बंगाल चुनाव 2026: नंदीग्राम में बंटा पैसा! टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी पर बीजेपी की याचिका

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच नंदीग्राम एक बार फिर से इंस्पेक्टर तनाव का केंद्र बन गया है. वोटरों को प्रभावित करने के आरोप में एक नेता ने राजनीतिक माहौल खराब कर दिया है। पुलिस ने शेख सुफियान के मित्र और मोहम्मदपुर पंचायत ग्राम प्रमुख शेख हबीबुल रहमान नीन्टू को देर रात गिरफ्तार कर लिया। शेख हबीबुल रहमान के पैसे की रोशनी वाली घटना सोशल मीडिया पर वायरल बीजेपी का आरोप है कि शेख हबीबुल रहमान अपने समर्थकों के साथ मोहम्मदपुर इलाके के अलग-अलग बूथों पर बूथों को प्रभावित कर रहे थे और पैसा बांट रहे थे. स्थानीय लोकोमोटिव ने उन्हें घेर लिया, जिसके बाद दोनों स्टार्स के बीच बहस छिड़ गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो चुका है. जिले में पुलिस और केंद्रीय बल के जवानों से मुलाकात कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। हालाँकि ऑर्केस्ट्रा ने इन सहयोगियों को ख़ारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से राजनीतिक बदलाव की भावना से की गई है। टीएमसी का दावा है कि नंटू वहां केवल चुनावी प्रचार के लिए थे, न ही किसी तरह की गैरकानूनी गतिविधि के लिए। हल्दिया उपमंडल कोर्ट में शेख हबीबुल रहमान की वकील के बाद पेशी होगी पुलिस के अनुसार, शेख हबीबुल रहमान को विशेष आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया और उन्हें हल्दिया उपमंडल अदालत में पेश किया गया। इस बीच, नंदीग्राम में हाल के दिनों में तनाव की कई घटनाएं सामने आई हैं। कुछ दिन पहले बीजेपी के एक अल्पसंख्यक नेता के घर के बाहर बम फोड़े जाने का आरोप भी लगा था, हालांकि टीएमसी ने इन समर्थकों से खुद को अलग बताया. नंदीग्राम विधानसभा सीट पर इस बार का मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी का सामना उन्ही के पुराने सिपहसलार पबित्र कर से हुआ जो अब उद्योग के दावेदारों के बीच लगातार मंदी की स्थिति में है। इसके अलावा कांग्रेस के शेख जरियातुल हुसैन, वामपंथ के शांति गोपाल गिल भी मैदान में हैं। मोहलत के बीच बैंच ने बीजेपी को चुनौती दी, जबकि सुवेंदु अधिकारी ने जीत का दावा किया। कुल मिलाकर, नंदीग्राम में यह चुनावी सेना की बड़ी जंग बन गई है। यह भी पढ़ें- पश्चिम बंगाल चुनाव: ‘भगवान राम का नाम लेने से बची हैं ‘नमस्ते’, बंगाल में सीएम योगी का टीएमसी पर तंज, बोले- यहां नमाज…
Summer Tips: गर्मियों में रामबाण है आंवला मुरब्बा! कब्ज-एसिडिटी से दिलाए राहत, ऐसे करें सेवन

Last Updated:April 21, 2026, 13:01 IST गर्मियों की तपती धूप में शरीर को ठंडक और सेहत दोनों चाहिए और इसका देसी जवाब है आंवला का मुरब्बा. खट्टा-मीठा स्वाद वाला यह पारंपरिक फूड सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि कई बीमारियों से बचाव का भी आसान उपाय है. तराई क्षेत्रों में मिलने वाला आंवला, जब मुरब्बे के रूप में इस्तेमाल होता है, तो यह इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर पेट की समस्याओं तक में राहत देने वाला प्राकृतिक टॉनिक बन जाता है. लखीमपुर खीरी. गर्मियों का मौसम शुरू होते ही लोग अपने खान-पान को लेकर ज्यादा सजग हो जाते हैं. इस समय ऐसी चीजों की तलाश रहती है जो शरीर को ठंडक पहुंचाए और साथ ही सेहत के लिए भी फायदेमंद हो. यही कारण है कि पारंपरिक देसी खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है, जिनमें मुरब्बा एक खास स्थान रखता है. गर्मियों के मौसम में मुरब्बा की डिमांड अधिक रहती है क्योंकि मुरब्बा हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद पाया जाता है. खीरी जिले के तराई इलाके में आंवला के पौधे अधिक पाए जाते हैं, ऐसे में सर्दियों के मौसम में आंवला आपको बाजारों में मिल जाएगा. वहीं गर्मियों के मौसम में आंवला का मुरब्बा किसी देसी औषधि से कम नहीं है. आंवला में विटामिन सी और एंटी आक्सीडेंट से भरपूर होता है ऐसे में पाचन से लेकर कई बीमारियों के लिए रामबाण माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google लोकल 18 से बातचीत करते हुए राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की डॉक्टर ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि गर्मियों के मौसम में सुबह खाली पेट मुरब्बा का सेवन करने से कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं से आपको राहत मिल जाएगी. पेट साफ ना हो पाने के कारण मुंह में छाले हो जाते हैं, ऐसे में मुरब्बा का सेवन करने से पेट की गर्मी शांत होती है. आंवला का मुरब्बा इम्यूनिटी बूस्टर होता है, जोकि हमारे शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है. बदलते मौसम के कारण खांसी, जुकाम जैसी समस्याओं से भी राहत दिलाता है, सुबह खाली पेट मुरब्बा खाने से त्वचा में निखार आता हैं. आप आसानी से घर पर मुरब्बा बना सकते हैं इसके लिए सबसे पहले आपको आंवला लेना होगा, उसके बाद आंवला को साफ़ पानी से धो लें. फिर आंवला में छेद कर गर्म पानी में उबाल लें. फिर 1 किलो चीनी की चाशनी तैयार कर ले, चाशनी की सफाई के लिए 1 चम्मच दूध डालें और ऊपर आने वाले जांघ को हटा दें. चिपचिपा होने तक उबालें, इसमें आप इलायची पाउडर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. फिर उसके बाद उबले हुए आंवला को चाशनी में डूबा दे. 4 से 5 दिन के लिए आप मुरब्बा को एक सुरक्षित स्थान पर रख दें, इसके बाद आप इसका सेवन कर सकते हैं. First Published : April 21, 2026, 13:01 IST
बैंकॉक चेस ओपन; अरण्यक बने भारत के 95वें ग्रैंडमास्टर:आर्थिक तंगी दिमाग पर ऐसे हावी, हर मैच करियर बचाने की चुनौती मानकर खेलते थे

भारतीय शतरंज के लिए हालिया हफ्ता ऐतिहासिक उपलब्धियों वाला रहा। आर. वैशाली के महिला वर्ल्ड चैम्पियनशिप के लिए क्वालिफाई करने और एएस श्रावणिका के अंडर-12 रैपिड खिताब जीतने के बाद, अब कोलकाता के अरण्यक घोष ने भारत का 95वां ग्रैंडमास्टर बनकर देश का गौरव बढ़ाया है। नेशनल रैपिड चैम्पियन अरण्यक ने बैंकॉक चेस क्लब ओपन में 9 में से 7 अंक हासिल कर अपना तीसरा और अंतिम ग्रैंडमास्टर नॉर्म प्राप्त किया। अरण्यक को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कड़ा परिश्रम करना पड़ा। उन्होंने पहला नॉर्म 2023 (सैंट्स ओपन) और दूसरा 2024 (एनेमासे मास्टर्स) में हासिल किया था। उन्होंने पिछले साल फिडे वर्ल्ड कप में पोलैंड के माटुस्ज बार्टेल को हराकर सबको चौंकाया था। अरण्यक वर्ल्ड रैंकिंग में 401वें स्थान पर मौजूद हैं। तनावमुक्त रहने के लिए कार्टून वाली हुडी पहनकर खेलते हैं – अरण्यक जब साढ़े चार साल के थे, तब घर की सफाई में मां संचिता को पिता मृणाल घोष की पुरानी, धूल भरी शतरंज पेटी मिली। नन्हे अरण्यक गोटियां सजाकर खेलने लगे। बेटे की रुचि देख पिता मृणाल घोष ने उन्हें ट्रेनिंग दिलवाई। – कोच सौमेन मजूमदार ने अरण्यक की आर्थिक तंगी को देखते हुए उन्हें मुफ्त कोचिंग दी और अपने खर्च पर शीर्ष ग्रैंडमास्टर्स से ट्रेनिंग सत्र कराए। – अरण्यक के पास कॉर्पोरेट स्पॉन्सर नहीं था, इसलिए इनामी राशि से ही अगले टूर्नामेंट की फीस देते और टिकट वगैरह का खर्च उठाते। साल 2019 में पिता ने फीस के लिए पुश्तैनी जमीन और संपत्तियां बेच दीं। अरण्यक जानते थे कि खराब प्रदर्शन का मतलब अगला मौका खत्म, इसलिए हर मैच को करियर बचाने की चुनौती मानकर खेला। – मां संचिता घोष ने बेटे के करियर के लिए वकालत छोड़ दी, ताकि विदेशी टूर्नामेंट में साथ जा सकें। यूरोप दौरों में खर्च बचाने के लिए सस्ते कमरों में रहते और खुद खाना बनाते थे। – जहां खिलाड़ी औपचारिक कपड़ों में खेलते हैं, वहीं अरण्यक कार्टून थीम वाली हुडी पहनकर बोर्ड पर बैठते हैं। यह उन्हें बड़े टूर्नामेंट के दबाव में भी सहज और तनावमुक्त रखती है। – 2013 में अरण्यक ईरान में एशियन यूथ चेस चैम्पियनशिप खेलने गए। तब मां संचिता ने उन्हें ईरानी केसर लाने को कहा था। 9 साल के अरण्यक ने मां की यह इच्छा भी पूरी की और अंडर-10 वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर लौटे। – वे बचपन से ही थैलेसीमिया से जूझ रहे हैं, जिसमें खून कम होने से लगातार थकान रहती है। इसके बावजूद वे कई बार बुखार और दर्द में भी टूर्नामेंट खेलने पहुंचे। घर पर रहने का विकल्प था, लेकिन उन्होंने शतरंज को ही अपना सहारा बनाया। उनका कहना है कि बिस्तर पर रहने से बेहतर उन्हें चालें सोचना लगता। यही जिद और मानसिक मजबूती उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।
जंगली दूधी घास के चमत्कारी फायदे, बाहर निकाल फेंके पेट के कीड़े, बालों को करें मजबूत, अस्थमा का देसी इलाज

Last Updated:April 21, 2026, 12:53 IST घास जैसा दिखने वाला दूधिया पौधा आयुर्वेद में बेहद गुणकारी माना जाता है. यह खांसी, अस्थमा, पेट के कीड़े और खाज खुजली में असरदार है. आसानी से मिलने वाला यह पौधा सस्ता और उपयोगी होने के कारण गरीबों का मेडिकल स्टोर कहलाता है, लेकिन जानकारी के अभाव में लोग इसे पहचान नहीं पाते. मध्य प्रदेश के प्राकृतिक क्षेत्रों में कई ऐसे औषधीय पौधे पाए जाते हैं, जिनके फायदे जानकर हैरानी होती है. इन्हीं में से एक है दूधी घास का पौधा, जो देखने में बिल्कुल साधारण घास जैसा लगता है, लेकिन इसके गुण बेहद असाधारण हैं. यह पौधा खांसी, अस्थमा से लेकर पेट और त्वचा संबंधी कई समस्याओं में कारगर माना जाता है. आयुष अधिकारी डॉ. नरेंद्र पटेल ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि दूधी का पौधा देशभर में आसानी से मिल जाता है, बस इसकी सही पहचान होना जरूरी है. इसकी पहचान करना भी मुश्किल नहीं है, क्योंकि इसके बीच में छोटे-छोटे बीज होते हैं, जो इसे अन्य पौधों से अलग बनाते हैं. इसकी उपलब्धता और औषधीय गुणों के कारण इसे गरीबों का मेडिकल स्टोर भी कहा जाता है. हालांकि, जानकारी के अभाव में लोग इसे साधारण घास समझकर उखाड़कर फेंक देते हैं. पेट के लिए काफी फायदेमंदडॉ. नरेंद्र के अनुसार, बच्चों में पेट के कीड़े एक आम समस्या है, जिससे कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में दूधी के पत्तों का पाउडर बनाकर उसमें मिश्री और सौंफ मिलाकर रात में सेवन करने से पेट के कीड़े खत्म होते हैं और पाचन तंत्र मजबूत होता है. इसके अलावा, यह पेट को साफ रखने में भी मदद करता है. दूधी का पौधा अल्सरेटिव कोलाइटिस और रक्तस्राव जैसी समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है. रोजाना करीब 3 ग्राम दूधी के पत्तों का पाउडर खाली पेट लेने से इन समस्याओं में राहत मिल सकती है. बालों और अस्थमा के लिए बेहद कारगर औषधिबालों के लिए भी दूधी का उपयोग फायदेमंद बताया गया है. यह बालों के झड़ने और समय से पहले सफेद होने की समस्या को कम करने में सहायक है. गंजेपन से परेशान लोगों के लिए दूधी और कनेर के पत्तों का रस मिलाकर लगाने से बालों की मजबूती बढ़ती है और झड़ना कम होता है. खांसी और अस्थमा के मरीजों के लिए भी दूधी एक उपयोगी औषधि मानी जाती है. इसके पत्तों का काढ़ा बनाकर नियमित सेवन करने से सांस की नली की सूजन कम होती है और खांसी में राहत मिलती है. इसके अलावा, दूधी में मौजूद एंटी बैक्टीरियल गुण त्वचा रोगों जैसे दाद, खाज और खुजली को दूर करने में मदद करते हैं. इसके पौधे से निकलने वाले दूध को प्रभावित स्थान पर लगाने से त्वचा संबंधी समस्याओं में सुधार होता है. कुल मिलाकर, दूधी घास का यह साधारण दिखने वाला पौधा कई गंभीर बीमारियों में लाभकारी साबित हो सकता है, जरूरत है तो सिर्फ इसकी सही पहचान और उपयोग की जानकारी की. About the Author Mohd Majid with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Sidhi,Sidhi,Madhya Pradesh First Published : April 21, 2026, 12:53 IST
सोना ₹59 बढ़कर ₹1.52 लाख पर पहुंचा:चांदी ₹612 सस्ती, ₹2.50 लाख पर आई; इस साल सोना ₹19 हजार महंगा हुआ

सोना के दाम में आज यानी 21 अप्रैल को तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 59 रुपए बढ़कर 152,155 रुपए पर पहुंच गया है। इससे पहले 20 अप्रैल को इसकी कीमत 1,52,096 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं चांदी के दाम में आज गिरावट देखने को मिल रही है। एक किलो चांदी 612 रुपए गिरकर 2,50,063 रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले सोमवार को इसकी कीमत 2,50,675 रुपए प्रति किलो थी। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें सोना इस साल 19 हजार और चांदी 20 हजार रुपए महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 19 हजार रुपए और चांदी 20 हजार रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.52 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.50 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। विदेशी जेवर मंगाने के लिए लाइसेंस लेना होगा सरकार ने सोने-चांदी और प्लेटिनम के गहनों को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है। इसका सीधा असर बाजार की सप्लाई पर दिख रहा है, जिससे सोना-चांदी की कीमतें बढ़ रही हैं। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब इन कीमती धातुओं से बनी ज्वेलरी किसी भी देश से मंगाने के लिए सरकार से विशेष लाइसेंस या परमिशन लेना होगा। सरकार ने यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
बंगाल चुनाव 2026: अकबरपुर बना ‘रणभूमि’, बीजेपी प्रत्याशी पर FIR, टीएमसी-बीजेपी के बीच पुलिस की लाठीचार्ज, 9 गिरफ्तार

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के बीच कोलकाता के एकबालपुर में तूफानी और बीजेपी के बीच दमदार नजारा देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके को स्टार बना दिया। इस घटना में पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें 5 बीजेपी और 4 मजदूर कार्यकर्ता शामिल हैं. बीजेपी प्रत्याशी राकेश सिंह के खिलाफ FIR दर्ज भाजपा प्रत्याशी राकेश सिंह के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई है। सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शामिल हैं। एकबालपुर में पौराणिक कांग्रेस और बीजेपी के बीच में राक्षसों के बीच युद्ध जैसे हो गए। इस घटना में गिरफ्तार लोगों में 5 बीजेपी कार्यकर्ता और 4 कार्यकर्ता शामिल हैं. एकबालपुर मामले में कुल 3 आरोपियों के नाम दर्ज हैं, जिनमें 2 बीजेपी उम्मीदवार राकेश सिंह के नाम भी शामिल हैं। आरोप है कि एक मैकेनिक का बॉडी कैम छीन लिया गया। साथ ही सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने, उसके साथ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। चुनाव का नतीजा अनिश्चित क्यों घटना के दौरान हुसैन शाह रोड पर पिशाचों पर हमला किया गया और पुलिस पर लाठीचार्ज किया गया। बीजेपी का आरोप है कि रैली के दौरान वैश्यालय ने इस पर हमला किया, जबकि बीजेपी ने इस पर मुहर लगा दी. कुल मिलाकर, एकबालपुर की यह हिंसा तानाशाह तानाशाही और कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल कर रही है। कोलकाता पोर्ट सीट इस बार दिलचस्प और बहुकोणीय हो गई है। बीजेपी के राकेश सिंह और उद्योगपति के सिटिंग लीडर और मंत्री फिरहाद हकीम के बीच मुख्य टक्कर मनी जा रही है। वहीं, फैयाज अहमद खान (सीपीएम) और आकिब गुलजार (कांग्रेस) भी इस कारखाने को दिलचस्प बना रहे हैं। चार प्रमुख आश्रमों के प्रतियोगी मैदान में से पार्टियाँ का बंटवारा तय किया जा रहा है, जिससे चुनाव का परिणाम और भी अनिश्चित हो गया है। यह भी पढ़ें- बंगाल चुनाव 2026: हिमंता बिस्वा सरमा का बंगाल में हुंकार, कहा- ‘100 फीसदी बीजेपी की सरकार बन रही है क्योंकि…’
इंदौर एक्सिस बैंक की 'ऑपरेशन-हेड' का खुलासा:अधिकारी केबिन में बुलाकर करते थे गंदी बातें-अश्लील इशारे, अधिकारी की धमकी-'तुझे तो बैंक बर्बाद कर देगा'

इंदौर में एक्सिस बैंक की पूर्व महिला मैनेजर ने बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों पर शारीरिक और मानसिक शोषण के साथ-साथ वित्तीय धोखाधड़ी के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने मंगलवार को इंदौर कलेक्टर को ‘जनसुनवाई’ में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। शिकायत में न केवल कार्यस्थल पर होने वाले दुर्व्यवहार का जिक्र है, बल्कि नौकरी छोड़ने के बाद भी बैंक प्रबंधन द्वारा उनके हक का पैसा रोकने और डराने-धमकाने की बात कही गई है। एक्सिस बैंक की चोइथराम मंडी शाखा में ‘ऑपरेशन हेड’ के पद पर कार्यरत रहीं नेहा ने बताया कि उनका कार्यकाल फरवरी 2023 से मई 2025 तक रहा। इस दौरान उनका प्रदर्शन शानदार था और उन्हें ‘4 आउट ऑफ 5’ की रेटिंग के साथ कई अवॉर्ड भी मिले, लेकिन इस सफलता के पीछे की कहानी बेहद दर्दनाक है। दो-तीन घंटे केबिन में खड़ा रखा जाता था नेहा का आरोप है कि सीनियर अधिकारी उन्हें केबिन में बुलाकर अश्लील इशारे करते थे और दोहरे अर्थ वाली बातें की जाती थीं। हद तो तब हो गई जब उन्हें मासिक धर्म (पीरिड्स) के दौरान भी दो-तीन घंटे तक केबिन में खड़ा रखकर मीटिंग ली जाती थी और कुर्सी खाली होने के बावजूद बैठने नहीं दिया जाता था। बैंक की अनिवार्य छुट्टियां भी उन्हें नहीं दी जाती थीं। नौकरी छोड़ने के बाद भी नहीं खत्म हुआ संकट वरिष्ठ अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर नेहा ने अंततः इस्तीफा दे दिया। उन्होंने तीन महीने का नोटिस पीरियड भी पूरा किया, लेकिन आरोप है कि इस दौरान भी उन्हें मानसिक रूप से तोड़ा गया। जब उन्होंने अपने बकाया बोनस की मांग की, तो बैंक के क्षेत्रीय और जोनल स्तर के अधिकारियों ने कथित तौर पर अपनी पहुंच का फायदा उठाकर उनका भुगतान रुकवा दिया। नेहा का कहना है कि जब उन्होंने समाधान पोर्टल और लेबर एनफोर्समेंट ऑफिसर के माध्यम से शिकायत की, तो बैंक अधिकारियों ने मध्यस्थता बैठक में आने से साफ इनकार कर दिया। ‘बैंक तुझे बर्बाद कर देगा’ अधिकारियों की धमकी शिकायत पत्र के अनुसार जब लेबर ऑफिसर के कार्यालय में मामला पहुंचा, तो बैंक कर्मचारियों ने वहां भी अड़ियल रवैया अपनाया। नेहा का आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने ऑफिस से बाहर निकलकर उन्हें खुलेआम धमकी दी कि “तुझे तो बैंक बर्बाद कर देगा।” पीड़िता ने बताया कि अब उन्हें भोपाल और जबलपुर के चक्कर लगवाकर शारीरिक और मानसिक रूप से और अधिक प्रताड़ित किया जा रहा है, ताकि वे अपनी शिकायत वापस ले लें। शी-बॉक्स पोर्टल और शासन से न्याय की उम्मीद नेहा ने बताया कि बैंक में रहते हुए वह डर के कारण चुप रहीं क्योंकि उन्हें करियर बर्बाद करने और वेतन रोकने की धमकी दी जाती थी, लेकिन अब सरकार की महिला नीति और ‘शी-बॉक्स’ पोर्टल से प्रेरणा लेकर उन्होंने आवाज उठाई है। उन्होंने कलेक्टर से निवेदन किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी बैंक अधिकारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। आवेदन में उन्होंने बैंक के एचआर हेड प्रवीण चंद्रा और डिप्टी एचआर शिवम गुप्ता के नाम का भी उल्लेख किया है, जिन पर इस पूरी प्रताड़ना में शामिल होने या उसे नजरअंदाज करने का संदेह है। 2 लाख रुपए रोके पीड़िता ने बताया कि जब उसने परेशान होकर नौकरी से इस्तीफा दिया, तब उसका एक साल का 2 लाख रुपए बोनस बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने देने से मना कर दिया। अधिकारियों ने तर्क दिया कि बैंक की पॉलिसी के कारण यह पैसा नहीं मिलेगा। वहीं पीड़िता इस मामले में 2025 से लगातार बैंक, लेबर ऑफिस, शी-बॉक्स पोर्टल पर शिकायत कर रही है, लेकिन कहीं से भी कोई कार्यवाही नहीं होने के बाद आज पीड़िता जनसुनवाई में पहुंची। मेरे पास उनकी कोई शिकायत नहीं आई एक्सिस बैंक के डिप्टी एचआर शिवम गुप्ता ने बताया कि मेरे पास उनकी कोई शिकायत नहीं आई है। उनको बैंक से अभी तक बोनस नहीं मिला है इसकी शिकायत हमारे पास आई है, बैंक की पॉलिसी के कारण वह बोनस के लिए एलिजिबल नहीं हैं। बाकी उनके साथ बैंक में क्या हुआ, उन्होंने कहां शिकायत की है। इसकी हमें कोई जानकारी नहीं है।
जीसीसी में नियुक्तियां 14% बढ़ीं, पर जेनजी नहीं टिक रहे:कंपनियां 2.5 गुना तक ज्यादा सैलरी देने को तैयार, हैदराबाद सबसे तेज उभरता हब

देश के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) में नौकरियों का बाजार फिर चमकने लगा है। साल 2026 की चौथी मार्च तिमाही में भर्तियों में 12 से 14% की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। क्वेस कॉर्प की रिपोर्ट के मुताबिक, यह ग्रोथ पिछले तिमाही के 4-6% के मुकाबले दोगुने से ज्यादा है। हालांकि एआई और डेटा जैसे एडवांस स्किल्स में 42% तक टैलेंट की कमी है। इसी वजह से कंपनियां एक्सपर्ट्स को आकर्षित करने के लिए 1.5 से 2.5 गुना तक ज्यादा सैलरी पैकेज ऑफर कर रही हैं। भर्तियों के मामले में टियर-1 शहरों का दबदबा बरकरार है। कुल भर्तियों में 88-90% हिस्सा मेट्रो शहरों का है। हैदराबाद सबसे तेजी से उभरते हुए हब के रूप में सामने आया है। बेंगलुरु नियुक्तियों के मामले में अब भी नंबर-1 बना हुआ है। टियर-2 शहरों अपनी बढ़त बढ़ा रहे हैं। कोयंबटूर, जयपुर, कोच्चि और अहमदाबाद जैसे शहरों की हिस्सेदारी बढ़कर 10-12% हो गई है। हालांकि, हाई-कॉम्प्लेक्सिटी वाले बड़े काम अब भी मेट्रो शहरों में ही सिमटे हैं। 3 बड़े बदलाव, रिप्लेसमेंट हायरिंग बढ़ी, कन्ट्रैक्ट जॉब्स का बढ़ रहा क्रेज – जेन-जी वर्कफोर्स किसी भी रोल में औसतन 24 महीने से भी कम समय तक टिक रही है। छोटे एम्प्लॉयमेंट साइकिल की वजह से टैलेंट रोक कर रखने की चुनौती बढ़ गई है। – एआई और प्लेटफॉर्म ट्रांसफॉर्मेशन जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए कंपनियां अब पक्की नौकरी के बजाय फ्लेक्सिबल स्टाफिंग अपना रही हैं। इस तिमाही में 25% भर्तियां कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर हुईं। – कुल भर्तियों में 40% हिस्सा ‘रिप्लेसमेंट’ का है। यानी कंपनियां नए पद कम सृजित कर रही हैं, बल्कि नौकरी छोड़ने वालों की जगह नई भर्तियां ज्यादा कर रही हैं। एआई में बड़ा स्किल गैप रिपोर्ट के अनुसार, करीब 60% नई नौकरियां एआई, डेटा और प्लेटफॉर्म स्किल्स से जुड़ी हैं। मांग और सप्लाई के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है: सेक्टर/स्किल- टैलेंट की कमी एआई-डेटा- 38%-42% प्लेटफॉर्म इंजीनियरिंग- 32%-36% क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर- 28%-32% आईटी ही नहीं, रियल एस्टेट और इंफ्रा सेक्टर में भी तेजी जीसीसी में हो रही यह रिकवरी अब केवल आईटी या टेक सेक्टर तक सीमित नहीं रह गई। इनमें सबसे आगे रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर है, जहां 18% की ग्रोथ देखी गई है। इसके बाद प्रोफेशनल सर्विसेज में 16% और कंस्ट्रक्शन व इंजीनियरिंग सेक्टर में 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ट्रैवल और सामान की आवाजाही से जुड़े हॉस्पिटैलिटी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी 13% ज्यादा भर्तियां हुई हैं। यह ट्रेंड संकेत दे रहा है कि बाजार में चौतरफा रिकवरी लौट रही है। अब सपोर्ट नहीं रणनीतिक हब बन रहे देश के जीसीसी आईटी स्टाफिंग के सीईओ कपिल जोशी का मानना है कि भारत में मौजूद ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के काम करने के तरीके में बदलाव आया है। ये केंद्र बैक-ऑफिस सपोर्ट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दुनिया भर के बिजनेस के लिए स्ट्रैटेजिक फैसले ले रहे हैं।
Madhu Kishwar Notice | Chandigarh Police Delhi FIR

मधु किश्वर के घर पहुंची चंडीगढ़ पुलिस उनके ऑफिस में बात करती हुई। चंडीगढ़ पुलिस की टीम आज (21 अप्रैल को) दिल्ली में राइटर मधु किश्वर के घर पहुंची। टीम ने उन्हें नोटिस देकर जांच में शामिल होने के लिए कहा। टीम में इंस्पेक्टर इरम रिजवी और इंस्पेक्टर सरित राय शामिल थीं, जिन्होंने नोटिस सौंपा। . राइटर मधु किश्वर ने कहा कि हमारे सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि पांच पुलिसकर्मी, जिनमें दो महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, मेरे ऑफिस पहुंची हैं। मैं उस समय एक वीडियो रिकॉर्ड कर रही थी, इसलिए मैंने उन्हें कुछ देर इंतजार करने को कहा। लेकिन इतनी देर रात पुलिस का पहुंचना अच्छे संकेत नहीं देता। मधु किश्वर समेत अन्य लोगों पर सेक्टर-26 थाने में कल केस दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने एक वीडियो को गलत पहचान के साथ वायरल किया और उसमें अश्लील व भ्रामक शब्द जोड़कर पेश किया। इससे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की छवि खराब करने की कोशिश की गई और समाज में भ्रम फैलाया गया। राइटर मधु किश्वर के घर पहुंची चंडीगढ़ पुलिस। चंडीगढ़ पुलिस रात में दिल्ली पहुंची चंडीगढ़ पुलिस कल रात दिल्ली पहुंची, इसके बाद हमारे सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि पांच पुलिसकर्मी, जिनमें दो महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, मेरे ऑफिस पहुंची हैं। मैं उस समय एक वीडियो रिकॉर्ड कर रही थी, इसलिए मैंने उन्हें कुछ देर इंतजार करने को कहा। लेकिन इतनी देर रात पुलिस का पहुंचना अच्छे संकेत नहीं देता। दफ्तर में पुलिस अधिकारियों और लेखिका के बीच बातचीत हुई। बातचीत के दौरान मधु किश्वर ने कहा कि न उनकी तरफ से कोई दुर्भावना थी और न ही दूसरी तरफ से। इसी बीच उन्होंने पुलिस टीम से पूछा कि क्या वे स्थानीय पुलिस के साथ नहीं आई हैं। इस पर महिला अधिकारी ने बताया कि उनकी टीम साथ आई है। महिलाओं को सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गिरफ्तार नहीं कर सकते मधु किश्वर ने कानून का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं के घर पर सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले पुलिस न तो आ सकती है और न ही गिरफ्तारी कर सकती है। इसी को लेकर उन्होंने प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख अधिकारी से फोन पर बात की। अधिकारी ने बताया कि टीम चंडीगढ़ में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में नोटिस देने आई है। इस पर मधु किश्वर ने कहा कि कानून का पालन करते हुए सुबह के समय आना चाहिए। मधु किश्वर के मुताबिक, दोनों पक्षों ने पूरी शालीनता और शिष्टाचार बनाए रखा। उन्होंने कहा कि जैसे ही एफआईआर की कॉपी मिलेगी, वह चंडीगढ़ में दर्ज इस नए केस का पूरा विवरण साझा करेंगी। 3 पॉइंट में जानिए पूरा मामला भ्रामक पोस्ट-क्लिप शेयर की जा रही, गलत पहचान बता रहे: सेक्टर-26 थाने में कल शिकायत दर्ज हुई थी। जिसमें चंडीगढ़ एक निवासी एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि कुछ फर्जी और भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट एवं वीडियो क्लिप, जिनमें अश्लील शब्द और सामग्री शामिल है, विभिन्न सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा प्रसारित किए जा रहे हैं। इन पोस्ट्स में वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की गलत पहचान बताई जा रही है। अश्लील शब्द यूज किए, नुकसान पहुंचाने का मकसद: शिकायतकर्ता के अनुसार, यह जानबूझकर किया गया कृत्य है, जिसमें अश्लील शब्दों और वाक्यांशों का उपयोग करते हुए झूठे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार किए गए हैं। आरोप है कि संबंधित लोगों को यह जानकारी थी या उन्हें विश्वास करने का पर्याप्त कारण था कि ये पोस्ट भ्रामक और झूठे हैं, और इनका उद्देश्य नुकसान पहुंचाना या किसी को क्षति पहुंचाना है। महिला के पति, वीडियो वाली महिला का बयान दर्ज किया: पुलिस ने जांच के दौरान उसके पति और वीडियो में मौजूद एक अन्य महिला के बयान भी दर्ज किए गए हैं। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 196, 318, 336(1), 336(3), 336(4), 340, 353, 356 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धाराएं 66C, 66D और 67 के तहत मधु किश्वर और अन्य के खिलाफ, शिकायत में उल्लिखित सोशल मीडिया हैंडल्स के आधार पर, थाना सेक्टर-26 में मामला दर्ज किया है। ************ ये खबर भी पढ़ें: चंडीगढ़ में PM के खिलाफ बोलने वाली लेखिका पर FIR: आरोप- मधु किश्वर ने सोशल मीडिया पर मिसलीडिंग VIDEO डाला, अश्लील शब्द जोड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलने वाली फेमस राइटर मधु किश्वर पर चंडीगढ़ में केस दर्ज किया गया है। सोमवार (20 अप्रैल) को मधु किश्वर और अन्य लोगों के खिलाफ सेक्टर-26 थाने में FIR दर्ज की गई। यह कार्रवाई 19 अप्रैल को मिली शिकायत के आधार पर की गई। (पढ़ें पूरी खबर)
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग, 152 सीटों पर मतदान होगा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अप्रैल के पहले चरण में 23 को 16 को 152 को क्वार्टर पर मतदान होगा। इनमें उत्तर बंगाल के आठ, दक्षिण बंगाल के तीन और जंगलमहल क्षेत्र के 5 जिले शामिल हैं। पहले चरण के दौरान मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होगा, जो शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। हालाँकि, कुछ क्षेत्रीय इलाकों में सुरक्षा की दृष्टि से समय थोड़ा कम हो सकता है (जैसे शाम 5 बजे तक), लेकिन आम तौर पर मतदान शाम 7 बजे से शुरू होता है। पहले चरण में ज्यादातर दक्षिण और पश्चिम बंगाल के जिले शामिल हैं। इनमें पुरुलिया, बांकुरा, झाड़ग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर, पूर्व मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना जैसे जिले आते हैं। इसके अलावा कोलकाता और कोलोराडो की कुछ अन्य पार्टियों के लिए भी इसी चरण में मतदान होगा। तेलंगाना में कई ऐसी वस्तुएं हैं जो काफी चर्चा में रहती हैं और राजनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण मणियां हैं। जैसे नंदीग्राम, खड़गपुर, पुरुलिया, बांकुरा और सफाईग्राम। इन सुझावों पर आम तौर पर कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है ये भी पढ़ें: बंगाल चुनाव 2026: हिमंता बिस्वा सरमा का बंगाल में हुंकार, कहा- ‘100 फीसदी बीजेपी की सरकार बन रही है क्योंकि…’ पहला चरण चुनाव क्यों है खास? पहले चरण को खास इसलिए भी माना जाता है क्योंकि यह पूरे चुनाव का माहौल है। यहां के अवलोकन से यह लगता है कि आगे के चरण में किस पार्टी को बढ़त मिल सकती है। खासकर कांग्रेस कांग्रेस (टीएमसी) और बीजेपी (बीजेपी) के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। इसके अलावा, इस चरण में आने वाले कई क्षेत्रीय ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र हैं, जहां वोट के तरीके और मुद्दे विश्राम शहरों से अलग-अलग होते हैं। इसलिए यहां वोटिंग पैटर्न पर भी अलग नजर आती है और यह चुनाव को दिलचस्प बना देता है। पश्चिम बंगाल की हॉट सीट पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में ऐसी कई तस्वीरें हैं जो सबसे ज्यादा चर्चा में हैं और हॉट सीट मानी जा रही हैं। इन पोर्टफोलियो में बड़े नेताओं की साख हिस्सेदारी है और प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी देखने को मिल रही है। सबसे बड़ी चर्चा भवानीपुर सीट की हो रही है। यह सीट बहुत अहम मानी जाती है क्योंकि यहां से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव लड़ रही हैं। उनके सामने बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी हैं, जिससे यह मुकाबला सीधा और बेहद दिलचस्प हो गया है। यह सत्य और प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। पानीहाटी सीट डेमोक्रेट में पानी हटी सीट भी इस बार रिपब्लिकन में है। यह सीट उत्तर 24 परगना जिले में आती है। हाल ही में सामने आए एक बड़े आपराधिक मामले के बाद यह सीट चर्चा में आई। बीजेपी ने यहां पर कातिल की मां रत्ना देबनाथ को उम्मीदवार बनाया है, जबकि मंज़िल की तरफ से तीर्थंकर घोष मैदान में हैं। इसी वजह से यहां चुनावी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर अहम बन गया है। नंदीग्राम सीट भी एक बार फिर केंद्र में है। इसे पहले ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता था, लेकिन अब यहां सुवेंदु अधिकारी की चुनौती के कारण प्रतिस्पर्धा बहुत कठिन हो गई है। इस सीट पर हर किसी की नजर बनी हुई है. मालदा और मुर्शिदाबाद जिले के कई श्रद्धालु भी इस बार खास हैं। यहां मुकाबला सीधा नहीं बल्कि तीन तरफा हो गया है, क्योंकि कांग्रेस भी चुनावी मुकाबले से अलग है। अंतर्राष्ट्रीय का होना अभी भी दिलचस्प और अनिश्चित माना जा रहा है। ये भी पढ़ें: विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: सीएम ममता बनर्जी का बीजेपी पर बड़ा आरोप, कहा- ‘मेरा विमान 30 मिनट तक हवाईअड्डे पर दौड़ा, सहयोगी अधिकारियों को…’ (टैग्सटूट्रांसलेट)डब्ल्यूबी चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पहले चरण का मतदान(टी)नंदीग्राम सीट(टी)टीएमसी बनाम बीजेपी(टी)बंगाल चुनाव की तारीख(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव चरण 1(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पहले चरण का मतदान(टी)नंदीग्राम सीट(टी)टीएमसी बनाम भाजपा(टी)बंगाल चुनाव की तारीख(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव का पहला चरण









