जीतेंद्र@84, कभी हीरोइन के स्टंट किए, फिर बने स्टार:रेखा को टाइमपास कहा, सरेआम फूट-फूटकर रोईं, महमूद ने हंसाने के लिए उतारी पेंट, जानिए किस्से

हिंदी सिनेमा के जंपिंग जैक कहे जाने वाले जीतेंद्र आज 84 साल के हो गए हैं। कभी मुंबई की चॉल में 10×12 की खोली में रहने वाले जीतेंद्र आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। मिडिल क्लास परिवार में जन्में जीतेंद्र आर्टिफिशियल जूलरी सप्लाई करने में पिता का हाथ बंटाते थे। एक रोज वो सेट पर जूलरी पहुंचाने गए, जहां उन्हें जूनियर आर्टिस्ट का काम मिला। तनख्वाह थी 100 रुपए महीना। उस दिन जीतेंद्र का फिल्मों से ऐसा रिश्ता जुड़ा कि उन्होंने पहले जूनियर आर्टिस्ट से बतौर लीड हीरो काम किया और फिर हिंदी सिनेमा के स्टार बने। ये रिश्ता 200 से ज्यादा फिल्मों और 5 लाइफटाइम अचीवमेंट्स अवॉर्ड्स के साथ आज भी कायम है। आज जीतेंद्र के 84वें जन्मदिन के खास मौके पर जानिए उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ मजेदार और अनसुने किस्से- खोली में पंखा लगा, तो पूरा चॉल देखने पहुंचा जीतेंद्र का जन्म 7 अप्रैल 1942 में अमृतसर के एक पंजाबी परिवार में हुआ। जन्म के समय उनका नाम रवि कपूर रखा गया, जो बाद में फिल्मों में आकर जीतेंद्र हुआ। जीतेंद्र कुछ महीनों के ही थे, जब परिवार मुंबई आकर बस गया और गिरगांव की श्याम सदन चॉल में रहने लगा। 8 लोगों का पूरा परिवार 10 बाय 12 की खोली में रहता था, जिसका भाड़ा था 6 रुपए। उनके पिता अमरनाथ फिल्मों के सेट में आर्टिफिशियल जूलरी सप्लाई करने का काम करते थे। समय के साथ जब घर की आर्थिक स्थिति सुधरने लगी तो उनके घर में ट्यूबलाइट और पंखा लगा। चॉल में गरीबी का वो आलम था कि पूरे चॉल के लोग उनके घर वो पंखा और ट्यूबलाइट देखने पहुंचे थे। जिंदगी के 20 साल जीतेंद्र ने उसी चॉल में गुजारे। पंजाबी परिवार से होने के बावजूद आसपास के माहौल में घुल-मिलकर उन्होंने फर्राटेदार मराठी बोलना सीख लिया। सेट पर जूलरी सप्लाई करते हुए बने जूनियर आर्टिस्ट जीतेंद्र न पढ़ाई में अच्छे थे न उनके पास कोई खास टैलेंट या रुचि थी। शुरुआती पढ़ाई जैसे-तैसे पूरी की, तो पिता ने अपने आर्टिफिशियल जूलरी के बिजनेस में लगा दिया। काम था फिल्मों के सेट पर जूलरी पहुंचाना। साल 1959 में जीतेंद्र को वी.शांताराम की फिल्म नवरंग के सेट पर जूलरी पहुंचाने का काम मिला। वो रोज बस में धक्के खाते हुए सेट पर पहुंचते थे। उम्र करीब 17 साल थी। एक रोज चकाचौंध देखकर जीतेंद्र को भी फिल्म देखने का मन किया। उन्होंने वहां खड़े लोगों से पूछा तो उन्हें साफ इनकार कर दिया गया। सबने कहा कि वी.शांताराम किसी को शूटिंग देखने की इजाजत नहीं देते। जीतेंद्र मुंह लटकाए घर पहुंचे और चाचा से शिकायत की। अगले दिन चाचा उन्हें लेकर फिर सेट पर पहुंचे और असिस्टेंट से कहा कि मेरे भतीजे को शूटिंग देखनी है। उन्होंने जवाब दिया, ‘शूटिंग देखना है, तो काम भी करना पड़ेगा।’ उन्होंने जीतेंद्र को देखा और कहा- ‘हम तुम्हें प्रिंस का रोल देंगे।’ जीतेंद्र की खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा। रोज बस से जाने वाले जीतेंद्र अगले दिन टैक्सी में सेट पर पहुंचे। वहां पहुंचते ही उन्हें प्रिंस के कपड़े पहनाए गए, लेकिन जैसे ही वो सेट पर पहुंचे उन्हें जोरदार धक्का लगा। सेट पर वो अकेले प्रिंस नहीं थे, बल्कि वहां 200 प्रिंस बने लड़के बैठे थे। उन्हें फिल्म नवरंग के गाने तू छुपी है कहां में हीरोइन के पीछे खड़े होने वाले जूनियर आर्टिस्ट का काम मिला था। वी.शांताराम से मांगा काम, बना दिया गया हीरोइन का बॉडी डबल नवरंग की शूटिंग के दौरान जीतेंद्र ने खुद भी फिल्मों में काम करने का मन बना लिया। जब उन्हें 1963 में फिल्म सेहरा के सेट पर जूलरी पहुंचाने का काम मिला, तो एक दिन उन्होंने मौका पाते ही डायरेक्टर वी.शांताराम से मराठी में कहा- मुझे फिल्मों में काम करना है। वी.शांताराम ने उनकी बात से ज्यादा इस बात पर गौर किया कि एक पंजाबी कपूर साहब का लड़का इतनी अच्छी मराठी कैसे बोल रहा है। इस तरह बात चल निकली। उन्होंने जाते हुए कहा, मैं गारंटी नहीं देता, लेकिन तुम ट्राय करते रहो। इस एक बात की बदौलत जीतेंद्र को फिल्म सेहरा में ही एक्स्ट्रा का काम मिल गया। उन्हें बस सेट पर मौजूद रहना होता था, जिससे अगर कोई जूनियर आर्टिस्ट न आए, तो वो उनकी जगह खड़े हो सकें। इस काम के लिए जीतेंद्र को महीने के 100 रुपए तनख्वाह मिली। एक दिन फिल्म के एक सीन के लिए एक्ट्रेस संध्या को आग के ऊपर से कूदता दिखाना था। एक्ट्रेस संध्या, डायरेक्टर वी.शांताराम की पत्नी थी। उस दौर में आम तौर पर खतरनाक सीन करने के लिए एक्टर-एक्ट्रेसेस के बॉडी डबल रखे जाते थे, जो उन्हीं की तरह तैयार होकर खतरनाक स्टंट करते थे। उस दिन भी सेट पर एक बॉडी डबल बुलाई गई थी, लेकिन आग देखकर उसने सीन करने से इनकार कर दिया। इसके लिए एक्ट्रेस की बॉडी डबल बनने के लिए एक लड़की बुलाई गई थी। आग की लपटें देख वो लड़की डर गई और वहां से चली गई। सेट पर मौजूद जब कोई लड़की वो सीन करने के लिए राजी नहीं हुई तो वी.शांताराम ने जीतेंद्र को ही ये काम दे दिया। जीतेंद्र को एक्ट्रेस संध्या की तरह तैयार किया गया, जिसके बाद उन्होंने हीरोइन बनकर सीन किया। पहला डायलॉग ही नहीं बोल पाए जीतेंद्र, चिढ़ गए फिल्म के डायरेक्टर इस एक रोल से जीतेंद्र ने वी.शांताराम के दिल में घर लिया। उन्हें इस फिल्म में एक डायलॉग भी दिया गया। उन्होंने कहना था, सरदार, दुश्मनों का दल टिड्डियों की तरह आगे बढ़ रहा है। 25 रीटेक के बावजूद जीतेंद्र डायलॉग ठीक तरह नहीं बोल पाए। खिजियाकर वी.शांताराम ने वो गलत डायलॉग ही फिल्म में फाइनल कर लिया। वो वी.शांताराम ही थे, जिन्होंने जीतेंद्र का हुनर परखा और उन्हें फिल्म गीत गाया पत्थरों ने में लीड रोल दिया। पहली फिल्म देखने पेरेंट्स के साथ पहुंचे, खाली पड़ा था थिएटर जीतेंद्र की बतौर हीरो पहली फिल्म गीत गाया पत्थरों ने साल 1964 में रिलीज हुई। चॉल में रहने वाले जीतेंद्र के लिए ये खास दिन था। उन्होंने चॉल के पास स्थित एक थिएटर में पिता अमरनाथ और मां कृष्णा को फिल्म दिखाने के लिए तीन टिकटें खरीदीं। थिएटर पहुंचते ही उन्होंने टिकट देखने के लिए गेट पर खड़े शख्स से
Delhi Assembly Security Breach Accused Missing

नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक आरोपी कार लेकर दिल्ली विधानसभा के गेट नंबर 2 से घुसा और स्पीकर की गाड़ी में गुलदस्ता रखकर भाग गया था। दिल्ली विधानसभा कैंपस में सुरक्षा उल्लंघन करने वाले आरोपी सरबजीत सिंह (37 साल) को लेकर कई खुलासे हुए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह 1 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में अपने घर से निकला था। करीब पांच दिन तक उसका कोई पता नहीं था। इस दौरान उसने परिवार से एक बार संपर्क किया लेकिन अपनी लोकेशन के बारे में कुछ नहीं बताया। सूत्रों के मुताबिक, वह 2 अप्रैल को बरेली गया और फिर 6 अप्रैल को दिल्ली पहुंचा था। दोपहर करीब 2:10 बजे सफेद एसयूवी चलाते हुए विधानसभा के गेट नंबर-2 की बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर घुसा था। उसने पोर्च में खड़ी स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की गाड़ी में फूलों का गुलदस्ता और माला रखकर फरार हो गया। जांच में सामने आया है कि आरोपी 2020-21 के किसान आंदोलन का समर्थक रहा है। उसने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट किए थे, लेकिन बाद में कई पोस्ट हटा दिए। आरोपी का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें उसके हाथ में बैग और गुलदस्ता दिखा। आरोपी ने इसी साल फरवरी में खरीदी एसयूवी कार पुलिस ने बताया कि आरोपी तेज रफ्तार में कार लेकर जबरन घुसा और सुरक्षाकर्मियों को कुचलने की कोशिश की। आरोपी जिस गाड़ी से आया था, उसे इसी साल फरवरी में खरीदी थी। पुलिस उन वीडियो की भी जांच कर रही है, जिनमें वह 150 किमी/घंटा से ज्यादा की रफ्तार से कार चलाता दिख रहा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अभी तक विधानसभा में घुसने का अपना मकसद नहीं बताया है। उसके कॉल रिकॉर्ड, मूवमेंट और डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा रही है। इससे यह पता चलेगा कि उसने सबकुछ खुद किया या किसी के कहने पर किया। परिवार बोला- सरबजीत मानसिक रूप से बीमार घटना के समय सदन की कार्यवाही नहीं चल रही थी। कार में आरोपी अकेले ही था। उसने चेहरा ढका हुआ था। मौके से फरार होने के करीब दो घंटे बाद पुलिस ने उसे रूप नगर इलाके से दो अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस ने सिविल लाइंस थाने में उस पर हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। परिवार ने पुलिस को बताया कि सरबजीत मानसिक रूप से बीमार है और किसी के काबू में नहीं रहता। हालांकि, उसकी मानसिक स्थिति की जांच जारी है। मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। घटना के बाद की 3 तस्वीरें… आरोपी इसी गेट से कार लेकर दिल्ली विधानसभा में घुसा और भागा था। विधानसभा कैंपस में दिल्ली पुलिस की डॉग स्क्वॉड टीम ने कारों की चेकिंग की। दिल्ली पुलिस की टीम ने गुलदस्ते की जांच की। 20 अगस्त 2025: दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता पर हमला हुआ था दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर 20 अगस्त 2025 की सुबह जनसुनवाई के दौरान हमला हुआ था। शिकायतकर्ता बनकर पहुंचे आरोपी ने सीएम को कागज देते समय उनका हाथ खींचा था। आरोपी ने उनके बाल खींचे और फिर थप्पड़ मारा था। हमले में रेखा के हाथ-कंधे, सिर पर चोटें आईं थीं। आरोपी का नाम राजेशभाई खीमजी था। गुजरात के राजकोट का रहने वाला था। उसे तुरंत ही गिरफ्तार कर लिया गया था। राजेश पर गुजरात में भी चाकूबाजी समेत 5 केस पहले से दर्ज थे। हालांकि, गिरफ्तारी के दौरान उसके पास कोई हथियार नहीं मिला था। ———————————————– यह खबर भी पढ़ें… AAP ने रेखा गुप्ता को ‘बीजेपी की पप्पू’ कहा: दिल्ली CM ने कहा था- AQI एक टेंपरेचर है; केजरीवाल बोले- ये नया विज्ञान कब आया आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को ‘बीजेपी की पप्पू CM’ कहा है। AAP ने X पर रेखा गुप्ता के बयानों के छोटे-छोटे वीडियो क्लिप जारी करते हुए लिखा- बीजेपी की पप्पू CM का कोई मुकाबला नहीं है। रेखा गुप्ता ने हाल ही में NDTV को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) एक टेंपरेचर है, जिसे किसी भी इंस्ट्रूमेंट से मापा जा सकता है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
असम पुलिस की कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापेमारी:खेड़ा ने आरोप लगाया था- CM हिमंता की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट

असम पुलिस की टीम कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली आवास पर पहुंची है। सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी की FIR के बाद यह कार्रवाई की गई है। पवन घर पर नहीं है। असम पुलिस उनसे पूछताछ के लिए इंतजार कर रही है। दिल्ली पुलिस भी साथ में मौजूद है। दरअसल दो दिन पहले पवन ने असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर मिस्र, एंटीगा-बरबूडा और UAE के पासपोर्ट हैं। हिमंता और उनकी पत्नी ने आरोपों को गलत बताया था। दिल्ली में छापेमारी पर सीएम सरमा ने आज कहा कि वह कल गुवाहाटी से भाग गए। मुझे मीडिया के जरिए पता चला है कि पुलिस दिल्ली में उनके घर गई थी, लेकिन वह हैदराबाद भाग गए हैं। कानून अपना काम करेगा। हिमंता की पत्नी ने सोमवार को FIR भी कराई थी। असम में 9 अप्रैल को वोटिंग होगी। आज शाम 5 बजे प्रचार थम जाएगा। 5 राज्यों में हो रही चुनावी हलचल से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
असम, केरल और पुडुचेरी में आज थमेगा चुनाव प्रचार:तमिलनाडु में नॉमिनेशन प्रक्रिया खत्म; लिएंडर पेस को X-कैटेगरी सुरक्षा, पिछले हफ्ते BJP में शामिल हुए

असम, केरल और पुडुचेरी में मंगलवार को चुनाव प्रचार थम जाएगा। इन दो राज्यों और एक केद्र शासित प्रदेश में 9 अप्रैल को वोटिंग होगी। इधर तमिलनाडु में सोमवार को नॉमिनेशन प्रक्रिया पूरी हो गई। राज्य की 234 सीटों पर 7 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों ने पर्चे दाखिल किए हैं। नॉमिनेशन के आखिरी दिन AIADMK प्रमुख एडप्पाडी के पलानीस्वामी, BJP के एल मुरुगन, तमिलिसाई सुंदरराजन और वनथी श्रीनिवासन समेत कई बड़े नेताओं ने नामांकन दाखिल किया। नॉमिनेशन की जांच 7 अप्रैल को होगी, जबकि 9 अप्रैल तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। राज्य में 23 अप्रैल को मतदान होगा। इधर पूर्व टेनिस स्टार लिएंडर पेस को केंद्र सरकार ने ‘एक्स’ कैटेगरी सुरक्षा दी है। उनकी सुरक्षा में CISF के दो सशस्त्र जवान तैनात रहेंगे। गृह मंत्रालय ने पेस की लोकप्रियता और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान पूरे राज्य में संभावित दौरों को देखते हुए यह फैसला लिया। पेस 31 मार्च को भाजपा में शामिल हुए थे। 5 राज्यों में हो रही चुनावी हलचल से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
भोपाल में आसिफ रजा ने आशीष पांडे बनकर किया रेप:गर्भवती पीड़िता ने थाने पहुंचकर दर्ज कराई FIR, पुलिस ने शुरू की जांच

भोपाल के अशोका गार्डन क्षेत्र में एक छात्रा के साथ पहचान छिपाकर यौन शोषण का मामला सामने आया है। पीड़िता प्राइवेट यूनिवर्सिटी की छात्रा बताई जा रही है। उसने आरोप लगाया कि आसिफ रज़ा नामक युवक ने खुद को आशीष पांडे बताकर उससे दोस्ती की और बाद में प्रेम संबंध बनाकर करीब डेढ़ साल तक शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता के अनुसार, इस दौरान युवक के दो अन्य दोस्त भी उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। जब वह गर्भवती हुई तो आरोपियों ने उस पर गर्भपात का दबाव बनाया। मना करने पर युवक ने अपनी असली पहचान उजागर की और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने लगा। पीड़िता का कहना है कि उसे लगातार धमकाया गया। मामले की शिकायत पीड़िता ने लगभग एक माह पहले महिला थाने में दर्ज कराई थी। सोमवार को पीड़िता सामने आई। लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा है कि शिकायत के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी है। मुख्य आरोपी आसिफ रज़ा बिहार का निवासी बताया जा रहा है। वह फिलहाल फरार है।
दावा- एअर इंडिया CEO कैंपबेल विल्सन ने इस्तीफा दिया:सितंबर 2027 तक कार्यकाल था; अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच रिपोर्ट आने के बाद नए CEO की नियुक्ति

एअर इंडिया के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) कैंपबेल विल्सन ने इस्तीफा दे दिया है। न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में भी कहा गया है कि एयरलाइन नए CEO की तलाश कर रही है। सूत्रों के अनुसार, अहमदाबाद प्लेन क्रैश की फाइनल जांच रिपोर्ट आने के बाद नए CEO की नियुक्ति की जाएगी। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने 12 जुलाई 2025 को प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी। अंतिम रिपोर्ट जून 2026 में आ सकती है। इसके बाद सितंबर में विल्सन अपना पद छोड़ सकते हैं। पिछले हफ्ते हुई कंपनी की बोर्ड बैठक में उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। कैंपबेल विल्सन का पांच साल का कार्यकाल अगले साल सितंबर तक था, लेकिन उससे पहले ही उनका इस्तीफा सामने आया है। यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
ग्वालियर में अपहरण कर नाबालिग से रेप:मुंह दबाकर 14 साल की लड़की को घर से उठा ले गया; एकांत में किया दुष्कर्म, आरोपी अरेस्ट

ग्वालियर में आधी रात एक बदमाश नाबालिग के घर में घुस गया। उसने नाबालिग का मुंह दबाकर उसका अपहरण किया और घर से दूर एकांत स्थान पर ले गया। जहां आरोपी ने नाबालिग के साथ रेप किया। वारदात के बाद आरोपी उसे धमकी देकर फरार हो गया। पीड़िता किसी तरह घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। यह घटना शनिवार-रविवार की दरमियानी रात ग्वालियर के पिछोर इलाके की है। पीड़ित नाबालिग ने महिला थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने मामला कायम कर लिया। इसके बाद कार्रवाई करते हुए पिछोर थाना पुलिस ने सोमवार रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। ग्वालियर के पिछोर थाना क्षेत्र में रहने वाली 14 वर्षीय नाबालिग अपने परिवार के साथ रहती है। शनिवार रात खाना खाकर वह सो गई थी। रात करीब दो बजे नींद खुलने पर वह बाथरूम जाने के लिए आंगन में गई। इसी दौरान उसके घर के पास रहने वाला अनिल, पिता सुंदर केवट, वहां दिखाई दिया। नाबालिग कुछ समझ पाती, उससे पहले ही आरोपी ने उसका मुंह दबा दिया और उसे उठाकर एकांत स्थान पर ले गया और उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया। हत्या की धमकी देकर फरार हुआ बदमाश वारदात के बाद आरोपी ने नाबालिग को जान से मारने की धमकी दी कि यदि उसने किसी को कुछ बताया, तो वह उसे और उसके परिवार को खत्म कर देगा। धमकी से डरी नाबालिग किसी तरह घर पहुंची और मां को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजन उसे महिला थाने ले गए, जहां शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर केस डायरी पिछोर थाने भेजी, जहां कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। भागने से पहले पकड़ा गया आरोपी पिछोर थाना प्रभारी शिवम सिंह राजावत ने बतया कि नाबालिग को अगवा कर रेप करने वाले आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री सिंधिया की समीक्षा बैठक:नहीं पहुंचे सांसद भरत सिंह कुशवाहा; सड़कों की हालत पर अधिकारियों को लगाई फटकार

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान सांसद भरत सिंह कुशवाहा की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। कलेक्ट्रेट में आयोजित इस बैठक में सिंधिया ने करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई और ग्वालियर को विकासशील नगर बनाने पर जोर दिया। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने विशेष रूप से ग्वालियर की सड़कों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सड़कों के लिए एक बड़ी योजना है, जिसमें कुल 294 सड़कों को लाल, पीली और हरी श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया था। इन 294 सड़कों में से 109 सड़कें डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड में आती हैं। इनमें से लगभग 53 सड़कें (31 और 22) डिफेक्ट श्रेणी में थीं। यह आंकड़ा 3 अक्टूबर 2025 का था, जिसे अधिकारियों को जांचने के लिए दिया गया था। सिंधिया ने कहा कि 6 अप्रैल 2026 तक, यानी लगभग छह महीने बाद, 31 बदतर सड़कों में से 30 ठीक हो चुकी हैं, जबकि एक सड़क अभी बाकी है। सीवर लाइन डालने से क्षतिग्रस्त हुई 22 सड़कों में से 14 ठीक हो गई हैं और 8 अभी शेष हैं। कुल मिलाकर, 53 डिफेक्टेड सड़कों में से 44 ठीक हो चुकी हैं और केवल 9 सड़कें बची हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह 294 सड़कों की योजना का पहला चरण है। ग्वालियर में सीवर लाइन बनी बड़ी समस्या आखिरी मुद्दा सीवर लाइन का रहा, जो ग्वालियर के लिए बड़ी समस्या बन गई है। इस पर प्रभारी मंत्री और ऊर्जा मंत्री ने निर्णय लिया है कि ऊर्जा मंत्री की अध्यक्षता में सभी वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर और कमिश्नर के साथ बैठक कर एक स्पष्ट नीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और सभी जनप्रतिनिधि ग्वालियर के विकास और प्रगति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। शहर को आने वाले समय में विकासशील, प्रगतिशील और औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा सांसद भरत सिंह कुशवाहा के बैठक में शामिल न होने को लेकर रही, जिसे लेकर सियासी हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
ग्वालियर में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवारों को रौंदा:2 दिन चले उपचार के बाद एक की मौत; हादसे के वक्त सैलरी लेकर लौट रहा था घर

ग्वालियर में दोस्तों के साथ सैलरी लेकर घर लौट रहे बाइक सवारों को तेज रफ्तार कार ने रौंद दिया। घटना मुरार थाना क्षेत्र के त्यागी नगर पुलिया के पास शुक्रवार रात 9 बजे की है। घटना का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद घायलों को उपचार के लिए पहुंचाया। जहां पर एक युवक ने सोमवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि दो की हालत स्थिर बनी हुई है। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्राइवेट जॉब करता था अंशु काल्पीब्रिज कॉलोनी निवासी 22 वर्षीय अंशु राजे पिता महावीर राजौरिया प्राइवेट जॉब करता था। शुक्रवार शाम वह अपने दोस्तों पवन व सूरज के साथ जॉब से सैलरी लेने के बाद वापस आ रहा था, अभी वह त्यागी नगर पुलिया के पास पहुंचा ही था कि सामने से आ रही बलेनो कार (एमपी 04 सीयू 9284) के चालक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। कार की टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक पर सवार अंशु, पवन व सूरज हवा में उछले और सड़क पर गिरे। जिससे अंशु को गंभीर चोट लगी और सूूरज व पवन को कुछ कम चोट आई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए पहुंचा दिया। दो दिन लड़ी जिंदगी की जंग अंशु को बचाने के लिए 2 दिन डॉक्टरों की टीम लगी रही और दो दिन जिंदगी से जंग लड़ने के बाद सोमवार सुबह अंशु ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उसकी मौत का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसके शव को पीएम हाउस पहुंचा कर आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अभी पवन और सूरज का उपचार चल रहा है।
इंदौर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई:टिगरिया बादशाह क्षेत्र में अवैध गोदाम पर छापा, 22 हजार लीटर सॉल्वेंट जब्त

इंदौर जिला प्रशासन ने टिगरिया बादशाह क्षेत्र के समीप एक गोदाम पर सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर एसडीएम निधि वर्मा के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने छापा मारकर भारी मात्रा में बिना लाइसेंस के संग्रहित सॉल्वेंट बरामद किया। कार्रवाई के दौरान गोदाम में करीब 22,000 लीटर डिस्टिल्ड सॉल्वेंट अवैध रूप से रखा पाया गया। इसके अलावा मौके से ऑयल पेंट मिक्सर और पेंट रिमूवर भी मिले। जांच में सामने आया कि गोदाम संचालक के पास इन ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण के लिए आवश्यक वैध लाइसेंस नहीं था। सबसे गंभीर बात यह रही कि गोदाम में किसी प्रकार का फायर सेफ्टी सिस्टम मौजूद नहीं था। ऐसे में किसी भी दुर्घटना की स्थिति में आसपास के क्षेत्र में बड़ा हादसा हो सकता था और जनहानि की आशंका बनी हुई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार नारायण नांदेडा ने मौके पर ही गोदाम को सील करने की कार्रवाई की। इस दौरान तहसीलदार ओंकार मनाग्रे, सहायक खाद्य अधिकारी अविनाश जैन तथा बाणगंगा थाने का पुलिस बल भी मौजूद था। यह गोदाम खातीवाला टैंक निवासी अब्दुल कादिर पिता फखरुद्दीन का है। कलेक्टर ने कहा कि अवैध रूप से ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।








