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मस्सों की समस्या से हैं परेशान? होम्योपैथिक डॉक्टर ने बताए बचाव के साथ घरेलू इलाज

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आजकल त्वचा संबंधी समस्याओं में मस्सों की परेशानी तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है. चेहरे, गर्दन, हाथों और पैरों पर उभरने वाले छोटे-छोटे दाने शुरुआत में सामान्य लगते हैं, लेकिन समय के साथ यह मस्सों का रूप लेकर लोगों की सुंदरता और आत्मविश्वास दोनों को प्रभावित करने लगते हैं. कई लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि कुछ महंगे इलाज का सहारा लेते हैं. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सही समय पर पहचान और उचित उपचार से इस समस्या से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है. कैसे फैलता है वायरस दरअसल, मस्से मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के कारण होते हैं और यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने, उसकी वस्तुओं का उपयोग करने या त्वचा पर छोटे कट के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकता है. बता दें कि कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है. कई बार मस्से अपने आप समाप्त हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह तेजी से बढ़ने लगते हैं और शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकते हैं. इस बारे में लोकल 18 को अधिक जानकारी देते हुए अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक डॉक्टर रजिता ने बताया कि मस्से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के कारण होते हैं और यह स्किन एलर्जी की वजह से भी हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि किसी अन्य व्यक्ति का तौलिया इस्तेमाल करने से भी मस्सों की समस्या बढ़ सकती है, लेकिन होम्योपैथिक पद्धति से इसका इलाज संभव है. क्या है होम्योपैथी में इलाज उन्होंने बताया कि होम्योपैथी में Thuja Occidentalis, Causticum और Nitric Acid जैसी कई दवाइयां हैं, जिनका उपयोग करके मस्सों को जड़ से खत्म किया जा सकता है. हालांकि, अगर मस्सों में ब्लीडिंग की समस्या ज्यादा बढ़ गई हो, तो पहले किसी नजदीकी डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मस्सों को आमतौर पर सर्जिकल माध्यम से हटाया जाता है, लेकिन होम्योपैथी की कुछ दवाइयां इन्हें जड़ से झड़ने में मदद करती हैं. उन्होंने बताया कि कई लोग मस्सों को हटाने के लिए चूने का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह काफी घातक साबित हो सकता है. क्योंकि चूना लगाने से घाव हो सकता है, जिससे खासकर शुगर के मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है. क्या है लक्षण डॉ. रजिता ने बताया कि मस्सों की पहचान करना सामान्यतः आसान होता है. त्वचा पर छोटे, उभरे हुए और खुरदुरे दाने दिखाई देना इसका प्रमुख लक्षण है. इनका रंग त्वचा जैसा, हल्का भूरा, गुलाबी या सफेद हो सकता है. कई मस्सों पर छोटे काले बिंदु भी दिखाई देते हैं. कभी-कभी इनमें खुजली, जलन या खून आने जैसी समस्याएं भी देखने को मिलती हैं. इसलिए मस्सों को हाथ से छूने के बजाय एक बार डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए. होम्योपैथिक चिकित्सकों का कहना है कि मस्सों का उपचार केवल बाहरी रूप से नहीं, बल्कि शरीर की आंतरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करके किया जाना चाहिए. होम्योपैथी में रोग के मूल कारण को ध्यान में रखकर उपचार किया जाता है, जिससे मस्सों को जड़ से खत्म करने में मदद मिल सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ प्रमुख होम्योपैथिक औषधियां मस्सों के उपचार में उपयोगी मानी जाती हैं. Thuja Occidentalis को मस्सों की प्रमुख दवा माना जाता है, विशेष रूप से तब जब मस्से नरम, बड़े और तेजी से बढ़ रहे हों. Causticum उन मस्सों में लाभकारी मानी जाती है, जो चेहरे या हाथों पर अधिक संख्या में हों. Antimonium Crudum कठोर और मोटे मस्सों के लिए उपयोग की जाती है, जबकि Nitric Acid दर्द वाले और खून आने वाले मस्सों में राहत देने में सहायक मानी जाती है. घरेलू इलाज इसके अलावा घरेलू स्तर पर एलोवेरा जेल, केले के छिलके और प्याज के रस का प्रयोग भी लोग करते हैं. हालांकि, डॉक्टर बिना सलाह के किसी भी उपाय को अपनाने से बचने की सलाह देते हैं. उन्होंने बताया कि होम्योपैथिक पद्धति से कई बार एक हफ्ते में भी मस्सों का इलाज संभव हो जाता है. इसलिए नागरिक अस्पताल में 5 रुपये की पर्ची बनवाकर कोई भी व्यक्ति होम्योपैथिक ओपीडी में आकर जांच करवाकर निशुल्क दवा ले सकता है.

India Qualifies for Knockout Stage First Time

India Qualifies for Knockout Stage First Time

Hindi News Sports India Qualifies For Knockout Stage First Time | AFC U 17 Womens Asian Cup 10 मिनट पहले कॉपी लिंक अंडर-17 भारतीय महिला फुटबॉल टीम पहली बार AFC अंडर-17 महिला एशियन कप 2026 के क्वार्टरफाइनल में पहुंची है। चीन के सूझोऊ में खेले गए आखिरी ग्रुप मैच में भारत ने लेबनान को 4-0 से हराया। प्रीतिका बर्मन ने दो गोल किए, जबकि अल्वा देवी संजम और जोया ने एक-एक गोल दागा। भारत ने ग्रुप स्टेज 3 अंकों के साथ खत्म किया और थाईलैंड के साथ ‘बेस्ट थर्ड प्लेस’ टीम के तौर पर अंतिम आठ में जगह बनाई। छठे मिनट में भारत ने पहला गोल दागा भारत ने शुरुआत से ही लेबनान पर दबाव बनाए रखा। छठे मिनट में दिव्यानी लिंडा के लॉन्ग पास पर प्रीतिका बर्मन ने गोल कर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। 35वें मिनट में अल्वा देवी संजम ने स्कोर 2-0 कर दिया। दूसरे हाफ में भारत ने दो और गोल कर लेबनान की वापसी के रास्ते बंद कर दिए। भारत के लिए दो गोल करने वाली प्रितिका बर्मन, लेबनान के खिलाफ मुकाबले में एक्शन में। 2004 के बाद पहली बार नॉकआउट में पहुंची महिला टीम भारतीय महिला फुटबॉल के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। 2004 में AFC अंडर-19 महिला चैंपियनशिप के बाद पहली बार भारत की किसी महिला टीम ने एशियन कप के नॉकआउट स्टेज में जगह बनाई है। वहीं, 2018 में अंडर-16 पुरुष टीम के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बाद यह किसी भी भारतीय टीम का पहला नॉकआउट है। चीन से होगा क्वार्टर फाइनल मुकाबला सोमवार को क्वार्टर फाइनल में भारत का मुकाबला मेजबान चीन से होगा। चीन ग्रुप-A में तीनों मैच जीतकर 9 अंकों के साथ टॉप पर रहा। मैच सूझोऊ स्पोर्ट्स सेंटर स्टेडियम में खेला जाएगा। चीन टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है, इसलिए भारत के लिए यह मुकाबला कड़ी चुनौती होगा। अल्वा देवी मैच में भारत का दूसरा गोल करने का जश्न मनाती हुईं। वर्ल्ड कप के लिए सिर्फ एक जीत की दूरी अगर भारत सोमवार को चीन को हराता है, तो टीम सीधे मोरक्को में होने वाले FIFA अंडर-17 महिला वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालीफाई कर लेगी। यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय टीम (पुरुष या महिला) अपनी काबिलियत (Merit) के दम पर किसी भी लेवल के FIFA वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करेगी। इससे पहले भारत ने 2017 (U-17 पुरुष) और 2022 (U-17 महिला) वर्ल्ड कप में मेजबान होने के नाते हिस्सा लिया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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Hindi News Sports India Qualifies For Knockout Stage First Time | AFC U 17 Womens Asian Cup 31 मिनट पहले कॉपी लिंक अंडर-17 भारतीय महिला फुटबॉल टीम पहली बार AFC अंडर-17 महिला एशियन कप 2026 के क्वार्टरफाइनल में पहुंची है। चीन के सूझोऊ में खेले गए आखिरी ग्रुप मैच में भारत ने लेबनान को 4-0 से हराया। प्रीतिका बर्मन ने दो गोल किए, जबकि अल्वा देवी संजम और जोया ने एक-एक गोल दागा। भारत ने ग्रुप स्टेज 3 अंकों के साथ खत्म किया और थाईलैंड के साथ ‘बेस्ट थर्ड प्लेस’ टीम के तौर पर अंतिम आठ में जगह बनाई। छठे मिनट में भारत ने पहला गोल दागा भारत ने शुरुआत से ही लेबनान पर दबाव बनाए रखा। छठे मिनट में दिव्यानी लिंडा के लॉन्ग पास पर प्रीतिका बर्मन ने गोल कर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। 35वें मिनट में अल्वा देवी संजम ने स्कोर 2-0 कर दिया। दूसरे हाफ में भारत ने दो और गोल कर लेबनान की वापसी के रास्ते बंद कर दिए। भारत के लिए दो गोल करने वाली प्रितिका बर्मन, लेबनान के खिलाफ मुकाबले में एक्शन में। 2004 के बाद पहली बार नॉकआउट में पहुंची महिला टीम भारतीय महिला फुटबॉल के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। 2004 में AFC अंडर-19 महिला चैंपियनशिप के बाद पहली बार भारत की किसी महिला टीम ने एशियन कप के नॉकआउट स्टेज में जगह बनाई है। वहीं, 2018 में अंडर-16 पुरुष टीम के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बाद यह किसी भी भारतीय टीम का पहला नॉकआउट है। चीन से होगा क्वार्टर फाइनल मुकाबला सोमवार को क्वार्टर फाइनल में भारत का मुकाबला मेजबान चीन से होगा। चीन ग्रुप-A में तीनों मैच जीतकर 9 अंकों के साथ टॉप पर रहा। मैच सूझोऊ स्पोर्ट्स सेंटर स्टेडियम में खेला जाएगा। चीन टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है, इसलिए भारत के लिए यह मुकाबला कड़ी चुनौती होगा। अल्वा देवी मैच में भारत का दूसरा गोल करने का जश्न मनाती हुईं। वर्ल्ड कप के लिए सिर्फ एक जीत की दूरी अगर भारत सोमवार को चीन को हराता है, तो टीम सीधे मोरक्को में होने वाले FIFA अंडर-17 महिला वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालीफाई कर लेगी। यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय टीम (पुरुष या महिला) अपनी काबिलियत (Merit) के दम पर किसी भी लेवल के FIFA वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करेगी। इससे पहले भारत ने 2017 (U-17 पुरुष) और 2022 (U-17 महिला) वर्ल्ड कप में मेजबान होने के नाते हिस्सा लिया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

PF Withdrawal Instant Money for 7.8 Crore Subscribers

PF Withdrawal Instant Money for 7.8 Crore Subscribers

Hindi News Business EPFO ATM UPI Launch: PF Withdrawal Instant Money For 7.8 Crore Subscribers नई दिल्ली11 मिनट पहले कॉपी लिंक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) मई के अंत तक ATM और UPI के जरिए फंड निकालने की सुविधा शुरू करने जा रहा है। EPFO 3.0 पहल के तहत 7.8 करोड़ सब्सक्राइबर्स को बिना किसी कागजी कार्रवाई के फंड तुरंत मिल सकेगा। ये सिस्टम 2026 के मध्य तक पूरी तरह से लागू हो जाएगा। इसके बाद PF से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं यूजर फ्रेंडली हो जाएंगी। इसमें ऑटो-क्लेम सेटलमेंट और कर्मचारी की पसंद के बैंक खाते में सीधे फंड ट्रांसफर करने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। ATM और UPI का विकल्प मिलने से PF खाताधारकों को दफ्तर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आइए इस नई व्यवस्था और इससे होने वाले बदलावों को इन सवाल-जवाब से समझें… सवाल 1: EPFO 3.0 क्या है और इसे लेकर इतनी चर्चा क्यों है? जवाब: EPFO यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन। ये सैलरी से कटने वाली PF राशि को मैनेज करता है और रिटायरमेंट के लिए बचत का इंतजाम करता है। EPFO 3.0 इसका नया डिजिटल अपग्रेड है, जो 8-9 करोड़ सदस्यों के लिए PF प्रोसेस को आसान और तेज करने वाला है। इसमें ऑटोमैटिक क्लेम सेटलमेंट, तेज सर्विसेज और ज्यादा पारदर्शिता होगी। EPFO 2.0 में पहले ही कुछ सुधार हुए थे, लेकिन 3.0 को गेम-चेंजर माना जा रहा है। श्रम मंत्री ने कहा था कि ये 2025 के मध्य तक लॉन्च होगा, लेकिन अब इसमें थोड़ी देरी हो रही है। सवाल 2: ATM-UPI से PF विड्रॉल की सुविधा क्या है और ये कैसे काम करेगी? जवाब: ये EPFO 3.0 का सबसे खास फीचर है। अभी PF निकालने के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरना पड़ता है, दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं और 7-10 दिन का इंतजार करना पड़ता है। लेकिन EPFO 3.0 में आप अपने PF खाते से ATM के जरिए सीधे पैसे निकाल सकेंगे, जैसे डेबिट कार्ड से कैश निकालते हैं। साथ ही फोनपे, गूगलपे जैसे UPI एप से 1 लाख रुपए तक तुरंत ट्रांसफर हो सकेंगे। इससे इमरजेंसी में पैसों की जरूरत आसानी से पूरी हो सकेगी। सवाल 3: आसान निकासी की सुविधा क्या सभी को मिलेगी? जवाब: ATM, UPI से निकासी की कुछ शर्तें होंगी। सदस्य का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर एक्टिव होना जरूरी है। यह आधार, पैन, बैंक अकाउंट नंबर, IFSC कोड जैसे दस्तावेजों से जुड़ा भी होना चाहिए। PF खाते से कितना पैसा निकाल सकेंगे? जवाब: ईपीएफओ ATM या UPI के जरिए निकासी की सीमा तय करने जा रहा है। इसके तहत यूजर अपने PF खाते में जमा कुल राशि का अधिकतम 50% ही निकाल पाएंगे। हालांकि, PF विड्रॉल के नियम के तहत अगर किसी मेंबर की नौकरी चली जाती है तो वह 1 माह के बाद PF अकाउंट से 75% पैसा निकाल सकता है। इससे वह बेरोजगारी के दौरान अपनी जरूरतें पूरी कर सकता है। PF में जमा बाकी 25% हिस्से को जॉब छूटने के दो महीने बाद निकाला जा सकता है। सवाल: 4 ATM और UPI से पीएफ का पैसा कैसे निकालेगा? जवाब: इस नई प्रोसेस में EPFO अपने सब्सक्राइबर्स को एक विशेष ATM कार्ड जारी करेगा, जो उनके PF अकाउंट से लिंक होगा। इस कार्ड का इस्तेमाल करके सब्सक्राइबर्स ATM मशीनों से सीधे अपने PF का पैसा निकाल सकेंगे। वहीं UPI से पैसा निकालने के लिए आपको अपने PF अकाउंट को UPI से लिंक करना होगा। इसके बाद सब्सक्राइबर्स PF का पैसा अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर सकेंगे। सवाल 5: ATM निकासी के अलावा EPFO 3.0 में और क्या नया आएगा? जवाब: कई नई सुविधाएं आएंगी: क्लेम दाखिल करते ही ऑटोमैटिकली अप्रूव हो जाएगा, मैनुअल चेकिंग की जरूरत नहीं। PF डिटेल्स में गलती हो तो EPFO ऑफिस जाने की जरूरत नहीं, ऑनलाइन ठीक होगी। e-KYC प्रक्रिया आसान होगी। एप या पोर्टल पर तुरंत अपडेट्स मिलेंगे। पेंशनर्स के लिए सेंट्रलाइज्ड पेमेंट सिस्टम। इससे किसी भी बैंक ब्रांच से पेंशन मिल सकेगी। हाउसिंग, एजुकेशन, मैरिज जैसे कामों के लिए PF निकालना आसान होगा। सवाल 6: सदस्यों को इसका क्या फायदा होगा? कोई शर्तें हैं क्या? जवाब: तुरंत पैसे निकालने की सुविधा, कम पेपर वर्क, समय की बचत जैसे फायदे होंगे। लेकिन कुछ शर्तें हैं जैसे UAN एक्टिवेट होना चाहिए, आधार-PAN बैंक खाते से लिंक होने चाहिए। अगर सर्विस 5 साल से कम है, तो फाइनल सेटलमेंट के लिए PAN जरूरी है। 10 साल की सर्विस के बाद पूरी राशि निकालने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है, लेकिन अभी पक्का नहीं। कुल मिलाकर, ये सुविधाएं नौकरी बदलने वालों और आपातकाल में मदद चाहने वालों के लिए बहुत उपयोगी होंगी। सवाल 7: PF खाते में जमा पैसे निकालना कितना सही कदम है? जवाब: एक्सपर्ट्स के मुताबिक, PF खाता आपके रिटायरमेंट का आधार है। इसमें मिलने वाला चक्रवृद्धि ब्याज लंबी अवधि में एक बड़ा फंड तैयार करता है। EPFO ने निकासी प्रक्रिया को डिजिटल और तेज जरूर बनाया है, लेकिन हर छोटी निकासी उनके बुढ़ापे की सुरक्षा को कमजोर करती है। PF निकासी इनकम टैक्स के नियम कर्मचारी को यदि किसी कंपनी में सेवाएं देते 5 साल पूरे हो जाते हैं और वो PF निकालता है तो उस पर इनकम टैक्स की कोई लायबिलिटी नहीं होती। 5 साल की अवधि एक या इससे ज्यादा कंपनियों को मिलाकर भी हो सकती है। एक ही कंपनी में 5 साल पूरे करना जरूरी नहीं। कुल अवधि कम से कम 5 साल होना जरूरी होता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

PF Withdrawal Instant Money for 7.8 Crore Subscribers

PF Withdrawal Instant Money for 7.8 Crore Subscribers

Hindi News Business EPFO ATM UPI Launch: PF Withdrawal Instant Money For 7.8 Crore Subscribers नई दिल्ली13 मिनट पहले कॉपी लिंक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) मई के अंत तक ATM और UPI के जरिए फंड निकालने की सुविधा शुरू करने जा रहा है। EPFO 3.0 पहल के तहत 7.8 करोड़ सब्सक्राइबर्स को बिना किसी कागजी कार्रवाई के फंड तुरंत मिल सकेगा। ये सिस्टम 2026 के मध्य तक पूरी तरह से लागू हो जाएगा। इसके बाद PF से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं यूजर फ्रेंडली हो जाएंगी। इसमें ऑटो-क्लेम सेटलमेंट और कर्मचारी की पसंद के बैंक खाते में सीधे फंड ट्रांसफर करने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। ATM और UPI का विकल्प मिलने से PF खाताधारकों को दफ्तर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आइए इस नई व्यवस्था और इससे होने वाले बदलावों को इन सवाल-जवाब से समझें… सवाल 1: EPFO 3.0 क्या है और इसे लेकर इतनी चर्चा क्यों है? जवाब: EPFO यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन। ये सैलरी से कटने वाली PF राशि को मैनेज करता है और रिटायरमेंट के लिए बचत का इंतजाम करता है। EPFO 3.0 इसका नया डिजिटल अपग्रेड है, जो 7.8 करोड़ सदस्यों के लिए PF प्रोसेस को आसान और तेज करने वाला है। EPFO 2.0 में पहले ही कुछ सुधार हुए थे, लेकिन 3.0 को गेम-चेंजर माना जा रहा है। सवाल 2: ATM-UPI से PF विड्रॉल की सुविधा क्या है और ये कैसे काम करेगी? जवाब: ये EPFO 3.0 का सबसे खास फीचर है। अभी PF निकालने के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरना पड़ता है, दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं और 7-10 दिन का इंतजार करना पड़ता है। लेकिन EPFO 3.0 में आप अपने PF खाते से ATM के जरिए सीधे पैसे निकाल सकेंगे, जैसे डेबिट कार्ड से कैश निकालते हैं। साथ ही फोनपे, गूगलपे जैसे UPI एप से 1 लाख रुपए तक तुरंत ट्रांसफर हो सकेंगे। इससे इमरजेंसी में पैसों की जरूरत आसानी से पूरी हो सकेगी। सवाल 3: आसान निकासी की सुविधा क्या सभी को मिलेगी? जवाब: ATM, UPI से निकासी की कुछ शर्तें होंगी। सदस्य का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर एक्टिव होना जरूरी है। यह आधार, पैन, बैंक अकाउंट नंबर, IFSC कोड जैसे दस्तावेजों से जुड़ा भी होना चाहिए। PF खाते से कितना पैसा निकाल सकेंगे? जवाब: ईपीएफओ ATM या UPI के जरिए निकासी की सीमा तय करने जा रहा है। इसके तहत यूजर अपने PF खाते में जमा कुल राशि का अधिकतम 50% ही निकाल पाएंगे। हालांकि, PF विड्रॉल के नियम के तहत अगर किसी मेंबर की नौकरी चली जाती है तो वह 1 माह के बाद PF अकाउंट से 75% पैसा निकाल सकता है। इससे वह बेरोजगारी के दौरान अपनी जरूरतें पूरी कर सकता है। PF में जमा बाकी 25% हिस्से को जॉब छूटने के दो महीने बाद निकाला जा सकता है। सवाल: 4 ATM और UPI से पीएफ का पैसा कैसे निकालेगा? जवाब: इस नई प्रोसेस में EPFO अपने सब्सक्राइबर्स को एक विशेष ATM कार्ड जारी करेगा, जो उनके PF अकाउंट से लिंक होगा। इस कार्ड का इस्तेमाल करके सब्सक्राइबर्स ATM मशीनों से सीधे अपने PF का पैसा निकाल सकेंगे। वहीं UPI से पैसा निकालने के लिए आपको अपने PF अकाउंट को UPI से लिंक करना होगा। इसके बाद सब्सक्राइबर्स PF का पैसा अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर सकेंगे। सवाल 5: ATM निकासी के अलावा EPFO 3.0 में और क्या नया आएगा? जवाब: कई नई सुविधाएं आएंगी: क्लेम दाखिल करते ही ऑटोमैटिकली अप्रूव हो जाएगा, मैनुअल चेकिंग की जरूरत नहीं। PF डिटेल्स में गलती हो तो EPFO ऑफिस जाने की जरूरत नहीं, ऑनलाइन ठीक होगी। e-KYC प्रक्रिया आसान होगी। एप या पोर्टल पर तुरंत अपडेट्स मिलेंगे। पेंशनर्स के लिए सेंट्रलाइज्ड पेमेंट सिस्टम। इससे किसी भी बैंक ब्रांच से पेंशन मिल सकेगी। हाउसिंग, एजुकेशन, मैरिज जैसे कामों के लिए PF निकालना आसान होगा। सवाल 6: सदस्यों को इसका क्या फायदा होगा? कोई शर्तें हैं क्या? जवाब: तुरंत पैसे निकालने की सुविधा, कम पेपर वर्क, समय की बचत जैसे फायदे होंगे। लेकिन कुछ शर्तें हैं जैसे UAN एक्टिवेट होना चाहिए, आधार-PAN बैंक खाते से लिंक होने चाहिए। अगर सर्विस 5 साल से कम है, तो फाइनल सेटलमेंट के लिए PAN जरूरी है। 10 साल की सर्विस के बाद पूरी राशि निकालने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है, लेकिन अभी पक्का नहीं। कुल मिलाकर, ये सुविधाएं नौकरी बदलने वालों और आपातकाल में मदद चाहने वालों के लिए बहुत उपयोगी होंगी। सवाल 7: PF खाते में जमा पैसे निकालना कितना सही कदम है? जवाब: एक्सपर्ट्स के मुताबिक, PF खाता आपके रिटायरमेंट का आधार है। इसमें मिलने वाला चक्रवृद्धि ब्याज लंबी अवधि में एक बड़ा फंड तैयार करता है। EPFO ने निकासी प्रक्रिया को डिजिटल और तेज जरूर बनाया है, लेकिन हर छोटी निकासी उनके बुढ़ापे की सुरक्षा को कमजोर करती है। PF निकासी इनकम टैक्स के नियम कर्मचारी को यदि किसी कंपनी में सेवाएं देते 5 साल पूरे हो जाते हैं और वो PF निकालता है तो उस पर इनकम टैक्स की कोई लायबिलिटी नहीं होती। 5 साल की अवधि एक या इससे ज्यादा कंपनियों को मिलाकर भी हो सकती है। एक ही कंपनी में 5 साल पूरे करना जरूरी नहीं। कुल अवधि कम से कम 5 साल होना जरूरी होता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Urvashi Rautela Calls Virat Kohli Jiju for IPL 2026

Urvashi Rautela Calls Virat Kohli Jiju for IPL 2026

15 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला IPL 2026 में विराट कोहली की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को सपोर्ट कर रही हैं। साथ ही उन्होंने विराट कोहली को अपना जीजू बताया। मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में उर्वशी ने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘हमारे तो जीजू हैं, विराट कोहली। फिर हम आपको सपोर्ट क्यों नहीं करेंगे? बिल्कुल करेंगे।’ जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें क्रिकेट देखने का समय मिलता है, तो उर्वशी ने कहा कि वह ज्यादा मैच नहीं देख पातीं, लेकिन IPL के सेमीफाइनल और फाइनल को लेकर काफी एक्साइटेड रहती हैं। वहीं RCB के इस साल ट्रॉफी जीतने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘क्यों नहीं?’ विराट के साथ ऐड शूट नहीं हो पाया था इंटरव्यू के दौरान उर्वशी ने यह भी बताया कि विराट कोहली के साथ एक ऐड शूट करना था, लेकिन वह हो नहीं पाया था। IPL 2026 की पॉइंट्स टेबल में डिफेंडिंग चैंपियन RCB तीसरे स्थान पर है। टीम ने अब तक खेले गए 10 मैचों में से 6 जीते हैं और 4 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। इंस्पेक्टर अविनाश 2 में दिखेंगी उर्वशी वर्क फ्रंट की बात करें तो उर्वशी जल्द वेब सीरीज इंस्पेक्टर अविनाश के दूसरे सीजन में नजर आएंगी। इसमें वह रणदीप हुड्डा की पत्नी पूनम मिश्रा के रोल में दिखेंगी। 15 मई से उर्वशी की वेब सीरीज इंस्पेक्टर अविनाश 2 जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी। फिल्मों की बात करें तो उर्वशी जल्द अक्षय कुमार स्टारर फिल्म वेलकम टू द जंगल में नजर आएंगी। फिल्म 26 जून को रिलीज होगी। वहीं, उन्हें बड़े पर्दे पर आखिरी बार तेलुगु फिल्म डाकू महाराज में देखा गया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Jaipur SMS College MBBS Student Suicide Case; Nitin Yadav

Jaipur SMS College MBBS Student Suicide Case; Nitin Yadav

जयपुर5 घंटे पहले कॉपी लिंक सवाई मान सिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज के न्यू आरडी हॉस्टल में MBBS फाइनल ईयर के स्टूडेंट ने सुसाइड कर लिया। उसने शनिवार तड़के 8वें फ्लोर पर फंदा लगा लिया। सुसाइड की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। परिवार ने सवाल खड़े किए कि यूजी के स्टूडेंट को पीजी के हॉस्टल में एंट्री कैसे दी गई। नितिन यादव (22) 20 दुकान (नायला हाउस) के पास 4 दोस्तों के साथ किराए के फ्लैट में रहता था। उसका आज (शनिवार) फोरेंसिक मेडिसिन का पेपर था। एसएमएस थाना प्रभारी राजेश शर्मा ने बताया- नितिन अपने दोस्तों के साथ एसके मेनन हॉस्टल (यूजी) में पढ़ने पहुंचा था। वहां से रात करीब 2 बजे अपने फ्लैट पर जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद छात्र ने 2.45 बजे न्यू आर डी हॉस्टल (पीजी) में पहुंचा। शुक्रवार देर रात करीब 2.45 बजे न्यू आर डी हॉस्टल में नितिन यादव दिखा था। सीसीटीवी में हॉस्टल में घूमता दिखा नितिन यादव सीसीटीवी में 2.51 बजे तक सातवीं मंजिल पर दिखा। 3.15 बजे तक छात्र सीसीटीवी में दिखाई दिया। जिस 8वीं मंजिल पर छात्र ने फंदा लगाया, वहां सीसीटीवी नहीं था। महिला गार्ड ने सुबह साढ़े 5 बजे छात्र को फंदे से लटका देखा। सुबह साढ़े 6 बजे पुलिस को सूचना मिली थी। इसके बाद मौके पर पुलिस ने पहुंचकर एफएसएल की टीम की मौजूदगी में छात्र को फंदे से उतरवाया। उसके पस किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है। उसके पास से पुलिस को एक स्मार्ट फोन और लैपटॉप मिला है। हॉस्टल स्टाफ का कहना है कि छात्र लैपटॉप बैग में खुद रस्सी लेकर आया था। SMS मेडिकल कॉलेज के न्यू आरडी हॉस्टल की 8वीं मंजिल पर युवक ने सुसाइड किया। हॉस्टल की पांचवीं, छठी और सातवीं मंजिल पर छात्राएं रहती हैं नितिन ने जिस हॉस्टल में सुसाइड किया उसकी दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर छात्र रहते हैं। वहीं, पांचवीं, छठी और सातवीं मंजिल पर छात्राएं रहती हैं। 8वीं मंजिल पर छत है। पिता कमांडो, तीन साल से एमबीबीएस कर रहा नितिन यादव अलवर का रहने वाला था। पिता अर्जुन सिंह बीएसएफ में कमांडो हैं। उनके दो बेटे हैं। इनमें नितिन छोटा बेटा था। पिछले तीन साल से वह जयपुर में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। नितिन के मामा अमृत ने बताया- नितिन एमबीबीएस में थर्ड ईयर का छात्र था। पढ़ाई में कोई परेशानी न हो इसके चलते उसने दो दिन से घर पर भी फोन पर बात नहीं की थी। मामा बोले- वो आत्महत्या नहीं कर सकता अमृत ने नितिन की आत्महत्या पर सवाल उठाते हुए कहा- नितिन बेहद समझदार और प्रतिभाशाली बच्चा था। वो आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकता। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

पंजाब किंग्स की टीम मैक्लोडगंज पहुंची:स्थानीय व्यंजनों का उठाया लुत्फ, धर्मशाला स्टेडियम में जीत के लिए पूजा; खिलाड़ियों की एक झलक को उमड़ी भीड़

पंजाब किंग्स की टीम मैक्लोडगंज पहुंची:स्थानीय व्यंजनों का उठाया लुत्फ, धर्मशाला स्टेडियम में जीत के लिए पूजा; खिलाड़ियों की एक झलक को उमड़ी भीड़

आईपीएल के मौजूदा सीजन में अपनी जीत की लय बरकरार रखने और आगामी मुकाबलों में सफलता सुनिश्चित करने के लिए पंजाब किंग्स की टीम शुक्रवार को मैक्लोडगंज पहुंची। टीम के खिलाड़ियों और प्रबंधन ने शुक्रवार रात प्रसिद्ध ‘मैक्लो रेस्टोरेंट’ में समय बिताया। यहां टीम ने स्थानीय व्यंजनों का आनंद लिया। खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए प्रशंसकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे इलाके में कुछ देर के लिए गहमागहमी रही। मैदान पर उतरने से पहले टीम ने आध्यात्मिक आशीर्वाद को प्राथमिकता दी। टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों ने धर्मशाला के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया। टीम की जीत के लिए आहुतियां डाली गईं यह पूजा आगामी मैचों के सफल आयोजन और टीम के बेहतर प्रदर्शन की कामना के लिए की गई। इस दौरान स्थानीय पंडितों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच टीम की जीत के लिए आहुतियां डाली गईं। धौलाधार की पहाड़ियों की तलहटी में स्थित यह स्टेडियम अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। खिलाड़ियों को मानसिक रूप से तरोताजा करने की रणनीति पंजाब किंग्स के लिए यह मैदान ‘होम ग्राउंड’ के रूप में महत्वपूर्ण माना जाता है। टीम प्रबंधन का मानना है कि यहां की सकारात्मक ऊर्जा खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने में सहायक होगी। मैक्लोडगंज के शांत वातावरण में बिताया गया यह समय खिलाड़ियों को मानसिक रूप से तरोताजा करने की रणनीति का हिस्सा भी है। एचपीसीए ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए आने वाले दिनों में यहां हाई-वोल्टेज मुकाबले होने हैं, जिसे लेकर जिला प्रशासन और एचपीसीए ने भी सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं। टीम अब इस आध्यात्मिक ऊर्जा और अभ्यास के साथ मैदान पर प्रदर्शन करने को तैयार है।

सुवेंदु अधिकारी शपथ: बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के साथ और कौन-कौन शपथ? सामने आई सरकारी मंत्री की लिस्ट

सुवेंदु अधिकारी शपथ: बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के साथ और कौन-कौन शपथ? सामने आई सरकारी मंत्री की लिस्ट

पश्चिम बंगाल में शनिवार (9 मई 2026) को बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ। शुभेंदु के नवाब और कौन-कौन नेता शामिल होंगे, इसकी एक सूची भी सामने आई है। बीजेपी की तरफ से अभी आधिकारिक घोषणा तो नहीं हुई है, लेकिन पार्टी के कई बड़े नेताओं के नाम बीजेपी की सूची में सामने आ गए हैं. शुभेंदु अधिकारी के अनुसार, भाजपा के वरिष्ठ नेता अग्निमित्रा पॉल, रूपा घोष, दिलीप घोष, स्वपन दासगुप्ता, शंकर घोष, सरदत्त मुखर्जी, इंद्रनील खा और अजित कुमार शामिल हो सकते हैं। ये सभी नेता लंबे समय से पार्टी में सक्रिय रह रहे हैं और पश्चिम बंगाल में भाजपा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा कुछ और नेताओं के नाम की भी चर्चा है, जिसमें नई सरकार में जिम्मेदारी दी जा सकती है। इनमें दीपंजन क्रिएटर, ज्वेल मुर्मू, नमन राय, दीपक बर्मन, सजल घोष और बंकिम घोष शामिल हैं। पार्टी के प्रमुखों का कहना है कि सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर ध्यान देते हुए पार्टियों का गठन किया जा रहा है ये भी पढ़ें: शुभेंदु अधिकारी बंगाल के नए सीएम पद की शपथ, चुनाव जीत पर जानें बांग्लादेश के पूर्व पीएम शेख हसीना फिल्म और सांस्कृतिक जगत से जुड़े रिश्ते को मौका फिल्म और सांस्कृतिक जगत से जुड़े लोग भी नई सरकार में शामिल हो सकते हैं। अभिनेता रुद्रनील घोष, रथइंद्रनाथ बसु और जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को भी शामिल किया जा रहा है। बीजेपी पहली बार पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने जा रही है, इसलिए ऐसी पार्टी तैयार करना चाहती है जिसमें राजनीतिक अनुभव के साथ अलग-अलग कलाकारों के प्रतिनिधि भी शामिल हों। शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बनने वाली यह सरकार पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव ला रही है। अब इस बात पर गौर करें कि अंतिम सूची में किन-किन नेताओं के कौन-कौन से स्थान हैं और कौन सा विभाग दिया गया है। बंगाल चुनाव में किस पार्टी ने सबसे ऊंची रैली निकाली पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी को बड़ी जीत मिली है। भाजपा ने 206 वोट हासिल कर 2-तिहाई से बहुमत हासिल कर लिया है। इसके साथ ही राज्य में 15 साल पुराने नेपोलियन कांग्रेस के शासन का अंत हो गया है। यह चुनावी सूची की विशेष गहनता पुनरीक्षण अर्थात सर के बाद पहला चुनाव हुआ था। चुनाव में पारंपरिक कांग्रेस को बड़ा झटका लगा था. पार्टी को सिर्फ 80 सीटें मिलीं और एक सीट पर बढ़त बनी हुई है। राज्य की कुल 293 विधानसभाओं में से 292 विधानसभाओं के नतीजे घोषित किये गये हैं। अन्य धर्मशास्त्रों की बात करें तो कांग्रेस को 2 पादरी मिले हैं। आम जनता पार्टी (एजेयूपी) ने भी 2 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं सी नौकरीपेशा(एम) सिर्फ 1 सीट जीतने में सफल रही। ये भी पढ़ें: ऑपरेशन सिन्दूर में भारत ने जैश के मुख्यालय को बनाया था स्थिर, वो फिर से तैयार हो जाएगा, पाकिस्तान सरकार ने दिए 25 करोड़ (टैग्सटूट्रांसलेट)सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल बीजेपी सरकार(टी)पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री(टी)बीजेपी कैबिनेट(टी)अग्निमित्र पॉल(टी)दिलीप घोष(टी)रूपा गांगुली(टी)बंगाल राजनीति(टी)बीजेपी विधायक(टी)पश्चिम बंगाल शपथ ग्रहण 2026(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)बीजेपी(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल बीजेपी सरकार(टी)पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री(टी)बीजेपी कैबिनेट(टी)अग्निमित्रा पॉल(टी)दिलीप घोष(टी)रूपा घोष(टी)बंगाल पॉलिटिक्स(टी)बीजेपी विधायक(टी)पश्चिम बंगाल शपथ ग्रहण 2026(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)बीजेपी(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल

क्‍या नाभि में तेल डालने से सेहत और त्‍वचा रहती है अच्‍छी? कौन सा ऑयल इस्‍तेमाल के लिए बेस्ट, आजमाएं ये देसी नुस्खा

क्‍या नाभि में तेल डालने से सेहत और त्‍वचा रहती है अच्‍छी? कौन सा ऑयल इस्‍तेमाल के लिए बेस्ट, आजमाएं ये देसी नुस्खा

Last Updated:May 09, 2026, 08:57 IST Benefits of applying oil in navel : आजकल हम फिट रहने और अच्छी स्किन के लिए महंगे-महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और सप्लीमेंट्स पर हजारों खर्च कर देते हैं. पर क्या आप जानते हैं कि हमारी दादी-नानी के पिटारे में एक ऐसा नुस्खा है जो फ्री जैसा है और सुपर इफेक्टिव भी? हम बात कर रहे हैं ‘नाभि’ यानी बेली बटन में तेल लगाने की. सुनने में शायद थोड़ा पुराना लगे, लेकिन आयुर्वेद और पुराने लोग इसे सेहत का खजाना मानते हैं. Nabhi Mein Tel Dalne Ke Fayde : नाभि हमारे शरीर का सेंटर पॉइंट है. यहाँ की स्किन काफी पतली होती है और इसके पीछे ढेर सारी छोटी-छोटी नसें होती हैं. इसी वजह से नाभि तेल को जल्दी सोख लेती है और इसका असर दिखने लगता है. हाँ, इसे कोई जादू या हर बीमारी का इलाज मत मानिए, लेकिन स्किन को सॉफ्ट रखने और खुद को रिलैक्स करने का इससे आसान तरीका कोई नहीं है. चलिए देखते हैं कि आपकी जरूरत के हिसाब से कौन सा तेल बेस्ट रहेगा. 1. कैस्टर ऑयल (अरंडी का तेल): अगर आपकी स्किन बहुत ज्यादा ड्राई रहती है या पेट में भारीपन महसूस होता है, तो कैस्टर ऑयल ट्राई करें. यह थोड़ा गाढ़ा होता है, इसलिए रात को इसकी 2 बूंदें नाभि में लगाने से स्किन अंदर तक मॉइस्चराइज हो जाती है. यह रुखेपन को दूर करने का सबसे पक्का इलाज है. 2. नारियल तेल (Coconut Oil): यह तो हर घर में होता ही है. वर्जिन कोकोनट ऑयल हर तरह की स्किन को सूट करता है. अगर टाइट कपड़ों या पसीने की वजह से नाभि के आसपास जलन या खुजली होती है, तो नारियल तेल उसे तुरंत शांत कर देता है. इसकी हल्की खुशबू आपको रात में चैन की नींद सोने में भी मदद करेगी. Add News18 as Preferred Source on Google 3. तिल का तेल (Sesame Oil): सर्दियों के मौसम के लिए तिल का तेल बेस्ट है. इसकी तासीर गर्म होती है, जो शरीर को अंदर से गर्माहट देती है. अगर आपको मांसपेशियों में अकड़न या पेट के आसपास टाइटनेस लगती है, तो थोड़ा सा गुनगुना तिल का तेल नाभि में डालें. आपको बहुत राहत मिलेगी. 4. बादाम का तेल (Almond Oil): कौन नहीं चाहता कि उसकी स्किन ग्लो करे? बादाम के तेल में विटामिन-ई भरपूर होता है. अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है, तो यह तेल आपके लिए सबसे सेफ है. इसे रेगुलर लगाने से स्किन सॉफ्ट होती है और धीरे-धीरे पुराने निशान भी हल्के होने लगते हैं. 5. सरसों का तेल (Mustard Oil): पुराने समय से ही लोग सरसों का तेल नाभि में लगाते आए हैं. यह ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने और शरीर की सुस्ती दूर करने के लिए जाना जाता है. पर ध्यान रहे, सरसों का तेल काफी स्ट्रॉन्ग होता है. अगर आपकी स्किन नाजुक है, तो इसे सीधे न लगाएं, बल्कि किसी दूसरे तेल में मिलाकर ही इस्तेमाल करें. अब सवाल है कि इसे लगाना कैसे है? सबसे जरूरी बात- तेल से ज्यादा सफाई पर ध्यान दें. तेल लगाने से पहले नाभि को अच्छे से साफ कर लें ताकि कोई गंदगी अंदर न जाए. सिर्फ 2-3 बूंदें ही काफी हैं, पूरी बोतल उंडेलने की जरूरत नहीं है! हर किसी की बॉडी अलग होती है, इसलिए रिजल्ट मिलने में थोड़ा वक्त लग सकता है. चलते-चलते एक जरूरी बात: यह एक घरेलू नुस्खा है, कोई मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं. अगर आपको कोई स्किन एलर्जी है या कोई बड़ी बीमारी है, तो एक बार डॉक्टर से पूछने में कोई बुराई नहीं है. अगर तेल लगाने पर खुजली या दाने निकलें, तो तुरंत धो लें. इस देसी नुस्खे को आजमाएं और अपनी डेली रूटीन का हिस्सा बनाएं! (All Image Credit:pinterest) न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।