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Health Tips: गर्म खाना एल्युमिनियम फॉयल में रखना पड़ सकता है भारी, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

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Last Updated:April 21, 2026, 23:20 IST रोटी और खाना पैक करने के लिए एल्युमिनियम फॉयल आसान विकल्प लगता है, लेकिन इसका रोजाना इस्तेमाल सही नहीं माना जाता. खासकर गर्म खाने के साथ यह आदत सेहत पर असर डाल सकती है. ख़बरें फटाफट हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में कई ऐसी आदतें शामिल होती हैं, जिन्हें हम सालों से बिना ज्यादा सोचे अपनाते आ रहे हैं. खासकर रसोई से जुड़ी परंपराएं अक्सर एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक चलती रहती हैं. इन्हीं में से एक आदत है रोटी, पराठा या स्नैक्स को अखबार में लपेटकर रखना. समय बदला तो अखबार की जगह एल्युमिनियम फॉयल ने ले ली, लेकिन क्या ये दोनों तरीके सच में सुरक्षित हैं? विशेषज्ञों के अनुसार, सुविधा के लिए अपनाई गई ये आदतें सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं. अखबार देखने में आसान विकल्प लगता है, लेकिन इसमें छपी स्याही और प्रिंटिंग केमिकल्स खाने के संपर्क में आ सकते हैं. खासतौर पर गरम, तैलीय या नम खाने की चीजें जब अखबार पर रखी जाती हैं, तो स्याही के कुछ तत्व भोजन में ट्रांसफर हो सकते हैं. यही वजह है कि कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ खाने को सीधे अखबार पर रखने से बचने की सलाह देते हैं. अक्सर बाजार में समोसा, पकौड़े, जलेबी या अन्य स्नैक्स अखबार में लपेटकर दिए जाते हैं. लोग इसे सामान्य मानते हैं, लेकिन बार-बार ऐसा खाना खाने से अनचाहे रसायनों के शरीर में जाने की संभावना बढ़ सकती है. इसका असर तुरंत महसूस न हो, लेकिन लंबे समय में यह आदत बेहतर नहीं मानी जाती. एल्युमिनियम फॉयल भी हर बार सही विकल्प नहींकई लोग सोचते हैं कि फॉयल अखबार से बेहतर और पूरी तरह सुरक्षित है. हालांकि फॉयल कई मामलों में ज्यादा साफ-सुथरा विकल्प माना जाता है, लेकिन इसका इस्तेमाल भी समझदारी से करना चाहिए. जब बहुत गरम, खट्टा या ज्यादा मसालेदार खाना लंबे समय तक फॉयल में रखा जाता है, तो एल्युमिनियम की थोड़ी मात्रा भोजन में मिल सकती है. यह मात्रा सामान्य तौर पर कम होती है, लेकिन रोजाना और बार-बार ऐसा करना आदत बन जाए तो इससे बचना बेहतर माना जाता है. खासतौर पर गर्म खाने को सीधे फॉयल में पैक करके लंबे समय तक रखने से परहेज करना चाहिए. कौन-कौन सी चीजें ज्यादा रिस्की हैंनींबू वाला खाना, टमाटर आधारित डिश, इमली, सिरके वाली सब्जियां या बहुत मसालेदार व्यंजन फॉयल के साथ ज्यादा प्रतिक्रिया कर सकते हैं. इसी तरह गरमा-गरम पराठे या तैलीय स्नैक्स अखबार में लपेटना भी अच्छा विकल्प नहीं है. अगर आप खाना पैक करना चाहते हैं या गर्म रोटी रखना चाहते हैं, तो स्टील के डिब्बे, कांच के कंटेनर या फूड-ग्रेड डिब्बे अच्छे विकल्प हैं. इसके अलावा साफ सूती कपड़ा, मलमल का कपड़ा या फूड-सेफ पेपर भी इस्तेमाल किया जा सकता है. रोटी रखने के लिए कपड़े का डिब्बा या इंसुलेटेड कैसरोल भी अच्छा रहता है. इससे रोटी नरम भी रहती है और अनावश्यक केमिकल संपर्क से भी बचाव होता है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 21, 2026, 23:20 IST

ग्वालियर में भगवान परशुराम पर बयान पड़ा भारी:दामोदर यादव को ‘याददाश्त बढ़ाने अखरोट-बादाम वाला बॉक्स भेजकर दिया अनोखा जवाब

ग्वालियर में भगवान परशुराम पर बयान पड़ा भारी:दामोदर यादव को ‘याददाश्त बढ़ाने अखरोट-बादाम वाला बॉक्स भेजकर दिया अनोखा जवाब

भगवान परशुराम को लेकर दिए गए बयान ने सियासी और सामाजिक हलकों में आग लगा दी है। आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव के “परशुराम कौन हैं, मैं नहीं जानता” वाले बयान के बाद ब्राह्मण समाज खुलकर सामने आ गया है। विरोध का अंदाज भी बिल्कुल अलग है। राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय महासचिव रूद्र शर्मा ने दामोदर यादव को एक ‘स्पेशल बॉक्स’ कूरियर किया है। यह कोई आम पार्सल नहीं, बल्कि तंज और संदेश से भरा हुआ पैकेज है। बॉक्स में क्या-क्या निकला इस अनोखे बॉक्स में अखरोट, बादाम, गुलाब शरबत, आयुर्वेदिक दवा शंखपुष्पी, एक पत्र और भगवान परशुराम की जीवनी किताब रखी गई है। संदेश साफ है—“याददाश्त तेज करो, दिमाग ठंडा रखो और इतिहास को पहचानो।” ‘इलाज’ से नहीं हुआ फायदा तो टॉप मनोचिकित्सक तैयार, रूद्र शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि अगर इस ‘आयुर्वेदिक इलाज’ से भी दामोदर यादव को फायदा नहीं हुआ, तो ब्राह्मण समाज उनकी पूरी जिम्मेदारी उठाते हुए देश के टॉप-5 मनोचिकित्सकों से इलाज करवाने को भी तैयार है। परशुराम जयंती से पहले भड़की चिंगारी दरअसल, सिवनीमालवा में अंबेडकर यात्रा के दौरान मंच से दिए गए इस बयान ने माहौल गर्मा दिया। परशुराम जयंती से ठीक पहले आए इस बयान ने विवाद को और हवा दे दी है। यह पहली बार नहीं है जब दामोदर यादव अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में आए हों। इससे पहले भी सनातन और Dhirendra Shastri को लेकर दिए गए बयानों पर वे विवादों में रह चुके हैं। अब बढ़ता जा रहा है विरोध देशभर में ब्राह्मण समाज और सवर्ण वर्ग में इस बयान को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। सवाल यही है—क्या यह ‘बॉक्स वाला तंज’ विवाद को शांत करेगा या आग में घी का काम करेगा? अगर चाहो तो इसे और ज्यादा “टीवी डिबेट” या “तेज-तर्रार एंकर स्टाइल” में भी बना सकता हूँ।

‘मछली की राजनीति’: बंगाल अभियान के दौरान अनुराग ठाकुर ने खाया ‘माछ भात’; टीएमसी, आप पर निशाना | भारत समाचार

KL Rahul and Nitish Rana have brought up a 50-run partnership (Picture credit: AP)

आखरी अपडेट:21 अप्रैल, 2026, 22:38 IST अनुराग ठाकुर और अन्य भाजपा नेताओं को ममता बनर्जी के इस कथन का मुकाबला करने के लिए मछली और चावल खाते देखा गया कि भाजपा बंगाल में मछली खाने पर प्रतिबंध लगाएगी। मछली-चावल खाते बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर और अन्य नेता. (फोटो: एक्स) बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर और पार्टी के अन्य नेताओं ने मंगलवार को मछली और चावल का लुत्फ उठाया (माछ भात) पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के प्रचार के अंतिम दिन, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस दावे का मुकाबला करने के लिए कि भाजपा सत्ता में आने पर मछली पर प्रतिबंध लगाएगी। वीडियो में ठाकुर और अन्य भाजपा नेता खाना खाते दिख रहे हैं शोरशे माछ भात (सरसों की ग्रेवी और चावल में मछली) ने रेखांकित किया कि कैसे यह व्यंजन बंगाली पहचान और राजनीति का केंद्र बन गया है। भाजपा की बंगाल इकाई लोगों को यह समझाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है कि वह मछली खाने के विरोध में नहीं है। अनुराग ठाकुर ने कोलकाता में संवाददाताओं से कहा, “हम मांस, मछली और चावल खा रहे हैं। भाजपा की 16 राज्यों में सरकार है, एनडीए की 20 राज्यों में सरकार है और कहीं भी किसी के भाषण, भोजन या पूजा पर कोई प्रतिबंध नहीं है।” उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी के पास 15 साल में कोई उपलब्धि नहीं है, इसलिए वह भय, भ्रम और अफवाह फैलाने का सहारा ले रही हैं। वे घुसपैठ, भ्रष्टाचार नहीं रोक सके, रोजगार नहीं दे सके। 4 मई आएगी और टीएमसी हटा दी जाएगी।” टीएमसी, आप स्वाइप लें इस बीच, AAP विधायक संजीव झा ने भगवा पोशाक पहनकर मछली खाने पर अनुराग ठाकुर पर कटाक्ष किया, उन्होंने भाजपा पर अन्य राज्यों में मांस और मछली की दुकानें बंद करने और राजनीतिक लाभ के लिए बंगाल में एक अलग रुख अपनाने का आरोप लगाया। “देखो वह मंगलवार को कैसे मछली खा रहा है, भगवा पहने हुए और चंदन का टीका लगाए हुए! ये वही लोग हैं जो दिल्ली और अन्य शहरों में मांस और मछली की दुकानों को बंद करवाते रहते हैं। अब जब बंगाल के चुनाव आ गए हैं, तो प्रधान मंत्री ने जाकर सभी पर मछली खाना थोप दिया है। सत्ता के लिए आप क्या-क्या नहीं करेंगे, सर? यह भाजपा के लोगों का असली चाल, चरित्र और चेहरा है, “उन्होंने एक्स पर कहा। ये हैं हिमाचल बीजेपी के बड़े नेता और केंद्र में मंत्री अनुराग ठाकुर। और देखें किस तरह से भगवा मंदिर, चंदन लगाए मंगलवार के दिन मछली खा रहे हैं! 🐟 🤔​ये वही लोग हैं जो दिल्ली और अन्य शहरों में मांस-मछली की रिकॉर्डिंग बंद करते हैं। अब बंगाल का चुनाव क्या आया,… pic.twitter.com/4aUIW2Tpem – संजीव झा (@Sanjeev_aap) 21 अप्रैल 2026 आप के सौरभ भारद्वाज ने ठाकुर पर भगवान हनुमान का अपमान करने का आरोप लगाया। “नेपो किड मंगलवार को माथे पर तिलक लगाकर नॉनवेज खा रहा है? सिर्फ वोटों के लिए, वे हनुमान जी का अपमान करने के लिए तैयार हैं?” टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी ठाकुर का मजाक उड़ाते हुए कहा, “हैलो @ianuragthakur यह देखकर खुशी हुई कि आप बंगाल में मछली का आनंद ले रहे हैं। चिंता न करें- यह फैंटालैंड नहीं है, आप हुगली पर एक नदी क्रूज ले सकते हैं और बिना गिरफ्तार हुए इसे खा भी सकते हैं।” इससे पहले, ममता बनर्जी ने चेतावनी दी थी कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो वह बंगालियों को मछली खाने से प्रतिबंधित कर देगी। पुरुलिया में एक चुनावी रैली के दौरान उन्होंने कहा, “बीजेपी कहती है कि आप मछली, मांस या अंडे नहीं खा सकते; वे किसी भी धर्म में विश्वास नहीं करते; वे दंगों का सहारा लेते हैं; आदिवासियों का शोषण किया जाता है और बीजेपी शासित राज्यों में महिलाओं पर हमला किया जाता है।” मतदाताओं के बीच चिंता को देखते हुए, भाजपा ने अपने नेताओं को मछली का आनंद लेते हुए दिखाकर जवाबी बयान जारी किया। सुवेंदु अधिकारी और सुकांत मजूमदार जैसे भाजपा नेताओं को माछ भात खाते हुए देखा गया, यह रेखांकित करता है कि मछली कैसे राजनीतिक फ्लैशप्वाइंट बन गई है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 21 अप्रैल, 2026, 22:38 IST न्यूज़ इंडिया ‘मछली की राजनीति’: बंगाल अभियान के दौरान अनुराग ठाकुर ने खाया ‘माछ भात’; टीएमसी, आप पर निशाना अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)अनुराग ठाकुर मछली खा रहे हैं(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)बंगाल की राजनीति में मछली(टी)मछली की राजनीति(टी)बीजेपी बनाम टीएमसी(टी)ममता बनर्जी मछली प्रतिबंध(टी)बंगाली पहचान की राजनीति

संजय मिश्रा, विक्रम प्रताप ने महाकालेश्वर में किए दर्शन:अभिनेता संजय मिश्रा ने पारिवारिक शादी सकुशल होने पर जताया आभार

संजय मिश्रा, विक्रम प्रताप ने महाकालेश्वर में किए दर्शन:अभिनेता संजय मिश्रा ने पारिवारिक शादी सकुशल होने पर जताया आभार

अभिनेता संजय मिश्रा और विक्रम प्रताप ने मंगलवार देर शाम उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन किए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया और पारिवारिक शादी सकुशल संपन्न होने पर आभार व्यक्त किया। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में इन दिनों फिल्मी हस्तियों का आना-जाना लगा रहता है। इसी कड़ी में बॉलीवुड अभिनेता संजय मिश्रा और फिल्म अभिनेता विक्रम प्रताप मंगलवार देर शाम मंदिर पहुंचे। दर्शन के दौरान दोनों कलाकारों ने नंदी हॉल में बैठकर ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप किया। संजय मिश्रा भगवा धोती और शर्ट पहने हुए थे। संजय मिश्रा ने बताया कि वे पहले भी कई बार महाकाल के दर्शन कर चुके हैं और हर बार उन्हें यहां आकर विशेष शांति मिलती है। विक्रम प्रताप ने भी इस अनुभव को सौभाग्यशाली बताया। अभिनेता संजय मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं पहले भी कई बार यहां आ चुका हूं। घर में शादी थी, सब कुछ सकुशल हुआ, यह बाबा महाकाल की कृपा है। हम धन्यवाद देने आए थे और उन्होंने हमें फिर बुला लिया। भविष्य में भी यहां आने की इच्छा है।” विक्रम प्रताप ने बताया, “कल दीदी की शादी थी, सभी कार्य बहुत अच्छे से संपन्न हो गए। हम बाबा को धन्यवाद देने आए हैं। संजय सर भी इसी कारण यहां आए हैं। मैंने भी कुछ फिल्मों में काम किया है और यह मेरे लिए बेहद खास अनुभव है।”

विदेशी पेमेंट पर 24 घंटे पहले नोटिफिकेशन मिलेगा:यूजर चाहे तो भुगतान रोक सकेगा, इससे इंटरनेशनल एप मनमर्जी से सब्सक्रिप्शन चार्ज नहीं ले पाएंगे

विदेशी पेमेंट पर 24 घंटे पहले नोटिफिकेशन मिलेगा:यूजर चाहे तो भुगतान रोक सकेगा, इससे इंटरनेशनल एप मनमर्जी से सब्सक्रिप्शन चार्ज नहीं ले पाएंगे

अब आप नेटफ्लिक्स और यूट्यूब जैसे विदेशी एप के सब्सक्रिप्शन के लिए ऑटोमैटिक पेमेंट कभी भी रोक सकेंगे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने विदेशी कंपनियों को किए जाने वाले ऑटोमैटिक पेमेंट के नियम बदल दिए हैं। अब अगर आप अपने कार्ड या UPI से किसी विदेशी सर्विस के लिए ई-मेंडेट यानी हर महीने पैसे कटने वाला सिस्टम (ई-मैन्डेट) सेट करते हैं, तो आपको पैमेंट से 24 घंटे पहले नोटिफिकेशन मिलेगा। इसके लिए बैंकों को एडिशनल फैक्टर ऑथेंटिकेशन (AFA) यानी OTP से वेरिफिकेशन करना होगा। इसका मकसद यूजर को डिजिटल फ्रॉड से बचाना और उन्हें अपने ट्रांजैक्शन पर ज्यादा कंट्रोल देना है। इससे इंटरनेशनल एप मनमर्जी से सब्सक्रिप्शन चार्ज नहीं ले पाएंगे। ट्रांजैक्शन लिमिट: ₹15,000 तक बिना एक्स्ट्रा ऑथेंटिकेशन के पेमेंट RBI ने ई-मैन्डेट ट्रांजैक्शन के लिए लिमिट भी तय की है। ग्राहक यह तय कर सकेंगे कि हर बार एक निश्चित राशि कटे या फिर एक मैक्सिमम लिमिट तय कर सकते हैं। अगर आप वेरिएबल लिमिट चुनते हैं, तो बैंक को यूजर से मैक्सिमम वैल्यू पूछनी होगी। इसके अलावा, ई-मेंडेट में किसी भी तरह के बदलाव या उसे वापस लेने के लिए बैंक को यूजर से दोबारा वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। RBI के ई-मैन्डेट नियम इन पेमेंट्स पर लागू होंगे इन सभी पेमेंट्स में ₹15,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर एडिशनल वेरिफिकेशन जरूरी होगा। कार्ड एक्सपायर होने या दोबारा इश्यू होने पर पुराने मैन्डेट अपने आप नए कार्ड पर ट्रांसफर हो जाएंगे। गलत ट्रांजैक्शन की 3 दिन में रिपोर्टिंग पर पूरा रिफंड मिलेगा गलत ट्रांजैक्शन के मामले में ग्राहकों की जवाबदेही तय करने वाले RBI के नियम ई-मैन्डेट पर भी लागू होंगे। कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं, फ्री मिलेगी ई-मेंडेट सुविधा RBI ने साफ किया है कि बैंक रिकरिंग ट्रांजैक्शन के लिए ई-मेंडेट सुविधा देने पर ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं ले सकते। साथ ही, अगर आपका कार्ड एक्सपायर होने के बाद दोबारा जारी (Reissue) होता है, तो पुराने ई-मेंडेट नए कार्ड पर मैप किए जा सकेंगे। ————- ये खबर भी पढ़ें… फूड-एप से 12 ऑर्डर पर ₹900 एक्स्ट्रा खर्च हो रहे: जोमैटो, स्विगी की प्लेटफॉर्म फीस 3 साल में 9 गुना बढ़ी, यहां दाम भी 15% तक ज्यादा ऑनलाइन ऑर्डर के जरिये खाना मंगवाना, OTT देखना, 10 मिनट में किराना- ये सुविधाएं अब पहले से महंगी हो चुकी हैं। प्लेटफॉर्म फीस, डिलीवरी चार्ज और छुपे हुए खर्च मिलकर हर महीने हजारों रुपए यूं ही खर्च हो रहे हैं। यदि आप महीने में 12 बार भी फूड डिलीवरी एप से ऑर्डर करते हैं तो अनजाने में करीब 900 रुपए अतिरक्ति खर्च कर रहे हैं। इसमें 180 रुपए प्लेटफॉर्म फीस और 720 रुपए डिलीवरी चार्ज शामिल है। यह रकम हर साल बढ़ रही है। पूरी खबर पढ़ें…

स्पीड-ब्रेकर पर कार स्लो, पीछे से आ रहा टेंपो टकराया:नीमच शहर में दो युवक घायल, दोनों मनासा के रहने वाले

स्पीड-ब्रेकर पर कार स्लो, पीछे से आ रहा टेंपो टकराया:नीमच शहर में दो युवक घायल, दोनों मनासा के रहने वाले

नीमच सिटी थाना इलाके के जवासा चौराहे पर मंगलवार देर शाम चौराहे पर बने स्पीड ब्रेकर पर जैसे ही एक कार धीमी हुई, पीछे से आ रहे टेंपो ने उसमें जोरदार टक्कर मार दी। इस एक्सीडेंट में टेंपो सवार दो लोग घायल हो गए। हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों ने तुरंत एंबुलेंस और पुलिस को फोन किया। एंबुलेंस ने मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर के मुताबिक, घायलों के मुंह और गले पर काफी गंभीर चोटें आई हैं। मनासा के रहने वाले हैं घायल घायलों की पहचान विक्रम (26 साल) और शांतिलाल (60 साल) के रूप में हुई है। ये दोनों ही मनासा के रहने वाले हैं। कैसे हुआ हादसा? चश्मदीदों ने बताया कि चौराहे पर स्पीड ब्रेकर आने की वजह से कार की रफ्तार कम हो गई थी। इसी दौरान पीछे से आ रहे टेंपो का बैलेंस बिगड़ गया और वह सीधे कार से जा टकराया। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

छतरपुर में दो ट्रकों की आमने-सामने भिड़ंत:ड्राइवर केबिन में फंसा; डायल 112 टीम ने रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया

छतरपुर में दो ट्रकों की आमने-सामने भिड़ंत:ड्राइवर केबिन में फंसा; डायल 112 टीम ने रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया

छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र में गरेला टोल प्लाजा के पास बुधवार देर रात दो ट्रकों की आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में दोनों ट्रकों के चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। एक चालक ट्रक के केबिन में बुरी तरह फंस गया था। जानकारी के अनुसार, बरेली निवासी मुमत्याज अहमद (23 वर्ष) अपने ट्रक में माल लादकर चेन्नई जा रहे थे। गरेला टोल के आगे पहुंचते ही सामने से आ रहे एक अन्य ट्रक से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई। दूसरा घायल चालक सागर जिले के शाहगढ़ का निवासी बताया जा रहा है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मुमत्याज अहमद ट्रक के क्षतिग्रस्त हिस्से में बुरी तरह फंस गए थे। सूचना मिलते ही गढ़ीमलहरा पुलिस और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद मुमत्याज अहमद को केबिन से बाहर निकाला गया। गढ़ीमलहरा टीआई रीता सिंह के मुताबिक घटना की जानकारी लगते ही, पुलिस FRB डायल 112 और लोकल लोगों की मदद से रेस्कयू कर दोनों घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जिला अस्पताल में घायल मुमत्याज अहमद का इलाज जारी है।

भोपाल में घर में घुसकर बुजुर्ग महिला से लूट:आरोपी ने बुजुर्ग के चेहरे पर पत्थर से किए वार, कान से बाली नोची, बेसुध हुई

भोपाल में घर में घुसकर बुजुर्ग महिला से लूट:आरोपी ने बुजुर्ग के चेहरे पर पत्थर से किए वार, कान से बाली नोची, बेसुध हुई

राजधानी के करोंद इलाके में दिनदहाड़े पुलिसकर्मी के घर में घुसकर बुजुर्ग महिला पर जानलेवा हमला कर लूट की वारदात सामने आई है। आरोपी ने 65 वर्षीय महिला के चेहरे और सिर पर पत्थर से कई बार वार किए गए, जिससे वह लहूलुहान होकर बेसुध हो गई। वारदात के बाद आरोपी ने उनके कान से सोने की बाली खींचकर नोच ली, जिससे कान कट गया, वहीं गले की चेन भी लूट ली। घर में अकेली थी महिला, मुंह दबाकर अंदर घसीटा घटना सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच की बताई जा रही है। पीड़िता करोंद स्थित राजीव मेमोरियल स्कूल के पास अपने घर में अकेली थीं। आरोपी अचानक पहुंचा और मुंह दबाकर उन्हें जबरन घर के अंदर ले गया। इसके बाद उसने दरवाजे बंद कर दिए, जिससे महिला मदद के लिए आवाज भी नहीं लगा सकीं। पूजा के कमरे में ले जाकर पत्थर से किया वार आरोपी महिला को खींचते हुए पूजा के कमरे में ले गया, जहां हवन के लिए रखे ब्लॉक से उसने उनके चेहरे और सिर पर लगातार वार किए। महिला ने विरोध किया तो आरोपी और हिंसक हो गया। लगातार हमलों से वह बेहोश होकर गिर पड़ीं। बेहोशी का फायदा उठाकर लूट, बाली खींचने से कट गया कान महिला के बेसुध होते ही आरोपी ने उनके कान से सोने की बाली खींचकर नोच ली, जिससे कान कट गया। इसके अलावा गले में पहनी सोने की चेन भी लूट ली। अन्य सामान की जानकारी महिला के होश में आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस परिवार को बनाया निशाना, बेटा एसएएफ में आरक्षक निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा के अनुसार पीड़िता शैल कुमारी मिश्रा (65) के पति देवेंद्र मिश्रा पुलिस विभाग में एएसआई थे, जिनकी 2014 में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद बेटे काशीनाथ मिश्रा को अनुकंपा नियुक्ति मिली, जो वर्तमान में एसएएफ में आरक्षक के पद पर पदस्थ है। गंभीर हालत, सिर की सर्जरी की तैयारी हमले में महिला के सिर, आंख के ऊपर और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने सिर की सर्जरी की तैयारी शुरू कर दी है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिला का चेहरा खून से सना हुआ है और वह दर्द से कराहती नजर आ रही हैं। आरोपी की तलाश जारी, मजदूर होने की आशंका पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी मजदूर वर्ग से हो सकता है, हालांकि उसकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

50 लाख की एमडी ड्रग्स के साथ दो तस्कर गिरफ्तार:मंदसौर में 500 ग्राम एमडी और 5 किलो डोडाचूरा समेत स्कूटर भी जब्त

50 लाख की एमडी ड्रग्स के साथ दो तस्कर गिरफ्तार:मंदसौर में 500 ग्राम एमडी और 5 किलो डोडाचूरा समेत स्कूटर भी जब्त

मंदसौर की नाहरगढ़ पुलिस ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 500 ग्राम एमडी ड्रग्स और 5 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा जब्त किया है। जब्त एमडी ड्रग्स की अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपए बताई जा रही है। थाना प्रभारी वरुण तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर डिगांव-कचनारा रोड स्थित हनुमान मंदिर के पास, ग्राम शक्करखेड़ी में घेराबंदी कर एक संदिग्ध स्कूटर (क्रमांक MP 14 ZE 4253) को रोका। वाहन सवार से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम अय्यूब पिता अफजल खान पठान (उम्र 23 वर्ष), निवासी दौलतपुरा, थाना वाय.डी.नगर, जिला मंदसौर बताया। बैग की तलाशी में मिला मादक पदार्थ स्कूटर पर रखे बैग की तलाशी लेने पर उसमें 500 ग्राम एमडी ड्रग्स और 5 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद हुआ। मौके पर ही पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान मामले में दूसरे आरोपी सोहेल पिता अब्दुल मंसूरी (उम्र 21 वर्ष), निवासी बालागंज, जिला मंदसौर की संलिप्तता भी सामने आई, जिसे बाद में गिरफ्तार किया गया। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज थाना प्रभारी वरुण तिवारी ने बताया कि पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और मादक पदार्थ सप्लाई नेटवर्क की जांच की जा रही है।

एसी सर्विसिंग टिप्स: एसी की कूलिंग हो गई कम? सर्विस डिप्लॉयमेंट से पहले चेक करें ये 7 संकेत, बच जाएंगे हजारों रुपये!

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वैध हवा में कमी: एसी के काफी देर बाद भी कमरा ठंडा नहीं हो रहा है, या फिर हवा का झोंका बर्फीली नहीं रही जैसा पहले था, तो समझ लें कि इसके फिल्टर जैम हैं या गैस कम हो गई है। छवि: Pexels कमरे में नौकरानी या नौकरानी: एसी का काम हवा से भी शुरू होता है। अगर एसी चलने के बाद भी आपको कमरे में स्टिकहट का एहसास हो रहा है, तो उसका कूलिंग सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा है। छवि: एआई एसी से अजीब आवाजें आना: अगर एसी से ग्रेंडिंग या खड़खड़ाने की आवाज आ रही है तो इसे बंद कर दें। इससे बेहतर बेल्ट के खिसकने या मोटर में रुकावट का संकेत हो सकता है। छवि: फ्रीपिक बिजली बिल में अचानक धमाका: बिजली का बिल काफी आ रहा है, तो एसी के प्लांट पर गंदगी जमी है। प्लास्टिक की वजह से स्टूडियो को रूम ठंडा करने के लिए सबसे ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। छवि: फ्रीपिक एसी से पानी टपकाना: एसी के अंदर से पानी का फिल्टर हो गया तो आपके मुंह से पाइप चोरी की वजह से ब्लॉक हो गया। इसे तुरंत साफ करवाएं, अन्यथा यह आपकी दीवार और एसी दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है। छवि: फ्रीपिक अजीबो गरीब आना: अगर एसी चालू ही कमरे में बंद हो जाए या किसी चीज के जलने जैसा खराब हो जाए तो यह खतरे की घंटी है। सीलन के विघटन का मतलब है कि अंदर फंगस या मोल्ड जमा हो गया है, जिसकी सेहत खराब है। छवि: फ्रीपिक बार-बार चालू और बंद होना: अगर आपका एसी बार-बार बंद हो रहा है और फिर तुरंत चालू हो रहा है, तो इसे ‘शॉर्ट सर्किट’ कहें। यह तेलुगू पर बहुत ही ख़राब प्रभाव डालने वाली विशेषता है। छवि: एआई एसी पूरी तरह खराब होने का इंतजार न करें। सीज़न शुरू होने से पहले या इनसे प्रोफेशनल मैकेनिक से सेवा पर कोई भी एक संकेत अवश्य देखें। छवि: एआई इससे न सिर्फ आपके हजारों रुपये बचेंगे, बल्कि आपके बीच हीट में बिना किसी स्कॉलरशिप के वैध हवा भी चलेगी। छवि: एआई