धर्मेंद्र को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, भावुक हुए बॉबी:बोले- पापा ने आप सबके दिलों को छुआ; उनके कारण ही हमे इतना प्यार मिलता है

दिवंगत बॉलीवुड एक्टर अभिनेता धर्मेंद्र को हाल ही में स्क्रीन अवॉर्ड्स फंक्शन में मरणोपरांत लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। पिता की जगह यह अवॉर्ड लेने जब बॉबी देओल मंच पर पहुंचे, तो वे अपने आंसू नहीं रोक पाए। स्पीच देते समय बॉबी काफी भावुक हो गए। उन्होंने धर्मेंद्र के योगदान और सोशल मीडिया के प्रति उनके आखिरी दिनों के लगाव को याद किया। पिता को याद कर मंच पर भावुक हुए बॉबी अवॉर्ड लेते समय बॉबी देओल की आंखें तुरंत नम हो गईं। उन्होंने भारी मन से अपने पिता को धन्यवाद दिया। बॉबी ने स्पीच में कहा, “मुझे आप सभी की आंखों में अपने पापा के लिए जो प्यार दिखाई देता है, वही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। मुझे अब भी ऐसा महसूस होता है कि मैं घर जाऊंगा और उन्हें बताऊंगा कि मैंने यह पुरस्कार उनके लिए जीता है। मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि भगवान ने मुझे उनका बेटा बनाया।” इंस्टाग्राम रील्स के जारिए याद करते हैं लोग बॉबी ने कहा, “मेरे पापा ने आप सभी को व्यक्तिगत रूप से जाने बिना ही अपने काम और इंस्टाग्राम रील्स के जरिए आप सभी के दिलों को छुआ है। इंस्टाग्राम पर रील्स बनाना उनका नया शौक बन गया था। वह हमेशा चाहते थे कि हर कोई खुश रहे। वह मानते थे कि अगर हम अपने टैलेंट पर विश्वास करें, तो जीवन में कुछ भी हासिल कर सकते हैं।” ‘पापा की वजह से ही हमें मिलता है इतना प्यार’ धर्मेंद्र के दोनों बेटों सनी देओल और बॉबी देओल को इंडस्ट्री में जो सम्मान मिलता है, उसका श्रेय बॉबी ने अपने पिता को ही दिया। उन्होंने कहा, “मैं जहां भी जाता हूं, मुझे बहुत प्यार मिलता है क्योंकि मेरे पापा और भाई के लिए सबके दिलों के ताले खुले हुए हैं। लोग मेरे पापा से इतना प्यार करते हैं कि वे बिना सोचे-समझे मुझे और मेरे भाई को अपना लेते हैं। बॉबी ने यह भी कहा कि उनके पिता ने इंडस्ट्री में अच्छे और बुरे दोनों दिन देखे, लेकिन कभी हार नहीं मानी। स्क्रीन अवॉर्ड्स 2026 में ‘धुरंधर’ का दबदबा आदित्य धर की स्पाई थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ इस साल अवॉर्ड नाइट की सबसे बड़ी विनर बनकर उभरी है, जिसने कुल 14 अवॉर्ड्स अपने नाम किए। फिल्म के लिए रणवीर सिंह को बेस्ट एक्टर और आदित्य धर को बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला, वहीं अक्षय खन्ना ने बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर (मेल) की ट्रॉफी जीती। दूसरी तरफ, जाह्नवी कपूर और ईशान खट्टर स्टारर फिल्म ‘होमबाउंड’ ने ‘धुरंधर’ और ‘छावा’ जैसी फिल्मों को पीछे छोड़ते हुए ‘बेस्ट फिल्म’ का खिताब अपने नाम किया।
पन्ना- पालधरा गांव में 9वीं के छात्र की संदिग्ध मौत:माता-पिता के साथ महुआ बीनने गया था, उसी पेड़ पर लटकी मिली लाश

पन्ना जिले के पालधरा गांव में एक 15 वर्षीय छात्र का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिला। मृतक की पहचान दीपेश आदिवासी (पिता किशोर सिंह) के रूप में हुई है, जो पन्ना के सर्वोदय विद्यालय में कक्षा 9वीं का छात्र था। जानकारी के अनुसार, 5 अप्रैल को सुबह दीपेश अपने माता-पिता के साथ महुआ बीनने गया था। वहां से लौटने के बाद वह बकरियां चराने निकल गया। परिजनों ने बताया कि दोपहर में उन्होंने दीपेश को खाना खाने के लिए कहा था, लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद करीब 1 बजे वह दोबारा खेत की ओर चला गया। जब शाम तक दीपेश घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान, मृतक के चाचा लील सिंह खेत की तरफ लकड़ी लेने पहुंचे। उन्होंने देखा कि दीपेश का शव महुआ के ही एक पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका हुआ था। ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही बृजपुर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को फंदे से नीचे उतारा। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
दो भाई और एआई ने बनाई 15,000 करोड़ की कंपनी:ऑल्टमैन की भविष्यवाणी सच, कहा था- एआई की बदौलत अकेला इंसान 1 अरब डॉलर की कंपनी खड़ी करेगा

मैथ्यू गैलेगर (41) लॉस एंजिलिस के एक घर से जो कर दिखाया, वो दुनिया के बड़े-बड़े उद्यमियों को हैरत में डाल रहा है। न कोई बड़ी टीम और न चमचमाता दफ्तर- बस एक लैपटॉप, कुछ एआई टूल्स और गजब का जुनून। नतीजा- महज दो महीने और 20,000 डॉलर (अभी के हिसाब से 18.5 लाख रुपए) के निवेश से एक ऐसी कंपनी खड़ी हो गई, जो इस साल 16,700 करोड़ रुपए का कारोबार करने की राह पर है। गैलेगर की कंपनी मेडवी टेलीहेल्थ प्लेटफॉर्म चलाती है, जो वजन घटाने वाली जीएलपी-1 दवाएं ऑनलाइन बेचता है। सितंबर 2024 में जब मेडवी शुरू हुई, तो पहले ही महीने 300 ग्राहक जुड़ गए। दूसरे महीने यह संख्या 1,000 और बढ़ गई। 2025 में कंपनी के पहले पूरे कारोबारी साल में मेडवी ने 40.1 करोड़ डॉलर (3,700 करोड़ रुपए) की बिक्री की। इस पर 16.2% यानी करीब 600 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ, जो इस सेक्टर की दिग्गज कंपनी हिम्स के 5.5% मुनाफे से कई गुना ज्यादा है। तेज निर्णय मेडवी की सबसे बड़ी ताकत है – गैलेगर ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने 2024 में कहा था कि एआई की बदौलत जल्द एक अकेला इंसान 1 अरब डॉलर की कंपनी खड़ी कर सकेगा। मेडवी की कहानी सुनकर ऑल्टमैन ने कहा कि उन्होंने तकनीकी दोस्तों से एक दांव लगाया था और शायद वो जीत गए। गैलेगर ने कहा, ‘मैं तेजी से फैसले करता हूं। यही मेडवी की सबसे बड़ी ताकत है।’ 12 से ज्यादा एआई टूल्स संभाल रहे मेडवी का पूरा बिजनेस गैलेगर ने कंपनी बनाने में दर्जनभर एआई टूल्स की मदद ली। चैटजीपीटी, क्लॉड, ग्रोक से कोडिंग करवाई। ‘मिडजर्नी’ और ‘रनवे’ से विज्ञापन के लिए तस्वीरें और वीडियो बनाए। इलेवनलैब्स से ग्राहक सेवा के लिए एआई वॉइस सिस्टम तैयार किया। अपनी आवाज का एआई क्लोन भी बनाया, ताकि व्यक्तिगत अपॉइंटमेंट लेने जैसे काम एआई संभाल सकें। दवा डिलीवरी, डॉक्टरों का नेटवर्क और कंप्लायंस जैसे काम केयरवैलिडेट, ओपनलूप हेल्थ जैसे प्लेटफॉर्म्स कर रहे हैं। एकमात्र कर्मचारी, वो भी संस्थापक का अपना ही भाई काम बढ़ा तो गैलेगर ने छोटे भाई एलियट को रखा। ये कंपनी के इकलौते कर्मचारी हैं। एलियट का काम है भाई तक आने वाले फालतू संदेश, कॉल्स फिल्टर करना, ताकि वो असली काम पर ध्यान दे सकें। इससे पहले गैलेगर ने 60 कर्मियों वाली ‘वॉच गैंग’ कंपनी चलाई थी। वो मुनाफे में नहीं आ पाई। इससे उन्होंने सीखा- ज्यादा लोग मतलब ज्यादा खर्च और धीमे फैसले। रोजाना 28 करोड़ रुपए कमाई, इससे बेघर युवाओं की मदद गैलेगर अब हर रोज 30 लाख डॉलर (28 करोड़ रुपए) से ज्यादा की कमाई कर रहे हैं। लेकिन पूरी कमाई वो खुद नहीं रखते। मुनाफे के एक बड़े हिस्से से बेघर युवाओं और पशु कल्याण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं/लोगों की मदद करते हैं। गैलेगर का बिजनेस मॉडल अब प्रेरणा का रोचक स्रोत है। बेघर बचपन से शुरू हुई यह यात्रा आज एक मिसाल बन गई है- इस बात की कि एआई के मौजूदा दौर में कल्पना और हुनर हो, तो कुछ भी असंभव नहीं है।
Meat Shops to be Relocated Outside City Limits

हरिद्वार में आज नगर निगम बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें मीट बैन का प्रस्ताव पास हुआ। हरिद्वार में अब मीट की दुकानें नहीं खोली जा सकेंगी। इसको लेकर आज नगर निगम की बैठक में प्रस्ताव पास हो गया है। प्रस्ताव के मुताबिक, अब मीट की दुकानें शहर से बाहर शिफ्ट होंगी।सोमवार को हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में पार्षदों ने सर्वसम्मति से यह प्रस्ता . हरिद्वार नगर निगम के कुल 60 पार्षदों में से आज 30 से ज्यादा पार्षद बैठक में मौजूद रहे। मीट पर प्रतिबंध और दुकानों को शिफ्ट करने का मुख्य प्रस्ताव मेयर किरण जैसल ने रखा था, जिसे सदन ने हरी झंडी दे दी। पार्षदों का तर्क है कि धार्मिक नगरी होने के नाते शहर के अंदर मांस की दुकानों का संचालन उचित नहीं है और यह फैसला शहर की स्वच्छता और मर्यादा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। मेयर किरण जैसल ने रखा था प्रस्ताव, जिस पर हंगामा करते पार्षद। बाहर से लाने पर रोक नहीं नगर निगम के इस प्रस्ताव में यह स्पष्ट किया गया है कि यह प्रतिबंध केवल शहर के अंदर मीट की दुकानों के संचालन और व्यावसायिक बिक्री पर लागू होगा। व्यक्तिगत रूप से बाहर से मीट लाने या निजी उपभोग पर कोई पाबंदी नहीं होगी। यदि कोई नागरिक शहर की सीमा से बाहर जाकर मीट खरीदता है तो उन पर यह नियम लागू नहीं होंगे। निगम का मुख्य उद्देश्य शहर के मुख्य मार्गों और रिहायशी इलाकों में मांस की दुकानों के खुले प्रदर्शन और व्यावसायिक गतिविधियों को रोकना है, न कि नागरिकों के निजी खान-पान पर अंकुश लगाना। ऑनलाइन भी नहीं मिलेगा कच्चा मांस नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध केवल दुकानों तक ही सीमित नहीं होगा, बल्कि शहर की सीमा के अंदर ऑनलाइन कच्चा मांस मंगाना भी प्रतिबंधित रहेगा। निगम प्रशासन ने कहा है कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी एग्रीगेटर्स (जैसे Blinkit, Zomato, Swiggy आदि) को भी इस नियम का सख्ती से पालन करना होगा। शहर के अंदर कहीं भी कच्चे मांस की डिलीवरी की अनुमति नहीं होगी। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या सेवा प्रदाता नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अपने ऑफिस में बैठ जानकारी देतीं महापौर किरन जैसल।- फाइल फोटो। बोर्ड की मंजूरी के बाद तुरंत लागू होगा प्रस्ताव नगर निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि प्रस्ताव को 6 अप्रैल की बोर्ड बैठक में रखा गया। अब मंजूरी मिल गई है, तो तत्काल प्रभाव से कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। मेयर किरन जैसल ने कहा कि नगर निगम के बायलॉज में पहले से ही निगम क्षेत्र में मांस और नॉनवेज की बिक्री पर प्रतिबंध का प्रावधान मौजूद है। इस प्रस्ताव के जरिए उसी नियम को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। पहले भी बनी थी योजना, अब फिर आगे बढ़ी पहल यह पहली बार नहीं है जब मीट दुकानों को शिफ्ट करने की योजना बनाई गई है। पिछले साल भी तत्कालीन नगर आयुक्त नंदन कुमार ने इस दिशा में पहल की गई थी। उस समय भी करीब 57 दुकानों की पहचान की गई थी, लेकिन योजना पूरी तरह लागू नहीं हो सकी थी। अब एक बार फिर इस प्रस्ताव को अमल में लाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। कच्चे मांस पर पहले कार्रवाई, पक्के मीट पर बाद में फैसला नगर निगम ने फिलहाल कच्चे मांस की दुकानों को हटाने को प्राथमिकता दी है। मेयर के अनुसार, पक्के मीट की दुकानों को लेकर भी भविष्य में बोर्ड में प्रस्ताव लिया है। अभी के लिए कार्रवाई केवल कच्चे मांस की दुकानों तक सीमित रहेगी। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय कुंभ मेले से जुड़ा नहीं है। यह पूरी तरह से धार्मिक आस्था और गंगा की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए लिया गया कदम है। मेयर ने कहा कि मां गंगा मोक्षदायिनी हैं और नगर निगम नहीं चाहता कि किसी की आस्था को ठेस पहुंचे। इसी उद्देश्य से इस योजना को जल्द लागू करने की तैयारी की जा रही है। बैठक में मीट के फैसले पर हंगामा मीट की दुकानों पर कड़े फैसले के बीच सदन की कार्यवाही काफी हंगामेदार रही। बैठक की शुरुआत में ही एक निर्दलीय पार्षद के भाजपा में शामिल होने के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी झड़प हुई। विपक्षी पार्षदों ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया, वहीं सत्ता पक्ष ने इसे व्यक्तिगत निर्णय करार दिया। बैठक में उस समय सबका ध्यान खिंचा, जब निर्दलीय पार्षद हिमांशु गुप्ता हाथ में झुनझुना लेकर सदन पहुंचे। उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है और उन्हें सिर्फ ‘झुनझुना’ थमाया जा रहा है। उनके इस अनोखे विरोध ने अधिकारियों और अन्य पार्षदों को हैरान कर दिया। कुंभ 2027 और स्वच्छता पर जोर मीट की दुकानों के अलावा बैठक में कुल 46 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। आगामी कुंभ मेला 2027 को देखते हुए शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, यातायात और स्वच्छता व्यवस्था को सुधारने पर जोर दिया गया। पार्षदों ने शहर में कूड़ा उठान में हो रही लापरवाही और सफाई कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि कुंभ से पहले शहर की सूरत बदली जाएगी और पारित हुए सभी 46 प्रस्तावों, जिनमें सड़क निर्माण और जल निकासी शामिल हैं, पर चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। —————————— ये खबर भी पढ़ें… हरिद्वार में चिकन-मटन की दुकानें होंगी बंद: नगर निगम जल्द प्रस्ताव पर लगाएगा मुहर, मेयर बोलीं- कुंभ से नहीं आस्था से जुड़ा मामला हरिद्वार नगर निगम के अंदर चल रही मीट की दुकानों को अब शहर से बाहर शिफ्ट करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस मामले में नगर निगम की ओर से प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, जिसे 6 अप्रैल को होने वाली बोर्ड बैठक में रखा गया। (पढ़ें पूरी खबर)
World Health Day 2026: साल में एक बार जरूर कराएं ये 10 टेस्ट, वक्त रहते कई बीमारियों का लगेगा पता

World Health Day 2026: आजकल लोगों की लाइफस्टाइल और खान-पान बिगड़ गया है. इसकी वजह से बीमारियों का कहर बढ़ गया है. कम उम्र में ही लोग मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज जैसी तमाम गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं. बीमारियों से बचने के लिए लाइफस्टाइल और खान-पान सुधारना जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही समय-समय पर अपनी सेहत की जांच भी करवानी चाहिए. हेल्थ चेकअप से पता चलता है कि आपका शरीर कितना स्वस्थ है और किन बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं. वक्त रहते किसी बीमारी का पता लग जाए, तो उसे आसानी से ट्रीट किया जा सकता है. हर साल 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है, ताकि लोगों को सेहत के प्रति जागरूक किया जा सके. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया कि आजकल बीमारियां शरीर में पनपती रहती हैं और लोगों को इसका पता ही नहीं चलता है. भारत में करीब 20 फीसदी वयस्क हाई बीपी का शिकार हो चुके हैं और उन्हें इसका पता ही नहीं है. बड़ी संख्या में लोग प्रीडायबिटीज की चपेट में आ जाते हैं और चेकअप न कराने की वजह से कुछ सालों में डायबिटीज के मरीज बन जाते हैं. इसी तरह हार्ट डिजीज, किडनी डिजीज और कैंसर जैसी कई जानलेवा बीमारियां बिना लक्षणों के पनपती रहती हैं. ऐसे में सभी वयस्कों को साल में एक बार अपना फुल बॉडी चेकअप जरूर करवाना चाहिए, ताकि बीमारियों को वक्त रहते रोका जा सके. हर साल जरूर कराएं ये 10 हेल्थ टेस्ट ब्लड प्रेशर की जांच : हाई ब्लड प्रेशर की समस्या दुनिया भर में महामारी की तरह फैल रही है. हाई बीपी को साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण नजर नहीं आते हैं. हाई बीपी हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी डिजीज की बन सकता है. ऐसे में साल में कम से कम एक बार बीपी जरूर चेक कराएं. इससे आपको कई गंभीर समस्याओं से बचने में मदद मिलती है. ब्लड शुगर टेस्ट : डायबिटीज के मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है और भारत में यह आंकड़ा 10 करोड़ के पार हो गया है. कई लोगों को डायबिटीज का शुरुआत में पता नहीं चलता है, जिससे शुगर लेवल अनकंट्रोल हो जाता है. ऐसे में लोगों को साल में एक बार फास्टिंग और पोस्ट-लंच ब्लड शुगर टेस्ट जरूर करवाना चाहिए. इससे डायबिटीज का पता लग सकता है. कोलेस्ट्रॉल टेस्ट : अगर कोलेस्ट्रॉल का लेवल सामान्य से ज्यादा हो जाए, तो यह हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का कारण बन सकता है. गलत खान-पान के कारण यह समस्या युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है. इससे बचने के लिए साल में एक बार सभी वयस्कों को अपना लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करवाकर HDL, LDL और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर जान लेना चाहिए. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. किडनी फंक्शन टेस्ट : कई बार लोगों की किडनी में परेशानी होने लगती है, लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा ही नहीं होता है. ऐसे में किडनी का कामकाज ठीक चल रहा है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए हर साल किडनी फंक्शन टेस्ट कराना चाहिए. इससे किडनी की बीमारी का शुरुआती स्टेज में पता लगाया जा सकता है. लिवर फंक्शन टेस्ट : लिवर हमारे शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन ऑर्गन है. यह शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है. हालांकि गलत खानपान से लिवर की समस्याएं बढ़ रही हैं. कई बार लिवर वायरल इंफेक्शन की चपेट में भी आ जाता है. ऐसे में हर साल लिवर फंक्शन टेस्ट भी कराना चाहिए. थायराइड प्रोफाइल टेस्ट : आजकल थायराइड से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं. खासतौर से महिलाएं इसका ज्यादा शिकार होती हैं. थायराइड हार्मोन का असंतुलन वजन बढ़ने, वजन कम होने, थकान और मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है. TSH, T3 और T4 टेस्ट से इसे समय पर पहचाना जा सकता है. यह टेस्ट भविष्य में होने वाली कई समस्याओं से बचा सकता है. विटामिन और मिनरल्स टेस्ट : शरीर सिर्फ बीमारियों की वजह से कमजोर नहीं होता है, बल्कि यह पर्याप्त मात्रा में विटामिन और मिनरल्स न मिलने की वजह से भी वीक हो जाता है. विटामिन D, B12 और आयरन की कमी से थकान, हड्डियों की कमजोरी और एनिमिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए साल में एक बार इन्हें जांचना जरूरी है. दांत और आंखों की जांच : हमारे दांत और आंखों का समय-समय पर चेकअप कराना जरूरी होता है. दांतों की सेहत पूरे शरीर से गहराई से जुड़ी होती है. ऐसे में इन ऑर्गन्स की सेहत को नजरअंदाज करना बड़ी गलती है. डेंटल और आई चेकअप से कैविटी, जड़ की समस्या और विजन संबंधी रोग समय पर पहचाने जा सकते हैं. पाचन तंत्र की जांच : अगर पेट में बार-बार गैस, एसिडिटी या अपच जैसी समस्याएं हों, तो GI ट्रैक्ट की जांच करवानी चाहिए. साल में एक बार अल्ट्रासाउंड या कॉलोनोस्कोपी करवाना फायदेमंद हो सकता है. इससे आपके पेट में पल रही कई बीमारियों का वक्त रहते पता लगाया जा सकता है. कई बार पेट की समस्याएं अन्य अंगों को भी बुरी तरह प्रभावित करती हैं. वजन और बॉडी मास इंडेक्स : स्वस्थ रहने के लिए शरीर का वजन न ज्यादा होना चाहिए और न कम. ओवरवेट या अंडरवेट होने से कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. सालाना BMI और बॉडी फैट प्रतिशत चेक करवाना स्वास्थ्य को नियंत्रित रखने में मदद करता है. इन दोनों की जांच आप वेट मशीन और कैलकुलेटर से खुद ही कर सकते हैं.
हिमाचल में प्रवासी बच्ची पीटने वाले फौजी ने मांगी माफी:बोला-आइंदा ऐसी गलती नहीं होगी, दिमाग ने काम नहीं किया, CWC और पुलिस करेगी पूछताछ

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला के बहडाला में 6 साल की प्रवासी बच्ची को बांधकर पीटने देने के मामले में आरोपी पूर्व सैनिक विजय कुमार ने माफी मांगी है। आरोपी मान रहा है कि उसने बच्ची को बांधा था और आइंदा ऐसी गलती नहीं होगी। वह कहता है कि घटना के वक्त दिमाग ने काम नहीं किया, लेट काम किया। वहीं ऊना पुलिस आरोपी विजय कुमार से पूछताछ कर रही है। बीती कल भी आरोपी को हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की गई। आज फिर से थाने बुलाया है। कुछ देर में आरोपी को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के समक्ष भी पेश होना है। CWC भी आरोपी से पूछताछ करेगी, क्योंकि बच्ची नाबालिग है। घर की रैलिंग में बांधकर की थी पिटाई बता दें कि पूर्व सैनिक ने अमरूद चुराने के आरोपों के बाद बच्ची को घर की रैलिंग में बांधकर पीटा था। इससे जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। कैप्टन को देखकर बोली बच्ची – ‘अंकल बचा लो’ वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि बच्ची चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन आरोपी ने उसे नहीं छोड़ा। इस बीच मर्चेंट नेवी के कैप्टन रोहित जसवाल को बच्ची के चिल्लाने की आवाज आई, तो वह मौके पर पहुंचे और उन्होंने बच्ची को छुड़वाया। कैप्टन को देख बच्ची कहती है, ‘अंकल बचा लो, अंकल बचा लो’। यह घटना 5 अप्रैल की है। बच्ची पर आरोप है कि उसने रिटायर्ड फौजी के घर के बाहर अमरूद तोड़ा। बच्ची को अमरूद तोड़ते हुए फौजी ने देख लिया। इसके बाद उसने बच्ची के हाथ-पांव सीढ़ियों की रेलिंग से बांध दिए। वहीं एसपी ऊना सचिन हिरेमठ ने बताया कि पुलिस कानून के मुताबिक कार्रवाई कर रही है। आरोपी के खिलाफ BNS और JJ एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। बच्ची का ऊना के अस्पताल में मेडिकल करवा दिया गया है।
‘मातृभाषा का अपमान’ बनाम ‘तुष्टिकरण की साजिश’, बंगाल में पीएम मोदी का टीएमसी के पलटवार पर बयान, ‘इश्तेहार’ पर सुझाव

पश्चिम बंगाल की राजनीति में भाषा, पहचान और इतिहास को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार में दिए गए बयान के बाद टीएमसी ने तीखा पलटवार किया है। खोज है-‘इश्तेहार’, लेकिन इसके साथ ही अब बंगाल की अस्मिता पर गहरी राजनीतिक लड़ाई खत्म हो गई है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार भूखा विकास या रोजगार नहीं, बल्कि एक शब्द बन गया है- ‘इश्तेहार’। यह शब्द अब सिर्फ घोषणापत्र का पर्याय नहीं है, बल्कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन गया है। बीजेपी ने सीधे तौर पर 1905 के बंगाल के इतिहास से लेकर अब तक के कलाकारों में से किसी को भी शामिल करना शुरू कर दिया है. “पीएम मातृभाषा का सम्मान नहीं पता” – कुणाल घोष का हमलाबेलेघाटा सीट से टीएमसी उम्मीदवार उम्मीदवार घोष ने प्रधानमंत्री पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मातृभाषा में भाषण नहीं देते हैं। अगर वे हिंदी में भाषण नहीं देते हैं, तो उनकी बात का कोई महत्व नहीं है। वह बंगाल का अपमान कर रहे हैं। वह पूरी तरह से बांग्ला भाषा का अपमान कर रहे हैं। यह सही नहीं है। वह पार कर रहे हैं।” पीएम मोदी का आरोप- ”बंगाल की पहचान के लिए तुष्टीकरण के खेल”बिहार की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीएमसी के घोषणापत्र पर सवाल उठाते हुए बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने कहा- “इस खेल में बंगाल की महान पहचान बनाई जा रही है। आपने देखा होगा कि टीएमसी ने अभी अपना घोषणापत्र जारी किया है, लेकिन उसे बंगाली भाषा का नाम नहीं दिया गया, बल्कि ‘इश्तेहार’ कहा जा रहा है। जरा सोचिए, कैसे बंगाल की पहचान बदल रही है।” प्रधानमंत्री ने ‘इश्तेहार’ शब्द को इतिहास से खारिज कर दिया और भी गंभीर आरोप लगाया- “1905 में बंगाल में धार्मिक सेनाओं ने ‘रेड इश्तेहार’ जारी किया था, जिसके बाद आदिवासियों का नरसंहार हुआ। टीएमसी हमें वही याद दिलाना चाहती है… ऐसा घिनौना तुष्टिकरण का खेल, बंगाल के सम्मान और संस्कृति को परंपरा की साजिश है।” उन्होंने जनता से अपील की कि अब ”बहुत कुछ चुकाया” जाएगा और बंगाल को अपनी पहचान दिलाने के लिए फैसला लिया जाएगा। ‘इश्तेहार’ पर एंटोनियो-विपक्ष का पलटवारप्रधानमंत्री के इस कथन के बाद नामांकन ने इसे “भ्रामक और गैर-जरूरी” बताया। टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने सोशल मीडिया पर लिखा- “यह पीएम मोदी का पूरी तरह से बेतुका बयान है। ‘इश्तेहार’ सिर्फ ‘मेनिफेस्टो’ का नाम है। एक सामान्य शब्द जो कई समुद्रों में इस्तेमाल होता है। यह राजनीति नहीं है – यह असंतुलन और अज्ञानता का प्रदर्शन है। यह मूर्खतापूर्ण, खतरनाक और अनोखा करने वाला है।” वहीं, कीर्ति आज़ाद ने भी इसी मुद्दे पर घेरा डाला और कहा- “मैं आपको ‘सपना सपना’ पेश करता हूं। पीएम मोदी का एक अशिक्षित और बेतुका बयान है। यह राजनीति नहीं है। यह बेवकूफी और अज्ञानता का प्रदर्शन है। यह मूर्खतापूर्ण, खतरनाक और भ्रामक करने वाला है।” बीजेपी का वार- “शब्द नहीं, संकेत है”बीजेपी नेता सुधाशंशु ने इस अंक में कहा कि ‘इश्तेहार’ का इस्तेमाल अभी तक नहीं किया गया है. उनका कहना है यह शब्द इतिहास की एक भावनात्मक घटना की याद दिलाता है। उन्होंने सवाल किया, “टीएमसी को साफ करना चाहिए कि उसने अपने घोषित पत्र के लिए ‘इश्तेहार’ शब्द क्यों चुना? यह डॉकलेट का मूल शब्द क्या है? यह तो फ़्रज़ी से आया हुआ शब्द है, जिसका इस्तेमाल सबसे ज़्यादा उर्दू में होता है।” बीजेपी ने दावा किया कि 1905 में ढाका के नवाब के दौर में इसी शब्द का इस्तेमाल ऐसे पर्चों के लिए किया गया था, कि अलग मकसद समाज को बाँटना और एक समुदाय के खिलाफ़ तानाशाही बनाना था. 1905 का प्रसंग—इतिहास से वर्तमान तकअगर इतिहास पर नजर डाली जाए तो 1905 से 1907 के बीच का बंगाल का दौरा बेहद उकेरा-सा था। लॉर्ड कर्ज़ेन के बंगाल डिवीजन के बाद ‘स्वदेशी आंदोलन’ और ‘वंदे मातरम’ की लहर तेज़ हो गई थी। इसी समय ‘लाल इश्तेहार’ नाम की एक किताब सामने आई, जिसे इब्राहिम खान ने लिखा था। यह दस्तावेज़ ढाके के नवाब के प्रभाव वाले महासागर में मनाया गया था। इतिहासकारों का कहना है, इस मत का मकसद मुस्लिम समाज को स्वदेशी आंदोलन और विचारधारा के खिलाफ लामबंद करना था। भाजपा अब इसी ऐतिहासिक संदर्भ को आज की राजनीति से जोड़ रही है। भाषा बनाम राजनीति, चुनाव से पहले बढ़िया गर्मीबंगाल विधानसभा चुनाव से पहले यह विवादित शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया। ‘इश्तेहार’ को लेकर घटिया बहस अब भाषा, इतिहास और पहचान की राजनीति बदल गई है। एक तरफ बीजेपी इसे “बंगाली अस्मिता और भाषा के सम्मान” से बढ़ावा दे रही है, तो दूसरी तरफ टीएमसी इसे “बांग्ला अस्मिता और भाषा के सम्मान” से बढ़ावा दे रही है।
World News Updates: Iran Israel War, Trump Threats

Hindi News International World News Updates: Iran Israel War, Trump Threats | Hormuz Crisis, Russia China Breaking News 9 मिनट पहले कॉपी लिंक ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट से जुड़े रूस के प्रमुख वैज्ञानिक अलेक्जेंडर लियोनोव का 74 साल की उम्र में निधन हो गया है। वे रूस के प्रमुख मिसाइल डिजाइनरों में शामिल थे। लियोनोव NPO माशिनोस्ट्रोएनिया (NPOMASH) के CEO और चीफ डिजाइनर थे, जो भारत-रूस की ब्रह्मोस एयरोस्पेस का प्रमुख साझेदार है। उन्हें उन्नत मिसाइल तकनीक के विकास के लिए जाना जाता था। उन्होंने जिरकॉन हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल समेत कई अहम प्रोजेक्ट्स में योगदान दिया। इसके अलावा उन्होंने ग्रेनिट, वल्कन और बास्टियन जैसे मिसाइल और कोस्टल डिफेंस सिस्टम्स के विकास में भी भूमिका निभाई थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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Hindi News International World News Updates: Iran Israel War, Trump Threats | Hormuz Crisis, Russia China Breaking News 11 मिनट पहले कॉपी लिंक ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट से जुड़े रूस के प्रमुख वैज्ञानिक अलेक्जेंडर लियोनोव का 74 साल की उम्र में निधन हो गया है। वे रूस के प्रमुख मिसाइल डिजाइनरों में शामिल थे। लियोनोव NPO माशिनोस्ट्रोएनिया (NPOMASH) के CEO और चीफ डिजाइनर थे, जो भारत-रूस की ब्रह्मोस एयरोस्पेस का प्रमुख साझेदार है। उन्हें उन्नत मिसाइल तकनीक के विकास के लिए जाना जाता था। उन्होंने जिरकॉन हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल समेत कई अहम प्रोजेक्ट्स में योगदान दिया। इसके अलावा उन्होंने ग्रेनिट, वल्कन और बास्टियन जैसे मिसाइल और कोस्टल डिफेंस सिस्टम्स के विकास में भी भूमिका निभाई थी। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान ने संघर्ष रोकने के लिए तालिबान के सामने 3 मांगें रखी, चीन की मध्यस्थता में बातचीत शुरू पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालिया संघर्ष के बाद अब दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू हो गई है। चीन की मध्यस्थता में हो रही इस वार्ता में पाकिस्तान ने तालिबान के सामने तीन मांगें रखी हैं। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को आतंकी संगठन घोषित करने, उसके पूरे नेटवर्क को खत्म करने और कार्रवाई के ठोस सबूत देने की मांग की है। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि उसकी सबसे बड़ी चिंता अफगानिस्तान की जमीन से संचालित आतंकी गतिविधियां हैं। इसी वजह से बातचीत को फिलहाल आतंकवाद और सीमा सुरक्षा तक सीमित रखा गया है। इस वार्ता में चीन अहम भूमिका निभा रहा है और दोनों पक्षों को एक साझा फ्रेमवर्क पर लाने की कोशिश कर रहा है। चीन ने पांच पॉइंट का फ्रेमवर्क तैयार किया है। इसमें सीजफायर, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, आतंकी ठिकानों का खात्मा, सुरक्षित व्यापार मार्ग और औपचारिक बातचीत की व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
पोहरी बस स्टैंड के पीछे 7 फीट का मगरमच्छ:वन विभाग ने सफलतापूर्वक किया रेस्क्यू; राहगीर भयभीत होकर दूर से निकले

शिवपुरी शहर के पोहरी बस स्टैंड के पीछे स्थित तालाब के पास सोमवार सुबह करीब 9 बजे एक विशाल मगरमच्छ देखा गया। पुलिया के समीप बैठे इस मगरमच्छ को देखकर स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया और राहगीर भयभीत होकर दूर से निकलने लगे। स्थानीय निवासी मुकेश कुशवाह के अनुसार, मगरमच्छ की लंबाई लगभग 7 फीट थी और उसका पेट फूला हुआ दिख रहा था। आशंका जताई जा रही है कि उसने किसी जानवर, जैसे सूअर या कुत्ते का शिकार किया था, जिसके कारण वह अधिक हिल-डुल नहीं पा रहा था। घटना की सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई। जानकारी मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और लगभग 30 मिनट के सावधानीपूर्वक अभियान के बाद मगरमच्छ को पकड़ लिया। इसके उपरांत उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। रेस्क्यू अभियान के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। हालांकि, टीम ने स्थिति को नियंत्रित रखते हुए सफलतापूर्वक मगरमच्छ को पकड़ने का कार्य पूरा किया।







