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पाकिस्तान को हराकर WTC रैंकिंग में भारत से आगे बांग्लादेश:टीम इंडिया छठे स्थान पर खिसकी; ऑस्ट्रेलिया 87.5% पॉइंट्स के साथ टॉप पर

पाकिस्तान को हराकर WTC रैंकिंग में भारत से आगे बांग्लादेश:टीम इंडिया छठे स्थान पर खिसकी; ऑस्ट्रेलिया 87.5% पॉइंट्स के साथ टॉप पर

ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की ताजा रैंकिंग में बांग्लादेश ने भारत को पीछे छोड़कर पांचवां स्थान हासिल कर लिया है। पाकिस्तान पर लगातार दूसरी जीत के बाद बांग्लादेश 58.33 प्रतिशत अंक के साथ छठे से पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं, भारत 48.15 प्रतिशत अंक के साथ छठे नंबर पर खिसक गया है। WTC के पहले दो सीजन के फाइनल में पहुंचने वाली भारतीय टीम के लिए यह रैंकिंग चेतावनी मानी जा रही है। एशियाई टीमों में शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम अब सिर्फ पाकिस्तान से ऊपर है। भारत ने इस साल अब तक एक भी टेस्ट मैच नहीं खेला है, जिसका असर ICC की ताजा अंक तालिका में दिख रहा है। भारत ने अपना आखिरी टेस्ट मैच नवंबर 2025 में गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला था। 22 से 25 नवंबर तक खेले गए इस मैच में साउथ अफ्रीका ने भारत को 408 रनों से हराया था। बांग्लादेश ने पाकिस्तान को हराकर सीरीज जीती बांग्लादेश ने अपने घर में दो टेस्ट मैचों की सीरीज में पाकिस्तान को 2-0 से हराया। मीरपुर में खेले गए पहले टेस्ट में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 104 रनों से हराया था। इसके बाद बुधवार को सिलहट में खत्म हुए दूसरे टेस्ट में भी बांग्लादेश ने 78 रन से जीत दर्ज की। दूसरे टेस्ट में 437 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम दूसरी पारी में 358 रनों पर सिमट गई। इस हार के बाद पाकिस्तान 2025-2027 WTC साइकिल में एक जीत और तीन हार के साथ आठवें स्थान पर बना हुआ है। टीम का पॉइंट्स पर्सेंटेज भी काफी खराब हो गया है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड टॉप-2 पर कायम ताजा रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया 8 टेस्ट में 7 जीत और 87.50 पर्सेंटेज पॉइंट्स के साथ टॉप पर बना हुआ है। न्यूजीलैंड 3 टेस्ट में दो जीत और एक ड्रा के साथ 77.78 पर्सेंटेज पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर है। साउथ अफ्रीका तीसरे और श्रीलंका चौथे नंबर पर मौजूद हैं। भारतीय टीम की रैंकिंग गिरने की वजह खराब प्रदर्शन भारतीय टीम की रैंकिंग गिरने की बड़ी वजह खराब प्रदर्शन रहा है। टीम इंडिया को घर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 0-2 से हार मिली थी। वहीं, इंग्लैंड दौरे पर शुभमन गिल की कप्तानी में टीम पांच मैचों की सीरीज 2-2 से ड्रा करा सकी थी, जहां उसे दो मैचों में हार मिली थी। इन हारों से भारत का जीत प्रतिशत काफी नीचे आ गया। 6 जून को अफगानिस्तान से मुकाबला, WTC का हिस्सा नहीं भारतीय टीम को आने वाले दिनों में कई टेस्ट मैच खेलने हैं। भारत 6 जून से अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच खेलेगा। हालांकि, यह मुकाबला मौजूदा WTC साइकिल का हिस्सा नहीं है, इसलिए इसके नतीजों का रैंकिंग पर असर नहीं पड़ेगा। WTC साइकिल के तहत भारत को इस साल के अंत में श्रीलंका और न्यूजीलैंड दौरे पर दो-दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। इसके बाद 2027 में भारतीय टीम घर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलेगी। फाइनल की रेस में बने रहने के लिए भारत को श्रीलंका और न्यूजीलैंड दौरों पर बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

पाकिस्तान को हराकर WTC में भारत से आगे बांग्लादेश:टीम इंडिया छठे स्थान पर खिसकी; ऑस्ट्रेलिया 87.5% पॉइंट्स के साथ टॉप पर

पाकिस्तान को हराकर WTC में भारत से आगे बांग्लादेश:टीम इंडिया छठे स्थान पर खिसकी; ऑस्ट्रेलिया 87.5% पॉइंट्स के साथ टॉप पर

ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की पॉइंट टेबल में बांग्लादेश ने भारत को पीछे छोड़कर पांचवां स्थान हासिल कर लिया है। पाकिस्तान पर लगातार दूसरी जीत के बाद बांग्लादेश 58.33 प्रतिशत अंक के साथ छठे से पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं, भारत 48.15 प्रतिशत अंक के साथ छठे नंबर पर खिसक गया है। WTC के पहले दो सीजन के फाइनल में पहुंचने वाली भारतीय टीम के लिए यह रैंकिंग चेतावनी मानी जा रही है। एशियाई टीमों में शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम अब सिर्फ पाकिस्तान से ऊपर है। भारत ने इस साल अब तक एक भी टेस्ट मैच नहीं खेला है, जिसका असर ICC की ताजा अंक तालिका में दिख रहा है। भारत ने अपना आखिरी टेस्ट मैच नवंबर 2025 में गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला था। 22 से 25 नवंबर तक खेले गए इस मैच में साउथ अफ्रीका ने भारत को 408 रनों से हराया था। बांग्लादेश ने पाकिस्तान को हराकर सीरीज जीती बांग्लादेश ने अपने घर में दो टेस्ट मैचों की सीरीज में पाकिस्तान को 2-0 से हराया। मीरपुर में खेले गए पहले टेस्ट में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 104 रनों से हराया था। इसके बाद बुधवार को सिलहट में खत्म हुए दूसरे टेस्ट में भी बांग्लादेश ने 78 रन से जीत दर्ज की। दूसरे टेस्ट में 437 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम दूसरी पारी में 358 रनों पर सिमट गई। इस हार के बाद पाकिस्तान 2025-2027 WTC साइकिल में एक जीत और तीन हार के साथ आठवें स्थान पर बना हुआ है। टीम का पॉइंट्स पर्सेंटेज भी काफी खराब हो गया है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड टॉप-2 पर कायम ताजा रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया 8 टेस्ट में 7 जीत और 87.50 पर्सेंटेज पॉइंट्स के साथ टॉप पर बना हुआ है। न्यूजीलैंड 3 टेस्ट में दो जीत और एक ड्रा के साथ 77.78 पर्सेंटेज पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर है। साउथ अफ्रीका तीसरे और श्रीलंका चौथे नंबर पर मौजूद हैं। भारतीय टीम की रैंकिंग गिरने की वजह खराब प्रदर्शन भारतीय टीम की रैंकिंग गिरने की बड़ी वजह खराब प्रदर्शन रहा है। टीम इंडिया को घर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 0-2 से हार मिली थी। वहीं, इंग्लैंड दौरे पर शुभमन गिल की कप्तानी में टीम पांच मैचों की सीरीज 2-2 से ड्रा करा सकी थी, जहां उसे दो मैचों में हार मिली थी। इन हारों से भारत का जीत प्रतिशत काफी नीचे आ गया। 6 जून को अफगानिस्तान से मुकाबला, WTC का हिस्सा नहीं भारतीय टीम को आने वाले दिनों में कई टेस्ट मैच खेलने हैं। भारत 6 जून से अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच खेलेगा। हालांकि, यह मुकाबला मौजूदा WTC साइकिल का हिस्सा नहीं है, इसलिए इसके नतीजों का रैंकिंग पर असर नहीं पड़ेगा। WTC साइकिल के तहत भारत को इस साल के अंत में श्रीलंका और न्यूजीलैंड दौरे पर दो-दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। इसके बाद 2027 में भारतीय टीम घर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलेगी। फाइनल की रेस में बने रहने के लिए भारत को श्रीलंका और न्यूजीलैंड दौरों पर बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

Kranti Gaud MP Womens Cricket Star | Hardik Pandya Role Model

Kranti Gaud MP Womens Cricket Star | Hardik Pandya Role Model

Hindi News Sports Kranti Gaud MP Womens Cricket Star | Hardik Pandya Role Model | World Cup 2026 स्पोर्ट्स डेस्क1 मिनट पहले कॉपी लिंक मध्यप्रदेश के छोटे से गांव से निकलकर भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम तक पहुंचने वाली तेज गेंदबाज क्रांति की कहानी संघर्ष, मेहनत और जुनून की मिसाल है। टेनिस बॉल क्रिकेट से शुरुआत करने वाली क्रांति आज लगातार दूसरे वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। इंग्लैंड में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप से पहले दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने अपने संघर्ष, परिवार के सपोर्ट, टीम इंडिया के माहौल, रोल मॉडल हार्दिक पंड्या और गांव की लड़कियों में आए बदलाव पर बात की। क्रांति गौड़ ने विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 में 8 मैचों में 9 विकेट लिए थे और भारतीय की तीसरी टॉप विकेट टेकर थीं। पढ़िए पूरा इंटरव्यू…… सवाल: लगातार दूसरे वर्ल्ड कप में जगह बनाने पर आपका पहला रिएक्शन क्या था? क्रांति: बहुत अच्छा लगा। जब टी-20 वर्ल्ड कप की टीम आने वाली थी, तब थोड़ा एक्साइटमेंट था। मुझे भरोसा था कि मैं टीम में रहूंगी, क्योंकि डेब्यू के बाद मैंने अपनी बॉलिंग पर काफी काम किया है और 100% दिया है। जब टीम में अपना नाम देखा तो परिवार भी बहुत खुश हुआ। अब हमारा पूरा फोकस इंग्लैंड में जाकर टीम के लिए अपना बेस्ट देने पर है। सवाल: आपकी क्रिकेट जर्नी काफी प्रेरणादायक रही है। शुरुआत कैसे हुई और परिवार का कितना सपोर्ट मिला? क्रांति: मैंने बहुत छोटी उम्र में क्रिकेट शुरू किया। शुरुआत टेनिस बॉल क्रिकेट से हुई और लड़कों के साथ खेलती थी। वहीं से फास्ट बॉलिंग सीखी। बाद में पता चला कि लड़कियों का क्रिकेट भी होता है और अकादमी भी होती हैं। फिर एक टूर्नामेंट में मेरे कोच राजीव सर मिले। उन्होंने मुझे अकादमी जॉइन करवाई। परिवार का हमेशा बहुत सपोर्ट रहा। पापा सुबह बाइक से मुझे मैच खिलाने 200-250 किलोमीटर तक ले जाते थे। मां सुबह जल्दी उठकर खाना बनाती थीं। भाई-बहन सभी ने मुझे हमेशा मोटिवेट किया। सवाल: अब टी-20 वर्ल्ड कप इंग्लैंड में है और वहां की परिस्थितियां तेज गेंदबाजों के लिए मददगार होती हैं। आपकी तैयारी कैसी है? क्रांति: मैंने पहले भी इंग्लैंड में खेला है और वहां के विकेट तेज गेंदबाजों को काफी मदद करते हैं। मेरा फोकस अपनी स्ट्रेंथ पर काम करने का है और टीम को 100% देने का है। सवाल: भारतीय टीम इस बार खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। टीम का माहौल कैसा है? क्रांति: टीम का माहौल बहुत अच्छा है। हम मैदान पर और ड्रेसिंग रूम में हमेशा एक-दूसरे को सपोर्ट करते हैं। मैच से पहले विपक्षी टीम के बारे में चर्चा होती है कि किस बल्लेबाज को कैसे आउट करना है। हम सब परिवार की तरह रहते हैं और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। सवाल: क्या इस वर्ल्ड कप में कोई खास बल्लेबाज है, जिसका विकेट लेने का इंतजार है? क्रांति: मैं ऑस्ट्रेलिया की एलिस पेरी और साउथ अफ्रीका की कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट का विकेट लेना चाहती हूं। सीनियर खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना हमेशा खास होता है। सवाल: वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद आपने हार्दिक पंड्या वाला सेलिब्रेशन किया था। क्या वे आपके रोल मॉडल हैं? क्रांति: हां, हार्दिक पंड्या मेरे रोल मॉडल हैं। मैं उन्हें काफी फॉलो करती हूं। मुझे उनका व्यवहार बहुत पसंद है। वह बहुत डाउन टू अर्थ हैं, फैंस से मिलते हैं, बात करते हैं। मैं भी उनके जैसा बड़ा क्रिकेटर बनना चाहती हूं। सवाल: छोटे गांव और शहरों की लड़कियों के लिए आप क्या कहना चाहेंगी? क्रांति: मैं खुद एक छोटे गांव से हूं। पहले गांव में लोग लड़कियों के क्रिकेट खेलने पर ताने मारते थे। लेकिन वर्ल्ड कप जीतने के बाद काफी बदलाव आया है। अब गांव में लड़कियां क्रिकेट खेल रही हैं और उनके माता-पिता भी सपोर्ट कर रहे हैं। पहले लड़कियों को बाहर भेजने से डरते थे, लेकिन अब पढ़ाई और खेल दोनों के लिए भेज रहे हैं। मुझे गर्व है कि मेरे गांव की करीब 80 लड़कियां अब क्रिकेट खेल रही हैं। सवाल: आपने एक इंटरव्यू में बताया था कि शुरुआत में आप भाई के जूते पहनकर क्रिकेट खेलती थीं। उस संघर्ष के बारे में बताइए। क्रांति: मुझे आज भी अपना पहला मैच याद है। मैंने पहली बार लड़कों के साथ मैच खेला था और प्लेयर ऑफ द मैच बनी थी। वहां से मेरी क्रिकेट जर्नी शुरू हुई। उस समय घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। पापा की नौकरी चली गई थी। अकादमी की फीस और रहने का खर्च उठाना मुश्किल था। मां ने तो अपनी सोने की चुड़ियां तक बेच दी थीं। कई बार कोच सर और दोस्तों के घर रहकर प्रैक्टिस की। परिवार ने बहुत संघर्ष किया, लेकिन कभी मुझे खेलने से नहीं रोका। वही सपोर्ट आज मुझे यहां तक लेकर आया है। ICC विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 12 जून से शुरू होगा और फाइनल 5 जुलाई को खेला जाएगा। टूर्नामेंट के मुकाबलों का लाइव जियोहॉटस्टार और स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Kranti Gaud MP Womens Cricket Star | Hardik Pandya Role Model

Kranti Gaud MP Womens Cricket Star | Hardik Pandya Role Model

Hindi News Sports Kranti Gaud MP Womens Cricket Star | Hardik Pandya Role Model | World Cup 2026 स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक मध्यप्रदेश के छोटे से गांव से निकलकर भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम तक पहुंचने वाली तेज गेंदबाज क्रांति की कहानी संघर्ष, मेहनत और जुनून की मिसाल है। टेनिस बॉल क्रिकेट से शुरुआत करने वाली क्रांति आज लगातार दूसरे वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। इंग्लैंड में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप से पहले दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने अपने संघर्ष, परिवार के सपोर्ट, टीम इंडिया के माहौल, रोल मॉडल हार्दिक पंड्या और गांव की लड़कियों में आए बदलाव पर बात की। क्रांति गौड़ ने विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 में 8 मैचों में 9 विकेट लिए थे और भारतीय की तीसरी टॉप विकेट टेकर थीं। पढ़िए पूरा इंटरव्यू…… सवाल: लगातार दूसरे वर्ल्ड कप में जगह बनाने पर आपका पहला रिएक्शन क्या था? क्रांति: बहुत अच्छा लगा। जब टी-20 वर्ल्ड कप की टीम आने वाली थी, तब थोड़ा एक्साइटमेंट था। मुझे भरोसा था कि मैं टीम में रहूंगी, क्योंकि डेब्यू के बाद मैंने अपनी बॉलिंग पर काफी काम किया है और 100% दिया है। जब टीम में अपना नाम देखा तो परिवार भी बहुत खुश हुआ। अब हमारा पूरा फोकस इंग्लैंड में जाकर टीम के लिए अपना बेस्ट देने पर है। सवाल: आपकी क्रिकेट जर्नी काफी प्रेरणादायक रही है। शुरुआत कैसे हुई और परिवार का कितना सपोर्ट मिला? क्रांति: मैंने बहुत छोटी उम्र में क्रिकेट शुरू किया। शुरुआत टेनिस बॉल क्रिकेट से हुई और लड़कों के साथ खेलती थी। वहीं से फास्ट बॉलिंग सीखी। बाद में पता चला कि लड़कियों का क्रिकेट भी होता है और अकादमी भी होती हैं। फिर एक टूर्नामेंट में मेरे कोच राजीव सर मिले। उन्होंने मुझे अकादमी जॉइन करवाई। परिवार का हमेशा बहुत सपोर्ट रहा। पापा सुबह बाइक से मुझे मैच खिलाने 200-250 किलोमीटर तक ले जाते थे। मां सुबह जल्दी उठकर खाना बनाती थीं। भाई-बहन सभी ने मुझे हमेशा मोटिवेट किया। सवाल: अब टी-20 वर्ल्ड कप इंग्लैंड में है और वहां की परिस्थितियां तेज गेंदबाजों के लिए मददगार होती हैं। आपकी तैयारी कैसी है? क्रांति: मैंने पहले भी इंग्लैंड में खेला है और वहां के विकेट तेज गेंदबाजों को काफी मदद करते हैं। मेरा फोकस अपनी स्ट्रेंथ पर काम करने का है और टीम को 100% देने का है। सवाल: भारतीय टीम इस बार खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। टीम का माहौल कैसा है? क्रांति: टीम का माहौल बहुत अच्छा है। हम मैदान पर और ड्रेसिंग रूम में हमेशा एक-दूसरे को सपोर्ट करते हैं। मैच से पहले विपक्षी टीम के बारे में चर्चा होती है कि किस बल्लेबाज को कैसे आउट करना है। हम सब परिवार की तरह रहते हैं और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। सवाल: क्या इस वर्ल्ड कप में कोई खास बल्लेबाज है, जिसका विकेट लेने का इंतजार है? क्रांति: मैं ऑस्ट्रेलिया की एलिस पेरी और साउथ अफ्रीका की कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट का विकेट लेना चाहती हूं। सीनियर खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना हमेशा खास होता है। सवाल: वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद आपने हार्दिक पंड्या वाला सेलिब्रेशन किया था। क्या वे आपके रोल मॉडल हैं? क्रांति: हां, हार्दिक पंड्या मेरे रोल मॉडल हैं। मैं उन्हें काफी फॉलो करती हूं। मुझे उनका व्यवहार बहुत पसंद है। वह बहुत डाउन टू अर्थ हैं, फैंस से मिलते हैं, बात करते हैं। मैं भी उनके जैसा बड़ा क्रिकेटर बनना चाहती हूं। सवाल: छोटे गांव और शहरों की लड़कियों के लिए आप क्या कहना चाहेंगी? क्रांति: मैं खुद एक छोटे गांव से हूं। पहले गांव में लोग लड़कियों के क्रिकेट खेलने पर ताने मारते थे। लेकिन वर्ल्ड कप जीतने के बाद काफी बदलाव आया है। अब गांव में लड़कियां क्रिकेट खेल रही हैं और उनके माता-पिता भी सपोर्ट कर रहे हैं। पहले लड़कियों को बाहर भेजने से डरते थे, लेकिन अब पढ़ाई और खेल दोनों के लिए भेज रहे हैं। मुझे गर्व है कि मेरे गांव की करीब 80 लड़कियां अब क्रिकेट खेल रही हैं। सवाल: आपने एक इंटरव्यू में बताया था कि शुरुआत में आप भाई के जूते पहनकर क्रिकेट खेलती थीं। उस संघर्ष के बारे में बताइए। क्रांति: मुझे आज भी अपना पहला मैच याद है। मैंने पहली बार लड़कों के साथ मैच खेला था और प्लेयर ऑफ द मैच बनी थी। वहां से मेरी क्रिकेट जर्नी शुरू हुई। उस समय घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। पापा की नौकरी चली गई थी। अकादमी की फीस और रहने का खर्च उठाना मुश्किल था। मां ने तो अपनी सोने की चुड़ियां तक बेच दी थीं। कई बार कोच सर और दोस्तों के घर रहकर प्रैक्टिस की। परिवार ने बहुत संघर्ष किया, लेकिन कभी मुझे खेलने से नहीं रोका। वही सपोर्ट आज मुझे यहां तक लेकर आया है। ICC विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 12 जून से शुरू होगा और फाइनल 5 जुलाई को खेला जाएगा। टूर्नामेंट के मुकाबलों का लाइव जियोहॉटस्टार और स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

कामत ने चेताया,उधार लेकर शेयर ट्रेडिंग का ट्रेंड डुबो देगा:मिड, स्मॉल कैप शेयरों में सर्किट लगने पर न निवेशक निकल सकता है, न ब्रोकर

कामत ने चेताया,उधार लेकर शेयर ट्रेडिंग का ट्रेंड डुबो देगा:मिड, स्मॉल कैप शेयरों में सर्किट लगने पर न निवेशक निकल सकता है, न ब्रोकर

देश के शेयर बाजार में इन दिनों मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी यानी एमटीएफ का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। जीरोधा के सह-संस्थापक नितिन कामत ने इस रफ्तार को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि एमटीएफ ब्रोकर्स के लिए आसान कमाई का जरिया नजर आता है, लेकिन अगर एक भी बुरा दिन आया और रिस्क मैनेजमेंट चूका, तो सारी कमाई एक ही झटके में खत्म हो सकती है। यही नहीं, इसका असर पूरे फाइनेंशियल सिस्टम पर पड़ सकता है। कामत ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि ब्रोकर्स की एमटीएफ बुक बढ़ रही है, जबकि बाजार न ऊपर जा रहा, न नीचे। यह असंतुलन खतरनाक है। उन्होंने इसकी तुलना दक्षिण कोरिया से करते हुए कहा कि वहां का शेयर बाजार एक साल में करीब 150% चढ़ा है, इसलिए लोग उस तेजी का फायदा उठाने के लिए उधार ले रहे हैं। भारत की स्थिति अलग है। यहां बाजार स्थिर है, पर एमटीएफ बढ़ रही है, जो खतरनाक संकेत है। कामत ने एमटीएफ का सबसे बड़ा जोखिम समझाते हुए कहा कि अगर किसी शेयर में भारी गिरावट आती है और वह मार्जिन से ज्यादा (जैसे 20% से अधिक) टूटता है, तो नुकसान की भरपाई ब्रोकर को करनी पड़ती है। ग्राहक से घाटा वसूलना अक्सर मुश्किल होता है। मामला गंभीर तब हो जाता है जब ग्राहक किसी शेयर को गिरवी रखकर उसी में निवेश बढ़ाता है। मिड और स्मॉल कैप शेयरों में सर्किट लगने पर न निवेशक निकल सकेगा, न ब्रोकर। कामत ने बताया कि पूरी ब्रोकरेज इंडस्ट्री की एमटीएफ बुक का करीब 50% हिस्सा उन शेयरों में है, जो एफएंडओ (वायदा) सेगमेंट में नहीं हैं। यानी जहां हेजिंग का विकल्प नहीं है। कामत ने चेताया कि कुछ ब्रोकर्स की एमटीएफ बुक उसकी नेटवर्थ (कुल संपत्ति) का 500% तक पहुंच सकता है। अगर बाजार में अचानक बड़ी गिरावट आती है, तो ऐसे ब्रोकर्स उन एमटीएफ पोजिशन में फंस सकते हैं, जिनसे बाहर निकलना संभव ही नहीं होगा। कामत ने यह भी कहा कि प्रतिस्पर्धा के दबाव में जल्द कोलैटरल मार्जिन को एमटीएफ खरीदारी के लिए अनुमति देनी पड़ सकती है, जो अब तक प्रतिबंधित है। ऐसा होने पर जोखिम और बढ़ेगा। एमटीएफ क्या है, इससे खतरा किस मामले है? एमटीएफ यानी मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी ऐसी सुविधा है, जिसमें निवेशक ब्रोकर से उधार लेकर शेयर खरीद सकता है। निवेशक कुछ रकम खुद लगाता है, बाकी ब्रोकर देता है। फायदा होने पर निवेशक को ज्यादा मुनाफा मिलता है, लेकिन नुकसान की स्थिति में ब्रोकर को भी घाटा उठाना पड़ सकता है। अगर शेयर में भारी गिरावट आए और सर्किट लग जाए, तो न निवेशक बाहर निकल सकता है और न ब्रोकर। यही वो ‘एक बुरा दिन’ है, जिसकी चेतावनी कामत ने दी है।

कामत ने चेताया,उधार लेकर शेयर ट्रेडिंग का ट्रेंड डुबो देगा:मिड, स्मॉल कैप शेयरों में सर्किट लगने पर न निवेशक निकल सकता है, न ब्रोकर

कामत ने चेताया,उधार लेकर शेयर ट्रेडिंग का ट्रेंड डुबो देगा:मिड, स्मॉल कैप शेयरों में सर्किट लगने पर न निवेशक निकल सकता है, न ब्रोकर

देश के शेयर बाजार में इन दिनों मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी यानी एमटीएफ का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। जीरोधा के सह-संस्थापक नितिन कामत ने इस रफ्तार को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि एमटीएफ ब्रोकर्स के लिए आसान कमाई का जरिया नजर आता है, लेकिन अगर एक भी बुरा दिन आया और रिस्क मैनेजमेंट चूका, तो सारी कमाई एक ही झटके में खत्म हो सकती है। यही नहीं, इसका असर पूरे फाइनेंशियल सिस्टम पर पड़ सकता है। कामत ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि ब्रोकर्स की एमटीएफ बुक बढ़ रही है, जबकि बाजार न ऊपर जा रहा, न नीचे। यह असंतुलन खतरनाक है। उन्होंने इसकी तुलना दक्षिण कोरिया से करते हुए कहा कि वहां का शेयर बाजार एक साल में करीब 150% चढ़ा है, इसलिए लोग उस तेजी का फायदा उठाने के लिए उधार ले रहे हैं। भारत की स्थिति अलग है। यहां बाजार स्थिर है, पर एमटीएफ बढ़ रही है, जो खतरनाक संकेत है। कामत ने एमटीएफ का सबसे बड़ा जोखिम समझाते हुए कहा कि अगर किसी शेयर में भारी गिरावट आती है और वह मार्जिन से ज्यादा (जैसे 20% से अधिक) टूटता है, तो नुकसान की भरपाई ब्रोकर को करनी पड़ती है। ग्राहक से घाटा वसूलना अक्सर मुश्किल होता है। मामला गंभीर तब हो जाता है जब ग्राहक किसी शेयर को गिरवी रखकर उसी में निवेश बढ़ाता है। मिड और स्मॉल कैप शेयरों में सर्किट लगने पर न निवेशक निकल सकेगा, न ब्रोकर। कामत ने बताया कि पूरी ब्रोकरेज इंडस्ट्री की एमटीएफ बुक का करीब 50% हिस्सा उन शेयरों में है, जो एफएंडओ (वायदा) सेगमेंट में नहीं हैं। यानी जहां हेजिंग का विकल्प नहीं है। कामत ने चेताया कि कुछ ब्रोकर्स की एमटीएफ बुक उसकी नेटवर्थ (कुल संपत्ति) का 500% तक पहुंच सकता है। अगर बाजार में अचानक बड़ी गिरावट आती है, तो ऐसे ब्रोकर्स उन एमटीएफ पोजिशन में फंस सकते हैं, जिनसे बाहर निकलना संभव ही नहीं होगा। कामत ने यह भी कहा कि प्रतिस्पर्धा के दबाव में जल्द कोलैटरल मार्जिन को एमटीएफ खरीदारी के लिए अनुमति देनी पड़ सकती है, जो अब तक प्रतिबंधित है। ऐसा होने पर जोखिम और बढ़ेगा। एमटीएफ क्या है, इससे खतरा किस मामले है? एमटीएफ यानी मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी ऐसी सुविधा है, जिसमें निवेशक ब्रोकर से उधार लेकर शेयर खरीद सकता है। निवेशक कुछ रकम खुद लगाता है, बाकी ब्रोकर देता है। फायदा होने पर निवेशक को ज्यादा मुनाफा मिलता है, लेकिन नुकसान की स्थिति में ब्रोकर को भी घाटा उठाना पड़ सकता है। अगर शेयर में भारी गिरावट आए और सर्किट लग जाए, तो न निवेशक बाहर निकल सकता है और न ब्रोकर। यही वो ‘एक बुरा दिन’ है, जिसकी चेतावनी कामत ने दी है।

चुकंदर इडली फ्राई रेसिपी: गर्मियों में शरीर को ठंडक और पोषण देती है यह चुकंदर इडली फ्राई, नोट करें आसान रेसिपी

चुकंदर इडली फ्राई रेसिपी

20 मई 2026 को 13:29 IST पर अपडेट किया गया चुकंदर इडली फ्राई रेसिपी: इस मौसम में भीषण गर्मी में शरीर को अंदर से ठंडा, ठंडा और ऊर्जावान बनाए रखना सबसे बड़ा काम है। ऐसे में सुबह के समय या शाम के समय ‘चुकंदर इडली फ्री’ लाइट लगाई जाती है। यह सिर्फ आपके स्वाद को नहीं बदलेगा, बल्कि शरीर की गुणवत्ता का पोषण भी करेगा। अनुसरण करना : सामग्री नोट करें – 2 कप चावल और 1 कप उड़द दाल, चुकंदर, नमक, राई, जीरा और कैरी पत्ता, हीरा प्याज और हरी मिर्च, हल्दी, गर्म मसाला आदि। छवि: सोशल मीडिया चावल और दाल को 6-7 घंटे तक धीमी गति से पीस लें और रात भर फर्मेंट होने दें। चुकंदर को पीसकर उसका पेस्ट बना लें और उसे इडली के गोंद में अच्छी तरह मिला दें। छवि: सोशल मीडिया इडली के सांचों को 15-20 मिनिट तक गरम कीजिये. इडली को ठंडा होने पर इडली को पिज़्ज़ा में काट लें। छवि: सोशल मीडिया एक पैन में तेल गर्म करें और इसमें राई, जीरा, करी पत्ता और हरी मिर्च का अनुपात शामिल है। अब कटे हुए पैवेलियन मैट्रिक्स सोलर होने तक ग्रेड। सभी मूलभूत सम्मिलित। छवि: सोशल मीडिया अंत में कटी हुई पिंक इडली डालें और 2-3 मिनट तक कुरकुरा होने तक फ्री करें। हरा धनिए की सजा। छवि: सोशल मीडिया चुकंदर हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है। इडली का फूल होता है और गर्मियों में पेट को ठंडक मिलती है और ये एनर्जी बूस्टर भी है। छवि: सोशल मीडिया द्वारा प्रकाशित: आर्या पांडे प्रकाशित 20 मई 2026 13:29 IST

कहीं आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल से पके फल-सब्जियां, यहां जानिए पहचान और बचाव के उपाय

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Last Updated:May 20, 2026, 13:27 IST फरीदाबाद में फल-सब्जियों में बढ़ रही मिलावट लोगों की सेहत पर भारी पड़ सकती है. डॉ. रितिका शर्मा के मुताबिक ज्यादा चमकदार फल, गहरा हरा पालक और पानी में रंग छोड़ने वाली सब्जियां केमिकल से तैयार हो सकती हैं. ऐसे खाद्य पदार्थ पेट दर्द, एलर्जी और लूज मोशन जैसी समस्याएं बढ़ा सकते हैं. फरीदाबाद: बाजार में जब भी लोग फल और सब्जियां खरीदने जाते हैं तो सबसे बड़ी परेशानी यही होती है कि असली और नकली की पहचान कैसे करें. कई बार चमकदार और ताजे दिखने वाले फल-सब्जियां अंदर से केमिकल वाले निकलते हैं जो स्वाद के साथ-साथ सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं. इन दिनों बाजार में आम, तरबूज, खरबूज और हरी सब्जियों में सबसे ज्यादा मिलावट देखने को मिल रही है. लोग बिना पहचान किए इन्हें खरीद लेते हैं लेकिन थोड़ी सी सावधानी आपको बीमार होने से बचा सकती है. कैसे पहचाने केमिकल वाले फल और सब्जियां लोकल 18 से बातचीत में फरीदाबाद सर्वोदय हॉस्पिटल की सीनियर डाइटिशियन और न्यूट्रिशन कंसल्टेंट डॉक्टर रितिका शर्मा बताती हैं कि आजकल फलों और सब्जियों में इस्तेमाल होने वाले केमिकल इतने ज्यादा हो गए हैं पहचान करना आसान नहीं रहता. फिर भी कुछ तरीके हैं जिनसे मिलावटी चीजों को पहचाना जा सकता है. अगर किसी फल या सब्जी पर लगाया गया रंग नकली है तो उसे पानी से धोने पर रंग निकलने लगता है. कई बार पानी में भी उसका रंग दिखाई देने लगता है. इसके अलावा गीले कपड़े या कॉटन से फल-सब्जियों को रगड़ने पर रंग कपड़े पर आ जाता है. अगर किसी फल पर जरूरत से ज्यादा चमक दिखे सतह चिकनी और ग्रीसी लगे या रंग बहुत अलग दिखाई दे तो समझ जाना चाहिए कि उसमें कहीं न कहीं मिलावट है. केमिकल वाले फल-सब्जियों से नुकसान डॉ. रितिका बताती हैं केमिकल से पकाए गए फल खाने से शरीर पर बुरा असर पड़ सकता है. इससे पेट दर्द, बुखार, खांसी-जुकाम, गले में जलन और लूज मोशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कई लोगों को एलर्जी भी होने लगती है. आजकल इस्तेमाल होने वाले केमिकल काफी स्ट्रॉन्ग होते हैं इसलिए लंबे समय तक इनका सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है. हरी पत्तेदार सब्जियों में सबसे ज्यादा रंग का इस्तेमाल डॉक्टर रितिका बताती हरी पत्तेदार सब्जियों में सबसे ज्यादा रंग का इस्तेमाल किया जाता है. जैसे पालक का असली रंग थोड़ा दबा हुआ हरा होता है लेकिन बाजार में कई बार बहुत ज्यादा चमकीला और गहरा हरा पालक दिखता है जो नेचुरल नहीं होता. इसी तरह अगर कोई फल जरूरत से ज्याद चमकदार दिखाई दे तो उसमें ऊपर से कोई लेयर चढ़ाई गई हो सकती है. डॉ. रितिका बताती हैं आम, तरबूज, खरबूज, टमाटर और हरी सब्जियों में सबसे ज्यादा केमिकल का इस्तेमाल हो रहा है. आम को जल्दी पकाने और मीठा करने के लिए केमिकल लगाए जाते हैं. तरबूज और खरबूज को ज्यादा मीठा दिखाने की कोशिश की जाती हैं. जो लोग लंबे समय से नेचुरल फल खाते आए हैं वे स्वाद से ही पहचान लेते हैं कि फल में कुछ गड़बड़ है. फल-सब्जियों को खाने से पहले अच्छे से धोएं डॉक्टर रितिका बताती हैं मैं लोगों को सलाह देती हूं फल और सब्जियों को खाने से पहले अच्छी तरह धोना चाहिए. कुछ देर पानी में भिगोकर रखने और छिलका उतारने से काफी हद तक केमिकल का असर कम किया जा सकता है. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Faridabad,Faridabad,Haryana

फिलीपींस के एक द्वीप पर ‘एआई' सरकार:कैबिनेट में गांधी और मंडेला जैसे 17 डिजिटल अवतार; 12 हजार लोग ई-नागरिक बनने को तैयार

फिलीपींस के एक द्वीप पर ‘एआई' सरकार:कैबिनेट में गांधी और मंडेला जैसे 17 डिजिटल अवतार; 12 हजार लोग ई-नागरिक बनने को तैयार

कल्पना कीजिए… एक ऐसा देश, जहां फैसले इंसान नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ले। कैबिनेट में महात्मा गांधी, नेल्सन मंडेला, विंस्टन चर्चिल जैसी शख्सियतों के ‘डिजिटल अवतार’ बैठें। वे बहस करें, तर्क दें, वोटिंग करें और सरकार चलाएं। सुनने में ये किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा लगता है, लेकिन फिलीपींस के एक छोटे से द्वीप पर इसे सच बनाने की कोशिश शुरू हो चुकी है। यह प्रयोग ब्रिटेन के टेक उद्यमी डैन थॉमसन कर रहे हैं। उन्होंने पलावन द्वीपसमूह में 3.6 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले एक द्वीप को अपनी एआई कंपनी ‘सेंसाय’ के नाम पर माइक्रोनेशन घोषित किया है। माइक्रोनेशन ऐसे स्वघोषित छोटे देश या रियासतें होती हैं, जिन्हें चलाने वाले खुद को स्वतंत्र राष्ट्र बताते हैं, लेकिन उन्हें अंतरराष्ट्रीय मान्यता नहीं मिलती। थॉमसन ने यहां सरकार चलाने के लिए 17 एआई बॉट्स की परिषद बनाई है। इन्हें गांधी, चर्चिल, एलेनॉर रूजवेल्ट, मार्कस ऑरेलियस, सन त्जू और मंडेला जैसे नेताओं के व्यक्तित्व, लेखन और विचारों के आधार पर तैयार किया है। दावा है कि ये एआई नेता व्यक्तिगत लालच, लॉबिंग और राजनीतिक स्वार्थ से मुक्त होकर सिर्फ वस्तुनिष्ठ फैसले लेंगे। यहां ई-रेजिडेंट्स प्रस्ताव रख सकेंगे। एआई परिषद उन पर चर्चा करेगी और वोटिंग के जरिए फैसला लेगी। हालांकि, इस प्रयोग को लेकर जितना उत्साह है, उतना डर भी है। खुद थॉमसन मानते हैं कि चीजें गलत दिशा में जा सकती हैं। उन्होंने कहा, अगर एआई हथियार जुटाकर पड़ोसी द्वीपों पर हमला करने लगे, तो बहुत खराब स्थिति होगी। हालांकि, वे इसे बेहद असंभव मानते हैं। इसी वजह से उन्होंने ‘ह्यूमन ओवरराइड असेंबली’ भी बनाई है, ताकि किसी खतरे की स्थिति में इंसानी दखल बना रहे। फिलहाल इस द्वीप पर सिर्फ एक केयरटेकर रहता है, लेकिन भविष्य में यहां 30 विला बनाने की योजना है। यहां रेजिडेंसी प्रोग्राम 2027 में लॉन्च होगा। 12 हजार लोग यहां ई-नागरिक बनने में रुचि दिखा चुके हैं। थॉमसन मानते हैं कि इसकी बड़ी वजह लोगों का सरकारों से घटता भरोसा है। कई आवेदक तकनीक के प्रति उत्सुक हैं, तो कुछ पारंपरिक राजनीति और भ्रष्टाचार से निराश। आलोचक कह रहे, एआई से सरकार चलाने की उम्मीद बेतुकी आलोचक इस मॉडल को खतरनाक और अलोकतांत्रिक मान रहे हैं। ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी की एआई विशेषज्ञ अलोंद्रा नेल्सन कहती हैं कि एआई रोज नई गड़बड़ियां कर रहा है। उससे सरकार चलाने की उम्मीद बेतुकी है। एक व्यक्ति और उसकी कंपनी द्वारा बनाई गई व्यवस्था लोकतांत्रिक नहीं कही जा सकती। इसके बावजूद थॉमसन का भरोसा कायम है। वे कहते हैं कि भविष्य में दुनिया की सरकारें एआई आधारित सिस्टम अपनाएंगी।

थलापति विजय के को-स्टार जय ने कबूला इस्लाम:कहा- मंदिर में अपमान हुआ, मस्जिद में कोई धक्का नहीं देता, नाम बदलकर अजीज करूंगा

थलापति विजय के को-स्टार जय ने कबूला इस्लाम:कहा- मंदिर में अपमान हुआ, मस्जिद में कोई धक्का नहीं देता, नाम बदलकर अजीज करूंगा

थलापति विजय के साथ 2002 की फिल्म भगवती में नजर आ चुके एक्टर जयकांत ने इस्लाम कबूल कर लिया है। इसकी घोषणा करते हुए उन्होंने कहा है कि मंदिर में अपमानित महसूस करने के बाद उन्होंने इस्लाम अपनाया और जल्द ही वो अपना नाम भी बदलने वाले हैं। गलाटा प्लस को दिए इंटरव्यू में जय ने बताया है कि उन्होंने 2011 से इस्लाम फॉलो करना शुरू किया है, लेकिन आज तक नाम नहीं बदला। उन्होंने कहा कि वो सबरीमाला के लिए माला पहनते थे। इसके बाद उन्होंने एक साल तक यीशू की भी माला पहनी और व्रत रखा। उन्होंने सभी देवी-देवताओं का अनुसरण किया, ये सोचकर कि सब ठीक है। लेकिन फिर एक समय ऐसा आया, जब उन्हें मंदिर में अपमानित होना पड़ा। उनके साथ मंदिर में कुछ ऐसी घटनाएं हुईं, जिनसे वो संतुष्ट नहीं थे। जय ने बातचीत में आगे बताया है कि मंदिर में अपमान होने के बाद वो मस्जिद जाने लगे, जहां उन्होंने देखा कि सभी लाइन से खड़े होकर प्रार्थना कर रहे हैं। एक्टर ने इंटरव्यू में कहा, ‘सभी जानते थे कि मैं एक्टर हूं, लेकिन मस्जिद में किसी ने मुझसे बात नहीं की। बाहर आने के बाद ही उन्होंने मुझसे बात की, वो भी विनम्रता से। वो सभी को समान मानते हैं। उनके लिए ईश्वर ही सर्वोच्च है। चाहे कोई सेलिब्रिटी हो, वो उसे बड़ा नहीं समझते।’ आगे उन्होंने कहा- ‘मस्जिदों में प्रार्थना करते हुए कोई धक्का नहीं देता, या जाने के लिए नहीं कहता। हम जितनी देर चाहें वहां रह सकते हैं। ये योग जैसा अनुभव है। अब मेरा स्वाभाव भी बदल गया है।’ जय का कहना है कि धर्म परिवर्तन से उनके करियर का कोई लेना-देना नहीं है। एक्टर ने बताया है कि वो जल्द ही अपना नाम जयकांत से अजीज जय करने वाले हैं। उनके इस फैसले से परिवार वाले भी खुश हैं, क्योंकि इससे पहले वो किसी धर्म को नहीं मानते थे। कौन हैं जयनाथ, जो बनेंगे अजीज 42 साल के जयनाथ एक तमिल एक्टर हैं। उन्होंने फिल्म भगवती में थलापति विजय के छोटे भाई का रोल निभाया था। इसके बाद वो चेन्नई 600028, सुब्रमण्यपुरम, एंगाएयुम एप्पोथुम, राजा रानी और जरुगंदी जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं।