केंद्रीय मंत्री बंदी के बेटे की गिरफ्तारी पर रोक नहीं:POCSO केस में कोर्ट ने अंतरिम जमानत पर फैसला टाला; नाबालिग से सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप

तेलंगाना हाईकोर्ट ने POCSO केस में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी बागीरथ की गिरफ्तारी पर रोक नहीं लगाई। उनकी अंतरिम अग्रिम जमानत याचिका पर अब अगली वेकेशन कोर्ट में आदेश आएगा। जस्टिस टी माधवी देवी ने शुक्रवार शाम याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई करीब आधी रात तक चली। बागीरथ के वकील ने आदेश आने तक गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इनकार कर दिया। 8 मई को 17 साल की लड़की की मां की शिकायत पर बागीरथ के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। शिकायत के मुताबिक, बागीरथ ने लड़की को सेक्सुअल हैरेसमेंट किया। पीड़िता का बयान के बाद POCSO एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। कोर्ट में दोनों पक्षों ने क्या कहा… पीड़ित पक्ष- आरोपी का परिवार प्रभावशाली है, इससे सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका है। आरोपी को कोई राहत न दी जाए। बचाव पक्ष: अदालत के पास अंतिम सुनवाई तक अंतरिम जमानत देने का अधिकार है। शिकायतकर्ता ने खुद माना है कि उनकी बेटी 2025 से आरोपी के साथ रिश्ते में थी। लड़की के परिवार ने शादी का दबाव बनाया था। 50 हजार रुपए लेने के बाद 5 करोड़ रुपए मांगे और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। सुनवाई शुरू होने से पहले जज ने कहा- सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ दुष्प्रचार अभियान चलाया गया, इससे मुझे पीड़ा हुई है। नाबालिग से सात-आठ महीने से संपर्क में थे भागीरथ दरअसल, नाबालिग की मां का आरोप है कि भागीरथ उनकी बेटी के साथ रिलेशनशिप में था और इस दौरान उसका यौन उत्पीड़न किया। पुलिस के मुताबिक दोनों पिछले सात-आठ महीनों से संपर्क में थे। हालांकि भागीरथ ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने तेलंगाना के करीमनगर में हनी ट्रैप और उगाही की शिकायत दर्ज कराई है। मंत्री के PRO की ओर से जारी बयान में दावा किया गया कि एक महिला ने अपनी बेटी के जरिए भागीरथ को फंसाने की कोशिश की और बाद में बड़ी रकम मांगकर ब्लैकमेल किया। बयान में यह भी दावा किया गया कि महिला अपनी बेटी की उम्र गलत बता रही है। बंदी संजय ने कहा था- अगर बेटा दोषी है तो उसे सजा मिले केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने अपने बेटे भागीरथ पर दर्ज POCSO केस को लेकर कहा था कि अगर उनका बेटा दोषी पाया जाता है तो उसे सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून के सामने सभी बराबर हैं और वह बेटे का बचाव नहीं कर रहे। KTR ने बंदी संजय के इस्तीफे की मांग की इस मामले को लेकर BRS नेता केटी रामा राव (KTR) ने तेलंगाना पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़िता के साथ अन्याय हो रहा है और BJP की ‘बेटी बचाओ’ मुहिम पर सवाल उठाए। KTR ने मांग की कि केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार या तो इस्तीफा दें या उन्हें पद से हटाया जाए। KTR ने आरोप लगाया कि मंत्री के बेटे के खिलाफ कार्रवाई में देरी हुई और पूछा कि क्या कानून में उन्हें कोई विशेष छूट दी गई है। हैदराबाद में खैरताबाद बस स्टैंड पर केंद्रीय राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भागीरथ को लेकर पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टरों में दावा किया गया है कि POCSO केस में आरोपी बंदी भागीरथ लापता है। ———– ये कॉपी भी पढ़ें… केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे पर POCSO केस:नाबालिग से सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप; अग्रिम जमानत याचिका लगाई, कहा- हनी ट्रैप की कोशिश हुई भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के 25 साल के बेटे साई भागीरथ पर 17 साल की एक लड़की के सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगा है। नाबालिग की मां ने 8 मई को तेलंगाना के हैदराबाद में POCSO एक्ट के तहत उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था। पूरी कॉपी पढ़ें…
SIP 1 Crore Plan; Systematic Investment Plan Calculator

Hindi News Lifestyle SIP 1 Crore Plan; Systematic Investment Plan Calculator | How To Become Crorepati 9 मिनट पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक क्या आप जानते हैं कि रोज की एक कॉफी या चाय की बचत आपको करोड़पति बना सकती है? ज्यादातर लोग सोचते हैं कि अमीर बनने के लिए लाखों का वेतन या कोई बड़ा बिजनेस होना जरूरी है, लेकिन SIP (सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) करके छोटी बचत से भी करोड़पति बन सकते हैं। इसलिए आज ‘आपका पैसा’ कॉलम में जानेंगे कि- SIP से करोड़पति कैसे बनें? करोड़पति बनना है तो किस उम्र में कितना निवेश करें? सवाल- SIP क्या है? इसमें कैसे निवेश किया जाता है? जवाब- SIP म्यूचुअल फंड में निवेश का एक डिसिप्लिन्ड तरीका है। पूरा जवाब पॉइंटर्स से समझिए- इसमें हर महीने एक तय रकम (जैसे 500, 1000 रुपए) निवेश करते हैं। यह पैसा बैंक खाते से ऑटो डेबिट होकर चुने गए म्यूचुअल फंड में जाता है। हर निवेश पर फंड की यूनिट्स मिलती हैं, जिनकी वैल्यू बाजार के हिसाब से बदलती है। SIP शुरू करने के लिए KYC पूरा करना और फंड चुनना जरूरी होता है। सवाल- SIP में कंपाउंडिंग कैसे काम करती है? जवाब- कंपाउंडिंग का मतलब है ‘ब्याज पर ब्याज’ मिलना। जब कोई SIP करता है तो मूल निवेश पर जो रिटर्न (मुनाफा) मिलता है, उसे निकाला नहीं जाता बल्कि वह फिर से निवेशित हो जाता है। फिर अगले महीने मूल निवेश और पिछले मुनाफे, दोनों को मिलाकर रिटर्न मिलता है। इसे स्नोबॉल (बर्फ का गोला) इफेक्ट कहते हैं। जिस तरह बर्फ का गोला लुढ़कते हुए अपने साथ और बर्फ समेटता जाता है और गोला बड़ा होता जाता है। इसी तरह जैसे-जैसे SIP निवेश का समय बढ़ता है, अमाउंट बड़ा होता जाता है। ग्राफिक के जरिए 5 हजार मंथली निवेश पर कंपाउंडिंग इफेक्ट समझिए- आप गौर करें कि 20 से 30 साल के बीच (आखिरी 10 साल में) फंड ₹50 लाख से सीधे ₹1.76 करोड़ पर पहुंच गया। यही कंपाउंडिंग की असली ताकत है। सवाल- क्या SIP के जरिए 1 करोड़ का फंड बनाना वाकई संभव है? जवाब- हां, बिल्कुल संभव है। पॉइंटर्स से समझिए- आप जितनी जल्दी SIP शुरू करेंगे, निवेश राशि उतनी ही कम लगेगी। अगर 20-25 साल के लिए निवेश करते हैं, तो छोटी राशि भी बड़ा फंड बन सकती है। इक्विटी म्यूचुअल फंड में लॉन्ग टर्म में औसतन 12-15% तक का सालाना रिटर्न मिलता है। अगर कोई 10,000 रुपए की मंथली SIP करता है और 12% का औसत रिटर्न मिलता है, तो लगभग 20 साल में 1 करोड़ रुपए का फंड बन सकता है। सवाल- 1 करोड़ का फंड बनने में कितना समय लगेगा और हर महीने कितना पैसा इन्वेस्ट करना होगा? जवाब- यह पूरी तरह मंथली सेविंग और सालाना रिटर्न (CAGR) पर निर्भर करता है। इक्विटी म्यूचुअल फंड में औसतन 12% का रिटर्न एक मानक पैमाना माना जाता है। ग्राफिक में 12% वार्षिक रिटर्न के आधार पर कैलकुलेशन देखिए- सवाल- 1 करोड़ का फ्यूचर फंड बनाने की शुरुआत कैसे करें? जवाब- ये इस बात पर निर्भर करता है कि आपके पास निवेश के लिए कितना समय बचा है। 12% सालाना रिटर्न के आधार पर- उम्र 20 साल (रिटायरमेंट के लिए बाकी 40 साल): आपके पास समय की ताकत है। मात्र 1,000 रुपए की SIP से शुरुआत करें। लंबे समय के कारण कंपाउंडिंग का सबसे ज्यादा फायदा आपको मिलेगा। उम्र 30 साल (रिटायरमेंट के लिए बाकी 30 साल): यहां आपको अपनी निवेश राशि बढ़ानी होगी। गोल हासिल करने के लिए लगभग 3,000 रुपए की मासिक SIP शुरू करना जरूरी है। उम्र 40 साल (रिटायरमेंट के लिए बाकी 20 साल): समय कम होने के कारण निवेश का बोझ बढ़ेगा। आपको हर महीने लगभग 10,000 रुपए की SIP करनी होगी। शुरुआत कैसे करें? एक इक्विटी म्यूचुअल फंड (इंडेक्स या फ्लेक्सी कैप) चुनें। हर साल निवेश राशि में 10% की बढ़ोतरी (स्टेप) करें, जिससे गोल जल्दी हासिल होगा। बाजार के उतार-चढ़ाव में भी निवेश को निरंतर चालू रखें। सवाल- अगर रिटर्न (जैसे 10%, 12%, 15%) बदल जाए तो 1 करोड़ के लक्ष्य पर कितना फर्क पड़ेगा? जवाब- रिटर्न की दर में छोटा सा बदलाव भी फंड पर बड़ा असर डालता है। इसे कंपाउंडिंग इफेक्ट कहते हैं। मान लीजिए, आप 20 साल के लिए 10,000 रुपए की मासिक SIP करते हैं, तो रिजल्ट कुछ इस तरह होंगे- 10% रिटर्न पर: आपका कुल फंड लगभग 76 लाख बनेगा। यहां सुरक्षा ज्यादा है लेकिन ग्रोथ धीमी है। 12% रिटर्न पर: आपका फंड बढ़कर लगभग 1 करोड़ हो जाएगा। यह इक्विटी म्यूचुअल फंड का एक औसत मानक है। 15% रिटर्न पर: आपका फंड सीधा 1.5 करोड़ के पार पहुंच जाएगा। यानी सिर्फ 3% अतिरिक्त रिटर्न से आपका फंड लगभग 50% ज्यादा बढ़ गया। सवाल- जल्दी SIP शुरू करने से क्या फायदा होता है? जवाब- इसका सबसे बड़ा लाभ ‘कंपाउंडिंग की शक्ति’ है। समय आपकी पूंजी को बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाता है। छोटा निवेश, बड़ा फंड: अगर 20 की उम्र में शुरू करते हैं, तो 2,000 रुपए की SIP भी रिटायरमेंट तक करोड़पति बना सकती है, जबकि 40 की उम्र में यही लक्ष्य पाने के लिए आपको भारी रकम निवेश करनी होगी। रिस्क लेने की क्षमता: कम उम्र में आपके पास बाजार के उतार-चढ़ाव को झेलने के लिए अधिक समय होता है। अनुशासन: जल्दी शुरुआत करने से बचत की आदत जल्दी पड़ती है, जो भविष्य के फाइनेंशियल गोल्स के लिए जरूरी है। सवाल- अगर हर साल सैलरी बढ़ने पर SIP में इन्वेस्टमेंट बढ़ा दें तो फंड कितनी जल्दी बनेगा? जवाब- इसे स्टेप-अप SIP कहते हैं। अपनी आय के साथ निवेश बढ़ाने से आप अपने लक्ष्यों को बहुत पहले हासिल कर सकते हैं। समय की बचत: अगर आप हर साल अपनी SIP राशि में मात्र 10% की बढ़ोतरी करते हैं, तो जो फंड 20 साल में बनने वाला था, वह लगभग 15-16 साल में ही तैयार हो सकता है। महंगाई से सुरक्षा: जैसे-जैसे समय बीतता है, महंगाई बढ़ती है। स्टेप-अप करने से आपकी भविष्य की पर्चेजिंग पावर सुरक्षित रहती है। बड़ा कॉर्पस: बिना स्टेप-अप के अगर आप 1 करोड़ जोड़ते हैं, तो 10% स्टेप-अप के साथ वही निवेश आपको लगभग 1.8 से 2 करोड़ तक दे सकता है। सवाल- अगर कहीं से लंप-सम पैसे मिलें तो
भास्कर अपडेट्स:कर्नाटक में पुल से ट्रैक्टर गिरा, 7 श्रद्धालुओं की मौत; CM ने 5-5 लाख मुआवजे का ऐलान किया

कर्नाटक के कोप्पल जिले में शुक्रवार को एक ट्रक की टक्कर से ट्रैक्टर पुल से नीचे गिर गया। हादसे में एक साल के बच्चे समेत 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, ट्रैक्टर में 19 लोग सवार थे। सभी हुलिगेम्मा मंदिर जा रहे थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि एक ट्रक ने ट्रैक्टर को टक्कर मार दी, जिससे चालक नियंत्रण खो बैठा और ट्रैक्टर पुल से नीचे गिर गया। 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। बाद में एक अन्य घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया है।
Diesel, ATF Export Duty Slashed; Petrol Export Tax Hiked

Hindi News Business India Fuel Duty Cut: Diesel, ATF Export Duty Slashed; Petrol Export Tax Hiked नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक देश में पेट्रोल-डीजल के दाम 3-3 रुपए बढ़ाने के बाद केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर ₹3 टैक्स लगाने का फैसला लिया है। वहीं, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल पर लगने वाली एक्सपोर्ट ड्यूटी में कटौती की गई है। डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी ₹23 से घटकर ₹16.5 हुई, ATF पर अब ₹16 विंडफॉल टैक्स लगेगा, पहले ये ₹33 था। यह फैसला भारत से अन्य देशों में बेचे जाने वाले पेट्रोल को महंगा करने के लिए किया गया है। वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल के एक्सपोर्ट पर ‘रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस’ शून्य रहेगा। खास बात यह है कि घरेलू खपत बनाए रखने के लिए पेट्रोल और डीजल की मौजूदा इम्पोर्ट ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर नहीं पड़ेगा। पेट्रोल एक्सपोर्ट पर पहली बार स्पेशल टैक्स लगाया अमेरिका और ईरान के बीच जंग छिड़ने के बाद सरकार ने पहली बार पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर ₹3 प्रति लीटर का टैक्स (स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी) लगाया है। पहले पेट्रोल पर यह टैक्स नहीं लगता था। दरअसल, जब दुनिया में तेल महंगा होता है, तो कंपनियां ज्यादा मुनाफे के चक्कर में पेट्रोल देश में बेचने के बजाय विदेश भेजने लगती हैं। सरकार चाहती है कि तेल कंपनियां पेट्रोल बाहर न भेजें, बल्कि भारत में इसकी पर्याप्त सप्लाई बनी रहे। डीजल पर ₹6.5, जेट फ्यूल के निर्यात पर ₹17 ड्यूटी घटाई सरकार ने जहां पेट्रोल पर सख्ती बढ़ाई है, वहीं डीजल के एक्सपोर्ट पर 6.5 रुपए और जेट फ्यूल पर 17 रुपए टैक्स घटाया है। डीजल: इस पर एक्सपोर्ट ड्यूटी ₹23 प्रति लीटर से घटाकर ₹16.5 प्रति लीटर कर दी गई है। ATF: जेट फ्यूल पर ड्यूटी ₹33 प्रति लीटर से कम करके ₹16 प्रति लीटर कर दी गई है। इससे पहले 30 अप्रैल को हुई समीक्षा में डीजल पर ड्यूटी ₹23 और ATF पर ₹33 प्रति लीटर तय की गई थी। युद्ध के कारण कच्चे तेल में उछाल, $100 के पार पहुंची कीमत विदेशी बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता देखी जा रही है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद से ही स्थिति तनावपूर्ण है और होर्मुज रूट बंद है। युद्ध शुरू होने से पहले कच्चा तेल करीब 73 डॉलर प्रति बैरल पर था, जो पिछले एक हफ्ते से 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। विदेशी कीमतों में इस उछाल का फायदा उठाकर तेल कंपनियां घरेलू बाजार के बजाय विदेशों में पेट्रोल-डीजल बेचना ज्यादा फायदेमंद मान रही थीं। —————— ये भी पढ़ें… पेट्रोल-डीजल ₹3-3 महंगे हुए, नई कीमतें लागू: दिल्ली में पेट्रोल ₹97.77 लीटर हुआ, विदेशों में बेचे जाने वाले पेट्रोल पर ₹3/लीटर टैक्स लगाया पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। दिल्ली में अब पेट्रोल 97.77 रुपए प्रति लीटर में मिलेगा। डीजल की कीमत 90.67 रुपए प्रति लीटर हो गई है। नए दाम आज 15 मई से लागू हो गए हैं। करीब 2 साल बाद दामों में ये बढ़ोतरी की गई है। वहीं कंपनियों को अभी भी पेट्रोल-डीजल पर ₹25-₹30 प्रति लीटर का घाटा हो रहा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों के साथ प्रमुख शहरों में CNG भी ₹2 प्रति किलो तक महंगी हो गई हैं। दिल्ली में अब एक किलो CNG के लिए ₹79.09 खर्च करने होंगे। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Bhopal BJP Leaders Summoned Over PM Modi Fuel Appeal Violation

नेताओं को प्रदेश भाजपा कार्यालय तलब किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और वाहन काफिलों पर संयम की अपील की अनदेखी करने वाले भाजपा नेताओं पर अब सख्ती बढ़ गई है। प्रदेश में बड़े वाहन काफिलों के साथ रैलियां निकालने वाले नेताओं को 17 मई को भोपाल तलब किया गया है। संगठन और सरकार दोनों स्तर . दिल्ली स्थित भाजपा हाईकमान ने भी पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। दैनिक भास्कर ऐप ने 15 मई को पीएम की अपील के बावजूद नेताओं द्वारा वाहन रैलियां निकालने और कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाया था। इसके बाद केंद्रीय नेतृत्व ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश भाजपा से जवाब मांगा। 8-9 जगह निकलीं वाहन रैलियां, आलाकमान नाराज सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री की 10 मई की अपील के बाद भी मध्य प्रदेश में 8-9 स्थानों पर बड़े वाहन काफिलों के साथ स्वागत रैलियां निकाली गईं। इसे सीधे पीएम की अपील की अवहेलना माना जा रहा है। प्रदेश भाजपा ने तत्काल कदम उठाते हुए संबंधित नेताओं को 17 मई को भोपाल बुलाया है। बैठक में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी और अन्य जिम्मेदार नेता मौजूद रहेंगे। नेताओं से पूछा जाएगा कि पीएम की अपील के बावजूद रैलियां क्यों निकाली गईं। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर आगे कार्रवाई भी हो सकती है। भिंड किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सज्जन सिंह यादव बग्घी पर सवार होकर स्वागत रैली में शामिल हुए थे। इन पर पहले ही हो चुकी है कार्रवाई सज्जन सिंह यादव (भिंड जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष) – सौ वाहनों के काफिले के साथ बग्घी पर सवार होकर रैली निकाली। नियुक्ति रद्द कर दी गई। सौभाग्य सिंह ठाकुर (मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष) – 700 गाड़ियों का काफिला लेकर उज्जैन से भोपाल आए। कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कुछ अधिकार छीन लिए गए। इन नेताओं की रैलियों पर सवाल उठे, भोपाल तलब किया टिकेंद्र प्रताप सिंह (देवास जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष) – 200 गाड़ियों (कुछ वापस लौटीं) के साथ जिला कार्यालय पहुंचे। पवन पाटीदार (ओबीसी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष) – 24 गाड़ियों का काफिला लेकर चंबल दौरे पर गए। वीरेंद्र गोयल (सिंगरौली विकास प्राधिकरण अध्यक्ष) – 30 से ज्यादा गाड़ियों का काफिला, खुद ई-रिक्शा में बैठे। रेखा यादव (महिला आयोग की अध्यक्ष) – छतरपुर में सैकड़ों लग्जरी गाड़ियों का काफिला निकाला, ट्रैफिक जाम हुआ। सत्येंद्र भूषण सिंह (लघु उद्योग निगम अध्यक्ष) – खुद ई-रिक्शा से आए, पर समर्थकों का बड़ा कार-बाइक काफिला साथ चला। राकेश सिंह जादौन (खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड उपाध्यक्ष) – ई-रिक्शा से पहुंचे, लेकिन पीछे काफिला होने की खबर है। 200 गाड़ियों का काफिला लेकर करैरा जाते पिछोर विधायक प्रीतम लोधी। मुख्यमंत्री ने काफिले से कम कर दिए 5 वाहन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद अपने काफिले से 5 वाहन कम कर दिए हैं। डिप्टी सीएम व अन्य मंत्रियों ने भी काफिले में गाड़ियां कम की है। पार्टी अब इस बात पर जोर दे रही है कि प्रधानमंत्री की अपील सभी स्तरों पर लागू होनी चाहिए। 17 मई को भोपाल में होने वाली पूछताछ के बाद अनुशासनहीनता पाए जाने पर और कार्रवाई हो सकती है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी अनुशासन बनाए रखने के लिए किसी भी नेता को छूट नहीं देगी। यह खबर भी पढ़ें… 9 भाजपा नेताओं ने काफिले निकाले, कार्रवाई 1 पर प्रधानमंत्री की अपील के बावजूद मध्य प्रदेश में नेता रैलियों में गाड़ियों का उपयोग कर रहे हैं। प्रदेशभर से करीब 8 जगहों से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें नेता वाहनों का काफिला साथ लेकर चल रहे हैं। इस पर भोपाल से दिल्ली तक हंगामा मचा तो भिंड जिला किसान मोर्चा के अध्यक्ष को पद से हटा दिया। वहीं, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी कर अधिकार छीन लिए गए। यहां पढ़ें पूरी खबर….
Pm modi netherlands visit tech semiconductor partnership

एम्स्टर्डम9 मिनट पहले कॉपी लिंक PM मोदी 15 से 17 मई तक नीदरलैंड में रहेंगे। पीएम मोदी 9 साल बाद नीदरलैंड दौरे पर पहुंचे हैं। यह दौरा भारत और नीदरलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत बनाने के लिहाज से काफी अहम है। इस यात्रा में व्यापार, टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, वाटर मैनेजमेंट, ग्रीन एनर्जी और रक्षा सहयोग जैसे कई बड़े मुद्दों पर बातचीत होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीएम मोदी 15 से 17 मई तक नीदरलैंड में रहेंगे। इस दौरान उनकी मुलाकात नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक शूफ से होगी। दोनों नेता कई अहम समझौतों पर चर्चा करेंगे। इस दौरे का सबसे बड़ा फोकस सेमीकंडक्टर और हाई-टेक इंडस्ट्री को माना जा रहा है। भारत इस समय अपनी चिप मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है। इसी वजह से भारत की नजर डच टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ साझेदारी पर है। नीदरलैंड की कंपनी ASML दुनिया की सबसे बड़ी चिप मशीन बनाने वाली कंपनियों में गिनी जाती है। भारत चाहता है कि आने वाले समय में चिप निर्माण और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच साझेदारी मजबूत हो। व्यापार और निवेश बढ़ाने की तैयारी भारत और नीदरलैंड के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है। नीदरलैंड भारत में निवेश करने वाले बड़े देशों में शामिल है। माना जा रहा है कि इस दौरे में नई निवेश योजनाओं और व्यापारिक समझौतों पर भी बात हो सकती है। खासतौर पर बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स, कृषि तकनीक और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे सेक्टरों में सहयोग बढ़ाने की तैयारी है। नीदरलैंड वाटर मैनेजमेंट और मॉर्डन खेती की तकनीक के लिए दुनिया भर में जाना जाता है और भारत इन क्षेत्रों में उसके अनुभव का फायदा लेना चाहता है। नीदरलैंड के राजा और रानी से मिलेंगे नीदरलैंड के राजा विलेम अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा भी पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएम मोदी के सम्मान में आधिकारिक कार्यक्रम और भोज का आयोजन किया जाएगा। पीएम मोदी इससे पहले 2017 में नीदरलैंड गए थे। वहीं, इसी साल नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक स्कूफ भारत दौरे पर आए थे। उस दौरान दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की थी। पीएम मोदी 2017 में नीदरलैंड दौरे पर पहुंचे थे। तब उन्होंने तत्कालीन डच प्रधानमंत्री मार्क रुट से ट्रेड, जल प्रबंधन, टेक्नोलॉजी और आतंकवाद विरोधी सहयोग पर चर्चा की थी। यूरोप में भारत की रणनीति का हिस्सा एक्सपर्ट्स का कहना है कि पीएम मोदी का यह दौरा सिर्फ एक आम विदेश यात्रा नहीं है, बल्कि यूरोप में भारत की नई रणनीतिक नीति का हिस्सा है। रूस-यूक्रेन युद्ध और ग्लोबल सप्लाई चेन संकट के बाद भारत यूरोपीय देशों के साथ अपने आर्थिक और तकनीकी रिश्ते मजबूत करने में जुटा है। नीदरलैंड यूरोप का एक बड़ा व्यापारिक सेंटर माना जाता है। रॉटरडैम पोर्ट के जरिए पूरे यूरोप तक व्यापार पहुंचता है। ऐसे में भारत के लिए नीदरलैंड की अहमियत और बढ़ जाती है। ————— यह खबर भी पढ़ें… भारत-UAE के बीच LPG सप्लाई को लेकर समझौता:राष्ट्रपति अल नाहयान के साथ बैठक में फैसला, मोदी के प्लेन को F-16 फाइटर जेट से सुरक्षा दी गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी UAE दौरे पर पहुंचे हैं। अबूधाबी पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक UAE एयरफोर्स के F-16 फाइटर जेट्स ने प्रधानमंत्री के विमान को एस्कॉर्ट किया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
TMC MP Abhishek Banerjee FIR

कोलकाता19 मिनट पहले कॉपी लिंक TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ शुक्रवार को FIR दर्ज की गई है। उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। मामला बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता राजीब सरकार ने 5 मई को शिकायत दर्ज कराई थी। चुनाव नतीजे घोषित होने के एक दिन बाद यह शिकायत बागुईआटी पुलिस स्टेशन में दी गई। शिकायत में 27 अप्रैल से 3 मई के बीच अभिषेक बनर्जी के कई चुनावी भाषणों का जिक्र किया गया है। भाषणों के वीडियो लिंक भी पुलिस को सौंपे हैं। शिकायत में मैन आरोप… अभिषेक बनर्जी के भाषणों में भड़काऊ और धमकी भरी टिप्पणियां की गईं। इन बयानों से सार्वजनिक शांति और सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ धमकी भरे बयान का भी जिक्र किया गया है। सार्वजनिक कार्यक्रमों में विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ आक्रामक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस ने 15 मई को दोपहर 2:45 बजे बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 192, 196, 351(2), 353(1)(c) और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123(2) व 125 के तहत दर्ज किया गया है। मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर सोमनाथ सिंघा रॉय को सौंपी गई है। पुलिस शिकायत में शामिल भाषणों और डिजिटल सामग्री की जांच कर रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔


