Friday, 10 Jul 2026 | 08:31 PM

Trending :

EXCLUSIVE

CNG ₹2 तक महंगी, दिल्ली में कीमत ₹83.09 किलो:इस महीने चौथी बार दाम बढ़े, अब तक ₹6 इजाफा

CNG ₹2 तक महंगी, दिल्ली में कीमत ₹83.09 किलो:इस महीने चौथी बार दाम बढ़े, अब तक ₹6 इजाफा

पेट्रोल-डीजल के बाद मंगलवार, 26 मई को CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) की कीमतों में 2 रुपए की बढ़ोतरी की गई। इसके बाद दिल्ली में CNG की कीमत 83.09 रुपए प्रति किलो हो गई है। 23 मई को CNG के दाम 1 रुपए प्रति किलो बढ़े थे। अब तक CNG के 4 बार दाम बढ़ चुके हैं। 15 मई को ₹2, 18 मई को ₹1 और 23 मई को ₹1 की बढ़ोतरी हुई थी। पेट्रोल-डीजल के दाम महीने में चौथी बार बढ़े तेल कंपनियों ने कल पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल की कीमत ₹95.20 हो गई है। पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रही है तो पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। 50% तक बढ़ी CNG गाड़ियों की बिक्री पिछले तीन साल में भोपाल में सीएनजी गाड़ियों की बिक्री 50% तक बढ़ी है। शोरूम से हर रोज सीएनजी बेस्ड 10 से 15 गाड़ियां बिक रही है। इसकी मुख्य वजह पेट्रोल-डीजल के मुकाबले सीएनजी से एवरेज ज्यादा मिलना है। वहीं, सीएनजी के रेट भी कम है।

भारत में आज क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक:अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के नेता दिल्ली पहुंचे, जयशंकर अध्यक्षता करेंगे

भारत में आज क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक:अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के नेता दिल्ली पहुंचे, जयशंकर अध्यक्षता करेंगे

भारत आज नई दिल्ली में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक की मेजबानी करेगा। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी शामिल होंगे। भारत फिलहाल क्वाड समूह की अध्यक्षता कर रहा है। बैठक में इंडो-पैसिफिक की सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका और चीन के रिश्तों में बदलाव देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हाल ही में चीन दौरे से लौटे हैं। इसी के साथ क्वाड की रणनीतिक अहमियत को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि नई दिल्ली की बैठक का मकसद यह संदेश देना है कि क्वाड अब भी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग का अहम मंच बना हुआ है। लोवी इंस्टीट्यूट की इंडिया चेयर श्रुति पंडालई ने कहा कि बैठक बदलते अमेरिका-चीन समीकरणों के बावजूद क्वाड की प्रासंगिकता बनाए रखने का संकेत देगी। भारत में 2025 में होनी थी क्वाड समिट पिछले कुछ समय में क्वाड के अंदर तनाव बढ़ा है। 2024 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने डेलावेयर में क्वाड नेताओं की बैठक की मेजबानी की थी। इसके बाद अगली बैठक 2025 में भारत में होनी थी, लेकिन वह नहीं हो सकी। रिपोर्ट के अनुसार इसकी एक बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बढ़ा तनाव रहा। ट्रम्प ने भारतीय सामानों पर टैरिफ और अतिरिक्त शुल्क लगाए, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आया। इसके अलावा ट्रम्प ने यह दावा भी किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा संघर्ष को शांत कराने में मध्यस्थता की थी। भारत इस तरह के दावे को हमेशा संवेदनशील मानता है। ट्रम्प ने भारत द्वारा रूस से हथियार खरीदने की भी आलोचना की थी। इन सब वजहों से नई दिल्ली और वॉशिंगटन के रिश्तों में असहजता बढ़ी। अब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत आए हैं और उन्हें दोनों देशों के रिश्तों को संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक यह उनके लिए आसान काम नहीं होगा, क्योंकि ट्रम्प का ध्यान फिलहाल पश्चिम एशिया और दूसरे वैश्विक संकटों पर हैं। भारत की अहमियत नहीं समझ पाई अमेरिकी सरकार जर्मन वेबसाइट DW के मुताबिक अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया पहले से सुरक्षा सहयोगी थे, लेकिन क्वाड का असली मकसद भारत को साथ जोड़ना था ताकि ग्रुप का प्रभाव बढ़े। लेकिन अमेरिकी सरकार भारत की अहमियत को पूरी तरह नहीं समझ पाई जिससे मोदी सरकार नाराज हुई है। जापान और ऑस्ट्रेलिया लगातार कोशिश कर रहे हैं कि क्वाड टूटने न पाए। कुछ एक्स्पर्ट्स का मानना है कि भारत में ट्रम्प की जगह रुबियो का आना क्वाड के लिए बेहतर हो सकता है। अमेरिकी विशेषज्ञ डेरेक ग्रॉसमैन ने चेतावनी दी कि अगर ट्रम्प अगले क्वाड नेताओं के सम्मेलन में शामिल नहीं होते, तो यह समूह धीरे-धीरे महत्व खो सकता है। अगली नेताओं की बैठक 2026 के अंत में ऑस्ट्रेलिया में होने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर क्वाड कमजोर पड़ता है तो सबसे बड़ा फायदा चीन को होगा। ——————– यह खबर भी पढ़ें… भारतीयों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी पर अमेरिकी विदेश मंत्री निराश:कहा- हर देश में कुछ बेवकूफ लोग होते हैं, वे अमेरिका के नुमाइंदे नहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रविवार को अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियों और भेदभाव के सवाल पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान पूरे अमेरिकी समाज का प्रतिनिधित्व नहीं करते। पढ़ें पूरी खबर…

भारत में आज क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक:अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के नेता दिल्ली पहुंचे, जयशंकर अध्यक्षता करेंगे

भारत में आज क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक:अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के नेता दिल्ली पहुंचे, जयशंकर अध्यक्षता करेंगे

भारत आज नई दिल्ली में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक की मेजबानी करेगा। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी शामिल होंगे। भारत फिलहाल क्वाड समूह की अध्यक्षता कर रहा है। बैठक में इंडो-पैसिफिक की सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका और चीन के रिश्तों में बदलाव देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हाल ही में चीन दौरे से लौटे हैं। इसी के साथ क्वाड की रणनीतिक अहमियत को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि नई दिल्ली की बैठक का मकसद यह संदेश देना है कि क्वाड अब भी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग का अहम मंच बना हुआ है। लोवी इंस्टीट्यूट की इंडिया चेयर श्रुति पंडालई ने कहा कि बैठक बदलते अमेरिका-चीन समीकरणों के बावजूद क्वाड की प्रासंगिकता बनाए रखने का संकेत देगी। भारत में 2025 में होनी थी क्वाड समिट पिछले कुछ समय में क्वाड के अंदर तनाव बढ़ा है। 2024 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने डेलावेयर में क्वाड नेताओं की बैठक की मेजबानी की थी। इसके बाद अगली बैठक 2025 में भारत में होनी थी, लेकिन वह नहीं हो सकी। रिपोर्ट के अनुसार इसकी एक बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बढ़ा तनाव रहा। ट्रम्प ने भारतीय सामानों पर टैरिफ और अतिरिक्त शुल्क लगाए, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आया। इसके अलावा ट्रम्प ने यह दावा भी किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा संघर्ष को शांत कराने में मध्यस्थता की थी। भारत इस तरह के दावे को हमेशा संवेदनशील मानता है। ट्रम्प ने भारत द्वारा रूस से हथियार खरीदने की भी आलोचना की थी। इन सब वजहों से नई दिल्ली और वॉशिंगटन के रिश्तों में असहजता बढ़ी। अब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत आए हैं और उन्हें दोनों देशों के रिश्तों को संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक यह उनके लिए आसान काम नहीं होगा, क्योंकि ट्रम्प का ध्यान फिलहाल पश्चिम एशिया और दूसरे वैश्विक संकटों पर हैं। भारत की अहमियत नहीं समझ पाई अमेरिकी सरकार जर्मन वेबसाइट DW के मुताबिक अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया पहले से सुरक्षा सहयोगी थे, लेकिन क्वाड का असली मकसद भारत को साथ जोड़ना था ताकि ग्रुप का प्रभाव बढ़े। लेकिन अमेरिकी सरकार भारत की अहमियत को पूरी तरह नहीं समझ पाई जिससे मोदी सरकार नाराज हुई है। जापान और ऑस्ट्रेलिया लगातार कोशिश कर रहे हैं कि क्वाड टूटने न पाए। कुछ एक्स्पर्ट्स का मानना है कि भारत में ट्रम्प की जगह रुबियो का आना क्वाड के लिए बेहतर हो सकता है। अमेरिकी विशेषज्ञ डेरेक ग्रॉसमैन ने चेतावनी दी कि अगर ट्रम्प अगले क्वाड नेताओं के सम्मेलन में शामिल नहीं होते, तो यह समूह धीरे-धीरे महत्व खो सकता है। अगली नेताओं की बैठक 2026 के अंत में ऑस्ट्रेलिया में होने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर क्वाड कमजोर पड़ता है तो सबसे बड़ा फायदा चीन को होगा। ——————– यह खबर भी पढ़ें… भारतीयों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी पर अमेरिकी विदेश मंत्री निराश:कहा- हर देश में कुछ बेवकूफ लोग होते हैं, वे अमेरिका के नुमाइंदे नहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रविवार को अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियों और भेदभाव के सवाल पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान पूरे अमेरिकी समाज का प्रतिनिधित्व नहीं करते। पढ़ें पूरी खबर…

‘बंगाल में सामुदायिक ताकतों का मजबूत होना गहरी चिंता’, बीजेपी सरकार ने दिया बड़ा बयान

'बंगाल में सामुदायिक ताकतों का मजबूत होना गहरी चिंता', बीजेपी सरकार ने दिया बड़ा बयान

रसायन विज्ञान की केंद्रीय समिति (सीसी) ने आंध्र प्रदेश के चुनावी नतीजों को लेकर राजनीतिक, विचारधारा और शैक्षिक सिद्धांतों की प्रारंभिक समीक्षा की है। पार्टी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत और समाज में गरीब सांप्रदायिक ताकतों के मजबूत होने पर गहरी चिंता है। 22 से 24 मई, 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित केन्द्रीय समिति की बैठक के बाद जारी किए गए रोस्टर में कहा गया था कि केरल में राज्य समिति के लिए अलग-अलग गुटों से राय-सशक्तियों के सुझावों पर विचार किया जा रहा है। इन सुझावों पर 5 से 8 जून के बीच तिरुवनंतपुरम में होने वाली राज्य सचिवालय और राज्य समितियों की बैठकों में विस्तार से चर्चा होगी, जिसमें पोलित ब्यूरो के सदस्य भी शामिल होंगे। पार्टी ने कहा कि सुधारात्मक कदम उठाने के लिए ड्राफ्टियों को पहचानना जरूरी है। पार्टी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में सभी इकाइयां राय लेंगी और जून के अंत तक राज्य समिति की समीक्षा को अंतिम रूप दिया जाएगा। तमिल और असम में भी इसी तरह की समीक्षा प्रक्रिया अपनाई जाएगी। फैजाबाद ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टी की वापसी को सकारात्मक बताया। साथ ही कहा कि पुडुचेरी के माहे से पार्टी में एक प्रतियोगी ने जीत के रूप में एंट्री की है। केंद्रीय समिति ने उत्तर प्रदेश के सभी राज्यों के समर्थकों और उनके सहयोगियों को समर्थन दिया। क्या कर्नाटक में बदलेगा नेतृत्व? कांग्रेस हाईकमान से जुड़ेंगे सिद्धार्थमैया, डीके शिवकुमार बोले- लिख के ले लो… पार्टी ने कहा कि वह जनता की एकजुटता को बढ़ावा देने, अपनी शक्तियों की रक्षा के लिए संघर्ष करने और “सत्तावादियों और अल्पसंख्यक-कॉर्पोरेट दावों” का विरोध करने के लिए अग्रिम पंक्ति में बने रहेंगे। कट्टरपंथी भी जनता के खिलाफ एकजुट होकर सदन में उठेंगे और कथित जनविरोधी पार्टियों का संघर्ष जारी रहेगा। तेलुगू में नवगठित सरकार से भी दैवीय कंपनी। पार्टी ने कहा कि टीवीके की सरकार, जिसका नेतृत्व विजय कर रहे हैं, संविधान, संघीय विश्वविद्यालय, दार्शनिकता और लोकतांत्रिक गणराज्यों के रक्षा एसोसिएटेड अपने वादों के शासन संस्थान हैं। केंद्रीय समिति ने कहा कि चुनावी नतीजों में एक व्यापक क्रांतिकारी समाज में गैरबराबरी सांप्रदायिक ताकतों की बातें शामिल हैं और पश्चिम बंगाल में सत्ता हासिल करना है। पार्टी ने कहा कि भले ही बीजेपी को केरल और तमिल में सीमित छूट मिली हो, लेकिन उनका विस्तार चिंता का विषय है। विधानमंडल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में आरएसएस-भाजपा की जीत और असम में उनकी सत्ता में सभी लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और लोकतांत्रिक सेनाओं की वापसी गंभीर चिंता का विषय है। पार्टी ने समर्थन किया कि वह सामुदायिक सभा और जनता की शक्तियों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी। पार्टी की केंद्रीय समिति की जुलाई 2026 की दूसरी पखवाड़े में फिर से बैठक हुई, जिसमें राज्यों की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर चुनाव के नतीजों का व्यापक विश्लेषण और शीर्ष से लेकर स्तर निर्धारण तक के मानदंड तय करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। ये भी पढ़ें : दुनिया में खतरा मचाने को तैयार इबोला वायरस! ‘हेल्थ इमर्जेसी’ घोषित होने के बाद जापान के चित्र ने निर्देश निर्देश दिए

फिल्म धुरंधर के प्रोडक्शन डिजाइनर पर रेप की FIR:चंडीगढ़ की युवती बोली- मीटिंग के बहाने 5-स्टार होटल में बुलाया, विरोध करने पर मारपीट की

फिल्म धुरंधर के प्रोडक्शन डिजाइनर पर रेप की FIR:चंडीगढ़ की युवती बोली- मीटिंग के बहाने 5-स्टार होटल में बुलाया, विरोध करने पर मारपीट की

फिल्म धुरंधर के प्रोडक्शन डिजाइनर सैनी एस. जोहरे के खिलाफ चंडीगढ़ सेक्टर-17 थाना में युवती के साथ रेप का मामला दर्ज हुआ है। शिकायत में युवती ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने फाइव स्टार होटल में बुलाकर उसके साथ रेप किया, मारपीट की और गलत तरीके से बंधक बनाकर रखने जैसी हरकतें कीं। युवती ने आरोप लगाया कि उसकी ड्रिंक में संदिग्ध नशीला पदार्थ मिलाया गया था, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई थी। पुलिस ने जांच के बाद 21 अप्रैल 2026 को FIR दर्ज की थी, लेकिन इसका खुलासा सोमवार देर शाम को हुआ है। जानकारी के अनुसार, FIR के बाद सेक्टर-17 की पुलिस ने आरोपी प्रोडक्शन डिजाइनर को गिरफ्तार भी किया था, लेकिन उसे जिला अदालत से जमानत मिल गई है। चंडीगढ़ की पीड़िता, आरोपी मुंबई का पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, चंडीगढ़ के खुड्‌डा लाहौरा की रहने वाली युवती ने 20 अप्रैल को सेक्टर-17 थाने में शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर जांच के दौरान भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 79, 123 और 126(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। पीड़िता वर्तमान में चंडीगढ़ में रह रही है, जबकि उसका स्थायी पता नई दिल्ली का है। शिकायत में आरोपी का पता मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित ओबेराय स्प्रिंग बिल्डिंग है। प्रोडक्शन डिजाइनर सैनी एस. जोहरे धुरंधर फिल्म के भव्य सेट में थाईलैंड में पाकिस्तान का लियारी टाउन बनाने से चर्चा में आए। युवती ने शिकायत में ये बातें लिखवाईं… शिकायत में युवती ने बताया कि वर्ष 2025 में वह चंडीगढ़ के सेक्टर-10 स्थित गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट में पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान एक टीचर के माध्यम से उसका बायोडाटा फिल्म धुरंधर की टीम तक पहुंचा। इसके बाद सैनी एस. जोहरे ने उसे 2 सितंबर 2025 को फिल्म प्रोजेक्ट में असिस्टेंट आर्ट डायरेक्टर के तौर पर शामिल किया। सैनी ने खुद को उसका मेंटर बताया। शिकायत के अनुसार, प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने के 4-5 दिन बाद आरोपी ने उसे काम की चर्चा के नाम पर सेक्टर- 17 स्थित होटल के कमरे में बुलाया। युवती का कहना है कि शुरुआत में उसे लगा कि यह टीम मीटिंग होगी, लेकिन बाद में पता चला कि वहां किसी अन्य टीम सदस्य को नहीं बुलाया गया था। पीड़िता ने शिकायत में कहा कि 10 सितंबर 2025 की रात वह करीब साढ़े 8 बजे होटल के कमरे में पहुंची। वहां आरोपी ने उसे शराब पीने के लिए दबाव बनाया। ड्रिंक पीने के लगभग 5 मिनट बाद उसे चक्कर आने लगे और उसकी हालत बिगड़‌ने लगी। युवती का आरोप है कि आरोपी ने डांस सिखाने के बहाने उसे गलत तरीके से छूआ। इस दौरान उसकी तबीयत और बिगड़ गई और उसने 10 से 15 बार उल्टियां कीं। इसके बावजूद आरोपी ने उसे कमरे से नहीं जाने दिया और उसके साथ रेप किया। इसका विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। ॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… धुरंधर फेम सिंगर का राखी सावंत पर तंज, बोले- दिल पे जख्म तो ठीक हैं लेकिन मेरे शो में कपड़े क्या पहनकर आई हो बॉलीवुड आइटम गर्ल राखी सावंत मुंबई में धुरंधर के ‘जान से गुजरते हैं’ सॉन्ग फेम पंजाबी सिंगर खान साब के लाइव कॉन्सर्ट में पहुंचीं। इस दौरान मंच पर दोनों के बीच मस्ती भरे अंदाज में बातचीत हुई। इससे जुड़ा वीडियो राखी सावंत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। पढ़ें पूरी खबर…

सीजफायर के बीच अमेरिका का ईरान पर हमला:होर्मुज के पास मिसाइल साइट और बारूदी सुरंग बिछा रही बोट्स को निशाना बनाया

सीजफायर के बीच अमेरिका का ईरान पर हमला:होर्मुज के पास मिसाइल साइट और बारूदी सुरंग बिछा रही बोट्स को निशाना बनाया

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सीजफायर वार्ता के बीच अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरानी मिसाइल लॉन्च साइट्स और बारूदी सुरंग बिछा रही बोट्स को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक यह कार्रवाई सेल्फ-डिफेंस यानी आत्मरक्षा में की गई। CENTCOM के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों और युद्धपोतों को खतरे से बचाने के लिए ये हमले किए गए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सीजफायर के दौरान अमेरिका संयम बरत रहा है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल सप्लाई होती है। अमेरिकी सेना का आरोप है कि ईरानी बोट्स समुद्री रास्ते में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं, जिससे अंतरराष्ट्रीय जहाजों और अमेरिकी युद्धपोतों को खतरा हो सकता था। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…. 1. ईरान के साथ ओबामा जैसी डील नहीं: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वे ईरान के साथ ओबामा जैसी डील नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि या तो अच्छा समझौता होगा या फिर कुछ भी नहीं होगा। 2. ईरान की दोहा वार्ता में होर्मुज और यूरेनियम मुद्दा सबसे अहम: ईरान के शीर्ष प्रतिनिधिमंडल की कतर यात्रा में होर्मुज स्ट्रेट और हाईली एनरिच्ड यूरेनियम सबसे अहम मुद्दे बने हुए हैं। साथ ही ईरान की फ्रीज संपत्तियों को जारी करने पर भी बातचीत हो रही है। 3. अमेरिका-ईरान में समझौते पर दस्तखत नहीं: अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर दस्तखत नहीं हो सके। इससे पहले कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि रविवार को ही दोनों देश सीजफायर बढ़ाने और होर्मुज खोलने को लेकर समझौता कर सकते हैं। 4. सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना कोई फैसला नहीं: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि ईरान में कोई भी बड़ा फैसला सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना नहीं लिया जाएगा। 5. ईरान का हिजबुल्लाह को फिर समर्थन: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने लेबनान और हिजबुल्लाह के समर्थन में संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि ईरान, इजराइल के खिलाफ लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के साथ खड़ा है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

Manish & Jackie Shroffs Emotional Superhero Film Chat

Manish & Jackie Shroffs Emotional Superhero Film Chat

3 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी कॉपी लिंक फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो’ में जैकी श्रॉफ ऐसे देसी सुपरहीरो बने हैं, जो पृथ्वी को एलियन आक्रमण से बचाते हैं। जैकी श्रॉफ और तीन बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके डायरेक्टर मनीष सैनी ने फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो – एलियंस का आगमन’ को लेकर दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। इस दौरान जैकी श्रॉफ ने बच्चों से अपने खास कनेक्शन, जिंदगी के उतार-चढ़ाव, भाई की मौत के ट्रॉमा और बिंदास जिंदगी जीने के मंत्र पर बात की। वहीं मनीष सैनी ने बताया कि डार्क और VFX फिल्मों के दौर में उन्होंने ऐसा सुपरहीरो बनाने की कोशिश की है, जो लोगों को डराए नहीं, बल्कि मुस्कुराए और परिवार को साथ बैठकर फिल्म देखने का मौका दे। जैकी श्रॉफ और डायरेक्टर मनीष सैनी ने फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो – एलियंस का आगमन’ से जुड़े अपने अनुभव शेयर किए। सवाल: दादा, आपसे हर जनरेशन जुड़ जाती है। बच्चे भी और बड़े भी। इस कनेक्शन का राज क्या है? जवाब/ जैकी श्रॉफ: मुझे खुद नहीं पता यार। बस दिल से जीने, प्यार बांटने और लोगों के साथ घुलने-मिलने का। मैं हमेशा यही सोचता हूं कि किसी को नीचे गिराकर बड़ा नहीं बनना चाहिए। बच्चों के साथ बच्चा बन जाओ, बड़ों के साथ दोस्त बन जाओ। जब आप किसी से दिल से मिलते हो, तो एक एनर्जी एक्सचेंज होती है। हाथ मिलाओ, गले लगो, प्यार से बात करो, वही कनेक्शन बना देता है। ग्रैंडफादर और ग्रैंडचाइल्ड का रिश्ता भी ऐसा ही होता है। सवाल: क्या आज जॉइंट फैमिली की कमी महसूस होती है? जवाब/ जैकी श्रॉफ: आजकल परिवार छोटे हो गए हैं। पहले छोटे घर में भी 6-7 लोग साथ रहते थे, लेकिन प्यार बहुत होता था। हम लोग छोटे से घर में रहते थे, मगर मजा बहुत आता था। दादा-दादी के साथ रहने से बच्चे जिंदगी सीखते हैं। उनके अनुभव, बातें और प्यार जैसी चीजें आज कहीं ना कहीं कम हो गई हैं। सवाल: आजकल लोगों में प्यार और रिस्पेक्ट कम होता जा रहा है? जवाब/ जैकी श्रॉफ: मैं हमेशा अच्छाई देखने की कोशिश करता हूं। चांद को देखता हूं, उसके दाग नहीं। अगर इंसान हर वक्त सिर्फ कमी देखेगा, तो जिंदगी भारी हो जाएगी। कई बार मैं खुद की गलतियां देख लेता हूं, फिर दूसरों की बुराई करने का मन नहीं करता। हर इंसान में कुछ अच्छा जरूर होता है। मनीष सैनी को गुजराती फिल्म ‘ढह’, चिल्ड्रन फीचर फिल्म ‘गांधी एंड कंपनी’ और शॉर्ट फिल्म ‘गिद्ध- द स्केवेंजर’ के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (नेशनल अवॉर्ड) मिल चुका है। सवाल: मनीष जी, आपने जैकी दादा में कौन-सी सुपरपावर देखी? जवाब/ मनीष सैनी: जैकी सर का पॉजिटिव ऑरा बहुत अलग है। वो फिटनेस, हेल्थ और एनवायरमेंट की जो बातें करते हैं, वैसे ही असल जिंदगी में भी हैं। मुझे लगा कि अगर वो यह किरदार निभाएंगे, तो लोग उस कहानी पर यकीन करेंगे। क्योंकि उनका व्यक्तित्व ऐसा है कि लोग उनसे तुरंत जुड़ जाते हैं। सवाल: सेट पर जैकी दादा कैसे थे? जवाब/ मनीष सैनी: सेट पर वो बिल्कुल बच्चों जैसे हो जाते थे। बच्चे उनके आसपास आराम से घूमते, चॉकलेट पर झगड़ते और बातें करते थे। कोई बच्चा उनसे डरता नहीं था। मैं देखता था कि बच्चे उनकी उंगली पकड़कर ले जा रहे हैं और वीडियो कॉल पर टाइगर से बात कर रहे हैं। तब लगा कि हमने सही इंसान को चुना है। सवाल: उनकी सबसे बड़ी खासियत क्या लगी? जवाब/ मनीष सैनी: इतने बड़े स्टार होने के बाद भी उनमें कोई स्टार वाला एटीट्यूड नहीं था। रात 1 बजे शूट खत्म हुआ, फिर भी खुद गाड़ी चलाकर फार्महाउस गए। मैंने पूछा, “सर, आप क्यों ड्राइव कर रहे हो?” तो बोले, “अब मजा आएगा, मैं ड्राइव करूंगा।” उनकी यही सिंप्लिसिटी सबसे बड़ी चीज है। जैकी श्रॉफ का बेबाक अंदाज, विनम्र स्वभाव, और ‘मस्त रहने’ की लाइफ फिलोसोफी उन्हें सबसे अलग बनाती है। सवाल: दादा, इंडस्ट्री में इतने साल रहने के बाद भी आपकी मासूमियत कैसे बची रही? जवाब/ जैकी श्रॉफ: जब मैं छोटा था, तभी मेरे बड़े भाई चले गए थे। उस उम्र में वो बड़ा झटका था। तभी समझ आ गया कि जिंदगी हमेशा के लिए नहीं है। उसके बाद मैंने सोचा कि जितना वक्त मिला है, उसे प्यार और खुशी से जीना चाहिए। पल को एंजॉय करो, लोगों के साथ रहो और जिंदगी को हल्का रखो। सवाल: क्या यही सोच आपने अपने बच्चों को भी दी? जवाब/ जैकी श्रॉफ: मैंने हमेशा कोशिश की कि बच्चे जमीन से जुड़े रहें। नाम और शोहरत बाद में है, पहले इंसान अच्छा होना जरूरी है। टाइगर और कृष्णा दोनों में वही सिंप्लिसिटी और डिसिप्लिन दिखता है, तो अच्छा लगता है। बस दुआ है कि वो हमेशा ऐसे ही रहें। सवाल: मनीष जी, आज VFX और बड़े-बड़े सुपरहीरो का दौर है। आपने इतना इमोशनल सुपरहीरो कैसे बनाया? जवाब/ मनीष सैनी: ये ऐसे इंसान की कहानी है जो बच्चों के बीच सुपरहीरो बनकर रहना चाहता है। वो चाहता है कि बच्चे उसे हमेशा खास समझें। लेकिन बच्चे सवाल पूछते हैं, पावर देखने की जिद करते हैं और वहीं से कहानी मजेदार और इमोशनल बन जाती है। मुझे लगा कि असली सुपरहीरो वही है जो प्यार दे सके। सवाल: फिल्म का सबसे इमोशनल हिस्सा क्या है? जवाब/ मनीष सैनी: फिल्म में एक डायलॉग है जहां जैकी सर कहते हैं, “मुझे शाबाशी बहुत अच्छी लगती है।” वो लाइन छोटी है, लेकिन बहुत गहरी है। सेट पर कई लोगों की आंखें भर गई थीं। क्योंकि हर इंसान चाहता है कि कोई उसकी तारीफ करे और उसे महसूस कराए कि वो जरूरी है। फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो – एलियंस का आगमन’ सिनेमाघरों में 29 मई, 2026 को रिलीज होगी। सवाल: डार्क फिल्मों के दौर में ऐसी फिल्म बनाने की हिम्मत कहां से आई? जवाब/ मनीष सैनी: कोविड के बाद बहुत नेगेटिविटी बढ़ गई थी। हर तरफ गुस्सा, अंधेरा और तनाव था। मुझे लगा कि ऐसी फिल्म बनानी चाहिए जो लोगों को मुस्कुराने का मौका दे। बच्चों और सीनियर सिटिजन को सुपरहीरो बनाना मुझे नया और दिल से जुड़ा लगा। यही इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। सवाल: क्या आप ट्रेंड फॉलो नहीं करते? जवाब/ मनीष सैनी: मैं कोशिश करता हूं

Manish & Jackie Shroffs Emotional Superhero Film Chat

Manish & Jackie Shroffs Emotional Superhero Film Chat

19 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी कॉपी लिंक फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो’ में जैकी श्रॉफ ऐसे देसी सुपरहीरो बने हैं, जो पृथ्वी को एलियन आक्रमण से बचाते हैं। जैकी श्रॉफ और तीन बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके डायरेक्टर मनीष सैनी ने फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो – एलियंस का आगमन’ को लेकर दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। इस दौरान जैकी श्रॉफ ने बच्चों से अपने खास कनेक्शन, जिंदगी के उतार-चढ़ाव, भाई की मौत के ट्रॉमा और बिंदास जिंदगी जीने के मंत्र पर बात की। वहीं मनीष सैनी ने बताया कि डार्क और VFX फिल्मों के दौर में उन्होंने ऐसा सुपरहीरो बनाने की कोशिश की है, जो लोगों को डराए नहीं, बल्कि मुस्कुराए और परिवार को साथ बैठकर फिल्म देखने का मौका दे। जैकी श्रॉफ और डायरेक्टर मनीष सैनी ने फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो – एलियंस का आगमन’ से जुड़े अपने अनुभव शेयर किए। सवाल: दादा, आपसे हर जनरेशन जुड़ जाती है। बच्चे भी और बड़े भी। इस कनेक्शन का राज क्या है? जवाब/ जैकी श्रॉफ: मुझे खुद नहीं पता यार। बस दिल से जीने, प्यार बांटने और लोगों के साथ घुलने-मिलने का। मैं हमेशा यही सोचता हूं कि किसी को नीचे गिराकर बड़ा नहीं बनना चाहिए। बच्चों के साथ बच्चा बन जाओ, बड़ों के साथ दोस्त बन जाओ। जब आप किसी से दिल से मिलते हो, तो एक एनर्जी एक्सचेंज होती है। हाथ मिलाओ, गले लगो, प्यार से बात करो, वही कनेक्शन बना देता है। ग्रैंडफादर और ग्रैंडचाइल्ड का रिश्ता भी ऐसा ही होता है। सवाल: क्या आज जॉइंट फैमिली की कमी महसूस होती है? जवाब/ जैकी श्रॉफ: आजकल परिवार छोटे हो गए हैं। पहले छोटे घर में भी 6-7 लोग साथ रहते थे, लेकिन प्यार बहुत होता था। हम लोग छोटे से घर में रहते थे, मगर मजा बहुत आता था। दादा-दादी के साथ रहने से बच्चे जिंदगी सीखते हैं। उनके अनुभव, बातें और प्यार जैसी चीजें आज कहीं ना कहीं कम हो गई हैं। सवाल: आजकल लोगों में प्यार और रिस्पेक्ट कम होता जा रहा है? जवाब/ जैकी श्रॉफ: मैं हमेशा अच्छाई देखने की कोशिश करता हूं। चांद को देखता हूं, उसके दाग नहीं। अगर इंसान हर वक्त सिर्फ कमी देखेगा, तो जिंदगी भारी हो जाएगी। कई बार मैं खुद की गलतियां देख लेता हूं, फिर दूसरों की बुराई करने का मन नहीं करता। हर इंसान में कुछ अच्छा जरूर होता है। मनीष सैनी को गुजराती फिल्म ‘ढह’, चिल्ड्रन फीचर फिल्म ‘गांधी एंड कंपनी’ और शॉर्ट फिल्म ‘गिद्ध- द स्केवेंजर’ के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (नेशनल अवॉर्ड) मिल चुका है। सवाल: मनीष जी, आपने जैकी दादा में कौन-सी सुपरपावर देखी? जवाब/ मनीष सैनी: जैकी सर का पॉजिटिव ऑरा बहुत अलग है। वो फिटनेस, हेल्थ और एनवायरमेंट की जो बातें करते हैं, वैसे ही असल जिंदगी में भी हैं। मुझे लगा कि अगर वो यह किरदार निभाएंगे, तो लोग उस कहानी पर यकीन करेंगे। क्योंकि उनका व्यक्तित्व ऐसा है कि लोग उनसे तुरंत जुड़ जाते हैं। सवाल: सेट पर जैकी दादा कैसे थे? जवाब/ मनीष सैनी: सेट पर वो बिल्कुल बच्चों जैसे हो जाते थे। बच्चे उनके आसपास आराम से घूमते, चॉकलेट पर झगड़ते और बातें करते थे। कोई बच्चा उनसे डरता नहीं था। मैं देखता था कि बच्चे उनकी उंगली पकड़कर ले जा रहे हैं और वीडियो कॉल पर टाइगर से बात कर रहे हैं। तब लगा कि हमने सही इंसान को चुना है। सवाल: उनकी सबसे बड़ी खासियत क्या लगी? जवाब/ मनीष सैनी: इतने बड़े स्टार होने के बाद भी उनमें कोई स्टार वाला एटीट्यूड नहीं था। रात 1 बजे शूट खत्म हुआ, फिर भी खुद गाड़ी चलाकर फार्महाउस गए। मैंने पूछा, “सर, आप क्यों ड्राइव कर रहे हो?” तो बोले, “अब मजा आएगा, मैं ड्राइव करूंगा।” उनकी यही सिंप्लिसिटी सबसे बड़ी चीज है। जैकी श्रॉफ का बेबाक अंदाज, विनम्र स्वभाव, और ‘मस्त रहने’ की लाइफ फिलोसोफी उन्हें सबसे अलग बनाती है। सवाल: दादा, इंडस्ट्री में इतने साल रहने के बाद भी आपकी मासूमियत कैसे बची रही? जवाब/ जैकी श्रॉफ: जब मैं छोटा था, तभी मेरे बड़े भाई चले गए थे। उस उम्र में वो बड़ा झटका था। तभी समझ आ गया कि जिंदगी हमेशा के लिए नहीं है। उसके बाद मैंने सोचा कि जितना वक्त मिला है, उसे प्यार और खुशी से जीना चाहिए। पल को एंजॉय करो, लोगों के साथ रहो और जिंदगी को हल्का रखो। सवाल: क्या यही सोच आपने अपने बच्चों को भी दी? जवाब/ जैकी श्रॉफ: मैंने हमेशा कोशिश की कि बच्चे जमीन से जुड़े रहें। नाम और शोहरत बाद में है, पहले इंसान अच्छा होना जरूरी है। टाइगर और कृष्णा दोनों में वही सिंप्लिसिटी और डिसिप्लिन दिखता है, तो अच्छा लगता है। बस दुआ है कि वो हमेशा ऐसे ही रहें। सवाल: मनीष जी, आज VFX और बड़े-बड़े सुपरहीरो का दौर है। आपने इतना इमोशनल सुपरहीरो कैसे बनाया? जवाब/ मनीष सैनी: ये ऐसे इंसान की कहानी है जो बच्चों के बीच सुपरहीरो बनकर रहना चाहता है। वो चाहता है कि बच्चे उसे हमेशा खास समझें। लेकिन बच्चे सवाल पूछते हैं, पावर देखने की जिद करते हैं और वहीं से कहानी मजेदार और इमोशनल बन जाती है। मुझे लगा कि असली सुपरहीरो वही है जो प्यार दे सके। सवाल: फिल्म का सबसे इमोशनल हिस्सा क्या है? जवाब/ मनीष सैनी: फिल्म में एक डायलॉग है जहां जैकी सर कहते हैं, “मुझे शाबाशी बहुत अच्छी लगती है।” वो लाइन छोटी है, लेकिन बहुत गहरी है। सेट पर कई लोगों की आंखें भर गई थीं। क्योंकि हर इंसान चाहता है कि कोई उसकी तारीफ करे और उसे महसूस कराए कि वो जरूरी है। फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो – एलियंस का आगमन’ सिनेमाघरों में 29 मई, 2026 को रिलीज होगी। सवाल: डार्क फिल्मों के दौर में ऐसी फिल्म बनाने की हिम्मत कहां से आई? जवाब/ मनीष सैनी: कोविड के बाद बहुत नेगेटिविटी बढ़ गई थी। हर तरफ गुस्सा, अंधेरा और तनाव था। मुझे लगा कि ऐसी फिल्म बनानी चाहिए जो लोगों को मुस्कुराने का मौका दे। बच्चों और सीनियर सिटिजन को सुपरहीरो बनाना मुझे नया और दिल से जुड़ा लगा। यही इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। सवाल: क्या आप ट्रेंड फॉलो नहीं करते? जवाब/ मनीष सैनी: मैं कोशिश करता हूं

Bhopal athlete Dev won gold with a national record, Kuldeep won silver, then had to carry poles in an e-rickshaw.

Bhopal athlete Dev won gold with a national record, Kuldeep won silver, then had to carry poles in an e-rickshaw.

Hindi News Local Mp Bhopal Bhopal Athlete Dev Won Gold With A National Record, Kuldeep Won Silver, Then Had To Carry Poles In An E rickshaw. भोपाल/रांची7 मिनट पहले कॉपी लिंक रांची में आयोजित फेडरेशन कप में मप्र अकादमी भोपाल के दो खिलाड़ियों ने भारतीय एथलेटिक्स में इतिहास रच दिया। देव कुमार मीणा और कुलदीप कुमार ने पुरुष पोल वॉल्ट में 5.45 मीटर की समान छलांग लगाकर नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया और कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए क्वालिफाई किया। लेकिन इस ऐतिहासिक उपलब्धि के कुछ ही घंटों बाद दोनों खिलाड़ी अपने 5 मीटर लंबे फाइबरग्लास पोल ई-रिक्शा में लादकर होटल ले जाते दिखे। पोल वॉल्ट में इस्तेमाल होने वाले ये विशेष पोल इतने लंबे और संवेदनशील होते हैं कि इन्हें संभालना और एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान नहीं होता। इसके बावजूद खिलाड़ियों को अपने उपकरण खुद ढोने पड़े। यह तस्वीर खेल व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। इसी साल मुंबई में भी जबरन उतारा था इसी साल ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैम्पियनशिप से लौटते समय पनवेल स्टेशन पर एक टीटीई ने इन्हीं दोनों खिलाड़ियों को ट्रेन से उतार दिया था। अफसरों का तर्क था कि इतने लंबे पोल बोगी में नहीं ले जाए जा सकते। शाटपुट में समरदीप को गोल्ड, कॉमनवेल्थ क्वालीफाई किया भोपाल के ही समरदीप सिंह गिल ने शॉटपुट में गोल्ड मेडल जीतकर कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स 2026 के लिए क्वालिफाई किया। उन्होंने 20.46 मीटर गोला फेंका। {मप्र अकादमी भोपाल के विनोद सिंह ने 5 हजार मीटर दौड़ में सिल्वर जीता। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

विनेश फोगाट के एशियन गेम्स खेलने की गारंटी नहीं:लांग लिस्ट में नाम नहीं, ट्रायल जीतीं तो भी OCA करेगा अंतिम फैसला; हाईकोर्ट से राहत मिली

विनेश फोगाट के एशियन गेम्स खेलने की गारंटी नहीं:लांग लिस्ट में नाम नहीं, ट्रायल जीतीं तो भी OCA करेगा अंतिम फैसला; हाईकोर्ट से राहत मिली

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर ट्रायल में हिस्सा लेने की छूट के बाद भी रेसलर विनेश फोगाट के जापान में एशियन गेम्स-2026 खेलने की गारंटी नहीं है। 19 सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भेजी गई संभावित खिलाड़ियों (लांग लिस्ट) में विनेश का नाम नहीं है। भारतीय कुश्ती फेडरेशन (WFI) की ओर से इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOC) को भेजी सूची में इस रेसलर का नाम नहीं था। आईओसी ने यही लिस्ट आगे एशियन ओलंपिक परिषद (OCA) और जापान की आयोजन समिति को भेजी। ऐसे में अब OCA के रुख पर बहुत कुछ निर्भर करेगा। बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने विनेश की याचिका पर सुनवाई करते हुए 23 मई को फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि मातृत्व (Motherhood) को किसी महिला खिलाड़ी के खिलाफ हथियार नहीं बनाया जा सकता। इसमें विनेश को ट्रायल में हिस्सा लेने की रियायत दी गई थी। यह ट्रायल 30 और 31 मई को होने हैं। भारतीय कुश्ती महासंघ ने उनके मातृत्व अवकाश और अन्य कारणों का हवाला देते हुए उन्हें शुरुआत में अयोग्य ठहराया था, जिसके कारण उनका नाम लांग लिस्ट में नहीं भेजा। 3 पॉइंट में जानिए नियमों को लेकर टेक्निकल स्थिति… कुश्ती महासंघ ने एंटी-डोपिंग नियमों का हवाला देकर लगाया था बैन डब्ल्यूएफआई ने एंटी-डोपिंग नियमों के तहत संन्यास से वापसी करने वाले एथलीटों के लिए अनिवार्य छह महीने की नोटिस अवधि का हवाला देते हुए फोगाट को 26 जून, 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। कुश्ती महासंघ ने लिखा था कि विनेश ने संन्यास से वापसी के लिए छह महीने पहले सूचना नहीं दी। इससे WFI संविधान, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) नियमों तथा एंटी-डोपिंग प्रावधानों का उल्लंघन हुआ। बता दें कि करीब 3 साल पहले विनेश ने बृजभूषण पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसे लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ धरना भी दिया था। विनेश ने वीडियो जारी बृजभूषण पर साधा था निशाना.. बृजभूषण बोले थे- आरोप सही हुए तो फांसी पर लटक जाऊंगा इन आरोपों पर कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण ने सफाई देते हुए कहा था- किसी भी तरह का उत्पीड़न नहीं हुआ है। अगर हुआ है तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा। उन्होंने धरने को स्पॉन्सर्ड बताते हुए इसके पीछे हरियाणा कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा को बताया था। उन्होंने कहा था कि अब ये खिलाड़ी नेशनल लेवल पर भी खेलने योग्य नहीं रहे। पेरिस ओलिंपिक में डिसक्वालिफाई हुई थीं विनेश विनेश 2024 पेरिस ओलिंपिक में महिलाओं की 50 किलो फ्रीस्टाइल कुश्ती में खेली थीं। उन्होंने फाइनल में जगह बनाई थी। लेकिन फाइनल से पहले उनका वजन तय सीमा से 100 ग्राम ज्यादा पाया गया। नियमों के मुताबिक उन्हें पूरे इवेंट से डिस्क्वालिफाई कर दिया गया। उन्हें कोई मेडल नहीं मिला, जबकि वे फाइनल तक पहुंच चुकी थीं।