Karnataka Congress Cabinet Reshuffle Demand | dk shivakumar

Hindi News National Karnataka Congress Cabinet Reshuffle Demand | Dk Shivakumar | Siddaramaiah बेंगलुरु/नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक कर्नाटक कांग्रेस में कैबिनेट फेरबदल की मांग कर रहे 40 सीनियर विधायकों में 30 विधायक रविवार को दिल्ली पहुंचे। यहां वे पार्टी हाईकमान से मिलकर मंत्रिमंडल में फेरबदल और नए चेहरों को मौका देने की मांग करेंगे। तीन से ज्यादा बार विधायक बन चुके करीब 40 विधायकों की मांग है कि मौजूदा मंत्रियों को लगभग तीन साल का समय मिल चुका है, इसलिए अब सीनियर विधायकों को मौका दिया जाए। दूसरी ओर पहली बार चुने गए विधायकों ने भी दबाव बढ़ाते हुए मंत्री बनाने की मांग दोहराई है। कर्नाटक कांग्रेस के विधायक अशोक पट्टन ने कहा कि पोर्टफोलियो बांटते समय रणदीप सुरजेवाला ने भरोसा दिया था कि सभी को मौका मिलेगा, लेकिन वही लोग बार-बार चौथी बार भी उन्हीं मंत्रालयों में नियुक्त किए जा रहे हैं। विधायक किसी को ब्लैकमेल नहीं कर रहे, बल्कि पार्टी नेतृत्व को सिर्फ उसका पुराना वादा याद दिलाने आए हैं। पहली बार चुने गए 38 MLA ने भी मंत्री पद मांगा कैबिनेट फेरबदल की मांग सिर्फ सीनियर विधायकों तक सीमित नहीं है। पहली बार विधायक बने 38 कांग्रेस MLA भी लामबंद हो गए हैं। इन विधायकों ने हाल ही में पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखकर मांग की है कि फेरबदल के दौरान उनमें से कम से कम 5 को मंत्री बनाया जाए। मांड्या से पहली बार विधायक बने रविकुमार गौड़ा (रवि गनीगा) ने कहा कि मंत्री बनने की इच्छा हर विधायक की होती है और नए चेहरों को भी मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमारी मांग है कि पहली बार चुने गए विधायकों में से कम से कम पांच लोगों को कैबिनेट में शामिल किया जाए। मांग करना गलत नहीं है।” उन्होंने कुछ मौजूदा मंत्रियों के कामकाज पर भी सवाल उठाए और कहा कि कुछ मंत्री न तो उपलब्ध रहते हैं और न ही काम ठीक से हो रहा है। 2 कैबिनेट पद पहले से खाली कर्नाटक में मुख्यमंत्री समेत कुल 34 मंत्रियों की मंजूरी है। फिलहाल दो मंत्री पद पहले से खाली हैं। इनमें एक पद बी नागेंद्र के इस्तीफे के बाद खाली हुआ, जिन पर कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि एसटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में गबन के आरोप लगे थे। दूसरा पद पार्टी हाईकमान के निर्देश पर केएन राजन्ना को हटाए जाने के बाद खाली हुआ। ऐसे में विधायकों की मांग है कि इन पदों को भरने के साथ व्यापक फेरबदल किया जाए। दिल्ली पहुंचे नेताओं में टीबी जयचंद्र, अशोक पट्टन, एसएन नारायणस्वामी, के. शदाक्षरी, एआर कृष्णमूर्ति, पुट्टारंगा शेट्टी और बेलूर गोपाल कृष्ण समेत कई विधायक शामिल हैं। ये नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, रणदीप सिंह सुरजेवाला और संभव हो तो राहुल गांधी से भी मुलाकात करेंगे। वरिष्ठ विधायक टीबी जयचंद्र ने कहा कि यह एक नियमित राजनीतिक प्रक्रिया है और उनका मुख्य एजेंडा सिर्फ कैबिनेट फेरबदल है। उन्होंने साफ किया कि नेतृत्व परिवर्तन का मुद्दा उनके एजेंडे में नहीं है। उन्होंने कहा, “सरकार को तीन साल पूरे हो चुके हैं और अब केवल दो साल का कार्यकाल बचा है। ऐसे में वरिष्ठ विधायकों को भी मंत्री बनने का अवसर मिलना चाहिए।” फेरबदल के पीछे नेतृत्व की खींचतान भी कर्नाटक कांग्रेस में यह हलचल ऐसे समय तेज हुई है, जब पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर भी खींचतान जारी है। 2023 में सरकार बनने के समय मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी CM डीके शिवकुमार के बीच कथित पावर-शेयरिंग फॉर्मूले की चर्चा रही थी। अब सरकार अपने कार्यकाल के मध्य चरण में पहुंच रही है, जिसके बाद नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें भी तेज हो गई हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया कैबिनेट फेरबदल के पक्ष में हैं, जबकि शिवकुमार चाहते हैं कि पहले नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला हो। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि यदि हाईकमान कैबिनेट फेरबदल को मंजूरी देता है, तो इसका संकेत यह माना जा सकता है कि सिद्धारमैया पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। इससे शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है। शिवकुमार ने कहा था- सब मंत्री या मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं इस बीच डिप्टी CM डीके शिवकुमार ने भी गुरुवार को कहा था कि यदि मुख्यमंत्री ने फेरबदल के संकेत दिए हैं तो हर विधायक का मंत्री या मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा था- इसमें कुछ भी गलत नहीं है। हर कोई कोशिश कर सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
खंडवा में ट्रेन से एलपीजी गैस लीकेज, एक वैगन आइसोलेट:पनवेल से जबलपुर जा रही थी ट्रेन; पीथमपुर से बुलाए एक्सपर्ट

मध्यप्रदेश के खंडवा में रविवार देर रात एक होने से हादसा टल गया। खंडवा रेलवे स्टेशन के आउटर पर एक मालगाड़ी ट्रेन से एलपीजी गैस लीकेज हो गई हैं। देखिए तस्वीरें…
ग्वालियर में टीआई ने किया महिला से रेप:बुटीक संचालक महिला से फेसबुक पर दोस्ती, प्यार फिर किया दुष्कर्म, खुद को बताया था कुंआरा

ग्वालियर में एक इंस्पेक्टर (टीआई, पीटीएस तिघरा) के खिलाफ झांसी रोड थाना में दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। शिकायत 38 वर्षीय विधवा महिला ने दर्ज कराई है। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने फेसबुक के जरिए महिला से दोस्ती की, खुद को अविवाहित बताया और शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए, जबकि वह पहले से शादीशुदा और दो बच्चों का पिता है। मामला झांसी रोड थाना क्षेत्र के हरिशंकरपुरम इलाके का है। महिला शहर की एक पॉश कॉलोनी में बुटीक संचालित करती है। उसके पति का कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका है और उसका एक बच्चा भी है। कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर उसकी पहचान टीआई रूपेश शर्मा से हुई। बातचीत बढ़ने के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने अपनी शादी छिपाकर महिला को भरोसे में लिया और उससे शादी करने का वादा किया। महिला के अनुसार, इसी दौरान इंस्पेक्टर उसके घर आया और शादी के नाम पर उसके साथ संबंध बनाए। जब उसने विरोध किया तो आरोपी ने शादी का आश्वासन देकर उसे शांत किया। बाद में जब महिला ने शादी के लिए दबाव बनाया तो इंस्पेक्टर टालमटोल करने लगा। संदेह होने पर महिला ने जानकारी जुटाई, जिसमें पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है। सच्चाई सामने आने के बाद महिला ने विरोध किया तो आरोपी ने उसे धमकाया। इसके बाद महिला ने झांसी रोड थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दी। थाना प्रभारी ने मामले की जांच कर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। जांच के बाद रविवार देर रात करीब 12 बजे आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
ग्वालियर में पकड़ा भिंड का बदमाश:कैंसर हिल्स पर वारदात के इंतजार में था, पिस्टल व कारतूस बरामद

ग्वालियर क्राइम ब्रांच, कंपू थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर भिंड के एक शातिर बदमाश को ग्वालियर से गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया बदमाश कैंसर हिल्स पर किसी वारदात के इंतजार में खड़ा था। पुलिस को देखते ही वह जंगल की ओर भागा, लेकिन पुलिस ने उसे पीछा कर गिरफ्तार कर लिया है। बदमाश की तलाशी लेने पर एक पिस्टल व कारतूस मिले हैं। पुलिस भिंड से बदमाश का आपराधिक रिकॉर्ड मंगा रही है। साथ ही पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की जा रही है। डीएसपी क्राइम ब्रांच नागेन्द्र सिंह सिकरवार ने बताया कि सूचना मिली थी कि एक बदमाश किसी वारदात को अंजाम देने के इरादे से कैंसर हिल्स पर आया है। इसका पता चलते ही थाना प्रभारी क्राइम ब्रांच अमित शर्मा, कंपू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। जिस पर पुलिस ने सर्चिग कर एक शख्स को कैंसर हिल्स के सूनसान रास्ते पर खड़ा देखा। पुलिस को देखते ही उसने जंगल की ओर दौड़ लगा दी, लेकिन पुलिस ने पीछा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आपराधिक रिकॉर्ड मंगा रही पुलिस पुलिस को पता लगा है कि पकड़ा गया आरोपी अंकुश भिंड के लहार में पुलिस का निगरानीशुदा बदमाश है। अभी पुलिस इस बात की पुष्टि कर रही है। साथ ही कंपू थाना पुलिस ने भिंड पुलिस से अंकुश का आपराधिक रिकॉर्ड मांगा है। साथ ही उससे पूछताछ शुरू कर दी है कि वह कि मंशा से कैंसर हिल्स पर खड़ा था। पुलिस का कहना इस मामले में डीएसपी क्राइम नागेन्द्र सिंह सिकरवार ने बताया कि एक बदमाश को पिस्टल के साथ पकड़ा है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है कि वह किस मंशा से पिस्टल लेकर वहां खड़ा था। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी चेक कराया जा रहा है।
इंदौर में कंपनी के कर्मचारियों ने पार्सल में की हेराफेरी:कंपनी के सीनियर एक्जीकेटिव की शिकायत पर एफआईआर

चंदन नगर थाना पुलिस ने एक कंपनी की शिकायत पर उसके ही दो कर्मचारियों के खिलाफ माल में हेराफेरी (गबन) का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि दोनों कर्मचारी लंबे समय से कंपनी को नुकसान पहुंचा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, नीरज जायसवाल, एनटेक्स ट्रांसपोर्टेशन कंपनी में लायजनिंग सीनियर एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी Amazon के लिए अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर का काम करती है। कंपनी में सुपरवाइजर रहे दीपक मोहरे (निवासी पालदा) और डिलीवरी बॉय प्रवीण सिंह (निवासी जालोर, राजस्थान) सितंबर 2024 से जनवरी 2026 तक कार्यरत थे। आरोप है कि ग्राहक द्वारा पार्सल न लेने पर जो सामान वापस भेजा जाता था, उसमें दोनों कर्मचारियों ने हेराफेरी की। जब कंपनी ने पार्सल चेक किए तो उनमें मूल (ओरिजिनल) सामान नहीं मिला। इस तरह करीब 10 लाख 90 हजार रुपए का माल कंपनी को वापस नहीं मिला। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी डिलीवरी के दौरान सामान बदल देते थे और बाद में उसे ग्राहक द्वारा लौटाया गया बताकर कंपनी को धोखा देते थे। कंपनी द्वारा नोटिस देने के बाद दोनों से पूछताछ की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।
द्रविड़ बनाम दिल्ली मॉडल, हाउस अरेस्ट विवाद: प्रमुख विवाद, तमिलनाडु अभियान में बयान | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:13 अप्रैल, 2026, 00:32 IST इस दौड़ को राज्य की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें शासन, पहचान और “द्रविड़ियन मॉडल” के भविष्य पर सवाल बहस पर हावी हैं। तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री और डीएमके यूथ विंग के सचिव उदयनिधि स्टालिन एक रोड शो के दौरान। (पीटीआई फोटो) 23 अप्रैल को होने वाले 234 सीटों वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए अभियान सत्तारूढ़ द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन, अन्नाद्रमुक-एनडीए गठबंधन और अभिनेता विजय की नई लॉन्च की गई तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) के बीच एक भयंकर राजनीतिक प्रतियोगिता में बदल गया है। इस दौड़ को राज्य की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें शासन, पहचान और “द्रविड़ मॉडल” के भविष्य पर सवाल बहस पर हावी हैं। टीवीके की एंट्री से राजनीति में हलचल मच गई है टीवीके के जरिए अभिनेता विजय का राजनीति में प्रवेश एक प्रमुख चर्चा का विषय बनकर उभरा है। पार्टी, जिसे फरवरी 2024 में लॉन्च किया गया था और जिसे “सीटी” चिन्ह आवंटित किया गया था, सभी 234 सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ रही है। विजय पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व से चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। जहां उनके प्रवेश ने युवा मतदाताओं को उत्साहित किया है, वहीं इसने विपक्षी वोटों में संभावित विभाजन के बारे में स्थापित पार्टियों के बीच चिंता भी बढ़ा दी है। यह भी पढ़ें: ‘दक्षिण की अयोध्या’ नहीं: कैसे टीवीके के सीटीआर निर्मल कुमार थिरुपरनकुंड्रम रेत में एक रेखा खींच रहे हैं | अनन्य अभियान में तनाव की घटनाएं भी देखी गईं, जिसमें अरुंबक्कम में टीवीके उम्मीदवार के वाहन पर पत्थर फेंका जाना भी शामिल है। ‘हाउस अरेस्ट’ के आरोप से विवाद छिड़ गया एआईएडीएमके नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया कि डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने उनके पिता, दिवंगत मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि को उनके अंतिम दिनों में “घर में नजरबंद” रखा था। वायरल ऑडियो क्लिप पर आधारित इस टिप्पणी पर डीएमके नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिन्होंने दावे को निराधार और मानहानिकारक बताया। ईपीएस ने आगे कहा कि अगर एआईएडीएमके सत्ता में लौटी तो जांच का आदेश दिया जाएगा, जिससे राजनीतिक जुबानी जंग तेज हो जाएगी। ‘भगवा झूठ’ और द्रविड़ बनाम दिल्ली की लड़ाई तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र पर जोरदार हमला किया है और उस पर राज्य के विकास के बारे में “भगवा झूठ” फैलाने का आरोप लगाया है। रैलियों में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि तमिलनाडु कई सामाजिक और आर्थिक संकेतकों में अग्रणी है और आरोप लगाया कि अन्नाद्रमुक ने “राज्य की स्वायत्तता भाजपा को सौंप दी है”। स्टालिन ने बार-बार चुनाव को “तमिलनाडु बनाम दिल्ली” प्रतियोगिता के रूप में परिभाषित किया है, यह दावा करते हुए कि अन्नाद्रमुक भाजपा के अधीन हो गई है। यह भी पढ़ें: ‘द्रमुक बनाम एनडीए नहीं, यह तमिलनाडु बनाम एनडीए है’: चुनाव प्रचार के बीच कनिमोझी ने विजय पर निशाना साधा उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त किए और चुनाव को “शत्रुतापूर्ण दिल्ली टीम” के खिलाफ लड़ाई बताया। उन्होंने मतदाताओं से “द्रविड़ मॉडल 2.0” का समर्थन करने का आग्रह करते हुए कहा कि 23 अप्रैल का विधानसभा चुनाव राज्य में विकास और कल्याण पहल को जारी रखने के लिए महत्वपूर्ण है। व्यक्तिगत हमले और आदान-प्रदान चुनाव अभियान में द्रमुक और अन्नाद्रमुक के बीच व्यक्तिगत हमलों में तेज वृद्धि देखी गई है, जिसमें नेता नीतिगत मुद्दों से परे आरोप लगा रहे हैं। द्रमुक संसद सदस्यों ने कनिमोझी करुणानिधि के खिलाफ “अपमानजनक” टिप्पणी के लिए अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) की कड़ी निंदा की। उन्होंने उन पर बार-बार राजनीतिक सीमाएं लांघने और महिला नेताओं को कमजोर करने वाली टिप्पणियां करने का आरोप लगाया और कहा कि इस तरह की बयानबाजी चुनाव से पहले बढ़ती राजनीतिक हताशा को दर्शाती है। हालाँकि, ईपीएस ने डीएमके पर पलटवार करते हुए सत्तारूढ़ दल की आलोचना तेज कर दी है। उन्होंने द्रमुक को एक ही परिवार द्वारा नियंत्रित “कॉर्पोरेट कंपनी” के रूप में वर्णित किया है, यह तर्क देते हुए कि यह अब सार्वजनिक सेवा पार्टी के रूप में कार्य नहीं करती है। उन्होंने द्रमुक पर अन्नाद्रमुक की नीतियों और चुनावी वादों की नकल करने का भी आरोप लगाया और दावा किया कि सत्तारूढ़ दल में मौलिकता का अभाव है और वह मतदाताओं को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 13 अप्रैल, 2026, 00:25 IST समाचार चुनाव द्रविड़ बनाम दिल्ली मॉडल, हाउस अरेस्ट पंक्ति: प्रमुख विवाद, तमिलनाडु अभियान में बयान अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)एमके स्टालिन(टी)तमिलनाडु में बीजेपी(टी)तमिलगा वेत्री कड़गम(टी)विजय टीवीके पार्टी(टी)एआईएडीएमके राजनीति(टी)एडप्पादी के. पलानीस्वामी
इंदौर में 12 वर्षीय छात्रा से दोस्ती के बाद रेप:जेवर और नकदी भी लेकर रख लिए; परिजनों ने पूछताछ की तब हुआ खुलासा

इंदौर की हीरानगर पुलिस ने रविवार को 12 साल की एक छात्रा से दोस्ती के बाद उसके साथ रेप के मामले में FIR दर्ज की है। आरोपी के घर पर रात में पुलिस ने दबिश दी और उसे हिरासत में ले लिया। लड़के के पिता सेल्स टैक्स में कार्यरत हैं। टीआई सुशील पटेल के मुताबिक, इलाके में रहने वाली छात्रा अपने पिता और मां के साथ रविवार रात थाने पहुंची। उसने बताया कि सेल्स टैक्स कॉलोनी निवासी आरव ने उसके साथ रेप किया। वहीं, उसे धमकाकर नकदी और जेवर भी अपने पास रख लिए। छात्रा ने बताया कि कुछ दिन पहले इंस्टाग्राम पर दोनों की बातचीत हुई। इसके बाद आरव उससे मिलने आया और उसके साथ गलत काम किया। 9 अप्रैल को भी उसने छात्रा को दोबारा संबंध बनाने के लिए राजी किया। आरव ने छात्रा से कहा कि उसे किसी को रुपए देना है। इसके चलते उसने छात्रा के घर से जेवर और नकदी लेकर अपने पास रख लिए। छात्रा के परिजनों को जब घर पर जेवर और नकदी नहीं मिले, तो उन्होंने उससे पूछताछ की, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। हालांकि पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर छात्रा को साथ लेकर आरोपी के घर पहुंचकर उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है।
10 रुपए के लिए किया बुकिंग क्लर्क को बर्खास्त:जबलपुर हाईकोर्ट ने कहा- विभागीय जांच निष्पक्ष होनी चाहिए; 25 साल बाद मिला न्याय

रेलवे में नौकरी के दौरान एक बुकिंग क्लर्क को सिर्फ 10 रुपए अधिक लेने के आरोप में विजिलेंस ने पकड़कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की। बुकिंग क्लर्क ने टीम के सामने अपने आपको बेकसूर करने का बहुत प्रयास किया। वह बार-बार कह रहे थे कि जिस दौरान यात्री काउंटर में टिकट लेने आया था, उस समय भीड़ बहुत थी, हो सकता है भूल हो गई। इसके बाद भी बिना सुनवाई के कार्रवाई की और रेलवे से उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। मामला जनवरी 2001 का है। बुकिंग क्लर्क नारायण नायर ने अपने खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर पहले केंद्रीय प्रशासनिक प्रधिकरण (केट) और फिर जबलपुर हाईकोर्ट में लड़ाई लड़ी और आखिरकार 25 साल बाद शनिवार को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए विजिलेंस की कार्रवाई की गलत पाया। मामले पर अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए विजिलेंस विभाग की पूरी कार्रवाई को अवैध और नियमों के खिलाफ ठहरा दिया। जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच के इस फैसले पर 25 साल बाद टीटी की बहाली का रास्ता साफ हुआ है। 31 रुपए वापस करने थे, 21 रुपए लौटाए 4 जनवरी 2002 को रेलवे में पदस्थ बुकिंग क्लर्क नारायण नायर की श्रीधाम स्टेशन पर टिकट काउंटर में ड्यूटी लगी थी। इसी दौरान विजिलेंस की टीम आ गई। जांच के दौरान एक शख्स सामने आया, जिसका कहना था कि नारायण नायर को 31 रुपए वापस करने थे, पर उन्होंने 21 रुपए लौटाए। विजिलेंस टीम का कहना था कि नारायण नायर के पास 450 रुपए अतिरिक्त थे, जिस पर उनका कहना था कि यह रुपए पत्नी की दवा लाने के लिए रखे थे। विजिलेंस को मौके पर टिकट का बंडल भी मिला था, जिसको लेकर कहा गया कि वो जमीन पर पड़ा था, जिसको लेकर उन्हें जानकारी नहीं है। इसके अलावा 778 रुपए अतिरिक्त थे, जो कि बाद में सिर्फ 7 रुपए पाए गए। पहले सस्पेंड किया, फिर बर्खास्त विजिलेंस टीम ने नारायण नायर पर चार केस के तहत कार्रवाई करते हुए जांच शुरु कर दी। जांच के दौरान नारायण नायर को दोषी पाते हुए पहले निलंबित कर दिया गया, उसके बाद 15 मार्च 2002 को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। नारायण नायर ने विजिलेंस की कार्रवाई के विरोध में वरिष्ठ अधिकारी सहायक मंडल रेलवे प्रबंधक के समक्ष अपील की, कोई आरोप भी सिद्ध नहीं हुआ,इसके बाद भी उन्हें वहां से राहत नहीं मिली, तो वर्ष 2002 में ही केंद्रीय प्रशासनिक प्रधिकरण (CAT) में केस दायर किया। विजिलेंस की जांच में गंभीर खामियां मिलीं केंद्रीय प्रशासनिक प्रधिकरण (CAT) ने मामले पर सुनवाई करते हुए 16 जुलाई 2004 को नारायण नायर को राहत देते हुए उनकी सेवा से हुई बर्खास्तगी के आदेश को निरस्त कर दिया। केट के आदेश को रेलवे ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए 2005 में अपील दायर की थी। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान टीटी नारायण नायर की ओर से अधिवक्ता आकाश चौधरी ने दलीलें रखी। लगातार कई सालों तक चले इस केस में आखिरकार अप्रैल 2026 में फैसला आया, जिसमें जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच सुनवाई के बाद दिए फैसले में विजिलेंस की जांच में गंभीर खामियां पाईं। कोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी द्वारा अभियोजन की भूमिका निभाने को गलत बताया और याचिकाकर्ता को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका नहीं दिया जो कि अवैध माना गया है। बुकिंग क्लर्क नारायण नायर की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने CAT के फैसले को सही ठहराते हुए रेलवे की अपील खारिज कर दी है। इस फैसले के बाद टीटी नारायण नायर की बहाली का रास्ता साफ हो गया है। उन्हें पिछले 25 सालों के अन्य लाभ भी मिल सकते हैं। छोटे आरोपों में भी न्याय के सिद्धांत का पालन जरूरी कोर्ट ने अपनी सख्त टिप्पणी मे कहा कि विभागीय जांच निष्पक्ष और नियम सम्मत होनी चाहिए। छोटे आरोपों में भी प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन जरूरी है। आर्डर में कोर्ट ने कहा कि जांच में अनेक अनियमितताएं हैं, और अधिकांश आरोप संदेह से परे सिद्ध नहीं हुए हैं। इसलिए, न्यायालय ने यह सही माना है कि आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं। इन निर्णयों में स्थापित सिद्धांतों को लागू करते हुए, यह न्यायालय न्यायाधिकरण के इस निष्कर्ष से सहमत है कि प्रतिवादी के विरुद्ध जांच प्रक्रियात्मक रूप से त्रुटिपूर्ण थी और प्राकृतिक न्याय का पालन करने में विफल रही। तदनुसार, भारत के संविधान के अनुच्छेद 227 के अंतर्गत प्रस्तुत याचिका खारिज की जाती है, और केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण के 16 जुलाई 2004 को पारित आदेश को बरकरार रखा जाता है।
थमने का नाम नहीं ले रहा वंदे मातरम् विवाद:मालिनी गौड़ बोलीं- हम ऐसे लोगों से वोट ही नहीं मांगते, आकाश विजयवर्गीय ने कहा-ऐसे लोग देशद्रोही

इंदौर में नगर निगम बजट परिषद के दौरान शुरू हुआ वंदे मातरम् का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इंदौर में बीजेपी विधायक मालिनी गौड़ ने ऐलान किया है कि वह उन जगहों पर वोट मांगने भी नहीं जाती, जहां लोग वंदे मातरम् नहीं बोलते हैं। वहीं आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि जो लोग वंदेमातरम नहीं बोलते वो लोग आतंकी से कम नहीं है, ये लोग देशद्रोही हैं। बीजेपी विधायक मालिनी गौड़ ने कहा कि जो इस देश में रहेगा, उसे “वंदे मातरम” और “भारत माता की जय” बोलना ही होगा। यह देशभक्ति से जुड़ा विषय है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने दिवंगत नेता लखन दादा का जिक्र करते हुए कहा कि वे भी यही कहते थे और वह स्वयं भी उसी विचारधारा पर चलती हैं। मुझे उनके वोट भी नहीं चाहिए जो वंदे मातरम् नहीं बोलते और भारत माता की जय नहीं बोलते। वहीं पूर्व मंत्री व विधायक ऊषा ठाकुर ने कहा कि वंदे मातरम गाना होगा, नहीं तो भारत से जाना होगा। ऐसे लोगों के वोट नहीं चाहिए मालिनी गौड़ ने कहा कि जो लोग वंदे मातरम् या भारत माता की जय बोलने से परहेज करते हैं, उनके वोट की उन्हें आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे क्षेत्रों में वे चुनाव प्रचार के लिए भी नहीं जातीं। विधायक के इस बयान के बाद पहले से चल रहा वंदे मातरम् विवाद और तेज हो गया है। राजनीतिक हलकों में इस बयान को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विवाद में आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि ये तो भाजपा का शासन, मोदी जी की सरकार है। आरएसएस जैसी संस्था है। वरना वंदे मातरम् पर आपत्ति लेने वाले लोग अवसर मिलने पर देश और समाज का बड़ा नुकसान कर सकते हैं। इस देश में रहना है तो वंदे मातरम् बोलना होगा इधर, राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम विवाद पर पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि इस देश में रहना होगा तो वंदे मातरम् कहना होगा। इस्लाम इजाजत नहीं देता, तो ये इस्लामिक कंट्री तो है नहीं, भारत स्वतंत्र एक देश है जो संविधान के सिद्धांतों पर चलता है। तुम्हें गाड़ने की जो अनुमति मिली है वह भी भारत माता की असीम कृपा से ही मिली है, जिसकी गोद में आप समाहित होते हैं उसकी प्रार्थना करने से आपको परहेज है। भारत में रहना है तो वंदे मातरम् गाना होगा, नहीं तो भारत से जाना होगा। खामनेई की मौत पर छाती पीटने वाले अल्पसंख्यक वर्ग के भाई-बहन इस देश में सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं और सबसे ज्यादा योजनाओं का फायदा उठा रहे हैं और उसके बाद इनके लोगों के भीतर इतनी राष्ट्रद्रोहिता बसी हुई है। मामले को लेकर परिवाद दायर सामाजिक कार्यकर्ता विकास अवस्थी ने एडवोकेट आकाश शर्मा के माध्यम से जिला कोर्ट में परिवाद प्रस्तुत करते हुए आरोप लगाया है कि संबंधित पार्षदों ने मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह बयान दिया कि इस्लाम में ‘वंदे मातरम्’ गाना प्रतिबंधित है। शहर में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका जताई गई है। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर की पार्षद रुबीना खान का वंदे मातरम् गाते VIDEO इंदौर नगर निगम में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर सियासी विवाद में नया मोड़ आ गया है। जिस गीत को इस्लाम का हवाला देकर पार्षद रुबीना खान ने गाने से इनकार किया था, अब उसी को गाते हुए उनके दो वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो 2023-24 बजट सत्र का है, दूसरा 2026-27 का। दोनों में रुबीना वंदे मातरम् गाते और नारे लगाते दिख रही हैं।
हॉकी में उभरा MP, सब-जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन:बेटियों के बाद बेटों ने भी रचा इतिहास, दोनों टीमों ने जीता रजत

मध्यप्रदेश हॉकी में नई ताकत बनकर उभर रहा है। रांची में आयोजित 16वीं हॉकी इंडिया सब-जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026 में प्रदेश की महिला और पुरुष दोनों टीमों ने शानदार खेल दिखाते हुए रजत पदक अपने नाम किए। दोनों टीमों ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासित रणनीति, आक्रामक खेल और बेहतरीन टीमवर्क का प्रदर्शन कर प्रदेश का मान बढ़ाया। फाइनल में महिला टीम ने झारखंड को हराया मध्यप्रदेश महिला हॉकी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार लय बनाए रखी। फाइनल में मेजबान झारखंड के खिलाफ टीम ने 2–1 के करीबी मुकाबले में अंत तक संघर्ष किया। गीताश्री ने शुरुआती गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई और मैच के दौरान दबाव बनाए रखा। सेमीफाइनल में ओडिशा जैसी मजबूत टीम को हराकर फाइनल तक पहुंचना टीम की तैयारी और संयम का बड़ा प्रमाण रहा। युवा जोश और प्रतिभा से भरी महिला टीम टीम में महक परिहार, साजेदा बेगम, शालिनी सिंह, स्नेहा दवाड़े, मानसी, प्रियंशी केश्त्रे, सुदीप्ता, नौसीन नाज़, गीता श्री, भाविका, जागृति, आक्शा खान, सादफ खान और मुस्कान रघुवंशी सहित कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासन और समर्पण का परिचय दिया। यह टीम भविष्य की बड़ी उम्मीद के रूप में उभर रही है। पुरुष टीम ने भी दिखाया दम, आक्रामक खेल से जीता दिल मध्यप्रदेश पुरुष हॉकी टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। फाइनल में उत्तर प्रदेश के खिलाफ टीम ने 5–2 का स्कोर खड़ा कर दमदार खेल दिखाया। गाजी खान ने शुरुआती गोल कर टीम को बढ़त दिलाई, इसके बाद करण गौतम ने बढ़त को मजबूत किया। पूरी टीम ने सटीक पासिंग, तेज अटैक और शानदार तालमेल का प्रदर्शन किया। पुरुष टीम में युवा प्रतिभाओं का दमदार प्रदर्शन राजक आयुष, अंश बहुतरा (कप्तान), अवि माणिकपुरी, अली गुफरान, करण गौतम, गाजी खान, हर्षित धोते (गोलकीपर) सहित टीम के सभी खिलाड़ियों ने एकजुट होकर खेला और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। खेल मंत्री विश्वास सारंग ने दी बधाई प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दोनों टीमों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों की मेहनत, कोचिंग स्टाफ के मार्गदर्शन और राज्य में विकसित खेल सुविधाओं का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के खिलाड़ी आगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बड़ी सफलताएं हासिल करेंगे।
