रघुवीर यादव बोले- महंगाई से बुरा हाल सैयां का है:पंचायत सीरीज पर बोले- आधी शूटिंग हो चुकी; बच्चों को थिएटर से जोड़े

बॉलीवुड एक्टर, सिंगर और थियेटर आर्टिस्ट रघुवीर यादव जयपुर में आयोजित बच्चों की क्यूरियो थिएटर वर्कशॉप के समापन पर आए। उन्होंने कहा- थिएटर केवल अभिनय की कला नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पाठशाला है। बच्चों को बचपन से ही रंगमंच, संगीत और कला से जोड़ दिया जाए तो उनका व्यक्तित्व निखरता है। फिल्म पीपली लाइव के फेमस गाने ‘महंगाई डायन खाय जात है’ का गाना आज भी लोगों को काफी पंसद है। इस पर उन्होंने कहा- महंगाई तो मेरे बचपन से बढ़ती ही चली आ रही है। गाने में ‘सैयां’ पर ज्यादा जोर दिया था। महंगाई से ज्यादा बुरा हाल तो सैयां का है। अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट पंचायत के नए सीजन पर कहा कि अभी इसकी शूटिंग चल रही है। एक्टर ने अपने करियर और निजी जीवन से जुड़ी कई बात भास्कर के साथ साझा की। पढ़िए- सवाल: जयपुर में बच्चों की थिएटर वर्कशॉप में आए हैं। बच्चों को रंगमंच से जोड़ना कितना जरूरी है? रघुवीर यादव: बहुत जरूरी है। रंगमंच ही ऐसी विधा है जो जीने का सलीका सिखाती है, दिशा दिखाती है कि आपको अपने आप को कैसे बचाकर, बनाकर और समझदारी से आगे बढ़ना है। थिएटर कभी वक्त जाया करना नहीं सिखाता, बल्कि जो समय आपके पास है उसका सही इस्तेमाल करना सिखाता है। अगर बच्चों को छोटी उम्र से ही थिएटर की आदत डाल दी जाए और इसके मायने समझा दिए जाएं तो जिंदगी काफी आसान हो जाती है। बच्चे तो वैसे भी होनहार होते हैं, बस उन्हें सही दिशा दिखानी होती है। थिएटर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप कभी खुद को अकेला महसूस नहीं करते। सवाल: आपने अपने करियर की शुरुआत संगीत से की थी और फिर थिएटर से जुड़े। शुरुआती दौर में कैसी चुनौतियां रहीं? रघुवीर यादव: देखिए, तकलीफें तो कुछ होती नहीं हैं। आप चाहें तो उन्हें तकलीफ कह दीजिए, चाहें तो मजा। मेरी नजर में अगर जिंदगी बनानी है तो तकलीफों में मजा लेना सीखना पड़ेगा। असल में तकलीफ काम में नहीं होती, तकलीफ आलस में होती है। स्कूल की घंटी बजते ही अगर कोई कहे कि तकलीफ शुरू हो गई और स्कूल जाना छोड़ दे, तो फिर कुछ नहीं होगा। मुझे तो कभी तकलीफ महसूस नहीं हुई। जो कर पाया, कर लिया। जो नहीं कर पाया, उसे सीखने की कोशिश की। बस यही तरीका रहा। सवाल: पंचायत की सफलता के बाद अपने अंदर क्या बदलाव महसूस किया? रघुवीर यादव: मेरे अंदर कोई बदलाव नहीं आया। बदलाव तो थिएटर ने बहुत पहले ला दिया था। थिएटर ने सिखाया कि सीखते रहो, मेहनत से मत भागो और समय बर्बाद मत करो। पंचायत के बाद भी मैं वही हूं। बस कोशिश यही रहती है कि लगातार सीखता रहूं। सवाल: आपका गाया हुआ गीत ‘महंगाई डायन खाय जात है’ आज भी लोगों की जुबान पर है। इसे कैसे देखते हैं? रघुवीर यादव: अच्छा लगता है कि लोग आज भी उसे सुनते और गाते हैं। मेरा काम था गाना गाना, मैंने गा दिया। अब लोगों को अच्छा लग रहा है तो यह उनकी मर्जी है। और जहां तक महंगाई की बात है, वो तो मेरे बचपन से बढ़ती ही चली आ रही है। मैंने तो गाने में ‘सैयां’ पर ज्यादा जोर दिया था। महंगाई से ज्यादा बुरा हाल तो सैयां का है। सवाल: पंचायत के नए सीजन को लेकर क्या अपडेट है? रघुवीर यादव: अभी शूटिंग चल रही है। शूटिंग पूरी होने में करीब दो-तीन महीने लगेंगे। उसके बाद पोस्ट-प्रोडक्शन में भी कुछ समय लगेगा। तो अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। सवाल: क्या इसके अलावा भी कोई नए प्रोजेक्ट्स कर रहे हैं? रघुवीर यादव: हां, अभी पाइप लाइन और गॉड ऑफ नाम की दो वेब सीरीज की हैं लेकिन मैं बहुत ज्यादा काम नहीं करता। मुझे कछुए की चाल में चलना पसंद है। आराम-आराम से काम करता हूं और वही करता हूं जिसमें दिलचस्पी हो। सवाल: जयपुर से आपकी कौन-कौन सी यादें जुड़ी हैं? रघुवीर यादव: जयपुर से तो बहुत सारी यादें जुड़ी हैं। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के दिनों में यहां कई नाटक किए। उससे पहले संगीत के कार्यक्रम भी किए। अजीत पालावत जैसे दोस्तों के साथ काम किया। मैं यहां अक्सर आता रहता हूं, इसलिए जयपुर मेरे लिए नया शहर नहीं है। सबसे अच्छी बात यह है कि यहां थिएटर को लेकर लोगों में बहुत उत्साह है। यहां की ऑडियंस कमाल की है। सच कह रहा हूं, जब भी जयपुर आया हूं, यहां काम करके और दर्शकों से मिलकर हमेशा मजा आया है। — ये खबर भी पढ़िए- राजस्थान में एनएसडी का रीजनल सेंटर बने तो होगा फायदा:एनएसडी के निदेशक बोले- सरकार को आगे आकर पहल करनी होगी, संसाधन जुटाने होंगे राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) के निदेशक चितरंजन त्रिपाठी ने राजस्थान में एनएसडी का क्षेत्रीय केंद्र (रीजनल सेंटर) स्थापित किए जाने की मांग का समर्थन किया है। (पढ़िए पूरी खबर)
इंडिया ब्लॉक मीट लाइव अपडेट: 23 विपक्षी दल आज दिल्ली में आगे की राह पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। क्या DMK, TVK शामिल होंगे?

इंडिया ब्लॉक मीट लाइव अपडेट: इंडिया ब्लॉक की आज होने वाली बैठक में दिल्ली में लगभग 23 विपक्षी दलों के नेताओं के एक साथ आने की उम्मीद है क्योंकि गठबंधन हाल के विधानसभा चुनाव में कई क्षेत्रीय सहयोगियों से मिली असफलताओं के बाद अपनी रणनीति पर चर्चा करेगा। यह सभा, जिसे “जनबंधन” बैठक कहा जा रहा है, विपक्षी गठबंधन की भविष्य की दिशा और आगामी राज्य चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए इसकी तैयारियों पर सवालों के बीच हो रही है। चर्चा में कई मुद्दों के हावी रहने की उम्मीद है, जिसमें गठबंधन सहयोगियों के बीच समन्वय और समूह के भीतर मतभेदों को दूर करने के प्रयास शामिल हैं। क्या DMK भाग लेगी? बैठक में इस बात पर दिलचस्पी पैदा हो गई है कि कौन सी पार्टियां भाग लेंगी और भविष्य के गठबंधन निर्णयों में प्रमुख क्षेत्रीय खिलाड़ी क्या भूमिका निभाएंगे। आम आदमी पार्टी (आप) पहले ही सार्वजनिक रूप से खुद को इस गुट से अलग कर चुकी है। इस बीच, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने पहले घोषणा की थी कि कांग्रेस द्वारा तमिलनाडु में उसके साथ संबंध समाप्त करने और तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने के बाद वह बैठक का बहिष्कार करेगी। इस बारे में भी सवाल उठाए गए हैं कि क्या टीवीके को अंततः गठबंधन ढांचे में शामिल किया जा सकता है। शीर्ष नेताओं के आज दिल्ली में आने की उम्मीद इंडिया ब्लॉक नेताओं की बैठक से पहले उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ विपक्षी हस्तियों के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने वाले कार्यक्रम में भाग लेने की संभावना है। अपेक्षित लोगों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और शिव सेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे शामिल हैं। वामपंथी दलों और कई छोटे क्षेत्रीय दलों के नेताओं के भी भाग लेने की संभावना है। 2029 की रणनीति पर फोकस? विपक्षी गठबंधन की बैठक में आगामी चुनावी मुकाबलों से पहले भाजपा के खिलाफ समन्वय को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है। नेताओं के राज्य चुनावों की योजनाओं के साथ-साथ 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर भी चर्चा होने की संभावना है। भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (INDIA) की आखिरी आधिकारिक बैठक लोकसभा चुनाव से कुछ समय पहले 1 जून, 2024 को नई दिल्ली में हुई। इसके बाद, लगभग 50 गठबंधन नेताओं ने चुनावी हेरफेर के आरोपों पर चर्चा की। संसद सत्र से पहले अलग-अलग परामर्श भी आयोजित किए गए। जैसे ही इंडिया ब्लॉक की बैठक दिल्ली में शुरू होगी, ध्यान प्रमुख दलों की भागीदारी और आने वाले वर्षों के लिए गठबंधन के रोडमैप पर रहेगा। (टैग्सटूट्रांसलेट)इंडिया ब्लॉक मीटिंग लाइव(टी)इंडिया ब्लॉक मीट लाइव अपडेट्स(टी)इंडिया जनबंधन मीटिंग लाइव(टी)इंडिया अलायंस मीटिंग आज(टी)विपक्ष मीटिंग लाइव अपडेट्स(टी)राहुल गांधी लाइव(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे(टी)ममता बनर्जी(टी)अखिलेश यादव(टी)उद्धव ठाकरे(टी)कांग्रेस लाइव अपडेट्स(टी)इंडिया ब्लॉक न्यूज(टी)विपक्ष गठबंधन बैठक(टी)इंडिया ब्लॉक लीडर्स मीटिंग(टी)कांग्रेस टीएमसी एसपी मीटिंग(टी)इंडिया ब्लॉक दिल्ली मीटिंग(टी)भारत जनबंधन
ऑस्ट्रेलिया-बांग्लादेश सीरीज से ट्रैविस हेड और मिचेल मार्श बाहर:हेड छुट्टियों पर, मार्श को टखने की चोट; ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी इंग्लिस करेंगे

ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ वनडे और टी-20 सीरीज के लिए टीम की घोषणा कर दी है। स्टार ओपनर ट्रैविस हेड को IPL के लंबे सीजन के बाद पर्सनल लीव दी गई है, जबकि कप्तान मिचेल मार्श टखने की चोट के कारण वनडे सीरीज से बाहर रहेंगे। वह अभी तक पूरी तरह फिट नहीं हो पाए हैं, इसलिए वनडे मुकाबलों में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। मार्श की अनुपस्थिति में जोश इंग्लिस टीम की कप्तानी संभालेंगे। वह इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में भी ऑस्ट्रेलियाई टीम का नेतृत्व कर चुके हैं। लेग स्पिनर तनवीर संघा हैमस्ट्रिंग चोट के कारण दौरे से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह ऑफ स्पिनर टॉड मर्फी को पहली बार ऑस्ट्रेलिया की लिमिटेड ओवर (वनडे) टीम में शामिल किया गया है। हेड के वर्कलोड मैनेजमेंट के लिए लिया गया फैसला क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सिलेक्टर्स ट्रैविस हेड के वर्कलोड को लेकर गंभीर हैं। हेड तीनों फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलिया के मुख्य ओपनर हैं और अगले 12 महीनों में टीम का शेड्यूल व्यस्त है। IPL 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए प्लेऑफ मैच खेलने के कारण वह पाकिस्तान दौरे का हिस्सा नहीं बन पाए थे। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सिलेक्टर्स ट्रैविस हेड के वर्कलोड को लेकर गंभीर हैं। हेड तीनों फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलिया के मुख्य ओपनर हैं और अगले 12 महीनों में टीम का शेड्यूल व्यस्त है। IPL 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए प्लेऑफ मैच खेलने के कारण वह पाकिस्तान दौरे का हिस्सा नहीं बन पाए थे। उन्हें पहले बांग्लादेश दौरे की वनडे और टी-20 दोनों टीमों में चुना गया था, लेकिन अब आराम दिया गया है। टी-20 टीम में उनके रिप्लेसमेंट का ऐलान अभी बाकी है। नेशनल सेलेक्टर टोनी डोडेमाइड ने कहा,’ट्रैविस को शुरुआत में दोनों सीरीज के लिए चुना गया था, लेकिन बाद में उन्हें पर्सनल लीव दे दी गई है। हम बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली आगामी टेस्ट सीरीज में उनकी वापसी की उम्मीद करते हैं।’ मिचेल मार्श टी-20 सीरीज से कर सकते हैं वापसी मिचेल मार्श को IPL के दौरान टखने में चोट लगी थी, जो पाकिस्तान सीरीज के दौरान फिर उभर आई थी। उम्मीद थी कि वह बांग्लादेश के खिलाफ सभी 6 मैचों (3 वनडे और 3 टी-20) में कप्तानी करेंगे, लेकिन वनडे सीरीज तक फिट नहीं हो सके। अब वह सीधे ढाका में टीम के साथ जुड़ेंगे और 17 जून से शुरू होने वाली टी-20 सीरीज की तैयारी करेंगे। अगर वह तब तक फिट नहीं हो पाते, तो जोश इंग्लिस कप्तानी करेंगे। नियमित वनडे कप्तान पैट कमिंस को पहले ही आराम दिया जा चुका है। ओली पीक और मैट शॉर्ट टीम में बरकरार पाकिस्तान के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने वाले युवा बल्लेबाज ओली पीक और मैट शॉर्ट को बांग्लादेश दौरे के लिए भी टीम में रखा गया है। पीक ऑस्ट्रेलिया के लिए वनडे में डेब्यू करने वाले सबसे युवा स्पेशलिस्ट बल्लेबाज बने थे। सेलेक्टर डोडेमाइड ने कहा,’मिशेल मार्श अभी पूरी फिटनेस हासिल कर रहे हैं। इस बीच टॉड मर्फी का वनडे टीम में स्वागत करते हुए हमें खुशी हो रही है। पाकिस्तान दौरे के बाद ओली पीक और मैट शॉर्ट को टीम के साथ बनाए रखना सही फैसला था।’ IPL प्लेऑफ से बाहर होने का गेंदबाजों को मिला फायदा तेज गेंदबाज जेवियर बार्टलेट और बेन ड्वारशुइस की वनडे टीम में वापसी हुई है। माना जा रहा था कि दोनों पंजाब किंग्स (PBKS) के साथ IPL प्लेऑफ में व्यस्त रहेंगे, लेकिन टीम अपने आखिरी 7 में से 6 मैच हारकर प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई। इससे दोनों गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया लौट आए और आराम के बाद बांग्लादेश में टीम से जुड़ेंगे। दोनों बिली स्टैनलेक और राइली मेरेडिथ की जगह लेंगे, हालांकि मेरेडिथ टी-20 टीम का हिस्सा होने के कारण दौरे पर बने रहेंगे।
ऑस्ट्रेलिया-बांग्लादेश सीरीज से ट्रैविस हेड और मिचेल मार्श बाहर:हेड छुट्टियों पर, मार्श को टखने की चोट; ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी इंग्लिस करेंगे

ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ वनडे और टी-20 सीरीज के लिए टीम की घोषणा कर दी है। स्टार ओपनर ट्रैविस हेड को IPL के लंबे सीजन के बाद पर्सनल लीव दी गई है, जबकि कप्तान मिचेल मार्श टखने की चोट के कारण वनडे सीरीज से बाहर रहेंगे। वह अभी तक पूरी तरह फिट नहीं हो पाए हैं, इसलिए वनडे मुकाबलों में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। मार्श की अनुपस्थिति में जोश इंग्लिस टीम की कप्तानी संभालेंगे। वह इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में भी ऑस्ट्रेलियाई टीम का नेतृत्व कर चुके हैं। लेग स्पिनर तनवीर संघा हैमस्ट्रिंग चोट के कारण दौरे से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह ऑफ स्पिनर टॉड मर्फी को पहली बार ऑस्ट्रेलिया की लिमिटेड ओवर (वनडे) टीम में शामिल किया गया है। हेड के वर्कलोड मैनेजमेंट के लिए लिया गया फैसला क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सिलेक्टर्स ट्रैविस हेड के वर्कलोड को लेकर गंभीर हैं। हेड तीनों फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलिया के मुख्य ओपनर हैं और अगले 12 महीनों में टीम का शेड्यूल व्यस्त है। IPL 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए प्लेऑफ मैच खेलने के कारण वह पाकिस्तान दौरे का हिस्सा नहीं बन पाए थे। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सिलेक्टर्स ट्रैविस हेड के वर्कलोड को लेकर गंभीर हैं। हेड तीनों फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलिया के मुख्य ओपनर हैं और अगले 12 महीनों में टीम का शेड्यूल व्यस्त है। IPL 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए प्लेऑफ मैच खेलने के कारण वह पाकिस्तान दौरे का हिस्सा नहीं बन पाए थे। उन्हें पहले बांग्लादेश दौरे की वनडे और टी-20 दोनों टीमों में चुना गया था, लेकिन अब आराम दिया गया है। टी-20 टीम में उनके रिप्लेसमेंट का ऐलान अभी बाकी है। नेशनल सेलेक्टर टोनी डोडेमाइड ने कहा,’ट्रैविस को शुरुआत में दोनों सीरीज के लिए चुना गया था, लेकिन बाद में उन्हें पर्सनल लीव दे दी गई है। हम बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली आगामी टेस्ट सीरीज में उनकी वापसी की उम्मीद करते हैं।’ मिचेल मार्श टी-20 सीरीज से कर सकते हैं वापसी मिचेल मार्श को IPL के दौरान टखने में चोट लगी थी, जो पाकिस्तान सीरीज के दौरान फिर उभर आई थी। उम्मीद थी कि वह बांग्लादेश के खिलाफ सभी 6 मैचों (3 वनडे और 3 टी-20) में कप्तानी करेंगे, लेकिन वनडे सीरीज तक फिट नहीं हो सके। अब वह सीधे ढाका में टीम के साथ जुड़ेंगे और 17 जून से शुरू होने वाली टी-20 सीरीज की तैयारी करेंगे। अगर वह तब तक फिट नहीं हो पाते, तो जोश इंग्लिस कप्तानी करेंगे। नियमित वनडे कप्तान पैट कमिंस को पहले ही आराम दिया जा चुका है। ओली पीक और मैट शॉर्ट टीम में बरकरार पाकिस्तान के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने वाले युवा बल्लेबाज ओली पीक और मैट शॉर्ट को बांग्लादेश दौरे के लिए भी टीम में रखा गया है। पीक ऑस्ट्रेलिया के लिए वनडे में डेब्यू करने वाले सबसे युवा स्पेशलिस्ट बल्लेबाज बने थे। सेलेक्टर डोडेमाइड ने कहा,’मिशेल मार्श अभी पूरी फिटनेस हासिल कर रहे हैं। इस बीच टॉड मर्फी का वनडे टीम में स्वागत करते हुए हमें खुशी हो रही है। पाकिस्तान दौरे के बाद ओली पीक और मैट शॉर्ट को टीम के साथ बनाए रखना सही फैसला था।’ IPL प्लेऑफ से बाहर होने का गेंदबाजों को मिला फायदा तेज गेंदबाज जेवियर बार्टलेट और बेन ड्वारशुइस की वनडे टीम में वापसी हुई है। माना जा रहा था कि दोनों पंजाब किंग्स (PBKS) के साथ IPL प्लेऑफ में व्यस्त रहेंगे, लेकिन टीम अपने आखिरी 7 में से 6 मैच हारकर प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई। इससे दोनों गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया लौट आए और आराम के बाद बांग्लादेश में टीम से जुड़ेंगे। दोनों बिली स्टैनलेक और राइली मेरेडिथ की जगह लेंगे, हालांकि मेरेडिथ टी-20 टीम का हिस्सा होने के कारण दौरे पर बने रहेंगे।
इंडिया ब्लॉक को किसने डुबाया? जद(यू) के संजय झा ने ममता, केजरीवाल द्वारा ‘तोड़फोड़’ की ओर इशारा किया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:08 जून, 2026, 09:29 IST जद (यू) नेता संजय झा ने कहा कि ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल ने नीतीश कुमार को ब्लॉक का संयोजक बनाने की आम सहमति योजना को विफल कर दिया, जिससे समूह के भीतर विश्वास की कमी उजागर हुई। झा ने दावा किया कि बनर्जी और केजरीवाल ने नीतीश कुमार की जगह इस भूमिका के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का प्रस्ताव रखा. (एक्स) विपक्षी एकता को प्रदर्शित करने के एक और प्रयास के लिए इंडिया ब्लॉक के नेता सोमवार को नई दिल्ली में एकत्र हुए, एक प्रमुख सहयोगी-आलोचक ने स्पष्ट स्पष्टीकरण पेश किया कि गठबंधन को पहले स्थान पर एक साथ रहने के लिए संघर्ष क्यों करना पड़ा। जेडी (यू) नेता संजय झा ने द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल पर एक महत्वपूर्ण क्षण में विपक्षी गठबंधन को तोड़ने का आरोप लगाया है, उन्होंने दावा किया कि दोनों नेताओं ने नीतीश कुमार को ब्लॉक का संयोजक बनाने की आम सहमति योजना को विफल कर दिया और समूह के भीतर विश्वास और एकजुटता की गहरी कमी को उजागर किया। झा ने कहा, “दो लोगों ने इंडिया ब्लॉक गठबंधन को नष्ट कर दिया – मैं रिकॉर्ड पर हूं: उनके नाम ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल हैं।” यह भी पढ़ें | 23 पार्टियां, माइनस डीएमके: यहां बताया गया है कि सोमवार की बैठक के लिए भारतीय ब्लॉक कैसे तैयार होगा झा के अनुसार, विपक्षी नेता मोटे तौर पर इस बात पर सहमत थे कि कुमार, जिन्होंने जून 2023 में अपने पटना आवास पर विपक्षी दलों की पहली बैठक की मेजबानी की थी, गठबंधन के संयोजक के रूप में काम करेंगे। हालाँकि, उन्होंने दावा किया कि योजना बाद की बैठक के दौरान पटरी से उतर गई जब बनर्जी और केजरीवाल ने उनकी जगह इस भूमिका के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का प्रस्ताव रखा। झा ने कहा, “इस बात पर सहमति बन गई थी कि नीतीश कुमार संयोजक होंगे। लेकिन बैठक में, ये दोनों शायद एक योजनाबद्ध कदम के तहत आए, और कहा कि एक दलित संयोजक होना चाहिए, उन्होंने खड़गे साहब का प्रस्ताव रखा।” उन्होंने तर्क दिया कि इस कदम ने कांग्रेस नेतृत्व को मुश्किल स्थिति में डाल दिया और गठबंधन ढांचे के भीतर कुमार की पदोन्नति को प्रभावी ढंग से रोक दिया। उन्होंने कहा, “नीतीश जी संयोजक बनने के लिए कभी उत्सुक नहीं थे। वह सभी को एक मंच पर ला रहे थे। लेकिन इस कदम को विफल कर दिया गया।” झा की टिप्पणियाँ उन आंतरिक विरोधाभासों के बारे में सवालों को पुनर्जीवित करती हैं जो इंडिया ब्लॉक को उसकी स्थापना से ही परेशान करते रहे हैं। जबकि गठबंधन बिल्कुल भिन्न वैचारिक स्थिति और क्षेत्रीय हितों वाली पार्टियों को एक साथ लाने में सफल रहा, नेतृत्व, सीट-बंटवारे और रणनीति पर असहमति बार-बार सार्वजनिक रूप से सामने आई। यह भी पढ़ें | द्रमुक अलग हो गई, टीएमसी टूट गई, आप बाहर हो गई: कैसे कांग्रेस के नेतृत्व वाले भारतीय गुट ने अस्तित्व के संकट को झेला जद (यू) नेता ने सुझाव दिया कि ये तनाव गठबंधन के भीतर एक गहरी समस्या को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, ”ब्लॉक में कोई योजना, दृष्टि या एकजुटता नहीं थी।” उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रीय दलों का मानना था कि कांग्रेस के पास उन राज्यों से परे एक व्यापक राष्ट्रीय रणनीति का अभाव है जहां उसने सीधे चुनावी प्रतिस्पर्धा की थी। “क्षेत्रीय पार्टियों को लगता है कि कांग्रेस केवल कुछ राज्यों में ही राजनीति करती है और इससे उन पर ज़्यादा असर नहीं पड़ता है.” झा की टिप्पणियाँ विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं क्योंकि नीतीश कुमार विपक्षी एकता के शुरुआती समर्थकों में से थे। बिहार के नेता ने पटना में पहले प्रमुख विपक्षी सम्मेलन की मेजबानी की, जिससे बाद में इंडिया ब्लॉक बनने के लिए आधार तैयार करने में मदद मिली। फिर भी कुछ ही महीनों में तनाव बढ़ता गया, जिसकी परिणति 2024 की शुरुआत में कुमार की एनडीए में वापसी के रूप में हुई। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में अपूर्व मिश्रा अपूर्व मिश्रा नौ साल से अधिक के अनुभव के साथ News18.com में समाचार संपादक हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज से स्नातक हैं और एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म से पीजी डिप्लोमा रखती हैं…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया इंडिया ब्लॉक को किसने डुबाया? जदयू के संजय झा ने ममता, केजरीवाल द्वारा ‘तोड़फोड़’ की ओर इशारा किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)भारत ब्लॉक विपक्षी गठबंधन(टी)नीतीश कुमार संयोजक(टी)संजय झा जेडी(यू)(टी)ममता बनर्जी भूमिका(टी)अरविंद केजरीवाल आलोचना(टी)कांग्रेस नेतृत्व तनाव(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे प्रस्ताव(टी)विपक्षी एकता भारत
विधायकों की बगावत के बाद क्या अगले नंबर पर हैं टीएमसी सांसद? ताजा बगावत की आशंका के बीच दिल्ली पहुंचीं ममता | भारत समाचार

आखरी अपडेट:08 जून, 2026, 09:26 IST ममता बनर्जी की दिल्ली यात्रा पार्टी के 80 में से 60 विधायकों द्वारा विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में निष्कासित विधायक रीताब्रत बनर्जी का समर्थन करने के कुछ दिनों बाद हुई है, जिससे टीएमसी नेतृत्व को बड़ा झटका लगा है। फोटो में: दिल्ली में अभिषेक बनर्जी, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर संकट रविवार को कम होने का कोई संकेत नहीं दिखा, क्योंकि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी बढ़ती चिंताओं के बीच दिल्ली पहुंचीं कि पश्चिम बंगाल विधानसभा को हिलाकर रख देने वाला विद्रोह संसद तक फैल सकता है। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री सोमवार की इंडिया ब्लॉक बैठक से पहले राष्ट्रीय राजधानी पहुंचीं, जबकि अटकलें तेज हो गईं कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों में टीएमसी सांसदों का एक वर्ग राज्य विधानसभा में बागी विधायकों द्वारा उठाए गए कदम के समान कदम पर विचार कर सकता है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पार्टी के 80 में से लगभग 60 विधायकों ने विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में निष्कासित विधायक रीतब्रत बनर्जी का समर्थन किया, जिससे टीएमसी नेतृत्व को बड़ा झटका लगा। पार्टी में बिखराव रोकने के लिए ममता पुरजोर कोशिश कर रही हैं पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की संसदीय शाखा के भीतर एक अलग समूह बनाकर और नए नेतृत्व का चुनाव करके विधानसभा मॉडल को संसद में दोहराने की कोशिशें चल रही हैं। समझा जाता है कि टीएमसी नेतृत्व विभाजन को रोकने के लिए अंतिम समय में प्रयास कर रहा है, हालांकि कई सांसद कथित तौर पर पार्टी नेतृत्व के संपर्क में नहीं हैं। राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे ने कहा कि प्रक्रिया लोकसभा में पहले ही शुरू हो चुकी है। उन्होंने बताया, “संभावना है और जहां तक लोकसभा का सवाल है तो प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जहां तक हमारी पार्टी का सवाल है, पश्चिम बंगाल विधानसभा में जो हुआ वह लोकसभा में दोहराया जाएगा।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शुद्धान्त पात्र आठ साल के अनुभव के साथ एक अनुभवी पत्रकार, शुद्धंता पात्रा, सीएनएन न्यूज़ 18 में वरिष्ठ उप-संपादक के रूप में कार्यरत हैं। राष्ट्रीय राजनीति, भू-राजनीति, व्यावसायिक समाचारों में विशेषज्ञता के साथ, उन्होंने प्रभावित किया है…और पढ़ें जगह : दिल्ली, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया विधायकों की बगावत के बाद क्या अगले नंबर पर हैं टीएमसी सांसद? ताजा बगावत की आशंका के बीच ममता दिल्ली पहुंचीं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)ममता टीएमसी संकट(टी)इंडिया ब्लॉक(टी)तृणमूल कांग्रेस संकट(टी)ममता बनर्जी दिल्ली(टी)टीएमसी विद्रोह संसद(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा विद्रोह(टी)ऋतब्रत बनर्जी विपक्षी नेता(टी)टीएमसी सांसद विभाजित(टी)लोकसभा टीएमसी समूह(टी)राज्यसभा टीएमसी असंतोष
Nifty Falls 00 Points to 00; 00 Stocks See Max Selloff

Hindi News Business Nifty Falls 00 Points To 00; 00 Stocks See Max Selloff | Middle East Tension मुंबई14 मिनट पहले कॉपी लिंक मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से आज यानी सोमवार, 8 जून को सेंसेक्स 750 अंक (1.00%) की गिरावट के साथ 73,500 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 250 अंकों (1.04%) की गिरावट है, ये 23,100 पर आ गया है। आज के कारोबार में आईटी, मेटल और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली है। ईरान के इजराइल पर हमले से तनाव बढ़ा अप्रैल में हुए सीजफायर के बाद पहली बार ईरान ने इजराइल पर मिसाइल हमला किया। जवाब में इजराइल ने सोमवार तड़के पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। तेहरान, तबरीज और इस्फहान में धमाकों की खबरें हैं। इस वजह से जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ गया है जिसका असर बाजार पर दिख रहा है। कोरिया और जापान का बाजार करीब 4% टूटा इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज कोस्पी (साउथ कोरिया) 7768 -375 -4.49% निक्केई (जापान) 64040 -2548 -3.83% हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) 24700 -262 -1.01% अमेरिका का बाजार भी 4% टूटकर बंद हुआ था इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज डाउ जोन्स 50867 -695 -1.35% नैस्डैक 25709 -1122 -4.18% S&P 500 7384 -201 -2.64% विदेशी निवेशकों ने 5 जून को कैटेगरी लेटेस्ट बीते 7 दिन बीते 30 दिन DII 9,134 28,824 95,209 FII/FPI -8,776 -27,203 -76,006 नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 23,345 | 23,320 | 23,230 | 22,858 | 22,798 | 22,558 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 23,466 | 23,783 | 23,812 | 23,872 | 23,935 | 24,140 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। सेंसेक्स 116 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था 5 जून को सेंसेक्स 116 अंक की गिरावट के साथ 74,243 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 50 अंक की गिरावट रही, ये 23,366 के स्तर पर बंद हुआ। आज के कारोबार में मेटल और आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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Hindi News Business Nifty Falls 00 Points To 00; 00 Stocks See Max Selloff | Middle East Tension मुंबई9 मिनट पहले कॉपी लिंक मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से आज यानी सोमवार, 8 जून को सेंसेक्स 500 अंक (0.70%) की गिरावट के साथ 73,700 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी करीब 200 अंकों (0.80%) की गिरावट है, ये 23,200 पर आ गया है। आज के कारोबार में आईटी, मेटल और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली है। ईरान के इजराइल पर हमले से तनाव बढ़ा अप्रैल में हुए सीजफायर के बाद पहली बार ईरान ने इजराइल पर मिसाइल हमला किया। जवाब में इजराइल ने सोमवार तड़के पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। तेहरान, तबरीज और इस्फहान में धमाकों की खबरें हैं। इस वजह से जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ गया है जिसका असर बाजार पर दिख रहा है। कोरिया और जापान का बाजार करीब 4% टूटा इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज कोस्पी (साउथ कोरिया) 7768 -375 -4.49% निक्केई (जापान) 64040 -2548 -3.83% हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) 24700 -262 -1.01% अमेरिका का बाजार भी 4% टूटकर बंद हुआ था इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज डाउ जोन्स 50867 -695 -1.35% नैस्डैक 25709 -1122 -4.18% S&P 500 7384 -201 -2.64% विदेशी निवेशकों ने 5 जून को कैटेगरी लेटेस्ट बीते 7 दिन बीते 30 दिन DII 9,134 28,824 95,209 FII/FPI -8,776 -27,203 -76,006 नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 23,345 | 23,320 | 23,230 | 22,858 | 22,798 | 22,558 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 23,466 | 23,783 | 23,812 | 23,872 | 23,935 | 24,140 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। सेंसेक्स 116 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था 5 जून को सेंसेक्स 116 अंक की गिरावट के साथ 74,243 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 50 अंक की गिरावट रही, ये 23,366 के स्तर पर बंद हुआ। आज के कारोबार में मेटल और आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
हरियाणवी कलाकार पेप्सी शर्मा का निधन:38 की उम्र में दिल का दौरा पड़ा; स्टेज पर नागिन डांस में सपना चौधरी को हराया था

हरियाणवी लोक कलाकार व रागनी गायक पेप्सी शर्मा का निधन हो गया। परिजनों ने बताया कि अचानक सीने में दर्द उठने के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पेप्सी शर्मा 38 साल के थे। उनके 10 साल की बेटी और 7 साल का बेटा है। भाई रिशिपाल ने बताया कि रविवार सुबह ही पेप्सी शर्मा अपने पैतृक गांव पतला पहुंचे थे। क्योंकि उसको कहीं किसी शो के लिए जाना था। गांव आने के बाद वह अपनी मां के पास रुके और उनसे मुलाकात की। बाद में वह अपने कुछ दोस्तों के साथ बैठकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सीने और शरीर में दर्द महसूस हुआ। दर्द की शिकायत के बाद उनके दोस्त उन्हें स्थानीय अस्पताल लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने जांच कर दवा दी और घर भेज दिया। इसके बाद वो मां के पास बैठकर बातचीत करने लगे। तभी फिर से उन्हें दर्द हुआ और दोबारा अस्पताल जाते वक्त उनकी मौत हो गई। उनका असली नाम यशपाल शर्मा था, लेकिन स्टेज पर पेप्सी शर्मा के नाम से मशहूर हुए। मूलरूप से गाजियाबाद के पतला गांव के रहने वाले थे। हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश और दिल्ली एनसीआर में स्टेज परफॉर्मेंस के जरिये खास पहचान बनाई। हरियाणा में गोशालाओं में होने वाले रागनी कंपीटिशन में उनकी खास भूमिका रहती थी। उनकी पहचान केवल एक गायक के रूप में ही नहीं बल्कि मंच पर अपने मजाकिया अंदाज और कॉमिक टाइमिंग के लिए भी थी। वे रागिनी कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुति के दौरान दर्शकों को हंसाने और मनोरंजन करने की अनोखी कला रखते थे। मशहूर हरियाणवी स्टेज परफॉर्मर सपना चौधरी के साथ उनके कई कार्यक्रम हुए। एक बार स्टेज पर नागिन डांस में उन्होंने सपना चौधरी को भी हरा दिया था। यह वीडियो एक म्यूजिक कंपनी ने बकायदा रिलीज किया, जिसे 6 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिले थे। पेप्सी शर्मा के निधन पर हरियाणवी कलाकारों ने गहरा शोक जताया है। सपना चौधरी के साथ रागनी गाते पेप्सी शर्मा के PHOTOS… हरियाणवी लोक कलाकार पेप्सी शर्मा के बारे में जानिए… जज की एक टिप्पणी से पड़ा ‘पेप्सी शर्मा’ नाम यशपाल शर्मा को परिवार और गांव में बचपन से ही प्यार से “पैप्पी” कहकर बुलाया जाता था। उनके भाई के अनुसार करीब 20 साल पहले जब उन्होंने गायकी की दुनिया में कदम रखा था, उसी दौरान एक झगड़े के मामले में उनकी अदालत में पेशी थी। कोर्ट में दूसरी पार्टी के व्यक्ति का नाम “लौकी” था। जब जज ने दोनों के नाम सुने तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि पैप्पी से अच्छा नाम “पेप्सी” रख लो और लौकी का नाम बदलकर “चुकंदर” रख दो। इसके बाद यशपाल शर्मा ने अपने नाम के साथ पेप्सी जोड़ लिया और धीरे-धीरे वह पूरे हरियाणा में पेप्सी शर्मा के नाम से मशहूर हो गए। बाद में वह मामला भी समाप्त हो गया था। पतला दुपट्टा तेरा मुंह दिख्यै… से फेमस हुए पेप्सी शर्मा ने हरियाणवी संगीत जगत की प्रसिद्ध कलाकारों के साथ लंबे समय तक काम किया। उन्होंने हरियाणवी डांसर एवं गायिका सपना चौधरी के साथ कई लाइव स्टेज शो किए, जबकि हरियाणवी गायिका राजबाला के साथ भी अनेक रागनियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी गायकी का जादू बिखेरा। पेप्सी शर्मा की कई रागिनी खूब पसंद की गई। खासकर पतला दुपट्टा तेरा मुंह दिख्यै बहुत हिट हुई। इस रागिनी पर सपना चौधरी ने कई स्टेज पर परफॉर्म किया। इस पर 15 मिलियन से ज्यादा व्यूज आए थे।
सलीम कुमार के अंतिम संस्कार में पैपराजी पर भड़के बेटे:बोले- हमें शांति से अंतिम विदाई देने दें; पीएम मोदी ने जताया दुख

नेशनल फिल्म अवार्ड विजेता मलयालम अभिनेता सलीम कुमार का अंतिम संस्कार रविवार को केरल के एर्नाकुलम जिले में स्थित उनके आवास पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। सलीम कुमार का निधन शनिवार को हुआ था। अंतिम संस्कार के दौरान वहां भारी भीड़ और पेपराजी की मौजूदगी से उनके बड़े बेटे चंदू असहज हो गए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के मुताबिक, चंदू ने वहां मौजूद फोटोग्राफर्स और कैमरामैन पर नाराजगी जताई। उन्होंने मीडिया से पीछे हटने और परिवार को शांति से अंतिम विदाई देने की अपील की। अंतिम संस्कार के समय कैमरामैन पर भड़के बेटे सलीम कुमार के निधन के बाद उनके अंतिम दर्शन के लिए उनके रिश्तेदारों, करीबी दोस्तों और प्रशंसकों की भारी भीड़ उत्तरी परवूर स्थित उनके घर पर जमा हुई थी। इस दौरान वहां बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी भी मौजूद थे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि भीड़ और कैमरों से घिरे होने के कारण अभिनेता के बड़े बेटे चंदू काफी परेशान हो गए। उन्होंने वहां मौजूद फोटोग्राफर्स से दूरी बनाने को कहा। चंदू ने तेज आवाज में मीडिया से अपील की कि वे पीछे हट जाएं ताकि परिवार के लोग शांति से अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कर सकें। शनिवार की हुआ था निधन सलीम कुमार का 56 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के कारण शनिवार रात निधन हो गया था। वह अस्वस्थ होने के बाद कोच्चि (केरलम) के अमृता अस्पताल में भर्ती कराए गए थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्होंने ‘आदामिन्टे मकन अबू’, ‘पुलिवाल कल्याणम’, ‘अचनुरंगथा वीडु’, ‘मीसा माधवन’ और ‘मायावी’ जैसी कई मलयालम फिल्मों में काम किया था। रविवार को पारावुर टाउन हॉल में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। पीएम मोदी और केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने सलीम कुमार के निधन पर दुख जताया। वहीं केरलम सरकार ने अंतिम संस्कार और उससे जुड़े सभी खर्च वहन करने का फैसला किया। 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया सलीम कुमार मलयालम सिनेमा के फेमस एक्टर थे। उन्होंने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उन्होंने मुख्य रूप से मलयालम फिल्मों में एक्ट किया। साथ ही कुछ तमिल (मरयां) और ओडिया (ऊंगा) फिल्मों में भी नजर आए। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कॉमिक रोल से की और अपनी कॉमिक टाइमिंग, एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी के लिए जाने गए। बाद में उन्होंने खुद को कैरेक्टर एक्टर के तौर पर स्थापित किया। केरलम राज्य फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित हुए सलीम कुमार 2010 में ‘आदामिन्टे मकन अबू’ में अबू की भूमिका के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और केरलम राज्य फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला। इसके अलावा ‘अचनुरंगथा वीडु’ (2005) के लिए द्वितीय सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, ‘अयालुम न्जानुम थम्मिल’ (2013) के लिए सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता और ‘करुथा जूथन’ (2017) के लिए सर्वश्रेष्ठ कहानी का केरलम राज्य फिल्म पुरस्कार भी मिला। सलीम कुमार के परिवार में उनकी पत्नी सुनीता, दो बेटे चंदू सलीम कुमार और आरोमल सलीम कुमार हैं। चंदू सलीम कुमार भी एक्टर हैं। चंदू सुपरहिट फिल्म मंजुम्मेल बॉयज (2024) में दिखाई दिए थे। डबिंग आर्टिस्ट के रूप में भी काम किया था सलीम कुमार ने डबिंग आर्टिस्ट के रूप में भी काम किया था। उन्होंने फिल्म ‘ओम शांति ओशाना’ में बतौर नैरेटर अपनी आवाज दी थी। वहीं, ‘यूटोपियायिले राजावु’ में उन्होंने एक कौवे के किरदार को आवाज दी। फिल्म ‘अलमारा’ में उन्होंने लकड़ी की अलमारी के किरदार के लिए डबिंग की थी। इसके अलावा ‘केशु ई वीडिंटे नाधन’ में उन्होंने नैरेटर की भूमिका निभाई। वहीं, ‘मुकुंदन उन्नी एसोसिएट्स’ में उन्होंने मुख्य किरदार मुकुंदन के दादा की आवाज दी थी। यह खबर भी पढ़ें… फिल्म प्रोड्यूसर पहलाज निहलानी का निधन:सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष रहे, गोविंदा को ब्रेक दिया था; शोला और शबनम, आंखें जैसी फिल्में बनाईं फिल्म प्रोड्यूसर और CBFC (सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन) के अध्यक्ष रहे पहलाज निहलानी का 76 साल की उम्र में 4 जून को निधन हो गया है। वह कई दिनों से बीमार थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…









