गर्मियों में मिलने वाला ये छोटा गोल-मटोल फल, शरीर को दे ठंडक, एनर्जी करे बूस्ट, खाएंगे तो होंगे ये बड़े फायदे

Last Updated:April 13, 2026, 23:57 IST Falsa khane ke fayde: फालसा गर्मियों में शरीर को अंदर से ठंडक देने का काम करता है और लू से बचाव करता है. यह पसीने की वजह से होने वाली कमजोरी को कम करता है. इसका रस प्राकृतिक टॉनिक की तरह काम करता है और शरीर को तुरंत एनर्जी देता है. जानिए, फालसा फल के अन्य सेहत लाभ और सेवन का सही तरीका. फालसा खाने के फायदे. Falsa khane ke fayde: गर्मी का मौसम शुरू होते ही थकान, लू लगना और एनर्जी की कमी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. ऐसे समय में एक खास खट्टा-मीठा फल बाजार में मिलता है, जिसे फालसा कहा जाता है. यह फल शरीर को प्राकृतिक रूप से ठंडक और ताजगी प्रदान करता है और कमजोरी को दूर करने में मदद करता है. जानिए फालसा किस तरह से गर्मियों में शरीर को लाभ पहुंचाता है. फालसा के पौष्टिक तत्वफालसा का वैज्ञानिक नाम ग्रेविया एशियाटिका है और यह भारत के पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे शुष्क क्षेत्रों में उगाया जाता है. इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. साथ ही इसमें मैग्नीशियम, पोटेशियम, सोडियम और प्रोटीन भी मौजूद होते हैं, जबकि इसमें कैलोरी और फैट बहुत कम होता है. ये सभी पोषक तत्व इसे एक बेहतरीन इम्युनिटी बूस्टर बनाते हैं. गर्मियों में फालसा के फायदेफालसा गर्मियों में शरीर को अंदर से ठंडक देने का काम करता है और लू से बचाव करता है. यह पसीने की वजह से होने वाली कमजोरी को कम करता है. इसका रस प्राकृतिक टॉनिक की तरह काम करता है और शरीर को तुरंत एनर्जी देता है. फालसा के आयुर्वेदिक लाभआयुर्वेद के अनुसार, फालसा खून की कमी यानी एनीमिया में फायदेमंद माना जाता है. यह त्वचा की जलन, पेट की जलन, पित्त विकार, हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और पाचन संबंधी समस्याओं में राहत देता है. यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और कब्ज व दस्त दोनों को नियंत्रित करने में मदद करता है. इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर को कई बीमारियों से बचाने में सहायक होते हैं. फालसा खाने के तरीके और सावधानियांफालसा को ताजा खाया जा सकता है, इसका जूस या शरबत बनाया जा सकता है और इसे सलाद या चाट में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इसका स्वाद खट्टा-मीठा होता है, इसलिए कुछ लोगों को अधिक मात्रा में सेवन करने पर हल्की एलर्जी या पेट की समस्या हो सकती है. इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 13, 2026, 23:57 IST
सुबह उठते ही करते हैं ये गलती? सेहत और पैसे दोनों पर पड़ सकता है असर, जानें उपाय

Last Updated:April 13, 2026, 23:44 IST सुबह उठते ही हम जो आदतें अपनाते हैं, वही पूरे दिन की दिशा तय करती हैं. कई बार हम अनजाने में ऐसी छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिनका असर सिर्फ सेहत ही नहीं बल्कि हमारी सोच, काम करने की क्षमता और आर्थिक फैसलों पर भी पड़ता है. अगर समय रहते इन आदतों को सुधार लिया जाए, तो जीवन में पॉजिटिव बदलाव आसानी से लाया जा सकता है. ख़बरें फटाफट सुबह उठने के बाद न करें ये गलती. सुबह का समय सिर्फ दिन की शुरुआत नहीं, बल्कि पूरे जीवन की दिशा तय करने वाला माना जाता है. धार्मिक दृष्टि से ब्रह्म मुहूर्त का समय सबसे पवित्र और ऊर्जावान होता है, वहीं विज्ञान भी मानता है कि सुबह उठते ही हमारा दिमाग सबसे ज्यादा फ्रेश और ग्रहणशील होता है. लेकिन आजकल लोग अनजाने में ऐसी आदतें अपना लेते हैं, जो इस पॉजिटिव समय को बर्बाद कर देती हैं. इन छोटी-छोटी गलतियों का असर धीरे-धीरे सेहत, मानसिक स्थिति और यहां तक कि आर्थिक फैसलों पर भी पड़ने लगता है. कई रिसर्च बताती हैं कि सुबह का पहला एक घंटा हमारे मूड, प्रोडक्टिविटी और डिसीजन मेकिंग को प्रभावित करता है. अगर इस समय हम गलत आदतों में उलझ जाते हैं, तो दिनभर तनाव, आलस और नेगेटिविटी बनी रहती है. यही वजह है कि धार्मिक ग्रंथों में सुबह के समय को साधना, शांति और सही दिनचर्या के लिए सबसे उपयुक्त बताया गया है. अगर इस समय को सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो व्यक्ति न सिर्फ स्वस्थ रह सकता है, बल्कि जीवन में तरक्की के रास्ते भी खुलते हैं. सुबह उठते ही पानी न पीना और शरीर को नजरअंदाज करनाबहुत से लोग उठते ही चाय या कॉफी पीने की आदत रखते हैं, जबकि आयुर्वेद के अनुसार खाली पेट पानी पीना बेहद जरूरी होता है. इसे ‘उषापान’ कहा जाता है, जो शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करता है और पाचन तंत्र को सक्रिय करता है. अगर आप सुबह पानी नहीं पीते, तो शरीर डिहाइड्रेटेड रहता है, जिससे थकान, सिरदर्द और सुस्ती महसूस हो सकती है. इसका असर आपके काम और फोकस पर पड़ता है, जिससे आप सही फैसले नहीं ले पाते और धीरे-धीरे इसका प्रभाव आपकी प्रगति पर भी दिखने लगता है. बिखरा हुआ वातावरण और नेगेटिव सोचनाधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सुबह उठते ही अपने आसपास का माहौल साफ और व्यवस्थित रखना बहुत जरूरी होता है. अगर आप गंदे या बिखरे हुए कमरे में दिन की शुरुआत करते हैं, तो यह मन पर नकारात्मक असर डालता है. वास्तु शास्त्र में भी कहा गया है कि घर की अव्यवस्था आर्थिक रुकावटों का कारण बन सकती है. वहीं मनोविज्ञान के अनुसार, साफ-सुथरा वातावरण दिमाग को शांत रखता है और फोकस बढ़ाता है. इसलिए सुबह उठते ही हल्की सफाई, खिड़कियां खोलकर ताजी हवा आने देना और सकारात्मक सोच के साथ दिन की शुरुआत करना आपके मूड, सेहत और कामयाबी- तीनों को बेहतर बना सकता है. (Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है.) About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 13, 2026, 23:44 IST
‘बीजेपी ने हमें लिखा था कि…’, कांग्रेस पार्टी की मां ने कहा- बंगाल के मैदान में कैसे उतरें

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल की सबसे बड़ी डकैती और हत्याकांड आरजी कर अस्पताल की पीड़ित महिला डॉक्टर की मां को बीजेपी ने मैदान में उतारा है। अब ऐसे में महिला सुरक्षा निवेशकों सहित राज्य में महिलाओं के मुद्दे पर अड़े हाथ ले रही है। दो साल पहले हुआ था यह हत्याकांड ने राज्य की राजधानी भूचाल ला दिया था। उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने पीड़ित डॉक्टर की मां को टिकट दिया है। भाजपा को पत्र लिखकर मांग की गई थी टिकटें, स्मृति ईरानी ने नामांकन नामांकन पत्र जारी किया थारत्ना देबनाथ एक आम महिला हैं। उनकी राजनीति से किसी भी तरह का कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन इस बार वो नॉचलिस्ट मैदान में उतर गए हैं. उनकी पिछली बीजेपी ने पूरी ताकत लगा दी है. भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के लिए उनकी नामांकन दाखिल की गई थी। 9 अप्रैल को उन्हें अपना नामांकन पद दिया गया। ईरानी दल बीजेपी महिलाओं के साथ मिलकर काम करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। वहीं, देबनाथ ने बताया कि उन्होंने ही बीजेपी से संपर्क किया था. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने बताया कि चुनाव लड़ना की इच्छा है। हमने बीजेपी को एक पत्र लिखा था. देबनाथ ने कहा कि उनकी 200 प्रतिशत की निश्चितता है कि वो चुनाव जीतेंगे। यह उनकी जीत की नहीं होगी. यह पूरे पानीहाटी क्षेत्र और बंगाल के लोगों की जीत होगी। उन्होंने कहा कि हमारी बेटी तो चली गई, लेकिन अब दूसरी युवा महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी रिकॉर्डिंग पर आ गई है। लोग भी कहते हैं कि बंगाल रत्ना के साथ खड़ा है। यहां, लोकतंत्र के खिलाफ़ जनता है। इस सीट पर बीजेपी का पलड़ा भारी, लोकतांत्रिक के खिलाफ लोगलोगों का यह भी कहना है कि जो महिला बच्चे रात 8 बजे बाहर कुर्सी से रुकती हैं, उन्हें भी रात 8 बजे के बाद अपनी कुर्सी से बाहर जाना चाहिए। इस सीट पर निर्मल घोष घोषाल से हैं। वह यहां 1996 से इस सीट पर जीत हासिल कर रही हैं। सबसे पहले उन्होंने यहां कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उन्होंने इस सीट पर 2001,2011,2016 और 2021 में जीत हासिल की। 2006 में जोड़ दिया गया, तो निर्मल घोष को सी क्वेश्चन के प्रतियोगी ने हरा दिया था। इस बार उनके बेटे तीर्थंकर घोष झील मैदान में हैं। यह तीर्थंकर का पहला चुनाव है। ऐसे में एक अजीबोगरीब राजनीतिक मुकाबला देखने को मिल सकता है। यह भी पढ़ें: मक्के में फिर हुआ मकबरा नाटक, 30 बजरे ने दिल्ली में डाला मकबरा, मकड़े में मकड़े की मांग
ऑपरेशन के बाद युवक की मौत पर सतना में हंगामा:परिजनों ने शव रखकर जाम किया; 20 करोड़ मुआवजा और डॉक्टरों पर केस की मांग

सतना में कथित तौर पर डॉक्टरों की लापरवाही के कारण सोमवार को एक युवक की रीवा में मौत हो गई। किडनी स्टोन के ऑपरेशन के बाद युवक को रीवा रेफर किया गया था। इस घटना से नाराज परिजनों ने सतना पहुंचकर जमकर हंगामा किया और मुआवजे की मांग की। परिजनों ने पहले कोलगवां थाना के पास शव रखकर हाईवे जाम किया। पुलिस द्वारा हटाए जाने के बाद, उन्होंने पाठक हॉस्पिटल के बाहर शव रखकर धरना प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तीन थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। परिजनों की मांग है कि अस्पताल के डॉक्टरों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही, मृतक के परिवार को 20 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। किडनी के इलाज के लिए भर्ती किया था परिजनों का आरोप है कि युवक को किडनी के इलाज के लिए भर्ती किया गया था। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही से उसकी दूसरी किडनी भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिसमें धागा बांधकर उसे रीवा रेफर कर दिया गया। रीवा में मरीज की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, पन्ना जिले के देवेंद्रनगर निवासी रवि रजक को किडनी में पथरी की शिकायत थी। परिजन उसे इलाज के लिए सतना के मुख्तियारगंज स्थित स्टार मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जांच के बाद डॉक्टरों ने एक किडनी में गंभीर समस्या बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दी। 4 अप्रैल को पाठक नर्सिंग होम में मरीज का करीब पांच घंटे तक ऑपरेशन चला। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही बरती और दूसरी स्वस्थ किडनी में भी कट लगा दिया। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होते देख अस्पताल प्रबंधन ने उसे रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर कर दिया। रीवा पहुंचने पर जांच और इमरजेंसी ऑपरेशन के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिसके बाद मरीज की मौत हो गई। दूसरी किडनी में बंधा था धागा बताया गया कि दूसरी किडनी पर गहरा कट था, जिसे धागे से बांध दिया गया था। इससे खून का रिसाव हुआ और किडनी ने काम करना बंद कर दिया। रीवा के डॉक्टरों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन संक्रमण और आंतरिक क्षति अधिक होने के कारण दूसरी किडनी को भी निकालना पड़ा। इसके बाद मरीज की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंतत: उसकी मौत हो गई। पिता ने लगाए डॉक्टरों पर गंभीर आरोप मृतक के पिता गिरधारीलाल रजक ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को मामूली पथरी की समस्या थी, लेकिन पाठक अस्पताल के डॉ पुष्पेंद्र सिंह, डॉ राजीव पाठक और डॉ राजीव सिंह लापरवाही के कारण उसकी जान चली गई। उन्होंने बताया कि पहले सोनोग्राफी में पथरी की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद उन्हें किडनी विशेषज्ञ के पास भेजा गया। डॉक्टरों के कहने पर बेटे को पाठक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया और ऑपरेशन कर दिया गया, लेकिन इलाज के नाम पर गंभीर लापरवाही की गई। सीएसपी से भिडीं महिलाएं घटना के बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। सोमवार देर रात उन्होंने कोलगवां थाना के सामने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। इसके बाद पाठक हॉस्पिटल के पास शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सीएसपी देवेन्द्र सिंह और महिलाओं के बीच झड़प भी देखने को मिली। दरअसल महिलाओं को अस्पताल की ओर नहीं जाने दिया जा रहा था, ऐसे में वह आक्रोशित हो गईं। वायरल वीडियो में गिड़गिड़ाते नजर आए डॉक्टर पाठक हॉस्पिटल में किडनी का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर पुष्पेन्द्र सिंह का एक वीडियो भी सामने आया। इसमें डॉक्टर पुष्पेन्द्र सिंह और मृतक के परिजनों के बीच बातचीत हो रही है। इस बातचीत में डॉक्टर ने अपनी गलती स्वीकारी। साथ ही इस मामले में तूल न देने की गुजारिश कर रहे हैं। यही नहीं वे अपनी जिम्मेदारी रीवा के अस्पताल पर थोपते हुए दिखाई दे रहे हैं। सीएमएचओ को पहले दे चुके थे शिकायत परिजनों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से कराया जाए और दोषी डॉक्टरों व अस्पताल प्रबंधन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। बताया जाता है कि डॉक्टरों की लापरवाही के संबंध में परिजनों ने चार दिन पहले सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। सतना सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। टीम बनाकर प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि आरोप प्रमाणित पाए गए तो संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
15 अप्रैल को जारी होगा 10वीं-12वीं का रिजल्ट:शिक्षा मंत्री बोले- MP बोर्ड के रिजल्ट 'फुलप्रूफ'; 16 लाख छात्रों का इंतजार होगा खत्म

मध्य प्रदेश में एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार जल्द खत्म होगा। स्कूल शिक्षा विभाग के मुताबिक 15 अप्रैल सुबह 11 बजे रिजल्ट जारी किया जाएगा। इस बार करीब 16 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि रिजल्ट से पहले क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन तेजी से पूरा किया गया। हर स्तर पर जांच की गई, ताकि कोई गलती न रहे। रिजल्ट “फुलप्रूफ” रखा गया है, जिससे छात्रों को परेशानी न हो। 10वीं में 9 लाख से ज्यादा छात्र शामिल प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में 16 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए। इनमें करीब 9 लाख 7 हजार छात्र 10वीं और लगभग 7 लाख छात्र 12वीं में बैठे। परीक्षा के लिए 3856 केंद्र बनाए गए थे। 100 नकल प्रकरण, मुरैना में सबसे ज्यादा नकल रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी और प्रश्नपत्र वितरण की वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद प्रदेश में करीब 100 नकल प्रकरण सामने आए। मुरैना में सबसे ज्यादा 41 और भोपाल में 20 मामले दर्ज हुए। एक्सपर्ट की सलाह- बच्चों पर दबाव न डालें डॉक्टरों और काउंसलर्स ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों पर दबाव न डालें और मानसिक सहयोग दें। गांधी मेडिकल कॉलेज की डॉ. रुचि सोनी ने कहा कि हर बच्चा अच्छा रिजल्ट चाहता है, लेकिन ऐसा हमेशा संभव नहीं होता। एक परीक्षा जीवन तय नहीं करती। बच्चों के तनाव में होने पर उनसे बात करें और उनका साथ दें। रिजल्ट का ट्रेंड: उतार-चढ़ाव समय पर रिजल्ट से मिलेगी राहत शिक्षा विभाग का उद्देश्य समय पर रिजल्ट जारी करना है, ताकि छात्र बिना देरी अगली कक्षा या कोर्स में प्रवेश ले सकें। तय समय पर परिणाम आने से छात्रों और अभिभावकों को राहत मिलेगी।
इंदौर में पैक हो रहा था नकली टाटा नमक:840 पैकेट और 1850 किलो कच्चा माल मिला, दिल्ली से बुलवाता था पैकिंग का सामान

इंदौर के एरोड्रम इलाके में टाटा नमक की नकली पैकिंग करने वाली फैक्ट्री पर पुलिस ने दबिश दी। यहां से 840 पैकेट नकली नमक और 1850 किलो कच्चा माल और मशीनरी जब्त की। पूछताछ में ये बात निकलकर सामने आई है कि आरोपी दिल्ली से पैकेजिंग का सामान बुलवाता था। सोमवार को पुलिस ने मामले का खुलासा किया। एरोड्रम टीआई तरुण सिंह भाटी ने बताया कि इंदौर में टाटा कंज्यूमर प्रोटक्ट लिमिटेड के टेक्निकल एक्सपर्ट ने लिखित शिकायत की थी कि इंदौर में कंपनी के ब्रांड टाटा नमक की नकली पैकेजिंग कर बाजार में बेचा जा रहा है। इससे कंपनी और शासन को आर्थिक नुकसान हो रहा है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने लोकनायक नगर में एक जगह पर दबिश दी और मौके से जितेंद्र गुप्ता को पकड़ा। वह बड़े स्तर पर नकली नमक की पैकेजिंग करने का काम कर रहा था। उसके पास से लगभग 1 लाख रुपए से ज्यादा माल जब्त किया है। इसमें मुख्य रूप से 840 पैकेट (1 किलो) नकली टाटा नमक, 1850 किलो कच्चा नमक, 980 खाली ब्रांडेड पैकेजिंग, 32 खाली कट्टे, वेइंग मशीन, पैकिंग मशीन, सिलाई मशीन और डिजिटल तराजू जब्त किया है। दिल्ली से बुलवाता था पैकेजिंग का सामान आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह नकली पैकेजिंग का सामान (ब्रांडेड कट्टे/पॉलीथिन) दिल्ली से मंगवाता था और स्थानीय स्तर पर सस्ते कच्चे नमक को पैक कर टाटा नमक के नाम से आसपास के इलाकों में बेचता था। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है। उससे पूछताछ कर ओर भी जानकारी निकाली जा रही है।
विधायक बोले- सरपंच पति-पार्षद पति सुनकर बुरा लगता:सिंगरौली में नारी शक्ति सम्मेलन में कहा- मानसिकता बदलना जरूरी

सिंगरौली में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में विधायक रामनिवास शाह का बयान काफी चर्चा में है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि 33% आरक्षण से महिलाओं को बराबरी का हक तो मिलेगा, लेकिन असली बदलाव तब आएगा जब ‘सरपंच पति’ जैसी मानसिकता खत्म होगी। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के भाषण का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। ‘सरपंच पति’ वाली सोच बदलनी होगी विधायक रामनिवास शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को बराबरी का दर्जा देना चाहते हैं, इसीलिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी माना कि आज भी कई जगहों पर महिलाएं खुलकर काम नहीं कर पा रही हैं और उनके अधिकारों का इस्तेमाल घर के पुरुष कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज को ‘सरपंच पति’ या ‘पार्षद पति’ वाले ढर्रे से बाहर निकलना होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह बदलाव धीरे-धीरे ही आएगा। महिलाओं ने किया समर्थन कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने भी विधायक की बात का समर्थन किया। एक महिला हितग्राही ने कहा कि महिलाओं की पहचान उनके पति के पद से होना गलत है, उन्हें खुद आत्मनिर्भर और सशक्त बनना चाहिए। प्रधानमंत्री का संबोधन और सम्मान प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में महिलाओं की आत्मनिर्भरता और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। इस मौके पर देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम, कलेक्टर गौरव बैनल और अन्य बड़े अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया।
आलीराजपुर के टॉकीज चौराहे पर डीपी में लगी आग:आबकारी नियंत्रण कक्ष के पास पोल से 15 फीट ऊंची उठीं लपटें; आधे शहर की बिजली गुल

आलीराजपुर नगर के व्यस्त टाकीज चौराहे पर सोमवार रात करीब 8:30 बजे एक डीपी में आग लग गई। आबकारी नियंत्रण कक्ष के समीप स्थित पोल से अचानक उठी आग की लपटों ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। 15 फीट ऊंची उठीं लपटें प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि डीपी से करीब 15 फीट ऊंची लपटें उठ रही थीं। शॉर्ट सर्किट की आशंका के बीच लोगों ने तुरंत अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर हटाया और बिजली विभाग को सूचना दी। आग की तीव्रता के कारण पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया। दमकल और बिजली कंपनी ने पाया काबू सूचना मिलते ही बिजली कंपनी की टीम और दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। बिजली सप्लाई बंद कर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से आसपास के लोगों को दूर कर दिया गया था। आधे नगर में छाया अंधेरा इस हादसे के कारण आलीराजपुर नगर के आधे से अधिक हिस्से की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करने में 1 से 2 घंटे का समय लग सकता है। विभाग अब आग लगने के कारणों की जांच कर रहा है।
जबलपुर स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों की गड़बड़ी का आरोप:सपा ने कहा- नियमों को दरकिनार कर हुआ भुगतान; FIR दर्ज करने की मांग

जबलपुर के स्वास्थ्य विभाग में 1.75 करोड़ रुपए के कथित घोटाले का मामला सामने आया है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। आरोप है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की राशि का भुगतान नियमों का उल्लंघन करते हुए किया गया। इस घोटाले में पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय मिश्रा और जिला कार्यक्रम प्रबंधक आदित्य तिवारी पर राशि के गबन का आरोप है। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि भोपाल की सिंह एंटरप्राइजेज नामक एक फर्म को करोड़ों रुपए का भुगतान किया गया, जबकि यह फर्म केवल 15 दिन पुरानी थी। इसके अतिरिक्त, स्टॉक रजिस्टर में सामग्री की प्राप्ति दर्ज होने के बावजूद, मौके पर कोई भी सामान उपलब्ध नहीं पाया गया। समाजवादी पार्टी ने इस मामले के मीडिया में आने के 11 दिन बाद भी एफआईआर दर्ज न होने पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने इसे अधिकारियों की मिलीभगत करार दिया है। समाजवादी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपते समय एडवोकेट दीपांशु साहू, शैलेंद्र सिंह, सीता कुशवाहा, दीपेंद्र दुबे, राहुल अहिरवार, राम बालक पटेल, कमलेश पटेल, बेनी प्रसाद उड़िया, देवेंद्र यादव, शुभम अहिरवार, राजेंद्र पटेल, अभिषेक शर्मा और अब्दुल कयूम सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
TCS Nashik Sexual Harassment, Religious Conversion Allegations; Tata Chairman Reacts

Hindi News National TCS Nashik Sexual Harassment, Religious Conversion Allegations; Tata Chairman Reacts मुंबई14 मिनट पहले कॉपी लिंक टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि जरूरत पड़ी तो कंपनी की प्रोसेस सुधारेंगे। टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने TCS नासिक में लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को गंभीर और परेशान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच सीनियर अफसर से कराई जा रही है और दोषियों पर सख्त एक्शन लेंगे। रविवार को अपनी पहली प्रतिक्रिया में कंपनी ने कहा था कि कंपनी में किसी भी तरह के उत्पीड़न के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है। जैसे ही उसे मामले की जानकारी मिली, उसने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। महाराष्ट्र के नासिक स्थित ऑफिस में आठ महिला कर्मचारियों ने यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने इस मामले में कंपनी के मुस्लिम टीम लीडर्स और HR मैनेजर सहित 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस ने 9 अप्रैल को नासिक कोर्ट में पेश किया। कंपनी अपनी प्रोसेस की भी समीक्षा करेगी चंद्रशेखरन ने बताया कि यह जांच टीसीएस की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर अराठी सुब्रमणियन के नेतृत्व में की जा रही है। इसका मकसद पूरे मामले की सच्चाई सामने लाना और जिम्मेदार लोगों की पहचान करना है। इस मामले को कंपनी ने बेहद गंभीरता से लिया है। आरोप सामने आने के बाद कंपनी ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी थी। आरोपित कर्मचारियों के खिलाफ कदम उठाए गए हैं और जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। टाटा ग्रुप किसी भी तरह के गलत व्यवहार या दबाव की नीति को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करता। इस घटना के बाद कंपनी अपनी प्रोसेस की भी समीक्षा करेगी। जहां जरूरत होगी, वहां सुधार किए जाएंगे और उन्हें सख्ती से लागू किया जाएगा। SIT कर रही जांच इससे पहले, पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) बनाया था। शिकायत करने वाली आठ लड़कियों का कहना है कि उनके वरिष्ठ सहकर्मियों ने मानसिक और यौन उत्पीड़न किया और HR विभाग ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया। पुलिस ने अब तक इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कंपनी की एक महिला HR मैनेजर भी शामिल है। ——————————————– ये खबर भी पढ़ें: नासिक की IT-कंपनी में लड़कियों के यौन शोषण-धर्मांतरण का मामला:6 मुस्लिम टीम लीडर, HR मैनेजर अरेस्ट; हिंदू संगठन का कंपनी कैंपस में हंगामा हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कंपनी कैंपस में घुसकर हंगामा किया। नासिक की मल्टीनेशनल IT कंपनी में हिंदू महिला कर्मचारियों का यौन शोषण और ऑफिस में जबरन नमाज पढ़ने, हिंदू देवी-देवताओं का अपमान और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में कंपनी के मुस्लिम टीम लीडर्स और HR मैनेजर सहित 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








