Wednesday, 26 Aug 2026 | 06:37 PM

Trending :

धार में कांग्रेस नेता गोपाल पाल पर केस दर्ज:आपत्तिजनक पोस्ट करने पर पुलिस की कार्रवाई; नेता प्रतिपक्ष के करीबी हैं

धार में कांग्रेस नेता गोपाल पाल पर केस दर्ज:आपत्तिजनक पोस्ट करने पर पुलिस की कार्रवाई; नेता प्रतिपक्ष के करीबी हैं

धार शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पर देवी-देवताओं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने कांग्रेस नेता गोपाल पाल पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) और 299 के तहत केस दर्ज किया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के करीबी माने जाने वाले गोपाल पाल के खिलाफ सर्व ब्राह्मण समाज और आरएसएस से जुड़े दिनेश सोनवनिया व फरियादी चेतन शर्मा की शिकायत के आधार पर रविवार को यह कार्रवाई की गई। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक जांच की जा रही है। ब्राह्मण समाज ने सौंपा था ज्ञापन जानकारी के अनुसार, कुछ दिनों पहले सर्व ब्राह्मण समाज के लोगों ने कोतवाली थाने पहुंचकर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा था। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया था कि गोपाल पाल ने सोशल मीडिया पर देवी-देवताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। RSS की आपत्तिजनक फोटो पोस्ट करने का आरोप इसी मामले में दिनेश सोनवनिया ने रविवार को कोतवाली थाने में एक अलग लिखित आवेदन दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गोपाल पाल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ी एक आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की है। सोनवनिया ने बताया कि वे स्वयं आरएसएस से जुड़े हैं और इस प्रकार की पोस्ट संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाती है। दोनों आवेदनों के आधार पर दर्ज हुआ केस ब्राह्मण समाज और दिनेश सोनवनिया के दोनों आवेदनों व फरियादी चेतन शर्मा की शिकायत को आधार बनाते हुए कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी गोपाल पाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) और 299 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पोस्ट की जांच जारी है।

फल और सब्जियों पर लगे पेस्टिसाइड को कैसे हटाएं? जानिए 5 आसान क्लीनिंग ट्रिक्स, मिनटों में होगी सफाई

authorimg

Last Updated:April 06, 2026, 11:02 IST Fruits and Vegetables Cleaning Tips: सब्जियों और फलों पर लगे कीटनाशक सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक होते हैं. ऐसे में बाजार से खरीदकर लाने के बाद फल-सब्जियों को अच्छी तरह साफ करना जरूरी होता है. नमक का पानी, बेकिंग सोडा, सिरका और साफ पानी से धोने जैसे आसान घरेलू उपायों से इन केमिकल्स को काफी हद तक हटाया जा सकता है. सही सफाई न केवल बीमारियों से बचाती है, बल्कि शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में भी मदद करती है. फल-सब्जियां साफ करने के लिए बेकिंग सोडा और सिरका भी इस्तेमाल कर सकते हैं. Simple Ways to Clean Fruits and Veggies: आजकल खेती में पेस्टिसाइड यानी कीटनाशक का इस्तेमाल बहुत ज्यादा किया जा रहा है. ये कीटनाशक फसलों को बीमारियों और कीड़ों से बचाते हैं. हालांकि ये पेस्टिसाइड कई खतरनाक केमिकल्स से बने होते हैं और फसल पर भी लग जाते हैं. इन केमिकल्स के अवशेष अक्सर सब्जियों और फलों की सतह पर रह जाते हैं, जो सीधे हमारे शरीर में पहुंचकर धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकते हैं. लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से हार्मोनल असंतुलन, एलर्जी और कैंसर जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए सब्जियों को सही तरीके से साफ करना बेहद जरूरी है. फल-सब्जियां साफ करने के 5 तरीके बहते पानी से अच्छी तरह धोएं : फल-सब्जियों को बाजार से लाने के बाद बहते पानी में अच्छे से धोना चाहिए. कई लोग सिर्फ हल्का-सा पानी डालकर काम चला लेते हैं, लेकिन ऐसा करना पर्याप्त नहीं है. फल-सब्जियों को कम से कम 2-3 मिनट तक हाथों से रगड़ते हुए धोना चाहिए, ताकि उनकी सतह पर चिपके पेस्टिसाइड, धूल और बैक्टीरिया हट सकें. पत्तेदार सब्जियों जैसे पालक या धनिया को एक-एक पत्ती अलग करके धोना ज्यादा असरदार होता है. यह तरीका केमिकल्स हटा देता है. नमक वाले पानी में भिगोएं : नमक का पानी पेस्टिसाइड हटाने में काफी मददगार माना जाता है. एक बड़े बर्तन में पानी लेकर उसमें 1-2 चम्मच नमक मिलाएं और फल-सब्जियों को 10-15 मिनट के लिए उसमें भिगोकर रखें. नमक का घोल फल-सब्जियों की सतह पर मौजूद केमिकल्स को ढीला करता है, जिससे वे आसानी से निकल जाते हैं. खासकर बैंगन, भिंडी और गोभी जैसी सब्जियों के लिए यह तरीका ज्यादा प्रभावी होता है. भिगोने के बाद इन्हें साफ पानी से दोबारा धोना न भूलें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. बेकिंग सोडा करें इस्तेमाल : बेकिंग सोडा एक वैज्ञानिक रूप से प्रभावी तरीका माना जाता है. एक लीटर पानी में आधा चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर उसमें फल-सब्जियों को 10-15 मिनट तक रखें. रिसर्च में पाया गया है कि बेकिंग सोडा पेस्टिसाइड के केमिकल स्ट्रक्चर को तोड़ने में मदद करता है, जिससे उनका असर कम हो जाता है. यह तरीका खासतौर पर सेब, टमाटर और शिमला मिर्च जैसी सब्जियों और फलों के लिए उपयोगी है. बाद में इन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धोना जरूरी है. सिरका से करें सफाई : सिरका एक नेचुरल क्लीनिंग एजेंट है, जो बैक्टीरिया और कुछ हद तक पेस्टिसाइड हटाने में मदद करता है. एक बर्तन में पानी लें और उसमें 1-2 चम्मच सिरका मिलाएं, फिर फल-सब्जियों को 10 मिनट तक इसमें डुबोकर रखें. यह तरीका खासकर उन सब्जियों के लिए अच्छा है जिनकी सतह चिकनी होती है, जैसे टमाटर या खीरा. सिरके का ज्यादा इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे स्वाद और गंध प्रभावित हो सकती है. उपयोग के बाद साफ पानी से धोना जरूरी है. सही तरीके से छीलें और पकाएं : कुछ सब्जियों और फलों का छिलका हटाने से पेस्टिसाइड का बड़ा हिस्सा निकल जाता है, क्योंकि अधिकांश केमिकल्स बाहरी परत पर ही रहते हैं. आलू, गाजर, खीरा और लौकी जैसी चीजों को छीलकर इस्तेमाल करना सुरक्षित विकल्प हो सकता है. इसके अलावा सब्जियों को अच्छी तरह पकाने से भी कुछ हानिकारक तत्व कम हो जाते हैं. ध्यान रखें कि ज्यादा पकाने से पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं, इसलिए मध्यम आंच पर सही समय तक पकाना बेहतर होता है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 06, 2026, 11:02 IST

Amit Jogi Gets Life Sentence in Jaggi Murder Case

Amit Jogi Gets Life Sentence in Jaggi Murder Case

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा कि जब सभी आरोपियों पर एक ही अपराध में शामिल होने का आरोप हो, तो किसी एक आरोपी के साथ जानबूझकर अलग व . अदालत ने यह भी कहा कि जब सभी आरोपियों के खिलाफ एक जैसे सबूत हों, तो किसी एक को बरी कर देना और बाकी को उन्हीं सबूतों के आधार पर दोषी ठहराना सही नहीं है, जब तक कि उसे छोड़ने का कोई ठोस और अलग कारण साबित न हो। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविन्द वर्मा की स्पेशल डिविजनल बेंच ने फैसला सुनाया है। अमित जोगी को IPC की धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 1000 रुपए जुर्माने की सजा दी गई। जुर्माना न देने पर 6 महीने अतिरिक्त सजा होगी। अमित की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई अमित जोगी की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। जोगी ने आरोप लगाया है कि CBI चार्जशीट के 11 हजार पन्ने पढ़ने के लिए उन्हें सिर्फ 24 घंटे दिए गए और बिना पर्याप्त सुनवाई का मौका दिए उन्हें दोषी ठहराया गया। उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट ने बिना ठोस आधार के CBI की अपील स्वीकार कर ली। जग्गी हत्याकांड के बारे में जानिए 4 जून 2003 को राजधानी रायपुर में एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी। हालांकि 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए अमित जोगी को बरी कर दिया था। रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। जिस पर अमित के पक्ष में स्टे लगा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस को हाईकोर्ट भेज दिया। हाईकोर्ट का आदेश। हत्याकांड के दोषियों की अपील खारिज डिवीजन बेंच ने 2 साल पहले रामावतार जग्गी हत्याकांड के दोषियों की अपील को खारिज कर दिया था, जिसमें डिवीजन बेंच ने आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा था। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने CBI की अपील स्वीकार करते हुए मामला फिर से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भेजने का निर्देश दिया था, जिससे मामले पर विस्तार से सुनवाई हो सके। हत्याकांड के बाद पुलिस की शुरूआती जांच में पक्षपात और असंतोष के आरोप लगने पर राज्य सरकार ने जांच CBI को सौंपी थी, तब CBI ने अपनी जांच में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी समेत कई लोगों पर हत्या और साजिश के आरोप लगाए थे। सतीश जग्गी का आरोप- तत्कालीन राज्य सरकार की प्रायोजित थी हत्या हाईकोर्ट में अपील पर रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी के अमित जोगी की दोषमुक्ति के खिलाफ पेश क्रिमिनल अपील पर उनके अधिवक्ता बीपी शर्मा ने तर्क दिया था। उन्होंने बताया था कि हत्याकांड की साजिश तत्कालीन राज्य सरकार की ओर से प्रायोजित थी। जब CBI की जांच शुरू हुई, तब सरकार के प्रभाव में सारे सबूतों को मिटा दिया गया था। ऐसे केस में सबूत अहम नहीं हैं, बल्कि षड्यंत्र का पर्दाफाश जरूरी है। लिहाजा इस केस के आरोपियों को सबूतों के अभाव में दोषमुक्त नहीं किया जा सकता। जानिए कौन थे रामावतार जग्गी कारोबारी बैकग्राउंड वाले रामावतार जग्गी देश के बड़े नेताओं में शुमार पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के बेहद करीबी थे, जब शुक्ल कांग्रेस छोड़कर NCP में शामिल हुए तो जग्गी भी उनके साथ-साथ गए। विद्याचरण ने जग्गी को छत्तीसगढ़ में NCP का कोषाध्यक्ष बना दिया था। हत्याकांड में 28 लोग पाए गए दोषी जग्गी हत्याकांड में अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया, अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, रवि सिंह, लल्ला भदौरिया, धर्मेंद्र, सत्येंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह राठौर, संजय सिंह कुशवाहा, राकेश कुमार शर्मा, (मृत) विक्रम शर्मा, जबवंत, विश्वनाथ राजभर दोषी पाए गए थे। 2 CSP, थाना प्रभारी समेत अन्य को हुई थी सजा इस हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाने वालों में 2 तत्कालीन CSP और एक तत्कालीन थाना प्रभारी के अलावा रायपुर मेयर एजाज ढेबर के भाई याहया ढेबर और शूटर चिमन सिंह शामिल हैं। ………………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 23 साल पुराना जग्गी मर्डर केस फिर खुला:जोगी बोले- 11000 पन्नों का केस, कॉपी तक नहीं; सतीश बोले- ये एक बेटे की लड़ाई 23 साल पुराना जग्गी मर्डर केस फिर खुला, सीबीआई ने 11000 पन्नों की चार्जशीट सौंपी थी। छत्तीसगढ़ के 23 साल पुराने बहुचर्चित जग्गी हत्याकांड में एक बार फिर सुनवाई शुरू हो गई है। 2003 में कांग्रेस नेता रामावतार जग्गी की रायपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच CBI को सौंपी गई थी, जिसमें कई आरोपियों को दोषी ठहराया गया, जबकि अमित जोगी को सबूत के अभाव में बरी कर दिया गया था। पढ़ें पूरी खबर…

dry eyes explainer news: भूल जाओ आई ड्रॉप, अब मां के दूध से बनी गोली करेगी सूखी आंखों का इलाज, एम्‍स ने दी मंजूरी, बाजार में कब तक आएगी? जान लीजिए

authorimg

Dry Eye Treatment: जितना ज्यादा फोन, टीवी और डिजिटल स्क्रीन का इस्तेमाल बढ़ रहा है आंखों की समस्याएं भी उतनी ही बढ़ रही हैं. खासतौर पर ड्राई आई की समस्या बड़ों से लेकर बच्चों तक के लिए मुसीबत बन गई है. आंखों में जलन, खुजली, धुंधलापन और नमी की कमी को दूर करने के लिए अक्सर आई ड्रॉप्स का ही इस्तेमाल किया जाता है लेकिन अब ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नई दिल्ली के आरपी सेंटर फॉर ऑप्थेल्मिक साइंसेज ने एक ऐसी गोली पर क्‍ल‍िन‍िकल ट्रायल क‍िया है जो न केवल आंखों को उनकी नमी लौटाएगी बल्कि ड्राई आइज की समस्या का स्थाई समाधान भी होगी. आरपी सेंटर नई दिल्ली ने यह टेबलेट मां के दूध में पाए जाने वाले प्रोटीन से तैयार की है और क्लीनिकल ट्रायल्स में इसके शानदार नतीजे मिले हैं. लैक्टोफेरिन नाम की यह टेबलेट ड्राई आंखों के इलाज में रामबाण बन सकती है. डॉक्टरों की मानें तो यह दवा जल्द ही बाजार में आ सकती है. डिजिटल स्क्रीन के अत्यधिक इस्तेमाल या लेसिक लेजर सर्जरी के चलते मरीजों को अक्सर आंखों में जलन, चुभन और सूखापन यानी ड्राई आई सिंड्रोम (शुष्क नेत्र या सूखी आंख) की दिक्कत होती है. खासतौर पर स्क्रीन के ज्यादा इस्तेमाल के चलते आज की तारीख में यह आंखों की सबसे कॉमन बीमारी बन चुकी है. नवोदय टाइम्स में छपी खबर में एम्स के आरपी सेंटर की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नम्रता शर्मा और बायोफिजिक्स विभाग की डॉ. सुजाता शर्मा ने बताया कि डिजिटल युग में बढ़ते स्क्रीन टाइम ने ड्राई आई सिंड्रोम को तेजी से बढ़ाया है. लगातार स्क्रीन देखने से आंखों की मैबोमियन ग्लैंड प्रभावित होती है, जिससे आंसू बनने और उनकी गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ता है. नतीजतन आंखों में किरकिरी, धुंधलापन और लगातार थकान जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं, मानो आंखें अपनी ही नमी के लिए तरस रही हों. 400 आंखों पर हुआ ट्रायलडॉ. नम्रता शर्मा ने बताया कि ड्राई आई सिंड्रोम के इलाज के लिए एम्स ने ‘लैक्टोफेरिन’ दवा पर क्लीनिकल ट्रायल करने का फैसला किया. ट्रायल में ड्राई आई सिंड्रोम से पीड़ित 200 मरीजों (400 आंखों) को शामिल किया गया और उन्हें तीन महीने तक दिन में दो बार 250 एमजी लैक्टोफेरिन दिया गया. इसके बाद अगले छह महीने तक उनकी चिकित्सकीय निगरानी की गई और नतीजे शानदार रहे. इस दौरान लैक्टोफेरिन लेने वाले मरीजों की आंखों की नमी में सुधार हुआ, आंसुओं की मात्रा और गुणवत्ता दोनों बेहतर हुईं और सूखापन भी काफी हद तक कम हो गया. समस्या की जड़ पर वार करती है दवाइस ट्रायल की खास बात यह है कि ‘लैक्टोफेरिन’ दवा केवल लक्षणों को दबाने के बजाय समस्या की जड़ पर काम करती है और आंखों के पूरे सिस्टम को संतुलित करती है. डॉ. सुजाता शर्मा के अनुसार, लैक्टोफेरिन कोई कृत्रिम रसायन नहीं, बल्कि शरीर में पाया जाने वाला प्राकृतिक प्रोटीन है, जो खासतौर पर मां के दूध में मौजूद होता है और इम्युनिटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है. यही वजह है कि इसे आंखों के लिए एक प्रभावी नेचुरल हीलिंग विकल्प के रूप में देखा जा रहा है. इस दवा को जापान में तैयार करवाया गया है और आरपी सेंटर ने इसको क्‍ल‍िन‍िकली परखा है, ज‍िसमें यह सफल रही है. कैसे डेवलप होती है ड्राई आई की समस्या? . मोबाइल या लैपटॉप पर लंबे समय तक देखने से आंखों का ब्लिंक रेट यानी पलक झपकने की दर कम हो जाती है. ऐसे में पलकों के किनारों पर स्थित सूक्ष्म तेल ग्रंथियां -मीबोमियन ग्लैंड पर्याप्त या सही गुणवत्ता का तेल नहीं बना पातीं और वे ब्लॉक हो जाती हैं. . यह तेल आंसुओं की बाहरी तैलीय परत बनाता है और आंसुओं को जल्दी सूखने से भी बचाता है। मीबम नामक तेल का उत्पादन न होने पर आंखों में सूखापन, जलन और ड्राई आई की समस्या बढ़ जाती है. . ड्राई आईज होने पर मरीज को आंखों में जलन, चुभन, दर्द, खुजली और थकान जैसी परेशानी होती है. अभी तक कैसे होता था इलाज?डॉ शर्मा ने कहा, अब तक ड्राई आई का इलाज मुख्य रूप से आई ड्रॉप्स और कृत्रिम आंसुओं तक सीमित रहा है, जो केवल अस्थायी राहत देते हैं और समस्या दोबारा लौट आती है. ऐसे में ‘लैक्टोफेरिन’ एक नई उम्मीद के रूप में सामने आया है, जो लंबे समय तक स्थायी राहत दे सकता है. डिजिटल युग में बढ़ती आंखों की समस्याओं के बीच यह खोज बेहतर और टिकाऊ इलाज की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है. ड्राई आई क्या होती है?ड्राई आई में आखें सूखी हो जाती हैं और उनकी नमी कम हो जाती है. ड्राई आई का इलाज क्या है?अभी तक कृत्रिम आंसू वाली आई ड्रॉप्स से ड्राई आई का इलाज होता है. लैक्टोफेरिन कैसी दवा है?आरपी सेंटर द्वारा बनाई जार ही लैक्टोफेरिन एक गोली या टैबलेट होगी जो मरीज को खानी होगी. इसे ड्राई आई सिंड्रोम की स्थाई दवा बताया जा रहा है. क्या यह मां के दूध से बनी है?यह दवा मां के दूध में पाए जाने वाले प्रोटीन लैक्‍टोफेर‍िन से बनी है. बाजार में कब तक आएगी जल्‍दी ही इसके बाजार में आने की संभावना है.

जाकिर खान बोले- धुरंधर से सबकी जली:बॉलीवुड पर कसा तंज; कहा- बम ल्यारी में फूटे, पर धुआं बांद्रा से जुहू में उड़ा

जाकिर खान बोले- धुरंधर से सबकी जली:बॉलीवुड पर कसा तंज; कहा- बम ल्यारी में फूटे, पर धुआं बांद्रा से जुहू में उड़ा

19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार रिकॉर्ड ब्रेक कर रही है। इस बीच कॉमेडियन जाकिर खान ने फिल्म की सफलता को लेकर बॉलीवुड पर चुटकी ली है। जाकिर खान ने एक अवॉर्ड शो के दौरान कहा कि इंडस्ट्री के लोग आदित्य धर की इस फिल्म से अंदर ही अंदर जल रहे हैं। जाकिर ने कहा, “कितने ही बधाई पोस्ट आप डाल दें, कितनी ही स्टोरी शेयर कर दें या इंटरव्यू में इसे अपनी पसंदीदा फिल्म बता दें, मगर सच तो ये है कि धुरंधर से सबकी जली तो है।” ल्यारी वाले सीन पर ली चुटकी जाकिर ने फिल्म के एक्शन सीन्स का जिक्र करते हुए बांद्रा और जुहू (जहां बॉलीवुड स्टार्स रहते हैं) पर निशाना साधा। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “बम फिल्म में ल्यारी (कराची) में फूटे, पर धुआं बांद्रा से जुहू में उड़ा है।” उनका इशारा उन सेलेब्स की तरफ था जो फिल्म की ब्लॉकबस्टर ओपनिंग के समय चुप थे, लेकिन अब रिकॉर्ड टूटने पर इसकी तारीफ कर रहे हैं। साउथ के सितारों ने पहले की थी तारीफ ‘धुरंधर 2’ में रणवीर सिंह, आर माधवन, अर्जुन रामपाल, राकेश बेदी और सारा अर्जुन जैसे कलाकार मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म की रिलीज के बाद सबसे पहले महेश बाबू, अल्लू अर्जुन और एसएस राजामौली जैसे साउथ के दिग्गजों ने इसकी सराहना की थी। इसके काफी समय बाद बॉलीवुड से आलिया भट्ट, करण जौहर और विक्की कौशल ने फिल्म के कलाकारों के काम की तारीफ की। मधुर भंडारकर जैसे कई लोगों का मानना है कि फिल्म को बॉलीवुड से उतना सपोर्ट नहीं मिल जितना मिलन चाहिए था। जाकिर ने बताई ब्रेक लेने की असली वजह इसी बीच, जाकिर खान ने अपने लाइव टूर से ब्रेक लेने की खबरों पर भी सफाई दी है। उन्होंने बताया कि इंटरनेट पर उनकी सेहत को लेकर चल रही खबरें गलत हैं। जाकिर ने कहा, “ब्रेक की असली कहानी ये है कि मेरे पास बहुत सारा लिखने का काम पेंडिंग था, जिसे मैं पिछले छह साल से नहीं कर पाया था। मेरी सेहत बहुत खराब नहीं है। जो कुछ भी आप पढ़ रहे हैं वो अनावश्यक बकवास है।”

बंगाल चुनाव 2026: ‘बंगाल में बीजेपी की सबसे बड़ी सहयोगी खुद ममता बनर्जी हैं’, कांग्रेस नेता का बयान से हंगामा

बंगाल चुनाव 2026: 'बंगाल में बीजेपी की सबसे बड़ी सहयोगी खुद ममता बनर्जी हैं', कांग्रेस नेता का बयान से हंगामा

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने ‘भाजपा का एजेंट’ कहे जाने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी खुद बीजेपी के सबसे बड़े सहयोगी हैं. उनके रहते हुए बीजेपी को अधीर रंजन चौधरी की जरूरत नहीं हो सकती. पश्चिम बंगाल कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “जब तक ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में हैं, मैं भाजपा के करीब नहीं जा सकता। असल में ममता बनर्जी ही वही हैं जो भाजपा बंगाल लेकर आई थीं। इतना ही नहीं, वह एक समय भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री भी रहे हैं। पश्चिम बंगाल में जब तक ममता बनर्जी हैं, भाजपा को अधीर रंजन चौधरी की जरूरत नहीं हो सकती।” उन्होंने आगे कहा, “राजनीतिक समीकरणों के हिसाब से ममता बनर्जी खुद ही उनके सबसे बड़े सहयोगी हैं। दोनों सामूहिक चुनावी कलाकार हैं। दोनों के बीच कभी ‘प्रो एस मजबूत-नो एस मजबूत’ और कभी ‘प्रो एस मजबूत-नो एस मजबूत’ बनी रहती हैं।” कांग्रेस नेताओं ने पिछले दिनों रैलियों के दौरान हुए हमलों पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने बताया, “चुनाव प्रचार के दौरान, पुराने कांग्रेस के कुछ लोगों ने मुझे अपमानित करने की कोशिश की। वहां मौजूद स्थानीय पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जबकि इस तरह की घटना की आशंका के बारे में उन्हें पहले ही सूचित कर दिया गया था। हम लोगों ने खुद का मुकाबला किया और हमारी रैली को आगे बढ़ाया।” पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के दावेदार अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “ये कार्यकर्ता नहीं बता रहे हैं. हम लोग लड़ रहे हैं, ये बड़ी बात है. हमें चुनाव से पहले तय करना है कि जो भी फैसला आएगा, वह अच्छा होगा.” इसी बीच अधीर रंजन चौधरी ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा स्टूडियो के ‘कोलकाता पर हमलों’ वाली टिप्पणी पर जवाब दिया। उन्होंने कहा, “वह सिर्फ बयान ही दे सकते हैं। वह खुद भूख मार रहे हैं। जो अपने लोगों को दो वक्त की रोटी नहीं दे सकते, वह कहां किसे मार जेल। पाकिस्तान को पहले अपने लोगों के पेट की पुष्टि का इंतजार करना चाहिए।” डीसीएच/

अशोकनगर में सिलेंडर न मिलने पर चक्काजाम:डिलीवरी मैसेज आने के बाद भी नहीं मिली गैस; कलेक्ट्रेट पर खाली टंकी रखकर हंगामा

अशोकनगर में सिलेंडर न मिलने पर चक्काजाम:डिलीवरी मैसेज आने के बाद भी नहीं मिली गैस; कलेक्ट्रेट पर खाली टंकी रखकर हंगामा

अशोकनगर जिले में सोमवार को गैस सिलेंडर की डिलीवरी का मैसेज आने के बावजूद टंकी नहीं मिलने से नाराज उपभोक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। दो गैस एजेंसियों के उपभोक्ताओं ने पहले कोलूआ रोड पर चक्का जाम किया और फिर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर गेट पर खाली सिलेंडर रखकर हंगामा किया। देहात थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझा-बुझाकर जाम खुलवाया, जिसके बाद लोग अपनी शिकायत दर्ज कराने कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं। जय बाबा गैस एजेंसी के बाहर चक्का जाम, पुलिस ने हटाया सुबह के समय कोलूआ रोड स्थित जय बाबा इंडियन गैस एजेंसी के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। उपभोक्ताओं का आरोप था कि उन्हें मोबाइल पर सिलेंडर डिलीवर होने का मैसेज मिल चुका है, लेकिन असल में उन्हें टंकी नहीं मिली। जब उन्होंने एजेंसी से संपर्क किया तो उन्हें सिलेंडर नहीं मिला। नाराज उपभोक्ताओं ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलने पर देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर सड़क से हटाया। इसके बाद कुछ लोग अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। डीसी गैस गोदाम के उपभोक्ताओं ने कलेक्ट्रेट गेट पर रखा खाली सिलेंडर इसी दौरान, गुना रोड स्थित डीसी गैस गोदाम के उपभोक्ता भी सिलेंडर न मिलने से आक्रोशित होकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने कार्यालय के गेट पर खाली सिलेंडर रखकर अपना विरोध दर्ज कराया। इन उपभोक्ताओं का भी कहना था कि उन्हें मोबाइल पर सिलेंडर डिलीवर होने का मैसेज आ गया था, लेकिन उन्हें टंकी नहीं मिली। घर तक नहीं पहुंच रही गैस की टंकियां दुर्गा कॉलोनी निवासी प्राण सिंह कुशवाह ने बताया कि उन्होंने लगभग एक महीने पहले डीसी गैस गोदाम पर सिलेंडर बुक कराया था। उन्हें मोबाइल पर टंकी मिलने का मैसेज भी आया, लेकिन उन्हें अब तक सिलेंडर प्राप्त नहीं हुआ है। उनका यह भी कहना था कि अब उनका दोबारा नंबर भी नहीं लग रहा है। वहां मौजूद कुछ अन्य उपभोक्ताओं ने बताया कि जब एजेंसी पर गैस की गाड़ी आती है, तो उनसे कहा जाता है कि रिक्शा के माध्यम से टंकी घर पहुंचा दी जाएगी। हालांकि, कई बार टंकियां उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचतीं और उनका पता नहीं चलता। देखिए जाम की तस्वीरें…

5 Women Boxers Including Meenakshi & Jasmine in Semis; 6 Men Boxers Secur

5 Women Boxers Including Meenakshi & Jasmine in Semis; 6 Men Boxers Secur

Hindi News Sports Asian Boxing Championship: 5 Women Boxers Including Meenakshi & Jasmine In Semis; 6 Men Boxers Secur 10 मिनट पहले कॉपी लिंक एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारतीय कोचिंग टीम के साथ (बीच में) मीनाक्षी। मंगोलिया के उलानबटोर में चल रही एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत के शानदार प्रदर्शन जारी है। पांच महिला और छह पुरुष मुक्केबाज़ों ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। पुरुष वर्ग में लोकेश, आकाश और हर्ष चौधरी की जीत के साथ कुल छह भारतीय बॉक्सर सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं। मीनाक्षी और जैस्मिन की एकतरफा जीत रविवार के मॉर्निंग सेशन में मीनाक्षी (48 किग्रा) और जैस्मिन (57 किग्रा) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। मीनाक्षी ने जापान की युका सादामात्सु को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया। वहीं, जैस्मिन ने चीन की झियी चेन को 5-0 से मात देकर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया। इससे पहले शनिवार को निखत जरीन, प्रिया घंघास और प्रीति पवार भी अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं। एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारतीय कोचिंग टीम के साथ (बीच में) जैस्मिन लोकेश, आकाश और हर्ष आगे बढ़े पुरुष वर्ग में भारतीय मुक्केबाज़ों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में अपनी दावेदारी मजबूत की। 85 किग्रा भार वर्ग में लोकेश ने कोरिया के गिचे किम को 5-0 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। वहीं, आकाश ने तुर्कमेनिस्तान के यल्हास बग्टयारोव को 5-0 से मात दी। इसके अलावा, हर्ष चौधरी ने किर्गिज़ गणराज्य के तिनिस्तान अलीबाएव को हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। हालांकि, 80 किग्रा भार वर्ग में अंकुश को जॉर्डन के हुसैन इशाश के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, जिससे वे टूर्नामेंट से बाहर हो गए। वहीं, 50 किग्रा वर्ग में विश्वनाथ सुरेश और 60 किग्रा में सचिन ने भी जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। ————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कोहली बने CSK के खिलाफ टॉप स्कोरर:डेविड का 106 मीटर लंबा सिक्स, गेंद मैदान के बाहर; भुवनेश्वर के 200 विकेट पूरे, मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स को 43 रन से हरा दिया। रविवार को खेले गए इस मुकाबले के दौरान विराट कोहली CSK के खिलाफ IPL में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। RCB ने 250/3 का स्कोर बनाकर अपना तीसरा सबसे बड़ा टोटल खड़ा किया। टिम डेविड ने 106 मीटर लंबा सिक्स लगाया। गेंद स्टेडियम के बाहर जा पहुंची। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

5 Women Boxers Including Meenakshi & Jasmine in Semis; 6 Men Boxers Secur

5 Women Boxers Including Meenakshi & Jasmine in Semis; 6 Men Boxers Secur

Hindi News Sports Asian Boxing Championship: 5 Women Boxers Including Meenakshi & Jasmine In Semis; 6 Men Boxers Secur 49 मिनट पहले कॉपी लिंक एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारतीय कोचिंग टीम के साथ (बीच में) मीनाक्षी। मंगोलिया के उलानबटोर में चल रही एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत के शानदार प्रदर्शन जारी है। पांच महिला और छह पुरुष मुक्केबाज़ों ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। पुरुष वर्ग में लोकेश, आकाश और हर्ष चौधरी की जीत के साथ कुल छह भारतीय बॉक्सर सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं। मीनाक्षी और जैस्मिन की एकतरफा जीत रविवार के मॉर्निंग सेशन में मीनाक्षी (48 किग्रा) और जैस्मिन (57 किग्रा) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। मीनाक्षी ने जापान की युका सादामात्सु को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया। वहीं, जैस्मिन ने चीन की झियी चेन को 5-0 से मात देकर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया। इससे पहले शनिवार को निखत जरीन, प्रिया घंघास और प्रीति पवार भी अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं। एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारतीय कोचिंग टीम के साथ (बीच में) जैस्मिन लोकेश, आकाश और हर्ष आगे बढ़े पुरुष वर्ग में भारतीय मुक्केबाज़ों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में अपनी दावेदारी मजबूत की। 85 किग्रा भार वर्ग में लोकेश ने कोरिया के गिचे किम को 5-0 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। वहीं, आकाश ने तुर्कमेनिस्तान के यल्हास बग्टयारोव को 5-0 से मात दी। इसके अलावा, हर्ष चौधरी ने किर्गिज़ गणराज्य के तिनिस्तान अलीबाएव को हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। हालांकि, 80 किग्रा भार वर्ग में अंकुश को जॉर्डन के हुसैन इशाश के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, जिससे वे टूर्नामेंट से बाहर हो गए। वहीं, 50 किग्रा वर्ग में विश्वनाथ सुरेश और 60 किग्रा में सचिन ने भी जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। ————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कोहली बने CSK के खिलाफ टॉप स्कोरर:डेविड का 106 मीटर लंबा सिक्स, गेंद मैदान के बाहर; भुवनेश्वर के 200 विकेट पूरे, मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स को 43 रन से हरा दिया। रविवार को खेले गए इस मुकाबले के दौरान विराट कोहली CSK के खिलाफ IPL में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। RCB ने 250/3 का स्कोर बनाकर अपना तीसरा सबसे बड़ा टोटल खड़ा किया। टिम डेविड ने 106 मीटर लंबा सिक्स लगाया। गेंद स्टेडियम के बाहर जा पहुंची। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

मोहाली कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी:कांप्लेक्स खाली कराया, 3 बजे तक एंट्री बंद; CM मान बोले- हल्के में नहीं ले रहे

मोहाली कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी:कांप्लेक्स खाली कराया, 3 बजे तक एंट्री बंद; CM मान बोले- हल्के में नहीं ले रहे

चंडीगढ़ और जालंधर के स्कूलों व सरकारी इमारतों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी आज ईमेल से जरिए आई। इसके बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आई और सभी जगह सर्च ऑपरेशन चलाया गया। साथ ही एहतियातन फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी तैनात की गईं। ईमेल में पंजाब के CM भगवंत मान, DGP गौरव यादव, हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता अरविंद केजरीवाल को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इसके अलावा मोहाली कोर्ट, फिरोजपुर में कोर्ट कांप्लेक्स और अमृतसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर के स्टेच्यू को भी खत्म करने की धमकी है। मोहाली कोर्ट को खाली करवा दिया गया है और दोपहर 3 बजे तक एंट्री बैन कर दी है। हालांकि, ईमेल के जरिए आए दिन मिल रही धमकियों को स्कूलों ने गंभीरता से नहीं लिया। आज जालंधर के स्कूलों में छुट्टी नहीं की गई। बच्चे और स्टाफ स्कूलों में रुका है और पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है। बम स्क्वॉयड और डॉग स्क्वॉयड के साथ तलाशी ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ईमेल के स्रोत का पता लगाया जा रहा है और साइबर सेल भी जांच में शामिल है। वहीं, CM मान ने कहा है कि हम गंभीर हैं। इनकी जांच चल रही है। जालंधर में धमकी भरी ईमेल में ये बातें लिखीं धमकी वाली ईमेल में लिखा है- जालंधर के स्कूलों में बम ब्लास्ट होगा। अपने बच्चे बचाओ। पंजाब अब खालिस्तान बनेगा। देह सिवा बर मोहे स्टार्ट, जन-गण-मन बंद करो। बम और ग्रेनेड से हमला होगा, स्कूलों में 1.11 बजे और 2.11 बजे मेयर ऑफिस में बम फटेगा। ईमेल में आगे लिखा है- खालिस्तान वाले बच्चों के खिलाफ नहीं। हिंदुस्तान की मोदी सरकार को तबाह करेंगे। खालिस्तान वोटों से या बम से। बम या ग्रेनेड हमले में सीएम भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल को भी ठोकेंगे। अमृतसर में डॉ. अंबेडकर के स्टेच्यू को 14 अप्रैल को बम धमाके से खत्म करेंगे। ईमेल पर भेजने वाले ने खालिस्तान नेशनल आर्मी का पता लिखा है। इसके नीचे इंजीनियर गुरनाख सिंह, रुकनशाह वाला, डॉ. गुरनिरबैर सिंह और खान राजादा का नाम लिखा है। धमकी वाली ईमेल का PHOTO चंडीगढ़ में मिली ईमेल में भी यही बातें चंडीगढ़ में आई ईमेल में लिखा है- चंडीगढ़ बनेगा खालिस्तान। देह सिवा बर मोहे स्टार्ट करो और जन-गण-मन बंद करो। स्कूलों में 1:11 बजे बम धमका होगा। मेयर ऑफिस में 2:11 बजे धमाका और सेक्रेटेरिएट में दोपहर 3:11 बजे धमाका होगा। अपने बच्चे बचाओ। आगे लिखा है- खालिस्तान वाले बच्चों के खिलाफ नहीं, हिंदुस्तान मोदी सरकार को तबाह करेंगे। खालिस्तान वोटों से या बम से। चंडीगढ में भगवंत मान, डीजीपी यादव और सीएम सैनी की रिहायश को निशाना बनाएंगे। चंडीगढ़ वालो, यहां बम धमाके – ग्रेनेड हमले चलते रहेंगे, जब तक मान, यादव, सैनी नहीं मरते। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी गांधी भवन में आज रात 9:11 बजे ग्रेनेड हमला होगा। चंडीगढ़ में भेजी गई ईमेल का PHOTO चंडीगढ़ में 4 स्कूलों को मिली धमकी चंडीगढ़ में सेक्टर-41, सेक्टर-32, सेक्टर-47 और सेक्टर-45 स्थित स्कूलों को यह धमकी भरा ईमेल मिला। इसके बाद पुलिस टीमों ने स्कूल परिसरों को खाली करवाकर जांच शुरू की। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमें भी मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी हुई हैं। स्कूलों और आसपास के इलाकों की तलाशी पुलिस की ओर से स्कूलों के अंदर और आसपास के इलाकों में भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हर संदिग्ध वस्तु पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके। पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां बता दें कि इससे पहले भी चंडीगढ़ के कई प्राइवेट और सरकारी स्कूलों, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, हाईकोर्ट और पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि, हर बार जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ। पुलिस कर रही ईमेल की जांच फिलहाल पुलिस धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। साइबर सेल की मदद से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि ईमेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। चंडीगढ़ थाना सेक्टर-34 के SHO सतिंदर ने कहा कि चेंकिंग करवा ली है। किसी तरह की कोई चीज नहीं मिली है। उनमें लोगों को किसी तरह की पैनिक लेने की जरूरत नहीं है। हमने मेल का प्रिंट ले लिया है। साथ ही कहा गया किसी तरह डरने की जरूरत नहीं है। मामले में पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…