खाने योग्य फूल गुड़हल गुलाब कैमोमाइल के हेल्थ फायदे

Last Updated:April 04, 2026, 23:51 IST Edible Flower Eating Benefits: फूल सिर्फ देखने के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं. कुछ खास फूलों को आप खाकर या चाय में मिलाकर अपनी हेल्थ को नेचुरली बेहतर बना सकते हैं. ख़बरें फटाफट फूल सिर्फ सजावट या खुशबू के लिए ही नहीं होते, बल्कि कई ऐसे फूल भी हैं जिन्हें खाने से सेहत को जबरदस्त फायदे मिलते हैं. ये edible flowers यानी खाने योग्य फूल पोषण से भरपूर होते हैं और सदियों से आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में इस्तेमाल किए जाते रहे हैं. अच्छी बात यह है कि इनमें से कई फूल आप अपने घर के गमले में भी आसानी से उगा सकते हैं और चाय, सलाद या डिश में शामिल कर सकते हैं. सबसे पहले बात करें Hibiscus की, जिसे गुड़हल के नाम से भी जाना जाता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन C और एंथोसायनिन्स पाए जाते हैं, जो ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने और इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं. इसकी पंखुड़ियों से बनी चाय शरीर को ठंडक देती है और डिटॉक्स में भी सहायक होती है. कई रिसर्च में यह भी पाया गया है कि गुड़हल की चाय दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकती है. Rose यानी गुलाब भी खाने योग्य फूलों में सबसे लोकप्रिय है. इसमें विटामिन A, C और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाने में मदद करते हैं. गुलाब की पंखुड़ियों से गुलकंद बनाया जाता है, जो शरीर को ठंडक देने और पाचन सुधारने के लिए जाना जाता है. आप गुलाब की पंखुड़ियों को चाय में डालकर भी इसका फायदा ले सकते हैं. Chamomile एक और ऐसा फूल है, जिसकी चाय दुनियाभर में लोकप्रिय है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और शांत करने वाले गुण होते हैं, जो तनाव कम करने और बेहतर नींद लाने में मदद करते हैं. अगर आपको अनिद्रा या चिंता की समस्या है, तो कैमोमाइल टी एक नैचुरल उपाय हो सकता है. इसके अलावा Lavender भी हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद कंपाउंड्स दिमाग को रिलैक्स करने में मदद करते हैं और मूड बेहतर बनाते हैं. लैवेंडर टी या इसके फ्लेवर का इस्तेमाल बेकिंग और ड्रिंक्स में भी किया जाता है. खास बात यह है कि ये सभी फूल घर में गमले में आसानी से उगाए जा सकते हैं. इन्हें ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती, बस पर्याप्त धूप, पानी और सही मिट्टी मिल जाए तो ये अच्छी तरह बढ़ते हैं. हालांकि, ध्यान रखें कि केवल ऑर्गेनिक तरीके से उगाए गए फूलों का ही सेवन करें, क्योंकि बाजार के फूलों पर केमिकल्स हो सकते हैं जो सेहत के लिए नुकसानदायक होते हैं. खाने लायक ये फूल न सिर्फ आपकी डाइट को दिलचस्प बनाते हैं बल्कि शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी देते हैं. इन्हें चाय, सलाद या डेजर्ट में शामिल करके आप अपने खाने को हेल्दी और आकर्षक दोनों बना सकते हैं. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 04, 2026, 23:51 IST
झाबुआ में जमीन विवाद, दो पक्षों में खूनी संघर्ष:राणापुर में लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला; दोनों पक्षों के 8 लोग गंभीर, क्रॉस केस दर्ज

झाबुआ जिले के राणापुर स्थित नई मुस्लिम कॉलोनी में शनिवार को जमीन विवाद को लेकर दो परिवारों के बीच हिंसक झड़प हो गई। पिछले दो दिनों से चल रहा तनाव शनिवार को पथराव और लाठीबाजी में बदल गया, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। उपद्रवियों ने एक-दूसरे पर जमकर ईंट-पत्थर और धारदार हथियारों से हमला किया, जिसके वीडियो भी सामने आया हैं। सूचना मिलते ही पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। दोनों पक्षों के 4-4 लोग अस्पताल में भर्ती इस हिंसक संघर्ष में दोनों पक्षों के कुल 8 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। चीख-पुकार और पथराव के बीच घायल हुए इन लोगों को तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सड़क पर पत्थरों का ढेर लग गया था और लोग डर के मारे घरों में दुबक गए थे। पुलिस की दखल के बाद ही दोनों पक्ष पीछे हटे। देखें घटना की 4 तस्वीरें… देर रात थाने पहुंचे पक्ष, क्रॉस केस दर्ज थाना प्रभारी दिनेश रावत ने बताया कि विवाद की मुख्य वजह जमीन संबंधी पुराना मामला है। शनिवार रात करीब 11 बजे दोनों पक्षों के लोग थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने वायरल वीडियो और घायलों के बयानों को साक्ष्य के रूप में शामिल करते हुए जांच शुरू कर दी है। हमलावरों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात घटना के बाद क्षेत्र में दोबारा तनाव की स्थिति न बने, इसके लिए नई मुस्लिम कॉलोनी और झाबुआ रोड के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। थाना प्रभारी दिनेश रावत ने बताया- कानून व्यवस्था बिगाड़ने और हथियार लहराने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।
गर्मी में क्या खाएं जिससे शरीर रहे ठंडा और फिट? ये 8 चीजें बदल देंगी आपकी सेहत, चमकेगा चेहरा

Last Updated:April 04, 2026, 23:22 IST गर्मियों में सही खानपान बेहद जरूरी होता है, क्योंकि गलत डाइट से शरीर जल्दी थक जाता है और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में कुछ खास फूड्स आपको ठंडा, एनर्जेटिक और हेल्दी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं. गर्मियों का मौसम आते ही शरीर पर गर्मी, पसीना और डिहाइड्रेशन का असर साफ दिखने लगता है. ऐसे में सही खानपान बेहद जरूरी हो जाता है, क्योंकि जो आप खाते हैं वही आपकी बॉडी को ठंडा रखने, एनर्जी बनाए रखने और बीमारियों से बचाने में मदद करता है. गर्मियों में हल्का, पानी से भरपूर और पोषण से युक्त भोजन लेना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है गर्मियों में शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो जाता है, इसलिए Hydration बनाए रखना बहुत जरूरी है. इसके लिए तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी, टमाटर जैसे फल और सब्जियां अपनी डाइट में शामिल करें. इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ स्किन को भी हेल्दी बनाए रखती है. ये फूड्स शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में भी मदद करते हैं. गर्मियों में पाचन क्रिया थोड़ी धीमी हो जाती है, इसलिए भारी और तला-भुना खाना खाने से बचना चाहिए. इसकी जगह दाल, खिचड़ी, दही-चावल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज जैसे हल्के भोजन को प्राथमिकता दें. इससे पेट हल्का रहता है और शरीर को जरूरी पोषण भी मिलता है. बहुत ज्यादा मसालेदार खाना शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google Curd यानी दही गर्मियों में सबसे फायदेमंद फूड्स में से एक है. इसमें प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं और पेट को ठंडक देते हैं. दही से बना छाछ या लस्सी भी शरीर को हाइड्रेट रखने और लू से बचाने में मदद करती है. यह आंतों के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा माना जाता है. गर्मियों में पसीने के साथ शरीर से जरूरी मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स भी निकल जाते हैं. ऐसे में नारियल पानी, नींबू पानी और बेल का शरबत जैसे नेचुरल ड्रिंक्स बहुत फायदेमंद होते हैं. Coconut water शरीर को तुरंत एनर्जी देता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है. यह शरीर के तापमान को संतुलित रखने में भी मदद करता है. गर्मियों में चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स का ज्यादा सेवन शरीर को डिहाइड्रेट कर सकता है. इसी तरह जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड्स भी पाचन को खराब करते हैं और शरीर में गर्मी बढ़ाते हैं. इसलिए इनसे दूरी बनाना ही बेहतर है. इसके बजाय फ्रेश और घर का बना खाना ज्यादा हेल्दी होता है. गर्मियों में एक बार में ज्यादा खाने की बजाय दिन में थोड़ा-थोड़ा करके कई बार खाना बेहतर होता है. इससे शरीर पर बोझ नहीं पड़ता और एनर्जी भी बनी रहती है. सुबह का नाश्ता कभी भी स्किप न करें और रात का खाना हल्का रखें. इसके साथ ही दिनभर पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है. गर्मियों में सही डाइट अपनाकर आप न सिर्फ खुद को ठंडा और एनर्जेटिक रख सकते हैं, बल्कि कई मौसमी बीमारियों से भी बच सकते हैं. हल्का, ताजा और हाइड्रेटिंग फूड इस मौसम में आपकी सेहत का सबसे बड़ा सहारा बनता है. First Published : April 04, 2026, 23:22 IST
इंदौर में 10 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन:विधानसभा 1 के वार्ड 7 को मिली सौगात, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले- इंदौर ने विकास के नए आयाम छुए

रविवार को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा-1 के वार्ड क्रमांक 7 में 10 करोड़ रुपए से अधिक लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद इंदौर शहर ने विकास के नए आयाम छुए हैं। यह सब इंदौरवासियों के सहयोग, इच्छाशक्ति और शहर को आगे बढ़ाने के दृढ़ संकल्प का परिणाम है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि सन 2000 के पहले और बाद के इंदौर में जमीन-आसमान का अंतर है। पहले नंदा नगर से अन्नपूर्णा या खजराना जाने में एक से डेढ़ घंटा लग जाता था, क्योंकि सड़कें 12 से 15 फीट चौड़ी थीं। आज चौड़ी सड़कों का जाल बिछ चुका है और शहर के किसी भी कोने में कम समय में पहुंचना संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने शहर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है और इंदौर कई मायनों में देश-दुनिया में अव्वल है। उन्होंने कहा कि महापौर ने शहर के लिए भविष्य का विजन तैयार किया है और आने वाले समय में बेहतर सौगातें मिलेंगी। मेरा बेटा आकाश विधानसभा-1 की गलियों में घूमकर लोगों की समस्याओं की जानकारी लेता है और समाधान की रूपरेखा बनाकर मुझे देता है, जिससे समस्याओं को हल करने में मदद मिलती है। हमारी कोशिश है कि भविष्य में विधानसभा समस्या मुक्त बने। मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि इस वार्ड में ऑपरेशन सिंदूर से प्रेरित होकर एक गार्डन बनाया गया है, जिसका शुभारंभ किया गया। यहां योग सेंटर भी बनाया गया है, जिससे शौर्य और पराक्रम के साथ संस्कृति के दर्शन होंगे तथा बेहतर स्वास्थ्य के साथ तन-मन प्रसन्न रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरों में रिक्त स्थानों पर घना वृक्षारोपण किया जा रहा है, जो ऑक्सीजन के बेहतर स्रोत बनेंगे। इंदौर के बच्चे बड़े मेट्रो शहरों के मुकाबले अधिक प्रसन्न रहते हैं, क्योंकि वे गार्डनों में खेलते हैं, जबकि बड़े शहरों के बच्चे मल्टियों में कैद होकर रह जाते हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम को विकास कार्यों के लिए अलग से करीब 30 करोड़ रुपए दिए गए हैं और पार्षदों से मन लगाकर विकास कार्य करने का आह्वान किया। दोगुना जल और मजबूत कल इस अवसर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि मंत्री विजयवर्गीय ने 25 साल का विजन लेकर काम करने को कहा है। इसी उद्देश्य से शहर का विकास किया जा रहा है। वर्तमान में इंदौर शहर में 4.5 एमएलडी पानी आ रहा है और आने वाले तीन वर्षों में इतना ही अतिरिक्त नर्मदा जल मिलेगा। इससे 2029 तक शहर में आने वाले 25 वर्षों तक पानी की समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने बताया कि 1500 करोड़ रुपए लोन के माध्यम से जुटाए जाएंगे और इतनी ही राशि राज्य व केंद्र सरकार से मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारा नारा ‘दोगुना जल और मजबूत कल’ है। शहर की आबोहवा बेहतर बनाने के लिए पिछले चार वर्षों में करीब 100 सिटी फॉरेस्ट बनाए गए हैं। बेहतर सुविधाओं वाले 22 बगीचे विकसित किए जा रहे हैं, जो शहर के लिए फेफड़ों का कार्य करेंगे। 10 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात कार्यक्रम में 7 स्थानों पर 3 करोड़ 48 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 6 करोड़ 64 लाख रुपए से अधिक के 24 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। भूमिपूजन कार्यों में पीलिया खाल में 6 लाख रुपए की लागत से आंगनवाड़ी निर्माण, अर्जुन पल्टन मेन रोड पर 25 लाख रुपए से सीमेंट कंक्रीट सड़क, जनता कॉलोनी गली नंबर 2 एवं 4 में 18 लाख रुपए से ड्रेनेज लाइन, 2 करोड़ रुपए से स्मार्ट सिटी नर्मदा पानी संपवेल, नीलकंठ कॉलोनी में 23 लाख रुपए से सामुदायिक भवन, जनता कॉलोनी व कंडलीपुरा में 60 लाख रुपए से रिटेनिंग वॉल, तथा छत्रपति नगर में 16 लाख रुपए से सीमेंट कंक्रीट सड़क निर्माण शामिल रहे। लोकार्पण कार्यों में जनता कॉलोनी, कंडलीपुरा, नीलकंठ कॉलोनी, छत्रपति नगर, राधा नगर, बालदा, अग्रसेन नगर, महावीर बाग, रामगंज जिंसी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सीमेंट कंक्रीट सड़क, ड्रेनेज लाइन, उद्यान, योगशाला, पेवर ब्लॉक, स्कूल निर्माण और संजीवनी क्लिनिक सहित अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया।
MP Ayushman Hospitals Lose NABH Certificate Status

आयुष्मान भारत योजना के तहत मध्यप्रदेश में अस्पतालों की गुणवत्ता सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर सहित चार बड़े शहरों में 126 अस्पतालों की संबद्धता समाप्त की जा रही है, क्योंकि उन्होंने अब तक NABH सर्टिफिकेट की जा . आयुष्मान भारत मध्यप्रदेश के सीईओ डॉ. योगेश भरसट ने कहा कि यह कदम अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। उन्होंने बताया कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है, ताकि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित इलाज मिल सके। जहां एक ओर गैर-मानक अस्पतालों पर सख्ती की जा रही है, वहीं दूसरी ओर बेहतर सुविधाएं देने वाले अस्पतालों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। आने वाले समय में इससे मरीजों को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलने की उम्मीद है। 4 शहरों में 398 अस्पताल थे इंपैनल्ड आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश के प्रमुख शहर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में यह बड़ा बदलाव लागू किया जा रहा है। इन शहरों में कुल 398 अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत इंपैनल्ड हैं, लेकिन इनमें से 126 अस्पताल ऐसे पाए गए, जिन्होंने अब तक NABH (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स) सर्टिफिकेट की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। नोटिस के बाद भी नहीं दिया जवाब आयुष्मान कार्यालय के अनुसार, इन अस्पतालों को पहले नोटिस जारी कर दोबारा आवेदन का अवसर दिया गया था। इसके बावजूद जब तय समय तक जानकारी नहीं दी गई, तो अब उनकी संबद्धता समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रविवार को संबंधित अस्पतालों को इस संबंध में अंतिम नोटिस जारी किए जा रहे हैं। NABH सर्टिफिकेट क्यों है जरूरी NABH (National Accreditation Board for Hospitals and Healthcare Providers) सर्टिफिकेट अस्पतालों की गुणवत्ता और सुरक्षा का प्रमाण होता है। इसमें 600 से अधिक मानकों पर अस्पतालों की जांच की जाती है, जिसमें मरीजों की सुरक्षा, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, नर्सिंग स्टाफ, इमरजेंसी सेवाएं और सर्जरी की प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। सरकार का मानना है कि यह सर्टिफिकेट मरीजों को सुरक्षित और भरोसेमंद इलाज की गारंटी देता है। फुल NABH वालों को मिलेगा सीधा फायदा जिन अस्पतालों के पास पहले से फुल NABH सर्टिफिकेट है, उन्हें आवेदन करते ही “डीम्ड इंपैनलमेंट” का लाभ मिलेगा। ऐसे अस्पतालों को अलग से निरीक्षण की जरूरत नहीं होगी और वे सीधे योजना से जुड़ सकेंगे। वहीं, अन्य अस्पतालों को पहले एंट्री लेवल NABH लेना होगा और तीन साल के भीतर फुल NABH सर्टिफिकेट हासिल करना अनिवार्य होगा। क्वालिटी के हिसाब से मिलेगा भुगतान आयुष्मान योजना में अब अस्पतालों को उनकी गुणवत्ता के आधार पर भुगतान भी किया जाएगा। फुल NABH अस्पतालों को क्लेम राशि का 115% भुगतान मिलेगा। एंट्री लेवल NABH अस्पतालों को 10% अतिरिक्त भुगतान दिया जाएगा। इससे अस्पतालों को बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। मरीजों के फीडबैक से होगी निगरानी अब मरीज भी अस्पतालों की गुणवत्ता तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। मोबाइल ऐप के जरिए मरीज अपने इलाज का फीडबैक दे सकेंगे, जिसके आधार पर अस्पतालों की सेवाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और खराब प्रदर्शन करने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई आसान होगी। भोपाल के इन अस्पतालों की संबद्धता समाप्त स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल ऑर्थोकेयर हॉस्पिटल यूनिक हॉस्पिटल अयोष्या श्री हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर एलएलपी डीकेएस मल्टीस्पेशियलिटी ट्रॉमा एंड क्रिटिकल केयर सेंटर बालाजी फ्रैक्चर एंड जनरल हॉस्पिटल यश हॉस्पिटल हेल्थ स्टार मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल अटल मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल पीबीजीएम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर सूर्यांश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल लाइफ लाइन हॉस्पिटल अनंतश्री हॉस्पिटल वी केयर चिल्ड्रन हॉस्पिटल महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर पुष्पांजलि सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल रक्षा हॉस्पिटल न्यूरॉन ट्रॉमा सेंटर एंड मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटलसंजीवनी हॉस्पिटल सहज हॉस्पिटल बालाजी चिल्ड्रन हॉस्पिटल गुडविल हॉस्पिटल वीनस कॉलेज एंड हॉस्पिटल (VCH हॉस्पिटल) अल रशीद चैरिटेबल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर संकल्प मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल एबी हॉस्पिटल पारसनाथ हॉस्पिटल आरोग्य निधि हॉस्पिटल एमडीसी हॉस्पिटल साई श्रद्धा हॉस्पिटल अजवानी आई केयर सेंटर (डे केयर सेंटर) शिवाय हॉस्पिटल मयूर हॉस्पिटल सचिन ममता हॉस्पिटल शुभम हॉस्पिटल भोपाल टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर पालीवाल मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल होप हॉस्पिटल स्वामी विवेकानंद रीजनल स्पाइन सेंटर मुस्कान चिल्ड्रन एंड जनरल हॉस्पिटल अविसेना मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटलमैक्स मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल ग्रीन सिटी हॉस्पिटल केयर एंड क्योर मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल करोंद मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल वीएनएस हॉस्पिटल सेंट्रल हॉस्पिटल ग्वालियर के अस्पताल डॉ. मुद्गल स्पर्श हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर मानसरोवर केयर हॉस्पिटल रतन ज्योति नेत्रालय कल्याण मेमोरियल एंड केडीजे कल्याण मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल अग्रवाल हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट साइट केयर आई हॉस्पिटल लाइफ केयर हॉस्पिटल सोहम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर रतन ज्योति डालमिया हार्ट इंस्टीट्यूट कल्पना मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड डायग्नोस्टिक सेंटर लिंक हॉस्पिटल ब्रह्माणी हॉस्पिटल जनक सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल आईटीएम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर श्री भारत हॉस्पिटल चिरायु मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल एसआर मेमोरियल हॉस्पिटल रिम्स हॉस्पिटल नारायणा हॉस्पिटल सहारा हॉस्पिटल वैदांश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल गालव हॉस्पिटल श्रीमती रामादेवी स्मृति मैटरनिटी एंड नर्सिंग होम सिटी लाइफ मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल इंडस हॉस्पिटल अमरनाथ मल्टी स्पेशियलिटी एंड ट्रॉमा सेंटर रामदास हॉस्पिटल एंड न्यूरो ट्रॉमा सेंटर सर्वधर्म मल्टी हॉस्पिटल कोणार्क हॉस्पिटल एसबीएम हॉस्पिटल शिवाय मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल डॉक्टर प्लस मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल श्रीराम मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल शाश्वत हॉस्पिटल हेल्थ प्लस मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल लीला मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल ग्लोबल स्पेशियलिटी हॉस्पिटल इंदौर के अस्पताल बारोद हॉस्पिटल बंथिया हॉस्पिटल यूनिक सुपरस्पेशियलिटी सेंटर नीमा हॉस्पिटल्स प्रा. लि. सलूजा आई केयर सेंटर नारायणी हॉस्पिटल गुरुजी सेवा न्यास चोइथराम नेत्रालय इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेड एंड नेक ऑन्कोलॉजी (इंदौर कैंसर फाउंडेशन ट्रस्ट) चरक हॉस्पिटल प्रा. लि. वेदांत हॉस्पिटल संकारा आई सेंटर पीएटी हॉस्पिटल खंडेलवाल हॉस्पिटल लक्ष्मी मेमोरियल हॉस्पिटल एसएमएस एनर्जी हॉस्पिटल अरिहंत हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर मोहक हाईटेक स्पेशियलिटी हॉस्पिटल शीफा मेडिकल सेंटर गीता भवन हॉस्पिटल सेवाकुंज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर गेटवेल हॉस्पिटल न्यू इंदौर सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल मेडिस्टा हॉस्पिटल प्रमिला हॉस्पिटल एंड आईवीएफ सेंटर एमएम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर दर्श हॉस्पिटल भंडारी हॉस्पिटल एसीआई सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल (एशियन कैंसर इंस्टीट्यूट) जबलपुर के अस्पताल पीजी मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल मोहनलाल हरगोविंददास पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट हॉस्पिटल कोठारी हॉस्पिटल जमदार हॉस्पिटल प्रा. लि. नेशनल हॉस्पिटल सिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर प्रा. लि. समर्थ श्री मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल शीतल छाया हॉस्पिटल प्रा. लि. जेके हॉस्पिटल अपोलो हॉस्पिटल (ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड हेल्थकेयर)दादा वीरेंद्र पुरी जी आई इंस्टीट्यूट
मंदसौर में कल 4.30 घंटे बिजली कटौती:मेंटेनेंस के कारण कलेक्ट्रेट समेत कॉलोनियों में सप्लाई प्रभावित रहेगी

मंदसौर शहर के कई इलाकों में कल (रविवार) बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विद्युत विभाग के सहायक यंत्री ने बताया कि 11 केवी विद्युत लाइनों के मानसून पूर्व रखरखाव कार्य के कारण यह कटौती की जाएगी। रविवार को इंडस्ट्रियल क्षेत्र के चम्बल कॉलोनी फीडर पर रखरखाव का कार्य होगा। इस दौरान सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक विद्युत प्रदाय बंद रहेगा। इससे नया कलेक्टर भवन, शांति निकेतन, सिद्ध श्री विहार, कृषि उपज मंडी, एसपी ऑफिस, चम्बल कॉलोनी और मनीष एग्रो सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। उन्होंने यह भी बताया कि रखरखाव कार्य की आवश्यकता के अनुसार समय में बदलाव (घटाया या बढ़ाया) किया जा सकता है।
पटवारी बोले- हर परिवार भाजपा सरकार की नीतियों का शिकार:हरदा में कहा- पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार फैल गया; 9 अप्रैल को कलेक्ट्रेट घेराव का ऐलान

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी शनिवार देर शाम हरदा पहुंचे। उन्होंने यहां किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेश पटेल गोयल की नर्मदा परिक्रमा के बाद आयोजित भंडारे में हिस्सा लिया। इस दौरान पटवारी ने पत्रकारों से बात करते हुए मध्य प्रदेश की मोहन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। पटवारी ने दावा किया कि पूरे मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार फैल गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई परिवार नहीं बचा, जो भाजपा सरकार की नीतियों का शिकार न हुआ हो। ‘किसानों के साथ ‘षड्यंत्र’ रचने का आरोप’ उन्होंने गेहूं खरीदी में देरी को लेकर सरकार पर किसानों के साथ ‘षड्यंत्र’ रचने का आरोप लगाया। पटवारी के अनुसार, सरकार जानबूझकर गेहूं खरीदी देर से शुरू कर रही है, ताकि जरूरतमंद किसान अपना गेहूं खुले बाजार में कम दामों पर बेचने को मजबूर हों। पटवारी ने बारदाने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए 10 करोड़ बारदानों की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार ने केवल ढाई करोड़ बारदानों की व्यवस्था की। उन्होंने इसे एक ‘अपराध’ बताया। 9 अप्रैल को प्रदेश भर में कलेक्ट्रेट घेरेंगे कांग्रेस नेता ने घोषणा की कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ 9 अप्रैल को पूरे प्रदेश में कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस सरकार का ‘असली चेहरा’ आम किसान परिवारों के सामने लाएगी। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस का दायित्व है कि वह भाजपा को सरकार से मुक्ति दिलाए, तभी इस समस्या से निजात मिल पाएगी।
अब AI बताएगा मौत की असली वजह, ICMR ने बनाया नया सिस्टम

Last Updated:April 04, 2026, 22:34 IST AI In Health: अस्पताल में अब किसी मृतक की जानकारी पूरी न होने पर उसके मौत के कारण को लेकर सिर्फ अंदाजा नहीं लगाया जाएगा. ICMR के नए सिस्टम की मदद से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल असली कारण को पता लगाने के लिए किया जाएगा. ख़बरें फटाफट अस्पताल में अब मौत की असली वजह का पता लगाने के लिए एआई का इस्तेमाल किया जाएगा. दरअसल, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) एक नया सिस्टम तैयार कर रहा है, जो अस्पतालों के रिकॉर्ड का विश्लेषण करके मौत की सही वजह बताएगा. इस प्रोजेक्ट में देशभर के मेडिकल कॉलेज, रिसर्च संस्थान और विश्वविद्यालय मिलकर काम करेंगे. फोरेंसिक विशेषज्ञ भी अपना डेटा साझा करेंगे, ताकि एक मजबूत और भरोसेमंद सिस्टम बनाया जा सके. इस सिस्टम की खास बात यह होगी कि यह अस्पतालों के क्लिनिकल रिकॉर्ड को ध्यान से जांचेगा और मौत के असली कारण को पहचानकर एक तय फॉर्मेट में बताएगा. इससे अलग-अलग बीमारियों से होने वाली मौतों का सही डेटा मिलेगा. यह जानकारी सरकार को बेहतर हेल्थ पॉलिसी और योजनाएं बनाने में मदद करेगी. इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी चेन्नई का राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान (NIR) करेगा. ICMR ने उन संस्थानों से आवेदन भी मांगे हैं, जिन्हें AI, लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) और हेल्थ डेटा एनालिटिक्स का अनुभव है. AI करेगा मददहेल्थ के क्षेत्रों में दिन प्रतिदिन एआई का उपयोग बढ़ता जा रहा है. साथ ही इसके अच्छे परिणामों के कारण इसे उन कामों के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है, जो इंसानों के समझ से ज्यादा पेचीदा है. अभी समस्या यह है कि कई मामलों में मौत की सही वजह दर्ज नहीं हो पाती. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के विशेषज्ञों के अनुसार, अधूरी या सामान्य जानकारी के कारण बीमारियों के असली ट्रेंड सामने नहीं आ पाते. असली वजह का लगाएगा पताAI उन मामलों में मौत की वजह का पता लगाने में सफल हो सकता है, जब डॉक्टर के पास मृतक की जानकारी पूरी नहीं होती है. उदाहरण के लिए कई बार किसी व्यक्ति की मौत गर्मी या किसी अन्य कारण से होती है, लेकिन रिकॉर्ड में उसे हार्ट अटैक या पुरानी बीमारी बता दिया जाता है. इससे असली कारण छिप जाता है और सही डेटा नहीं मिल पाता. अब उम्मीद है कि AI की मदद से यह समस्या दूर होगी. इससे मौत के कारणों का सटीक डेटा सामने आएगा, जिससे इलाज, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी नीतियों में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 04, 2026, 22:34 IST
‘दक्षिण भारत में नहीं होगी कोई कटौती’, पीएम मोदी ने किया बड़ा खंडन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (4 अप्रैल 2026) को कहा था कि दक्षिण भारतीय राज्यों में लोकसभा की सीटों की संख्या कम नहीं करने की मंशा है और देश भर के राज्यों को लाभ के लिए सीटों की कुल संख्या शामिल की जाएगी। पीएम मोदी ने एक रैली की रैली को संबोधित करते हुए कहा कि संसद का सत्र 16 से 18 अप्रैल तक बढ़ाया गया है, ताकि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत नग्नता सुनिश्चित करने वाले कानून में संशोधन जारी किया जा सके। दक्षिण भारत में विपक्ष की कमी नहीं होगी: पीएम मोदी पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, संसद का वर्तमान सत्र सत्र गुरुवार (2 अप्रैल 2026) को ही शुरू हुआ था, लेकिन अब इसे बढ़ा दिया गया है। समाजवादी और समाजवादी पार्टी की 16 अप्रैल से तीन दिवसीय बैठक होगी और महिला नटखट को लागू करने के लिए लोकसभा में सीट की संख्या 543 से 816 करने सहित कई भिक्षुओं पर विचार किया जाएगा। मोदी ने कहा कि इस विस्तार से यह सुनिश्चित हो जाएगा कि जनमत संग्रह में सफलता के बावजूद दक्षिण भारतीय राज्यों की सीट संख्या में कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा, ‘ये चंचल अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि दक्षिण भारतीय राज्यों में जनसंख्या नियंत्रण के कारण सीटों की संख्या कम हो सकती है, लेकिन यह पूरी तरह से सत्य है।’ संसद यह सुनिश्चित करने के लिए कदम मजबूत करेगी कि उनकी सीट पूरी तरह से सुरक्षित रहे। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गोआ और तेलंगाना जैसे राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में अच्छा काम किया है। उनकी जनसंख्या की कोई सीट कम नहीं होनी चाहिए।’ कांग्रेस पर लगाया था आरोप मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब कांग्रेस ने संसदीय दल के मुद्दे पर गठबंधन बनाया है और तर्क दिया है कि जनसंख्या को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने वाले दक्षिण भारत के राज्यों को उनके संसदीय क्षेत्र में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और समाजवादी विचारधारा वाले समाजवादी रमेश ने हाल ही में कहा था कि केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की संसदीय सीटों की संख्या में बहुत बड़ी कमी हो सकती है। हमारी सरकार ने महिला की नग्नता को उजागर किया: मोदी पीएम मोदी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2029 से संसद में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करना है और उन्होंने समाज से वकालत का समर्थन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार ने लोकसभा और राज्यों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया है. संसद में 16 अप्रैल से 18 अप्रैल तक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर विचार किया गया और उसे आगे बढ़ाने के लिए फिर से बैठक की गई। हमारा लक्ष्य 2029 से संसद में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित है।’ उन्होंने सरकार की ओर से महिला सशक्तिकरण पर ध्यान केन्द्रित किया। उन्होंने कहा, ‘इन्डाए की कंपनियों की सबसे बड़ी महिलाएँ हैं। महिला दलितकरण और प्रतिनिधि संस्थाएँ हैं। हमने महिलाओं के जीवन से जुड़ी हर समस्या के समाधान पर काम किया है। ‘हमने हर घर में शौचालय बनवाए, जन धन खरीदे और महिलाओं के नाम पर मकान बनाए।’ Input By : pl भाषा
इंदौर के बंगाली चौराहे पर लगा भारी जाम:20-25 मिनट तक थमी रही रफ्तार; लंबी कतारों में फंसे रहे वाहन

इंदौर शहर में आए दिन जाम की समस्या से लोगों को दो-चार होना पड़ रहा है। शनिवार रात इंदौर के बंगाली चौराहे पर भी भारी जाम लग गया, जिससे वाहनों की रफ्तार थम गई। धीरे-धीरे गाड़ियां आगे बढ़ती रहीं, लेकिन लोगों को काफी देर तक परेशानी झेलनी पड़ी। बाद में जाम खुलने पर स्थिति सामान्य हो सकी। ऑफिस टाइम खत्म होने के बाद चौराहे पर चारों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घर लौटने की जल्दी में लोग जाम में फंस गए, जिससे उनकी दिक्कतें और बढ़ गईं। बंगाली चौराहे पर काफी देर तक लगा रहा जाम मिली जानकारी के मुताबिक, बंगाली चौराहे पर देर शाम अचानक जाम लग गया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोग हॉर्न बजाते हुए जाम से निकलने की कोशिश करते रहे। दोपहिया वाहनों की तुलना में चारपहिया चालकों को ज्यादा समय तक फंसे रहना पड़ा। डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि करीब 20-25 मिनट तक जाम की स्थिति बनी रही, जो बाद में सामान्य हो गई। उल्लेखनीय है कि शहर में शाम के समय कई स्थानों पर अक्सर ऐसी स्थिति बन जाती है।









