रुड़की की सोनिया ने सीनियर नेशनल एथलेटिक्स में जीता सिल्वर:रांची के ट्रैक पर 10 हजार मीटर दौड़ीं; पहले ही दिन हासिल किया पदक

झारखंड की राजधानी रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में शुक्रवार से शुरू हुई 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन चैंपियनशिप में उत्तराखंड की बेटी ने पहले ही दिन पदक हासिल कर लिया। रुड़की के एक छोटे से गांव की रहने वाली एथलीट कुमारी सोनिया ने महिला वर्ग की 10,000 मीटर रेस में सिल्वर मेडल जीतकर राज्य को गौरवान्वित किया। सोनिया ने यह रेस 36 मिनट 16.22 सेकंड में पूरी की। वह स्पोर्ट्स कॉलेज में उत्तराखंड के वरिष्ठ कोच लोकेश कुमार से प्रशिक्षण ले रही हैं। सोनिया की इस सफलता के पीछे उनके संघर्षों की एक लंबी कहानी है। यह वही सोनिया हैं, जिन्होंने संसाधनों की भारी कमी के बावजूद कभी हालातों के आगे घुटने नहीं टेके। फटे जूतों से रांची के पोडियम तक का सफर सोनिया की असली पहचान 2025 में हुए राष्ट्रीय खेलों के दौरान बनी थी, जब उन्होंने 10,000 मीटर की दौड़ में ही ब्रॉन्ज मेडल जीता था। उस जीत की सबसे बड़ी बात यह थी कि सोनिया के पास दौड़ने के लिए सही स्पाइक्स तक नहीं थे। वह फटे जूतों में ट्रैक पर उतरी थीं। इसके बाद उन्होंने जापान के फुकुओका में हुई 18वीं एशियन क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में भी ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया था। महंगे सप्लीमेंट्स तो दूर, वह ऑनलाइन मिलने वाले सस्ते मल्टी-विटामिन के सहारे ही अपनी तैयारी कर रही थीं। स्नेह राणा ने बढ़ा था हौसला, दिए थे नए स्पाइक्स हाल ही में जब सोनिया के संघर्ष की यह कहानी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ऑलराउंडर स्नेह राणा तक पहुंची थी, तो उन्होंने देहरादून स्थित अपने स्पोर्ट्स स्ट्राइव टर्फ पर सोनिया को बुलाया था। फटे जूतों में दौड़ने वाली सोनिया को जब स्नेह राणा ने प्रोफेशनल स्पोर्ट्स शूज और बेहतर न्यूट्रिशन सपोर्ट सौंपा, तो वह भावुक हो गई थीं। नए स्पाइक्स और स्नेह राणा से मिले उसी नए आत्मविश्वास को लेकर सोनिया रांची के ट्रैक पर उतरीं और सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया। पिता करते हैं मजदूरी, बहनों ने निभाया मां का फर्ज सोनिया का पूरा बचपन आर्थिक तंगी में बीता। परिवार में चार बहनें और एक भाई हैं। पिता मजदूरी करके घर चलाते हैं और मां का निधन हो चुका है। सोनिया बताती हैं कि कई बार ऐसा वक्त आया जब तंगी के कारण ट्रेनिंग छोड़ने का मन हुआ, लेकिन उनकी बहनों ने उन्हें कभी टूटने नहीं दिया। बहनों ने ही मां की कमी पूरी की और हर मुश्किल में साथ खड़ी रहीं। गांव के तानों को बनाया अपनी ताकत सोनिया के सफर में सिर्फ गरीबी ही नहीं, बल्कि सामाजिक दबाव भी बड़ी चुनौती रहा। गांव के लोग अक्सर ताने मारते थे और परिवार से कहते थे कि लड़की को वापस बुला लो। लेकिन, सोनिया ने इन बातों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने लोगों को जवाब देने के बजाय अपनी मेहनत से खुद को साबित करने का रास्ता चुना और आज रांची में जीता गया यह सिल्वर मेडल उन सभी तानों का जवाब है।
गर्मियों के लिए फालसा छाछ ड्रिंक: गर्मी में शरीर को ऊर्जा देने का काम करेगा फालसे का ठंडा-ठंडा छाछ, मिनटों में लू की होगी छुट्टी

फालसा अपने आश्रम-मी थे स्वाद और विश्वविद्यालय तासीर के लिए जाना जाता है। साथ ही छाछ पेट को ठंडा रखने और पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है। इन दोनों का कॉम्बिनेशन समर के लिए किसी भी सुपर ड्रिंक से कम नहीं है। छवि: सोशल मीडिया फालसा छाछ बनाने की सामग्री: 1 कप समुद्री फालसे, 2 कप जैतून छाछ, 1 छोटा चम्मच बाकी जीरा पाउडर, स्वादानुसार काला नमक, 4-5 पुदीने की सब्जी, बर्फ के टुकड़े, थोड़ा सा या शहद चीनी छवि: एआई सबसे पहले झूठ को अच्छी तरह धो लें। अब बड़े पैमाने पर एक बाउल में बेकार का रस मिला दिया गया। छवि: एआई इसमें जीरा पाउडर, काला नमक और पुदीने की सामग्री के साथ मिश्रण भी शामिल करें। अगर आपको इसमें मेला पसंद है तो थोड़ा सा शहद या चीनी भी मिला सकते हैं। अब इसमें बर्फ डालें और ठंडा-ठंडा सर्व करें। छवि: एआई शरीर को तुरंत ठंडक दिशानिर्देश में मदद मिलती है। लू और डायग्नोस्टिक्स से बचाव में सहायक होता है। पेट को असर और ठंडा होता है। पाचन को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। छवि: एआई गर्मी में शरीर की थकान और कमजोरी को दूर करना उपयोगी माना जाता है। अगर आप इसका स्वाद और ज्यादा मजा बनाना चाहते हैं तो ऊपर से छोटी सी चाट मसाला डाल सकते हैं। छवि: एआई पुदीने की जगह तुलसी के पौधे से भी इसका स्वाद काफी ताज़ा लगता है। समरस्लैम में जापान के समुद्री डाकू और चॉकलेट ड्रिंक पीने का मन हो तो फालसे की छाछ एक बेहतरीन पद हो सकता है। छवि: एआई
CBSE Three Language Policy Virodh

16 मिनट पहले कॉपी लिंक शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को 19 लोगों के एक ग्रुप ने चुनौती दी। जिसमें स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स शामिल हैं। ये याचिका क्लास 9वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू किए जाने के विरोध दायर की गई। इसके खिलाफ SC अलगे हफ्ते सुनवाई करेगा। CBSE ने 15 मई को एकेडमिक सेशन 2026-27 से थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने का सर्कुलर जारी किया था। इसका नोटिफिकेशन 1 जुलाई से लागू होगा और स्टूडेंट्स को 31 मई तक तीसरी लैंग्वेज चुनने का समय दिया गया है। जस्टिस जॉयमाल्या और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच करेगी सुनवाई सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने इस मामले में पेरेंट्स की तरफ से पक्ष रखा। जस्टिस जॉयमाल्या और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बैच इस पर सुनवाई करेगी। रोहतगी ने पक्ष रखते हुए कहा, ‘ये एक बेहद जरूरी जनहित याचिका है। ये CBSE की उस पॉलिसी को चुनौती दे रहे हैं जिसके तहत 9वीं में दो और भाषाएं अनिवार्य की गई हैं।’ इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनावई कर सकता है। इस फैसले से 9वीं, 10वीं वलास के लगभग 50 लाख बच्चे प्रभावित होंगे। याचिकाकर्ताओं का आरोप CBSE बात से पलटा याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ये फैसला CBSE के पहले के फैसले से बिल्कुल उलट है। सीबीएसई ने 9 अप्रैल को साफ कहा था कि तीसरी भाषा वाला नियम (R3) 9वीं क्लास के छात्रों पर 2029-30 सत्र तक लागू नहीं होगा। याचिका में CBSE और NCERT पर आरोप लगाया है कि ये मनमाना फैसला है। पेरेंट्स और टीचर्स का कहना है कि CBSE पहले खुद मान चुका है कि ट्रेंड टीचर्स और टेक्स्टबुक की कमी है, फिर भी स्कूलों पर इसे लागू करने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अच्छी और सार्थक शिक्षा का मतलब सिर्फ एक नया विषय थोप देना नहीं होता, खासकर तब जब उसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रेंड टीचर्स और पढ़ाने का सिस्टम ही मौजूद न हो। याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना है कि यह सर्कुलर नई शिक्षा नीति 2020 की भावना के खिलाफ है। NEP में साफ कहा गया है कि किसी भी राज्य या छात्र पर कोई भाषा नहीं थोपी जाएगी। 9वीं, 10वीं क्लास के लिए थ्री लैंग्वेज पॉलिसी अनिवार्य 15 मई को जारी सर्कुलर में CBSE ने अपने सभी स्कूलों में कक्षा 9वीं और 10वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी अनिवार्य किया था। इसके तहत 9वीं और 10वीं के बच्चों को तीन भाषाओं की पढ़ाई करनी होगी। इनमें से 2 भारतीय भाषाएं होनी चाहिए। CBSC का नोटिफिकेशन 1 जुलाई से लागू होगा। इस फैसले से 9वीं और 10वीं के मिलाकर लगभग 50 लाख बच्चे प्रभावित होंगे। साथ ही इस साल 10 वीं के बच्चों को तीसरी भाषा का पेपर नहीं देना होगा। स्कूल 30 जून तक थर्ड लैंग्वेज चुनेंगे थ्री लैंग्वेज पॉलिसी के तहत, एक भारतीय और एक विदेशी भाषा के साथ एक क्षेत्रीय भाषा पढ़ाई जानी है। CBSE ने स्पष्ट किया है कि स्कूल, छात्रों की पसंद के अनुसार थर्ड लैंग्वेज चुन सकते हैं। सभी स्कूलों को अपनी चुनी हुई लैंग्वेज की जानकारी 30 जून तक बोर्ड को देनी होगी। बोर्ड ने कहा कि लैंग्वेज को लेकर ये डिसीजन हाल ही में 2026-27 के लिए रिलीज किए गए NCERT सिलेबस को देखकर लिया गया है। इस सेशन की शुरुआत अप्रैल 2026 से हो चुकी है। लेकिन स्कूलों को 1 जुलाई से थर्ड लैंग्वेज की पढ़ाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है। 10वीं में थर्ड लैंग्वेज का पेपर नहीं होगा CBSE ने साफ किया है कि इस साल 10वीं बोर्ड परीक्षा में थर्ड लैंग्वेज का पेपर नहीं होगा। हालांकि, छात्रों के लिए इसकी पढ़ाई करना जरूरी रहेगा। जब तक थर्ड लैंग्वेज की नई किताबें उपलब्ध नहीं होतीं, तब तक 9वीं के छात्र 6वीं कक्षा की थर्ड लैंग्वेज की किताबों से पढ़ाई करेंगे। स्कूलों को यह भी कहा गया है कि वे पढ़ाई के लिए स्थानीय और राज्य स्तर का साहित्य उपलब्ध कराएं। इसमें कविताएं, छोटी कहानियां और अन्य साहित्यिक सामग्री शामिल होगी। 1 जुलाई से स्कूलों में किताब उपलब्ध कराने का निर्देश CBSE ने माना कि कुछ स्कूलों को भारतीय मूल की भाषाओं के लिए क्वालिफाइड टीचर्स अरेंज करने में मुश्किल हो सकती है। ऐसे में स्कूलों को इंटर स्कूल रिर्सोसेस के माध्यम से हाइब्रिड टीचिंग सपोर्ट, रिटायर लैंग्वेज टीचर की नियुक्ति और क्वालिफाइड पोस्ट ग्रेजुएट टीचर्स के हायरिंग की परमिशन भी दी गई है। CBSE तीसरी भाषा के लिए 19 भाषाओं की किताबें तैयार कर रहा CBSE और NCERT कक्षा VI R3 के लिए 19 भाषाओं में किताबें तैयार कर रहे हैं। इनमें असमिया, बंगाली, गुजराती, मराठी, तमिल और तेलुगु जैसी भाषाएं शामिल हैं। 6वीं क्लास में लागू हो चुका है नियम बोर्ड ने इससे पहले 9 अप्रैल को एक सकुर्लर जारी कर 6वीं क्लास के लिए थ्री लैंग्वेज पॉलिसी अनिवार्य की थी। साथ ही इस फैसले को 7 दिन के अंदर लागू करने का भी निर्देश दिया था। महाराष्ट्र थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने वाला पहला राज्य महाराष्ट्र पिछले साल थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना था। राज्य में 1 से 5वीं क्लास तक के बच्चों के लिए हिंदी पढ़ना जरूरी कर दिया गया है। राज्य के सभी मराठी और अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में नियम लागू है। 34 साल बाद नई शिक्षा नीति 2020 को लाया गया नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) को भारत सरकार ने 29 जुलाई, 2020 को मंजूरी दी थी। यह 34 साल बाद भारत की शिक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव है। इससे पिछली नीति 1986 में बनाई गई थी, जिसे 1992 में अपडेट किया गया था। इसका उद्देश्य भारत की शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार ढालना है, ताकि छात्र व्यावहारिक ज्ञान मिले और वे स्किल सीखें। नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए केंद्र ने 2030 तक का लक्ष्य रखा है। शिक्षा संविधान में समवर्ती सूची का विषय है, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार दोनों का अधिकार होता है। इसलिए यह जरूरी नहीं कि राज्य सरकारें इसे पूरी तरह अप्लाई करें। टकराव होने पर दोनों पक्षों को आम सहमति से विवाद सुलझाने का सुझाव दिया गया है। ————— NEET अगले साल से ऑनलाइन होगी:
Dog Care Tips: इंसानों ही नहीं, पालतू कुत्तों के लिए भी खतरनाक है गर्मी, अपनाएं ये टिप्स, वरना हो सकती है परेशानी

Last Updated:May 22, 2026, 16:01 IST Dog Summer Care Tips: भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान ने इन दिनों हर किसी का हाल बेहाल कर दिया है. चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों से सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि बेजुबान जानवर भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं. अगर आप भी एक डॉग लवर हैं और आपके घर पर कुत्ता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. आज हम आपको बताएंगे कि गर्मी में डॉग का कैसे खयाल रखा जाए. (रिपोर्ट: शिवांक द्विवेदी/सतना) इसानों के मुकाबले कुत्तों को गर्मी अधिक सताती है. गर्मी में आपकी जरा सी लापरवाही आपके प्यारे डॉग की जान पर भारी पड़ सकती है. पशु चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि इस तपती गर्मी में डॉग्स को हीटस्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और गंभीर स्किन इंफेक्शन का सबसे ज्यादा खतरा होता है. लोकल 18 से खास बातचीत में सतना के पशु चिकित्सक डॉ. बृहस्पति भारती ने कहा कि वेटनरी में इस समय सबसे ज्यादा मामले हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के आ रहे हैं. कुत्ते इंसानों की तरह शरीर से पसीना नहीं बहा सकते, इसलिए वे गर्मी से राहत पाने के लिए अपनी जीभ बाहर निकालकर लगातार हांफते यानी पेंटिंग करते हैं. हांफते समय उनकी जीभ, मुंह और श्वसन नली से लार वाष्पित होती है, जिससे उनके शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है. गर्मियों के सीजन में कुत्तों में टिक्स यानी किलनी का प्रकोप काफी बढ़ जाता है. लंबे बालों वाली ब्रीड जैसे- गोल्डन रिट्रीवर, जर्मन शेफर्ड और कॉकर स्पैनियल में घने बालों के कारण टिक्स आसानी से छिप जाते हैं. इन टिक्स के कारण बेबेसिओसिस नाम की गंभीर प्रोटोजोअन बीमारी हो सकती है, जिसे आम भाषा में टिक फीवर भी कहते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google इसमें कुत्ते का तापमान 105 से 106 डिग्री तक पहुंच जाता है. इस बीमारी में कुत्तों की नाक से खून भी आने लगता है, जिसे मेडिकल भाषा में एपिस्टेक्सिस और बघेलखंड में लोग विनास फूटना भी कहते हैं. वहीं इस बीमारी में कुत्तों की जान जाने का खतरा बहुत अधिक होता है. गर्मी से बचाव के लिए डॉग्स को सुबह 9 से 10 बजे से पहले और शाम को 6 बजे के बाद ही सैर पर बाहर ले जाएं. दोपहर की तेज धूप में उन्हें बिल्कुल बाहर न निकालें. चूंकि कुत्तों में स्वेट ग्लैंड्स नहीं होतीं, इसलिए उन्हें रोज नहलाना इतना जरूरी नहीं है लेकिन हफ्ते में एक बार अच्छे से नहलाना चाहिए है. डॉग्स को बहुत ज्यादा पानी में न रखें और पंजे साफ रखें क्योंकि लगातार गीलेपन से पंजों में रेडनेस, इचिंग या पायोडर्मा जैसी बीमारियां पनप सकती हैं. वहीं साइबेरियन हस्की जैसे विदेशी ब्रीड वाले डॉग्स को तो दिन-रात कूलर या एसी में ही रखना अनिवार्य है. अक्सर कई लोग डॉग्स को दिन में एक-दो बार पानी देकर भूल जाते हैं. उन्हें हमेशा साफ और ठंडा पानी उपलब्ध कराएं. आप बाजार में मिलने वाले डॉग्स स्पेशल ओआरएस घोल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. साथ ही उन्हें हल्का और सुपाच्य भोजन दें. अगर आपका डॉग वेजिटेरियन डाइट पर है, तो आप उसे पानी से भरपूर फल जैसे- तरबूज और खरबूजा खिला सकते हैं. डॉग्स इसे बड़े चाव से खाते हैं और इससे उनका डिहाइड्रेशन भी दूर होता है. कुत्तों का समय-समय पर टीकाकरण कराना बेहद जरूरी है. अन्यथा, उन्हें पार्वोवायरस जैसी घातक बीमारियां हो सकती हैं. गर्मियों के दौरान टिक संक्रमण भी तेजी से फैलता है, जिससे कुत्तों को कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं. इसलिए, नियमित रूप से डॉक्टर से परामर्श लेकर टिक संक्रमण का इलाज कराना जरूरी है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
अमेरिकी हाउसिंग मार्केट में दिलचस्प ट्रेंड:लाइफस्टाइल इकोसिस्टम और जेनरेशनल वेल्थ के लिए प्रॉपर्टी में निवेश कर रहीं महिलाएं

मियामी में 50 करोड़ रुपए का वॉटरफ्रंट अपार्टमेंट हो, न्यूयॉर्क में पेंटहाउस हो या नैशविले में इन्वेस्टमेंट प्रॉपर्टी। अमेरिका के इन टॉप-एंड रियल एस्टेट बाजार में अब एक नया चेहरा दिख रहा है। और यह चेहरा युवा महिलाओं का है। नेशनल एसोसिएशन ऑफ रियल्टर्स के मुताबिक अमेरिका में सिंगल महिला होमबायर्स की हिस्सेदारी 21% है, जबकि सिंगल पुरुष खरीदार महज 9% ही हैं। इतना ही नहीं, सिंगल महिला होमबायर्स में 29 वर्ष की युवतियों की हिस्सेदारी रिकॉर्ड 35% पहुंच गई है। 2 करोड़ से ज्यादा सिंगल महिलाएं अमेरिका में घर की मालकिन हैं। पुरुषों के मामले में यह संख्या 1.4 करोड़ है। जहां बात 40 करोड़ से ऊपर की प्रॉपर्टी की हो, वहां तस्वीर और भी दिलचस्प है। कोल्डवेल बैंकर की रिपोर्ट कहती है कि 50 लाख डॉलर (करीब ~ 48 करोड़) नेटवर्थ वाली महिलाएं 15% लग्जरी घरों की मालकिन हैं। सिर्फ घर नहीं, पूरे ‘लाइफस्टाइल इकोसिस्टम’ पर बढ़ा फोकस मैनहट्टन में प्राइवेट इक्विटी बैकग्राउंड की जेन शी ने अपनी बिल्डिंग पांच बार विजिट करने के बाद खरीदारी का फैसला किया और वह भी फिनिशिंग देखने नहीं, बल्कि यह जांचने कि रोज की जिंदगी कैसे चलती है। महिलाएं उस ‘इनविजिबल वैल्यू’ को ज्यादा समझती हैं जो अच्छे सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर से आती है। मियामी के फोर सीजन्स प्राइवेट रेसिडेंस (कीमत 50 करोड़ से शुरू) में चीफ मार्केटिंग ऑफिसर क्रिस्टीन मार्टिनेज डे कास्त्रो कहती हैं, ‘अगर वाइफ को फोर सीजन्स पसंद आ गया, तो बस। फिर कोई बातचीत नहीं होती। ’नंबरों में देखिए महिलाओं की बढ़ती ताकत कैटेगरी – आंकड़ा अमेरिका में सिंगल महिला होमबायर्स – 21% सिंगल पुरुष होमबायर्स – 9% घर की मालकिन सिंगल महिलाएं – 2 करोड़+ घर के मालिक सिंगल पुरुष – 1.4 करोड़ 42 करोड़+नेटवर्थ महिलाओं का लग्जरी होम शेयर – 15% अमीर महिला खरीदार क्या चाहती हैं ? फुल-सर्विस बिल्डिंग – बटलर, कंसियर्ज, हाउसकीपिंग वेलनेस अमेनिटी – स्पा, पूल, योगा सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर – कम्युनिटी स्पेस, एंटरटेनिंग एरिया लॉन्ग-टर्म वैल्यू – जेनरेशनल वेल्थ की सोच प्राइवेसी, सिक्योरिटी – 24/7 सुरक्षा, मैनेज्ड इकोसिस्टम
अमेरिकी हाउसिंग मार्केट में दिलचस्प ट्रेंड:लाइफस्टाइल इकोसिस्टम और जेनरेशनल वेल्थ के लिए प्रॉपर्टी में निवेश कर रहीं महिलाएं

मियामी में 50 करोड़ रुपए का वॉटरफ्रंट अपार्टमेंट हो, न्यूयॉर्क में पेंटहाउस हो या नैशविले में इन्वेस्टमेंट प्रॉपर्टी। अमेरिका के इन टॉप-एंड रियल एस्टेट बाजार में अब एक नया चेहरा दिख रहा है। और यह चेहरा युवा महिलाओं का है। नेशनल एसोसिएशन ऑफ रियल्टर्स के मुताबिक अमेरिका में सिंगल महिला होमबायर्स की हिस्सेदारी 21% है, जबकि सिंगल पुरुष खरीदार महज 9% ही हैं। इतना ही नहीं, सिंगल महिला होमबायर्स में 29 वर्ष की युवतियों की हिस्सेदारी रिकॉर्ड 35% पहुंच गई है। 2 करोड़ से ज्यादा सिंगल महिलाएं अमेरिका में घर की मालकिन हैं। पुरुषों के मामले में यह संख्या 1.4 करोड़ है। जहां बात 40 करोड़ से ऊपर की प्रॉपर्टी की हो, वहां तस्वीर और भी दिलचस्प है। कोल्डवेल बैंकर की रिपोर्ट कहती है कि 50 लाख डॉलर (करीब ~ 48 करोड़) नेटवर्थ वाली महिलाएं 15% लग्जरी घरों की मालकिन हैं। सिर्फ घर नहीं, पूरे ‘लाइफस्टाइल इकोसिस्टम’ पर बढ़ा फोकस मैनहट्टन में प्राइवेट इक्विटी बैकग्राउंड की जेन शी ने अपनी बिल्डिंग पांच बार विजिट करने के बाद खरीदारी का फैसला किया और वह भी फिनिशिंग देखने नहीं, बल्कि यह जांचने कि रोज की जिंदगी कैसे चलती है। महिलाएं उस ‘इनविजिबल वैल्यू’ को ज्यादा समझती हैं जो अच्छे सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर से आती है। मियामी के फोर सीजन्स प्राइवेट रेसिडेंस (कीमत 50 करोड़ से शुरू) में चीफ मार्केटिंग ऑफिसर क्रिस्टीन मार्टिनेज डे कास्त्रो कहती हैं, ‘अगर वाइफ को फोर सीजन्स पसंद आ गया, तो बस। फिर कोई बातचीत नहीं होती। ’नंबरों में देखिए महिलाओं की बढ़ती ताकत कैटेगरी – आंकड़ा अमेरिका में सिंगल महिला होमबायर्स – 21% सिंगल पुरुष होमबायर्स – 9% घर की मालकिन सिंगल महिलाएं – 2 करोड़+ घर के मालिक सिंगल पुरुष – 1.4 करोड़ 42 करोड़+नेटवर्थ महिलाओं का लग्जरी होम शेयर – 15% अमीर महिला खरीदार क्या चाहती हैं ? फुल-सर्विस बिल्डिंग – बटलर, कंसियर्ज, हाउसकीपिंग वेलनेस अमेनिटी – स्पा, पूल, योगा सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर – कम्युनिटी स्पेस, एंटरटेनिंग एरिया लॉन्ग-टर्म वैल्यू – जेनरेशनल वेल्थ की सोच प्राइवेसी, सिक्योरिटी – 24/7 सुरक्षा, मैनेज्ड इकोसिस्टम
Pakistan Squad Australia ODI Series: Babar, Shadab, Naseem Return

Hindi News Sports Pakistan Squad Australia ODI Series: Babar, Shadab, Naseem Return | Rizwan Out स्पोर्ट्स डेस्क17 मिनट पहले कॉपी लिंक बाबर आजम ने अपना आखिरी वनडे 16 नवंबर 2025 को श्रीलंका के खिलाफ खेला था। पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज के लिए 16 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है। टीम में सीनियर बल्लेबाज बाबर आजम, ऑलराउंडर शादाब खान और तेज गेंदबाज नसीम शाह की वापसी हुई है। यह तीनों खिलाड़ी बांग्लादेश दौरे वाली व्हाइट बॉल टीम में शामिल नहीं थे। सीरीज 30 मई से रावलपिंडी में शुरू होगी। शाहीन ही कप्तानी करेंगे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शुक्रवार को टीम का ऐलान किया। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी टीम की कप्तानी करते रहेंगे, जबकि सलमान अली आगा को उपकप्तान बनाया गया है। सीरीज के बाकी दो मुकाबले दो और चार जून को लाहौर में खेले जाएंगे। शाहीन की कप्तानी में पाकिस्तान ने 8 वनडे खेले हैं। टीम को इसमें 5 जीत मिली हैं। बांग्लादेश ने हराया था बांग्लादेश के खिलाफ मार्च में हुई वनडे सीरीज में पाकिस्तान को 2-1 से हार मिली थी। उस दौरे की टीम से मोहम्मद रिजवान, फहीम अशरफ, फैसल अकरम, साद मसूद, मोहम्मद वसीम जूनियर और हुसैन तलात को बाहर कर दिया गया है। वहीं, बाबर आजम, शादाब खान और नसीम शाह की टीम में वापसी हुई है। ओपनर फखर जमान और सैम अयूब चोट के कारण चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। दानियाल-मिन्हास को पहली बार मौका इसी बीच, पाकिस्तान ने दो नए खिलाड़ियों को भी मौका दिया है। तेज गेंदबाज अहमद दानियाल और ऑलराउंडर अराफात मिन्हास को पहली बार ODI टीम में शामिल किया गया है। टेस्ट सीरीज में बांग्लादेश ने क्लीन स्वीप किया इससे पहले, पाकिस्तान टीम को बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 2-0 से हार का सामना करना पड़ा था। यह सीरीज इसी सप्ताह खत्म हुई। पाकिस्तान को हराने के बाद जश्न मनाती बांग्लादेशी टीम। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पाकिस्तान वनडे टीम: शाहीन शाह अफरीदी (कप्तान), सलमान अली आगा (उपकप्तान), अब्दुल समद, अबरार अहमद, अहमद दानियाल, अराफात मिन्हास, बाबर आजम, हारिस रऊफ, माक सादाकत, गाजी घोरी, नसीम शाह, सोहेल नजीर, साहबजादा फरहान, शादाब खान, शामिल हुसैन और सूफियान मुकीम। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
एक्स करण कुंद्रा-तेजस्वी की सगाई के बाद किया क्रिप्टिक पोस्ट:अब अनुषा दांडेकर ने दी सफाई, कहा- मुझे कुछ कहना होता है, तो साफ कहती हूं

एक्ट्रेस, वीजे और सिंगर अनुषा दांडेकर ने हाल ही में अपनी उस पोस्ट पर सफाई दी है, जो उन्होंने एक्स बॉयफ्रेंड करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश की सगाई की खबरों के बीच की थी। उन्होंने साफ किया है कि उनकी क्रिप्टिक पोस्ट का करण-तेजस्वी की सगाई से कोई लेना-देना नहीं था। अनुषा दांडेकर ने आधिकारिक सोशल मीडिया से इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है, “हे भगवान, साफ है कि आपको कुछ पता ही नहीं है, खासकर आर्टिकल्स के बारे में। जब मैं किसी खास चीज के बारे में बात करती हूं, तो मैं साफ कहती हूं। अगर मैं अपनी वजहों से भगवान का शुक्रिया अदा कर रही हूं, तो भी आप उसे उसी बात से जोड़ देते हैं और फिर अपनी ही धारणाओं के आधार पर मुझ पर सवाल उठाते हैं।” आगे अनुशा ने लिखा है, “कमाल है। और जितने भी प्यारे डीएम आए, मैंने सब देखे और मैं सहमत हूं। अब सब लोग मान सकते हैं कि आपने मुझे क्या लिखा था। लव यू ऑल।” अनुषा ने किस पोस्ट पर दी सफाई दरअसल, एक समय में अनुषा दांडेकर और करण कुंद्रा रिलेशनशिप में थे। दोनों ने एमटीवी लव स्कूल भी साथ होस्ट किया था, हालांकि कुछ समय बाद दोनों अलग हो गए। इस दौरान खबरें रहीं कि करण कुंद्रा, अनुषा से कमिटेड नहीं थे। इसके बाद बिग बॉस 15 में करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश की नजदीकियां बढ़ीं और दोनों रिलेशनशिप में आ गए। दोनों पिछले 5 सालों से रिलेशनशिप में हैं। हाल ही में करण कुंद्रा और तेजस्वी की कुछ तस्वीरें वायरल हुई हैं, जिसमें करण, तेजस्वी को शादी के लिए प्रपोज करते दिखे हैं। तस्वीरें वायरल होने के बीच ही अनुषा ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट शेयर कर लिखा, ‘भगवान का शुक्र है। iykyk (अगर आप जानते हैं, तो जान जाएंगे)।’ अनुषा की इस पोस्ट को करण-तेजस्वी की सगाई से जोड़कर देखा जाने लगा। एक वजह ये भी रही कि करण से ब्रेकअप के बाद अनुषा ने उनके खिलाफ कई बयान दिए थे।
पेट्रोल-डीजल पर VAT घटा सकते हैं राज्य:तेलंगाना में सबसे ज्यादा लगता है टैक्स, ₹10 तक एक्साइज ड्यूटी घटा चुका केंद्र

केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर पेट्रोल-डीजल सस्ता करने की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार जल्द ही राज्यों से पेट्रोल और डीजल पर वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) कम करने की अपील कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा शासित 22 राज्यों में वैट में कटौती की पूरी संभावना है। डीजल की कीमतों को नियंत्रित करना प्राथमिकता है, क्योंकि इसका सीधा असर परिवहन, खेती और उद्योग जगत पर पड़ता है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच फिर से तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की बढ़ रही हैं। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड करीब 1.9% बढ़कर $104.52 प्रति बैरल पर पहुंच गया है। ऐसे में बढ़ती महंगाई से लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले महीने ही पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई थी। हालांकि, इसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमत में 3.90 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। सचिवों के समूह ने की ईरान युद्ध के असर पर चर्चा ईरान युद्ध के चलते कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों पर पड़ने वाले असर को लेकर हाल ही में सचिवों के एक अधिकार प्राप्त ग्रुप की बैठक हुई। इस बैठक में चर्चा की गई कि महंगे कच्चे तेल के बोझ को कम करने के लिए वैट में कटौती जरूरी है। केंद्र सरकार ने पिछले महीने ही डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ₹10 प्रति लीटर घटाकर शून्य कर दी थी, जबकि पेट्रोल पर ₹3 की कटौती की गई थी। अब केंद्र चाहता है कि राज्य भी अपनी ओर से टैक्स कम करें। डीजल पर फोकस, क्योंकि इसका सीधा असर महंगाई पर अधिकारियों के मुताबिक, भाजपा शासित राज्य सबसे पहले डीजल पर टैक्स कम करने पर विचार कर सकते हैं। भारत में हर साल करीब 9.47 करोड़ टन डीजल की खपत होती है, जो किसी भी अन्य पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स से कहीं ज्यादा है। पेट्रोल का इस्तेमाल ज्यादातर निजी वाहनों के लिए होता है, लेकिन डीजल का इस्तेमाल ट्रांसपोर्ट, खेती और इंडस्ट्री में होता है। अगर डीजल सस्ता होता है तो माल ढुलाई सस्ती होगी, जिससे रोजमर्रा की चीजों के दाम गिरेंगे। अप्रैल में थोक महंगाई दर 42 महीने के उच्च स्तर 8.3% पर पहुंच गई थी। 2022 का फॉर्मूला फिर दोहराने की तैयारी अगर भाजपा शासित राज्य वैट कम करते हैं, तो यह साल 2022 की स्थिति जैसा होगा। उस समय रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण कच्चे तेल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे। तब भी केंद्र ने एक्साइज ड्यूटी घटाई थी और राज्यों से वैट कम करने को कहा था। वर्तमान में भाजपा और उसके सहयोगी दल देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सत्ता में हैं। भारत में अलग-अलग राज्यों में वैट की दरें 1 से 27% तक लगता हैं। इसमें कटौती होने से तेल की कीमतों में बड़ा अंतर आ सकता है। एक्सपर्ट बोले- जनता के जीवन स्तर को बचाना जरूरी प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य और भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कहा, “ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की कीमतें 50% से ज्यादा बढ़ी हैं, लेकिन भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम सिर्फ 4% के करीब बढ़े हैं। केंद्र ₹10 की एक्साइज ड्यूटी घटा चुका है, अब राज्यों की बारी है। हमें साथ मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि आम नागरिक के जीवन स्तर पर कोई बुरा असर न पड़े। राज्यों को अपने खजाने पर ज्यादा असर डाले बिना यह कदम उठाना चाहिए।” राज्यों की कमाई और तेल कंपनियों का घाटा विपक्ष का पलटवार: ‘कीमतें बढ़ाने की जमीन तैयार हो रही’ दूसरी ओर, कांग्रेस प्रवक्ता रंजीत रंजन ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राज्यों से वैट घटाने के लिए कहना इस बात का संकेत है कि सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक और बड़ी बढ़ोतरी की जमीन तैयार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता था, तब केंद्र ने एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर अपना खजाना भरा और जनता को लाभ नहीं दिया।
Kangana Ranaut Secret Marriage Rumours? Queen 2 Shoot Look

6 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट का हाल ही में एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में कंगना मांग में सिंदूर, गले में मंगलसूत्र और हाथों में हरी चूड़ियां पहने नजर आ रही हैं। वीडियो वायरल होने के बाद फैंस के बीच कंगना के गुपचुप शादी करने की अफवाहें चल रही हैं। हालांकि, यह उनके किसी असल शादी का लुक नहीं है। अब कंगना ने खुद इस अफवाह पर सफाई दी है। कंगना का यह पारंपरिक लुक उनकी आने वाली फिल्म ‘क्वीन 2’ की शूटिंग का हिस्सा है, जिसकी शूटिंग शुरू हो चुकी है। कंगना ने कहा है की वे गुपचुप शादी नहीं करेंगी। कंगना बोलीं- मुझे बहुत सारे फोन कॉल्स आ रहे कंगना ने इन अफवाहों पर स्पष्टीकरण देते हुए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा “मैं हर दिन शहर में और उसके आसपास शूटिंग कर रही हूं, किसी ने कैरेक्टर मेकअप के साथ यह रैंडम तस्वीर क्लिक कर ली और अब मुझे इतने सारे फोन कॉल्स आ रहे हैं , लेकिन शादीशुदा महिला के लुक में ऐसी क्या बड़ी बात है? एक्टर्स हर तरह के रोल निभाते हैं, मैं गुपचुप शादी नहीं करूंगी, मैं वादा करती हूं “ सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कई इंस्टाग्राम पेजेस ने कंगना रनोट का यह वीडियो शेयर किया था। इसमें कंगना पिंक कलर के पारंपरिक सूट में एक शादीशुदा महिला के रूप में दिखाई दे रही हैं। वीडियो के साथ कोई कैप्शन या जानकारी नहीं दी गई थी। इसके बाद इंस्टाग्राम और एक्स पर यूजर्स ने कमेंट करना शुरू कर दिया कि कंगना ने गुपचुप शादी कर ली है। कंगना या उनकी टीम की तरफ से तुरंत कोई सफाई नहीं आने से यह चर्चा इंटरनेट पर और बढ़ गई। डायरेक्टर विकास बहल ने की ‘क्वीन 2’ की पुष्टि फिल्म ‘क्वीन’ के डायरेक्टर विकास बहल ने भी इसके सीक्वल पर काम चलने की बात कही है। हाल ही दिए इंटरव्यू में विकास बहल ने बताया था कि हम पिछले कुछ समय से ‘क्वीन 2’ पर काम कर रहे थे और अब हमारे पास एक ठोस कहानी तैयार है। इस फिल्म की शूटिंग अब शुरू हो चुकी है, जिसके सेट से कंगना का यह लुक सामने आया है। कुछ जगहों पर फिल्म का नाम ‘क्वीन फॉरएवर’ भी बताया जा रहा है। बॉक्स ऑफिस पर कामयाब रही थी क्वीन साल 2014 में रिलीज हुई फिल्म ‘क्वीन’ बॉक्स ऑफिस पर कामयाब रही थी। विकास बहल के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में कंगना रनोट ने ‘रानी मेहरा’ का किरदार निभाया था। फिल्म की कहानी एक ऐसी लड़की की थी, जिसकी शादी टूट जाती है और वह अकेले ही पेरिस और एम्स्टर्डम में अपने हनीमून पर चली जाती है। इस फिल्म में राजकुमार राव और लीजा हेडन ने भी अहम भूमिकाएं निभाई थीं। इस फिल्म के लिए कंगना को काफी तारीफ मिली थी। ——————— ये खबर भी पढ़ें भोपाल सुसाइड केस के बाद कंगना रनोट की सलाह:बोलीं- लड़कियां शादी से पहले करियर को जरूरी समझें, पहले आत्मनिर्भर बनें एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने देश में सामने आ रहे दहेज उत्पीड़न और सुसाइड के मामलों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। भोपाल में एक 33 साल की महिला की संदिग्ध मौत के बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर महिलाओं के लिए एक लंबा पोस्ट लिखा। कंगना ने युवा महिलाओं को सलाह दी है कि वे शादी से पहले अपने करियर और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दें। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔







