Brands vie for tennis stars, as courts become fashion’s new runway

Hindi News Sports Brands Vie For Tennis Stars, As Courts Become Fashion’s New Runway न्यूयॉर्क11 मिनट पहले कॉपी लिंक टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका।- फाइल फोटो दुनिया की नंबर-1 महिला टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका जब इटैलियन ओपन टूर्नामेंट के दौरान हाथ में नई लॉन्च हुई गुच्ची पापरात्सो बैग लेकर कोर्ट पर उतरीं, तो साफ हो गया कि लग्जरी फैशन अब टेनिस जगत में भी गहराई से उतर चुका है। गुच्ची ने जनवरी में सबालेंका को ब्रांड एंबेसडर बनाया था। इससे पहले वह जुलाई 2022 में पुरुषों के नंबर-1 खिलाड़ी यानिक सिनर को साइन कर चुका है। इसके बाद कई लग्जरी ब्रांड्स टेनिस खिलाड़ियों के साथ जुड़ गए। लुई वीटन ने स्पेन के टेनिस खिलाड़ी कार्लोस अल्कराज को साइन किया। डियोर ने चीन की झेंग छिनवेन को जोड़ा। बरबरी ने ब्रिटेन के जैक ड्रेपर को लिया। मियू मियू ने कोको गॉफ और न्यू बैलेंस के साथ टेनिस कलेक्शन बनाया और फिर बाद में गॉफ को साइन भी कर लिया। बोटेगा वेनेटा ने इटली के लोरेंजो मुसेत्ती को जोड़ा। इस साल टेनिस देखने वाले दर्शकों में 39 फीसदी बढ़े अमेरिकी टेनिस संघ यूएसटीए के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में 2025 में टेनिस खेलने वालों की संख्या 16 लाख बढ़ी। 2019 के मुकाबले यह 54% ज्यादा है। टेनिस चैनल ने इस साल इंडियन वेल्स में अब तक की सबसे ज्यादा व्यूअरशिप देखी, इसमें 39% बढ़ोतरी हुई। सब्सक्रिप्शन साइन-अप्स भी पिछले साल के मुकाबले 150% बढ़े हैं। ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स में भीड़ बढ़ी है। गुच्ची ने जनवरी में सबालेंका को ब्रांड एंबेसडर बनाया था।- फाइल फोटो खिलाड़ियों के परिवार तक पहुंचा ब्रांड्स का फोकस लग्जरी ब्रांड्स अब खिलाड़ियों के अलावा टेनिस के पूरे माहौल पर ध्यान दे रहे हैं। मैचों में खिलाड़ियों की पत्नियां, परिवार, प्रेमिकाएं और सोशल मीडिया प्रभावशालियों की मौजूदगी बहुत बढ़ गई है। रचनात्मक रणनीति एजेंसी ‘एफआरएम’ के मुताबिक, अब इन महिलाओं की पहचान बदल चुकी है। इंटरनेट पर इनका खुद का एक स्वतंत्र मुकाम है। युवा फैंस तक पहुंचने की कोशिश में लग्जरी ब्रांड गुच्ची का कहना है कि टेनिस एक्सक्लूसिव जरूर हो सकता है, लेकिन इसकी ग्लोबल अपील है। विंबलडन, मियामी और यूएस ओपन जैसे टूर्नामेंट अलग तरह के दर्शकों को खींचते हैं। ब्रांड्स समझ चुके हैं कि ग्रोथ के लिए उन्हें सिर्फ अल्ट्रा-रिच तक सीमित नहीं रहना है। टेनिस उन्हें अमीर खरीदारों और युवा फैंस, दोनों तक पहुंचने का मौका देता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
सोना ₹392 बढ़कर ₹1.59 लाख पर पहुंचा:इस साल ₹26 हजार महंगा हो चुका, चांदी ₹1494 गिरकर ₹2.66 लाख किलो पर आई

सोने के दाम में आज यानी 21 मई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 392 रुपए बढ़कर 1.59 लाख रुपए हो गया है। वहीं चांदी में आज गिरावट है। 1 किलो चांदी की कीमत 1,494 रुपए कम होकर 2.66 लाख रुपए पर आ गई है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 21 मई 2026 सोना इस साल 26 हजार और चांदी 37 हजार महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 26 हजार रुपए और चांदी 37 हजार रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.59 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.67 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।
सोना ₹392 बढ़कर ₹1.59 लाख पर पहुंचा:इस साल ₹26 हजार महंगा हो चुका, चांदी ₹1494 गिरकर ₹2.66 लाख किलो पर आई

सोने के दाम में आज यानी 21 मई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 392 रुपए बढ़कर 1.59 लाख रुपए हो गया है। वहीं चांदी में आज गिरावट है। 1 किलो चांदी की कीमत 1,494 रुपए कम होकर 2.66 लाख रुपए पर आ गई है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 21 मई 2026 सोना इस साल 26 हजार और चांदी 37 हजार महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 26 हजार रुपए और चांदी 37 हजार रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.59 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.67 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।
Rajasthan Cricket New Platform for IPL & National U23 T20

जयपुर4 घंटे पहले कॉपी लिंक RCA एडहॉक कमेटी संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने राष्ट्रीय अंडर-23 प्रतियोगिता टी-20 फॉर्मेट में आयोजित कराने की घोषणा की है। इसके बाद राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की एडहॉक कमेटी एक्शन मोड में आ गई है। अब RCA राज्य स्तरीय अंडर-23 प्रतियोगिता को कलर्ड ड्रेस (रंगीन कपड़ों) और व्हाइट बॉल के साथ टी-20 फॉर्मेट में आयोजित कराने की तैयारी कर रहा है। RCA एडहॉक कमेटी संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव ने बताया- बदलते क्रिकेट फॉर्मेट और IPL जैसे बड़े मंचों को देखते हुए कमेटी पिछले कुछ सप्ताह से इस विषय पर गंभीर मंथन कर रही थी। राज्य के युवा खिलाड़ियों को आधुनिक क्रिकेट के अनुरूप तैयार करने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्लेटफॉर्म देने के उद्देश्य से अंडर-23 प्रतियोगिता को टी-20 फॉर्मेट में कराने की रूपरेखा लगभग तैयार कर ली गई है। इसी बीच BCCI की ओर से राष्ट्रीय अंडर-23 प्रतियोगिता को टी-20 फॉर्मेट में कराने की घोषणा ने RCA की योजना को और मजबूती दे दी है। डॉ. मोहित यादव ने कहा- आज क्रिकेट का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे में राजस्थान के खिलाड़ियों को भी उसी स्तर की प्रतिस्पर्धा और तैयारी का मौका मिलना जरूरी है। टी-20 फॉर्मेट खिलाड़ियों को आक्रामक बल्लेबाजी, तेज रणनीति और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करना सिखाता है। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट की तैयारियों में अतिरिक्त मदद मिलेगी। RCA एडहॉक कमेटी के सदस्य अरिष्ट सिंघवी ने बताया कि RCA की यह पहल राजस्थान के युवा खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद साबित होगी। खिलाड़ियों को प्रोफेशनल क्रिकेट का माहौल देना उद्देश्य RCA एडहॉक कमेटी के सदस्य अरिष्ट सिंघवी ने बताया- इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रोफेशनल क्रिकेट का माहौल देना है। ताकि वे घरेलू क्रिकेट से सीधे बड़े मंचों तक अपनी पहचान बना सकें। उन्होंने कहा- राजस्थान क्रिकेट में लगातार नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं। लेकिन खिलाड़ियों को सीमित ओवरों के तेज क्रिकेट का ज्यादा अनुभव नहीं मिल पाता था। अब इस नए फॉर्मेट से युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर अवसर मिलेगा। भविष्य में ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी IPL और राष्ट्रीय टीम तक पहुंच सकेंगे। अब तक राज्य स्तरीय अंडर-23 टूर्नामेंट में टीमें इस व्हाइट ड्रेस में खेलती थीं। RCA का मानना है कि इस बदलाव से राजस्थान क्रिकेट को नई दिशा मिलेगी। युवा खिलाड़ियों को मॉडर्न क्रिकेट के हिसाब से तैयार करने के साथ-साथ सिलेक्टर्स को भी प्लेयर्स की क्षमता को बेहतर तरीके से परखने का मौका मिलेगा। ऐसे में आने वाले समय में यह बदलाव राजस्थान क्रिकेट के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। बता दें कि राजस्थान में अब तक अंडर-23 टूर्नामेंट 50 ओवर यानी वनडे फॉर्मेट में रेड बॉल से खेला जाता था। लेकिन पहली बार यह T20 फॉर्मेट में कलर ड्रेस के साथ व्हाइट बॉल से खेला जाएगा। … ये खबर भी पढ़ें… राजस्थान में लेट शुरू होगा घरेलू क्रिकेट सत्र:25 मई से होगी कॉल्विन शील्ड, जिला स्तर के मैचों की संख्या बढ़ाई गई इंडियन प्रीमियर लीग के आयोजन और जिला क्रिकेट संघों की गुजारिश के बाद राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन एडहॉक कमेटी ने मौजूदा क्रिकेट सत्र में बड़ा बदलाव किया है। इसके बाद अब 11 मई से शुरू होने वाला घरेलू क्रिकेट सत्र 25 मई से शुरू होगा। (पूरी खबर पढ़ें) RCA में सियासी घमासान तेज, खेलमंत्री बोले- जल्द कराएं चुनाव:कन्वीनर बोले- इसी महीने जारी हो सकता है नोटिस; 2 संघों पर कार्रवाई की तैयारी राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के लंबे समय से अटके चुनावों को लेकर अब सियासी हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को जयपुर में RCA एडहॉक कमेटी और प्रदेश के विभिन्न जिला क्रिकेट संघों के पदाधिकारियों की अहम बैठक हुई। (पूरी खबर पढ़ें) दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Health Tips: मटन-चिकन छोड़ गर्मियों में खाएं ये मछली, शरीर रहेगा ठंडा और फिट, जानिए डॉक्टर की राय

Last Updated:May 21, 2026, 12:10 IST Health Tips: मई-जून की तेज गर्मी में सही आहार चुनना बेहद जरूरी है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि सही भोजन आपको लू और कमजोरी से बचा सकता है. रोहू और कतला जैसी ताजी मछलियां इस मौसम में खास फायदेमंद हैं. ये सिर्फ शरीर को ठंडक नहीं देतीं, बल्कि इनमें मौजूद ओमेगा-3 थकान को भी जल्दी दूर करता है. जानिए क्यों इस गर्मी में मटन या चिकन के बजाय ताजी मछली चुनना बेहतर है और कौन-सी डाइट टिप्स डॉक्टर सलाह देते हैं. (रिपोर्ट: शिवांक द्विवेदी/सतना) मई-जून की तपती गर्मी में जब पारा 45 डिग्री के पार जाने लगता है तब सबसे बड़ा सवाल हमारे खान-पान को लेकर होता है. क्या इस मौसम में नॉन-वेज खाना सही है? तो चलिए जानते है कौन सी मछली आपकी सेहत के लिए सुपर फूड साबित हो सकती है? ये मछलियां न केवल आपके स्वाद का ध्यान रखेंगी बल्कि इस भीषण गर्मी में आपके शरीर को ठंडक और ताकत भी देंगी. भीषण गर्मी के मौसम में हमारा शरीर जल्दी थक जाता है और डिहाइड्रेशन की समस्या बनी रहती है. जिला पशु चिकित्सालय प्रभारी डॉ. बृहस्पति भारती ने लोकल 18 से बातचीत में कहा कि इस मौसम में रोहू और कतला जैसी मछलियां सेहत के लिए वरदान हैं. रोहू को तो मछलियों का राजा माना जाता है. डॉक्टरों का मानना है कि रोहू और कतला में भरपूर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है. यह न केवल आपके दिल का ख्याल रखता है बल्कि गर्मी के कारण होने वाली थकान और कमजोरी को दूर कर शरीर को इंस्टेंट एनर्जी देता है. Add News18 as Preferred Source on Google सबसे बड़ी बात यह है कि ये मछलियां लीन प्रोटीन का स्रोत हैं जो पेट को भारी नहीं करतीं. क्योंकि मछलियों में प्रोटीन की मात्रा चिकन और मटन से कही अधिक होती है साथ ही यह पचने में भी उनसे कहीं ज्यादा हल्की होती है. मई और जून का महीना मत्स्य पालकों के लिए भी उत्सव जैसा होता है. इसी समय तालाबों में मछलियों के बीज डाले जाते हैं और टमस व सतना जैसी नदियों में ताजी मछलियां पकड़ी जाती हैं. डॉ. भारती बताते हैं कि ग्रामीण इलाकों में लोग आज भी नदी, नालों, तालाबों में मिलने वाली पारंपरिक मछलियों जैसे सिंघी, पॉम, पाहिन और कैटफिश को काफी पसंद करते हैं. पुराने बुजुर्गों का मानना है कि प्राकृतिक बहते पानी की मछलियां ज्यादा पौष्टिक होती हैं. हालांकि, खाने वालों की अपनी पसंद होती है जहां रोहू अपने लाजवाब स्वाद के लिए जानी जाती है वहीं इसमें कांटों की संख्या थोड़ी ज्यादा होती है. जो लोग कांटों से बचना चाहते हैं उनके लिए सिंगल बोन वाली पाहिन और पॉम मछलियां बेहतरीन विकल्प साबित होती हैं. गर्मी में मछली खाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. डॉक्टरों की सलाह है कि हमेशा ताजी मछली ही खरीदें. बासी या बर्फ में बहुत दिनों से रखी मछली पेट खराब कर सकती है. साथ ही गर्मी में मछली को बहुत ज्यादा तेल-मसाले में बनाने के बजाय हल्का ग्रिल करके या कम मसालों वाली करी बनाकर खाना ज्यादा फायदेमंद होता है. वहीं बघेलखंड के खानपान की बात करें तो यहां रोहू और कतला का क्रेज सबसे ज्यादा है. यह न केवल किफायती हैं बल्कि स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध भी हैं. यह आपको गर्मी से लड़ने की शक्ति भी देगी और आपकी जीभ को वो खास जायका भी. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
क्या ज्यादा धूप में रहने से मोतियाबिंद का खतरा बढ़ जाता है? डॉक्टर से जानिए क्या है सच्चाई

Last Updated:May 21, 2026, 12:09 IST Sunlight and Cataract Risk: लंबे समय तक तेज धूप में रहने से मोतियाबिंद का खतरा बढ़ सकता है. डॉक्टर तुषार ग्रोवर के अनुसार धूप में अल्ट्रावॉयलेट किरणें होती हैं, जो आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इससे ड्राइनेस, एलर्जी, इंफेक्शन और कई तरह के आंखों के कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है. गर्मी में बाहर निकलते समय सनग्लासेस जरूर पहनने चाहिए. डॉक्टर की मानें तो मोतियाबिंद एक उम्र संबंधी समस्या है, लेकिन धूप से इसका खतरा थोड़ा-बहुत बढ़ जाता है. Cataract and Sun Exposure: गर्मियों में तेज धूप और अल्ट्रावॉयलेट किरणों का कहर बढ़ जाता है. अधिकतर लोग यह जानते हैं कि तेज धूप में बाहर जाने से स्किन को नुकसान होता है, लेकिन इससे आंखों को भी गंभीर नुकसान हो सकता है. गर्मी में आंखों से जुड़ी कई समस्याएं भी बढ़ जाती हैं. कई लोग मानते हैं कि ज्यादा धूप में रहने से मोतियाबिंद का खतरा बढ़ सकता है. मोतियाबिंद एक ऐसी बीमारी है, जो 50 से 60 साल की उम्र के बाद ज्यादातर लोगों को होती है. डॉक्टर से जानने की कोशिश करते हैं कि क्या वाकई तेज धूप से मोतियाबिंद का जोखिम बढ़ जाता है. दिल्ली के विजन आई सेंटर के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. तुषार ग्रोवर ने News18 को बताया मोतियाबिंद आंखों की एक आम समस्या है, जिसमें आंख के लेंस में धुंधलापन आने लगता है. इसकी वजह से चीजें साफ दिखाई नहीं देतीं और धीरे-धीरे नजर कमजोर होने लगती है. मोतियाबिंद एक एज रिलेटेड समस्या है और अधिकतर बुजुर्गों को मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराना पड़ता है. हालांकि आंख में चोट, ज्यादा धूप में रहना और डायबिटीज के कारण कम उम्र में भी इसका रिस्क बढ़ जाता है. लंबे समय तक आंखें अल्ट्रावॉयलेट किरणों के संपर्क में रहेंगी, तो मोतियाबिंद समेत कई खतरनाक आई डिजीज का रिस्क बढ़ जाएगा. इसलिए गर्मी के मौसम में धूप से आंखों का बचाव जरूरी है, ताकि आंखें हेल्दी रहें. आंखों के लिए खतरनाक हैं UV किरणें डॉक्टर ग्रोवर के मुताबिक ज्यादा धूप और अल्ट्रावॉयलेट किरणों से मोतियाबिंद की स्पीड थोड़ी बढ़ सकती है, लेकिन इसे सबसे बड़ी वजह मानना सही नहीं होगा. UV किरणों की वजह से गर्मी में आई ड्राइनेस, एलर्जी और कंजंक्टिवाइटिस का रिस्क बढ़ जाता है. यूवी किरणों से कई तरह के आंखों के कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है. इसलिए लोगों को अल्ट्रावॉयलेट किरणों को लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और इससे बचाव करने की पूरी कोशिश करनी चाहिए. यूवी किरणों से बचने के लिए क्या करें एक्सपर्ट ने बताया कि गर्मी में अपनी आंखों को हेल्दी रखने के लिए यूवी किरणों से प्रोटेक्ट करने वाले सनग्लासेस पहनें. अगर यूवी प्रोटेक्शन वाला चश्मा न हो, तो नॉर्मल सनग्लासेस भी पहन सकते हैं. इससे भी कुछ हद तक आंखों का बचाव होगा. गर्मी में बाहर धूप में निकलने से बचें और दोपहर के वक्त घर में अंदर रहने की कोशिश करें. आंखों में ड्राइनेस होने पर लुब्रिकेंट ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, ताकि आंखों की नमी बरकरार रहे. अगर किसी तरह की परेशानी हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें और सही इलाज कराएं. आंखों को लेकर लापरवाही बिल्कुल न बरतें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
ग्रीष्मकाल में बच्चों के लिए ठंडक देने वाले खाद्य पदार्थ: गर्म पेय पदार्थ गर्मी का तोड़…बच्चों के आहार में शामिल करें ये 6 चीजें, लू और डायहाइड्रेशन से वास्तविक छुट्टी

21 मई 2026 को 12:05 IST पर अद्यतन किया गया गर्मियों में बच्चों के लिए ठंडे खाद्य पदार्थ: गर्मी का पारा चढ़ा ही बच्चों की सेहत को लेकर चिंता का विषय है। लू और चिलचिलाती धूप इस मौसम में बच्चे सबसे जल्दी बीमार होते हैं। ऐसे में इनके ‘कूलिंग फूड्स’ में विशेष रूप से आमंत्रित तासीर वाली सामग्रियों को शामिल किया जाना बेहद जरूरी है। अनुसरण करना : तरबूज में 92% पानी होता है, जो बच्चों के शरीर में पानी की कमी नहीं होती है। विटामिन ए और सी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो बच्चों की इम्युनिटी की सराहना करते हैं और विटामिन ए और सी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। छवि: फ्रीपिक खेड़ा शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसमें मौजूद शाकाहारी बच्चों के पाचन को मापा जाता है। गर्मी में बच्चों को प्लास्टिक के मसाले पर चॉकलेट मसाला छिड़क कर बिस्कुट के रूप में डालें। छवि: फ्रीपिक दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पेट को ठंडा रखते हैं और लू से बचाते हैं। बच्चों को मीठी लस्सी, छाछ या समुद्री फलों के साथ दही देना सबसे अच्छा विकल्प है। छवि: फ्रीपिक कोको पानी इलेक्ट्रोलाइट्स इलेक्ट्रोलाइट्स की प्रचुरता होती है, जो कि डायमंड्स के कारण शरीर से बाहर निकलता है। यह थकान को दूर करता है और बच्चों को सांस्कृतिक गतिविधि में बनाए रखता है। छवि: इंस्टाग्राम सत्तू का शर्बत बच्चों को लू से बच में सबसे बड़ा अपहरण माना जाता है। यह प्रोटीन का भी अच्छा स्रोत है और बच्चों का पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। छवि: इंस्टाग्राम तेज धूप और खेल कूद के कारण बच्चे जल्दी थक जाते हैं। नींबू पानी में मौजूद कार्बोहाइड्रेट और पोषक तत्व बच्चों को बिना किसी कृत्रिम शर्करा या ठंडे पेय के तत्काल ऊर्जा देते हैं। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: आर्या पांडे प्रकाशित 21 मई 2026 12:05 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)बच्चों के लिए ग्रीष्मकालीन आहार चार्ट(टी)बच्चों में निर्जलीकरण को कैसे रोकें(टी)बच्चों के लिए स्वस्थ ग्रीष्मकालीन भोजन(टी)गर्मियों में बच्चों के लिए सबसे अच्छा हाइड्रेटिंग पेय(टी)बच्चे के पेट के लिए दही चावल के फायदे(टी)बच्चों के लिए प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स(टी)बच्चों को लू से बचाने के लिए बेल का शरबत(टी)माता-पिता के लिए ग्रीष्मकालीन स्वास्थ्य देखभाल युक्तियाँ(टी)गर्मी में बच्चों का आहार चार्ट(टी) आहार से संबंधित आहार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने विधायक के रूप में शपथ ली

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने नए विधानसभा क्षेत्र के पहले दिन विधायक के रूप में शपथ ली। असम विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष चंद्र मोहन पटवारी ने शर्मा को 16वीं विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ दिलाई। शर्मा ने असमिया भाषा में शपथ ली. अंतरिम अध्यक्ष पटवारी ने कहा, ‘सभी सदस्य अपनी इच्छानुसार किसी भी अनुमोदित भाषा में शपथ ले सकते हैं। वे अपनी शपथ की शुरुआत विधानसभा कार्यालय में जमा कर सकते हैं। ‘मुख्यमंत्री के बाद, अन्य नामों ने भी असमिया, डेमोक्रेट, बोडो और संस्कृत जैसे विभिन्न समुद्रों में शपथ ली। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने राज्य विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल की, जिसमें 126 विधान सभाओं में 102 पर जीत दर्ज की गई। इस गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), असम गण परिषद (बीजेपी) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) शामिल हैं। बीजेपी ने अकेले 82 रनों पर जीत हासिल की, जबकि बीजेपी और बीपीएफ ने 10-10 पर जीत हासिल की. इसके अलावा, छह ऑर्केस्ट्रा के डेमोक्रेटिक एलायंस का हिस्सा क्रांतिकारी कांग्रेस और रायजोर दल ने क्रमशः 19 और दो प्रतिभागियों का प्रदर्शन किया। इसके अलावा अकेले चुनावी मैदान में उतरने वाले ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूपी दोष) ने दो और विपक्षी कांग्रेस ने एक सीट पर जीत हासिल की। यह भी पढ़ें: ‘पार्टी ने कूड़ा-कचरा’, बंगाल चुनाव में हार के बाद टीएमसी में फूटा पत्ता! ममता बनर्जी की मुसीबत, उगलने लगे विधायक (टैग्सटूट्रांसलेट)हेमंत बिस्वा सरमा(टी)असम
बिहार चुनाव में हार के बाद प्रशांत किशोर ने अपना ठिकाना पटना आश्रम में स्थानांतरित किया: ‘अगले चुनाव तक मेरा निवास’ | भारत समाचार

आखरी अपडेट:21 मई, 2026, 11:40 IST प्रशांत किशोर अगले बिहार चुनाव तक शेखपुरा हाउस से आईआईटी पटना के पास बिहार नवनिर्माण आश्रम में शिफ्ट हो गए हैं। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पीटीआई के साथ एक साक्षात्कार में कहा। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बुधवार को घोषणा की कि वह बिहार में अगले विधानसभा चुनाव होने तक पटना के बाहरी इलाके में स्थित एक आश्रम में चले गए हैं। बिहार के दरभंगा में पत्रकारों से बात करते हुए, प्रशांत किशोर ने कहा, “पिछली रात, मैं पटना में उस जगह से बाहर चला गया जहां मैं रह रहा था। आईआईटी-पटना के करीब स्थित बिहार नवनिर्माण आश्रम, अगले विधानसभा चुनावों तक मेरा निवास स्थान होगा, जब जन सुराज पार्टी, उम्मीद है, प्रभाव डालेगी।” हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों से पहले अपनी पार्टी शुरू करने के बाद चुनावी रणनीतिकार से नेता बने ने एक आश्रम में स्थानांतरित होने का फैसला किया, लेकिन एक भी सीट जीतने में असफल रहे। अब तक, प्रशांत किशोर ‘शेखपुरा हाउस’ से काम कर रहे थे, जो पटना हवाई अड्डे के करीब एक विशाल बंगला है। यह घर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व बीजेपी सांसद उदय सिंह के परिवार के पास है. यह भी पढ़ें: क्या तमिलनाडु में विजय लहर के पीछे प्रशांत किशोर हैं? जन सुराज नेता का पुराना वीडियो वायरल सिंह बिहार के प्रमुख राजनीतिक परिवारों में से एक हैं। उनके बड़े भाई एनके सिंह 15वें वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद हैं, और उनकी दिवंगत मां, माधुरी सिंह, पूर्णिया से सांसद और एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता थीं। प्रशांत किशोर ने बिहार कैबिनेट में अपने बेटे को शामिल करने को लेकर नीतीश पर निशाना साधा प्रशांत किशोर ने अपने बेटे के राज्य का स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आलोचना की। किशोर ने कहा, “चुनाव के बाद जो मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया, वह आर्थिक संकट के कारण होने वाले प्रवासन को रोकने में असमर्थ था। इसके बजाय, उन्होंने खुद प्रवासन का फैसला किया, लेकिन यह सुनिश्चित करने से पहले नहीं कि उनके बेटे को पैर जमाने का मौका मिले।” उन्होंने बिहार के मतदाताओं से अपील की कि वे अपने हितों को प्राथमिकता दें और जाति, धर्म या मौद्रिक प्रलोभन के आधार पर अपना वोट न डालें। यह भी पढ़ें: सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी एक और विभाजन की ओर बढ़ रही है? प्रशांत किशोर से मुलाकात के बाद चर्चा बढ़ी किशोर ने कहा, “बिहार के लोगों को वोट देते समय अपने बच्चों के भविष्य के बारे में जरूर सोचना चाहिए। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार या लालू प्रसाद जैसे नेताओं के बहकावे में नहीं आना चाहिए और न ही 10,000 रुपये में अपना वोट बेचना चाहिए।” इस बयान को विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना पर स्पष्ट प्रहार के रूप में देखा गया, जिसके तहत 1.5 करोड़ से अधिक महिलाओं को 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई थी। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया बिहार चुनाव में हार के बाद प्रशांत किशोर ने अपना ठिकाना पटना आश्रम में स्थानांतरित किया: ‘अगले चुनाव तक मेरा निवास’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति(टी)जन सुराज पार्टी(टी)बिहार विधानसभा चुनाव(टी)बिहार नवनिर्माण आश्रम(टी)नीतीश कुमार आलोचना(टी)बिहार कैबिनेट में फेरबदल(टी)मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना(टी)बिहार के स्वास्थ्य मंत्री
UK Passport for Mohammad Amir; IPL Auction Registration After Approval

Hindi News Sports UK Passport For Mohammad Amir; IPL Auction Registration After Approval 18 मिनट पहले कॉपी लिंक पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर को ब्रिटिश नागरिकता मिल गई है। उनकी पत्नी नरजिस खान ब्रिटिश नागरिक हैं और इसी आधार पर उन्होंने कुछ साल पहले नागरिकता के लिए आवेदन किया था। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें UK पासपोर्ट जारी कर दिया गया। हालांकि, वह IPL में खेल पाएंगे या नहीं, इसे लेकर संशय है। 2024 में टी-20 वर्ल्ड कप के बाद दूसरी बार संन्यास लिया आमिर ने 2020 में संन्यास लिया था, फिर 2024 में वापसी की थी। लेकिन 2024 टी-20 वर्ल्ड कप के बाद टीम से ड्रॉप होने पर फिर संन्यास ले लिया। उन्होंने आखिरी टी-20 मैच 2024 वर्ल्ड कप में आयरलैंड के खिलाफ खेला था। आमिर पाकिस्तान के लिए 36 टेस्ट, 61 वनडे और 62 टी-20 मैच खेल चुके हैं। वह 2017 चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने वाली पाकिस्तानी टीम का हिस्सा थे। फाइनल में उन्होंने रोहित शर्मा, विराट कोहली और शिखर धवन जैसे भारतीय बल्लेबाजों के विकेट लेकर मैच का रुख पलट दिया था। अजहर ब्रिटिश नागरिकता लेने के बाद IPL खेले पाकिस्तानी खिलाड़ी 2008 के पहले IPL सीजन के बाद से टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं बने हैं। हालांकि, पाकिस्तान में जन्मे अजहर महमूद बाद में IPL खेलने वाले इकलौते खिलाड़ी रहे। ब्रिटिश पासपोर्ट मिलने के बाद उन्होंने इंग्लैंड खिलाड़ी के तौर पर 2012 से 2015 के बीच IPL में 23 मैच खेले थे। अब आमिर की तुलना उनसे की जा रही है। IPL नियमों के तहत मंजूरी मिलने पर आमिर ऑक्शन के लिए रजिस्टर कर सकते हैं IPL नियमों के तहत मंजूरी मिलने पर वह ब्रिटिश नागरिकता के आधार पर विदेशी खिलाड़ी कैटेगरी में ऑक्शन के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। हालांकि, IPL में खेलना इस पर निर्भर करेगा कि कोई फ्रेंचाइजी उन्हें खरीदती है या नहीं। इंग्लैंड में कैसे मिलता है खिलाड़ी का दर्जा? हालांकि, इंग्लैंड में घरेलू खिलाड़ी का दर्जा पाने के नियम अलग हैं। काउंटी क्रिकेट के मुताबिक सिर्फ ब्रिटिश नागरिक होना काफी नहीं है। खिलाड़ी ने पिछले 12 महीनों में इंग्लैंड के बाहर किसी फुल मेंबर देश के लिए प्रोफेशनल क्रिकेट नहीं खेला होना चाहिए। यहीं आमिर का मामला उलझता नजर आता है, क्योंकि उन्होंने हाल ही में पाकिस्तान सुपर लीग में रावलपिंडी के लिए घरेलू खिलाड़ी के तौर पर खेला था। ऐसे में सिर्फ UK पासपोर्ट मिलने से उन्हें तुरंत इंग्लैंड में लोकल खिलाड़ी का दर्जा नहीं मिलेगा। आमिर ने PSL 2026 में रावलपिंडी की ओर से खेला। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









