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कर्नाटक कांग्रेस के लगभग 30 विधायकों ने दिल्ली में खड़गे से मुलाकात की, कैबिनेट में फेरबदल की मांग की | राजनीति समाचार

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आखरी अपडेट:13 अप्रैल, 2026, 21:27 IST विधायकों ने कहा कि उनकी मांग पूरी तरह से फेरबदल पर केंद्रित है, न कि नेतृत्व में किसी बदलाव पर। नई दिल्ली: शुक्रवार, 10 अप्रैल, 2026 को इंदिरा भवन, नई दिल्ली में कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी नेता राहुल गांधी, बाएं और केसी वेणुगोपाल के साथ। (पीटीआई फोटो/सलमान अली) (पीटीआई04_10_2026_000179बी) कर्नाटक के लगभग 30 कांग्रेस विधायकों ने सोमवार को नई दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की और लंबे समय से लंबित कैबिनेट फेरबदल के लिए दबाव डाला और मंत्री पद की मांग की। विधायकों ने कहा कि उनकी मांग पूरी तरह से फेरबदल पर केंद्रित है, न कि नेतृत्व में किसी बदलाव पर। बैठक के बाद बोलते हुए, वरिष्ठ कांग्रेस विधायक अशोक पट्टन ने कहा कि खड़गे ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी चिंताओं पर पार्टी नेतृत्व के साथ चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा, ”हमारा एकमात्र मुद्दा फेरबदल को लेकर है और हम किसी अन्य विषय पर नहीं जाएंगे… हम किसी के भी मंत्री बनने से खुश हैं।” उन्होंने कहा कि उनके जैसे वरिष्ठ नेताओं को भी मौका दिया जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में एसएन नारायणस्वामी, के शदाक्षरी, एआर कृष्णमूर्ति, पुत्तरंगा शेट्टी और बेलूर गोपाल कृष्ण जैसे कई अनुभवी विधायक शामिल थे। उनमें से कई कई बार के विधायक हैं, जो मानते हैं कि सरकार में अधिक वरिष्ठ नेताओं को शामिल करने के लिए कैबिनेट में बदलाव का समय आ गया है। पैटन ने दोहराया कि समूह की यात्रा एक “एक सूत्री कार्यक्रम” थी जो कर्नाटक कैबिनेट में फेरबदल पर केंद्रित थी। उन्होंने यह भी कहा कि बेंगलुरु लौटने से पहले वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ आगे की चर्चा का इंतजार करेंगे। उन्होंने कहा, “यह केवल एक सूत्रीय कार्यक्रम है। हम आए हैं, 30 सदस्य हैं, हम केवल आए हैं, हम कर्नाटक सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल करने के लिए कह रहे हैं।” पार्टी सूत्रों ने पहले कहा था कि अगर आलाकमान फेरबदल पर सहमत होता है, तो यह मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व में मौजूदा नेतृत्व में स्थिरता का संकेत दे सकता है, जिससे पता चलता है कि वह अपना पूरा कार्यकाल पूरा कर सकते हैं। यह राज्य इकाई के भीतर आंतरिक नेतृत्व की गतिशीलता को भी प्रभावित कर सकता है। कर्नाटक कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित 34 मंत्रियों की स्वीकृत शक्ति है। वर्तमान में, हाल के घटनाक्रमों के बाद दो पद रिक्त हैं, जिनमें एक इस्तीफा और अलग-अलग मुद्दों से जुड़ी एक बर्खास्तगी शामिल है। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 13 अप्रैल, 2026, 21:27 IST समाचार राजनीति कर्नाटक कांग्रेस के लगभग 30 विधायकों ने दिल्ली में खड़गे से मुलाकात की, कैबिनेट में फेरबदल की मांग की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक कैबिनेट में फेरबदल(टी)कर्नाटक कांग्रेस विधायकों(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे की बैठक(टी)सिद्धारमैया सरकार(टी)मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधित्व की मांग(टी)कांग्रेस आलाकमान(टी)कैबिनेट में फेरबदल कर्नाटक(टी)वरिष्ठ विधायक कांग्रेस

एक्सक्लूसिव: ‘ईसीआई के खिलाफ दायर जनहित याचिका’, चुनाव आयोग ने क्यों भड़के असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा

एक्सक्लूसिव: 'ईसीआई के खिलाफ दायर जनहित याचिका', चुनाव आयोग ने क्यों भड़के असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित 2029 से पहले बीजेपी पर ऐसे और हमले होंगे। असम चुनाव 2026: असम में गुरुवार (9 अप्रैल, 2026) को होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद भी मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के खिलाफ कीमती सामान और सामान लेकर को गरमा गरम है। इस बीच असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने चुनाव आयोग को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य में चुनाव आयोग के खिलाफ चुनाव खत्म हो जाने के बाद एक पी.आई. को कमजोर किया जाएगा। ‘इनसाउट आउट विद मेघा प्रसाद’ सोमवार (13 अप्रैल, 2026) को समीक्षा के दौरान सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि मैं चुनाव के बाद एक पी.आई. चुनाव आयोग के खिलाफ लड़ूंगा, जिसमें कई बड़े मुद्दे शामिल होंगे। उन्होंने तर्क दिया कि मेरे और मेरी पत्नी के खिलाफ ये आरोप राज्य में चुनाव से पहले लगाए गए थे, जिसका उद्देश्य चुनाव में सर्वसम्मति को प्रभावित करना था और चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद अगर ये सभी दस्तावेज मान्य साबित होते हैं, तो फिर से चुनाव क्यों लड़ेंगे? क्योंकि ऐसे में यदि कोई पार्टी चुनाव हार जाती है तो सुधार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘मैं इसलिए चाहता हूं कि जब कोई राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी चुनाव से प्रभावित हो, ऐसा करती है, तो उनकी पार्टी का नामांकन रद्द कर दिया जाना चाहिए।’ उन्होंने ये भी कहा कि ये मैं अपने पर्सनल लेवल से कहूंगा. लोकतंत्र के भंडार के लिए ये कदम उठाना होगा: हिमंत सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि मैं यह बड़ा कदम डेमोक्रेसी की मूर्ति को बनाए रखने के लिए उठाता हूं और ये मैं अपने व्यक्तिगत स्तर से जाऊंगा।’ उन्होंने कहा, ‘चुनाव आयोग को लिस्टिंग जारी करनी चाहिए कि अगर किसी पार्टी के चुनाव से प्रभावित होने के लिए डीपफेक का इस्तेमाल किया जाता है और यह साबित होता है तो उस पार्टी का नामांकन रद्द कर दिया जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘मैं इस मामले को लेकर इतने सारे लीकेज ले रहा हूं क्योंकि मुझे लगता है कि 2029 के आम चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के ऊपर ऐसे कई और हमले हो रहे हैं।’ यह भी पढ़ें: ‘दक्षिण भारत के साथ अन्याय नहीं’, रेवंत रेड्डी की चेतावनी; डिलम निर्माण केंद्र को घेरा

दतिया के बड़ेरा धनौटी में गेहूं की फसल जली:5 बीघा फसल राख, सरकारी फायर ब्रिगेड में आई तकनीकि खराबी

दतिया के बड़ेरा धनौटी में गेहूं की फसल जली:5 बीघा फसल राख, सरकारी फायर ब्रिगेड में आई तकनीकि खराबी

पंडोखर थाना क्षेत्र के ग्राम बड़ेरा धनौटी मौजे में सोमवार दोपहर करीब 1 बजे अचानक लगी आग ने किसान राकेश राजपूत के खेत में खड़ी गेहूं की फसल को चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब पांच बीघा में फैली पूरी फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने तत्काल आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज लपटों और हवा के कारण आग पर काबू पाना संभव नहीं हो सका। सूचना मिलने पर पण्डोखर धाम की निजी फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। समय रहते आग पर काबू पा लेने से आसपास के खेतों में खड़ी अन्य फसल को बचा लिया गया। सरकारी फायर ब्रिगेड में आई खराबी वहीं, सरकारी फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंची, लेकिन तकनीकी खामी के चलते मौके पर निष्क्रिय रही। बताया गया कि पानी सप्लाई का पाइप फटा होने के कारण वह आग बुझाने में उपयोग नहीं हो सकी। इस लापरवाही ने आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। राजस्व विभाग द्वारा नुकसान का आंकलन किए जाने की बात कही जा रही है।

तुलसी ही नहीं, इसकी मंजरी भी है सेहत का खजाना, इस तरीके से खाएंगे तो कभी नहीं पड़ेंगे बीमार

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तुलसी के पत्तों के साथ-साथ उसकी मंजरी में भी सेहत से जुड़े कई अहम फायदे छिपे होते हैं. आमतौर पर आंगन में उगने वाली तुलसी को लोग पूजा तक सीमित मानते हैं, लेकिन इसकी मंजरी यानी छोटे-छोटे फूलों के गुच्छे भी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. आयुर्वेद में इसे इम्युनिटी बढ़ाने, सर्दी-खांसी से राहत दिलाने, पाचन सुधारने और तनाव कम करने के लिए प्रभावी माना गया है. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारीआयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी की मंजरी न केवल शरीर को स्वस्थ रखती है, बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करती है और घर में सकारात्मकता लाने में सहायक मानी जाती है. धार्मिक दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व है. हर दिन खाने से दवाइयों होंगी आपसे दूरविशेषज्ञों का कहना है कि आसानी से मिलने वाली यह प्राकृतिक औषधि नियमित रूप से लेने पर दवाइयों की जरूरत को काफी हद तक कम कर सकती है. हालांकि, किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. औषधीय गुणों से भरपूरभारत सरकार का आयुष मंत्रालय भी तुलसी को बेहद लाभकारी मानता है. तुलसी की मंजरी में एंटीबायोटिक, एंटीवायरल, एंटीफंगल और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की अंदरूनी रक्षा प्रणाली को मजबूत बनाते हैं और बीमारियों से बचाव में मदद करते हैं. इम्युनिटी और सांस संबंधी समस्याओं में राहतइसके नियमित सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे सर्दी, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण का खतरा कम होता है. गले की खराश, बलगम और पुरानी खांसी में राहत मिलती है, वहीं अस्थमा और एलर्जी के मरीजों के लिए भी यह फायदेमंद है. पाचन तंत्र को मजबूत कर यह गैस, अपच, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करती है. तनाव कम करे और त्वचा को निखारेइसके अलावा, तुलसी की मंजरी की खुशबू मन को शांत करती है, तनाव कम करती है और नींद बेहतर बनाती है. यह मुंह के छालों में राहत देने, त्वचा को निखारने और कील-मुंहासों को कम करने में भी सहायक होती है. साथ ही यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने और खून को साफ करने में मदद करती है. इस्तेमाल करने के आसान तरीकेतुलसी की मंजरी का उपयोग कई आसान तरीकों से किया जा सकता है. सुबह खाली पेट 4-5 मंजरी चबाना फायदेमंद होता है. इसे तुलसी की पत्तियों के साथ चाय में उबालकर पिया जा सकता है. मंजरी का रस शहद के साथ लिया जा सकता है. इसके अलावा अदरक, काली मिर्च और लौंग मिलाकर काढ़ा बनाकर पीना, खासकर सर्दियों में, काफी लाभकारी माना जाता है.

सतना में सूने घर से 5 लाख के जेवरात चोरी:20 हजार की नकदी भी ले गए बदमाश; परिवार रीवा गया था

सतना में सूने घर से 5 लाख के जेवरात चोरी:20 हजार की नकदी भी ले गए बदमाश; परिवार रीवा गया था

सतना में एक सूने घर में दिनदहाड़े चोरी की वारदात हुई। कोलगवां थाना क्षेत्र के बाईपास उतैली स्थित संजय कुशवाहा के घर से चोरों ने 20 हजार रुपए नकद और करीब 5 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात चुरा लिए। यह घटना सोमवार दोपहर को हुई, जब परिवार रीवा गया हुआ था। संजय कुशवाहा अपने परिवार के साथ सोमवार सुबह लगभग 11 बजे रीवा गए थे। शाम 5 बजे जब वे वापस लौटे, तो घर का मुख्य ताला टूटा था। अंदर का सारा सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी खुली हुई थी। कुशवाहा ने बताया कि चोरों ने तिजोरी में रखे 20 हजार रुपए नकद और लगभग 5 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात चुरा लिए। घटना की सूचना मिलने पर कोलगवां पुलिस मौके पर पहुंची और मुआयना कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि चोरों का सुराग मिल सके। पुलिस के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस चोरी की वारदात में किसी परिचित का हाथ होने की संभावना है।

डल स्किन से परेशान? रोज पिएं ये जूस, कुछ ही दिनों में दिखेगा जबरदस्त ग्लो

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Last Updated:April 13, 2026, 20:57 IST ABC Juice Health Benefits: सेब, चुकंदर और गाजर का जूस गर्मी और प्रदूषण में स्किन के लिए फायदेमंद माना जाता है. यह शरीर को जरूरी विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट देता है, जिससे त्वचा में नैचुरल ग्लो आता है और वह टाइट बनी रहती है. ख़बरें फटाफट स्किन के लिए पूरा न्यूट्रिशन पैक. (AI Image) आजकल गर्मी, धूल और प्रदूषण के कारण त्वचा की चमक जल्दी फीकी पड़ने लगती है. ऐसे में सिर्फ बाहरी स्किनकेयर से ज्यादा असर नहीं दिखता, बल्कि अंदर से शरीर को पोषण देना जरूरी होता है. इसी वजह से सेब, चुकंदर और गाजर से बना नैचुरल जूस तेजी से पॉपुलर हो रहा है, जो त्वचा को अंदर से हेल्दी बनाकर नेचुरल ग्लो देने में मदद करता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, सेब, चुकंदर और गाजर का यह मिक्स जूस शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स देता है. यह त्वचा की कोशिकाओं को मजबूत बनाता है और डल स्किन में जान डालता है. खासतौर पर जिन लोगों की स्किन बेजान हो गई है या जिन पर जल्दी एजिंग के साइन दिखने लगे हैं, उनके लिए यह जूस काफी फायदेमंद माना जाता है. सेब बढ़ाता है स्किन की टाइटनेससेब में विटामिन C अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर में कोलेजन बनने की प्रक्रिया को तेज करता है. कोलेजन त्वचा को टाइट और यंग बनाए रखने में मदद करता है. इसके साथ ही सेब में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं और त्वचा को डैमेज होने से बचाते हैं. यह स्किन को हाइड्रेट रखकर उसमें नैचुरल ग्लो लाने में भी मदद करता है. चुकंदर करता है खून साफचुकंदर को नेचुरल ब्लड प्यूरीफायर माना जाता है. इसमें मौजूद नाइट्रेट्स शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाते हैं, जिससे त्वचा तक ज्यादा ऑक्सीजन और पोषण पहुंचता है. इससे चेहरा साफ और चमकदार दिखने लगता है. साथ ही, चुकंदर लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करता है, जिससे शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और त्वचा हेल्दी बनती है. गाजर देता है विटामिन Aगाजर में बीटा कैरोटीन भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर में जाकर विटामिन A में बदल जाता है. यह त्वचा की मरम्मत करता है और नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है. विटामिन A स्किन को ड्राई होने से बचाता है और उसे सॉफ्ट व स्मूद बनाए रखता है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 13, 2026, 20:57 IST

Indore NEET Exam | Power Backup Mandatory; 23000 Students

Indore NEET Exam | Power Backup Mandatory; 23000 Students

इंदौर में NEET (UG) 2026 परीक्षा के सुचारू आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। . बैठक में बताया गया कि 3 मई को होने वाली परीक्षा के लिए जिले में 57 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 23,160 परीक्षार्थी शामिल होंगे। कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह संवेदनशील परीक्षा है, इसलिए सुरक्षा, गोपनीयता और व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कलेक्टर ने पुलिस विभाग को पर्याप्त सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही परीक्षा के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने और सभी केंद्रों पर बैकअप व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं और सुविधाएं पुख्ता करने के निर्देश भी दिए। बैठक में बताया गया कि परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। गोपनीय सामग्री को बैंक लॉकर से केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए विशेष पुलिस एस्कॉर्ट की व्यवस्था होगी। परीक्षार्थियों की फ्रिस्किंग NTA के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाएगी। इसके अलावा, केंद्रों पर चिकित्सा सुविधा, एम्बुलेंस, पेयजल, शौचालय, बिजली, परिवहन और दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नगर निगम द्वारा साफ-सफाई भी सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न हो और केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश दिया जाए। सभी अधिकारियों को अपने दायित्व गंभीरता से निभाने के निर्देश दिए गए, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके। पिछले साल बिजली गुल होने से कई छात्रों के रिजल्ट हुए थे प्रभावित गौरतलब है कि पिछले वर्ष आंधी-बारिश के कारण कई केंद्रों पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी, जिससे परीक्षार्थियों के पेपर प्रभावित हुए थे और मामला हाई कोर्ट तक पहुंचा था। इसी को देखते हुए इस बार प्रशासन पूरी तरह सतर्क है, ताकि परीक्षा बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक आयोजित हो सके और विद्यार्थियों को सुरक्षित व सकारात्मक माहौल मिल सके।

इन 5 न्यूट्रिएंट की कमी से बढ़ता है हेयर फॉल! नजरअंदाज किया तो तेजी से झड़ जाएंगे बाल

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आज के समय में बालों का झड़ना एक आम समस्या बन चुका है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. खराब लाइफस्टाइल, जंक फूड का ज्यादा सेवन, अनियमित दिनचर्या और बढ़ता तनाव शरीर के संतुलन को बिगाड़ देते हैं. इसका सीधा असर बालों की सेहत पर देखने को मिलता है. अक्सर लोग हेयर फॉल को सिर्फ बाहरी समस्या मानकर शैंपू या हेयर प्रोडक्ट्स बदलते रहते हैं, लेकिन असल वजह शरीर के अंदर की कमी होती है. दरअसल, बालों की मजबूती सिर्फ बाहर से नहीं, बल्कि अंदर से मिलने वाले पोषण पर निर्भर करती है. जब शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स नहीं मिलते, तो बालों की जड़ें कमजोर होने लगती हैं. धीरे-धीरे बाल पतले, बेजान और कमजोर होकर झड़ने लगते हैं. इसलिए हेयर फॉल को रोकने के लिए सबसे पहले शरीर को अंदर से मजबूत बनाना जरूरी है. आयरन की कमी से कमजोर होते हैं बालस्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बालों की जड़ों तक सही मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचना बेहद जरूरी होता है. इसमें आयरन अहम भूमिका निभाता है. आयरन हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है, जो खून के जरिए ऑक्सीजन को शरीर के हर हिस्से तक पहुंचाता है. जब शरीर में आयरन की कमी हो जाती है, तो स्कैल्प तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती. इससे हेयर फॉलिकल्स कमजोर हो जाते हैं और बाल तेजी से गिरने लगते हैं. विटामिन D की कमी से रुक जाती है ग्रोथविटामिन D बालों की ग्रोथ के लिए बेहद जरूरी माना जाता है. यह हेयर फॉलिकल्स को एक्टिव रखने में मदद करता है, जिससे नए बाल उगते रहते हैं. इसकी कमी होने पर नए बाल बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है और पुराने बाल झड़ने लगते हैं. इससे बाल धीरे-धीरे पतले और बेजान नजर आने लगते हैं. विटामिन B12 भी है जरूरीविटामिन B12 शरीर में रेड ब्लड सेल्स बनाने में मदद करता है. जब इसकी कमी होती है, तो खून में ऑक्सीजन का स्तर घट जाता है. इसका असर बालों की जड़ों तक पोषण पहुंचने पर पड़ता है. नतीजा यह होता है कि बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं और उनकी ग्रोथ भी प्रभावित होती है. प्रोटीन की कमी से बाल हो जाते हैं पतलेबाल मुख्य रूप से केराटिन नामक प्रोटीन से बने होते हैं. ऐसे में शरीर में प्रोटीन की कमी का सीधा असर बालों पर पड़ता है. जब पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता, तो शरीर जरूरी अंगों को प्राथमिकता देता है और बालों की ग्रोथ धीमी हो जाती है. इससे बाल पतले, कमजोर और जल्दी टूटने लगते हैं. जिंक की कमी बढ़ाती है हेयर फॉलजिंक एक महत्वपूर्ण मिनरल है, जो स्कैल्प को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है. यह बालों की जड़ों को मजबूत करता है और नई कोशिकाओं के निर्माण में सहायक होता है. इसकी कमी होने पर स्कैल्प ड्राई हो सकता है, डैंड्रफ की समस्या बढ़ सकती है और बालों का झड़ना तेज हो जाता है. इसलिए सिर्फ बाहरी देखभाल से बालों की समस्या पूरी तरह ठीक नहीं होती. इसके लिए शरीर को अंदर से पोषण देना जरूरी है. अपनी डाइट में हरी सब्जियां, ताजे फल, दालें, दूध और ड्राई फ्रूट्स शामिल करें. ये सभी पोषक तत्व बालों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं और हेयर फॉल को कम करने में मदद करते हैं.

MP में कल बैंकें बंद रहेंगी, आदेश जारी:40 हजार बैंककर्मी कर रहे थे मांग; वित्तीय संस्थाओं में भी अवकाश रहेगा

MP में कल बैंकें बंद रहेंगी, आदेश जारी:40 हजार बैंककर्मी कर रहे थे मांग; वित्तीय संस्थाओं में भी अवकाश रहेगा

अंबेडकर जयंती पर मध्य प्रदेश की बैंक और वित्तीय संस्थाओं में भी 14 अप्रैल को अवकाश रहेगा। इसे लेकर राज्य शासन ने भी आदेश जारी कर दिए हैं। राज्य शासन ने सोमवार को आदेश जारी किया। जिसमें निगोशिएबल इंन्स्ट्रूमेंटस एक्ट के तहत पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का उल्लेख है। आदेश के बाद मंगलवार को प्रदेश की 7 हजार से अधिक बैंक शाखाएं नहीं खुलेंगी। वहीं, करीब 40 हजार बैंककर्मियों को फायदा मिलेगा। वित्त मंत्रालय 9 अप्रैल को जारी कर चुका लेटर इससे पहले वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी पत्र 9 अप्रैल 2026 के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती (14 अप्रैल 2026) के अवसर पर अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, बीमा कंपनियां, वित्तीय संस्थान एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) में भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा। उल्लेखनीय है कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी आदेश को वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों पर भी लागू करने का निर्णय लिया है। जिससे बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र के कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस मध्य प्रदेश के कोऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने कहा कि यह निर्णय देश के महान संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग की पूर्ति भी है।

जीरा पानी पीने के तभी होंगे फायदे, जब करेंगे इस तरह सेवन, जानें बनाने का तरीका

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Last Updated:April 13, 2026, 20:25 IST Cumin water health benefits: आयुर्वेद के अनुसार, जीरा पानी पाचन अग्नि को मजबूत करता है, भूख बढ़ाने में मदद करता है और पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है. इसके साथ ही यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में भी सहायक होता है. लेकिन, जीरा पानी पीने के अधिक लाभ तभी होंगे, जब आप इसके सेवन का सही तरीका जान लेंगे. जीरा पानी पीने के फायदे आजकल बेहतर लाइफस्टाइल के लिए लोग तरह-तरह के हेल्दी ड्रिंक्स पर भरोसा करने लगे हैं. आम लोगों से लेकर बॉलीवुड सेलिब्रिटीज तक सेहत को बनाए रखने के लिए जीरा पानी, अजवाइन पानी, मेथी पानी और सौंफ पानी जैसे औषधीय पेयों का सेवन करते हैं. खासतौर पर पाचन से जुड़ी समस्याओं के लिए जीरा और अजवाइन पानी को काफी फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इन्हें सही तरीके से कैसे लेना है, यह बहुत कम लोग जानते हैं. यहां जानिए जीरा पानी पीने के फायदे, सेवन का सही तरीका… आयुर्वेद में जीरा पानी का महत्व आयुर्वेद के अनुसार, जीरा पानी पाचन अग्नि को मजबूत करता है, भूख बढ़ाने में मदद करता है और पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है. इसके साथ ही यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में भी सहायक होता है. यही कारण है कि जीरा पानी को रसोई की औषधि माना जाता है. लेकिन कई लोग जल्दी असर पाने के लिए इसे जरूरत से ज्यादा पीने लगते हैं या पूरे दिन थोड़ा-थोड़ा करके इसका सेवन करते रहते हैं, जिससे इसके लाभ कम हो जाते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. पेट की चर्बी घटाने में मददगार वजन कम करने और पेट की चर्बी घटाने के लिए जीरा पानी का सेवन तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. हालांकि, ज्यादातर लोग इसके सही समय और मात्रा को नजरअंदाज कर देते हैं. जीरा पानी दिन की एक हेल्दी शुरुआत हो सकता है, लेकिन गलत तरीके से सेवन करने पर यह फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है. इसलिए इसके सेवन से पहले सही जानकारी होना जरूरी है. जीरा पानी बनाने का सही तरीका जीरा पानी बनाने के लिए सबसे पहले रात में एक गिलास पानी में एक चम्मच जीरा भिगोकर रख दें. सुबह इस पानी को अच्छे से उबाल लें. उबालने के बाद पानी का रंग हल्का बदल जाएगा, जो इसके तैयार होने का संकेत है. इसके बाद इसे थोड़ा ठंडा करके गुनगुना होने पर ही पिएं. ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा गर्म पानी पीने से कब्ज की समस्या हो सकती है और शरीर का तापमान भी असंतुलित हो सकता है. नियमित सेवन से मिलेंगे बेहतर परिणाम यदि जीरा पानी का सेवन सही मात्रा और सही तरीके से रोजाना किया जाए, तो यह पाचन से जुड़ी कई समस्याओं से राहत दिला सकता है. साथ ही गर्मियों में होने वाली पेट की जलन को भी शांत करने में मदद करता है. इसलिए जरूरी है कि इसे बिना अति किए और सही विधि से अपनी दिनचर्या में शामिल किया जाए, ताकि इसके पूरे लाभ मिल सकें. सेवन का सही समय और तरीका जीरा पानी पीने का सबसे अच्छा समय सुबह खाली पेट होता है. इससे शरीर को इसके अधिकतम लाभ मिलते हैं. यदि किसी कारणवश आप इसे खाली पेट नहीं पी पाते हैं, तो खाने के बाद भी इसका सेवन किया जा सकता है. इसे धीरे-धीरे घूंट-घूंट कर पीना चाहिए, जिससे पेट में भारीपन महसूस नहीं होता और शरीर इसे बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 13, 2026, 20:25 IST