एमपी के संविदा-आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत:हाईकोर्ट ने कहा- लाभ से वंचित करना तर्कहीन; वर्गीकरण कर वेतन-सेवा संबंधी लाभ दे सरकार

मंगलवार का दिन मध्यप्रदेश के लाखों संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि वो संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को वर्गीकरण कर उन्हें वेतन और सेवा संबंधी लाभ दे। कोर्ट ने 10 साल से ज्यादा सेवा वाले संविदा और आउटसोर्स कर्मियों को राज्य सरकार की साल 2016 की पॉलिसी का लाभ देने का आदेश भी दिया है। हाईकोर्ट ने इस अहम फैसले में कहा है कि लंबे समय से काम कर रहे संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को लाभ से वंचित रखना तर्कहीन है। दरअसल इस पॉलिसी का लाभ अब तक सिर्फ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को दिया जा रहा था, जिसमें उन्हें कुशल, अर्धकुशल और अकुशल कैटेगिरी के मुताबिक वेतन लाभ देने का प्रावधान था। संविदा और आउटसोर्स कर्मियों ने जबलपुर हाईकोर्ट में यह कहते हुए याचिका दायर की थी, कि स्थाई कर्मियों के बराबर काम करने के बाद भी उन्हें कम वेतन दिया जाता है, और संविधान से मिले समानता के अधिकार और सम्मान से जीवन जीने के अधिकार का उल्लंघन है। मंगलवार को मामले पर हाईकोर्ट जस्टिस विशाल धगट की बैंच ने अपने फैसले में संविदा और आउटसोर्स कर्मियों को 2016 की पॉलिसी का लाभ देने का आदेश सुनाया है, इसके साथ ही कोर्ट ने अपने फैसले में कई अहम टिप्पणियां की हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को लाभ से वंचित रखना तर्कहीन है। कोर्ट ने कहा कि संविदा कर्मियों को आर्थिक न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि यदि कोई कर्मचारी 10 साल से ज्यादा समय तक लगातार काम कर रहा है, तो उसे 7 अक्टूबर 2016 के परिपत्र का लाभ मिलना चाहिए, इसके साथ ही चाहे वह संविदा या आउटसोर्स आधार पर ही क्यों न हो। अदालत ने यह भी माना कि यह नीति संविधान के अनुच्छेद 38, 39 और 43 में बताए गए सामाजिक और आर्थिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप है। क्या है पूरा मामला यह मामला उन कर्मचारियों से जुड़ा है, जिन्हें 2009 में संविदा आधार पर नियुक्त किया गया था, और करीब 16 साल से लगातार सेवाएं ली जा रही थीं, लेकिन उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसे लाभ नहीं दिए गए। मामले की मुख्य बातें सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने दलील देते हुए कहा कि 2016 की नीति के तहत दैनिक वेतनभोगियों को कुशल, अर्ध-कुशल और अकुशल श्रेणियों में वर्गीकृत कर लाभ दिए जाते हैं, लेकिन यह लाभ संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों पर लागू नहीं होता। हालांकि कोर्ट ने सरकार की इस दलील को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट की अहम टिप्पणी
पीतांबरा पीठ में एटीएस प्रमुख बिट्टा ने किए दर्शन:बगलामुखी जयंती पर उमड़ा आस्था का सैलाब, वीआईपी मूवमेंट से सुरक्षा रही हाई अलर्ट

दतिया में मां बगलामुखी देवी की जयंती पर विश्व प्रसिद्ध तांत्रिक पीठ श्री पीतांबरा पीठ मंदिर में मंगलवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच वीआईपी आगमन भी चर्चा का केंद्र रहा। इसी क्रम में आतंक विरोधी दस्ता (एटीएस) के प्रमुख मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। बिट्टा ने मां बगलामुखी के दर्शन कर विशेष पूजा की और मां धूमावती की आरती में शामिल होकर ध्यान लगाया। उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित स्वामी जी महाराज की समाधि, वनखण्डेश्वर महादेव और ध्यान हॉल में भी पहुंचकर दर्शन किए। इसके साथ ही महाभारत कालीन वानखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर आशीर्वाद लिया। करीब डेढ़ घंटे के प्रवास के दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के बीच दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रही। आस्था और सुरक्षा का संगम बना पीठ परिसर बगलामुखी जयंती के मौके पर जहां एक ओर हजारों श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए कतारों में लगे रहे, वहीं वीआईपी मूवमेंट के चलते सुरक्षा व्यवस्था भी हाई अलर्ट पर रही। धार्मिक आस्था और सुरक्षा प्रबंधन का यह संतुलन पूरे आयोजन में देखने को मिला।
पीएम मोदी की आम सहमति पर भारी असहमति, बीजेपी की EC से शिकायत, सीएम योगी बोले…

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी पर दिए बयान में कहा है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के छात्र हैं. बीजेपी ने चुनाव आयोग से की शिकायत. इस मामले में पूरे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नॉटिन नवीन के साथ मिलकर पलटवार किया है. योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश के लोकप्रिय, लोकतांत्रिक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की असंसदीय टिप्पणी अक्षम्य, अति निन्दनीय और भारतीय लोकतंत्र की मर्यादाओं का अपमान करने वाली है। उनके मृत ‘साख’ को भी रसातल में पहुंचाया..: योगी आदित्यनाथ उन्होंने कहा कि यह कथन कांग्रेस की समाप्ति, पतन, मानसिक दिवालियापन और गिरती हुई राजनीतिक संस्कृति का स्पष्ट परिचायक है। विकसन, जनाधार-विकसन और नीति विकसन, कुंठित कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि इस क्रांतिकारी टिप्पणी ने अपने मृत ‘साख’ को भी रसातल में पहुंचाया है। प्रधानमंत्री जी के यशस्वी नेतृत्व में भारत आज ग्लोबल मंच पर विज्ञापन, विज्ञापन और नामांकन में भूमिका है। उनकी प्रति इस प्रकार की टिप्पणी 145 करोड़ देशवासियों का भी अपमान है। पार्टी कांग्रेस को अपने इस अशोभनीय कार्य के लिए देश और प्रधानमंत्री जी से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हत्यारों जैसे शब्दों का प्रयोग कांग्रेस की गिरती हुई राजनीति की पराकाष्ठा है। यह केवल एक व्यक्ति पर टिप्पणी नहीं है, बल्कि उन 140 करोड़ देशवासियों की प्रतिष्ठा का भी अनादर है, लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से अपना विश्वास व्यक्त किया गया है। राहुल-सोनिया और उनके शागिर्द….क्या बोले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नोतिन नवीन नवीन ने कहा कि जब-जब कांग्रेस विकास और टुकड़ों के टुकड़ों पर कब्जा करती है, तब तक राहुल गांधी, सोनिया गांधी और उनके शागिर्द मस्जिद से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की बयानबाज़ी करते हैं। जब देश की नारी शक्ति कांग्रेस से अपने अधिकार का हिसाब मांग रही है, तब इस तरह के स्तर पर एक बयान सामने आना उसकी सच्चाई को दर्शाता है। नवीन ने कहा कि ऐसे बयान के लिए कांग्रेस और राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए। जब-जब राहुल गांधी और उनके कुनबे ने शब्दों पर प्रतिबंध लगाया है। जनता ने उन्हें करारा जवाब दिया है. इस बार भी देश की जनता का जवाब एक बार फिर देवी। यह देश की जनता का अपमान है: प्रदीप भंडारी राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि यह देश की जनता का अपमान है। भंडारी ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे के देश के चुने हुए पीएम को अपराधी कहा जाता है कि कांग्रेस 140 करोड़ देशों पर अत्याचार कह रही है। कांग्रेस ने आज मानसिक रूप से इतनी असहमति जताई है कि वह गरीबों और गरीबों की आवाज पर अत्याचार कह रही है। उन्होंने कहा कि इससे यह भी साफ हो जाता है कि राहुल गांधी के बारे में, गांधी-वाड्रा परिवार के बारे में बताए जाने के बाद, मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस की मंशा और नीति को पूरी तरह से साफ कर दिया है। यह एक आदिवासी की सोच है जिसे कांग्रेस पार्टी ने बार-बार प्रदर्शित किया है। कांग्रेस अब ‘टुकड़े-टुकड़े कांग्रेस’ हो गई है। राहुल गांधी का कंट्रोल कंट्रोल देश-विरोधी ताकतों के हाथों में है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे ने मोदी के खिलाफ क्या कहा? कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तमिल में बयान दिया। उन्होंने कहा कि ये एआईएडीएमके के लोग हैं, जो खुद अन्नादुराई की तस्वीरें लेते हैं। वे मोदी के साथ कैसे जा सकते हैं? वो एक हमलावर हैं. उनकी पार्टी अनुकूल और न्याय में विश्वसनीय नहीं है। ये लोग उनके साथ जुड़ रहे हैं. इसका मतलब यह है कि वे लोकतंत्र को ख़राब कर रहे हैं। खार्गे ने केस पूरे में क्या सफाई दी? इस मामले में पूरे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि वह (पीएम मोदी) लोग और राजनीतिक विचारधारा को बढ़ावा दे रहे हैं। मैंने कभी नहीं कहा कि वह हत्यारे हैं। मेरा मतलब मैं साफ करना चाहता हूं कि मोदी हमेशा के लिए खतरनाक हैं। ईडी, आईटी और सीबीआई जैसी संस्थाएं उनके हाथ में हैं। वह दिलिम पेंटिंग भी अपने हाथ में लेना चाहते हैं। यह भी पढ़ें: ‘महिला विशिष्टता से सर तक…’,किस करवट बैठागा, उपभोक्ता सभाओं में छाए रहे ये बड़ा मुद्दा
सरकारी जमीन कब्जे की शिकायत पर किसान को पीटा:पति-पत्नी ने लात-घूसे मारे, मैहर में घायल ने थाने में की शिकायत

मैहर जिले के अमरपाटन में सरकारी जमीन को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। एक किसान ने अपने पड़ोसी पति-पत्नी पर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। नादन टोला के रहने वाले 50 साल के धीरेन्द्र सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके घर के सामने की सरकारी जमीन पर पड़ोसी अर्जुन सिंह कब्जा करने की कोशिश कर रहा था। धीरेन्द्र ने इसकी शिकायत तहसील में कर दी थी, जिससे अर्जुन सिंह उनसे नाराज चल रहा था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच दुश्मनी शुरू हो गई। बीच सड़क पर हुई मारपीट घटना 21 अप्रैल की शाम करीब 4 बजे की है। धीरेन्द्र सिंह जब उस जमीन पर मौजूद थे, तभी अर्जुन सिंह अपनी पत्नी कमलेश सिंह के साथ वहां पहुंचा और झगड़ा करने लगा। आरोप है कि दोनों ने मिलकर धीरेन्द्र को गालियां दीं और लात-घूसों से जमकर पीटा। जान से मारने की धमकी मारपीट के दौरान धीरेन्द्र को जमीन पर पटक दिया गया, जिससे उनके माथे, कंधे और हाथ में चोटें आई हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर उन्हें बचाया। पीड़ित का कहना है कि जाते-जाते आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने दर्ज किया केस अमरपाटन पुलिस ने धीरेन्द्र सिंह की शिकायत पर अर्जुन सिंह और उसकी पत्नी के खिलाफ मारपीट और धमकी देने की अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। अब पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
रीवा में वाहनों की नीलामी में घोटाले का आरोप:2 फोर व्हीलर समेत 23 वाहन 1.13 लाख में बेचे, पहले 39 वाहन 85 हजार में नीलाम किए

रीवा जिले में लावारिस वाहनों की नीलामी को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बिछिया थाना परिसर में मंगलवार को 23 वाहनों की नीलामी महज 1 लाख 13 हजार रुपए में होने के बाद अब पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, नीलामी में 21 दोपहिया और 2 चारपहिया वाहन शामिल थे, जिन्हें खुली बोली के माध्यम से बेचा गया। लेकिन इतनी कम कीमत पर वाहनों की बिक्री होने से पारदर्शिता को लेकर संदेह जताया जा रहा है। अधिवक्ता बीके माला ने इस मामले में बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि नीलामी प्रक्रिया में “पेड लोगों” को बुलाया जाता है। उनका कहना है कि आम जनता को नीलामी की जानकारी नहीं दी जाती, बल्कि पहले से तय कुछ लोगों को बुलाकर औपचारिकता पूरी कर ली जाती है, जिससे प्रतिस्पर्धा सीमित रह जाती है। 39 बाइक को 85 हजार में नीलाम कर दिया उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले सिविल लाइन थाना में 39 बाइक-जिनमें अपाचे, एक्टिवा और हीरो डीलक्स जैसी गाड़ियां शामिल थीं, को महज 85 हजार रुपए में नीलाम कर दिया गया था, जो अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। अधिवक्ता के मुताबिक, नीलामी का बेस प्राइज भी बेहद कम रखा जाता है, जिससे वाहनों की कीमत औने-पौने में तय हो जाती है और कुछ लोगों को अनुचित लाभ मिलता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की है। वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि नीलामी पूरी तरह नियमों के तहत और पारदर्शी तरीके से कराई गई है। हालांकि, लगातार लग रहे आरोपों के बीच अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और जांच की मांग तेज हो गई है। हालांकि प्रशासन ने भी आरोपों से इंकार किया है और अपनी प्रक्रिया को पारदर्शी बताया है। पर आरोपों के बीच लगातार संशय की स्थिति बनी हुई है।
प्रधान मंत्री के राष्ट्र के नाम निजीकरण की याचिका की जांच के लिए मतदाता आयोग से पूछताछ की जा सकती है, पूरा मामला क्या है

इस याचिका में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र का नाम चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन है। आयोग के डेटाबेस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। शेयरहोल्डिंग ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री मोदी के शनिवार को राष्ट्र के नाम पर संवैधानिक आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है और इस पर कार्रवाई की जानी चाहिए। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के कम्युनिस्ट समाजवादी पी. संतोष कुमार ने निर्वाचन आयोग में अलग-अलग उम्मीदवारों के खिलाफ याचिका दायर की है। असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान होगा, असम और पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को मतदान होगा। पश्चिम बंगाल में दूसरे और आखिरी चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। डेक ने बताया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ याचिका – आदर्श आचार संहिता अनुभाग ‘जांच की जाएगी’। चुनावी आचार संहिता 15 मार्च को घोषित की गई है जिसके साथ चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की गई है और चार मई तक लागू रहेगी, जिस दिन पांच विधानसभाओं के लिए वोटों की गिनती की जाएगी। विपक्ष का आरोप, पीएम मोदी ने किया आचार संहिता का उल्लंघन अलग-अलग लगभग 700 कैथोलिक और आम नागरिकों ने चुनाव आयोग पर कथित उल्लंघन का आरोप लगाया है। पिशाच के पिशाच बेबी ने अपने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री ने संहिता का घोर उल्लंघन किया है और इसके लिए दूरदर्शन का राजनीतिक भाषण “डुलुपयोग” दिया है। उन्होंने कहा, ”इससे किसी भी तरह की सरकारी मंजूरी नहीं ली जा सकती।” बेबी ने आरोप लगाया कि यह भाषण स्पष्ट रूप से राजनीतिक था, जिसमें कई आश्रमों के नाम शामिल थे और तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के समग्र समुदाय की राय को थोक दल के पक्ष में प्रभावित करने की कोशिश की गई थी। राष्ट्र के नाम में क्या बोले थे मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम पर कांग्रेस और उनके सहयोगियों को चेताया था कि राज्य के तीन हिस्सों में महिलाओं के लिए कट्टरपंथी संशोधन का विरोध किया था। मोदी ने महिलाओं को छूट देने की बात कही थी और कहा था कि सरकार ने महिलाओं को छूट नहीं दी है लेकिन वह महिलाओं को अपनी छूट कभी नहीं देंगी। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत नग्न 2029 विधानसभा चुनाव से संबंधित संविधान संशोधन से लागू करने के लिए शुक्रवार को संसद को के लिए सदन में प्रवेश नहीं मिला। यह भी पढ़ें: यूएस ईरान टॉक्स 2.0: ‘दिल नहीं तो तबाही तय’, आर-पार के मूड में डोनाल्ड कॉन, ईरान के पास नहीं बचेगा कोई रास्ता?
दिव्यांग दूल्हे को घोड़े से उतारकर पीटा:रछवाई निकालने पर दबंगों ने की मारपीट, दमोह में FIR के बाद बारात रवाना

दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र के बिजोरी पाठक गांव में मंगलवार शाम एक दिव्यांग दूल्हे को घोड़े से उतारकर पीटा गया। दलित समाज के दूल्हे की रछवाई के दौरान लोधी समाज के कुछ लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया। दूल्हे पक्ष ने घटना का वीडियो भी बनाया है, जो सोशल मीडिया पर पोस्ट हो गया है। घटना के बाद दलित समाज के लोग दूल्हे को लेकर हटा थाने पहुंचे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। दूल्हे की पहचान गोलू अहिरवार (23) पुत्र भागीरथ अहिरवार के रूप में हुई है। मेडिकल जांच (MLC) कराने के बाद दूल्हा और बाराती बक्सवाहा के लिए रवाना हो गए। बारात छतरपुर जिले के बमोरी बक्सवाहा बूढ़ी सेमरा जानी थी। दूल्हे गोलू ने बताया कि मंगलवार शाम करीब पांच बजे जब उसकी रछवाई दिवाले के सामने से गुजर रही थी, तभी गुड्डू सिंह, कृष्णा, हाकम और पलटू ने उसे घोड़े से नीचे उतारकर मारपीट की। इस दौरान उसकी बहन मनीषा के साथ भी मारपीट की गई। दूल्हे की मां बोली- ग्रामीणों ने रछवाई निकालने से मना किया दूल्हे की मां विद्या अहिरवार ने बताया कि उनके बेटे की रछवाई घोड़े पर निकल रही थी। तभी गांव के लोधी समाज के लोगों ने उनके बेटे को रछवाई निकालने से मना किया। जब परिवार के लोगों ने कहा कि आज उसकी बरात जानी है। तब आरोपियों ने लड़के को घोड़े से नीचे उतारा और उसके साथ मारपीट की। बहन को भी पीटा उनका बेटा दिव्यांग है, इसके बावजूद भी आरोपियों ने बेटे को मारा। उनकी बेटी मनीषा ने बीच बचाव किया तो उसके साथ भी मारपीट की गई और उसके सोने के कुछ जेवर भी मारपीट के दौरान गायब हो गए। हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी ने बताया की बिजोरी पाठक गांव में गोलू अहिरवार की बारात जाने के पहले रछवाई निकाली जा रही थी। इस मामले में पीड़ित गरीबा अहिरवार ने थाने में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई है कि भतीजे गोलू की बारात जाने के पहले गांव में रछवाई निकल रही थी। उनका भतीजा घोड़े पर बैठा था जैसे ही वह लोग दिवाले के पास पहुंचे। तभी वहां विश्वनाथ लोधी, बिच्छू लोधी, पलटू और अन्य लोग पहुंच गए। उन्होंने लड़के को घोड़े से नीचे उतरने के लिए कहा। जब दूल्हे के परिजन ने ऐसा करने से मना किया तो दूल्हे के साथ मारपीट कर दी और नीचे पटक दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है और गांव में पुलिस भेज दी गई है। ताकि विवाह की रस्म शांति से संपन्न हो सके। पहले भी हुआ विवाद बताया गया है कि इसके पहले भी गांव में इसी प्रकार का कुछ विवाद पहले भी हो चुका है। उस समय भीम आर्मी ने थाने में आवेदन देकर दलित समाज के दूल्हे की रक्षवाई के लिए पुलिस सुरक्षा मांगी थी। हालांकि उस समय कोई विवाद नहीं हुआ था।
राजगढ़ में हत्या-लूट केस में 3 को उम्रकैद:द्वितीय अपर सत्र न्यायालय ने सुनाया फैसला; पैर काटकर ले गए थे चांदी के कड़े

राजगढ़ जिले में हत्या और लूट के मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार शर्मा की अदालत ने कमल, दिनेश और ख्वाजू को दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों आरोपियों को लूट के मामले में 7 वर्ष और साक्ष्य मिटाने के लिए 3 वर्ष का कारावास दिया गया। वहीं ख्वाजू को आर्म्स एक्ट के तहत अतिरिक्त 2 वर्ष की सजा सुनाई गई। सभी पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। 2022 में खंती में मिला था महिला का शव यह मामला 25 फरवरी 2022 का है, जब भोजपुर थाना क्षेत्र के मल्हारपुरा–माचलपुर मार्ग पर एक खंती में शैतानबाई उर्फ शांतिबाई का शव मिला था। मृतका के पैर कटे थे और गले पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। मृतका के पुत्र ने पहचान की और बताया कि उसकी मां के पैरों में पहने चांदी के कड़े गायब थे। इससे लूट की पुष्टि हुई। पुलिस ने घटनास्थल से खून सनी मिट्टी, चप्पल और अन्य साक्ष्य जब्त किए। पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर पिकअप वाहन से चांदी का कड़ा, धारदार छुरा और अन्य सामान बरामद किया गया, जिसने केस को मजबूत आधार दिया। डीएनए रिपोर्ट और ‘लास्ट सीन’ बने अहम कड़ी मृतका के शरीर से मिले बालों का डीएनए आरोपियों से मैच हुआ। साथ ही मृतका को आखिरी बार आरोपियों के साथ देखे जाने की कड़ी ने मामले को और मजबूत किया। इस मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, लेकिन अभियोजन ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की मजबूत श्रृंखला पेश की। कोर्ट में 11 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। कोर्ट बोली- साक्ष्यों की कड़ी पूरी तरह साबित अदालत ने माना कि सभी साक्ष्य एक-दूसरे से जुड़े हैं और कोई कड़ी टूटी नहीं है। इसी आधार पर तीनों को दोषी ठहराया गया। जिले में इस तरह के जघन्य अपराध में यह पहली बार है जब आरोपियों को इतनी सख्त सजा मिली है। फैसले को न्याय व्यवस्था की मजबूत मिसाल माना जा रहा है।
Amitabh Bachchan: Alone Fight & Inner Strength

21 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन ने अपने ताजा ब्लॉग में अकेलेपन और खुद की शक्ति को पहचानने पर गहरी बात साझा की है। उन्होंने बताया कि मुश्किल वक्त में इंसान को खुद ही डटकर खड़े होना पड़ता है और उसकी आंतरिक शक्ति ही उसका सबसे बड़ा हथियार होती है। अमिताभ बच्चन लिखा कि जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, उनसे लड़ने के लिए इंसान अंत में अकेला ही होता है। बिग बी के मुताबिक, बुद्धिमान लोगों की सलाह और सुझाव काम आ सकते हैं, लेकिन उस पर अमल करने की जिम्मेदारी सिर्फ आपकी होती है। उन्होंने लिखा, आप जो महसूस करते हैं, सोचते हैं या हासिल करते हैं, वह सब आप ही हैं। आप ही सर्वोपरि हैं और केवल आप ही मायने रखते हैं। एलन वॉट्स के कोट का जिक्र अपने विचारों को गहराई देने के लिए अमिताभ ने मशहूर ब्रिटिश-अमेरिकी लेखक एलन वॉट्स के कोट का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि हर इंसान विचारों, यादों और संभावनाओं का एक पूरा ब्रह्मांड है। हमारे भीतर एक ऐसी अनदेखी शक्ति और सहनशीलता होती है जो हमें चुनौतियों से पार दिलाती है। यह जिज्ञासा ही इंसान को उन चीजों से परे जाकर खोज करने के लिए प्रेरित करती है, जिन्हें वह पहले से जानता है। अमिताभ के अनुसार, हम अपने शब्दों और कार्यों से अपनी दुनिया को खुद आकार देते हैं। निजी ताकत को हथियार बनाएं ब्लॉग के अंत में बिग बी ने अपने प्रशंसकों को एक महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर किसी के पास एक निजी ताकत होती है जिसे न तो कभी पूरी तरह समझा जा सकता है और न ही रेखांकित किया जा सकता है। यही ताकत इंसान का ‘अटूट हथियार’ है। उन्होंने पाठकों से कहा कि इसे अपने भीतर संजोकर रखें और जब सबसे ज्यादा जरूरत हो, तब इसे बाहर निकालें। यही शक्ति आपकी सबसे अच्छी रक्षक साबित होगी। कल्कि के सीक्वल और ‘रामायण’ की चर्चा अमिताभ बच्चन के प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें, तो वे साल 2024 में फिल्म ‘कल्कि 2898 AD’ में नजर आए थे। इसके अलावा उन्होंने हाल ही में ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) का सीजन भी खत्म किया है। फिलहाल वे ‘कल्कि’ के सीक्वल के प्रोजेक्ट में बिजी हैं। चर्चा यह भी है कि वे नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ में एक अहम किरदार निभा सकते हैं, जिसका बजट करीब 4000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। हालांकि, अभी इस फिल्म को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Amitabh Bachchan: Alone Fight & Inner Strength

47 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन ने अपने ताजा ब्लॉग में अकेलेपन और खुद की शक्ति को पहचानने पर गहरी बात साझा की है। उन्होंने बताया कि मुश्किल वक्त में इंसान को खुद ही डटकर खड़े होना पड़ता है और उसकी आंतरिक शक्ति ही उसका सबसे बड़ा हथियार होती है। अमिताभ बच्चन लिखा कि जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, उनसे लड़ने के लिए इंसान अंत में अकेला ही होता है। बिग बी के मुताबिक, बुद्धिमान लोगों की सलाह और सुझाव काम आ सकते हैं, लेकिन उस पर अमल करने की जिम्मेदारी सिर्फ आपकी होती है। उन्होंने लिखा, आप जो महसूस करते हैं, सोचते हैं या हासिल करते हैं, वह सब आप ही हैं। आप ही सर्वोपरि हैं और केवल आप ही मायने रखते हैं। एलन वॉट्स के कोट का जिक्र अपने विचारों को गहराई देने के लिए अमिताभ ने मशहूर ब्रिटिश-अमेरिकी लेखक एलन वॉट्स के कोट का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि हर इंसान विचारों, यादों और संभावनाओं का एक पूरा ब्रह्मांड है। हमारे भीतर एक ऐसी अनदेखी शक्ति और सहनशीलता होती है जो हमें चुनौतियों से पार दिलाती है। यह जिज्ञासा ही इंसान को उन चीजों से परे जाकर खोज करने के लिए प्रेरित करती है, जिन्हें वह पहले से जानता है। अमिताभ के अनुसार, हम अपने शब्दों और कार्यों से अपनी दुनिया को खुद आकार देते हैं। निजी ताकत को हथियार बनाएं ब्लॉग के अंत में बिग बी ने अपने प्रशंसकों को एक महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर किसी के पास एक निजी ताकत होती है जिसे न तो कभी पूरी तरह समझा जा सकता है और न ही रेखांकित किया जा सकता है। यही ताकत इंसान का ‘अटूट हथियार’ है। उन्होंने पाठकों से कहा कि इसे अपने भीतर संजोकर रखें और जब सबसे ज्यादा जरूरत हो, तब इसे बाहर निकालें। यही शक्ति आपकी सबसे अच्छी रक्षक साबित होगी। कल्कि के सीक्वल और ‘रामायण’ की चर्चा अमिताभ बच्चन के प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें, तो वे साल 2024 में फिल्म ‘कल्कि 2898 AD’ में नजर आए थे। इसके अलावा उन्होंने हाल ही में ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) का सीजन भी खत्म किया है। फिलहाल वे ‘कल्कि’ के सीक्वल के प्रोजेक्ट में बिजी हैं। चर्चा यह भी है कि वे नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ में एक अहम किरदार निभा सकते हैं, जिसका बजट करीब 4000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। हालांकि, अभी इस फिल्म को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔









