Monday, 24 Aug 2026 | 02:43 PM

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पीएलएफएस सर्वे-2025 में दावा- देश में बेरोजगारी घट रही है:61.3 करोड़ लोगों के पास काम; महिलाओं का इंक्रीमेंट पुरुषों से ज्यादा बढ़ा, लेकिन कुल वेतन 31% कम

पीएलएफएस सर्वे-2025 में दावा- देश में बेरोजगारी घट रही है:61.3 करोड़ लोगों के पास काम; महिलाओं का इंक्रीमेंट पुरुषों से ज्यादा बढ़ा, लेकिन कुल वेतन 31% कम

देश में बेरोजगारी घट रही है और श्रम भागीदारी बढ़ी है। यानी अर्थव्यवस्था ‘क्राइसिस मोड’ में नहीं है। महिलाओं की आय तेजी से बढ़ रही है, लेकिन अभी भी पुरुषों से उनका वेतन करीब 5,900 रुपए या 31% तक कम है। इसका मतलब है कि समान अवसर अभी भी पूरी तरह नहीं मिले हैं। महिलाएं या तो कम वेतन वाले सेक्टर में हैं या समान काम के लिए कम पेमेंट पा रही हैं। यह जानकारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण 2025 (पीएलएफएस) में दी गई है। सर्वे बताता है कि जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच नियमित वेतनभोगी बढ़े हैं। ऐसे वेतनभोगी पुरुषों का औसत वेतन 5.80% तो महिलाओं का 7.16% बढ़ा। पिछले एक साल में महिलाओं की औसत दैनिक मजदूरी 16 रु. बढ़कर 315 रु. हो गई, जबकि इस दौरान पुरुषों की मजदूरी 1 रु. घटकर 455 रु. रह गई है। स्वरोजगार में लगे पुरुष महिलाओं से 3 गुना ज्यादा मा​सिक कमाई कर रहे हैं। एक महिला जहां अपने काम के लिए 6,374 रु. महीना कमा रही है, वहीं पुरुष 17,914 रु. तक कमा ले रहे हैं। सर्वे के मुताबिक देश की श्रमशक्ति में एक साल में मामूली 0.3% की बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान बेरोजगारी की दर 3.3% से घटकर 3.1% रह गई। शिक्षित लोगों के मध्य बेरोजगारी 0.5% घटकर 6.5% पर आ चुकी है। युवा बेरोजगारी दर भी अब ​सिंगल डिजिट में आ गई। स्किल गैप: 4.2% के पास ही तकनीकी ज्ञान सर्वे बताता है कि देश में अभी 67.8% आबादी कम से कम माध्यमिक स्तर तक शिक्षित है। इसके बावजूद केवल 4.2% लोगों को ही औपचारिक तकनीकी या व्यावसायिक प्रशिक्षण मिला है। यह बड़े स्किल गैप को दर्शाता है। चिंता की बात यह है कि 15–29 आयु वर्ग के 25% युवा न रोजगार में हैं, न शिक्षा में और न ही प्रशिक्षण में शामिल हैं। देश में 61.6 करोड़ कार्यरत आबादी होने के बावजूद यह स्थिति बताती है कि शिक्षा और रोजगार के बीच संतुलन अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।

पीएलएफएस सर्वे-2025 में दावा- देश में बेरोजगारी घट रही है:61.3 करोड़ लोगों के पास काम; महिलाओं का इंक्रीमेंट पुरुषों से ज्यादा बढ़ा, लेकिन कुल वेतन 31% कम

पीएलएफएस सर्वे-2025 में दावा- देश में बेरोजगारी घट रही है:61.3 करोड़ लोगों के पास काम; महिलाओं का इंक्रीमेंट पुरुषों से ज्यादा बढ़ा, लेकिन कुल वेतन 31% कम

देश में बेरोजगारी घट रही है और श्रम भागीदारी बढ़ी है। यानी अर्थव्यवस्था ‘क्राइसिस मोड’ में नहीं है। महिलाओं की आय तेजी से बढ़ रही है, लेकिन अभी भी पुरुषों से उनका वेतन करीब 5,900 रुपए या 31% तक कम है। इसका मतलब है कि समान अवसर अभी भी पूरी तरह नहीं मिले हैं। महिलाएं या तो कम वेतन वाले सेक्टर में हैं या समान काम के लिए कम पेमेंट पा रही हैं। यह जानकारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण 2025 (पीएलएफएस) में दी गई है। सर्वे बताता है कि जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच नियमित वेतनभोगी बढ़े हैं। ऐसे वेतनभोगी पुरुषों का औसत वेतन 5.80% तो महिलाओं का 7.16% बढ़ा। पिछले एक साल में महिलाओं की औसत दैनिक मजदूरी 16 रु. बढ़कर 315 रु. हो गई, जबकि इस दौरान पुरुषों की मजदूरी 1 रु. घटकर 455 रु. रह गई है। स्वरोजगार में लगे पुरुष महिलाओं से 3 गुना ज्यादा मा​सिक कमाई कर रहे हैं। एक महिला जहां अपने काम के लिए 6,374 रु. महीना कमा रही है, वहीं पुरुष 17,914 रु. तक कमा ले रहे हैं। सर्वे के मुताबिक देश की श्रमशक्ति में एक साल में मामूली 0.3% की बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान बेरोजगारी की दर 3.3% से घटकर 3.1% रह गई। शिक्षित लोगों के मध्य बेरोजगारी 0.5% घटकर 6.5% पर आ चुकी है। युवा बेरोजगारी दर भी अब ​सिंगल डिजिट में आ गई। स्किल गैप: 4.2% के पास ही तकनीकी ज्ञान सर्वे बताता है कि देश में अभी 67.8% आबादी कम से कम माध्यमिक स्तर तक शिक्षित है। इसके बावजूद केवल 4.2% लोगों को ही औपचारिक तकनीकी या व्यावसायिक प्रशिक्षण मिला है। यह बड़े स्किल गैप को दर्शाता है। चिंता की बात यह है कि 15–29 आयु वर्ग के 25% युवा न रोजगार में हैं, न शिक्षा में और न ही प्रशिक्षण में शामिल हैं। देश में 61.6 करोड़ कार्यरत आबादी होने के बावजूद यह स्थिति बताती है कि शिक्षा और रोजगार के बीच संतुलन अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।

कई बीमारियों में लाभकारी है ये हरा पत्ता… दांत, बाल और त्वचा के लिए रामबाण, जानें फायदे

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X कई बीमारियों में लाभकारी है ये हरा पत्ता… दांत, बाल और त्वचा के लिए रामबाण   Neem ke Fayde: नीम को आयुर्वेद में प्राकृतिक औषधि माना गया है जो शरीर की कई समस्याओं में लाभकारी होता है. पेट की दिक्कत, शुगर, त्वचा रोग, डैंड्रफ और संक्रमण जैसी परेशानियों में इसका उपयोग फायदेमंद माना जाता है. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. हर्ष के अनुसार नीम एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और ब्लड प्यूरीफायर के रूप में काम करता है. नीम की दातून करने से दांत और मसूड़े मजबूत होते है, जबकि पत्तों का काढ़ा पाचन सुधारने और खून साफ करने में मदद करता है. नीम का तेल बालों में लगाने से डैंड्रफ कम होता है और घाव भरने में भी सहायक होता है. मधुमेह के मरीजों के लिए भी नीम उपयोगी बताया गया है. नियमित और सही तरीके से उपयोग करने पर नीम शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है.

Parliament Budget Session 2026 LIVE Update; Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill row BJP Congress

Parliament Budget Session 2026 LIVE Update; Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill row BJP Congress

Hindi News National Parliament Budget Session 2026 LIVE Update; Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill Row BJP Congress नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक 2 अप्रैल को बजट सत्र के दूसरे चरण का आखिरी दिन है। संसद के बजट सत्र के आखिरी 2 दिन बचे हैं। 2 अप्रैल को संसद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो जाएगी। इससे पहले आज लोकसभा में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 को बहस और पास करने के लिए लिस्ट किया गया है। FCRA में संशोधन के लिए एक बिल 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था। सरकार ने यह साफ कर दिया है कि जो लोग विदेशी फंडिंग के जरिए जबरदस्ती धर्म परिवर्तन में शामिल होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। इधर, सरकार बुधवार को लोकसभा में एक और बिल पेश कर सकती है, जिसमें अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र और स्थायी राजधानी के तौर पर मान्यता दी जाएगी। एक बार जब यह बिल कानून बन जाएगा, तो अमरावती को 2 जून, 2024 से आंध्र प्रदेश की राजधानी के रूप में कानूनी मान्यता मिल जाएगी। विपक्ष करेगा विरोध, कांग्रेस ने सांसदों को दिल्ली बुलाया कांग्रेस का कहना है कि सरकार लोकसभा में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (एफसीआरए) जबरदस्ती पारित कराने की योजना बना रही है, लेकिन वह ऐसा नहीं होने देगी। यह विधेयक पूरी तरह से असंवैधानिक है। यह उन NGO और गैर सरकारी संगठनों को तबाह कर देगा, जिन्हें अल्पसंख्यक समुदाय चलाते हैं। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कांग्रेस सांसदों को तत्काल दिल्ली पहुंचने और बुधवार को संसद की कार्यवाही में भाग लेने के लिए कहा है। कांग्रेस सुबह 10.30 बजे संसद के बाहर इस बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी। संशोधन बिल में क्या है? इसका उद्देश्य गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के कामकाज को और अधिक सीमित करना और उन पर सरकार का नियंत्रण बढ़ाना है। इसमें उन एनजीओ के विदेशी निधियों और परिसंपत्तियों के प्रबंधन और निपटान के लिए एक ‘नामित प्राधिकरण’ की स्थापना का प्रावधान है, जिनका पंजीकरण कानून के तहत रद्द, सरेंडर या समाप्त कर दिया गया है। सदन के दूसरे फेज के पिछले 12 दिन की कार्यवाही… 30 मार्च: शाह बोले- जो हथियार उठाएगा, उसे कीमत चुकानी होगी अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि भारत नक्सल-मुक्त हो गया है, ऐसा हम कह सकते हैं। अपनी डेढ़ घंटे स्पीच के दौरान शाह ने कहा- हमने 31 मार्च तक देश को नक्सल-मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा था। मैं पूरी व्यवस्था होने के बाद देश को भी सूचित करूंगा। शाह ने कहा- जो लोग पूरी व्यवस्था को नकार कर हथियार उठा लेते हैं, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। सालों से भोले-भाले आदिवासियों को अंधेरे में रखा गया। वामपंथियों ने अपनी विचारधारा को फैलाने के लिए आदिवासियों को बहकाया। पढ़ें पूरी खबर… 25 मार्च: जयशंकर बोले- हम पाकिस्तान की तरह दलाल देश नहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 25 मार्च को संसद में हुई सर्वदलीय बैठक में कहा था कि भारत पाकिस्तान जैसा दलाल देश नहीं है और हम किसी के लिए भी मध्यस्थता नहीं करते। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, उन्होंने यह जवाब कांग्रेस नेता तारिक अनवर के बयान पर दिया। बैठक में तारिक अनवर ने कहा था कि पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जबकि भारत मूकदर्शक बना हुआ है। पूरी खबर पढ़ें… 24 मार्च : मोदी बोले- होर्मुज स्ट्रेट में हमारे जहाज और भारतीय क्रू फंसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया के हालात पर राज्यसभा में मंगलवार को 21 मिनट बोले। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में हमारे जहाज और भारतीय क्रू फंसे हुए हैं। ये चिंताजनक है। हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। गैस-तेल, फर्टिलाइजर्स जैसे जरूरी सामान की सप्लाई पर असर पड़ा है। पूरी खबर पढ़ें… 23 मार्च : पश्चिम-एशिया संकट पर मोदी बोले- 41 देशों से तेल-गैस इंपोर्ट कर रहे पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने पहली बार सार्वजनिक बयान दिया। लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच में उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए। बातचीत से ही समस्या का समाधान है। पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं। होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा। पूरी खबर पढ़ें… 18 मार्च : देवगौड़ा सहित 59 सांसदों की राज्यसभा से विदाई अप्रैल 2026 से जुलाई 2026 के बीच राज्यसभा से रिटायर हो रहे 59 सांसदों को विदाई दी गई। इनमें पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा, शरद पवार, सभापति हरिवंश, आरपीआई नेता रामदास आठवले शामिल हैं। हालांकि पवार और आठवले राज्यसभा के लिए फिर चुन लिए गए। इस दौरान पीएम मोदी ने संसद को एक ओपन यूनिवर्सिटी बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति में कभी पूर्ण विराम नहीं होता। भविष्य आपका इंतजार कर रहा है। आपका अनुभव हमारे राष्ट्रीय जीवन का स्थायी हिस्सा बना रहेगा। पूरी खबर पढ़ें… 17 मार्च : लोकसभा से 8 विपक्षी सांसदों का निलंबन हटा लोकसभा में मंगलवार को पहले फेज के दौरान निलंबित किए गए 8 सांसदों पर लगा सस्पेंशन हटा दिया गया। इनमें कांग्रेस के 7 और लेफ्ट के एक सांसद हैं। ये आठ सांसद 4 फरवरी को लोकसभा से पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किए गए थे। उन पर हंगामा करने के दौरान स्पीकर पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी की कुर्सी की ओर कागज फेंकने का आरोप लगा था। यह हंगामा उस समय हुआ था जब राहुल गांधी सदन में पूर्वी लद्दाख में 2020 के भारत-चीन सीमा तनाव का जिक्र कर रहे थे। पूरी खबर पढ़ें… 16 मार्च : राज्यसभा में LPG संकट पर हंगामा, खड़गे बोले- सरकार को पहले से पता था, इंतजाम क्यों नहीं किया बजट सत्र के दूसरे फेज में सोमवार को लोकसभा में पहली बार प्रश्नकाल बिना किसी हंगामे के पूरा हुआ। इधर राज्यसभा में LPG सिलेंडर के संकट को लेकर हंगामा हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में कहा कि पेट्रोलियम मंत्री ने लोकसभा में दावा किया कि LPG की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों को गलत साबित कर रही है। अगर सरकार समय रहते इंतजाम कर लेती, तो हालात इतने खराब नहीं होते। पूरी खबर पढ़ें… 13 मार्च : LPG संकट पर संसद में विपक्ष की नारेबाजी:वित्त मंत्री बोलीं- मुश्किल समय में साथ खड़े हों विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को संसद परिसर में

Mayank Yadav IPL 2026 | Steyn Aggression & Accuracy

Mayank Yadav IPL 2026 | Steyn Aggression & Accuracy

लखनऊ सुपर जॉयंट्स के तेज गेंदबाज मयंक यादव आईपीएल के दो सीजन में इंजर्ड रहने के चलते नहीं खेल पाए। इस सीजन में मयंक पूरी तरह से फिट हैं। इकाना स्टेडियम में प्रैक्टिस के दौरान उनकी गेंदों में सीम के साथ स्विंग भी नजर आ रही है। . मयंक ने कहा- जब फिटनेस की समस्या से जूझ रहा था तो बूम भैया (जसप्रीत बुमराह) और रोहित शर्मा ने मदद की। उनके बताए तरीकों को फॉलो कर अब लय में हूं। मैदान पर डेल स्टेन के एग्रेशन और एक्यूरेसी के साथ नजर आना चाहता हूं। मयंक यादव ने 2024 के आईपीएल में अपने डेब्यू सीजन में 156.7km/h की रफ्तार से गेंद फेंकी थी। यह सीजन की सबसे तेज गेंद रही थी। IPL-2026 का आज, बुधवार को इकाना स्टेडियम में लखनऊ सुपर जॉयंट्स और दिल्ली कैपिटल्स का मुकाबला है। IPL के सीजन की तैयारियों को लेकर मयंक ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। उन्होंने कहा कि टीम के सभी खिलाड़ी रिदम में हैं। अच्छा रिजल्ट आएगा। पढ़िए इंटरव्यू के प्रमुख अंश…। लखनऊ सुपर जॉयंट्स के तेज गेंदबाज मयंक यादव आईपीएल के दो सीजन में इंजर्ड रहने के चलते नहीं खेल पाए। प्रश्न: फैंस की निगाह आपकी स्पीड पर होती है, इसे कैसे देखते हैं ? उत्तर : सिर्फ पेस (स्पीड) नहीं, सारी चीजें जरूरी होती हैं। एक तेज गेंदबाज के लिए खास तौर पर टी- 20 फॉमेट में। जरूरी है कि सही लेंथ पर गेंद गिरे, जहां से हम गेंद मूव भी करा सकें। रन रोकने के लिए कई बार बाउंसर और यार्कर से भी मदद मिलती है। मैदान में मैच खेलने के दौरान पॉजिटव इटेंट मायने रखता है। इकाना की पिच पर हम लोग लगातार अभ्यास कर रहे हैं। खिलाड़ी रिदम में है। अच्छा रिजल्ट आएगा। प्रश्न: तेज गेंदबाज डेल स्टेन को आदर्श मानते हैं। उनकी खास तकनीक बताएं? उत्तर: डेल स्टेन की एक्यूरेसी और पेश शानदार है। मैं, उस पर ही काम करने की कोशिश करता हूं। इससे बतौर गेंदबाज टीम के लिए अच्छा कर सकूं। उनकी यही चीज मुझे बतौर गेंदबाज अट्रैक्ट करती है। उनका एग्रेशन भी गजब का है। यह फील्ड पर कान्फीडेंस देता है। यह मुझे अच्छा भी लगता है। मयंक ने कहा- डेल स्टेन की एक्यूरेसी और पेश शानदार है। मैं, उस पर ही काम करने की कोशिश करता हूं। प्रश्न: दो सीजन में आप लगातार इंजर्ड हुए? इस बार फिटनेस कैसी है? उत्तर: इस बार फिटनेस 100 फीसदी सही है। पूरी तरह से परफेक्ट है। बहुत अच्छी बालिंग और बॉडी है। प्रैक्टिस के दौरान भी गेंद सही तरीके से डिलीवर हो रही है। बॉलिंग पर पूरा कंट्रोल है। इसी को मैच में उतारते हुए टीम को जीताना है। हम एक टीम की तरह पूरे सत्र में शानदार रहेंगे। प्रश्न: इंजरी से उबरने के लिए प्लेयर ने आपको कोई खास सलाह दी है? उत्तर: कई प्लेयर्स ने एनसीए में रिहैब के दौरान सलाह दी है। इसमें खास तौर पर बूम भैया (जसप्रीत बुमराह), रोहित भैया (रोहित शर्मा) सब वहां पर थे। उन लोगों ने बताया कि कैसे आगे जाना है। बूम भैया की भी सर्जरी हुई है। उन्होंने अपने एक्सपीरियंस शेयर करते हुए बताया कि क्या करना चाहिए। हमने उन चीजों को फॉलो किया। इसके बाद खुद को बेहतर तरीके से हैंडल कर रहे हैं। मयंक बोले-अपनी चीजों को सिंपल रखते हुए काम करना है। प्रश्न: टीम में आप के रोल को लेकर कप्तान और कोच ने कुछ बताया ? उत्तर: टीम में अभी तक स्पेसफिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है। अपनी चीजों को सिंपल रखते हुए काम करना है। ताकि बेहतर रिजल्ट मिल सके। अपने स्ट्रेंथ पर ही फोकस है। इसी पर काम करते हुए टीम को मजबूत करना है। स्ट्रेंथ के तौर पर पेश के साथ में स्विंग और स्लोअर बाल से मैच के दौरान सफलता मिल सकती है। प्रश्न: LSG का प्रैक्टिस सेशन चल रहा है! थोड़ा माहौल बताएं? एनर्जी महसूस हो रही है? उत्तर: अभी प्लेयर्स की बांडिंग बहुत अच्छी है। इसके साथ ही सभी प्लेयर्स की इंटेंसिटी काफी अच्छी है। पूरी टीम में पॉजिटिव एप्रोच के साथ में मैदान पर उतरेगी। बैटिंग और बॉलिंग में लगातार परफॉर्म करने वाले खिलाड़ी है। मीडिल ऑर्डर बल्लेबाजों के साथ में स्पिन डिपार्टमेंट में भी टीम अच्छा करेगी। हम टूर्नामेंट में एक टीम के तौर पर शानदार करेंगे।

पश्चिम बंगाल ओपिनियन पोल: बीजेपी को मिल सकती है बढ़त? कितने प्रतिशत लोग ममता बनर्जी को सीएम बनाना चाहते हैं, प्री पोल सर्वे का आकलन वाला

पश्चिम बंगाल ओपिनियन पोल: बीजेपी को मिल सकती है बढ़त? कितने प्रतिशत लोग ममता बनर्जी को सीएम बनाना चाहते हैं, प्री पोल सर्वे का आकलन वाला

पश्चिम बंगाल समेत 4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में अगले महीने होने वाले चुनाव के लिए तारीखें जारी की जाएंगी। बंगाल में 2 चरण (23-29 अप्रैल) में चुनाव होंगे। इससे पहले ताजा ओपिनियन पोल सामने आया है, जो ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली वैष्णव कांग्रेस के पक्ष में हैं। सीएनएन-न्यूज18 और वोट वाइब रिलीज प्री पोल सर्वे के मुताबिक पश्चिम बंगाल में ओल्ड कांग्रेस कॉन्स्टेंट की चौथी बार सरकार बन सकती है। इस पोल में सामने आया कि मुख्यमंत्री के तौर पर ममता बनर्जी की सहयोगी हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 लोग शामिल हैं, जिनमें बहुमत हासिल करने के लिए 148 से ज्यादा लोग शामिल हैं। चुनाव से पहले हुए सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में इंदौर कांग्रेस 184 से 194 में जीत सकती है, जो बहुमत के आंकड़ों से अधिक है। वोट शेयर के मामले में भी टीएमसी को बढ़त मिली है. सर्वे के मुताबिक 41.9 प्रतिशत लोगों ने पारंपरिक कांग्रेस और 34.9 प्रतिशत लोगों ने बीजेपी का समर्थन किया है. ममता बनर्जी की सहभागिता ओपिनियन पोल के अनुसार भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में 98 से 108 सीटें जीत सकती है, जो बहुमत के आंकड़ों से कम है। इसके मुताबिक टीएमसी की जीत का आधार ममता बनर्जी बनी हुई हैं। सर्वे में 48.8 प्रतिशत लोगों ने ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री चुना, 33.4 प्रतिशत लोगों ने बीजेपी के शुभेंदु पदाधिकारी को चुना. राज्य सरकार के काम को लेकर 43.3 प्रतिशत लोगों ने अच्छा या बहुत अच्छा बताया। वहीं सरकार के काम को बेहद खराब दर्शकों का आंकड़ा 20.6 प्रतिशत रहा, 18.3 प्रतिशत ने सरकार के काम को बेहद खराब बताया। 36.5 प्रतिशत लोग ऐसे रह रहे हैं, कि उन्होंने कहा कि वह टीएमसी बैचलर में एक बार फिर वोट देंगे। क्या है जातिगत आंकड़े मुस्लिम समुदाय में ममता बनर्जी की संप्रदायवादी बनी हुई है। 44.2 प्रतिशत लोगों ने सरकार के काम को बहुत अच्छा बताया, जबकि सबसे अधिक आलोचनात्मक जनजातियों और जीवित हिंदू कलाकारों ने। दोनों विचारधाराओं के 26.6 प्रतिशत ने स्थिर सरकार के काम को बहुत खराब बताया। ओपिनियन पोल से पता चलता है कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की कमज़ोर पार्टी के बारे में बताया गया है। सर्वे में बीजेपी की अंदरूनी लड़ाई और गुटबाजी की ओर 19.9 फीसदी लोगों ने मुहर लगाई. 12.5 प्रतिशत लोग मानते हैं कि पार्टी में बंगाल की संस्कृति की कमी है और 17.2 प्रतिशत लोग मानते हैं कि बीजेपी में राज्य-शैली के नेता की कमी है। (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल ओपिनियन पोल(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)बीजेपी(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव तारीख 2026(टी)पश्चिम बंगाल ओपिनियन पोल 2026(टी)पश्चिम बंगाल बीजेपी सीएम उम्मीदवार 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 कौन जीतेगा

ईरान पर 24 घंटे में इजराइल के 230 हवाई हमले:अब तक 4800 ईरानी सुरक्षाकर्मियों की मौत; चीन-PAK ने 5 सूत्री सीजफायर प्लान बनाया

ईरान पर 24 घंटे में इजराइल के 230 हवाई हमले:अब तक 4800 ईरानी सुरक्षाकर्मियों की मौत; चीन-PAK ने 5 सूत्री सीजफायर प्लान बनाया

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 33वां दिन है। इजराइली सेना ने दावा किया है कि उसने मंगलवार को 24 घंटों में ईरान में 230 से ज्यादा हवाई हमले किए। इजराइल का कहना है कि ये हमले प्लांड ऑपरेशन का हिस्सा हैं, जिसका मकसद ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करना है। ईरान का कहना है कि इजराइल और अमेरिका सिर्फ सैन्य ठिकानों पर नहीं, बल्कि आम नागरिकों से जुड़ी जगहों पर भी हमला कर रहे हैं। वहीं, तेहरान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान के कम से कम 4,770 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो चुकी है। इस दौरान करीब 21 हजार लोग घायल भी हुए हैं। दूसरी तरफ चीन के विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने बीजिंग में बैठक के बाद एक 5 पॉइंट वाली योजना जारी की है। इस योजना का मकसद ईरान जंग रोकना है। चीन-PAK का 5 पॉइंट का सीजफायर प्लान… जंग से मिडिल ईस्ट को ₹18 लाख करोड़ का नुकसान यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) ने कहा है कि मध्य पूर्व में चल रहा युद्ध पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक यह संघर्ष अब सिर्फ कुछ देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए बड़ा संकट बन गया है। ईरान जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… ईरान-इजराइल जंग से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

AI Data Centers Raise Earth Temp

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नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर इंटरनेट से जुड़ी रही। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित होने से दुनियाभर में एनर्जी क्राइसिस के बाद अब इंटरनेट ठप होने का खतरा है। वहीं भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के नए CEO अब विलियम वॉल्श होंगे। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… आज से ₹218 तक महंगा हुआ कॉमर्शियल सिलेंडर। शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. भारत समेत दुनियाभर में इंटरनेट ठप होने का खतरा: जंग से होर्मुज में बिछीं केबल्स को नुकसान की आशंका; समुद्र में 97% ग्लोबल डेटा अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित होने से दुनियाभर में एनर्जी क्राइसिस के बाद अब इंटरनेट ठप होने का खतरा है। इसकी वजह यह है कि होर्मुज रूट से न केवल दुनिया का 20% कच्चा तेल और 25% LNG गुजरती है, बल्कि इस रास्ते के नीचे इंटरनेट केबल्स भी बिछीं हैं। अगर इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है या केबल्स को नुकसान पहुंचता है, तो भारत समेत पूरी दुनिया में इंटरनेट की स्पीड स्लो हो सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह इलाका सिर्फ एनर्जी चोकपॉइंट नहीं, बल्कि एक डिजिटल चोकपॉइंट भी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. रिसर्च-AI डेटा सेंटर्स से बढ़ रहा धरती का तापमान: सेंटर्स के आसपास 2 डिग्री तक गर्मी बढ़ी, भारत में 8 सेंटर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के डेटा सेंटर्स से तापमान बढ़ रहा है। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की रिसर्च में कहा गया कि जहां ये डेटा सेंटर्स काम कर रहे हैं, वहां औसतन 2 डिग्री सेल्सियस तक तापमान बढ़ गया है। वैज्ञानिकों ने इसे ‘डेटा हीट आइलैंड इफेक्ट’ नाम दिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. ब्रिटिश एयरवेज के पूर्व चीफ विलियम इंडिगो के नए CEO: 3 अगस्त से संभालेंगे पद; चेयरमैन बोले- इंटरनेशनल मार्केट में दबदबा बनाने पर फोकस रहेगा भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के नए CEO विलियम वॉल्श होंगे। वॉल्श फिलहाल इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) में डायरेक्टर जनरल के रूप में काम कर रहे हैं। उनका कार्यकाल 31 जुलाई को खत्म होगा। इसके बाद 3 अगस्त 2026 से इंडिगो में जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी नियुक्ति के लिए अभी रेगुलेटरी अप्रूवल मिलना बाकी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. IT रूल बदलेंगे- निर्देश नहीं माने तो सेफ हार्बर खत्म: अब हर कंटेंट के लिए सोशल मीडिया कंपनियां ही जिम्मेदार; डेटा डिलीट नहीं कर सकेंगे केंद्र सरकार ने आईटी नियमन- 2021 में बदलाव का नया मसौदा जारी कर दिया है। इससे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स सरकारी निर्देशों की अनदेखी नहीं कर सकेंगे। उन्हें निर्देश, गाइडलाइन, एडवाइजरी माननी ही होगी। यदि वो ऐसा नहीं करते हैं तो संबंधित डिजिटल मीडिया कंपनियां सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराई जाएंगी। इससे इन कंपनियों को सेफ हार्बर के तहत मिलने वाली कानूनी ढाल खत्म कर दी जाएगी। आईटी नियमों में सबसे अहम बदलाव यह है कि प्लेटफॉर्म अपने यूजर्स द्वारा पोस्ट किए गए हर कंटेंट के लिए खुद जिम्मेदार होंगे। फिलहाल 14 अप्रैल तक सरकार ने इस मसौदे पर सार्वजनिक सुझाव, आपत्तियां मांगी हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. TVS अपाचे RTR 160 4V लॉन्च, शुरुआती कीमत ₹1.25 लाख:अपडेटेड मॉडल में ट्रैक्शन कंट्रोल फीचर, हर वैरिएंट में प्रोजेक्टर हेडलैंप और स्लिपर क्लच TVS मोटर इंडिया ने अपनी सबसे पॉपुलर स्पोर्ट्स बाइक अपाचे RTR 160 4V का अपडेटेड 2026 मॉडल भारत में लॉन्च कर दिया है। अब बाइक के बेस वैरिएंट से ही प्रीमियम फीचर्स जैसे प्रोजेक्टर हेडलैंप, ऑल-LED लाइटिंग और असिस्ट एंड स्लिपर क्लच मिलेंगे। 2026 TVS अपाचे RTR 160 4V को तीन वैरिएंट में पेश किया गया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 1,25,440 रुपए रखी गई है। भारत में 2026 TVS अपाचे RTR 160 4V का सीधा मुकाबला बजाज पल्सर N160 और हीरो एक्सट्रीम 160R 4V से है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… सोमवार के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

छपरा का नीम का पेड़ औषधीय खजाना, दांत और घाव की रखे रक्षा

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Last Updated:April 01, 2026, 05:30 IST Health Tips: बिहार के छपरा जिले के कई गांवों में नीम को औषधीय खजाना माना गया है. यहां के ग्राणीण वीरू कहते हैं कि इसके जड़ से पत्ती तक को इलाज में उपयोग किया जाता है. इससे घाव फुंसी और दांत की कई समस्याएं दूर हो जाती हैं. आइये जानते हैं इसके फायदे के बारे में. ख़बरें फटाफट छपरा: बिहार में छपरा जिले के एक अनोखा गांव है. यहां गांव में कई प्रकार के औषधीय पेड़ पौधे आसानी से मिल जाता है. जो आयुर्वेदिक नजरिया से कई मायने में लाभदायक माना जाता है. जिसका उपयोग करने से कई बीमारी से राहत मिलती है. ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे पेड़ के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे औषधीय गुणों का भंडार माना जाता है. इसके जड़ से लेकर पत्ता तक को औषधि के रूप में उपयोग किया जाता है. इसे ग्रामीण क्षेत्र के लोग जो जानते हैं, उसका उपयोग बीमारी के शिकार होने पर करते हैं. जिस बीमारी के लिए लोग हजारों रुपए फूंक देते हैं. उस बीमारी को गांव में मिलने वाले इस मामूली पेड़ पौधे के जड़ी बूटी से खत्म किया जा सकता है. इसी तरह अमरूद के दतुवन से मुंह धोने से दांत का हिलना ठीक हो जाता है. जबकि जामुन के दतुवन से मुंह धोने पर शुगर लेवल सामान्य रहता है. यह पेड़ पौधा आपके घर के आसपास आसानी से मिल जाएगा. जानें औषधीय गुणों वाले इस पौधे के बारे में आज हम बात कर रहे हैं प्रत्येक गांव में मिलने वाले औषधिय गुणों के खजाने नाम से मशहूर नीम के पेड़ के बारे में. इसके जड़ से लेकर पत्ती तक को औषधी के रूप में उपयोग किया जाता है. नीम के जड़ के छिलका का काढ़ा बनाकर पीने से घाव फुंसी नहीं होता है. इसके साथ ही इसका दातुन करने से मुंह का बदबू खत्म हो जाता है. यही नहीं, दांत का हिलना और ब्लड आना भी खत्म हो जाता है. दांत में कीड़ा नहीं लगता है. इसके दातुन करने से दांत भी साफ रहता है. चांदी की तरह चमक दांत से आता है. दांत का लाइफ बढ़ जाता है. यही वजह है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोग जो नीम का दातुवन करते हैं. वैसे लोगों का दांत बुढ़ापे के समय तक पूरी तरह से सुरक्षित रहता है. छपरा के एक्सपर्ट वीरू कुमार ने बताया कि वह बचपन से ही नीम का दतुवन करते आ रहे हैं.  आज तक उनके मुंह से कभी बदबू नहीं आया है. उनका दांत चांदी की तरह हमेशा चमकता रहता है. उनके दांत से कभी ब्लड नहीं आता है. नीम के दातुवन करने से पूरे दिन मुंह अच्छा रहता है. किसी प्रकार के घाव फुंसी नहीं होती है. किसी कारणवश अगर घाव हो भी जाता है तो बहुत जल्द ठीक हो जाता है. औषधिय गुणों का खजाना है ये पेड़ उन्होंने बताया कि गांव में नीम के पेड़ को औषधिय गुणों का खजाना कहा जाता है. जो लोग जानते हैं. वैसे व्यक्ति कई रोग में नीम के जड़ से लेकर पत्ती तक उपयोग करते हैं, जिससे जटिल से जटिल बीमारी ठीक हो जाती है. उनके ग्रामीण क्षेत्र में आसानी से नीम का पेड़ पौधा मिल जाता है. जिसकी वजह से गांव के लोग भरपूर इसका उपयोग करते हैं. यही वजह है कि कई बीमारी से सुरक्षित रहते हैं. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : April 01, 2026, 05:30 IST

Census 2027 Starts Today: Phase 1 House Listing in States

Census 2027 Starts Today: Phase 1 House Listing in States

Hindi News National Census 2027 Starts Today: Phase 1 House Listing In States | Live Updates नई दिल्ली9 मिनट पहले कॉपी लिंक जनगणना 2027 का पहला फेज आज (1 अप्रैल) से शुरू होगा। यह 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। पहले फेज में ‘हाउस लिस्टिंग’ यानी मकानों की गिनती होगी। दूसरा फेज ‘जनसंख्या गणना’ फरवरी 2027 में होगा। इसमें लोगों से उनकी जाति पूछी जाएगी। आजादी के बाद पहली बार जाति का डेटा जुटाया जाएगा। इससे पहले 1931 में ऐसा हुआ था। जनगणना में स्थिर रिश्ते में रहने वाले लिव-इन कपल्स को भी शादीशुदा माना जाएगा। ऐसा तब ही होगा जब कपल मानेगा कि उनका रिश्ता लंबा चलने वाला है। जनगणना करने वाले आपसे कुल 33 सवाल पूछेंगे। हम आपको यह भी बताएंगे कि इन 33 सवालों के अलावा और कौन से सवाल आपसे पूछे जा सकते हैं, जिनका जवाब आपको नहीं देना है। अगर मोबाइल में FM है तो माना जाएगा के आपके पास रेडियो है, लेकिन यूट्यूब देखने का मतलब यह नहीं कि आपके पास टीवी है। पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना देश में पहली बार जनगणना पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से होगी। कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए डेटा सीधे अपने स्मार्टफोन पर कलेक्ट करेंगे। पहले जनगणना के आंकड़े कागज पर दर्ज किए जाते थे और फिर उन्हें डिजिटाइज किया जाता था। इसमें काफी समय लगता था। जनगणना पूरी तरह हाईटेक होगी और मकानों की गिनती में ‘जियो-रेफरेंसिंग’ तकनीक का इस्तेमाल होगा। हर घर की लोकेशन डिजिटल मैप पर दर्ज होगी, ताकि कोई मकान छूटे नहीं और न किसी की दोबारा गिनती हो सके। कर्मचारी अगर ये 3 सवाल पूछें तो जवाब न दें आमदनी: महीने की कमाई या बैंक बैलेंस से जुड़ा कोई भी सवाल। दस्तावेज: आधार, पैन या कोई भी अन्य पहचान पत्र दिखाने का दबाव। बैंक डिटेल: बैंक खाता नंबर या ओटीपी (OTP) जैसे निजी विवरण। पहले 15 दिन पोर्टल पर अपनी जानकारी खुद अपडेट कर सकेंगे दोनों फेज में स्व-गणना (Self Enumeration) की ऑनलाइन सुविधा भी पहली बार दी गई है। सेल्फ-एन्युमरेशन एक वेब पोर्टल के जरिए होगा, जिसमें लोग घर-घर सर्वे से 15 दिन पहले अपनी जानकारी खुद ऑनलाइन भर सकेंगे। पोर्टल पर फॉर्म भरने के लिए 16 भाषाओं दी गई हैं। यह बिल्कुल ऑप्शनल है। जो लोग स्व-गणना नहीं करेंगे, वे पारंपरिक तरीके से सरकारी कर्मचारी के घर आने पर डेटा दे सकते हैं। जिन्होंने ऑनलाइन फॉर्म भरा है, उनका डेटा वेरिफाई करने के लिए भी सरकारी कर्मचारी उनके घर जाएंगे। मोबाइल में FM तो रेडियो है, लिव-इन में हैं तो शादीशुदा लिव-इन: काफी समय से साथ रह रहे जोड़े को जनगणना में ‘विवाहित युगल’ माना जाएगा। रेडियो-टीवी: मोबाइल में FM है तो ‘रेडियो’ गिना जाएगा। मोबाइल पर यूट्यूब देखना ‘टीवी’ नहीं माना जाएगा, इसके लिए टीवी होना जरूरी। वाहन: कार/जीप की श्रेणी में ट्रैक्टर दर्ज नहीं होगा। ई-रिक्शा/ऑटो कार या बाइक नहीं मानेंगे। पानी: घर में नल हो, फिर भी बोतल या कैन का पानी मंगाते हैं, तो ‘बोटल्ड वाटर’ लिखें। किचन: घर के एक हिस्से में खाना बनाते और सोते हैं, तो ‘रसोई’ नहीं मानेंगे। रसोई तभी दर्ज होगी जब घर में अलग से हो। बैंकिंग सिस्टम जैसी ‘अभेद्य’ सुरक्षा होगी सरकार ने जनगणना के आंकड़ों को ‘अति-संवेदनशील सूचना बुनियादी ढांचा’ (CII) श्रेणी में शामिल किया है। जनगणना का डेटा पूरी तरह गोपनीय और RTI के दायरे से बाहर होगा। किसी सरकारी योजना या कोर्ट में सुबूत के तौर पर इसका उपयोग नहीं किया जा सकेगा। जनगणना डेटा को वही अभेद्य सुरक्षा मिलेगी जो परमाणु ऊर्जा केंद्रों, नेशनल पावर ग्रिड या मिलिट्री नेटवर्क को मिलती है। इसका डेटा नेशनल क्रिटिकल इंफॉर्मेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर की निगरानी में रहेगा। इस घेरेबंदी का मकसद उन चिंताओं को खत्म करना है, जिनमें डेटा लीक से समुदायों को टारगेट करने या विदेशी ताकतों द्वारा आंतरिक नीतियों को प्रभावित करने की आशंका थी। केवल अधिकृत अधिकारी ही बायोमेट्रिक व डिजिटल सिग्नेचर से डेटा देख सकेंगे। डिजास्टर रिकवरी सेंटर होगा। डेटा लीक करने पर ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ की धाराओं में कार्रवाई। मैप पर हर घर ‘डिजी डॉट’ बनेगा, इसके 5 फायदे होंगे 1. आपदा में सटीक राहत- जियो टैगिंग से बना डिजिटल लेआउट मैप बादल फटने, बाढ़ या भूकंप जैसी आपदा के समय उपयोगी साबित होगा। सुदूर हिमालयी क्षेत्र में बसे किसी गांव में बादल फटने जैसी घटना के समय इस मैप से तुरंत पता चल जाएगा कि किस घर में कितने लोग रहते हैं। होटलों में क्षमता के हिसाब से कितने लोग रहे होंगे। इस ब्योरे से बचाव के लिए जरूरी तमाम नौका, हेलिकॉप्टर, फूड पैकेट आदि की व्यवस्था करने में मदद मिलेगी। 2. परिसीमन में मदद मिलेगी- राजनीतिक सीमाएं जैसे संसदीय या विधानसभा क्षेत्रों का युक्तिसंगत तरीके से निर्धारण करने में भी इससे मदद मिलेगी। जियो टैगिंग से तैयार मैप से यह तस्वीर साफ हो जाएगी कि क्षेत्र में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र का संतुलित बंटवारा कैसे हो। समुदायों को ऐसे न बांट दिया जाए कि एक मोहल्ला एक क्षेत्र में और दूसरा मोहल्ला किसी अन्य क्षेत्र में शामिल हो जए। घरों के डिजी डॉट से डिलिमिटेशन (परिसीमन) की प्रक्रिया में आसानी होगी। 3. शहरी प्लानिंग में आसानी- शहरों में सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों या पार्कों की प्लानिंग करने में भी यह मैप उपयोगी साबित होगा। अगर किसी जगह के घरों के डिजिटल लेआउट में बच्चों की अधिकता होगी तो पार्क और स्कूल प्राथमिकता से बनाने की योजना तैयार की जा सकेंगी। यदि किसी बस्ती में कच्चे मकानों या खराब घरों की अधिकता दिखेगी तो वहां किसी मेडिकल इमरजेंसी के समय तत्काल मोबाइल राहत वैन भेजी जा सकेंगी। 4. शहरीकरण और पलायन दर का डेटा मिलेगा- इस जनगणना के दस साल बाद होनी वाली जनगणना में डिजिटल मैप के परिवर्तन आसानी से दर्ज किए जा सकेंगे। देश के विभिन्न हिस्सों में शहरीकरण की दर और पलायन के क्षेत्रों की मैपिंग की तुलना सटीक ढंग से की जा सकेगी। 5. मतदाता सूची से डुप्लीकेट नाम हट जाएंगे- आधार की पहचान के साथ जियो टैगिंग मतदाता सूची को सटीक और मजबूत बनाने में सहायक होगी। जब वोटर किसी भौगोलिक स्थान से डिजिटली जुड़ा होगा तो दोहरे पंजीकरण के समय उसके मूल निवास का पता भी सामने आएगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔