CSK Vs GT IPL 2026 LIVE Score Update; Shubman Gill

चेन्नई20 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL 2026 का 37वां मैच चेन्नई सुपर किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच खेला जाएगा। मुकाबला दोपहर 3:30 बजे से चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा। चेन्नई की टीम में महेंद्र सिंह धोनी की वापसी हो सकती है। वे अब तक इस सीजन एक भी मुकाबला नहीं खेल सके हैं। चेन्नई ने पिछले 4 में से 3 मुकाबले जीते हैं। टीम पॉइंट्स टेबल पांचवें स्थान पर हैं। दूसरी ओर गुजरात टाइटंस का नेट रन रेट (-0.790) कमजोर है और टीम फिलहाल पॉइंट्स टेबल में सातवें स्थान पर है। दोनों टीम ने 4-4 मैच जीते हेड-टु-हेड की बात करें तो दोनों टीमों के बीच अब तक 8 मैच खेले गए हैं, जिसमें दोनों ने 4-4 जीत दर्ज की हैं। पिछले सीजन अहमदाबाद में हुए मुकाबले में चेन्नई ने 83 रन से जीत हासिल की थी। संजू इस सीजन दो शतक लगा चुके CSK के लिए इस सीजन में संजू सैमसन ने बेहतरीन बल्लेबाजी की है। उन्होंने मुंबई के खिलाफ सीजन का दूसरा शतक जड़ा था। इससे पहले गुजरात के खिलाफ भी उन्होंने सेंचुरी लगाई थी। टीम का मिडिल ऑर्डर अब भी चिंता का विषय है। शिवम दुबे, सरफराज खान और डेवाल्ड ब्रेविस अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पा रहे हैं। कप्तान ऋतुराज गायकवाड खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। चेन्नई की ओर से संजू टॉप रन स्कोर। वे 2 शतक के साथ 293 रन बना चुके हैं। अंशुल कंबोज 14 विकेट लेकर पर्पल कैप की रेस में सबसे आगे हैं। जेमी ओवरटन और अकील हुसैन और नूर अहमद भी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। शुभमन और सुदर्शन पर टीम निर्भर गुजरात टाइटंस के लिए कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन (RCB के खिलाफ शतक) ने शानदार प्रदर्शन किया है। RCB के खिलाफ पिछले मैच में टीम 230 के स्कोर की ओर बढ़ रही थी, लेकिन 16वें से 19वें ओवर में रन नहीं बना सकी। गुजरात की ओर से गिल टॉप रन स्कोरर हैं। उन्होंने 149.24 की स्ट्राइक रेट से 297 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज, कगिसो रबाडा और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे बड़े नामों के बावजूद टीम निरंतरता की कमी से जूझ रही है। स्पिन विभाग में राशिद खान के अलावा कोई विकल्प प्रभावी नहीं है। वॉशिंगटन सुंदर और मानव सुथार अब तक प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे हैं। गुजरात की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा टॉप विकेट टेकर हैं। वे सात मैचों में 12 विकेट ले चुके हैं। चेपॉक की पिच स्पिन फ्रेंडली एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) की पिच धीमी और स्पिन के अनुकूल है। मैच आगे बढ़ने के साथ यह पिच धीमी हो जाती है, जिससे दूसरी पारी में बल्लेबाजी मुश्किल होती है और यहां पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को फायदा मिलता है। अब तक यहां पर IPL के 94 मैच खेले गए हैं। जिसमें 53 मैच पहले बैटिंग करने वाली टीम ने जीता है। जबकि 41 मैच चेज करने वाली टीम ने जीता है। बारिश की संभावना नहीं चेन्नई मैच के दौरान मौसम गर्म और उमस भरा रहेगा। शाम को बारिश की कोई संभावना नहीं है। दोनों टीमों के पॉसिबल प्लेइंग-XI चेन्नई सुपर किंग्स- ऋतुराज गायकवाड़ (कप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), सरफराज खान, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, कार्तिक शर्मा, जेमी ओवर्टन, अंशुल कंबोज, नूर अहमद, गुरजपनीत सिंह, मुकेश चौधरी। इम्पैक्ट प्लेयर: अकील हुसैन गुजरात टाइटंस (GT): शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, शाहरुख खान, राहुल तेवतिया, राशिद खान, मानव सुथार, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज। इम्पैक्ट प्लेयर: प्रसिद्ध कृष्णा —————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… सूर्यवंशी के शतक के बावजूद राजस्थान हारा:हैदराबाद 5 विकेट से जीता; अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की फिफ्टी 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के शतक के बावजूद राजस्थान रॉयल्स को हार का सामना करना पड़ा। IPL 2026 के 36वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने 5 विकेट से जीत दर्ज की। शनिवार को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 228 रन बनाए। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Khabar hatke- Weird News: AI Girlfriend Craze, Grooms 100ft Money Garland

अमेरिका में एक महिला ने अपनी बहन की हड्डियों से विंड चाइम्स बना डाला। वहीं, ब्रिटेन में हुई एक स्टडी के मुताबिक नई जनरेशन को AI गर्लफ्रेंड ज्यादा पसंद आ रही है। उधर, राजस्थान में एक दूल्हे ने 100 फीट लंबी नोटों की माला पहनी। . साउथ कोरिया में एक फाइटर जेट पायलट ने उड़ान के दौरान फोटो ली तो उस पर ₹56 लाख का जुर्माना लगाया गया। वहीं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक व्यक्ति ने AI से बने बैंक चेक की फोटो शेयर की। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
Mushroom Supplements Explained; Types Benefits & Side Effects

Hindi News Lifestyle Mushroom Supplements Explained; Types Benefits & Side Effects | Lion’s Mane Reishi 12 मिनट पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक हेल्थ और फिटनेस की दुनिया में इन दिनों एक नया ट्रेंड पॉपुलर हो रहा है- ‘मशरूम सप्लीमेंट।’ सोशल मीडिया से लेकर जिम तक, हर जगह इसके फायदों की चर्चा हो रही है। कोई इसे इम्यूनिटी बूस्टर बता रहा है तो कोई ब्रेन फंक्शन और एनर्जी के लिए गेम-चेंजर। सवाल ये है कि क्या ये सच में इतना असरदार है या सिर्फ एक ट्रेंड है? एक्सपर्ट्स इस बारे में क्या कह रहे हैं? ऐसे सभी सवालों के जवाब जानना जरूरी है, ताकि आप सेहत के लिए सही और सुरक्षित फैसला ले सकें। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज मशरूम सप्लीमेंट की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- ये खाने वाले मशरूम से कैसे अलग है? इसके हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं? इसके साइड इफेक्ट्स क्या हैं? ये सारे फैक्ट साइंटिफिकली साबित हुए हैं या नहीं। एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन, फाउंडर- ‘वनडाइटटुडे’ सवाल- मशरूम सप्लीमेंट क्या है? जवाब- ये एक ऐसा न्यूट्रिशनल प्रोडक्ट है, जो मशरूम की मेडिसिनल प्रॉपर्टीज से बनाया जाता है। इसके कई प्रकार हैं- रीशी (Reishi)- इम्यूनिटी बढ़ाने और तनाव कम करने के लिए। लायन्स मेन (Lion’s Mane)- ब्रेन और याददाश्त के लिए। कॉर्डिसेप्स (Cordyceps)- एनर्जी और स्टैमिना बढ़ाने के लिए। चागा (Chaga)- एंटीऑक्सिडेंट्स के लिए। शिटाके (Shiitake)- हार्ट हेल्थ और इम्यून सिस्टम के लिए। सवाल- ये खाने वाले मशरूम से कैसे अलग है? जवाब- मशरूम सप्लीमेंट और खाने वाले मशरूम (एडिबल मशरूम), दोनों एक ही सोर्स से आते हैं, लेकिन इनका उपयोग, प्रोसेसिंग और असर अलग होते हैं। 1. उद्देश्य खाने वाले मशरूम: जैसे बटन मशरूम। इसकी सब्जी बनती है। मशरूम सप्लीमेंट: इम्यूनिटी, ब्रेन, एनर्जी जैसे हेल्थ बेनिफिट्स के लिए लिया जाता है। 2. बनाने का तरीका खाने वाले मशरूम: सीधे उगाकर-पकाकर खाया जाता है। मशरूम सप्लीमेंट: मशरूम को सुखाकर, पीसकर या उसका एक्सट्रैक्ट निकालकर कैप्सूल/पाउडर में बदला जाता है। 3. न्यूट्रिएंट्स खाने वाले मशरूम: सामान्य न्यूट्रिशन (प्रोटीन, फाइबर, विटामिन) देता है। मशरूम सप्लीमेंट: इसमें बीटा-ग्लूकन्स जैसे खास एक्टिव कंपाउंड्स होते हैं। 4. असर खाने वाले मशरूम: धीरे-धीरे हेल्थ को सपोर्ट करता है। मशरूम सप्लीमेंट: याददाश्त, इम्यूनिटी, एनर्जी जैसे स्पेसिफिक गोल के लिए बनाया जाता है। सवाल- मशरूम सप्लीमेंट अभी ट्रेंड में क्यों है? भारत में इसका मार्केट कितना बड़ा है? जवाब- मशरूम एक ‘सुपरफूड’ है। इसलिए इससे बने सप्लीमेंट्स लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। इसके कई कारण हैं- मशरूम सप्लीमेंट को कॉग्निटिव हेल्थ और स्ट्रेस कंट्रोल से जोड़ा जा रहा है। केमिकल सप्लीमेंट्स की जगह लोग नेचुरल और आयुर्वेदिक विकल्प अपना रहे हैं। मशरूम को ‘एडाप्टोजेन’ माना जाता है। यानी ये शरीर को परिस्थिति के मुताबिक ढलने के लिए तैयार करता है। कोविड के बाद इम्यूनिटी पर फोकस बढ़ा है, जिससे फिटनेस फ्रीक लोगों के बीच मशरूम सप्लीमेंट्स तेजी से पॉपुलर हुए हैं। भारत में मशरूम सप्लीमेंट का मार्केट मार्केट रिसर्च और कंसल्टिंग कंपनी ‘ग्रांड व्यू रिसर्च’ के मुताबिक, भारत में साल 2023 में मशरूम सप्लीमेंट्स का मार्केट लगभग 5,800 करोड़ रुपए था। इसके साल 2030 तक बढ़कर 11,800 करोड़ रुपए होने की संभावना है। यह लगभग हर साल 10-11% ग्रोथ कर रहा है। सवाल- मशरूम सप्लीमेंट्स किस-किस फॉर्म में आते हैं? जवाब- मशरूम सप्लीमेंट्स कई फॉर्म में बाजार में उपलब्ध हैं- कैप्सूल टैबलेट पाउडर लिक्विड एक्सट्रैक्ट/टिंचर मशरूम कॉफी/टी गमीज रेडी-टू-ड्रिंक/शॉट्स प्रोटीन बार्स चॉकलेट स्नैक्स सवाल- मशरूम सप्लीमेंट्स दावा करते हैं कि ये इम्यूनिटी और ब्रेन के लिए अच्छे हैं। क्या ये दावे साइंटिफिकली प्रूवेन हैं? जवाब- आइए देखते हैं साइंस इस बारे में क्या कहता है- ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में साल 2024 में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, कुछ मशरूम में बीटा-ग्लूकन नाम के कंपाउंड होते हैं। ये इम्यून सेल्स को एक्टिवेट कर सकते हैं। लैब और एनिमल स्टडीज में पॉजिटिव असर भी दिखा है। इंसानों पर रिसर्च- क्लिनिकल ट्रायल्स में पता चला है कि- ‘रीशी’ मशरूम इम्यून रिस्पॉन्स को मॉड्यूलेट कर सकता है। ‘शिटाके’ मशरूम इंफ्लेमेशन कम करने में मदद कर सकता है। स्टडी की लिमिटेशंस स्टडीज का सैंपल साइज छोटा है। लॉन्ग-टर्म इंपैक्ट स्पष्ट नहीं है। सभी ब्रांड्स में एक्टिव कंपाउंड एक जैसे नहीं होते हैं। मशरूम सप्लीमेंट्स से इम्यूनिटी बूस्ट हो सकती है, लेकिन इसे स्ट्रॉन्गली प्रूवेन नहीं कहा जा सकता है। ब्रेन हेल्थ और मेमोरी का दावा कितना सच? ‘लायन्स मेन’ में हेरिसेनोन्स, एरिनासिन्स कंपाउंड्स होते हैं। ये नर्व ग्रोथ फैक्टर (NGF) को स्टिमुलेट कर सकते हैं। स्टडी क्या कहती है? इंसानों पर हुई कुछ स्टडीज में हल्का कॉग्निटिव इम्प्रूवमेंट देखा गया है। एनिमल स्टडीज में मेमोरी और न्यूरॉन ग्रोथ बेहतर हुआ। स्टडी की लिमिटेशन स्टडीज बहुत लिमिटेड हैं। अल्जाइमर्स या डिमेंशिया पर स्ट्रॉन्ग एविडेंस नहीं हैं। निष्कर्ष इसके रिजल्ट ब्रेन हेल्थ के लिए प्रॉमिसिंग हैं, लेकिन अभी क्लिनिकली प्रूवेन नहीं हैं। सवाल- अब तक की साइंस स्टडीज के मुताबिक मशरूम सप्लीमेंट्स के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं? जवाब- न्यूट्रिशन साइंस इसके कई फायदे बताता है। सभी फायदे ग्राफिक में देखें- सवाल- क्या मशरूम सप्लीमेंट्स का कोई साइड इफेक्ट भी है? जवाब- मशरूम सप्लीमेंट्स आमतौर पर नेचुरल होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इनके कोई साइड इफेक्ट नहीं होते। अब तक की स्टडीज में कुछ संभावित साइड इफेक्ट्स देखे गए हैं- सवाल- क्या ये सप्लीमेंट अन्य दवाओं के साथ रिएक्ट करते हैं? जवाब- हां, मशरूम सप्लीमेंट्स कुछ दवाओं के साथ रिएक्ट कर सकते हैं। यह हर व्यक्ति में नहीं होता, लेकिन साइंस और क्लिनिकल रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ कॉम्बिनेशन में सावधानी जरूरी है। जैसेकि- ब्लड थिनर दवाओं के साथ। डायबिटीज की दवाओं के साथ। ब्लड प्रेशर की दवाओं के साथ। इम्यूनोसप्रेसेंट दवाओं के साथ। सेडेटिव और स्लीप मेडिसिन के साथ। कीमोथेरेपी या कैंसर ड्रग के साथ। सवाल- क्या मशरूम सप्लीमेंट्स FDA और FSSAI से रेगुलेटेड हैं? जवाब- हां, मशरूम सप्लीमेंट्स FDA (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) और FSSAI (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) दोनों के तहत कुछ हद तक रेगुलेटेड हैं। लेकिन ये फूड सप्लीमेंट्स हैं, इसलिए पूरी तरह टेस्टेड और अप्रूव्ड नहीं होते हैं। इसे खरीदते समय खुद स्मार्ट रहना जरूरी है। सवाल- असली मशरूम खाना ज्यादा फायदेमंद है या उसका सप्लीमेंट लेना? जवाब- खाने वाले मशरूम ज्यादा बेहतर और सुरक्षित विकल्प हैं, लेकिन कुछ खास स्थितियों में सप्लीमेंट भी काम आ
KL Rahul Breaks Records, Becomes First Indian to 150; Punjab Kings Achieve Highest Chase

Hindi News Sports Cricket IPL: KL Rahul Breaks Records, Becomes First Indian To 150; Punjab Kings Achieve Highest Chase स्पोर्ट्स डेस्क38 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL 2026 में शनिवार का दिन रिकॉर्ड्स के नाम रहा। पहले मुकाबले में पंजाब किंग्स ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 265 रन का सबसे बड़ा रनचेज किया। दूसरे मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने राजस्थान को 5 विकेट से हरा दिया। इन दोनों मैच को मिलाकर एक ही दिन में IPL इतिहास के सबसे ज्यादा 986 रन बने। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी सबसे तेज 50 छक्के पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने मात्र 36 गेंदों में अपना दूसरा शतक जड़ दिया। पढ़िए दोनों मुकाबले के टॉप रिकॉर्ड्स… 1. IPL में एक दिन में 986 रन बने IPL के इतिहास में एक ही दिन में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड शनिवार को बना, जब दो मुकाबलों में कुल 986 रन बन गए। दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के मैच में 264 और 265 रन बने, वहीं राजस्थान और हैदराबाद के मुकाबले में 228 और 229 रन बने। इससे पहले 2024 में 899 रन एक दिन में बने थे, जबकि 2026 में ही एक अन्य दिन 843 रन भी दर्ज किए गए। 2. पंजाब में IPL में का सबसे बड़ा रन चेज किया पंजाब ने अरुण जेटली स्टेडियम में सबसे बड़ा रन चेज किया। टीम ने 18.5 ओवर में 265 रन बना डाले। उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा, जो 2024 में KKR के खिलाफ 262 रन चेज कर बनाया था। 3. राहुल ने बतौर भारतीय टी-20 में सबसे बड़ी पारी खेली राहुल ने पंजाब किंग्स के खिलाफ 67 गेंद पर नाबाद 152 रन बनाए। यह टी20 में किसी भी भारतीय का सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड तिलक वर्मा के नाम था, जिन्होंने 2024 में राजकोट में मेघालय के खिलाफ 151 रन बनाए थे। 4. राहुल IPL में 150 रन बनाने वाले पहले भारतीय राहुल ने IPL का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाया। वे IPL में 150 रन का आंकड़ा पार करने वाले पहले भारतीय बन गए। सबसे बड़ा स्कोर क्रिस गेल के नाम है, जिन्होंने पुण वॉरियर्स इंडिया के खिलाफ 2013 में नाबाद 175 रन बनाए थे। 5. राहुल-राणा ने IPL की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी की केएल राहुल और नीतीश राणा ने पंजाब के खिलाफ दूसरे विकेट के लिए 220 रन जोड़े। यह IPL में किसी भी विकेट के लिए दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। पहले नंबर पर विराट कोहली और एबी डिविलियर्स की जोड़ी है, जिन्होंने 2016 में बेंगलुरु के मैदान पर गुजरात लायंस के खिलाफ 229 रन की नाबाद साझेदारी की थी। 6. राहुल ने तीसरी टीम के लिए सेंचुरी बनाई राहुल IPL में 3 अलग-अलग टीमों के लिए शतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने पंजाब किंग्स, लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के लिए शतक लगाए हैं। उनके अलावा डीकॉक (MI, DD, LSG) और संजू सैमसन (DD, RR और CSK) भी यह कारनामा कर चुके हैं। 7. केएल राहुल ने IPL में छठा शतक जड़ा केएल राहुल ने IPL में अपना छठा शतक लगाया। उन्होंने पंजाब के खिलाफ क्रिस गेल के 6 शतकों की बराबरी की। IPL में सबसे ज्यादा 8 शतक विराट कोहली के नाम हैं। 7 शतकों के साथ जोस बटलर दूसरे नंबर पर हैं। 8. राहुल ने 25 बाउंड्री लगाई राहुल ने अपनी शतकीय पारी में 16 चौकै और 9 छक्के लगाए। वे IPL की एक इनिंग में सबसे ज्यादा बाउंड्री लगाने के मामले में दूसरे नंबर पर पहुंच गए। यह रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम है, जिन्होंने 2013 में पुणे वॉरियर्स के खिलाफ 30 बाउंड्री लगाई थी। 9. IPL में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी राहुल ने शनिवार को शतकीय पारी के दौरान IPL में अपने 5500 रन पूरे कर लिए। वे IPL में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले में 5वें नंंबर पर हैं। विराट कोहली 8989 रन के साथ टॉप पर हैं। दूसरे नंबर पर रोहित शर्मा है, जिन्होंने 7183 रन बनाए हैं। यहां से दूसरे RR vs SRH मैच के रिकॉर्ड्स 10. वैभव ने IPL का तीसरा सबसे तेज शतक लगाया वैभव सूर्यवंशी ने SRH के खिलाफ 36 गेंदों पर सेंचुरी बनाई। उन्होंने IPL इतिहास का तीसरा सबसे तेज शतक लगाया। पहले नंबर पर क्रिस गेल हैं। गेल ने 2013 में पुणे वॉरियर्स इंडिया के खिलाफ 30 गेंद पर शतक लगाया था। दूसरे नंबर पर वैभव ही हैं, जिन्होंने 2025 में GT के खिलाफ 35 गेंद पर अपना पहला शतक जड़ा था। 11. वैभव एक IPL इनिंग में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले भारतीय वैभव ने अपनी शतकीय पारी में 12 छक्के लगाए। वे IPL की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड मुरली विजय के नाम था, जिन्होंने 2010 में RR के खिलाफ 11 छक्के लगाए थे। वैभव ने भी 2025 में GT के खिलाफ 11 छक्के लगाए थे। 12. वैभव ने दूसरी बार 10+ छक्के लगाए वैभव ने दूसरी बार IPL की एक पारी में 10 से ज्यादा छक्के लगाए। वे ऐसा करने वाले सिर्फ तीसरे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 2 या उससे ज्यादा बार ऐसी उपलब्धि हासिल की हो। क्रिस गेल नंबर एक पर हैं, जिन्होंने 4 बार ऐसा किया है। अभिषेक शर्मा, वैभव के साथ दूसरे नंबर पर हैं। 13. राजस्थान रॉयल्स का IPL में दूसरा सबसे बड़ा टोटल राजस्थान रॉयल्स ने SRH के खिलाफ पहली पारी में 228/6 का स्कोर खड़ा किया। यह IPL में टीम का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। राजस्थान ने 2025 में हैदराबाद के खिलाफ ही 242/6 का सबसे बड़ा स्कोर बनाया था। 14. वैभव IPL में सबसे तेज 50 सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी वैभव ने IPL में सबसे तेज 50 छक्के पूरे करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने सिर्फ 15 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने क्रिस गेल को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 21 पारियों में 50 छक्के पूरे किए थे। तीसरे नंबर पर 23 पारियों के साथ रजत पाटीदार हैं। 15. वैभव ने सबसे कम पारियों 4 शतक लगाए वैभव ने T20 क्रिकेट में शनिवार को अपना चौथा शतक लगाया। उन्होंने सिर्फ 26 पारियों में यह मुकाम हासिल किया, जो दुनिया में सबसे तेज है। उन्होंने
PNG Gas Scam Alert; IGL Disconnection Fraud Safety Guideline

Hindi News Lifestyle PNG Gas Scam Alert; IGL Disconnection Fraud Safety Guideline | Cyber Literacy 58 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक भारत सरकार ने मार्च 2026 में ‘नेचुरल गैस एंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर, 2026’ के तहत नए नियम लागू किए हैं। इसके मुताबिक, जिन क्षेत्रों में PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) की सुविधा उपलब्ध है, वहां के उपभोक्ताओं को तीन महीने के भीतर PNG कनेक्शन लेना होगा। नहीं लेने पर LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की आपूर्ति रोक दी जाएगी। इस फैसले के बाद जहां PNG पाइपलाइन है, वहां तेजी से कनेक्शन लिए जा रहे हैं। साइबर ठग इस डर का फायदा उठाकर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। यह ठगी देश की लीडिंग गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ‘इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड’ (IGL) के ग्राहकों के साथ हो रही है। खतरे को देखते हुए IGL ने अलर्ट जारी किया है और अपने उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। इसलिए ‘साइबर लिटरेसी’ कॉलम में आज हम PNG के नाम पर होने वाले इस स्कैम की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे- ठग इस स्कैम को कैसे अंजाम दे रहे हैं? अगर गलती से स्कैम का शिकार हो जाएं तो क्या करें? एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- ‘PNG गैस स्कैम‘ क्या है? जवाब- ये साइबर ठगी है, जिसमें ठग PNG गैस कंपनी के नाम पर फर्जी SMS या कॉल करते हैं। मैसेज में लिखा होता है कि, ‘आपका गैस कनेक्शन जल्द ही काट दिया जाएगा, इसलिए तुरंत बकाया बिल भरें।’ ठग डर और जल्दबाजी का फायदा उठाकर पेमेंट करवा लेते हैं। सवाल- ठग इस स्कैम को कैसे अंजाम दे रहे हैं? जवाब- ठग बेहद चालाकी से लोगों में डर और जल्दबाजी पैदा करके इस स्कैम को अंजाम दे रहे हैं। वे खुद को IGL का अधिकारी बताते हैं और लोगों को गुमराह करते हैं। इसे ग्राफिक से समझिए- सवाल- हाल ही में IGL ने अलर्ट जारी कर क्या कहा है? जवाब- ‘इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड’ ने कहा है कि ठग उनके नाम पर फर्जी मैसेज भेज रहे हैं। इसलिए अनजान कॉल, पेमेंट या लिंक पर भरोसा न करें और हमेशा सोर्स वेरिफाई करें। सवाल- ये स्कैम किन शहरों-इलाकों में ज्यादा हो रहा है? जवाब- जहां-जहां IGL की सर्विस है, वहां यह स्कैम ज्यादा देखने को मिल रहा है। जैसे- दिल्ली नोएडा और ग्रेटर नोएडा गाजियाबाद गुरुग्राम फरीदाबाद इसके अलावा इसी तरह के PNG स्कैम के मामले मुंबई, नवी मुंबई से भी सामने आए हैं, जहां दूसरी गैस कंपनियों के नाम पर लोगों को ठगा गया है। यानी जहां PNG कनेक्शन ज्यादा हैं, वहीं ये स्कैम हो रहा है। सवाल- ठग इस स्कैम में किसे निशाना बना रहे हैं? जवाब- इस स्कैम खासतौर पर उन लोगों को टारगेट किया जा रहा है, जो PNG गैस का इस्तेमाल करते हैं और ऑनलाइन पेमेंट करते हैं। जैसेकि- सवाल- लोग क्या गलती करते हैं कि वे स्कैमर्स के जाल में फंस जाते हैं? जवाब- PNG के नाम पर कुछ सामान्य गलतियों से लोग ठगों के जाल में फंस जाते हैं। सभी गलतियां ग्राफिक में देखिए- अब इन गलतियों को विस्तार से बात करते हैं। गलती No 1. डर और जल्दबाजी में फैसला लेना “कनेक्शन कट जाएगा,” “अभी पेमेंट करें” जैसे मैसेज पैनिक क्रिएट करते हैं। लोग बिना जांचे तुरंत एक्शन ले लेते हैं। सबक- ठहकर सोचें। तुरंत कदम न उठाएं। गलती No 2. अनजान कॉल/मैसेज पर भरोसा करना ग्राहक कंपनी के नाम से मैसेज देखकर भरोसा कर लेते हैं। ‘कंपनी से बोल रहा हूं।’ इस झांसे में आ जाते हैं। सबक- हमेशा सोर्स जरूर वेरिफाई करें। गलती No 3. OTP शेयर करना ‘वेरिफिकेशन’ या ‘रिफंड’ के नाम पर OTP दे देते हैं। सबक- OTP और PIN कभी किसी से शेयर न करें। गलती No 4. QR कोड/पेमेंट रिक्वेस्ट में फर्क न समझना ग्राहक ये मान लेते हैं कि QR स्कैन करने से पैसा आएगा। ‘कलेक्ट रिक्वेस्ट’ और ‘PAY’ में फर्क नहीं समझते हैं। सबक- पेमेंट से पहले स्क्रीन पर लिखे शब्दों को ध्यान से पढ़ें। गलती No 5. फर्जी लिंक पर क्लिक करना SMS/वॉट्सएप के लिंक पर क्लिक करके डिटेल्स भर देते हैं। नकली वेबसाइट को असली समझ लेते हैं। सबक- किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। गलती No 6. रिमोट एक्सेस एप इंस्टॉल करना AnyDesk/TeamViewer जैसे एप इंस्टॉल कर लेते हैं। स्कैमर को अपने मोबाइल का पूरा कंट्रोल दे देते हैं। सबक- किसी अनजान एप को इंस्टॉल न करें। गलती No 7. साइबर अवेयरनेस की कमी बेसिक सेफ्टी रूल्स (OTP, लिंक, PIN) नहीं जानते। नए डिजिटल फ्रॉड के तरीकों से अनजान हैं। सबक- खुद को अपडेट और जागरूक रखें। गलती No 8. क्रॉस चेक न करना ऑफिशियल वेबसाइट या एप पर जाकर जानकारी वेरिफाई नहीं करते। सबक- हमेशा ऑफिशियल सोर्स से पुष्टि करें। सवाल- फेक मैसेज/मेल कैसे पहचानें? जवाब- फर्जी मैसेज में कुछ संकेत होते हैं, जिन्हें पहचानकर धोखा से बच सकते हैं। इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या IGL कभी कनेक्शन काटने का मैसेज भेजता है? जवाब- अगर आपने लंबे समय तक बिल नहीं भरा है तो IGL प्रोसेस-बेस्ड और ऑफिशियल चैनल से नोटिस देती है। पॉइंटर्स से समझिए- IGL का कम्युनिकेशन कैसे होता है? पहले SMS/ईमेल के जरिए रिमाइंडर भेजना। मैसेज में आपका CA नंबर/कस्टमर आईडी होगा। बिल अमाउंट और ड्यू डेट लिखा होगा। भाषा सामान्य होती है। “तुरंत नहीं भरा तो अभी कट जाएगा” जैसी डरावनी भाषा नहीं होती है। ड्यू/ओवरड्यू नोटिस अगर पेमेंट नहीं हुआ तो दूसरा मैसेज भेजते हैं। इसमें लिखा हो सकता है- “आपका बिल बकाया है, कृपया जल्द भुगतान करें।” फिर भी कोई संदिग्ध लिंक या QR कोड नहीं भेजते हैं। डिसकनेक्शन से पहले सूचना काफी समय तक बिल न भरने पर कंपनी पूर्व सूचना देती है। कई मामलों में फील्ड स्टाफ विजिट भी हो सकता है। “आज ही कनेक्शन काट दिया जाएगा” ऐसा मैसेज नहीं भेजते हैं। नीचे ग्राफिक में देखिए IGL क्या नहीं करता है- सवाल- PNG स्कैम या किसी भी स्कैम से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतें? जवाब- स्कैम से बचने के लिए सतर्कता और सही जानकारी जरूरी है। इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- PNG बिल पेमेंट करते समय किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- कुछ बातों का ध्यान रखें- पेमेंट हमेशा IGL की आधिकारिक वेबसाइट/एप से करें। मैसेज
Gujarat Local Body Elections: 9,992 Candidates Contest

अहमदाबाद4 घंटे पहले कॉपी लिंक मतदान सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगा। गुजरात में रविवार को स्थानीय और नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान होगा। मतदान सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगा। जरूरत पड़ने पर अगले दिन पुनर्मतदान कराया जाएगा और मतगणना 28 अप्रैल को होगी। 15 नगर निगमों जिनमें अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट शामिल हैं के साथ 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों में कुल 9,992 स्थानीय प्रतिनिधि मैदान में हैं। 4.18 करोड़ से अधिक मतदाता फैसला देंगे। गांधीनगर और जूनागढ़ में महानगरपालिका का कार्यकाल चल रहा होने के कारण वहां चुनाव नहीं होंगे। 11 नगरपालिकाओं की खाली सीटों पर उपचुनाव भी साथ ही होंगे। कांग्रेस ने अहमदाबाद नगर निगम चुनावों में शाहपुर वार्ड के लिए खिलौने बेचने वाली आशाबेन दंतानी को टिकट दिया है। पिछले चुनाव में बीजेपी ने 8,470 में से 6,236 सीटें जीती थीं साल 2021 के स्थानीय चुनाव में BJP ने शानदार जीत हासिल की थी। पार्टी नगरपालिकाओं की 8,470 सीट में से 6,236 सीट जीती थीं। BJP ने तब सभी छह नगर निगमों के अलावा 81 नगरपालिकाओं, 32 जिला पंचायतों और 231 तालुका पंचायतों पर अपना दबदबा बनाए रखा था। वहीं, अहमदाबाद में ओवैसी की पार्टी AIMIM के 7 पार्षद चुने गए थे। आम आदमी पार्टी (AAP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुजरात की राजनीति में एक मजबूत तीसरी ताकत के रूप में एंट्री की थी। सूरत नगर निगम में आप ने 120 में से 27 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया था। AAP इस बार 5,000 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। अन्य उम्मीदवारों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, एआईएमआईएम और निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं। नवसारी के बीजेपी कैंडिडेट्स ने जिले की सभी 52 सीटें जीतने का संकल्प लिया। चुनाव से पहले ही कांग्रेस ने 32 सीटें गंवाईं नवसारी जिले में पार्टी द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आधिकारिक मैंडेट जमा न कर पाने के चलते कांग्रेस को जिले में कुल 32 सीटों से हाथ धोना पड़ा है। कांग्रेस ने गणदेवी नगरपालिका के 6 वार्डों की 24 सीटों के लिए 18 उम्मीदवार उतारे थे। हालांकि, फॉर्म जमा करने के आखिरी दिन शहर कांग्रेस अध्यक्ष दोपहर 3:10 बजे मैंडेट लेकर पहुंचे। चुनाव अधिकारी ने मैंडेट स्वीकार करने से यह कहते हुए इनकार किया कि 3 बजे की समय सीमा बीत चुकी है। नतीजतन, कांग्रेस के सभी 18 नामांकन फॉर्म खारिज हो गए। नगरपालिका समेत ये सीटें भी गंवाईं गणदेवी तालुका पंचायत की 6 सीटें नवसारी जिला पंचायत की 3 सीटें नवसारी मनपा की 2 सीटें जलालपुर तालुका पंचायत की 2 सीटें चिखली तालुका पंचायत की 1 सीट SIR से क्या फर्क पड़ेगा? राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) की प्रक्रिया के बाद लगभग 68 लाख मतदाता घटे थे। उसके बाद यह पहला चुनाव हो रहा है। उम्मीदवारों की हार-जीत के अंतर में काफी कमी देखी जा सकती है। आरक्षण का क्या असर? जातीय समीकरण में इस बार के चुनाव का सबसे बड़ा कारक ओबीसी आरक्षित सीटों का नया रोटेशन है। 10 हजार में से 2286 सीटें ओबीसी के लिए आरक्षित हैं, जबकि 5 हजार सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। विधानसभा 2027 का सेमीफाइनल गुजरात विधानसभा 2027 के चुनाव में 20 महीने बाकी हैं। यह चुनाव उसका सेमीफाइनल माना जा रहा है। हर बार स्थानीय चुनावों में भाजपा का ग्राफ बढ़ता गया है और उसी तरह विधानसभा में सीटें भी बढ़ी हैं। त्रिकोणीय मुकाबला या सीधी टक्कर? पिछली स्थानीय चुनावों में आम आदमी पार्टी ने सूरत सहित कुछ क्षेत्रों में सीटें हासिल की थीं। कांग्रेस और आप को कितनी सीटें मिलेंगी, यह देखना दिलचस्प रहेगा। विपक्ष के वोटों के बंटवारे का फायदा भाजपा को हो सकता है। ————————– गुजरात निकाय चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… कांग्रेस ने 32 सीटें गंवाई:नवसारी में मैंडेट जमा करने में 10 मिनट की देरी, भाजपा ने जीत की तैयारी की गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले ही कांग्रेस के लिए नवसारी जिले से बुरी खबर सामने आई है। पार्टी द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आधिकारिक मैंडेट जमा न कर पाने के चलते कांग्रेस को जिले में कुल 32 सीटों से हाथ धोना पड़ा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Gujarat Local Body Elections: 9,992 Candidates Contest

अहमदाबाद31 मिनट पहले कॉपी लिंक मतदान सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगा। गुजरात में रविवार को स्थानीय और नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान होगा। मतदान सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगा। जरूरत पड़ने पर अगले दिन पुनर्मतदान कराया जाएगा और मतगणना 28 अप्रैल को होगी। 15 नगर निगमों जिनमें अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट शामिल हैं के साथ 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों में कुल 9,992 स्थानीय प्रतिनिधि मैदान में हैं। 4.18 करोड़ से अधिक मतदाता फैसला देंगे। गांधीनगर और जूनागढ़ में महानगरपालिका का कार्यकाल चल रहा होने के कारण वहां चुनाव नहीं होंगे। 11 नगरपालिकाओं की खाली सीटों पर उपचुनाव भी साथ ही होंगे। पिछले चुनाव में बीजेपी ने 8,470 में से 6,236 सीटें जीती थीं साल 2021 के स्थानीय चुनाव में BJP ने शानदार जीत हासिल की थी। पार्टी नगरपालिकाओं की 8,470 सीट में से 6,236 सीट जीती थीं। BJP ने तब सभी छह नगर निगमों के अलावा 81 नगरपालिकाओं, 32 जिला पंचायतों और 231 तालुका पंचायतों पर अपना दबदबा बनाए रखा था। वहीं, अहमदाबाद में ओवैसी की पार्टी AIMIM के 7 पार्षद चुने गए थे। आम आदमी पार्टी (AAP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुजरात की राजनीति में एक मजबूत तीसरी ताकत के रूप में एंट्री की थी। सूरत नगर निगम में आप ने 120 में से 27 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया था। AAP इस बार 5,000 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। अन्य उम्मीदवारों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, एआईएमआईएम और निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं। नवसारी के बीजेपी कैंडिडेट्स ने जिले की सभी 52 सीटें जीतने का संकल्प लिया। चुनाव से पहले ही कांग्रेस ने 32 सीटें गंवाईं नवसारी जिले में पार्टी द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आधिकारिक मैंडेट जमा न कर पाने के चलते कांग्रेस को जिले में कुल 32 सीटों से हाथ धोना पड़ा है। कांग्रेस ने गणदेवी नगरपालिका के 6 वार्डों की 24 सीटों के लिए 18 उम्मीदवार उतारे थे। हालांकि, फॉर्म जमा करने के आखिरी दिन शहर कांग्रेस अध्यक्ष दोपहर 3:10 बजे मैंडेट लेकर पहुंचे। चुनाव अधिकारी ने मैंडेट स्वीकार करने से यह कहते हुए इनकार किया कि 3 बजे की समय सीमा बीत चुकी है। नतीजतन, कांग्रेस के सभी 18 नामांकन फॉर्म खारिज हो गए। नगरपालिका समेत ये सीटें भी गंवाईं गणदेवी तालुका पंचायत की 6 सीटें नवसारी जिला पंचायत की 3 सीटें नवसारी मनपा की 2 सीटें जलालपुर तालुका पंचायत की 2 सीटें चिखली तालुका पंचायत की 1 सीट SIR से क्या फर्क पड़ेगा? राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) की प्रक्रिया के बाद लगभग 68 लाख मतदाता घटे थे। उसके बाद यह पहला चुनाव हो रहा है। उम्मीदवारों की हार-जीत के अंतर में काफी कमी देखी जा सकती है। आरक्षण का क्या असर? जातीय समीकरण में इस बार के चुनाव का सबसे बड़ा कारक ओबीसी आरक्षित सीटों का नया रोटेशन है। 10 हजार में से 2286 सीटें ओबीसी के लिए आरक्षित हैं, जबकि 5 हजार सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। विधानसभा 2027 का सेमीफाइनल गुजरात विधानसभा 2027 के चुनाव में 20 महीने बाकी हैं। यह चुनाव उसका सेमीफाइनल माना जा रहा है। हर बार स्थानीय चुनावों में भाजपा का ग्राफ बढ़ता गया है और उसी तरह विधानसभा में सीटें भी बढ़ी हैं। त्रिकोणीय मुकाबला या सीधी टक्कर? पिछली स्थानीय चुनावों में आम आदमी पार्टी ने सूरत सहित कुछ क्षेत्रों में सीटें हासिल की थीं। कांग्रेस और आप को कितनी सीटें मिलेंगी, यह देखना दिलचस्प रहेगा। विपक्ष के वोटों के बंटवारे का फायदा भाजपा को हो सकता है। ————————– गुजरात निकाय चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… कांग्रेस ने 32 सीटें गंवाई:नवसारी में मैंडेट जमा करने में 10 मिनट की देरी, भाजपा ने जीत की तैयारी की गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले ही कांग्रेस के लिए नवसारी जिले से बुरी खबर सामने आई है। पार्टी द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आधिकारिक मैंडेट जमा न कर पाने के चलते कांग्रेस को जिले में कुल 32 सीटों से हाथ धोना पड़ा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
अब H-1 B वीजा पर 3 साल रोक की तैयारी:डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के राज में भारतीयों के लिए ‘अमेरिकन ड्रीम’ दु:स्वप्न बनता जा रहा है। अब ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने एच-1 बी वीजा पर 3 साल तक रोक सहित कई अन्य कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया है। 7 रिपब्लिकन सांसदों की ओर से कांग्रेस (संसद) में पेश किए गए इस एच-1 बी दुरुपयोग रोकथाम बिल-2026 का उद्देश्य अमेरिकी लोगों के लिए नौकरी के ज्यादा मौके बनाना है। एरिजोना के रिपब्लिकन सांसद एली क्रेन ने बिल को संसद में रखा है। बिल पर हस्ताक्षर करने वाले अन्य सांसदों में ब्रैंडन गिल, पॉल गोसर और एंडी ओगल्स शामिल हैं। अमेरिकी हितों से जुड़े इस बिल पर डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ सांसदों का भी समर्थन मिलने के आसार हैं। सूत्रों के अनुसार, 100 सांसदों की सीनेट में 60 सांसदों का समर्थन मिलने के बाद साल के अंत तक वोटिंग संभव है। इस बिल से सबसे ज्यादा भारतीय प्रभावित होंगे। क्योंकि, अमेरिका में हर साल जारी होने वाले लगभग 85 हजार एच-1 बी वीजा में से लगभग 63 हजार वीजा भारतीय प्रोफेशनल्स को मिलते हैं। दूसरे नंबर पर चीन के प्रोफेशनल्स आते हैं। एच1 बी के विरोध में ‘मागा’, इंटरव्यू नहीं हो रहे, फीस भी 100 गुना बढ़ी ट्रम्प के कट्टरपंथी मागा समर्थक (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) एच-1 बी वीजा के विरोधी रहे हैं। उनका मानना है कि विदेशी खासकर भारत से आने वाले प्रोफेशनल्स अमेरिकियों की जॉब को हड़प रहे हैं। ट्रम्प अपने वोटर बेस के चलते इस वीजा को लगातार कठिन बना रहे हैं। वीजा स्टैम्पिंग के लिए भारत आना जरूरी होता है। पर यहां अमेरिकी दूतावासों में रिनुअल इंटरव्यू लगभग नहीं के बराबर ही हो रहे हैं। जनवरी के इंटरव्यू नवंबर-दिसंबर तक रीशेड्यूल हो चुके हैं। कई प्रोफेशनल्स जॉब गंवा चुके हैं। ट्रम्प पिछले साल एच-1 बी वीजा की फीस को लगभग 100 गुना बढ़ाकर 94 लाख रुपए कर चुके हैं। इसके चलते पहले से ही इस वीजा कैटेगरी में अमेरिका में एंट्री कठिन हो चुकी है। नए बिल में कोटा घटाकर 25 हजार, 1.86 करोड़ वेतन जरूरी नए बिल के अनुसार, तीन साल बाद एच-1 बी वीजा फिर शुरू करने पर वर्तमान के 85 हजार प्रोफेशनल्स के कोटा को घटाकर 25 हजार प्रोफेशनल्स प्रति वर्ष किया जाएगा। 1. एच-1 बी उन्हीं को, जिनको अमेरिकी नियोक्ता हर साल न्यूनतम 1 करोड़ 86 लाख रुपए का वेतन देंगे। वर्तमान में वीजा के लिए न्यूनतम वेतन निर्धारित नहीं। 2. वीजा में वर्तमान में लागू लॉटरी सिस्टम को खत्म किया जाएगा। कंपनियों का हायरिंग विकल्प खत्म होगा। 3. प्रोफेशनल्स पर पत्नी-बच्चों को साथ लाने पर प्रतिबंध। अभी ये पत्नी-बच्चों को ला सकते हैं। अमेरिका में पैदा होने वाले इनके बच्चों को स्वत: नागरिकता मिल जाती है। 4. मास्टर्स करने वाले एच1 बी प्रोफेशनल्स की ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) को समाप्त किया जाएगा। अभी मास्टर्स करने वाले एच-1 बी प्रोफेशनल्स को दो अतिरिक्त साल तक के लिए अमेरिका में ही रहकर ओपीटी प्रोग्राम के तहत जॉब करने की मंजूरी मिलती है। ग्रीन कार्ड पेंडेंसी बढ़ी… अमेरिका में भारतीयों के स्थायी प्रवास के लिए जारी होने वाले ग्रीन कार्ड की पेंडेंसी भी बढ़कर 15 साल तक की हो गई है। एच-1 बी अधिकतम 6 साल के लिए जारी होता है। इसके बाद अमेरिका में रहने के लिए ग्रीन कार्ड जरूरी होता है। टेक कंपनियां सबसे ज्यादा H-1B स्पॉन्सर करती हैं भारत हर साल लाखों इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस के ग्रेजुएट तैयार करता है, जो अमेरिका की टेक इंडस्ट्री में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इंफोसिस, TCS, विप्रो, कॉग्निजेंट और HCL जैसी कंपनियां सबसे ज्यादा अपने कर्मचारियों को H-1B वीजा स्पॉन्सर करती हैं। कहा जाता है कि भारत अमेरिका को सामान से ज्यादा लोग यानी इंजीनियर, कोडर और छात्र एक्सपोर्ट करता है। अब फीस महंगी होने से भारतीय टैलेंट यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मिडिल ईस्ट के देशों की ओर रुख करेगा। ——————– ये खबर भी पढ़ें… US प्रेसिडेंट ट्रम्प का गोल्ड कार्ड वीजा हुआ फ्लॉप:अब तक सिर्फ 1 व्यक्ति ने ही लिया, 1300 आवेदन बेचे जाने का किया था दावा अमेरिका में अब तक केवल एक व्यक्ति ने ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बहुचर्चित ‘गोल्ड कार्ड’ वीजा हासिल किया है। गोल्ड कार्ड वीजा में कोई विदेशी 10 लाख डॉलर (9 करोड़ रुपए से ज्यादा) देकर अमेरिका में रहने और काम करने का अधिकार पा सकता है। पूरी खबर पढ़ें…
अब H-1 B वीजा पर 3 साल रोक की तैयारी:डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के राज में भारतीयों के लिए ‘अमेरिकन ड्रीम’ दु:स्वप्न बनता जा रहा है। अब ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने एच-1 बी वीजा पर 3 साल तक रोक सहित कई अन्य कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया है। 7 रिपब्लिकन सांसदों की ओर से कांग्रेस (संसद) में पेश किए गए इस एच-1 बी दुरुपयोग रोकथाम बिल-2026 का उद्देश्य अमेरिकी लोगों के लिए नौकरी के ज्यादा मौके बनाना है। एरिजोना के रिपब्लिकन सांसद एली क्रेन ने बिल को संसद में रखा है। बिल पर हस्ताक्षर करने वाले अन्य सांसदों में ब्रैंडन गिल, पॉल गोसर और एंडी ओगल्स शामिल हैं। अमेरिकी हितों से जुड़े इस बिल पर डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ सांसदों का भी समर्थन मिलने के आसार हैं। सूत्रों के अनुसार, 100 सांसदों की सीनेट में 60 सांसदों का समर्थन मिलने के बाद साल के अंत तक वोटिंग संभव है। इस बिल से सबसे ज्यादा भारतीय प्रभावित होंगे। क्योंकि, अमेरिका में हर साल जारी होने वाले लगभग 85 हजार एच-1 बी वीजा में से लगभग 63 हजार वीजा भारतीय प्रोफेशनल्स को मिलते हैं। दूसरे नंबर पर चीन के प्रोफेशनल्स आते हैं। एच1 बी के विरोध में ‘मागा’, इंटरव्यू नहीं हो रहे, फीस भी 100 गुना बढ़ी ट्रम्प के कट्टरपंथी मागा समर्थक (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) एच-1 बी वीजा के विरोधी रहे हैं। उनका मानना है कि विदेशी खासकर भारत से आने वाले प्रोफेशनल्स अमेरिकियों की जॉब को हड़प रहे हैं। ट्रम्प अपने वोटर बेस के चलते इस वीजा को लगातार कठिन बना रहे हैं। वीजा स्टैम्पिंग के लिए भारत आना जरूरी होता है। पर यहां अमेरिकी दूतावासों में रिनुअल इंटरव्यू लगभग नहीं के बराबर ही हो रहे हैं। जनवरी के इंटरव्यू नवंबर-दिसंबर तक रीशेड्यूल हो चुके हैं। कई प्रोफेशनल्स जॉब गंवा चुके हैं। ट्रम्प पिछले साल एच-1 बी वीजा की फीस को लगभग 100 गुना बढ़ाकर 94 लाख रुपए कर चुके हैं। इसके चलते पहले से ही इस वीजा कैटेगरी में अमेरिका में एंट्री कठिन हो चुकी है। नए बिल में कोटा घटाकर 25 हजार, 1.86 करोड़ वेतन जरूरी नए बिल के अनुसार, तीन साल बाद एच-1 बी वीजा फिर शुरू करने पर वर्तमान के 85 हजार प्रोफेशनल्स के कोटा को घटाकर 25 हजार प्रोफेशनल्स प्रति वर्ष किया जाएगा। 1. एच-1 बी उन्हीं को, जिनको अमेरिकी नियोक्ता हर साल न्यूनतम 1 करोड़ 86 लाख रुपए का वेतन देंगे। वर्तमान में वीजा के लिए न्यूनतम वेतन निर्धारित नहीं। 2. वीजा में वर्तमान में लागू लॉटरी सिस्टम को खत्म किया जाएगा। कंपनियों का हायरिंग विकल्प खत्म होगा। 3. प्रोफेशनल्स पर पत्नी-बच्चों को साथ लाने पर प्रतिबंध। अभी ये पत्नी-बच्चों को ला सकते हैं। अमेरिका में पैदा होने वाले इनके बच्चों को स्वत: नागरिकता मिल जाती है। 4. मास्टर्स करने वाले एच1 बी प्रोफेशनल्स की ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) को समाप्त किया जाएगा। अभी मास्टर्स करने वाले एच-1 बी प्रोफेशनल्स को दो अतिरिक्त साल तक के लिए अमेरिका में ही रहकर ओपीटी प्रोग्राम के तहत जॉब करने की मंजूरी मिलती है। ग्रीन कार्ड पेंडेंसी बढ़ी… अमेरिका में भारतीयों के स्थायी प्रवास के लिए जारी होने वाले ग्रीन कार्ड की पेंडेंसी भी बढ़कर 15 साल तक की हो गई है। एच-1 बी अधिकतम 6 साल के लिए जारी होता है। इसके बाद अमेरिका में रहने के लिए ग्रीन कार्ड जरूरी होता है। टेक कंपनियां सबसे ज्यादा H-1B स्पॉन्सर करती हैं भारत हर साल लाखों इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस के ग्रेजुएट तैयार करता है, जो अमेरिका की टेक इंडस्ट्री में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इंफोसिस, TCS, विप्रो, कॉग्निजेंट और HCL जैसी कंपनियां सबसे ज्यादा अपने कर्मचारियों को H-1B वीजा स्पॉन्सर करती हैं। कहा जाता है कि भारत अमेरिका को सामान से ज्यादा लोग यानी इंजीनियर, कोडर और छात्र एक्सपोर्ट करता है। अब फीस महंगी होने से भारतीय टैलेंट यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मिडिल ईस्ट के देशों की ओर रुख करेगा। ——————– ये खबर भी पढ़ें… US प्रेसिडेंट ट्रम्प का गोल्ड कार्ड वीजा हुआ फ्लॉप:अब तक सिर्फ 1 व्यक्ति ने ही लिया, 1300 आवेदन बेचे जाने का किया था दावा अमेरिका में अब तक केवल एक व्यक्ति ने ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बहुचर्चित ‘गोल्ड कार्ड’ वीजा हासिल किया है। गोल्ड कार्ड वीजा में कोई विदेशी 10 लाख डॉलर (9 करोड़ रुपए से ज्यादा) देकर अमेरिका में रहने और काम करने का अधिकार पा सकता है। पूरी खबर पढ़ें…
Kavitha Launches New Party to Challenge BRS in 2028 Elections

Hindi News National Telangana: Kavitha Launches New Party To Challenge BRS In 2028 Elections हैदराबाद15 घंटे पहले कॉपी लिंक कविता पिता केसीआर और भाई के साथ। (फाइल फोटो) तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता ने पार्टी और परिवार से अलग होकर नई पार्टी बना ली है। इसका नाम टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र सेना) होगा। पिता के नेतृत्व वाली भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) का मूल नाम टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति) ही था। यानी कविता ने पिता के छोड़े गए नाम टीआरएस को ही अपनाया है। अपनी पार्टी के नाम और एजेंडे की घोषणा करते हुए कविता ने सत्ताधारी कांग्रेस, भाजपा और बीआरएस पर तीखा हमला बोला। पिता को ‘बदला हुआ इंसान’ और ‘आत्माहीन’ बताया। कविता ने कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी इसलिए बनाई क्योंकि उनके पिता लोगों के मुद्दों पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं। कविता ने कहा कि उनकी पार्टी 2028 में विधानसभा चुनाव लड़ेगी। पिता केसीआर ने ही पार्टी से निकाला था मालूम हो, दिल्ली आबकारी नीति मामले में नाम आने पर वे 165 दिन जेल में भी रहीं। सितंबर 2025 में उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। कविता को BRS से निकालने का फैसला उनके पिता के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने ही किया था। BRS ने बयान जारी कर कहा था कि कविता की गतिविधियां पार्टी के खिलाफ थीं। भाई KTR और कविता के बीच चल रही थी वर्चस्व की लड़ाई। के. कविता का आरोप- भाई मुझे पार्टी से निकालना चाहते हैं पार्टी के सुप्रीमो चंद्रशेखर राव 2023 के विधानसभा चुनाव और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में हारने के बाद एक्टिव पॉलिटिक्स से दूर होते गए। इसके बाद उनके बेटे केटी रामाराव यानी KTR और बेटी कविता में पार्टी का लीडर बनने की लड़ाई शुरू हो गई थी। वहीं, चंद्रशेखर राव ने बेटे KTR को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है, जबकि कविता भी खुद को असरदार नेता मानती हैं। भाई-बहन के बीच की तकरार खुलकर पिछले साल 29 मई को सामने आई थी। कविता ने भाई KTR पर आरोप लगाया था कि वे मुझे पार्टी से अलग करने और BRS को BJP में मिलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पिता KCR को पार्टी के बारे में लेटर भी लिखा था। कविता ने कहा था- ‘मैंने BRS चीफ के. चंद्रशेखर राव को चिट्ठी लिखकर बताया था कि पार्टी के अंदर साजिश हो रही है। उनके आसपास कुछ शैतान जैसे लोग हैं, जो पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मैं KCR की बेटी हूं। मेरी चिट्ठी लीक हो सकती है, तो बाकी लोगों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है। महिलाओं में पैठ ही गेम चेंजर कविता ने सियासत में कदम रखने के साथ 2008 में ‘तेलंगाना जागृति’ संगठन बनाया था। यह सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है। इसकी स्थापना तो राज्य के गठन की मांग को मजबूत करने के लिए की गई थी, लेकिन इसके जरिये कविता ने राज्यभर की महिलाओं तक गहरी पैठ बना ली। इस संगठन का कैडर राज्य के हर जिले और ब्लॉक में है। संगठन से एक लाख से अधिक तो प्रोफेशनल महिलाएं ही जुड़ी हैं। इसके जरिये कविता ने महिलाओं और सांस्कृतिक समूहों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। माना जा रहा है कि कविता अपनी पार्टी के लिए मजबूत जमीनी ढांचे का निर्माण इसी संगठन से करेंगी। संगठन की खास बात यह रही कि इसने आंदोलन को सियासी मुद्दा नहीं रहने दिया, बल्कि जन-आंदोलन में बदल दिया। लोक संस्कृति, खासकर बथुकम्मा जैसे त्योहारों को बड़े स्तर पर मनाकर लोगों को जोड़ा। सांस्कृतिक कार्यक्रम, रैलियां और जागरूकता अभियान चलाए, जिससे आम जनता की भागीदारी बढ़ी। ———— पॉलिटिक्स से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… भाजपा ने केजरीवाल के नए आवास की तस्वीरें जारी कीं:कहा- आलीशान जीवन जी रहे, उनके मन में शीशमहल; AAP ने कहा- फोटो फर्जी हैं बीजेपी ने शनिवार को दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के 95 लोधी एस्टेट के आवास की तस्वीरें जारी कीं। दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया कि उनके मन में अभी भी ‘शीशमहल’ रहता है। उन्होंने अपने सरकारी आवास को आलीशान बनाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








