कोहली IPL में 9 हजार रन बनाने वाले पहले बैटर:दिल्ली ने लोएस्ट पावरप्ले स्कोर बनाया; बेंगलुरु ने 81 बॉल रहते मैच जीता; मोमेंट्स-रिकॉर्डस

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 के 39वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स को 9 विकेट से हरा दिया। सोमवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दिल्ली की बल्लेबाजी फ्लॉप रही। टीम ने पावरप्ले का सबसे कम स्कोर बनाया। दिल्ली की पारी 75 रन पर ढेर हो गई। जवाब ने बेंगलुरु ने 81 गेंद रहते टारगेट हासिल कर लिया। 23 रन बनाकर नाबाद रहने वाले विराट कोहली IPL इतिहास में 9 हजार रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए। पढ़िए बेंगलुरु-दिल्ली मैच के टॉप रिकॉर्ड्स… 1. 6 ओवर में सिर्फ 13 रन बना सकी दिल्ली दिल्ली ने पावरप्ले में 6 विकेट खोकर मात्र 13 रन बनाए। यह IPL इतिहास में पावरप्ले का सबसे कम स्कोर है। दूसरे नंबर पर राजस्थान रॉयल्स हैं, जिसने 2009 में RCB के खिलाफ 2 विकेट खोकर 14 रन बनाए थे। 2. दिल्ली ने सिर्फ 7 रन पर 5 विकेट गंवा दिए इस मैच में दिल्ली ने सिर्फ 7 रन बनाने में 5 विकेट गंवा दिए थे। इसके बावजूद यह IPL में सबसे कम रन में 5 विकेट गंवाने का रिकॉर्ड नहीं है। कोच्चि टस्तकर्स केरल की टीम 2011 में डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ सिर्फ 6 रन पर 5 विकेट गंवा बैठी थी। अब कोच्चि टस्कर्स और डेक्कन चार्जर्स दोनों टीमों लीग से बाहर हो चुकी हैं। 3. भुवनेश्वर ने 29वीं बार पहले ओवर में विकेट लिया भुवनेश्वर कुमार ने DC के खिलाफ पहले ओवर में ही डेब्यूटेंट साहिल पारख को क्लीन बोल्ड कर दिया। ये 29वीं बार है, जब उन्होंने IPL में पहले ओवर में ही विकेट लिया हो। वे इस मामले में दूसरे नंबर पर हैं। टॉप पर ट्रेट बोल्ट हैं, जिन्होंने 32 बार यह कारनामा किया है। 4. भुवनेश्वर ने IPL 2023 के बाद पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लिए दिल्ली के खिलाफ भुवनेश्वर ने पावरप्ले में 3 विकेट लिए। उन्होंने IPL 2023 के बाद पावरप्ले में अब तक 32 विकेट लिए हैं। वे इस मामले में ट्रेट बोल्ट के साथ नंबर एक पर हैं। बोल्ट ने भी 32 विकेट लिए हैं। मोहम्मद सिराज और मोहम्मद शमी ने पावरप्ले में 28-28 विकेट लिए हैं। 5. भुवनेश्वर ने IPL में 25 बार 3+ विकेट लिए भुवनेश्वर ने दिल्ली के खिलाफ 3 ओवर में 5 रन देकर 3 विकेट लिए। IPL में उन्होंने 20वीं बार 3 या उससे ज्यादा विकेट लिए। इस लिस्ट में जसप्रीत बुमराह नंबर एक पर हैं, जिन्होंने 25 बार यह स्पेल डाला है। लसिथ मलिंगा ने 19 बार 3+ विकेट लिए हैं और तीसरे नंबर पर हैं। 6. दिल्ली तीसरी बार IPL में 75 या इससे कम रन पर ऑलआउट दिल्ली कैपिटल्स 16.3 ओवर में 75 रन पर ऑलआउट हो गई। यह IPL में तीसरी बार है, जब दिल्ली की टीम 75 या उससे कम स्कोर पर ऑलआउट हुई। RCB इस मामले में नंबर-1 पर हैं, जो 4 बार 75 या इससे नीचे ऑल आउट हुई है। 7. कोहली के 9 हजार रन पूरे विराट कोहली 9 हजार रन पूरे करने वाले पहले IPL बैटर बने। उनके नाम 9012 रन हो गए हैं। दूसरे स्थान पर रोहित शर्मा हैं, जिनके नाम 7183 रन हैं। 8. बेंगलुरु ने 81 बॉल रहते मैच जीता बेंगलुरु ने दिल्ली के खिलाफ 76 रन का लक्ष्य 81 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया। यह IPL में गेंद बाकी रहने के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा रनचेज रहा। इस लिस्ट में पहले स्थान पर मुंबई इंडियंस है, जिसने 87 गेंद रहते चेज किया था, जबकि बेंगलुरु दूसरे स्थान पर है। 9. कोहली के दिल्ली के खिलाफ 1172 रन विराट कोहली ने दिल्ली के खिलाफ अपने रन 1172 तक पहुंचा दिए। हालांकि इस लिस्ट में पहला स्थान भी उनके ही नाम है, जहां उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 1174 रन बनाए हैं, जबकि दिल्ली के खिलाफ उनका यह रिकॉर्ड दूसरा सबसे ज्यादा है। 10. बेंगलुरु ने दिल्ली को 21वीं बार हराया बेंगलुरु ने दिल्ली को 21वीं बार हरा दिया। एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा जीत का रिकॉर्ड मुंबई इंडियंस के नाम हैं, जिसने कोलकाता के खिलाफ 25 जीत दर्ज की हैं, जबकि 21 जीत के साथ कई टीमें दूसरे स्थान पर हैं। यहां से टॉप-6 मोमेंट्स… 1. साहिल परख डेब्यू मैच में शून्य पर आउट साहिल परख का डेब्यू मैच किसी बुरे सपने की तरह रहा। पारी के पहले ओवर में ही भुवनेश्वर कुमार ने उन्हें शून्य पर क्लीन बोल्ड कर दिया। ओवर की दूसरी गेंद भुवनेश्वर ने सटीक इनस्विंग यॉर्कर डाली, जिसे पारिख बिल्कुल समझ नहीं पाए और गेंद विकेटों में समा गई। 2. दो बार ओवर में 2 विकेट गिरे दिल्ली की पारी के दौरान ऐसा दो बार हुआ, जब एक ही ओवर में दो विकेट गिर गए। हेजलवुड ने दूसरे ओवर में पहली दो गेंद पर 2 विकेट लिए। पहली गेंद हेजलवुड ने शॉर्ट डाली, जिसे राहुल पुल करने गए। गेंद बल्ले का एज लेकर ऊपर खड़ी हो गई और विकेटकीपर जितेश शर्मा ने आसान कैच पकड़ा। अगली गेंद पर ही समीर रिजवी शून्य पर कट बिहाइंड हो गए। तीसरे ओवर में भुवनेश्वर ने भी ट्रिस्टन स्टब्स और अक्षर पटेल को पवेलियन भेजा। 3. धूलभरी आंधी से खेल रुका पहली पारी में 10वें ओवर की शुरुआत से पहले कुछ देर तक खेल रुका रहा। दिल्ली में खेले गए मुकाबले में अचानक धूल भरी आंधी से खेल रुक गया। खिलाड़ी धूल से बचने के लिए पीछे मुड़कर खड़े हो गए। कुछ देर बाद धूल कम हुई, तब जाकर फिर खेल शुरु हुआ। 4. रसिख सलाम का अनोखा सेलिब्रेशन डेविड मिलर को आउट करने के बाद RCB के गेंदबाज रसिख सलाम ने अनोखे अंदाज में जश्न मनाया। 9वें ओवर की आखिरी गेंद पर रसिख ने शॉर्ट पिच गेंद डाली। मिलर ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके बैट के टो-एंड से लगकर हवा में चली गई और विकेटकीपर जितेश शर्मा ने आसानी से कैच पकड़ लिया। इसके बाद रसिख ने दोनों कानों को बंद कर साइलेंस लुक दिया। 5. बेथेल का 104 मीटर लंबा छक्का तीसरे ओवर में जैकब बेथेल ने काइल जेमिसन की गेंद पर लंबा छक्का जड़ा। ओवर की दूसरी गेंद जेमिसन ने शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद डाली, जिसपर बेथेल ने जोरदार पुल शॉट खेला।
ओडिशा में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स:कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ

ओडिशा के क्योंझर में सोमवार को हैरान करने वाला मामला सामने आया। आदिवासी शख्स जीतू मुंडा अपनी मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया। कंकाल देख बैंक में अफरा-तफरी मच गई। दरअसल, जीतू अपनी बहन कलारा मुंडा के खाते से 20 हजार रुपए निकालना चाहता था, इसके लिए वह कई बार बैंक भी गया। लेकिन कर्मचारियों ने खाता धारक को लाने को कहा। जीतू बैंक में पहले ही कलारा की मौत की जानकारी दे चुका था। फिर भी उसे कोई मदद नहीं मिली, इससे परेशान होकर उसने कब्र से कंकाल निकालकर बैंक में पेश किया। बहन का कंकाल कंधे पर लेकर जीतू करीब 3 किमी पैदल चला। फिर मल्लिपसी में बने ओडिशा ग्रामीण बैंक ब्रांच के बरामदे में कंकाल को रख दिया। इसे देख वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। पुलिस के अनुसार, जीतू अनपढ़ है और कानूनी प्रक्रिया से अनजान था। प्रशासन ने उसे नियम समझाए और जल्द पैसे दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद शव को दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया। बैंक के बरामदे में रखे कंकाल की तस्वीर… कंकाल देखकर बैंक कर्मचारियों ने पुलिस बुलाई पटना पुलिस के अनुसार, जीतू पढ़ा-लिखा नहीं है। आदिवासी जनजाति का है और कानूनी प्रक्रिया से पूरी तरह अनजान है। स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक (आईआईसी) किरण प्रसाद साहू ने कहा, “जीतू को नहीं पता कि कानूनी वारिस या नॉमिनी क्या होता है। बैंक अधिकारी भी उसे मृतक के खाते से पैसे निकालने की प्रक्रिया नहीं समझा पाए। पुलिस ने जीतू मुंडा को आश्वासन दिया कि वे उसकी मृत बहन के बैंक खाते से पैसे निकलवाने में मदद करेंगे। बाद में, पुलिस की मौजूदगी में शव को दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया। आखिर क्यों चाहिए थे जीतू को बहन के खाते में जमा रुपए डियानाली गांव का रहने वाला जीतू मुंडा जिस महिला का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा, वह उसकी बड़ी बहन कालरा मुंडा थी। कालरा की मौत 26 जनवरी 2026 को हो गई थी। कालरा मुंडा के बैंक खाते में नॉमिनेट पति और बेटे की भी मौत हो चुकी है। इसलिए, उनके नाम पर जमा पैसे का जीतू मुंडा ही एकमात्र दावेदार है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उनके लिए यह राशि बेहद अहम थी और जीवनयापन का सहारा मानी जा रही थी।
ओडिशा में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स:कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ

ओडिशा के क्योंझर में सोमवार को हैरान करने वाला मामला सामने आया। आदिवासी शख्स जीतू मुंडा अपनी मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया। कंकाल देख बैंक में अफरा-तफरी मच गई। दरअसल, जीतू अपनी बहन कलारा मुंडा के खाते से 20 हजार रुपए निकालना चाहता था, इसके लिए वह कई बार बैंक भी गया। लेकिन कर्मचारियों ने खाता धारक को लाने को कहा। जीतू बैंक में पहले ही कलारा की मौत की जानकारी दे चुका था। फिर भी उसे कोई मदद नहीं मिली, इससे परेशान होकर उसने कब्र से कंकाल निकालकर बैंक में पेश किया। बहन का कंकाल कंधे पर लेकर जीतू करीब 3 किमी पैदल चला। फिर मल्लिपसी में बने ओडिशा ग्रामीण बैंक ब्रांच के बरामदे में कंकाल को रख दिया। इसे देख वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। पुलिस के अनुसार, जीतू अनपढ़ है और कानूनी प्रक्रिया से अनजान था। प्रशासन ने उसे नियम समझाए और जल्द पैसे दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद शव को दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया। बैंक के बरामदे में रखे कंकाल की तस्वीर… कंकाल देखकर बैंक कर्मचारियों ने पुलिस बुलाई पटना पुलिस के अनुसार, जीतू पढ़ा-लिखा नहीं है। आदिवासी जनजाति का है और कानूनी प्रक्रिया से पूरी तरह अनजान है। स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक (आईआईसी) किरण प्रसाद साहू ने कहा, “जीतू को नहीं पता कि कानूनी वारिस या नॉमिनी क्या होता है। बैंक अधिकारी भी उसे मृतक के खाते से पैसे निकालने की प्रक्रिया नहीं समझा पाए। पुलिस ने जीतू मुंडा को आश्वासन दिया कि वे उसकी मृत बहन के बैंक खाते से पैसे निकलवाने में मदद करेंगे। बाद में, पुलिस की मौजूदगी में शव को दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया। आखिर क्यों चाहिए थे जीतू को बहन के खाते में जमा रुपए डियानाली गांव का रहने वाला जीतू मुंडा जिस महिला का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा, वह उसकी बड़ी बहन कालरा मुंडा थी। कालरा की मौत 26 जनवरी 2026 को हो गई थी। कालरा मुंडा के बैंक खाते में नॉमिनेट पति और बेटे की भी मौत हो चुकी है। इसलिए, उनके नाम पर जमा पैसे का जीतू मुंडा ही एकमात्र दावेदार है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उनके लिए यह राशि बेहद अहम थी और जीवनयापन का सहारा मानी जा रही थी।
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Hindi News National Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar 8 मिनट पहले कॉपी लिंक नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि आर्टिकल 370 की बहाली पार्टी का मेन एजेंडा बनी रहेगी। इस संघर्ष से पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है। पार्टी हर हाल में जम्मू और कश्मीर के लोगों के अधिकारों के लिए लड़ती रहेगी। अब्दुल्ला सोमवार को मध्य कश्मीर के बडगाम में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू और कश्मीर में डुअल गवर्नमेंट सिस्टम केंद्र शासित प्रदेश के विकास के लिए नुकसानदायक नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल करना जरूरी है ताकि एक चुनी हुई सरकार बिना किसी बेवजह की रुकावट के असरदार ढंग से काम कर सके और अहम फैसले ले सके। आज की बाकी बड़ी खबरें… लद्दाख में 5 नए जिलों को मंजूरी, अब 7 जिले हुए लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 27 अप्रैल को 5 नए जिलों (नुब्रा, शम, चांगथांग, जांस्कर और द्रास) के गठन को मंजूरी दी। इसके साथ ही केंद्रशासित प्रदेश में जिलों की संख्या 7 हो गई है। यह मांग लंबे समय से उठ रही थी। यह फैसला गृह मंत्रालय की पूर्व स्वीकृति के बाद लागू किया गया। नए जिले बनने से सरकारी सेवाएं लोगों तक जल्दी पहुंचेंगी और प्रशासनिक कामकाज आसान होगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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Hindi News National Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar 3 घंटे पहले कॉपी लिंक नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि आर्टिकल 370 की बहाली पार्टी का मेन एजेंडा बनी रहेगी। इस संघर्ष से पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है। पार्टी हर हाल में जम्मू और कश्मीर के लोगों के अधिकारों के लिए लड़ती रहेगी। अब्दुल्ला सोमवार को मध्य कश्मीर के बडगाम में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू और कश्मीर में डुअल गवर्नमेंट सिस्टम केंद्र शासित प्रदेश के विकास के लिए नुकसानदायक नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल करना जरूरी है ताकि एक चुनी हुई सरकार बिना किसी बेवजह की रुकावट के असरदार ढंग से काम कर सके और अहम फैसले ले सके। आज की बाकी बड़ी खबरें… कोडागु में हमले की घटना के बाद कर्नाटक पर्यटन विभाग ने होमस्टे के नियम सख्त किए कर्नाटक पर्यटन विभाग ने अन्य विभागों के सहयोग से, पूरे राज्य में होमस्टे के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल का फिर से मूल्यांकन किया है और कई उपाय सुझाए हैं। सरकार ने होमस्टे और ‘बेड एंड ब्रेकफ़ास्ट’ (नाश्ते के साथ रहने की सुविधा) देने वाली जगहों के लिए, अपने रिसेप्शन या मुख्य प्रवेश द्वार पर पंजीकरण प्रमाण पत्र और लाइसेंस प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है। यह कदम हाल ही में कोडागु जिले के एक होमस्टे में एक अमेरिकी नागरिक के साथ हुए यौन हमले की घटना के बाद उठाया गया है। झारखंड के रहने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। लद्दाख में 5 नए जिलों को मंजूरी, अब 7 जिले हुए लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 27 अप्रैल को 5 नए जिलों (नुब्रा, शम, चांगथांग, जांस्कर और द्रास) के गठन को मंजूरी दी। इसके साथ ही केंद्रशासित प्रदेश में जिलों की संख्या 7 हो गई है। यह मांग लंबे समय से उठ रही थी। यह फैसला गृह मंत्रालय की पूर्व स्वीकृति के बाद लागू किया गया। नए जिले बनने से सरकारी सेवाएं लोगों तक जल्दी पहुंचेंगी और प्रशासनिक कामकाज आसान होगा। महाराष्ट्र की अदालत ने BJP मंत्री नितेश राणे को पहले एक महीने की जेल की सजा सुनाई, बाद में निलंबित की सिंधुदुर्ग की एक अदालत ने सोमवार को महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे को 2019 के एक मामले में दोषी ठहराया। यह मामला तब का है जब राणे विपक्ष में थे और उन्होंने NHAI के एक इंजीनियर पर कीचड़ फेंक दिया था। अदालत ने उन्हें एक महीने की जेल की सजा सुनाई और कहा कि कानून बनाने वालों को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। बाद में, अदालत ने राणे की सजा को निलंबित कर दिया, जिससे उन्हें ऊपरी अदालत में अपील करने का समय मिल गया; वहीं, इस मामले में आरोपी 29 अन्य लोगों को बरी कर दिया गया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
ट्रेन से टुकड़ों में कटा किसान…मौत से पहले का VIDEO:बोला- पूर्व विधायक भार्गव हत्या कराना चाहते थे, शिवराज मामा को गोली मारने रिवॉल्वर दी

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में सोमवार शाम 4 बजे किसान ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। रेलवे ट्रैक पर किसान का सिर और धड़ अलग-अलग हालत में मिले। मृतक की पहचान बेहलोट गांव निवासी गोविंद गुर्जर के रूप में हुई है। किसान ने मरने से पहले वीडियो बनाया था, जिसे अलग-अलग लोगों को भेजा। वीडियो में वह कह रहा है कि पूर्व विधायक शशांक भार्गव उससे हत्या कराना चाह रहे हैं। भार्गव कहते हैं कि शिवराज मामा और मुकेश टंडन की हत्या करेगा, तभी पैसे मिलेंगे। वह उनकी प्रताड़ना से तंग आ गया था। जानकारी के मुताबिक, किसान ने पांच वीडियो बनाए थे। अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुपों में भेजे। कुछ वीडियो ग्राम पंचायत बेहलोट के सरपंच पुत्र लकी गुर्जर को भी भेजे गए। वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है, जिसमें उसने अपनी आपबीती बयान की है। फसल बोने के लिए कर्ज लिया था गोविंद सिंह गुर्जर ने वीडियो में बताया कि वे पिछले तीन साल (2023, 2024 और 2025) से पूर्व विधायक शशांक भार्गव की जमीन पर बटाईदारी के आधार पर खेती कर रहे थे। उन्होंने धान और गेहूं की फसल बोने के लिए कर्ज लिया था। समझौते के अनुसार, फसल की आमदनी दोनों के बीच बराबर बांटी जानी थी। भार्गव ने धान की फसल से हुई पूरी आमदनी रोक ली गोविंद के मुताबिक, फैक्ट्री में आग लगने के बाद भार्गव ने धान की फसल की पूरी आमदनी रोक ली। इसके बाद गेहूं की फसल के पैसे भी अपने पास रख लिए। जब वे पैसे मांगने गए, तो उन्हें स्टांप पेपर लाने के लिए कहा गया। गोविंद का दावा है कि वे पढ़े-लिखे नहीं हैं, इसलिए उनसे ऐसे दस्तावेज पर दस्तखत करवा लिए गए, जिसे किसी और ने लिखा था। उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगले दिन भुगतान कर दिया जाएगा। तीन साल से कर्ज लेकर कर रहा था खेती गोविंद गुर्जर ने वीडियो में बताया कि वह पिछले तीन साल से शशांक भार्गव की जमीन बटाई पर लेकर कर्ज के सहारे खेती कर रहा था। उसने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में आग लगने के बाद दो साल तक फसल की रकम रोक ली गई। जब वह पैसा लेने पहुंचा, तो उससे स्टांप पेपर पर लिखापढ़ी कर हस्ताक्षर कराए गए। अगले दिन भुगतान का आश्वासन दिया गया। हत्या के लिए दबाव और धमकाने के आरोप गोविंद के अनुसार, जब वह दोबारा पैसे लेने पहुंचा, तो आरोप है कि शशांक भार्गव ने उसे रिवॉल्वर थमा दिया। कहा कि शिवराज सिंह चौहान और विधायक मुकेश टंडन को मार दे। मना करने पर अपने गुंडों के जरिए दबाव बनाया और मारपीट भी करवाई। उसने पांच-छह लोगों पर हमले के आरोप भी लगाए। बेटे ने लगाए गंभीर आरोप मृतक के बेटे दीपक गुर्जर ने बताया कि उनके पिता पूर्व विधायक शशांक भार्गव के यहां जमीन संभालते थे, लेकिन उन्हें काम का पैसा नहीं दिया गया। पैसे मांगने पर उन्हें धमकाया गया। बेटे का दावा है कि भार्गव ने कहा था कि पैसे तभी मिलेंगे, जब वह केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विधायक मुकेश टंडन को गोली मार देगा। साथ ही धोखे से हस्ताक्षर कराकर जमीन भी हड़प ली गई। बेटे ने पिता की मौत के लिए सीधे तौर पर शशांक भार्गव को जिम्मेदार ठहराया है। समाज और नेताओं से लगाई मदद की गुहार अन्य वीडियो में गोविंद गुर्जर ने गुर्जर समाज से सहयोग न मिलने पर नाराजगी जताई। कहा कि अगर न्याय नहीं मिला तो वह चूड़ी पहन लेगा। साथ ही उसने राजस्थान के कांग्रेस नेता सचिन पायलट और उत्तर प्रदेश के सपा नेता अखिलेश यादव से मदद की गुहार लगाई। पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामला संवेदनशील होने के कारण हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पूर्व विधायक ने आरोपों को बताया साजिश वहीं, पूर्व विधायक शशांक भार्गव ने आरोपों को नकारते हुए इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे, ताकि सच्चाई सामने आ सके। पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा है। थाना प्रभारी आशुतोष सिंह के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
ट्रेन से टुकड़ों में कटा किसान…मौत से पहले का VIDEO:बोला- पूर्व विधायक मुझसे हत्या कराना चाहते थे; शिवराज मामा को गोली मारने रिवॉल्वर दी

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में सोमवार शाम 4 बजे किसान ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। रेलवे ट्रैक पर किसान का सिर और धड़ अलग-अलग हालत में मिले। मृतक की पहचान बेहलोट गांव निवासी गोविंद गुर्जर के रूप में हुई है। किसान ने मरने से पहले वीडियो बनाया था, जिसे अलग-अलग लोगों को भेजा। वीडियो में वह कह रहा है कि पूर्व विधायक शशांक भार्गव उससे हत्या कराना चाह रहे हैं। भार्गव कहते हैं कि शिवराज मामा और मुकेश टंडन की हत्या करेगा, तभी पैसे मिलेंगे। वह उनकी प्रताड़ना से तंग आ गया था। जानकारी के मुताबिक, किसान ने पांच वीडियो बनाए थे। अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुपों में भेजे। कुछ वीडियो ग्राम पंचायत बेहलोट के सरपंच पुत्र लकी गुर्जर को भी भेजे गए। वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है, जिसमें उसने अपनी आपबीती बयान की है। फसल बोने के लिए कर्ज लिया था गोविंद सिंह गुर्जर ने वीडियो में बताया कि वे पिछले तीन साल (2023, 2024 और 2025) से पूर्व विधायक शशांक भार्गव की जमीन पर बटाईदारी के आधार पर खेती कर रहे थे। उन्होंने धान और गेहूं की फसल बोने के लिए कर्ज लिया था। समझौते के अनुसार, फसल की आमदनी दोनों के बीच बराबर बांटी जानी थी। भार्गव ने धान की फसल से हुई पूरी आमदनी रोक ली गोविंद के मुताबिक, फैक्ट्री में आग लगने के बाद भार्गव ने धान की फसल की पूरी आमदनी रोक ली। इसके बाद गेहूं की फसल के पैसे भी अपने पास रख लिए। जब वे पैसे मांगने गए, तो उन्हें स्टांप पेपर लाने के लिए कहा गया। गोविंद का दावा है कि वे पढ़े-लिखे नहीं हैं, इसलिए उनसे ऐसे दस्तावेज पर दस्तखत करवा लिए गए, जिसे किसी और ने लिखा था। उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगले दिन भुगतान कर दिया जाएगा। तीन साल से कर्ज लेकर कर रहा था खेती गोविंद गुर्जर ने वीडियो में बताया कि वह पिछले तीन साल से शशांक भार्गव की जमीन बटाई पर लेकर कर्ज के सहारे खेती कर रहा था। उसने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में आग लगने के बाद दो साल तक फसल की रकम रोक ली गई। जब वह पैसा लेने पहुंचा, तो उससे स्टांप पेपर पर लिखापढ़ी कर हस्ताक्षर कराए गए। अगले दिन भुगतान का आश्वासन दिया गया। हत्या के लिए दबाव और धमकाने के आरोप गोविंद के अनुसार, जब वह दोबारा पैसे लेने पहुंचा, तो आरोप है कि शशांक भार्गव ने उसे रिवॉल्वर थमा दिया। कहा कि शिवराज सिंह चौहान और विधायक मुकेश टंडन को मार दे। मना करने पर अपने गुंडों के जरिए दबाव बनाया और मारपीट भी करवाई। उसने पांच-छह लोगों पर हमले के आरोप भी लगाए। बेटे ने लगाए गंभीर आरोप मृतक के बेटे दीपक गुर्जर ने बताया कि उनके पिता पूर्व विधायक शशांक भार्गव के यहां जमीन संभालते थे, लेकिन उन्हें काम का पैसा नहीं दिया गया। पैसे मांगने पर उन्हें धमकाया गया। बेटे का दावा है कि भार्गव ने कहा था कि पैसे तभी मिलेंगे, जब वह केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विधायक मुकेश टंडन को गोली मार देगा। साथ ही धोखे से हस्ताक्षर कराकर जमीन भी हड़प ली गई। बेटे ने पिता की मौत के लिए सीधे तौर पर शशांक भार्गव को जिम्मेदार ठहराया है। समाज और नेताओं से लगाई मदद की गुहार अन्य वीडियो में गोविंद गुर्जर ने गुर्जर समाज से सहयोग न मिलने पर नाराजगी जताई। कहा कि अगर न्याय नहीं मिला तो वह चूड़ी पहन लेगा। साथ ही उसने राजस्थान के कांग्रेस नेता सचिन पायलट और उत्तर प्रदेश के सपा नेता अखिलेश यादव से मदद की गुहार लगाई। पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामला संवेदनशील होने के कारण हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पूर्व विधायक ने आरोपों को बताया साजिश वहीं, पूर्व विधायक शशांक भार्गव ने आरोपों को नकारते हुए इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे, ताकि सच्चाई सामने आ सके। पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा है। थाना प्रभारी आशुतोष सिंह के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
IAS Officer Accused by Woman Employee via Affidavit in Jabalpur

जबलपुर स्मार्ट सिटी के सीईओ अरविंद शाह (IAS) और कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह के बीच चल रहा विवाद वैसे तो मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद कहने को शांत हो गया है। लेकिन अब अधिकारी और कर्मचारी के बीच की जंग खुलकर सामने आ गई है। . पहले आईएएस अफसर और जबलपुर स्मार्ट सिटी के सीईओ ने मंत्री राकेश सिंह द्वारा अपमानित किए जाने की शिकायत आईएएस एसोसिएशन से की थी, वहीं अब स्मार्ट सिटी की ही एक महिला प्रशासनिक कार्यकारी, दिलप्रीत भल्ला ने शपथ पत्र प्रस्तुत कर आईएएस अरविंद शाह पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आईएएस अरविंद शाह ने उन्हें अपमानित किया और कहा कि तू दो कौड़ी की कर्मचारी है। मैं किसी मंत्री की नहीं सुनता हूं। ऐसे हुई विवाद की शुरुआत शिकायतकर्ता दिलप्रीत भल्ला के अनुसार, स्मार्ट सिटी जबलपुर में सभी कर्मचारियों का वेतन महीने के पहले सप्ताह में आ जाता है। हालांकि, उनका मार्च 2026 का वेतन 10 अप्रैल 2026 तक बैंक खाते में जमा नहीं हुआ। जब उन्होंने इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारी रवि राव से पूछताछ की, तो उन्हें मौखिक रूप से बताया कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अरविंद शाह के आदेश पर उनका वेतन रोका है। इसके बाद जब उन्होंने स्वयं CEO से वेतन भुगतान का निवेदन किया, तो शाह ने कथित तौर पर यह कहते हुए उन्हें अपमानित किया कि उन्होंने उन्हें कभी कार्यालय में काम करते नहीं देखा और उन्हें अभद्रतापूर्वक चैंबर से बाहर जाने का आदेश दिया। जबलपुर स्मार्ट सिटी सीईओ अरविंद शाह। 22 अप्रैल की घटना, चैंबर में अपमान और मंत्री को चुनौती दी शपथ पत्र में 22 अप्रैल 2026 की घटना का सबसे गंभीर पहलू ये बताया गया है कि मंत्री राकेश सिंह के हस्तक्षेप के बाद जब CEO ने कर्मचारी को अपने चैंबर में बुलाया, तो वहां का माहौल और भी विवादित हो गया। आरोप है कि CEO ने महिला कर्मचारी से कहा कि ‘तू दो कौड़ी की कर्मचारी है और मैं एक IAS अधिकारी हूं।; उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे किसी मंत्री की बात नहीं सुनते और न ही किसी के दबाव में काम करते हैं।’ कर्मचारी का दावा है कि जब वह रोते हुए चैंबर से बाहर निकल रही थी, तब शाह ने मंत्री जी के लिए भी अपशब्दों (गाली) का प्रयोग किया और कहा कि मैं ‘मंत्री को भी देख लूंगा।’ लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह। मंत्री के आवास पर बैठक और बिना माफी के खत्म हुआ संवाद घटना के बाद जब सिख समाज के वरिष्ठों ने मंत्री राकेश सिंह को अवगत कराया, तो उन्होंने अपने सरकारी आवास पर एक बैठक बुलाई। इस बैठक में जबलपुर कलेक्टर (चेयरमैन, स्मार्ट सिटी) राघवेंद्र सिंह और नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार भी उपस्थित थे। मंत्री ने CEO अरविंद शाह को समझाइश दी कि एक IAS अधिकारी के नाते उन्हें महिला सहकर्मी के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार और गाली-गलौज नहीं करनी चाहिए थी। इस पर CEO ने स्वीकार किया कि उनकी भाषा गलत रही होगी, लेकिन उनका भाव गलत नहीं था। हालांकि, शपथ पत्र के अनुसार शाह ने न तो अपनी गलती के लिए माफी मांगी और न ही अपने व्यवहार पर कोई खेद प्रकट किया, जिससे पीड़ित कर्मचारी बेहद आहत और डरी हुई हैं। महिला कर्मचारी ने की कार्रवाई की मांग यह पूरा मामला 26 अप्रैल 2026 को नोटरी के समक्ष प्रस्तुत किए गए एक कानूनी शपथ पत्र के माध्यम से सामने आया है। 37 वर्षीय दिलप्रीत भल्ला ने शपथपूर्वक पुष्टि की है कि उनके द्वारा अरविंद शाह के विरुद्ध की गई यह शिकायत पूरी तरह सही है और यह किसी भी बाहरी प्रलोभन या दबाव में नहीं की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष और उचित कार्यवाही की जाए ताकि भविष्य में किसी भी कनिष्ठ महिला कर्मचारी या अन्य स्टाफ के साथ इस प्रकार का दुर्व्यवहार दोबारा न हो । इस शिकायत की आधिकारिक कॉपी जबलपुर कलेक्टर को भी भेजी गई है। यह खबर भी पढ़ें… PWD मंत्री राकेश सिंह पर IAS को धमकाने के आरोप मध्यप्रदेश में मंत्री और आईएएस अधिकारी के बीच विवाद ने प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री राकेश सिंह पर जबलपुर स्मार्ट सिटी के CEO और आईएएस अधिकारी अरविंद शाह को बंगले पर बुलाकर अपमानित कर धमकी दी। मामले को लेकर आईएएस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से कड़ी आपत्ति जताई है। मंत्री और जबलपुर स्मार्ट सिटी के सीईओ अरविंद शाह के बीच विवाद सुलझ गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
भोपाल में 1 से 30 मई तक छुट्टी पर रोक:जनगणना में लगे अधिकारी-कर्मचारी नहीं ले सकेंगे अवकाश

भोपाल में 1 से 30 मई तक अधिकारी-कर्मचारियों की छुट्टी पर रोक लगा दी गई है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने यह आदेश जारी किए हैं। आदेश उन्हीं अधिकारी-कर्मचारियों पर लागू होगा, जो जनगणना कार्य में लगे हैं। दरअसल, 1 मई से जनगणना के तहत मकान सूचीकरण और उनकी गिनती होना है, जो 30 मई तक चलेगा। इस कार्य में भोपाल के 6 हजार से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्हीं के लिए अवकाश वाला आदेश लागू होगा। सभी प्रकार के अवकाश प्रतिबंधित रहेंगे मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना संबंधी कार्य को दृष्टिगत रखते हुए सभी प्रकार के अवकाश प्रतिबंधित किए गए हैं। हालांकि, इस दौरान किसी के यहां जरूरी पारवारिक कार्य है या कोई मेडिकल इमरजेंसी हो गई तो उन्हें संबंधित कार्यालय प्रमुख की अनुमति लेना जरूरी होगा।
एमपी में 1 मई से यूजी-पीजी एडमिशन शुरू:दो महीने चलेगी काउंसलिंग, उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किया पूरा शेड्यूल

मध्य प्रदेश के सरकारी और निजी कॉलेजों में स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने काउंसलिंग का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। यूजी कोर्स के लिए 1 मई से और पीजी कोर्स के लिए 2 मई से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होगा, जो 30 जून तक चलेगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन मोड में होगी, जिसमें रजिस्ट्रेशन के साथ दस्तावेज सत्यापन अनिवार्य रहेगा। इस बार विभाग ने दो मुख्य काउंसलिंग राउंड के साथ कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) का एक अतिरिक्त राउंड भी जोड़ा है, ताकि खाली सीटों को भरने में आसानी हो सके। ऑनलाइन प्रक्रिया से होगा पूरा एडमिशन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार इस साल पूरी प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से ही पूरी की जाएगी। छात्रों को निर्धारित तिथियों के भीतर रजिस्ट्रेशन करना होगा और अपने दस्तावेजों का सत्यापन भी कराना होगा। बिना सत्यापन के छात्रों की काउंसलिंग प्रक्रिया अधूरी मानी जाएगी और वे सीट आवंटन से वंचित रह सकते हैं। चॉइस फिलिंग से तय होगा कॉलेज एडमिशन प्रक्रिया के दौरान छात्रों को अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स का चयन करना होगा। इसी चॉइस फिलिंग के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी और सीटों का आवंटन किया जाएगा। सीट मिलने के बाद छात्रों को तय समय सीमा में फीस जमा करनी होगी, अन्यथा उनकी सीट स्वतः निरस्त हो जाएगी और वह अगली सूची में अन्य छात्रों को आवंटित कर दी जाएगी। दो मुख्य राउंड के साथ CLC का नया मौका इस बार प्रवेश प्रक्रिया में दो मुख्य काउंसलिंग राउंड के अलावा कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) का एक अतिरिक्त राउंड भी रखा है। यह राउंड उन सीटों को भरने के लिए होगा, जो मुख्य काउंसलिंग के बाद खाली रह जाती हैं। इससे अधिक से अधिक छात्रों को प्रवेश का अवसर मिल सकेगा और कॉलेजों में सीटें खाली नहीं रहेंगी। नए कोर्स ITEP से मिलेगा शिक्षक बनने का मौका इस वर्ष एनसीटीई के अंतर्गत बीएड, बीपीएड और एमपीएड कोर्स के साथ एक नया चार वर्षीय कोर्स आईटीईपी (ITEP) भी शुरू किया है। इस कोर्स की खास बात यह है कि इसे 12वीं के बाद सीधे किया जा सकता है। इसे शिक्षक बनने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है, क्योंकि इसमें शुरुआती स्तर से ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। यूजी प्रवेश का पहला चरण (महत्वपूर्ण तिथियां) एनसीटीई कोर्स का शेड्यूल दो माह तक चलेगी काउंसलिंग करीब दो महीने तक चलने वाली इस काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए प्रदेश के लाखों छात्रों को उच्च शिक्षा में प्रवेश का अवसर मिलेगा। विभाग ने छात्रों से अपील की है कि वे तय समय सीमा के भीतर सभी प्रक्रियाएं पूरी करें, ताकि उन्हें एडमिशन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।








