टाटा ट्रस्ट्स की अहम बैठक 16 मई तक टली:टाटा संस की लिस्टिंग पर फैसला होना था; बोर्ड में गवर्नेंस और हिस्सेदारी को लेकर मतभेद

टाटा ट्रस्ट्स की आज 8 मई को होने वाली महत्वपूर्ण बोर्ड मीटिंग अब 16 मई को होगी। ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक आंतरिक मतभेदों के चलते इस बैठक को टाला गया है। यह दूसरी बार है जब मीटिंग की तारीख बदली गई है। पहले यह मीटिंग 12 मई को होनी थी। बार-बार तारीखें बदलने से ट्रस्ट के भीतर चल रही चर्चाओं को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। ग्रुप के भविष्य और गवर्नेंस से जुड़े 4 अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी मीटिंग: अब टाटा संस की लिस्टिंग विवाद पर यह QA पढ़े.. 1. टाटा ग्रुप में विवाद की मुख्य वजह क्या है? टाटा ट्रस्ट के पास टाटा संस की दो-तिहाई हिस्सेदारी है। विवाद की जड़ ‘टाटा संस’ का IPO है। टाटा ट्रस्ट्स के दो ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह चाहते हैं कि टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट किया जाए। उनका मानना है कि इससे कंपनी में पारदर्शिता आएगी। वहीं, नोएल टाटा अभी भी टाटा संस को ‘क्लोजली हेल्ड’ यानी निजी कंपनी ही बनाए रखना चाहते हैं। 2. लिस्टिंग को लेकर RBI का नया नियम क्या कहता है? RBI के नए नियमों के मुताबिक, 1 जुलाई 2026 से टाटा संस को एक ‘सिस्टमैटिकली इम्पोर्टेन्ट’ शैडो बैंक (NBFC) माना जाएगा। नियम यह है कि अगर किसी शैडो बैंक की एसेट साइज 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है, तो उसे शेयर बाजार में लिस्ट होना अनिवार्य है। टाटा संस इस दायरे में आती है। 3. क्या टाटा ग्रुप ने पहले भी लिस्टिंग से बचने की कोशिश की है? हां, यह पहली बार नहीं है। 2022 में भी RBI ने टाटा संस को ‘अपर-लेयर’ NBFC की श्रेणी में रखा था और तीन साल का समय दिया था। तब ग्रुप ने अपना कर्ज रीस्ट्रक्चर करके और खुद को ‘नॉन-सिस्टमैटिक’ बताकर लिस्टिंग टाल दी थी। लेकिन अब RBI ने वे रास्ते बंद कर दिए हैं। 5. नोएल टाटा लिस्टिंग का विरोध क्यों कर रहे हैं? टाटा ट्रस्ट के पास टाटा संस की दो-तिहाई हिस्सेदारी है। नोएल टाटा को डर है कि लिस्टिंग होने से ग्रुप की कंपनियों पर टाटा ट्रस्ट्स का कंट्रोल कम हो सकता है। वह चाहते हैं कि टाटा संस पर ट्रस्ट की पकड़ पहले जैसी ही मजबूत बनी रहे। फरवरी में ऐसी खबरें भी आई थीं कि उन्होंने टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन से इस बात की गारंटी मांगी थी कि कंपनी लिस्ट नहीं होगी। 6. चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का इस पर क्या स्टैंड है? रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन से लिस्टिंग न होने की गारंटी मांगी, तो उन्होंने ऐसा वादा करने से इनकार कर दिया। उनका तर्क था कि यह रेगुलेटरी मामला है। इसी वजह से चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल के री-अपॉइंटमेंट पर वोटिंग भी टल गई थी। 7. क्या RBI टाटा ग्रुप को कोई खास छूट दे सकता है? इसकी संभावना बहुत कम है। RBI ने अनौपचारिक रूप से संकेत दिए हैं कि वह टाटा ग्रुप के लिए नियमों में कोई अपवाद नहीं बनाएगा। रेगुलेटर का मानना है कि अगर टाटा को छूट दी गई, तो दूसरी कंपनियां भी ऐसी ही मांग करेंगी, जिससे बैंकिंग नियम कमजोर पड़ेंगे। नॉलेज पार्ट: क्या होता है नॉमिनी डायरेक्टर? जब कोई संस्था जैसे टाटा ट्रस्ट किसी दूसरी कंपनी जैसे टाटा संस में बड़ी हिस्सेदारी रखती है, तो वह अपने हितों की रक्षा के लिए उस कंपनी के बोर्ड में अपने प्रतिनिधि भेजती है। इन्हें ही ‘नॉमिनी डायरेक्टर’ कहा जाता है। इनका काम यह सुनिश्चित करना होता है कि कंपनी के फैसले मुख्य संस्था की विचारधारा के अनुरूप हों।
Canvas System Outage | Global Schools Cyber Attack Threat

वॉशिंगटन16 मिनट पहले कॉपी लिंक दुनियाभर के हजारों स्कूलों और यूनिवर्सिटी में इस्तेमाल होने वाला कैनवास (Canvas) ऑनलाइन लर्निंग सिस्टम गुरुवार को साइबर अटैक के बाद ठप हो गया। फाइनल एग्जाम से ठीक पहले हुए इस आउटेज ने लाखों छात्रों और शिक्षकों को मुश्किल में डाल दिया। Canvas का इस्तेमाल ऑनलाइन पढ़ाई, असाइनमेंट, ग्रेड, लेक्चर वीडियो और परीक्षा सामग्री के लिए किया जाता है। सिस्टम बंद होने के बाद छात्र अपने नोट्स, लेक्चर स्लाइड्स और फाइनल एग्जाम सामग्री तक पहुंच नहीं बना सके। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में छात्रों ने शिकायत की कि वे परीक्षा की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। साइबर सिक्योरिटी फर्म एमिसॉफ्ट के थ्रेट एनालिस्ट ल्यूक कॉनॉली के मुताबिक शाइनीहंटर्स (ShinyHunters) नाम के हैकर ग्रुप ने हमले की जिम्मेदारी ली है। ग्रुप ने दावा किया कि उसने करीब 9 हजार स्कूल और शिक्षण संस्थानों के अरबों निजी मैसेज और रिकॉर्ड्स तक पहुंच बनाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हैकर्स रविवार से डेटा लीक करने की धमकी दे रहे थे। उन्होंने गुरुवार और 12 मई तक की डेडलाइन तय की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फिरौती से जुड़ा मामला हो सकता है। हालांकि, Canvas की पैरेंट कंपनी Instructure ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि सिस्टम को सुरक्षा कारणों से बंद किया गया या हैकर्स ने तकनीकी रूप से उसे ठप किया। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ आयोवा ने इसे ‘राष्ट्रीय स्तर की साइबर सुरक्षा घटना’ बताया। वर्जीनिया टेक ने कहा कि आउटेज का असर फाइनल एग्जाम और सेमेस्टर गतिविधियों पर पड़ रहा है। वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस ऐट सैन एंतोनियो ने कुछ फाइनल एग्जाम आगे बढ़ा दिए हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया के एक वरिष्ठ लेक्चरर ने कहा कि छात्र पूरे सेमेस्टर की पढ़ाई के लिए Canvas पर निर्भर थे और अब अकादमिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक शिक्षा संस्थानों में मौजूद बड़ी मात्रा में डिजिटल डेटा उन्हें साइबर अपराधियों का बड़ा निशाना बनाता है। इससे पहले भी अमेरिका के कई स्कूल डिस्ट्रिक्ट बड़े साइबर हमलों का शिकार हो चुके हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
तमिल में विजय के साथ खेला जाएगा? अगर डीएमके-एआईएडीएमके साथ आए तो पलटवार करेंगे

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद स्थिति ऐसी है कि कोई भी अपने दम पर सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है। विक्ट्री की टीवीके 108 मिनिस्ट्री के आकंड़े को अब तक कोई भी कलाकारी नहीं मिल पाई है। इसी बीच डीएमके और एआईएडीएमके के साथ आने की भी सुगबुगाहट तेज है। अगर ऐसा होता है तो तमिलनाडु में पूरा गेम ही पलट जाएगा। गवर्नर-जनरल विश्वनाथ अर्लेकर ने कथित तौर पर कहा कि इस खुलासे के बाद राजनीतिक आक्रोश और गहराई हो गई कि कोई भी पार्टी या गठबंधन जो आवश्यक संख्या में बल साबित कर सके, उसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। DMK-AIADMK के साथ क्या होगा? टीचर्स और एआईएडीएमके के गठबंधन को लेकर स्टॉक स्टॉक जा रहे हैं। डीएमके-अन्नाद्रमुक गठबंधन के अंतिम चरण में एआईएडीएमके बीजेपी के साथ गठबंधन टूट सकता है, क्योंकि लेफ्ट एंटरप्राइजेज के साथ गठबंधन संभव है। बता दें कि आईए आईएमके ने विधानसभा चुनाव बीजेपी के साथ सामूहिक मुकाबला किया था। एआईडीएमके को 47 सीटें मिलीं, जबकि बीजेपी को सिर्फ एक सीट पर जीत हासिल हुई। छोटे की भूमिका अहम तमिलनाडु के क्रमिक राजनीतिक घटनाक्रम में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सवादी (सीपीआई-एम), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) और विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन समर्थनों से ही यह तय होने की संभावना है कि अभिनेताओं से नेता बने विजय की तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) अगली सरकार बने सोयथ या टीचर्स और एआईए डॉक्युमेंट्री के सदस्य कोई वैकल्पिक वैकल्पिक संभावना में आएंगे। टीवीके को समर्थन देने पर सी सर्वे आज संभावित निर्णय टीचर्स के सहयोगी सी. क्रूज़ ने शुक्रवार (8 मई) को फैसला किया कि वह टीवीके को सरकार बनाने के लिए समर्थन देंगे या नहीं। पार्टी ने आज एक बैठक बुलाई है, जिसमें विजय पार्टी की ओर से अपील पर निर्णय लिया जाएगा। विक्ट्री की पार्टी टीवीके ने राज्य में ‘एक नया अनमोल’ सरकार बनाने का समर्थन मांगा है। बता दें कि विधानमंडल चुनाव में दो सीट पर तानाशाह हैं। एआईएडीएमके महासचिव का बड़ा बयान इसी बीच एआईएडीएमके के जनरल एडप्पाडी के। पलानीस्वामी ने दिया बड़ा बयान. उन्होंने अपने बैच से कहा है कि एआईए दस्तावेज़ ही अंतिम राज्य में अगली सरकार बनाएगी। पलानीस्वामी के दावे के बाद तमिलनाडु में नए राजनीतिक गणक बनने की घटनाएं तेज हो गईं। एआईएके पत्रिका ने पड़ोसी राज्य पुडुचेरी के एक पैलेस रिसॉर्ट में अपने बैच का अवलोकन किया है। पार्टी के दस्तावेज़ों के अनुसार, पलानीस्वामी ने गुरुवार देर रात रिज़ॉर्ट में पार्टी विश्लेषण से मुलाकात की और तमिलनाडु में तेजी से बदलती राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान कथित तौर पर उन्हें एआईए के प्रमुख दल का नेता चुना गया। बिश्नोई ने अपने नेतृत्व का समर्थन करते हुए हस्ताक्षर किए गए पत्र पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही पलानीस्वामी ने कहा है कि तमिल में सरकार एआईए डॉक्यूमेंट्री ही बनाएगी। ये भी पढ़ें- तमिलनाडु: विजय की पार्टी टीवीके के सभी 108 विधायक छोड़ देंगे, अगर डीएमके या एआईएडीएमके ने उठाया ये कदम स्कूल के-मेशिकल स्टूडियो का क्या फॉर्मूला तमिल में सरकार बनाने के लिए 118 यात्रियों को जाना चाहिए। कांग्रेस एलायंस से बाहर होने के बाद टीचर्स एलायंस के कुल नामांकन की संख्या 68 है। इसमें टीचर्स के 59, वीके के 2, सी बिजनेस के 2, सी बिजनेस (एम) के दो, मुस्लिम लीग के दो और टीचर्स के एक लीडर शामिल हैं। वहीं, फ़्रैंचाइज़ी एलायंस ने 53 रेस्तरां बनाए हैं। अकेले एआईडीएमके के खाते में 47, बीजेपी के 4, एएमएमके और बीजेपी ने एक-एक सीट पर कब्जा कर लिया है. दोनों गठबंधन अगर साथ आते हैं तो यह पात्र 121 प्रकट होता है, बीजेपी इससे बाहर भी निकलती है तो यह 120 होता है, जो बहुमत के आंकड़ों से 2 बहुमत है। डीएमके गठबंधनडीएमके – 59वीसीके – 2सीपीआई-2सीपीआई (एम) – 2आईयूएमएल – 2डीएमडीके – 1 कुल – 68 एडीएमके गठबंधन एडीएमके – 47पीएमके-4बीजेपी – 1एएमएमके – 1 कुल – 53 डीएमके + एडीएमके = 121 ‘हमारी पीठ पर छुरा कौन सा था?’ तमिल में विजय की टीवीके के समर्थन को लेकर पीएलआई डीएमके-कांग्रेस!” href=’https://www.abplive.com/news/india/dmk-congress-rift-tr-balu-manickam-tagore-mk-stalin-and-rahul-gandhhi-tamil-nadu-politics-news-3126824′ target=”_self”>‘हमारी पीठ पर छुरा कौन सा था?’ तमिल में विजय की टीवीके के समर्थन को लेकर पीएलआई डीएमके-कांग्रेस!
KPIT Co-Founder Ravi Pandit Passes Away

पुणे27 मिनट पहले कॉपी लिंक टेक कंपनी केपीआईटी (KPIT) ग्रुप के चेयरमैन और को-फाउंडर रवि पंडित का 72 साल की उम्र में शुक्रवार (8 मई) को निधन हो गया। कंपनी ने एक बयान जारी कर उनके निधन की जानकारी दी। हालांकि मौत के कारणों का खुलासा नहीं किया गया है। रवि पंडित को भारत के ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर और मोबिलिटी टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम के शुरुआती आर्किटेक्ट्स में गिना जाता था। 3 दशक में KPIT को ग्लोबल कंपनी बनाया रवि पंडित ने तीन दशकों से ज्यादा समय तक पुणे मुख्यालय वाली कंपनी KPIT का नेतृत्व किया। उनके मार्गदर्शन में KPIT एक घरेलू आईटी सर्विसेज कंपनी से बदलकर ग्लोबल ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर और मोबिलिटी इंजीनियरिंग फर्म बनी। आज यह कंपनी अमेरिका, यूरोप और एशिया के वाहन निर्माताओं को अपनी सेवाएं दे रही है। पंडित के नेतृत्व में कंपनी ने सॉफ्टवेयर-डिफाइंड मोबिलिटी, इलेक्ट्रिफिकेशन, ऑटोनॉमस ड्राइविंग और क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी पर फोकस किया। वर्तमान में KPIT का ऑपरेशन दुनिया के 15 देशों में फैला हुआ है। इंटरनेशनल लेवल तक पहुंचाया चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म का काम KPIT के अलावा रवि पंडित ‘कीर्तने एंड पंडित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स’ (KPCA) के भी चेयरमैन थे। यह एक प्रोफेशनल सर्विसेज फर्म है, जिसे उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने में मदद की। उनके प्रयासों से KPCA भारतीय मूल की सबसे बड़ी प्रोफेशनल सर्विसेज फर्मों में से एक बन गई, जिसमें 15 देशों के 1,200 से ज्यादा एक्सपर्ट्स काम करते हैं। नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के इकलौते प्राइवेट सेक्टर मेंबर रवि पंडित का प्रभाव केवल कॉर्पोरेट जगत तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने सार्वजनिक नीति और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में भी बड़ा योगदान दिया। वे भारत के ‘एम्पायर्ड ग्रुप फॉर नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन’ में प्राइवेट सेक्टर के एकमात्र प्रतिनिधि थे। हाल ही में उन्होंने ‘हृदय’ पहल को बढ़ावा दिया था, जो हाइड्रोजन आधारित ग्रामीण और कृषि विकास पर केंद्रित है। रवि पंडित कई बड़े संस्थानों के बोर्ड में रहे शामिल वे पुणे इंटरनेशनल सेंटर और ‘जनवानी’ जैसे नागरिक और नीतिगत प्लेटफार्मों के सह-संस्थापक भी थे। उन्होंने कई नामचीन संस्थाओं के बोर्ड में अपनी सेवाएं दीं। जिनमें थरमैक्स लिमिटेड, वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट इंडिया, आगा खान रूरल सपोर्ट प्रोग्राम इंडिया शामिल हैं। वे मराठा चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर (MCCIA) के अध्यक्ष भी रहे। गोल्ड मेडलिस्ट CA और अवॉर्ड लेखक रवि पंडित एक गोल्ड मेडलिस्ट चार्टर्ड अकाउंटेंट थे। उन्होंने एमआईटी स्लोअन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से पढ़ाई की थी और वे इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी के फेलो भी थे। उन्हें कोवेंट्री यूनिवर्सिटी और एमिटी यूनिवर्सिटी जैसी संस्थाओं द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया था। उन्होंने ‘लीपफ्रॉगिंग टू पोल-वॉल्टिंग’ नामक एक पुरस्कार विजेता पुस्तक भी लिखी, जो नवाचार और सतत विकास पर आधारित है। सॉफ्टवेयर डिफाइंड मोबिलिटी क्या है? यह ऐसी तकनीक है जहां वाहनों के फीचर्स और फंक्शन मैकेनिकल हार्डवेयर के बजाय सॉफ्टवेयर द्वारा कंट्रोल किए जाते हैं। रवि पंडित इसके शुरुआती समर्थकों में से थे। नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन भारत सरकार का वह लक्ष्य जिसके तहत देश को स्वच्छ ऊर्जा का ग्लोबल हब बनाना है। रवि पंडित इस मिशन के कोर ग्रुप में प्राइवेट सेक्टर की इकलौती आवाज थे। ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प की टैरिफ पॉलिसी को अमेरिकी कोर्ट ने अवैध बताया: 10% टैरिफ लगाने का फैसला रद्द; अदालत बोली- राष्ट्रपति ने शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया अमेरिका के एक फेडरल ट्रेड कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लगाए गए 10% ग्लोबल टैरिफ को अवैध घोषित कर दिया है। कोर्ट ने गुरुवार को 2-1 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि यह टैरिफ 1974 के व्यापार कानून के तहत सही नहीं थे। प्रशासन के पास कांग्रेस की अनुमति के बिना इतने बड़े पैमाने पर आयात शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
KPIT Co-Founder Ravi Pandit Passes Away

पुणे2 घंटे पहले कॉपी लिंक टेक कंपनी केपीआईटी (KPIT) ग्रुप के चेयरमैन और को-फाउंडर रवि पंडित का 72 साल की उम्र में शुक्रवार (8 मई) को निधन हो गया। कंपनी ने एक बयान जारी कर उनके निधन की जानकारी दी। हालांकि मौत के कारणों का खुलासा नहीं किया गया है। रवि पंडित को भारत के ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर और मोबिलिटी टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम के शुरुआती आर्किटेक्ट्स में गिना जाता था। 3 दशक में KPIT को ग्लोबल कंपनी बनाया रवि पंडित ने तीन दशकों से ज्यादा समय तक पुणे मुख्यालय वाली कंपनी KPIT का नेतृत्व किया। उनके मार्गदर्शन में KPIT एक घरेलू आईटी सर्विसेज कंपनी से बदलकर ग्लोबल ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर और मोबिलिटी इंजीनियरिंग फर्म बनी। आज यह कंपनी अमेरिका, यूरोप और एशिया के वाहन निर्माताओं को अपनी सेवाएं दे रही है। पंडित के नेतृत्व में कंपनी ने सॉफ्टवेयर-डिफाइंड मोबिलिटी, इलेक्ट्रिफिकेशन, ऑटोनॉमस ड्राइविंग और क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी पर फोकस किया। वर्तमान में KPIT का ऑपरेशन दुनिया के 15 देशों में फैला हुआ है। इंटरनेशनल लेवल तक पहुंचाया चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म का काम KPIT के अलावा रवि पंडित ‘कीर्तने एंड पंडित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स’ (KPCA) के भी चेयरमैन थे। यह एक प्रोफेशनल सर्विसेज फर्म है, जिसे उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने में मदद की। उनके प्रयासों से KPCA भारतीय मूल की सबसे बड़ी प्रोफेशनल सर्विसेज फर्मों में से एक बन गई, जिसमें 15 देशों के 1,200 से ज्यादा एक्सपर्ट्स काम करते हैं। नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के इकलौते प्राइवेट सेक्टर मेंबर रवि पंडित का प्रभाव केवल कॉर्पोरेट जगत तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने सार्वजनिक नीति और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में भी बड़ा योगदान दिया। वे भारत के ‘एम्पायर्ड ग्रुप फॉर नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन’ में प्राइवेट सेक्टर के एकमात्र प्रतिनिधि थे। हाल ही में उन्होंने ‘हृदय’ पहल को बढ़ावा दिया था, जो हाइड्रोजन आधारित ग्रामीण और कृषि विकास पर केंद्रित है। रवि पंडित कई बड़े संस्थानों के बोर्ड में रहे शामिल वे पुणे इंटरनेशनल सेंटर और ‘जनवानी’ जैसे नागरिक और नीतिगत प्लेटफार्मों के सह-संस्थापक भी थे। उन्होंने कई नामचीन संस्थाओं के बोर्ड में अपनी सेवाएं दीं। जिनमें थरमैक्स लिमिटेड, वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट इंडिया, आगा खान रूरल सपोर्ट प्रोग्राम इंडिया शामिल हैं। वे मराठा चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर (MCCIA) के अध्यक्ष भी रहे। गोल्ड मेडलिस्ट CA और अवॉर्ड लेखक रवि पंडित एक गोल्ड मेडलिस्ट चार्टर्ड अकाउंटेंट थे। उन्होंने एमआईटी स्लोअन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से पढ़ाई की थी और वे इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी के फेलो भी थे। उन्हें कोवेंट्री यूनिवर्सिटी और एमिटी यूनिवर्सिटी जैसी संस्थाओं द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया था। उन्होंने ‘लीपफ्रॉगिंग टू पोल-वॉल्टिंग’ नामक एक पुरस्कार विजेता पुस्तक भी लिखी, जो नवाचार और सतत विकास पर आधारित है। सॉफ्टवेयर डिफाइंड मोबिलिटी क्या है? यह ऐसी तकनीक है जहां वाहनों के फीचर्स और फंक्शन मैकेनिकल हार्डवेयर के बजाय सॉफ्टवेयर द्वारा कंट्रोल किए जाते हैं। रवि पंडित इसके शुरुआती समर्थकों में से थे। नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन भारत सरकार का वह लक्ष्य जिसके तहत देश को स्वच्छ ऊर्जा का ग्लोबल हब बनाना है। रवि पंडित इस मिशन के कोर ग्रुप में प्राइवेट सेक्टर की इकलौती आवाज थे। ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प की टैरिफ पॉलिसी को अमेरिकी कोर्ट ने अवैध बताया: 10% टैरिफ लगाने का फैसला रद्द; अदालत बोली- राष्ट्रपति ने शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया अमेरिका के एक फेडरल ट्रेड कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लगाए गए 10% ग्लोबल टैरिफ को अवैध घोषित कर दिया है। कोर्ट ने गुरुवार को 2-1 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि यह टैरिफ 1974 के व्यापार कानून के तहत सही नहीं थे। प्रशासन के पास कांग्रेस की अनुमति के बिना इतने बड़े पैमाने पर आयात शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
पश्चिम बंगाल में कौन बनेगा मुख्यमंत्री? अमित शाह के इन दो संकेतों से साफ हो गईं पूरी तस्वीरें

पश्चिम बंगाल में आज भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल की बैठक आदरणीय है। भाजपा की ओर से अमित शाह को बंगाल का पर्यवेक्षक बनाया गया है। वहीं बिप्लव कुमार देव सह पर्यवेक्षक हैं. कोलकाता में अमित शाह ने दिए दो संकेत, रेन बंगाल की तस्वीर काफी हद तक साफ हो चुकी है। अमित शाह के स्वागत के लिए बीजेपी के फायरब्रांड नेता शुभेंदु अधिकारी कोलकाता के साथ एयरपोर्ट पर पहुंचे थे, उनके बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, दिलीप घोष समेत कई बड़े नेता वहां मौजूद थे, अमित शाह ने शुभेंदु अधिकारी की प्रियंका थपथपाकर को बधाई दी. ऐसा उन्होंने सिर्फ शुभेंदु के साथ किया, जबकि कई और नेता भी मौजूद थे। इसे देखते हुए अमित शाह के शुभेंदु के सीएम के रेस में आगे बढ़ने के लिए ग्रीन सिग्नल दिए जा रहे हैं। इसके अलावा अमित शाह जब कोलकाता एयरपोर्ट से रवाना हुए तो वह शुभेंदु अधिकारी के साथ एक ही गाड़ी में सवार हो गए। इस बात से ली गई घोषणा में कहा जा रहा है कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने शुभेंदु अधिकारी का नाम सीएम के पद के लिए फाइनल कर दिया है। आज शाम करीब चार प्रधान मंत्री दल की बैठक होगी, जिसमें मुख्यमंत्री को लेकर तस्वीर पूरी तरह से साफ होगी कि बीजेपी बंगाल में विकास के लिए किसे अपने मजबूत समर्थक नेता हैं। ये भी पढ़ें- तमिलनाडु: विजय की पार्टी टीवीके के सभी 108 विधायक छोड़ देंगे, अगर डीएमके या एआईएडीएमके ने उठाया ये कदम” href=’https://www.abplive.com/news/india/tamil-nadu-गवर्नमेंट-फॉर्मेशन-tvk-all-mlas-may-resign-if-dmk-or-aiadmk-claims-for-govt-3126700′ target=”_self”>तमिलनाडु: विजय की पार्टी टीवीके के सभी 108 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया, अगर डीएमके या एआईएडीएमके ने इस्तीफा दे दिया माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री का हार्दिक स्वागत किया @अमितशाह जी कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अपने आगमन पर। यह पहली बार है जब ‘द मॉडर्न डे चाणक्य’ पश्चिम बंगाल की पवित्र भूमि का दौरा कर रहा है… pic.twitter.com/HEoz1ZNFbP – सुवेंदु अधिकारी (@SuvenduWB) 8 मई 2026 केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कोलकाता पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को कोलकाता पहुंचे। जानकारी में सामने आया है कि वे भारतीय जनता पार्टी के नए चुने गए लोगों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें मुख्यमंत्री का नाम तय होगा। राज्य में सरकार बनाने की दिशा में यह एक अहम कदम है.भाजपा दल की बैठक में सदनों के नेताओं का चयन. इस प्रक्रिया से ही अगले मुख्यमंत्री का नाम तय होगा. पार्टी पहली बार राज्य में अपनी सरकार बना रही है, इसलिए पार्टी के वरिष्ठ केंद्रीय नेता इस चुनावी प्रक्रिया की झलक दिखा रहे हैं। विधानसभा को भंग करने की अधिसूचना जारी पिछले पश्चिम बंगाल विधानसभा का नामांकन पत्र गुरुवार को ही समाप्त हो गया। इसके बाद राज्यपाल ने 17वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग करने की अधिसूचना जारी की। हालांकि, विधानसभा भंग के बावजूद, वर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपना पदनाम ‘पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री’ रखा है। वे फेसबुक, सलाम और ‘एक्स’ जैसे मंच पर खुद को अभी भी स्थिर मुख्यमंत्री के तौर पर ही बता रहे हैं। ममता बनर्जी अपनी भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनाव हार गयी हैं। हालाँकि, उन्होंने नेपोलियन के पद से हटने के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ने की घोषणा को अस्वीकार कर दिया था। ये भी पढ़ें- होर्मुज में अमेरिकियों ने आतंकियों को दिया बड़ा खतरा, कहा- अगर जल्दी छोड़ो तो.. पश्चिम बंगाल में इस बार भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला है। पार्टी ने 293 रिजीट में अकेले 207 रीजनल में जीत हासिल की। बीजेपी ने 2021 में अपने सभी 77 मंदिर और 130 नए मंदिर अपने-अपने हिस्से में घोषित कर दिए हैं.
In ‘Raaka’, the characters will become the film’s defining feature; the film could be the beginning of a new universe.

Hindi News Entertainment In ‘Raaka’, The Characters Will Become The Film’s Defining Feature; The Film Could Be The Beginning Of A New Universe. मुंबई17 मिनट पहले कॉपी लिंक इस बार भी फिल्म का टाइटल अल्लू अर्जुन के किरदार के नाम पर रखा गया है। अल्लू अर्जुन की फिल्म ‘पुष्पा’ और ‘पुष्पा 2: द रूल’ ने जिस तरह देशभर में रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल की, उसके बाद अब उनकी अगली फिल्म ‘राका’ को लेकर भी जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई है। खास बात यह है कि इस बार भी फिल्म का टाइटल सीधे अल्लू अर्जुन के किरदार के नाम पर रखा गया है। इंडस्ट्री में इसे एक सोची-समझी रणनीति माना जा रहा है, जहां स्टार की स्क्रीन इमेज को ही फिल्म की सबसे बड़ी ब्रांडिंग बनाया जा रहा है। निर्देशक एटली की इस मेगा बजट फिल्म में दीपिका पादुकोण भी अहम भूमिका में नजर आएंगी। सूत्रों के मुताबिक, ‘पुष्पा’ की सफलता के बाद मेकर्स ने यह समझ लिया कि अल्लू के किरदार सिर्फ कहानी का हिस्सा नहीं रहते, बल्कि खुद एक कल्ट पहचान बन जाते हैं। यही वजह है कि ‘राका’ में भी किरदार के नाम को ही फिल्म का टाइटल बनाया गया है, ताकि दर्शकों के बीच सीधा कनेक्शन तैयार हो सके। ट्रेड एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि ‘राका’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक नई सिनेमैटिक यूनिवर्स की शुरुआत साबित हो सकती है। वहीं एटली और अल्लू की जोड़ी को दक्षिण और हिंदी में बड़े गेम चेंजर साबित होगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
New TB Vaccine Research: टीबी मुक्त भारत की ओर कदम! DU के वैज्ञानिकों ने बनाई E. coli आधारित सबयूनिट वैक्सीन

New TB Vaccine Research: दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस की प्रोफेसर साधना शर्मा और मोनिका शर्मा की टीम ने E. coli आधारित एक नई TB सबयूनिट वैक्सीन विकसित की है. जिसके प्री-क्लिनिकल नतीजे काफी उत्साहजनक रहे हैं. यह शोध न केवल टीबी के खिलाफ एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प प्रदान करता है, बल्कि टीम शरीर में विटामिन-डी और टीबी के गहरे अंतर्संबंधों पर भी महत्वपूर्ण रिसर्च कर रही है. टीम ने E.coli आधारित नई TB सबयूनिट वैक्सीन विकसित की. प्री क्लिनिकल नतीजे उत्साहजनक रहे हैं. Vitamin D पर भी अध्ययन जारी है.
जिस जहाज पर हंतावायरस फैला उस पर 2 भारतीय:डॉक्टर बोले- यह कोरोना की तरह तेजी से नहीं फैलता; अब तक 3 की मौत

अटलांटिक माहासागर में क्रूज शिप MV होंडियस पर 2 भारतीय नागरिक शामिल है। यह वहीं क्रूज शिप हैं, जिस पर हंतावायरस फैला है। BBC के मुताबिक, अब तक जहाज पर हंतावायरस संक्रमण के पांच मामलों की पुष्टि हुई है और तीन लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, नीदरलैंड के लीडेन यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में भर्ती हंतावायरस मरीज का इलाज कर रहीं डॉक्टर करिन एलेन वेल्डकैंप ने कहा है कि यह वायरस कोरोना जैसा नहीं है। उन्होंने AFP से बातचीत में कहा कि हंतावायरस का इंसान से इंसान में फैलना आसान नहीं है। डॉक्टर के मुताबिक, इसका ट्रांसमिशन कोरोना की तुलना में काफी मुश्किल है। डच फ्लैग वाला यह जहाज स्पेन जा रहा है। यह 10 मई तक स्पेन के कैनेरनी आइलैंड तक पहुंच सकता है, जहां जहाज पर मौजूद सभी यात्रियों की जांच होगी। WHO ने कहा कि घटना गंभीर है, लेकिन फिलहाल आम लोगों के लिए खतरा कम माना जा रहा है। मरीजों को आइसोलेशन में रखा जा रहा डॉक्टर करिन एलेन वेल्डकैंप ने कहा, ऐसे मामलों में संक्रमित मरीजों को अलग आइसोलेशन रूम में रखा जाता है। उनकी देखभाल अच्छी तरह ट्रेन्ड स्टाफ करता है और सख्त बीमारी नियंत्रण नियमों का पालन किया जाता है। उन्होंने बताया कि मरीजों को तब तक आइसोलेशन में रखा जाता है, जब तक उनमें लक्षण दिखाई देते हैं। हालत सुधरने के बाद उनका टेस्ट किया जाता है। अगर रिपोर्ट निगेटिव आती है, तो आइसोलेशन हटाया जा सकता है। डॉक्टर के मुताबिक, अभी यह साफ नहीं है कि कोई व्यक्ति कितने समय तक वायरस अपने शरीर में रख सकता है। WHO प्रमुख ने कहा कि हंतावायरस का इंक्यूबेशन पीरियड छह हफ्ते तक हो सकता है। इसलिए आगे भी नए मामले सामने आने की आशंका बनी हुई है। WHO ने सेंट हेलेना में उतरने वाले यात्रियों के कारण 12 देशों को अलर्ट भेजा है। इनमें ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और सिंगापुर शामिल हैं। WHO- हंतावायरस खास तरह के चूहों से फैला WHO के मुताबिक तीनों मौत के मामलों में एंडीज स्ट्रेन का शक है, जो इंसानों के बीच भी फैल सकता है। एंडीज स्ट्रेन, हंतावायरस का ही एक प्रकार है, जो मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका (अर्जेंटीना और चिली) में पाया जाता है WHO ने बताया कि एंडीज स्ट्रेन बाकी हंतावायरस से अलग है। यह संक्रमित चूहों या उनके मल-मूत्र से तो फैलता ही है, लेकिन कुछ मामलों में इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। हालांकि यह संक्रमण कोरोना जितना तेजी से नहीं फैलता। जांच में पता चला है कि पहले दो पीड़ित जहाज पर चढ़ने से पहले चिली, अर्जेंटीना और उरुग्वे में बर्ड वॉचिंग ट्रिप पर गए थे। WHO के मुताबिक इन इलाकों में वायरस फैलाने वाले खास किस्म के चूहे पाए जाते हैं। अर्जेंटीना की एजेंसियां अब इस दंपती की यात्रा का पता लगा रही हैं। WHO ने यह भी बताया कि अर्जेंटीना पांच देशों की लैब्स में 2500 डायग्नोस्टिक किट भेज रहा है। WHO के मुताबिक जहाज पर पहला मरीज एक पुरुष यात्री था, जिसमें छह अप्रैल को लक्षण दिखे थे। उसकी पांच दिन बाद मौत हो गई। उस समय हंतावायरस की पुष्टि नहीं हो सकी, क्योंकि सैंपल नहीं लिया गया था और लक्षण दूसरे वायरल संक्रमण जैसे थे। इसके बाद उसकी पत्नी बीमार हुई और 25 अप्रैल को सेंट हेलेना में उसकी मौत हो गई। तीसरी महिला यात्री की दो मई को मौत हुई। 7 हफ्ते में कई देशों से गुजरा क्रूज नीदरलैंड के झंडे वाला यह क्रूज शिप 20 मार्च को अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ था। इसके बाद यह दक्षिणी ध्रुव के आसपास के इलाकों में गया और फिर अटलांटिक पार करते हुए यूरोप की ओर बढ़ रहा था। इसे सबसे आखिर में स्पेन के कैनरी द्वीप तक पहुंचना था, जो अफ्रीका के पास अटलांटिक में स्थित एक प्रमुख पर्यटन क्षेत्र है। जहाज में कुल 170 यात्री और 71 क्रू सदस्य मौजूद हैं। इनमें एक डॉक्टर भी शामिल है। पहला मृतक 70 साल का एक व्यक्ति था, जिसकी मौत जहाज पर ही हो गई थी। वह अपनी पत्नी के साथ इस यात्रा पर था। इसके बाद उसका शव दक्षिण अटलांटिक में स्थित सेंट हेलेना में उतारा गया। उसकी पत्नी बाद में दक्षिण अफ्रीका पहुंचीं, जहां से उन्हें अपने देश नीदरलैंड लौटना था। लेकिन एयरपोर्ट पर ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, वह बेहोश हो गईं और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई। क्रूज चलाने वाली कंपनी ओशनवाइड एक्सपेडिशंस ने बताया कि तीसरे मृतक का शव अभी भी जहाज पर केप वर्डे में मौजूद है।
मणिशंकर अय्यर ने टीवीके का समर्थन करने के लिए कांग्रेस की आलोचना की, राहुल गांधी से इंडिया ब्लॉक नेता के रूप में पद छोड़ने को कहा | भारत समाचार

आखरी अपडेट:08 मई, 2026, 13:00 IST कांग्रेस की हालिया चुनावी असफलताओं पर प्रकाश डालते हुए मणिशंकर अय्यर ने कहा कि अन्य नेता इंडिया ब्लॉक को मजबूत करने की दिशा में अधिक समय और ऊर्जा समर्पित करने में सक्षम हो सकते हैं। कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने शुक्रवार को तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की टीवीके को समर्थन देने के फैसले पर सबसे पुरानी पार्टी पर तीखा हमला बोला और राहुल गांधी के इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व पर भी सवाल उठाया। समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए, अनुभवी कांग्रेस नेता ने कहा कि राहुल गांधी को विपक्षी गठबंधन के नेता के रूप में पद छोड़ देना चाहिए और ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, एमके स्टालिन या तेजस्वी यादव जैसे क्षेत्रीय नेताओं को ब्लॉक की कमान संभालने की अनुमति देनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी की हालिया चुनावी असफलताओं पर प्रकाश डालते हुए, अय्यर ने कहा कि ये नेता इंडिया ब्लॉक को मजबूत करने के लिए अधिक समय और ऊर्जा समर्पित करने में सक्षम हो सकते हैं। अय्यर ने कहा, ”हम इतने अक्षम थे कि हमने ममता बनर्जी को दूर रखा और इसके कारण कांग्रेस कमजोर हो गई।” उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को नेतृत्व की स्थिति पर बने रहने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अय्यर ने तमिलनाडु में टीवीके के साथ गठबंधन करने के अपनी पार्टी के फैसले को “भयानक” बताया और कहा कि पार्टी में “कम राजनीतिक अवसरवादिता” की बू आ रही है और उन्होंने कहा कि अगर यह कदम द्रविड़ राज्य में “सांप्रदायिक भाजपा” के पिछले दरवाजे से प्रवेश की सुविधा प्रदान करता है तो यह राजनीतिक फुटबॉल के इतिहास में सबसे खराब लक्ष्य साबित होगा। अय्यर ने आगे कहा कि कांग्रेस ने डीएमके के साथ चुनाव लड़ने के तुरंत बाद अपने लंबे समय के सहयोगी को छोड़ दिया। उन्होंने तर्क दिया कि कांग्रेस ने मुख्य रूप से द्रमुक के साथ गठबंधन के कारण अपनी पांच विधानसभा सीटें जीतीं और पार्टी पर द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन के पक्ष में जनादेश की अनदेखी करने का आरोप लगाया। अय्यर ने टीवीके की ओर कांग्रेस के अचानक बदलाव के पीछे की नैतिकता और राजनीतिक बुद्धिमत्ता पर भी सवाल उठाया, खासकर विजय की पार्टी द्वारा कई निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस उम्मीदवारों के खिलाफ सीधे चुनाव लड़ने के बाद। अय्यर ने पीटीआई-भाषा से कहा, ”यह महात्मा गांधी की 1925 की कहावत ‘स्वराज को नैतिकता पर आधारित सरकार होनी चाहिए’ का अक्षम्य उल्लंघन है।” हिंदू तमिल में प्रकाशित एक लेख में, अनुभवी कांग्रेस नेता ने पूछा कि तमिलनाडु में कांग्रेस के साझेदार बदलने में क्या चाणक्य की जीत हुई है या महात्मा गांधी की। “कांग्रेस ने पांच सीटें जीतीं, अपने दम पर नहीं, बल्कि पूरी तरह से द्रमुक के साथ अपनी दशकों पुरानी कनिष्ठ साझेदारी के बल पर। वास्तव में, मेरा पूर्व संसदीय क्षेत्र मयिलादुतुरई द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन का इतना मजबूत गढ़ साबित हुआ, कि इसके छह विधानसभा क्षेत्रों में से पांच ने विजय के टीवीके के खिलाफ गठबंधन के सदस्यों की एक आकाशगंगा के पक्ष में मतदान किया, जिसमें दो सीटें द्रमुक को और एक-एक गठबंधन सहयोगी डीएमडीके, आईयूएमएल और कांग्रेस को मिलीं,” अय्यर ने अपने तमिल लेख में कहा। उन्होंने बताया कि इस प्रकार, जनादेश स्पष्ट रूप से द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन के पक्ष में और नवागंतुक के खिलाफ गया। कांग्रेस के दिग्गज नेता ने चेतावनी दी कि “नए और अनिश्चित साथी” के लिए द्रमुक जैसे भरोसेमंद सहयोगी को छोड़ना लंबे समय में पार्टी की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकता है। कांग्रेस, जो लंबे समय से द्रमुक की सहयोगी रही है, ने इस सप्ताह की शुरुआत में तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए विजय की टीवीके को समर्थन देने की घोषणा की थी। इस कदम से कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन समाप्त हो गया और राज्य में एक बड़े राजनीतिक पुनर्गठन की शुरुआत हुई। द्रमुक ने कांग्रेस पर पाला बदलकर पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाया है। 23 अप्रैल के चुनाव के बाद 234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। हालांकि कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों के साथ समर्थन दिया है, लेकिन टीवीके अभी भी अपने दम पर सरकार बनाने के लिए आवश्यक 118 सीटों के बहुमत के आंकड़े से पीछे है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया मणिशंकर अय्यर ने टीवीके का समर्थन करने के लिए कांग्रेस की आलोचना की, राहुल गांधी से इंडिया ब्लॉक नेता के रूप में पद छोड़ने को कहा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) मणिशंकर अय्यर कांग्रेस की आलोचना(टी)मणिशंकर अय्यर(टी)राहुल गांधी नेतृत्व(टी)इंडिया ब्लॉक पॉलिटिक्स(टी)कांग्रेस डीएमके गठबंधन(टी)विजय टीवीके तमिलनाडु(टी)तमिलनाडु राजनीतिक पुनर्गठन(टी)डीएमके कांग्रेस टूट








