Sunday, 23 Aug 2026 | 03:57 AM

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राम चरण बोले- पेद्दी के लिए आमिर-सलमान से कॉन्फिडेंट मिला:डायरेक्टर मना करते हैं, लेकिन अपने स्टंट खुद करता हूं; सेट पर लगीं कई चोटें, पार्ट-1

राम चरण बोले- पेद्दी के लिए आमिर-सलमान से कॉन्फिडेंट मिला:डायरेक्टर मना करते हैं, लेकिन अपने स्टंट खुद करता हूं; सेट पर लगीं कई चोटें, पार्ट-1

RRR को ऑस्कर में मिली जीत के बाद ग्लोबल स्टार बन चुके राम चरण की फिल्म पेद्दी 4 जून को रिलीज हो रही है। फिल्म में उनके साथ जान्हवी कपूर नजर आने वाली हैं। फिल्म रिलीज से पहले दैनिक राम चरण ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया है कि ये उनके करियर की ऐसी पहली फिल्म है, जिसके लिए उन्होंने सबसे ज्यादा सिंसियरली काम किया है। 200 दिनों के शूटिंग शेड्यूल में वो बस सोने ही घर जाते थे और अगली सुबह जल्दी सेट पर पहुंच जाते थे। शूटिंग के दौरान राम चरण को कई चोटें आईं। वो इन्हें गिफ्ट कहते हैं, उनका मानना है कि खुद स्टंट करना जरूरी है, क्योंकि आज के दौर में लोग सीन देखकर समझ जाते हैं कि कौन सा बॉडी डबल ने किया है और कौन सा एक्टर ने। राम चरण का ये भी कहना है कि सलमान खान की सुल्तान और दंगल की कामयाबी देखने के बाद उन्हें कुश्ती पर फिल्म बनाने का कॉन्फिडेंट मिला। पढ़िए राम चरण से हुई खास बातचीत- सवाल- पेद्दी में कुश्ती का बैकड्रॉप है। इस विषय को चुनने की क्या खास वजह रही? राम चरण- मुझे लगता है कि मेरी दूसरी फिल्मों की तुलना में मैंने इस फिल्म में सबसे ज्यादा सिंसियरली काम किया है। बहुत इज्जत से काम किया है, क्योंकि इसमें सिंसियेरिटी की जरुरत थी। ये फिल्म 1.8 बिलियन लोगों को रिप्रेजेंट करती है। ये फिल्म पहचान के लिए जीती है। जो पेद्दी का किरदरा है, वो पहचान की तलाश में है, अपने और अपनी कम्युनिटी के लिए। भारत जैसे देश में अगर आप मैप में नहीं हैं, कई गांव जिनमें लोग रह रहे हैं, वो वोट नहीं कर सकते, उनके पास ट्रांसपोर्ट नहीं है, स्कूल नहीं है, पोस्टल बॉक्स नहीं हैं, कोई सर्विसेस नहीं हैं। वो बस वहां रह रहे हैं। ऐसे कई गांव हैं। ये एक ऐसे लड़के की कहानी है, जो ऐसे गांव से निकलकर कैसे पहचान बनाता है। सवाल- आपका डेडिकेशन दिख रहा है, चेहरे पर चोटें भी हैं? राम चरण- बहुत सारे गिफ्ट्स (चोटें) मिले हैं मुझे इस डेडिकेशन के लिए। (हंसते हुए) जब पहली बार ये सुना था, तब मुझे मालूम हुआ। इससे पहले सलमान खान और आमिर खान की फिल्म भी चली थीं दंगल और सुल्तान। हम बहुत कॉन्फिडेंट थे कि इस तरह की फिल्में चलती हैं। उनका शुक्रिया। जहां तक कुश्ती का सवाल है, उत्तर भारत (यूपी, हरियाणा, बिहार) के दिल में यह खेल बसता है, लोग इसकी पूजा करते हैं। यह भारत में बेहद गहराई तक जड़ा हुआ खेल है। सदियों पुरानी इसकी परंपरा रही है। इसकी शुरुआत भले किसी अलग उद्देश्य से हुई थी, लेकिन अब यह देश के दिल और गांव-कस्बों से जुड़ा एक असली हार्टलैंड खेल बन चुका है। ऐसे किरदार करना बहुत थका देने वाला होता है, फिजिकली, आपको मेंटली बहुत स्ट्रॉन्ग होना पड़ता है। 200 दिन हमने शूटिंग की और फिजिकली जो करना पड़ा किया। मेरे सीनियर एक्टर सलमान खान और आमिर खान को हैड्स ऑफ, जिन्होंने इसे इतनी खूबसूरती से किया। मुझे भी कई गिफ्ट्स (चोटें) मिले हैं। सवाल- RRR में भी जो एक्शन था, असली आग के साथ जो क्लाइमैक्स सीन था, हर बार खुद को रिस्क में डालने में आपको डर नहीं लगता? राम चरण- मुझे लगता है डैड के टाइम से और हमारे टाइम में भी रिस्क फैक्टर था। अभी टेक्नॉलॉजी बढ़ने से रिस्क कम हो गया, लेकिन इसके अलावा क्या करना है ये मुझे नहीं पता। मुझे ऐसा करके, अपने स्टंट खुद करके अच्छा लगता है। मुझे इसके अलावा कुछ नहीं आता। मुझे पता है कि मेरी ऑडियंस को ये पसंद आएगा। आज कल देखकर बताया जा सकता है कि कौन सा स्टंट बॉडीडबल ने किया और कौन सा खुद ने किया। मुझे जितना हो सके ऑथेंटिक होना पसंद है। मेरे डायरेक्टर कहते हैं कि राम ऐसा मत करो। मेरे पिता आज भी 71 साल की उम्र में अपनी फाइट खुद करते हैं। मैं उनसे विनती करता हूं कि ऐसा मत करिए। लेकिन खुद ऐसा करने में एक चार्म है। लोगों कनेक्ट कर पाते हैं। उस कनेक्शन के लिए ही हम काम करते हैं। सवाल- हम बाहर से खुद को कितना भी स्ट्रॉन्ग हैं, लेकिन फिल्म के दौरान क्या कभी ऐसा हुआ जब इमोशनली टूटे या दर्द में रहे? राम चरण- मैं आपको बताता हूं, मैं अपनी जिंदगी में पहली बार 200 दिनों तक इतने जोश में मैं उठा था। ऐसा कभी किसी फिल्म में नहीं हुआ। मैं सिर्फ घर में सोने के लिए आता था। और वापस सेट पर पहुंचना चाहता था, ये फिल्म ही इतनी इंस्पायरिंग थी। हम सुबह 4ः45 पर उठते थे। वो लोग कहते थे कि 9 बजे या 10 बजे तक तैयार हो जाइए। लेकिन मैं कहता था सुबह 7 बजे क्यों नहीं। ऐसा इंथूसियाज्म इस फिल्म में लगा। सवाल- आपके पिता चिरंजीवी ने श्रीदेवी के साथ काम किया है, अब आप और जान्हवी इस फिल्म में हैं, दोनों की केमिस्ट्री नजर आ रही है। कैसा फील कर रहे हैं, जान्हवी के बारे में क्या कहना चाहेंगे? राम चरण- वो बहुत सिंसियर इंसान है। सिर्फ एक्ट्रेस ही नहीं, वो इंसान ही सिंसियर है। बहुत तैयारी से आती है, बहुत मेहनत करती है। जैसी वो है, उसमें उनके मां-बाप की परवरिश झलकती है। ये उसके काम में भी रिफ्लेक्ट होता है। उसके साथ काम करना एक प्लेजर है। फिल्म के बारे में- फिल्म पेद्दी 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। ये एक पैन इंडिया फिल्म है। बुच्ची बाबू के निर्देशन में बनी इस फिल्म को एआर रहमान ने म्यूजिक दिया है। ये जान्हवी कपूर की दूसरी तेलुगु फिल्म है। उन्होंने 2024 में फिल्म देवरा से तेलुगु सिनेमा में डेब्यू किया था।

Taiwan Author Yang Mou-lin Wins Booker Prize

Taiwan Author Yang Mou-lin Wins Booker Prize

Hindi News Career Taiwan Author Yang Mou lin Wins Booker Prize | May 21 Current Affairs 7 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 1. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आएंगे 20 मई को रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी TASS ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS 2026 में शामिल होने भारत आएंगे। 18वीं BRICS 2026 समिट 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होगी। BRICS 2026 की थीम ‘बिल्डिंग फॉर रिजिलेन्स, इनोवेशन, कॉर्पोरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी’ है। 13 जनवरी को भारत ने ऑफिशियली 18वीं BRICS समिट की अध्यक्षता संभाली थी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने BRICS 2026 की थीम, लोगो और वेबसाइट लॉन्‍च किए थे। भारत इस साल चौथी बार BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में अध्यक्षता कर चुका है। BRICS नाम इसके संस्थापक सदस्य देशों- ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के शुरुआती अक्षरों से बना है। मिस्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई और इंडोनेशिया बाद में BRICS फोरम के पूर्ण सदस्य बने। 2026 में BRICS की स्थापना के 20 साल पूरे हुए हैं। 2009 में BRICS की पहली समिट रूस में हुई थी। रूसी राष्ट्रपति पुतिन इससे पहले दिसंबर 2025 में 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली आए थे। 2. पीएम मोदी ने इटली में द्विपक्षीय वार्ता की 20 मई को पीएम मोदी अपनी यूरोप यात्रा के आखिरी चरण में इटली पहुंचे। पीएम ने इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। भारत और इटली मिलकर एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी, स्पेस, डिफेंस, क्रिटिकल मिनरल्स, एग्रीकल्चर, समुद्री परिवहन, पर्यटन और संस्कृति जैसे सेक्टर्स के लिए पार्टनरशिप करेंगे। इस पार्टनरशिप में 2029 तक भारत और इटली के बीच व्यापार को 20 अरब डॉलर तक बढ़ाने का टारगेट रखा गया है। 2025 में भारत और इटली के बीच करीब 16.77 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था। अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 तक इटली ने भारत में 3.66 अरब डॉलर का निवेश किया है। भारत-इटली के बीच हुई बैठक में पीएम मोदी और मेलोनी ने स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप पर बात की। 3. ‘ताइवान ट्रैवलॉग’ को इंटरनेशनल बुकर पुरस्कार 19 मई को ताइवान की लेखिका यांग शुआंग-जी की किताब ताइवान ट्रैवलॉग के इंग्लिश ट्रांसलेशन को इंटरनेशनल बुकर पुरस्कार के लिए चुना गया। ‘ताइवान ट्रैवलॉग’ का अंग्रेजी अनुवाद ताइवान की ही अनुवादक ‘लिन किंग’ ने किया है। मंदारिन भाषा से ट्रांसलेटेड किसी किताब को पहली बार बुकर अवॉर्ड मिला है। ताइवान ट्रैवलॉग 1930 के दशक में जापान के कब्जे वाले ताइवान के दौर की एक प्रेमकथा है। बुकर पुरस्कार मूल रूप से अंग्रेजी में लिखी या अंग्रेजी में ट्रांसलेटेड किताबों को दिया जाता है, जो ब्रिटेन या आयरलैंड में पब्लिश होती हैं। इंटरनेशनल बुकर पुरस्कार में 50 हजार अमेरिकी डॉलर दिए जाते हैं, जिसे राइटर और ट्रांसलेटर के बीच बराबर बांटा जाता है। बुकर पुरस्कार की शुरुआत अन्य भाषाओं के फिक्शन साहित्य को ग्लोबल पहचान दिलाने के लिए की गई थी। 2025 में भारत की प्रसिद्ध कन्नड़ लेखिका बानू मुश्ताक की लघु कहानियों के संग्रह ‘हार्ट लैंप’ के अनुवाद को इंटरनेशनल बुकर पुरस्कार मिला था। अब तक कुल 5 भारतीय लेखकों को ओरिजनल बुकर और 2 को ट्रांसलेटेड इंटरनेशनल बुकर मिल चुका है। बुकर 2026 विजेता ‘यांग शुआंग-जी’ (बाएं) ने मूल किताब लिखी है जिसका अनुवाद लिन किंग (दाएं) ने किया है। नेशनल (NATIONAL) 4. DRDO ने UAV मिसाइल की सफल टेस्टिंग की 19 मई को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ड्रोन से दागी जाने वाली मिसाइल ‘U-LPGM V3’ का सफल परीक्षण किया। ये टेस्टिंग आंध्र प्रदेश के कुरनूल में हुई। मिसाइल का पूरा नाम UAV-Launched Precision Guided Missile Version 3 है। मिसाइल पूरी तरह से भारत में विकसित की गई है। इसकी अधिकतम रेंज 10 किलोमीटर है। U-LPGM V3 या UAV मिसाइल हवा-से-हवा और हवा से जमीन पर वार करने की क्षमता रखती है। मिसाइल फायर एंड फॉर्गेट कैपिबिलिटी से लैस है, यानी टार्गेट लॉक कर फायर करने के बाद ये खुद निशाने पर वार करती है। UAV मिसाइल टैंक और आर्म्ड व्हीकल को निशाना बना सकता है। 5. आयुष मंत्रालय ने आयुष अनुदान पोर्टल लॉन्च किया 19 मई को आयुष मंत्रालय ने ‘आयुष अनुदान पोर्टल’ लॉन्च किया। इस पोर्टल का उद्देश्य आयुष योजना में मिलने वाला अनुदान के सिस्टम को सरल और पारदर्शी बनाना है। पोर्टल के माध्यम से अनुदान के लिए आवेदन और उनकी स्थिति की जांच ऑनलाइन की जा सकेगी। पोर्टल से आयुष स्कीम में आने वाले लोगों को मिल रहे अनुदान में भ्रष्टाचार को कम करने में मदद मिलेगी। आयुष अनुदान पोर्टल डिजिटल इंडिया का हिस्सा है। इसके तहत सभी विभागों को ऑनलाइन किया जा रहा है। पोर्टल पर आयुष अनुदान के लिए भेजे गए प्रपोजल को ऑनलाइन सबमिट किया जा सकेगा। प्रोसेस के बाद एप्लीकेशन ऑनलाइन अप्रूव होंगी और एप्लीकेशन को तुरंत ट्रैक भी किया जा सकेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और डिजिटली सभी प्रोसेस आसानी से हो सकेगा। भारत सरकार ने राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) की शुरुआत 15 सितंबर 2014 को की थी। स्पोर्ट्स (SPORTS) 6. NADA ने दो एथलीटों को 3-3 साल के लिए बैन किया 20 मई को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी यानी NADA ने दो धावक अंकित और जयेश पाटिल पर 3-3 साल का प्रतिबंध लगा दिया। अंकित और जयेश के डोप टेस्ट में प्रतिबंधित पदार्थ ‘मेल्डोनियम’ पॉजिटिव पाया गया था। प्रतिबंध के दौरान ये खिलाड़ी किसी भी नेशनल या इंटरनेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। अंकित और जयेश ने मेल्डोनियम लेने की बात कबूल की है, जिसके बाद उनका बैन 1 साल घटाया गया है। 69वीं नेशनल क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में अंकित तीसरी जबकि जयेश पांचवी पोजीशन पर आए थे। अंकित सर्विसेज स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड (SSCB) के, जबकि जयेश पाटिल रेलवे के धावक हैं। आज का इतिहास 1991 में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई थी। 1904 में विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था ‘फीफा’ (FIFA) की स्थापना पेरिस में हुई। 1994 में सुष्मिता सेन भारत की पहली मिस यूनिवर्स बनीं। ————————- ये खबर भी पढ़ें.. स्क्वाड्रन लीडर सान्या पहली महिला फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर बनीं: झांझ ताल के संगीतकार मौली तकलकर का

IPL में आज गुजरात vs चेन्नई:प्लेऑफ की रेस के लिए चेन्नई को जीतना ही होगा; गुजरात की नजर टॉप-2 पर

IPL में आज गुजरात vs चेन्नई:प्लेऑफ की रेस के लिए चेन्नई को जीतना ही होगा; गुजरात की नजर टॉप-2 पर

IPL 2026 का 66वां मुकाबला आज गुजरात टाइटंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला जाएगा। मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। चेन्नई के लिए यह मैच करो या मरो जैसा है। टीम ने 13 मैच में 6 मुकाबले जीते हैं और 12 अंक के साथ पॉइंट्स टेबल के छठे स्थान पर है। उसे प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए हर हाल में जीत चाहिए। दूसरी ओर शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात पहले ही प्लेऑफ में पहुंच चुकी है। टीम ने 13 में से 8 मुकाबले जीते हैं और 16 अंक के साथ पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर है। हेड-टू-हेड में गुजरात आगे IPL में दोनों टीमों के बीच अब तक कांटे की टक्कर देखने को मिली है। गुजरात और चेन्नई के बीच अब तक कुल 9 मुकाबले खेले गए हैं। इसमें गुजरात ने 5 मैच जीते, जबकि चेन्नई को 4 मैचों में जीत मिली है। इस सीजन दोनों टीमों के बीच 26 अप्रैल को एमए चिदंबरम स्टेडियम में पहली भिड़ंत हुई थी। उस मैच में गुजरात ने चेन्नई को 8 विकेट से हरा दिया। साई सुदर्शन गुजरात के टॉप स्कोरर गुजरात के लिए इस सीजन में साई सुदर्शन ने सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने अब तक खेले 13 मैचों में 554 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 6 अर्धशतक शामिल हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 157.83 का रहा है। वहीं गेंदबाजी में कगिसो रबाडा ने सबसे ज्यादा विकेट लिए हैं। उन्होंने 13 मैचों में 9.22 की इकोनॉमी से रन देते हुए 21 विकेट चटकाए हैं। 25 रन देकर 3 विकेट उनका बेस्ट बॉलिंग परफॉर्मेंस है। सैमसन ने चेन्नई के टॉप स्कोरर चेन्नई की ओर से संजू सैमसन टॉप स्कोरर रहे हैं। सैमसन ने सीजन के 13 मैचों में 166.20 की स्ट्राइक रेट से 477 रन बनाए हैं। उन्होंने 2 शतक और 1 फिफ्टी लगाई है। गेंदबाजी में टीम के लिए अंशुल कंबोज ने सबसे ज्यादा विकेट चटकाए हैं। उन्होंने 13 मुकाबलों में 20 विकेट लिए हैं। उनका बेस्ट प्रदर्शन 22 रन देकर 3 विकेट रहा है। हालांकि उन्होंने 10.23 इकोनॉमी से रन दिए हैं। पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम की लाल और काली मिट्टी से बनी पिच पर हाई स्कोरिंग मुकाबले होते हैं। हालांकि, यहां की बाउंड्री बड़ी है। गेंदबाज इसका इस्तेमाल कर बल्लेबाजों को फंसा सकते हैं। यहां IPL में 51 मैच खेले गए हैं। पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 25 और चेज करने वाली टीम ने भी 25 मैच जीते हैं। एक मुकाबला टाई रहा है। हालांकि टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती है। वेदर रिपोर्ट अहमदाबाद में मैच के समय बारिश की कोई संभावना नहीं है। तापमान गर्म रहेगा और मैच के समय आसमान साफ रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, निशांत सिंधु, राहुल तेवतिया, जेसन होल्डर, राशिद खान, अरशद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा। चेन्नई सुपर किंग्स: ऋतुराज गायकवाड (कप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, प्रशांत वीर, अकील हुसैन, अंशुल कंबोज, स्पेंसर जॉनसन, नूर अहमद और मुकेश चौधरी।

Summer Heatwave Vs Mental Health; High Temperature Impact On Brain

Summer Heatwave Vs Mental Health; High Temperature Impact On Brain

Hindi News Lifestyle Summer Heatwave Vs Mental Health; High Temperature Impact On Brain | Stress Mood Swings 19 मिनट पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक गर्मी में टेम्परेचर बढ़ने पर ज्यादातर लोग थकान, चिड़चिड़ापन या कम नींद जैसी समस्याएं महसूस करते हैं। कई बार काम में फोकस कम हो जाता है, बात-बात पर गुस्सा आता है या बिना वजह बेचैनी बढ़ती है। हीट वेव या लगातार हाई टेम्परेचर से स्ट्रेस लेवल, स्लीप प्रॉब्लम्स और मूड स्विंग्स से जुड़े केस बढ़ सकते हैं। ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एनवायर्नमेंटल रिसर्च एंड पब्लिक हेल्थ’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, गर्मियों में मेंटल हेल्थ डिपार्टमेंट के केस 8% तक बढ़ जाते हैं। डिहाइड्रेशन, खराब स्लीप पैटर्न और डेली रूटीन में बदलाव मिलकर ‘मेंटल बैलेंस’ को प्रभावित करते हैं। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज जानेंगे कि गर्मी ब्रेन को कैसे प्रभावित करती है। साथ ही जानेंगे कि- किन लोगों को ज्यादा रिस्क होता है? इससे बचने के आसान उपाय क्या हैं? एक्सपर्ट: डॉ. नीलशा भेरवानी, सीनियर कंसल्टेंट, क्लिनिकल साइकोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली सवाल- गर्मियों में टेम्परेचर बढ़ने पर हमारे मूड और ब्रेन फंक्शन पर क्या प्रभाव पड़ता है? जवाब- गर्मियों में ज्यादा टेम्परेचर होने पर शरीर को ठंडा रखने के लिए ज्यादा ऊर्जा खर्च होती है, जिससे थकान और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। डिहाइड्रेशन हो सकता है, जिससे फोकस और याददाश्त पर बुरा असर पड़ता है। ब्रेन में सेरोटोनिन और डोपामिन जैसे फील गुड हॉर्मोन्स का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे मूड स्विंग, बेचैनी और गुस्सा बढ़ने की संभावना रहती है। स्लीप क्वालिटी खराब हो सकती है, जो ब्रेन फंक्शन को प्रभावित करती है। लंबे समय तक हीट एक्सपोजर से निर्णय लेने की क्षमता और फोकस भी कमजोर हो सकता है। सवाल- गर्मी बढ़ने पर किस तरह की मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं? जवाब- गर्मी का असर ब्रेन और इमोशंस पर भी पड़ता है। इससे डिहाइड्रेशन, नींद की कमी और हार्मोनल बदलाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इससे कौन-सी मेंटल हेल्थ समस्याएं हो सकती हैं, ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या ये साइंटिफिकली प्रूवेन है कि हीट वेव के दौरान स्ट्रेस, स्लीप प्रॉब्लम या मूड स्विंग्स के केस बढ़ जाते हैं? जवाब- हां, अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के मुताबिक, हीट वेव के समय मेंटल स्ट्रेस और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। ज्यादा गर्मी से शरीर का थर्मोरेगुलेशन सिस्टम लगातार एक्टिव रहता है, जिससे मानसिक थकान बढ़ती है। रात में भी टेम्परेचर ज्यादा रहने से स्लीप क्वालिटी खराब होती है, जो मूड को प्रभावित करती है। सवाल- हाई-टेम्परेचर के कारण डिहाइड्रेशन होने पर मेंटल हेल्थ पर क्या असर होता है? जवाब- डिहाइड्रेशन से ब्रेन सेल्स तक ब्लड और ऑक्सीजन सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जिससे सोचने की क्षमता घटती है। शरीर में फ्लूइड कम होने से फोकस और अलर्टनेस में कमी महसूस होती है। इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के कारण लो एनर्जी और मानसिक सुस्ती बढ़ सकती है। इमोशनल कंट्रोल कमजोर हो सकता है, जिससे गुस्सा या उदासी जल्दी आती है। लंबे समय तक डिहाइड्रेशन से कन्फ्यूजन और चिड़चिड़ापन भी बढ़ सकता है। सवाल- कौन-से मानसिक और बिहेवियरल लक्षण नजरअंदाज नहीं करने चाहिए? क्या ये गर्मियों में ज्यादा गंभीर हो सकते हैं? जवाब- मानसिक और व्यवहार से जुड़े कुछ बदलाव ऐसे होते हैं, जो बताते हैं कि ब्रेन और इमोशन्स पर दबाव बढ़ रहा है। हीट स्ट्रेस से ये लक्षण ज्यादा स्पष्ट और गंभीर हो सकते हैं। ग्राफिक में दिए ये संकेत बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करने चाहिए- सवाल- किन लोगों को समर सीजन में मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स का रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- कुछ लोगों में इस मौसम में एंग्जाइटी, मूड स्विंग्स, थकान और अन्य मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स का रिस्क ज्यादा हो सकता है। सवाल- अगर किसी को एंग्जाइटी, डिप्रेशन या स्लीप डिसऑर्डर है तो क्या गर्मियों में स्थिति और बिगड़ सकती है? जवाब- हां, गर्मी ज्यादा होने पर ये समस्याएं और बढ़ सकती हैं। पॉइंटर्स में समझिए- पसीने के साथ इलेक्ट्रोलाइट लॉस होने से ब्रेन फंक्शन और मूड कंट्रोल प्रभावित हो सकता है। तेज रोशनी और दिन लंबे होने से सर्केडियन रिद्म बिगड़ सकती है, जिससे स्लीप क्वालिटी खराब होती है। डिहाइड्रेशन के कारण कंसंट्रेशन और एंग्जाइटी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ज्यादा थकान और लो एनर्जी डिप्रेशन के लक्षणों को ट्रिगर कर सकती है। सवाल- गर्मियों में कौन-सी हैबिट्स दिमाग और मूड पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं, जिनसे बचना चाहिए? जवाब- गर्मियों में ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी से ब्रेन पर स्ट्रेस हार्मोन बढ़ सकता है। हाई कैफीन या शुगरी ड्रिंक लेने से मूड स्विंग्स और हार्ट रेट बढ़ सकती है। देर रात तक स्क्रीन यूज करने से मेलाटोनिन रिलीज कम होता है और स्लीप साइकल बिगड़ती है। अनियमित बोजन या जंक फूड से ब्लड शुगर फ्लक्चुएशन होता है, जो इमोशनल स्टेबिलिटी को प्रभावित करता है। एसी और बाहर की गर्मी के बीच बार-बार एक्सपोजर से शरीर पर एडजस्टमेंट स्ट्रेस बढ़ता है। पानी कम पीने से भी मेंटल और फिजिकल परफॉर्मेंस घट सकती है। सवाल- गर्मियों में ‘मेंटल बैलेंस’ के लिए लाइफस्टाइल में क्या बदलाव करने चाहिए? जवाब- लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव पॉइंटर्स में समझिए- सुबह या शाम के ठंडे समय में हल्की एक्सरसाइज या वॉक करें। पूरे दिन में पर्याप्त पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स लें। स्लीप हाइजीन सुधारें, कमरे का टेम्परेचर कम रखें और लाइट कम रखें। डाइट में ताजे फल, सलाद और ओमेगा-3 से भरपूर फूड्स शामिल करें। दिन में छोटे-छोटे ब्रेक लें और रिलैक्सेशन टेक्नीक (जैसे डीप ब्रीदिंग) अपनाएं। सनलाइट एक्सपोजर सीमित रखें। डेली रूटीन नियमित बनाए रखें। सवाल- मूड और ब्रेन हेल्थ के लिए गर्मियों में कैसी डाइट होनी चाहिए? जवाब- ऐसी डाइट लें, जो शरीर को हाइड्रेटेड, हल्की और न्यूट्रिएंट-डेंस रखे, ताकि ब्रेन को लगातार ग्लूकोज और माइक्रोन्यूट्रिएंट मिलते रहें। ग्राफिक में देखिए, कंप्लीट समर डाइट प्लान- सवाल- जो लोग आउटडोर काम करते हैं या ज्यादा गर्मी में रहते हैं, उन्हें मेंटल वेलबीइंग के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- काम के दौरान हर 30-40 मिनट में शेड या ठंडी जगह पर छोटा ब्रेक लें, ताकि ब्रेन ओवरहीटिंग से बच सके। ढीले, हल्के रंग के कपड़े पहनें, जिससे शरीर का टेम्परेचर कंट्रोल में रहता है और थकान कम होती है। काम की टाइमिंग संभव हो तो सुबह या देर शाम रखें। इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक या नींबू पानी लेने से नर्व और मसल फंक्शन बेहतर रहता

बुमराह ने पहली बार मनीष पांडे को आउट किया:चाहर ने पर्ची निकालने की एक्टिंग की, ग्रीन को रिव्यू पर विकेट मिला; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

बुमराह ने पहली बार मनीष पांडे को आउट किया:चाहर ने पर्ची निकालने की एक्टिंग की, ग्रीन को रिव्यू पर विकेट मिला; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

कोलकाता नाइट राइडर्स ने IPL 2026 के 65वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस को 4 विकेट से हरा दिया। बुधवार को जसप्रीत बुमराह ने IPL में पहली बार मनीष पांडे का विकेट लिया। मनीष 2020 के बाद पहली बार मैन ऑफ द मैच बने। ईडन गार्डन्स में तिलक वर्मा ने पहली बाउंड्री लगाने के लिए 25 गेंद ली। मैच में कई इंटरेस्टिंग मोमेंट्स भी आए। दीपक चाहर ने विकेट लेने के बाद पर्ची निकालने की एक्टिंग की। वहीं बारिश की वजह से 1 घंटे तक खेल रुका रहा। कोलकाता-मुंबई मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. तिलक ने 25वीं गेंद पर पहली बाउंड्री लगाई IPL 2026 में पहली बाउंड्री के लिए सबसे ज्यादा गेंद खेलने का अनचाहा रिकॉर्ड तिलक वर्मा के नाम दर्ज हुआ है। तिलक ने कोलकाता के खिलाफ 25वीं गेंद पर पहली बाउंड्री लगाई। इस लिस्ट में रवींद्र जडेजा दूसरे नंबर पर हैं, जिन्होंने लखनऊ के खिलाफ 24 गेंद खेली थी। 2. मनीष 49 गेंद बाद बुमराह की बॉल पर आउट हुए मुंबई के खिलाफ मैच में मनीष पांडे IPL में पहली बार जसप्रीत बुमराह की गेंद पर आउट हुए। उन्होंने इससे पहले बुमराह की 49 गेंद खेली थी। वह बुमराह के खिलाफ बिना आउट हुए सबसे ज्यादा गेंद खेलने वाले खिलाड़ियों में दूसरे नंबर पर हैं। इस लिस्ट में शिखर धवन पहले नंबर पर हैं, जिन्होंने बुमराह की 66 गेंद खेली थी। यहां से टॉप-8 मोमेंट्स… 1. ग्रीन को रिव्यू पर विकेट मिला मुंबई की पारी के तीसरे ओवर में कैमरन ग्रीन ने दो विकेट चटकाए। ओवर की तीसरी गेंद पर ग्रीन ने रायन रिकेल्टन (6 रन) को कवर पॉइंट पर कैच आउट कराया। मनीष पांडे ने मुश्किल हाई कैच पकड़ा। फिर आखिरी गेंद पर ग्रीन ने नमन धीर को विकेटकीपर के हाथों कैच कराया। हालांकि अंपायर ने नॉटआउट दिया, लेकिन कोलकाता ने रिव्यू लिया। रिप्ले में अल्ट्राएज में स्पाइक दिखा और थर्ड अंपायर ने नमन को आउट करार दिया। 2. बारिश की वजह से 1 घंटे तक खेल रुका पहली पारी के 8वें ओवर के बाद तेज बारिश शुरु हो गई। इसकी वजह से करीब 1 घंटे तक खेल रुका रहा। हालांकि बारिश रुकने के बाद ओवर में कटौती नहीं की गई और पूरा मैच खेला गया। 3. कैच छूटने पर रघुवंशी और वरुण में नोंक-झोंक पहली पारी के 11वें ओवर में विकेटकीपर अंगकृष रघुवंशी की टक्कर लगने से वरुण चक्रवर्ती से कैच छूट गया। वरुण के ओवर की पांचवी गेंद पर तिलक वर्मा ने स्लॉग स्वीप खेला, लेकिन गेंद बल्ले का टॉप-एज लेकर खड़ी हो गई। वरुण ने गेंद पकड़ भी लिया था, लेकिन दौड़कर आ रहे रघुवंशी उनसे टकरा गए और कैच छूट गया। कैच ड्रॉप होने के बाद चक्रवर्ती, रघुवंशी से काफी नाराज दिखे। 4. विकेटकीपर रघुवंशी चोट की वजह से मैदान से बाहर गए मुंबई की पारी के 14वें ओवर में विकेटकीपर अंगकृष रघुवंशी मैदान से बाहर चले गए। 11वें ओवर में वरुण से हुई टक्कर के बाद रघुवंशी के उंगली में चोट लगी थी। 3 ओवर ग्राउंड पर रहने के बाद टीम के फिजियो उन्हें मैदान से बाहर ले गए। उनकी जगह तेजस्वी दहिया बतौर सब्स्टिट्यूट विकेटकीपर मैदान पर आए। 5. रिंकू सिंह के थ्रो पर विल जैक्स रनआउट हुए 17वें ओवर में रिंकू सिंह ने सटीक थ्रो लगाकर विल जैक्स को पवेलियन भेजा। वरुण चक्रवर्ती की चौथी बॉल पर जैक्स ने कवर्स की ओर शॉट खेला और दो रन के लिए भागे। लेकिन दूसरे छोर पर खड़े कॉर्बिन बॉश ने दूसरे रन के लिए मना कर दिया और जैक्स को वापस लौटना पड़ा। इस दौरान डीप में खड़े रिंकू सिंह ने तेजी से गेंद को फील्ड कर सटीक थ्रो फेंका, जिसे वरुण ने कलेक्ट कर गिल्लियां बिखेर दीं। रिप्ले में दिखा की जैक्स क्रीज से काफी बाहर रह गए थे। 6. एलन को बोल्ड कर चाहर ने चिट निकालने की एक्टिंग की कोलकाता की पारी के पहले ही ओवर में दीपक चाहर ने फिन एलन को आउट करने के बाद अनोखे अंदाज में जश्न मनाया। ओवर की आखिरी गेंद पर चाहर ने एलन (8 रन) को बोल्ड कर दिया। इसके बाद चाहर ने अपनी जेब से चिट निकालने की एक्टिंग करते हुए दर्शकों को दिखाया। 7. चाहर और रॉबिन की गलतफहमी से छूटा पॉवेल का कैच गुजरात की पारी के 10वें ओवर में दीपक चाहर और रॉबिन मिंज की गलतफहमी से रोवमन पॉवेल को जीवनदान मिल गया। ओवर की दूसरी गेंद हार्दिक पंड्या ने शॉर्ट डाली, जिसपर पॉवेल ने पुल शॉट खेला, लेकिन गेंद ने बल्ले का टॉप एज लिया। चाहर और मिंज दोनों खिलाड़ियों के पास कैच लेने का मौका था, लेकिन किसी ने भी कॉल नहीं किया और गेंद दोनों के बीच में गिर गई। 8. बॉश ने छलांग लगाकर शानदार कैच पकड़ा कोलकाता की पारी के 16वें ओवर में कॉर्बिन बॉश ने हवा में छलांग लगाते हुए बेहतरीन कैच पकड़ा। गजनफर के ओवर की दूसरी गेंद को रोवमन पॉवेल ने बैकवर्ड पॉइंट पर कट शॉट खेला। वहां तैनात कॉर्बिन बॉश ने छलांग लगाकर जबरदस्त कैच लपका। इसे देखकर बल्लेबाज पॉवेल भी हैरान रह गए।

12th Pass Career Confusion Guide; Child Future Clarity

12th Pass Career Confusion Guide; Child Future Clarity

35 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- हम लखनऊ में रहते हैं। हमारा बेटा 18 साल का है और उसने अभी 12वीं पास की है। वो पढ़ाई में अच्छा है। टीचर्स भी उसकी तारीफ करते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से वह अपने करियर को लेकर वह काफी कन्फ्यूज रहता है। कभी कहता है, इंजीनियरिंग करनी है, कभी सिविल सर्विस में जाने की बात करता है। क्लैरिटी न होने के कारण वो स्ट्रेस में भी रहता है। बतौर पेरेंट, हमारी फिक्र ये है कि हम उसे सही रास्ता कैसे दिखाएं, उसकी मदद कैसे करें? एक्सपर्ट: डॉ. अमिता श्रृंगी, साइकोलॉजिस्ट, फैमिली एंड चाइल्ड काउंसलर, जयपुर जवाब- सबसे पहले तो सजग माता-पिता होने के लिए आप बधाई के पात्र हैं। किसी भी बच्चे के लिए 12वीं के बाद का समय बहुत क्रिटिकल होता है। उम्र भी नाजुक होती है। ऐसे में कन्फ्यूजन होना लाजिमी है। आपका बेटा पढ़ाई में अच्छा है। टीचर्स भी उसकी तारीफ करते हैं। जाहिर है कि उसकी क्षमता में कोई कमी नहीं है। प्राइमरी तौर पर बच्चे को कन्फ्यूजन की वजह से दो समस्याएं होती हैं- तनाव गिल्ट जब बच्चे को क्लैरिटी नहीं होती तो– बच्चा स्ट्रेस में होता है। दबाव महसूस करता है। डरता है कि “सब आगे बढ़ रहे हैं, मैं पीछे रह जाऊंगा।” ओवरथिंकिंग करता है। दिमाग उलझा रहता है, जिससे थकान, चिड़चिड़ापन बढ़ता है। उसे गिल्ट होता है कि मैं पेरेंट्स को निराश कर रहा हूं। इससे सेल्फ-एस्टीम और कॉन्फिडेंस धीरे-धीरे कम होता है। इसलिए सबसे पहले बच्चे को नॉर्मल फील कराना जरूरी है। सबसे पहले कन्फ्यूजन को नॉर्मलाइज करें। बच्चे से कहें– “इस उम्र में कन्फ्यूज होना नॉर्मल है।” “हम भी तुम्हारी उम्र में ऐसे ही कन्फ्यूज होते थे।” “कन्फ्यूजन का मतलब है कि अभी तुम एक्सप्लोर कर रहे हो।” “चलो, हम सब साथ मिलकर एक्सप्लोर करते हैं।” बच्चे से ये न कहें- “जल्दी फैसला करो।” “तुम सोचने के लिए बहुत समय ले रहे हो।” “तुम इतना कन्फ्यूज क्यों हो?” ये कहें- “तुम अभी जो सोच रहे हो, चाहो तो हमसे शेयर कर सकते हो।” “तो अभी तुम्हारे दिमाग में क्या चल रहा है?” “किस चीज से तुम्हें एक्साइटमेंट महसूस होता है?” 12वीं के बाद करियर कन्फ्यूजन क्यों होता है? 12वीं के बाद बच्चों को पहली बार अपने भविष्य से जुड़ा बड़ा फैसला लेना होता है। लेकिन इस समय उन्हें न तो कोई अनुभव होता है और न ही खुद की समझ पूरी तरह विकसित होती है। ऐसे में जब अचानक इतने सारे विकल्प, अपेक्षाएं और तुलना सामने आ जाती हैं, तो बच्चे के लिए सही डायरेक्शन चुनना मुश्किल हो जाता है। कई बार बच्चा यह नहीं समझ पाता कि वह क्या करे। इसके कई कारण हैं- माता-पिता क्या करें? करियर कन्फ्यूजन के इस फेज में बच्चे को सपोर्ट की जरूरत होती है। इस समय माता-पिता का रोल समझने और संभालने वाला होना चाहिए। अगर आप इस स्थिति को सही तरीके से हैंडल करते हैं तो बच्चे का आत्मविश्वास मजबूत होगा। लेकिन अगर यहां प्रेशर देंगे तो यही कन्फ्यूजन स्ट्रेस और गिल्ट में बदल सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप खुद को इन तीन रोल्स में ढालें- बच्चे का गाइड बनना है। बच्चे का इमोशनल एंकर (इमोशनल सपोर्ट सिस्टम) बनना है। बच्चे का डॉक्टर बनना है। आइए इन पॉइंट्स को समझते हैं- बच्चे के गाइड बनें हर फील्ड के चैलेंज और फायदे समझाएं, लेकिन चुनने की स्वतंत्रता दें। यूट्यूब, मेंटर्स और प्रोफेशनल्स से सही जानकारी दिलाएं। ‘क्या बनना है‘ से पहले ‘किसमें रुचि है‘ समझने में मदद करें। अलग-अलग फील्ड पर रिसर्च/ट्रायल करने दें। इसके साथ ही नीचे ग्राफिक में दी गई कुछ और बातों का ध्यान रखें- इमोशनल एंकर बनें घर में ओपन कम्युनिकेशन का माहौल बनाएं। बिना जजमेंट के बच्चे की बात सुनें। उसकी फीलिंग्स को वैलिडेट करें। कहें-“ऐसा महसूस होना स्वाभाविक है।” अनकंडीशनल सपोर्ट दें। हर बच्चे की जर्नी अलग होती है। इसलिए तुलना न करें। उसकी छोटी कोशिश की भी तारीफ करें। बच्चे के डॉक्टर बनें इस समय बच्चे को स्ट्रेस होता है। इसे मैनेज करना सिखाएं। कम नींद, चिड़चिड़ापन और लो मोटिवेशन जैसे स्ट्रेस सिग्नल पहचानें। डीप ब्रीदिंग की आदत बनवाएं। इससे दिमाग शांत होता है, एंग्जाइटी कम होती है। पॉजिटिव सेल्फ-टॉक सिखाएं, जैसे “मैं सीख रहा हूं, धीरे-धीरे समझ आ जाएगा।” सोशल मीडिया यूज के लिए लिमिट तय करें। फिजिकल एक्टिविटी को रूटीन का हिस्सा बनाएं। बड़े काम को छोटे हिस्सों में बांटकर पूरा करना सिखाएं। जरूरत पड़े तो एक्सपर्ट की मदद लें। काउंसलर/करियर गाइड से काउंसलिंग दिलवाएं। क्या गलतियां न करें? करियर कन्फ्यूजन के समय माता-पिता की छोटी-छोटी गलतियां भी बच्चे के मन पर बड़ा असर डालती हैं। कई बार हम अनजाने में ऐसी बातें या व्यवहार करते हैं, जो बच्चे के स्ट्रेस और गिल्ट को और बढ़ा सकते हैं। याद रखें, इस समय बच्चे को आपके जजमेंट की नहीं, समझ और सपोर्ट की जरूरत है। इसलिए इन बातों का खास ध्यान रखें- दूसरे बच्चों से तुलना न करें। जल्दी निर्णय लेने का दबाव न डालें। ‘सेफ’ करियर के लिए मजबूर न करें। बच्चे की बात को नजरअंदाज न करें। अपने अधूरे सपनों को बच्चें पर न थोपें। बच्चे के करियर स्ट्रेस को हल्के में लें। अंत में यही कहूंगी कि करियर का कन्फ्यूजन किसी भी बच्चे के लिए खुद को समझने की एक प्रक्रिया है। इस दौर में उसे धैर्य, भरोसे और इमोशनल सपोर्ट की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। याद रखें, हर बच्चे की अपनी गति और अपनी दिशा होती है। जरूरी यह नहीं कि वह कितनी जल्दी फैसला लेता है, बल्कि यह है कि वह समझदारी और आत्मविश्वास के साथ अपनी क्षमता के अनुसार फैसला ले। ……………… ये खबर भी पढ़िए पेरेंटिंग- दूध पीकर बच्चा सो जाता है: क्या उसे नींद से उठाकर डकार दिलाना जरूरी, मैं नई मां हूं, थोड़ा कनफ्यूज भी, क्या करूं? सबसे पहले तो आपको मां बनने की बधाई। एक नई मां के रूप में आपके मन में ऐसे सवाल आना स्वाभाविक हैं। इस समय आसपास के लोग तरह-तरह की सलाह देते हैं। इससे कन्फ्यूजन और बढ़ जाता है। इसलिए सही जानकारी होना जरूरी है। आगे पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… पेरेंटिंग- मैं सिंगल मदर हूं: पति

कोलकाता की प्लेऑफ उम्मीदें बरकरार, छठे स्थान पर पहुंची:चेन्नई को आज जीतना जरूरी; राजस्थान, पंजाब और दिल्ली भी रेस में

कोलकाता की प्लेऑफ उम्मीदें बरकरार, छठे स्थान पर पहुंची:चेन्नई को आज जीतना जरूरी; राजस्थान, पंजाब और दिल्ली भी रेस में

IPL 2026 के प्लेऑफ का रोमांच और बढ़ गया है। बुधवार को कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुंबई इंडियंस को हराकर अपनी प्लेऑफ उम्मीदें जिंदा रखीं। टीम के अब 13 मैचों में 13 पॉइंट्स हो गए हैं और वह छठे स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी ओर मुंबई इंडियंस को सीजन की 9वीं हार मिली। टीम पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है। मुंबई 13 मैचों में 8 पॉइंट्स के साथ नौवें स्थान पर है। अब चौथे स्थान के लिए राजस्थान, पंजाब, चेन्नई, कोलकाता और दिल्ली कैपिटल्स के बीच मुकाबला बना हुआ है। चेन्नई आज गुजरात टाइटंस से भिड़ेगी और टीम को हर हाल में जीत चाहिए। पॉइंट्स टेबल की मौजूदा स्थिति… सभी टीमों का समीकरण कोलकाता को दो स्थान का फायदा मुंबई पर जीत के बाद कोलकाता प्लेऑफ की रेस में बनी हुई है। टीम के 13 मैचों में 13 पॉइंट्स हैं और दो स्थान ऊपर छठे पायदान पहुंच गई हैं। टीम का आखिरी मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स से है। KKR को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए यह मैच जीतना होगा, साथ ही राजस्थान और पंजाब के हारने की भी उम्मीद करनी होगी। चेन्नई की आज जीत जरूरी चेन्नई 13 मैचों में 12 पॉइंट्स के साथ सातवें स्थान पर आ गई हैं। टीम को कोलकाता की जीत से एक पायदान का नुकसान हुआ है। चेन्नई का मुकाबला आज गुजरात टाइटंस से होगा। प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए CSK को यह मैच हर हाल में जीतना होगा। हार के साथ टीम का सफर खत्म हो जाएगा। बेंगलुरु टॉप पर कायम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 18 पॉइंट्स और +1.065 नेट रनरेट के साथ पहले स्थान पर बनी हुई है। टीम पहले ही प्लेऑफ में पहुंच चुकी है। अगर नेट रनरेट में बड़ा उलटफेर नहीं हुआ तो RCB का क्वालिफायर-1 खेलना तय है। गुजरात और हैदराबाद में टॉप-2 की जंग गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद 16-16 पॉइंट्स के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। गुजरात का आखिरी मुकाबला चेन्नई से है। टीम यहां जीत दर्ज करती है तो 18 पॉइंट्स के साथ क्वालिफायर-1 खेल सकती है। वहीं हैदराबाद का सामना बेंगलुरु से होगा। SRH को टॉप-2 में जगह बनाने के लिए RCB को बड़े अंतर से हराना पड़ सकता है। राजस्थान प्लेऑफ रेस में सबसे आगे राजस्थान रॉयल्स 14 पॉइंट्स के साथ चौथे स्थान पर बनी हुई है। टीम का आखिरी मुकाबला मुंबई इंडियंस से है। 24 मई को अगर राजस्थान जीतती हैं तो 16 पॉइंट्स तक पहुंच जाएगी और प्लेऑफ में जगह पक्की कर लेगी। पंजाब के लिए करो या मरो की स्थिति पंजाब किंग्स 13 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर है। टीम लगातार 6 मैच हार चुकी है। पंजाब को प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ जीत दर्ज करनी ही होगी। साथ ही राजस्थान के हारने की भी उम्मीद करनी होगी। दिल्ली की उम्मीदें अब भी कायम दिल्ली कैपिटल्स 12 पॉइंट्स के साथ आठवें स्थान पर खिसक गई हैं। टीम का नेट रनरेट (-0.871) कमजोर है। दिल्ली को आखिरी मुकाबले में कोलकाता के खिलाफ बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी और दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा। मुंबई-लखनऊ पहले ही प्लेऑफ से बाहर मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी हैं। मुंबई 8 पॉइंट्स के साथ नौवें, जबकि लखनऊ 8 अंक लेकर आखिरी स्थान पर है। मुंबई का आखिरी मैच राजस्थान से जबकि लखनऊ का पंजाब से होगा। टूर्नामेंट के टॉप प्लेयर्स… सूर्यवंशी ऑरेंज कैप होल्डर राजस्थान रॉयल्स के युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी IPL 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उनके 13 मैचों में 579 रन हो गए हैं और उन्होंने हेनरिक क्लासन को पीछे छोड़कर ऑरेंज कैप अपने नाम कर ली। सूर्यवंशी इस सीजन 236.32 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने अब तक 1 शतक, 3 अर्धशतक और 53 छक्के लगाए हैं, जो इस सीजन सबसे ज्यादा हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स के मिचेल मार्श 563 रन के साथ दूसरे, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासन 555 रन के साथ तीसरे स्थान पर हैं। भुवनेश्वर के पास पर्पल कैप बरकरार बेंगलुरु के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार 24 विकेट के साथ पर्पल कैप होल्डर बने हुए हैं। गुजरात के कगिसो रबाडा 21 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। चेन्नई के अंशुल कम्बोज 20 विकेट के साथ तीसरे नंबर पर बने हुए हैं।

राम चरण बोले- पेद्दी के लिए आमिर-सलमान से कॉन्फिडेंट मिला:डायरेक्टर मना करते हैं, लेकिन अपने स्टंट खुद करता हूं; सेट पर लगीं कई चोटें, पार्ट-1

राम चरण बोले- पेद्दी के लिए आमिर-सलमान से कॉन्फिडेंट मिला:डायरेक्टर मना करते हैं, लेकिन अपने स्टंट खुद करता हूं; सेट पर लगीं कई चोटें, पार्ट-1

RRR को ऑस्कर में मिली जीत के बाद ग्लोबल स्टार बन चुके राम चरण की फिल्म पेद्दी 4 जून को रिलीज हो रही है। फिल्म में उनके साथ जान्हवी कपूर नजर आने वाली हैं। फिल्म रिलीज से पहले दैनिक राम चरण ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया है कि ये उनके करियर की ऐसी पहली फिल्म है, जिसके लिए उन्होंने सबसे ज्यादा सिंसियरली काम किया है। 200 दिनों के शूटिंग शेड्यूल में वो बस सोने ही घर जाते थे और अगली सुबह जल्दी सेट पर पहुंच जाते थे। शूटिंग के दौरान राम चरण को कई चोटें आईं। वो इन्हें गिफ्ट कहते हैं, उनका मानना है कि खुद स्टंट करना जरूरी है, क्योंकि आज के दौर में लोग सीन देखकर समझ जाते हैं कि कौन सा बॉडी डबल ने किया है और कौन सा एक्टर ने। राम चरण का ये भी कहना है कि सलमान खान की सुल्तान और दंगल की कामयाबी देखने के बाद उन्हें कुश्ती पर फिल्म बनाने का कॉन्फिडेंट मिला। पढ़िए राम चरण से हुई खास बातचीत- सवाल- पेद्दी में कुश्ती का बैकड्रॉप है। इस विषय को चुनने की क्या खास वजह रही? राम चरण- मुझे लगता है कि मेरी दूसरी फिल्मों की तुलना में मैंने इस फिल्म में सबसे ज्यादा सिंसियरली काम किया है। बहुत इज्जत से काम किया है, क्योंकि इसमें सिंसियेरिटी की जरुरत थी। ये फिल्म 1.8 बिलियन लोगों को रिप्रेजेंट करती है। ये फिल्म पहचान के लिए जीती है। जो पेद्दी का किरदरा है, वो पहचान की तलाश में है, अपने और अपनी कम्युनिटी के लिए। भारत जैसे देश में अगर आप मैप में नहीं हैं, कई गांव जिनमें लोग रह रहे हैं, वो वोट नहीं कर सकते, उनके पास ट्रांसपोर्ट नहीं है, स्कूल नहीं है, पोस्टल बॉक्स नहीं हैं, कोई सर्विसेस नहीं हैं। वो बस वहां रह रहे हैं। ऐसे कई गांव हैं। ये एक ऐसे लड़के की कहानी है, जो ऐसे गांव से निकलकर कैसे पहचान बनाता है। सवाल- आपका डेडिकेशन दिख रहा है, चेहरे पर चोटें भी हैं? राम चरण- बहुत सारे गिफ्ट्स (चोटें) मिले हैं मुझे इस डेडिकेशन के लिए। (हंसते हुए) जब पहली बार ये सुना था, तब मुझे मालूम हुआ। इससे पहले सलमान खान और आमिर खान की फिल्म भी चली थीं दंगल और सुल्तान। हम बहुत कॉन्फिडेंट थे कि इस तरह की फिल्में चलती हैं। उनका शुक्रिया। जहां तक कुश्ती का सवाल है, उत्तर भारत (यूपी, हरियाणा, बिहार) के दिल में यह खेल बसता है, लोग इसकी पूजा करते हैं। यह भारत में बेहद गहराई तक जड़ा हुआ खेल है। सदियों पुरानी इसकी परंपरा रही है। इसकी शुरुआत भले किसी अलग उद्देश्य से हुई थी, लेकिन अब यह देश के दिल और गांव-कस्बों से जुड़ा एक असली हार्टलैंड खेल बन चुका है। ऐसे किरदार करना बहुत थका देने वाला होता है, फिजिकली, आपको मेंटली बहुत स्ट्रॉन्ग होना पड़ता है। 200 दिन हमने शूटिंग की और फिजिकली जो करना पड़ा किया। मेरे सीनियर एक्टर सलमान खान और आमिर खान को हैड्स ऑफ, जिन्होंने इसे इतनी खूबसूरती से किया। मुझे भी कई गिफ्ट्स (चोटें) मिले हैं। सवाल- RRR में भी जो एक्शन था, असली आग के साथ जो क्लाइमैक्स सीन था, हर बार खुद को रिस्क में डालने में आपको डर नहीं लगता? राम चरण- मुझे लगता है डैड के टाइम से और हमारे टाइम में भी रिस्क फैक्टर था। अभी टेक्नॉलॉजी बढ़ने से रिस्क कम हो गया, लेकिन इसके अलावा क्या करना है ये मुझे नहीं पता। मुझे ऐसा करके, अपने स्टंट खुद करके अच्छा लगता है। मुझे इसके अलावा कुछ नहीं आता। मुझे पता है कि मेरी ऑडियंस को ये पसंद आएगा। आज कल देखकर बताया जा सकता है कि कौन सा स्टंट बॉडीडबल ने किया और कौन सा खुद ने किया। मुझे जितना हो सके ऑथेंटिक होना पसंद है। मेरे डायरेक्टर कहते हैं कि राम ऐसा मत करो। मेरे पिता आज भी 71 साल की उम्र में अपनी फाइट खुद करते हैं। मैं उनसे विनती करता हूं कि ऐसा मत करिए। लेकिन खुद ऐसा करने में एक चार्म है। लोगों कनेक्ट कर पाते हैं। उस कनेक्शन के लिए ही हम काम करते हैं। सवाल- हम बाहर से खुद को कितना भी स्ट्रॉन्ग हैं, लेकिन फिल्म के दौरान क्या कभी ऐसा हुआ जब इमोशनली टूटे या दर्द में रहे? राम चरण- मैं आपको बताता हूं, मैं अपनी जिंदगी में पहली बार 200 दिनों तक इतने जोश में मैं उठा था। ऐसा कभी किसी फिल्म में नहीं हुआ। मैं सिर्फ घर में सोने के लिए आता था। और वापस सेट पर पहुंचना चाहता था, ये फिल्म ही इतनी इंस्पायरिंग थी। हम सुबह 4ः45 पर उठते थे। वो लोग कहते थे कि 9 बजे या 10 बजे तक तैयार हो जाइए। लेकिन मैं कहता था सुबह 7 बजे क्यों नहीं। ऐसा इंथूसियाज्म इस फिल्म में लगा। सवाल- आपके पिता चिरंजीवी ने श्रीदेवी के साथ काम किया है, अब आप और जान्हवी इस फिल्म में हैं, दोनों की केमिस्ट्री नजर आ रही है। कैसा फील कर रहे हैं, जान्हवी के बारे में क्या कहना चाहेंगे? राम चरण- वो बहुत सिंसियर इंसान है। सिर्फ एक्ट्रेस ही नहीं, वो इंसान ही सिंसियर है। बहुत तैयारी से आती है, बहुत मेहनत करती है। जैसी वो है, उसमें उनके मां-बाप की परवरिश झलकती है। ये उसके काम में भी रिफ्लेक्ट होता है। उसके साथ काम करना एक प्लेजर है। फिल्म के बारे में- फिल्म पेद्दी 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। ये एक पैन इंडिया फिल्म है। बुच्ची बाबू के निर्देशन में बनी इस फिल्म को एआर रहमान ने म्यूजिक दिया है। ये जान्हवी कपूर की दूसरी तेलुगु फिल्म है। उन्होंने 2024 में फिल्म देवरा से तेलुगु सिनेमा में डेब्यू किया था।

IPL में आज गुजरात vs चेन्नई:प्लेऑफ की रेस के लिए चेन्नई को जीतना ही होगा; गुजरात की नजर टॉप-2 पर

IPL में आज गुजरात vs चेन्नई:प्लेऑफ की रेस के लिए चेन्नई को जीतना ही होगा; गुजरात की नजर टॉप-2 पर

IPL 2026 का 66वां मुकाबला आज गुजरात टाइटंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला जाएगा। मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। चेन्नई के लिए यह मैच करो या मरो जैसा है। टीम ने 13 मैच में 6 मुकाबले जीते हैं और 12 अंक के साथ पॉइंट्स टेबल के छठे स्थान पर है। उसे प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए हर हाल में जीत चाहिए। दूसरी ओर शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात पहले ही प्लेऑफ में पहुंच चुकी है। टीम ने 13 में से 8 मुकाबले जीते हैं और 16 अंक के साथ पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर है। हेड-टू-हेड में गुजरात आगे IPL में दोनों टीमों के बीच अब तक कांटे की टक्कर देखने को मिली है। गुजरात और चेन्नई के बीच अब तक कुल 9 मुकाबले खेले गए हैं। इसमें गुजरात ने 5 मैच जीते, जबकि चेन्नई को 4 मैचों में जीत मिली है। इस सीजन दोनों टीमों के बीच 26 अप्रैल को एमए चिदंबरम स्टेडियम में पहली भिड़ंत हुई थी। उस मैच में गुजरात ने चेन्नई को 8 विकेट से हरा दिया। साई सुदर्शन गुजरात के टॉप स्कोरर गुजरात के लिए इस सीजन में साई सुदर्शन ने सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने अब तक खेले 13 मैचों में 554 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 6 अर्धशतक शामिल हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 157.83 का रहा है। वहीं गेंदबाजी में कगिसो रबाडा ने सबसे ज्यादा विकेट लिए हैं। उन्होंने 13 मैचों में 9.22 की इकोनॉमी से रन देते हुए 21 विकेट चटकाए हैं। 25 रन देकर 3 विकेट उनका बेस्ट बॉलिंग परफॉर्मेंस है। सैमसन ने चेन्नई के टॉप स्कोरर चेन्नई की ओर से संजू सैमसन टॉप स्कोरर रहे हैं। सैमसन ने सीजन के 13 मैचों में 166.20 की स्ट्राइक रेट से 477 रन बनाए हैं। उन्होंने 2 शतक और 1 फिफ्टी लगाई है। गेंदबाजी में टीम के लिए अंशुल कंबोज ने सबसे ज्यादा विकेट चटकाए हैं। उन्होंने 13 मुकाबलों में 20 विकेट लिए हैं। उनका बेस्ट प्रदर्शन 22 रन देकर 3 विकेट रहा है। हालांकि उन्होंने 10.23 इकोनॉमी से रन दिए हैं। पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम की लाल और काली मिट्टी से बनी पिच पर हाई स्कोरिंग मुकाबले होते हैं। हालांकि, यहां की बाउंड्री बड़ी है। गेंदबाज इसका इस्तेमाल कर बल्लेबाजों को फंसा सकते हैं। यहां IPL में 51 मैच खेले गए हैं। पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 25 और चेज करने वाली टीम ने भी 25 मैच जीते हैं। एक मुकाबला टाई रहा है। हालांकि टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती है। वेदर रिपोर्ट अहमदाबाद में मैच के समय बारिश की कोई संभावना नहीं है। तापमान गर्म रहेगा और मैच के समय आसमान साफ रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, निशांत सिंधु, राहुल तेवतिया, जेसन होल्डर, राशिद खान, अरशद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा। चेन्नई सुपर किंग्स: ऋतुराज गायकवाड (कप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, प्रशांत वीर, अकील हुसैन, अंशुल कंबोज, स्पेंसर जॉनसन, नूर अहमद और मुकेश चौधरी।

बुमराह ने पहली बार मनीष पांडे को आउट किया:चाहर ने पर्ची निकालने की एक्टिंग की, ग्रीन को रिव्यू पर विकेट मिला; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

बुमराह ने पहली बार मनीष पांडे को आउट किया:चाहर ने पर्ची निकालने की एक्टिंग की, ग्रीन को रिव्यू पर विकेट मिला; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

कोलकाता नाइट राइडर्स ने IPL 2026 के 65वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस को 4 विकेट से हरा दिया। बुधवार को जसप्रीत बुमराह ने IPL में पहली बार मनीष पांडे का विकेट लिया। मनीष 2020 के बाद पहली बार मैन ऑफ द मैच बने। ईडन गार्डन्स में तिलक वर्मा ने पहली बाउंड्री लगाने के लिए 25 गेंद ली। मैच में कई इंटरेस्टिंग मोमेंट्स भी आए। दीपक चाहर ने विकेट लेने के बाद पर्ची निकालने की एक्टिंग की। वहीं बारिश की वजह से 1 घंटे तक खेल रुका रहा। कोलकाता-मुंबई मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. तिलक ने 25वीं गेंद पर पहली बाउंड्री लगाई IPL 2026 में पहली बाउंड्री के लिए सबसे ज्यादा गेंद खेलने का अनचाहा रिकॉर्ड तिलक वर्मा के नाम दर्ज हुआ है। तिलक ने कोलकाता के खिलाफ 25वीं गेंद पर पहली बाउंड्री लगाई। इस लिस्ट में रवींद्र जडेजा दूसरे नंबर पर हैं, जिन्होंने लखनऊ के खिलाफ 24 गेंद खेली थी। 2. मनीष 49 गेंद बाद बुमराह की बॉल पर आउट हुए मुंबई के खिलाफ मैच में मनीष पांडे IPL में पहली बार जसप्रीत बुमराह की गेंद पर आउट हुए। उन्होंने इससे पहले बुमराह की 49 गेंद खेली थी। वह बुमराह के खिलाफ बिना आउट हुए सबसे ज्यादा गेंद खेलने वाले खिलाड़ियों में दूसरे नंबर पर हैं। इस लिस्ट में शिखर धवन पहले नंबर पर हैं, जिन्होंने बुमराह की 66 गेंद खेली थी। यहां से टॉप-8 मोमेंट्स… 1. ग्रीन को रिव्यू पर विकेट मिला मुंबई की पारी के तीसरे ओवर में कैमरन ग्रीन ने दो विकेट चटकाए। ओवर की तीसरी गेंद पर ग्रीन ने रायन रिकेल्टन (6 रन) को कवर पॉइंट पर कैच आउट कराया। मनीष पांडे ने मुश्किल हाई कैच पकड़ा। फिर आखिरी गेंद पर ग्रीन ने नमन धीर को विकेटकीपर के हाथों कैच कराया। हालांकि अंपायर ने नॉटआउट दिया, लेकिन कोलकाता ने रिव्यू लिया। रिप्ले में अल्ट्राएज में स्पाइक दिखा और थर्ड अंपायर ने नमन को आउट करार दिया। 2. बारिश की वजह से 1 घंटे तक खेल रुका पहली पारी के 8वें ओवर के बाद तेज बारिश शुरु हो गई। इसकी वजह से करीब 1 घंटे तक खेल रुका रहा। हालांकि बारिश रुकने के बाद ओवर में कटौती नहीं की गई और पूरा मैच खेला गया। 3. कैच छूटने पर रघुवंशी और वरुण में नोंक-झोंक पहली पारी के 11वें ओवर में विकेटकीपर अंगकृष रघुवंशी की टक्कर लगने से वरुण चक्रवर्ती से कैच छूट गया। वरुण के ओवर की पांचवी गेंद पर तिलक वर्मा ने स्लॉग स्वीप खेला, लेकिन गेंद बल्ले का टॉप-एज लेकर खड़ी हो गई। वरुण ने गेंद पकड़ भी लिया था, लेकिन दौड़कर आ रहे रघुवंशी उनसे टकरा गए और कैच छूट गया। कैच ड्रॉप होने के बाद चक्रवर्ती, रघुवंशी से काफी नाराज दिखे। 4. विकेटकीपर रघुवंशी चोट की वजह से मैदान से बाहर गए मुंबई की पारी के 14वें ओवर में विकेटकीपर अंगकृष रघुवंशी मैदान से बाहर चले गए। 11वें ओवर में वरुण से हुई टक्कर के बाद रघुवंशी के उंगली में चोट लगी थी। 3 ओवर ग्राउंड पर रहने के बाद टीम के फिजियो उन्हें मैदान से बाहर ले गए। उनकी जगह तेजस्वी दहिया बतौर सब्स्टिट्यूट विकेटकीपर मैदान पर आए। 5. रिंकू सिंह के थ्रो पर विल जैक्स रनआउट हुए 17वें ओवर में रिंकू सिंह ने सटीक थ्रो लगाकर विल जैक्स को पवेलियन भेजा। वरुण चक्रवर्ती की चौथी बॉल पर जैक्स ने कवर्स की ओर शॉट खेला और दो रन के लिए भागे। लेकिन दूसरे छोर पर खड़े कॉर्बिन बॉश ने दूसरे रन के लिए मना कर दिया और जैक्स को वापस लौटना पड़ा। इस दौरान डीप में खड़े रिंकू सिंह ने तेजी से गेंद को फील्ड कर सटीक थ्रो फेंका, जिसे वरुण ने कलेक्ट कर गिल्लियां बिखेर दीं। रिप्ले में दिखा की जैक्स क्रीज से काफी बाहर रह गए थे। 6. एलन को बोल्ड कर चाहर ने चिट निकालने की एक्टिंग की कोलकाता की पारी के पहले ही ओवर में दीपक चाहर ने फिन एलन को आउट करने के बाद अनोखे अंदाज में जश्न मनाया। ओवर की आखिरी गेंद पर चाहर ने एलन (8 रन) को बोल्ड कर दिया। इसके बाद चाहर ने अपनी जेब से चिट निकालने की एक्टिंग करते हुए दर्शकों को दिखाया। 7. चाहर और रॉबिन की गलतफहमी से छूटा पॉवेल का कैच गुजरात की पारी के 10वें ओवर में दीपक चाहर और रॉबिन मिंज की गलतफहमी से रोवमन पॉवेल को जीवनदान मिल गया। ओवर की दूसरी गेंद हार्दिक पंड्या ने शॉर्ट डाली, जिसपर पॉवेल ने पुल शॉट खेला, लेकिन गेंद ने बल्ले का टॉप एज लिया। चाहर और मिंज दोनों खिलाड़ियों के पास कैच लेने का मौका था, लेकिन किसी ने भी कॉल नहीं किया और गेंद दोनों के बीच में गिर गई। 8. बॉश ने छलांग लगाकर शानदार कैच पकड़ा कोलकाता की पारी के 16वें ओवर में कॉर्बिन बॉश ने हवा में छलांग लगाते हुए बेहतरीन कैच पकड़ा। गजनफर के ओवर की दूसरी गेंद को रोवमन पॉवेल ने बैकवर्ड पॉइंट पर कट शॉट खेला। वहां तैनात कॉर्बिन बॉश ने छलांग लगाकर जबरदस्त कैच लपका। इसे देखकर बल्लेबाज पॉवेल भी हैरान रह गए।