Dry Vs Soaked Raisins: भीगी हुई या सूखी? क्या है किशमिश खाने का सही तरीका, जानें फायदे

Last Updated:April 16, 2026, 02:31 IST Best Way To Eat Raisins: किशमिश खाने के फायदे बहुत है. लेकिन बॉडी की जरूरत के हिसाब से इसे सही तरीके से खाना जरूरी है. कुछ लोगों के लिए सूखी किशमिश फायदेमंद साबित होती है, तो कुछ लोगों को भीगी हुई खाना चाहिए. आपके लिए सही विकल्प क्या है, यहां इस लेख में जानिए. ख़बरें फटाफट अंगूर को सुखाकर बनाए जाने वाली किशमिश कोई मामूली ड्राई फ्रूट नहीं, बल्कि पोषक तत्वों की भंडार है. इसमें फाइबर, आयरन, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. लेकिन अक्सर सवाल उठता है कि भीगी हुई किशमिश ज्यादा फायदेमंद है या सूखी? वैसे तो दोनों ही सेहत के लिए अच्छी हैं, लेकिन इनके असर अलग-अलग होते हैं. ऐसे में शरीर की जरूरत को ध्यान में रखते हुए इसके का सही तरीका चुनना जरूर होता है. यहां आप भीगी और सूखी किशमिश दोनों के फायदे और सेहत पर पड़ने वाले इसके असर को जान सकते हैं. भीगी हुई किशमिश के फायदेकिशमिश को कुछ घंटों तक पानी में भिगोने से वह मुलायम हो जाती है. इससे उसका फाइबर नरम हो जाता है, जो पेट के लिए आसान होता है. इसलिए जिन लोगों को कब्ज, एसिडिटी या पाचन की समस्या रहती है, उनके लिए भीगी किशमिश ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है. खाली पेट खाना ज्यादा फायदेमंद भिगोने से इसमें मौजूद फाइटिक एसिड कम हो जाता है, जिससे आयरन, कैल्शियम और जिंक जैसे मिनरल्स शरीर में बेहतर तरीके से अवशोषित होते हैं. साथ ही, भीगी किशमिश हल्का लैक्सेटिव असर देती है, जिससे पेट साफ रखने में मदद मिलती है. सुबह खाली पेट इसे खाने से पाचन बेहतर होता है और शरीर को हाइड्रेशन भी मिलता है. सूखी किशमिश के फायदेसूखी किशमिश में प्राकृतिक शुगर जैसे ग्लूकोज और फ्रक्टोज अधिक मात्रा में होते हैं, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देते हैं. इसलिए यह वर्कआउट से पहले या दिनभर की थकान दूर करने के लिए एक अच्छा स्नैक है. इसमें फाइबर भी अधिक होता है, जो पेट को भरा हुआ महसूस कराता है और ज्यादा खाने से बचाता है. हालांकि, अगर इसे बिना पानी के ज्यादा मात्रा में खाया जाए तो यह पेट में भारीपन या हल्की सूजन का कारण बन सकती है. पाचन और ऊर्जा में अंतरभीगी किशमिश धीरे-धीरे ऊर्जा देती है, क्योंकि इसमें पानी होने से शुगर का अवशोषण धीमा होता है. वहीं सूखी किशमिश तुरंत ऊर्जा देती है. पाचन के लिहाज से भीगी किशमिश हल्की और आसान होती है, जबकि सूखी किशमिश को पचाने के लिए पर्याप्त पानी जरूरी होता है. कौन सी बेहतर है?अगर आपका लक्ष्य बेहतर पाचन, कब्ज से राहत और शरीर में मिनरल्स का सही अवशोषण है, तो भीगी किशमिश बेहतर विकल्प है. वहीं अगर आपको तुरंत ऊर्जा चाहिए या आप बाहर हैं, तो सूखी किशमिश ज्यादा सुविधाजनक है. कैसे करें सेवनआप सूखी किशमिश को दही या अन्य मेवों के साथ मिलाकर खा सकते हैं. इससे यह एक हेल्दी और बैलेंस्ड स्नैक बन जाती है. ध्यान रखें कि बिना शक्कर वाली दही का ही इस्तेमाल करें. इसका बात का ध्यान रखें कि किशमिश में प्राकृतिक शुगर होती है, इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें. संतुलित मात्रा में भीगी और सूखी दोनों तरह की किशमिश को डाइट में शामिल करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 16, 2026, 02:31 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
भारत को रूसी तेल पर अमेरिकी छूट नहीं मिलेगी:US ट्रेजरी सेक्रेटरी बोले- जनरल लाइसेंस रिन्यू नहीं होगा; 11 अप्रैल तक मिली थी राहत

अमेरिका ने रूस और ईरान से तेल खरीद पर दी जा रही छूट को रोकने का फैसला किया है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बुधवार को कहा कि हम रूसी तेल पर दी गई छूट को रिन्यू नहीं करेंगे। इससे पहले मंगलवार को ही ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने ईरानी तेल पर मिलने वाली छूट पर भी रोक लगा दी थी। व्हाइट हाउस की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए बेसेंट ने कहा कि हम रूसी और ईरानी तेल पर देशों को मिल रहे जनरल लाइसेंस को रिन्यू नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि यह छूट उन तेल खेपों के लिए थी जो 11 मार्च से पहले समुद्र में थीं और उनका उपयोग हो चुका है। ऐसे में आगे किसी भी देश को यह राहत नहीं मिलेगी। अमेरिका ने 5 मार्च को भारत को 30 दिन की विशेष छूट दी थी, जिसके बाद भारत यूक्रेन युद्ध के चलते लगे प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल खरीद रहा था। यह छूट बाद में कुछ अन्य देशों को भी दी गई थी और 11 अप्रैल को समाप्त हो गई। अमेरिका ने 30 दिन की छूट दी थी मार्च में अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग की वजह से दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 100 डॉलर के पार चली गई थीं। इसे काबू में करने के लिए ट्रम्प प्रशासन ने दूसरे देशों को भी रूस से तेल खरीदने की अस्थाई मंजूरी दे दी थी। रूस के कई ऑयल टैंकर समुद्र में फंसे हैं। यह छूट सिर्फ 11 अप्रैल तक के लिए दी गई थी। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने तब बताया था कि इसका मकसद दुनियाभर में तेल की सप्लाई बढ़ाना है, ताकि बढ़ती कीमतों पर लगाम लग सके। रूस से तेल आयात 19 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंचा अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का करीब 90% आयात करने वाले भारत ने पिछले दो महीनों में रूसी क्रूड की खरीदारी में भारी बढ़ोतरी की है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के कारण ग्लोबल मार्केट में तेल की किल्लत बढ़ गई है, जिसके चलते भारतीय रिफाइनर्स अब रूस से ज्यादा से ज्यादा तेल जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। इंटेलिजेंस फर्म केप्लर के डेटा के मुताबिक, मार्च के महीने में रूस से कच्चे तेल का आयात औसत 1.98 मिलियन यानी 19 लाख बैरल प्रति दिन (bpd) रहा। यह जून 2023 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि, अप्रैल में यह आंकड़ा गिरकर 1.57 मिलियन यानी 15.7 लाख बैरल प्रति दिन रह गया है, लेकिन जानकारों का कहना है कि यह गिरावट मांग की कमी की वजह से नहीं, बल्कि नयारा एनर्जी की रिफाइनरी में मेंटेनेंस के लिए किए गए शटडाउन के कारण आई है। अगले महीने से इसमें फिर से उछाल आने की उम्मीद है। भारत रूसी तेल पर अपनी निर्भरता बनाए रखेगा सिंगापुर स्थित कंसल्टेंसी ‘वांडा इनसाइट्स’ की फाउंडर वंदना हरि का कहना है कि भारत वह सारा रूसी तेल खरीदने की कोशिश कर रहा है जो उसे मिल सकता है। उन्होंने बताया कि जब तक फारस की खाड़ी से होने वाली सप्लाई में दिक्कत बनी रहेगी, भारत रूसी तेल पर अपनी निर्भरता बनाए रखेगा। दरअसल, अमेरिका और इजरायल की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और होर्मुज रूट के बंद होने से दुनिया भर में सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत फिर शुरू होगी:भारतीय डेलिगेशन अगले हफ्ते वॉशिंगटन रवाना होगा; नए टैरिफ स्ट्रक्चर पर चर्चा होगी भारत और अमेरिका के बीच रुकी अंतरिम ट्रेड डील पर बातचीत फिर शुरू होगी। केंद्र सरकार का हाई-लेवल डेलिगेशन अगले हफ्ते वॉशिंगटन जाएगा। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका में टैरिफ नियमों और अदालती फैसलों से व्यापारिक समीकरण बदल गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
डायबिटीज मरीजों के लिए जरूरी टिप्स, खाने में रखें इन बातों का ध्यान, पूरी गर्मी कंट्रोल रहेगा शुगर

Last Updated:April 16, 2026, 01:32 IST How To Control Diabetes: डायबिटीज को कंट्रोल रखने के लिए मौसम के अनुसार खानपान में बदलाव बहुत जरूरी होते हैं. यदि आप मधुमेह के मरीज तो यहां जान लीजिए आपकी समर डाइट कैसी होने चाहिए, जिससे कि आपका शुगर हमेशा खतरे की सीमा से नीचे रहे. ख़बरें फटाफट गर्मियों का मौसम शुरू होते ही तापमान बढ़ने के साथ-साथ डायबिटीज की समस्या भी ज्यादा परेशान करने लगती है. भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या पहले से ही काफी अधिक है, और गर्मी में लापरवाही करने पर यह समस्या और गंभीर हो सकती है. हालांकि अच्छी बात यह है कि सही खान-पान और कैलोरी का सही संतुलन रखकर डायबिटीज को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है. नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, अगर लोग अपने भोजन और कैलोरी पर ध्यान दें तो ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना आसान हो जाता है. संतुलित आहार शरीर में शुगर लेवल को स्थिर रखता है और कई मामलों में दवाओं पर निर्भरता भी कम करने में मदद कर सकता है. डायबिटीज को कंट्रोल रखना क्यों जरूरी?डायबिटीज में ब्लड शुगर बढ़ने से आंखों की समस्या, किडनी की बीमारी, नसों को नुकसान और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. गर्मियों में पसीना ज्यादा आने और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के कारण यह जोखिम और बढ़ जाता है, इसलिए इस मौसम में विशेष सावधानी जरूरी है. संतुलित खानपान जरूरीहेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, डायबिटीज मरीजों को अपनी थाली को संतुलित रखना चाहिए. भोजन का आधा हिस्सा सब्जियों से भरें. एक चौथाई हिस्सा दाल या अन्य प्रोटीन स्रोतों का रखें और बाकी एक चौथाई हिस्सा साबुत अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, ओट्स या ब्राउन राइस का हो. ज्यादा चावल, आलू, मैदा और मीठे खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए. इसके अलावा, फाइबर युक्त सब्जियां जैसे पालक, ब्रोकली, भिंडी, लौकी और करेला का सेवन रोजाना करना फायदेमंद होता है. दालें भी डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद करती हैं. इन चीजों से करें परहेजचीनी, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस और प्रोसेस्ड फूड से पूरी तरह दूरी बनाना बेहतर होता है. फल सीमित मात्रा में ही खाने चाहिए. सेब, अमरूद, पपीता, जामुन और मौसमी फल अच्छे विकल्प हैं, लेकिन मीठे फलों का सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करें. इन बातों का भी ध्यान रखना जरूरीखाने का समय भी बहुत जरूरी है. नाश्ता सुबह 8 से 9 बजे, दोपहर का भोजन 1 से 2 बजे और रात का खाना 7 से 8 बजे के बीच करना चाहिए. अगर बीच में भूख लगे तो हल्का स्नैक जैसे मखाना या दही लिया जा सकता है. नियमित 30 मिनट की सैर, हल्का व्यायाम और तनाव को कम करना भी ब्लड शुगर कंट्रोल रखने में मदद करता है. अगर ब्लड शुगर अचानक बढ़ जाए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 16, 2026, 01:32 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
भोपाल में बिजनेसमैन की संदिग्ध हालात में मौत:पूल में नहाते समय साइलेंट अटैक का अंदेशा, स्विमिंग करते हुए बेसुध हो गए

भोपाल के टीटी नगर थाना क्षेत्र स्थित तरुण पुष्कर में बुधवार शाम एक कारोबारी की स्वीमिंग पूल में संदिग्ध हालत में मौत हो गई। स्वीमिंग पूल में महज चार फिट पानी होने के कारण अनुमान लगाया जा रहा है कि उन्हें साइलेंट अटैक आया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शार्ट पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारण सामने आ सकेंगे। रोज स्विमिंग के लिए जाते थे पुलिस के मुताबिक अमतलाश कॉलोनी शाहपुरा निवासी 63 साल के संजय त्यागी बिजनेसमैन थे और रोज शाम को तरुण पुष्कर स्वीमिंग के लिए जाते थे। बुधवार शाम भी वह स्वीमिंग के लिए तरुण पुष्कर गए थे। शाम करीब छह बजे वह स्वीमिंग करने के दौरान वह बेसुध हो गए। सीपीआर दिया, लेकिन सांसे नहीं लौटी उन्हें स्वीमिंग पुल से बाहर निकालकर ट्रेनर ने सीपीआर दी लेकिन उनकी सांसे नहीं लौटी। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, वहां डॉक्टर ने चेक करने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ग्वालियर में डॉक्टर को आया हार्ट अटैक:कॉर्डियोलॉजी में इको कराने आया था, डॉक्टरों ने बचाई जान; 3 दिन पहले हुआ था एक्सीडेंट

ग्वालियर में बुधवार रात एक गंभीर घटना हुई है। सर्जरी विभाग से एमएस कर रहे एक जूनियर डॉक्टर को कॉर्डियोलॉजी के गेट पर हार्ट अटैक आ गया। तत्काल अन्य जूनियर डॉक्टरों ने फटाफट डॉक्टर को आईसीयू में भर्ती कराया है। किस्मत रही कि उस समय हाई स्पेशलिस्ट डॉ. पुनीत रस्तोगी, डॉ. राम रावत वहीं मौजूद थे। तत्काल डॉक्टर को निगरानी में लेकर उपचार दिया गया। जहां डॉक्टर की हालत बेदह नाजुक बनी हुई है। डॉक्टर को होश तो आ गया, लेकिन सीनियर डॉक्टरों का मानना है कि अगले 48 घंटे पेशेंट डॉक्टर के लिए काफी क्रिटिकल हैं। एक्सीडेंट में सीने पर लगा था धक्का भिंड निवासी 26 वर्षीय अरविंद सिंह भदौरिया जूनियर डॉक्टर हैं। वह अभी सर्जरी विभाग से एमएस कर रहे हैं। तीन दिन पहले डॉ. अरविंद भदौरिया का एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें उनके सीने पर धमक लगी थी। जिस कारण सीने में दर्द हो रहा था। बुधवार को वह जयारोग्य के ईएनटी विभाग में चेकअप कराने आए थे। इसके बाद डॉ. अरविंद भदौरिया ने सोचा कि एक्सीडेंट के बाद सीने पर धमक लगी थी तो इको भी करा ली जाए। इको कराने के लिए वह कॉर्डियोलॉजी आए थे। अभी वह कॉर्डियोलॉजी विभाग की दहलीज पर थे तभी अचानक डॉक्टर के सीने में तेज दर्द उठा और पसीना आने लगा। डॉक्टर अरविंद वहीं बैठ गया, जब वहां से गुजर रहे अन्य जूनियर डॉक्टरों ने उन्हें देखा तो समझते देर नहीं लगी कि डॉक्टर को हार्ट अटैक आया है। तत्काल कॉर्डियोलॉजी विभाग में उसे लेकर पहुंचे और भर्ती कराया है। 48 घंटे क्रिटिकल, आईसीयू में भर्ती डॉक्टर की किस्मत अच्छी रही कि जिस समय हार्ट अटैक आया तो वह कॉर्डियोलॉजी विभाग में ही था। तत्काल उसे उसके साथी आईसीयू लेकर पहुंचे और भर्ती कराया। उस समय सीनियर डॉक्टर हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. पुनीत रस्तोगी व डॉ. राम रावत राउंड पर थे। तत्काल डॉ. अरविंद भदौरिया को प्राथमिक उपचार दिया गया, जिससे उसकी जान बचाई जा सकी। फिलहाल डॉक्टर भदौरिया होश में आ गए हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि अगले 48 घंटे क्रिटिकल हैं।
याचिका-प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा में अपात्रों को दिए बोनस अंक:जबलपुर हाईकोर्ट ने कहा- मेरिट लिस्ट होगी फैसले के अधीन; दो सप्ताह में जवाब पेश करो

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 के परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ी और अपात्र उम्मीदवारों को गलत तरीके से 5 प्रतिशत बोनस अंक दिए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। बुधवार को जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने कहा कि मेरिट लिस्ट इस याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन होगी। कोर्ट ने मामले में राज्य शासन सहित कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। 14964 उम्मीदवारों ने प्राप्त किए बोनस अंक नरसिंहपुर निवासी सोनम अगरैया एवं अन्य उम्मीदवारों की ओर से अधिवक्ता आलोक वागरेचा, विशाल बघेल एवं आयुष बघेल ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 भर्ती विज्ञापन की कंडिका 7.7 के तहत केवल उन उम्मीदवारों को 5 फीसदी बोनस अंक मिलने थे, जिनके पास ‘भारतीय पुनर्वास परिषद’ (आरसीआई) से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा में डिप्लोमा है। चयन सूची में लगभग 14 हजार 964 उम्मीदवारों ने खुद को इस श्रेणी में दिखाकर बोनस अंक प्राप्त कर लिए हैं। उम्मीदवारों से नहीं मांगा गया आरसीआई सर्टिफिकेट याचिका में ‘भारतीय पुनर्वास परिषद’ के आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया है कि पूरे मध्य प्रदेश में आरसीआई पोर्टल पर केवल 2,194 कार्मिक और 3,077 पेशेवर ही पंजीकृत हैं। ऐसे में लगभग 15 हजार उम्मीदवारों का विशेष शिक्षा प्रमाणपत्र धारक होना प्रथम दृष्टया फर्जी प्रतीत होता है। लोक शिक्षण संचालनालय ने भी जनवरी 2026 में विभाग को आगाह किया था कि लगभग 18 हजार उम्मीदवारों ने ‘हां’ का विकल्प चुना है, जो अत्यधिक प्रतीत होता है। इसके बावजूद, सुधार के लिए पोर्टल खोलने के बाद भी मंडल द्वारा उम्मीदवारों से आरसीआई पंजीकरण संख्या या प्रमाणपत्र नहीं मांगा गया। डिक्लेरेशन के आधार पर सीधे बोनस अंक दे दिए गए याचिका में बताया गया कि बिना किसी भौतिक सत्यापन के सॉफ्टवेयर के माध्यम से उम्मीदवारों के डिक्लेरेशन के आधार पर सीधे बोनस अंक दे दिए गए। इससे वास्तविक और योग्य उम्मीदवारों की मेरिट गिर गई और वे चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए। दलील दी गई कि झूठी जानकारी देकर चयन होने के बाद सैकड़ों अभ्यर्थी, जिन्हें मेरिट में 5 प्रतिशत बोनस अंक मिले हैं, वे भी हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे हैं। उन्होंने कहा है कि जल्दबाजी में हुई त्रुटि के कारण उनके द्वारा बोनस अंक का लाभ प्राप्त कर लिया गया, जबकि उनके पास उससे संबंधित कोई भी प्रमाणपत्र नहीं है। बोनस अंक देकर नई मेरिट सूची करने की मांग याचिका में 27 फरवरी 2026 को जारी मेरिट लिस्ट को रद्द करने की मांग की गई है। केवल वैध आरसीआई प्रमाणपत्र धारकों को ही बोनस अंक देकर नई मेरिट सूची जारी करने की मांग की गई है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा 9 अक्टूबर 2025 से 13 अक्टूबर 2025 तक मध्य प्रदेश के 11 शहर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, सीधी एवं उज्जैन में स्कूल शिक्षा विभाग तथा जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत प्राथमिक शिक्षक के कुल 13,089 पदों के लिए चयन परीक्षा-2025 का आयोजन किया था। इस परीक्षा में कुल 1,03,494 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए। परीक्षा का परिणाम 11,978 पदों (87 प्रतिशत) के लिए 27 फरवरी 2026 को जारी किया था।
भोपाल में घरेलू सिलेंडरों की किल्लत दूर करने बिछेगी लाइन:170 कॉलोनियों में कैंप लगाकर दिए जाएंगे PNG कनेक्शन

भोपाल शहर में एलपीजी की नियमित सप्लाई प्रभावित होने के बीच सरकार ने पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) पर फोकस बढ़ा दिया है। नगर निगम के 15 वार्डों की 170 कॉलोनियों में पाइपलाइन बिछ चुकी है, लेकिन कई घरों में अब तक कनेक्शन नहीं हैं। इन कॉलोनियों में अगले तीन महीने के भीतर कैंप लगाकर पीएनजी कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके लिए 15 वार्ड अधिकारियों और 4 जोनल अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। निगरानी जिला प्रशासन करेगा। घर -घर जाकर देंगे जानकारी पीएनजी सप्लाई कंपनी के कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी देंगे। जरूरी दस्तावेज भरवाएंगे। साथ ही लोगों को एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। अगर कोई उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन नहीं लेना चाहता, तो उसे असहमति प्रमाण पत्र भरकर कारण बताना होगा। अधिकारियों के अनुसार नर्मदापुरम रोड से सुभाष नगर तक करीब 170 कॉलोनियों में नेटवर्क पहुंच चुका है। अब इसे न्यू मार्केट क्षेत्र तक बढ़ाया जाएगा।
Census Self-Enumeration Starts April 16; Enumerators Visit May 1

एक मई से घर-घर जाकर मकानों की गणना करने के पहले जनगणना आयुक्त के निर्देश पर गुरुवार से स्वगणना का कार्यक्रम शुरू होने वाला है। इस दौरान जनगणना के कार्य से जुड़े अधिकारी मुख्यमंत्री, राज्यपाल समेत अन्य प्रमुख नेताओं से स्वगणना की कार्यवाही शुरू करा सकत . 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक होने वाली स्वगणना में कोई भी व्यक्ति खुद ऑनलाइन फॉर्म भरकर अपने मकान से संबंधित 33 सवालों के जवाब दे सकेंगे। इसके बाद एक मई से प्रगणक घर-घर पहुंचकर जानकारी का सत्यापन करेंगे और जिन लोगों द्वारा ऑनलाइन जानकारी नहीं भरी जाएगी, उनकी जानकारी लेकर जनगणना साॅफ्टवेयर पर अपलोड करेंगे। बताया जाता है कि सेल्फ एनुमरेशन पोर्टल https://se.census.gov.in 15 दिन तक रोज सुबह 6 से रात 12 बजे तक खुला रहेगा। प्रदेश का कोई भी नागरिक इस पोर्टल पर स्व-गणना में भाग लेकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकता है। इस प्रक्रिया में 15 से 20 मिनट का समय लगेगा। सही लोकेशन के लिए डिजिटल मैप पर घर मार्क करना होगा, जिसमें लैपटॉप या डेस्कटॉप बेहतर रहेगा, हालांकि मोबाइल से भी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। स्व-गणना के लिए एरिया पिनकोड जरूरी होगा। स्व-गणना से जुड़े सवाल-जवाब सवाल- स्व-गणना क्या है? इससे क्या लाभ है? जवाब- यह ऑनलाइन प्रक्रिया है, जिसमें कोई भी व्यक्ति खुद अपने भवन और परिवार की जानकारी दे सकेगा। प्रगणक आने पर सिर्फ आईडी दिखाकर सत्यापन किया जा सकेगा। सवाल- स्व-गणना कहां और कैसे कर सकते हैं? जवाब- https://se.census.gov.in पोर्टल पर स्व-गणना कर सकते हैं। इसमें 15-20 मिनट लगेंगे। सवाल- किन जानकारियों की आवश्यकता होगी? जवाब- मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर देना होगा। पंजीकरण के बाद नाम और भाषा नहीं बदल सकते। एक नंबर से एक ही परिवार का रजिस्ट्रेशन होगा। सवाल- घर की लोकेशन कैसे मार्क करेंगे? जवाब- जिला और पिनकोड डालने के बाद क्षेत्र चुनना होगा। इसके बाद मैप खुलेगा, लाल मार्कर को खींचकर अपने घर पर सेट कर सकेंगे। यही लोकेशन प्रगणक के लिए पहचान बनेगी। सवाल- प्रश्नावली में कितने सवाल पूछे जाएंगे? जवाब- मकान और परिवार से जुड़े 33 सवाल होंगे। इसमें घर की दीवार, छत, फर्श, पानी, बिजली, शौचालय, गैस; टीवी, मोबाइल, वाहन और अनाज से संबंधित जानकारी होगी। सवाल- जानकारी भरने के बाद क्या होगा? जवाब- डेटा भरने के बाद प्निव्यू फाइल बनेगी। जांच के बाद सबमिट करने पर 11 अंकों की सेल्फ एनुमरेशन आईडी मिलेगी। इसे नोट कर या स्क्रीनशॉट ले सकेंगे। एसएमएस और ईमेल पर भी जानकारी आएगी। सवाल- क्या फाइनल सबमिट के बाद जानकारी सुधार सकते हैं? जवाब- खुद सुधार नहीं कर सकते। जरूरत होने पर प्रगणक के आने पर सुधार करवा सकते हैं। सवाल- प्रगणक के घर आने पर क्या करना होगा? जवाब- सेल्फ एनुमरेशन आईडी दिखानी होगी। मिलान होने पर डेटा स्वीकार होगा, नहीं मिलने पर प्रगणक दोबारा जानकारी लेगा। स्वगणना की प्रक्रिया ऐसे अपनाई जा सकेगी स्वगणना के लिए रजिस्ट्रेशन काने पोर्टल पर मप्र चुनें, परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करें। इसके बाद अपनी भाषा चुनें, मोबाइल पर आए ओटीपी से खुद को वेरिफाई करें। साथ ही लोकेशन सेट करें और इसके लिए जिला और एरिया का पिनकोड डालें। पिनकोड डालते ही मैप खुलेगा। लाल मार्कर खींचकर अपने घर पर सेट करें। इसके बाद 33 सवालों के जवाब भरने होंगे। फिर डेटा जांचकर सबमिट करें, 11 अंकों की आईडी मिलेगी। इसे सेव कर सकेंगे या स्क्रीनशॉट रख सकते हैं। यह खबर भी पढ़ें… जनगणना में गलत जानकारी देने पर 3 साल की जेल मध्य प्रदेश में जनगणना के लिए काउंट डाउन शुरू होने वाला है। MP गृह विभाग को स्टेट नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो पूरी व्यवस्था की निगरानी करेगा। गृह विभाग ने जनगणना कर्मचारियों के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…



