चुनाव से पहले कांग्रेस मुक्त बीजेपी में क्यों बने हुए हैं नेता? राहुल गांधी के करीबी ने बताई वजह, जानें क्या कहा

खाली बीजेपी में जा रहे नेताओं के मुद्दे को लेकर राहुल गांधी के करीबी ने इस बारे में पूरी सच्चाई बताई है. कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि पार्टी के कई नेताओं ने अपने राज्यों में बाकी पार्टियों के अलावा अन्य पार्टियों का दामन थाम लिया है। इस दौरान वे बीजेपी पर तंज कसते हैं। उन्होंने कहा है कि उनके नजदीकी कांग्रेस नेता बहुत सारे साक्षियों की पूजा कर रहे हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा गया कि वरिष्ठ नेताओं ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी से दूरी बना ली थी। साथ ही उन्होंने इस बात को भी खारिज कर दिया है, प्रमुख नेताओं की पार्टी छोड़ने की वजह निजी मनमुताव है। इस तरह के मुद्दे के पीछे उन्होंने सिर्फ राजनीतिक बताया है. राहुल गांधी का करीबी रिश्ता खास है: मणिकम टैगोर उन्होंने कहा कि ये नेता जो ये चाहते थे कि वे राहुल गांधी के बेहद करीब हों, जहां भी कैमरा हो, जहां-जहां नजर आए. फिर भी सभी दिल्ली में रसूखदार लोग हैं। राहुल गांधी की लोगों से दोस्ती सिर्फ एक राजनीतिक रिश्ता है। वे इसलिए चले गए क्योंकि उनके रेज़्यूमे पर उनकी क्षमता कम थी। वे सभी चले गए क्योंकि वे अपनी मंजिल तक पहुंचने में असमर्थ थे। इसके अलावा उन्होंने 2019 और 2024 में मिली हार को लेकर कहा है कि हाल ही में असम के पूर्व प्रदेश भूपेन बोरा और समाजवादी विचारधारा वाले प्रद्युत बोरदोलोई ने कांग्रेस से वापसी की मांग करते हुए पार्टी छोड़ दी है। वे बीजेपी में शामिल हो गए हैं. बीजेपी के कांग्रेस के कई पूर्व नेता एक-एक पीआर चाल में शामिल थे. इसका उद्देश्य नैरेटिव बनाना था कि जो लोग राहुल गांधी के करीबी हैं, वे भी पार्टी छोड़ रहे हैं। वे सिर्फ दिल्ली सेंट्रिक लोग थे, ग्रेटर कैलाश और ऐसे ही अन्य इलाकों के लोग थे। वे दिल्ली में रहते थे, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों से चुनावी मैदान में थे। वह सभी अन्य मॉडलों में चले गए। बीजेपी एक ऐसी पार्टी है, जो खाली कागजों से भरी पड़ी है। राहुल गांधी के दोस्त आम लोग हैं: टैगोर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के दोस्त हम लोग हैं. राहुल गांधी अपनी भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा उन्होंने तमिल में कांग्रेस के घटते जनाधार को भी स्वीकार किया है। हम 20 प्रतिशत पर थे, जो 5 प्रतिशत पर आ गये. हमने जमीन खो दी है. हम ये बातें हैं. इसके अलावा उन्होंने 1996 में नरसिम्हा राव के जजमेंट का जिक्र किया था। इसमें कहा गया है कि उस जजमेंट का असर बहुत बड़ा है. औद्योगिक (तमिल मनीला कांग्रेस) पार्टी से अलग हो गई थी। उन्होंने कांग्रेस के लिए अपने पाले में वोट किया था. करीब 12 से 15 प्रतिशत वोट हासिल करें। जब वे वापस आये तो उनके पास सिर्फ 5 प्रतिशत वोट ही बचे थे। तमिल मनीला कांग्रेस की स्थापना 1996 में राज्यसभा के पूर्व सांसद जीके मूपनार की थी। यह भी पढ़ें: उदयोदय, स्टालिन, ओपीएस, सेंथिल बालाजी… तमिल में डीएमके ने जारी की पहली सूची
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: अमित शाह ने ममता सरकार के खिलाफ जारी की रैली तो भड़की टीएमसी, बीजेपी सरकार के खिलाफ झूठ बोला डॉक्युमेंट

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले कोलकाता दौरे पर गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार (28 मार्च, 2026) को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ताइवानी कांग्रेस की सरकार पर गहन बहुमत से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने ममता सरकार के खिलाफ 15 साल पुराने आरोपपत्र भी जारी किया. इसके कुछ ही घंटों के बाद अब ऑर्थोडॉक्स कांग्रेस (टीएमसी) ने बीजेपी राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए इसी तरह के दस्तावेज़ जारी किए हैं। युवा कांग्रेस (टीएमसी) ने अपने आरोपपत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर पश्चिम बंगाल में ध्रुवीकरण करने और महिलाओं की सुरक्षा के लिए अपने कदमों के साथ कई कदम उठाने का आरोप लगाया है। कट्टरपंथियों ने पूंजीवाद में लंबे समय से जारी हिंसा, भाजपा के नेतृत्व वाले राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा और अवैध घुसपैठ से लेकर केंद्र के रास्ते को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर सवाल उठाए। टीएमसी नेताओं ने अमित शाह को सैद्धांतिक आधार बनाया न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ ही घंटों बाद आतंकवादी नेता और पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु, न्यून कम्युनिस्ट मोइत्रा और मिनिमम कीर्ति आजाद ने महिलाओं की सुरक्षा पर संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आलोचना की। टीएमसी की नॉमिनल मिनियन मोइत्रा ने कहा, ‘अमित शाह महिलाओं की सुरक्षा की बात कर रहे हैं। भाजपा संयुक्त राज्य अमेरिका में महिला सुरक्षा की क्या स्थिति है? शाह को सबसे पहले वैज्ञानिकों में हो रही हिंसा का जवाब देना चाहिए, जहां पिछले तीन साल से लगातार खूनखराबा हो रहा है।’ देश के अधिकांश राज्य अमेरिका में भाजपा का शासन: ब्रत्य बसु पीटीआई के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने कहा, ‘बीजेपी केंद्र में सत्ता है. यह 15 राज्यों और देशों के अधिकांश राज्यों और देशों में शासन करता है, जहां से घुसपैठ हो रही है। अमित शाह तो खुद केंद्रीय गृह मंत्री हैं तो आखिर वह किस बात का इंतजार कर रहे हैं?’ उन्होंने केंद्र सरकार के उद्यमियों के दस्तावेजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय अवैध रूप से उन्हें देश के बाहर करने में असफल क्यों बता रहा है। बीजेपी के नियंत्रण वाले चुनाव आयोग मतदाता सूची में पाए गए विदेशी नागरिकों के नाम जारी करने में क्यों हो रही है गड़बड़ी? यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: ‘कभी पैर टूटते हैं, कभी पट्टी बांधते हैं’, बंगाल में अमित शाह ने ममता बनर्जी पर कसा तंज (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)अमित शाह(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)कोलकाता में अमित शाह(टी)चुनाव आयोग(टी)टीएमसी(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)महुआ मोइत्रा(टी)महिला सुरक्षा(टी)घुसपैठ(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)कोलकाता(टी)अमित शाह(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)कोलकाता में अमित शाह(टी)चुनाव आयोग(टी)टीएमसी(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)महुआ मोइत्रा(टी)महिलाओं की सुरक्षा(टी)घुसपैठ
मैंगो कुल्फी: बिना चीनी के स्वादिष्ट टेस्टी मैंगो कुल्फी, घर पर ही मिलेगी देसी स्वाद का मजा, नोट करें ये देसी रेसिपी

मैंगो कुल्फी: गर्मी का मौसम आते ही आम की मिठास हर किसी को अपनी ओर खींच लेती है। ऐसे में अगर आप कुछ ठंडा, स्वादिष्ट और सब्जी बनाना चाहते हैं तो घर पर मैंगो कुल्फी तैयार कर सकते हैं. खास बात यह है कि यह कुल्फी बिना चीनी की बनी है और स्वाद में भी बेहद लाजवाब है। नोट कर लें ये रेसिपी। मैंगो कुल्फी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री इस खास कुल्फी को बनाने के लिए आम, बादाम, काजू, मखाने, ओट्स और खजूर का इस्तेमाल किया जाता है। इसके साथ ही दूध या बादाम या नारियल का दूध, वनिला एक्सिस और आवश्यक दूध पाउडर भी लिया जाता है। यह सभी मशीनें वास्तुशिल्प और वास्तुशिल्प हैं। बिना शुगर वाली मैंगो कुल्फी कैसे तैयार करें मैंगो कुल्फी बनाने के लिए सबसे पहले बादाम, काजू, मखाने, ओट्स और खजूर को 30 से 40 मिनट तक गर्म दूध में डालकर रख लीजिए. इसके बाद उदाहरण के तौर पर आम के गुडे और वेनिला एक्सामेट के टुकड़े के साथ लिया जाता है। तैयार किए गए मिक्चर को आम के अंदर के रेस्तरां रेफ्रिजरेटर में रातभर के लिए रख दिया जाता है। अगले दिन इसे इलेक्ट्रिक स्कूटर में सर्व कर सकते हैं। यह कुल्फी सिर्फ स्वाद में ही शानदार नहीं है बल्कि इसमें रिफ्रेश्ड शुगर का इस्तेमाल नहीं होता है। इसलिए ये डेजर्ट में सबसे बेहतर और कार्मिक पद पर माना जाता है। बच्चों से लेकर बड़ों तक हर कोई इसे आसानी से पसंद कर सकता है। (टैग्सटूट्रांसलेट) मैंगो कुल्फी रेसिपी (टी) हेल्दी मैंगो कुल्फी (टी) शुगर फ्री कुल्फी (टी) होममेड कुल्फी रेसिपी (टी) समर डेजर्ट इंडिया (टी) मैंगो डेजर्ट रेसिपी (टी) आसान कुल्फी रेसिपी (टी) मालविका मैंगो कुल्फी (टी) इंडियन आइसक्रीम रेसिपी (टी) हेल्दी इंडियन डेजर्ट
पानी में उबालकर पिएं ये हरे बीज, कब्ज-गैस से मिलेगी राहत, शरीर की गर्मी रहेगी दूर

Last Updated:March 28, 2026, 21:08 IST Fennel Drink Health Benefits: सौंफ का पानी गर्मी के मौसम शरीर के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है. रोजाना सेवन से बॉडी में ठंडक बनी रहती है. साथ ही गर्मी के कारण होने वाली डाइजेशन प्रॉब्लम जैसे गैस, कब्ज, ब्लॉटिंग में भी मददगार साबित होता है. इन बीजों को आप सीधे खा भी सकते हैं और इसका पानी तैयार करके भी पी सकते हैं, ख़बरें फटाफट गर्मियों के आते ही पेट में गर्मी, गैस, सूजन और अपच जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. लेकिन इससे राहत के लिए हर बार दवा लेने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि रसोई में मौजूद सौंफ एक आसान और असरदार घरेलू उपाय है. आयुर्वेद के अनुसार, सौंफ शरीर के पित्त दोष को संतुलित करने में मदद करती है. रोजाना एक चम्मच सौंफ खाने से पेट ठंडा रहता है और कई परेशानियों से राहत मिलती है. खाना खाने के बाद सौंफ चबाने या सौंफ का पानी पीने से गैस और सूजन कम होती है. यह पाचन को बेहतर बनाती है और अपच की समस्या दूर करती है. खासकर गर्मियों में जब भारी खाना खाने से पेट भारी लगता है, तब सौंफ बहुत फायदेमंद होती है. सौंफ का पानी के फायदे सौंफ की चाय भी काफी लाभदायक है. यह ऑफिस की थकान दूर करती है और पीरियड्स के दौरान पेट दर्द और सूजन में आराम देती है. इसका स्वाद हल्का मीठा होता है, जिससे इसे पीना आसान और अच्छा लगता है. सौंफ में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और दर्द कम करने वाले गुण होते हैं. यह पेट दर्द, कब्ज, गैस और सूजन जैसी समस्याओं में राहत देती है. साथ ही पाचन तंत्र को मजबूत बनाकर आंतों को सही तरीके से काम करने में मदद करती है. लंबे समय से पेट की समस्या वाले लोगों के लिए भी यह उपयोगी है. कैसे तैयार करें सौंफ का पानी सौंफ की चाय बनाना बहुत आसान है. एक चम्मच सौंफ को एक कप पानी में 5 से 10 मिनट तक उबालें, फिर छानकर पी लें. स्वाद के लिए इसमें थोड़ा शहद भी मिला सकते हैं. इसे खाना खाने के बाद पीना ज्यादा फायदेमंद होता है. इसके अलावा सौंफ को मिश्री के साथ चबाना या सौंफ का शरबत पीना भी शरीर को ठंडक देता है. इस बात का ध्यान रखेंअगर आप रोज एक चम्मच सौंफ खाने की आदत डालते हैं, तो गर्मियों में पेट की गर्मी और पाचन की समस्याएं काफी हद तक कम हो सकती हैं. बस ध्यान रखें कि इसका सेवन ज्यादा मात्रा में न करें और गर्भवती महिलाएं डॉक्टर की सलाह से ही इसका उपयोग करें. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 28, 2026, 21:08 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
Adani Defence Delivers 2000 Prahar LMGs to Indian Army

अडाणी डिफेंस ने इंडियान आर्मी को 2000 मशीन गन सौंपी है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने भारतीय सेना को 2,000 ‘प्रहार’ लाइट मशीन गन (LMG) की पहली खेप सौंपी। यह 7.62 मिमी कैलिबर के हथियार ग्वालियर के स्मॉल आर्म्स कॉम्प्लेक्स में बनाए गए हैं। . सरकार इन हथियारों का इस्तेमाल LAC और LoC पर सुरक्षा और मारक क्षमता बढ़ाने के लिए करेगी। ‘प्रहार’ LMG की मारक क्षमता 1,000 मीटर तक है, जिससे दुश्मनों को दूर से निशाना बनाया जा सकता है। मशीन गन 8 किलोग्राम की हैं, जिनकी लंबाई 1100 mm है। एक मिनट में 700 राउंड फायरिंग होगी। शनिवार को ग्वालियर स्थित प्लांट में सेना को LMG सौंपने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें रक्षा मंत्रालय के डीजी ए. अंबरासु, कंपनी के CEO आशीष राजवंशी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने मशीन गन की पहली खेप लेकर जा रहे ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गन मशीनों की 4 तस्वीरें देखिए… ये तस्वीर PLR 9 MASADA की है। ग्वालियर के स्मॉल आर्म्स कॉम्प्लेक्स में में बनाया गया है। ये तस्वीर मशीन गन अभय 9MM की है, जिसे अडाणी डिफेंस ने सौंपी है। अडाणी डिफेंस ने सेना को पिस्तौलें भी सौंपी हैं। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने पहली खेप को दिखाई हरी झंडी। 6 साल में पूरा हुआ प्रोजेक्ट, समय से पहले डिलीवरी कंपनी के CEO आशीष राजवंशी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को बोली जमा करने से लेकर डिलीवरी तक पूरा करने में करीब 6 साल लगे। कंपनी ने निर्धारित समय से 11 महीने पहले पहली खेप सौंप दी है। पूरा ऑर्डर देने के लिए पहले 7 साल से ज्यादा का समय तय था, लेकिन कंपनी इसे अगले 3 साल के भीतर पूरा कर देगी। 40,000 मशीन गन का ऑर्डर कंपनी के अनुसार, LMG का कुल ऑर्डर लगभग 40,000 यूनिट का है। रक्षा मंत्रालय के अधिकारी ए. अंबरासु ने समय से पहले डिलीवरी की सराहना करते हुए कहा कि इससे साबित होता है कि प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने की क्षमता मौजूद है। सरकार और निजी क्षेत्र की साझेदारी पर जोर अंबरासु ने कहा कि सरकार रक्षा उद्योग के साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रही है। उन्होंने “गति” और “पैमाना” को रक्षा खरीद के दो अहम स्तंभ बताया। उन्होंने यह भी कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार और निजी कंपनियों को साथ मिलकर काम करना होगा। प्लांट की क्षमता और तकनीक ग्वालियर में बना यह केंद्र करीब 100 एकड़ में फैला है और इसका सालाना उत्पादन लगभग 1 लाख हथियारों का है। इसमें इस्तेमाल होने वाली 90% से ज्यादा सामग्री देश में ही तैयार की जाती है। यहां एक अंडरग्राउंड फायरिंग रेंज भी है, जहां अधिकारियों ने निशानेबाजी का अभ्यास किया। कंपनी के अनुसार, इस केंद्र में हर साल लगभग 30 करोड़ छोटे कैलिबर के गोला-बारूद बनाने की क्षमता है। साथ ही बड़े और मध्यम कैलिबर के गोला-बारूद के उत्पादन की क्षमता बढ़ाने की योजना भी है। हर हथियार की सख्त जांच कंपनी ने बताया कि हर हथियार को सेना में शामिल करने से पहले कई परीक्षणों से गुजरना पड़ता है। इसमें बैलिस्टिक टेस्ट, पर्यावरणीय जांच और अन्य तकनीकी मूल्यांकन शामिल हैं, ताकि हथियार पूरी तरह भरोसेमंद और विश्वसनीय हों। भविष्य में CQB हथियार भी बनाए जाएंगे भविष्य की योजना के तहत यह केंद्र क्लोज क्वार्टर बैटल (CQB) हथियार बनाने के लिए तैयार है। इससे देश में छोटे हथियारों के निर्माण की क्षमता और बढ़ेगी। कंपनी का लक्ष्य अप्रैल 2026 से हर महीने लगभग 1,000 LMG का उत्पादन शुरू करना है। पूरा ऑर्डर 3 साल से भी कम समय में पूरा कर दिया जाएगा।
पाचन को सुधारना है? तो जानें मीठा कब खाना चाहिए, खाने से पहले या बाद में

मीठा कब खाना चाहिए: इस भाग में भागदौड़ भरी जिंदगी में हम क्या खा रहे हैं, इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम कब खा रहे हैं। भारतीय संस्कृति में भोजन के अंत में ‘मीठा’ परंपरा की परंपरा से चली आ रही है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान के बारे में क्या कहा जाता है?यदि आप अपने पाचन तंत्र को बनाए रखना चाहते हैं, तो यह आपके लिए है। आइए जानते हैं कि मीठे खाने का सही समय क्या है। आयुर्वेद के खाते से कब खाना चाहिए मीठा? हम सभी खाने के बाद ‘डेजर्ट’ के शौकीन हैं। लेकिन आयुर्वेद के अनुसार, भोजन की शुरुआत से ही कार्य करना चाहिए। मीठा स्वाद पचने में भारी होता है। जब हम डेटिंग करते हैं, तो हमारी जठराग्नि सबसे तेज होती है। शुरुआत में मीठा खाने से शरीर उसे आसानी से पचा लेता है। मीठे खाने से शरीर में ‘ग्लाइकोजन’ का स्तर तुरंत बढ़ जाता है, जो पाचन प्रक्रिया को सक्रिय करने के लिए आवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है। खाली पेट मीठा खाने से पेट में मौजूद एसिड शांत होता है, जिससे जलन या एसिडिटी की समस्या नहीं होती है। खाने के बाद मीठे खाने के नुकसान ज्यादातर लोग खाने के अंत में मीठा खाते हैं। हालाँकि यह जीभ को संतुष्टि देता है, लेकिन स्वास्थ्य के दावे से कुछ नुकसान हो सकता है। भारी भोजन के ऊपर मीठे भोजन से पाचन की गति धीमी हो जाती है। इससे पेट में भारीपन और गैस की समस्या हो सकती है।जब पहले पेट भरने से पेट में स्वाद नहीं आता था, तो वह पेट में फर्मेंट होने लगता था, जिससे शरीर में टॉक्सिन्स बने होते थे। खाने के तुरंत बाद मीठे खाने से ब्लड शुगर लेवल बहुत तेजी से ऊपर चला जाता है, जो लंबे समय तक नशे का कारण बन सकता है। पाचन तंत्र के लिए ये बातें खास ध्यान आप अगर मीठा खा रहे हैं तो सफेद चीनी की जगह गुड़, शहद या खजूर का चुनाव करें। गुड़ पाचन में सहायक होता है। मात्रा पहले स्थिर या बाद में, मात्रा हमेशा सीमित रहती है।
गोरखपुर में पवन सिंह ने 'टच बडी' गाना किया लॉन्च:कहा- खुद को पूरी तरह झोंक दिया, फैंस में जबरदस्त उत्साह; काजल राघवानी के साथ डांस किया

गोरखपुर में भोजपुरी इंडस्ट्री के पावर स्टार पवन सिंह का ने अपना नया गाना “टच बडी” लॉन्च कर दिया गया। यह गाना फिल्म डकैत एक प्रेम कथा’ का हिस्सा है। हजारों की संख्या में फैंस मौजूद है। वहीं भोजपुरी अभिनेत्री काजल राघवानी और फिल्म अभिनेता अदिवि शेष भी मौजूद है। स्टेज पर पवन सिंह ने काजल राघवानी का हाथ पकड़ कर लोगों का अभिवादन किया। इस दौरान पवन ने काजल रघवानी के साथ डांस भी किया। अपना नया गाना भी गाया। इससे पहले पवन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने कहा- टचबडी गाना मेरे लिए एक सामान्य गाना नहीं है, बल्कि यह मेरे करियर का एक अलग अनुभव है। इस बार मैंने खुद को पूरी तरह इस गाने में झोंक दिया है। इसमें जो ऊर्जा, जो पावर और जो अंदाज है, वह दर्शकों को सीधे महसूस होगा। साउथ लुक में भोजपुरी बोलते दिखे पवन सिंह फिल्म ‘डकैत’ का ‘टच बडी’ गाना यूं तो अदिवी शेष और जोनिटा पर फिल्माया गया है। अदिवी ने अपने डांस मूव्स से चार चांद लगा दिए हैं। मगर, इस गाने में पवन सिंह की झलक भी है और यह उनके फैंस के लिए स्पेशल ट्रीट है। गाने में पवन सिंह साउथ की पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए हैं। मगर, गाने में वे भोजपुरी बोलते दिखे हैं।
Iran War Halts Raw Material Supply; Ammonia, Silicon Oil Shortage After Oil & Gas

Hindi News Business Iran War Halts Raw Material Supply; Ammonia, Silicon Oil Shortage After Oil & Gas नई दिल्ली6 घंटे पहले कॉपी लिंक देश में कंडोम की कीमत 50% तक बढ़ सकती है, क्योंकि अमेरिका-ईरान के बीच चल रही जंग के कारण सप्लाई चेन टूट गई है। इससे तेल और गैस के बाद अब कंडोम बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की किल्लत हो गई है। मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, कंडोम बनाने वाली दिग्गज कंपनियों जैसे HLL लाइफकेयर, मैनकाइंड फार्मा और क्यूपिड लिमिटेड को अमोनिया और सिलिकॉन ऑयल की कमी का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट में इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने दावा किया कि इनपुट कॉस्ट बढ़ने से बाजार में अनिश्चितता का माहौल है और कीमतें 40 से 50% तक बढ़ सकती हैं। अमोनिया के लिए 86% आयात पर निर्भर है भारत भारत का कंडोम बाजार करीब 1.7 बिलियन डॉलर (लगभग 14 हजार करोड़ रुपए) का है। कंडोम निर्माण में जरूरी ‘एनहाइड्रस अमोनिया’ के लिए भारत 86% आयात पर निर्भर है, जो मुख्य रूप से सऊदी अरब, कतर और ओमान जैसे खाड़ी देशों से आता है। हॉर्मुज रूट में युद्ध से जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से सप्लाई ठप हो गई है। अमोनिया का इस्तेमाल लेटेक्स (रबड़) को जमने से बचाने और उसे सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है। इसके बिना कंडोम बनाने वाली मशीनों में कच्चे माल का इस्तेमाल नहीं हो सकता। सिलिकॉन ऑयल और पैकेजिंग मटेरियल भी महंगे कंडोम निर्माण में लुब्रिकेंट के रूप में इस्तेमाल होने वाले सिलिकॉन ऑयल की कीमतें बढ़ी हैं। यह मुख्य रूप से चीन से आता है, लेकिन इसकी सप्लाई चेन रिफाइनरी प्रोसेस और ग्लोबल लॉजिस्टिक्स से जुड़ी है। मिंट के अनुसार, एक प्रमुख कंपनी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ने बताया कि कच्चे माल के साथ PVC फॉयल, एल्युमीनियम फॉयल और अन्य रसायनों की कीमतें भी अस्थिर हैं। ग्लोबल सप्लायर्स से माल न मिल पाने के कारण प्रोडक्शन और ऑर्डर्स को पूरा करने में देरी हो रही है। गरीब तबके और फैमिली प्लानिंग मिशन पर असर पड़ेगा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के पूर्व अध्यक्ष राजीव जयदेवन के मुताबिक, कंडोम की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी भी समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को प्रभावित करती है। अगर कीमतें बढ़ती हैं, तो गर्भनिरोधकों का इस्तेमाल कम हो सकता है। इसका सीधा असर अनचाहे गर्भ, मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर पर पड़ेगा। साथ ही, यौन संचारित रोगों (STIs) के मामले भी बढ़ सकते हैं। भारत सरकार का लक्ष्य 2030 तक आधुनिक गर्भनिरोधक तरीकों की मांग को 75% तक पूरा करना है, लेकिन इस किल्लत से नेशनल फैमिली प्लानिंग प्रोग्राम के लक्ष्यों को झटका लग सकता है। रॉ-मटेरियल का स्टॉक कर रहीं कंपनियां इस संकट को लेकर जब मैनफोर्स बनाने वाली कंपनी मैनकाइंड फार्मा, ड्यूरेक्स बनाने वाली रेकिट बेंकिजर और कामसूत्र ब्रांड की मालिक गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स से संपर्क किया गया, तो उन्होंने फिलहाल कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। हालांकि, इंडस्ट्री के सूत्रों का कहना है कि युद्ध लंबा खिंचने के डर से कई बड़े सप्लायर्स और मैन्युफैक्चरर्स ने कच्चे माल का स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया है। इस ‘होल्डिंग’ की वजह से बाजार में इनपुट कॉस्ट और ज्यादा बढ़ गई है। आने वाले दिनों में अगर सरकार ने दखल नहीं दिया, तो बाजार से कंडोम के कुछ ब्रांड्स गायब भी हो सकते हैं। दिल्ली में ड्राई फ्रूट्स 50% और पैरासिटामोल 47% महंगी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी की वजह से दिल्ली के बाजारों में डाई फ्रूट्स 50% तक महंगे हो गए हैं। पैरासिटामोल के कच्चे माल की कीमत भी 47% तक बढ़ गई है। वहीं, अमेजन जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर रेडी-टू-ईट मील और पैक्ड फूड की डिमांड में 15% से ज्यादा बढ़ गई है। ड्राई फ्रूट्स महंगे: बादाम, पिस्ता और खजूर की सप्लाई रुकी एशिया की सबसे बड़ी थोक मंडी खारी बावली में ड्राई फ्रूट्स और जड़ी-बूटियों की कीमतों में 20% से 50% तक का उछाल आया है। व्यापारियों का कहना है कि काजू को छोड़कर ज्यादातर ड्राई फ्रूट्स मिडल-ईस्ट से आते हैं, जिनकी सप्लाई अभी ठप है। कीमतों का गणित: ईरान से आने वाले पिस्ता, आलूबुखारा, अंजीर और ममरा बादाम के दाम 30-40% बढ़ गए हैं। त्योहारों पर असर: बाजार में खजूर की मांग बढ़ गई है, लेकिन स्टॉक सीमित होने से कीमतें बढ़ रही हैं। दवाइयां भी महंगी: खारी बावली के व्यापारियों के मुताबिक, दवाओं में इस्तेमाल होने वाली जड़ी-बूटियों की सप्लाई भी रुक गई है। वहीं, पैरासिटामोल के कच्चे माल की कीमत 47% तक बढ़ गई है। बदला ट्रेंड: रेडी-टू-ईट और पैकेट बंद खाने की डिमांड 15% बढ़ी घरों में कुकिंग गैस की कमी के चलते लोग अब ऐसा खाना पसंद कर रहे हैं, जिसे पकाने में कम समय लगे या जो तुरंत खाया जा सके। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन इंडिया पर इंस्टेंट नूडल्स, पैकेट बंद मील और स्नैक्स जैसे रेडी-टू-ईट या अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड की डिमांड 15% से ज्यादा हो गई है। छोटे शहरों में भी मांग: यह ट्रेंड सिर्फ दिल्ली-मुंबई जैसे मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि सोनीपत और पणजी जैसे टियर-2 शहरों में भी लोग रेडी-टू-ईट फूड ऑर्डर कर रहे हैं। क्विक कॉमर्स: अमेजन नाउ (Amazon Now) जैसे प्लेटफॉर्म पर रेडी-टू-ईट फूड की सेल मंथ-ऑन-मंथ 20% बढ़ी है। स्ट्रीट फूड वेंडर्स पर खतरा: दिल्ली के करीब 50,000 स्ट्रीट फूड वेंडर्स में से 20-30% वेंडर्स गैस की कमी और बढ़ती लागत के कारण बंद होने की कगार पर हैं। क्यों बने ऐसे हालात? ईरान पर अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी 2026 को हमला कर दिया था। दोनों देशों ने मिलकर ईरान के कई सैन्य ठिकानों, मिसाइल साइटों, परमाणु सुविधाओं और नेतृत्व पर सैकड़ों हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनी समेत कई उच्च अधिकारी मारे गए। अमेरिका ने इसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया। इस युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव और आपूर्ति बाधित हुई। यहां से भारत का 80-85% LPG आयात होता है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है और 60% से ज्यादा LPG बाहर से आती है। इसी के कारण भारत में LPG किल्लत जैसे हालत बने लेकिन भारत सरकार ने लगातार लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की। सरकार ने कहा कि देश में LPG और
Maharashtra TET Exam 2026 Applications Open

3 घंटे पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी महाराष्ट्र TET एग्जाम 2026 के लिए आवेदन शुरू होने की, नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर में 243 पदों पर निकली भर्ती की। साथ ही राजीव गांधी नेशनल एविएशन यूनिवर्सिटी में 14 ओपनिंग्स की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए.… 1. महाराष्ट्र TET एग्जाम 2026 के लिए आवेदन शुरू, 21 जून को एग्जाम महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। उम्मीदवार महाराष्ट्र टीईटी की ऑफिशियल वेबसाइट mahatet.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। महाराष्ट्र TET 2026 परीक्षा 21 जून को दो सेशन में आयोजित की जाएगी। महाराष्ट्र टीईटी पास करना सभी प्रबंधन और बोर्ड के अंतर्गत सहायता प्राप्त, गैर-सहायता प्राप्त और स्थायी रूप से गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए जरूरी है। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का लिंक 9 जून से उपलब्ध होगा। उम्मीदवार 21 जून तक अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : पेपर का नाम क्वालिफिकेशन पेपर 1 12वीं पास, डीएड या बीएड की डिग्री पेपर 2 12वीं पास या ग्रेजुएशन की डिग्री, डीएड या बीएड की डिग्री पेपर – 1 और 2 डीएड या बीएड की डिग्री, 12वीं पास या ग्रेजुएशन एग्जाम शेड्यूल : पेपर डेट टाइम ड्यूरेशन पेपर I (कक्षा 1-5) 21 जून, 2026 सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक ढाई घंटे पेपर II (कक्षा 6-8) 21 जून, 2026 दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक ढाई घंटे कैटेगरी वाइस फीस : कैटेगरी का नाम पेपर 1 या 2 के लिए फीस पेपर 1 और 2 के लिए फीस एससी, एसटी 700 रुपए 900 रुपए दिव्यांग 700 रुपए 900 रुपए ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, एसईबीसी, ओपन 1000 रुपए 1200 रुपए एग्जाम पैटर्न : क्वेश्वन टाइप : एमसीक्यू सही उत्तर के लिए मिलेगा : 1 अंक क्ववेश्चन नंबर : 150 निगेटिव मार्किंग : नहीं पेपर – 1 सब्जेक्ट प्रश्नों की संख्या टोटल मार्क्स चाइल्ड डेवलपमेंट एंड पेडागॉजी 30 30 लैंग्वेज – 1 30 30 लैंग्वेज – 2 30 30 मैथ्स 30 30 एनवायरोमेंटल स्टडीज 30 30 टोटल 150 150 पेपर – 2 : सब्जेक्ट प्रश्नों की संख्या टोटल मार्क्स चाइल्ड डेवलपमेंट एंड पेडागॉजी 30 30 लैंग्वेज – 1 30 30 लैंग्वेज – 2 30 30 मैथ्स एंड साइंस या सोशल साइंस 30 30 टोटल 150 150 इन लैंग्वेज में होगी एग्जाम : मराठी अंग्रेजी उर्दू बंगाली गुजराती तेलुगु सिंधी कन्नड़ हिंदी ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट www.mscepune.in पर जाएं। होमपेज पर, महाराष्ट्र टीईटी 2026 लिंक पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन करके लॉग इन करें। मांगे गए डिटेल्स दर्ज करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 2. नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर में 243 भर्ती, सैलरी डेढ़ लाख से ज्यादा नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर में 243 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट recruitment.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। सिलेक्टेड कैंडिडेट्स की पोस्टिंग इंडिया या विदेश में हो सकती है। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या कंप्यूटर साइंस एंड आईटी 168 इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन 25 डाटा साइंस एंड एआई 50 टोटल 243 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : पद के अनुसार, बीई, बीटेक, एमएससी या एमसीए की डिग्री। साल 2024, 2025, 2026 का वैलिड गेट स्कोर होना चाहिए। एज लिमिट : पद के अनुसार अधिकतम 30 – 45 साल सैलरी : 56,100 – Rs. 1,77,500 रुपए प्रतिमाह सिलेक्शन प्रोसेस : गेट स्कोर के बेसिस पर शॉर्टलिस्टिंग पर्सनल इंटरव्यू फाइनल मेरिट लिस्ट फीस : जनरल, ओबीसी (एनसीएल), ईडब्ल्यूएस : 800 रुपए एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी, महिला : नि:शुल्क ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट recruitment.nic.in पर जाएं। होम पेज पर advertisement “NIC/SCB/2026/1 पर क्लिक करें। Register a new user लिंक पर क्लिक करके पहले रजिस्ट्रेशन करें। इसके बाद लॉगिन के माध्यम से फॉर्म भरें। मांगी गई डिटेल्स दर्ज करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकालकर रखें। ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 3. राजीव गांधी नेशनल एविएशन यूनिवर्सिटी में भर्ती, एज लिमिट 40 साल राजीव गांधी नेशनल एविएशन यूनिवर्सिटी ने जूनियर टेक्निकल सुपरिटेंडेंट, स्टाफ नर्स, सिक्योरिटी इंस्पेक्टर, जूनियर टेक्नीशियन समेत कई अन्य पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट rgnau.ac.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। जूनियर टेक्निकल सुपरिटेंडेंट : 3 साल का इंजीनियरिंग डिप्लोमा, संबंधित क्षेत्र में/बीएससी या समकक्ष डिग्री। कंप्यूटर एप्लिकेशन/इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंट्स, रिपेयरिंग एंड मेंटेनेंस में 5 साल का अनुभव। जूनियर अकाउंट ऑफिसर : कॉमर्स में बैचलर डिग्री या बीबीए (फाइनेंस) या एमबीए (फाइनेंस) की डिग्री। संबंधित क्षेत्र में 5 साल का अनुभव। फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर : फिजिकल एजुकेशन में बैचलर डिग्री। साथ में 5 साल स्पोर्ट्स एंड गेम्स/स्विमिंग/हॉकी/जिम्नास्टिक्स/वॉलीबॉल/बैडमिंटन/वेटलिफ्टिंग/टेनिस/टेबल टेनिस आदि यूनिवर्सिटी या स्टेट या नेशनल लेवल पर खेल का अनुभव हो। स्टाफ नर्स : इंटरमीडिएट या सीनियर/हायर सेकेंडरी (10+2) या समकक्ष योग्यता के साथ जनरल नर्सिंग और मिडवाइफ का 3 साल का कोर्स किया हो। सिक्योरिटी इंस्पेक्टर : बैचलर डिग्री के साथ संबंधित फील्ड में 3 साल का अनुभव। जूनियर टेक्नीशियन : साइंस में बैचलर डिग्री (B.SC) या समकक्ष योग्यता या 3 साल का इंजीनियरिंग डिप्लोमा। साथ में 2 साल का अनुभव। एज लिमिट : पद के अनुसार अधिकतम 30-40 साल सिलेक्शन प्रोसेस : लिखित परीक्षा, ट्रेड टेस्ट, इंटरव्यू सैलरी : 35,000 – 60,000 रुपए प्रति माह फीस : सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस : 1000 रुपए एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी : नि:शुल्क ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट rgnau.ac.in पर जाएं। अप्लाई ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन करके फॉर्म भरें। मांगी गई डिटेल्स दर्ज करे। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस का भुगतान करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकालकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 4. ओडिशा पुलिस में 800 पदों पर निकली भर्ती, लास्ट डेट 30 मार्च ओडिशा पुलिस में 800 पदों पर भर्ती निकली है। आवेदन की आखिरी तारीख 30 मार्च तय की गई है। इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों को ऑफलाइन आवेदन करना होगा। सभी भर्ती कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर की जाएंगी। रेंज वाइस वैकेंसी डिटेल्स : पुलिस रेंज का नाम पदों की संख्या पुलिस कमिश्नोरेट, भूवनेश्वर – कटक 106 सेंट्रल रेंज – कटक 152 ईस्टर्न रेंज, बालासौर 90 नॉर्थ सेंट्रल रेंज, तालचर 61 नॉदर्न रेंज – संबलपुर 95 वेस्टर्न
‘अगर एक शिव मंदिर तोड़ा गया…’: बीजेपी ने ‘मंदिर तोड़ने का मजाक उड़ाने’ के लिए ममता बनर्जी पर निशाना साधा | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 28, 2026, 19:04 IST अमित मालवीय ने वीडियो शेयर कर आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने शिव मंदिर विध्वंस का मजाक उड़ाया, जिससे बीजेपी की आलोचना हुई और पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले तनाव बढ़ गया। बाएं: भाजपा नेता अमित मालवीय; दाएं: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक बयान के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, जिसकी भाजपा ने तीखी आलोचना की है और पार्टी नेताओं ने उन पर धार्मिक मुद्दे पर असंवेदनशील टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए, भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर एक शिव मंदिर को तोड़ा जाता है, तो भाजपा इस पर कितना नाटक करती है!” मालवीय ने अपने पोस्ट में दावा किया कि यह टिप्पणी एक मंदिर के विध्वंस का मजाक उड़ाने जैसी है और उन्होंने बनर्जी पर पहले भी “गहरे उत्तेजक बयान” देने का आरोप लगाया। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी टिप्पणियाँ “सभी समुदायों के प्रति संवेदनशीलता, नेतृत्व और सम्मान” के बारे में चिंता पैदा करती हैं। भाजपा नेता ने इस टिप्पणी को पश्चिम बंगाल में पार्टी के राजनीतिक संदेश से भी जोड़ते हुए कहा, “यही कारण है – पलटानो दोरकर।” “यह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणी है, जो लापरवाही से एक मंदिर के विध्वंस का मजाक उड़ा रही है। पहले भी, उन्होंने हिंदुओं के खिलाफ अपने वोट बैंक को उजागर करने के बारे में गहरे उत्तेजक बयान दिए थे। इस तरह की बार-बार की गई टिप्पणियां सभी समुदायों के लिए संवेदनशीलता, नेतृत्व और सम्मान के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा करती हैं। यही कारण है – पलटानो दोरकर,” उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा। “यदि एक शिव मंदिर को तोड़ा जाता है, तो भाजपा उस पर कितना नाटक करती है!” यह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणी है, जो एक मंदिर के विध्वंस का मजाक उड़ाती है। इससे पहले भी वह हिंदुओं के खिलाफ अपने वोट बैंक को उजागर करने को लेकर बेहद भड़काऊ बयान दे चुकी हैं। ऐसा… pic.twitter.com/UgN0AauLci – अमित मालवीय (@amitmalviya) 28 मार्च 2026 तृणमूल कांग्रेस ने आरोपों या प्रसारित क्लिप पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह विवाद राज्य में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच सामने आया है, जहां दोनों पार्टियां आगामी चुनावी लड़ाई से पहले अपने अभियान तेज कर रही हैं। पहले प्रकाशित: मार्च 28, 2026, 18:58 IST समाचार राजनीति ‘अगर एक शिव मंदिर तोड़ा गया…’: बीजेपी ने ‘मंदिर तोड़ने का मजाक उड़ाने’ के लिए ममता बनर्जी पर निशाना साधा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ममता बनर्जी विवाद(टी)ममता बनर्जी का बयान(टी)पश्चिम बंगाल राजनीतिक विवाद(टी)बीजेपी आलोचना ममता बनर्जी(टी)शिव मंदिर विध्वंस टिप्पणी(टी)तृणमूल कांग्रेस बनाम बीजेपी(टी)धार्मिक मुद्दे की राजनीति भारत(टी)अमित मालवीय ममता बनर्जी









