भारत ने जम्मू-कश्मीर पर चीन-पाकिस्तान का बयान खारिज किया:कहा- दूसरे देश को टिप्पणी का हक नहीं; चीन ने इतिहास से जुड़ा विवाद बताया था

भारत ने चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के जिक्र को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। भारत ने चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) परियोजनाओं पर भी कड़ी आपत्ति जताई। यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की चीन यात्रा के बाद जारी संयुक्त बयान के जवाब में आया है। इसमें कहा गया था कि पाकिस्तान ने चीन को जम्मू-कश्मीर के हालात की जानकारी दी। इसके बाद चीन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर मुद्दा इतिहास से जुड़ा विवाद है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर, UNSC प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के तहत शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। भारत ने चीन के CPEC का विरोध भी किया विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि CPEC के कुछ प्रोजेक्ट भारत के उस क्षेत्र से गुजरते हैं, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध और जबरन कब्जा कर रखा है। भारत किसी भी ऐसी कोशिश का विरोध करता है, जो पाकिस्तान के कब्जे को मजबूत या वैधता देने की कोशिश करे। भारत ने चीन और पाकिस्तान के बीच कथित ट्रांस-बाउंड्री वाटर रिसोर्सेज कोऑपरेशन पर भी सवाल उठाए और कहा कि दोनों देशों के बीच कोई साझा सीमा नहीं है। भारत ने यह भी दोहराया कि उसने 1963 के चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते को कभी मान्यता नहीं दी। इस समझौते के तहत पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी का इलाका चीन को सौंप दिया था, जिस पर उसने 1948 में अवैध कब्जा किया था। CPEC प्रोजेक्ट में चीन सड़क, पोर्ट, रेल लाइन बनाएगा चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की महत्वाकांक्षी योजना है। इसकी शुरुआत 2013 में की गई थी। इसमें चीन के शिंजियांग प्रांत से पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट तक 60 बिलियन डॉलर (करीब 5 लाख करोड़ रुपए) की लागत से आर्थिक गलियारा बनाया जा रहा है। इसके जरिए चीन की अरब सागर तक पहुंच हो जाएगी। CPEC के तहत चीन सड़क, बंदरगाह, रेलवे और ऊर्जा प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है। भारत को CPEC से एतराज CPEC से चीन को क्या फायदा?
कांग्रेस आलाकमान की मंजूरी के बाद सिद्धारमैया की जगह शिवकुमार बनेंगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री | शीर्ष बिंदु | भारत समाचार

आखरी अपडेट:26 मई, 2026, 23:06 IST सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया 28 मई को पद छोड़ सकते हैं और इसके बाद उन्हें राज्यसभा भेजा जा सकता है। इस फैसले को कांग्रेस आलाकमान के लिए एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जिसे 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की जोरदार जीत के बाद कर्नाटक इकाई के भीतर प्रतिस्पर्धी शक्ति केंद्रों का प्रबंधन करने के लिए महीनों तक संघर्ष करना पड़ा था। (फ़ाइल छवि: एक्स) ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस ने कर्नाटक में अपने लंबे समय से चल रहे नेतृत्व विवाद को आखिरकार सुलझा लिया है, सूत्रों ने संकेत दिया है कि राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में सिद्धारमैया के उत्तराधिकारी के रूप में डीके शिवकुमार को चुना गया है। सूत्रों ने बताया कि सिद्धारमैया 28 मई को पद छोड़ सकते हैं और बाद में उन्हें पार्टी के भीतर व्यापक राजनीतिक संतुलन अभ्यास के हिस्से के रूप में राज्यसभा में भेजा जा सकता है। सीएनएन-न्यूज18. इस फैसले को कांग्रेस आलाकमान के लिए एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जिसे 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की जोरदार जीत के बाद कर्नाटक इकाई के भीतर प्रतिस्पर्धी शक्ति केंद्रों का प्रबंधन करने के लिए महीनों तक संघर्ष करना पड़ा था। कर्नाटक विकास पर शीर्ष बिंदु पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी सहित कांग्रेस आलाकमान ने मंगलवार को नई दिल्ली में सिद्धारमैया और शिवकुमार से मुलाकात की। हालांकि नेतृत्व परिवर्तन से संबंधित कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों ने कहा कि शिवकुमार के लिए रास्ता बनाने के लिए सिद्धारमैया इस सप्ताह के अंत में इस्तीफा दे देंगे। विभिन्न जाति और क्षेत्रीय समीकरणों को समायोजित करने के लिए, कांग्रेस नए मंत्रिमंडल में कई उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति की संभावना भी तलाश रही है। सूत्रों ने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था में दलित, अल्पसंख्यक, लिंगायत और ओबीसी समुदायों के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं, हालांकि फॉर्मूले पर चर्चा प्रारंभिक चरण में है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि दिल्ली की बैठक केवल आगामी राज्यसभा और कर्नाटक विधान परिषद चुनावों पर केंद्रित थी। वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, “आप लोग जो भी अटकलें लगा रहे हैं वह केवल अटकलें हैं; कोई वास्तविकता नहीं है।” सार्वजनिक इनकार के बावजूद, सूत्रों ने कहा कि राहुल गांधी ने परिवर्तन योजना को आगे बढ़ाने के लिए व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप किया और जोर दिया कि सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों को एक साथ काम करना चाहिए। सूत्रों ने कहा कि राहुल गांधी ने बताया कि “उनकी बात माननी होगी”, जबकि सिद्धारमैया ने परिवर्तन प्रस्ताव का दृढ़ता से विरोध नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया को आश्वासन दिया गया कि प्रमुख मंत्रियों के चयन और कर्नाटक में भविष्य के राजनीतिक ढांचे को आकार देने में उनकी भूमिका बनी रहेगी। सिद्धारमैया अपने कैबिनेट सहयोगियों के लिए गुरुवार सुबह नाश्ते पर बैठक की मेजबानी कर सकते हैं। कर्नाटक में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव की तैयारियों के साथ-साथ नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। राज्य में खाली होने वाली चार राज्यसभा सीटों में से कांग्रेस को तीन पर आसानी से जीत मिलने की उम्मीद है, जबकि भाजपा को एक सीट मिलने की संभावना है। मल्लिकार्जुन खड़गे का राज्यसभा का कार्यकाल जून में खत्म हो रहा है और उनके कर्नाटक से दोबारा चुने जाने की उम्मीद है. पार्टी राज्यसभा की एक सीट के लिए शिवकुमार के भाई डीके सुरेश को एक महिला उम्मीदवार या एक ओबीसी उम्मीदवार के साथ मैदान में उतारने पर भी विचार कर रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया कांग्रेस आलाकमान की मंजूरी के बाद सिद्धारमैया की जगह शिवकुमार बनेंगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री | शीर्ष बिंदु अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
Afghanistan Squad India Tour | Rashid Out, Omerzai Returns; Match in Chandigarh

Hindi News Sports Afghanistan Squad India Tour | Rashid Out, Omerzai Returns; Match In Chandigarh स्पोर्ट्स डेस्क3 मिनट पहले कॉपी लिंक राशीद खान ने अफगानिस्तान के लिए आखिरी टेस्ट जुलाई 2025 में खेला था। अफगानिस्तान ने भारत दौरे के लिए टेस्ट और वनडे टीम का ऐलान कर दिया है। भारत के खिलाफ 6 जून से न्यू चंडीगढ़ में होने वाले इकलौते टेस्ट मैच के लिए सेदीकुल्लाह अटल, रहमत शाह और ऑलराउंडर अजमतुल्लाह ओमरजई की टीम में वापसी हुई है। वहीं स्पिनर राशिद खान टेस्ट टीम से बाहर हो गए हैं। हश्मतुल्लाह शाहिदी कप्तानी करेंगे हश्मतुल्लाह शाहिदी की कप्तानी वाली 15 सदस्यीय टेस्ट टीम में अटल और ओमरजई को जगह मिली है। दोनों खिलाड़ियों ने अब तक सिर्फ एक-एक टेस्ट खेला है, जो उन्होंने 2024 में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला था। अनुभवी बल्लेबाज रहमत शाह भी टीम में लौटे हैं। उन्होंने अफगानिस्तान के 12 में से 11 टेस्ट खेले हैं और पिछला जिम्बाब्वे टेस्ट मिस किया था। हश्मतुल्लाह शाहिदी टेस्ट और वनडे दोनों टीम की कप्तानी करेंगे। राशिद खान बाहर हेड कोच रिचर्ड पाइबस ने हाल ही में राशिद खान को लंबी अवधि की फिटनेस को प्राथमिकता देने की सलाह दी थी। इसी वजह से राशिद एक बार फिर टेस्ट टीम में शामिल नहीं किए गए। उनकी गैरमौजूदगी में कायस अहमद स्पिन अटैक की अगुआई करते दिख सकते हैं। उनके साथ शराफुद्दीन अशरफ और नांगेयालिया खारोटे स्पिन विभाग संभालेंगे। न्यू चंडीगढ़ में 6 से 10 जून तक होगा इकलौता टेस्ट भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मुकाबला न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज होगी, जिसकी शुरुआत 14 जून से धर्मशाला में होगी। वनडे टीम में फरीद मलिक की वापसी तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए चुनी गई टीम काफी हद तक उसी स्क्वॉड जैसी है जिसने पिछले साल बांग्लादेश का क्लीन स्वीप किया किया था। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज फरीद मलिक की वापसी हुई है। उन्होंने आखिरी वनडे 2024 में खेला था। भारत के खिलाफ अफगानी टीम टेस्ट स्क्वॉड: हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अब्दुल मलिक, सेदीकुल्लाह अटल, रहमत शाह, रहमानुल्लाह गुरबाज, रहमानुल्लाह जादरान, अफसर जजई, इकराम अलीखिल, अजमतुल्लाह ओमरजई, शराफुद्दीन अशरफ, नांगेयालिया खारोटे, कायस अहमद, बिलाल सामी, जिया शरीफी, सलीम सफी। वनडे स्क्वॉड: हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान, सेदीकुल्लाह अटल, दरविश रसूली, रहमत शाह, इकराम अलीखिल, मोहम्मद नबी, अजमतुल्लाह ओमरजई, राशिद खान, नांगेयालिया खारोटे, अल्लाह गजनफर, जिया उर रहमान, फरीद मलिक, बिलाल सामी। ईशान की 3 साल बाद वापसी 19 जून को भारतीय टीम का ऐलान हुआ था। वनडे टीम में ईशान किशन की 3 साल बाद वापसी हुई थी। उन्होंने आखिरी वनडे 11 अक्टूबर 2023 को अफगानिस्तान के खिलाफ ही दिल्ली में खेला था। रोहित शर्मा और विराट कोहली भी टीम में शामिल हैं। जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा को दोनों टीमों से आराम दिया गया है। प्रिंस यादव समेत 4 खिलाड़ी पहली बार भारतीय टीम में शामिल किए गए । प्रिंस को वनडे और मानव सुथार को टेस्ट टीम में जगह मिली है। गुरनूर बरार और हर्ष दुबे को दोनों टीमों में शामिल किया गया है। वनडे टीम में रोहित शर्मा, विराट कोहली और ईशान किशन शामिल हैं। अफगानिस्तान दौरे के लिए भारतीय टीम टेस्ट टीम- शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत, देवदत्त पडिक्कल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार, गुरनूर बरार, हर्ष दुबे और ध्रुव जुरेल। वनडे टीम- शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल, ईशान किशन, हार्दिक पंड्या, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बरार और हर्ष दुबे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के शुक्रवार तक इस्तीफा देने की संभावना, राज्यसभा सीट सुनिश्चित: सूत्र | भारत समाचार

आखरी अपडेट:26 मई, 2026, 21:15 IST न्यूज18 कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के शुक्रवार तक इस्तीफा देने की संभावना, राज्यसभा सीट सुनिश्चित: सूत्र चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के शुक्रवार तक इस्तीफा देने की संभावना, राज्यसभा सीट सुनिश्चित: सूत्र अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
Sunny Deol & Pooja Deol Spotted At Mumbai Airport; Actor Asks Paparazzi For Space

5 मिनट पहले कॉपी लिंक अभिनेता सनी देओल अपनी पत्नी पूजा देओल के साथ मंगलवार को मुंबई एयरपोर्ट पर नजर आए। दोनों को बहुत कम मौकों पर एक साथ देखा जाता है। इससे पहले कपल को 2023 में उनके बेटे करण देओल की शादी में एक साथ देखा गया था। एयरपोर्ट पर सनी देओल अपनी पत्नी के लिए इंतजार करते और उन्हें सम्मान के साथ आगे जाने का रास्ता देते दिखे। इस दौरान पैपराजी लगातार दोनों की फोटो क्लिक कर रहे थे। यह देख सनी देओल ने पैपराजी से कहा ‘थोड़ी देर के लिए तो छोड़ दो यार’। एयरपोर्ट पर दिखा जेंटलमैन अंदाज मुंबई एयरपोर्ट से सामने आए वीडियो में सनी देओल ऑलिव ग्रीन शर्ट, ब्लू जींस, सफेद स्नीकर्स और काले चश्मे में नजर आए। उनके हाथ में एक छोटा ट्रैवल बैग भी था। वहीं उनकी पत्नी पूजा देओल ने बेज रंग की शर्ट और ब्लैक पैंट पहनी हुई थी। एयरपोर्ट पर गाड़ी से उतरने के बाद सनी देओल तेजी से आगे बढ़े, लेकिन सिक्योरिटी गेट पर पहुंचकर वे रुक गए। उन्होंने वहां खड़े होकर उन्होंने अपनी पत्नी पूजा का इंतजार किया। जब पूजा वहां पहुंचीं, तो सनी ने उन्हें पहले आगे जाने का रास्ता दिया। हमेशा अपनी प्राइवेसी बनाए रखता है कपल सनी देओल और पूजा देओल अपनी निजी जिंदगी को लाइमलाइट से दूर रखने के लिए जाने जाते हैं। दोनों की शादी 1980 के दशक में हुई थी। यह वह समय था जब सनी देओल फिल्म इंडस्ट्री के बड़े सुपरस्टार नहीं बने थे। पति की इतनी बड़ी कामयाबी और स्टारडम के बावजूद पूजा देओल ने हमेशा मीडिया से दूरी बनाए रखी। वे किसी भी फिल्मी पार्टी या इवेंट में नजर नहीं आती हैं। इससे पहले कपल को 2023 में उनके बेटे करण देओल की शादी में एक साथ देखा गया था। लाइमलाइट दूर रहती हैं देओल परिवार की महिलाएं देओल परिवार में केवल पूजा ही नहीं, बल्कि घर की अन्य महिलाएं भी जानबूझकर लाइमलाइट से दूर रहती हैं। दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर भी सालों से मीडिया और पब्लिक इवेंट्स से एक दूरी बनाकर रखती हैं। इसी तरह सनी देओल की दोनों बहनें विजेता देओल और अजिता देओल भी पूरी तरह से अपनी प्राइवेट लाइफ जीती हैं। उन्हें भी कभी फिल्मी गलियारों या पब्लिक प्लेटफॉर्म पर नहीं देखा जाता है। सनी देओल की दोनों बहनें विजेता देओल और अजिता देओल। इन फिल्मों में दिखेंगे सनी देओल अगर वर्क फ्रंट की बात करें तो सनी देओल इन दिनों अपनी कई बड़ी फिल्मों की तैयारी में लगे हैं। वे जल्द ही फिल्म ‘लाहौर 1947’ में नजर आएंगे, जिसे आमिर खान प्रोड्यूस कर रहे हैं और राजकुमार संतोषी डायरेक्ट कर रहे हैं। इसके अलावा वे नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ और एक्शन फिल्म ‘गबरू’ का भी हिस्सा हैं। फिल्म ‘गदर 2’ की बड़ी सफलता के बाद सनी देओल के पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं, जिनकी शूटिंग आने वाले दिनों में पूरी होगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
सैम ऑल्टमैन बोले- AI से नौकरी जाने का खतरा नहीं:रोजगार में इंसानी हिस्सा बदलना नामुमकिन; शुरुआती डर गलत साबित हुआ

ओपन-AI के CEO सैम ऑल्टमैन ने मंगलवार को सिडनी में कहा कि AI की तेज ग्रोथ और इस्तेमाल से दुनिया में जॉब्स एपोकैलिप्स यानी नौकरियों का संकट नहीं आएगा। उन्होंने माना कि तकनीक ने उतने व्हाइट कॉलर जॉब्स खत्म नहीं किए हैं, जितने का उन्हें पहले डर था। ऑल्टमैन ने कहा- मैं गलत साबित होने पर खुश हूं कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (CBA) की एक कॉन्फ्रेंस में वर्चुअली शामिल हुए सैम ऑल्टमैन ने कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। CBA के चीफ एग्जीक्यूटिव मैट कॉम्यन को दिए इंटरव्यू में ऑल्टमैन ने कहा कि शुरुआत में वह ग्लोबल एम्प्लॉयमेंट लेवल पर AI के प्रभाव को लेकर चिंतित थे। उन्होंने कहा कि जब 2022 में चैटजीपीटी लॉन्च हुआ था, तब ओपन-AI ने जो तकनीकी भविष्यवाणियां की थीं, वे लगभग सही साबित हुईं। लेकिन, इसके सोशल और इकोनॉमिक प्रभावों को लेकर वे काफी गलत थे। ऑल्टमैन ने कहा कि वे इस बात पर गलत साबित होने के लिए बहुत खुश हैं। एंट्री-लेवल व्हाइट कॉलर जॉब्स पर नहीं पड़ा असर ऑल्टमैन ने कहा कि उन्हें लगता था कि अब तक एंट्री-लेवल की व्हाइट कॉलर नौकरियां खत्म हो चुकी होंगी, लेकिन असल में ऐसा नहीं हुआ। अब वे बेहतर तरीके से समझ पा रहे हैं कि ऐसा क्यों नहीं हुआ। वे इसके लिए आभारी हैं, क्योंकि पुरानी आशंकाएं अब गलत साबित हो चुकी हैं। उन्होंने आगे कहा कि लोग उनसे कह रहे हैं कि आप दुनिया को इस डर और चिंता से बचा सकते थे। लेकिन उस समय मुझे यह एक वास्तविक जोखिम लगा, जिसके बारे में बात करना जरूरी था। उन्होंने यह भी कहा कि आगे चलकर यह जोखिम अभी भी सामने आ सकता है। कंपनियों में AI से बदलाव जारी, ओपन-AI ला सकती है IPO हालांकि ऑल्टमैन ने नौकरियों से जुड़े कोई सटीक आंकड़े नहीं दिए, लेकिन वे पहले भी AI के बढ़ने से इंडस्ट्री में छंटनी की संभावना जता चुके हैं। दुनिया की कई बड़ी कंपनियां जैसे HSBC, अमेजन, स्टैंडर्ड चार्टर्ड और CBA पहले ही घोषणा कर चुकी हैं कि उनके यहां कुछ नौकरियों को AI से बदला जा रहा है। इसी बीच रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ओपन-AI आने वाले हफ्तों में अमेरिका में IPO (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) लॉन्च करने के लिए तैयारी कर रही है। अक्टूबर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी 1 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यूएशन का टारगेट रख सकती है और कम से कम 60 बिलियन डॉलर जुटा सकती है। रोजगार में इंसानी हिस्सा बदलना नामुमकिन ऑल्टमैन ने बताया कि उन्हें इस बात का अहसास हो चुका है कि भले ही AI कई इंडस्ट्री और नौकरियों में एक्टिव भूमिका निभा रहा है, लेकिन रोजगार का एक इंसानी हिस्सा ऐसा है जिसे कभी बदला नहीं जा सकता। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि वे स्लैक और ईमेल मैसेज का जवाब देने के लिए AI का इस्तेमाल कर रहे थे, लेकिन बाद में वे खुद जवाब देने लगे। खुद के उदाहरण से समझी इंसानी बातचीत की अहमियत ऑल्टमैन ने बताया कि जब उन्होंने AI से मैसेज का जवाब दिलवाना शुरू किया, तो वह ‘यह सैम का AI है’ लिखकर जवाब देता था। यह उनके लिए एक बड़ा उदाहरण था कि हम सच में लोगों की परवाह करते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के साथ बातचीत करना उनके समय का एक बड़ा हिस्सा है। वे आने वाले समय में इसे AI को सौंपने के बारे में सोच भी नहीं सकते। इस अहसास ने उन्हें यह विश्वास दिलाया कि नौकरियों में आवश्यक मानवीय बातचीत को AI कभी रिप्लेस नहीं कर पाएगा। सैम ने कहा कि सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही तरीकों से यह साफ है कि नौकरियों की तस्वीर हमारी सोच से काफी अलग होने वाली है। उन्हें नहीं लगता कि नौकरियों का कोई ऐसा महासंकट आएगा, जैसा कि इस सेक्टर की कुछ कंपनियां दावा करती हैं। क्या है जॉब्स एपोकैलिप्स? यह वह स्थिति होती है, जिसके तहत यह आशंका जताई जा रही थी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन के आने से पूरी दुनिया में बड़े पैमाने पर इंसानी नौकरियां खत्म हो जाएंगी और एक गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। हालांकि, अब एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI नौकरियां पूरी तरह खत्म करने के बजाय काम करने के तरीकों को बदल रहा है। ये खबर भी पढ़ें… CNG ₹2 तक महंगी, दिल्ली में कीमत ₹83.09 किलो: इस महीने चौथी बार दाम बढ़े, अब तक ₹6 इजाफा ईरान जंग के बीच कंप्रेस्ड नेचुरल गैस यानी CNG के दाम पिछले दो हफ्तों के भीतर चौथी बार बढ़ गए हैं। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने आज मंगलवार 26 मई को CNG ₹2 प्रति किलोग्राम महंगी कर दी है। दिल्ली-NCR सहित कई शहरों में ये दाम बढ़ाए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
UPSC 194 Vacancies | Rajasthan Teacher Jobs

17 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी UPSC ने 194 पदों पर निकाली भर्ती, राजस्थान में 121 टीचर की भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 जून से शुरू होगी। साथ में JKSSB ने 130 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. UPSC ने 194 पदों पर निकाली भर्ती, फीस 25 रुपए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में ग्रुप A और ग्रुप B के 194 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के माध्यम से DGCA, PESO, डाक विभाग, IMD, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, रक्षा मंत्रालय, MSME मंत्रालय सहित कई विभागों में भर्ती की जाएगी। उम्मीदवार यूपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : एयरवर्दीनेस ऑफिसर : फिजिक्स/मैथ/विमान रखरखाव में ग्रेजुएशन या इंजीनियरिंग + AME लाइसेंस डिप्टी कंट्रोलर ऑफ एक्सप्लोसिव : केमिकल इंजीनियरिंग डिग्री / केमिस्ट्री में एमएससी मैनेजर (मेल मोटर सर्विस): मैकेनिकल/ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग बी टेक जूनियर टेक्निकल ऑफिसर : ऑयल टेक्नोलॉजी बीटेक/बीई या शुगर टेक पीजी डिप्लोमा जूनियर टेक्निकल ऑफिसर (केमिकल इंजीनियरिंग): केमिकल इंजीनियरिंग में मास्टर साइंटिफिक ऑफिसर : फिजिक्स पीजी, मैकेनिकल, मैटलर्जी डिग्री डिप्टी सुपरिटेंडिंग आर्कियोलॉजिकल इंजीनियर : सिविल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री एसोसिएट प्रोफेसर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग : बीई, बीटेक, एम टेक, पीएचडी लेक्चरर (परशियन लैंग्वेज): परशियन में पीजी लेक्चरर (तिब्बेतन लैंग्वेज): तिब्बती भाषा में पीजी साइंटिस्ट बी (एटमॉस्फेरिक साइंस): संबंधित विषय में पीजी साइंटिस्ट बी (जनरल मीटिरियोलॉजी): संबंधित क्षेत्र में पीजी साइंटिस्ट बी (इंस्ट्रूमेंटेशन): इलेक्ट्रॉनिक्स, सीएस, मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिग्री डिप्टी डायरेक्टर (सिविल इंजीनियरिंग): सिविल इंजीनियरिंग डिग्री, पीजी जॉइंट असिस्टेंट डायरेक्टर : बीटेक, बीई, बीएससी असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर : संबंधित क्षेत्र में बैचलर डिग्री डिप्टी डायरेक्टर ऑफ माइन्स सेफ्टी : माइनिंग इंजीनियरिंग में डिग्री असिस्टेंट डायरेक्टर ग्रेड – 1 (IEDS) (Chemical) : संबंधित क्षेत्र में मास्टर डिग्री एज लिमिट : पद के अनुसार, अधिकतम 30 – 48 साल सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम इंटरव्यू मेडिकल एग्जाम फीस : जनरल, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस (पुरुष) : 25 रुपए एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी, महिला : नि:शुल्क सैलरी: लेवल – 7 से लेवल – 13 के अनुसार ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं। होम पेज पर दिए गए वन टाइम रजिस्ट्रेशन टैब पर क्लिक करें। मोबाइल नंबर, मेल आईडी आदि दर्ज कर रजिस्ट्रेशन करें। मांगे गए डाक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट कर दें। ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 2. राजस्थान में 121 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 1 जून से शुरू आवेदन RPSC ने 1st ग्रेड शिक्षक (स्पेशल एजुकेशन) के 121 पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवारों को RPSC की ऑफिशियल वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in पर जाकर आवेदन करना होगा। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से इंग्लिश, हिंदी, इतिहास, पॉलिटिकल साइंस, सोशियोलॉजी और म्यूजिक में पोस्ट ग्रेजुएशन। इसी के साथ बीएड (स्पेशल एजुकेशन) या बीएड +2 साल का डिप्लोमा (स्पेशल एजुकेशन) हिंदी लैंग्वेज और राजस्थानी कल्चर की जानकारी होनी चाहिए। एज लिमिट : न्यूनतम : 21 साल अधिकतम : 40 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। सैलरी : 44,300 – 1,40,100 रूपए प्रतिमाह अन्य अलाउंस का लाभ भी मिलेगा। सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन फाइनल मेरिट लिस्ट मेडिकल एग्जाम एग्जाम सिलेबस : टीचिंग मैथडोलॉजी स्पेशल एजुकेशन कॉन्सेप्ट राजस्थान जनरल नॉलेज करेंट अफेयर्स एजुकेशनल साइकोलॉजी फीस : जनरल/बीसी/ईबीसी (CL)/और अन्य स्टेट के कैंडिडेट्स : 600 रुपए बीसी/ईबीसी/ईडब्ल्यूएस/ (एनसीएल) : 400 रुपए करेक्शन फीस- 500 रुपए क्वालिफाइंग मार्क्स : सामान्य : न्यूनतम 40% एससी, एसटी : न्यूनतम 35% ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in पर जाएं। आवेदन से पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) प्रोसेस पूरी करें। “1st Grade Teacher (Special Education) Recruitment 2026” पर क्लिक करें। जरूरी डिटेल्स दर्ज करके फॉर्म भरें। मांगे गए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट करें। आगे की जरूरत के लिए प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 3. JKSSB ने 130 भर्ती का नोटिफिकेशन किया जारी, 22 जून से आवेदन शुरू जम्मू और कश्मीर सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (JKSSB) की ओर से 130 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए आवेदन की शुरुआत 22 जून से होगी। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट jkssb.nic.in जाकर आवेदन कर सकेंगे। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : पद के अनुसार 10वीं पास, आईटीआई की डिग्री, डिप्लोमा, ग्रेजुएट, संबंधित क्षेत्र में डिग्री। इन पदों पर होगी भर्ती : इलेक्ट्रिशियन प्लंबर लैबोरेटरी असिस्टेंट लाइब्रेरी असिस्टेंट कंप्यूटर असिस्टेंट जूनियर ग्रेडर मशीन मैन बाइंडर हेड वीवर प्रेस मैकेनिक रेफ्रिजरेटर मैकेनिक हॉर्टिकल्चर टेक्नीशियन सैलरी : 19,900 – 1,13,500 रुपए प्रतिमाह एज लिमिट : अधिकतम 40 साल सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन/ओएमआर बेस्ड एग्जाम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जाम फीस : सामान्य, ओबीसी, आरबीए, एएलसी और आईबी (पुरुष उम्मीदवार) : 600 रुपए एससी, एसटी-1, एसटी-2, ईडब्ल्यूएस, पीडब्ल्यूबीडी : 500 रुपए जरूरी डॉक्यूमेंट्स : उम्मीदवार का आधार कार्ड उम्मीदवार का पैन कार्ड 10वीं की मार्कशीट निवास प्रमाण पत्र जाति प्रमाण पत्र आय प्रमाण पत्र मोबाइल नंबर पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ आदि ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट jkssb.nic.in पर जाएं। होम पेज पर भर्ती से संबंधित लिंक पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन करके अन्य डिटेल्स दर्ज करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट करें। फॉर्म का एक प्रिंटआउट निकालकर रख लें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 4. गुजरात मेट्रो में 383 पदों पर निकली भर्ती, लास्ट डेट 28 मई गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन में 300 से ज्यादा पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए फीस जमा करने की आखिरी तारीख 31 मई तय की गई है। इस भर्ती की जॉब लोकेशन अहमदाबाद और सूरत है। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : स्टेशन कंट्रोलर, ट्रेन ऑपरेटर, जूनियर इंजीनियर : संबंधित क्षेत्र में इंजीनियरिंग डिग्री या डिप्लोमा। मेंटेनर : 10वीं पास, 2 साल की आईटीआई डिग्री एज लिमिट : स्टेशन कंट्रोलर, ट्रेन ऑपरेटर, जूनियर इंजीनियर : 18 – 28 साल मेंटेनर : 18–25 साल फीस : अनरिजर्व (पुरुष): 600 रुपए एससी, एसटी, एसईबीसी, ईडब्ल्यूएस, महिला, एक्स सर्विसमैन : 300 रुपए सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम साइको एप्टीट्यूड टेस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जाम जरूरी डॉक्यूमेंट्स : शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र पहचान पत्र जाति प्रमाण पत्र निवास प्रमाण पत्र जन्म तिथि प्रमाण पत्र पासपोर्ट साइज फोटो रोजगार कार्यालय का
उत्तराखंड में 'पे एंड प्ले' से खुलेंगे गेम्स स्टेडियम:100 रुपए में स्विमिंग, 250 में शूटिंग; इंटरनेशनल-नेशनल खिलाड़ियों के लिए फ्री

उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेल-2025 के लिए तैयार किए गए विश्वस्तरीय स्टेडियम और खेल मैदान अब आम खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए भी उपलब्ध होंगे। राज्य सरकार ने इन सुविधाओं को ‘पे एंड प्ले’ व्यवस्था के तहत संचालित करने का फैसला किया है । विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा ने इसके लिए विस्तृत शासनादेश और फीस स्ट्रक्चर जारी कर दिया है । नई व्यवस्था के तहत देहरादून स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रजत जयंती खेल परिसर, परेड ग्राउंड के साथ-साथ हल्द्वानी, रुद्रपुर और हरिद्वार के स्टेडियमों का उपयोग निर्धारित शुल्क देकर किया जा सकेगा । इस व्यवस्था से जहां एक तरफ खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी, वहीं खेल विभाग को भी नियमित राजस्व प्राप्त होगा, जिसे ‘खेल विकास निधि’ में जमा किया जाएगा । प्रतिभा निखारने का केंद्र बनेंगे स्टेडियम खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि उत्तराखंड ने राष्ट्रीय खेलों के दौरान विश्वस्तरीय खेल अवस्थापना तैयार की थी। सरकार का उद्देश्य इन सुविधाओं को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि इन्हें खिलाड़ियों के नियमित प्रशिक्षण और प्रतिभा निखारने का केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा कि अब खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। किस खेल के लिए कितनी देनी होगी फीस? शासनादेश में खेलों के लिए प्रति घंटा किराया और मासिक सदस्यता शुल्क तय किया गया है । बुकिंग ‘यूनिफाइड स्पोर्ट्स पोर्टल’ के माध्यम से ऑनलाइन की जा सकेगी। जिसमें शूटिंग के लिए 250 रुपए प्रति घंटा और 5,000 रुपए मासिक है। स्विमिंग के लिए 100 रुपए प्रति घंटा और 2,000 रुपए मासिक है। बैडमिंटन के प्रति कोर्ट के लिए 150 रुपए प्रति घंटा और 2,500 रुपए मासिक है। टेबल टेनिस की प्रति टेबल के लिए 100 रुपए प्रति घंटा और 2,000 रुपए मासिक है। लॉन टेनिस/पिकलबॉल के लिए 250 रुपए प्रति घंटा और 3,000 रुपए मासिक है। स्क्वैश के प्रति कोर्ट के लिए 300 रुपए प्रति घंटा और 6,000 रुपए मासिक है। आइस स्पोर्ट्स में स्केट्स के साथ 500 रुपए प्रति घंटा और 10,000 रुपए मासिक है। जिम्नास्टिक कोच के साथ 2,000 रुपए मासिक है। क्रिकेट ग्राउंड का किराया 3,000 रुपए प्रति घंटा है लेकिन इसमें मासिक सुविधा नहीं है। फुटबॉल और हॉकी फील्ड का किराया क्रमशः 3,000 रुपए और 2,000 रुपए प्रति घंटा है। खिलाड़ियों को इन सुविधाओं के साथ चेंजिंग रूम, वॉशरूम और आधुनिक उपकरणों का लाभ भी मिलेगा। रजत जयंती खेल क्लब की मेंबरशिप भी शुरू देहरादून के विश्वस्तरीय राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम कैंपस में स्थित ‘रजत जयंती खेल क्लब’ के लिए सरकार ने प्रीमियम मेंबरशिप मॉडल भी पेश किया है। इसमें चार टियर रखे गए हैं। सिल्वर मेंबरशिप के लिए 1,50,000 रुपए सालाना है, जिसमें जिम, एथलेटिक्स ट्रैक, बिलियर्ड्स के अलावा किन्हीं 2 खेलों का एक्सेस है। गोल्ड मेंबरशिप 2,00,000 रुपए सालाना है, जिसमें किन्हीं 4 खेलों का एक्सेस है। प्लैटिनम मेंबरशिप 2,50,000 रुपए सालाना है, जिसमें सभी खेल सुविधाओं और सौना का एक्सेस है। एलीट फैमिली मेंबरशिप का चार्ज 7,00,000 रुपए सालाना जिसमें 4 सदस्यों के लिए सभी सुविधाएं और 100 गेस्ट पास हैं। इन खिलाड़ियों को मिलेगी बिल्कुल फ्री एंट्री सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीटों और उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने वाले राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को सत्यापन के बाद इन खेल सुविधाओं में निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा भविष्य में ग्रामीण और युवा प्रतिभाओं को पहचानने के लिए ‘स्काउटिंग प्रोग्राम’ भी चलाए जाएंगे । स्कूल और कॉर्पोरेट आयोजनों पर मिलेगी छूट अगर कोई स्कूल या शिक्षण संस्थान खेल प्रतियोगिताओं के लिए स्टेडियम बुक करता है, तो उसे 30% की छूट मिलेगी। वहीं, सरकारी विभागों को 40%, स्पोर्ट्स फेडरेशन को 50% और कॉर्पोरेट इवेंट्स के लिए 20% तक का डिस्काउंट दिया जाएगा। प्राइवेट इंडिविजुअल बुकिंग पर कोई छूट नहीं मिलेगी
Tata Sons Board Meet Mumbai: IPO, Future Strategy Discussed

मुंबई11 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई के बॉम्बे हाउस में आज यानी 26 मई को टाटा संस की एक बेहद अहम और हाई-प्रोफाइल बोर्ड मीटिंग हुई। ANI के अनुसार रतन टाटा के निधन के बाद हुई इस पहली बड़ी बैठक में समूह के नए कॉर्पोरेट गवर्नेंस ब्लूप्रिंट और फ्यूचर स्ट्रेटेजी पर डिटेल में चर्चा की गई। बैठक में टाटा संस के IPO लाने के विवादित मुद्दे के साथ-साथ अनलिस्टेड कंपनियों के परफॉर्मेंस की भी समीक्षा की गई। नोएल टाटा और चंद्रशेखरन समेत सभी 6 बोर्ड मेंबर्स रहे मौजूद इस महत्वपूर्ण बैठक में टाटा संस के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सभी 6 सदस्य शामिल हुए। इनमें टाटा संस के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन, वाइस चेयरमैन और टाटा ट्रस्ट्स के प्रमुख नोएल टाटा और नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर वेणु श्रीनिवासन मौजूद थे। इनके अलावा एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और ग्रुप सीएफओ (CFO) सौरभ अग्रवाल के साथ इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स हरीश मनवानी और अनिता मारंगोली जॉर्ज भी बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन मुंबई में टाटा संस ग्रुप की बैठक में शामिल होने के बाद बॉम्बे हाउस से बाहर निकलते हुए। टाटा संस का IPO लाने पर हुई चर्चा बोर्ड मीटिंग का सबसे मुख्य एजेंडा टाटा संस की लिस्टिंग और IPO का मामला रहा। टाटा संस को लेकर लंबे समय से यह बहस चल रही है कि कंपनी को शेयर बाजार में लिस्ट कराया जाना चाहिए या नहीं। आरबीआई के नियमों से बचने के लिए कंपनी चुका चुकी है कर्ज RBI के अपर-लेयर एनबीएफसी (NBFC) नियमों के मुताबिक, कुछ कंपनियों के लिए शेयर बाजार में लिस्ट होना जरूरी होता है। टाटा संस ने इन रेगुलेटरी नियमों से बचने के लिए अपने ऊपर के कर्ज को पूरी तरह चुका दिया था, ताकि उसे जरूरी रूप से लिस्ट न होना पड़े। हालांकि, टाटा ट्रस्ट्स के कुछ गुटों और बड़े शेयरधारकों का मानना है कि कंपनी का IPO आना चाहिए। उनका तर्क है कि इससे मार्केट वैल्यूएशन का सही पता चलेगा और डिविडेंड स्ट्रीम में भी स्थिरता आएगी। बैठक के बाद डायरेक्टर्स ने साधी चुप्पी बॉम्बे हाउस मुख्यालय से बाहर निकलने के बाद बैठक में शामिल हुए सभी डायरेक्टर्स और मेंबर्स ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। बोर्ड मीटिंग में क्या फैसले लिए गए या किस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, इस पर किसी भी सदस्य ने कमेंट करने से साफ इनकार कर दिया। कंपनी इस पूरे मामले को पूरी तरह गोपनीय रख रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
गर्लफ्रेंड को सैकड़ों पुरुषों से संबंध बनाने को किया मजबूर:पीड़िता बोली- 487 लोगों के बाद गिनती भूल गई, दोषी को 25 साल की सजा

फ्रांस की एक अदालत ने 51 साल के बैंक मैनेजर को गर्लफ्रेंड के साथ 7 साल तक क्रूर शारीरिक और मानसिक अत्याचार करने के मामले में 25 साल जेल की सजा सुनाई गई है। उस पर आरोप था कि उसने अपनी पार्टनर को सालों तक मानसिक दबाव, हिंसा और जबरन यौन शोषण का शिकार बनाया। 42 साल की पीड़िता का नाम लेटेसिया आर है। उसने मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में कहा कि बैंककर्मी गिलौम बुची ने सेक्स गेम रिश्ते का बहाना बनाकर उन्हें धीरे-धीरे अपने कंट्रोल में लिया और फिर देह व्यापार में धकेल दिया। वह उन्हें अपने दोस्तों, सहकर्मियों और अजनबियों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था और ग्राहकों की सूची भी बनवाता था। लेटेसिया ने कहा, “मैंने 487 पुरुषों के बाद गिनती करना बंद कर दिया था। इनमें कुछ लोग ऐसे थे जिनसे मुझे कई बार मिलना पड़ा।” बेटी के जन्म के एक ही दिन बाद रेप लेटिसिया ने बताया कि यह सिलसिला 2015 में क्रिसमस के समय शुरू हुआ। तब बुची ने उसे हाईवे के पास एक सर्विस स्टेशन पर दूसरे व्यक्ति के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। लेटिसिया ने कहा कि शुरुआत में उसे लगा था कि यह सिर्फ हल्के-फुल्के सेक्स गेम्स होंगे, जैसे बांधना या थप्पड़ मारना, लेकिन बाद में यह यौन हिंसा में बदल गया। जब उसका यौन शोषण हो रहा होता था तो कई बार आरोपी फोन पर ये सब सुनता रहता था। पीड़िता ने बताया कि 2017 में बेटी के जन्म के बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने के अगले ही दिन उसे एक ट्रक ड्राइवर के साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। महिला चार बच्चों की मां है। हालांकि रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि उसके कितने बच्चे आरोपी के साथ संबंध के दौरान उसके साथ रह रहे थे। जान से मारने की धमकी देता था बुची सुनवाई के दौरान बुची ने गला दबाने, शरीर जलाने और पशुओं से जुड़े यौन कृत्यों जैसे कई काम स्वीकार किए, लेकिन उसने दावा किया कि यह सब आपसी सहमति से हो रहा था। उसने अदालत में कहा कि उसे नहीं लगता था कि वह अपनी पार्टनर को नुकसान पहुंचा रहा है। हालांकि सरकारी वकील ने कोर्ट में ऐसे मैसेज और वॉइस रिकॉर्डिंग पेश किए जिनमें बुची महिला को आदेश न मानने पर जान से मारने की धमकी देता दिखा। इससे साबित हुआ कि महिला दबाव और डर में यह सब करने को मजबूर थी। अभियोजकों ने कहा कि बुची से दूसरी महिलाओं को भी खतरा हो सकता है, इसलिए उसके लिए उम्रकैद की मांग की गई थी। लेकिन अदालत ने उसे 25 साल जेल की सजा सुनाई और कहा कि उसे कम से कम दो-तिहाई सजा काटने के बाद ही पैरोल के लिए आवेदन करने का अधिकार मिलेगा। फ्रांस के चर्चित केस से मिली हिम्मत लेटिसिया ने यह मुकदमा बंद कमरे में चलाने की मांग को ठुकरा दिया। उसने कहा कि उसे अपनी कहानी सार्वजनिक करने की प्रेरणा गिसेल पेलिकॉट नाम की महिला से मिली। पेलिकॉट वही महिला हैं, जिनके पति ने कथित तौर पर उन्हें नशीला पदार्थ देकर अजनबियों से रेप करवाया था। वह मामला 2024 में पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना था। पेलिकोट ने अपने साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले की खुली सुनवाई की मांग की थी और बाद में वह फ्रांस में महिला अधिकारों की प्रतीक बन गईं। हालांकि इस मामले में एक बड़ा फर्क यह था कि बुची महिला को बेहोश नहीं करता था, बल्कि पूरी तरह होश में रखकर अत्याचार करता था।







