश दिए हैं। नियमों के मुबाबिक कार्रवाई होगी। हमारे लिए मंत्री-संतरी एक समान हैं। अगर में बराबर के एग्जाम्पल दूं तो हरियाणा का एडीजीपी (वाई पूरन कुमार) चंडीगढ़ में मरा था, उसकी जांच कौन सी सीबीआई को दी गई थी? उसमें सिर्फ डीजीपी की बदली कर निपटा दिया था। पटियाला में एक आदमी प्रेस के सामने पुल के नीचे बस स्टैंड के पास आग लगाकर मर गया। उसने कैप्टन अमरिंदर और भरतइंदर सिंह चहल का नाम लिया था। उसकी किस सीबीआई से जांच कराई और किसने इस्तीफा दिया था?। राजा वड़िंग का नाम लेकर एक फैमिली ने छलांग लगा दी थी। मां मर गई, बाप-बेटी बच गए। उस पर कौन सी सीबीआई जांच हुई, कौन सा इस्तीफा हुआ? एक आदमी सुनील कुमार अमित शाह का नाम लेकर मर गया था। उसमें शाह ने कब इस्तीफा दिया और कब जांच हुई? (पढ़ें पूरी खबर) 2. भुल्लर का चौथे दिन पोस्टमॉर्टम-अंतिम संस्कार AAP सरकार के मंत्री लालजीत भुल्लर पर आरोप लगा सुसाइड करने वाले वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप रंधावा का मंगलवार को पोस्टमॉर्टम हुआ। एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की निगरानी में डॉक्टरों की टीम ने साढ़े 4 घंटे तक पोस्टमॉर्टम किया। पोस्टमॉर्टम की पूरी वीडियोग्राफी हुई। हालांकि ये सामने नहीं आया कि उनके शरीर पर कोई चोट थी या नहीं, जैसे उनके परिवार ने आरोप लगाया था कि रंधावा के सिर पर पिस्टल के बट और कड़े से हमला किया गया था। इसके बाद रंधावा का चौथे दिन दुर्ग्याणा मंदिर के नजदीक स्थित श्मशानघाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान गमगीन माहौल में उन्हें अंतिम विदाई दी गई। परिवार ने उन्हें लाल पगड़ी पहनाई। इस दौरान पत्नी एकटक निहारती रही। वहीं पूर्व मंत्री भुल्लर को अमृतसर पुलिस ने कोर्ट में पेश कर दिया है। इस दौरान भुल्लर के समर्थकों ने कोर्ट में हंगामा भी किया। (पढ़ें पूरी खबर) 3. भुल्लर के विभाग चीमा और रवजोत को मिले लालजीत भुल्लर के इस्तीफे के बाद AAP सरकार ने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल कर दिया है। लालजीत भुल्लर के पास ट्रांसपोर्ट और जेल विभाग था। मंगलवार को हुए फेरबदल में भुल्लर का ट्रांसपोर्ट मंत्रालय वित्त मंत्री हरपाल चीमा को दे दिया गया है। भुल्लर के साथ चीमा ही इकलौते ऐसे मंत्री रहे, जिनके प्रमुख विभाग 4 साल में कभी नहीं बदले गए। अब ट्रांसपोर्ट विभाग के लिए भी चीमा पर ही भरोसा जताया गया है। इसके अलावा भुल्लर के पास जेल विभाग भी था। इसे अब मंत्री डॉ. रवजोत सिंह को दे दिया गया है। रवजोत सिंह पहले से NRI मामलों के मंत्री हैं। इससे पहले उनके पास निकाय विभाग भी था लेकिन बाद में उसे नए बनाए मंत्री संजीव अरोड़ा को दे दिया गया था। पंजाब में भगवंत मान सरकार (AAP) 16 मार्च 2022 को बनी। मंत्रियों के पदभार (पोर्टफोलियो) में अब तक (मार्च 2026 तक) कुल 9 बार बदलाव हुए हैं। इसमें कैबिनेट विस्तार, मंत्रियों का ड्रॉप/इस्तीफा, नए मंत्रियों का शामिल होना और विभागों का दोबारा बंटवारा शामिल है। (पढ़ें पूरी खबर) 4. दंपती ने ठेकेदार हनीट्रैप में फंसाया, बैग में हिडन कैमरा लगा न्यूड VIDEO बनाया फतेहगढ़ साहिब में ब्यूटीपार्लर चलाने वाली 28 साल की ब्यूटीशियन हनीट्रैप की मास्टरमाइंड निकली। उसने 6 महीने पहले लव मैरिज की। इसके बाद हरियाणा के एक ठेकेदार को हनीट्रैप में फंसा लिया। उसने ठेकेदार को मोरनी हिल्स के होटल में रात बिताने के लिए बुलाया। वह वहां हैंडबैग में हिडन कैमरा फिट करके पहुंची। उसने इससे बेड पर ठेकेदार की न्यूड वीडियो शूट कर ली। हालांकि ठेकेदार को शक हो गया। उसने पर्स चेक किया और कैमरा तोड़ दिया लेकिन तब तक उसका पति घर में बैठकर वीडियो रिकॉर्ड कर चुका था। इसके बाद उन्होंने ठेकेदार से 50 लाख रुपए की डिमांड शुरू कर दी। पुलिस ने दंपती और उनके साथी को पकड़ा तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसमें पता चला कि ठेकेदार को डिमांड पूरी करने के लिए फोन कॉल्स और मैसेज आने लगे। इससे ठेकेदार परेशान हो गया। लगातार मिलती धमकियों के चलते वह कपल को 25 लाख रुपए देने को तैयार हो गया। मगर, आरोपी 35 लाख से कम में राजी नहीं हुए। जिसके बाद पुलिस ने ट्रैप लगाकर इन्हें पकड़ा। उनसे हिडन कैमरा, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और एक कार भी बरामद की गई है। 5. 1 अप्रैल से पानी-शराब, कम्युनिटी सेंटर महंगे होंगे चंडीगढ़ में 1 अप्रैल से लोगों की जेब पर ज्यादा बोझ पड़ने वाला है। पानी से लेकर कूड़ा उठाने तक के चार्ज बढ़ाए जा रहे हैं। वाटर टैरिफ में 5% बढोतरी होगी। सीवरेज का सेस भी बढेगा। इसके अलावा कम्युनिटी सेंटरों की बुकिंग भी महंगी होगी। इसमें कैटेगरी के हिसाब से कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग रेट बढ़ने हैं। पांच से दस प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि बुकिंग में हो जाएगी। 1 अप्रैल से नई आबकारी नीति भी लागू हो जाएगी। इसके बाद शराब के रेट भी नई नीति के हिसाब से ही लागू होने हैं। हालांकि शराब के रेट में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। केवल 2 प्रतिशत
इंदौर में कांग्रेस की बैठक में हंगामा:भोजन को लेकर धक्का-मुक्की, प्रदेश प्रभारी चौधरी ने निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को बताया BJP का एजेंट बताया

इंदौर में मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के दौरे के दौरान पार्टी की रणनीति को लेकर मंथन हुआ। कांग्रेस कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मालवा-निमाड़ क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने की दिशा में चर्चा की गई। इस बैठक में शहर कार्यकारिणी, विभिन्न मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष और पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद कार्यालय में भोजन को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच धक्का मुक्की की स्थिति बन गई। मालवा-निमाड़ पर फोकस, इंदौर बनेगा केंद्र कांग्रेस अब मालवा-निमाड़ में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए इंदौर को केंद्र बनाकर रणनीति तैयार कर रही है। बैठक में शहर की 9 विधानसभा सीटों के साथ पूरे क्षेत्र में संगठन को सक्रिय करने पर जोर दिया गया। पार्टी बूथ स्तर से अभियान शुरू करने की तैयारी में है, ताकि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा सके। हरीश चौधरी की सख्त चेतावनी बैठक के दौरान प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने साफ कहा कि जो नेता और कार्यकर्ता जनता के बीच नहीं जा रहे, वे पार्टी के नहीं बल्कि बीजेपी के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सक्रिय होकर मैदान में उतरने की नसीहत दी। बैठक के बाद अव्यवस्था, धक्का-मुक्की बैठक खत्म होने के बाद कांग्रेस कार्यालय में अव्यवस्था भी देखने को मिली। भोजन वितरण के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई, जिससे संगठनात्मक अनुशासन पर सवाल उठने लगे।








