Monday, 24 Aug 2026 | 12:23 PM

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Parenting Checklist & Tips; Husband Wife Happiness

Parenting Checklist & Tips; Husband Wife Happiness

12 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं अहमदाबाद से हूं। मेरी शादी को 3 साल हो गए हैं। जल्द ही हम पेरेंट बनने वाले हैं। जाहिर है, इस कारण हमारी एंग्जाइटी भी थोड़ी बढ़ी हुई है। हम पेरेंटिंग पर तमाम किताबें पढ़ रहे हैं, पॉडकास्ट सुन रहे हैं। हालांकि ये सब पढ़ना-सुनना और कनफ्यूज कर रहा है। क्या आप हमें कुछ बेसिक टिप्स दे सकते हैं कि हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। एक्सपर्ट: डॉ. अमिता श्रृंगी, साइकोलॉजिस्ट, फैमिली एंड चाइल्ड काउंसलर, जयपुर जवाब- सबसे पहले आप दोनों को इस नई यात्रा के लिए बहुत बधाई। पढ़कर खुशी हुई कि आप इस नई जिम्मेदारी से पहले खुद को तैयार कर रहे हैं। अवेयरनेस ही अच्छी पेरेंटिंग की पहली सीढ़ी है। सबसे पहले तो ये समझिए कि जब बच्चा दुनिया में आता है तो उसे सुख-सुविधाओं वाले पेरेंट्स से ज्यादा हैप्पी पेरेंट्स की जरूरत होती है। माता-पिता का खुश रहना ही बच्चे के लिए सबसे खूबसूरत तोहफा है। वियतनामी बौद्ध भिक्षु और मशहूर राइटर तिक न्यात हन्ह ने अपनी किताब ‘फिडिलिटी: हाउ टू क्रिएट लविंग रिलेशनशिप दैट लास्ट्स’ में इस बारे में लिखा है- पेरेंटिंग की जिम्मेदारी किताबें पढ़ना और पॉडकास्ट सुनना अच्छी बात है, क्योंकि ये हमें दिशा देते हैं। लेकिन यह समझना जरूरी है कि पेरेंटिंग की असली नींव किसी ट्रेंड या तकनीक पर नहीं, बल्कि घर के माहौल पर टिकी होती है। बच्चा सबसे पहले अपने आसपास के वातावरण से ही सीखता है। अच्छी पेरेंटिंग कोई हेलीकॉप्टर पेरेंटिंग करना या सुपर मॉम-डैड होना नहीं है। पेरेंट होने की जो एकदम बेसिक जिम्मेदारी है, वो है बच्चे को अनकंडीशनल प्यार और सिक्योरिटी देना। जरूरी बेसिक जिम्मेदारियां नीचे ग्राफिक्स में देखिए- अगर ये बुनियादी जिम्मेदारियां निभाने के लिए तैयार हैं, तो आप हैप्पी पेरेंट्स बनेंगे। बच्चे के आने से पहले खुद को कैसे तैयार करें? अक्सर हम बच्चे के आने की तैयारी कपड़ों, खिलौनों और कमरे की सजावट से करते हैं। लेकिन भावनात्मक तैयारी को नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि पेरेंटिंग की असली शुरुआत बच्चे के जन्म से पहले हमारी सोच, हमारे रिश्ते और हमारे धैर्य से हो जाती है। ऐसे में नए पेरेंट्स के लिए जरूरी है कि वे खुद को मानसिक रूप से तैयार करें। यह समझें कि पेरेंटिंग कोई परफॉर्मेंस नहीं है, बल्कि यह सीखने की निरंतर प्रक्रिया है। आप जितने मजबूत और संतुलित होंगे, बच्चे को उतना ही सुरक्षित और खुशहाल माहौल दे पाएंगे। इस तैयारी को आसान बनाने के लिए यह छोटी-सी चेकलिस्ट मददगार हो सकती है- आइए, इन पॉइंट्स को थोड़ा विस्तार से समझते हैं। इमोशनली तैयार रहें पेरेंटिंग सिर्फ फिजिकल नहीं, इमोशनल जिम्मेदारी भी है। बच्चे के आने के बाद आपकी नींद, रूटीन और प्राथमिकताएं बदलती हैं। अगर आप मानसिक रूप से तैयार रहेंगे तो बदलाव को स्वीकार करना आसान होगा और बच्चे को ज्यादा स्थिर माहौल दे पाएंगे। अपने रिश्ते में मधुरता रखें बच्चे बड़े होते हुए पेरेंट्स के रिश्ते को देखते और महसूस करते हैं। अगर घर में आपसी सम्मान और प्यार है तो वही उनके व्यवहार में भी झलकता है। पार्टनर के साथ स्वस्थ और संतुलित रिश्ता बनाए रखना पेरेंटिंग का अहम हिस्सा है। सुनने की आदत डालें अक्सर पेरेंट्स बच्चों को समझाने पर ज्यादा ध्यान देते हैं, उन्हें सुनने पर कम। लेकिन एक अच्छा पेरेंट वही है, जो बच्चे की बातों, भावनाओं और छोटे-छोटे एक्सप्रेशंस को ध्यान से समझे। इससे बच्चे को यह महसूस होता है कि उसकी बात मायने रखती है। इसलिए अभी से सुनने की आदत डालें। धैर्य का अभ्यास करें बच्चे तुरंत नहीं सीखते, वे धीरे-धीरे समझते हैं। एक ही गलती बार-बार दोहराते हैं। ऐसे में गुस्सा करने की बजाय धैर्य रखना जरूरी है। आपका शांत-सरल व्यवहार ही बच्चे को सही मार्गदर्शन देता है। गलतियां स्वीकारना सीखें कोई भी पेरेंट परफेक्ट नहीं होता। अगर गलती हो जाए तो उसे स्वीकार करें। इससे बच्चा भी अपनी गलतियों को स्वीकारना सीखता है और रिश्ते में भरोसा बढ़ता है। पेरेंटिंग को ‘प्रोजेक्ट’ न समझें पेरेंटिंग कोई टास्क या प्रोजेक्ट नहीं है, जिसे परफेक्ट तरीके से पूरा करना है। यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमें सीखना, समझना और बदलना शामिल है। खुद पर परफेक्शन का दबाव डालने से आप और बच्चा दोनों तनाव में आ सकते हैं। परिवार के लिए समय निकालें क्वालिटी टाइम बच्चे की इमोशनल ग्रोथ के लिए बहुत जरूरी है। दिन में कुछ समय निकालकर बच्चे के साथ जरूर बताएं। यही क्वालिटी टाइम माता-पिता और बच्चे की बॉन्डिंग को मजबूत बनाता है। स्क्रीन टाइम कम करें ज्यादा स्क्रीन टाइम न सिर्फ बच्चों, बल्कि पेरेंट्स के व्यवहार को भी प्रभावित करता है। अगर आप खुद स्क्रीन में व्यस्त रहेंगे तो बच्चे के साथ कनेक्शन कम होगा। इसलिए टेक्नोलॉजी का संतुलित उपयोग करें। जरूरत पर काउंसलर की मदद लें अगर कभी लगे कि आप स्थिति को संभाल नहीं पा रहे हैं तो काउंसलर की मदद लेने में न हिचकिचाएं। समय पर सही मार्गदर्शन लेना ही समझदारी है। बच्चे के लिए ‘सेफ स्पेस’ बनें पेरेंटिंग सिर्फ जरूरतें पूरी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चे को भावनात्मक रूप से सुरक्षित महसूस कराना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। जब आप बच्चे को अनकंडीशनल लव देते हैं तो बच्चा सेफ महसूस करता है। बच्चे को ऐसा महसूस होना चाहिए कि- वह हमेशा सुरक्षित है। वह अपनी गलतियों या भावनाओं को बिना डर के आपके साथ शेयर कर सकता है। आपका प्यार किसी शर्त, परफॉर्मेंस या व्यवहार पर निर्भर नहीं है। उसे किसी और जैसा बनने के लिए मजबूर नहीं किया जाता है। वह जो कहता है, उसे ध्यान से सुना और समझा जाता है। उसके डर, गुस्से या दुख को नकारा नहीं जाता, बल्कि समझा जाता है। मम्मी-पापा हर हाल में उसके साथ खड़े हैं। पेरेंट्स बनने के बाद न करें ये गलतियां बच्चे के जन्म के बाद जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है। नई जिम्मेदारियां, नई चिंताएं और कई बार अनजाने डर भी पेरेंट्स के व्यवहार को प्रभावित करते हैं। ऐसे में अनजाने में कई गलतियां हो जाती हैं, जिनका असर बच्चे की पर्सनैलिटी और इमोशनल ग्रोथ पर पड़ सकता है। याद रखें, बच्चा पेरेंट्स के माध्यम से दुनिया को समझता है। इसलिए जरूरी है कि हम उसे सहज प्यार दें। संतुलित

बच्‍चों के लिए सिर्फ 1 घंटे स्‍क्रीन-टाइम का नियम बनेगा:QS वर्ल्‍ड रैंकिंग में IIT दिल्‍ली 6 लिस्‍ट में शामिल; 26 मार्च के करेंट अफेयर्स

बच्‍चों के लिए सिर्फ 1 घंटे स्‍क्रीन-टाइम का नियम बनेगा:QS वर्ल्‍ड रैंकिंग में IIT दिल्‍ली 6 लिस्‍ट में शामिल; 26 मार्च के करेंट अफेयर्स

जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. QS वर्ल्‍ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग बाई सब्‍जेक्‍ट्स जारी 25 मार्च को QS World University Rankings by Subject का 16वां एनुअल एडिशन जारी हुआ। QS रैंकिंग में शामिल भारत की टॉप यूनिवर्सिटी : 1. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली (IITD) 2. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे (IITB) 3. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास (IITM) 4. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी खड़गपुर 5. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बेंगलुरू (IISc) 2. देश में पहली इच्छामृत्यु मांगने वाले हरीश राणा का निधन 24 मार्च को देश में पहली इच्छामृत्यु मांगने वाले हरीश राणा का दिल्ली एम्स में निधन हो गया। 3. कर्नाटक सरकार ने स्कूली छात्रों के लिए डिजिटल पॉलिसी बनाई 24 मार्च को कर्नाटक सरकार ने क्लास 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के डिजिटल यूज को लेकर ड्राफ्ट पॉलिसी जारी की। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 4. जनरल मोहम्मद बघेर जोलगाद्र ईरान के NSC के नए सेक्रेटरी बने 24 मार्च को ईरान ने ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद बघेर जोलगाद्र को ईरान की नेशन सिक्योरिटी काउंसिल का नया सेक्रेटरी अपॉइंट किया। स्पोर्ट्स (SPORTS) 5. बेंगलुरु के एम चिन्नस्वामी स्टेडियम में 11 सीटें हमेशा खाली रहेंगी 24 मार्च को कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन ने बेंगलुरु के एम चिन्नस्वामी स्टेडियम में IPL और इंटरनेशनल मैचों में 11 सीटें हमेशा खाली रखने का फैसला लिया है। 6. RCB, IPL की सबसे महंगी बिकने वाली टीम बनी 25 मार्च को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) 1.78 बिलियन डॉलर यानी करीब 16,706 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड बोली के साथ बिकी। मिसलीनियस (MISCELLANEOUS) 7. सिक्किम की स्तुति प्रधान वर्ल्ड यूथ पार्लियामेंट में हिस्सा लेंगी 25 मार्च को सिक्किम की युवा नेता स्तुति प्रधान वर्ल्ड यूथ पार्लियामेंट की रिप्रेजेंटर अपॉइंट हुईं। आज का इतिहास 26 मार्च ———— ये खबर भी पढ़ें.. एडल्ट कंटेंट प्‍लेटफॉर्म OnlyFans के मालिक रैडविंस्‍की का निधन:अब टिकट कैंसिलेशन पर केवल मिनिमम चार्ज कटेगा; 25 मार्च के करेंट अफेयर्स जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं। ये खबर भी पढ़ें..

Summer AC Electricity Bill Saving Tips; Air Conditioner Maintenance (Do’s & Don’ts)

Summer AC Electricity Bill Saving Tips; Air Conditioner Maintenance (Do's & Don'ts)

Hindi News Lifestyle Summer AC Electricity Bill Saving Tips; Air Conditioner Maintenance (Do’s & Don’ts) 13 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक गर्मियां आते ही लोग एयर कंडीशनर चलाना शुरू कर देते हैं। इससे गर्मी से राहत तो मिलती है, लेकिन बिजली का बिल भी तेजी से बढ़ता है। हालांकि, अगर एसी यूज करने के तरीकों में कुछ छोटे-छोटे बदलाव किए जाएं, तो बिजली बिल को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। ‘ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशियंसी’ की एक स्टडी के मुताबिक, एसी का तापमान 1°C बढ़ाने से करीब 6% तक बिजली की बचत हो सकती है। ऐसे में आज जरूरत की खबर में एसी यूज करने के स्मार्ट तरीकों की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- किन गलतियों से बिजली का बिल बढ़ता है? एसी के मेन्टेनेंस का सही तरीका क्या है? एक्सपर्ट- शशिकांत उपाध्याय, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर, अहमदाबाद सवाल- गर्मियों में एसी चलाने पर बिजली का बिल ज्यादा क्यों आता है? जवाब- गर्मियों में तापमान ज्यादा होता है। इसलिए कमरे को ठंडा करने के लिए एसी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। उस पर ज्यादा दबाव पड़ता है। एसी का कंप्रेसर लंबे समय तक लगातार चलता है, जिससे बिजली की खपत बढ़ जाती है। इसके और भी कई कारण हैं- कमरा बार-बार खोलना। कमरे में धूप आना और कमरे का ज्यादा गर्म होना। कमरे का सील पैक्ड न होना। इन कारणों से एसी की ठंडक जल्दी खत्म होती है और एसी को ज्यादा देर तक चलाना पड़ता है। सवाल- क्या बिजली का बिल एसी चलाने के तरीके पर निर्भर करता है? जवाब- हां, बिजली का बिल काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि एसी का इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि हमेशा, हर स्थिति में एसी का बिल एक जैसा ही आता है। अगर किसी को एसी इस्तेमाल का सही तरीका न पता हो या वो लापरवाही या गलती करे तो इससे बिजली का बिल बढ़ जाता है। वहीं सिर्फ थोड़ी सावधानियां बरतकर बिजली बिल को 40 से 50% तक कम किया जा सकता है। सवाल- एसी चलाते हुए लोग क्या गलतियां करते हैं, जिससे बिजली का बिल ज्यादा आता है? जवाब- गर्मियों में एसी राहत तो देता है, लेकिन कई बार छोटी-छोटी गलतियां बिजली का बिल बढ़ा सकती हैं। ग्राफिक में वो गलतियां देखिए, जो बेवजह बिल बढ़ाती हैं- सवाल- एसी कैसे चलाएं कि बिजली का बिल कम आए? जवाब- कुछ आसान आदतें अपनाकर आप अपने बिल को कंट्रोल में रख सकते हैं। ग्राफिक में बिजली का बिल कम करने वाली आदतें देखिए- ग्राफिक को थोड़ा विस्तार से समझते हैं- टेम्परेचर 24 से 26 पर सेट करें एसी को बहुत कम तापमान (16–18°C) पर चलाने से कंप्रेसर पर ज्यादा लोड पड़ता है और बिजली ज्यादा खर्च होती है। 24–26°C पर सेट करने से शरीर को पर्याप्त ठंडक मिलती है और एसी पर ज्यादा लोड नहीं पड़ता है। टाइमर और स्लीप मोड यूज करें टाइमर और स्लीप मोड एसी को ऑटोमैटिक तरीके से बंद या टेम्परेचर को एडजस्ट करने में मदद करते हैं। इससे अनावश्यक बिजली खर्च नहीं होती है। कमरा अच्छी तरह सील करें अगर कमरे से ठंडी हवा बाहर जा रही है या गर्म हवा अंदर आ रही है, तो एसी पर ज्यादा प्रेशर पड़ता है। इसलिए दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें और गैप को सील करें। इससे कूलिंग लंबे समय तक बनी रहती है। एसी के साथ पंखा भी चलाएं पंखा चलाने से ठंडी हवा पूरे कमरे में फैलती है। इससे एसी को बार-बार कंप्रेसर ऑन नहीं करना पड़ता और कूलिंग जल्दी होती है। एसी को डायरेक्ट धूप से बचाएं अगर एसी की आउटडोर यूनिट पर सीधे धूप पड़ती है, तो वह ज्यादा गर्म हो जाती है। इससे उसकी कूलिंग एफिशिएंसी घटती है। इसे छाया में रखें या शेड लगाएं। इससे एसी कम ऊर्जा में बेहतर काम करता है। हाई स्टार रेटिंग वाला एसी चुनें 5-स्टार या हाई एनर्जी रेटिंग वाले एसी कम बिजली में ज्यादा कूलिंग देते हैं। ये थोड़े महंगे होते हैं, लेकिन बिजली का बिल कम कर देते हैं। इन्वर्टर एसी का इस्तेमाल करें इन्वर्टर एसी कंप्रेसर की स्पीड को जरूरत के हिसाब से एडजस्ट करता है, जिससे वह बार-बार ऑन-ऑफ नहीं होता। इससे बिजली की खपत कम होती है और कूलिंग भी स्मूद रहती है। सही टन (कैपेसिटी) का एसी चुनें कमरे के साइज के हिसाब से सही टन का एसी चुनना जरूरी है। सही कैपेसिटी वाला एसी संतुलित कूलिंग देता है और बिजली का बिल कम करता है। इको मोड का इस्तेमाल करें इको मोड एसी की पावर खपत को ऑटोमैटिक तरीके से कंट्रोल करता है। यह जरूरत के हिसाब से कूलिंग एडजस्ट करता है, जिससे बिजली कम खर्च होती है। मौसम ठंडा हो तो एसी न चलाएं जब मौसम पहले से ठंडा या सुहावना हो, तो एसी चलाने की जरूरत नहीं होती। ऐसे में पंखा या नेचुरल वेंटिलेशन बेहतर विकल्प है। हर हफ्ते फिल्टर की सफाई करें गंदे फिल्टर हवा के फ्लो को रोकते हैं, जिससे एसी पर ज्यादा प्रेशर पड़ता है। इस कारण कूलिंग कम होती है और बिजली ज्यादा खर्च होती है। इसलिए महीने में एक बार फिल्टर जरूर साफ करें। साल में दो बार सर्विसिंग कराएं रेगुलर सर्विसिंग से एसी के सभी पार्ट्स मेंटेन रहते हैं। गैस लेवल, कंप्रेसर और कॉइल की जांच से उसकी एफिशिएंसी बनी रहती है। सवाल- बिजली बचाने के लिए सही कैपेसिटी के एसी का इस्तेमाल बहुत जरूरी है। कमरे के साइज के हिसाब से कितने टन का एसी लगावाना चाहिए? जवाब- एसी की सही कैपेसिटी सिर्फ कमरे के साइज पर नहीं, बल्कि उसकी कंडीशन पर भी निर्भर करती है। तेज धूप, टॉप फ्लोर, ज्यादा लोग होने से कूलिंग लोड बढ़ता है। इसलिए ज्यादा टन की एसी लेना बेहतर होता है। ग्राफिक में देखें, किस कमरे के लिए कितने टन का एसी सही है- सवाल- एसी के मेंटेनेंस का सही तरीका क्या है? जवाब- एसी की अच्छी परफॉर्मेंस के लिए सिर्फ सर्विसिंग ही नहीं, रोजमर्रा की देखभाल भी जरूरी है। पॉइंटर्स से समझते हैं- आउटडोर यूनिट के आसपास धूल या रुकावट न होने दें, ताकि हवा का फ्लो बना रहे। कूलिंग कम लगे तो गैस लेवल और कॉइल्स की जांच कराएं। एसी चलाते समय कमरे

अजित पवार की मौत के बाद पार्टी हथियाने की कोशिश:भतीजे रोहित का दावा- प्रफुल्ल पटेल समेत तीन नेताओं ने EC को लेटर लिखा था

अजित पवार की मौत के बाद पार्टी हथियाने की कोशिश:भतीजे रोहित का दावा- प्रफुल्ल पटेल समेत तीन नेताओं ने EC को लेटर लिखा था

एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने दावा किया कि अजित पवार की मौत के बाद प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने एनसीपी (अजित पवार) पर कब्जा करने की कोशिश की थी। रोहित पवार ने कहा कि अजित पवार की मौत के 18 दिन बाद, 16 फरवरी को प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और बृजमोहन श्रीवास्तव ने चुनाव आयोग को लेटर भेजा था। लेटर में कहा गया कि पार्टी संविधान में बदलाव किया गया है। अब सभी अधिकार वर्किंग प्रेसिडेंट को दिए जाएं। प्रफुल्ल पटेल एनसीपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष थे। अजित पवार की मौत के समय वही पार्टी के प्रमुख थे। अजित पवार के भतीजे रोहित ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह बातें कहीं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबंधित डाक्यमेंट्स भी दिखाए और मामले की आपराधिक जांच की मांग की। सुनेत्रा पवार को इसकी जानकारी नहीं थी रोहित ने कहा कि अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को शुरुआत में इसकी जानकारी नहीं थी। हालांकि बाद में उन्होंने चुनाव आयोग को लेटर लिखा। सुनील तटकरे बोले- पार्टी मामलों में दखल न दें एनसीपी (अजित पवार) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने बिना नाम लिए कहा कि कुछ लोग पार्टी के अंदरूनी मामलों में दखल देना बंद करें। उन्होंने कहा कि अजित पवार के खिलाफ पहले भी साजिशें हुईं। अब उनकी मौत के बाद भी ऐसे प्रयास हो रहे हैं। वहीं, एनसीपी के एक नेता ने कहा कि वर्किंग प्रेसिडेंट को अदालत और चुनाव आयोग से जुड़े मामलों में संवाद का अधिकार पहले से दिया गया था। रोहित भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। प्लने क्रैश और कंपनी पर भी उठाए सवाल रोहित पवार ने प्लेश क्रैश हादसे से जुड़ी कंपनी VSR वेंचर्स पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि हादसे के बाद भी कंपनी को 80-90 करोड़ रुपए का पेमेंट किया गया। कुछ लोग इस कंपनी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने अजित पवार की मौत के मामले में बेंगलुरु में FIR भी दर्ज कराई है। इसपर उन्होंने कहा कि उन्हें सलाह दी गई थी कि वह ऐसे राज्य में शिकायत दर्ज कराएं, जहां उन्हें न्याय मिल सके। इसके बाद उन्होंने कर्नाटक के बेंगलुरु में जीरो FIR दर्ज कराई। अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत हुई थी अजित पवार की 28 जनवरी को पुणे के बारामती एयरस्ट्रिप के पास प्लने क्रैश में मौत हो गई थी। इस हादसे में उनके साथ 4 और लोगों की जान गई थी। उनकी मौत के बाद 26 फरवरी को सुनेत्रा पवार को एनसीपी का नया अध्यक्ष चुना गया। उन्हें डिप्टी सीएम का पद भी दिया गया। —————- ये खबर भी पढ़ें… अजित पवार प्लेन क्रैश मामले में बेंगलुरु में FIR:भतीजे रोहित ने 5 आरोप लगाए, कहा- महाराष्ट्र में शिकायत दर्ज नहीं की गई महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत के मामले में बेंगलुरु में जीरो FIR दर्ज की गई है। FIR उनके भतीजे और एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार की शिकायत पर दर्ज हुई है। उन्होंने हादसे को आपराधिक साजिश बताया है। उन्होंने FIR में 5 मुख्य आरोप लगाए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Trump China Visit May 14-15

Trump China Visit May 14-15

18 मिनट पहले कॉपी लिंक म्यांमार में बुधवार देर रात 4.5 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र 120 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 120 किमी गहराई में आए भूकंप को इंटरमीडिएट कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे भूकंप का असर सतह पर कम होता है। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, मंगलवार को भी म्यांमार में 3.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। इसकी गहराई 90 किलोमीटर थी। म्यांमार भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में आता है। यहां भारतीय, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा प्लेट्स के बीच लगातार हलचल होती रहती है। देश में सागाइंग फॉल्ट नाम की बड़ी फॉल्ट लाइन गुजरती है, जिससे मंडाले, यांगून और आसपास के इलाकों में भूकंप का खतरा बना रहता है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें.. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प 14-15 मई को चीन जाएंगे, ईरान युद्ध की वजह से दौरा टला था अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 14 और 15 मई को चीन दौरे पर रहेंगे। यह दौरा पहले मार्च के अंत में तय था, लेकिन ईरान में चल रहे युद्ध के कारण इसे टाल दिया गया था। व्हाइट हाउस के मुताबिक, ट्रम्प चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। बैठक टालने को लेकर दोनों देशों के बीच कोई शर्त नहीं रखी गई थी। चीन ने तारीख बदलने पर सहमति जताई है। इसके बाद इसी साल शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन के अमेरिका दौरे का कार्यक्रम भी तय किया जाएगा। ट्रम्प और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रम्प वॉशिंगटन में उनकी मेजबानी करेंगे। ट्रम्प और शी जिनपिंग की पिछली मुलाकात अक्टूबर में दक्षिण कोरिया में हुई थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Trump China Visit May 14-15

Trump China Visit May 14-15

39 मिनट पहले कॉपी लिंक नेपाल में नई संसद की शुरुआत हो गई है। काठमांडू के सिंह दरबार स्थित अस्थायी संसद भवन में गुरुवार को नवनिर्वाचित सांसदों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। इसके साथ ही देश में नई विधायी अवधि की औपचारिक शुरुआत हो गई। सबसे सीनियर सांसद अर्जुन नरसिंह केसी ने सभी सदस्यों को शपथ दिलाई। संसद सचिवालय के अनुसार, 63 सांसदों ने अपनी मातृभाषा में शपथ ली। इस दौरान सांसद पारंपरिक और क्षेत्रीय वेशभूषा में नजर आए। इधर, राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी ने बालेन शाह को संसदीय दल का नेता चुना है। यह फैसला पार्टी की केंद्रीय समिति और संसदीय दल की संयुक्त बैठक में लिया गया। बालेन शाह के संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद उनके शुक्रवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने की संभावना है। इससे नेपाल में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… अमेरिका की वजह से दुनिया को 10 ट्रिलियन डॉलर का जलवायु नुकसान; गरीब देशों पर सबसे बुरा असर पड़ा अमेरिका के कार्बन उत्सर्जन के कारण 1990 के बाद से दुनिया को करीब 10 ट्रिलियन डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ है। इस नुकसान का सबसे बड़ा बोझ गरीब और विकासशील देशों पर पड़ा है। नेचर जर्नल में प्रकाशित इस रिसर्च के मुताबिक, ग्लोबल वॉर्मिंग से जुड़े आर्थिक असर में अमेरिका सबसे बड़ा भागीदार रहा है। स्टडी के अनुसार, जलवायु परिवर्तन का असर खास तौर पर उन देशों पर ज्यादा पड़ा है, जो पहले से आर्थिक रूप से कमजोर हैं। भारत को करीब 500 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है, जबकि ब्राजील को करीब 330 अरब डॉलर का नुकसान झेलना पड़ा। वैज्ञानिकों का कहना है कि बढ़ते तापमान ने उत्पादकता, स्वास्थ्य और आर्थिक विकास को प्रभावित किया है, जिससे कई देशों की ग्रोथ धीमी पड़ गई। हालांकि, इस नुकसान का कुछ हिस्सा खुद अमेरिका ने भी झेला है, लेकिन कुल प्रभाव के मुकाबले यह कम है। ईरान तनाव के बीच बदला ट्रम्प का शेड्यूल, मई में चीन दौरा तय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 14 और 15 मई को चीन का दौरा करेंगे। व्हाइट हाउस ने बुधवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। यह यात्रा पहले इसी महीने के अंत में प्रस्तावित थी, लेकिन ईरान से जुड़े तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के कारण इसे टाल दिया गया था। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने बताया कि यह ट्रम्प की बहुप्रतीक्षित चीन यात्रा है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प और प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प इस साल के अंत में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन की वाशिंगटन डीसी में वापसी यात्रा की मेजबानी भी करेंगे। जब लीविट से पूछा गया कि क्या इस बैठक को फिर से तय करने से पहले युद्ध खत्म करने को लेकर कोई शर्त रखी गई थी, तो उन्होंने साफ किया कि ऐसी कोई शर्त या चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शी ने स्थिति को समझा और यह माना कि इस समय ट्रम्प का क्षेत्र में सक्रिय रहना जरूरी है। इसी वजह से यात्रा को स्थगित करने के फैसले को चीन की तरफ से स्वीकार किया गया। बांग्लादेश में बस नदी में गिरने से 16 लोगों की मौत, कई लापता बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले में बुधवार शाम एक बस पद्मा नदी में गिर गई। हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। बस में करीब 40 यात्री सवार थे। रेस्क्यू टीम ने ‘हमजा’ नाम के जहाज की मदद से करीब 6 घंटे बाद बस को बाहर निकाला। बस के अंदर से 14 शव मिले, जबकि गोताखोरों ने पहले ही दो महिलाओं के शव बरामद कर लिए थे। फायर सर्विस, कोस्टगार्ड, पुलिस और सेना की टीमों की मदद से गोताखोर लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। पुलिस के मुताबिक, करीब 11 यात्री तैरकर बाहर निकल गए या उन्हें बचा लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि बस ढाका जा रही थी। इसमें सवार अधिकतर यात्री ईद की छुट्टियां बिताकर लौट रहे थे, जिनमें कई बच्चे भी शामिल थे। प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने हादसे की जानकारी ली और अधिकारियों को बचाव कार्य तेज करने के साथ जांच के निर्देश दिए हैं। म्यांमार में 4.5 तीव्रता का भूकंप आया, एक दिन पहले भी झटके महसूस हुए थे म्यांमार में बुधवार देर रात 4.5 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र 120 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 120 किमी गहराई में आए भूकंप को इंटरमीडिएट कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे भूकंप का असर सतह पर कम होता है। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, मंगलवार को भी म्यांमार में 3.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। इसकी गहराई 90 किलोमीटर थी। म्यांमार भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में आता है। यहां भारतीय, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा प्लेट्स के बीच लगातार हलचल होती रहती है। देश में सागाइंग फॉल्ट नाम की बड़ी फॉल्ट लाइन गुजरती है, जिससे मंडाले, यांगून और आसपास के इलाकों में भूकंप का खतरा बना रहता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प 14-15 मई को चीन जाएंगे, ईरान युद्ध की वजह से दौरा टला था अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 14 और 15 मई को चीन दौरे पर रहेंगे। यह दौरा पहले मार्च के अंत में तय था, लेकिन ईरान में चल रहे युद्ध के कारण इसे टाल दिया गया था। व्हाइट हाउस के मुताबिक, ट्रम्प चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। बैठक टालने को लेकर दोनों देशों के बीच कोई शर्त नहीं रखी गई थी। चीन ने तारीख बदलने पर सहमति जताई है। इसके बाद इसी साल शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन के अमेरिका दौरे का कार्यक्रम भी तय किया जाएगा। ट्रम्प और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रम्प वॉशिंगटन में उनकी मेजबानी करेंगे। ट्रम्प और शी जिनपिंग की पिछली मुलाकात अक्टूबर में दक्षिण कोरिया में हुई थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

जेपी अस्पताल विवाद पर डिप्टी सीएम सख्त:सीएमएचओ से रिपोर्ट तलब; तीन साल से बंद प्रसव सुविधा, अब तक नहीं हुई कार्रवाई

जेपी अस्पताल विवाद पर डिप्टी सीएम सख्त:सीएमएचओ से रिपोर्ट तलब; तीन साल से बंद प्रसव सुविधा, अब तक नहीं हुई कार्रवाई

भोपाल के जेपी अस्पताल में तीन साल से बंद प्रसव सुविधा का मामला अब सरकार के उच्च स्तर तक पहुंच गया है। डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सीएमएचओ से इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह में मांगी है। कर्मचारियों और संगठनों द्वारा लगातार लिखे गए पत्रों और हाल ही में सिविल सर्जन डॉ. संजय जैन द्वारा लोक स्वस्थय एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को भेजे गए पत्र के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जिला अस्पताल में प्रसव (डिलीवरी) बंद होने से मरीजों और मेडिकल शिक्षा दोनों पर असर पड़ रहा है, जिससे यह मुद्दा और गंभीर हो गया है। मामला सामने आने के बाद डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने सीएमएचओ से पूरी जानकारी तलब की है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि एक सप्ताह के भीतर पूरे प्रकरण की समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में है और जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी, जिससे अब इस लंबे समय से लंबित विवाद पर फैसला होने की उम्मीद बढ़ गई है। तीन साल पहले बंद हुई प्रसव सुविधा जेपी अस्पताल, जिसे प्रदेश का मॉडल जिला अस्पताल माना जाता है, वहां वर्ष 2022 में बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग और शिशु रोग विभाग को यहां से हटाकर काटजू सिविल अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद से जेपी अस्पताल में प्रसव सुविधा पूरी तरह बंद हो गई। यही निर्णय विवाद की जड़ बना। खास बात यह है कि जिला अस्पताल होने के बावजूद यहां प्रसव सुविधा का बंद होना आईपीएचएस गाइडलाइन के भी विपरीत माना जा रहा है। कर्मचारियों और संगठनों के पत्र, फिर भी नहीं हुई सुनवाई इस फैसले के बाद जेपी अस्पताल के कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों ने कई बार पत्र लिखकर इस निर्णय को निरस्त करने की मांग की। इन पत्रों में अस्पताल की उपयोगिता, मरीजों की परेशानी और नियमों का हवाला दिया गया, लेकिन विभाग स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। लगातार पत्राचार के बावजूद कार्रवाई न होने से कर्मचारियों में असंतोष भी बढ़ा है। सिविल सर्जन का पत्र: एमएलसी और मरीजों पर असर हाल ही में सिविल सर्जन डॉ. संजय जैन ने आयुक्त स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर स्थिति की गंभीरता बताई है। उन्होंने उल्लेख किया कि 39 में से 37 थानों के एमएलसी केस जेपी अस्पताल में ही आते हैं, लेकिन यहां केवल एक स्त्री रोग विशेषज्ञ होने के कारण काम प्रभावित हो रहा है। डॉक्टर के अवकाश पर रहने की स्थिति में एमएलसी तक नहीं हो पाती। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं और रेप पीड़िताओं को समय पर इलाज और सोनोग्राफी नहीं मिल पा रही है, जिससे कई मामलों में जोखिम बढ़ रहा है। रोज 50 से ज्यादा मरीज, फिर भी सुविधा नहीं जेपी अस्पताल में आज भी रोजाना 50 से अधिक महिलाएं जांच के लिए पहुंचती हैं। लेकिन इमरजेंसी की स्थिति में उन्हें काटजू अस्पताल रेफर करना पड़ता है। इस दौरान देरी होने से कई मामलों में मरीजों की हालत बिगड़ने का खतरा रहता है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। पहले 30 डिलीवरी रोज, अब संसाधन बेकार पहले जेपी अस्पताल में रोजाना करीब 30 डिलीवरी होती थीं और 150 बिस्तरों का स्त्री एवं प्रसूति विभाग संचालित था। शिशु रोग विभाग में भी 60 बेड की सुविधा थी। वर्तमान में ये संसाधन मौजूद होने के बावजूद उपयोग नहीं हो पा रहे हैं, जिससे अस्पताल की क्षमता प्रभावित हो रही है। काटजू अस्पताल पर बढ़ा दबाव, सीमित क्षमता दूसरी ओर काटजू अस्पताल में मेटरनल एंड चाइल्ड केयर यूनिट विकसित की गई है, लेकिन वहां प्रतिदिन केवल 20 डिलीवरी ही हो पा रही हैं। 300 बेड की योजना पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है और ब्लड बैंक जैसी सुविधाओं की कमी भी सामने आई है। ऐसे में पूरा दबाव वहां शिफ्ट होने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है। डीएनबी सीटों और मेडिकल शिक्षा पर असर जेपी अस्पताल में डीएनबी के कोर्स भी प्रभावित हो रहे हैं। गायनेकोलॉजी विभाग के मास्टर ट्रेनर के ट्रांसफर के बाद छात्रों की ट्रेनिंग बाधित है। एनएचएम ने छात्रों को काटजू अस्पताल भेजने का सुझाव दिया, लेकिन सिविल सर्जन ने इससे इंकार कर दिया। इससे मेडिकल स्टूडेंट्स का भविष्य प्रभावित हो रहा है और उनकी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग अधूरी रह रही है। गाइडलाइन का उल्लंघन और योजनाओं पर असर आईपीएचएस गाइडलाइन के अनुसार जिला अस्पताल में कम से कम 30 बेड का गायनी विभाग होना जरूरी है, लेकिन जेपी अस्पताल में यह सुविधा बंद है। इससे लक्ष्य योजना की प्रोत्साहन राशि भी बंद हो गई है और शिशु रोग विभाग के शिफ्ट होने से मुस्कान कार्यक्रम भी प्रभावित हुआ है। सीएमएचओ बोले- जल्द होगा फैसला सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने भी माना कि जिला अस्पताल में गायनी विंग होना जरूरी है और इसे दोबारा शुरू किया जाना चाहिए। डिप्टी सीएम के हस्तक्षेप के बाद अब इस मुद्दे पर जल्द ठोस निर्णय की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे मरीजों और मेडिकल स्टूडेंट्स दोनों को राहत मिल सकती है।