पाइप वाली गैस लेना अनिवार्य होगा:सूचना मिलने के 90 दिन में लेना होगा कनेक्शन, इसके बाद नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर

अगर आपके इलाके में गैस पाइपलाइन आ गई है, तो अगले 3 महीने में आपके घर आने वाला LPG सिलेंडर बंद हो सकता है। मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध और गैस की किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने ‘नेचुरल गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026’ लागू किया है। इसके तहत अब पाइप वाली गैस (PNG) का कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। सूचना मिलने के बाद भी अगर कोई कनेक्शन नहीं लेता, तो 90 दिन बाद उसकी LPG सप्लाई रोक दी जाएगी। साथ ही सोसायटियों को 3 दिन में पाइपलाइन की मंजूरी भी देनी होगी। नए एक्ट के 4 नियम समझें 1. सोसायटियों और RWA की मनमानी खत्म कई बार हाउसिंग सोसायटियों या RWA (रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) के विरोध की वजह से पाइपलाइन का काम रुक जाता था। अब ऐसा नहीं होगा। 2. छोटे इलाकों को 10 दिन में मंजूरी मिलेगी पाइपलाइन बिछाने के लिए अब सरकारी विभागों को फाइलों को लटकाने की इजाजत नहीं है। 3. जमीन और मुआवजे का झंझट खत्म अगर पाइपलाइन किसी की निजी जमीन से गुजर रही है, तो अब मुआवजे को लेकर सालों तक केस नहीं चलेंगे। सरकार ने सर्किल रेट के आधार पर एक फिक्स फॉर्मूला बना दिया है। अगर जमीन मालिक राजी नहीं होता है, तो जिला कलेक्टर हस्तक्षेप करके काम को आगे बढ़ाएंगे ताकि सप्लाई में देरी न हो। 4. क्या यह आपकी सुरक्षा और बचत के लिए है? सरकार ने इसे ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ के तहत जारी किया है, ताकि युद्ध जैसे हालात में भी आपको रसोई गैस की कमी न पड़े। PNG कनेक्शन वालों को नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर सरकार ने 14 मार्च को ही PNG कनेक्शन को लेकर नए नियम जारी किए थे। इसके तहत अगर आपके घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन है, तो अब आपको अपना LPG सिलेंडर को सरेंडर करना होगा। नए आदेश के मुताबिक, PNG यूजर्स को न तो नया LPG कनेक्शन मिलेगा और न ही पुराना सिलेंडर रिफिल होगा। सरकार इससे पहले LPG सिलेंडर की सप्लाई को लेकर 4 बार नए नियम जारी कर चुकी है। LPG संकट को लेकर अब सरकार ने ये कदम उठाए यूजर्स के लिए 3 बड़े सवाल सवाल: क्या मुझे अभी सिलेंडर लौटाना होगा? जवाब: नहीं, अभी नहीं। आपके इलाके में पाइपलाइन एक्टिव होने और आपको नोटिस मिलने के बाद 3 महीने की उल्टी गिनती शुरू होगी। सवाल: क्या PNG, सिलेंडर से सस्ती है? जवाब: आमतौर पर PNG का बिल इस्तेमाल के हिसाब से आता है और यह LPG के मुकाबले सस्ती और सुरक्षित मानी जाती है। सवाल: अगर मेरे घर तक पाइपलाइन तकनीकी रूप से संभव न हो तो? जवाब: ऐसी स्थिति में आपकी LPG सप्लाई बंद नहीं की जाएगी। यह नियम सिर्फ उन घरों के लिए है जहां पाइपलाइन पहुंचना संभव है। ————— ये खबर भी पढ़ें… रसोई-गैस का विकल्प बनेगा एथेनॉल: सरकार बना रही खास एथेनॉल-चूल्हे; LPG की किल्लत दूर करने के लिए फैसला किया भारत में अब रसोई गैस (LPG) की निर्भरता कम करने के लिए एथेनॉल का इस्तेमाल करने की तैयारी चल रही है। सरकार एथेनॉल बेस्ड कुकिंग स्टोव (चूल्हे) बनाने पर काम रही है। मंगलवार को फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सेक्रेटरी संजीव चोपड़ा ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एथेनॉल न केवल गाड़ियों के लिए, बल्कि अब घरों की रसोई के लिए भी एक सुरक्षित और सस्ता विकल्प बन सकता है। पूरी खबर पढ़ें…
Dhurandhar 2 Beats Pushpa 2 900 Crore Record in 6 Days

कुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर: द रिवेंज यानी धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर रिलीज के छठे दिन यानी मंगलवार को भारत में 56.55 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने दुनियाभर में 919 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है। फिल्म ने सबसे तेज 900 करोड़ रुपए कमाने के मामले में ‘पुष्पा 2’ की बराबरी कर ली है। दोनों फिल्मों ने 6 दिनों में यह आंकड़ा पार किया। हालांकि कुल कमाई के मामले में ‘पुष्पा 2’ आगे है, जिसने 6 दिनों में 951.32 करोड़ रुपए कमाए थे। धुरंधर 2 का भारत में कुल नेट कलेक्शन 575.67 करोड़ रुपए और ग्रॉस कलेक्शन 687.43 करोड़ रुपए हो गया है। बता दें कि ग्रॉस कलेक्शन टिकट से हुई कुल कमाई होती है, जबकि नेट कलेक्शन टैक्स के बाद बची कमाई होती है। ओवरसीज मार्केट में फिल्म ने 231.57 करोड़ रुपए की कमाई की है, जिससे इसका कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस 919.00 करोड़ रुपए पहुंच गया है। भारत में 6 दिनों का नेट कलेक्शन पहला हफ्ता पेड प्रीव्यू शो: ₹43.00 करोड़ (गुरुवार): ₹102.55 करोड़ (शुक्रवार): ₹80.72 करोड़ (शनिवार): ₹113.00 करोड़ (रविवार): ₹114.85 करोड़ दूसरा हफ्ता (सोमवार): ₹65.00 करोड़ (मंगलवार): ₹56.55 करोड़ कुल (6 दिन): ₹575.67 करोड़ फिल्म ‘धुरंधर 2’ 19 मार्च को रिलीज हुई, जबकि इसके पेड प्रीव्यू शो एक दिन पहले 18 मार्च को हुए थे। फिल्म एनिमल को पीछे छोड़ा छठे दिन फिल्म के हिंदी वर्जन ने 52.00 करोड़ रुपए की सबसे ज्यादा कमाई की। वहीं, तेलुगु में 3.10 करोड़ रुपए, तमिल में 1.10 करोड़ रुपए, कन्नड़ में 20 लाख रुपए और मलयालम में 15 लाख रुपए का कलेक्शन हुआ। धुरंधर 2 ने कई बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है। फिल्म ने आमिर खान की सीक्रेट सुपरस्टार (912.75 करोड़ रुपए) और रणबीर कपूर की एनिमल (915 करोड़ रुपए) को पार कर लिया। धुरंधर को शानदार रिस्पॉन्स मिला था धुरंधर के पहले पार्ट ने भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन किया था। फिल्म ने दुनियाभर में करीब 1,307 करोड़ रुपए की कमाई की। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 1,005.85 करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग 840 करोड़ रुपए हुआ। वहीं, 894.49 करोड़ रुपए की कमाई के साथ ही यह हिंदी भाषा में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई। विदेशी बाजारों में भी फिल्म धुरंधर को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब 299.5 करोड़ रुपए का कारोबार किया। खासतौर पर अमेरिका और कनाडा में फिल्म ने 193.06 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ‘बाहुबली 2’ का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। दिलचस्प बात यह है कि बड़ी सफलता फिल्म को तब मिली, जब इसे खाड़ी देशों में रिलीज की अनुमति नहीं मिली थी। इसके अलावा ‘धुरंधर’ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ‘A’ रेटेड फिल्म भी बन गई। ……..……..……..…….. धुरंधर 2 से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… धुरंधर 2 रिव्यू; रणवीर की फिर दमदार परफॉर्मेंस: नोटबंदी और राजनीतिक कड़ियों से जुड़ी कहानी, जानिए कैसी है फिल्म रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 पहले पार्ट की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद बड़े स्केल पर लौटी है। इस बार फिल्म सिर्फ गैंगवार या बदले की कहानी नहीं रहती, बल्कि नोटबंदी से लेकर देश की कई बड़ी घटनाओं को जोड़ते हुए एक बड़ा नैरेटिव पेश करती है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Dhurandhar 2 Beats Pushpa 2 900 Crore Record in 6 Days

4 मिनट पहले कॉपी लिंक रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर: द रिवेंज यानी धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर रिलीज के छठे दिन यानी मंगलवार को भारत में 56.55 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने दुनियाभर में 919 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है। फिल्म ने सबसे तेज 900 करोड़ रुपए कमाने के मामले में ‘पुष्पा 2’ की बराबरी कर ली है। दोनों फिल्मों ने 6 दिनों में यह आंकड़ा पार किया। हालांकि कुल कमाई के मामले में ‘पुष्पा 2’ आगे है, जिसने 6 दिनों में 951.32 करोड़ रुपए कमाए थे। धुरंधर 2 का भारत में कुल नेट कलेक्शन 575.67 करोड़ रुपए और ग्रॉस कलेक्शन 687.43 करोड़ रुपए हो गया है। बता दें कि ग्रॉस कलेक्शन टिकट से हुई कुल कमाई होती है, जबकि नेट कलेक्शन टैक्स के बाद बची कमाई होती है। ओवरसीज मार्केट में फिल्म ने 231.57 करोड़ रुपए की कमाई की है, जिससे इसका कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस 919.00 करोड़ रुपए पहुंच गया है। भारत में 6 दिनों का नेट कलेक्शन पहला हफ्ता पेड प्रीव्यू शो: ₹43.00 करोड़ (गुरुवार): ₹102.55 करोड़ (शुक्रवार): ₹80.72 करोड़ (शनिवार): ₹113.00 करोड़ (रविवार): ₹114.85 करोड़ दूसरा हफ्ता (सोमवार): ₹65.00 करोड़ (मंगलवार): ₹56.55 करोड़ कुल (6 दिन): ₹575.67 करोड़ फिल्म ‘धुरंधर 2’ 19 मार्च को रिलीज हुई, जबकि इसके पेड प्रीव्यू शो एक दिन पहले 18 मार्च को हुए थे। फिल्म एनिमल को पीछे छोड़ा छठे दिन फिल्म के हिंदी वर्जन ने 52.00 करोड़ रुपए की सबसे ज्यादा कमाई की। वहीं, तेलुगु में 3.10 करोड़ रुपए, तमिल में 1.10 करोड़ रुपए, कन्नड़ में 20 लाख रुपए और मलयालम में 15 लाख रुपए का कलेक्शन हुआ। धुरंधर 2 ने कई बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है। फिल्म ने आमिर खान की सीक्रेट सुपरस्टार (912.75 करोड़ रुपए) और रणबीर कपूर की एनिमल (915 करोड़ रुपए) को पार कर लिया। धुरंधर को शानदार रिस्पॉन्स मिला था धुरंधर के पहले पार्ट ने भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन किया था। फिल्म ने दुनियाभर में करीब 1,307 करोड़ रुपए की कमाई की। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 1,005.85 करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग 840 करोड़ रुपए हुआ। वहीं, 894.49 करोड़ रुपए की कमाई के साथ ही यह हिंदी भाषा में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई। विदेशी बाजारों में भी फिल्म धुरंधर को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब 299.5 करोड़ रुपए का कारोबार किया। खासतौर पर अमेरिका और कनाडा में फिल्म ने 193.06 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ‘बाहुबली 2’ का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। दिलचस्प बात यह है कि बड़ी सफलता फिल्म को तब मिली, जब इसे खाड़ी देशों में रिलीज की अनुमति नहीं मिली थी। इसके अलावा ‘धुरंधर’ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ‘A’ रेटेड फिल्म भी बन गई। ……..……..……..…….. धुरंधर 2 से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… धुरंधर 2 रिव्यू; रणवीर की फिर दमदार परफॉर्मेंस: नोटबंदी और राजनीतिक कड़ियों से जुड़ी कहानी, जानिए कैसी है फिल्म रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 पहले पार्ट की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद बड़े स्केल पर लौटी है। इस बार फिल्म सिर्फ गैंगवार या बदले की कहानी नहीं रहती, बल्कि नोटबंदी से लेकर देश की कई बड़ी घटनाओं को जोड़ते हुए एक बड़ा नैरेटिव पेश करती है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
सेंसेक्स 1205 अंक चढ़कर 75,273 पर बंद:निफ्टी में भी 394 अंक की तेजी रही, ऑटो और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 25 मार्च को तेजी रही। सेंसेक्स 1,205 अंक (1.63%) की तेजी के साथ 75,273 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 394 अंक (1.72%) की तेजी रही, ये 23,306 पर कारोबार कर रहा है। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 26 में बढ़त रही। आज ऑटो, बैंकिंग, मेटल और FMCG शेयर ज्यादा चढ़े। बाजार में तेजी के 3 मुख्य कारण एशियाई बाजार में भी तेजी अमेरिकी बाजार में 24 मार्च को तेजी रही क्रूड की कीमतें 5% गिरकर 99 डॉलर प्रति बैरल आया आज कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। ब्रेंट क्रूड आज 5% बढ़कर 99 डॉलर प्रति बैरल के पार कारोबार कर रहा है। वहीं इंडियन बास्केट की कीमतो में 7% की तेजी है, ये 157 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। कल बाजार में रही थी तेजी इससे पहले कल यानी 24 मार्च को शेयर बाजार में तेजी रही थी। सेंसेक्स 1372 अंक (1.89%) की तेजी के साथ 74,068 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 400 अंक (1.78%) की तेजी है, ये 22,912 पर पहुंच गया। आज बैंकिंग और ऑटो शेयर्स में सबसे ज्यादा खरीदारी रही।
E-Raktkosh Registration Mandatory for Blood Banks

Hindi News National E Raktkosh Registration Mandatory For Blood Banks | Digital Monitoring Update नई दिल्ली1 घंटे पहलेलेखक: एम. रियाज हाशमी कॉपी लिंक सरकार ने कहा है कि राज्यों की लाइसेंसिंग अथॉरिटी को 30 दिन में रिपोर्ट सौंपनी होगी। देशभर के ब्लड बैंकों पर अब सरकार की ‘डिजिटल’ नजर रहेगी। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) ने सभी लाइसेंस प्राप्त ब्लड सेंटर्स के लिए ‘ई-रक्तकोष’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। इसका मकसद देशभर में खून की उपलब्धता का एक सेंट्रलाइज्ड सिस्टम तैयार करना और कालाबाजारी रोकना है। इस बार सबसे बड़ा बदलाव यह है कि ‘ई-रक्तकोष’ को सीधे निरीक्षण (इंस्पेक्शन) प्रक्रिया का हिस्सा बना दिया गया है। यानी जांच के दौरान ड्रग इंस्पेक्टर पोर्टल पर दर्ज डेटा और वास्तविक स्टॉक का मिलान करेंगे। डेटा में हेराफेरी मिलने पर पहली बार सख्त कार्रवाई होगी। राज्यों की लाइसेंसिंग अथॉरिटी को 30 दिन में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। डोनर्स का रिकॉर्ड भी अब ‘आभा आईडी’ या आधार से जोड़ा जा सकेगा, जिससे पूरी सप्लाई चेन पारदर्शी होगी। तब सिर्फ सलाह थी, नियम नहीं… 2022 में निर्देश ‘एडवाइजरी’ थे, जिसे मानना जरूरी नहीं था। दंड का प्रावधान न होने से मनमानी बढ़ी। पोर्टल के डेटा को नियमित जांच (इंस्पेक्शन) का हिस्सा नहीं बनाया, जवाबदेही तय नहीं हुई। राज्यों की लाइसेंसिंग अथॉरिटी निष्क्रिय रहीं और छोटे केंद्रों के पास डिजिटल ट्रेनिंग का अभाव था। इस बार नियम बदला, कार्रवाई का डर… पोर्टल से जुड़ना विकल्प नहीं, अब अनिवार्य हो गया। अनुपालन न होने पर लाइसेंस पर गाज गिरेगी। ब्लड स्टॉक पर देशभर में एक क्लिक पर नजर संभव होगी। मेडिकल इमरजेंसी में मरीज भटकेंगे नहीं। जो भी नियमों का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… सेहतनामा- शरीर के लिए कितना और क्यों जरूरी है हीमोग्लोबिन: दुनिया के हर चौथे शख्स में खून की कमी, महिलाओं और बच्चों को ज्यादा खतरा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, पूरी दुनिया में एनीमिया एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। 6 महीने से 5 साल के लगभग 40% बच्चे, 37% गर्भवती महिलाएं और 15 से 49 वर्ष की 30% महिलाएं एनीमिया से प्रभावित हैं। इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मैट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन के मुताबिक, पूरी दुनिया में लगभग 200 करोड़ लोग एनीमिया से प्रभावित हैं। इसका मतलब है दुनिया की लगभग एक चौथाई आबादी एनीमिया से जूझ रही है। यह आंकड़ा डायबिटीज के रोगियों से भी कहीं ज्यादा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
मुलायम रोटी टिप्स: फूली-फूली और स्वादिष्ट रोटियां बनाने के लिए आटा गूंथते समय भूलकर भी न करें ये रोटीयां

बहुत महत्वपूर्ण सख्त आटा गूंथना: अगर आटा ज्यादा टाइट होगा तो रोटियां सख्त बनेंगी और फूलेंगी भी नहीं। आटा हमेशा के लिए बेचारा नग्न गुन्थें। छवि: फ्रीपिक पानी एक साथ देना: एक साथ बड़े पैमाने पर पानी की आपूर्ति से किया जा सकता है। हमेशा छोटा-थोड़ा पानी नामांकित ही गूंथें। छवि: फ्रीपिक आटा गूंथने के बाद तुरंत रोटी बनाना: यह एक बड़ी गलती है। आटा गूंथने के बाद उसे कम से कम 10-15 मिनट तक बढ़ाकर जरूर रखें, इससे मैग्नीशियम सेट होता है और रोटियां संभावित होती हैं। छवि: फ्रीपिक आटा ठीक से न मसलना: आटे को अच्छे से मसलना बहुत जरूरी है। 4-5 मिनट तक अच्छे तरह के गूंथें, आटा दोस्त और मुलायम बनें। छवि: फ्रीपिक आटा गूंथते समय थोड़ा सा तेल या घी दाल सकते हैं। गुंथे हुए आटे को हमेशा ढूढ़कर रखें। बेलते समय अधिक मात्रा में आटा नहीं। तवे से नमूने के बाद रोटी पर प्रभाव घी के धागे और ढालकर रखें। छवि: फ्रीपिक अगर आप छोटी-छोटी चीजों का ध्यान आकर्षित करते हैं, तो आपकी रोटियां हमेशा नरम, फूली-फूली और स्वादिष्ट बनेंगी। छोटी सी प्रैक्टिस और सही विधि अपनाकर आप भी प्रभावकारी रोटियां बना सकते हैं। छवि: फ्रीपिक
30000 फीट पर फ्लाइट में हंगामा, IPS ने संभाली कमान:तीन युवक नशे में चिल्लाने लगे- प्लेन क्रैश होने वाला है, रोने लगे थे बच्चे-महिलाएं

हवा में 30 हजार फीट की ऊंचाई पर मौत का खौफ और सिरफिरे उपद्रवियों का तांडव… यह किसी फिल्म का सीन नहीं, बल्कि इंडिगो की गुवाहाटी-दिल्ली फ्लाइट में घटी वो हकीकत है जिसने यात्रियों की सांसें अटका दी थीं। घटना 8 मार्च की है। रात के करीब 8:30 बजे थे। इंडिगो की फ्लाइट ने गुवाहाटी से दिल्ली के लिए उड़ान भरी ही थी। नीचे जमीन पर भारत-न्यूजीलैंड के बीच टी-20 वर्ल्ड कप का रोमांच चल रहा था। ऊपर आसमान में फ्लाइट में सवार तीन युवकों ने अचानक चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया- प्लेन क्रैश होने वाला है। फिर क्या था… विमान के टेक-ऑफ के कुछ ही देर बाद इन युवकों की इस अफवाह ने पूरे केबिन में दहशत फैला दी। सफर कर रहे बच्चे-महिलाएं डर के मारे रोने लगीं। जब एयर होस्टेस और क्रू मेंबर्स ने इन उपद्रवियों को समझाने की कोशिश की, तो वे उनसे भी उलझ गए और अभद्रता पर उतारू हो गए। माहौल पूरी तरह ‘आउट ऑफ कंट्रोल’ हो चुका था और चंद सेकंड की देरी किसी बड़े हादसे या भगदड़ का सबब बन सकती थी। राजस्थान कैडर के IPS पंकज चौधरी भी उसी फ्लाइट में सफर कर रहे थे। पंकज चौधरी अपनी सीट से उठे। उन्होंने देखा कि विमान के भीतर अराजकता चरम पर है। बिना एक पल गंवाए, उन्होंने एक जिम्मेदार अफसर के नाते मोर्चा संभाला। अपनी सूझबूझ से न केवल उपद्रवी युवकों को कंट्रोल किया, बल्कि फ्लाइट लैंड होते ही CISF बुलाकर उनके हवाले किया। पंकज चौधरी फिलहाल राजस्थान पुलिस मुख्यालय में कम्युनिटी पुलिसिंग के एसपी हैं। कैसे इस पूरे मामले को कंट्रोल किया? घटना क्या थी? युवक क्यों हंगामा कर रहे थे? ऐसे सवालों के जवाब IPS पंकज चौधरी से जानते हैं… सवाल : प्लेन में उस रात क्या हुआ था। पूरी घटना बताइए? जवाब : यह कुछ विशेष घटना है….मैं पिछले 15 -20 साल से हवाई यात्रा कर रहा हूं। फ्लाइट में ऐसी घटना मैंने कभी नहीं देखी। 30 से 35 हजार की हाइट पर विमान उड़ रहा था। अचानक मेरी सीट से कुछ दूरी पर बैठे 25 से 30 साल की उम्र के 3 युवकों ने शोर मचाना शुरू किया। उनका व्यवहार अचानक बदल गया था। वो चिल्लाने लगे- फ्लाइट क्रैश होने वाली है। महिला क्रू मेंबर्स दौड़कर पास पहुंचीं। लेकिन बार-बार समझाने के बाद भी तीनों युवक रुक नहीं रहे थे। यहां तक की तीनों युवकों ने महिला क्रू मेंबर के साथ भी अभद्रता करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इधर छोटे बच्चे और महिलाएं काफी डर गईं। तीनों लगातार पिछले 10-15 मिनट से शोर मचा रहे थे। इसके बावजूद क्रू मेंबर उन्हें सख्ती से हैंडल नहीं कर रहा था। हमें लगने लगा था कि आने वाले ढाई घंटे का सफर ऐसे ही पैनिक होने वाला है। मैंने क्रू मेंबर को बुलाया और कहा- आप एसओपी का पालन नहीं कर रहे हैं, आप काम सही नहीं कर रहे। इसके बाद मैंने तीनों युवकों को कड़े शब्दों में डांटा। अपना परिचय दिया और चिल्लाने से रोका। उनसे कहा- जो आप कर रहे हैं उससे पूरे प्लेन में बैठे लोग डर गए हैं। आप जो कर रहे हैं वह कानून विरोधी है। इसके बाद तीनों युवक बैठ गए। तब तक मैं भी उनके पास ही बैठा रहा। जैसे ही ढाई घंटे बाद नीचे उतरे, मैंने सीआईएसएफ की क्यूआरटी बुलवाई। तीनों युवकों को डिटेन कर के उन से पूछताछ की गई। औपचारिक रूप से इस घटना को दर्ज कराया गया। सीआईएसएफ ने इन युवकों से माफी भी मंगवाई। अब मैंने जानकारी जुटाई तो पता चला कि इंडिगो ने क्रू मेंबर के खिलाफ जांच बिठाई हुई है। सवाल : आखिर कितना पैनिक हो गया था कि आपको IPS की भूमिका में आना पड़ा? जवाब : 8 मार्च का दिन था। भारत-न्यूजीलैंड के बीच मैच था। सभी लोग अच्छे माहौल में फ्लाइट में बैठे हुए थे। फ्लाइट टेक ऑफ होते ही नेटवर्क चला गया था। ऐसे में सब लोग शांति से बैठे थे। अचानक शोर-शराबा होने लगा। मैंने उठकर देखा तो पता चला कि कुछ लोग बदमाशी कर रहे हैं। क्रू मेंबर्स को ये काम करना होता है कि कोई उपद्रवी है तो उसे कंट्रोल करे। लेकिन यहां क्रू मेंबर्स का फेलियर दिखाई दिया। मुझे लगा कि अभी कोई स्टेप नहीं लिया तो ये युवक आने वाले ढाई घंटे तक उपद्रव करेंगे। हमारी सीट के आसपास बच्चे-महिलाएं डरे हुए थे। फिर बेचैनी में लोगों की तबीयत भी खराब होने का डर था। जब मामला आउट ऑफ कंट्रोल होते देखा तो मैंने भी आउट ऑफ द वे जाकर गाली गलौज कर रहे तीनों युवकों से बात की। काफी समझाने के बाद तीनों शांत हुए। सवाल : तीनों युवकों ने आखिर इतना हंगामा किया क्यों? जवाब : दिल्ली में इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर लैंड करते ही मैंने CISF के अधिकारियों से बात की। कुछ 2-3 मिनट में सीआईएसएफ की QRT टीम ने विमान के दरवाजे पर पॉजिशन ले ली। तीनों अभद्रता करने वाले यात्रियों को फ्लाइट से बाहर निकलते ही डिटेन कर लिया गया। कड़ाई से पूछताछ की तो तीनों युवक घुटनों पर गिर कर माफी मांगने लगे। एक युवक ने अपनी मां से वीडियो कॉल पर बात कराई तो उन्होंने कहा कि बेटे ने शराब पी ली होगी, उसे माफ कर दीजिए, आगे से वह नहीं करेगा। तीनों ने शराब पी हुई थी। उनमें एक तो योगा टीचर था। मैंने उससे पूछा- क्या उम्र के इस पड़ाव में उन्हें फ्लाइट में यह सब करना शोभा दे रहा है। फ्लाइट में बैठे लोग डर में थे, किसी को परेशानी हो जाती तो क्या होता, लोगों की जान पर बन गई थी। जब आप लोग प्लेन क्रैश होगा चिल्ला रहे थे। सब लोग डर गए थे। सवाल : आप आईपीएस हैं, इसलिए सिचुएशन कंट्रोल कर पाए, क्या कॉमन मैन भी ये काम कर सकता है? जवाब : मुझे दुख इस बात का है कि फ्लाइट में ये घटना 15 से 20 मिनट तक चली। मैंने तुरंत रिएक्शन नहीं दिया, तीनों युवकों के आसपास 20 से 25 लोग बैठे थे। किसी ने युवकों का विरोध नहीं किया। चुपचाप तीनों युवकों की हरकतें सुनते रहे और सहते रहे। आज के दौर में कोई व्यक्ति नहीं चाहता है कि
कट्टे से हमला करने वाला चौथा आरोपी पकड़ाया:हत्या के इरादे से किया था हमला, पुलिस ने कोर्ट में पेश कर भेजा जेल

सतना सिटी कोतवाली पुलिस ने 7 फरवरी को रीवा रोड पर हुए प्राणघातक हमले के चौथे आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। यह हमला एक युवक पर कट्टे से फायर करके उसकी हत्या करने के इरादे से किया गया था। पुलिस के अनुसार, 7 फरवरी की रात अनिकेत गौतम पुत्र कामता प्रसाद के साथ रीवा रोड पर मारपीट हुई और हत्या के इरादे से उस पर फायर किया गया। मामले में तुरंत अपराध दर्ज किया गया था। यह आरोपी पहले हो चुके गिरफ्तार इस घटना में पहले भी तीन आरोपियों—अनुज उर्फ प्रशांत तिवारी (22), शिव उर्फ आकाश अग्निहोत्री (26) और ऋषभ शुक्ला (28)—को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, घटना में शामिल कई अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। खोजबीन के दौरान, चौथे आरोपी हिमांशु पुत्र रज्जन तिवारी (22), निवासी गोरइया, थाना कोटर, को मुखबिर की सूचना पर मंगलवार को हिरासत में लिया गया। उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। सतना पुलिस अभी भी फरार अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और कहा जा रहा है कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
छोटा सा पौधा, बड़े फायदे! भूमि आंवला से लिवर होगा मजबूत, शुगर हेगा कंट्रोल; जानें चमत्कारी फायदे

X छोटा सा पौधा, बड़े फायदे! भूमि आंवला से लिवर होगा मजबूत, शुगर हेगा कंट्रोल Benefits of Bhumi Amla: भूमि आंवला एक औषधीय पौधा माना जाता है. जिसका उपयोग आयुर्वेद में लंबे समय से किया जा रहा है. यह पौधा खेतों, बगीचों और खाली स्थानों पर आसानी से मिल जाता है और इसकी पत्तियों में छोटे-छोटे आंवले जैसे फल लगते है. बाराबंकी जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अमित वर्मा (एमडी मेडिसिन) के अनुसार भूमि आंवला में कई औषधीय गुण पाए जाते है जो लिवर, पाचन, जॉन्डिस और शुगर जैसी समस्याओं में लाभकारी हो सकते है. उन्होंने बताया कि इसकी पत्तियों का 5-6 एमएल रस पानी के साथ लेने से पाचन सुधरता है और फैटी लिवर में मदद मिल सकती है. यह बालों को मजबूत बनाने और त्वचा संबंधी समस्याओं में भी उपयोगी माना जाता है. इसे जूस, काढ़ा या चूर्ण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि किसी भी औषधि का उपयोग डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए.
कैंसर के मरीजों के लिए खुशखबरी! प्राइवेट में 20 लाख तो यहां सिर्फ 2 लाख! दिल्ली का यह डॉक्टर बना गरीबों का मसीहा

Last Updated:March 25, 2026, 07:11 IST Delhi Divine Multispeciality Hospital: दिल्ली में वजीराबाद बुराड़ी का डिवाइन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल को डॉ. राजेंद्र कुमार द्वारा चलाया जा रहा है. यहां गरीबों और किसानों को 2 3 लाख में सस्ता कैंसर इलाज उपलब्ध करा रहा है.आइये जानते हैं डॉक्टर के बारे में. नई दिल्ली: भारत में कैंसर का इलाज बेहद महंगा है. प्राइवेट अस्पताल में कैंसर का इलाज 20 लाख रुपए से लेकर 50 लाख रुपए तक होता है, जितना गंभीर कैंसर, उतनी महंगी कीमत और सरकारी अस्पतालों में कैंसर का इलाज सस्ता तो है लेकिन वहां मरीजों की इतनी लंबी लाइन है कि नंबर आने तक कैंसर मरीज की मृत्यु हो जाती है. इन सबको देखते हुए देश की राजधानी दिल्ली में एक ऐसा अनोखा हॉस्पिटल खोला गया है. जो कि वजीराबाद बुराड़ी में है. इस अस्पताल का नाम डिवाइन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल है, जिसके मालिक डॉ. राजेंद्र कुमार हैं. जो कि वर्तमान में शालीमार बाग दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में रेडिएशन ऑकोलॉजी डिपार्मेंट के निदेशक हैं और मुख्य रूप से बड़ौत के रहने वाले हैं. डॉ. राजेंद्र कुमार का पूरा परिवार पिता समेत इंडियन आर्मी में रहा है. पिता 16 जाट रेजीमेंट में थे और 1963-78 तक उन्होंने आर्मी में अपनी सेवाएं दी और पाकिस्तान-चीन के युद्ध में भी वह शामिल रहे. यही वजह है कि डॉक्टर राजेंद्र कुमार के अंदर देश प्रेम है. इसीलिए उन्होंने सस्ता कैंसर इलाज शुरू किया है ताकि हर मरीज की जान बचाई जा सके. जानें कितना सस्ता है इलाज डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि उनका जन्म बरेली में हुआ था. उसके बाद बड़ौत आ गए. बड़ौत में उन्होंने कक्षा एक से लेकर कक्षा 8 तक की पढ़ाई की. इसके बाद दिल्ली आ गए और दिल्ली में कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई की. किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी यानी केजीएमयू लखनऊ से उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की. कैंसर की ट्रेनिंग उन्होंने दिल्ली के रोहिणी स्थित राजीव गांधी कैंसर इंस्टिट्यूट से की. जहां साल 2010 से वह मैक्स शालीमार बाग दिल्ली में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. साथ में उन्होंने वजीराबाद बुराड़ी में अपना खुद का एक अस्पताल खोला है. जहां पर गरीब मरीज और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के साथ-साथ किसानों को सस्ते में कैंसर इलाज दिया जा रहा है. दवाएं भी सस्ते में दी जा रही हैं, क्योंकि कई फार्मा कंपनी हैं. जो इस अस्पताल में अपनी सस्ती दवाएं देकर योगदान कर रही हैं. उन्होंने बताया कि जो कैंसर का इलाज बाहर किसी भी प्राइवेट अस्पताल में 15 से 20 लाख रुपए में होगा. वही यहां पर 2-3 लाख रुपए में आराम से हो जाएगा. हर कैंसर की कीमत अलग-अलग होती है, लेकिन उनके यहां हर तरह के कैंसर का इलाज सस्ते में ही होता है. एडवांस ट्रीटमेंट के लिए वह मैक्स शालीमार बाग का सहारा लेते हैं. किसान भी आते हैं इलाज करवाने डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि इन दिनों किसानों में सबसे ज्यादा पाए जाने वाला कैंसर पेट फेफड़े और मुंह का है. क्योंकि पेस्टिसाइड का इस्तेमाल किसान करते हैं, जिस वजह से उनको इस तरह के कैंसर से जूझना पड़ता है. उनके अस्पताल में किसानों की संख्या भी बहुत ज्यादा है, जिनको सस्ता इलाज दिया जा रहा है. इसके अलावा महिलाओं की बात करें तो महिलाओं में ब्रेस्ट और गायनीका कैंसर बहुत ही सामान्य हो गया है. जो बहुत बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि उनके बुराड़ी स्थित डिवाइन हॉस्पिटल में 70 से 80% गरीब मरीज ही आते हैं. क्योंकि उनको पता है कि वहां पर उनका इलाज सस्ता होगा. उन्होंने बताया कि वह अपने गांव में भी ओपीडी करते हैं. बड़ौत में हर रविवार को वह ओपीडी करते हैं. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें First Published : March 25, 2026, 07:11 IST








