Friday, 05 Jun 2026 | 04:36 PM

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इंदौर से गोंदिया-मुंबई उड़ानें रद्द:स्टार एयर ने 31 मई तक सभी फ्लाइट्स कैंसिल कीं, अब 1 जून से ही बुकिंग

इंदौर से गोंदिया-मुंबई उड़ानें रद्द:स्टार एयर ने 31 मई तक सभी फ्लाइट्स कैंसिल कीं, अब 1 जून से ही बुकिंग

इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गोंदिया और मुंबई के बीच सीधी उड़ानों का संचालन करने वाली स्टार एयर ने 31 मई तक के लिए अपनी सभी उड़ानों को निरस्त कर दिया है। कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर 31 मई तक की सभी उड़ानों को हटाते हुए 1 जून से बुकिंग शुरू की है। उड़ानों के निरस्त होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऑपरेशनल कारणों का दिया हवाला इंदौर एयरपोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक स्टार एयर द्वारा करीब एक माह तक अपनी गोंदिया और अहमदाबाद की उड़ानों को निरस्त करने के बाद 15 जनवरी से ही इंदौर से मुंबई और गोंदिया के बीच उड़ानों का संचालन शुरू किया गया था। यह फ्लाइट मुंबई से दोपहर 1.40 बजे इंदौर आकर 2.10 बजे गोंदिया जाती थी। गोंदिया से शाम 5.20 बजे इंदौर आकर 5.50 बजे वापस मुंबई जाती थी, लेकिन कंपनी ने इन सभी चार उड़ानों को अब 31 मई तक के लिए निरस्त कर दिया है। कंपनी ने इसके लिए ऑपरेशनल कारणों का हवाला दिया। इससे पहले कंपनी कई बार इन उड़ानों को निरस्त कर चुकी है। अब मई तक के लिए उड़ानों को स्थायी रूप से बंद करने के कारण इन उड़ानों में पहले से बुकिंग कर चुके यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशान वे यात्री हैं, जिन्होंने गोंदिया के लिए टिकट बुक किया था, क्योंकि इंदौर से गोंदिया के लिए इस फ्लाइट के अलावा कोई सीधी फ्लाइट नहीं है। 30 मार्च से ही बेलगाम का कनेक्शन शुरू किया था कंपनी ने समर शेड्यूल में 30 मार्च से ही अपनी सेवाओं का विस्तार करते हुए इंदौर से मुंबई जाने वाली फ्लाइट को आगे कर्नाटक के बेलगाम तक विस्तारित किया था। इससे इंदौर से बेलगाम जाने वाले यात्री बिना विमान बदले बेलगाम जा सकते थे, लेकिन मुंबई फ्लाइट बंद होने के कारण यह कनेक्शन भी बंद हो गया। 1 जून से जब दोबारा उड़ानें शुरू होंगी तो यह कनेक्शन भी फिर से शुरू होगा। कंपनी द्वारा की जा रही बुकिंग के अनुसार इन उड़ानों का संचालन सप्ताह में तीन दिन सोम, बुध और शनिवार को किया जाएगा।

इवेंट में इग्नोर होने पर आया सीनियर एक्टर का रिएक्शन:कहा- ऐसा कुछ नहीं हुआ, मुझे वहां से जल्दी निकलना था; वीडियो में मंच के पीछे से उतरते दिखे थे

इवेंट में इग्नोर होने पर आया सीनियर एक्टर का रिएक्शन:कहा- ऐसा कुछ नहीं हुआ, मुझे वहां से जल्दी निकलना था; वीडियो में मंच के पीछे से उतरते दिखे थे

फिल्म गिन्नी वेड्स सनी 2 के ट्रेलर लॉन्च से जुड़े एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि इवेंट में सीनियर एक्टर सुधीर पांडे का अपमान हुआ और उन्हें नजरअंदाज किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद फिल्म के लीड एक्टर अविनाश तिवारी की भी आलोचना होने लगी। विवाद बढ़ने पर अब सीनियर एक्टर ने खुद सफाई दी है। ट्रेलर लॉन्च से सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि फिल्म के लीड एक्टर अविनाश तिवारी और मेधा शंकर मंच पर हैं। तभी सीनियर एक्टर सुधीर पांडे पीछे की तरफ अकेले बिना कुछ कहे खड़े हैं। कुछ देर बाद ही वो पीछे से ही मंच से नीचे उतर गए। उन्हें न किसी ने रोका और न उन्हें किसी एक्टिविटी में शामिल किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद अनिवाश तिवारी के सोशल मीडिया पर एक यूजर ने कमेंट कर लिखा, ‘अविनाश तिवारी भाई, आपने उन्हें स्टेज छोड़ते समय रोका क्यों नहीं? मैं आपकी फैन हूं, लेकिन आपसे यह उम्मीद नहीं थी।’ इस पर एक्टर ने जवाब देते हुए लिखा, ‘कैसी बात कर दी आपने, सुधीर पांडे सर आप ही कुछ बताइए।’ कुछ देर बाद इस पोस्ट में सुधीर पांडे ने भी कमेंट किया। उन्होंने लिखा, ‘अविनाश तिवारी, ये कोई बड़ी बात नहीं थी। मैं अपनी शूटिंग के बीच में हमारी फिल्म के ट्रेलर लॉन्च में शामिल होने आया था, इसलिए मुझे जल्दी वापस अपनी शूटिंग पर जाना जरूरी था।’ सोशल मीडिया पर हो रहे अपमान के दावे की पड़ताल करने के लिए जब ट्रेलर लॉन्च का पूरा वीडियो देखा गया, तो सामने आया कि फिल्म के प्रोड्यूसर विनोद बच्चन ने मंच से पहली लाइन में बैठे एक्टर सुधीर पांडे को मंच पर बुलाया था। उनके आते ही अविनाश तिवारी ने उन्हें गले भी लगाया था। एक्ट्रेस मेधा शंकर भी कई बरा उनसे बात करती दिखी थीं।

सांसद अमृतपाल की गिरफ्तारी के आसार:NSA खत्म होने से पहले अमृतसर पुलिस डिब्रूगढ़ पहुंची; थाने पर हमले के मामले में मुकदमा होगा शुरू

सांसद अमृतपाल की गिरफ्तारी के आसार:NSA खत्म होने से पहले अमृतसर पुलिस डिब्रूगढ़ पहुंची; थाने पर हमले के मामले में मुकदमा होगा शुरू

पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी को लेकर हलचल तेज हो गई है। पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम असम के डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल पहुंच चुकी है, जहां अमृतपाल सिंह फिलहाल National Security Act यानी (एनएसए) के तहत बंद हैं। अमृतपाल सिंह की एनएसए हिरासत 22 अप्रैल को समाप्त हो रही है। सूत्रों के अनुसार जैसे ही उनकी नजरबंदी खत्म होगी अमृतपाल सिंह को अजनाला मामले में गिरफ्तार करके स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से रिमांड लिया जाएगा। इसके बाद मुकदमे की कार्रवाई शुरू होने की संभावना है। अप्रैल 2023 में किया था अमृतपाल को गिरफ्तार अमृतपाल सिंह को अप्रैल 2023 में मोगा के रोड़े गांव से गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले फरवरी 2023 में अजनाला पुलिस थाना पर हमले का मामला सामने आया था, जहां वे अपने समर्थकों के साथ मिलकर बैरिकेड्स तोड़कर थाने में दाखिल हुए थे और एक साथी को छुड़ाने के लिए पुलिस से झड़प भी हुई थी। हथियारों के साथ थाने पर धावा बोला। गिरफ्तारी के बाद ट्रायल की प्रक्रिया तेज इस मामले में अमृतपाल सिंह समेत कुल 41 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, आपराधिक साजिश और दंगा जैसे गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, अमृतपाल इस केस के मुख्य आरोपी हैं और उनकी गिरफ्तारी के बाद ट्रायल की प्रक्रिया तेज की जाएगी। इसके अलावा, अमृतपाल सिंह के खिलाफ विभिन्न जिलों में कई अन्य मामले भी दर्ज हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला न केवल कानूनी बल्कि राजनीतिक रूप से भी अहम मोड़ ले सकता है।

IND Vs AFG Test Squad 2026 Prediction; Shubman Gill

IND Vs AFG Test Squad 2026 Prediction; Shubman Gill

स्पोर्ट्स डेस्क15 मिनट पहले कॉपी लिंक अफगानिस्तान के खिलाफ इकलौते टेस्ट में शुभमन गिल और जसप्रीत बुमराह को आराम दिया जा सकता है। 31 मई को IPL 2026 का फाइनल है और भारतीय टीम का इंटरनेशनल कैलेंडर व्यस्त है। वर्कलोड मैनेजमेंट के चलते कुछ खिलाड़ियों को आराम मिल सकता है। वहीं, हर्ष दुबे, आकिब नबी और देवदत्त पडिक्कल को मौका मिल सकता है। ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी ने गेंदबाजी में सुधार किया है, जिससे उनके नाम पर चर्चा है। चयन समिति जल्दबाजी के बजाय मेडिकल टीम की सलाह पर फैसला करेगी। IPL फाइनल और टेस्ट मैच के बीच सिर्फ 6 दिन का अंतर IPL 2026 का फाइनल 31 मई को है, जबकि अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट 6 जून से शुरू होगा। दोनों के बीच सिर्फ 5-6 दिन हैं। मैनेजमेंट खिलाड़ियों की थकान और इंजरी रिस्क को लेकर गंभीर है। चयनकर्ता देखेंगे कि रेगुलर टेस्ट खिलाड़ियों की IPL टीम किस स्टेज तक पहुंचती है। WTC पॉइंट्स टेबल का दबाव नहीं, सीनियर बाहर हो सकते हैं अफगानिस्तान के खिलाफ इस इकलौते टेस्ट में WTC के कोई पॉइंट्स दांव पर नहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक, सिलेक्टर्स और मैनेजमेंट स्टार खिलाड़ियों को वनडे या इंग्लैंड सीरीज के लिए फ्रेश रखना चाहते हैं। मैनेजमेंट मानता है कि बुमराह जैसे अहम गेंदबाज को ऐसे मैच में उतारना जोखिम होगा। मुल्लनपुर टेस्ट में नए चेहरे दिख सकते हैं 6 जून से मुल्लनपुर में शुरू होने वाले टेस्ट के लिए चयनकर्ता घरेलू सर्किट पर नजर रख रहे हैं। सीनियर खिलाड़ियों को आराम मिला तो युवा खिलाड़ियों को डेब्यू मिल सकता है। इंडिया-ए के तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ और बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार रेस में आगे हैं। जून से जुलाई तक लगातार सीरीज भारतीय टीम का जून महीना पैक है। अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट और वनडे के बाद टीम आयरलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज खेलेगी। इसके बाद इंग्लैंड दौरा होगा, जहां 3 टी-20 और 3 वनडे होंगे। इसके बाद 23 जुलाई से जिम्बाब्वे के खिलाफ 3 टी-20 मैच शुरू होंगे। अफगानिस्तान ने टेस्ट करियर भारत के खिलाफ ही शुरू किया अफगानिस्तान ने टेस्ट करियर की शुरुआत टीम इंडिया के खिलाफ की थी। 2018 में बेंगलुरु में भारत ने पारी और 262 रन से मैच जीता था। तब से अफगानिस्तान ने 13 टेस्ट खेले, 4 जीते, 7 हारे और 2 ड्रॉ रहे। भारत को कभी नहीं हरा सका अफगानिस्तान अफगानिस्तान और भारत के बीच 4 वनडे हुए, सभी मल्टिनेशन टूर्नामेंट में। एशिया कप में 2 मैच हुए, 1 भारत जीता और 2018 में एक टाई रहा। 2019 और 2023 वर्ल्ड कप में भी 2 मैच हुए, दोनों भारत जीता। दोनों के बीच पहली बार वनडे सीरीज होगी। टी-20 इंटरनेशनल में दोनों के बीच 9 मैच हुए। 8 में भारत जीता, जबकि एशियन गेम्स में एक मुकाबला बेनतीजा रहा। इस फॉर्मेट की इकलौती सीरीज 2024 में हुई थी, जिसमें भारत 3-0 से जीता था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

काली कोहनी और घुटने: काली कोहनी और घुटनों पर जमे हुए मेल से हैं परेशान, तो इन घरेलू उपायों से करें साफ, 2 दिन में निकलेगी त्वचा

काली कोहनी और घुटने: काली कोहनी और घुटनों पर जमे हुए मेल से हैं परेशान, तो इन घरेलू उपायों से करें साफ, 2 दिन में निकलेगी त्वचा

कोहनी और घुटने का काला पड़ना: लोग अक्सर अपने चेहरे की देखभाल पर पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन कोहनी और पैरों को चोट पहुंचाते हैं। यही कारण है कि समय के साथ इन आदर्शों की त्वचा काली और रूखी दिखती है। यह समस्या बेहद आम है, जो धूप, धूल, घर्षण और मॉश्चर की कमी का कारण बनती है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान घरेलू उपायों से इस डार्कनेस की बात काफी हद तक कम की जा सकती है। आइए ऐसे ही कुछ नुस्खों के बारे में जानते हैं, जिन्हें आप घर पर ही इस्तेमाल कर सकते हैं। लैपटॉप में मौजूद सिलिकॉन सिलिकॉन के रंग को प्रभावित करने में मदद मिलती है। जबकि हायफिन को डेप्थ से ग्रैजुएट कर उसे सॉफ्ट बनाता है। इसके लिए एक बड़े पैमाने पर रस में थोड़ा सा हाथ पैर और पैर की अंगुली पर और करीब 20 मिनट बाद धो लें। कुछ दिनों में ही इसके इस्तेमाल से साफ असर नजर आने लगता है। बेसन त्वचा की सफाई और डेड त्वचा त्वचा को हटाने में मदद करता है, वहीं हल्दी के एंटीसेप्टिक गुण त्वचा को बनाए रखना है। दो बेसन में हल्का सा हल्दी और दूध पेस्ट पेस्ट तैयार करें और इसे प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं। बेकार के बाद प्यारे हाथों से राँघते हुए धो लें। इसका इस्तेमाल करने से त्वचा में साफा ग्लो नजर आता है। एलोवेरा जेल स्किन को ठंडक देने के साथ-साथ डार्कनेस कम करने में भी मदद मिलती है। रोज़ रात को सोने से पहले ताजा एलोवेरा जेल को कोहनी और होठों पर हल्के हाथों से मसलें। कुछ ही दिनों में साशा की झलक और झलकियां। मृत त्वचा सेल्स जाम से भी कोहनी और दांत काले दिखाई दे रहे हैं। इसलिए सप्ताह में कम से कम दो बार आवेदन करना जरूरी है। इसके लिए चीनी और तेल को मिलाकर पॉलिएस्टर तैयार करें और हाथों से हाथों से राँचें। इससे डेड स्किन हटेगी और स्किन साफ ​​व चमकदार दिखेंगी। (टैग्सटूट्रांसलेट)काली कोहनियां(टी)काले घुटने(टी)त्वचा को गोरा करने के घरेलू उपाय(टी)प्राकृतिक त्वचा देखभाल युक्तियाँ(टी)नींबू शहद के लाभ(टी)बेसन हल्दी त्वचा की देखभाल(टी)एलोवेरा त्वचा की देखभाल(टी)एक्सफोलिएशन युक्तियाँ(टी)मृत त्वचा को हटा दें(टी)प्राकृतिक रूप से चमकती त्वचा

तेलंगाना का राजनीतिक टकराव: मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की हिम्मत के बाद बीआरएस प्रमुख केसीआर ने वापसी की कसम खाई | राजनीति समाचार

CBSE 12th Result 2026 soon at cbseresults.nic.in and cbse.gov.in. (File/Representative Image)

आखरी अपडेट:21 अप्रैल, 2026, 13:30 IST तेलंगाना: राजनीतिक लड़ाई में एक प्रमुख मुद्दा विवादास्पद हाइड्रा विध्वंस अभियान है केसीआर और रेवंत रेड्डी (दाएं)। (न्यूज़18 फ़ाइल) तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) प्रमुख के चंद्रशेखर राव के बीच राजनीतिक युद्ध तेज हो गया क्योंकि दोनों नेताओं ने उत्तरी तेलंगाना में समानांतर दौरों के दौरान तीखे हमले किए, जिससे सार्वजनिक बैठकें सीधे और आक्रामक प्रदर्शन के मंच में बदल गईं। सोमवार को, रेवंत रेड्डी ने कालेश्वरम मंदिर का दौरा किया, जहां उन्होंने मुक्तेश्वर अलायम के नवीकरण कार्यों की आधारशिला रखी और बाद में क्षतिग्रस्त मेदिगड्डा बैराज का निरीक्षण किया। शाम को, उन्होंने भूपालपल्ली जिले के नास्तूर पल्ली गांव में एक विशाल सार्वजनिक बैठक को संबोधित किया, जिसमें रायथु भरोसा योजना के दूसरे चरण के तहत 2,206 करोड़ रुपये जारी किए गए। उसी समय, केसीआर ने जगित्याल में एक बड़ी ‘प्रजा आशीर्वाद सभा’ ​​को संबोधित किया, जहां उन्होंने पूर्व कांग्रेस नेता जीवन रेड्डी का बीआरएस में स्वागत किया और उन्हें पार्टी के महासचिव के रूप में नियुक्त किया, जो एक रणनीतिक राजनीतिक लाभ का संकेत था। नास्तूर पल्ली बैठक में बोलते हुए, रेवंत रेड्डी ने बीआरएस के खिलाफ जोरदार हमला बोला और अपनी सरकार की निरंतरता में विश्वास जताया। उन्होंने घोषणा की, “हम कम से कम दो कार्यकाल तक सत्ता में बने रहेंगे। बीआरएस दिवास्वप्न में है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि बीआरएस को अगले चुनावों में विपक्ष का दर्जा भी न मिले। हमने 2023 के विधानसभा चुनावों में बीआरएस को हराया, संसद चुनावों में उन्हें शून्य सीटों पर सीमित कर दिया और पंचायत और नगरपालिका चुनावों में अपनी ताकत दिखाई। यह पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने मेरी खुली चुनौती है। यदि नहीं, तो मैं अपना नाम बदल दूंगा।” चुनावी और शासन के भरोसे पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने आगे कहा, “लाखों कांग्रेस कार्यकर्ता इस सरकार को सत्ता में लाए। क्या 70,000 नौकरियां देने और ऋण माफी लागू करने के बाद इसे हटा दिया जाना चाहिए?” विपक्षी आलोचना की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना. रेवंत रेड्डी ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार ने एक साल के भीतर ₹2 लाख तक के कृषि ऋण माफ करने के अपने वादे को पूरा किया और किसानों के खातों में सीधे हजारों करोड़ रुपये जमा किए। उन्होंने दोहराया कि किसान कल्याण कांग्रेस की नीति का केंद्र है, सिर्फ एक नारा नहीं। उन्होंने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर, 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली और गरीबों के लिए बड़े पैमाने पर आवास पहल जैसे कल्याणकारी उपायों को भी सूचीबद्ध किया। मुख्यमंत्री ने पिछली बीआरएस सरकार पर प्रमुख कल्याण क्षेत्रों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया और कहा कि उनका प्रशासन विकास और सामाजिक सुरक्षा दोनों प्रदान कर रहा है। इस बीच, मुख्यमंत्री ने बीआरएस में शामिल होने पर जीवन रेड्डी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “हर कोई जीवन रेड्डी का इतिहास जानता है। पार्टी ने उन्हें कई मौके दिए, फिर भी वह विधानसभा चुनाव हार गए और फिर भी उन्हें एमएलसी पद का सम्मान मिला। वह मंत्री पद चाहते थे और जब ऐसा नहीं हुआ, तो उन्होंने पार्टी छोड़ दी और हमारे राजनीतिक दुश्मनों से हाथ मिला लिया।” जगित्याल में केसीआर ने कड़ा पलटवार करते हुए कांग्रेस सरकार की तीखी आलोचना करते हुए बीआरएस की सत्ता में वापसी पर पूरा भरोसा जताया। केसीआर ने कहा, “तेलंगाना आंदोलन मेरी जिम्मेदारी थी और मैंने इसे पूरा किया। अब मैं पूरे विश्वास के साथ कहता हूं कि बीआरएस 100 प्रतिशत निश्चितता के साथ सत्ता में वापस आएगी।” उन्होंने सरकार पर सभी क्षेत्रों में विफल रहने का आरोप लगाया और कहा, “उन्होंने सैकड़ों चीजों का वादा किया लेकिन एक भी नई योजना पेश नहीं की। हर क्षेत्र में विकास रुक गया है,” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के तहत शासन कमजोर हो गया है। केसीआर ने राजस्व में गिरावट, कृषि में संकट और बाजारों में विश्वास की कमी की ओर इशारा करते हुए राज्य की आर्थिक दिशा पर भी सवाल उठाया। उन्होंने सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए किसानों के मुद्दों, बेरोजगारी, लंबित छात्र शुल्क प्रतिपूर्ति और सिंचाई परियोजनाओं में देरी पर चिंता जताई। राजनीतिक लड़ाई में एक प्रमुख मुद्दा विवादास्पद हाइड्रा विध्वंस अभियान है। केसीआर ने विकास के नाम पर गरीब परिवारों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए सरकार की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा, “यह किस तरह का हाइड्रा है? गरीबों के घर तोड़ने में इतनी आक्रामकता क्यों? मुसी कायाकल्प के नाम पर वे गरीबों के हजारों घर तोड़ रहे हैं। हम इसके खिलाफ नहीं हैं, लेकिन एक उचित व्यवस्था होनी चाहिए।” उन्होंने नीति को उलटने और कमजोर समुदायों की रक्षा करने का वादा करते हुए आगे चेतावनी दी, “हम सत्ता में आने के तुरंत बाद हाइड्रा को खत्म कर देंगे।” ताजा घटनाक्रम तेलंगाना में गहराते राजनीतिक टकराव को उजागर करता है। जहां रेवंत रेड्डी कल्याणकारी वितरण, शासन की उपलब्धियों और राजनीतिक प्रभुत्व का अनुमान लगा रहे हैं, वहीं केसीआर आर्थिक मंदी, शासन की विफलताओं और हाइड्रा विध्वंस जैसी विवादास्पद नीतियों के इर्द-गिर्द एक प्रति-कथा का निर्माण कर रहे हैं। दोनों नेताओं के आक्रामक और समझौताहीन रुख अपनाने से, तेलंगाना में राजनीतिक युद्ध तेज होता जा रहा है, जो तत्काल चुनाव के अभाव में भी राज्य के विमर्श को आकार दे रहा है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तेलंगाना, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 21 अप्रैल, 2026, 13:13 IST समाचार राजनीति तेलंगाना का राजनीतिक टकराव: मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की चुनौती के बाद बीआरएस प्रमुख केसीआर ने वापसी की कसम खाई अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तेलंगाना राजनीतिक लड़ाई(टी)तेलंगाना राजनीति(टी)रेवंत रेड्डी(टी)के चंद्रशेखर राव(टी)बीआरएस बनाम कांग्रेस(टी)तेलंगाना चुनाव(टी)हाइड्रा विध्वंस अभियान(टी)किसान कल्याण योजनाएं

वर्ल्ड अपडेट्स:मेक्सिको के यूनेस्को साइट पर फायरिंग, एक कनाडाई महिला की मौत, हमलावर ने खुद को भी गोली मारी

वर्ल्ड अपडेट्स:मेक्सिको के यूनेस्को साइट पर फायरिंग, एक कनाडाई महिला की मौत, हमलावर ने खुद को भी गोली मारी

मेक्सिको के यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में एक गोलीबारी में 32 साल की टूरिस्ट कनाडाई महिला की मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, हमलावर ने घटना के बाद खुद को भी गोली मार ली। हमले में कई अन्य लोग घायल हुए। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के समय मौजूद लोगों ने बताया कि टियोतिहुआकान पिरामिड साइट के पिरामिड ऑफ द मून से अचानक गोली चलने की आवाजें सुनाई दीं। लोग इधर-उधर भागने लगे। हमलावर अंधाधुंध फायरिंग कर रहा था। घटना स्थल से पुलिस ने एक बंदूक, धारदार हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए। स्टेट सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टोबाल कास्टानेडा कामारिलो ने बताया कि घायलों में दो कोलंबियाई, एक रूसी और एक कनाडाई नागरिक शामिल हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। हमलावर की पहचान और मकसद अभी तक सामने नहीं आया है। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि वह मामले की अपडेट ले रही हैं और कनाडाई दूतावास के संपर्क में हैं।

इंदौर के डेली कॉलेज बोर्ड चुनाव का शेड्यूल जारी:21 मई को होगी वोटिंग, विवादित संविधान संशोधन फिलहाल लागू नहीं

इंदौर के डेली कॉलेज बोर्ड चुनाव का शेड्यूल जारी:21 मई को होगी वोटिंग, विवादित संविधान संशोधन फिलहाल लागू नहीं

इंदौर के प्रतिष्ठित डेली कॉलेज (DC) में बोर्ड चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। लंबे समय से चल रहे विवादों के बीच चुनाव अधिकारी और हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस सुशील गुप्ता ने चुनाव का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। कॉलेज बोर्ड के लिए मतदान 21 मई को होगा और इसी दिन परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे। खास बात यह है कि ओल्ड डेलियंस एसोसिएशन (ODA) के कड़े विरोध के बाद फिलहाल विवादित संविधान संशोधन को लागू नहीं किया गया है। वर्तमान में चुनाव पुराने और मौजूदा संविधान के तहत ही संपन्न कराए जाएंगे। मतदाता सूची जारी, 23 अप्रैल तक आपत्तियां ली जाएंगी चुनाव प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची जारी कर दी गई है, जिस पर 21 से 23 अप्रैल तक आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इसके बाद 28 और 29 अप्रैल को नामांकन फॉर्म जमा किए जाएंगे। 30 अप्रैल और 1 मई को उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे, जबकि 2 मई को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) की जाएगी। कॉलेज के जो मतदाता इंदौर से बाहर हैं, उन्हें 4 से 19 मई के बीच डाक और ईमेल के जरिए मतपत्र भेजे जाएंगे, जिन्हें 20 मई तक वापस जमा करना होगा। 21 मई को स्थानीय मतदाताओं की वोटिंग के तुरंत बाद मतगणना की जाएगी। संविधान में संशोधनों को लेकर बोर्ड-एसोसिएशन में ठनी बता दें कि कॉलेज के संविधान में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर ओल्ड डेलियंस एसोसिएशन और वर्तमान बोर्ड के बीच ठनी हुई है। ओडीए का आरोप है कि संशोधनों के जरिए लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने की कोशिश की जा रही है। रजिस्ट्रार फर्म्स एंड सोसाइटी ने भी इन संशोधनों को अभी मंजूरी नहीं दी है, जिसके चलते चुनाव अधिकारी ने साफ कर दिया है कि चुनाव में देरी न करते हुए इन्हें वर्तमान नियमों के अनुसार ही कराया जाएगा।

सरकार ने अश्वगंधा के पत्तों को किया बैन, आयुर्वेद में इनका इस्तेमाल किया जाता है या नहीं, एक्सपर्ट से जानिए

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Last Updated:April 21, 2026, 13:16 IST Ashwagandha Uses in Ayurveda: अश्वगंधा को आयुर्वेद की सबसे शक्तिशाली जड़ी-बूटी माना जाता है. आयुर्वेद में अश्वगंधा की जड़ों को शरीर के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है. हालांकि कई हर्बल सप्लीमेंट्स में अश्वगंधा के पत्ते और इसका अर्क भी इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसे फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने बैन कर दिया है. आयुर्वेद में अश्वगंधा के पत्तों का इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती है. इन पत्तों का सेवन करने से शरीर में टॉक्सिसिटी हो सकती है. FSSAI ने अश्वगंधा के पत्तों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. Ashwagandha Root vs Leaves: सदियों से अश्वगंधा को शक्तिशाली जड़ी-बूटी माना जा रहा है. आयुर्वेदिक ग्रंथों के अनुसार अश्वगंधा की जड़ें सेहत के लिए अमृत समान होती हैं. सही मात्रा में इनका सेवन करने से कई स्वास्थ्य समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है. अश्वगंधा को एक औषधि माना गया है, जो शरीर की ताकत बढ़ाने, तनाव कम करने और इम्यूनिटी सुधारने में मदद करती है. हाल ही में फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने अश्वगंधा के पत्तों और इसके अर्क के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. कई हर्बल सप्लीमेंट्स और दवाओं में इसके पत्तों का यूज किया जा रहा था, जिसके बाद सरकार ने यह फैसला लिया है. अब सवाल है कि आयुर्वेद में अश्वगंधा का कैसे इस्तेमाल किया जाता है और पत्तों को लेकर एक्सपर्ट्स की क्या राय है. यूपी के प्रेम रघु आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल और आयुर्वेदाचार्य डॉ. सरोज गौतम ने News18 को बताया आयुर्वेद में अश्वगंधा को एक औषधीय पौधा माना गया है, लेकिन इसके अलग-अलग हिस्सों का उपयोग अलग-अलग तरीकों से किया जाता है. कई ग्रंथों में इसकी जड़ों का सेवन करने का बात कही गई है. अश्वगंधा की जड़ में सबसे अधिक सक्रिय औषधीय तत्व पाए जाते हैं, जैसे विथानोलाइड्स. ये तत्व तनाव कम करने और शरीर को एनर्जी देने में मदद करते हैं. यही कारण है कि आयुर्वेदिक दवाओं और सप्लीमेंट्स में अधिकतर जड़ का ही उपयोग किया जाता है. इसे नींद सुधारने, मानसिक तनाव घटाने और शारीरिक कमजोरी दूर करने में भी उपयोगी माना जाता है. अश्वगंधा की जड़ें सही तरह इस्तेमाल करने से गजब के फायदे मिल सकते हैं. अश्वगंधा के पत्तों पर क्या कहता है आयुर्वेद आयुर्वेद एक्सपर्ट के मुताबिक पत्तों का उपयोग कुछ सप्लीमेंट्स और हर्बल उत्पादों में उपयोग बढ़ा है, लेकिन आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से इनका उपयोग मुख्य औषधि के रूप में नहीं किया जाता. पत्तों में सक्रिय तत्वों की मात्रा जड़ की तुलना में कम और असंतुलित हो सकती है, इसलिए इनके उपयोग को लेकर सावधानी जरूरी है. इसके पत्तों में विथायनोन नामक तत्व बहुत ज्यादा हो सकता है. ऐसे में अश्वगंधा के पत्ते खाने से शरीर में टॉक्सिसिटी हो सकती है. यही वजह कि आयुर्वेदिक एक्सपर्ट अश्वगंधा को लेकर बेहद सावधानी बरतने की सलाह देते हैं. इसकी जड़ों का इस्तेमाल भी एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार करना चाहिए. अश्वगंधा की जड़ के हेल्थ बेनिफिट्स अश्वगंधा की जड़ को आयुर्वेद में अत्यंत शक्तिशाली औषधि माना जाता है, जो शरीर और मन दोनों के लिए कई तरह से फायदेमंद होती है. अश्वगंधा की जड़ का नियमित और संतुलित सेवन नींद की गुणवत्ता सुधारने, चिंता और थकान कम करने और एनर्जी लेवल बढ़ाने में मदद करता है. पुरुषों में यह ताकत और स्टैमिना बढ़ाने के साथ-साथ हार्मोन संतुलन में भी सहायक मानी जाती है, जबकि महिलाओं के लिए भी यह हार्मोनल हेल्थ को सपोर्ट करती है. यह मांसपेशियों की मजबूती, दिमागी कार्यक्षमता और एकाग्रता बढ़ाने में भी उपयोगी होती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 21, 2026, 13:16 IST

परफेक्ट दाल: कुकर या पतीला? जानें कौन सी दाल सबसे अच्छी है; यहां पढ़ें आखिरी विधि से लेकर टुकड़ों तक की पूरी

परफेक्ट दाल: कुकर या पतीला? जानें कौन सी दाल सबसे अच्छी है; यहां पढ़ें आखिरी विधि से लेकर टुकड़ों तक की पूरी

उत्तम दाल: किसी का खाना हो या कोई खास दावत, बिना दाल का खाना अधूरा सा लगता है। हमारे मन में अक्सर यही सवाल आता है कि दाल में झटपट पकाना बेहतर है या पतली में पकाना? दोनों के अपने फायदे और स्वाद हैं। आइए जानते हैं आपकी पसंदीदा दाल के लिए कौन सा तरीका बेस्ट है और कौन सा पसंदीदा है जो साधारण दाल को भी ‘रेस्तरां स्टाइल’ के लिए बनाता है। इसलिए इसे जरूर पढ़ें। पतिला में मूंग, मसूर और अरहर की दाल अगर आपके पास समय है तो पतली में दाल पकाना सबसे अच्छी है। मूंग, मसूर और अरहर जैसी हल्की दालों के लिए पतिला श्रेष्ठ है। पतले में दाल पकते समय जो झग ऊपर आता है, उसकी शुरुआत सबसे आसान होती है। आयुर्वेद के अनुसार, यह यूरिक एसिड बढ़ाने का कारण बन सकता है। कच्चे माल पर मसाले से दाल के दाने नहीं, बल्कि अच्छे तरह के फूलते हैं, जिससे स्वाद निखार आता है। कुकर में पकी हुई चना दाल, राजमा, उड़द दाल और पंचरत्न दाल चना दाल, राजमा, उड़द या पंचरत्न दाल सख्त दालों के लिए कुकर ही सबसे अच्छा विकल्प है। अगर आप अरहर की दाल कुकर में बना रहे हैं, तो ध्यान दें कि उसमें ज्यादा न हो; 2-3 समितियां मौजूद हैं। पहली दाल को 20-30 मिनट तक ज्यादातर लोग दाल को सीधे ढोकर सीमेंट रख देते हैं, जो गलत है। दाल को कम से कम 20 से 30 मिनट तक पतला करना चाहिए। दाल में ‘फाइटिक एसिड’ मौजूद होता है, जिसे पचाना आसान होता है। दाल पकाने की सही विधि आमतौर पर 1 कप दाल के लिए 3 कप पानी आदर्श है।दालते समय केवल हल्दी, नमक और थोड़ा सा घी या तेल डालें। घी से कुकर की शहर से बाहर पानी नहीं आता।अगर आप दाल में टमाटर या इमली चाहते हैं, तो दाल के छोटे-छोटे मसाले के बाद ही डालें, क्योंकि खटास दाल में घुलने में देर हो जाती है. दाल के स्वाद में है स्वाद एक तड़का पैन में घी गर्म करें। सबसे पहले जीरा चटकाएं, फिर हिंग डाला।अब अविश्वासी कटनी लहसुनियां होने तक। उसके बाद गैस बंद कर दी गई और फिर आधी सी आठवीं लाल मिर्च पाउडर डाला गया। बैथ को तुरंत दाल में सॉसेज स्टर्लिंग बंद कर दें ताकि महक अंदर ही रहे। ये भी पढ़ें – यूपी बोर्ड परिणाम 2026 अपडेट: आज क्या आएगा यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट? यहां जानिए डिजिलॉकर के नए अपडेट (टैग्सटूट्रांसलेट)परफेक्ट दाल रेसिपी(टी)मसूर दाल रेसिपी(टी)परफेक्ट दाल मखनी(टी)परफेक्ट दाल सामग्री(टी)चना दाल रेसिपी(टी)दाल रेसिपी हिंदी में(टी)तड़का दाल(टी)दाल फ्राई