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Shashi Shekhar Vempati New CBFC Chairperson

Shashi Shekhar Vempati New CBFC Chairperson

30 मिनट पहले कॉपी लिंक सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के नए अध्यक्ष शशि शेखर वेम्पति। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मीडिया एक्सपर्ट शशि शेखर वेम्पति को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) यानी सेंसर बोर्ड का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है। वेम्पति प्रसार भारती के CEO के रूप में अपना 5 साल का कार्यकाल पहले ही पूरा कर चुके हैं। वेम्पति को को इसी साल जनवरी में पद्म श्री सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। वहीं सेंसर बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष प्रसून जोशी को प्रसार भारती का नया CEO बनाया गया है। सरकार ने सेंसर बोर्ड और प्रसार भारती के अध्यक्षों की अदला बदली की है। शशि शेखर को ‘पद्म श्री’ सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। कौन हैं शशि शेखर वेम्पति जून 2017 में प्रसार भारती का कार्यभार संभालने वाले वेम्पति इतिहास में सबसे कम उम्र के और पहले ऐसे प्रमुख थे जो सिविल सर्वेंट नहीं थे। IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र वेम्पति ने अपने 5 साल के कार्यकाल के दौरान राज्यसभा टीवी के सीईओ की जिम्मेदारी भी संभाली थी। प्रसार भारती से पहले वे इंफोसिस और डिजिटल न्यूज स्टार्टअप ‘नीति डिजिटल’ से जुड़े रहे और साल 2024 में वे BARC के बोर्ड में प्रोफेशनल डायरेक्टर के रूप में शामिल हुए। प्रसार भारती के CEO रहते हुए उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन के आधुनिकीकरण में अहम भूमिका निभाई थी। वेम्पति के इसी अनुभव और देश के प्रति उनके योगदान को देखते हुए जनवरी 2026 में उन्हें सरकार ने ‘पद्म श्री’ सम्मान से भी सम्मानित किया। वेम्पति इंफोसिस और डिजिटल न्यूज स्टार्टअप ‘नीति डिजिटल’ से जुड़े रहे हैं। संतुलन बनाना होगी मुख्य चुनौती CBFC भारत में फिल्मों को प्रमाणित करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। बोर्ड का मुख्य काम फिल्मों को उम्र के हिसाब से रेटिंग देना और यह सुनिश्चित करना है कि कंटेंट सामाजिक रूप से संवेदनशील हो। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद वेम्पति के सामने सबसे बड़ी चुनौती सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को और भी पारदर्शी और तेज बनाना होगी। फिल्म निर्माताओं और बोर्ड के बीच अक्सर होने वाले विवादों को सुलझाना भी उनकी प्राथमिकता रहेगी। सेंसर बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष प्रसून जोशी को प्रसार भारती का नया CEO बनाया गया है। क्या है CBFC और इसका काम? सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) एक वैधानिक संस्था है, जो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत काम करती है। सिनेमाघरों और टेलीविजन पर दिखाई जाने वाली किसी भी फिल्म के लिए इस बोर्ड से सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होता है। बोर्ड फिल्मों को ‘U’, ‘UA’, ‘A’ और ‘S’ जैसी श्रेणियों में बांटता है, जिससे दर्शकों को पता चलता है कि फिल्म किस आयु वर्ग के लिए है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

2 मिनट वाले एपिसोड का क्रेज:हर महीने 1 हजार शोज बनाने की तैयारी; 2030 तक 42 हजार करोड़ के बाजार का अनुमान

2 मिनट वाले एपिसोड का क्रेज:हर महीने 1 हजार शोज बनाने की तैयारी; 2030 तक 42 हजार करोड़ के बाजार का अनुमान

भारत में मनोरंजन देखने का तरीका तेजी से बदल रहा है। लंबी फिल्में और टीवी सीरियल की जगह अब लोग मोबाइल पर माइक्रो-ड्रामा ज्यादा देख रहे हैं। इन शोज के एपिसोड 2 मिनट से भी कम के होते हैं और लोग इन्हें दिन के छोटे-छोटे ब्रेक में बिंज-वॉच कर रहे हैं। यह मुख्य रूप से मोबाइल फोन के लिए वर्टिकल फॉर्म में डिजाइन किया गया है, जिसे कहीं भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। निवेश फर्म लुमिकाई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में माइक्रो-ड्रामा का बाजार अभी करीब 2,856 करोड़ रुपए का है, जो 2030 तक 42,844 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। 68% ऑडियंस छोटे शहरों से, 40% दर्शक महिलाएं एक्सपर्ट्स के मुताबिक भारत में हर महीने करीब 4 करोड़ यूजर माइक्रो-ड्रामा देखते हैं। करीब 68% ऑडियंस टियर-2/टियर-3 शहरों से आती है, जहां सिनेमाघर कम, टीवी कमजोर और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म की पहुंच सीमित रहती है। करीब 40% दर्शक महिलाएं हैं। बड़े प्रोड्यूसर व एआई से बढ़ा निवेश इसमें अब बड़े प्रोड्यूसर भी निवेश कर रहे हैं। मुकेश अंबानी की कंपनी जियोस्टार ने ‘तड़का’ नाम से प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिस पर 100 से ज्यादा शोज हैं। जी एंटरटेनमेंट और बालाजी टेलीफिल्म्स भी इस फॉर्मेट में उतर चुके हैं। कई कंपनियां अब एआई की मदद से इसे 1 हजार प्रति माह तक ले जाने की योजना बना रही हैं। ओटीटी से 90% सस्ता माइक्रो-ड्रामा माइक्रो-ड्रामा फिल्ममेकर के मुताबिक माइक्रो-ड्रामा का पूरा सीजन बनाना ओटीटी सीरीज के मुकाबले 70-90% सस्ता पड़ता है। शूटिंग 3-4 दिन में हो जाती है। लागत करीब 15 हजार से 20 हजार रुपए प्रति मिनट कंटेंट बताई गई है। पूरा सीजन 10-15 लाख रुपए में बन जाता है, जिसे 20 से 50 रुपए महीने की सब्सक्रिप्शन से उठाया जाता है।

Akhilesh Yadav SP I-PAC Deal Cancel Reason Update; TMC Bengal Result 2026

Akhilesh Yadav SP I-PAC Deal Cancel Reason Update; TMC Bengal Result 2026

लखनऊ14 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद समाजवादी पार्टी ने चुनावी रणनीति बनाने वाली कंपनी I-PAC (आई-पैक) के साथ करार तोड़ दिया है। अखिलेश ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- हां, हमारा संबंध उनसे था। कुछ महीने हमारे साथ उन्होंने काम किया। लेकिन, अब हम साथ काम नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि हमारे पास फंड की कमी है, हम इतने फंड नहीं दे सकते हैं। अखिलेश ने कहा- कुछ लोगों ने हमें चुनाव जितवाने वाली कंपनी के बारे में बताया है। सलाह दी है कि सी-वोटर्स से सर्वे कराइए। एक AVM कंपनी है, उसको साथ रखिए। सोशल मीडिया पर किसी के खिलाफ नकारात्मक प्रचार करना हो तो 360 डिग्री कंपनी से जुड़िए। उसको फंडिंग करिए। आई-पैक ही बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस का चुनावी कैंपेन देख रही थी। यूपी में 2027 के लिए अखिलेश ने अपनी चुनावी रणनीति काम आई-पैक को ही सौंप रखा था। IPAC ने ही 2021 में तमिलनाडु में डीएमके और पश्चिम बंगाल में टीएमसी को जीत दिलाने में मदद की थी। खबर लगातार अपडेट की जा रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

IPL Playoffs 2026 Punjab | PCA Stadium to Host Qualifiers

IPL Playoffs 2026 Punjab | PCA Stadium to Host Qualifiers

मुल्लांपुर का महाराजा यादविन्द्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम (पीसीए) एक बार फिर बड़े क्रिकेट मुकाबलों का गवाह बनने जा रहा है। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के प्लेऑफ मुकाबलों की मेजबानी लगातार दूसरे साल न्यू पीसीए स्टेडियम को मिली है। . बीसीसीआई द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, न्यू चंडीगढ़ के इस आधुनिक स्टेडियम में एलिमिनेटर और क्वालिफायर-2 जैसे अहम मुकाबले खेले जाएंगे। PCA अध्यक्ष अमरजीत मेहता। PCA अध्यक्ष बोले- पंजाब पूरी तरह तैयार पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) के अध्यक्ष अमरजीत मेहता ने कहा कि पिछले साल भी यहां प्लेऑफ मुकाबले सफलतापूर्वक आयोजित हुए थे और इस बार भी पूरी तैयारी है। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई ने एक बार फिर पंजाब पर भरोसा जताया है। हम इन मुकाबलों को यादगार बनाने के लिए पूरी कोशिश करेंगे। एलिमिनेटर मुकाबला अंक तालिका में तीसरे और चौथे स्थान की टीमों के बीच खेला जाएगा। वहीं क्वालिफायर-2 में क्वालिफायर-1 की हारने वाली टीम और एलिमिनेटर की विजेता टीम आमने-सामने होंगी। आईपीएल 2026 का फाइनल पहले बेंगलुरु में होना था, लेकिन लॉजिस्टिक कारणों के चलते अब इसे अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शिफ्ट कर दिया गया है।

Vande Mataram Gets National Anthem Status; Jail, Fine For Disrespect

Vande Mataram Gets National Anthem Status; Jail, Fine For Disrespect

नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक इस साल 26 जनवरी को 77वें गणतंत्र दिवस पर मुख्य परेड की थीम वंदे मातरम रखी गई थी। परेड के दौरान वंदे मातरम की झांकी भी निकली थी। केंद्र सरकार ने वंदे मातरम को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा देने का फैसला किया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली जीत के बाद PM नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की पहली बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। कैबिनेट के फैसले के अनुसार, बंकिम चंद्र चटर्जी रचित वंदे मातरम पर अब वही नियम और पाबंदियां लागू होंगी जो वर्तमान में राष्ट्रगान पर लागू हैं। यानी इसके अपमान या गायन में बाधा डालने की स्थिति में सजा होगी। अभी राष्ट्रीय ध्वज,संविधान और राष्ट्रगान के अपमान पर जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है, और अब वंदे मातरम भी इसमें शामिल किया जाएगा। कानून में बदलाव और सजा का प्रावधान सरकार वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर यह बदलाव कर रही है। इसके लिए कानून की धारा 3 में संशोधन किया जाएगा। इस धारा के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रगान गाने में बाधा डालता है या उसे रोकता है, तो उसे तीन साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। दोबारा अपराध करने पर कम से कम एक साल की सजा का प्रावधान है। संशोधन के बाद यही नियम वंदे मातरम पर भी लागू होंगे। सरकार ने जारी की गाइड लाइन केंद्र सरकार ने बुधवार को भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के गायन के लिए आधिकारिक प्रोटोकॉल के लिए गाइडलाइन जारी की। गाइड लाइन के अनुसार, वंदे मातरम का संपूर्ण आधिकारिक वर्जन, जिसमें छह श्लोक हैं और जिसकी अवधि लगभग 3 मिनट और 10 सेकंड है, प्रमुख राजकीय समारोहों के दौरान प्रस्तुत या बजाया जाना चाहिए। इनमें राष्ट्रीय ध्वज फहराना, राष्ट्रपति और राज्यपालों के आधिकारिक कार्यक्रमों में औपचारिक आगमन और प्रस्थान समारोह और ऐसे समारोहों में उनके निर्धारित भाषणों से पहले और बाद के कार्यक्रम शामिल हैं। पहले ‘राष्ट्रगीत’ गाया जाएगा और उसके बाद ‘राष्ट्रगान’ अगर किसी कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ और ‘राष्ट्रगान’ दोनों होने हैं, तो पहले ‘वंदे मातरम’ (राष्ट्रगीत) गाया जाएगा और उसके बाद ‘राष्ट्रगान’।दिशा-निर्देशों में आगे यह भी स्पष्ट किया गया है कि दर्शकों से अपेक्षा की जाती है कि वे सम्मान के प्रतीक के रूप में दोनों प्रदर्शनों के दौरान सावधान मुद्रा में खड़े रहें। वंदे मातरम गाने को बढ़ावा देने का भी आग्रह गृह मंत्रालय ने स्कूल-कॉलेज और महत्वपूर्ण संस्थागत कार्यक्रमों के दौरान वंदे मातरम गाने को बढ़ावा देने का भी आग्रह किया है।इस कदम का उद्देश्य स्टूडेट्स और आम जनता के बीच राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति जागरूकता और सम्मान को प्रोत्साहित करना है। यह भी बताया गया है कि जब वंदे मातरम का प्रदर्शन किसी बैंड द्वारा किया जाता है, तो उससे पहले ढोल की थाप या बिगुल की ध्वनि से औपचारिक रूप से गायन की शुरुआत का संकेत दिया जाना चाहिए। सिनेमा हॉल और फिल्म स्क्रीनिंग के लिए छूट साथ ही, मंत्रालय ने सिनेमा हॉल और फिल्म स्क्रीनिंग के लिए विशिष्ट छूट प्रदान की है। निर्देश के अनुसार, फिल्म के साउंडट्रैक के हिस्से के रूप में वंदे मातरम बजाए जाने पर दर्शकों को खड़े होने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि मनोरंजन स्थलों में दर्शकों को खड़े होने के लिए मजबूर करने से देखने का अनुभव बाधित हो सकता है और संभावित रूप से दर्शकों के बीच भ्रम पैदा हो सकता है। चुनाव में ‘वंदे मातरम्’ बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा बजट सत्र के समापन पर संसद के दोनों सदनों में वंदे मातरम के सभी छह अंतरों का पाठ किया गया। पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान भाजपा ने वंदे मातरम को बंगाली अस्मिता और राष्ट्रवाद के प्रतीक के रूप में पेश किया था। पार्टी ने इसके 150 वर्ष पूरे होने पर राज्यभर में सामूहिक गायन और पदयात्राओं का आयोजन किया।साथ ही, बंकिम चंद्र चटर्जी की विरासत को भी चुनावी अभियान में प्रमुखता से उठाया गया। बंकिम चंद्र ने 1875 में लिखा था, आनंदमठ में छपा था भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के पावन अवसर पर लिखा था। यह 1882 में पहली बार उनकी पत्रिका बंगदर्शन में उनके उपन्यास आनंदमठ के हिस्से के रूप में छपा था। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने मंच पर वंदे मातरम गाया। यह पहला मौका था जब यह गीत सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय स्तर पर गाया गया। सभा में मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गई थीं। ‘वंदे मातरम’ एक संस्कृत वाक्यांश है, जिसका मतलब है- हे मां, मैं तुम्हें नमन करता हूं। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ‘वंदे मातरम’ भारत को औपनिवेशिक शासन से मुक्त कराने के लिए संघर्ष कर रहे स्वतंत्रता सेनानियों का नारा बन गया था। केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय ने आदेश में कहा है कि अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों या अन्य औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा। इस दौरान हर व्यक्ति का खड़ा होना अनिवार्य होगा। यह आदेश 28 जनवरी को जारी हुआ, लेकिन मीडिया में इसकी जानकारी 11 फरवरी को आई। गणतंत्र दिवस परेड में वंदे मातरम की झांकी निकली थी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर मुख्य परेड में इस साल 77वें गणतंत्र दिवस पर मुख्य परेड की थीम वंदे मातरम रखी गई थी। परेड में संस्कृति मंत्रालय ने वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का जश्न मनाने वाली झांकी निकाली थी। इस झांकी को मंत्रालयों और विभागों की कैटेगरी में बेस्ट झांकी का अवॉर्ड मिला। संस्कृति मंत्रालय की ‘वंदे मातरम: एक राष्ट्र की आत्मा की पुकार’ थीम पर आधारित झांकी में बंकिम चंद्र चटर्जी के गीत की रचना, एक प्रसिद्ध मराठी गायक द्वारा औपनिवेशिक काल की रिकॉर्डिंग और Gen Z का प्रतिनिधित्व करने वाले एक समूह द्वारा इसका गायन दिखाया गया था। झांकी के आगे के भाग में वंदे मातरम की पांडुलिपि बनाते हुए दिखाया गया था। इसके निचले हिस्से में एक पैनल पर चटर्जी की एक छवि दिखाई गई थी। मध्य भाग में पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों का

आमिर खान ने ‘4 इडियट्स’ को दी हरी झंडी:AI और आधुनिक शिक्षा प्रणाली पर आधारित होगी कहानी, विकी कौशल की एंट्री लगभग तय

आमिर खान ने ‘4 इडियट्स’ को दी हरी झंडी:AI और आधुनिक शिक्षा प्रणाली पर आधारित होगी कहानी, विकी कौशल की एंट्री लगभग तय

भारतीय सिनेमा की कल्ट फिल्म ‘3 इडियट्स’ के सीक्वल को लेकर चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है। आमिर खान ने खुद इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है, जिससे यह साफ हो गया है कि ‘इडियट्स’ की दुनिया एक बार फिर परदे पर लौटने वाली है। सोशल मीडिया पर इसे फिलहाल ‘4 इडियट्स’ के नाम से चर्चा मिल रही है और इंडस्ट्री में इसे 2026-27 के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। निर्देशक राजकुमार हिरानी और लेखक अभिजात जोशी ने कहानी को अंतिम रूप देने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। सीक्वल की कहानी पहली फिल्म के अंत के करीब 10 से 15 साल बाद की होगी, जहां रैंचो, फरहान और राजू की जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी होगी। कहानी इस बात को दिखाएगी कि सफलता के बाद भी नई चुनौतियां कैसे उन्हें फिर एक साथ लाती हैं और बदलते समय में शिक्षा व्यवस्था से उनका टकराव कैसे होता है। आमिर ने खुद स्वीकार किया है कि उन्होंने कहानी का नरेशन सुन लिया है और यह बेहद अतरंगी है। फिल्म के लिए कई मीटिंग्स हो चुकीं रोचक ये भी है कि हिरानी के साथ ‘संजू’ और ‘डंकी’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके विकी को स्क्रिप्ट काफी पसंद आई है। बताया जा रहा है कि उनका किरदार कहानी में एक नया इमोशनल और फ्रेश एंगल जोड़ेगा। विकी, आमिर और हिरानी के बीच इस प्रोजेक्ट को लेकर कई दौर की मीटिंग्स भी हो चुकी हैं। विकी ने मौखिक तौर पर भूमिका के लिए हामी भर दी है। शूटिंग 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में शुरू हो सकती है। इस बार फिल्म का नाम ‘4 इडियट्स’ रखने के पीछे की वजह भी काफी दिलचस्प बताई जा रही है। सूत्रों की मानें तो कहानी इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक दौर की ‘प्रेशर कुकर’ वाली शिक्षा प्रणाली पर टारगेट करेगी। सीक्वल इस बात पर केंद्रित हो सकता है कि कैसे डिजिटल दुनिया में मशीन बनने की दौड़ ने इंसानी जज्बातों को पीछे छोड़ दिया है। विकी कौशल भी बन सकते हैं फिल्म का हिस्सा फिल्म की कास्टिंग को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता बनी हुई है। आमिर एक बार फिर रैंचो उर्फ फुंसुख वांगडू के किरदार में नजर आएंगे, यह लगभग तय हो चुका है। वहीं आर. माधवन और शरमन जोशी की वापसी को लेकर आधिकारिक घोषणा भले न हुई हो, लेकिन तीनों एक्टर्स ने एक साथ शूट करने के लिए दिलचस्पी दिखाई है। सीक्वल में सबसे बड़ा बदलाव ‘चौथे इडियट’ की एंट्री को लेकर बताया जा रहा है। चर्चा है कि राजकुमार हिरानी इस नई भूमिका के लिए विकी कौशल को कास्ट कर सकते हैं।

मिसाइल अटैक से विदेश में फंसी अमीषा पटेल भारत लौटीं:कहा- दुआओं के लिए शुक्रिया; 24 घंटे की देरी के बाद मुंबई पहुंचीं फ्लाइट

मिसाइल अटैक से विदेश में फंसी अमीषा पटेल भारत लौटीं:कहा- दुआओं के लिए शुक्रिया; 24 घंटे की देरी के बाद मुंबई पहुंचीं फ्लाइट

एक्ट्रेस अमीषा पटेल आखिरकार सुरक्षित मुंबई लौट आई हैं। वह न्यूयॉर्क से मुंबई की यात्रा कर रही थीं, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में हुए मिसाइल हमलों के कारण यूएई (UAE) का एयरस्पेस अचानक बंद कर दिया गया। इस वजह से उनकी फ्लाइट को बीच रास्ते से ही ओमान के मस्कट शहर की ओर डायवर्ट करना पड़ा। वहां करीब 24 घंटे से ज्यादा समय तक फंसे रहने के बाद वह सोमवार को अपने घर पहुंचीं। दुबई लैंडिंग से ठीक पहले मिली हमले की सूचना अमीषा एमिरेट्स की फ्लाइट से न्यूयॉर्क से वाया दुबई होकर मुंबई आ रही थीं। जब उनका प्लेन दुबई में लैंड करने ही वाला था, तभी यूएई अथॉरिटीज ने हवाई क्षेत्र को पूरी तरह बंद करने का आदेश जारी कर दिया। इसकी वजह क्षेत्र में हुए ताजा मिसाइल और ड्रोन हमले बताए जा रहे हैं। सुरक्षा कारणों से पायलट को फ्लाइट का रुख मस्कट की ओर मोड़ना पड़ा, जिससे यात्रियों के बीच काफी समय तक अनिश्चितता बनी रही। कहा- कब खत्म होगी जंग? अमीषा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपना यह तनावपूर्ण अनुभव शेयर किया। उन्होंने लिखा, “दुबई लैंड करने ही वाले थे कि मिसाइल हमलों की वजह से एयरस्पेस बंद हो गया। हमें मस्कट भेज दिया गया है और अब हम अगले अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। यह जंग कब खत्म होगी! मैं दुआ कर रही हूं।” उनके साथ डीजे चेतस और प्रोड्यूसर कुणाल गूमर भी यात्रा कर रहे थे। एयरपोर्ट लाउंज में लंबा समय बिताने के बाद उन्होंने एक फोटो शेयर कर बताया कि उन्हें सफर शुरू किए 24 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं। खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव से बिगड़े हालात मिसाइल हमलों की खबरों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान और यूएई के बीच संघर्ष बढ़ने की वजह से तेल ठिकानों और अहम शिपिंग रूट्स को निशाना बनाया गया है। इसी के चलते एयरस्पेस बंद करना पड़ा, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा। मुंबई पहुंचने के बाद अमीषा ने राहत की सांस ली और फैंस का शुक्रिया अदा करते हुए लिखा, “आखिरकार मुंबई!!! आप सबकी दुआओं के लिए धन्यवाद।”

तमिलनाडु में कांग्रेस ने छात्रों के गठबंधन, विक्ट्री की पार्टी टीवीके को समर्थन दिया

तमिलनाडु में कांग्रेस ने छात्रों के गठबंधन, विक्ट्री की पार्टी टीवीके को समर्थन दिया

अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके की जीत के साथ तमिल की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। नई सरकार के गठन के बीच कांग्रेस के शिक्षकों के साथ चले आ रहे लंबे समय के गठबंधन के साथ टीवीके को समर्थन देने की घोषणा की गई है। कांग्रेस ने कहा कि ‘टीवीके के साथ उनका गठबंधन न केवल इस सरकार के गठन के लिए है, बल्कि स्थानीय निकाय सदस्य, समाजवादी पार्टी और राज्य सभा के लिए भी है।’ हालाँकि, तमिल में टीवीके को समर्थन देने के बाद भी केंद्र में ‘इंडिया ब्लॉक’ में कांग्रेस के शिक्षकों का साथ मिल सकता है। कांग्रेस के तमिलनाडु महासचिव इब्राहिम चोडंकर ने कहा, ‘टीवीके से हमारी यही शर्त है कि हम नहीं कि बीजेपी के किसी भी सहयोगी दल को इस गठबंधन में शामिल किया जाए.’ हम टीचर्स के साथ ‘इंडिया’ अलायंस में बने रहेंगे।’ टीवीके को समर्थन इससे पहले कांग्रेस ने विजय की पार्टी टीवीके को सरकार बनाने के लिए अपना समर्थन देने की आधिकारिक घोषणा की थी। यह निर्णय कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और तमिल कांग्रेस समिति की बैठक के बाद लिया गया। अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के महासचिव बैटरी चोदनकर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि टीवी के अध्यक्ष विजय ने कांग्रेस को गैर-कानूनी रूप से समर्थन देने की मांग की थी। वीडियो | चेन्नई, तमिलनाडु: “टीवीके के लिए हमारी एकमात्र शर्त यह है कि हम नहीं चाहते कि कोई भी भाजपा सहयोगी इस गठबंधन का हिस्सा बने; हम भारत गठबंधन में डीएमके के साथ बने रहेंगे,” कांग्रेस के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोदनकर कहते हैं। pic.twitter.com/AbbBCJ7je1 – प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 6 मई 2026 समर्थन के लिए ये शर्त रखें उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की जनता ने विशेष रूप से युवाओं को साफ और मजबूत बनाया है, जो एक क्रांतिकारी, प्रगतिशील और जन कल्याणकारी सरकार के पक्ष में है। कांग्रेस ने इस प्रतिष्ठा का सम्मान करते हुए टीवीके को ‘पूर्ण समर्थन’ का निर्णय लिया है। हालाँकि, पार्टी ने यह भी साफ कर दिया है कि वह एक शर्त के साथ समर्थन करेगी। कांग्रेस ने कहा कि इस गठबंधन में ऐसी किसी भी ‘सांप्रदायिक शक्ति’ को शामिल नहीं किया जाना चाहिए, जो भारत के संविधान में विश्वसनीय नहीं हो। चुनाव परिणाम 2026 लाइव: विजय ने टीवीके मुख्यालय में कांग्रेस समर्थकों का स्वागत किया, गठबंधन तय किया” href=’https://www.abplive.com/elections/assembly-election-results-2026-live-updates-bengal-cm-name-suvendu-aअधिकारी-mamata-banerjee-tn-tvk-vijay-assam-hemant-3125267″ target=”_self”>चुनाव परिणाम 2026 लाइव: विजय ने टीवीके मुख्यालय में कांग्रेस समर्थकों का स्वागत किया, गठबंधन तय किया प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि टीवीके और कांग्रेस का यह गठबंधन केवल सरकार गठन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में स्थानीय निकाय चुनाव, विपक्ष और साम्राज्य में भी मिलकर काम करेगा। दोनों उद्यम पेरुंथलीवर कामराज, पेरियार और डॉ. बी.आर. कॉम के आदर्शों पर कायम रहे सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेंगे। तमिलनाडु में राहुल गांधी की ‘हाथ’ विजय के साथ, कांग्रेस पार्टी TVK का समर्थन” href=’https://www.abplive.com/news/india/tamil-nadu-election-result-2026-congress-supports-vijay-party-tvk-for-formation-of-government-3125734′ target=”_self”>तमिलनाडु में राहुल गांधी की ‘हाथ’ विजय के साथ, कांग्रेस पार्टी TVK का समर्थन (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)तमिलनाडु चुनाव परिणाम(टी)तमिलनाडु न्यूज(टी)तमिलनाडु परिणाम(टी)कांग्रेस(टी)टीवीके(टी)डीएमके(टी)कांग्रेस डीएमके गठबंधन टूट गया(टी)कांग्रेस ने टीवीके(टी)तमिलनाडु में कांग्रेस नेके सेकेमिस्ट गठबंधन(टी)विजय की पार्टी टीवीके को समर्थन(टी)तमिलनाडुचुनाव परिणाम(टी)टीवीके(टी)कांग्रेस का समर्थन किया धन्यवाद(टी)कांग्रेस टीवीके समर्थन

भीषण गर्मी का अलर्ट! स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी, इन सावधानियों को नजरअंदाज किया तो पड़ सकता है भारी

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Last Updated:May 06, 2026, 13:33 IST Summer Safety Tips: भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है. तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण हीटवेव और लू का खतरा बढ़ गया है, जिससे डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं. विभाग ने सलाह दी है कि लोग दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्के, ढीले कपड़े पहनें. बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. साथ ही, छांव में रहने और शरीर को ठंडा रखने के उपाय अपनाने की भी सलाह दी गई है. समय रहते इन उपायों को अपनाकर गर्मी के दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है. ख़बरें फटाफट Alwar news: खैरथल-तिजारा जिले में भीषण गर्मी के चलते मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. जिले के अस्पतालों में मरीजों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. भीषण गर्मी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है. हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए आशा कार्यकर्ता, एएनएम और डॉक्टर लोगों को जागरूक कर रहे हैं. वे पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और समय-समय पर सावधानी बरतने के उपाय बता रहे हैं, ताकि लोग सुरक्षित रह सकें. इसके अलावा जिले के विभिन्न अस्पतालों में अतिरिक्त स्टाफ तैनात कर दिया गया है. खैरथल तिजारा जिले की सभी अस्पतालों में अतिरिक्त एक बेड की व्यवस्था की गई है. ऐसे में हीट स्ट्रोक के मरीजों को कब ओआरएस देना है और कब कौन सी दवा देनी है इसके लिए सभी को ट्रेनिंग दी जा चुकी है. इसके अलावा भिवाड़ी जैसे जिला अस्पताल में ओआरएस कॉर्नर जिसमें 24 घंटे में पानी में ORS डालकर रखते हैं ताकि अस्पताल में आने वाला व्यक्ति उसको पी सके. दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच पैदल चलने से बचेखैरथल तिजारा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अरविंद गेट ने बताया कि हीट स्ट्रोक से बचने के लिए घर से बाहर निकलते समय अपने सर को ढक कर निकले, तेज धूप पड़ने पर छाता का उपयोग करें. तेज गर्मी और धूप में बार-बार थोड़ा-थोड़ा लिक्विड नींबू पानी, ORS, नारियल पानी, गन्ने का जूस, मौसमी का जूस सहित अन्य लिक्विड एक से डेढ़ घंटे में पीते रहे. डॉक्टर ने बताया कि तेज गर्मी और धूप के दौरान दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच पैदल चलने से बचे. तुरंत ठंडे स्थान पर जाएं और चिकित्सा सहायता लेंडॉ अरविंद गेट ने बताया कि तेज गर्मी में अगर जवान सूख जाती है, चमड़ी ढीली हो जाती है, पेशाब काफी देर से नहीं आ रहा है, डिसओरिएंटेड यानी व्यक्ति को चक्कर आना, दिशा या स्थिति समझ में न आना, भ्रमित महसूस हो रहा है तो हीट स्ट्रोक का एक प्रमुख लक्षण है. इसलिए ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत ठंडे स्थान पर जाएं और चिकित्सा सहायता लें. बीमार होने से बचा जा सकेउन्होंने भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में संचालित हीट वाली कंपनियों में काम करने वाले श्रमिकों को स्वास्थ्य विभाग में जागरुक करते हुए कहा कि तेज गर्मी के दौरान अपने आसपास गिला कपड़ा रखें, काम के दौरान बार-बार पानी पीते रहे ताकि बीमार होने से बचा जा सके. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Alwar,Rajasthan

‘होप नो कैपिटल हिल इन कोलकाता’: इस्तीफा देने से इनकार करने पर हरीश साल्वे का ममता बनर्जी पर कटाक्ष | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:06 मई, 2026, 13:31 IST वरिष्ठ अधिवक्ता ने इस बात पर जोर दिया कि संविधान के तहत, यदि मुख्यमंत्री के पास विधानसभा में बहुमत नहीं है तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर मतदाता सूची को हटाकर पश्चिम बंगाल चुनावों में हेरफेर किया। पश्चिम बंगाल चुनाव: पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोला, जब उन्होंने विधानसभा चुनाव हारने के बाद पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया, किसी भी अस्थिरता के प्रति आगाह किया और यूनाइटेड स्टेट्स कैपिटल हमले से तुलना की। वरिष्ठ अधिवक्ता ने इस बात पर जोर दिया कि संविधान के तहत, यदि मुख्यमंत्री के पास विधानसभा में बहुमत नहीं है तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। चुनाव परिणाम पर बनर्जी के रुख पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि संवैधानिक प्रावधान “पवित्र” हैं और इन्हें राजनीतिक कारणों से अलग नहीं रखा जा सकता। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का भी जिक्र किया और उम्मीद जताई कि बनर्जी “एक और महान अंतरराष्ट्रीय नेता से प्रेरणा ले सकते हैं जिन्होंने इस दुनिया को युद्ध में उलझा दिया है।” समाचार एजेंसी आईएएनएस के हवाले से उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि ममता बनर्जी कोलकाता में कैपिटल हिल जैसी स्थिति की योजना नहीं बना रही हैं, लेकिन उनका कार्यकाल दो दिनों में समाप्त हो रहा है। जहां तक ​​​​राज्यों का सवाल है, केंद्र के विपरीत, राज्यपाल के पास या तो उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने के लिए आमंत्रित करने या संघ को राष्ट्रपति शासन लगाने की सलाह देने का विकल्प है।” देखें: भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल और वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे कहते हैं, “मुझे लगता है कि मैं एक और महान अंतरराष्ट्रीय नेता से प्रेरणा ले रहा हूं, जिन्होंने इस दुनिया को युद्ध में उलझा दिया है। मुझे उम्मीद है कि ममता बनर्जी कोलकाता में कैपिटल हिल जैसी स्थिति की योजना नहीं बना रही हैं, लेकिन उनकी… pic.twitter.com/Lx34cPd5Vh– आईएएनएस (@ians_india) 6 मई 2026 उन्होंने ऐसे परिदृश्य में राज्यपाल के पास उपलब्ध विकल्पों को भी रेखांकित किया, जिसमें मौजूदा व्यक्ति को कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने के लिए आमंत्रित करना या राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश करना शामिल है। उन्होंने कहा, ”वे राष्ट्रपति शासन लगा सकते हैं,” उन्होंने कहा कि समानांतर सरकार चलाने की बात संभवतः ”क्रोध का विस्फोट” होगी जो शांत हो जाएगी। ममता ने इस्तीफा देने से किया इनकार साल्वे की टिप्पणी तब आई जब निवर्तमान मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगी, उन्होंने जोर देकर कहा कि नतीजों के बावजूद वह चुनाव नहीं हारी हैं और दावा किया कि फैसला एक “साजिश” का परिणाम था। नतीजे के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ने दावा किया कि उनकी पार्टी “नैतिक रूप से” जीत गई है और आरोप लगाया कि फैसला बल से प्रभावित था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर मतदाता सूची हटाने, अधिकारियों के तबादले, छापे और गिरफ्तारियों के जरिए पश्चिम बंगाल चुनावों में हेरफेर किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह पर सीधे हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए चुनाव को अपने करियर की सबसे धांधली बताया। पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम व्यापक चुनावी जनादेश में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में निर्णायक जीत हासिल की है, 207 सीटें जीतकर – दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े से काफी आगे – और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 15 साल के शासन का अंत कर दिया है। 294 सदस्यीय सदन में बहुमत का आंकड़ा 148 है। परिणाम राज्य की राजनीतिक दिशा और वैचारिक संतुलन में एक निर्णायक बदलाव का संकेत देता है। दशकों में पहली बार, पश्चिम बंगाल उसी पार्टी द्वारा शासित होने की ओर अग्रसर है जो केंद्र में सत्ता रखती है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘होप नो कैपिटल हिल इन कोलकाता’: इस्तीफा देने से इनकार करने पर हरीश साल्वे का ममता बनर्जी पर कटाक्ष अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)ममता बनर्जी का इस्तीफा(टी)हरीश साल्वे की टिप्पणी(टी)राष्ट्रपति शासन पश्चिम बंगाल(टी)भाजपा की जीत पश्चिम बंगाल(टी)तृणमूल कांग्रेस की हार(टी)पश्चिम बंगाल राजनीतिक संकट