Wednesday, 24 Jun 2026 | 04:51 PM

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वर्ल्ड अपडेट्स:मेक्सिको में कॉन्सर्ट के दौरान भीषण आग, फेयरग्राउंड जला, 5 लोगों की मौत

वर्ल्ड अपडेट्स:मेक्सिको में कॉन्सर्ट के दौरान भीषण आग, फेयरग्राउंड जला, 5 लोगों की मौत

मेक्सिको में एक कॉन्सर्ट के दौरान भीषण आग लगने से कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरा फेयरग्राउंड इसकी चपेट में आ गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक आग कॉन्सर्ट के दौरान लगी। कुछ ही मिनटों में लपटों ने स्टेज और आसपास बने अस्थायी ढांचों को घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग तेजी से फैलने की वजह से लोगों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिला। स्थानीय अधिकारियों ने 5 लोगों की मौत की पुष्टि की है। कई अन्य लोगों के घायल होने की आशंका है। घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। आग बुझाने के लिए कई फायर यूनिट्स और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। प्रशासन ने पूरे इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या स्टेज इक्विपमेंट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अधिकारियों ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इनमें फेयरग्राउंड के बड़े हिस्से को आग की लपटों में घिरा देखा जा सकता है। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… इजराइल में हंतावायरस का पहला मामला: पूर्वी यूरोप यात्रा से संक्रमण की आशंका, मरीज स्थिर इजराइल में हंतावायरस संक्रमण का एक दुर्लभ मामला सामने आया है। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक संक्रमित व्यक्ति को पूर्वी यूरोप यात्रा के दौरान वायरस लगा हो सकता है। मरीज की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है और उसे मेडिकल निगरानी में रखा गया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मरीज में वायरल संक्रमण जैसे लक्षण दिखने के बाद जांच की गई। शुरुआती एंटीबॉडी टेस्ट में वायरस के संपर्क की पुष्टि हुई। बाद में पीसीआर टेस्ट में हंतावायरस का जेनेटिक मटेरियल मिलने के बाद संक्रमण कन्फर्म हुआ। अधिकारियों ने कहा कि मरीज को ICU या सख्त आइसोलेशन की जरूरत नहीं है। मामले की जानकारी इजराइल के स्वास्थ्य मंत्रालय को दे दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मरीज में यूरोपीय स्ट्रेन का संक्रमण मिला है, जो दक्षिण अमेरिका में फैलने वाले ज्यादा खतरनाक Andes strain से अलग है। करीब 10 साल पहले भी कुछ इजराइली नागरिकों में दक्षिण अमेरिका यात्रा के दौरान हंटावायरस संक्रमण की आशंका जताई गई थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन और अमेरिकी CDC समेत कई एजेंसियां हालात पर नजर रख रही हैं। संभावित संक्रमित यात्रियों की ट्रेसिंग की जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों ने कहा है कि आम लोगों के लिए फिलहाल जोखिम कम है।

धुरंधर में क्या फिर लौटेगी रणवीर-आदित्य की जोड़ी:को-प्रोड्यूसर बोलीं- इस साल के आखिर में मिलेगा सरप्राइज; धुरंधर का सफर अभी खत्म नहीं हुआ

धुरंधर में क्या फिर लौटेगी रणवीर-आदित्य की जोड़ी:को-प्रोड्यूसर बोलीं- इस साल के आखिर में मिलेगा सरप्राइज; धुरंधर का सफर अभी खत्म नहीं हुआ

‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की सफलता के बाद डायरेक्टर आदित्य धर अब अपनी अगली बड़ी फिल्म की तैयारी में हैं। फिल्म की को-प्रोड्यूसर ज्योति देशपांडे ने कन्फर्म किया है कि इस साल के अंत में फैंस को एक बड़ा सरप्राइज मिलने वाला है। इसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या ‘धुरंधर 3’ में रणवीर सिंह और आदित्य धर की जोड़ी दोबारा दिखेगी या फिर इस यूनिवर्स को किसी नई कहानी के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। रणवीर सिंह स्टारर इस फ्रेंचाइजी ने बॉक्स ऑफिस पर 3000 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की है। साल के अंत में होगा बड़ा ऐलान जियो स्टूडियोज की ज्योति देशपांडे ने एक इंटरव्यू में बताया कि ‘धुरंधर’ का सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, “हम अभी धुरंधर के साथ रुके नहीं हैं। उम्मीद है कि इस साल के अंत में दर्शकों के लिए हमारे पास एक सरप्राइज होगा। हम कुछ नया प्लान कर रहे हैं।” परिवार के साथ समय बिता रहे आदित्य फिल्म की लगातार दो बड़ी सफलताओं के बाद आदित्य धर फिलहाल काम से ब्रेक पर हैं। ज्योति देशपांडे ने उनके बारे में बताया कि आदित्य अभी अपने बेटे के साथ क्वालिटी टाइम बिता रहे हैं। शूटिंग के व्यस्त शेड्यूल की वजह से वह परिवार को ज्यादा वक्त नहीं दे पाए थे। ज्योति ने बताया, “आदित्य अभी सुकून में हैं, वह गायों और प्रकृति के बीच समय बिता रहे हैं, लेकिन मुझे पता है कि उनका दिमाग लगातार नए आइडियाज पर काम कर रहा है।” इन 3 बड़े प्रोजेक्ट्स पर है नजर चर्चा है कि आदित्य धर के पास फिलहाल तीन बड़े स्केल के प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं। इनमें रणवीर सिंह के साथ ‘चंद्रगुप्त मौर्य’ पर आधारित एक ऐतिहासिक फिल्म, लंबे समय से रुकी हुई ‘द इमोर्टल अश्वत्थामा’ और एक हाई-वोल्टेज स्पोर्ट्स ड्रामा शामिल है। हालांकि, ‘धुरंधर’ की भारी सफलता को देखते हुए मेकर्स इस फ्रेंचाइजी को ही प्राथमिकता दे सकते हैं।

बंगाल में टीएमसी की हार के बाद ममता बनर्जी से मिले अखिलेश यादव, दिलीप घोष बोले- उनके दिमाग में…

बंगाल में टीएमसी की हार के बाद ममता बनर्जी से मिले अखिलेश यादव, दिलीप घोष बोले- उनके दिमाग में...

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद सपा प्रमुख और समाजवादी पार्टी के मुखिया समाजवादी पार्टी के नेता और समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव बंगाल क्षेत्र। उन्होंने गुरुवार (7 मई) को ऑर्थोडॉक्स कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी से मुलाकात की। अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी की बहनें हमेशा से खटकती रहती हैं। मुलायम का मानना ​​है कि भले ही इस बार के आंकड़े सबूत में न रहे हों, लेकिन ममता बनर्जी ने एक जादूगर की तरह मुकाबला किया है। उनके इसी बयान पर बीजेपी नेता दिलीप घोष ने तंज कसा। दिलीप घोष क्या बोले? बीजेपी नेता दिलीप घोष ने कहा, ”दीदी (ममता बनर्जी) ब्रह्मा की स्थिति में हैं और लोग अपने दिमाग में अस्थिरता भर रहे हैं, वह इसे समझ नहीं पा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि लोग उन्हें हवा देकर जा रहे हैं और वो समझ ही नहीं पा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब वो (ममता बनर्जी) जमीन पर भरोसा नहीं करेंगी, तो इतनी गहरी शिक्षा कि वो जिंदगी भर नहीं मिटेगी। #घड़ी | कोलकाता, पश्चिम बंगाल | सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ममता बनर्जी से मुलाकात पर बीजेपी नेता दिलीप घोष का कहना है, ”…ममता बनर्जी भ्रम की स्थिति में हैं और लोग आकर उनके सिर में झूठी उम्मीदें भर रहे हैं, वह इस बात को समझ नहीं पा रही हैं.” pic.twitter.com/lkmvD6OwIi – एएनआई (@ANI) 8 मई 2026 बहनें आप हारी नहीं हैं-इलोलजेख यादव समाजवादी पार्टी के नेता और उनके समर्थक अमिताभ बच्चन ने अखिलेश यादव को गले लगाकर उनका स्वागत किया। इस मुलाकात के दौरान अलोकतांत्रिक यादव ने ममता बनर्जी को शॉल ओडकर को सम्मानित किया और कहा कि आपके दोस्त आपके नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आप लोगों ने जिस तरह से चुनाव लड़ा है, वह अविश्वास काबिले काबिले हैं। अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर सैद्धांतिक आधार बनाया पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी से बातचीत के बाद अखिलेश यादव ने केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला. अखिलेश यादव ने बंगाल चुनाव की गंभीरता और चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए और इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी की झूठ ‘सोन पपड़ी’ की तरह हैं, जहां एक के ऊपर एक झूठ की परतें जमाई जाती हैं। इसके अलावा अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग के मंत्रियों से भी सवाल किये. सपा प्रमुख ने विधानसभा चुनाव के दौरान हुई हिंसा और धांधली को लेकर कहा कि चुनाव आयोग के पदाधिकारी नहीं हैं और वह भाजपा संग सामूहिक काम कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने यहां तक ​​कह दिया कि कमीशन मर चुका है। ये भी पढ़ें केरल में कौन होगा नया सीएम? सामने आया नाम, मुकुल वासनिक के हाथ से बेंचमार्क वाली चिट्ठी की फोटो वायरल

पश्चिम बंगाल के नए सीएम लाइव: शुभेंदु ने बंगाल में सरकार बनाने का दावा पेश किया, कल सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण

पश्चिम बंगाल के नए सीएम लाइव: शुभेंदु ने बंगाल में सरकार बनाने का दावा पेश किया, कल सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण

पश्चिम बंगाल की कमान अब ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट से मिलने वाले शुभेंदु अधिकारी के हाथ में है। वे पश्चिम बंगाल में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री होंगे. गुरुवार को बंगाल भाजपा विधायक दल की बैठक में उनके नाम का पर्यवेक्षक के तौर पर खुलासा किया गया, जो कि गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। इसके बाद शनिवार को जमीनी स्तर पर आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में सीएम पद की शपथ आराम से जाएगी। उन्होंने गवर्नर से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया है. अपने नाम का सीएम पद के लिए घोषणा के बाद शुभेंदु अधिकारी ने गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद किया। परेड ग्राउंड के शपथ ग्रहण समारोह में भव्य निर्माण की तैयारी चल रही है, शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भाजपा अध्यक्ष नीतीश नबीन, प्रमुख राज्यों के मुख्यमंत्री, प्रमुख, केंद्र सरकार के मंत्री और गठबंधन के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। हाल ही में चुनावी मैदान में उतरे बीजेपी ने 15 साल के शासन को खत्म करते हुए ऐतिहासिक जीत हासिल की है। इस संबंध में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि “…23 पार्टियों के 9 जिलों में ऐसे हैं जहां पार्टियों का खाता भी नहीं खुला है। सपदा साफ हो चुका है। मैंने ऐसा प्रचंड प्रतिष्ठा कभी नहीं देखी क्योंकि सरकार करती है तो हासिल करती है, लेकिन जहां पार्टियों के दल में है और विरोधी दल के नेताओं को बोलने का मौका नहीं मिलता वहां पर पार्टियों के 9 दलों के शून्य वोट हैं ये एकमात्र जनता और ईश्वर की अपील है।” उन्होंने आगे कहा, “जिस प्रकार का साम्यवादी समय यहां बनाया गया था, वहां ममता ने इसे और गहरे तरीके से भय में बदल दिया था। वहां की मत की अभिव्यक्ति लगभग सैकड़ों उदाहरणों में हुई थी, उनके बीच में भाजपा और हमारे नेता नरेंद्र मोदी ने भरोसा कर बंगाल की जनता ने हमें जो प्रचंड ने विजय दिलाई है, उसके लिए मैं प्रशांत को धन्यवाद देता हूं।” गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “मैं पार्टी की तरफ से यह भी कहना चाहता हूं कि बंगाल के लोग अमेरिका में जो विशिष्टता रखते हैं, जिस आधार पर उन्होंने यह जिम्मेदारी दी है, हम उस धारणा को पूरी तरह से बनाए रखने की पूरी कोशिश करेंगे।” (टैग्सटूट्रांसलेट)अमित शाह(टी)बीजेपी(टी)बंगाल न्यू सीएम न्यूज(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)ममता बनर्जी(टी)ममता बनर्जी इस्तीफा(टी)बीजेपी विधायकों की बैठक(टी)अगली पश्चिम बंगाल सीएम(टी)सीएम ममता बनर्जी इस्तीफा(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल सीएम(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)बीजेपी नया सीएम(टी)बंगाल का कौन होगा सीएम(टी)शुभेंदु अधिकारी(टी)भाजपा विधायक दल बैठक

Delhi TB outbreak| delhi TB patient| TB in delhi| दिल्ली में टीबी विस्फोट! डेढ़ महीने में मिले 12 हजार मरीज, अभी और कितने?

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TB cases in Delhi: देश कर राजधानी दिल्ली में टीबी विस्फोट हो गया है. दिल्ली स्वास्थ्य विभाग की स्क्रीनिंग में आए नतीजों से खलबली मच गई है. स्क्रीनिंग ड्राइव में महज डेढ़ महीने में 12,078 मामले सामने आए हैं. दिल्ली की स्वास्थ्य विभाग ने 24 मार्च से 5 मई तक दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में टीबी स्क्रीनिंग ड्राइव चलाई थी, जिनमें कुल 12,078 मामले दर्ज किए हैं. यह अभियान अभी भी जारी है और संभावना है कि आगे टीबी मरीजों की और भी बड़ी संख्या सामने आ सकती है. राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत इतनी बड़ी संख्या में मिले टीबी मरीजों ने चिंता पैदा कर रही है और एक तरह की मेडिकल इमरजेंसी जैसे हालात बन गए हैं. इन मरीजों के कुल मामलों में 42 प्रतिशत यानी 5,073 मामले एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबी (EPTB) के हैं, जो देश में सबसे अधिक अनुपातों में से एक है. यह फेफड़ों की टीबी है. बच्चे भी टीबी के शिकार हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक ये टीबी के इन केसेज में सबसे ज्यादा खतरनाक आंकड़ा उन बच्चों का है जो टीबी के इलाज में दी जाने वाली दवाओं का पूरा उपयोग भी काफी मुश्किलों से करते हैं. इन आंकड़ों में बच्चों में टीबी के 1,323 मामले (11 प्रतिशत) सामने आए हैं जबकि व्यस्कों के 10,755 मामले (89 प्रतिशत) दर्ज किए गए. लिंग के आधार पर 6,360 पुरुष (52.6%), 5,715 महिलाएं (47.3%) और तीन ट्रांसजेंडर व्यक्ति प्रभावित पाए गए हैं. स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने कहा, ‘देश में टीबी के मामले अभी भी मौजूद होना दुर्भाग्यपूर्ण है. इस कार्यक्रम के तहत हमने दिल्ली के सभी जिलों में 38 हाई-रिस्क वार्ड्स को कवर किया है, जिससे प्रभावित व्यक्तियों को तेजी से उपचार मिल सकेगा, संक्रमण का प्रसार रुकेगा और मृत्यु दर कम होगी.’ उन्होंने बताया कि जांच में पाए गए मरीजों को परिवार की स्क्रीनिंग सहित पेशेंट सपोर्ट सिस्टम भी उपलब्ध कराया जा रहा है. दिल्ली बन गया सबसे ज्यादा टीबी वाला राज्य भारत टीबी प्रिवेलेंस सर्वे (2019-2021) के अनुसार दिल्ली देश में सबसे अधिक टीबी बोझ वाला राज्य है, जहां प्रति एक लाख लोगों में 747 मामले हैं और औसत संक्रमण दर 61 प्रतिशत है. सामान्य रूप से देशभर में EPTB के मामले 20-24 प्रतिशत होते हैं, लेकिन दिल्ली में यह आंकड़ा 42 प्रतिशत पहुंच गया है. एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबी फेफड़ों के अलावा लिम्फ नोड्स, हड्डियों, जोड़ों और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है. इस टीबी की जांच है चुनौतीपूर्ण इस टीबी की जांच चुनौतीपूर्ण है क्योंकि इसमें फेफड़ों की बीमारी वाले सामान्य लक्षण नहीं दिखते और बायोप्सी या एडवांस्ड इमेजिंग जैसी आक्रामक प्रक्रियाओं की जरूरत पड़ती है. हालांकि यह आमतौर पर कम संक्रामक होती है, लेकिन देरी से जांच होने पर मृत्यु दर बढ़ सकती है. पड़ोसी राज्यों के भी मरीज एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में EPTB रिपोर्टिंग अधिक होने का कारण यहां उपलब्ध उन्नत डायग्नोस्टिक तकनीकें हैं. दिल्ली में पड़ोसी राज्यों से भी मरीज रेफर किए जाते हैं, इसलिए डायग्नोस्टिक लोड ज्यादा है. इस ड्राइव में कुल 71,603 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 16.8 प्रतिशत पॉजिटिविटी दर रही. 984 आयुष्मान आरोग्य शिविरों के जरिए यह कार्य हुआ, जिनमें 224 हाई-रिस्क वार्ड्स में और 79 कांग्रिगेट सेटिंग्स में लगाए गए. कुल 64,764 चेस्ट एक्स-रे और 33,038 NAAT (मॉलेकुलर) टेस्ट किए गए.

वेणुगोपाल बनाम सतीसन: केरल में मुख्यमंत्री पद की दौड़ तेज होते ही कांग्रेस में पोस्टर युद्ध छिड़ गया | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:08 मई, 2026, 10:53 IST सतीसन और वेणुगोपाल के समर्थकों ने पोस्टर लगाकर अपने नेता को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने की मांग की. पूरे राज्य में पोस्टर युद्ध छिड़ गया, जो गहराते विभाजन को दर्शाता है। केरल के मुख्यमंत्री चयन: केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान तेज होने के साथ ही वरिष्ठ नेताओं वीडी सतीसन और केसी वेणुगोपाल के समर्थन वाले कांग्रेस खेमों में पोस्टर युद्ध छिड़ गया है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 140 विधानसभा सीटों में से 102 सीटों पर कब्जा कर लिया, जिससे एक दशक के बाद ऐतिहासिक वापसी हुई और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया। हालाँकि, जीत ने जल्द ही अंदरूनी कलह को जन्म दे दिया, क्योंकि प्रमुख राजनेताओं के समर्थकों ने शीर्ष पद के लिए अपना जोर तेज कर दिया। और पढ़ें: केरल में सीएम पद की दौड़ तेज: वेणुगोपाल को 43 कांग्रेस विधायकों का समर्थन मिला, आईयूएमएल ने सतीसन के लिए वकालत की सतीसन और वेणुगोपाल के समर्थकों ने पोस्टर लगाकर अपने नेता को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने की मांग की. #घड़ी | तिरुवनंतपुरम | केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान तेज हो गई है क्योंकि वरिष्ठ नेता वीडी सतीसन और केसी वेणुगोपाल के समर्थकों ने पोस्टर लगाकर मांग की है कि उनके नेता को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया जाए।एआईसीसी पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक… pic.twitter.com/sBD659d8b5 – एएनआई (@ANI) 8 मई 2026 कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने केरल में एक दशक के बाद सत्ता में वापसी करते हुए निर्णायक वापसी की है। लेकिन जश्न थमने से पहले ही सारा ध्यान तेजी से मुख्यमंत्री के चयन के बड़े सवाल पर केंद्रित हो गया है. केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए तीन प्रमुख नाम सबसे आगे चल रहे हैं, वे हैं वीडी सतीसन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला। इस स्थिति में क्लासिक कांग्रेस सत्ता संघर्ष के सभी तत्व मौजूद हैं – संगठनात्मक प्रभुत्व बनाम विधायी नेतृत्व, पीढ़ीगत बदलाव बनाम अनुभव, और दिल्ली का प्रभाव बनाम राज्य इकाई की प्राथमिकता। पार्टी सूत्रों के अनुसार, 63 नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायकों में से 43 वेणुगोपाल का समर्थन कर रहे हैं। मुट्ठी भर विधायकों ने अपनी पसंद नहीं बताई और समझा जाता है कि उन्होंने पर्यवेक्षकों को बता दिया है कि वे आलाकमान की पसंद का पालन करेंगे। इस बीच, यूडीएफ में कांग्रेस की प्रमुख सहयोगी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल), 22 विधायकों के साथ गठबंधन में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी, कथित तौर पर मुख्यमंत्री पद के लिए विपक्ष के नेता वीडी सतीसन का समर्थन कर रही है। आईयूएमएल नेताओं ने पर्यवेक्षकों को यह भी बताया कि उपचुनाव की आवश्यकता से बचने के लिए एक मौजूदा विधायक को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। और पढ़ें: सतीसन, चेन्निथला, वेणुगोपाल: केरल के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तीन शीर्ष कांग्रेस नेता कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी), जो तिरुवनंतपुरम में केपीसीसी मुख्यालय में हुई, ने पारंपरिक एक-पंक्ति प्रस्ताव पारित किया जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सीएलपी नेता पर अंतिम निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया, जो अगला मुख्यमंत्री बनेगा। इस बीच, वट्टियूरकावु से जीतने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता के मुरलीधरन ने संवाददाताओं से कहा कि केरल के अगले मुख्यमंत्री का नाम संभवत: रविवार तक तय हो जाएगा। उन्होंने आगे कुछ भी बताने से इनकार करते हुए कहा, “मैंने अपनी राय दे दी है। मुख्यमंत्री कौन होगा इसका फैसला रविवार तक पता चल जाएगा।” यूडीएफ ने विधानसभा चुनाव में 102 सीटें जीतीं और कांग्रेस के 63 विधायक हैं जो मुख्यमंत्री का चयन करने के लिए एआईसीसी पर्यवेक्षकों को अपनी राय देते हैं। चूंकि सीएलपी की बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया है जिसमें पार्टी के आलाकमान को अगला सीएम तय करने के लिए अधिकृत किया गया है, पर्यवेक्षक कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व को एक रिपोर्ट दाखिल करेंगे, जो अंतिम फैसला लेगा। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : केरल, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया वेणुगोपाल बनाम सतीसन: केरल में मुख्यमंत्री पद की दौड़ तेज होते ही कांग्रेस में पोस्टर युद्ध छिड़ गया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल के मुख्यमंत्री का चयन(टी)केरल के सीएम की दौड़(टी)कांग्रेस सत्ता संघर्ष(टी)वीडी सतीसन(टी)केसी वेणुगोपाल(टी)रमेश चेन्निथला(टी)यूडीएफ की जीत केरल(टी)आईयूएमएल समर्थन

हार्दिक की मुंबई इंडियंस में वापसी:RCB मैच से पहले रायपुर पहुंचे कप्तान; पीठ में खिंचाव के कारण पिछला मैच नहीं खेले थे

हार्दिक की मुंबई इंडियंस में वापसी:RCB मैच से पहले रायपुर पहुंचे कप्तान; पीठ में खिंचाव के कारण पिछला मैच नहीं खेले थे

मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या चोट के बाद रायपुर पहुंच गए हैं। वे रविवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ अहम मुकाबले के लिए टीम से जुड़ गए हैं। हार्दिक सोमवार को लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ खेले गए पिछले मैच में नहीं खेले थे। उनकी गैरमौजूदगी में सूर्य कुमार ने टीम की कप्तानी संभाली थी। सूर्या भी बच्चे के जन्म की वजह से मुंबई में हैं और रायपुर नहीं पहुंचे हैं। मुंबई इंडियंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर हार्दिक की फोटो शेयर कर उनके रायपुर पहुंचने की जानकारी दी। पीठ में खिंचाव के कारण पिछले मैच में नहीं खेले थे हार्दिक पंड्या को पिछले हफ्ते अचानक पीठ में खिंचाव की समस्या हुई थी। इसके बाद मेडिकल टीम ने उन्हें आराम की सलाह दी थी। हालांकि, चोट गंभीर नहीं थी। एहतियात के तौर पर उन्हें लखनऊ के खिलाफ मैच से बाहर रखा गया था, ताकि वे बाकी मैचों के लिए फिट रह सकें। अब वे पूरी तरह रिकवर हो चुके हैं। आज नेट्स पर अभ्यास करेंगे कप्तान रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में शुक्रवार को मुंबई इंडियंस का ट्रेनिंग सेशन होगा। उम्मीद है कि हार्दिक इसमें शामिल होकर नेट्स पर बल्लेबाजी और गेंदबाजी का अभ्यास करेंगे। रविवार के मैच से पहले उनकी फिटनेस परखने के लिए यह सेशन अहम माना जा रहा है। पॉइंट्स टेबल में नौवें स्थान पर मुंबई इस सीजन में मुंबई इंडियंस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। टीम ने 10 में से केवल 3 मैच जीते हैं, जबकि 7 में हार मिली है। मुंबई फिलहाल पॉइंट्स टेबल में नौवें स्थान पर है। प्लेऑफ की उम्मीदें बनाए रखने के लिए टीम को बाकी सभी मैच जीतने होंगे। एक भी मैच हारने पर टीम प्लेऑफ से बाहर हो जाएगी मुंबई इंडियंस के लिए अब स्थिति ‘करो या मरो’ की हो गई है। टीम एक भी मैच हारती है, तो प्लेऑफ की रेस से बाहर हो जाएगी। ऐसे में हार्दिक पंड्या की वापसी जरूरी है, क्योंकि वे गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में अहम योगदान देते हैं। प्रशंसकों को उम्मीद है कि उनकी लीडरशिप में टीम वापसी करेगी।

शक्ति कपूर अपनी मौत की अफवाह पर भड़के:बोले- मैं बिल्कुल ठीक और खुश हूं, फेक न्यूज फैलाने वालों के खिलाफ लीगल एक्शन लूंगा

शक्ति कपूर अपनी मौत की अफवाह पर भड़के:बोले- मैं बिल्कुल ठीक और खुश हूं, फेक न्यूज फैलाने वालों के खिलाफ लीगल एक्शन लूंगा

बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर के पिता और दिग्गज एक्टर शक्ति कपूर अपनी मौत की फर्जी खबरों को लेकर भड़क गए हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर उनके निधन की अफवाहें उड़ रही थीं, जिससे एक्टर परेशान हो गए थे। अब शक्ति कपूर ने खुद सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर इन खबरों का खंडन किया है। उन्होंने बताया कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और ऐसी हरकत करने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे। कहा- मैं स्वस्थ और खुश हूं शक्ति कपूर ने इंस्टाग्राम पर अपना एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वे काफी फिट नजर आ रहे हैं। वीडियो में एक्टर ने कहा, “सभी को नमस्कार, मेरी मौत की अफवाह पूरी तरह झूठी है। मैं स्वस्थ और खुश हूं। प्लीज इसे इग्नोर करें। मैं इसकी शिकायत करने जा रहा हूं, लेकिन ये ठीक नहीं है।” उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की फर्जी खबरें फैलाना अच्छी बात नहीं है और इससे परिवार और चाहने वालों को मानसिक तनाव होता है। अस्पताल जाने के बाद शुरू हुई थी चर्चा शक्ति कपूर के स्वास्थ्य को लेकर अटकलें इस साल की शुरुआत में तब शुरू हुई थीं, जब उन्हें बेटी श्रद्धा कपूर के साथ एक अस्पताल के बाहर देखा गया था। उस वक्त श्रद्धा वहां मौजूद पैपराजी पर काफी भड़क गई थीं। श्रद्धा का गुस्सा देख सोशल मीडिया पर यह चर्चा होने लगी थी कि शायद शक्ति कपूर की तबीयत काफी ज्यादा खराब है। मेरे हसबैंड की बीवी में आए नजर वर्क फ्रंट की बात करें तो शक्ति कपूर को आखिरी बार फिल्म ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ में देखा गया था। इस फिल्म में अर्जुन कपूर, भूमि पेडनेकर और रकुल प्रीत सिंह मुख्य भूमिकाओं में थे। हालांकि, बड़े सितारों के बावजूद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी। शक्ति कपूर काफी समय से लाइमलाइट और सोशल मीडिया से दूर हैं।

'जॉनी-जॉनी, यस पापा' बच्चों को झूठ बोलना सिखाती है:कानपुर में बोले यूपी के शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय; कहा- पुरानी हिंदी कविताओं में गहरे मूल्य

'जॉनी-जॉनी, यस पापा' बच्चों को झूठ बोलना सिखाती है:कानपुर में बोले यूपी के शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय; कहा- पुरानी हिंदी कविताओं में गहरे मूल्य

उत्तर प्रदेश के हायर एजुकेशन मिनिस्टर योगेंद्र उपाध्याय पॉपुलर इंग्लिश राइम्स पर अपने बयान की वजह से चर्चा में हैं। उन्होंने 5 मई को कानपुर में एक समारोह में कहा कि बच्चों की इंग्लिश राइम ‘जॉनी-जॉनी यस पापा’ भारतीय मूल्य और संस्कार नहीं सिखाती, बल्कि झूठ बोलना सिखाती है। इंग्लिश राइम्स बच्चों को झूठ बोलना सिखाती है कानपुर में आयोजित शिक्षामित्र (पैरा टीचर्स और कॉन्ट्रैक्चुअल एजुकेटर्स) सम्मान समारोह के दौरान योगेंद्र उपाध्याय ने शिक्षा और संस्कारों पर अपनी बात रखी थी। इसमें उन्होंने मशहूर इंग्लिश राइम्स की आलोचना करते कहा कि ये कविताएं बच्चों को संस्कार की बजाय झूठ बोलना सीखाती है, जबकि हिंदी की बाल कविताएं बच्चों को जीवन मूल्य और संस्कार सिखाते हैं जो उनके जीने के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘जॉनी जॉनी यस पापा, ईटिंग शुगर? नो पापा, टेलिंग अ लाय, नो पापा, ओपन योर माउथ, हा हा हा, ये पोएम झूठ बोलने का संस्कार देते हैं।’ मंत्री ने कहा कि आज की पीढ़ी को जिन मूल्यों की जरूरत है, वो इस तरह की पश्चिमी कविताओं से नहीं मिलते। हिंदी कविताएं जीवन मूल्य सिखाते हैं योगेंद्र उपाध्याय ने एक दूसरे पोएम का उदाहरण देकर कहा कि भारतीय मूल्यों में स्वांत: सुखाय यानी खुद के सुख के लिए जगह नहीं है, बल्कि वो बहुजन हिताय की बात करता है। उन्होंने कहा कि ‘रेन रेन गो अवे, माय जॉनी वॉन्ट्स टू प्ले’ जैसी कविताओं में खुद के सुख के लिए सबकी जरूरत को नजरअंदाज करना हिंदी कविताएं नहीं सिखाती। योगेंद्र उपाध्याय ने यह भी कहा कि पुरानी हिंदी कविताएं, जिन्हें पिछली पीढ़ियां पढ़ते हुए बड़ी हुईं, उनमें जीवन के गहरे मूल्य छिपे होते थे। शिक्षकों से आग्रह किया- ‘खुद को सिर्फ शिक्षक नहीं, गुरु समझें’ अपने भाषण में उन्होंने पश्चिमी और भारतीय संस्कारों के फर्क पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की पुरानी ‘गुरु-शिष्य परंपरा’ सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसमें जीवन मूल्यों और संस्कारों की शिक्षा भी शामिल होती थी। उनका कहना था कि शिक्षक तभी बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित कर पाएंगे, जब वे खुद गुरु की भूमिका को समझेंगे और सिर्फ किताबों तक सीमित न रहकर रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातों से भी बच्चों को सही रास्ता दिखाएंगे। शिक्षामित्रों का मानदेय 10 से बढ़ाकर 18 हजार रुपए किया कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 12 शिक्षामित्रों को मानदेय बढ़ोतरी के प्रतीकात्मक चेक भी सौंपे। उन्होंने बताया कि सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 18 हजार रुपए कर दिया है। मंत्री के मुताबिक इससे खासकर ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में काम कर रहे शिक्षामित्रों के जीवन स्तर में सुधार होगा। साथ ही उन्होंने दोहराया कि शिक्षा को सिर्फ पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जा सकता, उसमें संस्कार और मूल्य भी शामिल होने चाहिए। ——————- ये खबर भी पढ़ें… NIT कुरुक्षेत्र में 2 महीने में 4 स्‍टूडेंट्स का सुसाइड:कॉलेज ने एग्‍जाम तक छुट्टी घोषित की, प्रोफेसर कहते हैं-कैंपस से बाहर जाकर सुसाइड करो NIT कुरुक्षेत्र में 2 महीने में 4 कॉलेज स्टूडेंट्स की सुसाइड से मौत हो गई। ये नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी NIT कुरुक्षेत्र में 16 फरवरी से 16 अप्रैल तक में हुई मौतों का आंकड़ा है। इन 4 स्टूडेंट्स ने या तो एकेडमिक या फिर फाइनेंशियल प्रेशर की वजह से अपनी जान दी। पूरी खबर पढ़ें…

शक्ति कपूर अपनी मौत की अफवाह पर भड़के:बोले- मैं बिल्कुल ठीक और खुश हूं, फेक न्यूज फैलाने वालों के खिलाफ लीगल एक्शन लूंगा

शक्ति कपूर अपनी मौत की अफवाह पर भड़के:बोले- मैं बिल्कुल ठीक और खुश हूं, फेक न्यूज फैलाने वालों के खिलाफ लीगल एक्शन लूंगा

बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर के पिता और दिग्गज एक्टर शक्ति कपूर अपनी मौत की फर्जी खबरों को लेकर भड़क गए हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर उनके निधन की अफवाहें उड़ रही थीं, जिससे एक्टर परेशान हो गए थे। अब शक्ति कपूर ने खुद सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर इन खबरों का खंडन किया है। उन्होंने बताया कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और ऐसी हरकत करने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे। कहा- मैं स्वस्थ और खुश हूं शक्ति कपूर ने इंस्टाग्राम पर अपना एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वे काफी फिट नजर आ रहे हैं। वीडियो में एक्टर ने कहा, “सभी को नमस्कार, मेरी मौत की अफवाह पूरी तरह झूठी है। मैं स्वस्थ और खुश हूं। प्लीज इसे इग्नोर करें। मैं इसकी शिकायत करने जा रहा हूं, लेकिन ये ठीक नहीं है।” उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की फर्जी खबरें फैलाना अच्छी बात नहीं है और इससे परिवार और चाहने वालों को मानसिक तनाव होता है। अस्पताल जाने के बाद शुरू हुई थी चर्चा शक्ति कपूर के स्वास्थ्य को लेकर अटकलें इस साल की शुरुआत में तब शुरू हुई थीं, जब उन्हें बेटी श्रद्धा कपूर के साथ एक अस्पताल के बाहर देखा गया था। उस वक्त श्रद्धा वहां मौजूद पैपराजी पर काफी भड़क गई थीं। श्रद्धा का गुस्सा देख सोशल मीडिया पर यह चर्चा होने लगी थी कि शायद शक्ति कपूर की तबीयत काफी ज्यादा खराब है। मेरे हसबैंड की बीवी में आए नजर वर्क फ्रंट की बात करें तो शक्ति कपूर को आखिरी बार फिल्म ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ में देखा गया था। इस फिल्म में अर्जुन कपूर, भूमि पेडनेकर और रकुल प्रीत सिंह मुख्य भूमिकाओं में थे। हालांकि, बड़े सितारों के बावजूद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी। शक्ति कपूर काफी समय से लाइमलाइट और सोशल मीडिया से दूर हैं।