Tuesday, 05 May 2026 | 05:16 AM

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Khabar Hatke- Quirky News: Bride Flees Jai Mala; Son Decorates Car with Cash

Khabar Hatke- Quirky News: Bride Flees Jai Mala; Son Decorates Car with Cash

उत्तर प्रदेश में अपनी भाभी को देखकर दूल्हा स्टेज से जयमाल छोड़कर भाग गया। वहीं, हरियाणा में एक महिला के रिटायरमेंट पर उसके बेटे ने कार को नोटों से सजा दिया। उधर, दक्षिण कोरिया में सबसे ज्यादा और गहरी नींद लेने की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। . फैशन ब्रैंड शनेल ने केवल एड़ी ढंकने वाला जूता तैयार किया है। वहीं, इटली की ITA एयरलाइंस की फ्लाइट में 34,000 फीट पर बच्चे का जन्म हुआ। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

Summer Diet List; Healthy Alternatives

Summer Diet List; Healthy Alternatives

35 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक गर्मियों में शरीर की जरूरतें बदल जाती हैं। इसलिए खानपान में भी बदलाव की जरूरत होती है। लेकिन लोग स्वाद के लिए अक्सर डीप फ्राइड और स्पाइसी फूड खाते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हैं। गर्मियों में खानपान में थोड़ी सी लापरवाही डिहाइड्रेशन, एसिडिटी, अपच और थकान का कारण बन सकती है। ऐसे में फिट और एनर्जेटिक रहने के लिए यह जानना जरूरी है कि गर्मियों में क्या खाएं और क्या नहीं खाएं। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बात करेंगे कि गर्मियों में कौन सी चीजें नहीं खानी चाहिए। साथ ही जानेंगे- गर्मियों में खाने के लिए हेल्दी विकल्प क्या हैं? ऐसी कौन सी चीजें हैं, जिनकी तासीर गर्म होती है? एक्सपर्ट: डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ सवाल- गर्मी के मौसम में कौन-सी चीजें नहीं खानी चाहिए? जवाब- गर्मियों में शरीर को अंदर से ठंडा रखना जरूरी है। इसलिए डीप फ्राइड, मसालेदार और जंक फूड से बचें। इनसे डिहाइड्रेशन, एसिडिटी और थकान हो सकती है। नीचे दिए ग्राफिक में देखिए, गर्मियों में कौन-सी चीजें नहीं खानी चाहिए- अब समझते हैं कि गर्मियों में ये फूड्स क्यों नहीं खाने चाहिए। डीप फ्राइड फूड उदाहरण- समोसा कचौरी पकौड़े चिप्स फ्रेंच फ्राइज क्यों नहीं खाने चाहिए? इनमें ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट ज्यादा होता है। पचने में समय लगता है। इससे भारीपन, अपच, हीट और एसिडिटी बढ़ सकती है। शरीर में हीट और एसिडिटी बढ़ सकती है। अतिरिक्त कैलोरी जमा होने से सुस्ती और थकान बढ़ती है। हेल्दी विकल्प क्या हैं? बॉइल्ड स्नैक्स (चना, मूंग) रोस्टेड मखाना भुना हुआ चना स्टीम्ड स्नैक्स (ढोकला, इडली) एयर-फ्राइड स्नैक्स बहुत मसालेदार खाना उदाहरण- तीखी सब्जी, चाट स्पाइसी ग्रेवी गरम मसाले वाली डिश क्यों नहीं खाने चाहिए? मसाले गैस्ट्रिक म्यूकोसा (पाचन तंत्र की प्रोटेक्टिव लेयर) को उत्तेजित करते हैं, जिससे एसिडिटी बढ़ती है। ये शरीर में गर्मी बढ़ाते हैं। इससे पसीना और डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है। डाइजेस्टिव इश्यू वाले लोगों को समस्या बढ़ सकती है। हेल्दी विकल्प क्या हैं? हल्के मसाले वाली सब्जियां उबली या स्टीम्ड सब्जियां दही से बनी डिशेज (कढ़ी, रायता) नारियल की चटनी सादी खिचड़ी या दलिया हाई शुगर फूड उदाहरण- मिठाइयां केक पेस्ट्री आइसक्रीम कैंडी क्यों नहीं खाने चाहिए? ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता-घटता है, जिससे एनर्जी क्रैश होता है। इससे डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है। इंसुलिन रेजिस्टेंस का रिस्क बढ़ता है। अतिरिक्त कैलोरी मोटापा बढ़ाती है। लंबे समय में टाइप 2 डायबिटीज और हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ता है। हेल्दी विकल्प क्या हैं? ताजे फल (तरबूज, खरबूजा) घर का बना शरबत (आमपना, बेल का शरबत) नारियल पानी खजूर या किशमिश (सीमित मात्रा में) फ्रूट सलाद हाई सोडियम (नमक) फूड उदाहरण- नमकीन चिप्स अचार पैकेज्ड स्नैक्स क्यों नहीं खाने चाहिए? ज्यादा सोडियम से शरीर में फ्लूइड बैलेंस बिगड़ता है। डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ता है। वाटर रिटेंशन हो सकता है। ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। किडनी पर दबाव पड़ता है। हेल्दी विकल्प क्या हैं? रोस्टेड मखाना/चना दही और छाछ ताजे फल सलाद कैफीन ड्रिंक्स उदाहरण- चाय कॉफी एनर्जी ड्रिंक्स क्यों नहीं पीने चाहिए? कैफीन डाइयूरेटिक है, जिससे बार-बार यूरिन आता है। डिहाइड्रेशन हो सकता है। हार्ट रेट और बेचैनी बढ़ सकती है। नींद प्रभावित हो सकती है। एसिडिटी बढ़ सकती है। हेल्दी विकल्प क्या हैं? नींबू पानी छाछ नारियल पानी हर्बल टी बेल का शरबत/आम पन्ना रेड मीट उदाहरण- मटन बीफ पोर्क क्यों नहीं खाने चाहिए? इनमें सैचुरेटेड फैट होता है, जो पाचन को धीमा करता है। इससे अपच और गैस हो सकती है। शरीर में हीट प्रोडक्शन बढ़ता है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। भारीपन और सुस्ती होती है। हेल्दी विकल्प क्या हैं? दालें और राजमा पनीर टोफू बॉइल्ड चिकन मूंग दाल अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड उदाहरण- इंस्टेंट नूडल्स पैकेज्ड फूड बिस्किट क्यों नहीं खाने चाहिए? इनमें सोडियम, शुगर, प्रिजर्वेटिव और अनहेल्दी फैट ज्यादा होता है। फाइबर और जरूरी पोषक तत्व नहीं होते हैं। ब्लड शुगर और वजन बढ़ सकता है। लंबे समय में मेटाबॉलिक डिजीज का रिस्क बढ़ता है। हेल्दी विकल्प क्या हैं? घर का बना खाना मल्टीग्रेन रोटी ओट्स दलिया ताजे फल कार्बोनेटेड ड्रिंक्स उदाहरण- सोडा-वाटर कोल्ड ड्रिंक्स एनर्जी ड्रिंक्स क्यों नहीं लेने चाहिए? इनमें हाई शुगर होता है, जो डिहाइड्रेशन बढ़ा सकता है। गैस के कारण ब्लोटिंग और गैस की समस्या होती है। एसिडिटी और पेट में जलन हो सकती है। न्यूट्रिशन न के बराबर होता है। ज्यादा सेवन से वजन बढ़ने का खतरा होता है। हेल्दी विकल्प क्या हैं? सादा पानी नींबू पानी नारियल पानी घर का शरबत छाछ बहुत ज्यादा बर्फ उदाहरण- आइस ड्रिंक्स आइसक्रीम क्यों नहीं लेना चाहिए? बहुत ठंडा पानी पाचन एंजाइम की एफिशिएंसी कम कर सकता है। ठंडी चीज गले में संक्रमण बढ़ा सकती है। कुछ लोगों में सिरदर्द हो सकता है। पेट में ऐंठन या असहजता हो सकती है। हेल्दी विकल्प क्या हैं? सामान्य ठंडा पानी मिट्टी के घड़े का पानी हल्का ठंडा नींबू पानी छाछ नारियल पानी सवाल- ऐसी कौन सी चीजें हैं, जिनकी तासीर गर्म होती है और उन्हें गर्मी में कम खाना चाहिए? जवाब- गर्मी में गर्म तासीर वाली चीजें कम खानी चाहिए। ये शरीर का तापमान बढ़ा सकती हैं। इनमें लहसुन-अदरक और गरम मसाले शामिल हैं। नीचे ग्राफिक में देखें- सवाल- गर्मियों में शरीर को हाइड्रेटेड और ठंडा रखने के लिए क्या खाना-पीना चाहिए? जवाब- इसके लिए पानी से भरपूर चीजें ज्यादा लेनी चाहिए। जैसे- तरबूज खरबूजा खीरा ककड़ी नारियल पानी दही-छाछ नींबू पानी ये शरीर का तापमान संतुलित रखते हैं और डिहाइड्रेशन से बचाते हैं। …………………. जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- क्या आप आउटडोर वर्क करते हैं: हो सकते हैं ये 10 हेल्थ रिस्क, ऐसे करें हीटवेव से बचाव, खाली पेट धूप में न निकलें देशभर में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। तेज धूप और लू के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। आगे पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Vadodara SRP Jawan Heart Attack; Risk Prevention Guide

Vadodara SRP Jawan Heart Attack; Risk Prevention Guide

1 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक हाल ही में वडोदरा में 29 साल के स्टेट रिजर्व पुलिस (SRP) जवान की ट्रेनिंग के बाद अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई। परेड के बाद उसने सीने में दर्द की शिकायत की थी। अस्पताल ले जाते समय हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। भारत में हार्ट डिजीज अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं है। कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन (WHF) के मुताबिक, दिल की बीमारियों से हर साल भारत में करीब 28 लाख लोगों की मौत होती है। ‘वर्ल्ड हार्ट फाउंडेशन’, ‘ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज’ और ‘इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च’ (ICMR) के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कुल मौतों में करीब 28% हिस्सेदारी कार्डियोवस्कुलर डिजीज की है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि हार्ट के किन संकेतों को समय रहते पहचानना चाहिए। साथ ही यह भी कि हमारी रोजमर्रा की आदतें हार्ट हेल्थ को कैसे प्रभावित करती हैं। इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में आज समझेंगे कि हार्ट क्या है और ये कैसे काम करता है। साथ ही जानेंगे कि- हार्ट क्यों बीमार पड़ता है? क्या सडन कार्डियक अरेस्ट वाकई सडन होता है? कौन सी चीजें हार्ट हेल्थ को प्रभावित करती हैं? सवाल- दिल क्या है? जवाब- दिल यानी हार्ट शरीर का एक स्ट्रॉन्ग मसल पंप है। यह लगभग हमारी मुट्ठी जितना बड़ा होता है। यह सीने के बीच, थोड़ा बाईं ओर होता है। हार्ट में चार चैम्बर होते हैं। ऊपर के दोनों चैम्बर्स को ‘एट्रियम’ कहते हैं और नीचे के चैम्बर्स को ‘वेंट्रिकल’ कहते हैं। 4 चैम्बर्स के साथ हार्ट की तस्वीर हार्ट कैसे काम करता है? ऊपर के दोनों चैम्बर यानी एट्रियम का काम है, ब्लड को इकट्ठा करना। दायां एट्रियम शरीर से आया डिऑक्सिजिनेटेड ब्लड लेता है। बायां एट्रियम फेफड़ों से आया ऑक्सिजिनेटेड ब्लड लेता है। फिर ये ब्लड नीचे के चैम्बर वेंट्रिकल्स में जाता है। वेंट्रिकल्स का काम ब्लड को जोर से पंप करना है। दायां वेंट्रिकल ब्लड को फेफड़ों तक भेजता है और बायां वेंट्रिकल पूरे शरीर में ब्लड पहुंचाता है। सवाल- दिल क्यों बीमार पड़ता है? जवाब- समय के साथ दिल की नसों और मसल्स पर दबाव बढ़ता है। ज्यादा तला-भुना और नमक खाने से आर्टरीज में फैट जमा होने लगता है। इससे ब्लड फ्लो का रास्ता संकरा हो जाता है, ब्लड प्रेशर बढ़ता है। लगातार तनाव, नींद की कमी और लाे फिजिकल एक्टिविटी से ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ता है, जो दिल पर अतिरिक्त बोझ डालता है। स्मोकिंग और ड्रिकिंग हार्ट वेसल्स को नुकसान पहुंचाते हैं। उम्र, जेनेटिक कारण और बीमारियां जोखिम बढ़ाती हैं। मुख्य रूप से हार्ट हेल्थ इन 5 पॉइंट्स पर डिपेंड करती है, ग्राफिक में देखिए- सभी पॉइंट्स विस्तार से समझिए- आप दिन भर क्या खाते हैं? हार्ट के बीमार होने की बड़ी वजह है कि हम क्या और कैसे खाते हैं। ज्यादा तेल-मसाले वाला फूड खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है, जो दिल की आर्टरीज में जमता है। खराब खानपान हार्ट को कैसे बीमार करता है, ग्राफिक में देखिए- आप अपनी बॉडी को कितना मूव करते हैं? आप कितनी फिजिकल एक्टिविटी करते हैं, इसका हार्ट हेल्थ पर सीधा असर पड़ता है- सिडेंटरी लाइफस्टाइल यानी लंबे समय तक बैठकर काम करना, कम चलना-फिरना और एक्सरसाइज न करना हार्ट को धीरे-धीरे बीमार करता है। जब शरीर मूव नहीं करता तो कैलोरी बर्न नहीं होती और फैट जमा होने लगता है। इससे वजन, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर बढ़ता है। फिजिकल एक्टिविटी कम होने पर हार्ट को ब्लड पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे हार्ट पर काम का बोझ बढ़ जाता है। रेगुलर वॉक करना, सीढ़ियां चढ़ना या हल्की एक्सरसाइज करने से हार्ट की मसल्स मजबूत होती है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रहता है। आप रात में कितनी चैन की नींद सोते हैं? इसका हार्ट हेल्थ पर सीधा असर पड़ता है। नींद के दौरान शरीर खुद को रिपेयर करता है और हार्ट समेत सभी ऑर्गन्स को आराम मिलता है। इसी समय हाॅर्मोन बैलेंस होते हैं, ब्लड प्रेशर कंट्रोल में आता है और वेसल्स की सूजन कम होती है। अच्छी और पूरी नींद लेने से स्ट्रेस हाॅर्मोन कम रिलीज होता है, जिससे हार्ट पर काम का बोझ घटता है। नींद पूरी न होने पर शरीर अलर्ट मोड में रहता है। इससे ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट और इंफ्लेमेशन बढ़ता है। सिगरेट, शराब, कैफीन, निकोटिन के साथ आपका क्या रिश्ता है? सिगरेट, शराब, कैफीन और निकोटिन सीधे हार्ट हेल्थ को प्रभावित करते हैं- सिगरेट में मौजूद निकोटिन ब्लड वेसल्स को संकरा करता है, जिससे हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर बढ़ता है। इससे हार्ट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। शराब पीने से हार्ट मसल्स कमजोर होती हैं और हार्ट रेड इर्रेगुलर हो सकती है। ज्यादा कैफीन लेने से बेचैनी, तेज धड़कन और बीपी बढ़ने का खतरा रहता है। ड्रग्स दिल की इलेक्ट्रिकल सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकते हैं। लंबे समय तक इन चीजों का सेवन करने से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हार्ट फेलियर का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। जिंदगी में कितने सुंदर रिश्ते, प्यार-मुहब्बत और खुशी है यानी स्ट्रेस का लेवल क्या है? जिंदगी में रिश्ते, प्यार और भावनात्मक सपोर्ट जितना मजबूत होता है, हार्ट उतना ही हेल्दी रहता है। लगातार स्ट्रेस, अकेलापन और नकारात्मक भावनाएं शरीर में स्ट्रेस हाॅर्मोन बढ़ाती हैं। इससे ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट और इंफ्लेमेशन बढ़ता है, जिससे हार्ट पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। लंबे समय तक ज्यादा स्ट्रेस रहने से आर्टरीज सख्त होने लगती हैं और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है। वहीं अच्छे रिश्ते, अपनापन और खुशी दिमाग को शांत रखते हैं। इससे स्ट्रेस कम होता है, नींद बेहतर आती है और हार्ट को आराम मिलता है। भावनात्मक संतुलन और खुशहाल रिश्ते हार्ट हेल्थ के लिए उतने ही जरूरी हैं जितना सही खाना और एक्सरसाइज। सवाल- क्या सडन कार्डियक अरेस्ट वाकई सडन होता है? जवाब- ‘सडन कार्डियक अरेस्ट’ नाम से भले ही लगता है कि सबकुछ अचानक होता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में यह पूरी तरह सडन नहीं होता। शरीर पहले ही कई तरह से संकेत देता रहता है- बार-बार सीने में भारीपन जल्दी थकान सांस फूलना चक्कर आना बेचैनी नींद में परेशानी अनियमित हार्ट रेट ये संकेत बताते हैं कि हार्ट पर दबाव बढ़

Trisha Krishnan Birthday Interesting Facts; Vijay Thalapathy

Trisha Krishnan Birthday Interesting Facts; Vijay Thalapathy

1 घंटे पहले कॉपी लिंक क्वीन ऑफ साउथ इंडिया नाम से मशहूर एक्ट्रेस तृषा कृष्णन आज 43 साल की हो चुकी हैं। तमिल और तेलुगु सिनेमा की हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस में शामिल तृषा इन दिनों साउथ सुपरस्टार थलापति विजय से नाम जुड़ने से चर्चा में हैं। दोनों करीब 5 फिल्मों में साथ नजर आए हैं, जिनमें से 2023 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म लियो भी शामिल है। थलापति विजय ने हाल ही में तलाक अनाउंस कर तृषा के साथ पब्लिक अपीयरेंस दी, जिससे अफेयर की चर्चा और बढ़ गईं। वहीं विजय की पूर्व पत्नी ने भी उन पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप लगाया था। तृषा कृष्णन मिस चेन्नई जीतने के बाद साउथ इंडस्ट्री से जुड़ी थीं। करियर की शुरुआत में वो फाल्गुनी पाठक के सुपरहिट म्यूजिक एल्बम के गाने ‘मेरी चूनर उड़-उड़ जाए’ में नजर आई थीं। उनके साथ गाने में आएशा टाकिया ने भी डेब्यू किया था। सालों बाद तृषा ने अक्षय कुमार की फिल्म खट्टा मीठा से बॉलीवुड डेब्यू किया। फिल्म तो हिट रही, लेकिन फिर आगे उन्हें दूसरी फिल्में नहीं मिलीं। आज तृषा साउथ की सबसे कामयाब एक्ट्रेसेस में शामिल हैं। आज तृषा 43 साल की हो चुकी हैं। इस खास मौके पर जानिए, उनके क्वीन ऑफ साउथ बनने और थलापति से नाम जुड़ने की पूरी कहानी- फिल्में छोड़ने की शर्त रखी तो सगाई के बावजूद तोड़ दी शादी साउथ इंडस्ट्री में कामयाबी हासिल करने के बाद 23 जनरी 2015 में तृषा कृष्णन की सगाई बिजनेसमैन वरुण मनियन से हुई थी। लेकिन कुछ दिनों बाद ही ये सगाई टूट गई। साउथ मीडिया पोर्टल मनोरमा को दिए इंटरव्यू में तृषा ने सगाई टूटने पर कहा था, मैं जिस इंसान से शादी करना चाहती थी, उसने मेरे सामने एक्टिंग छोड़ने की शर्त रखी थी। तो मैंने सगाई तोड़ दी। मैं सिर्फ तब ही फिल्मों से ब्रेक लूंगी, जब मैं प्रेग्नेंट रहूं। अगर मुझे लीड रोल न मिलें, तो मैं कैरेक्टर रोल करूंगी, लेकिन मैं आखिरी सांस तक एक्टिंग करूंगी। तृषा कृष्णन की 2015 में हुई सगाई की तस्वीर। कभी कहा था तलाक पर विश्वास नहीं करती, फिर लगे तलाक करवाने के आरोप सगाई टूटने के बाद इंडिया ग्लिट्स तमिल को दिए इंटरव्यू में तृषा ने कहा था, मैं तलाक पर विश्वास नहीं करती। मैं कई ऐसे शादीशुदा जोड़ों को जानती हूं जो गलत कारणों से रिश्ते में हैं। वो बेहद नाखुश हैं। वो शादी में हैं सिर्फ बच्चों के लिए। मैं ऐसी शादी नहीं चाहती। मैं सही वक्त और सही पार्टनर के मिलने पर ही शादी करूंगी। मैं प्यार में पड़ना चाहती हूं, शादी मेरे लिए सेकेंड्री है। इसके बाद तृषा का नाम बाहुबली एक्टर राणा दग्गूबाती से जुड़ा। दोनों कुछ सालों तक रिलेशनशिप में रहे, लेकिन फिर दोनों का ब्रेकअप हो गया। हालांकि दोनों ब्रेकअप के बाद भी दोस्त रहे। राणा दग्गूबाती के साथ तृषा की तस्वीरें। विजय की पत्नी का दावा, 2021 से रिलेशनशिप में हैं विजय-तृषा थलापति विजय ने साल 25 अगस्त 1999 में फैन संगीता सोर्नालिंगम से शादी की थी, जिससे उन्हें 2 बच्चे हैं। शादी के 27 साल बाद हाल ही में संगीता ने विजय से तलाक की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, संगीता ने तलाक की वजह विजय का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर बताया। पूर्व पत्नी संगीता सोर्नालिंगम के साथ थलापति विजय। याचिका में संगीता ने आरोप लगाया कि थलापति विजय का 2021 से एक्ट्रेस से एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर है, जिससे उनका रिश्ता बिगड़ने लगा। विजय ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वो एक्ट्रेस से रिश्ता खत्म कर लेंगे, लेकिन बार-बार मौका दिए जाने के बावजूद उन्होंने ऐसा नहीं किया। वो लगातार उस एक्ट्रेस के साथ ट्रिप पर जाते रहे, जिसकी तस्वीरें सामने आती रहती हैं। इन तस्वीरों के सामने आने से उन्हें अपमान महसूस हुआ। इसके अलावा विजय ने उनकी जिम्मेदारी उठाना भी लगभग बंद कर दिया, जिसके बाद उन्होंने तलाक का फैसला किया। फिल्म लियो में तृषा और विजय का गाना। थलापति विजय की पत्नी ने याचिका में उस एक्ट्रेस का जिक्र नहीं किया, लेकिन लंबे समय से उनका नाम तृषा कृष्णन के साथ जुड़ रहा है। रिलेशनशिप की खबरों के बीच ही दोनों 2023 की फिल्म लियो में साथ नजर आए थे। तलाक के ठीक बाद एक्ट्रेस के साथ दी पब्लिक अपीयरेंस थलापति विजय के तलाक के ठीक बाद वो तृषा कृष्णन के साथ एक हाईप्रोफाइल वेडिंग में पहुंचे। ये दोनों की पहली पब्लिक अपीयरेंस थी। कई लोगों का मानना था कि तलाक के बाद दोनों ने रिश्ता ऑफिशियल कर दिया है। इसी बीच विजय के बॉडीगार्ड ने एक पोस्ट शेयर की जिसमें लिखा था, अब अफवाहें क्लियर करने का समय आ चुका है। साउथ मीडिया पोर्टल की रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि चुनाव के तनीजे आने के बाद दोनों शादी की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि दैनिक भास्कर इस दावे की पुष्टि नहीं करता है। विजय से नाम जुड़ा तो डायरेक्टर ने कहा- तृषा को घर से नहीं निकलना चाहिए लिंक-अप रूमर्स से चर्चा में बनीं हुईं एक्ट्रेस तृषा पर हाल ही में डायरेक्टर आर.पार्थिबन ने एक विवादित टिप्पणी की। वो पहले तृषा के साथ काम कर चुके हैं। बाफ्टा अवॉर्ड में डायरेक्टर से तृषा की तस्वीर दिखाकर उस पर रिएक्शन मांगा। इस पर उन्होंने कहा, ‘इसे कुछ दिनों तक घर पर ही रखना चाहिए। अगर वो बाहर न निकलें तो ज्यादा अच्छा होगा, क्योंकि इस समय काफी दिक्कतें चल रही हैं।’ एक्ट्रेस ने लगाई थी फटकार वीडियो सामने आने के बाद तृषा ने डायरेक्टर के आपत्तिजनक बयान पर सोशल मीडिया पर लिखा- मेरी तस्वीर और नाम एक असिस्टेंट के कहने पर आखिरी समय पर उस इवेंट में इस्तेमाल किया गया। माइक पर बोलने से कोई बात समझदारी नहीं बनती, बेवकूफी ही रहती है। ऐसी बातें कहने वाले के बारे में ज्यादा बताती हैं, न कि जिसके बारे में कहा गया है उसके बारे में। विवाद बढ़ने पर डायरेक्टर ने आधिकारिक तौर पर सोशल मीडिया के जरिए पछतावा जाहिर किया था। एक नजर तृषा कृष्णन के करियर पर- मिस चेन्नई जीतकर फिल्मों में आईं तृषा 4 मई 1983 में तृषा कृष्णन का जन्म तमिलनाडु के मद्रास के पलक्कड़ अय्यर परिवार में हुआ। स्कूलिंग के बाद उन्होंने चेन्नई से