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अभिषेक शर्मा ने 15 गेंद पर फिफ्टी लगाई:सैमसन ने छक्का लगाकर खाता खोला, ऋतुराज गायकवाड़ ने डाइविंग कैच पकड़ा; टॉप मोमेंट्स

अभिषेक शर्मा ने 15 गेंद पर फिफ्टी लगाई:सैमसन ने छक्का लगाकर खाता खोला, ऋतुराज गायकवाड़ ने डाइविंग कैच पकड़ा; टॉप मोमेंट्स

IPL के 27वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने चेन्नई सुपर किंग्स को 11 रन से हरा दिया। राजीव गांधी स्टेडियम में अभिषेक शर्मा ने 15 गेंद पर ही फिफ्टी लगा दी। संजू सैमसन ने छक्का लगाकर पारी की शुरुआत की। वहीं ऋतुराज गायकवाड़ ने बेहतरीन डाइविंग कैच पकड़ा। SRH vs CSK मैच के टॉप मोमेंट्स… 1. अभिषेक ने छक्के से फिफ्टी पूरी की पांचवें ओवर की आखिरी गेंद पर अभिषेक शर्मा ने मैथ्यू शॉर्ट के खिलाफ छक्का लगाया। इसी के साथ उन्होंने 15 गेंद पर अपनी फिफ्टी पूरी कर ली। इस ओवर में अभिषेक ने शॉर्ट के खिलाफ लगातार 5 बाउंड्री लगाईं। इनमें 3 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। अभिषेक ने SRH के लिए सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड भी बना लिया। इससे पहले उन्होंने और ट्रैविस हेड ने 16-16 गेंदों पर हाफ सेंचुरी लगाई थी। 2. ऋतुराज गायकवाड़ का डाइविंग कैच पावरप्ले के आखिरी ओवर में SRH ने 2 विकेट गंवा दिए। ओवर की पांचवीं बॉल मुकेश चौधरी ने फुल लेंथ फेंकी। ट्रैविस हेड ने शॉट खेला, लेकिन मिड ऑफ पर ऋतुराज गायकवाड़ ने बेहतरीन कैच पकड़ लिया। अगली ही गेंद पर ईशान किशन भी मिड ऑफ पर कैच हो गए। हैदराबाद ने पावरप्ले में 75 रन बनाए। 3. दुबे ने अभिषेक का कैच छोड़ा 7वें ओवर की पांचवीं गेंद को अभिषेक शर्मा ने डीप मिडविकेट की ओर पूरी ताकत से मारा। गेंद फुल लेंथ थी, अभिषेक ने फ्लिक किया, लेकिन टाइमिंग सही नहीं रही। मिड-विकेट बाउंड्री पर खड़े शिवम दुबे ने कैच लेने की कोशिश की, लेकिन कैच नहीं पकड़ सके। 4. संजू के DRS से आउट हुए अभिषेक 8वें ओवर की आखिरी बॉल पर हैदराबाद ने तीसरा विकेट गंवाया। अभिषेक शर्मा 22 बॉल पर 59 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें विकेटकीपर संजू सैमसन ने जैमी ओवर्टन की बॉल पर कैच किया। पहली अपील पर फील्ड अंपायर ने अभिषेक को नॉटआउट करार दिया। ऐसे में सैमसन के कहने पर कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने रिव्यू मांगा। रिव्यू से पता चला कि बॉल ने अभिषेक के बल्ले का बाहरी किनारा लिया था। 5. सैमसन ने छक्का लगाकर खाता खोला विकेटकीपर संजू सैमसन ने पहली गेंद पर छक्का लगाकर चेन्नई का खाता खोला। उन्होंने प्रफुल्ल हिंगे की शॉर्ट पिच गेंद को स्क्वेयर लेग की दिशा में बाउंड्री के बाहर भेज दिया। हालांकि, सैमसन पारी के दूसरे ही ओवर में 7 रन बनाकर कैच आउट हो गए, उन्हें नीतीश रेड्डी ने पवेलियन भजेा। 6. क्लासन ने म्हात्रे का कैच छोड़ा आयुष म्हात्रे को दूसरे ओवर में जीवनदान मिल गया। ओवर की पांचवीं बॉल नीतीश रेड्डी ने गुड लेंथ पर आउट स्विंगर फेंकी। आयुष म्हात्रे ने सामने की ओर शॉट खेला, लेकिन गेंद हवा में खड़ी हो गई। क्लासन पीछे की ओर दौड़ते हुए गेंद के नीचे पहुंचे, लेकिन कैच नहीं पकड़ पाए। म्हात्रे इस वक्त खाता भी नहीं खोल सके थे। 7. क्लासन के जंपिंग कैच से म्हात्रे आउट 5वें ओवर में हेनरिक क्लासन ने आयुष म्हात्रे का ही बेहतरीन डाइविंग कैच पकड़ा। ओवर की चौथी गेंद नीतीश रेड्डी ने फुलर लेंथ फेंकी। म्हात्रे ने इनसाइड आउट शॉट खेला, लेकिन क्लासन ने मिड ऑफ पर बेहतरीन जंप किया और कैच पकड़ लिया। म्हात्रे ने 13 गेंद पर 30 रन बनाए।

Census 2027 Questions List; Janganana Scam Safety Guide

Census 2027 Questions List; Janganana Scam Safety Guide

1 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक 1 अप्रैल 2026 से देश के कई राज्यों में जनगणना शुरू हो चुकी है। इसका पहला फेज 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान हाउस लिस्टिंग, सेल्फ एन्यूमरेशन (ऑनलाइन जनगणना) और घर-घर जाकर डेटा कलेक्ट किया जाएगा। इसके लिए जनगणनाकर्मी (एन्यूमरेटर) आपके घर आएंगे और उनके पास सवालों की लंबी लिस्ट होगी। साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ऐसी आशंका जता रहे हैं कि स्कैमर्स जनगणना के नाम पर ठगी कर सकते हैं। इसलिए जनगणना की सही प्रक्रिया समझना जरूरी है। आज ‘साइबर लिटरेसी’ कॉलम में हम जनगणना का सही प्रोसेस समझेंगे। साथ ही जानेंगे कि- स्कैमर्स जनगणना के नाम कैसे चूना लगा सकते हैं? जनगणना के दौरान क्या सावधानियां जरूरी हैं? अगर स्कैम का शक हो तो क्या करें? एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- जनगणना के नाम पर स्कैम कैसे हो सकता है? जवाब- जनगणना प्रक्रिया का फायदा उठाकर साइबर ठग लोगों को निशाना बना सकते हैं। वे खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर कॉल, मैसेज या फर्जी लिंक से पर्सनल डिटेल्स चुरा सकते हैं। नीचे दिए ग्राफिक में देखिए ठग कौन-से तरीके अपना सकते हैं- सवाल- जनगणनाकर्मी घर आकर क्या सवाल पूछेंगे? जवाब- गृह मंत्रालय ने जनगणना में पूछे जाने वाले सभी सवालों की लिस्ट जारी की है। इसे नीचे देखिए- मकान से जुड़े सवाल मकान/भवन नंबर क्या है? जनगणना मकान नंबर क्या है? मकान का फर्श किस मटीरियल का है? दीवार किस मटीरियल की है? छत किस मटीरियल से बनी है? मकान का उपयोग (रहने/दुकान आदि) किसलिए किया जाता है? मकान की स्थिति कैसी है? परिवार से जुड़े सवाल फैमिली नंबर (परिवार क्रमांक) क्या है? परिवार में कुल कितने सदस्य हैं? परिवार के मुखिया का नाम क्या है? परिवार के मुखिया का जेंडर क्या है? परिवार किस वर्ग में आता है (SC/ST/अन्य)? मकान किराए का है या खुद का है? घर में कुल कितने कमरे हैं? परिवार में शादीशुदा जोड़ों की संख्या कितनी है? सुविधाओं से जुड़े सवाल पीने के पानी का मुख्य सोर्स क्या है? क्या पीने का पानी घर में उपलब्ध है? बिजली का मुख्य सोर्स क्या है? क्या घर में शौचालय है? शौचालय का टाइप क्या है? गंदे पानी की निकासी कैसे होती है? क्या घर में बाथरूम है? क्या घर में रसोई और LPG/PNG कनेक्शन है? खाना पकाने के लिए किस ईंधन का इस्तेमाल करते हैं? डिजिटल और सामान से जुड़े सवाल क्या घर में रेडियो/ट्रांजिस्टर है? क्या घर में टेलीविजन है? क्या घर में इंटरनेट सुविधा है? क्या घर में लैपटॉप/कंप्यूटर है? क्या घर में मोबाइल/स्मार्टफोन है? वाहन और अन्य जानकारी क्या घर में साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड है? क्या घर में कार/जीप/वैन है? घर में मुख्य रूप से कौन सा अनाज इस्तेमाल होता है? आपका मोबाइल नंबर क्या है? सवाल- जनगणनाकर्मी कौन से सवाल नहीं पूछ सकते? जवाब- जनगणनाकर्मी आपकी फाइनेंशियल, बैंकिंग और पर्सनल डिटेल्स नहीं मांग सकते हैं। नीचे ग्राफिक में देखिए जनगणनाकर्मी कौन सी डिटेल्स नहीं पूछ सकते हैं- सवाल- किस प्रदेश में कब से जनगणना शुरू होगी? जवाब- अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जनगणना का पहला चरण आयोजित किया जाएगा। इसमें पहले सेल्फ एन्यूमरेशन और फिर घर-घर जाकर डेटा कलेक्शन किया जाएगा। नीचे ग्राफिक में प्रमुख राज्यों की तारीखें देखिए- सवाल- अगर कोई व्यक्ति घर आकर खुद को जनगणनाकर्मी बताए तो उसकी पहचान कन्फर्म कैसे करें? जवाब- इसके लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें। जैसेकि- जनगणनाकर्मी का ऑफिशियल ID कार्ड देखें। इसमें नाम, फोटो, पद और विभाग की जानकारी होगी। ID पर सरकारी मुहर/लोगो साफ दिखना चाहिए। बिना ID के किसी को जानकारी न दें। ऐसे करें स्कैमर का पहचान फर्जी जनगणनाकर्मी ID दिखाने से बचेगा या बहाने बनाएगा। वह पैसे, OTP या बैंक डिटेल्स मांगेगा। जल्दबाजी करेगा या दबाव बनाएगा। सरकारी एप की जगह कागज/डायरी या अनजान एप पर डिटेल दर्ज करेगा। संदिग्ध लिंक या QR कोड स्कैन करने को कहेगा। अजीब या गैर-जरूरी सवाल (जैसे बैंक बैलेंस, पासवर्ड) पूछेगा। ध्यान रखें, कर्मचारी सरकारी एप में डिटेल्स दर्ज करेंगे। सवाल- अगर जनगणनाकर्मी पर्सनल-फाइनेंशियल सवाल पूछे और उसकी पहचान संदिग्ध लगे तो तुरंत क्या कदम उठाएं? जवाब- ऐसी स्थिति में- जानकारी मांगने वाले व्यक्ति की आईडी वेरिफाई करें। जानकारी देने से साफ मना करें। व्यक्ति को घर के अंदर न आने दें। शक होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें। फोटो, वीडियो और व्यक्ति की डिटेल्स नोट करें। कॉल/मैसेज/लिंक का स्क्रीनशॉट लें। आसपास के लोगों को भी सतर्क करें। सवाल- जनगणना के दौरान लोग क्या गलतियां कर सकते हैं? जवाब- जनगणना के समय छोटी लापरवाहियां ठगी का शिकार बना सकती हैं। नीचे कॉमन गलतियां देखिए- गलती-1 बिना वेरिफिकेशन के जनगणनाकर्मी पर भरोसा करना। क्या करें- सिर्फ सरकारी ID दिखाने वाले कर्मचारी को ही जानकारी दें। गलती-2 ये मानना कि जनगणनाकर्मी के हर सवाल का जवाब देना है। क्या करें- केवल जनगणना से जुड़े सवालों के ही जवाब दें। गलती-3 ‘डेटा अपडेट’ या ‘वेरिफिकेशन के नाम पर OTP देना। क्या करें- OTP, PIN या पासवर्ड किसी से शेयर न करें। गलती-4 ‘रजिस्ट्रेशन फीस’ या ‘चार्ज’ के नाम पर पैसे देना। क्या करें- जनगणना पूरी तरह मुफ्त है, भुगतान न करें। गलती-5 फर्जी लिंक पर क्लिक करना/एप डाउनलोड करना। क्या करें- केवल आधिकारिक पोर्टल पर ही जानकारी भरें। अनजान लिंक और एप पर क्लिक न करें। गलती-6 असली प्रक्रिया और नियम की जानकारी न होना। क्या करें- आधिकारिक सोर्सेस से जनगणना की प्रक्रिया और सभी सवालों की जानकारी लें। गलती-7 बिना जांचे किसी को घर के अंदर आने देना। क्या करें- पहचान वेरिफाई करने के बाद ही उसके सवालों के जवाब दें। गलती-8 जल्दबाजी या दबाव में आकर जानकारी देना। क्या करें- आराम से सोचकर जवाब दें, दबाव में न आएं। गलती-9 संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज करना। क्या करें- शक होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें। सवाल- जनगणना में दी गई जानकारी किसलिए होती है? क्या यह सुरक्षित रहती है? जवाब- देश की जनसंख्या, बुनियादी सुविधाओं और रोजगार की सही तस्वीर समझने के लिए सरकार इन जानकारियों का इस्तेमाल करती है। इसी डेटा के आधार पर नीतियां बनती हैं, बजट तय होता है और योजनाएं लागू होती हैं। जहां

khabar hatke- China Woman Blows ₹1.50 Crore After Fight

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झारखंड में एक गांव के चौराहे का नाम यूट्यूब रख दिया गया। वहीं, चीन की एक कार कंपनी ने कार की सीट के नीचे टॉयलेट-सीट बनाने का पेटेंट कराया है। उधर, चीन में ही पति से लड़ाई होने पर एक महिला ने ₹1.50 करोड़ हवा में उड़ा दिए। . इधर, उत्तर प्रदेश में एक व्यक्ति को उसकी मौत के बाद मुआवजा मिला और महाराष्ट्र में एक व्यक्ति ने बीच खेल में ही ट्रैक्टर से पिच खोद दी। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

सुबह सिर्फ 5 मिनट करें ये चमत्कारी योगासन, रीढ़ होगी मजबूत और पेट की चर्बी पिघलने लगेगी!

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Last Updated:April 19, 2026, 03:01 IST अगर आप शरीर को फिट, रीढ़ को मजबूत और मन को शांत रखना चाहते हैं, तो बद्ध पद्मासन आपके लिए बेहतरीन योगासन हो सकता है. रोज कुछ मिनट इसका अभ्यास करने से शरीर में लचीलापन बढ़ता है और कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं. बद्ध पद्मासन योग केवल शरीर को लचीला बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन, शरीर और श्वास के बीच संतुलन स्थापित करने की प्राचीन विधा है. योग शास्त्र में कई ऐसे आसन बताए गए हैं, जो शारीरिक शक्ति के साथ मानसिक स्थिरता भी बढ़ाते हैं. इन्हीं प्रभावशाली आसनों में एक नाम बद्ध पद्मासन का है, जिसे योग की उन्नत मुद्राओं में गिना जाता है. यह आसन देखने में जितना आकर्षक लगता है, उतना ही लाभकारी भी माना जाता है. नियमित अभ्यास से शरीर में संतुलन, लचीलापन और ध्यान क्षमता बेहतर हो सकती है. बद्ध पद्मासन को पद्मासन का एडवांस रूप माना जाता है. इसमें पैरों को कमल की मुद्रा में मोड़कर बैठा जाता है और हाथों को पीछे ले जाकर पैरों के अंगूठों को पकड़ने की कोशिश की जाती है. ‘बद्ध’ का अर्थ होता है बंधा हुआ और ‘पद्म’ का मतलब कमल. इस वजह से इसे बंधा हुआ कमल आसन भी कहा जाता है. यह मुद्रा शरीर को स्थिर बनाती है और रीढ़ को सीधा रखने में मदद करती है. साथ ही, यह आसन शरीर की जागरूकता और मानसिक एकाग्रता बढ़ाने के लिए भी जाना जाता है. कैसे करें बद्ध पद्मासनइस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर योगा मैट बिछाकर पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएं. बाएं पैर को दाईं जांघ पर और दाएं पैर को बाईं जांघ पर रखें. ध्यान रखें कि दोनों एड़ियां नाभि के पास आरामदायक स्थिति में रहें. अब धीरे-धीरे दोनों हाथों को पीठ के पीछे ले जाएं. बाएं हाथ से बाएं पैर का अंगूठा और दाएं हाथ से दाएं पैर का अंगूठा पकड़ने की कोशिश करें. छाती को खुला रखें, कंधों को पीछे खींचें और रीढ़ को सीधा रखें. सामान्य सांस लेते रहें और शुरुआत में 30 सेकंड तक इस मुद्रा में रहें. अभ्यास बढ़ने पर समय धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है. रीढ़ और पीठ के लिए फायदेमंदबद्ध पद्मासन का नियमित अभ्यास पीठ की मांसपेशियों को स्ट्रेच देता है और रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने में मदद करता है. जब रीढ़ सीधी रहती है, तो शरीर का पोश्चर बेहतर होता है और कमर दर्द जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है. यह आसन शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाने में भी सहायक माना जाता है. पाचन और सांस लेने की क्षमता में मददगारइस आसन में बैठने से पेट के आसपास हल्का दबाव बनता है, जिससे पाचन क्रिया बेहतर हो सकती है. कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं में यह सहायक माना जाता है. साथ ही, जब छाती खुलती है तो फेफड़ों को फैलने की जगह मिलती है, जिससे सांस लेने की क्षमता बेहतर हो सकती है और श्वसन तंत्र को लाभ मिलता है. मन को शांत करने में सहायकबद्ध पद्मासन केवल शरीर ही नहीं, मन के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. इस मुद्रा में बैठकर आंखें बंद करने और श्वास पर ध्यान देने से मानसिक तनाव कम हो सकता है. यह ध्यान, एकाग्रता और सोचने की क्षमता को मजबूत करने में मदद कर सकता है. इसलिए इसे मेडिटेशन के लिए भी उपयोगी आसन माना जाता है. इन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानीयह एक उन्नत योगासन है, इसलिए शुरुआती लोगों को इसे विशेषज्ञ की देखरेख में करना चाहिए. अगर घुटनों, टखनों, कूल्हों या पीठ में चोट या तेज दर्द हो, तो इसका अभ्यास करने से बचें. जबरदस्ती शरीर को मोड़ने की कोशिश न करें. धीरे-धीरे अभ्यास और सही तकनीक से ही इसका पूरा लाभ लिया जा सकता है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 19, 2026, 03:01 IST

World Liver Day 2026: लिवर के लिए एसिड से कम नहीं ये फूड्स, रोज खाने की गलती पहुंचा सकती है अस्पताल

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Last Updated:April 19, 2026, 02:31 IST Worst Food For Liver: लिवर को हेल्दी रखने के लिए सिर्फ शराब से दूरी काफी नहीं है. ऐसे कई कॉमन फूड्स आइटम्स हैं, जो दिखने भले न हो लेकिन असर एसिड की तरह करते हैं. ऐसे में लिवर डिजीज से बचाव के लिए किन फूड्स से परहेज जरूरी है, यहां आप जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट Liver Health Tips:  लिवर हमारे शरीर का बहुत जरूरी अंग है.इसके बिना शरीर सही तरीके से काम नहीं कर सकता.यह हमारे खाने को पचाने और उसे ऊर्जा में बदलने का काम करता है.अगर हम संतुलित और पौष्टिक भोजन लेते हैं, तो लिवर हेल्दी रहता है. वहीं, अनहेल्दी फूड्स लिवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में हर चार में से एक व्यक्ति मोटापे या ज्यादा वजन से परेशान है.करीब 38% वयस्कों को फैटी लिवर की समस्या है.यह परेशानी अब बच्चों में भी बढ़ रही है. ऐसे में वो फूड्स आइटम्स कौन-से हैं जिससे आपको परहेज करना चाहिए? चलिए इस लेख में जानते हैं. शराब की तरह लिवर के लिए हानिकारक फूड्सस्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सिर्फ शराब ही नहीं बल्कि ज्यादा चीनी, तेल और फास्ट फूड भी लिवर के लिए हानिकारक हैं.गलत खान-पान की वजह से लिवर धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है, इसलिए खान-पान पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. लिवर शरीर के स्टोर रूम की तरह काम करता है.जब हम ज्यादा कैलोरी वाला खाना जैसे मीठे पेय, तला-भुना खाना और फास्ट फूड खाते हैं, तो लिवर में चर्बी जमा होने लगती है.इससे फैटी लिवर की समस्या हो जाती है, जो आगे चलकर गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है. आजकल गैर-अल्कोहल फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है.ज्यादा चीनी और खराब वसा लिवर में जमा होकर सूजन पैदा करते हैं और उसे नुकसान पहुंचाते हैं.यह स्थिति शराब से होने वाले लिवर रोग जितनी ही खतरनाक हो सकती है और गंभीर होने पर लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत भी पड़ सकती है. नहीं दिखते कोई शुरुआती लक्षणसबसे चिंता की बात यह है कि यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआत में इसके कोई खास लक्षण नहीं दिखते. व्यक्ति खुद को ठीक महसूस करता है, लेकिन अंदर ही अंदर लिवर खराब होता रहता है.समय के साथ यह फाइब्रोसिस, सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों में बदल सकता है. बचाव के उपायइससे बचने के लिए जरूरी है कि मीठे पेय, कोल्ड ड्रिंक, मिठाइयों और ज्यादा चीनी वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं.फास्ट फूड और ज्यादा तेल वाले खाने का सेवन कम करें.रोज ताजे फल, सब्जियां और साबुत अनाज खाएं.नियमित व्यायाम करें, एक्टिव रहें और वजन को नियंत्रण में रखें.अगर आपको मोटापा, डायबिटीज या परिवार में लिवर की बीमारी का इतिहास है, तो समय-समय पर लिवर की जांच जरूर करवाएं। About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 19, 2026, 02:31 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

Manipur Firing | NIA Probe; Search Operation; Ukhrul Murder

Manipur Firing | NIA Probe; Search Operation; Ukhrul Murder

19 घंटे पहले कॉपी लिंक मणिपुर के उखरुल जिले में शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे एक रिटायर्ड आर्मी जवान समेत दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। एसडब्ल्यू चिनाओशांग (46 वर्ष) और यरुइंगम वाशुम (42 वर्ष) इंफाल से उखरुल जा रहे थे, तभी उग्रवादियों ने अचानक उनकी गाड़ी पर फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना से एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने उखरुल का दौरा किया था और कूकी तथा नागा समुदायों से शांति और संवाद बनाए रखने की अपील की थी। मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है। सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। साथ ही सभी समुदायों से शांति बनाए रखने और किसी भी उकसावे में न आने की अपील की गई है। कूकी काउंसिल ने घटना की निंदा की कूकी जो काउंसिल ने इस घटना में समुदाय की किसी भी भूमिका से इनकार किया है। वहीं, तंगखुल नागा लॉन्ग (TNL) की वर्किंग कमेटी ने घटना की निंदा की और आरोप लगाया कि हमला कूकी समुदाय ने किया है। कमेटी ने इलाके में तुरंत सर्च ऑपरेशन चलाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। 6 अप्रैल बम हमले में 2 बच्चों की मौत 6 अप्रैल को मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में देर रात उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया। जिसमें 5 साल के एक लड़के और छह महीने की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब बच्चे अपनी मां के साथ बेडरूम में सो रहे थे। इसके बाद भीड़ ने घटनास्थल से 100 मीटर दूर CRPF कैंप पर भी हमला कर दिया। जवाबी फायरिंग में 2 की मौत हो गई, पांच घायल हो गए। मणिपुर सरकार ने मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सर्विस को 3 दिनों के लिए बंद कर दिया था। —————————————– ये खबर भी पढ़ें… मणिपुर- 3 साल पहले गैंगरेप की शिकार युवती की मौत:सदमे में थी; 2023 हिंसा में किडनैपिंग, फिर दरिंदगी हुई, अबतक एक भी गिरफ्तारी नहीं मणिपुर में 3 मई 2023 में जातीय हिंसा शुरू होने के तुरंत बाद गैंगरेप का शिकार हुई 20 साल की युवती की मौत हो गई है। गैंगरेप के समय वह सिर्फ 18 साल की थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Manipur Firing | NIA Probe; Search Operation; Ukhrul Murder

Manipur Firing | NIA Probe; Search Operation; Ukhrul Murder

3 मिनट पहले कॉपी लिंक मणिपुर के उखरुल जिले में शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे एक रिटायर्ड आर्मी जवान समेत दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतकों की पहचान एसडब्ल्यू चिनाओशांग (46 वर्ष) और यरुइंगम वाशुम (42 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों इंफाल से उखरुल जा रहे थे, तभी उग्रवादियों ने अचानक उनकी गाड़ी पर फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना से एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने उखरुल का दौरा किया था और कूकी तथा नागा समुदायों से शांति और संवाद बनाए रखने की अपील की थी। मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है। सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। साथ ही सभी समुदायों से शांति बनाए रखने और किसी भी उकसावे में न आने की अपील की गई है। कूकी काउंसिल ने घटना की निंदा की कूकी जो काउंसिल ने इस घटना में समुदाय की किसी भी भूमिका से इनकार किया है। वहीं, तंगखुल नागा लॉन्ग (TNL) की वर्किंग कमेटी ने घटना की निंदा की और आरोप लगाया कि हमला कूकी SoO कैडरों ने किया है। कमेटी ने इलाके में तुरंत सर्च ऑपरेशन चलाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। 6 अप्रैल बम हमले में 2 बच्चों की मौत 6 अप्रैल को मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में देर रात उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया। जिसमें 5 साल के एक लड़के और छह महीने की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब बच्चे अपनी मां के साथ बेडरूम में सो रहे थे। इसके बाद भीड़ ने घटनास्थल से 100 मीटर दूर CRPF कैंप पर भी हमला कर दिया। जवाबी फायरिंग में 2 की मौत हो गई, पांच घायल हो गए। मणिपुर सरकार ने मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सर्विस को 3 दिनों के लिए बंद कर दिया था। —————————————– ये खबर भी पढ़ें… मणिपुर- 3 साल पहले गैंगरेप की शिकार युवती की मौत:सदमे में थी; 2023 हिंसा में किडनैपिंग, फिर दरिंदगी हुई, अबतक एक भी गिरफ्तारी नहीं मणिपुर में 3 मई 2023 में जातीय हिंसा शुरू होने के तुरंत बाद गैंगरेप का शिकार हुई 20 साल की युवती की मौत हो गई है। गैंगरेप के समय वह सिर्फ 18 साल की थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔