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UK Passport for Mohammad Amir; IPL Auction Registration After Approval

UK Passport for Mohammad Amir; IPL Auction Registration After Approval

Hindi News Sports UK Passport For Mohammad Amir; IPL Auction Registration After Approval 36 मिनट पहले कॉपी लिंक पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर को ब्रिटिश नागरिकता मिल गई है। उनकी पत्नी नरजिस खान ब्रिटिश नागरिक हैं और इसी आधार पर उन्होंने कुछ साल पहले नागरिकता के लिए आवेदन किया था। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें UK पासपोर्ट जारी कर दिया गया। हालांकि, वह IPL में खेल पाएंगे या नहीं, इसे लेकर संशय है। 2024 में टी-20 वर्ल्ड कप के बाद दूसरी बार संन्यास लिया आमिर ने 2020 में संन्यास लिया था, फिर 2024 में वापसी की थी। लेकिन 2024 टी-20 वर्ल्ड कप के बाद टीम से ड्रॉप होने पर फिर संन्यास ले लिया। उन्होंने आखिरी टी-20 मैच 2024 वर्ल्ड कप में आयरलैंड के खिलाफ खेला था। आमिर पाकिस्तान के लिए 36 टेस्ट, 61 वनडे और 62 टी-20 मैच खेल चुके हैं। वह 2017 चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने वाली पाकिस्तानी टीम का हिस्सा थे। फाइनल में उन्होंने रोहित शर्मा, विराट कोहली और शिखर धवन जैसे भारतीय बल्लेबाजों के विकेट लेकर मैच का रुख पलट दिया था। अजहर ब्रिटिश नागरिकता लेने के बाद IPL खेले पाकिस्तानी खिलाड़ी 2008 के पहले IPL सीजन के बाद से टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं बने हैं। हालांकि, पाकिस्तान में जन्मे अजहर महमूद बाद में IPL खेलने वाले इकलौते खिलाड़ी रहे। ब्रिटिश पासपोर्ट मिलने के बाद उन्होंने इंग्लैंड खिलाड़ी के तौर पर 2012 से 2015 के बीच IPL में 23 मैच खेले थे। अब आमिर की तुलना उनसे की जा रही है। IPL नियमों के तहत मंजूरी मिलने पर आमिर ऑक्शन के लिए रजिस्टर कर सकते हैं IPL नियमों के तहत मंजूरी मिलने पर वह ब्रिटिश नागरिकता के आधार पर विदेशी खिलाड़ी कैटेगरी में ऑक्शन के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। हालांकि, IPL में खेलना इस पर निर्भर करेगा कि कोई फ्रेंचाइजी उन्हें खरीदती है या नहीं। इंग्लैंड में कैसे मिलता है खिलाड़ी का दर्जा? हालांकि, इंग्लैंड में घरेलू खिलाड़ी का दर्जा पाने के नियम अलग हैं। काउंटी क्रिकेट के मुताबिक सिर्फ ब्रिटिश नागरिक होना काफी नहीं है। खिलाड़ी ने पिछले 12 महीनों में इंग्लैंड के बाहर किसी फुल मेंबर देश के लिए प्रोफेशनल क्रिकेट नहीं खेला होना चाहिए। यहीं आमिर का मामला उलझता नजर आता है, क्योंकि उन्होंने हाल ही में पाकिस्तान सुपर लीग में रावलपिंडी के लिए घरेलू खिलाड़ी के तौर पर खेला था। ऐसे में सिर्फ UK पासपोर्ट मिलने से उन्हें तुरंत इंग्लैंड में लोकल खिलाड़ी का दर्जा नहीं मिलेगा। आमिर ने PSL 2026 में रावलपिंडी की ओर से खेला। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Summer Skin care: गर्मियों में ऐसे रखें अपनी त्वचा का ख्याल, दूर होगी सनबर्न और टैनिंग की समस्या, चेहरे पर आएगा नेचुरल ग्लो

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होमफोटोलाइफ़फैशन गर्मियों में ऐसे रखें अपनी त्वचा का ख्याल, दूर होगी सनबर्न और टैनिंग की समस्या Last Updated:May 21, 2026, 11:31 IST How To Care Skin In Summer: गर्मी का मौसम अपने साथ त्वचा संबंधी कई समस्याएं लेकर आता है. इस मौसम में लगभग हर किसी को त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं होने लगती हैं. इस मौसम में लापरवाही आपकी स्किन को डैमेज कर सकती है, जिससे टैनिंग, सनबर्न और मुहांसों जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं. गर्मियों में भी अपनी त्वचा को मुलायम और चमकदार बनाए रखने के लिए इन टिप्स को अपनाएं. (रिपोर्ट: शिवांक द्विवेदी/सतना) गर्मियों की तेज धूप, बढ़ता तापमान और उमस भरा मौसम त्वचा के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है. इस मौसम में लापरवाही आपकी स्किन को डैमेज कर सकती है, जिससे टैनिंग, सनबर्न और मुहांसों जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं लेकिन अगर सही समय पर सही देखभाल की जाए, तो यही मौसम आपकी त्वचा को नैचुरल ग्लो भी दे सकता है. लोकल 18 से बातचीत में सतना के विशेषज्ञों ने बताया कि तेज धूप में ज्यादा देर तक रहने से त्वचा झुलस जाती है और काली पड़ने लगती है, जिसे सनबर्न और टैनिंग कहा जाता है. कुछ आसान आदतें अपनाकर आप अपनी त्वचा को हेल्दी, फ्रेश और चमकदार बनाए रख सकते हैं. कामदगिरि आयुर्वेद क्लिनिक के डॉ. सूरज कुशवाहा ने बताया कि गर्मियों में सबसे जरूरी है त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाना. भीषण गर्मी पड़ रही है और गर्मी के दिनों में छोटे बच्चों की त्वचा पर स्किन रैशेज और घमौरियां होना आम बात है. वहीं शरीर को हाइड्रेट रखना भी बेहद अहम है, इसलिए भरपूर पानी पीना और रसदार फलों का सेवन करना चाहिए.धूप में निकलते समय चेहरे को कपड़े या स्कार्फ से ढकना स्किन प्रोटेक्शन के लिए बेहद कारगर उपाय है. Add News18 as Preferred Source on Google आयुर्वेद में गर्मियों के मौसम में पित्त दोष बढ़ जाता है, जो त्वचा संबंधी समस्याओं की मुख्य वजह बनता है. ज्यादा धूप में रहना, मसालेदार भोजन और कम पानी पीना इस समस्या को और बढ़ा सकता है. इससे बचने के लिए लोगों को छांव में रहना, हल्के और सूती कपड़े पहनना और ठंडी तासीर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए. गर्मियों में पसीने की ग्रंथियां बंद होने से घमौरियां हो जाती हैं, जिसमें लाल दाने, खुजली और जलन की समस्या होती है. इससे राहत पाने के लिए मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल का लेप बेहद फायदेमंद है. इसके अलावा बर्फ को कपड़े में लपेटकर प्रभावित जगह पर लगाने से ठंडक मिलती है. वहीं नीम की पत्तियों को उबालकर उस पानी से नहाना या पेस्ट बनाकर लगाना भी एंटीबैक्टीरियल असर देता है. तेज धूप में ज्यादा देर रहने से त्वचा झुलस जाती है और काली पड़ने लगती है, जिसे सनबर्न और टैनिंग कहा जाता है. इससे बचने के लिए ताजा एलोवेरा जेल त्वचा पर लगाने से जलन और लालिमा कम होती है. इसके अलावा दही और बेसन का पेस्ट टैनिंग हटाने में असरदार माना जाता है. वहीं खीरे का रस त्वचा को ठंडक और हाइड्रेशन देता है, जिससे स्किन फ्रेश बनी रहती है. गर्मी में पसीने और नमी के कारण फंगल इंफेक्शन जैसे दाद और खुजली की समस्या बढ़ जाती है. इसके लिए नारियल तेल, नीम, दही और नींबू का इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है. वहीं चेहरे पर जमा तेल और गंदगी रोमछिद्रों को बंद कर देती है, जिससे बैक्टीरिया पनपते हैं और मुहांसे बढ़ जाते हैं. दिनभर की धूल और पसीने के बाद रात में त्वचा को आराम देना भी उतना ही जरूरी है, इसलिए सोने से पहले नारियल तेल से हल्की मालिश करना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा को पोषण मिलता है और खुजली और रैशेज में राहत मिलती है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Youtuber Uk Rider 07 Anurag Dobhal Again puts Allegation on parents, claim parent files an fir on the day of his accident

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6 मिनट पहले कॉपी लिंक 8 मार्च 2026 में परिवार पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर सुसाइड की कोशिश करने वाले राइडर अनुराग डोभाल ने फिर एक बार परिवार पर संगीन आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि परिवार उनके खिलाफ साजिश रच रहा है। उन्होंने ये भी दावा किया है कि जिस दिन उनका एक्सीडेंट हुआ था, उस दिन भी पिता ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। अनुराग डोभाल ने अपने यूट्यूब चैनल पर नया व्लॉग शेयर किया है। इसमें उन्होंने कहा कि जिस दिन उनका एक्सीडेंट हुआ, उस दिन उन्हें उम्मीद थी कि उनके परिवार वाले भी पहुंचेगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब हाल ही में काम के सिलसिले में देहरादून गए अनुराग को पता चला है कि 8 मार्च को जिस दिन उनका एक्सीडेंट हुआ, उसी समय उनके पिता ने उनके खिलाफ 50 पन्नों की शिकायत दर्ज करवाई। अनुराग के खिलाफ जांच भी होती रही और अब जाकर उन्हें इसकी जानकारी मिली। अनुराग ने कहा कि एक्सीडेंट के बाद रिकवरी का एक महीना बेहद दर्दनाक था। उन्हें डायपर यूज करने पड़े, लेकिन उनके परिवार से कोई आगे नहीं आया। उल्टा उनके खिलाफ शिकायत कर दी। उनका कहना है कि कोई भी मां-बाप अपने सगे बच्चे के साथ कभी ऐसा नहीं कर सकते। 8 मार्च 2026 को अनुराग डोभाल ने आत्महत्या की कोशिश की थी। शिकायत में मां ने लिखा, अनुराग के दोस्तों से डर लगता है अनुराग डोभाल ने बताया है कि उनके खिलाफ दर्ज हुई शिकायत में ये भी लिखा गया है कि मां को उनके घर आने वाले दोस्तों से डर लगता था। जबकि राइडर ने दावा किया है कि जब भी उनके दोस्त घर आए, उनकी मां खुद उन्हें खाना खिलाती थीं। शिकायत में ये भी आरोप- राइडर के खिलाफ दर्ज हुई शिकायत के अनुसार, अनुराग ने घर आकर मां-बाप को धमकी दी और जबरदस्ती पेरेंट्स से पेपर में साइन करवाए। बता दें कि दोनों पक्षों में प्रॉपर्टी को लेकर भी विवाद है। अनुराग का कहना है कि उनके दादा जी, जिनका निधन 2022 में हुआ है, उनकी प्रॉपर्टी में उनका भी हिस्सा है। लेकिन उनके पेरेंट्स ने नोटिस जारी कर उन्हें घर और प्रॉपर्टी से बेदखल कर दिया है। अनुराग का कहना है कि पेरेंट्स अपनी प्रॉपर्टी से बेदखल करने का हक रखते हैं, लेकिन दादाजी की नहीं। आखिर में अनुराग ने कहा- मेरे खिलाफ क्या क्या साजिशें हो रही हैं, अगर मैं आपको बताऊं तो आपको यकीन नहीं होगा। लेकिन में समय पर सब बताऊंगा, क्योंकि मैं गलत नहीं हूं। क्या है अनुराग डोभाल और पेरेंट्स का विवाद विवाद मार्च के पहले हफ्ते में शुरू हुआ था जब अनुराग ने अपने माता-पिता और भाई कलम इंक (अतुल डोभाल) पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। अनुराग डोभाल (UK07) ने यूट्यूबर पर दो घंटे का एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने बताया कि इंटरकास्ट मैरिज के चलते उनके परिवार वाले उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। उनकी पत्नी भी छोड़कर चली गई है। रोते हुए वो बार-बार आत्महत्या की बातें कर रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद से ही अनुराग को जमकर ट्रोल किया जा रहा था। इसके बाद शनिवार को अनुराग इंस्टाग्राम पर लाइव आए, उन्होंने कार ड्राइव करते हुए लाइव स्ट्रीमिंग में कहा- “मम्मी अगले जन्म आऊं तो प्यार दे देना बस… बहुत जरूरत थी प्यार की। लोग ही नहीं बचे, किसको फोन करूं।” इसके बाद उन्होंने कहा, “लेट्स गो फॉर द फाइनल ड्राइव।” लाइव में दिखाई देता है कि अनुराग कार में एक अंग्रेजी गाना लगाते हैं और तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने लगते हैं। कुछ ही देर में स्पीड करीब 144 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच जाती है। इसी दौरान वह अचानक स्टीयरिंग घुमाते नजर आते हैं, जैसे गाड़ी को डिवाइडर से टकराने की कोशिश की हो। हालांकि उसी समय इंस्टाग्राम लाइव अचानक बंद हो जाता है। हादसे में उनकी गर्दन और पीछे के हिस्से में गहरी चोटें आई हैं। घटना के बाद उन्हें मेरठ के शुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दूसरी तरफ, उनके भाई कलम इंक ने इन आरोपों को गलत बताया और दावा किया कि अनुराग के दावों की वजह से उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Youtuber Uk Rider 07 Anurag Dobhal Again puts Allegation on parents, claim parent files an fir on the day of his accident

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32 मिनट पहले कॉपी लिंक 8 मार्च 2026 में परिवार पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर सुसाइड की कोशिश करने वाले राइडर अनुराग डोभाल ने फिर एक बार परिवार पर संगीन आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि परिवार उनके खिलाफ साजिश रच रहा है। उन्होंने ये भी दावा किया है कि जिस दिन उनका एक्सीडेंट हुआ था, उस दिन भी पिता ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। अनुराग डोभाल ने अपने यूट्यूब चैनल पर नया व्लॉग शेयर किया है। इसमें उन्होंने कहा कि जिस दिन उनका एक्सीडेंट हुआ, उस दिन उन्हें उम्मीद थी कि उनके परिवार वाले भी पहुंचेगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब हाल ही में काम के सिलसिले में देहरादून गए अनुराग को पता चला है कि 8 मार्च को जिस दिन उनका एक्सीडेंट हुआ, उसी समय उनके पिता ने उनके खिलाफ 50 पन्नों की शिकायत दर्ज करवाई। अनुराग के खिलाफ जांच भी होती रही और अब जाकर उन्हें इसकी जानकारी मिली। अनुराग ने कहा कि एक्सीडेंट के बाद रिकवरी का एक महीना बेहद दर्दनाक था। उन्हें डायपर यूज करने पड़े, लेकिन उनके परिवार से कोई आगे नहीं आया। उल्टा उनके खिलाफ शिकायत कर दी। उनका कहना है कि कोई भी मां-बाप अपने सगे बच्चे के साथ कभी ऐसा नहीं कर सकते। 8 मार्च 2026 को अनुराग डोभाल ने आत्महत्या की कोशिश की थी। शिकायत में मां ने लिखा, अनुराग के दोस्तों से डर लगता है अनुराग डोभाल ने बताया है कि उनके खिलाफ दर्ज हुई शिकायत में ये भी लिखा गया है कि मां को उनके घर आने वाले दोस्तों से डर लगता था। जबकि राइडर ने दावा किया है कि जब भी उनके दोस्त घर आए, उनकी मां खुद उन्हें खाना खिलाती थीं। शिकायत में ये भी आरोप- राइडर के खिलाफ दर्ज हुई शिकायत के अनुसार, अनुराग ने घर आकर मां-बाप को धमकी दी और जबरदस्ती पेरेंट्स से पेपर में साइन करवाए। बता दें कि दोनों पक्षों में प्रॉपर्टी को लेकर भी विवाद है। अनुराग का कहना है कि उनके दादा जी, जिनका निधन 2022 में हुआ है, उनकी प्रॉपर्टी में उनका भी हिस्सा है। लेकिन उनके पेरेंट्स ने नोटिस जारी कर उन्हें घर और प्रॉपर्टी से बेदखल कर दिया है। अनुराग का कहना है कि पेरेंट्स अपनी प्रॉपर्टी से बेदखल करने का हक रखते हैं, लेकिन दादाजी की नहीं। आखिर में अनुराग ने कहा- मेरे खिलाफ क्या क्या साजिशें हो रही हैं, अगर मैं आपको बताऊं तो आपको यकीन नहीं होगा। लेकिन में समय पर सब बताऊंगा, क्योंकि मैं गलत नहीं हूं। क्या है अनुराग डोभाल और पेरेंट्स का विवाद विवाद मार्च के पहले हफ्ते में शुरू हुआ था जब अनुराग ने अपने माता-पिता और भाई कलम इंक (अतुल डोभाल) पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। अनुराग डोभाल (UK07) ने यूट्यूबर पर दो घंटे का एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने बताया कि इंटरकास्ट मैरिज के चलते उनके परिवार वाले उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। उनकी पत्नी भी छोड़कर चली गई है। रोते हुए वो बार-बार आत्महत्या की बातें कर रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद से ही अनुराग को जमकर ट्रोल किया जा रहा था। इसके बाद शनिवार को अनुराग इंस्टाग्राम पर लाइव आए, उन्होंने कार ड्राइव करते हुए लाइव स्ट्रीमिंग में कहा- “मम्मी अगले जन्म आऊं तो प्यार दे देना बस… बहुत जरूरत थी प्यार की। लोग ही नहीं बचे, किसको फोन करूं।” इसके बाद उन्होंने कहा, “लेट्स गो फॉर द फाइनल ड्राइव।” लाइव में दिखाई देता है कि अनुराग कार में एक अंग्रेजी गाना लगाते हैं और तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने लगते हैं। कुछ ही देर में स्पीड करीब 144 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच जाती है। इसी दौरान वह अचानक स्टीयरिंग घुमाते नजर आते हैं, जैसे गाड़ी को डिवाइडर से टकराने की कोशिश की हो। हालांकि उसी समय इंस्टाग्राम लाइव अचानक बंद हो जाता है। हादसे में उनकी गर्दन और पीछे के हिस्से में गहरी चोटें आई हैं। घटना के बाद उन्हें मेरठ के शुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दूसरी तरफ, उनके भाई कलम इंक ने इन आरोपों को गलत बताया और दावा किया कि अनुराग के दावों की वजह से उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

तमिलनाडु कांग्रेस कैबिनेट: 59 साल बाद तमिलनाडु कांग्रेस कैबिनेट में शामिल, दो नेता आज खरीदे गए मंत्री पद की शपथ

तमिलनाडु कांग्रेस कैबिनेट: 59 साल बाद तमिलनाडु कांग्रेस कैबिनेट में शामिल, दो नेता आज खरीदे गए मंत्री पद की शपथ

तमिलनाडु कांग्रेस कैबिनेट: लगभग छह दशकों में पहली बार कांग्रेस तमिल कैबिनेट का हिस्सा बन रही है। पार्टी के दो नेता गुरुवार को तमिलंगा वेट्री कज़गम (टीवीके) के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। यह घोषणा तब हुई, जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ़ विजय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में कांग्रेस एलिजाबेथ एस. कुमार और पी. राजेश विश्वनाथन को शामिल करने की मंजूरी दी। इस कदम को तमिल के समुद्री राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण कदम और टीवीके सरकार के समर्थन वाले गठबंधन को मजबूत करने का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस घटना की पुष्टि की गई और इसे पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक महल स्मारक के.सी.सी. के रूप में प्रस्तुत किया गया। वेणुगोपाल ने कहा, “यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक अवसर है क्योंकि कांग्रेस 59 साल लंबे अंतराल के बाद तमिलनाडु मंत्रिमंडल में शामिल हो रही है।” वे दोनों नेताओं ने अपनी सहमति भी जताई और विश्वास जताया कि वे एक कल्याण-शादीशाह मॉडल को आगे बढ़ाने वाले ट्रेलर में जनता के सवालों को पूरा करने की दिशा में काम करेंगे। तमिलनाडु विधानसभा में कांग्रेस के अभी 5 विधायक और चुनाव के बाद यह टीवीके सरकार की प्रमुख सहायक शक्ति के रूप में उभरी है। कांग्रेस द्वारा समर्थित, वामपंथी विचारधारा, वीसीके और एआईयू शैली सहित अन्य गठबंधन सहयोगियों के साथ मिलकर विजय के नेतृत्व वाले प्रशासन को विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा आसानी से पार करने में समर्थन साबित हुआ। राजनीतिक पर्यवेक्षक कांग्रेस विधान में शामिल होने जाने को मंत्रिमंडल विस्तार की एक सामान्य प्रक्रिया से कहीं अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे टीवीके नेतृत्व द्वारा गठबंधन प्रबंधन को मजबूत करने और राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने के लिए सहयोगी कंपनियों को अधिक प्रतिनिधित्व देने के लिए एक सोची-समझदारी रणनीति वाला कदम उठाने पर विचार किया जा रहा है। गुरुवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में तमिलनाडु की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत करने वाला माना जा रहा है, जिसमें कांग्रेस लगभग छह दशक के अंतराल के बाद राज्य में मंत्री पद की जिम्मेदारी के लिए नियुक्ति के लिए लौट रही है।

सिर्फ जून-जुलाई में मिलता है ये रसीला फल, नहीं खाया तो पछताएंगे, जानें नाम

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Last Updated:May 21, 2026, 11:00 IST Lychee Health Benefits: गर्मियों में जिस तरह लोगों को आम का इंतजार रहता है, उसी तरह कुछ लोगों को लीची का इंतजार रहता है. काफी लोग लीची खाना पसंद करते हैं. रसीली, मीठे स्वाद वाली पानी से भरपूर लीची बेहद ही पौष्टिक फल है. यह मुख्य रूप से गर्मियों का ही फल है, जो मई से जुलाई के महीने में मिलता है. बिहार, उत्तर प्रदेश, वेस्ट बंगाल, उत्तराखंड में इसकी अधिक खेती होती है. बिहार में मुजफ्फरपुर में मिलने वाली लीची देशभर में बहुत मशहूर है. जानिए लीची में कौन से पोषक तत्व होते हैं और इसके सेवन से क्या-क्या फायदे हो सकते हैं. लीची में पाए जाने वाले पोषक तत्व- रसीली लीची में कई तरह के पोषक तत्व होते हैं. गर्मियों में आने वाला ये फल सिर्फ तीन महीने ही मिलता है, वह भी बहुत कम मात्रा में. ऐसे में इसका स्वाद एक बार तो जरूर चख लेना चाहिए. लीची में विटामिन सी ,पोटैशियम, कॉपर, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स, कार्बोहाइड्रेट्स, नेचुरल शर्करा, आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस आदि मौजूद होते हैं. लीची में पानी की मात्रा लगभग 82 प्रतिशत होती है. लिची के सेवन से हार्ट की सेहत भी अच्छी होती है. चूंकि, इसमें पोटैशियम काफी होता है, जो ब्लड प्रेशर को रेगुलेट करता है. साथ ही ये हेल्दी ब्लड सर्कुलेशन को भी सपोर्ट करता है. ऐसे में आप इन तीन महीने तो लीची खाने का लुत्फ उठा ही सकते हैं. लिची में विटामिन सी भरपूर होता है. यह इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है. विटामिन सी शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने का काम करता है, जिससे इम्यून सिस्टम कॉमन इंफेक्शन, रोगों से लड़ने काम करती है. Add News18 as Preferred Source on Google फाइबर से भरपूर लीची पाचन तंत्र को हेल्दी रखती है. डायटरी फाइबर और पानी से फाइबर होने के कारण ये पेट की सेहत के लिए बेहद ही ज्यादा हेल्दी फल है. कब्ज होने पर लीची खाने से फायदा होता है. सुबह पेट अच्छी तरह से साफ होता है. यदि आपके बाल और त्वचा बहुत डल, बेजान, ड्राई, अनहेल्दी नजर आते हैं तो आप लीची खाएं. इसमें मौजूद विटामिन C कोलेजन बनने में मदद करता है. इससे स्किन हेल्दी और जवां दिखती है. कॉपर जैसे मिनरल्स बालों की वृद्धि को बढ़ावा देते हैं. बालों में चमक आ सकती है. स्कैल्प हेल्दी रहते हैं. गर्मी में अक्सर शरीर की एनर्जी कम हो जाती है. हमेशा थकान महसूस होता है. आप लीची के सेवन से शरीर को भरपूर ऊर्जा प्रदान कर सकते हैं. लीची में मौजूद बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन, कॉपर और नेचुरल ग्लूकोज होने के कारण लीची मेटाबॉलिज़्म को संतुलित रखती है. थकान कम करने में मदद करती है. एक दिन में कितनी लीची खानी चाहिए- लीची बेहद फायदेमंद होती है, लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. किसी भी चीज को अधिक खाने से फायदे की बजाय नुकसान हो होता है. आप प्रतिदिन लगभग 4 से 8 लीची खाएं. इससे अधिक लीची खाना ठीक नहीं, क्योंकि इसमें नेचुरल ग्लूकोज होता है. साथ ही इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी मीडियम होता है. अधिक सेवन से ब्लड शुगर लेवल अचानक से बढ़ सकता है. मामूली एलर्जी, पेट खराब भी हो सकता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

नौतपा में 50 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा, इस बार कब पड़ेंगे साल के 9 सबसे गर्म दिन, अभी से हो जाएं अलर्ट

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Extreme Heat Warning in India: देश के कई राज्यों में गर्मी ने अभी से लोगों की परेशानी बढ़ानी शुरू कर दी है. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और तेजी से बढ़ सकता है. इसी बीच लोग नौतपा को लेकर भी चर्चा कर रहे हैं, जिसे साल के सबसे गर्म दिनों में गिना जाता है. मान्यता है कि नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर ज्यादा प्रभाव डालती हैं, जिसकी वजह से भीषण गर्मी पड़ती है. नौतपा में कई इलाकों में तापमान 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. ऐसे में लोगों को सावधानी बरतनी होगी, ताकि सेहत को नुकसान न हो. नौतपा को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं भी हैं. क्या होता है नौतपा? हिंदू पंचांग और ज्योतिष के अनुसार जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब नौतपा की शुरुआत मानी जाती है. यह अवधि लगातार 9 दिनों तक चलती है और इसे साल के सबसे गर्म दिनों का समय माना जाता है. इस दौरान सूर्य की तपिश सबसे ज्यादा महसूस होती है और उत्तर भारत समेत कई हिस्सों में लू का असर काफी बढ़ जाता है. इस साल कब शुरू होगा नौतपा? इस बार नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहने की संभावना है. इन 9 दिनों के दौरान दिन का तापमान सामान्य से काफी ज्यादा रह सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के कई हिस्सों में तेज गर्मी और हीटवेव की स्थिति बन सकती है. कितना बढ़ सकता है तापमान? नौतपा के दौरान आमतौर पर तापमान 47 से 48 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है. कई इलाकों में तो तापमान 45 से 52 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण हीटवेव की स्थिति बन सकती है नौतपा क्यों पड़ता है? वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय सूर्य कर्क रेखा के करीब पहुंचता है. इससे सूर्य की किरणें ज्यादा सीधी और तीखी हो जाती हैं, जिसके कारण धरती का तापमान तेजी से बढ़ता है. इसका सेहत पर क्या असर पड़ता है? नौतपा में अत्यधिक गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. लोगों को डिहाइड्रेशन और कमजोरी महसूस हो सकती है. कई बार चक्कर आने और थकान की शिकायत बढ़ जाती है. नौतपा में बुजुर्गों और बच्चों को ज्यादा सावधानी की जरूरत होती है, क्योंकि उनका शरीर ज्यादा सेंसिटिव होता है. नौतपा में सभी लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए. नौतपा में कैसे करें बचाव? दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचेंज्यादा से ज्यादा पानी और समय-समय पर ORS पिएंहल्की और लिक्विड डाइट लें, सूती और ढीले कपड़े पहनेंबाहर निकलते समय सिर और चेहरे को ढककर रखें नौतपा को लेकर धार्मिक मान्यताएं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नौतपा में सूर्य देव की तपिश सबसे अधिक होती है. इस दौरान सूर्य देव की पूजा, जल अर्पित करना और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे स्वास्थ्य, ऊर्जा और सकारात्मकता मिलती है. कहा जाता है कि नौतपा जितना तेज पड़ता है, मानसून उतना ही अच्छा होता है. पुराने समय में किसान इसे अच्छी बारिश और बेहतर फसल का संकेत मानते थे. नौतपा को तप का समय भी माना जाता है. धार्मिक रूप से यह आत्मसंयम, साधना और धैर्य का प्रतीक माना जाता है. कई लोग इस दौरान व्रत, दान-पुण्य और पूजा-पाठ करते हैं. भीषण गर्मी के कारण इस समय प्यासे लोगों और जानवरों को पानी पिलाना पुण्य का काम माना जाता है. कई जगहों पर प्याऊ लगाई जाती हैं और जल सेवा की जाती है.

फाल्टा सीट पर दोपहर 3 बजे तक 74.1% मतदान, बीजेपी उम्मीदवार देबांगशु पांडा का दावा- एक से एक लाख टिपण्णी से जीत दर्ज करें

फाल्टा सीट पर दोपहर 3 बजे तक 74.1% मतदान, बीजेपी उम्मीदवार देबांगशु पांडा का दावा- एक से एक लाख टिपण्णी से जीत दर्ज करें

फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में 29 अप्रैल को हुए मतदान को रद्द कर दिया गया, जिसके बाद आज गुरुवार (21 मई, 2026) को सामूहिक मतदान आयोजित किया जा रहा है। इस बार चुनाव आयोग कोई जोखिम नहीं लेना चाहता, इसलिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान हो रहा है। चुनाव आयोग ने 29 अप्रैल की वोटिंग में गड़बड़ी की वजह से उसे रद्द कर दिया था और पुनर्मतदान का आदेश दिया था। वहीं, चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, फाल्टा सीट पर दोपहर तीन बजे तक 74.1 प्रतिशत वोट हो गए। चुनाव के दौरान, इस बार फाल्टा क्षेत्र के सभी 285 मतदान केंद्रों पर केंद्रीय अर्धसैनिक सेना आयोग को मजबूत बनाया गया है। हर बूथ पर आठ सीएफ़ जवानों के जवान तैनात थे, जबकि 29 अप्रैल के मतदान के दौरान हर बूथ पर केवल चार जवानों की टुकड़ियाँ रखी गई थीं। इस बार पूरे क्षेत्र में लगभग 35 एजेंसियों के केंद्रीय बल स्थापित किये गये हैं। किसी भी तरह की गड़बड़ी से बहाली के लिए 30 क्विक रिस्पॉन्स रिकॉर्ड भी तैयार किए गए हैं। साथ ही हर बूथ के अंदर वेब कैमरा और बाहर एक अतिरिक्त कैमरा लगाया गया है। यह भी पढ़ें: फाल्टा उपचुनाव: पश्चिम बंगाल की फाल्टा सीट पर सामूहिक मतदान शुरू, 285 बूथों पर भारी संख्या में केंद्रीय दल, टीएमसी की दावेदारी जहां जागीर खान मैदान से बाहर संपूर्ण मतदान प्रक्रिया की लाइव वेबकास्टिंग की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी जिला प्रशासन और मुख्य चुनाव अधिकारी द्वारा की जाएगी। वहीं, अनंतिम उम्मीदवार जहां जागीर खान ने चुनावी संग्राम से स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की विशेष पत्रिका की घोषणा के बाद उन्होंने यह फैसला लिया. उन्होंने यह भी कहा कि उनका सपना “गोल्डन फाल्टा” बनाना और क्षेत्र में शांति स्थापित करना था। एक लाख निवेश से जीतूंगावहीं बीजेपी उम्मीदवार देबांगशु पांडा ने दोबारा मतदान में बड़ी जीत का दावा किया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी फल्टा सीट पर एक से एक लाख करोड़ रुपये के अंतर से जीत दर्ज करें. पांडा ने आरोप लगाया कि पहले मतदान के दौरान कई बूथों पर भारी गड़बड़ी हुई थी. उन्होंने दावा किया कि कुछ जगहों पर बीजेपी के चुनाव में सेलोटेप का इस्तेमाल किया गया और कुज़कर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई। बीजेपी ने इन गठबंधन को लेकर चुनाव आयोग से पार्टी मतदान की मांग की थी, जिसके बाद आयोग ने दोबारा मतदान का फैसला लिया. अब पूरे राज्य की नजर फलता पर टिकी हुई है, जहां सीक्वल सुरक्षा और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच आज अपने फ्रैंचाइज़ी का इस्तेमाल किया जाएगा।

दिल्ली में हीट स्ट्रोक का पहला मामला, 24 साल का छात्र RML अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर

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होमताजा खबरDelhi दिल्ली में हीट स्ट्रोक का पहला मामला, 24 साल का छात्र RML अस्पताल में भर्ती Last Updated:May 21, 2026, 10:09 IST दिल्ली में इस सीजन का पहला हीट स्ट्रोक केस सामने आया है. 24 वर्षीय छात्र को ट्रेन में हालत बिगड़ने के बाद आरएमएल में भर्ती किया गया है. उसका इमर्सन कूलिंग से इलाज क‍िया जा रहा है. फ‍िलहाल छात्र की हालत गंभीर है. द‍िल्‍ली के आरएमएल अस्‍पताल में हीट स्‍ट्रोक का पहला केस आया है. दिल्ली में हीट स्ट्रोक का पहला मामला सामने आया है. राजधानी के डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में 24 साल के छात्र को हीट स्ट्रोक की वजह से भर्ती कराया गया है. फिलहाल छात्र की हालत गंभीर है. आरएमएल में छात्र को इमर्सन कूलिंग तकनीक से इलाज दिया जा रहा है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi

क्या पीतल के बर्तन में चाय बनाने से बढ़ जाता है स्वाद? हकीकत जानकर चौंक जाएंगे

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Last Updated:May 21, 2026, 10:03 IST Benefits of Making Tea in Brass Pots: कई लोग मानते हैं कि पीतल के बर्तन में बनी चाय का स्वाद बेहतर होता है, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार यह हमेशा सुरक्षित नहीं माना जाता. चाय में मौजूद तत्व पीतल के साथ रिएक्शन कर सकते हैं. चाय बनाने के लिए स्टेनलेस स्टील या अन्य फूड-ग्रेड बर्तनों का इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर माना जाता है. पीतल के बर्तनों को चाय बनाने के लिए अच्छा नहीं माना जाता है. Brass Utensils Enhance Tea Flavor: हर साल 21 मई को इंटरनेशनल टी डे मनाया जाता है. यह खास दिन चाय के हेल्थ बेनिफिट्स और महत्व के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से सेलिब्रेट किया जाता है. करोड़ों लोगों के लिए चाय सिर्फ एक ड्रिंक नहीं, बल्कि इमोशन है. हर मौसम में लोग चाय पीना पसंद करते हैं. चाय का स्वाद बेहतर बनाने के लिए लोग अलग-अलग तरीके अपनाते हैं. कोई मिट्टी के कुल्हड़ में चाय पीना पसंद करता है तो कोई तांबे या पीतल के बर्तनों में बनी चाय को ज्यादा स्वादिष्ट मानता है. अब सवाल है कि क्या सच में पीतल के बर्तन में चाय बनाने से उसका स्वाद बढ़ जाता है? यूपी के गाजियाबाद स्थित रंजना न्यूट्रीग्लो क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन रंजना सिंह ने News18 को बताया कि पीतल तांबा और जिंक से बना मिश्रधातु होता है. पुराने समय में पीतल के बर्तनों का इस्तेमाल खाना बनाने और पानी रखने के लिए काफी किया जाता था. आयुर्वेद में भी पीतल के बर्तनों को कुछ मामलों में उपयोगी माना गया है. यह धातु गर्मी को तेजी से फैलाती है, इसलिए इसमें खाना जल्दी गर्म हो जाता है. इसी वजह से कुछ लोग मानते हैं कि पीतल के बर्तन में बनी चाय का स्वाद अलग और ज्यादा अच्छा होता है. पीतल के बर्तन में चाय बनाने से स्वाद में हल्का बदलाव महसूस हो सकता है, लेकिन यह हमेशा अच्छा ही हो ऐसा जरूरी नहीं है. चाय में मौजूद टैनिन और दूध जैसी चीजें पीतल की धातु के साथ रिएक्ट कर सकती हैं. इससे चाय का स्वाद थोड़ा मेटैलिक या अलग लगता है. कुछ लोगों को यह स्वाद पसंद आता है, जबकि कई लोगों को यह सामान्य नहीं लगता है. एक्सपर्ट का कहना है कि पीतल के बर्तन में ज्यादा एसिडिक चीजें बनाना सही नहीं माना जाता. चाय में मौजूद तत्व धातु के साथ रिएक्शन कर सकते हैं, खासकर अगर बर्तन अंदर से टिन चढ़ा हुआ न हो. बिना कलई वाले पीतल के बर्तन में चाय बनाने से धातु के कण पेय में मिल सकते हैं, जो लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. इसी वजह से कई विशेषज्ञ स्टेनलेस स्टील या फूड-ग्रेड बर्तनों को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं. डाइटिशियन के अनुसार अगर आप चाय का स्वाद बेहतर बनाना चाहते हैं, तो उसके लिए बर्तनों से ज्यादा जरूरी है सही सामग्री और बनाने का तरीका. ताजी चायपत्ती, सही मात्रा में दूध, अदरक, इलायची और सही उबाल चाय का स्वाद कई गुना बढ़ा सकते हैं. मिट्टी के कुल्हड़ में चाय पीने से भी प्राकृतिक खुशबू और अलग स्वाद महसूस होता है, जिसे कई लोग पसंद करते हैं. पीतल के बर्तन में चाय बनाने से स्वाद में थोड़ा बदलाव जरूर आ सकता है, लेकिन इसे हमेशा बेहतर कहना सही नहीं होगा. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें