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हंसने से दिमाग में ‘फील गुड’ हॉर्मोन रिलीज होते हैं:अपनी गलतियों पर हंसना सीखें, मानसिक सेहत बेहतर और घबराहट कम होगी

हंसने से दिमाग में ‘फील गुड’ हॉर्मोन रिलीज होते हैं:अपनी गलतियों पर हंसना सीखें, मानसिक सेहत बेहतर और घबराहट कम होगी

सोचिए, आप एक भरी मीटिंग में अपनी कुर्सी से फिसल जाएं या किसी नए इंसान को गलत बात बोल दें। ऐसे में हम अक्सर शर्म से लाल हो जाते हैं और उस पल को याद कर-कर के घंटों परेशान होते हैं। लेकिन जर्नल ऑफ पर्सनैलिटी एंड सोशल साइकोलॉजी की नई रिसर्च कहती है कि उस पल में अगर आप खुद पर हंसना सीख लें, तो यह आपके मानसिक स्वास्थ्य और सोशल इमेज दोनों के लिए फायदेमंद है। मनोविज्ञान में इसे ‘सेल्फ-डेप्रेकेटिंग ह्यूमर’ कहा जाता है। इसका मतलब है अपनी छोटी-मोटी गलतियों को हंसी में उड़ा देना। इसके लिए खुद को ट्रेंड करें विशेषज्ञ कहते हैं कि हमारी किसी गलती पर लोग हमें उतना जज नहीं करते, जितना हम दिमाग में सोच लेते हैं। किसी गलती पर दिमाग को कहें कि अगर इससे किसी को नुकसान नहीं हुआ, तो ये कोई बड़ी बात नहीं। ऐसे अभ्यास से खुद पर आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। किस स्थिति में न हंसे खुद पर हंसना तभी तक ठीक है जब तक आपकी गलती से किसी का नुकसान न हो। अगर आपकी वजह से किसी को चोट लगती है या किसी का दिल दुखता है, तो वहां हंसना आपको लापरवाह दिखाता है।

तमिलनाडु चुनाव 2026: सबसे अमीर और सबसे गरीब उम्मीदवार | शपथ पत्र संपत्ति डेटा का खुलासा | राजनीति समाचार

Nehal Wadhera and Shreyas Iyer are building a partnership (Picture credit: AP)

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 12:07 IST तमिलनाडु चुनाव 2026: तमिलनाडु चुनाव के लिए दायर चुनावी हलफनामों के आधार पर, अभिनेता से नेता बने और टीवीके प्रमुख विजय सबसे अमीर उम्मीदवार के रूप में उभरे हैं। भाजपा नेता अन्नामलाई और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (बाएं से दाएं) जैसे ही तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए आगे बढ़ रहा है, सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) और एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के बीच एक उच्च-दांव लड़ाई के लिए मंच तैयार हो गया है। दक्षिणी राज्य में मतदान 23 अप्रैल को होगा और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में सत्तारूढ़ द्रमुक शामिल है, जो लगातार कार्यकाल पर नजर गड़ाए हुए है; एआईएडीएमके के नेतृत्व वाला एनडीए, जो वापसी के लिए जमीन तलाश रहा है; और टीवीके, जिसका नेतृत्व अभिनेता से नेता बने विजय कर रहे हैं, जो चुनावी शुरुआत करने के लिए तैयार है। तमिलनाडु में सबसे अमीर उम्मीदवार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए दायर चुनावी हलफनामों के आधार पर, अभिनेता से नेता बने और टीवीके (तमिलगा वेट्ट्री कज़गम) के प्रमुख विजय 600 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति की घोषणा करते हुए नामांकन दाखिल करने वालों में सबसे अमीर उम्मीदवार के रूप में उभरे हैं। विजयपेरम्बूर और त्रिची पूर्व निर्वाचन क्षेत्रों से मैदान में उतरे, ने लगभग 603.20 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है, जिसमें विभिन्न खातों में 213 करोड़ रुपये से अधिक की बैंक जमा राशि भी शामिल है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, हलफनामे के अनुसार, उनकी संपत्ति में बीएमडब्ल्यू 530, टोयोटा लेक्सस, टोयोटा वेलफायर और बीएमडब्ल्यू आई7 जैसी हाई-एंड कारें शामिल हैं। अद्भुत अर्जुनविल्लीवक्कम से चुनाव लड़ रहे टीवीके नेता ने 197.52 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है, जैसा कि 23 अप्रैल के विधानसभा चुनावों के लिए उनके नामांकन पत्र के साथ दायर हलफनामे से पता चला है। हलफनामे के अनुसार, अर्जुन ने अपने नाम पर 180.03 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और अपनी पत्नी डेज़ी अर्जुन के नाम पर 162.14 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। उदयनिधि स्टालिनद्रमुक नेता और उपमुख्यमंत्री ने 20.64 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है, जो उनके पिता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से लगभग तीन गुना अधिक है। तमिलनाडु में सबसे गरीब उम्मीदवार भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के प्रारंभिक चरण के आंकड़ों के अनुसार, “सबसे गरीब” उम्मीदवारों में से एक बड़ी संख्या तमिलनाडु से स्वतंत्र दावेदार हैं, जिनमें से कई ने 1,000 रुपये या उससे कम की संपत्ति घोषित की है। मोहम्मद मुबारक, अंबूर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के उम्मीदवार की पहचान 6 लाख रुपये की घोषित संपत्ति के साथ सबसे गरीब उम्मीदवारों में से एक के रूप में की गई है। पहले प्रकाशित: 04 अप्रैल, 2026, 12:07 IST समाचार राजनीति तमिलनाडु चुनाव 2026: सबसे अमीर और सबसे गरीब उम्मीदवार | शपथ पत्र संपत्ति डेटा का खुलासा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)डीएमके बनाम एआईएडीएमके(टी)विजय टीवीके संपत्ति(टी)सबसे अमीर उम्मीदवार तमिलनाडु(टी)सबसे गरीब उम्मीदवार तमिलनाडु(टी)उदयनिधि स्टालिन की संपत्ति(टी)तमिलनाडु राजनीतिक लड़ाई

गुना में चोरों ने पांच सूने घरों के चटकाए ताले:काले रंग की स्कॉर्पियो से आए थे बदमाश; किसी भी घर में नहीं लगा था CCTV कैमरा

गुना में चोरों ने पांच सूने घरों के चटकाए ताले:काले रंग की स्कॉर्पियो से आए थे बदमाश; किसी भी घर में नहीं लगा था CCTV कैमरा

गुना की भगत सिंह कॉलोनी में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात बदमाशों ने पांच सूने घरों के ताले चटकाकर लगभग दो लाख रुपए नकद और सोने-चांदी के गहने चोरी कर लिए। स्कूलों की छुट्टियों के कारण इन सभी घरों में रहने वाले किराएदार अपने गांव गए हुए थे, जिसका फायदा उठाकर स्कॉर्पियो सवार चोरों ने इस वारदात को अंजाम दिया। घटना की सूचना मिलते ही कैंट पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। किराएदार गांव गए थे, एक ही गली के 5 घरों को बनाया निशाना भगत सिंह कॉलोनी में बदमाशों ने जिन पांच घरों पर धावा बोला, उनके मकान मालिक वहां नहीं रहते हैं और सभी घर किराए से चल रहे थे। इन दिनों स्कूलों की छुट्टियों के कारण सभी किराएदार अपने गांव गए हुए थे और घरों में ताले लटके हुए थे। बदमाशों ने एक ही गली में इन पांच घरों को निशाना बनाया और अलमारियों का सामान बिखेर दिया। हालांकि, चोरों को अन्य घरों से ज्यादा सामान नहीं मिल पाया, लेकिन केवल एक घर से उन्हें डेढ़ लाख नकद और कुछ गहने मिल गए, जिन्हें लेकर वे फरार हो गए। काले रंग की स्कॉर्पियो से आए थे बदमाश, RTO साइट पर रंग सफेद शुरुआती जानकारी के अनुसार, चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश जिस स्कॉर्पियो से आए थे, उसका रंग काला बताया जा रहा है और उस पर MP08T2390 नंबर प्लेट लगी थी। जबकि, आरटीओ (RTO) की साइट पर इस नंबर की स्कॉर्पियो का रंग सफेद दर्ज है। जिन घरों में चोरी हुई, उनमें से किसी भी घर में कैमरे नहीं लगे हुए थे, इसलिए कैंट पुलिस अब यह पता लगाने के लिए सीसीटीवी खंगालने में लगी हुई है कि बदमाश किस तरफ से आए थे। पीड़ित बोला- ताले टूटे हुए थे और सारा सामान बिखरा पड़ा था पीड़ित सईद खान ने बताया कि, “वह सुबह करीब 5 बजे सूचना मिलने पर अपनी बहन के घर पहुंचे तो देखा कि ताले टूटे हुए थे और घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। कॉलोनी के अन्य घरों में भी चोरों ने ताले तोड़े, लेकिन वहां से कोई खास सामान नहीं मिला, जिससे अंदेशा है कि चोर पूरी तैयारी के साथ आए थे।”

GST अधिकारी से विवाद के बाद ट्रांसपोर्टर की मौत:आगरा में सड़क पर मिला शव; कॉन्फ्रेंस कर लगाया था वसूली का आरोप

GST अधिकारी से विवाद के बाद ट्रांसपोर्टर की मौत:आगरा में सड़क पर मिला शव; कॉन्फ्रेंस कर लगाया था वसूली का आरोप

आगरा में एक ट्रांसपोर्टर की लाश शनिवार सुबह 5 बजे सड़क पर मिली। सिर पर चोट के निशान थे। ट्रांसपोर्टर अजहर का कुछ महीनों से GST अधिकारी से विवाद चल रहा था। उन्होंने जीएसटी अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। अजहर के बेटे सजमल ने बताया- पिता ने गुरुवार को जीएसटी अधिकारी के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसके बाद अलग-अलग नंबरों से धमकी भरे कॉल आ रहे थे। उनपर दबाव बनाया जा रहा था कि शिकायत वापस ले लो, नहीं तो तुमको मार दिया जाएगा। पिता शुक्रवार की रात जयपुर जूता ट्रांसपोर्ट करने के लिए निकले थे। इस दौरान उनकी हत्या की गई है। रात में फोन करके बताया था कि GST अधिकारी ने गाड़ी पकड़ ली है, इसके बाद से उनका पता नहीं चला। बॉडी को देख सड़क पर लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। लाश भोगीपुरा के प्रकाश नगर में मिली थी। अब पढ़िए पूरा मामला… 55 साल के अजहर अली मेवाती गली में अपनी पत्नी और बेटा सजमल के साथ रहते थे। अजहर अली ट्रांसपोर्ट का काम करते थे। उनका जिला जीएसटी अधिकारी से विवाद चल रहा था। उनका कहना था कि जीएसटी अधिकारी आए दिन घुसखोरी करते हैं, जिससे उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसको लेकर उन्होंने 2 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। भतीजे अरशद ने बताया- चाचा अजहर अली हर बार की तरह शुक्रवार की रात जयपुर के लिए जूता ट्रांसपोर्ट करने के लिए निकले थे। उनका रात 2 बजे फोन आया था। बताया कि GST अधिकारी ने गाड़ी को पकड़ लिया है, वे अब GST ऑफिस जा रहे हैं। इसके बाद कोई फोन नहीं आया, गाड़ी छूट गई या नहीं। ये भी नहीं पता चला। कुछ देर बाद हमने फोन किया तो बंद जा रहा था। अरशद ने बताया- जहां हमारी ट्रांसपोर्ट कंपनी है, वहां से तीन घंटे बाद करीब 5 बजे फोन आया कि चाचा का शव पड़ा है। इसके बाद हम सभी लोग पहुंच गए। मौके पर जब पहुंचे तो देखा की चाचा के सिर में चोट के निशान हैं। उनकी मौत हो चुकी है। पुलिस के पास एक वीडियो है, उसमें लग रहा कि चाचा को एक कार फेंक कर गई है और किसी ने उनकी हत्या की है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। क्षेत्र के CCTV देखे जा रहे हैं, जिससे पता चल सके कि कार से एक्सीडेंट हुआ है, या फिर कार में से अजहर को फेंका गया है। कॉन्फ्रेंस के 24 घंटे बाद ही लाश मिली गुरुवार को अजहर ने जीएसटी अधिकारी के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। जिसमें पीड़ित रवि मोहन और अजहर अली ने पूरी जानकारी दी थी। दोनों पीड़ितों ने दावा किया था कि जिन जीएसटी अधिकारियों के खिलाफ उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है, वे अब शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के 24 घंटे बाद ही दोनों पीड़ितों में से एक अजहर अली की लाश आज सड़क किनारे मिली। बेटे ने कहा- जीएसटी अधिकारी के साथ गए थे पिता अजहर के बेटे सजमल ने कहा- उनका परिवार ट्रांसपोर्ट का काम करता है। उनके पिता अजहर अली जीएसटी अधिकारी रेशु त्रिपाठी द्वारा अपनी गाड़ी रोके जाने पर पेपर चेक कराने गए थे, लेकिन अधिकारी गाड़ी लेकर चली गईं। अजहर अली भी उनके साथ गए। आज सुबह करीब 5 बजे उन्हें पिता की लाश मिलने की सूचना मिली। एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया- सीसीटीवी में एक कार ट्रांसपोर्टर को टक्कर मारते दिख रही है। परिजन के कहने पर वीडियोग्राफी के साथ चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमॉर्टम कराया गया है। कार और चालक का पता लगाया जा रहा है। परिजन जो तहरीर देंगे, उसके आधार पर भी जांच की जाएगी। ———————- आपके विधायक को टिकट मिलना चाहिए या नहीं, सर्वे में हिस्सा लेकर बताएं यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… ये खबर भी पढ़ें… काशी में योगी ने फिल्म धुरंधर की तारीफ की; कहा- अब फिल्मों में ‘डकैत’ दिखाए जा रहे, MP के सीएम ने गिफ्ट की वैदिक घड़ी सीएम योगी ने रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ की तारीफ की। मौका था, काशी में शुक्रवार को चल रहे विक्रमोत्सव 2026 के महानाट्य मंचन का। योगी ने कहा- आज की फिल्मों में ‘डकैतों’ को दिखाया जा रहा है। आज की फिल्में बदली हैं। पहले तो सही को गलत और गलत को सही दिखाया जा रहा था। अब सही को सही दिखाया जा रहा है। पढ़िए पूरी खबर

AAP MP Raghav Chadha Statement; Rajya Sabha Post Removal

AAP MP Raghav Chadha Statement; Rajya Sabha Post Removal

AAP नेताओं के सवाल उठाने के बाद सांसद राघव चड्ढा ने दूसरा वीडियो जारी किया। राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सांसद राघव चड्ढा ने AAP के आरोपों का जवाब देते हुए दूसरा वीडियो जारी किया। राघव चड्ढा ने कहा कि कल से मेरे खिलाफ एक सुनियोजित अभियान चलाया जा रहा है। एक ही भाषा, एक ही शब्द और एक जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं। य . शुरुआत में मैंने सोचा कि मुझे जवाब नहीं देना चाहिए, लेकिन फिर लगा कि अगर किसी झूठ को 100 बार दोहराया जाए तो कुछ लोग उसे सच मान सकते हैं। इसलिए मैंने जवाब देने का फैसला किया। आम आदमी पार्टी ने मुझ पर तीन आरोप लगाए और कहा कि इनकी वजह से मुझे संसद में बोलने का मौका नहीं दिया जाएगा। मैं संसद में शोर मचाने, चिल्लाने, माइक तोड़ने या गाली देने नहीं जाता, बल्कि जनता के मुद्दे उठाने के लिए जाता हूं। वीडियो के लास्ट में उन्होंने धुरंधर फिल्म का डायलॉग- घायल हूं, इसलिए घातक हूं कहते हुए चेतावनी दी। उधर, इससे पहले पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने राघव चड्ढा को कंप्रोमाइज्ड और धोखेबाज कहा। उन्होंने कहा कि पार्टी के कहने पर भी राघव ने राज्यसभा में एक भी पंजाब का मुद्दा नहीं उठाया। वहीं दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी ने कहा था कि वह मोदी के डार के कारण लंदन चले गए थे। AAP के आरोपों पर राघव चड्ढा ने ये बातें कहीं… मेरे खिलाफ एक स्क्रिप्टेड कैंपेन चल रहा: राघव चड्ढा ने कहा कि कल से मेरे खिलाफ एक स्क्रिप्टेड कैंपेन चलाया जा रहा है। वही भाषा, वही बातें, वही आरोप। यह कोई को-इंसिडेंस नहीं, बल्कि एक को-ऑर्डिनेटेड अटैक है। पहले मुझे लगा कि मुझे इसका जवाब नहीं देना चाहिए। फिर लगा कि एक झूठ को सौ बार बोला जाए तो कहीं लोग मान न लें। इसलिए, मैंने सोचा कि जवाब दूं। AAP ने मेरी 3 गलतियां बताई: आम आदमी पार्टी ने 3 आरोप लगाते हुए कहा कि हम इन 3 वजहों से राघव चड्ढा को पार्लियामेंट में बोलने का मौका नहीं दे रहे हैं। राघव चड्‌ढा के पार्लियामेंट में बोलने पर पाबंदी इसलिए लगाई गई, क्योंकि उन्होंने ये 3 गलतियां कीं। मैं एक-एक कर इन तीनों पर आपसे बात करना चहता हूं। पहली गलती वॉकआउट नहीं कहते: पहला आरोप कि जब अपोजिशन पार्लियामेंट से वॉक आउट करता है, तो राघव चड्‌ढा वहीं बैठे रहते हैं। वह वॉकआउट नहीं कहते। यह सरासर झूठ है। सफेद झूठ है। मैं चुनौती देता हूं कि एक भी दिन, एक भी इंसिडेंट ऐसा बता दीजिए, जब मैंने अपोजिशन का साथ न दिया हो। मैंने साथ में वॉकआउट न किया हो। पार्लियामेंट में तो सभी जगह सीसीटीवी कैमरे हैं। आप सीसीटीवी निकालकर दिखा दीजिए। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। दूसरा आरोप भी सफेद झूठ है: दूसरा आरोप है कि राघव चड्‌ढा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने वाली याचिका पर साइन करने से इनकार कर दिया। दूसरा सफेद झूठ। न तो मुझे आम आदमी पार्टी के किसी नेता ने साइन के लिए कहा। न औपचारिक तौर पर और न ही अनौपचारिक तौर पर। राज्यसभा में आम आदमी पार्ट के कुल 10 सांसद हैं। उनमें से 6 से 7 सांसदों ने खुद ही उस मोशन पर साइन नहीं किया। तो भला इसमें मेरी क्या गलती है? खाली सारा दोष मुझपर ही क्यों मढ़ा जा रहा है? और इस मोशन के लिए राज्यसभा में केवल 50 सिग्नेचर ही चाहिए होते हैं। यानी 105 सांसदों में से केवल 50 सांसदों के सिग्नेचर से यह याचिका पूरी हो जाती। तो इतना शोर क्यों? तीसरा आरोप- डर गया, इसलिए वह बेकार मुद्दे उठाते: तीसरा आरोप, जो मुझपर लगाया गया है, वह यह था कि राघव चड्‌ढा डर गए हैं। इसलिए वह बेकार मुद्दे उठाते हैं। पहली बात मैं बता देना चाहता हूं कि मैं पार्लियामेंट में शोर मचाने, चीखने-चिल्लाने, गाली देने, माइक तोड़ने नहीं गया। मैं वहां जनता के मुद्दे उठाने गया हूं। लोगों की बात करने गया हूं। और मैंने कौन सा मुद्दा नहीं उठाया। मैंने जीएसटी से लेकर इनकम टैक्स की बात की। पंजाब के पानी से लेकर दिल्ली की हवा तक का मुद्दा उठाया। कैसे हमारे सरकारी स्कूलों से लेकर हेल्थ इंस्टीट्यूशन को मजबूत किया जाए? इंडियन रेलवे में कैसे पैसेंजर ट्रैवल करते हैं, उनकी समस्या रखी। यहां तक कि मेन्स्ट्रुअल हेल्थ, एक ऐसा मुद्दा जिसपर लोग बात करने से भी कतराते हैं, वह तक रखी। मेरे 4 साल के पार्लियामेंट ट्रैक को उठाकर देखिए: बेरोजगारी से लेकर महंगाई तक तमाम मुद्दे उठाए। आप मेरे 4 साल के पार्लियामेंट ट्रैक को उठाकर देखिए। मैं पार्लियामेंट में इंपैक्ट डालने गया हूं, रकस (हंगामा) पैदा करने नहीं गया हूं। जिस टैक्सपेयर के पैसे से यह पार्लियामेंट चलती है, उस टैक्सपेयर के मुद्दे उठाने मैं पार्लियामेंट गया हूं। अंत में मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि जो लोग मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं, इनके हर झूठ को बेनकाब किया जाएगा। उनके हर सवाल का जवाब दिया जाएगा। क्योंकि मैं घायल हूं, इसलिए घातक हूं। जय हिंद चीमा ने राघव को लेकर ये बातें कहीं… पंजाब के एमएलए ने चुनकर राज्यसभा सदस्य बनाया: वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि राघव चड्‌ढा को पंजाब के एमएलए ने चुनकर राज्यसभा सदस्य बनाया, लेकिन उन्होंने पंजाब का एक भी मुद्दा राज्य सभा में नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि वो पंजाब के मुद्दों को उठाने से गुरेज करते रहे। पार्टी ने मुद्दे उठाने के लिए कहा था: उन्होंने कहा कि राज्य के एमएलए व आम आदमी पार्टी पंजाब ने उन्हें कहा था कि केंद्र सरकार ने पंजाब के आरडीएफ के 8500 करोड़ रुपए रोके हैं। इसके अलावा जीएसटी लागू होने से पंजाब को 60 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं जीएसटी 2 आने से राज्य को हर साल 5-6 हजार करोड़ का हर साल नुकसान हो रहा है। बाढ़ के वक्त भी नजर नहीं आए राघव: उन्होंने कहा कि उनसे अपील की गई थी कि इन मुद्दों को राज्य सभा में उठाया जाए। लेकिन एक भी मुद्दा उन्होंने नहीं उठाया। यही नहीं पंजाब में जब बाढ़ आई तो भारी नुकसान हुआ। राघव चड्ढा पंजाब के लोगों के साथ नहीं दिखे।

तमिलनाडु चुनाव से पहले एनईपी पर फिर द्रमुक बनाम भाजपा, अन्नामलाई ने स्टालिन के ‘हिंदी थोपने’ के दावे को खारिज किया | राजनीति समाचार

Nehal Wadhera and Shreyas Iyer are building a partnership (Picture credit: AP)

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 11:51 IST तीन भाषा फॉर्मूला केंद्र और तमिलनाडु सरकार के बीच बहस का केंद्र बिंदु बन गया, तमिलनाडु सरकार ने आरोप लगाया कि यह गैर-हिंदी भाषी राज्यों पर दबाव डालता है। भाजपा नेता अन्नामलाई और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (बाएं से दाएं) भाजपा नेता के अन्नामलाई ने शुक्रवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 के तहत उल्लिखित तीन-भाषा फॉर्मूले को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन पर निशाना साधा। ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, अन्नामलाई ने तर्क दिया कि केंद्र का तमिलनाडु के स्कूलों पर हिंदी भाषा “थोपने” का इरादा नहीं है, उन्होंने दावों को “गुमराह कहानी” कहा। तीन भाषा फॉर्मूला केंद्र और द्रमुक के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार के बीच बहस का केंद्र बिंदु बन गया, बाद में आरोप लगाया गया कि यह गैर-हिंदी भाषी राज्यों पर दबाव डालता है। दूसरी ओर, एनडीए के नेतृत्व वाले केंद्र का कहना है कि नीति बहुभाषावाद को बढ़ावा देती है। “यह थिरु बन गया है @एमकेस्टालिन एवीएल की आदत उस चीज के बारे में शिकायत करने की है जो केंद्र सरकार की मंशा से दूर-दूर तक मेल नहीं खाती। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए जारी माध्यमिक विद्यालय पाठ्यक्रम (भाग-1) में सीबीएसई का कहना है कि शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में ग्रेड 6 से तीन भाषा की शिक्षा अनिवार्य कर दी जाएगी। और यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इन तीन भाषाओं में से दो भारत की मूल निवासी होनी चाहिए”, अन्नामलाई ने लिखा। भाजपा के पूर्व नेता अन्नामलाई ने कहा कि भारत के संविधान की 8वीं अनुसूची में सूचीबद्ध सभी अनुसूचित भाषाओं के अलावा, अन्य भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं की पेशकश की जा रही है, जैसा कि एनईपी 2020 के तहत रेखांकित किया गया है। यह थिरु बन गया है @एमकेस्टालिन एवीएल की आदत उस चीज के बारे में शिकायत करने की है जो केंद्र सरकार की मंशा से दूर-दूर तक मेल नहीं खाती। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए जारी माध्यमिक विद्यालय पाठ्यक्रम (भाग-1) में सीबीएसई का कहना है कि तीन-भाषा की शिक्षा होगी… https://t.co/g9lq1BmzES pic.twitter.com/OV2JbaM9EV– के.अन्नामलाई (@annamaलाई_k) 4 अप्रैल 2026 उन्होंने कहा, “इसमें हिंदी थोपने का सवाल कहां है? पिछले साल, सीबीएसई ने स्कूली शिक्षा के बुनियादी और प्रारंभिक चरणों के दौरान शिक्षा के माध्यम के रूप में मातृभाषा या घरेलू भाषा का उपयोग करने पर विशेष जोर दिया था।” News18 में यह भी शामिल: तीसरी भाषा, एआई और व्यावसायिक शिक्षा अनिवार्य भाजपा नेता ने सीएम स्टालिन को सुझाव दिया कि वह अपनी बेटी, जो सीबीएसई स्कूल के तहत एक स्कूल चलाती है, के साथ त्रि-भाषा फॉर्मूले के बारे में जांच करें। “थिरु@mkstalinavl को अपनी बेटी, जो एक सीबीएसई स्कूल चलाती है, से जांच करनी चाहिए कि क्या उसने अपने स्कूल में बुनियादी स्तर पर छात्रों को शिक्षा के माध्यम के रूप में तमिल में शिक्षा प्रदान करना शुरू कर दिया है। वह अपने मंत्रियों और प्रमुख डीएमके पदाधिकारियों से भी जांच कर सकते हैं जो पूरे तमिलनाडु में सीबीएसई स्कूल चलाते हैं।” दावों को ‘भ्रामक आख्यान’ बताते हुए उन्होंने कहा, “लगभग वे दिन याद आ जाते हैं जब आपके गुमराह आख्यानों को सुलझाने के लिए कम से कम कुछ प्रयास की आवश्यकता होती थी। अब, वे हल्की सी जांच के तहत ध्वस्त होते दिख रहे हैं।” न्यूज़18 ने भी कवर किया: तमिलनाडु चुनाव के लिए बीजेपी द्वारा टिकट नहीं दिए जाने पर अन्नामलाई ने चुप्पी तोड़ी: ‘मैंने फैसला किया…’ ‘गलत सोच वाली नीति’ ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए पूछा कि क्या हिंदी भाषी राज्यों को एनईपी 2020 के तहत दक्षिण भारतीय भाषाएं सीखना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा, “केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा हाल ही में अनावरण किया गया पाठ्यक्रम ढांचा, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है, एक निर्दोष शैक्षणिक सुधार नहीं है – यह भाषाई थोपने का एक सोचा-समझा और गहराई से संबंधित प्रयास है जो हमारी लंबे समय से चली आ रही आशंकाओं को सही ठहराता है”, उन्होंने कहा। स्टालिन का आरोप है कि यह नीति गैर-हिंदी भाषी राज्यों पर हिंदी को “थोपने” के व्यापक एजेंडे का हिस्सा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा हाल ही में अनावरण किया गया पाठ्यक्रम ढांचा, एक निर्दोष शैक्षणिक सुधार नहीं है – यह भाषाई थोपने का एक सोचा-समझा और गहराई से संबंधित प्रयास है जो हमारे लंबे समय से चले आ रहे… pic.twitter.com/9sTZKVV7md– एमकेस्टालिन – தமிழ்நாட்டை தலைகுனிய விடமாட்டேன் (@mkstalin) 4 अप्रैल 2026 “भारतीय भाषाओं” को बढ़ावा देने की आड़ में, भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार आक्रामक रूप से एक केंद्रीकृत एजेंडे को आगे बढ़ा रही है जो हिंदी को विशेषाधिकार देता है और भारत की समृद्ध और विविध भाषाई विरासत को व्यवस्थित रूप से हाशिए पर रखता है। तथाकथित तीन-भाषा फॉर्मूला, वास्तव में, गैर-हिंदी भाषी क्षेत्रों में हिंदी का विस्तार करने के लिए एक गुप्त तंत्र है। “दक्षिणी राज्यों में छात्रों के लिए, यह ढांचा प्रभावी रूप से अनिवार्य हिंदी सीखने में तब्दील हो जाता है। फिर भी, पारस्परिकता कहां है? क्या हिंदी भाषी राज्यों में छात्रों को तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम या यहां तक ​​​​कि बंगाली और मराठी जैसी भाषाएं सीखना अनिवार्य होगा? ऐसी स्पष्टता का पूर्ण अभाव इस नीति की एकतरफा और भेदभावपूर्ण प्रकृति को उजागर करता है”, स्टालिन ने तर्क दिया। मुख्यमंत्री ने राज्य में त्रि-भाषा नीति को लागू करने के लिए बुनियादी ढांचे और संसाधनों की कमी पर जोर दिया और इसे “गलत सोच वाली” नीति बताया। “क्या केंद्र सरकार को शिक्षकों की उपलब्धता, प्रशिक्षण क्षमता और बुनियादी ढांचे की जमीनी हकीकत की कोई समझ है? इस व्यापक अभ्यास को लागू करने के लिए योग्य शिक्षक कहां हैं? और महत्वपूर्ण बात यह है कि शिक्षा प्रणाली पर इस भारी बोझ का समर्थन करने के लिए धन कहां है? यह योजना, संसाधनों या जवाबदेही के बिना घोषित की गई एक और गलत नीति प्रतीत होती है”, उन्होंने कहा। पहले प्रकाशित: 04 अप्रैल, 2026, 11:47 IST समाचार राजनीति तमिलनाडु चुनाव से पहले एनईपी पर फिर द्रमुक बनाम भाजपा, अन्नामलाई ने स्टालिन के ‘हिंदी थोपने’ के दावे को खारिज किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ

Artemis 2 Astronauts Capture Earth Photos Near Moon; First Human Visit Since 1972

Artemis 2 Astronauts Capture Earth Photos Near Moon; First Human Visit Since 1972

2 मिनट पहले कॉपी लिंक नासा के आर्टेमिस-2 मिशन के तहत चंद्रमा की ओर जाते हुए चार अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी की शानदार तस्वीरें खींचीं हैं। पृथ्वी नीले रंग में बेहद खूबसूरत दिख रही है। एक फोटो में पृथ्वी का घुमावदार हिस्सा दिखा जबकि दूसरी फोटो में पूरी धरती नजर आई, जिस पर सफेद बादल छाए थे। मिशन पर गए चार अंतरिक्ष यात्री (3 अमेरिकी, 1 कनाडाई) फिलहाल पृथ्वी से करीब 1.8 लाख किलोमीटर दूर पहुंच चुके हैं। अभी उन्हें 2.4 लाख किलोमीटर और जाना है। वे 6 अप्रैल तक चंद्रमा के पास पहुंचेंगे। 1 अप्रैल को सुबह 4:05 बजे ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चांद की ओर रवाना हुआ था। 1972 के बाद पहली बार कोई इंसान चांद के करीब जाएगा। हालांकि एस्ट्रोनॉट चांद पर कदम नहीं रखेंगे। वे सिर्फ चांद की कक्षा का चक्कर लगाकर वापस आ जाएंगे। मून मिशन के दौरान ली गईं 5 तस्वीरें… एक दिन पहले ओरियन कैप्सूल ने पृथ्वी की कक्षा छोड़ी थी आर्टेमिस-2 मिशन अब चांद की ओर बढ़ रहा है। एक दिन पहले शुक्रवार सुबह 5:19 बजे ओरियन कैप्सूल ने थ्रस्टर्स फायर किए और पृथ्वी की कक्षा छोड़ दी। अब यह अगले 4 दिन अंतरिक्ष में सफर करेगा और वहां पहुंचेगा, जहां आज तक केवल 24 इंसान पहुंच सके हैं। पृथ्वी के ऑर्बिट को छोड़कर चांद की तरफ जाने के लिए इंजन फायर करने की इस प्रोसेस को ‘ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न’ कहते हैं। यह करीब 6 मिनट का मैन्यूवर था, जिसने यान की रफ्तार बढ़ाकर 22,000 मील प्रति घंटा यानी करीब 34 हजार किमी/घंटा कर दी। CSA एस्ट्रोनॉट जेरेमी हैनसेन और नासा के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइसमैन, क्रिस्टीना कोच और विक्टर ग्लोवर नेओरियन स्पेसक्राफ्ट से बातचीत की। मिशन के अगले पड़ाव…अगले 5 दिन पांचवां दिन: चंद्रमा की ग्रेविटी में दाखिल होगा आर्टेमिस-2 5 अप्रैल मिशन के पांचवें दिन तक धरती के गुरुत्वाकर्षण के खिंचाव की वजह से कैप्सूल की रफ्तार धीमी हो जाएगी। जैसे ही यह चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में दाखिल होगा, इसकी गति फिर से बढ़ने लगेगी और यह चांद की ओर तेजी से बढ़ने लगेगा। छठा दिन: बास्केटबॉल जैसा बड़ा नजर आएगा चंद्रमा छठे दिन ओरियन चांद की सतह से महज 6,400 किमी ऊपर से गुजरेगा। इस दौरान अंतरिक्ष यात्री चांद के उस हिस्से को अपनी आंखों से देख पाएंगे, जो पृथ्वी से कभी नजर नहीं आता। खिड़की से देखने पर चांद इतना बड़ा दिखेगा, जैसे हाथ के पास कोई बास्केटबॉल रखी हो। 50 मिनट के लिए टूट सकता है संपर्क: जब ओरियन चांद के पीछे से गुजरेगा तो पृथ्वी से उसका संपर्क पूरी तरह कट सकता है। करीब 50 मिनट तक ‘कम्युनिकेशन ब्लैकआउट’ रहेगा। मिशन कंट्रोल को यान से सिग्नल नहीं मिलेगा। पहली बार धरती से इतनी दूर पहुंचेंगे: इसी दिन अपोलो 13 का 1970 में बनाया गया धरती से सबसे ज्यादा दूरी का 400,171.18 km का रिकॉर्ड भी टूट सकता है। आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्रियों के पृथ्वी से 402,336 किमी की दूरी तक पहुंचने की उम्मीद है। सातवां दिन: चांद की ग्रेविटी से पृथ्वी पर लौटेगा यान सातवें दिन चांद के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकलकर यान वापस धरती की ओर अपना सफर शुरू कर देगा। आर्टेमिस-2 का रास्ता काफी हद तक 1970 के अपोलो-13 मिशन जैसा है। यह चांद के गुरुत्वाकर्षण का इस्तेमाल ‘गुलेल’ की तरह करेगा, जो यान को वापस पृथ्वी की ओर धकेल देगा। पूरे मिशन में चारों अंतरिक्ष यात्री करीब 11.02 लाख किमी का सफर तय करेंगे। दसवां दिन: 10 अप्रैल को प्रशांत महासागर में गिरेगा यान भारतीय समय के अनुसार 11 अप्रैल को सुबह 6:30 बजे ओरियन पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा। 6:36 बजे यह सैन डिएगो के पास प्रशांत महासागर में ‘स्प्लैशडाउन’ करेगा। इसके बाद ह्यूस्टन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, जिसमें मिशन की जानकारी दी जाएगी। ———————————— दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Artemis 2 Astronauts Capture Earth Photos Near Moon; First Human Visit Since 1972

Artemis 2 Astronauts Capture Earth Photos Near Moon; First Human Visit Since 1972

1 घंटे पहले कॉपी लिंक नासा के आर्टेमिस-2 मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों चंद्रमा के नजदीक जा रहे हैं। उन्होंने रास्ते में पृथ्वी की तस्वीरें खींचीं। नासा के आर्टेमिस-2 मिशन के तहत चंद्रमा की ओर जाते हुए चार अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी की शानदार तस्वीरें खींचीं हैं। पृथ्वी नीले रंग में बेहद खूबसूरत दिख रही है। एक फोटो में पृथ्वी का घुमावदार हिस्सा दिखा जबकि दूसरी फोटो में पूरी धरती नजर आई, जिस पर सफेद बादल छाए थे। मिशन पर गए चार अंतरिक्ष यात्री (3 अमेरिकी, 1 कनाडाई) फिलहाल पृथ्वी से करीब 1.8 लाख किलोमीटर दूर पहुंच चुके हैं। अभी उन्हें 2.4 लाख किलोमीटर और जाना है। वे 6 अप्रैल तक चंद्रमा के पास पहुंचेंगे। 1 अप्रैल को सुबह 4:05 बजे ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चांद की ओर रवाना हुआ था। 1972 के बाद पहली बार कोई इंसान चांद के करीब जाएगा। हालांकि एस्ट्रोनॉट चांद पर कदम नहीं रखेंगे। वे सिर्फ चांद की कक्षा का चक्कर लगाकर वापस आ जाएंगे। मून मिशन के दौरान ली गईं 5 तस्वीरें… 54 साल में कितनी बदली पृथ्वी, 2 तस्वीरें… एक दिन पहले ओरियन कैप्सूल ने पृथ्वी की कक्षा छोड़ी थी आर्टेमिस-2 मिशन अब चांद की ओर बढ़ रहा है। एक दिन पहले शुक्रवार सुबह 5:19 बजे ओरियन कैप्सूल ने थ्रस्टर्स फायर किए और पृथ्वी की कक्षा छोड़ दी। अब यह अगले 4 दिन अंतरिक्ष में सफर करेगा और वहां पहुंचेगा, जहां आज तक केवल 24 इंसान पहुंच सके हैं। पृथ्वी के ऑर्बिट को छोड़कर चांद की तरफ जाने के लिए इंजन फायर करने की इस प्रोसेस को ‘ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न’ कहते हैं। यह करीब 6 मिनट का मैन्यूवर था, जिसने यान की रफ्तार बढ़ाकर 22,000 मील प्रति घंटा यानी करीब 34 हजार किमी/घंटा कर दी। CSA एस्ट्रोनॉट जेरेमी हैनसेन और नासा के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइसमैन, क्रिस्टीना कोच और विक्टर ग्लोवर नेओरियन स्पेसक्राफ्ट से बातचीत की। मिशन के अगले पड़ाव…अगले 5 दिन पांचवां दिन: चंद्रमा की ग्रेविटी में दाखिल होगा आर्टेमिस-2 5 अप्रैल मिशन के पांचवें दिन तक धरती के गुरुत्वाकर्षण के खिंचाव की वजह से कैप्सूल की रफ्तार धीमी हो जाएगी। जैसे ही यह चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में दाखिल होगा, इसकी गति फिर से बढ़ने लगेगी और यह चांद की ओर तेजी से बढ़ने लगेगा। छठा दिन: बास्केटबॉल जैसा बड़ा नजर आएगा चंद्रमा छठे दिन ओरियन चांद की सतह से महज 6,400 किमी ऊपर से गुजरेगा। इस दौरान अंतरिक्ष यात्री चांद के उस हिस्से को अपनी आंखों से देख पाएंगे, जो पृथ्वी से कभी नजर नहीं आता। खिड़की से देखने पर चांद इतना बड़ा दिखेगा, जैसे हाथ के पास कोई बास्केटबॉल रखी हो। 50 मिनट के लिए टूट सकता है संपर्क: जब ओरियन चांद के पीछे से गुजरेगा तो पृथ्वी से उसका संपर्क पूरी तरह कट सकता है। करीब 50 मिनट तक ‘कम्युनिकेशन ब्लैकआउट’ रहेगा। मिशन कंट्रोल को यान से सिग्नल नहीं मिलेगा। पहली बार धरती से इतनी दूर पहुंचेंगे: इसी दिन अपोलो 13 का 1970 में बनाया गया धरती से सबसे ज्यादा दूरी का 400,171.18 km का रिकॉर्ड भी टूट सकता है। आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्रियों के पृथ्वी से 402,336 किमी की दूरी तक पहुंचने की उम्मीद है। सातवां दिन: चांद की ग्रेविटी से पृथ्वी पर लौटेगा यान सातवें दिन चांद के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकलकर यान वापस धरती की ओर अपना सफर शुरू कर देगा। आर्टेमिस-2 का रास्ता काफी हद तक 1970 के अपोलो-13 मिशन जैसा है। यह चांद के गुरुत्वाकर्षण का इस्तेमाल ‘गुलेल’ की तरह करेगा, जो यान को वापस पृथ्वी की ओर धकेल देगा। पूरे मिशन में चारों अंतरिक्ष यात्री करीब 11.02 लाख किमी का सफर तय करेंगे। दसवां दिन: 10 अप्रैल को प्रशांत महासागर में गिरेगा यान भारतीय समय के अनुसार 11 अप्रैल को सुबह 6:30 बजे ओरियन पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा। 6:36 बजे यह सैन डिएगो के पास प्रशांत महासागर में ‘स्प्लैशडाउन’ करेगा। इसके बाद ह्यूस्टन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, जिसमें मिशन की जानकारी दी जाएगी। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… चंद्रमा की कक्षा में पहुँचने वाली पहली महिला बनेंगी क्रिस्टीना: पहली बार फेल हो गईं थीं नासा के मून मिशन आर्टेमिस-2 की चार सदस्यीय टीम में शामिल 47 वर्षीय अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच चंद्रमा की कक्षा तक पहुंचने वाली दुनिया की पहली महिला बनने जा रही हैं। 2019-20 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 328 दिन बिताकर उन्होंने किसी महिला की सबसे लंबी एकल अंतरिक्ष यात्रा (उड़ान से लैंडिंग तक) का रिकॉर्ड बनाया था। इस मुकाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

ग्वालियर में मौसम बदला, गर्मी से राहत:बूंदाबांदी से फीकी पड़ रही गेहूं की चमक,न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री पर पहुंचा, आज बारिश का येलो अलर्ट

ग्वालियर में मौसम बदला, गर्मी से राहत:बूंदाबांदी से फीकी पड़ रही गेहूं की चमक,न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री पर पहुंचा, आज बारिश का येलो अलर्ट

ग्वालियर में जम्मू-कश्मीर से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई दे रहा है। शुक्रवार सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई और दिनभर बादल छाए रहे, जिससे गर्मी से राहत मिली। अधिकतम तापमान गिरकर 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं शनिवार का न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। मौसम विभाग ने 4 अप्रैल के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 7 अप्रैल तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। हालांकि, बदला हुआ मौसम किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है। लगातार नमी और बूंदाबांदी के कारण गेहूं की फसल प्रभावित हो रही है। बालियां भीगने से फीकी पड़ रही गेहूं की चमक खेतों में खड़ी गेहूं की बालियां भीगने से दाने काले पड़ने लगे हैं और उनकी चमक कम हो रही है। इससे बाजार में गेहूं की कीमतों पर असर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि मौसम इसी तरह बदलता रहा, तो फसल को और अधिक नुकसान हो सकता है। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम में फिर से जल्द ही बदलाव होने वाला है, वैज्ञानिकों ने अगले 24 घंटे में बूंदाबांदी के साथ तेज बारिश आंधी चलने की संभावना जताई है। एक दिन पहले गर्मी से बेहाल थे लोग अगर पिछले दो दिनों की बात करें तो शहर में तेज धूप और गर्मी से लोग बेहाल हो रहे थे, लोग घर से निकलने से पहले चेहरा, हाथ और पैरों को पूरे कपड़े से ढंककर निकल रहे थे। सूर्य की तपिश इतनी तेज थी कि लोग इनसे बचने के लिए पेड़ों की छांव ढूंढ रहे थे, लेकिन बीते रात हुई हल्की बनाई और तेज हवाओं के चलते लोगों को बड़ी राहत मिली है।

खाकर फेंकिए मत तरबूज के छिलके! बहुत फायदेमंद हैं ये सेहत के लिए, जानें डाइट में कैसे करें शामिल

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Watermelon Rind Benefit : गर्मी का मौसम आते ही लाल-लाल और रसीले तरबूज की याद आने लगती है. हम सब बड़े चाव से तरबूज खाते हैं और उसके लाल हिस्से का लुत्फ़ उठाते हैं, लेकिन जैसे ही सफेद और हरा छिलका सामने आता है, उसे ‘कचरा’ समझकर डस्टबिन में फेंक देते हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो रुक जाइए! क्योंकि जिस छिलके को आप फेंक रहे हैं, असल में वह सेहत का खजाना है. हेल्‍थलाइन के मुतााबिक, तरबूज का 92% हिस्सा पानी होता है, लेकिन इसके छिलके में ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो आपकी बॉडी के लिए किसी ‘सुपरफूड’ से कम नहीं हैं. आइए जानते हैं आखिर क्यों ये छिलके आपके लिए कीमती हैं. क्यों खाएं तरबूज के छिलके(Why eat watermelon peel)? ब्लड प्रेशर रहेगा कंट्रोल: अगर डॉक्टर ने आपको बीपी कंट्रोल करने की सलाह दी है, तो तरबूज का छिलका आपकी मदद कर सकता है. रिसर्च कहती है कि इसके छिलके का अर्क मोटापे से जूझ रहे लोगों में ब्लड प्रेशर को काबू करने में मदद करता है. वर्कआउट में मिलेगी एनर्जी: जिम जाने वालों के लिए यह कमाल की चीज़ है. इसमें ‘सिट्रलाइन’ (Citrulline) नाम का एमिनो एसिड होता है, जो नसों को फैलाता है और मांसपेशियों तक ऑक्सीजन पहुँचाता है. इससे आप एक्सरसाइज के दौरान जल्दी थकते नहीं हैं. पेट की समस्याओं का काल (Fiber Rich): तरबूज के छिलके में भरपूर फाइबर होता है. यह न सिर्फ आपका पेट साफ रखता है, बल्कि कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल को भी कम करने में मदद करता है. इसे खाने से पेट भरा-भरा लगता है, जिससे वजन घटाने में भी मदद मिलती है. शादीशुदा जिंदगी में लाएगा मिठास: यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन रिसर्च बताती है कि इसके छिलके में मौजूद सिट्रलाइन पुरुषों में लिबिडो बढ़ाने और कुछ गुप्त समस्याओं को दूर करने में भी मददगार हो सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. कैसे करें खाने में इस्तेमाल? मसालेदार स्नैक: तरबूज के सफेद हिस्से को पतले टुकड़ों में काट लें. इस पर थोड़ा नींबू का रस, चाट मसाला या लाल मिर्च छिड़कें. इसका स्वाद बिल्कुल ताजे खीरे जैसा क्रंची और चटपटा लगता है. यह शाम की हल्की भूख के लिए बेस्ट है. देसी सब्जी या अचार: बहुत कम लोग जानते हैं कि तरबूज के छिलके की सब्जी लाजवाब बनती है. आप इसे आलू के साथ या मसालों में भूनकर सूखी सब्जी की तरह बना सकते हैं. इसके अलावा, इसका खट्टा-मीठा अचार भी लंबे समय तक चलता है और खाने का स्वाद बढ़ा देता है. ठंडी फ्रूट कैंडी: गर्मियों में कुछ ठंडा खाने का मन हो, तो तरबूज के स्लाइस को छिलके समेत फ्रीजर में रख दें. जमने के बाद इसे बाहर निकालें और किसी ठंडी कैंडी या आइसक्रीम की तरह खाएं. यह बच्चों को भी खूब पसंद आता है. हेल्दी स्मूदी और जूस: अगर आप जूस या स्मूदी के शौकीन हैं, तो छिलके के सफेद हिस्से को छीलकर मिक्सर में डाल दें. इससे आपके ड्रिंक में एक्स्ट्रा फाइबर जुड़ जाएगा, जो पेट साफ रखने और वजन घटाने में मदद करता है. अगली बार जब घर में तरबूज आए, तो छिलकों को बेकार समझकर फेंकने की गलती न करें. इन्हें अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं और कम खर्च में अपनी सेहत को बनाएं फौलादी!