Wednesday, 27 May 2026 | 11:45 AM

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Artemis-II Mission Launch Today | NASA Moon Orbit

Artemis-II Mission Launch Today | NASA Moon Orbit

वॉशिंगटन2 घंटे पहले कॉपी लिंक अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा आज 2 अप्रैल को ‘आर्टेमिस-2’ मिशन लॉन्च करेगा। सुबह 3:54 बजे ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चांद की ओर रवाना होगा। फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से ये लॉन्चिंग होगी। साल 1972 में ‘अपोलो-17’ के बाद यह पहला मौका है जब कोई इंसान पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) को पार कर चांद के करीब पहुंचेगा। चारों यात्री इस मिशन में चांद के चारों ओर चक्कर लगाएंगे और फिर वापस धरती पर लौटेंगे। ये मिशन करीब 10 दिनों का होगा। ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चांद की ओर रवाना होगा। मकसद: ‘लाइफ सपोर्ट सिस्टम’ की जांच चाहता है नासा मिशन का मकसद ओरियन स्पेसक्राफ्ट के ‘लाइफ सपोर्ट सिस्टम’ की जांच करना है। नासा यह देखना चाहता है कि अंतरिक्ष में इंसानों के रहने के लिए यह कितना सुरक्षित है। यान अभी चंद्रमा की सतह पर नहीं उतरेगा, लेकिन भविष्य में चंद्रमा पर इंसानों के बसने के रास्ते को आसान बनाएगा। 4 एस्ट्रोनॉट्स: पहली बार कोई महिला चांद के करीब पहुचेगी मिशन में नासा के तीन और कनाडाई स्पेस एजेंसी (CSA) का एक अंतरिक्ष यात्री शामिल है। 1. रीड वाइजमैन: यूएस नेवी के टेस्ट पायलट रह चुके वाइजमैन (50) इस मिशन के लिए कमांडर हैं। 2014 में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर 6 महीने बिताने वाले वाइजमैन जमीन पर ऊंचाई से डरते हैं। 2020 में अपनी पत्नी को खोने के बाद वाइजमैन अपनी दो बेटियों की अकेले परवरिश कर रहे हैं। 2. क्रिस्टीना कोच: इंजीनियर और फिजिसिस्ट क्रिस्टीना कोच (47) मिशन स्पेशलिस्ट हैं। वह अंतरिक्ष में सबसे लंबे समय तक रहने वाली महिला (328 दिन) का रिकॉर्ड बना चुकी हैं। बचपन में अपोलो-8 की खींची गई ‘अर्थराइज’ फोटो देखकर उन्होंने अंतरिक्ष यात्री बनने की ठानी थी। 3. जेरेमी हैनसन: कनाडा के पूर्व फाइटर पायलट जेरेमी हैनसन (50) मिशन स्पेशलिस्ट हैं। अगर सब-कुछ प्लान के मुताबिक रहा तो हैनसन इस मिशन के जरिए चांद तक पहुंचने वाले पहले गैर-अमेरिकी बनेंगे। हैनसन अपने साथ कनाडा का मशहूर मैपल सिरप और कुकीज ले जाएंगे। 4. विक्टर ग्लोवर: मिशन के लिए पायलट के तौर पर चुने गए ग्लोवर (49) चांद के करीब पहुंचने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति होंगे। ग्लोवर अपने साथ बाइबिल, अपनी शादी की अंगूठियां ले जाएंगे। वे कहते हैं कि ब्रह्मांड में अपनी जगह को तलाशना और सीखना ही इंसान होने का असली मतलब है। लॉन्च पैड की ओर बढ़ते अंतरिक्ष यात्री (बाएं से दाएं) जेरेमी हैनसन, क्रिस्टीना कोच, विक्टर ग्लोवर और रीड वाइजमैन; केनेडी स्पेस सेंटर में लॉन्च डे रिहर्सल के दौरान की तस्वीर। अगला कदम: चांद की सतह पर उतरने की तैयारी आर्टेमिस-II के बाद नासा ‘आर्टेमिस-III’ मिशन पर काम करेगा। उसमें डॉकिंग सिस्टम की टेस्टिंग होगी। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो साल 2028 में आर्टेमिस-IV के जरिए इंसान एक बार फिर चांद पर कदम रखेगा। इससे पहले 2022 में मानवरहित आर्टेमिस-1 भेजा गया था। अपोलो और आर्टेमिस प्रोग्राम में बड़ा अंतर 70 के दशक में हुए अपोलो मिशन का मुख्य उद्देश्य सोवियत संघ के साथ चल रही ‘स्पेस रेस’ में खुद को बेहतर साबित करना था। लेकिन आर्टेमिस प्रोग्राम पूरी तरह से भविष्य की तैयारी है। नासा इस बार चांद पर एक स्थायी बेस बनाना चाहता है, ताकि इंसान वहां रहकर काम करना सीख सके। यह अनुभव भविष्य में मंगल पर जाने के सपने को पूरा करने में मदद करेगा। साल 1969 में चंद्रमा की सतह पर अमेरिकी झंडे के पास खड़े अंतरिक्ष यात्री बज एल्ड्रिन। यूट्यूब और नासा की वेबसाइट पर 24/7 कवरेज दुनियाभर के लोग इस ऐतिहासिक पल को घर बैठे देख सकते हैं। नासा अपने यूट्यूब चैनल और ‘NASA+’ प्लेटफॉर्म पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग करेगा। ओरियन स्पेसक्राफ्ट के अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद वहां से लाइव व्यूज भी शेयर किए जाएंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Artemis-II Mission Launch Today | NASA Moon Orbit

Artemis-II Mission Launch Today | NASA Moon Orbit

वॉशिंगटन9 घंटे पहले कॉपी लिंक अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने आज 2 अप्रैल को ‘आर्टेमिस-2’ मिशन लॉन्च किया। सुबह 4:05 बजे ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) ओरियन स्पेसक्राफ्ट में 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चांद की ओर रवाना हुआ। फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से ये लॉन्चिंग हुई। साल 1972 में ‘अपोलो-17’ के बाद यह पहला मौका है जब कोई इंसान पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) को पार कर चांद के करीब पहुंचेगा। चारों यात्री स्पेसक्राफ्ट से चांद के चारों ओर चक्कर लगाएंगे और फिर धरती पर लौटेंगे। यह मिशन 10 दिन का है। मिशन लॉन्च की 5 तस्वीरें… बैटरी और सेफ्टी सिस्टम में आखिरी समय में किए गए कुछ सुधारों के बाद आर्टेमिस-2 मिशन की लॉन्चिंग कामयाब रही। सुबह 4:05 बजे ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चांद की ओर रवाना हुआ। फ्लोरिडा के टाइटसविले में नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से यह लॉन्चिंग हुई। इसे देखने के लिए जुटे लोग। जैसे ही यह ऐतिहासिक नजारा सामने आया, वहां मौजूद भीड़ खुशी से झूम उठी। लोगों के चेहरों पर जीत की मुस्कान और इस अद्भुत पल को देखने की हैरानी साफ झलक रही थी। लॉन्चिंग से पहले नासा के केनेडी स्पेस सेंटर में लॉन्च पैड पर खड़ा ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS)। ‘लॉन्च अबॉर्ट सिस्टम’ में खराबी आ गई थी टेक-ऑफ से ठीक एक घंटा पहले ‘लॉन्च अबॉर्ट सिस्टम’ में कुछ ऐसी दिक्कतें आईं, जिनसे लॉन्चिंग पर खतरा मंडराने लगा था। यह रॉकेट का वो ‘इमरजेंसी एग्जिट’ है, जो खराबी आने पर एस्ट्रोनॉट्स वाले हिस्से को तुरंत रॉकेट से अलग कर देता है। हालांकि इंजीनियरों ने इस समस्या को तेजी से सुलझा लिया। फिर सेफ्टी चेक के लिए काउंटडाउन घड़ी को 10 मिनट पर रोक दिया गया। इसके बाद रॉकेट के अलग-अलग जरूरी सिस्टम्स की जिम्मेदारी संभाल रहे इंजीनियरों की ‘ओके’ रिपोर्ट आई। फिर क्रू को संदेश मिला- “आर्टेमिस II, मैं लॉन्च डायरेक्टर बोल रहा हूं, आप उड़ान के लिए तैयार हैं।” कमांडर रीड वाइजमैन ने जवाब दिया, “हम पूरी मानवता की खातिर जा रहे हैं।” इसके तुरंत बाद चार RS-25 इंजन और दो रॉकेट बूस्टर चालू हुए और एस्ट्रोनॉट रवाना हो गए। तकनीकी दिक्कत: सिग्नल में आई रुकावट कॉम्प्युकेशन इश्यू: उड़ान के करीब 51 मिनट बाद जब सैटेलाइट्स का हैंडओवर हो रहा था, तब ओरियन कैप्सूल का संपर्क कुछ देर के लिए टूट गया था। एकतरफा संपर्क: नासा के चीफ जेरेड इसाकमैन ने बताया कि मिशन कंट्रोल की आवाज तो क्रू को सुनाई दे रही थी, लेकिन क्रू का जवाब नीचे नहीं पहुंच पा रहा था। हालांकि, अब इस समस्या को सुलझा लिया गया है और सिस्टम सही काम कर रहा है। टॉयलेट खराब: लॉन्च के कुछ ही देर बाद ओरियन कैप्सूल का इकलौता टॉयलेट खराब हो गया था। एस्ट्रोनॉट क्रिस्टीना कोच ने मिशन कंट्रोल की मदद से इसे ठीक कर दिया। बिना टॉयलेट के यह 10 दिन का सफर काटना बहुत मुश्किल हो जाता। वीडियो के इस स्क्रीनशॉट में ओरियन स्पेसक्राफ्ट को केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च होने के बाद अपने मिशन की शुरुआत करते हुए देखा जा सकता है। टेस्ट ड्राइव: पहली बार मैनुअल कंट्रोल टेस्ट ड्राइव: पायलट विक्टर ग्लोवर ने करीब एक घंटे तक ओरियन कैप्सूल की ‘टेस्ट ड्राइव’ की। यह पहली बार था जब किसी ने इस कैप्सूल को मैनुअली कंट्रोल किया। भावुक पल: जब रॉकेट का ऊपरी हिस्सा ओझल हो रहा था, तब ग्लोवर ने कहा, “ओह, उसे देखो – वाह!” उन्होंने मिशन कंट्रोल को “ग्रेट फ्लाइंग विद यू ह्यूस्टन” कहकर धन्यवाद दिया। मिशन के अगले पड़ाव: अब आराम की बारी एस्ट्रोनॉट्स का ब्रेक: लॉन्चिंग के बाद अंतरिक्ष यात्रियों ने अपने ऑरेंज सूट उतारकर आरामदायक कपड़े पहन लिए हैं। अब वे कुछ घंटों की नींद (झपकी) लेंगे। अगला मिशन: कुछ घंटों बाद उन्हें फिर जागना होगा। ‘ओरियन कैप्सूल’ का इंजन फिर से स्टार्ट किया जाएगा, ताकि उसकी कक्षा को और ऊपर ले जाया जा सके। मेडिकल चेकअप: हर दिन ग्राउंड कंट्रोलर्स के साथ एक मेडिकल कॉन्फ्रेंस होगी, जिसमें एस्ट्रोनॉट्स अपनी सेहत और किसी भी शारीरिक परेशानी की जानकारी साझा करेंगे। मकसद: ‘लाइफ सपोर्ट सिस्टम’ की जांच चाहता है नासा मिशन का मकसद स्पेसक्राफ्ट के ‘लाइफ सपोर्ट सिस्टम’ की जांच करना है। नासा देखना चाहता है कि अंतरिक्ष में इंसानों के रहने के लिए यह कितना सुरक्षित है। यान अभी चंद्रमा की सतह पर नहीं उतरेगा, लेकिन भविष्य में चंद्रमा पर इंसानों के बसने का रास्ता आसान बनाएगा। 10 दिन में सफर: अगले 10 दिनों में आर्टेमिस II का क्रू आने-जाने में करीब 6,85,000 मील (लगभग 11 लाख Km) की दूरी तय करेगा। सबसे यादगार पल: जब स्पेसक्राफ्ट चांद के दूसरी तरफ अधिकतम दूरी पर होगा। वहां से चांद की ऐसी तस्वीरें आएगी जो पहले कभी नहीं देखी गईं। 4 एस्ट्रोनॉट्स: पहली बार कोई महिला चांद के करीब पहुचेगी मिशन में नासा के तीन और कनाडाई स्पेस एजेंसी (CSA) का एक अंतरिक्ष यात्री शामिल है। 1. रीड वाइजमैन: यूएस नेवी के टेस्ट पायलट रह चुके वाइजमैन (50) मिशन कमांडर हैं। 2014 में स्पेस स्टेशन पर 6 महीने बिताने वाले वाइजमैन जमीन पर ऊंचाई से डरते हैं। 2020 में अपनी पत्नी को खोने के बाद वाइजमैन अपनी दो बेटियों की अकेले परवरिश कर रहे हैं। 2. क्रिस्टीना कोच: इंजीनियर और फिजिसिस्ट क्रिस्टीना कोच (47) मिशन स्पेशलिस्ट हैं। वह अंतरिक्ष में सबसे लंबे समय तक रहने वाली महिला (328 दिन) का रिकॉर्ड बना चुकी हैं। बचपन में अपोलो-8 की खींची गई ‘अर्थराइज’ फोटो देखकर उन्होंने अंतरिक्ष यात्री बनने की ठानी थी। 3. जेरेमी हैनसन: कनाडा के पूर्व फाइटर पायलट जेरेमी हैनसन (50) मिशन स्पेशलिस्ट हैं। अगर सब-कुछ प्लान के मुताबिक रहा तो हैनसन इस मिशन के जरिए चांद तक पहुंचने वाले पहले गैर-अमेरिकी बनेंगे। हैनसन अपने साथ कनाडा का मशहूर मैपल सिरप और कुकीज ले गए हैं। 4. विक्टर ग्लोवर: मिशन के लिए पायलट चुने गए ग्लोवर (49) चांद के करीब पहुंचने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति होंगे। ग्लोवर अपने साथ बाइबिल, अपनी शादी की अंगूठियां ले गए हैं। वे कहते हैं कि ब्रह्मांड में अपनी जगह को तलाशना और सीखना ही इंसान होने का असली मतलब है। लॉन्च पैड की ओर बढ़ते अंतरिक्ष यात्री (बाएं से दाएं) जेरेमी हैनसन, क्रिस्टीना कोच, विक्टर ग्लोवर और रीड वाइजमैन; केनेडी स्पेस सेंटर में

दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के साथ सीएम की बैठक:शिवप्रकाश, हेमंत ने सिंधिया, मुरुगन, वीरेंद्र, उइके की मौजूदगी में एमपी के सांसदों से की चर्चा

दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के साथ सीएम की बैठक:शिवप्रकाश, हेमंत ने सिंधिया, मुरुगन, वीरेंद्र, उइके की मौजूदगी में एमपी के सांसदों से की चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार शाम दिल्ली में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ मप्र के सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक की। इस दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय सह संगठन् महामंत्री शिवप्रकाश और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह मौजूद थे। बैठक में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, डॉ. वीरेंद्र कुमार, एल मुरुगन, दुर्गादास उईके मौजूद थे। इस बैठक में मध्य प्रदेश के सांसद शिवमंगल सिंह तोमर (मुरैना), आशीष दुबे (जबलपुर), महेंद्र सिंह सोलंकी (देवास), राहुल सिंह लोधी (दमोह), सुधीर गुप्ता (मंदसौर), डॉ. राजेश मिश्रा (सीधी) और राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी मौजूद थे। 6 अप्रैल को 18 जिलों में बीजेपी कार्यालयों का भूमिपूजन भाजपा के स्थापना दिवस के मौके पर 6 अप्रैल को प्रदेश के 18 जिलों में भाजपा के जिला कार्यालयों का एक साथ भूमिपूजन होगा। इन भूमिपूजन समारोहों में सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल वर्चुअल जुडेंगे। स्थानीय जिला अध्यक्ष, विधायक, सांसद और मंत्री गण अपने जिले में भूमिपूजन में मौजूद रहेंगे।

Bhopal TI Line Attach | Ganja Smugglers 1.70 Lakh Deal

Bhopal TI Line Attach | Ganja Smugglers 1.70 Lakh Deal

नजीराबाद थाना प्रभारी अरुण शर्मा। भोपाल देहात के नजीराबाद थाने के प्रभारी अरुण शर्मा को एसपी ने तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच किया है। उन पर गांजा तस्करों से 1.70 लाख रुपए की वसूली कर बिना कार्रवाई किए छोड़ने के आरोप हैं। एसपी ने एसडीओपी वैशाली करहालिया के प्रतिवेदन पर कार्रवाई की है। थ . जानकारी के मुताबिक नजीराबाद इलाके से आरोपी सीताराम यादव उर्फ राधे यादव और जितेंद्र यादव को 30 मार्च को 430 ग्राम गांजा सहित आरक्षक मनोज धाकड़ ने हिरासत में लिया और थाने लेकर आया। थाना प्रभारी अरुण शर्मा को दोनों आरोपियों द्वारा गांजा बेचने की फिराक में ग्राहक की तलाश में घूमते हुए हिरासत में लिए जाने की बात बताई। बाद में आरक्षक ने ही बिचौलिया का काम किया। कार्रवाई न करने के ऐवज में दोनों आरोपियों से लाखों रुपए की मांग की गई। आरोपियों और पुलिस के बीच 1.70 रुपए में कार्रवाई न करने को लेकर सौदा ते हुआ। रकम मिलने के बाद आरोपियों पर बिना किसी कार्रवाई किए उन्हें थाने से छोड़ दिया गया। जिसकी जानकारी एसडीओपी वैशाली करहारिया को मिली। उन्होंने टीआई की करतूत के खिलाफ प्रतिवेदन तैयार किया और एसपी को अवगत कराया। जिसके आधार पर एसपी ने आरक्षक और थाना प्रभारी पर कार्रवाई तय की है।

भारत पेट्रोलियम डिपो में 129 करोड़ का घपला:इंदौर में पेट्रोल-डीजल फ्री में भरवाया, फ्लीट कार्ड में गड़बड़ी की; 7 व्यापारी-ट्रांसपोर्टरों पर FIR

भारत पेट्रोलियम डिपो में 129 करोड़ का घपला:इंदौर में पेट्रोल-डीजल फ्री में भरवाया, फ्लीट कार्ड में गड़बड़ी की; 7 व्यापारी-ट्रांसपोर्टरों पर FIR

इंदौर के मांगलिया स्थित भारत पेट्रोलियम डिपो में 129 करोड़ 55 लाख रुपए की धोखाधड़ी सामने आई है। मामला BPCL (भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के फ्लीट कार्ड और लॉयल्टी ऐप से जुड़ा है। पुलिस ने इंदौर के 7 व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने BPCL के पेमेंट गेटवे और लॉयल्टी ऐप की तकनीकी गड़बड़ी का फायदा उठाकर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति कराई, जबकि कंपनी के खाते में पैसे नहीं गए। फ्लीट कार्ड से ट्रक, बस और अन्य व्यावसायिक वाहनों के लिए जारी किया जाता है। इससे ड्राइवर नकद पैसे रखे बिना पेट्रोल-डीजल भरवा सकते हैं। पैसा सीधे कंपनी के बैंक खाते से कटता है। BPCL स्टेशन पर भरवाते थे डीजल-पेट्रोल BPCL ने 17 दिसंबर 2021 से फ्लीट, कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत ग्राहकों के लिए लॉयल्टी ऐप के माध्यम से पेमेंट गेटवे सुविधा शुरू की। इस ऐप से ग्राहक नेट बैंकिंग, यूपीआई, क्रेडिट या डेबिट कार्ड से वॉलेट रिचार्ज कर सकते हैं। रिचार्ज के बाद वॉलेट का पैसा देशभर के BPCL स्टेशन पर डीजल-पेट्रोल भरवाने में इस्तेमाल होता है। लॉयल्टी ऐप और पेमेंट गेटवे में सेंध BPCL का लॉयल्टी ऐप रेजरपे और पाइनलैब्स पेमेंट गेटवे के साथ जुड़ा है। रेजरपे के माध्यम से रिचार्ज की राशि सीधे BPCL के खाते में जाती है। 31 मार्च 2023 को रेजरपे की जोखिम मूल्यांकन टीम ने BPCL को बताया कि लॉयल्टी ऐप और गेटवे सिस्टम में संदिग्ध रिचार्ज हुए हैं। कंपनी ने डेटा का विश्लेषण किया और पाया कि 1093 ग्राहकों के वॉलेट में 129 करोड़ रुपए का रिचार्ज हुआ था, जबकि बैंक खाते में पैसा जमा नहीं हुआ। इसके बाद कंपनी ने सभी खाते ब्लॉक किए और कुछ रकम वापस ली। तकनीकी गड़बड़ी का फायदा उठाया गया मांगलिया पुलिस चौकी प्रभारी विश्वजीत सिंह तोमर के अनुसार, BPCL के प्रादेशिक प्रबंधक (रिटेल) विक्रांत हाठे की शिकायत पर 7 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। आरोपियों में विशाल सिंह, शशि सिंह, दलवीर सिंह, बलजिंदर सिंह, वाहिक खान, नरेंद्र सिंह वासू और बलबीर सिंह हैं। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने लॉयल्टी ऐप की तकनीकी गड़बड़ी का फायदा उठाकर अपने फ्लीट वॉलेट में पैसा दिखाया, जबकि कंपनी के खाते में कोई रकम जमा नहीं हुई। इसके बाद वे लगातार डीजल भरवाते रहे। चौकी प्रभारी ने बताया कि आरोपियों को पता था कि उनके खातों से पैसा कट नहीं रहा है, फिर भी उन्होंने इसका गलत फायदा उठाया। बाद में कंपनी ने रकम लौटाने को कहा, लेकिन उन्होंने पैसे वापस नहीं किए। फर्जी तरीके से वॉलेट रिचार्ज दिखाया जांच में पाया गया कि इंदौर के 7 व्यापारी और ट्रांसपोर्टर इस स्कैम में शामिल थे। उन्होंने ऐप और गेटवे की तकनीकी गड़बड़ी का फायदा उठाकर फर्जी तरीके से वॉलेट रिचार्ज दिखाया और ईंधन भरवाया। मांगलिया पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ साइबर धोखाधड़ी दर्ज की। पुलिस का कहना है कि यह धोखाधड़ी केवल इंदौर तक सीमित नहीं है। इसके तार देश के कई शहरों से जुड़े हैं। जांच जारी है और आने वाले दिनों में और आरोपियों की पहचान हो सकती है। ……………………….. यह खबर भी पढ़ें एमपी में किल्लत की अफवाह, पेट्रोल पंपों पर भीड़ मध्य प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह ने हालात अचानक बिगाड़ दिए। सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक खबरों के कारण लोग घबरा गए और पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कई जगह लंबी कतारें लग गईं और लोग घंटों इंतजार करते रहे। पढ़ें पूरी खबर…