Petrol-Diesel, Gold-Silver Prices Surge in India

नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर पेट्रोल-डीजल से जुड़ी रही। तेल कंपनियों ने 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल की कीमत ₹95.20 हो गई है। वहीं, सोने-चांदी के दाम में आज यानी 25 मई को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने के दाम 740 रुपए बढ़कर 1.59 लाख रुपए हो गया। 1 किलो चांदी की कीमत 5,100 रुपए बढ़कर 2.71 लाख रुपए पर पहुंच गई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. पेट्रोल-डीजल के दाम इस महीने चौथी बार बढ़े: दिल्ली में पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हुआ तेल कंपनियों ने 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल की कीमत ₹95.20 हो गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. चांदी ₹5,100 बढ़कर ₹2.71 लाख किलो हुई: इस साल ₹41 हजार महंगी हो चुकी; सोना ₹740 बढ़ा, 10 ग्राम की कीमत ₹1.59 लाख सोने-चांदी के दाम में आज यानी 25 मई को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने के दाम 740 रुपए बढ़कर 1.59 लाख रुपए हो गया है। वहीं, 1 किलो चांदी की कीमत 5,100 रुपए बढ़कर 2.71 लाख रुपए पर पहुंच गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. सेंसेक्स 1074 अंक चढ़कर 76,489 पर बंद: निफ्टी में भी 312 अंकों की तेजी, 24,032 पर पहुंचा, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी सेंसेक्स 25 मई को 1074 अंक (1.42%) की तेजी के साथ 76,489 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 312 अंकों (1.32%) की तेजी रही, ये 24,032 के स्तर पर बंद हुआ। आज के कारोबार में ऑटो, बैंकिंग और रियल्टी शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही, जबकि निफ्टी FMCG में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. वित्त-मंत्री ने कहा- फ्यूल, फर्टिलाइजर और फॉरेक्स पर फोकस करें: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने से सरकार को ₹1 लाख करोड़ का घाटा होगा पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार (25 मई) को कहा कि मौजूदा ग्लोबल परिस्थितियों को देखते हुए हमें 3Fs यानी फ्यूल, फर्टिलाइजर और फॉरेक्स (विदेशी मुद्रा भंडार) पर फोकस करने की जरूरत है। मुंबई में सिडबी (SIDBI) के 37वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने यह बात कही। वित्त मंत्री ने उन आलोचकों पर कड़ा निशाना साधा जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के बाद देश में निगेटिव माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत डर का माहौल बनाना बर्दाश्त नहीं कर सकता है और इस समय लोगों को भरोसा देना बेहद जरूरी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… सोमवार के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Petrol-Diesel, Gold-Silver Prices Surge in India

नई दिल्ली56 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर पेट्रोल-डीजल से जुड़ी रही। तेल कंपनियों ने 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल की कीमत ₹95.20 हो गई है। वहीं, सोने-चांदी के दाम में आज यानी 25 मई को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने के दाम 740 रुपए बढ़कर 1.59 लाख रुपए हो गया। 1 किलो चांदी की कीमत 5,100 रुपए बढ़कर 2.71 लाख रुपए पर पहुंच गई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. पेट्रोल-डीजल के दाम इस महीने चौथी बार बढ़े: दिल्ली में पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हुआ तेल कंपनियों ने 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल की कीमत ₹95.20 हो गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. चांदी ₹5,100 बढ़कर ₹2.71 लाख किलो हुई: इस साल ₹41 हजार महंगी हो चुकी; सोना ₹740 बढ़ा, 10 ग्राम की कीमत ₹1.59 लाख सोने-चांदी के दाम में आज यानी 25 मई को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने के दाम 740 रुपए बढ़कर 1.59 लाख रुपए हो गया है। वहीं, 1 किलो चांदी की कीमत 5,100 रुपए बढ़कर 2.71 लाख रुपए पर पहुंच गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. सेंसेक्स 1074 अंक चढ़कर 76,489 पर बंद: निफ्टी में भी 312 अंकों की तेजी, 24,032 पर पहुंचा, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी सेंसेक्स 25 मई को 1074 अंक (1.42%) की तेजी के साथ 76,489 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 312 अंकों (1.32%) की तेजी रही, ये 24,032 के स्तर पर बंद हुआ। आज के कारोबार में ऑटो, बैंकिंग और रियल्टी शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही, जबकि निफ्टी FMCG में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. वित्त-मंत्री ने कहा- फ्यूल, फर्टिलाइजर और फॉरेक्स पर फोकस करें: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने से सरकार को ₹1 लाख करोड़ का घाटा होगा पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार (25 मई) को कहा कि मौजूदा ग्लोबल परिस्थितियों को देखते हुए हमें 3Fs यानी फ्यूल, फर्टिलाइजर और फॉरेक्स (विदेशी मुद्रा भंडार) पर फोकस करने की जरूरत है। मुंबई में सिडबी (SIDBI) के 37वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने यह बात कही। वित्त मंत्री ने उन आलोचकों पर कड़ा निशाना साधा जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के बाद देश में निगेटिव माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत डर का माहौल बनाना बर्दाश्त नहीं कर सकता है और इस समय लोगों को भरोसा देना बेहद जरूरी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… सोमवार के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
President Murmu Confers Padma Awards 66 Personalities

Hindi News Career President Murmu Confers Padma Awards 66 Personalities | May 26 Current Affairs 14 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में पद्म पुरस्कार प्रदान किए 25 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित सेरेमनी में पद्म पुरस्कार प्रदान किए। सेरेमनी के पहले चरण में, स्वीकृत 131 पद्म पुरस्कारों में से 66 लोगों को सम्मानित किया गया। बाकी पुरस्कार विजेताओं को दूसरे चरण के समारोह में सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा गणतंत्र दिवस पर की गई थी। पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार हैं। इसकी स्थापना 1954 में की गई थी। ये पुरस्कार कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सोशल वर्क, विज्ञान और इंजीनियरिंग, जनसंपर्क और व्यापार एवं उद्योग समेत कई अलग-अलग कैटेगरीज में दिया जाता है। इस साल सरकार की तरफ से 131 लोगों को पद्म अवॉर्ड्स के लिए चुना गया है। इनमें से 19 महिलाएं हैं। 5 हस्तियों को पद्म विभूषण, 13 को पद्म भूषण और 113 को पद्म श्री के लिए चुना गया है। 2 हस्तियों को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। इसमें केरल के पूर्व सीएम वी.एस. अच्युतानंदन और बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र शामिल हैं। 2. 12 सांसदों और 4 समितियों को सांसद रत्न पुरस्कार 24 मई को संसद रत्न पुरस्कारों के विजेताओं के नामों की घोषणा की गई। 12 सांसदों और 4 संसदीय समितियों को संसद रत्न अवॉर्ड्स के लिए चुना गया है। इन 12 में से 10 लोकसभा सांसद और 2 राज्यसभा सांसद हैं। 4 लोकसभा सदस्यों को इंडिविजुअल कैटेगरी में चुना गया है- 1. उत्तर प्रदेश से जगदम्बिका पाल 2. राजस्थान से पी.पी. चौधरी3. झारखंड से निशिकांत दुबे 4. महाराष्ट्र से श्रीकांत एकनाथ शिंदे 6 लोकसभा सांसदों को अलग-अलग कैटेगरीज में चुना गया है-1. उत्तर प्रदेश से प्रवीण पटेल2. झारखंड से विद्युत बरन महतो3. राजस्थान से लुंबाराम चौधरी4. महाराष्ट्र से हेमंत विष्णु सावरा5. महाराष्ट्र से स्मिता उदय वाघ6. महाराष्ट्र से नरेश गणपत म्हस्के राज्यसभा से महाराष्ट्र की मेधा विश्राम कुलकर्णी और गुजरात के नरहरि अमीन को सम्मानित किया गया है। सम्मानित 4 समितियां- 1. कृषि समिति, इसकी अध्यक्षता चरणजीत सिंह चन्नी कर रहे हैं।2. वित्त समिति, इसके अध्यक्ष भर्तृहरि महताब हैं।3. ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज समिति, इसके अध्यक्ष सप्तगिरि शंकर उलाका हैं।4. कोयला एवं खान समिति, इसके अध्यक्ष अनुराग सिंह ठाकुर हैं। ये अवॉर्ड प्राइम पॉइंट फाउंडेशन की तरफ से संसद में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले सांसदों को दिया जाता है। इसकी शुरुआत 2010 में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की सलाह पर की गई थी। 3. असम विधानसभा में ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड’ (UCC) बिल पेश 25 मई को असम विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC बिल पेश हुआ। बिल पर 27 मई को सदन में चर्चा की जाएगी। बिल पारित होने के बाद, असम उत्तराखंड और गुजरात के बाद UCC लागू करने वाला भारत का तीसरा राज्य बन जाएगा। UCC का उद्देश्य अलग-अलग पर्सनल लॉ को खत्म कर सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानून बनाना है। विधेयक का मुख्य प्रावधान पैतृक संपत्ति में बेटे और बेटी दोनों को समान अधिकार देना है। बिल में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य किया गया है। UCC लागू होने के बाद राज्य में शादी, तलाक और उत्तराधिकार जैसे निजी मामलों में सभी समुदायों पर एक ही कानून लागू होगा। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की ओर से संसदीय कार्य मंत्री अतुल बोरा ने बिल पेश किया। 4. चंदेरी में मिला विलुप्त माने जाने वाला इजिप्शियन वल्चर 24 मई को एमपी के चंदेरी में विलुप्तप्राय इजिप्शियन वल्चर पाया गया। इसे सफेद गिद्ध भी कहा जाता है। चंदेरी वन विभाग ने 22 से 24 मई तक विशेष गिद्ध गणना अभियान चलाया था। कुल 45 गिद्धों के साथ इजिप्शियन वल्चर भी पाया गया। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर यानी IUCN ने इस पक्षी को विलुप्त पक्षियों की कैटेगरी में रखा हुआ था। इजिप्शियन वल्चर को प्रकृति का सफाईकर्मी भी कहा जाता है। ये मृत जीवों का मांस खाकर पर्यावरण की सफाई में मदद करता है। चंदेरी में इजिप्शियन वल्चर की मौजूदगी दर्शाती है कि यहां का इकोसिस्टम इन दुर्लभ पक्षियों के फलने-फूलने के लिए अभी भी अनुकूल है। इजिप्शियन वल्चर का रंग सफेद और चेहरा पीला होता है। 5. नई दिल्ली में होगी QUAD विदेश मंत्रियों की बैठक QUAD के विदेश मंत्रियों की बैठक 26 मई को नई दिल्ली में होगी। QUAD चार देशों- भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया का एक अनौपचारिक रणनीतिक समूह है। इसका पूरा नाम ‘क्वाड्रीलैटरल सिक्योरिटी डायलॉग’ है। बैठक में ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो हिस्सा लेंगे। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता कायम रखना है। 2007 में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने QUAD का विचार पेश किया था। 6. अल्ट्रारनर्स 24H रनिंग चैंपियनशिप में भारत ने गोल्ड जीता इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ अल्ट्रारनर्स (IAU) 24H एशिया एंड ओशिनिया चैंपियनशिप में भारत ने गोल्ड सहित 4 मेडल जीते। ये चैंपियनशिप जापान के हिरोसाकी सिटी में आयोजित की जा रही है। चैंपियनशिप में भारत के अमर सिंह देवांडा ने पुरुष वर्ग में 24 घंटे में 282.881 किलोमीटर की दूरी तय कर गोल्ड मेडल जीता। ब्रॉन्ज मेडल भी भारत ने जीता है। महिला वर्ग में भारतीय टीम ने कुल 667.722 किलोमीटर की दूरी तय कर ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। इस एंड्योरेंस चैंपियनशिप में 9 देशों के 81 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ अल्ट्रारनर्स (IAU) ने 2018 में 24H एशिया एंड ओशिनिया चैंपियनशिप की शुरुआत की थी। इस चैंपियनशिप में 24 घंटे लगातार दौड़ने की क्षमता और सहनशक्ति को परखा जाता है। ये पहली बार ताइवान के ताइपे में आयोजित हुई थी। आज का इतिहास 1969 में NASA का अपोलो 10 यान चंद्रमा से पृथ्वी पर लौटा। 1986 में हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध गीतकारऔर राजनीतिज्ञ श्रीकांत वर्मा का निधन हो गया। 1999 में इंडियन एयरफोर्स ने कारगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन सफेद सागर शुरू किया। ——————- दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा
ऐसा IPL पहले नहीं देखा:एक सीजन में 61 बार 200 का स्कोर, शुरुआती 9 साल मिलाकर भी इससे कम; पहली बार 1300 छक्के

लीग स्टेज खत्म होते-होते IPL 2026 रनरेट, सिक्सर्स और 200 से ऊपर के स्कोर के मामलों में अब तक का सबसे बड़ा सीजन बन गया है। 70 मैचों में ही 61 बार 200 या इससे ज्यादा का स्कोर बन चुका है। शुरुआती 9 सीजन- 2008 से 2016 तक हुए 538 मैचों में 57 बार ही 200+ का स्कोर बना था। आगे ऐसे ही 8 ट्रेंड्स के बारे में डिटेल में जानिए, जो साबित करते हैं कि ऐसा IPL अब तक नहीं हुआ… 1. सबसे तेज रनरेट वाला सीजन इस सीजन का ओवरऑल रनरेट 9.85 रहा, जो IPL इतिहास में अब तक का सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में रनरेट 9.62 और 2024 में 9.56 था। दिलचस्प बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन का रनरेट 9 तक नहीं पहुंचा था। 2008 में IPL का रनरेट 8.30 था, यानी 18 साल में बल्लेबाजी की गति करीब डेढ़ रन प्रति ओवर बढ़ चुकी है। 2. 61 बार बने 200+ स्कोर, बड़े टारगेट भी अब सुरक्षित नहीं IPL 2025 में 52 बार 200+ स्कोर बने थे, लेकिन 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 61 तक पहुंच गया। यह IPL इतिहास में किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा 200+ टोटल हैं। खास बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन में 20 से ज्यादा बार 200+ स्कोर नहीं बने थे। इस सीजन सिर्फ बड़े स्कोर ही नहीं बने, बल्कि बड़े टारगेट चेज करना भी आम हो गया। IPL 2026 में 16 बार 200+ रनचेज हुए, जो किसी भी सीजन में सबसे ज्यादा हैं। इससे पहले 2025 में 9 और 2023 में 8 बार ऐसा हुआ था। सबसे बड़ा बदलाव 220+ टारगेट चेज में देखने को मिला। इस सीजन 220 या उससे ज्यादा का स्कोर 9 बार चेज हुआ, जबकि IPL के पहले 18 सीजन मिलाकर ऐसा सिर्फ 5 बार हुआ था। इस सीजन सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्स ने सबसे ज्यादा 9-9 बार 200+ स्कोर बनाए, जो किसी एक टी-20 टूर्नामेंट में किसी टीम द्वारा सबसे ज्यादा हैं। 3. पहली पारी का औसत स्कोर और विनिंग टोटल रिकॉर्ड स्तर पर IPL 2026 सिर्फ रनरेट और 200+ स्कोर के मामले में ही नहीं, बल्कि औसत स्कोरिंग में भी सबसे आगे निकल गया। इस सीजन में पहली पारी का औसत स्कोर 192 रहा, जो IPL इतिहास में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में यह 191 और 2024 में 190 था। सबसे बड़ा बदलाव विनिंग टोटल में देखने को मिला। IPL 2026 में जीतने वाली टीम का औसत स्कोर 217 रहा, जो IPL इतिहास में पहली बार 215 के पार पहुंचा। इससे पहले 2025 में यह 211 और 2024 में 211 था। दिलचस्प बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन में औसत विनिंग स्कोर 200 तक नहीं पहुंचा था। इस सीजन का सबसे बड़ा टोटल पंजाब किंग्स के नाम हैं टीम ने दिल्ली के खिलाफ 265/4 का स्कोर बनाया था। यह IPL का सबसे बड़ा रनचेज भी है। 4. शतकों में रिकॉर्ड की बराबरी, अभी 4 मैच बाकी इस सीजन के लीग मैचों में ही अब तक 14 शतक लग चुके हैं। यह किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी है। इससे पहले 2024 में भी 14 सेंचुरी बनी थीं। अभी IPL 2026 में प्लेऑफ के मैच होने हैं। ऐसे में उम्मीद हैं कि यह रिकॉर्ड भी टूट जाए। 2022 तक किसी भी सीजन में 10 से ज्यादा शतक नहीं लगे थे। 5. हर 12वीं गेंद पर सिक्स 2025 में 1294 और 2024 में 1260 सिक्स लगे थे, लेकिन 2026 ने इन दोनों रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया। इस सीजन अब तक 1349 छक्के लग चुके हैं। सबसे बड़ा बदलाव सिक्स लगाने की फ्रीक्वेंसी में देखने को मिला। इस सीजन करीब हर 12 गेंद पर एक छक्का लगा, जो IPL इतिहास में सबसे तेज है। 2009 में जहां एक सिक्स के लिए औसतन 26 गेंद लगती थीं, वहीं अब बल्लेबाज लगभग हर दो ओवर में एक सिक्स लगा रहे हैं। इस सीजन पंजाब किंग्स ने लीग स्टेज में सबसे ज्यादा 163 सिक्स लगाए, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद ने 162 सिक्स जड़े। IPL इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा 178 छक्कों का रिकॉर्ड हैदराबाद के नाम है, जिसे टीम प्लेऑफ में तोड़ सकती है। 6. पहली बार पावरप्ले में रनरेट 10 से ऊपर पहुंचा IPL इतिहास में पहली बार पावरप्ले (1-6 ओवर) का रनरेट 10 के पार पहुंच गया। इससे पहले 2025 में यह 9.60 और 2024 में 9.47 था। 2022 तक किसी भी सीजन में पावरप्ले रनरेट 9 तक नहीं पहुंचा था। इस सीजन का हाईएस्ट पावरप्ले टोटल पंजाब किंग्स के नाम है। टीम ने दिल्ली के खिलाफ शुरुआती 6 ओवर में 116 रन बनाए थे। 7. गेंदबाजों की शामत, पेसर्स-स्पिनर्स दोनों पिटे IPL 2026 का हाई स्कोरिंग ट्रेंड गेंदबाजों पर सबसे भारी पड़ा। यह सीजन स्पिनर्स और पेसर्स, दोनों के लिए सबसे महंगा साबित हुआ। स्पिन गेंदबाजों ने 9.26 की इकोनॉमी से रन दिए, जो IPL इतिहास में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में यह आंकड़ा 8.86 और 2024 में 8.68 था। तेज गेंदबाजों की स्थिति भी ज्यादा अलग नहीं रही। IPL 2026 में पेसर्स की और इकोनॉमी 9.94 रही। यह IPL इतिहास में सबसे खराब हैं। इससे पहले 2025 में पेसर्स की इकॉनमी 9.90 और 2024 में 9.78 थी। इस सीजन लीग स्टेज के टॉप-10 विकेट टेकरों में सिर्फ दो स्पिनर्स शामिल हैं- राशिद खान (19 विकेट) और सुनील नरेन (15 विकेट)। गुजरात के प्लेऑफ में पहुंचने के कारण संभावना है कि सीजन खत्म होने तक राशिद ही टॉप-10 में अकेले स्पिनर बचें। इससे पहले ऐसा सिर्फ 2016 में हुआ था, जब युजवेंद्र चहल टॉप-10 में शामिल अकेले स्पिनर थे। 8. फील्डिंग प्रेशर में, 169 कैच छूटे हाई-स्कोरिंग क्रिकेट का असर सिर्फ गेंदबाजों पर नहीं, बल्कि फील्डिंग पर भी साफ दिखाई दिया। IPL 2025 में रिकॉर्ड 188 कैच छोड़े गए थे, जबकि 2026 में यह संख्या 169 रही। 2022 के बाद लगातार हर सीजन में 148 से ज्यादा कैच छूटे हैं। टीमों के हिसाब से देखें तो इस सीजन सबसे खराब फील्डिंग रिकॉर्ड हैदराबाद का रहा। टीम ने सबसे ज्यादा 26 कैच छोड़े। इसके बाद पंजाब और चेन्नई ने 20-20 कैच ड्रॉप किए।
ऐसा IPL पहले नहीं देखा:एक सीजन में 61 बार 200 का स्कोर, शुरुआती 9 साल मिलाकर भी इससे कम; पहली बार 1300 छक्के

लीग स्टेज खत्म होते-होते IPL 2026 रनरेट, सिक्सर्स और 200 से ऊपर के स्कोर के मामलों में अब तक का सबसे बड़ा सीजन बन गया है। 70 मैचों में ही 61 बार 200 या इससे ज्यादा का स्कोर बन चुका है। शुरुआती 9 सीजन- 2008 से 2016 तक हुए 538 मैचों में 57 बार ही 200+ का स्कोर बना था। आगे ऐसे ही 8 ट्रेंड्स के बारे में डिटेल में जानिए, जो साबित करते हैं कि ऐसा IPL अब तक नहीं हुआ… 1. सबसे तेज रनरेट वाला सीजन इस सीजन का ओवरऑल रनरेट 9.85 रहा, जो IPL इतिहास में अब तक का सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में रनरेट 9.62 और 2024 में 9.56 था। दिलचस्प बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन का रनरेट 9 तक नहीं पहुंचा था। 2008 में IPL का रनरेट 8.30 था, यानी 18 साल में बल्लेबाजी की गति करीब डेढ़ रन प्रति ओवर बढ़ चुकी है। 2. 61 बार बने 200+ स्कोर, बड़े टारगेट भी अब सुरक्षित नहीं IPL 2025 में 52 बार 200+ स्कोर बने थे, लेकिन 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 61 तक पहुंच गया। यह IPL इतिहास में किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा 200+ टोटल हैं। खास बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन में 20 से ज्यादा बार 200+ स्कोर नहीं बने थे। इस सीजन सिर्फ बड़े स्कोर ही नहीं बने, बल्कि बड़े टारगेट चेज करना भी आम हो गया। IPL 2026 में 16 बार 200+ रनचेज हुए, जो किसी भी सीजन में सबसे ज्यादा हैं। इससे पहले 2025 में 9 और 2023 में 8 बार ऐसा हुआ था। सबसे बड़ा बदलाव 220+ टारगेट चेज में देखने को मिला। इस सीजन 220 या उससे ज्यादा का स्कोर 9 बार चेज हुआ, जबकि IPL के पहले 18 सीजन मिलाकर ऐसा सिर्फ 5 बार हुआ था। इस सीजन सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्स ने सबसे ज्यादा 9-9 बार 200+ स्कोर बनाए, जो किसी एक टी-20 टूर्नामेंट में किसी टीम द्वारा सबसे ज्यादा हैं। 3. पहली पारी का औसत स्कोर और विनिंग टोटल रिकॉर्ड स्तर पर IPL 2026 सिर्फ रनरेट और 200+ स्कोर के मामले में ही नहीं, बल्कि औसत स्कोरिंग में भी सबसे आगे निकल गया। इस सीजन में पहली पारी का औसत स्कोर 192 रहा, जो IPL इतिहास में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में यह 191 और 2024 में 190 था। सबसे बड़ा बदलाव विनिंग टोटल में देखने को मिला। IPL 2026 में जीतने वाली टीम का औसत स्कोर 217 रहा, जो IPL इतिहास में पहली बार 215 के पार पहुंचा। इससे पहले 2025 में यह 211 और 2024 में 211 था। दिलचस्प बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन में औसत विनिंग स्कोर 200 तक नहीं पहुंचा था। इस सीजन का सबसे बड़ा टोटल पंजाब किंग्स के नाम हैं टीम ने दिल्ली के खिलाफ 265/4 का स्कोर बनाया था। यह IPL का सबसे बड़ा रनचेज भी है। 4. शतकों में रिकॉर्ड की बराबरी, अभी 4 मैच बाकी इस सीजन के लीग मैचों में ही अब तक 14 शतक लग चुके हैं। यह किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी है। इससे पहले 2024 में भी 14 सेंचुरी बनी थीं। अभी IPL 2026 में प्लेऑफ के मैच होने हैं। ऐसे में उम्मीद हैं कि यह रिकॉर्ड भी टूट जाए। 2022 तक किसी भी सीजन में 10 से ज्यादा शतक नहीं लगे थे। 5. हर 12वीं गेंद पर सिक्स 2025 में 1294 और 2024 में 1260 सिक्स लगे थे, लेकिन 2026 ने इन दोनों रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया। इस सीजन अब तक 1349 छक्के लग चुके हैं। सबसे बड़ा बदलाव सिक्स लगाने की फ्रीक्वेंसी में देखने को मिला। इस सीजन करीब हर 12 गेंद पर एक छक्का लगा, जो IPL इतिहास में सबसे तेज है। 2009 में जहां एक सिक्स के लिए औसतन 26 गेंद लगती थीं, वहीं अब बल्लेबाज लगभग हर दो ओवर में एक सिक्स लगा रहे हैं। इस सीजन पंजाब किंग्स ने लीग स्टेज में सबसे ज्यादा 163 सिक्स लगाए, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद ने 162 सिक्स जड़े। IPL इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा 178 छक्कों का रिकॉर्ड हैदराबाद के नाम है, जिसे टीम प्लेऑफ में तोड़ सकती है। 6. पहली बार पावरप्ले में रनरेट 10 से ऊपर पहुंचा IPL इतिहास में पहली बार पावरप्ले (1-6 ओवर) का रनरेट 10 के पार पहुंच गया। इससे पहले 2025 में यह 9.60 और 2024 में 9.47 था। 2022 तक किसी भी सीजन में पावरप्ले रनरेट 9 तक नहीं पहुंचा था। इस सीजन का हाईएस्ट पावरप्ले टोटल पंजाब किंग्स के नाम है। टीम ने दिल्ली के खिलाफ शुरुआती 6 ओवर में 116 रन बनाए थे। 7. गेंदबाजों की शामत, पेसर्स-स्पिनर्स दोनों पिटे IPL 2026 का हाई स्कोरिंग ट्रेंड गेंदबाजों पर सबसे भारी पड़ा। यह सीजन स्पिनर्स और पेसर्स, दोनों के लिए सबसे महंगा साबित हुआ। स्पिन गेंदबाजों ने 9.26 की इकोनॉमी से रन दिए, जो IPL इतिहास में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में यह आंकड़ा 8.86 और 2024 में 8.68 था। तेज गेंदबाजों की स्थिति भी ज्यादा अलग नहीं रही। IPL 2026 में पेसर्स की और इकोनॉमी 9.94 रही। यह IPL इतिहास में सबसे खराब हैं। इससे पहले 2025 में पेसर्स की इकॉनमी 9.90 और 2024 में 9.78 थी। इस सीजन लीग स्टेज के टॉप-10 विकेट टेकरों में सिर्फ दो स्पिनर्स शामिल हैं- राशिद खान (19 विकेट) और सुनील नरेन (15 विकेट)। गुजरात के प्लेऑफ में पहुंचने के कारण संभावना है कि सीजन खत्म होने तक राशिद ही टॉप-10 में अकेले स्पिनर बचें। इससे पहले ऐसा सिर्फ 2016 में हुआ था, जब युजवेंद्र चहल टॉप-10 में शामिल अकेले स्पिनर थे। 8. फील्डिंग प्रेशर में, 169 कैच छूटे हाई-स्कोरिंग क्रिकेट का असर सिर्फ गेंदबाजों पर नहीं, बल्कि फील्डिंग पर भी साफ दिखाई दिया। IPL 2025 में रिकॉर्ड 188 कैच छोड़े गए थे, जबकि 2026 में यह संख्या 169 रही। 2022 के बाद लगातार हर सीजन में 148 से ज्यादा कैच छूटे हैं। टीमों के हिसाब से देखें तो इस सीजन सबसे खराब फील्डिंग रिकॉर्ड हैदराबाद का रहा। टीम ने सबसे ज्यादा 26 कैच छोड़े। इसके बाद पंजाब और चेन्नई ने 20-20 कैच ड्रॉप किए।
IPL का क्वालिफायर-1 आज, बेंगलुरु-गुजरात में मुकाबला:जीतने वाली टीम को फाइनल का टिकट, धर्मशाला में 80% बारिश के आसार

IPL 2026 के क्वालिफायर-1 में मंगलवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) आमने-सामने होंगी। यह मैच धर्मशाला में खेला जाएगा। जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी। हालांकि, मैच के दिन 80% बारिश के आसार हैं। इस सीजन में RCB की सबसे बड़ी ताकत बल्लेबाजी रही है। GT ने गेंदबाजों के दम पर कई अहम मुकाबले जीते हैं। उसके टॉप-3 बैटर्स भी फॉर्म में हैं। मैच में कोहली को कगिसो रबाडा और पाटीदार को राशिद खान चुनौती देंगे। ट्रेंड के अनुसार पिछले 8 फाइनल क्वालिफायर-1 खेलने वाली टीमों के बीच हुए हैं। सभी क्वालिफायर-1 जीतने वाली टीम के नाम रहे हैं। 2011 से प्लेऑफ सिस्टम आने के बाद 15 में से 12 फाइनल क्वालिफायर-1 जीतने वाली टीमों ने जीते हैं। हेड टु हेड रिकॉर्ड 4-4 से बराबर, दोनों के पास बढ़त का मौका हेड-टु-हेड रिकॉर्ड में बेंगलुरु और गुजरात बराबरी पर हैं। दोनों के बीच अब तक 8 IPL मैच खेले गए हैं। इनमें 4 मैच बेंगलुरु और 4 गुजरात ने जीते हैं। कोई मैच टाई या बेनतीजा नहीं रहा। इस सीजन में दोनों टीमों का दो बार आमना-सामना हुआ है और दोनों ने एक-एक जीत हासिल की है। पिछले मुकाबले को गुजरात ने 4 विकेट से जीता था। उससे पहले बेंगलुरु को 5 विकेट से जीत मिली थी। स्ट्रेंथ एंड वीकनेस बेंगलुरु की बैटिंग मजबूत, अनकैप्ड विदेशी कमजोरी कोहली RCB के टॉप स्कोरर, 4 फिफ्टी लगा चुके कप्तान रजत पाटीदार की कप्तानी में बेंगलुरु ने इस सीजन अटैकिंग बैटिंग के दम पर 8 बार 200 रन का आंकड़ा पार किया है। विराट कोहली टीम के टॉप स्कोरर हैं। वे एक शतक और 4 फिफ्टी के सहारे 557 रन बना चुके हैं। कोहली के अलावा, पडिक्कल ने 3 और कप्तान पाटीदार ने 4 अर्धशतक लगाए हैं। धर्मशाला में वेंकटेश अय्यर ने पंजाब के खिलाफ नाबाद 73 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई थी। गेंदबाजी में जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार की जोड़ी ने मजबूती दी है। भुवी टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। जैकब बेथेल रनों के लिए स्ट्रगल कर रहे सीजन की शुरुआत में RCB का मिडिल ऑर्डर आक्रामक था, लेकिन लीग स्टेज के दूसरे हाफ में नंबर 4 से 8 तक के बल्लेबाज फ्लॉप रहे हैं। टीम लगातार कोलैप्स झेल रही है। अनकैप्ड और विदेशी खिलाड़ी जैकब बेथेल रनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गुजरात की तेज गेंदबाजी मजबूत, फिनिशर्स कमजोर हैं साई सुदर्शन टॉप स्कोरर, रबाडा ने 24 विकेट झटके गुजरात की टीम मजबूत गेंदबाजी और टॉप ऑर्डर के दम पर प्लेऑफ में पहुंची है। दूसरे हाफ में GT की गेंदबाजी उसकी सबसे बड़ी ताकत रही है। कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने विरोधी बैटर्स को खूब परेशान किया है। रबाडा 24 विकेट के साथ पर्पल कैप की रेस में हैं। राशिद खान 19 विकेट ले चुके हैं। टीम ने आखिरी लीग मैच में चेन्नई सुपर किंग्स को 89 रन से हराया था। कप्तान शुभमन गिल (616 रन), साई सुदर्शन (638 रन) और जोस बटलर (469 रन) शानदार फॉर्म में हैं। ऑरेंज कैप होल्डर सुदर्शन 7 फिफ्टी लगा चुके हैं। फिनिशर्स और लोअर-मिडल ऑर्डर का फ्लॉप शो शेरफेन रदरफोर्ड के जाने के बाद नंबर 4 और 5 की पोजीशन GT के लिए सिरदर्द बनी हुई है। ग्लेन फिलिप्स और टॉम बैंटन मिले मौकों में निरंतरता नहीं दिखा सके हैं। लोअर ऑर्डर में राहुल तेवतिया और शाहरुख खान पर मैच फिनिश करने का दबाव रहता है। दोनों इस सीजन में काफी इनकंसिस्टेंट रहे हैं। मैच के 4 बड़े मैच-अप वेदर और पिच रिपोर्ट धर्मशाला में बड़े स्कोर की उम्मीद, 80% बारिश के आसार HPCA मैदान पर इस साल खूब रन बने हैं। यहां खेले गए 3 मैचों की 6 पारियों में से 5 में 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बना है। तीनों मैच में टॉस जीतने वाली टीम ने पहले गेंदबाजी कर टारगेट चेज किया। धर्मशाला में मंगलवार को 80% बारिश के आसार हैं। अगर क्वालिफायर-1 बारिश में धुलता है, तो बेंगलुरु बिना खेले फाइनल में पहुंच जाएगी, क्योंकि वह लीग स्टेज के बाद टॉप पर थी। पॉसिबल प्लेइंग-11 ———————————————————–
IPL का क्वालिफायर-1 आज, बेंगलुरु-गुजरात में मुकाबला:जीतने वाली टीम फाइनल में पहुंचेगी, धर्मशाला में 80% बारिश के आसार

IPL 2026 के क्वालिफायर-1 में मंगलवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) आमने-सामने होंगी। यह मैच धर्मशाला में खेला जाएगा। जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी। हालांकि बारिश होने के 80% आसार हैं। इस मैच को जीतने वाली टीम के चैंपियन बनने की संभावना ज्यादा होगी क्योंकि 2011 से प्लेऑफ सिस्टम आने के बाद 15 में से 12 फाइनल क्वालिफायर-1 जीतने वाली टीमों ने जीते हैं। हेड टु हेड रिकॉर्ड 4-4 से बराबर, दोनों के पास बढ़त का मौका हेड-टु-हेड रिकॉर्ड में बेंगलुरु और गुजरात बराबरी पर हैं। दोनों के बीच अब तक 8 IPL मैच खेले गए हैं। इनमें 4 मैच बेंगलुरु और 4 गुजरात ने जीते हैं। कोई मैच टाई या बेनतीजा नहीं रहा। इस सीजन में दोनों टीमों का दो बार आमना-सामना हुआ है और दोनों ने एक-एक जीत हासिल की है। पिछले मुकाबले को गुजरात ने 4 विकेट से जीता था। उससे पहले बेंगलुरु को 5 विकेट से जीत मिली थी। स्ट्रेंथ एंड वीकनेस बेंगलुरु की बैटिंग मजबूत, अनकैप्ड विदेशी कमजोरी कोहली RCB के टॉप स्कोरर, 4 फिफ्टी लगा चुके कप्तान रजत पाटीदार की कप्तानी में बेंगलुरु ने इस सीजन अटैकिंग बैटिंग के दम पर 8 बार 200 रन का आंकड़ा पार किया है। विराट कोहली टीम के टॉप स्कोरर हैं। वे एक शतक और 4 फिफ्टी के सहारे 557 रन बना चुके हैं। कोहली के अलावा, पडिक्कल ने 3 और कप्तान पाटीदार ने 4 अर्धशतक लगाए हैं। धर्मशाला में वेंकटेश अय्यर ने पंजाब के खिलाफ नाबाद 73 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई थी। गेंदबाजी में जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार की जोड़ी ने मजबूती दी है। भुवी टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। जैकब बेथेल रनों के लिए स्ट्रगल कर रहे सीजन की शुरुआत में RCB का मिडिल ऑर्डर आक्रामक था, लेकिन लीग स्टेज के दूसरे हाफ में नंबर 4 से 8 तक के बल्लेबाज फ्लॉप रहे हैं। टीम लगातार कोलैप्स झेल रही है। अनकैप्ड और विदेशी खिलाड़ी जैकब बेथेल रनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गुजरात की तेज गेंदबाजी मजबूत, फिनिशर्स कमजोर हैं साई सुदर्शन टॉप स्कोरर, रबाडा ने 24 विकेट झटके गुजरात की टीम मजबूत गेंदबाजी और टॉप ऑर्डर के दम पर प्लेऑफ में पहुंची है। दूसरे हाफ में GT की गेंदबाजी उसकी सबसे बड़ी ताकत रही है। कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने विरोधी बैटर्स को खूब परेशान किया है। रबाडा 24 विकेट के साथ पर्पल कैप की रेस में हैं। राशिद खान 19 विकेट ले चुके हैं। टीम ने आखिरी लीग मैच में चेन्नई सुपर किंग्स को 89 रन से हराया था। कप्तान शुभमन गिल (616 रन), साई सुदर्शन (638 रन) और जोस बटलर (469 रन) शानदार फॉर्म में हैं। ऑरेंज कैप होल्डर सुदर्शन 7 फिफ्टी लगा चुके हैं। फिनिशर्स और लोअर-मिडल ऑर्डर का फ्लॉप शो शेरफेन रदरफोर्ड के जाने के बाद नंबर 4 और 5 की पोजीशन GT के लिए सिरदर्द बनी हुई है। ग्लेन फिलिप्स और टॉम बैंटन मिले मौकों में निरंतरता नहीं दिखा सके हैं। लोअर ऑर्डर में राहुल तेवतिया और शाहरुख खान पर मैच फिनिश करने का दबाव रहता है। दोनों इस सीजन में काफी इनकंसिस्टेंट रहे हैं। मैच के 4 बड़े मैच-अप वेदर और पिच रिपोर्ट 6 में से 5 पारियों में 200+ का स्कोर बनाया HPCA मैदान पर इस साल खूब रन बने हैं। यहां खेले गए 3 मैचों की 6 पारियों में से 5 में 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बना है। तीनों मैच में टॉस जीतने वाली टीम ने पहले गेंदबाजी कर टारगेट चेज किया। धर्मशाला में मंगलवार को 80% बारिश के आसार हैं। अगर क्वालिफायर-1 बारिश में धुलता है, तो बेंगलुरु बिना खेले फाइनल में पहुंच जाएगी, क्योंकि वह लीग स्टेज के बाद पॉइंट्स टेबल में टॉप पर थी। पॉसिबल प्लेइंग-12 ———————————————————– IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… ऐसा IPL पहले नहीं देखा; एक सीजन में 61 बार 200 का स्कोर, पहली बार 1300 छक्के लीग स्टेज खत्म होते-होते IPL 2026 रनरेट, सिक्सर्स और 200 से ऊपर के स्कोर के मामलों में अब तक का सबसे बड़ा सीजन बन गया है। 70 मैचों में ही 61 बार 200 या इससे ज्यादा का स्कोर बन चुका है। शुरुआती 9 सीजन- 2008 से 2016 तक हुए 538 मैचों में 57 बार ही 200+ का स्कोर बना था। आगे ऐसे ही 8 ट्रेंड्स के बारे में डिटेल में जानिए, जो साबित करते हैं कि ऐसा IPL अब तक नहीं हुआ…पढ़ें पूरी खबर
सिद्धारमैया, शिवकुमार दिल्ली में: क्या कांग्रेस कर्नाटक में यथास्थिति बनाए रखेगी या वसंत एक आश्चर्य होगा? | भारत समाचार

आखरी अपडेट:26 मई, 2026, 01:11 IST लगभग तीन वर्षों से, कांग्रेस किसी भी खेमे को नाराज करने से सावधान रहते हुए, कर्नाटक नेतृत्व के मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेने से बचती रही है। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने अब तीन साल पूरे कर लिए हैं, 2028 के विधानसभा चुनाव में बमुश्किल दो साल बचे हैं (पीटीआई फ़ाइल) सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच चिरपरिचित सत्ता संघर्ष एक बार फिर कर्नाटक की राजनीति के केंद्र में लौट आया है, जिसने कांग्रेस आलाकमान को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है। मंगलवार को पार्टी नेतृत्व के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक से पहले, दोनों नेता अपने-अपने खेमे के साथ सोमवार शाम को नई दिल्ली में अलग-अलग पहुंचे। हालांकि न तो सिद्धारमैया और न ही शिवकुमार ने सीधे तौर पर संभावित नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को संबोधित किया, बैठक के समय ने राज्य में राजनीतिक चर्चा तेज कर दी है। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने अब तीन साल पूरे कर लिए हैं, 2028 के विधानसभा चुनावों में बमुश्किल दो साल बचे हैं। पार्टी नेतृत्व के लिए, अब सवाल यह नहीं है कि इस मुद्दे को हल किया जाना चाहिए या नहीं, बल्कि सवाल यह है कि वह शासन और पार्टी की एकता को नुकसान पहुंचाए बिना किसी फैसले को कब तक टालता रह सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कर्नाटक घटनाक्रम पर सीधे टिप्पणी करने से परहेज किया. उन्होंने कहा, “मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता। राहुल जी इन चीजों के बारे में बात करेंगे।” जब सिद्धारमैया से नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बारे में पूछा गया, तो मुख्यमंत्री ने इसे दरकिनार करते हुए कहा, “अटकलें हमेशा रहती हैं।” हालाँकि, सूत्रों के हवाले से ऐसा कहा गया है एएनआईअगले दो से तीन दिनों में इस मुद्दे पर स्पष्टता सामने आ सकती है। नेतृत्व के सवाल के अलावा, आगामी राज्यसभा चुनाव, कैबिनेट फेरबदल और विधान परिषद चुनावों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। कांग्रेस नेता क्या कह रहे हैं कई कांग्रेस नेताओं ने सार्वजनिक रूप से गुटबाजी के संकेतों को कम करने का प्रयास किया है, यहां तक कि दिल्ली की बैठकों ने तीव्र अटकलों को भी जन्म दिया है। कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को मुख्य रूप से राज्यसभा सीटों और आगामी एमएलसी चुनावों पर चर्चा के लिए बुलाया गया था। “हमारे पास भी 15-20 दिनों से भी कम समय में बहुत सारी एमएलसी सीटें खुलने वाली हैं। इसलिए वे इस बारे में आलाकमान से चर्चा करेंगे। अगर हमारे नेता, विधायक और परिषद के सदस्य हमारे आलाकमान से मिलते हैं तो इसमें गलत क्या है?” उसने कहा। मंत्री सतीश जारकीहोली ने स्वीकार किया कि दिल्ली बैठक का उद्देश्य पार्टी के भीतर मुद्दों को हल करना था, जबकि कांग्रेस एमएलसी नागराजू यादव ने जोर देकर कहा कि राज्य इकाई के भीतर कोई खेमा नहीं है। उन्होंने कहा, ”हम सभी एक साथ परिवार के सदस्यों की तरह काम कर रहे हैं… हाईकमान उचित समय पर उचित निर्णय लेने के लिए पर्याप्त मजबूत है।” लेकिन कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने शायद अब तक की सबसे स्पष्ट स्वीकारोक्ति की है कि अनिश्चितता से शासन को नुकसान होने लगा है। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि हमारी पार्टी में कोई राजनीतिक अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए। यह प्रशासन को प्रभावित करती है। इसलिए अगर इसका समाधान हो जाता है तो यह राज्य और लोगों के हित में है।” कांग्रेस से पहले तीन परिदृश्य जैसे-जैसे कांग्रेस नेतृत्व अपने विकल्पों पर विचार कर रहा है, तीन व्यापक परिदृश्य उभरते दिख रहे हैं। 1. कैबिनेट फेरबदल के साथ यथास्थिति पहली संभावना यह है कि कांग्रेस पार्टी के भीतर प्रतिस्पर्धी हितों को संतुलित करने के लिए कैबिनेट में बड़ा फेरबदल करते हुए सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बनाए रखे। इससे तत्काल अस्थिरता से बचने में मदद मिलेगी लेकिन शिवकुमार के समर्थकों को निराशा हो सकती है, जिनमें से कई लोग मानते हैं कि उन्होंने 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और सरकार का नेतृत्व करने का मौका पाने के हकदार हैं। 2. शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद संभाला दूसरा – और राजनीतिक रूप से सबसे साहसी – विकल्प मुख्यमंत्री पद शिवकुमार को सौंपना होगा। 2023 में कांग्रेस के सत्ता में लौटने के बाद, ऐसी व्यापक रिपोर्टें थीं कि एक सत्ता-साझाकरण समझौते पर काम किया गया था, जिसके तहत सिद्धारमैया 2.5 साल बाद शिवकुमार के पदभार संभालने से पहले कार्यकाल के पहले भाग के लिए काम करेंगे। हालाँकि पार्टी ने कभी भी इस तरह की व्यवस्था की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन शिवकुमार के खेमे ने संकेत देना जारी रखा है कि परिवर्तन के आसपास उम्मीदें जीवित हैं। 3. एक आश्चर्यजनक आम सहमति वाला उम्मीदवार तीसरी संभावना गतिरोध को तोड़ने के लिए सिद्धारमैया-शिवकुमार प्रतिद्वंद्विता के बाहर एक समझौतावादी उम्मीदवार के उभरने की है। एक नाम जो कभी-कभार राजनीतिक चर्चाओं में उभर आता है, वह हैं मल्लिकार्जुन खड़गे, जो कर्नाटक के दिग्गज दलित नेता हैं, जिन्हें कभी राज्य में मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में देखा जाता था। लेकिन इस तरह का कदम राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के लिए नई चुनौतियां पैदा करेगा। खड़गे को पार्टी अध्यक्ष के रूप में प्रतिस्थापित करने के साथ-साथ 83 वर्षीय नेता को राज्य की राजनीति में पदोन्नत करने से भविष्य की लड़ाइयों से पहले पार्टी की दीर्घकालिक संगठनात्मक योजनाएं जटिल हो सकती हैं। कांग्रेस के लिए यह ‘अभी या कभी नहीं’ वाला क्षण क्यों है? लगभग तीन वर्षों से, कांग्रेस आलाकमान किसी भी खेमे को नाराज करने से सावधान रहते हुए, कर्नाटक नेतृत्व के मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेने से काफी हद तक बचता रहा है। लेकिन जारी अस्पष्टता तेजी से राजनीतिक बोझ बन गई है। हर कुछ महीनों में, सिद्धारमैया या शिवकुमार का समर्थन करने वाले विधायकों और मंत्रियों के बयानों से अटकलें फिर से शुरू हो जाती हैं, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। नेतृत्व की अनिश्चितता ने राज्य में प्रशासनिक स्थिरता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही, कांग्रेस किसी भी नेता को अलग करने का जोखिम नहीं उठा सकती। शिवकुमार पार्टी के सबसे प्रभावशाली रणनीतिकारों और धन जुटाने वालों में से एक बने हुए हैं और कर्नाटक कांग्रेस









