Friday, 10 Jul 2026 | 03:12 PM

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मुख्यमंत्री से केंद्रीय मंत्री तक के सफर पर शिवराज चौहान ने लिखा, नरेंद्र मोदी के पास मेरे लिए योजना तैयार थी राजनीति समाचार

US Secretary of State Marco Rubio stressed that Quad cooperation continues beyond formal meetings.

आखरी अपडेट:26 मई, 2026, 17:04 IST अपनी नई किताब, ‘अपनापन-नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ में, चौहान कहते हैं कि बीजेपी ने मध्य प्रदेश के सीएम के रूप में एक नया चेहरा लाने का फैसला किया और उन्होंने इस फैसले को स्वीकार कर लिया। मध्य प्रदेश में एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री से लेकर दिल्ली में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री बनने तक चौहान की यात्रा का वर्णन उन्होंने पुस्तक में किया है। फ़ाइल छवि “शिवराज, समय निकालो और दिल्ली आओ; मैं तुमसे बात करना चाहता हूं” – यही बात प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में शिवराज सिंह चौहान से उस दिन कही थी जब मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। 2023 के विधानसभा चुनावों में भाजपा की बड़ी जीत के बाद यादव द्वारा प्रतिस्थापित किए जाने से पहले चौहान 18 साल तक मुख्यमंत्री रहे थे। अपनी नई किताब, “अपनापन-नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव” में चौहान कहते हैं कि भाजपा ने सीएम के रूप में एक नया चेहरा लाने का फैसला किया और उन्होंने इस फैसले को स्वीकार कर लिया। “9 जून, 2024 को, मैंने कृषि और ग्रामीण विकास विभाग के साथ केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। उस पल, मुझे एहसास हुआ कि जब पीएम मोदी ने कुछ महीने पहले भोपाल में शपथ ग्रहण समारोह में मुझसे ये शब्द कहे थे, तो उनके पास पहले से ही मेरे लिए एक योजना थी। जबकि मीडिया का ध्यान स्वाभाविक रूप से नए सीएम पर केंद्रित था, मोदी ने मेरे लिए पहले से ही एक योजना बनाई थी, “चौहान ने मंगलवार को जारी अपनी पुस्तक में लिखा है। मध्य प्रदेश में एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री से लेकर दिल्ली में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री बनने तक चौहान की यात्रा का वर्णन उन्होंने पुस्तक में किया है। चौहान लिखते हैं, “जिस दिन नए सीएम (मोहन यादव) का नाम प्रस्तावित किया गया, मैं मन ही मन संतुष्ट था। उस समय यह अहसास हो सकता था कि मेरे मुख्यमंत्री रहते हुए इतनी बड़ी जीत हुई और फिर भी मुझे सीएम नहीं बनाया गया। लेकिन ऐसा समय ही पार्टी कार्यकर्ता की असली परीक्षा होती है। शायद उस समय दुखी होना स्वाभाविक होता, लेकिन मेरे माता-पिता की सीख और मेरी पार्टी की दिशा के कारण मुझ पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।” “हमारी पार्टी की नींव अनुशासन और त्याग है। मैं किसी पद पर टिके रहने में विश्वास नहीं रखता; पार्टी मुझसे जो भी काम करवाना चाहे मैं करने के लिए तैयार हूं।” चौहान ने कहा कि उस समय उन्होंने कसम खाई थी कि वह 2024 के आम चुनावों में पार्टी को मध्य प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटें जीतने में मदद करेंगे। “मैंने अगले छह महीनों तक इस पर एक मिशन की तरह काम किया। मैं उन निर्वाचन क्षेत्रों में गया जहां हम पहले कभी नहीं जीते थे, जैसे छिंदवाड़ा, जो कभी एक परिवार का गढ़ माना जाता था। अंततः, हमारी स्ट्राइक रेट 100% थी – हमने मध्य प्रदेश में सभी 29 सीटें जीतीं,” वे लिखते हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना समाचार राजनीति मुख्यमंत्री से केंद्रीय मंत्री तक के सफर पर शिवराज चौहान ने लिखा, नरेंद्र मोदी ने मेरे लिए योजना तैयार रखी थी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

एक दिन में शूट हुआ अक्षय के साथ सॉन्ग:भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह से फिल्म के इंट्रो सॉन्ग को लेकर खास बातचीत

एक दिन में शूट हुआ अक्षय के साथ सॉन्ग:भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह से फिल्म के इंट्रो सॉन्ग को लेकर खास बातचीत

हिंदी और साउथ के मेनस्ट्रीम मेकर्स भोजपुरी एक्टर्स और सिंगर्स के साथ लगातार कोलैब कर रहें हैं। अब ‘वेलकम टू द जंगल’ के लिए भी अक्षय ने अक्षरा सिंह के साथ एक गाना किया है। अक्षरा फिल्म के एक खास इंट्रो सॉन्ग में अक्षय के साथ थिरकती दिखेंगी। उनसे हुई खास बातचीत… ‘वेलकम टू द जंगल’ का यह ऑफर आपके पास कैसे आया? इस फिल्म का ऑफर सीधे मशहूर कोरियोग्राफर गणेश आचार्य की तरफ से आया। मास्टर जी से मेरी बातचीत हमेशा होती रही है, लेकिन काफी समय पहले हम लोगों ने एक शो के दौरान साथ में काम किया था। उस वक्त उन्होंने स्टेज पर मेरा लाइव परफॉर्मेंस देखा था। मास्टर जी के जेहन में मेरा वो परफॉर्मेंस और मेरा हुनर हमेशा रहा। एक दिन अचानक उनका कॉल आया और उन्होंने कहा…‘अक्षरा, एक बहुत बड़ा गाना है अक्षय कुमार के साथ और वे लोग इसे तुम्हारे साथ करने के लिए उत्सुक हैं। आपका पहला रिएक्शन क्या था? मेरा पहला रिएक्शन तो यही था- ‘अरे बाप रे!’ मेरे मन में तुरंत यह ख्याल आया कि बॉलीवुड की इतनी बड़ी फिल्म के मेकर्स और खुद अक्षय सर ने ऐसा कैसे सोचा? पूरी भोजपुरी इंडस्ट्री में से उन्होंने सिर्फ और सिर्फ मुझे ही क्यों चुना? मैंने अपनी यह दुविधा तुरंत मास्टर जी के सामने रख दी। इस पर उन्होंने जो मुझसे कहा, उसने मेरा हौसला सातवें आसमान पर पहुंचा दिया। उन्होंने कहा…’अक्षरा, तुम्हें खुद अंदाजा नहीं है कि तुम क्या हो!’ बस फिर क्या था मैं तुरंत इस गाने के लिए तैयार हो गई। आपके इस गाने के फ्लेवर क्या है? यह कोई हिप-हॉप सॉन्ग नहीं है। यह फिल्म का इंट्रो सॉन्ग है, जो कहानी और किरदारों को दर्शकों से रूबरू कराएगा। यह पूरी तरह से एक कमर्शियल, कलरफुल और धमाकेदार सेटअप पर फिल्माया गया है। इसमें आपको बॉलीवुड का वो आइकॉनिक और एवरग्रीन ‘सरकाई लो खटिया जाड़ा लगे’ वाला असली देसी फ्लेवर देखने को मिलेगा। बैकग्राउंड से लेकर डांस मूव्स तक, सब कुछ बेहद पेप्पी है। शूटिंग के दौरान ब्रेक्स में अक्षय कुमार के साथ आपकी क्या बातचीत हुईं? अक्षय कुमार सर के साथ काम करने का अनुभव मैं जिंदगी भर नहीं भूल सकती। सेट पर जाने से पहले मेरे मन में थोड़ा डर था कि इतने बड़े सुपरस्टार हैं, पता नहीं कैसे बिहेव करेंगे? लेकिन जब उनसे मिली तो महसूस हुआ कि वे बेहद डाउन-टू-अर्थ इंसान हैं। उन्होंने मुझसे बहुत गर्मजोशी से मुलाकात की और कहा…‘अक्षरा, तुम कितनी सुंदर हो, कब से इंडस्ट्री में काम कर रही हो?’ यह सुनकर मैं बेहद खुश हुई। सिर्फ अक्षय सर ही नहीं, बल्कि सेट पर मौजूद हर किसी ने मेरे काम की तारीफ की। अक्षय सर ने कई बार मुझसे पूछा कि तुम्हें यह गाना कैसा लग रहा है? उन्होंने कहा कि मैं बहुत अच्छा काम करती हूं और इतने सालों से भोजपुरी सिनेमा को संभाल रही हूं, यह काबिले तारीफ है। उनके जैसे बड़े स्टार से इतनी इज्जत और प्यार मिलना मेरे लिए किसी अवॉर्ड से कम नहीं है। इस गाने की शूटिंग में कितने दिनों का समय लगा? शॉकिंग है कि पूरे गाने की शूटिंग को सिर्फ और सिर्फ एक ही दिन में पूरा कर लिया गया। जी हां, पूरा काम एक दिन के शेड्यूल में ही सिमट गया था। हम लोग सुबह-सुबह ही सेट पर पहुंच गए थे। गणेश आचार्य जी की सबसे बड़ी खूबी यही है कि उनकी टेकिंग और काम करने की रफ्तार बहुत तेज और अलग है। सुबह की शिफ्ट से शुरू करके रात के करीब 9:10 बजे तक हम लोगों ने पूरा गाना शूट कर लिया था। सेट पर गाने की शूटिंग के समय कोई दिलचस्प किस्सा हुआ? इस गाने की पहले शुरुआती लाइन्स थी- ‘हमार लागल बा दिलवा प्लेबॉय से…’। पहले इस लाइन के आगे ही राइमिंग बिठाने के लिए एक मशहूर साबुन ब्रांड का नाम इस्तेमाल हो रहा था, लेकिन शूटिंग के आखिरी पलों में मेकर्स और मास्टर जी को लगा कि किसी ब्रांड का नाम सीधे इस्तेमाल करना शायद ठीक नहीं होगा, इसलिए लास्ट मिनट पर उसे चेंज कर दिया। हालांकि गाना सुनने में अब भी उतना ही मजेदार है। भोजपुरी और बॉलीवुड के काम करने के तरीके में क्या अंतर महसूस किया? एक एक्टर के तौर पर हम हर दिन, हर सेट पर कुछ न कुछ नया सीखते हैं। बॉलीवुड के इस सेट पर जो तकनीकी बारीकियां मैंने देखीं, वे मेरे लिए बेहद नया अनुभव थीं। भोजपुरी में हम पहले पूरा गाना या सीन शूट कर लेते हैं, फिर वह फुटेज एडिटिंग टेबल पर जाती है और लगभग 15-20 दिनों के बाद हमें अपना काम देखने को मिलता है। ‘वेलकम टू द जंगल’ के सेट पर तकनीक का एक अलग ही लेवल था। वहां ऑन-द-स्पॉट ‘शॉट चेक’ और एडिटिंग की सुविधा थी। मास्टर जी गाना शूट कर रहे थे और मॉनिटर पर शॉट तुरंत एडिट हो रहा था।

एक दिन में शूट हुआ अक्षय के साथ सॉन्ग:भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह से फिल्म के इंट्रो सॉन्ग को लेकर खास बातचीत

एक दिन में शूट हुआ अक्षय के साथ सॉन्ग:भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह से फिल्म के इंट्रो सॉन्ग को लेकर खास बातचीत

हिंदी और साउथ के मेनस्ट्रीम मेकर्स भोजपुरी एक्टर्स और सिंगर्स के साथ लगातार कोलैब कर रहें हैं। अब ‘वेलकम टू द जंगल’ के लिए भी अक्षय ने अक्षरा सिंह के साथ एक गाना किया है। अक्षरा फिल्म के एक खास इंट्रो सॉन्ग में अक्षय के साथ थिरकती दिखेंगी। उनसे हुई खास बातचीत… ‘वेलकम टू द जंगल’ का यह ऑफर आपके पास कैसे आया? इस फिल्म का ऑफर सीधे मशहूर कोरियोग्राफर गणेश आचार्य की तरफ से आया। मास्टर जी से मेरी बातचीत हमेशा होती रही है, लेकिन काफी समय पहले हम लोगों ने एक शो के दौरान साथ में काम किया था। उस वक्त उन्होंने स्टेज पर मेरा लाइव परफॉर्मेंस देखा था। मास्टर जी के जेहन में मेरा वो परफॉर्मेंस और मेरा हुनर हमेशा रहा। एक दिन अचानक उनका कॉल आया और उन्होंने कहा…‘अक्षरा, एक बहुत बड़ा गाना है अक्षय कुमार के साथ और वे लोग इसे तुम्हारे साथ करने के लिए उत्सुक हैं। आपका पहला रिएक्शन क्या था? मेरा पहला रिएक्शन तो यही था- ‘अरे बाप रे!’ मेरे मन में तुरंत यह ख्याल आया कि बॉलीवुड की इतनी बड़ी फिल्म के मेकर्स और खुद अक्षय सर ने ऐसा कैसे सोचा? पूरी भोजपुरी इंडस्ट्री में से उन्होंने सिर्फ और सिर्फ मुझे ही क्यों चुना? मैंने अपनी यह दुविधा तुरंत मास्टर जी के सामने रख दी। इस पर उन्होंने जो मुझसे कहा, उसने मेरा हौसला सातवें आसमान पर पहुंचा दिया। उन्होंने कहा…’अक्षरा, तुम्हें खुद अंदाजा नहीं है कि तुम क्या हो!’ बस फिर क्या था मैं तुरंत इस गाने के लिए तैयार हो गई। आपके इस गाने के फ्लेवर क्या है? यह कोई हिप-हॉप सॉन्ग नहीं है। यह फिल्म का इंट्रो सॉन्ग है, जो कहानी और किरदारों को दर्शकों से रूबरू कराएगा। यह पूरी तरह से एक कमर्शियल, कलरफुल और धमाकेदार सेटअप पर फिल्माया गया है। इसमें आपको बॉलीवुड का वो आइकॉनिक और एवरग्रीन ‘सरकाई लो खटिया जाड़ा लगे’ वाला असली देसी फ्लेवर देखने को मिलेगा। बैकग्राउंड से लेकर डांस मूव्स तक, सब कुछ बेहद पेप्पी है। शूटिंग के दौरान ब्रेक्स में अक्षय कुमार के साथ आपकी क्या बातचीत हुईं? अक्षय कुमार सर के साथ काम करने का अनुभव मैं जिंदगी भर नहीं भूल सकती। सेट पर जाने से पहले मेरे मन में थोड़ा डर था कि इतने बड़े सुपरस्टार हैं, पता नहीं कैसे बिहेव करेंगे? लेकिन जब उनसे मिली तो महसूस हुआ कि वे बेहद डाउन-टू-अर्थ इंसान हैं। उन्होंने मुझसे बहुत गर्मजोशी से मुलाकात की और कहा…‘अक्षरा, तुम कितनी सुंदर हो, कब से इंडस्ट्री में काम कर रही हो?’ यह सुनकर मैं बेहद खुश हुई। सिर्फ अक्षय सर ही नहीं, बल्कि सेट पर मौजूद हर किसी ने मेरे काम की तारीफ की। अक्षय सर ने कई बार मुझसे पूछा कि तुम्हें यह गाना कैसा लग रहा है? उन्होंने कहा कि मैं बहुत अच्छा काम करती हूं और इतने सालों से भोजपुरी सिनेमा को संभाल रही हूं, यह काबिले तारीफ है। उनके जैसे बड़े स्टार से इतनी इज्जत और प्यार मिलना मेरे लिए किसी अवॉर्ड से कम नहीं है। इस गाने की शूटिंग में कितने दिनों का समय लगा? शॉकिंग है कि पूरे गाने की शूटिंग को सिर्फ और सिर्फ एक ही दिन में पूरा कर लिया गया। जी हां, पूरा काम एक दिन के शेड्यूल में ही सिमट गया था। हम लोग सुबह-सुबह ही सेट पर पहुंच गए थे। गणेश आचार्य जी की सबसे बड़ी खूबी यही है कि उनकी टेकिंग और काम करने की रफ्तार बहुत तेज और अलग है। सुबह की शिफ्ट से शुरू करके रात के करीब 9:10 बजे तक हम लोगों ने पूरा गाना शूट कर लिया था। सेट पर गाने की शूटिंग के समय कोई दिलचस्प किस्सा हुआ? इस गाने की पहले शुरुआती लाइन्स थी- ‘हमार लागल बा दिलवा प्लेबॉय से…’। पहले इस लाइन के आगे ही राइमिंग बिठाने के लिए एक मशहूर साबुन ब्रांड का नाम इस्तेमाल हो रहा था, लेकिन शूटिंग के आखिरी पलों में मेकर्स और मास्टर जी को लगा कि किसी ब्रांड का नाम सीधे इस्तेमाल करना शायद ठीक नहीं होगा, इसलिए लास्ट मिनट पर उसे चेंज कर दिया। हालांकि गाना सुनने में अब भी उतना ही मजेदार है। भोजपुरी और बॉलीवुड के काम करने के तरीके में क्या अंतर महसूस किया? एक एक्टर के तौर पर हम हर दिन, हर सेट पर कुछ न कुछ नया सीखते हैं। बॉलीवुड के इस सेट पर जो तकनीकी बारीकियां मैंने देखीं, वे मेरे लिए बेहद नया अनुभव थीं। भोजपुरी में हम पहले पूरा गाना या सीन शूट कर लेते हैं, फिर वह फुटेज एडिटिंग टेबल पर जाती है और लगभग 15-20 दिनों के बाद हमें अपना काम देखने को मिलता है। ‘वेलकम टू द जंगल’ के सेट पर तकनीक का एक अलग ही लेवल था। वहां ऑन-द-स्पॉट ‘शॉट चेक’ और एडिटिंग की सुविधा थी। मास्टर जी गाना शूट कर रहे थे और मॉनिटर पर शॉट तुरंत एडिट हो रहा था।

ईपीएस नेतृत्व में दरार के कारण पार्टी छोड़ने के बाद एआईएडीएमके का चौथा दलबदलू विजय की टीवीके में शामिल हो गया | भारत समाचार

US Secretary of State Marco Rubio stressed that Quad cooperation continues beyond formal meetings.

आखरी अपडेट:26 मई, 2026, 16:44 IST ऐसा सी वे षणमुगम के विद्रोही खेमे के तीन विधायकों द्वारा पार्टी छोड़कर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की टीवीके पार्टी में शामिल होने के बाद हुआ। अंबासमुद्रम विधायक एसाक्की सुबया (फेसबुक) अंबासमुद्रम के विधायक एसाक्की सुबया, जिन्होंने मंगलवार को अन्नाद्रमुक से अपना इस्तीफा दे दिया, औपचारिक रूप से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के नेतृत्व वाले तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) में शामिल हो गए, दो दिनों में पार्टी में शामिल होने वाले चौथे बागी अन्नाद्रमुक विधायक बन गए। सुब्बैया विधायक पद से अपना इस्तीफा सौंपने के लिए स्पीकर जेसीडी प्रभाकर से मिलने पहुंचे। वह उन 25 अन्नाद्रमुक विधायकों में से थे, जिन्होंने पहले पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया था और 13 मई के विश्वास मत के दौरान टीवीके सरकार का समर्थन किया था, जिससे पार्टी के भीतर गहरी दरारें उजागर हुईं। इससे पहले सोमवार को शनमुगम के बागी खेमे के तीन विधायकों ने पार्टी छोड़कर विजय खेमे में शामिल हो गए थे। अन्नाद्रमुक विधायक के मारागथम, डी जयकुमार और वी सत्यबामा ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया और सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल हो गए। अधिक विवरण जोड़े जाने हैं. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ईपीएस नेतृत्व में दरार के कारण पार्टी छोड़ने के बाद एआईएडीएमके का चौथा दलबदलू विजय की टीवीके में शामिल हो गया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)अंबासमुद्रम विधायक इसाक्की सुब्बैया(टी)एआईएडीएमके इस्तीफा(टी)तमिलगा वेट्री कड़गम(टी)टीवीके जोसेफ विजय(टी)विद्रोही एआईएडीएमके विधायक(टी)तमिलनाडु की राजनीति(टी)विश्वास मत 13 मई(टी)सत्तारूढ़ टीवीके सरकार

ग्रीन कार्ड आवेदन से पहले मूल देश लौटना होगा‎:अमेरिकी सरकार की नई नीतियों से मुश्किल में हजारों इमिग्रेंट्स

ग्रीन कार्ड आवेदन से पहले मूल देश लौटना होगा‎:अमेरिकी सरकार की नई नीतियों से मुश्किल में हजारों इमिग्रेंट्स

अमेरिकी सरकार की नई नीति ने हजारों ‎इमिग्रेंट्स को मुश्किल में फंसा दिया है। हाल ही में ‎सिटीजनशिप और इमिग्रेशन सर्विसेस एजेंसी ने‎ कहा है कि ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले‎ लोगों को पहले अपने मूल देश लौटना पड़ेगा। अब‎ आवेदक और इमिग्रेशन वकील समझने की कोशिश कर रहे हैं कि बदलाव से स्थायी निवास‎ की स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ेगा। एजेंसी का कहना ‎है कि केवल असाधारण परिस्थितियों में ही‎ अमेरिका में पहले से रह रहे लोगों को परमानेंट‎ रेसीडेंस की मंजूरी दी जाएगी। अमेरिका में स्थायी‎ तौर पर बसने के इच्छुक किसी अन्य व्यक्ति को‎ अपने गृह देश में अमेरिकन कौन्सुलेट में आवेदन‎ करना पड़ेगा।‎ इमिग्रेशन वकील चार्ल्स कुक ने कहा कि ‎बदलाव उन लोगों के लिए खासतौर से चिंताजनक है, जिन्होंने अमेरिकी नागरिकों से शादी की है और‎ वे स्थायी निवास चाहते हैं। ऐसे इमिग्रेंट्स को ग्रीन‎कार्ड लेने से पहले अपने इमिग्रेशन दर्जे को तय करने की जरूरत रहती है और आमतौर पर वे‎ अमेरिका में रहते हुए ऐसे मामलों को निपटा लेते‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎ हैं। कुक कहते हैं, यह इमिग्रेशन की गति धीमी‎ करने और इमिग्रेशन को इतना जटिल और‎ असुविधाजनक बनाने का प्रयास है कि आप‎ अपने देश लौट जाएं।‎ नेशनल इमिग्रेशन लॉ सेंटर में कानूनी रणनीति‎ के वाइस प्रेसिडेंट एफरेन ओलिवरेस का कहना है,‎ नई नीति का उद्देश्य ग्रीन कार्ड प्रक्रिया को‎ अस्त-व्यस्त करना है। ग्रीन कार्ड प्रक्रिया पूरी होने‎ तक अधिकतर आवेदकों को अपने परिवारों के‎ साथ अमेरिका में रहने की अनुमति है, लेकिन अब‎ देश में बने रहना अपवाद होगा। ओलिवरेस कहते‎ हैं, पहले कई बार डिपोर्ट किए जा चुके या गंभीर ‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎आपराधिक इतिहास जैसी असाधारण परिस्थितियों‎ में किसी को अपने देश से आवेदन के लिए कहा‎ जाता था।‎ कार्रवाई के भय से नाम न छापने की शर्त पर‎ कुछ इमिग्रेंट्स ने कहा कि वे भ्रमित और चिंतित हैं ‎कि इस बदलाव का उनके या उनके पार्टनर के‎ आवेदनों के लिए क्या मतलब होगा। इमिग्रेंट्स की‎ मदद करने वाले एक गैर लाभकारी संगठन‎ इमिग्रेशन प्रैक्टिस के मैनेजिंग डायरेक्टर कार्ला‎ ओस्टोलेजा कहते हैं, इस परिवर्तन का असर तुरंत‎ तो नहीं लेकिन बहुत ज्यादा महसूस किया जाएगा।‎ 2024 में 14 लाख लोगों को ग्नीन ‎कार्ड मिला इमिग्रेशन वकीलों और उनके समर्थक संगठनों‎ का कहना है कि नए नियमों से ग्रीन कार्ड‎ आवेदन कम होंगे। 2024 में 14 लाख ग्रीन ‎कार्ड जारी किए गए थे। कार्ड पाने वाले आठ‎ लाख से अधिक लोग अमेरिका में पहले से हैं‎ और प्रक्रिया के तहत उनका इमिग्रेशन दर्जा ‎बदला गया है।‎

गुल्लक के पैसे भेजने वाले बच्चों से मिले राजपाल यादव:गिफ्ट लेने से मना किया; शाहजहांपुर में बोले- इनका प्यार मेरे लिए अनमोल

गुल्लक के पैसे भेजने वाले बच्चों से मिले राजपाल यादव:गिफ्ट लेने से मना किया; शाहजहांपुर में बोले- इनका प्यार मेरे लिए अनमोल

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने गुल्लक से रुपए निकालकर भेजने वाले शाहजहांपुर के बच्चों से मुलाकात की। इस दौरान राजपाल यादव भावुक नजर आए। बच्चे भी बहुत खुश थे। राजपाल यादव ने बच्चों के साथ फोटो भी खिंचवाईं। उन बेंचों पर भी बैठे, जहां बच्चे बैठकर पढ़ाई करते हैं। बच्चों ने राजपाल को तोहफा दिया, तो वह कहने लगे कि हमें गिफ्ट नहीं चाहिए। हम आपके लिए गिफ्ट लेकर आएंगे। राजपाल ने अपने जेल में बिताए समय को भी याद किया। कहा- वह ऐसा समय था, जब इन बच्चों का ‘भाव’ देखने को मिला था। इस स्नेह की कीमत अमूल्य है। जल्द ही बच्चों के इस भाव को लौटाएंगे। बच्चों के साथ आधा घंटा रहे राजपाल यादव राजपाल यादव मंगलवार दोपहर साढ़े 3 बजे गुरुकुल सेवा ट्रस्ट कोचिंग पहुंचे। यहां करीब आधा घंटा रहे। गुरुकुल सेवा ट्रस्ट के संचालक कुमार सागर ने उनका वेलकम किया। बच्चे भी अपने फेवरेट अभिनेता को देखकर खुशी से झूम उठे। ग्रीटिंग कार्ड और शोपीस गिफ्ट किया राजपाल ने बच्चों के साथ फोटो खिंचवाई। बच्चों ने उन्हें अपने हाथ से बनाए ग्रीटिंग कार्ड और शोपीस गिफ्ट किए। जिन्हें देखकर राजपाल ने बच्चों की खूब तारीफ की। उन्हें थैंक्यू बोला। कहा- हमें आपसे गिफ्ट नहीं चाहिए। अब हम आपसे लगातार मिलते रहेंगे और आपके लिए गिफ्ट लेकर आएंगे। करीब 4 बजे राजपाल सभी को बाय बोलते हुए वहां से निकल गए। बच्चों से उन्होंने फिर आने का वादा भी किया। राजपाल बोले- मेरा पूरा जीवन ही बच्चों का है राजपाल यादव ने कहा- बच्चों के प्रति मेरा लगाव हमेशा से खास रहा है। वो ऐसा समय था (जेल जाने के दौरान का), जब बच्चों का भाव मेरे पास आया था। मेरा पूरा जीवन ही बच्चों का है। मुझे बच्चे हमेशा से बहुत प्यारे रहे हैं। ये हमारे शाहजहांपुर के बच्चे हैं। इनका जो स्नेह मिला, उसकी कोई कीमत नहीं है। कोशिश करेंगे कि इस प्यार को कैसे लौटाएं, यह अभी बताना नहीं चाहेंगे, लेकिन ये बच्चे हमारे अपने हैं। बच्चों की शिक्षा के लिए कुछ करना सौभाग्य उन्होंने बताया- इस कोचिंग में 60 बच्चे निशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। सभी आसपास के क्षेत्रों से आते हैं। बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल रही है। शिक्षा को लेकर मेरा पूरा जीवन मिशन की तरह रहा है। बच्चों की शिक्षा के लिए कुछ कर पाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। हर बच्चा मेरे दिल के करीब राजपाल यादव ने कहा- एक-एक बच्चा मेरे दिल के बेहद करीब है। शाहजहांपुर के कटिया टोला में मेरा पहला स्कूल सरदार पटेल स्कूल था। इसके बाद राजकीय इंटर कॉलेज और ऑर्डिनेंस क्लोदिंग फैक्ट्री में हमने 2 साल तक अप्रेंटिसशिप की। स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय से पत्राचार से बीए किया। शाहजहांपुर की एक-एक गली में मैं पैदल घूम चुका हूं। इन बच्चों के लिए मेरा पूरा जीवन कुर्बान है। उन्होंने शाहजहांपुर को शहीदों, शिक्षा और प्यार-मोहब्बत की नगरी बताते हुए कहा कि इस शहर से उनका विशेष जुड़ाव है। अब जानिए क्यों जेल गए थे राजपाल यादव ————————- ये खबर भी पढ़िए- लखनऊ में तूफान, 7 जिलों में आंधी-बारिश, सैकड़ों पेड़-पोल उखड़े, घरों की टंकियां उड़ीं; 2 दिन बाद पूरे प्रदेश में बारिश का अलर्ट यूपी में नौतपा में मौसम बदल गया है। सोमवार को दिनभर भीषण गर्मी और लू से लोग बेहाल रहे। देर रात आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई। लखनऊ में 90 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफान आया। बदायूं, अयोध्या, उन्नाव, बस्ती, गोंडा, संभल और सीतापुर में आंधी के साथ बारिश हुई। बस्ती-गोंडा में पेड़-पोल उखड़ गए। सीतापुर में दीवार गिरने से महिला की मौत हो गई। पूरी खबर पढ़िए

Actor Ramakant Dayma Passes Away at 69

Actor Ramakant Dayma Passes Away at 69

8 मिनट पहले कॉपी लिंक टीवी और फिल्म अभिनेता रमाकांत दायमा का मंगलवार, 26 मई को निधन हो गया। वे 69 साल के थे और पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की जानकारी उनकी सह-कलाकार एक्ट्रेस शुभांगी लटकर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी है। रमाकांत दायमा ने ‘चक दे इंडिया’, ‘राम सेतु’ और ‘स्कैम 1992’ जैसी मशहूर फिल्मों और वेब सीरीज में अभिनय किया था। उनके निधन की खबर के बाद फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने दुख जताया है। अभिनेता रमाकांत दायमा का निधन 69 साल की उम्र में हुआ। को स्टार शुभांगी लटकर ने शेयर किया वीडियो एक्ट्रेस शुभांगी लटकर ने सोशल मीडिया पर रमाकांत दायमा के निधन की पुष्टि की है। उन्होंने रमाकांत का एक पुराना वीडियो शेयर किया, जिसमें वे डांस और एक्टिंग करते नजर आ रहे हैं। शुभांगी ने उनके साथ बिताए पलों को याद करते हुए एक लंबा नोट भी लिखा। उन्होंने बताया कि रमाकांत दायमा केवल एक अच्छे दोस्त ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के करीबी सदस्य और गाइड भी थे। वे ऊर्जा से भरपूर थे और हर चुनौती का सामना हंसकर करना जानते थे। अधूरे रह गए साथ काम करने के सपने शुभांगी ने अपनी पोस्ट में बताया कि वे रमाकांत के साथ दोबारा काम करना चाहती थीं। दोनों ने मिलकर एक हिंदी नाटक और मंच पर कविताएं पेश करने की प्लानिंग की थी। जब शुभांगी ने उनसे इसके लिए कहा था, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा था कि पहले मुझे जल्दी ठीक होने दो। लंबे समय से बीमार होने के बावजूद उनके ठीक होने की उम्मीद थी, लेकिन अब यह सपना अधूरा रह गया। मौत की वजह का खुलासा नहीं रमाकांत दायमा का जन्म 13 सितंबर 1956 को हुआ था। वे पिछले कई महीनों से गंभीर रूप से बीमार थे, लेकिन उनके निधन की असल वजह का अभी तक पूरी तरह से पता नहीं चल पाया है। फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों और करीबियों ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। रमाकांत दायमा ‘राम सेतु’, ‘ब्रदर्स’ और ‘चक दे इंडिया’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं। फिल्मों और टीवी में रहा लंबा सफर रमाकांत दायमा ने अपने करियर में कई यादगार किरदार निभाए। उन्होंने शाहरुख खान की मुख्य भूमिका वाली सुपरहिट फिल्म ‘चक दे इंडिया’ में काम किया था। इसके अलावा वे अक्षय कुमार की फिल्म ‘राम सेतु’, सिद्धार्थ मल्होत्रा की ‘ब्रदर्स’ और हंसल मेहता की मशहूर वेब सीरीज ‘स्कैम 1992: द हर्षद मेहता स्टोरी’ में भी अहम किरदारों में नजर आए थे। वे छोटे कद के होने के बावजूद अपनी मजबूत एक्टिंग से दर्शकों के बीच पहचान बनाने में सफल रहे थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Actor Ramakant Dayma Passes Away at 69

Actor Ramakant Dayma Passes Away at 69

26 मिनट पहले कॉपी लिंक टीवी और फिल्म अभिनेता रमाकांत दायमा का मंगलवार, 26 मई को निधन हो गया। वे 69 साल के थे और पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की जानकारी उनकी सह-कलाकार एक्ट्रेस शुभांगी लटकर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी है। रमाकांत दायमा ने ‘चक दे इंडिया’, ‘राम सेतु’ और ‘स्कैम 1992’ जैसी मशहूर फिल्मों और वेब सीरीज में अभिनय किया था। उनके निधन की खबर के बाद फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने दुख जताया है। अभिनेता रमाकांत दायमा का निधन 69 साल की उम्र में हुआ। को स्टार शुभांगी लटकर ने शेयर किया वीडियो एक्ट्रेस शुभांगी लटकर ने सोशल मीडिया पर रमाकांत दायमा के निधन की पुष्टि की है। उन्होंने रमाकांत का एक पुराना वीडियो शेयर किया, जिसमें वे डांस और एक्टिंग करते नजर आ रहे हैं। शुभांगी ने उनके साथ बिताए पलों को याद करते हुए एक लंबा नोट भी लिखा। उन्होंने बताया कि रमाकांत दायमा केवल एक अच्छे दोस्त ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के करीबी सदस्य और गाइड भी थे। वे ऊर्जा से भरपूर थे और हर चुनौती का सामना हंसकर करना जानते थे। अधूरे रह गए साथ काम करने के सपने शुभांगी ने अपनी पोस्ट में बताया कि वे रमाकांत के साथ दोबारा काम करना चाहती थीं। दोनों ने मिलकर एक हिंदी नाटक और मंच पर कविताएं पेश करने की प्लानिंग की थी। जब शुभांगी ने उनसे इसके लिए कहा था, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा था कि पहले मुझे जल्दी ठीक होने दो। लंबे समय से बीमार होने के बावजूद उनके ठीक होने की उम्मीद थी, लेकिन अब यह सपना अधूरा रह गया। मौत की वजह का खुलासा नहीं रमाकांत दायमा का जन्म 13 सितंबर 1956 को हुआ था। वे पिछले कई महीनों से गंभीर रूप से बीमार थे, लेकिन उनके निधन की असल वजह का अभी तक पूरी तरह से पता नहीं चल पाया है। फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों और करीबियों ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। रमाकांत दायमा ‘राम सेतु’, ‘ब्रदर्स’ और ‘चक दे इंडिया’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं। फिल्मों और टीवी में रहा लंबा सफर रमाकांत दायमा ने अपने करियर में कई यादगार किरदार निभाए। उन्होंने शाहरुख खान की मुख्य भूमिका वाली सुपरहिट फिल्म ‘चक दे इंडिया’ में काम किया था। इसके अलावा वे अक्षय कुमार की फिल्म ‘राम सेतु’, सिद्धार्थ मल्होत्रा की ‘ब्रदर्स’ और हंसल मेहता की मशहूर वेब सीरीज ‘स्कैम 1992: द हर्षद मेहता स्टोरी’ में भी अहम किरदारों में नजर आए थे। वे छोटे कद के होने के बावजूद अपनी मजबूत एक्टिंग से दर्शकों के बीच पहचान बनाने में सफल रहे थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

66 Hard disk Stolen from Zoya Akhtar’s Office By Production Employees, worth crores Footages and sensitive content, one accused arrested

66 Hard disk Stolen from Zoya Akhtar's Office By Production Employees, worth crores Footages and sensitive content, one accused arrested

Hindi News Entertainment Bollywood 66 Hard Disk Stolen From Zoya Akhtar’s Office By Production Employees, Worth Crores Footages And Sensitive Content, One Accused Arrested 7 मिनट पहले कॉपी लिंक जिंदगी न मिलेगी दोबारा, गली बॉय और दिल धड़कने दो जैसी कई बेहतरीन फिल्में बनाने वालीं डायरेक्टर और फरहान अख्तर की बहन जोया अख्तर के ऑफिस में चोरी की बड़ी घटना हुई है। उनके ऑफिस से 66 हार्ड डिस्क चोरी हुए हैं, जिनमें अपकमिंग कई फिल्मों और वेब सीरीज के फुटेज थे। जोया अख्तर की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल एक आरोपी गिरफ्तार हो चुका है, जबकि एक अब भी फरार है। इंडिया टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, घटना 21 मई की है। जोया अख्तर और रीमा कागती के प्रोडक्शन हाउस टाइगर बेबी फिल्म्स के बांद्रा वेस्ट स्थित कंपनी ऑफिस के कुछ एंप्लॉय्ज, कुछ फुटेजेस देखने के लिए हार्ड डिस्क ढूंढ रहे थे। काफी तलाश के बाद भी हार्ड डिस्क नहीं मिली। स्टोरेज कैबिनेट की जांच करने पर सामने आया कि कई बॉक्स खाली हैं और कई हार्ड डिस्क टूटी हुई हैं। बाद में सामने आया कि 66 हार्ड डिस्क वहां हैं ही नहीं। चोरी की पुष्टि होने के बाद कंपनी की एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट और एचआर मेहजबीन मुश्ताक शेख ने बांद्रा पुलिस स्टेशन में कंपनी ने ही दो कर्मचारियों मोहम्मद शाहिद अजीम खान और रितेश के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। करोड़ों का डाटा 15-20 हजार में बेचा मोहम्मद शाहिद ने पुलिस पूछताछ में चोरी के आरोप कबूल कर लिए हैं। उसके बयान के अनुसार, 5 महीने पहले उसने 24 हार्ड डिस्क चुराईं और बोरिवली निवासी रितेश को 15-20 हजार रुपए प्रति हार्ड डिस्क बेचीं। रितेश फिलहाल फरार है, पुलिस अन्य हार्ड डिस्क की तलाश में है। टाइगर बेबी फिल्म्स प्रोडक्शन, जोया अख्तर और रीमा कागती ने मिलकर शुरू किया था। पुलिस शिकायत के अनुसार, प्रोडक्शन हाउस के ऑफिस में कुल 119 हार्ड डिस्क थीं, इनमें से 66 गायब हैं, जिनमें 16-72 टीबी की कैपेसिटी वाली हाई स्टोरेज डिवाइज शामिल हैं। इन हार्ड डिस्क में प्रोडक्शन हाउस की अपकमिंग फिल्मों के फुटेज, एडिटिंग कंटेंट, पोस्ट प्रोडक्शन फाइल्स, एड्स की फुटेजेस हैं। अगर ये फुटेज लीग होती हैं या डिलीट की जाती हैं, तो प्रोडक्शन हाउस को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, चोरी हुईं हार्ड डिस्क में प्रोडक्शन की फिल्मों और सीरीज मेड इन हेवन, घोस्ट स्टोरीज, नायका और गांधी मनी का कंटेंट भी था। इनके अलावा कुछ डिस्क में सेंसिटिव रॉ कंटेंट था। जोया अख्तर के बारे में- जोया अख्तर, मशहूर लिरिसिस्ट जावेद अख्तर और पहली पत्नी हनी ईरानी की बेटी हैं। एक्टर फरहान अख्तर उनके भाई और फराह खान उनकी कजिन हैं। जोया अख्तर ने दिल चाहता है और लक्ष्य जैसी फिल्मों में बतौर कास्टिंग डायरेक्टर और एग्जीक्यूटिव काम करने के बाद 2009 की फिल्म लक बाय चांस से डायेक्टोरियल डेब्यू किया था। ये फिल्म हिट रही, जिसके लिए जोया को बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। आगे उन्होंने जिंदगी न मिलेगी दोबारा, बॉम्बे टॉकीज (एक पार्ट), दिल धड़कने दो, गली बॉय जैसी कई बेहतरीन फिल्में डायरेक्ट की हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

ब्रांड्स को अपनी दुनिया का हिस्सा बनाना चाह रहे जेनजी:भारत का लाइव इवेंट सेगमेंट 2025 में 44% बढ़कर 14,500 करोड़ रुपए तक पहुंचा

ब्रांड्स को अपनी दुनिया का हिस्सा बनाना चाह रहे जेनजी:भारत का लाइव इवेंट सेगमेंट 2025 में 44% बढ़कर 14,500 करोड़ रुपए तक पहुंचा

आप हाल के 3 ऑनलाइन विज्ञापन याद कर सकते हैं? शायद नहीं। लेकिन दोस्तों के साथ देखा गया आखिरी कॉन्सर्ट या कॉमेडी शो जरूर याद होगा। यही फर्क भारत के मार्केटिंग की दुनिया को बदल रहा है। फिक्की-ईवाई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का लाइव इवेंट सेगमेंट 2025 में 44% बढ़कर ~14,500 करोड़ तक पहुंच गया। अब यह मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में सबसे तेज बढ़ने वाली कैटेगरी है। यह एक बड़े बदलाव का सिर्फ एक उदाहरण है। बुकमाईशो में पार्टनरशिप और रेवेन्यू हेड समृद्धा तिब्रेवाला फॉर्च्यून इंडिया से कहती हैं कि यह सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के व्यवहार में ढांचागत बदलाव है। अनिरुद्ध रविचंदर के शो मिनटों में हाउसफुल हो जाते हैं, जाकिर खान 40 से ज्यादा शहरों में हॉल भर रहे हैं और ‘हमारे राम’ जैसे नाटक 500 शोज का आंकड़ा पार कर चुके हैं। ब्रांड्स इस बदलाव को भांप चुके हैं। पहले सफलता का पैमाना था कि कितनी आंखों ने लोगो देखा। अब सवाल यह है कि दर्शक ने कितनी गहराई से ब्रांड को महसूस किया। बुकमाईशो की ईवाई-पार्थेनन के साथ तैयार रिपोर्ट बताती है कि लाइव इवेंट में ऑन-ग्राउंड अनुभव लेने वाले 59% दर्शकों को वहां मौजूद ब्रांड्स याद रहे। 63% ने माना कि ब्रांड्स ने उनका अनुभव बेहतर बनाया और 81% को यह एकीकरण स्वाभाविक लगा। कुछ दिलचस्प उदाहरण भी हैं। मसलन, एयरबीएनबी ने सिद्धांत चतुर्वेदी के साथ मुंबई के अनुभवों को क्यूरेट किया। रुपे ने टिकट बुकिंग से लेकर इवेंट तक के पूरे सफर में फैन की परेशानियां दूर कीं। लेनोवो ने लोलापालूजा में एआई-जनरेटेड पर्सनलाइज्ड पोस्टर बनाने का मौका दिया। यहां हर अनुभव अलग, हर याद निजी है। तिब्रेवाला कहती हैं कि जेन जी (15-30 साल के युवा और किशोर) ब्रांड्स से बात सुनना नहीं चाहती। यह पीढ़ी चाहती है कि ब्रांड उनकी दुनिया का हिस्सा बने। इसीलिए सफल ब्रांड अब ग्राहकों के एक्सपीरियंस पर फोकस कर रहे हैं। तिब्रेवाला के मुताबिक आगे का रास्ता और चौड़ा है। कॉमेडी, रीजनल म्यूजिक, इमर्सिव आर्ट एग्जीबिशन और टियर-2,3 शहर- सब नए मोर्चे हैं। एआई-जनरेटेड कंटेंट की बाढ़ में लाइव एंटरटेनमेंट वह इंसानी अनुभव है, जिसकी नकल कोई एल्गोरिदम नहीं कर सकता। हजारों लोगों का एक साथ एक गाना गुनगुनाना- ये पल न रिकॉर्ड होता है, न दोहराया जा सकता है। जैसा तिब्रेवाला कहती हैं, ‘यादें वापस नहीं होतीं’ और यही वह जगह है, जहां असली मार्केटिंग हो रही है।’ पहुंच नहीं, भागीदारी बना सफलता का नया पैमाना पारंपरिक मार्केटिंग में ‘रीच’ और ‘इम्प्रेशन’ सफलता के पैमाने थे। अब ये सिर्फ न्यूनतम अपेक्षा हैं। ब्रांड्स अब ‘एंगेजमेंट डेप्थ’, दर्शक की भावनात्मक भागीदारी, इवेंट के बाद की चर्चा और टिकाऊ ब्रांड अफिनिटी को मापना चाहते हैं। लाइव इवेंट में एक दर्शक जो सहज रूप से ब्रांड का प्रचार अपने समुदाय में करे, वह करोड़ों की डिजिटल रीच से कहीं अधिक मूल्यवान है।