China Ex-Defense Ministers Death Sentence

Hindi News Career China Ex Defense Ministers Death Sentence | Corruption May 9 Current Affairs; DRDO Weapon Launch 23 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. NCRB ने पशु क्रूरता को अपराध में शामिल किया 8 मई को नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने पहली बार अपनी ‘क्राइम इन इंडिया 2024 रिपोर्ट में प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनीमल्स एक्ट, 1960 के तहत दर्ज अपराधों को शामिल किया है। पहले पशु क्रूरता के मामलों को ‘विशेष और स्थानीय कानूनों’ की नॉर्मल कैटेगरी में रखा जाता था, लेकिन अब इसे अलग से रिकॉर्ड किया गया है। इस रिकॉर्ड के बाद पशु सुरक्षा को बेहतर करने में मदद मिलेगी। ये डेटा भारत में जानवरों के खिलाफ हिंसा की भयावहता को बताएगा। क्रुएल्टी टू एनीमल्स एक्ट शामिल करने से पशुओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की पहचान और निगरानी की जा सकेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में पशु क्रूरता से जुड़े कुल 9,039 मामले दर्ज किए गए थे। इन मामलों में 10,312 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 10,257 पुरुष शामिल थे। इनकी कुल कीमत करीब 48.8 करोड़ रुपये आंकी गई। इनमें 44.9 प्रतिशत मामलों में चोरी हुए जानवर बरामद कर लिए गए। यह संपत्ति से जुड़े अपराधों के राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। पुलिस ने 96.7% मामलों में चार्जशीट दाखिल की, जिससे जांच स्तर पर सक्रियता दिखाई देती है। हालांकि, साल के आखिर तक करीब 2,070 मामले यानी लगभग 22.9% मामलों की जांच लंबित रही। इस रिपोर्ट के बाद पहली बार अन्य क्राइम कैटेगरी के साथ जानवरों पर क्रूरता के मामलों का विश्लेषण हो पाएगा। प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनीमल्स एक्ट,1960 में भारत की संसद द्वारा पारित एक केंद्रीय कानून है। प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनीमल्स एक्ट,1960 में पशु को मनुष्य के अलावा किसी भी जीवित प्राणी के रूप में परिभाषित किया गया है। 2. DRDO और इंडियन एयर फोर्स ने TARA का सफल परीक्षण किया 7 मई को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO और भारतीय वायु सेना ने ओडिशा के तट पर टैक्टिकल एडवांस्ड रेंज ऑग्मेंटेशन (TARA) हथियार की पहली सफल टेस्टिंग की। ये टेस्टिंग ओडिशा के तट पर एक जगुआर (Jaguar) फाइटर जेट से की गई। TARA भारत की पहली स्वदेशी ग्लाइड हथियार प्रणाली है, जो बिना गाइड सिस्टम वाले हथियारों को गाइड सिस्टम में बदलेगी। इस ग्लाइड हथियार को DRDO के साथ मिलकर रिसर्च सेंटर इमारत, हैदराबाद ने मिलकर डिजाइन और डेवलप किया है। ग्लाइड हथियार एक स्वदेशी ग्लाइड हथियार प्रणाली है। जो सबसे आधुनिक और कम लागत वाला पहला सिस्टम है। TARA दुश्मन के जमीनी ठिकानों पर 120 किमी की दूरी से वार कर सकती है। यह प्रणाली सुखोई-30 (Su-30), जगुआर और तेजस जैसे फाइटर जेट्स के साथ एकीकृत की जा सकती है। TARA देश का पहला ऐसा ग्लाइड हथियार सिस्टम है जो अत्याधुनिक होने के साथ-साथ बेहद कम लागत वाली प्रणालियों पर काम करता है। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. चीन में दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा 7 मई को चीन ने भ्रष्टाचार के मामलों में दो पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू और वेई फेंगहे को मौत की सजा सुनाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों को पहले 2 साल जेल में रखा जाएगा। 2 साल बाद पुनर्विचार कर सजा को आजीवन कारावास में बदला जा सकता है। ली शांगफू को पिछले साल अचानक पद से हटाया गया था, जबकि वेई फेंगहे भी सैन्य भ्रष्टाचार जांच के दायरे में आए थे। दोनों मंत्रियों को 2024 में चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित किया गया था। चीन के पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू को पिछले साल अक्टूबर में अचानक पद से हटा दिया गया था। अब पहली बार चीनी अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी जांच चल रही थी। उन पर बड़े पैमाने पर रिश्वत लेने, दूसरों को रिश्वत देने और पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए गए हैं। चीन के पूर्व रक्षा मंत्री वेई फेंगहे पर रिश्वत लेने और अपने पद का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगाए गए हैं। चीन की सैन्य अदालत ने उन्हें भ्रष्टाचार का दोषी माना है। चीन के पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू (दाएं) 2023 में बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में शपथ के समय की तस्वीर। निधन (DEATH) 4. पूर्व मिडफील्डर मोहन सिंह का निधन 7 मई को अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के पूर्व मिड फील्डर मोहन सिंह का निधन हो गया। मोहन सिंह ने 1970 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की। सिंह ने प्री-ओलंपिक टूर्नामेंट के दौरान 1972 में रंगून में बर्मा के खिलाफ अपना पहला सीनियर नेशनल मैच खेला था। 1972 के प्री-ओलिंपिक में सिंह ने भारत के लिए तीन कैप अर्जित किए थे। घरेलू स्तर पर, मोहन सिंह ने 1972 में संतोष ट्रॉफी में बंगाल का प्रतिनिधित्व किया और टीम के सफल अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, दो गोल करके बंगाल ने खिताब जीता। सिंह ने 1972 और 1975 में कलकत्ता फुटबॉल लीग खेला था। 1972 में सिंह ने IFA शील्ड, डूरंड कप, रोवर्स कप और बोर्डोलोई ट्रॉफी जीती। मोहन सिंह ने 1976 में मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब का भी प्रतिनिधित्व किया, और भारतीय क्लब फुटबॉल में एक विशिष्ट करियर जारी रखा। मोहन सिंह ने 1974 में डूरंड कप जीता था। 5. क्रिकेटर अमनप्रीत गिल का निधन 6 मई को भारत के अंडर-19 में खेलने वाले प्लेयर अमनप्रीत गिल का निधन हो गया। वे 36 साल के थे। अमनप्रीत ने पंजाब के लिए 6 फर्स्ट कैटेगरी मैचों में 11 विकेट लिए। अमनप्रीत इंडियन प्रीमियर लीग के उद्घाटन सेशन में पंजाब फ्रेंचाइजी (किंग्स इलेवन पंजाब) का भी हिस्सा रहे थे। गिल ने पंजाब के सीनियर सिलेक्शन बोर्ड के मेम्बर के तौर पर भी काम किया। गिल ने 2007 में विराट कोहली कि कैप्टेनसी में अंडर-19 का हिस्सा रहे। गिल ने 2007 में भारत के लिए पांच यूथ वनडे और एक यूथ टेस्ट खेला था। गिल ने श्रीलंका के पूर्व ऑलराउंडर थिसारा परेरा का विकेट लिया था। आज का इतिहास 1540 में उदयपुर (मेवाड़) के राजा महाराणा प्रताप का जन्म हुआ। 1653 में शाहजहां द्वारा बनवाया गया ताजमहल 22 साल के निर्माण के बाद पूरा
Sai Pallavi Birthday Interesting Facts; Ramayana Sita

14 मिनट पहले कॉपी लिंक इंडियन सिनेमा की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक रामायण में माता सीता के किरदार में नजर आने वालीं साई पल्लवी आज 34 साल की हो चुकी हैं। साई पल्लवी कभी एक डांस रियलिटी शो की आम सी कंटेस्टेंट हुआ करती थीं। बचपन में वो कंगना रनोट की फिल्म में बतौर जूनियर आर्टिस्ट भी नजर आईं। आज अपने हुनर और सादगी से साई पल्लवी साउथ की टॉप एक्ट्रेसेस में शामिल हैं। उनके जन्मदिन के खास मौके पर एक नजर उनके बचपन, करियर और बेहतरीन किस्सों पर- फिल्म ऑफर करने वाले डायरेक्टर को समझ लिया स्टॉकर 9 मई 1992 साई पल्लवी का जन्म तमिलनाडु के कोएम्बटूर में हुआ। पिता एक्साइज ऑफिसर और एक फुटबॉल प्लेयर थे और मां राधा एक डांसर थीं। बचपन में साई भी अच्छी बैडमिंटन प्लेयर थीं। साई पल्लवी के बचपन की चुनिंदा तस्वीरें। साई महज 13 साल की उम्र में फिल्म कस्तूरी मान (2005) में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट नजर आई थीं। इसके बाद उन्होंने 2008 की तमिल फिल्म धाम धूम में बतौर जूनियर आर्टिस्ट काम किया। वो उस वक्त छठी क्लास में थीं। इस फिल्म से कंगना रनोट ने तमिल सिनेमा में डेब्यू किया था। धाम धूम में कंगना के साथ साई पल्लवी। मां के नक्शेकदम पर चलते साई को डांस में रुचि होने लगी। टीनएज में उन्होंने तमिल डांस शो उंगालिल यार उधुता प्रभु देवा (कौन बनेगा अगला प्रभू देवा) (2008) में हिस्सा लिया। शो के एक एपिसोड में सामंथा रुथप्रभू साई के डांस से इंप्रेस हुई थीं और जमकर तारीफ की थी। तब से ही साई को थोड़ी-बहुत पहचान मिलने लगी। डांस रियलिटी शो में साई की तारीफ करती हुईं सामंथा। कौन बनेगा अगला प्रभू देवा में अगर साई फाइनलिस्ट होतीं, तो उन्हें प्रभू देवा से मिलने का मौका मिलता, लेकिन सेमी फिनाले में ही शो से बाहर होने पर वो प्रभु देवा से नहीं मिल सकीं। लेकिन संयोग से सालों बाद प्रभू देवा ने उनके लिए डांस कोरियोग्राफ किया, जिसने बड़ा रिकॉर्ड कायम किया। साई वो डांस रियलिटी शो तो नहीं जीत सकीं, लेकिन उनकी परफॉर्मेंस सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई। उस समय साउथ के डायरेक्टर अल्फोंस पुथ्रेन अपनी एक फिल्म के लिए नए चेहरे की तलाश में थे कि तभी एक दिन फेसबुक पर उनकी नजर एक डांस वीडियो पर पड़ी। डांस रियलिटी शो से साई पल्लवी की तस्वीर। वो वीडियो साई पल्लवी के डांस क्लिप का था। उन्हें साई इतनी पसंद आई कि वो जैसे-तैसे उनका नंबर ढूंढने लगे। एक रोज कॉल कर अल्फोंस ने साई को फिल्म ऑफर कर दी। शौकिया तौर पर डांस रियलिटी शो करने वालीं साई को असल में डॉक्टर बनना था। उनकी एक कजिन डॉक्टरी पढ़ने जॉर्जिया जा रही थी, तो साई ने भी वहीं एडमिशन ले लिया। यही वजह रही कि उन्होंने डायरेक्टर अल्फोंस की फिल्म भी ठुकरा दी। साई छुट्टियों में भारत आती थीं और बाकी समय जॉर्जिया में रहती थीं। साउथ रिपोर्ट्स के मुताबिक, साई शुरुआत में जॉर्जिया नहीं जाना चाहती थीं, तब उनकी मां ने कहा था कि अगर वो नहीं गईं, तो उनकी कजिन वहां गोरी हो जाएंगी, अच्छी अंग्रेजी सीखेंगी और उन्हें अच्छे रिश्ते भी मिलेंगे। इसी लालच में मां ने उन्हें जॉर्जिया जाने के लिए राजी किया। जब साई के फाइनल ईयर के एग्जाम नजदीक आए तो वो पढ़ाई पर फोकस करने के लिए कोएम्बटूर आ गईं। ये वही समय था, 6 साल पहले साई को फिल्म ऑफर करने वाले डायरेक्टर अल्फोंस ने फिल्म प्रेमम शुरू की। इस फिल्म में वो असिन को कास्ट करना चाहते थे, लेकिन फिर मलयाली बोलने वाली एक्ट्रेस की चाह में उन्होंने असिन का नाम ड्रॉप कर दिया। एक रोज उन्हें फिर साई पल्लवी का ख्याल आया और उन्होंने झट से साई को कॉल कर प्रेमम फिल्म ऑफर कर दी। पढ़ाई पर फोकस कर रहीं साई इस कॉल से डर गईं। उन्हें लगा कि कहीं कोई उन्हें स्टॉक तो नहीं कर रहा, जो बार-बार ऐसे कॉल करता है। साई ने पहले तो कॉल पर जमकर बातें सुनाईं और फिर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाना चाहा। खुशकिस्मती से डायरेक्टर ने अपनी पूरी प्रोफाइल और फिल्म के बारे में बताकर ये गलतफहमी दूर कर दी। इसके बाद साई ने मलयाली फिल्म प्रेमम में काम करने के लिए हामी भर दी। साल 2014 में 5 लोग खासकर साई का ऑडिशन लेने उनके होमटाउन पहुंचे थे। ऑडिशन सफल रहा और उन्हें फिल्म प्रेमम में एक लेक्चरर मलार का रोल मिला। फिल्म साइन करने से पहले साई ने 3 शर्तें रखीं। पहली शर्त- शूटिंग कॉलेज की छुट्टियों में ही होगी, दूसरी शर्त- वो फिल्म में वही कपड़े पहनेंगी, जिनमें वो सहज रहें और तीसरी शर्त- वो फिल्म में मेकअप नहीं करेंगी। आमतौर पर हर एक्ट्रेस चाहती है कि वो कैमरे पर बेदाग और परफेक्ट दिखे, जिसके लिए मेकअप का इस्तेमाल करना बेहद आम बात है। तब करीब 22 साल की साई पल्लवी के चेहरे पर कई मुहांसे थे। कोई भी लड़की इन्हें फिल्म में छिपाना चाहती, लेकिन साई ने मेकअप न करने का फैसला किया। छुट्टियों में ही साई ने पूरी फिल्म शूट की और फिर जॉर्जिया जाकर एग्जाम दिए। साई पल्लवी की पहली फिल्म प्रेमम 29 मई 2015 को रिलीज हुई थी। फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने के लिए साई जॉर्जिया से भारत आईं। जैसे ही थिएटर में फिल्म खत्म हुई, पूरा थिएटर तालियों से गूंज उठा। इसे क्रिटिक्स और दर्शकों का खूब प्यार मिला। इस फिल्म के लिए न्यूकमर साई पल्लवी को 1-2 नहीं बल्कि पूरे 6 डेब्यू अवॉर्ड मिले थे। उनके बिना मेकअप काम करने की भी काफी चर्चा रही। 2021 की फिल्म के गाने प्रनवआलय इकलौता गाना है, जिसमें साई पल्लवी ने मेकअप किया था। फिल्म प्रेमम की बदौलत साई पल्लवी को कई फिल्मों के ऑफर मिलने लगे। 2015 में वो दुलकर सलमान के साथ मलयाली फिल्म काली में नजर आईं। ये फिल्म भी हिट रही और साई पल्लवी को बेस्ट एक्ट्रेस का नॉमिनेशन मिला। मलयाली फिल्मों में स्टारडम हासिल करने के बाद साई ने 2017 में तेलुगु फिल्म फिदा की, जो ब्लॉकबस्टर रही। इस फिल्म में साई पल्लवी की परफॉर्मेंस को 100 ग्रेटेस्ट परफॉर्मेंस ऑफ द डीकेड्स में शामिल किया है। इस फिल्म के लिए उन्हें पहला
Real Estate Vs Stock Market Investment; Benefits, Risk Factors

Hindi News Lifestyle Real Estate Vs Stock Market Investment; Benefits, Risk Factors | Long Term Return 6 मिनट पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक ज्यादातर लोग मानते हैं कि प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करना सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद ऑप्शन है, लेकिन क्या यह हर किसी के लिए सही है? निवेश के बदलते दौर में यह सवाल और भी अहम हो जाता है। रियल एस्टेट निवेश का पॉपुलर ऑप्शन है। हालांकि, इसमें फायदे के साथ कई जोखिम भी होते हैं। इसलिए निवेश से पहले रियल-एस्टेट के बारे में विस्तार से समझना जरूरी है। आज ‘आपका पैसा’ कॉलम में जानेंगे कि- रियल एस्टेट में निवेश करने के क्या फायदे हैं? इसमें निवेश करने के क्या रिस्क हो सकते हैं? इसके अलावा निवेश के लिए सुरक्षित विकल्प क्या हैं? सवाल- रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट इतना पॉपुलर क्यों है, क्या ये आज भी सबसे सुरक्षित निवेश है? जवाब- रियल एस्टेट लंबे समय से निवेश का पॉपुलर विकल्प रहा है, लेकिन सबसे सुरक्षित निवेश कहना इसलिए सही नहीं है, क्योंकि इसमें कुछ रिस्क भी हैं। क्यों पॉपुलर है? प्रॉपर्टी एक टैन्जिबल एसेट है, यानी ऐसा एसेट जिसे देख-छू सकते हैं। लंबे समय में कीमत बढ़ने की संभावना रहती है। किराये पर देने से रेगुलर इनकम मिल सकती है। इसमें स्थिरता और भरोसा बना रहता है। सवाल- रियल एस्टेट में निवेश के क्या फायदे हैं? जवाब- यह रेगुलर इनकम, स्थिरता और लंबी अवधि में संपत्ति बनाने का एक अच्छा विकल्प है। अगर सही प्लान के साथ सही लोकेशन पर इन्वेस्टमेंट किया जाए तो बहुत फायदे हैं। सभी फायदे ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या प्रॉपर्टी में निवेश के कुछ नुकसान भी हैं? जवाब- हां, इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। सिर्फ फायदे देखकर निवेश करना समझदारी नहीं है, इन जोखिमों को भी समझें- सवाल- किन लोगों के लिए रियल एस्टेट अच्छा निवेश है? जवाब- रियल एस्टेट उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प है, जो- धैर्य रखते हैं। लॉन्ग टर्म के लिए सोचते हैं। स्थिर आय चाहते हैं। लेकिन जिनका लक्ष्य जल्दी मुनाफा या कम बजट में निवेश है, उनके लिए यह सही विकल्प नहीं है। ग्राफिक में देखिए, रियल एस्टेट में निवेश कब सही है और कब नहीं- सवाल- क्या स्टॉक मार्केट रियल एस्टेट से बेहतर विकल्प है? जवाब- दोनों अलग तरह के निवेश हैं और किसके लिए कौन सा विकल्प बेहतर है, यह जरूरत, टाइम-लिमिट और रिस्क लेने की क्षमता पर डिपेंड करता है। स्टॉक मार्केट उनके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है, जो कम पूंजी में शुरुआत करना चाहते हैं। हालांकि, रिस्क को ध्यान में रखते हुए समझदारी से निवेश करना जरूरी है। इसे ग्राफिक से समझिए- सवाल- क्या म्यूचुअल फंड में निवेश करना रियल एस्टेट से बेहतर विकल्प है? जवाब- म्यूचुअल फंड उन निवेशकों के लिए एक अच्छा विकल्प है, जिनके पास बड़ी पूंजी नहीं है, लेकिन लंबे वक्त में संपत्ति बनाना चाहते हैं। इसकी खासियत और रिस्क ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या फिक्स डिपॉजिट और गोल्ड में निवेश रियल एस्टेट से बेहतर है? जवाब- यह पूरी तरह निवेशकों के लक्ष्य, समय और जोखिम लेने की क्षमता पर निर्भर करता है। तीनों के फायदे नुकसान समझिए- फिक्स डिपॉजिट फायदे: सुरक्षित, निश्चित रिटर्न, जोखिम बहुत कम। नुकसान: रिटर्न अक्सर महंगाई से कम हो सकता है। गोल्ड में निवेश फायदे: फाइनेंशियल क्राइसिस में सुरक्षा, खरीदना-बेचना आसान। नुकसान: नियमित आय नहीं मिलती, रिटर्न स्थिर नहीं होता है। रियल एस्टेट फायदे: लॉन्ग-टर्म ग्रोथ और रेंटल इनकम की संभावना। नुकसान: बड़ी पूंजी चाहिए, लिक्विडिटी कम है, मेन्टेनेंस खर्च भी होता है। सवाल- REITs (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) क्या हैं और कैसे काम करते हैं? जवाब- ये ऐसे निवेश विकल्प होते हैं, जिनके जरिए बिना प्रॉपर्टी खरीदे रियल एस्टेट में निवेश कर सकते हैं। कैसे काम करते हैं? REIT कंपनियां बड़े-बड़े कमर्शियल प्रॉपर्टी (जैसे ऑफिस, मॉल, वेयरहाउस) में निवेश करती हैं। निवेशकों से पैसा इकट्ठा करके इन प्रॉपर्टीज को खरीदती और मैनेज करती हैं। इन प्रॉपर्टीज से मिलने वाला किराया निवेशकों में बांटा जाता है। REITs स्टॉक मार्केट में लिस्टेड होते हैं। इसलिए इन्हें शेयर की तरह खरीदा-बेचा जा सकता है। फायदे कम पैसे से रियल एस्टेट में निवेश की सुविधा। डिविडेंड के रूप में रेगुलर इनकम। ज्यादा लिक्विडिटी (आसानी से खरीद-बिक्री)। प्रोफेशनल मैनेजमेंट। नुकसान मार्केट के उतार-चढ़ाव का असर पड़ता है। रिटर्न पूरी तरह गारंटीड नहीं होता है। ब्याज दरों में बदलाव का प्रभाव पड़ सकता है। सवाल- एक स्मार्ट रियल एस्टेट इन्वेस्टर किन बातों का ध्यान रखता है? जवाब- स्मार्ट रियल एस्टेट इन्वेस्टर सोच-समझकर रणनीति के साथ निवेश करते हैं। स्मार्ट इन्वेस्टर ऐसे करते हैं निवेश लोकेशन पर फोकस: अच्छी लोकेशन भविष्य में बेहतर रिटर्न देती है। बजट और कैश फ्लो प्लानिंग: EMI और खर्च इन्वेस्टर की क्षमता के मुताबिक होता है। लॉन्ग-टर्म सोच: जल्दी मुनाफे की बजाय लंबे समय का नजरिया रखते हैं। डॉक्यूमेंटेशन: कानूनी कागजात की जांच-पड़ताल करते हैं। रेंट की संभावना: प्रॉपर्टी से मिलने वाली आय का हिसाब करते हैं। मार्केट रिसर्च: एरिया की ग्रोथ, डिमांड और इंफ्रास्ट्रक्चर समझते हैं। डाइवर्सिफिकेशन: अपना निवेश कई जगह लगाते हैं। मेन्टेनेंस और अन्य खर्चों का ध्यान: टैक्स, रिपेयर, सोसायटी चार्ज का ध्यान रखते हैं। सवाल- स्मार्ट इन्वेस्टर क्या गलतियां नहीं करते हैं? जवाब- स्मार्ट इन्वेस्टर कुछ कॉमन गलतियों से हमेशा बचते हैं- बिना रिसर्च के प्रॉपर्टी नहीं खरीदते। सिर्फ ‘सस्ती’ प्रॉपर्टी देखकर निवेश नहीं करते। पूरी पूंजी एक ही जगह नहीं लगाते। लोन लेकर अपनी क्षमता से ज्यादा बोझ नहीं लेते। डॉक्यूमेंटेशन को नजरअंदाज नहीं करते। शॉर्ट-टर्म मुनाफे के चक्कर में जल्दबाजी नहीं करते। मेन्टेनेंस और छिपे खर्चों को अनदेखा नहीं करते। मार्केट ट्रेंड और लोकेशन फैक्टर को इग्नोर नहीं करते। ……………… ये खबर भी पढ़िए आपका पैसा- क्या आप ज्यादा टैक्स दे रहे हैं: सही टैक्स रिजिम कैसे चुनें, न करें ये 7 गलतियां, जानें टैक्स बचाने के आसान तरीके क्या आपको भी लगता है कि आप ज्यादा टैक्स दे रहे हैं? ITR (इनकम टैक्स रिटर्न) फाइल करते समय ज्यादातर लोगों के मन में ये सवाल आता है। इसकी वजह है सही और पर्याप्त जानकारी न होना। कुछ लोग सही टैक्स रिजिम नहीं चुनते, तो कुछ उपलब्ध छूट और डिडक्शन का पूरा फायदा नहीं उठा पाते। इसलिए वे अनजाने में ज्यादा टैक्स भरते रहते हैं। सही जानकारी और थोड़ी सी प्लानिंग से काफी हद तक टैक्स बचाया जा
India Kidnapping Surge | NCRB Crime Data 3x Rise

नई दिल्ली3 घंटे पहले कॉपी लिंक भारत में अपहरण और जबरन उठा ले जाने की घटनाएं पिछले एक दशक में अप्रत्याशित रूप से बढ़ी हैं। हाल ही में भोपाल में एक आईएएस एकेडमी की निदेशक के अपहरण और 1.89 करोड़ रुपए की फिरौती के मामले ने देश में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि वर्ष 1953 से 2024 के बीच देश में कुल 20 लाख से अधिक ऐसे मामले दर्ज किए गए। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इन सात दशकों के कुल मामलों का 54% हिस्सा (11.24 लाख केस) केवल पिछले 11 वर्षों (2013-2024) में दर्ज हुआ है। फिरौती के लिए अपहरण केवल 0.7% ही आंकड़ों के अनुसार, कुल अपराधों में अपहरण की हिस्सेदारी 1953-62 में 1.01% थी, जो 2013-24 के दौरान बढ़कर 3.04% तक पहुंच गई है। अपहरण के पीछे सबसे बड़ा कारणों में विवाह के लिए महिलाओं का उठाना और सामान्य अपहरण है। फिरौती के लिए किए जाने वाले संगठित अपहरण कुल मामलों का केवल 0.7% ही हैं। राज्यों की तुलना करें तो उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद बिहार तीसरे स्थान पर रहा करता था, लेकिन 2024 के आंकड़ों में बिहार शीर्ष छह राज्यों में सबसे नीचे दर्ज किया गया है। साइबर अपराधों में अश्लील कंटेंट, 90% बच्चों के खिलाफ भारत में बच्चों के खिलाफ दर्ज साइबर अपराधों में करीब 10 में 9 मामलों में बच्चों से जुड़ा यौन रूप से अश्लील कंटेंट पब्लिश या ट्रांसमिट करने की बात सामने आई है। एनसीआरबी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल अपराध घटने के बावजूद बच्चों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। 2024 में बच्चों के खिलाफ अपराध के 1,87,702 मामले दर्ज हुए। यह जो 2023 के 1,77,335 मामलों से 5.8% ज्यादा हैं। …………….. एनसीआरबी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली में महिलाओं-बुजुर्गों के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध: साल 2024 में महिलाओं के खिलाफ 13,396 केस दर्ज; तमिलनाडु में 2023 की तुलना में 1.5% कम क्राइम नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने साल 2024 में देश में हुए क्राइम की रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक राजधानी दिल्ली में महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। रिपोर्ट बताती है कि 2024 में मेट्रो शहरों में दिल्ली महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपरधों के मामले में शीर्ष पर रही है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India Kidnapping Surge | NCRB Crime Data 3x Rise

नई दिल्ली13 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत में अपहरण और जबरन उठा ले जाने की घटनाएं पिछले एक दशक में अप्रत्याशित रूप से बढ़ी हैं। हाल ही में भोपाल में एक आईएएस एकेडमी की निदेशक के अपहरण और 1.89 करोड़ रुपए की फिरौती के मामले ने देश में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि वर्ष 1953 से 2024 के बीच देश में कुल 20 लाख से अधिक ऐसे मामले दर्ज किए गए। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इन सात दशकों के कुल मामलों का 54% हिस्सा (11.24 लाख केस) केवल पिछले 11 वर्षों (2013-2024) में दर्ज हुआ है। फिरौती के लिए अपहरण केवल 0.7% ही आंकड़ों के अनुसार, कुल अपराधों में अपहरण की हिस्सेदारी 1953-62 में 1.01% थी, जो 2013-24 के दौरान बढ़कर 3.04% तक पहुंच गई है। अपहरण के पीछे सबसे बड़ा कारणों में विवाह के लिए महिलाओं का उठाना और सामान्य अपहरण है। फिरौती के लिए किए जाने वाले संगठित अपहरण कुल मामलों का केवल 0.7% ही हैं। राज्यों की तुलना करें तो उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद बिहार तीसरे स्थान पर रहा करता था, लेकिन 2024 के आंकड़ों में बिहार शीर्ष छह राज्यों में सबसे नीचे दर्ज किया गया है। साइबर अपराधों में अश्लील कंटेंट, 90% बच्चों के खिलाफ भारत में बच्चों के खिलाफ दर्ज साइबर अपराधों में करीब 10 में 9 मामलों में बच्चों से जुड़ा यौन रूप से अश्लील कंटेंट पब्लिश या ट्रांसमिट करने की बात सामने आई है। एनसीआरबी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल अपराध घटने के बावजूद बच्चों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। 2024 में बच्चों के खिलाफ अपराध के 1,87,702 मामले दर्ज हुए। यह जो 2023 के 1,77,335 मामलों से 5.8% ज्यादा हैं। …………….. एनसीआरबी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली में महिलाओं-बुजुर्गों के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध: साल 2024 में महिलाओं के खिलाफ 13,396 केस दर्ज; तमिलनाडु में 2023 की तुलना में 1.5% कम क्राइम नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने साल 2024 में देश में हुए क्राइम की रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक राजधानी दिल्ली में महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। रिपोर्ट बताती है कि 2024 में मेट्रो शहरों में दिल्ली महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपरधों के मामले में शीर्ष पर रही है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
अमेरिका ने UFO से जुड़ी पहली फाइलें जारी की:चांद पर रहस्यमयी वस्तुएं दिखने का दावा, अंतरिक्ष यात्री बोले- बाहर आतिशबाजी जैसा नजारा

अमेरिका में शुक्रवार को लंबे समय से चर्चा में रही UFO फाइलों की पहली खेप जारी कर दी गई। ट्रम्प प्रशासन ने सैकड़ों नए वीडियो, फोटो और पुराने सरकारी रिकॉर्ड सार्वजनिक किए। इन फाइलों में सबसे ज्यादा चर्चा NASA के अपोलो मिशन से जुड़ी तस्वीरों और अंतरिक्ष यात्रियों की बातचीत को लेकर हो रही है। जारी दस्तावेजों में NASA के अपोलो 12 और अपोल 17 मिशन से जुड़ी तस्वीरें और बातचीत के रिकॉर्ड भी शामिल हैं। एक तस्वीर में चांद की सतह के ऊपर आसमान में तीन रहस्यमयी बिंदु दिखाई देने का दावा किया गया है। सबसे दिलचस्प हिस्सा अपोलो 17 मिशन का ट्रांसक्रिप्ट माना जा रहा है। इसमें अंतरिक्ष यात्री उड़ान के दौरान अंतरिक्ष यान के पास चमकती चीजें दिखने की बात करते सुनाई दे रहे हैं। एक ऑपरेटर ने मिशन कंट्रोल से कहा, “कुछ चमकते कण या टुकड़े हमारे पास से गुजरते दिख रहे हैं।” इसके जवाब में दूसरे ऑपरेटर ने कहा, “मेरी खिड़की के बाहर कई चमकती चीजें दिख रही हैं। ऐसा लग रहा है जैसे आतिशबाजी हो रही हो।” ट्रम्प ने UFO से जुड़ी फाइलें जारी करने का आदेश दिया था राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कुछ महीने पहले रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को UFO और कथित एलियन गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड जारी करने का आदेश दिया था। फाइलें जारी होने के बाद ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि उन्होंने सरकार की एजेंसियों को एलियन लाइफ, UFO और UAP से जुड़ी जानकारी जनता के सामने रखने को कहा था। इन फाइलों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर UFO और एलियन जीवन को लेकर बहस तेज हो गई है। हालांकि अमेरिकी सरकार पहले भी साफ कर चुकी है कि उसे अब तक एलियन जीवन या एलियन टेक्नोलॉजी का कोई पक्का सबूत नहीं मिला है। पेंटागन की पिछली रिपोर्टों में भी कहा गया था कि कई UFO वीडियो और तस्वीरें बाद में सैन्य तकनीक या प्राकृतिक घटनाएं निकली थीं। पेंटागन की तरफ जारी किया गया वीडियो…. सैन्य विमानों के पास दिखीं रहस्यमयी वस्तुएं पेंटागन की तरफ से जारी दस्तावेजों में 1999 के नए साल की पूर्व संध्या पर FBI की ली गई कुछ तस्वीरें भी शामिल हैं। इनमें अमेरिकी सैन्य विमानों के पास कुछ रहस्यमयी वस्तुएं दिखाई देने का दावा किया गया है। इसके अलावा सैन्य पायलटों की ली गई तस्वीरें भी जारी की गई हैं, जिनमें तेज रफ्तार से उड़ती चीजें विमानों के पास से गुजरती दिखती हैं। एक डिक्लासिफाइड सैन्य रिपोर्ट में एक अधिकारी ने बताया कि उसने आसमान में कई चमकती वस्तुओं को तेजी से आगे बढ़ते देखा। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से एक वस्तु को विमान के टारगेटिंग सिस्टम से करीब 20 सेकंड तक ट्रैक किया गया, लेकिन बाद में वह अचानक गायब हो गई। नई UFO फाइलों में ओमान की खाड़ी के ऊपर दिखी एक रहस्यमयी वस्तु की तस्वीर सामने आई है। दावा किया गया है कि 2024 में इंफ्रारेड सेंसर ने तेज रफ्तार से उड़ती आंसू जैसी आकार वाली इस वस्तु को रिकॉर्ड किया था। हालांकि अधिकारियों ने साफ किया कि ये सिर्फ प्रत्यक्षदर्शियों के बयान हैं। इन्हें किसी एलियन या UFO की पक्की पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए। ओमान की खाड़ी के ऊपर दिखी एक रहस्यमयी वस्तु का वीडियो… अमेरिकी सांसद बोले- अभी और फाइलें जारी होंगी अमेरिकी सांसदों ने कहा है कि शुक्रवार को जारी दस्तावेज सिर्फ शुरुआत हैं। आने वाले समय में और रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएंगे। हालांकि अभी यह साफ नहीं किया गया है कि अगली फाइलें कब जारी होंगी। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि सरकार UFO मामलों में ज्यादा पारदर्शिता लाना चाहती है। सरकार का कहना है कि जनता को ज्यादा से ज्यादा जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि लोग खुद तय कर सकें कि इन घटनाओं का क्या मतलब है। कुछ दस्तावेजों के हिस्सों को गवाहों की पहचान और संवेदनशील सैन्य ठिकानों की जानकारी छिपाने के लिए ब्लैकआउट किया गया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि घटनाओं से जुड़ी कोई अहम जानकारी नहीं रोकी गई।
अमेरिका ने UFO से जुड़ी पहली फाइलें जारी की:चांद पर रहस्यमयी वस्तुएं दिखने का दावा, अंतरिक्ष यात्री बोले- बाहर आतिशबाजी जैसा नजारा

अमेरिका में शुक्रवार को लंबे समय से चर्चा में रही UFO फाइलों की पहली खेप जारी कर दी गई। ट्रम्प प्रशासन ने सैकड़ों नए वीडियो, फोटो और पुराने सरकारी रिकॉर्ड सार्वजनिक किए। इन फाइलों में सबसे ज्यादा चर्चा NASA के अपोलो मिशन से जुड़ी तस्वीरों और अंतरिक्ष यात्रियों की बातचीत को लेकर हो रही है। जारी दस्तावेजों में NASA के अपोलो 12 और अपोल 17 मिशन से जुड़ी तस्वीरें और बातचीत के रिकॉर्ड भी शामिल हैं। एक तस्वीर में चांद की सतह के ऊपर आसमान में तीन रहस्यमयी बिंदु दिखाई देने का दावा किया गया है। सबसे दिलचस्प हिस्सा अपोलो 17 मिशन का ट्रांसक्रिप्ट माना जा रहा है। इसमें अंतरिक्ष यात्री उड़ान के दौरान अंतरिक्ष यान के पास चमकती चीजें दिखने की बात करते सुनाई दे रहे हैं। एक ऑपरेटर ने मिशन कंट्रोल से कहा, “कुछ चमकते कण या टुकड़े हमारे पास से गुजरते दिख रहे हैं।” इसके जवाब में दूसरे ऑपरेटर ने कहा, “मेरी खिड़की के बाहर कई चमकती चीजें दिख रही हैं। ऐसा लग रहा है जैसे आतिशबाजी हो रही हो।” ट्रम्प ने UFO से जुड़ी फाइलें जारी करने का आदेश दिया था राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कुछ महीने पहले रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को UFO और कथित एलियन गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड जारी करने का आदेश दिया था। फाइलें जारी होने के बाद ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि उन्होंने सरकार की एजेंसियों को एलियन लाइफ, UFO और UAP से जुड़ी जानकारी जनता के सामने रखने को कहा था। इन फाइलों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर UFO और एलियन जीवन को लेकर बहस तेज हो गई है। हालांकि अमेरिकी सरकार पहले भी साफ कर चुकी है कि उसे अब तक एलियन जीवन या एलियन टेक्नोलॉजी का कोई पक्का सबूत नहीं मिला है। पेंटागन की पिछली रिपोर्टों में भी कहा गया था कि कई UFO वीडियो और तस्वीरें बाद में सैन्य तकनीक या प्राकृतिक घटनाएं निकली थीं। पेंटागन की तरफ जारी किया गया वीडियो…. सैन्य विमानों के पास दिखीं रहस्यमयी वस्तुएं पेंटागन की तरफ से जारी दस्तावेजों में 1999 के नए साल की पूर्व संध्या पर FBI की ली गई कुछ तस्वीरें भी शामिल हैं। इनमें अमेरिकी सैन्य विमानों के पास कुछ रहस्यमयी वस्तुएं दिखाई देने का दावा किया गया है। इसके अलावा सैन्य पायलटों की ली गई तस्वीरें भी जारी की गई हैं, जिनमें तेज रफ्तार से उड़ती चीजें विमानों के पास से गुजरती दिखती हैं। एक डिक्लासिफाइड सैन्य रिपोर्ट में एक अधिकारी ने बताया कि उसने आसमान में कई चमकती वस्तुओं को तेजी से आगे बढ़ते देखा। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से एक वस्तु को विमान के टारगेटिंग सिस्टम से करीब 20 सेकंड तक ट्रैक किया गया, लेकिन बाद में वह अचानक गायब हो गई। नई UFO फाइलों में ओमान की खाड़ी के ऊपर दिखी एक रहस्यमयी वस्तु की तस्वीर सामने आई है। दावा किया गया है कि 2024 में इंफ्रारेड सेंसर ने तेज रफ्तार से उड़ती आंसू जैसी आकार वाली इस वस्तु को रिकॉर्ड किया था। हालांकि अधिकारियों ने साफ किया कि ये सिर्फ प्रत्यक्षदर्शियों के बयान हैं। इन्हें किसी एलियन या UFO की पक्की पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए। ओमान की खाड़ी के ऊपर दिखी एक रहस्यमयी वस्तु का वीडियो… अमेरिकी सांसद बोले- अभी और फाइलें जारी होंगी अमेरिकी सांसदों ने कहा है कि शुक्रवार को जारी दस्तावेज सिर्फ शुरुआत हैं। आने वाले समय में और रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएंगे। हालांकि अभी यह साफ नहीं किया गया है कि अगली फाइलें कब जारी होंगी। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि सरकार UFO मामलों में ज्यादा पारदर्शिता लाना चाहती है। सरकार का कहना है कि जनता को ज्यादा से ज्यादा जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि लोग खुद तय कर सकें कि इन घटनाओं का क्या मतलब है। कुछ दस्तावेजों के हिस्सों को गवाहों की पहचान और संवेदनशील सैन्य ठिकानों की जानकारी छिपाने के लिए ब्लैकआउट किया गया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि घटनाओं से जुड़ी कोई अहम जानकारी नहीं रोकी गई।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हारे अमेरिका से लौटे अनंतन:लिखा- एक हफ्ते के चुनावी पैसे ने 4 साल की सच्ची सेवा को हरा दिया

तमिलनाडु विधासभा चुनाव में वासुदेवनल्लूर सीट पर भाजपा उम्मीदवार अनंतन अय्यासामी को हार का सामना करना पड़ा। उन्हें डीएमके के ई.राजा से करीब 6500 वोटों से हराया है। यह सीट एससी कैंडिडेट के लिए रिजर्व थी। अनंतन राजनीति में आने से पहले अमेरिका में काम करते थे। उन्होंने राजनीति में आने के लिए अपना सफल टेक्नोलॉजी करियर और रियल एस्टेट बिजनेस भी छोड़ दिया था। उनका कहना है कि जनसेवा का सपना 4 साल पहले उन्हें वापस भारत ले आया था। अय्यासामी ने चुनाव हारने पर कहा- चुनाव के एक हफ्ते के पैसों ने चार साल की सच्ची सेवा को हरा दिया। उन्होंने दावा किया कि पिछले चार सालों में गांवों में विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपए और अपना पूरा समय लगाया। उनका सपना करीब 1 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ने का था। चुनाव हार पर एक्स पोस्ट में लिखा- जीवन में पहली बार मेरे पास बेटी के सवालों का जवाब नहीं… अय्यासामी ने एक्स पोस्ट में लिखा… चार साल पहले मैंने अमेरिका में अपनी 12 साल की बेटी से कहा था कि मैं सफल टेक्नोलॉजी करियर और रियल एस्टेट बिजनेस छोड़कर भारत लौट रहा हूं, क्योंकि मुझे जनसेवा और राजनीति में काम करना है। पिछले चार वर्षों में हमने गांवों में बस स्टॉप बनवाए, तालाब का जीर्णोद्धार कराया, छात्रों की पढ़ाई में मदद की, मेडिकल कैंप और करियर वर्कशॉप आयोजित करावाई गई। इसमें सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि परिवार के अनमोल पल और अपनी बेटी को दूर से बड़ा होते देखने का दर्द भी शामिल था। फिर चुनाव आए। उसी गांव ने ऐसे उम्मीदवार को चुना, जो 5 वर्षों के दौरान मुश्किल से वहां दिखाई दिया। आखिरकार, चुनाव के एक हफ्ते के पैसों ने चार साल की सच्ची सेवा को हरा दिया। कल मेरी बेटी ने वीडियो कॉल पर पूछा -‘अप्पा… क्या अब आप मुझे बता सकते हैं कि राजनीति वास्तव में क्या होती है?’ जीवन में पहली बार, मेरे पास उसके सवाल का कोई जवाब नहीं था। इंटेल में काम किया, तेनकासी जिला भाजपा अध्यक्ष रहे तमिलनाडु में तेनकासी जिले के रहने वाले अय्यासामी पहले इंटेल में इंजीनियर थे। बाद में वे भाजपा से जुड़े और तेनकासी जिला भाजपा अध्यक्ष बनाए गए। विधानसभा चुनाव पर हार मिलने पर सोशल मीडिया पर लोगों ने अय्यासामी का समर्थन किया। एक यूजर ने लिखा- ‘निष्काम भाव से कार्य करते रहो। तुम्हारा दिन जरूर आएगा। हिम्मत मत हारो।’ एक ने लिखा- राजनीति एक कड़वी सच्चाई है, आप सब कुछ सही करने के बावजूद जीत नहीं सकते। तमिलनाडु में 2 साल पुरानी TVK ने 50+ साल पुरानी DMK-AIADMK को हराया एक्टर विजय की 2 साल पुरानी पार्टी TVK को 108 सीट पर जीत मिली है। ये DMK (59) और AIDMK (47) की कुल सीटों से ज्यादा हैं। विजय की पार्टी TVK ने हर इलाके में सीटें जीतीं। सबसे अधिक दबदबा उत्तर और तटीय इलाकों में रहा। मध्य तमिलनाडु में भी उसे खूब सीटें मिलीं। DMK ने ज्यादातर सीटें दक्षिणी इलाकों में जीतीं। AIADMK को अधिकतर सीटें उत्तर-मध्य क्षेत्र में मिलीं। TVK ने 234 में से 108 सीटें जीतकर 46% के साथ सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट हासिल किया। DMK ने 164 में 59 सीटें जीतकर 36% और AIADMK ने 170 में 47 सीटों के साथ 27.6% स्ट्राइक रेट दर्ज किया। कांग्रेस 28 में 5 सीटें जीतकर 17.8% पर रही। BJP का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। पार्टी 27 सीटों पर लड़कर सिर्फ 1 सीट जीत सकी और उसका स्ट्राइक रेट मात्र 3.4% रहा। ……………………. यह खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु में विजय की पार्टी 108 सीटें जीतीं: असम में तीसरी बार भाजपा; केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस की वापसी, पुडुचेरी में NDA सरकार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एक्टर विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) ने 108 सीटें जीतीं। हालांकि पार्टी बहुमत के आकंड़े 118 सीट से पीछे है। राज्य में गठबंधन की सरकार बनना तय है। असम में भी हिमंता सरकार की वापसी हो गई है। हिमंता लगातार तीसरी बार सरकार बनाएंगे। BJP ने यहां 82 सीटें जीत ली हैं। जो बहुमत के आंकड़े से 13 ज्यादा है। पूरी खबर पढ़ें…
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हारे अमेरिका से लौटे अनंतन:लिखा- एक हफ्ते के चुनावी पैसे ने 4 साल की सच्ची सेवा को हरा दिया

तमिलनाडु विधासभा चुनाव में वासुदेवनल्लूर सीट पर भाजपा उम्मीदवार अनंतन अय्यासामी को हार का सामना करना पड़ा। उन्हें डीएमके के ई.राजा से करीब 6500 वोटों से हराया है। यह सीट एससी कैंडिडेट के लिए रिजर्व थी। अनंतन राजनीति में आने से पहले अमेरिका में काम करते थे। उन्होंने राजनीति में आने के लिए अपना सफल टेक्नोलॉजी करियर और रियल एस्टेट बिजनेस भी छोड़ दिया था। उनका कहना है कि जनसेवा का सपना 4 साल पहले उन्हें वापस भारत ले आया था। अय्यासामी ने चुनाव हारने पर कहा- चुनाव के एक हफ्ते के पैसों ने चार साल की सच्ची सेवा को हरा दिया। उन्होंने दावा किया कि पिछले चार सालों में गांवों में विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपए और अपना पूरा समय लगाया। उनका सपना करीब 1 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ने का था। चुनाव हार पर एक्स पोस्ट में लिखा- जीवन में पहली बार मेरे पास बेटी के सवालों का जवाब नहीं… अय्यासामी ने एक्स पोस्ट में लिखा… चार साल पहले मैंने अमेरिका में अपनी 12 साल की बेटी से कहा था कि मैं सफल टेक्नोलॉजी करियर और रियल एस्टेट बिजनेस छोड़कर भारत लौट रहा हूं, क्योंकि मुझे जनसेवा और राजनीति में काम करना है। पिछले चार वर्षों में हमने गांवों में बस स्टॉप बनवाए, तालाब का जीर्णोद्धार कराया, छात्रों की पढ़ाई में मदद की, मेडिकल कैंप और करियर वर्कशॉप आयोजित करावाई गई। इसमें सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि परिवार के अनमोल पल और अपनी बेटी को दूर से बड़ा होते देखने का दर्द भी शामिल था। फिर चुनाव आए। उसी गांव ने ऐसे उम्मीदवार को चुना, जो 5 वर्षों के दौरान मुश्किल से वहां दिखाई दिया। आखिरकार, चुनाव के एक हफ्ते के पैसों ने चार साल की सच्ची सेवा को हरा दिया। कल मेरी बेटी ने वीडियो कॉल पर पूछा -‘अप्पा… क्या अब आप मुझे बता सकते हैं कि राजनीति वास्तव में क्या होती है?’ जीवन में पहली बार, मेरे पास उसके सवाल का कोई जवाब नहीं था। इंटेल में काम किया, तेनकासी जिला भाजपा अध्यक्ष रहे तमिलनाडु में तेनकासी जिले के रहने वाले अय्यासामी पहले इंटेल में इंजीनियर थे। बाद में वे भाजपा से जुड़े और तेनकासी जिला भाजपा अध्यक्ष बनाए गए। विधानसभा चुनाव पर हार मिलने पर सोशल मीडिया पर लोगों ने अय्यासामी का समर्थन किया। एक यूजर ने लिखा- ‘निष्काम भाव से कार्य करते रहो। तुम्हारा दिन जरूर आएगा। हिम्मत मत हारो।’ एक ने लिखा- राजनीति एक कड़वी सच्चाई है, आप सब कुछ सही करने के बावजूद जीत नहीं सकते। तमिलनाडु में 2 साल पुरानी TVK ने 50+ साल पुरानी DMK-AIADMK को हराया एक्टर विजय की 2 साल पुरानी पार्टी TVK को 108 सीट पर जीत मिली है। ये DMK (59) और AIDMK (47) की कुल सीटों से ज्यादा हैं। विजय की पार्टी TVK ने हर इलाके में सीटें जीतीं। सबसे अधिक दबदबा उत्तर और तटीय इलाकों में रहा। मध्य तमिलनाडु में भी उसे खूब सीटें मिलीं। DMK ने ज्यादातर सीटें दक्षिणी इलाकों में जीतीं। AIADMK को अधिकतर सीटें उत्तर-मध्य क्षेत्र में मिलीं। TVK ने 234 में से 108 सीटें जीतकर 46% के साथ सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट हासिल किया। DMK ने 164 में 59 सीटें जीतकर 36% और AIADMK ने 170 में 47 सीटों के साथ 27.6% स्ट्राइक रेट दर्ज किया। कांग्रेस 28 में 5 सीटें जीतकर 17.8% पर रही। BJP का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। पार्टी 27 सीटों पर लड़कर सिर्फ 1 सीट जीत सकी और उसका स्ट्राइक रेट मात्र 3.4% रहा। ……………………. यह खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु में विजय की पार्टी 108 सीटें जीतीं: असम में तीसरी बार भाजपा; केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस की वापसी, पुडुचेरी में NDA सरकार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एक्टर विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) ने 108 सीटें जीतीं। हालांकि पार्टी बहुमत के आकंड़े 118 सीट से पीछे है। राज्य में गठबंधन की सरकार बनना तय है। असम में भी हिमंता सरकार की वापसी हो गई है। हिमंता लगातार तीसरी बार सरकार बनाएंगे। BJP ने यहां 82 सीटें जीत ली हैं। जो बहुमत के आंकड़े से 13 ज्यादा है। पूरी खबर पढ़ें…
एअर इंडिया VP लेवल के अफसरों की सैलरी काटेगी:ईरान युद्ध के कारण 20% उड़ानें रद्द करने की तैयारी, नॉन-टेक्निकल स्टाफ को छुट्टी पर भेजेगी कंपनी

टाटा ग्रुप की एयरलाइन कंपनी एअर इंडिया अपनी लागत घटाने के लिए कर्मचारियों की सैलरी में कटौती और उड़ानों की संख्या करीब 20% कम कर सकती है। वर्तमान में एयरलाइन हर दिन करीब 900 उड़ानों का संचालन करती है। कंपनी मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण जेट फ्यूल महंगा होने से ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ने की वजह से यह कदम उठाने की तैयारी कर रही है। बता दें कि एयरलाइन पहले से ही घाटे में है और अपने नए CEO की तलाश कर रही है। सभी कर्मचारियों का बोनस भी काट सकती है कंपनी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार को हुई बोर्ड बैठक में एयर इंडिया ने नॉन-टेक्निकल कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजने और वाइस प्रेसिडेंट या उससे ऊपर के स्तर के अधिकारियों की सैलरी में कटौती करने पर चर्चा की। इसके अलावा, सभी कर्मचारियों के बोनस में भी कमी की जा सकती है। एअर इंडिया भारत की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन है और इन बदलावों की आधिकारिक घोषणा जल्द हो सकती है। घाटा बढ़ने की 3 बड़ी वजहें अगले 3 महीने तक उड़ानों की संख्या 20% कम होगी सूत्रों के मुताबिक, एयर इंडिया के बोर्ड ने मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण पैदा हुए हालातों को देखते हुए फ्लाइट ऑपरेशंस में कटौती का प्रस्ताव रखा है। अगले 90 दिन तक एयरलाइन अपनी उड़ानों की क्षमता को 20% से ज्यादा कम कर सकती है। यह फैसला तब तक लागू रहेगा, जब तक कि मिडिल ईस्ट की स्थिति में सुधार नहीं हो जाता। ईरान जंग के चलते कच्चा तेल 45.5% महंगा हुआ अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें 28 फरवरी से अब तक 45.5% बढ़ गई हैं। हालांकि, सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए ATF की कीमतों में बढ़ोतरी को 25% पर कैप कर दिया था। इसके चलते अप्रैल में तेल कंपनियों (OMCs) ने घरेलू ATF के दाम सिर्फ 9.2% ही बढ़ाए, लेकिन इंटरनेशनल ऑपरेशंस के लिए यह बढ़ोतरी बहुत ज्यादा रही। एयरलाइंस का फ्यूल खर्च 40% से बढ़कर 60% हुआ FIA के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सेक्टर में फ्यूल की कीमतों के भारी अंतर ने एयरलाइंस के नेटवर्क को वित्तीय रूप से अस्थिर बना दिया है। पहले एयरलाइंस के कुल ऑपरेशनल खर्च में फ्यूल का हिस्सा 40% होता था, जो बढ़कर 60% तक पहुंच गया है। लीडरशिप का संकट और पुराने जख्म एयर इंडिया के सामने यह मुश्किल समय तब आया है जब कंपनी के पास कोई परमानेंट सीईओ (CEO) नहीं है। अप्रैल में कैंपबेल विल्सन के इस्तीफे के बाद से टाटा ग्रुप नए बॉस की तलाश कर रहा है। इसके अलावा, पिछले साल पाकिस्तान के साथ तनाव और पुराने विमानों के मेंटेनेंस के खर्च ने भी कंपनी की कमर तोड़ दी है।









