Monday, 24 Aug 2026 | 04:55 PM

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उमरिया में सुबह से तेज बारिश, गेंहू की फसलें बर्बाद:कटाई में देरी और रंग फीका पड़ने से भाव गिरने की आशंका

उमरिया में सुबह से तेज बारिश, गेंहू की फसलें बर्बाद:कटाई में देरी और रंग फीका पड़ने से भाव गिरने की आशंका

उमरिया में बुधवार सुबह से तेज बारिश हो रही है। बूंदाबांदी के बाद तेज बारिश के कारण गेहूं की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है, जिससे किसान चिंतित हैं। फसल कटाई में देरी और गेहूं का रंग फीका पड़ने की संभावना जताई जा रही है। पाली क्षेत्र में भी सुबह से हो रही बारिश जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले में बुधवार सुबह 5 बजे से बूंदाबांदी शुरू हुई, जो बाद में तेज बारिश में बदल गई। सुबह 8:30 बजे तक बारिश की तीव्रता और बढ़ गई। पाली क्षेत्र में भी सुबह से तेज बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण लोगों को घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। दूध पहुंचाने वाले भी रेनकोट पहनकर अपने गंतव्य तक पहुंचे। मौसम में आए इस बदलाव से जिले में ठंडक बढ़ गई है। किसान बोले-बारिश से गेहूं की फसलों का रंग होगा खराब बारिश से किसान विशेष रूप से चिंतित हैं। किसान गुड्डा ने बताया कि इस बारिश से सभी फसलों पर असर पड़ेगा, खासकर गेहूं की फसल का रंग खराब हो जाएगा। इससे बाजार में गेहूं का सही भाव नहीं मिल पाएगा। सुबह से आसमान में बादल भी छाए हुए हैं। जिले में 8 अप्रैल को लगभग 3 घंटे में 2.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। तापमान में भी गिरावट आई है; जहां 7 अप्रैल को अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस था, वहीं 8 अप्रैल को यह 19.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अधिकारी रजनीश यादव के मुताबिक, जिले में बूंदाबांदी जारी रह सकती है।

West Bengal Voter List Deductions

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तिरुवनंतपुरम/गुवाहाटी/कोलकाता/चेन्नईकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी आज भवानीपुर विधानसभा सीट से नामांकन भरेंगी। भाजपा ने इसी सीट से सुवेंदु अधिकारी को उम्मीदवार बनाया है। वे नेता विपक्ष भी हैं। सुवेंदु 2 अप्रैल को नामांकन कर चुके हैं। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह उनके साथ मौजूद थे। भवानीपुर के अलावा ममता और सुवेंदु नंदीग्राम से भी आमने-सामने हैं। 2021 में उन्होंने ममता को यहां से हराया था। वहीं, तमिलनाडु के सीएम स्टालिन करूर और इरोड में आज चुनावी सभा करेंगे। असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को सिंगल फेज में वोटिंग है। इसलिए मंगलवार शाम 5 बजे तीन राज्यों में चुनाव प्रचार थमा। असम के मुख्यमंत्री हिमंता ने मंगलवार रात तेजपुर में NDA उम्मीदवार पृथ्वीराज राभा के लिए चुनाव प्रचार किया। बंगाल में एसआईआर से कुल 91 लाख मतदाताओं के नाम कटे 7 अप्रैल को चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य की फाइनल लिस्ट जारी की। कुल 90.83 लाख नाम हटाए गए हैं। यह आंकड़ा राज्य के कुल मतदाताओं का 11.85% है। पिछले साल नवंबर में शुरू हुई प्रक्रिया के बाद 28 फरवरी को आई सूची में 63.66 लाख नाम हटे थे, तब 60.06 लाख वोटर्स ‘विवेचनाधीन’ श्रेणी में रखे गए थे। जांच के बाद, इन 60.06 लाख में से 27.16 लाख और नाम हटाए गए हैं। वहीं, 32.68 लाख को पात्र मानकर सूची में शामिल किया गया है। करीब 22,163 लोगों के मामले में ई-हस्ताक्षर न होने से उनके नाम अभी सूची में दर्ज नहीं हैं। सबसे ज्यादा नाम मुर्शिदाबाद (4.55 लाख), नॉर्थ 24 परगना (3.25 लाख), मालदा (2.39 लाख), नादिया (2.98 लाख) और साउथ 24 परगना (2.23 लाख) से कटे हैं। आज TMC नेताओं का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिलेगा। 5 राज्यों में हो रही चुनावी हलचल से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स अभी कॉपी लिंक असम में हिमंता आगे, 90 सीटें जीत सकता है NDA असम में विधानसभा की 126 सीटों पर कल 9 अप्रैल को वोटिंग होगी। दैनिक भास्कर असम के एक छोर बांग्लादेश बॉर्डर से दूसरे छोर अरुणाचल बॉर्डर तक पहुंचा। दो सवालों के जवाब तलाशे… BJP और कांग्रेस में कौन बढ़त बनाता दिख रहा है? नेताओं के बयानों से अलग आम लोगों के मुद्दे क्या हैं? जवाब के लिए आम लोगों, सीनियर जर्नलिस्ट और पॉलिटिकल एक्सपर्ट से बात की। इससे ये 3 बातें समझ आईं… पूरी खबर पढ़ें… 2 मिनट पहले कॉपी लिंक तिरुवन्नामलाई में तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने चुनाव प्रचार किया 9 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु में बीजेपी प्रत्याशी मंदिर में दर्शन करने पहुंची तमिलनाडु के कोयंबटूर में BJP उम्मीदवार वनाथी श्रीनिवासन स्थानीय मंदिर पहुंची। वे यहां चुनावी सभा भी करेंगी। 11 मिनट पहले कॉपी लिंक असम में 9 अप्रैल को वोटिंग, चुनाव आयोग की जनता से अपील असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने कहा- 9 अप्रैल को असम विधानसभा चुनावों के लिए मतदान होगा। आपका वोट आपका अधिकार है। इसलिए बाहर निकलें, अपना वोट डालें और एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर अपने कर्तव्य को पूरा करें। इसमें हिस्सा लें और अपने आस-पास के दूसरों लोगों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करें, क्योंकि हर वोट एक आवाज है। सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें, मतदान अधिकारियों के साथ सहयोग करें और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करें। 14 मिनट पहले कॉपी लिंक चुनाव बाद 22 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR होगा पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव के बाद चुनाव आयोग देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे और अंतिम फेज को लागू करने की तैयारी में है। इसमें दिल्ली सहित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया जाएगा। चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, 29 अप्रैल को मतदान खत्म होने के बाद या नतीजों की घोषणा के बाद SIR की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

विजयवर्गीय बोले-एसपी को बचाने अनुनय की थी दिग्विजय ने:विधानसभा समितियों के पावर विधानसभा जैसे, सदस्य चाहें तो अधिकारी की खाट खड़ी कर सकते हैं

विजयवर्गीय बोले-एसपी को बचाने अनुनय की थी दिग्विजय ने:विधानसभा समितियों के पावर विधानसभा जैसे, सदस्य चाहें तो अधिकारी की खाट खड़ी कर सकते हैं

संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा की समितियों को विधानसभा के बराबर बताते हुए कहा है कि इन समितियों के सदस्य और सभापति के अधिकार ऐसे हैं कि अधिकारी झुकने को मजबूर हो जाते हैं। विधायक यह न समझें कि समितियां कम पावर की होती हैं। मैं समिति का सदस्य रहने के दौरान स्टडी करके जब सवाल करता था तो अधिकारियों की खाट खड़ी हो जाती थी। समिति के तथ्यों को गंभीरता से रखा जाए तो ब्यूरोक्रेसी को सुनना पड़ता है। मंत्री विजयवर्गीय ने ये बातें मंगलवार को विधानसभा में विधानसभा की समितियों के सभापतियों और सदस्यों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहीं। विजयवर्गीय ने कहा कि विधानसभा की यह समिति जो होती हैं, इसके महत्व को आप विधायक लोग बढ़ा सकते हैं। समितियों की रिपोर्ट को सरकार भी गंभीरता से लेती है ब्यूरोक्रेसी को सुनना पड़ता है। एसपी-कलेक्टर ने बदसलूकी की तो तबके सीएम दिग्विजय सिंह ने जोड़े थे हाथ संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा जब वे पहली बार के विधायक थे तो विशेषाधिकार समिति में थे। उस समय सागर के कलेक्टर-एसपी ने विधायकों के साथ बदसलूकी की थी। तब एसपी को प्रताड़ित किया तो तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पर्सनली बात की थी और कहा था कि अधिकारी के जीवन में दाग लग जाएगा। उन्होंने बहुत अनुनय विनय की थी। दिग्विजय सिंह अनुनय विनय में माहिर थे। उन्होंने कहा था कि जो नाराजगी है, विधायक उनसे कह सकते हैं। तब जाकर सब माने थे। इसके बाद ब्यूरोक्रेसी में एक अच्छा मैसेज गया। विधानसभा की रिपोर्ट मानी जाती है समितियों की रिपोर्ट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जो महत्व विधानसभा का है वही महत्व विधानसभा की समिति का है। विधानसभा की समिति जो रिपोर्ट प्रस्तुत करती है वह विधानसभा की रिपोर्ट मानी जाती है। उन्होंने कहा कि पिछली बार विधानसभा अध्यक्ष से और पूर्व प्रमुख सचिव एपी सिंह से उन्होंने समितियों के कामकाज को लेकर पूछा था कि समितियों की क्या हाल हैं तो उन्होंने बताया था कि बहुत स्लो गति है। फिर हम लोगों ने तय किया कि एक बार बैठकर सभी कमेटी के लोगों से चर्चा करना चाहिए। विजयवर्गीय ने कहा कि इस समिति को आप बहुत छोटा नहीं समझें, हर समिति बड़ी महत्वपूर्ण होती है। आश्वासन समिति की रिपोर्ट को गंभीरता से लेती है सरकार मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि अभी मैंने पिछले दिनों अपने विभाग के आश्वासन समिति की रिपोर्ट का अध्ययन किया और एसीएस को कहा कि आश्वासन समिति की रिपोर्ट देखिए। इसके बाद बताया गया कि 95 प्रतिशत आश्वासन पूरे हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को समितियों की रिपोर्ट पर सुनना पड़ता है। जरूरी है कि आपकी समिति एक निर्णय ऐसा दे दे जो सिस्टम की गंभीरता से जुड़ा हो। विधायकों के विशेष अधिकार की सुरक्षा का ध्यान रखती है विशेषाधिकार समिति विजयवर्गीय ने कहा कि विशेष अधिकार समिति आपके अधिकारों की सुरक्षा का ध्यान रखती है। इसलिए विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष का दायित्व है कि वह हर 15 दिन में 10 दिन में बैठक करे। विधायक प्रॉपर तरीके से शिकायत करेंगे तो अधिकारियों पर कार्रवाई समिति कर सकती है। उन्होंने कहा कि मीटिंग में जाने से पहले एजेंडे को पढ़ना, समझना जरूरी है। सदस्य समिति की महत्व को समझेंगे और गंभीरता से लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे तो समितियों के परिणाम बहुत अच्छे आएंगे। समितियों की बैठक नियमित होने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए-तोमर इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अगर सबसे बड़ी पंचायत लोकसभा है तो पंचायत व नगरीय निकाय छोटी इकाई हैं। विधानसभा पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व करती है। विधानसभा की भूमिका मां की तरह होती है। जिस तरह मां अपने बच्चे को जन्म देती है, उसका लालन−पालन कर उसे देश के हित में तैयार करने की कल्पना करती है, ठीस उसी तरह हम भी विधानसभा को मां की भूमिका में देखेंगे तो हम भी अपने दायित्व को उसके संपूर्ण रूप में देख पाएंगे। तोमर ने कहा कि मध्य प्रदेश के विधायी इतिहास में विधानसभा की समितियों ने उल्लेखनीय कार्य किया है। मगर बीते कुछ वर्षों में कुछ सदस्य लगातार इन समितियों की बैठकों में अनुपस्थित रहे। इस पर चिंतन की आवश्यकता बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि समितियों की बैठक नियमित होने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए। एक वर्ष में कम से कम 12 बैठकें होने की अपेक्षा है। समिति की बैठक होने से विधानसभा के कार्य व्यवहार में सुधार की संभावना होगी। समितियों की बैठक का यदि परिणाम नहीं भी निकलता है तो भी अध्ययन प्रक्रिया से हमारा ज्ञान समृद्ध होगा। सदस्यों के आचरण पर चिंतन की जरूरत- सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा में कुछ सदस्यों के आचरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई बार कुछ सदस्य दायरे के बाहर जाकर कार्य कर जाते हैं। सकारात्मक आलोचना का स्वागत है, लेकिन इस तरह का आचरण अपेक्षित नहीं होता। ऐसे में संसदीय समितियों का बड़ा महत्व है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के संसदीय ज्ञान व नवाचारों के माध्यम से मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाहियां संसदीय इतिहास की परंपरा को समृद्ध करेगी। समितियों की संयुक्त बैठक को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी संबोधित किया। आभार प्रदर्शन प्राक्कलन समिति के सभापति अजय विश्नोई ने किया। इस बैठक में मध्यप्रदेश विधानसभा की कुल 21 समितियों के सभापति एवं सदस्यगण तथा मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा एवं सचिवालय के अधिकारीगण उपस्थित थे।

5 घंटे तालाब में छिपा रहा 400 चोरियों का मास्टरमाइंड:कमल की डंठल से लेता रहा सांस, AC कोच से महिला का पर्स खींचकर भागा था

5 घंटे तालाब में छिपा रहा 400 चोरियों का मास्टरमाइंड:कमल की डंठल से लेता रहा सांस, AC कोच से महिला का पर्स खींचकर भागा था

जबलपुर में पुलिस और एक शातिर अंतरराज्यीय चोर के बीच मंगलवार शाम फिल्मी ड्रामा देखने को मिला। पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी खितौला रेलवे स्टेशन के पास एक काई से भरे तालाब में कूद गया। वह करीब 5 घंटे तक पानी के अंदर छिपा रहा। चौंकाने वाली बात यह है कि वह सांस लेने के लिए कमल की डंठल (कमल-नाल) का सहारा लेता रहा। आखिरकार गोताखोरों की मदद से उसे दबोच लिया गया। घटना रीवा-इतवारी एक्सप्रेस ट्रेन की है। एसी कोच में एक महिला का पर्स चोरी करने की कोशिश के दौरान आरोपी आरपीएफ (RPF) की नजर में आ गया। जैसे ही ट्रेन सिहोरा रोड रेलवे स्टेशन के पास धीमी हुई, आरोपी कूदकर भागने लगा। आरपीएफ जवानों ने पीछा किया तो वह खितौला के एक गहरे और काई से भरे तालाब में जा कूदा। रात के अंधेरे और घनी शैवाल के कारण वह पुलिस की आंखों से ओझल हो गया। तीन विजुअल से समझें घटनाक्रम आरोपी ने खुद को पूरी तरह पानी में डुबो लिया खितौला थाना पुलिस और गोताखोरों की टीम ने जब रेस्क्यू शुरू किया तो पाया कि आरोपी पानी की सतह पर नहीं है। शातिर चोर ने खुद को पूरी तरह पानी में डुबो लिया था। केवल एक पाइपनुमा कमल-नाल के जरिए बाहर से ऑक्सीजन ले रहा था। करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने उसे काई के बीच से ढूंढ़ निकाला। देखिए दो तस्वीरें पुराने फोटो ने खोली पोल, ‘सनी’ नाम सुनते ही उगली असलियत गिरफ्तारी के बाद आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा। उसने अपना नाम बबलू और पता चंडीगढ़ बताया, लेकिन आरपीएफ थाना प्रभारी राजीव खरब को कुछ शक हुआ। उन्हें याद आया कि 2018 में उन्होंने एक वाॅन्टेड चोर का फोटो मोबाइल फोन में सेव किया था। जैसे ही उन्होंने आरोपी को उसके पुराने नाम सनी से पुकारा। आरोपी सन्न रह गया और अपनी असलियत उगल दी। यूपी के बिजनौर में निर्दलीय पार्षद भी रह चुका जांच में जो खुलासा हुआ उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। आरोपी का असली नाम हरविंदर सिंह है। उसकी उम्र 32 साल है। वह यूपी के बिजनौर का रहने वाला है। वह अब तक देशभर में 400 से ज्यादा चोरियां कर चुका है। वह 2017 में बिजनौर के हल्दौर नगर निकाय से निर्दलीय पार्षद भी रह चुका है। 2018 में 70 लाख के हीरे-जवाहरात मिले थे 2018 में आरोपी के पास से 70 लाख के हीरे-जवाहरात मिले थे। उसने अवंतिका एक्सप्रेस ट्रेन से एक यात्री की लाइसेंसी पिस्तौल और कैश भी चोरी किया था। वह हमेशा एसी कोच को निशाना बनाता था। टीसी से बचने के लिए बाथरूम में छिप जाता। बिना टिकट सफर करता था। 8 राज्यों की पुलिस को थी तलाश हरविंदर के खिलाफ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, और मुंबई समेत कई राज्यों में केस दर्ज हैं। वह हर वारदात के बाद सिम बदल लेता था। कभी कोई पहचान-पत्र साथ नहीं रखता था। फिलहाल, जबलपुर पुलिस और आरपीएफ उससे अन्य वारदातों के सिलसिले में पूछताछ कर रही है। ………………… यह खबर भी पढ़ें भोपाल में मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले में चोरी मध्य प्रदेश के खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले में चोरी हो गई है। बंगला परिसर में बने स्टोर रूम से अज्ञात चोर ट्रॉफियां, मोमेंटो और शील्ड उड़ा ले गए हैं। वारदात 2 और 3 अप्रैल की दरमियानी रात की है। इसका खुलासा 6 अप्रैल की सुबह हुआ है। पढ़ें पूरी खबर

रेत माफिया ने वन रक्षक को ट्रैक्टर से कुचला:मुरैना में 6 सदस्यीय टीम अवैध परिवहन रोकने गई थी; हत्या का केस दर्ज

रेत माफिया ने वन रक्षक को ट्रैक्टर से कुचला:मुरैना में 6 सदस्यीय टीम अवैध परिवहन रोकने गई थी; हत्या का केस दर्ज

मुरैना में रेत माफिया ने अवैध परिवहन पर कार्रवाई करने गई वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया। बदमाशों ने वन रक्षक हरकेश गुर्जर को ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात दिमनी थाना इलाके में रानपुर गांव चौराहे के पास बुधवार सुबह करीब 6 बजे की है। पुलिस ने बताया कि अवैध रेत परिवहन की सूचना पर वन विभाग की 6 सदस्यीय टीम कार्रवाई करने पहुंची थी। इसी दौरान ड्राइवर विनोद कोरी ने रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भागने की कोशिश की। वन रक्षक हरकेश गुर्जर रोकने के लिए आगे बढ़े तो विनोद ने उनको कुचल दिया। फिर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भाग निकला। पास ही बने पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरे में आरोपी विनोद कोरी की तस्वीरें कैद हुई हैं। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, एसपी समीर सौरभ और डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों से बात की। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शव का मुरैना जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। देखिए, 7 तस्वीरें… इलाके में पुलिस फोर्स तैनात कलेक्टर जांगिड़ ने दैनिक भास्कर से फोन पर चर्चा में बताया कि उन्होंने घटना स्थल का मुआयना किया है। पुलिस को आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश देने के निर्देश दिए हैं। एडिशनल एसपी सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा, ‘दिमनी थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। इलाके में अतिरिक्त फोर्स भेजी गई है।’ नेता प्रतिपक्ष ने लिखा- कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त ये खबर भी पढ़ें… तहसीलदार को कुचलने की कोशिश, कार को टक्कर मारी शहडोल में अवैध रेत खनन रोकने गए तहसीलदार पर खनन माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया। ब्यौहारी में बदमाशों ने तहसीलदार शनि द्विवेदी की सरकारी बोलेरो को जानबूझकर टक्कर मारकर कुचलने की कोशिश की। इसके बाद सड़क पर रेत फैलाकर अफसर की जान और खतरे में डाल दी। पूरी घटना का वीडियो सामने आया है। पढे़ं पूरी खबर…

गर्मी में डाइट में शामिल करें हरी सब्जी, फल और सलाद, स्किन पर बना रहेगा ग्लो, दिखेंगे सबसे स्मार्ट

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Last Updated:April 08, 2026, 08:26 IST Summer skin care tips: अप्रैल का महीना शुरू होते ही गर्मी अपना असर दिखाने लगती है. तेज धूप, बढ़ता तापमान और लू जैसी परिस्थितियां न सिर्फ सेहत पर असर डालती हैं, बल्कि त्वचा को भी नुकसान पहुंचाती हैं. इस मौसम में अगर सही देखभाल न की जाए तो त्वचा रूखी, बेजान और झुलसी हुई नजर आने लगती है.इसलिए जरूरी है कि अप्रैल की गर्मी में स्किन का खास ख्याल रखा जाए, ताकि त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनी रहे. अप्रैल का महीना शुरू होते ही गर्मी अपना असर दिखाने लगती है. तेज धूप, बढ़ता तापमान और लू जैसी परिस्थितियां न सिर्फ सेहत पर असर डालती हैं, बल्कि त्वचा को भी नुकसान पहुंचाती हैं. इस मौसम में अगर सही देखभाल न की जाए तो त्वचा रूखी, बेजान और झुलसी हुई नजर आने लगती है.इसलिए जरूरी है कि अप्रैल की गर्मी में स्किन का खास ख्याल रखा जाए, ताकि त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनी रहे. दरअसल रायबरेली जिले की ब्यूटीशियन आरती सिंह बताती है कि अप्रैल की तेज गर्मी में भी त्वचा को सुरक्षित रखा जा सकता है. नियमित देखभाल से स्किन न सिर्फ हेल्दी रहेगी, बल्कि प्राकृतिक चमक भी बनी रहेगी. सबसे पहले धूप से बचाव करना बेहद जरूरी है. तेज धूप में बाहर निकलने से पहले चेहरे और खुले हिस्सों पर सनस्क्रीन जरूर लगाएं. कम से कम एसपीएफ 30 या उससे अधिक वाली सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है. इसके अलावा धूप में निकलते समय टोपी, छाता या स्कार्फ का उपयोग करें, ताकि त्वचा पर सीधी धूप का असर कम पड़े. Add News18 as Preferred Source on Google दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप सबसे तेज होती है, इसलिए इस समय बाहर निकलने से बचना चाहिए. गर्मी के मौसम में त्वचा को हाइड्रेट रखना भी बहुत जरूरी है. शरीर में पानी की कमी का असर सीधे त्वचा पर दिखाई देता है. दिनभर में 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं. नारियल पानी, छाछ और ताजे फलों का सेवन भी त्वचा को अंदर से ठंडक देता है. इसके साथ ही चेहरे को दिन में दो से तीन बार ठंडे पानी से धोने से भी त्वचा ताजा बनी रहती है. गर्मी में ऑयली स्किन की समस्या भी बढ़ जाती है. हफ्ते में एक या दो बार घरेलू फेस पैक लगाना भी फायदेमंद होता है. जैसे बेसन, दही और हल्दी का पैक त्वचा को साफ और मुलायम बनाता है. खीरा, एलोवेरा जेल और गुलाब जल भी त्वचा को ठंडक देने में मदद करते हैं. इसके अलावा खानपान पर ध्यान देना भी जरूरी है. तली-भुनी और मसालेदार चीजों की जगह हरी सब्जियां, फल और सलाद को अपनी डाइट में शामिल करें.तरबूज, खरबूज और खीरा जैसे पानी से भरपूर फल त्वचा को हाइड्रेट रखते हैं. पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है, क्योंकि नींद पूरी न होने से त्वचा थकी हुई नजर आती है. First Published : April 08, 2026, 08:26 IST

Monsoon Deficit Alert | MP, Punjab, Haryana, Rajasthan Rain Less Than Normal

Monsoon Deficit Alert | MP, Punjab, Haryana, Rajasthan Rain Less Than Normal

Hindi News National Monsoon Deficit Alert | MP, Punjab, Haryana, Rajasthan Rain Less Than Normal नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक जून से सितंबर तक मानसून के 4 महीनों में देश में बारिश का सामान्य औसत 868.6 mm है -फाइल इस साल मानसून की बारिश सामान्य से कम रह सकती है। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर ने इस साल के मानसून का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार, बारिश सामान्य से 6% कम रह सकती है। जून से सितंबर तक मानसून के 4 महीनों में देश में बारिश का सामान्य औसत 868.6 mm है। सामान्य से कम मानसून का मतलब है कि बारिश 90% से 95% के बीच रहेगी। एजेंसी ने 94% बारिश का अनुमान दिया है। जून में सामान्य बारिश होगी, लेकिन जुलाई से गिरावट शुरू होकर अगस्त और सितंबर में मानसून कमजोर पड़ेगा। खासकर अगस्त-सितंबर में बारिश की कमी ज्यादा रहने के संकेत हैं। मध्य और पश्चिम भारत के मुख्य क्षेत्रों में बारिश कम रहने के आसार हैं। अगस्त-सितंबर में मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में सामान्य से कम बारिश की आशंका है। जुलाई से बारिश में कमी होने का अनुमान 101% बारिश एलपीए के मुकाबले जून में संभव। इस माह का एलपीए 165.3 मिमी है। 89% बारिश का पूर्वानुमान सितंबर में एलपीए के मुकाबले। एलपीए 167.9 मिमी है। 95% बारिश एलपीए के मुकाबले जुलाई में होगी। इस माह एलपीए 280.5 मिमी है। 92% बारिश अगस्त में एलपीए के मुकाबले संभव। इस माह का एलपीए 254.9 मिमी है। क्या होता है लॉन्ग पीरियड एवरेज यानी LPA इसका मतलब है कि मौसम विभाग ने 1971-2020 की अवधि के आधार पर दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) को 87 सेमी (870 मिमी) निर्धारित किया है। अगर किसी साल की बारिश 87 सेमी से ज्यादा होती है, तो उसे सामान्य से अधिक माना जाता है। अगर कम हो तो कमजोर मानसून माना जाता है। मानसून की शुरुआत के समय अल-नीनो बनने की संभावना स्काईमेट वेदर से जुड़े जतिन सिंह ने कहा कि मानसून की शुरुआत के समय अल-नीनो बनने की संभावना है। इससे मानसून कमजोर पड़ सकता है। हिंद महासागर द्विध्रुव (आईओडी) मजबूत हो तो अल-नीनो का असर कुछ कम होता है। अभी आईओडी सामान्य या थोड़ा अधिक रहने की उम्मीद है। इससे मानसून की शुरुआत ठीक होगी, लेकिन सीजन के दूसरे हिस्से में बारिश कमजोर पड़ने का खतरा रहेगा। अल नीनो और ला नीना क्लाइमेट (जलवायु) के दो पैटर्न होते हैं- अल नीनो: इसमें समुद्र का तापमान 3 से 4 डिग्री बढ़ जाता है। इसका प्रभाव 10 साल में दो बार होता है। इसके प्रभाव से ज्यादा बारिश वाले क्षेत्र में कम और कम बारिश वाले क्षेत्र में ज्यादा बारिश होती है। ला नीना: इसमें समुद्र का पानी तेजी से ठंडा होता है। इसका दुनियाभर के मौसम पर असर पड़ता है। आसमान में बादल छाते हैं और अच्छी बारिश होती है। साल 2025: तय समय से 8 दिन पहले केरल पहुंचा था मानसून पिछले साल दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय से 8 दिन पहले 24 मई को केरल पहुंचा था। ऐसा 16 साल बाद हुआ था। 2009 में 23 मई को केरल पहुंचा था। मुंबई में बारिश लाने वाला सिस्टम 16 दिन पहले ही एक्टिव हो गया था जो 1950 के बाद से सबसे जल्दी था। आमतौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून तक केरल पहुंचता है। 11 जून तक मुंबई और 8 जुलाई तक पूरे देश में फैल जाता है। इसकी वापसी उत्तर-पश्चिम भारत से 17 सितंबर को शुरू होती है और यह पूरी तरह 15 अक्टूबर तक लौट जाता है। भारत में पिछले साल मानसून जल्दी पहुंचने की मुख्य वजह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बढ़ी हुई नमी थी। समुद्र का तापमान सामान्य से ज्यादा रहा, जिससे मानसूनी हवाएं तेजी से सक्रिय हुईं थीं। पश्चिमी हवाओं और चक्रवातों की हलचल ने भी मानसून को आगे बढ़ने में मदद की थी। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन भी मौसम के पैटर्न में बदलाव की एक बड़ी वजह बना था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

ग्रामीण इलाकों में आम सा दिखने वाला मकोय का पौधा, पेट की गंभीर बीमारियों में फायदेमंद, एक्सपर्ट की सलाह पर करें उपयोग

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Last Updated:April 08, 2026, 08:16 IST वैद्य वेद प्रकाश पांडेय बताते हैं कि मकोय का पौधा लीवर से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद माना जाता है. पीलिया के मरीजों को इसका उपयोग करने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा यह पेट से जुड़ी दिक्कतों जैसे गैस, अपच और कब्ज में भी राहत देता है. यह पौधा आमतौर पर गांव में नजर आता है. मकोय को कई जगह काकमाची भी कहा जाता है. इसके छोटे-छोटे काले फल और हरे पत्ते होते हैं. आयुर्वेद में इस पौधे का खास महत्व बताया गया है. खेतों और आसपास के इलाकों में आसानी से मिलने वाला मकोय का पौधा देखने में भले ही साधारण लगता हो, लेकिन इसके औषधीय गुण इसे खास बनाते हैं. ग्रामीण इलाकों में लोग इसे लंबे समय से घरेलू इलाज के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे हैं. मकोय को कई जगह काकमाची भी कहा जाता है. इसके छोटे-छोटे काले फल और हरे पत्ते होते हैं. आयुर्वेद में इस पौधे का खास महत्व बताया गया है. मकोय लीवर के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. खासकर पीलिया (जॉन्डिस) जैसी बीमारी में इसका इस्तेमाल पुराने समय से घरेलू इलाज के रूप में किया जाता रहा है. ग्रामीण इलाकों में लोग इसके पत्तों का रस या काढ़ा बनाकर पीते हैं, जिससे लीवर को साफ करने और उसकी कार्यक्षमता बेहतर करने में मदद मिलती है. मकोय में ऐसे प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं, जो शरीर से विषैले तत्व (टॉक्सिन) बाहर निकालने में सहायक होते हैं.  मकोय पेट से जुड़ी समस्याओं में भी काफी लाभकारी माना जाता है. आजकल बदलती खानपान की आदतों की वजह से गैस, अपच और कब्ज जैसी दिक्कतें आम हो गई है, ऐसे में मकोय एक आसान घरेलू उपाय बन सकता है. लोग इसके पत्तों का साग बनाकर खाते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करता है. यह पेट को साफ रखने में सहायक होता है और कब्ज की समस्या को धीरे-धीरे कम कर सकता है.

मंदसौर में आंधी-तूफान, बोट से गिरी युवती की मौत:शादी समारोह में जा रही थी आशा, रात में मिला शव

मंदसौर में आंधी-तूफान, बोट से गिरी युवती की मौत:शादी समारोह में जा रही थी आशा, रात में मिला शव

मंदसौर जिले में मंगलवार देर शाम से रात तलक आए तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के चलते जहां कई जगह पेड़ गिर गए, वहीं शादी समारोहों के लिए लगाए गए पंडाल तक उखड़ गए। इस बीच एक दर्दनाक हादसे में मोटर बोट (स्टीमर) से नदी में गिरने पर एक युवती की मौत हो गई। नदी में डोली बोट, युवती गिरी पानी में जानकारी के अनुसार, गांव कुशालपुरा निवासी 24 वर्षीय आशा पिता कन्हैयालाल सूर्यवंशी, गांव खात्याखेड़ी में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने जा रही थी। इसी दौरान ग्राम ढौर्री के पास नदी पार करते समय तेज हवा के झोंकों से मोटर बोट अनियंत्रित हो गई। बोट के डोलने से आशा संतुलन खो बैठी और नदी में गिर गई। घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन, देर रात मिला शव घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। नाहरगढ़ थाना पुलिस ने स्थानीय गौताखोरों और एसडीईआरएफ की मदद से तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत और घंटों की खोजबीन के बाद मंगलवार देर रात युवती का शव नदी से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा शव शव को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र नाहरगढ़ लाया गया है। बुधवार सुबह पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिवार में पसरा मातम, इलाके में शोक की लहर अचानक हुए इस हादसे से मृतका के परिवार में गहरा शोक है और पूरे क्षेत्र में घटना को लेकर दुख का माहौल है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में युवती की मौत नदी में गिरने से होना सामने आया है। मंगलवार देर शाम को आए तेज आंधी-तूफान ने जिलेभर में व्यापक असर डाला। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और शादी के पंडाल उखड़ने की घटनाएं सामने आईं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक समिति अध्यक्ष का निधन:गुरनाम सिंह डंग का 65 वर्ष की उम्र में देहांत; आज भक्तन की बावड़ी में होगा अंतिम संस्कार

श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक समिति अध्यक्ष का निधन:गुरनाम सिंह डंग का 65 वर्ष की उम्र में देहांत; आज भक्तन की बावड़ी में होगा अंतिम संस्कार

श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति के अध्यक्ष गुरनाम सिंह डंग (65) का कुछ दिनों की बीमारी के बाद मंगलवार रात निधन हो गया। शिक्षा और सामाजिक कार्यों में सक्रिय गुरनाम सिंह डंग पिछले 16 साल से समिति के अध्यक्ष पद पर थे। वर्तमान में उनका अंतिम संस्कार 8 अप्रैल (बुधवार) को भक्तन की बावड़ी स्थित मुक्तिधाम में किया जाएगा और उनके निधन के चलते समिति द्वारा संचालित दोनों स्कूलों में बुधवार को अवकाश घोषित किया गया है। 16 साल से थे अध्यक्ष, सिंघ सभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष भी रहे शिक्षा जगत और सामाजिक कार्यों में अग्रणी गुरनाम सिंह डंग पिछले 16 साल से श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति के अध्यक्ष थे। इसके साथ ही वे मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ केंद्रीय श्री गुरु सिंघ सभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे, जिसके चलते मंगलवार रात उनका देहांत हो गया। उनके परिवार में एक भाई सतपाल सिंह, दो बेटे अंकित डंग व अर्पित डंग और एक बेटी सोनल है। दोपहर 1 बजे निवास से निकलेगी अंतिम यात्रा गुरनाम सिंह डंग की अंतिम यात्रा 8 अप्रैल (बुधवार) को दोपहर 1 बजे राज गार्डन के सामने बरबड़ रोड स्थित उनके निवास स्थान से निकाली जाएगी। अंतिम संस्कार भक्तन की बावड़ी स्थित मुक्तिधाम में किया जाएगा। समिति द्वारा संचालित दोनों स्कूलों में रहेगा अवकाश अध्यक्ष गुरनाम सिंह डंग के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति द्वारा संचालित स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की गई है। इसके तहत श्री गुरु बहादुर एकेडमी और श्री गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल में 8 अप्रैल को पूर्ण रूप से अवकाश रहेगा।