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वैभव सूर्यवंशी पर फिदा कंगना रनौत, बोलीं-'वर्ल्ड कप लेकर आओ’:सौरव गांगुली ने कहा- वैभव को संभलकर खेलना होगा, ब्रिटेन की परिस्थितियां बहुत अलग होंगी

वैभव सूर्यवंशी पर फिदा कंगना रनौत, बोलीं-'वर्ल्ड कप लेकर आओ’:सौरव गांगुली ने कहा- वैभव को संभलकर खेलना होगा, ब्रिटेन की परिस्थितियां बहुत अलग होंगी

भारतीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट टीम में चयन के बाद दुनिया भर से तारीफ मिल रही है। अब बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी वैभव की जमकर तारीफ की। उन्होंने वैभव से वर्ल्ड कप की डिमांड कर दी है। कंगना ने कहा कि, ‘हमारे पास क्रिकेट देखने का टाइम नहीं होता है, लेकिन मैं क्रिकेट में इस यंग मैन को बेस्ट विशेज देती हूं। वह भी सचिन और विराट की तरह अच्छा करें। उस पर प्रेशर नहीं है, मगर वर्ल्ड कप लेकर आओ यार।’ वैभव सूर्यवंशी को उसके हाल पर छोड़ देना चाहिए दूसरी ओर पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भारत के लिए डेब्यू की दहलीज पर खड़े स्टार युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर कहा कि, ‘मेरा मानना है कि हमें उसे उसके हाल पर छोड़ देना चाहिए। वह अभी महज 15 साल का है और मुझे नहीं लगता कि वह दबाव की ज्यादा परवाह करेगा। आईपीएल में भी हमने यही देखा है।’ वैभव को संभलकर खेलना होगा गांगुली आगे कहा कि, ‘निश्चित रूप से भारत के लिए खेलना अलग बात है। वह ऐसे दौरे पर जाएगा, जहां विकेट थोड़े अलग होंगे। वहां गेंद अधिक सीम करेगी, उछाल ज्यादा होगा और नई गेंद से अधिक मूवमेंट मिलेगा। इसलिए खेल थोड़ा अलग होगा, लेकिन मुझे लगता है कि उसमें अपार प्रतिभा है। इसलिए उसे समय दीजिए। वैभव सूर्यवंशी का सिलेक्शन इंडियन टीम में हुआ बिहार के वैभव सूर्यवंशी का सिलेक्शन इंडियन टीम में हो गया है। वह इंडियन क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वैभव ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पुरुष क्रिकेटर्स में सचिन तेंदुलकर 16 साल, 194 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुने गए थे। वहीं, वैभव 15 साल 71 दिन में चुने गए हैं। वैभव को जून-जुलाई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के साथ-साथ सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए चुना गया है। IPL में उनके बेहतर प्रदर्शन के बाद यह फैसला लिया गया है। IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने जीते थे 5 अवार्ड IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने 5 अवार्ड अपने नाम किए हैं। वैभव को सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए ऑरेंज कैप के साथ इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, मोस्ट वैलुएबल प्लेयर, सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और मोस्ट सिक्सेज का भी खिताब मिला है। इन पुरस्कारों के जरिए उन्होंने कुल 45 लाख रुपये की इनामी राशि हासिल की, जबकि सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन बनने पर उन्हें टाटा सियेरा कार भी पुरस्कार में मिली। ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने वैभव वैभव को ऑरेंज कैप मिला है। वह ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने महज 15 साल और 65 दिन की उम्र में यह उपलब्धि अपने नाम की है। 16 मैचों में उन्होंने 776 रन बनाए हैं, जो इस सीजन किसी भी बल्लेबाज के सबसे ज्यादा रन हैं। इस बीच उन्होंने एक शतक और 5 अर्धशतक भी अपने नाम किए हैं। वैभव ने साई सुदर्शन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साई सुदर्शन आईपीएल 2025 में ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। उन्होंने ये उपलब्धि 23 साल 237 दिन की उम्र में हासिल की थी। एक सीजन में 72 छक्कों का रिकॉर्ड वैभव ने सीजन में सबसे ज्यादा 237.30 के स्ट्राइक रेट से भी रन बनाए और ‘सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन’ का अवार्ड अपने नाम किया। आईपीएल के इतिहास में इतने स्ट्राइक रेट से किसी भी खिलाड़ी ने 700 या उससे ज्यादा रन नहीं बनाए। वहीं, सूर्यवंशी ने इस सीजन में रिकॉर्ड 72 छक्के लगाए। वह एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बने। इससे पहले ये रिकार्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 59 छक्के लगाए थे। इस सीजन में जोरदार प्रदर्शन करने वाले सूर्यवंशी को ‘इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन’ भी चुना गया है। एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होेंने साई सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। IPL में सबसे ज्यादा बार 90s में आउट होने की बराबरी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 96 रन पर आउट हुए। वे IPL में सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस नाइंटीज’ (90-99 रन) का शिकार होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे इसी सीजन पिछली चार पारी में तीसरी बार 90 से 99 रन के बीच आउट हुए। इससे पहले डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ IPL में 3-3 बार 90s में आउट हो चुके हैं। IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। उनके प्लेऑफ में 19 छक्के हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋद्धिमान साहा (2014) और शुभमन गिल (2023) का 11-11 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर बनाने वाले राजस्थान के तीसरे बल्लेबाज वैभव ने गुजरात के खिलाफ फिफ्टी लगाई। इसके साथ ही वे IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर करने वाले राजस्थान के तीसरे खिलाड़ी बन

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भारतीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट टीम में चयन के बाद दुनिया भर से तारीफ मिल रही है। अब बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी वैभव की जमकर तारीफ की। उन्होंने वैभव से वर्ल्ड कप की डिमांड कर दी है। कंगना ने कहा कि, ‘हमारे पास क्रिकेट देखने का टाइम नहीं होता है, लेकिन मैं क्रिकेट में इस यंग मैन को बेस्ट विशेज देती हूं। वह भी सचिन और विराट की तरह अच्छा करें। उस पर प्रेशर नहीं है, मगर वर्ल्ड कप लेकर आओ यार।’ वैभव सूर्यवंशी को उसके हाल पर छोड़ देना चाहिए दूसरी ओर पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भारत के लिए डेब्यू की दहलीज पर खड़े स्टार युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर कहा कि, ‘मेरा मानना है कि हमें उसे उसके हाल पर छोड़ देना चाहिए। वह अभी महज 15 साल का है और मुझे नहीं लगता कि वह दबाव की ज्यादा परवाह करेगा। आईपीएल में भी हमने यही देखा है।’ वैभव को संभलकर खेलना होगा गांगुली आगे कहा कि, ‘निश्चित रूप से भारत के लिए खेलना अलग बात है। वह ऐसे दौरे पर जाएगा, जहां विकेट थोड़े अलग होंगे। वहां गेंद अधिक सीम करेगी, उछाल ज्यादा होगा और नई गेंद से अधिक मूवमेंट मिलेगा। इसलिए खेल थोड़ा अलग होगा, लेकिन मुझे लगता है कि उसमें अपार प्रतिभा है। इसलिए उसे समय दीजिए। वैभव सूर्यवंशी का सिलेक्शन इंडियन टीम में हुआ बिहार के वैभव सूर्यवंशी का सिलेक्शन इंडियन टीम में हो गया है। वह इंडियन क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वैभव ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पुरुष क्रिकेटर्स में सचिन तेंदुलकर 16 साल, 194 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुने गए थे। वहीं, वैभव 15 साल 71 दिन में चुने गए हैं। वैभव को जून-जुलाई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के साथ-साथ सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए चुना गया है। IPL में उनके बेहतर प्रदर्शन के बाद यह फैसला लिया गया है। IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने जीते थे 5 अवार्ड IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने 5 अवार्ड अपने नाम किए हैं। वैभव को सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए ऑरेंज कैप के साथ इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, मोस्ट वैलुएबल प्लेयर, सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और मोस्ट सिक्सेज का भी खिताब मिला है। इन पुरस्कारों के जरिए उन्होंने कुल 45 लाख रुपये की इनामी राशि हासिल की, जबकि सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन बनने पर उन्हें टाटा सियेरा कार भी पुरस्कार में मिली। ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने वैभव वैभव को ऑरेंज कैप मिला है। वह ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने महज 15 साल और 65 दिन की उम्र में यह उपलब्धि अपने नाम की है। 16 मैचों में उन्होंने 776 रन बनाए हैं, जो इस सीजन किसी भी बल्लेबाज के सबसे ज्यादा रन हैं। इस बीच उन्होंने एक शतक और 5 अर्धशतक भी अपने नाम किए हैं। वैभव ने साई सुदर्शन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साई सुदर्शन आईपीएल 2025 में ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। उन्होंने ये उपलब्धि 23 साल 237 दिन की उम्र में हासिल की थी। एक सीजन में 72 छक्कों का रिकॉर्ड वैभव ने सीजन में सबसे ज्यादा 237.30 के स्ट्राइक रेट से भी रन बनाए और ‘सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन’ का अवार्ड अपने नाम किया। आईपीएल के इतिहास में इतने स्ट्राइक रेट से किसी भी खिलाड़ी ने 700 या उससे ज्यादा रन नहीं बनाए। वहीं, सूर्यवंशी ने इस सीजन में रिकॉर्ड 72 छक्के लगाए। वह एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बने। इससे पहले ये रिकार्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 59 छक्के लगाए थे। इस सीजन में जोरदार प्रदर्शन करने वाले सूर्यवंशी को ‘इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन’ भी चुना गया है। एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होेंने साई सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। IPL में सबसे ज्यादा बार 90s में आउट होने की बराबरी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 96 रन पर आउट हुए। वे IPL में सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस नाइंटीज’ (90-99 रन) का शिकार होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे इसी सीजन पिछली चार पारी में तीसरी बार 90 से 99 रन के बीच आउट हुए। इससे पहले डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ IPL में 3-3 बार 90s में आउट हो चुके हैं। IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। उनके प्लेऑफ में 19 छक्के हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋद्धिमान साहा (2014) और शुभमन गिल (2023) का 11-11 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर बनाने वाले राजस्थान के तीसरे बल्लेबाज वैभव ने गुजरात के खिलाफ फिफ्टी लगाई। इसके साथ ही वे IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर करने वाले राजस्थान के तीसरे खिलाड़ी बन

Jennifer Winget Dating Singapore Businessman William

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14 मिनट पहले कॉपी लिंक टीवी एक्ट्रेस जेनिफर विंगेट जल्द ही दूसरी शादी कर सकती हैं। वे सिंगापुर के बिजनेसमैन विलियम इशमाइल के साथ रिलेशनशिप में हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक विलियम ने एक हॉलिडे के दौरान जेनिफर को प्रपोज किया था, जिसके लिए उन्होंने अपनी सहमति दे दी है। हालांकि, जेनिफर या विलियम की तरफ से अभी इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। एक्ट्रेस जेनिफर विंगेट और उनके बॉयफ्रेंड विलियम इशमाइल। इंस्टाग्राम एक्टिविटी से शुरू हुई चर्चा जेनिफर की शादी की चर्चा तब शुरू हुई जब फैंस ने इंस्टाग्राम पर उनकी कुछ एक्टिविटी नोटिस की। जेनिफर ने सोशल मीडिया पर शादी के एक डांस रील वीडियो पर रिएक्ट किया था। इसके बाद फैंस ने देखा कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर शादी से जुड़े कई पेजों को फॉलो करना शुरू कर दिया है। इस एक्टिविटी के बाद से ही सोशल मीडिया पर उनकी शादी को लेकर कयास लगाए जाने लगे। क्रिश्चियन रीति-रिवाज से हो सकती है शादी जेनिफर और विलियम एक साथ बहुत खुश हैं। विलियम के प्रपोजल के बाद जेनिफर ने शादी की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। वे वेडिंग वेंडर्स को शॉर्टलिस्ट कर रही हैं और उन्होंने एक मूड बोर्ड भी तैयार किया है। दोनों क्रिश्चियन रीति-रिवाज से शादी करने की प्लानिंग कर रहे हैं। शादी के लिए इस साल सितंबर-अक्टूबर या फिर दिसंबर-जनवरी का समय तय किया जा सकता है। करीबी दोस्तों को है शादी की जानकारी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जेनिफर और विलियम अभी शादी के लिए वेन्यू (जगह) की तलाश कर रहे हैं। जेनिफर के करीबी दोस्तों को इस बात की पूरी जानकारी है। उनके टीवी और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्त जैसे हरलीन सेठी और जेनेलिया देशमुख भी इस प्लानिंग के बारे में जानते हैं। हाल ही में जेनिफर का नाम उनके को-स्टार करण वाही के साथ भी जोड़ा गया था, लेकिन करण ने इन खबरों को पूरी तरह गलत और फेक बताया था। जेनिफर विंगेट के पूर्व पति करण सिंह ग्रोवर। करण सिंह ग्रोवर से हुई थी पहली शादी जेनिफर विंगेट की पहली शादी एक्टर करण सिंह ग्रोवर से हुई थी। दोनों की मुलाकात टीवी सीरियल ‘दिल मिल गए’ के सेट पर हुई थी। इसके बाद अप्रैल 2012 में दोनों ने शादी कर ली, लेकिन यह रिश्ता लंबा नहीं चला और साल 2014 में उनका तलाक हो गया। इसके बाद करण सिंह ग्रोवर ने साल 2016 में फिल्म ‘अलोन’ में साथ काम करने के बाद एक्ट्रेस बिपाशा बसु से शादी कर ली थी। ये खबर भी पढ़ें जेनिफर विंगेट संग शादी पर करण वाही ने तोड़ी चुप्पी:एक्टर ने रूमर्स को खारिज करते हुए बताया फेक न्यूज; दोनों लंबे समय से दोस्त हैं एक्टर करण वाही और जेनिफर विंगेट इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। सोशल मीडिया पर दोनों की शादी को लेकर लगातार अफवाहें उड़ रही हैं और इंटरनेट पर इससे जुड़ी कई रिपोर्ट्स भी सामने आ रही हैं। हालांकि, इन खबरों की सच्चाई कुछ और ही है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

चांदी ₹15,748 गिरकर ₹2.41 लाख किलो पर आई:ऑलटाइम हाई से ₹1.45 लाख गिर चुकी, सोना आज ₹3,470 टूटा; 10 ग्राम की कीमत ₹1.51 लाख

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ममता को पहला संसदीय झटका: टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर रे ने राज्यसभा से इस्तीफा दिया | भारत समाचार

Nepal Vs Hong Kong Final Live Score: Follow Latest Updates From The Asian Games Qualifier. (Picture Credit: IG/cricketassociationofnepal)

आखरी अपडेट:08 जून, 2026, 12:09 IST आरजी कर बलात्कार मामले की जांच पर पार्टी से असहमति का हवाला देते हुए सुखेंदु शेखर रे ने भी तृणमूल कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ दी। टीएमसी नेता सुखेंदु शेखर रॉय. (फ़ाइल छवि) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को सोमवार को संसद में पहला बड़ा झटका लगा जब वरिष्ठ राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे ने उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया और पार्टी छोड़ दी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पार्टी पश्चिम बंगाल में अपने विधायकों के एक बड़े वर्ग के विद्रोह के बाद एक बड़े आंतरिक संकट से जूझ रही है। अपने इस्तीफे में रे ने कहा, “पश्चिम बंगाल की जनता ने कथित भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ अपराध और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, उद्योग, रोजगार और कानून व्यवस्था सहित शासन में विफलताओं के कारण 15 साल तक सत्ता में रहने के बाद तृणमूल कांग्रेस को खारिज कर दिया है। उन्होंने विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन को ऐतिहासिक जनादेश बताया और कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस और राज्यसभा दोनों से इस्तीफा देकर लोगों के फैसले को स्वीकार कर रहे हैं।” रे के इस्तीफे को पार्टी नेतृत्व के लिए एक महत्वपूर्ण झटके के रूप में देखा जा रहा है, खासकर तब जब उन्होंने हाल ही में चेतावनी दी थी कि विधानसभा में अशांति संसद तक फैल सकती है। ताजा घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस के 80 में से लगभग 60 विधायकों द्वारा पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में निष्कासित विधायक रीतब्रत बनर्जी का समर्थन करने के कुछ दिनों बाद आया है। इस कदम से पार्टी को बड़ा झटका लगा और चिंता पैदा हो गई कि पार्टी के सांसदों के बीच भी इसी तरह का विद्रोह उभर सकता है। रे ने सार्वजनिक रूप से संकेत दिया था कि ऐसी संभावना मौजूद है और सुझाव दिया था कि विधानसभा में हुए घटनाक्रम को अंततः संसद में दोहराया जा सकता है। उनका इस्तीफा अब पार्टी के भीतर चल रहे संकट का पहला बड़ा संसदीय नतीजा है। इस्तीफे के बाद उन्होंने क्या कहा? पद छोड़ने के बाद रे ने आरजी कर मामले का जिक्र किया और इस मुद्दे पर अपनी स्थिति दोहराई। उन्होंने कहा, “मैंने पुलिस कमिश्नर और आरजी कार के प्रिंसिपल को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की मांग की थी। मेरा अब भी मानना ​​है कि सबूतों से छेड़छाड़ करने में उनकी मुख्य भूमिका थी।” उन्होंने कहा, “मैं तब समझ गया था कि टीएमसी जल्द ही ढह जाएगी। आरजी कर घटना के कारण पार्टी के खिलाफ बड़े पैमाने पर सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन हुआ, लेकिन नेतृत्व ने कभी भी अपनी हार के पीछे के कारणों का आत्मनिरीक्षण करने की कोशिश नहीं की। टीएमसी ने लोगों के साथ अपना संपर्क खो दिया है।” ऐसा लगता है कि आरजी कर आंदोलन के दौरान पार्टी के साथ उनके रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे। मतभेदों के बावजूद, रे प्रमुख मुद्दों पर पार्टी नेतृत्व के साथ खड़े रहे। जब ममता बनर्जी ने एसआईआर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, तो वह उनके पक्ष में थे। टीएमसी से पुराना नाता सुखेंदु शेखर रे पहली बार 2011 में राज्यसभा सदस्य बने। तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें लगातार तीन बार उच्च सदन के लिए नामित किया। वर्षों तक, वह पार्टी के वरिष्ठ संसदीय चेहरों में से एक बने रहे। 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान जब ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ा तो रे को भी वहां भेजा गया था. हालाँकि, यह आरोप लगाया गया कि पार्टी नेताओं ने उनकी बातों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। चुनाव में हार के बाद उभरे मतभेद 2026 के चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद, रे ने खुले तौर पर सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर भी पार्टी की कड़ी आलोचना की. उनकी सार्वजनिक आलोचना ने उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच बढ़ते मतभेदों की अटकलों को हवा दी। वे मतभेद अब राज्यसभा और तृणमूल कांग्रेस दोनों से उनके इस्तीफे के रूप में सामने आए हैं। पार्टी के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले सांसदों में से एक के जाने से तृणमूल कांग्रेस के सामने चुनौतियां बढ़ गई हैं क्योंकि वह उस विद्रोह को रोकने का प्रयास कर रही है जिसने पहले ही पश्चिम बंगाल में उसके संगठन को हिलाकर रख दिया है। इस बीच सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी इस्तीफे आने वाले हैं. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शुद्धान्त पात्र आठ साल के अनुभव के साथ एक अनुभवी पत्रकार, शुद्धंता पात्रा, सीएनएन न्यूज़ 18 में वरिष्ठ उप-संपादक के रूप में कार्यरत हैं। राष्ट्रीय राजनीति, भू-राजनीति, व्यावसायिक समाचारों में विशेषज्ञता के साथ, उन्होंने प्रभावित किया है…और पढ़ें जगह : दिल्ली, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ममता को पहला संसदीय झटका: टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर रे ने राज्यसभा से इस्तीफा दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तृणमूल कांग्रेस विद्रोह(टी)टीएमसी आंतरिक संकट(टी)सुखेंदु शेखर रे(टी)राज्यसभा इस्तीफा(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)टीएमसी विधायकों का विद्रोह(टी)संसद झटका टीएमसी(टी)भारतीय राजनीतिक समाचार

5 स्टार इलेक्ट्रोनिकी डेकोरेटरी में सीलिंग फैन क्यों नहीं होते? जानिए इसके पीछे का मॉडल वाला सच

5 स्टार इलेक्ट्रोनिकी डेकोरेटरी में सीलिंग फैन क्यों नहीं होते? जानिए इसके पीछे का मॉडल वाला सच

जब भी हम किसी 5-स्टार या विला होटल में स्टेस्ट का प्लान बनाते हैं, तो वहां मिलने वाली प्रॉपर्टी और शाही किराए का एक अलग ही मजा होता है। लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि तीसरी मंज़िल और पैलेस में एयर कंसीलर तो होता है, लेकिन छत पर पंखा वास्तव में नहीं होता है? इसके पीछे की वजह क्या है? क्या यह सिर्फ कमरे को एक ‘आधुनिक लुक’ देने के लिए दिया गया है, या इसके पीछे कुछ अत्यधिक व्यावहारिक और सुरक्षा संबंधी कारण हैं? आइए जानते हैं। एयर कंडीशनिंग सिस्टम और सेंट्रल कूलिंग सर्बिया में सेंट्रल एयर कंडीशनिंग सिस्टम का उपयोग किया जाता है। यह सिस्टम पूरे कमरे के तापमान को एक समान और नियंत्रित करता है। जब कमरे से पहले ही पूरी तरह से वायु कंडीशन होता है, तो कोरिया की आवश्यकता लगभग समाप्त हो जाती है। पार्टियों को आराम देने के लिए यह सिस्टम अधिक प्रभावशाली और सशक्त होता है। विज़न का ‘लग्जरी’ डिज़ाइन होटल के दस्तावेज़ को एक विशेष सौंदर्य के साथ डिज़ाइन किया गया है। एक शानदार जूमर या फ़ॉल्स सीलिंग के साथ फ़ेला रूम का लुक कहीं न कहीं ‘डाउन’ करता है। होटल युनिवर्सिटी देना रूम को एक प्रीमियम और शानदार लुक देना चाहते हैं, जिसमें पंखा फिट नहीं है। सफाई करने में परेशानी वफ़ा की सफाई करना एक बड़ी चुनौती है। यदि छत पर पंजाब लगे हों, तो उन पर जमीं कूड़े को नियमित रूप से साफ करना है। हर चेक-आउट के बाद माउंटेन को चमकाना होटल स्टाफ के लिए काफी समय लेने वाला काम है। साथ ही, धूल उड़ने से एलर्जी की समस्या भी हो सकती है, जिससे बचाव के लिए धूल को पूरी तरह से दूर किया जा सकता है। बिना यूरोप की बनी रहेगी शांति होटल अपने सामान को ‘शांति’ और ‘सुखद नींद’ का वादा करते हैं। कई बार यूक्रेन रिवाइवल लाइट आवाज आती है। जो एक सार्वभौम एबाइनेंट बुरा हो सकता है। वहीं, आधुनिक एसी सिस्टम बहुत ही शांत तरीके से काम करते हैं, जिससे कमरा बिल्कुल शांत बना रहता है। सुरक्षा और दुर्घटना का डर समुद्री तट पर रहने का समय या उनका पुराना हो जाने पर खतरा रहता है। इसके अलावा, दुर्भाग्यवश, आत्महत्या जैसे गलत उदाहरणों का उपयोग कई बार किया जा सकता है। अफ़गानिस्तान की क़ीमती मूर्तियाँ एक बड़े होटल में सैकड़ों कमरे हैं। प्लांटा, फिर उनकी वायरिंग करना और लगातार मेंटेनेंस का खर्च उठाना एक बड़ी लागत है। हालाँकि यह मुख्य कारण नहीं है, लेकिन किसी की जगह बेहतर एयर कंडीशनिंग में निवेश करने के लिए और अधिक कमाल होता है। ये भी पढ़ें – निर्जला एकादशी 2026 तिथि: 24 या 25 जून कब रखा जाएगा निर्जला एकादशी का व्रत? जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

Govt Must Initiate, Gather Resources for Rajasthan Regional Center

Govt Must Initiate, Gather Resources for Rajasthan Regional Center

जयपुर3 घंटे पहले कॉपी लिंक राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) के निदेशक चितरंजन त्रिपाठी ने राजस्थान में एनएसडी का क्षेत्रीय केंद्र (रीजनल सेंटर) स्थापित किए जाने की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा- एक रंगकर्मी होने के नाते वह चाहते हैं कि देश के हर राज्य में एनएसडी का एक केंद्र हो। जयपुर में आयोजित थिएटर वर्कशॉप कोलाज ऑफ किलकारी के समापन पर त्रिपाठी ने कहा कि हर स्कूल में थिएटर विषय होना चाहिए। उन्होंने शिक्षा, समाज में कला, संगीत और रंगमंच के प्रति बने नजरिए को ‘चिंटू और पिंटू’ की काल्पनिक थ्योरी से समझाया। उन्होंने कहा- हर स्कूल में दो तरह के छात्र होते हैं। एक पिंटू, जो गणित में 98 प्रतिशत अंक लाता है और दूसरा चिंटू 85 प्रतिशत अंक लाता है। चिंटू बेहतरीन गायक, तबला वादक या कलाकार भी है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में आमतौर पर पिंटू को ज्यादा महत्व मिलता है। शिक्षक उसे अपना ब्लू-आइड बॉय मानते हैं, क्योंकि समाज यह मान बैठा है कि अच्छे अंक लाने वाला ही आगे चलकर बड़ी उपलब्धियां हासिल करेगा। वहीं चिंटू की कला और प्रतिभा को उतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता। चितरंजन त्रिपाठी ने कहा कि मैं चाहता हूं कि हर राज्य में एनएसडी का रीजनल सेंटर बनें। कला को व्यक्तित्व विकास का हिस्सा मानना अहम त्रिपाठी ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि जैसे ही किसी स्कूल में कोई मंत्री, सांसद, कलेक्टर या अन्य गणमान्य व्यक्ति आने वाले होते हैं, अचानक स्कूल प्रशासन को चिंटू की याद आ जाती है। क्योंकि स्वागत समारोह में गीत भी चाहिए, सांस्कृतिक कार्यक्रम भी चाहिए और मंच पर प्रस्तुति भी चाहिए। तब वही छात्र, जिसे पूरे साल सामान्य नजर से देखा जाता है, अचानक महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि चिंटू और उसके जैसे अन्य कलाकार बच्चों को बुलाया जाता है, उन्हें देशभक्ति गीत सिखाए जाते हैं, मंच पर प्रस्तुतियों की तैयारी करवाई जाती है और कुछ समय के लिए उन्हें विशेष महत्व दिया जाता है। उस समय चिंटू को लगता है कि उसकी कला की कद्र हो रही है। त्रिपाठी ने कहा कि दुखद स्थिति यह है कि जैसे ही कार्यक्रम समाप्त होता है, वही सम्मान खत्म हो जाता है। मंच पर तालियां बजती हैं, अतिथि बच्चों की तारीफ करते हैं, लेकिन अगले ही दिन चिंटू फिर उसी स्थिति में पहुंच जाता है, जहां उसे केवल एक्स्ट्रा एक्टिविटी करने वाला छात्र माना जाता है। त्रिपाठी के अनुसार समाज और शिक्षा व्यवस्था की यही सबसे बड़ी विडंबना है कि कला, संगीत और रंगमंच का उपयोग तो किया जाता है, लेकिन उन्हें शिक्षा और व्यक्तित्व विकास के मुख्य हिस्से के रूप में स्वीकार नहीं किया जाता। मैं तो चाहता हूं कि हर राज्य में एनएसडी का केंद्र हो चितरंजन त्रिपाठी ने कहा कि एक थिएटर कलाकार होने के नाते उनकी पहली इच्छा यही है कि राजस्थान सहित देश के हर राज्य में एनएसडी का एक क्षेत्रीय केंद्र स्थापित हो। इससे स्थानीय कलाकारों को दिल्ली आने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने प्रदेश में ही उच्चस्तरीय रंगमंच प्रशिक्षण उपलब्ध हो सकेगा। हालांकि इसके लिए केवल इच्छा पर्याप्त नहीं है, बल्कि संसाधन, आधारभूत ढांचा और सरकारों के बीच समन्वय भी जरूरी है। त्रिपाठी ने कहा कि जब राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की स्थापना हुई थी, तब इसकी मूल अवधारणा में यह भावना शामिल थी कि देश के विभिन्न राज्यों तक रंगमंच की शिक्षा और प्रशिक्षण पहुंचे। लेकिन किसी भी नए केंद्र की स्थापना के लिए भवन, भूमि, वित्तीय संसाधन, तकनीकी सुविधाएं और प्रशिक्षित मानव संसाधन जैसी कई बुनियादी आवश्यकताएं होती हैं। कार्यक्रम में उन्होंने चिंटू और पिंटू की थ्यौरी को भी समझाया। सरकारों के स्तर पर सहमति बनना जरूरी त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि एनएसडी का निदेशक होने के नाते वह कोई ऐसा वादा नहीं करना चाहते जो व्यावहारिक रूप से उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी नए केंद्र की स्थापना केंद्र और राज्य सरकार के बीच आपसी सहमति और सहयोग से ही संभव हो सकती है। उन्होंने कहा कि अगर मैं मंच पर बैठकर यह कह दूं कि कल से राजस्थान में एनएसडी का सेंटर शुरू हो जाएगा, तो वह सही बात नहीं होगी। यह एक लंबी प्रक्रिया है, जिसमें सरकारों के स्तर पर चर्चा, संसाधनों की व्यवस्था और ठोस योजना की जरूरत होती है। त्रिपाठी ने कहा कि राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत, लोकनाट्य परंपराएं और रंगकर्म की सक्रियता इसे ऐसे केंद्र के लिए उपयुक्त बनाती हैं। राज्य में बड़ी संख्या में युवा रंगमंच, लोककला और अभिनय से जुड़ना चाहते हैं। यदि यहां एनएसडी का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित होता है तो इससे प्रदेश के कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण और अवसर मिल सकते हैं। जयपुर में राजस्थानी परम्परा के अनुसार चितरंजन त्रिपाठी का स्वागत किया गया। थिएटर तनाव दूर करता है, जीवन को गहराई देता है चितरंजन त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय रंगमंच की परंपरा हजारों साल पुरानी है। भरतमुनि के नाट्यशास्त्र में भी यह स्पष्ट लिखा गया है कि नाटक दुख, अवसाद और तनाव को दूर करता है। उन्होंने कहा कि रंगमंच व्यक्ति को विभिन्न किरदारों के माध्यम से अलग-अलग दृष्टिकोण समझने का अवसर देता है। जब कोई बच्चा मंच पर पुलिस अधिकारी, किसान, राजा या किसी सामान्य व्यक्ति की भूमिका निभाता है तो वह दुनिया को नए नजरिए से देखना सीखता है। यही प्रक्रिया उसे अधिक संवेदनशील और समझदार बनाती है।” हर स्कूल में थिएटर विषय होना चाहिए त्रिपाठी ने कहा कि आज के दौर में स्कूलों में थिएटर को अतिरिक्त गतिविधि (एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी) के रूप में देखा जाता है, जबकि यह शिक्षा का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं जहां भी जाता हूं, स्कूलों से यही कहता हूं कि थिएटर को एक विषय के रूप में शामिल किया जाना चाहिए। रंगमंच बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करता है। यह केवल अभिनय नहीं सिखाता, बल्कि जीवन जीने का सलीका सिखाता है। चाहे बच्चा आगे चलकर डॉक्टर बने, इंजीनियर बने या किसी भी क्षेत्र में जाए, थिएटर से जुड़ाव उसे बेहतर इंसान बनाता है। उन्होंने कहा कि इस समय देशभर में अलग-अलग जगहों पर थिएटर वर्कशाप चल रही है। 92 शहरों में चल रही हैं थिएटर वर्कशॉप्स एनएसडी के कार्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने कहा कि पहले गर्मी

शादीशुदा जिंदगी पर बोले आर माधवन:मैं डरपोक मद्रासी मिडिल क्लास आदमी हूं, इसलिए पत्नी के प्रति हमेशा वफादार रहा

शादीशुदा जिंदगी पर बोले आर माधवन:मैं डरपोक मद्रासी मिडिल क्लास आदमी हूं, इसलिए पत्नी के प्रति हमेशा वफादार रहा

अभिनेता आर माधवन और उनकी पत्नी सरिता ने हाल ही में अपनी शादी की 27वीं सालगिरह मनाई है। इस मौके पर माधवन का एक पुराना इंटरव्यू चर्चा में है, जिसमें उन्होंने अपनी सफल शादीशुदा जिंदगी और वफादारी पर कई खुलासे किए हैं। इ-टाइम्स को दिए इंटरव्यू में माधवन ने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री की खूबसूरत अभिनेत्रियों के साथ काम करने के बाद भी वे हमेशा अपनी पत्नी के प्रति वफादार रहे। उन्होंने खुद को एक ‘डरपोक मद्रासी मिडिल क्लास’ आदमी बताया जो दिनभर काम करने के बाद घर लौटकर पत्नी के साथ समय बिताने को प्राथमिकता देता है। पत्नी सरिता को बताया जिंदगी का सबसे बड़ा सहारा आर माधवन ने इंटरव्यू में बताया कि वे दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार अपनी पत्नी सरिता से करते हैं। सरिता उन्हें पूरी तरह से समझती हैं और हमेशा जमीन से जुड़े रहने में मदद करती हैं। माधवन के मुताबिक, सरिता उनके माता-पिता, बेटे वेदांत और उनके पैसों (फाइनेंस) का पूरा ध्यान रखती हैं। वे माधवन को एक बेहतर एक्टर बनने के लिए पूरी आजादी देती हैं। माधवन ने कहा कि वे बहुत किस्मत वाले हैं कि सरिता उनकी जिंदगी में हैं क्योंकि वे बिना कोई क्रेडिट चाहे परिवार के लिए बहुत मेहनत करती हैं। वफादार रहना पारिवारिक संस्कार का हिस्सा फिल्म इंडस्ट्री में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स पर बात करते हुए माधवन ने कहा कि वफादार रहना उनके लिए बहुत आसान और स्वाभाविक रहा है। उन्होंने इसे अपने पारिवारिक संस्कारों से जोड़ा। माधवन ने अपने परिवार से जुड़ा एक किस्सा शेयर करते हुए बताया कि उनका पूरा परिवार आखिरी समय तक जमशेदजी टाटा के प्रति इतना वफादार था कि घर में भगवान की मूर्तियों के साथ टाटा की फोटो पर भी माला चढ़ाई जाती थी। इसलिए उनके लिए बेवफा होना अपनी पारिवारिक परंपरा के खिलाफ जाने जैसा है। खुद को बताया डरपोक मद्रासी मिडिल क्लास मैन माधवन ने खुलकर स्वीकार किया कि वे सुंदर लड़कियों की तरफ आकर्षित होते हैं, लेकिन आखिर में वे अपने घर लौटना ही पसंद करते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं एक डरपोक मद्रासी मिडिल क्लास आदमी हूं। सुंदर लड़कियां मुझे अच्छी लगती हैं, लेकिन मैं बाहर रहने का कोई बहाना बनाने के बजाय घर जाकर पत्नी के साथ बैठना बेहतर समझता हूं।’ माधवन ने बताया कि उनके रिश्ते में शुरू से ही पारदर्शिता रही है। उनका मोबाइल फोन और बैंक अकाउंट हमेशा उनकी पत्नी के पास ही रहते हैं। डायरेक्टर मणि रत्नम की सलाह ने किया काम माधवन ने मशहूर फिल्म डायरेक्टर मणि रत्नम की एक सलाह का भी जिक्र किया जो उनके वैवाहिक जीवन में बहुत काम आई। मणि रत्नम ने उनसे कहा था कि जब रिश्ता अच्छा चल रहा हो, तो उसे बार-बार यह देखने के लिए टेस्ट नहीं करना चाहिए कि पार्टनर आपसे कितना प्यार करता है। कई बार बेवजह परखने से ही रिश्ते खराब हो जाते हैं। माधवन ने इस सलाह को माना। जब वे तमिल सिनेमा के स्टार बने और उनकी फीमेल फैन फॉलोइंग बढ़ी, तो उन्होंने सबसे पहले अपने शादीशुदा होने की घोषणा की थी। वे अपने फैंस के खत भी सरिता के साथ मिलकर ही खोलते थे।

शादीशुदा जिंदगी पर बोले आर माधवन:मैं डरपोक मद्रासी मिडिल क्लास आदमी हूं, इसलिए पत्नी के प्रति हमेशा वफादार रहा

शादीशुदा जिंदगी पर बोले आर माधवन:मैं डरपोक मद्रासी मिडिल क्लास आदमी हूं, इसलिए पत्नी के प्रति हमेशा वफादार रहा

अभिनेता आर माधवन और उनकी पत्नी सरिता ने हाल ही में अपनी शादी की 27वीं सालगिरह मनाई है। इस मौके पर माधवन का एक पुराना इंटरव्यू चर्चा में है, जिसमें उन्होंने अपनी सफल शादीशुदा जिंदगी और वफादारी पर कई खुलासे किए हैं। इ-टाइम्स को दिए इंटरव्यू में माधवन ने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री की खूबसूरत अभिनेत्रियों के साथ काम करने के बाद भी वे हमेशा अपनी पत्नी के प्रति वफादार रहे। उन्होंने खुद को एक ‘डरपोक मद्रासी मिडिल क्लास’ आदमी बताया जो दिनभर काम करने के बाद घर लौटकर पत्नी के साथ समय बिताने को प्राथमिकता देता है। पत्नी सरिता को बताया जिंदगी का सबसे बड़ा सहारा आर माधवन ने इंटरव्यू में बताया कि वे दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार अपनी पत्नी सरिता से करते हैं। सरिता उन्हें पूरी तरह से समझती हैं और हमेशा जमीन से जुड़े रहने में मदद करती हैं। माधवन के मुताबिक, सरिता उनके माता-पिता, बेटे वेदांत और उनके पैसों (फाइनेंस) का पूरा ध्यान रखती हैं। वे माधवन को एक बेहतर एक्टर बनने के लिए पूरी आजादी देती हैं। माधवन ने कहा कि वे बहुत किस्मत वाले हैं कि सरिता उनकी जिंदगी में हैं क्योंकि वे बिना कोई क्रेडिट चाहे परिवार के लिए बहुत मेहनत करती हैं। वफादार रहना पारिवारिक संस्कार का हिस्सा फिल्म इंडस्ट्री में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स पर बात करते हुए माधवन ने कहा कि वफादार रहना उनके लिए बहुत आसान और स्वाभाविक रहा है। उन्होंने इसे अपने पारिवारिक संस्कारों से जोड़ा। माधवन ने अपने परिवार से जुड़ा एक किस्सा शेयर करते हुए बताया कि उनका पूरा परिवार आखिरी समय तक जमशेदजी टाटा के प्रति इतना वफादार था कि घर में भगवान की मूर्तियों के साथ टाटा की फोटो पर भी माला चढ़ाई जाती थी। इसलिए उनके लिए बेवफा होना अपनी पारिवारिक परंपरा के खिलाफ जाने जैसा है। खुद को बताया डरपोक मद्रासी मिडिल क्लास मैन माधवन ने खुलकर स्वीकार किया कि वे सुंदर लड़कियों की तरफ आकर्षित होते हैं, लेकिन आखिर में वे अपने घर लौटना ही पसंद करते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं एक डरपोक मद्रासी मिडिल क्लास आदमी हूं। सुंदर लड़कियां मुझे अच्छी लगती हैं, लेकिन मैं बाहर रहने का कोई बहाना बनाने के बजाय घर जाकर पत्नी के साथ बैठना बेहतर समझता हूं।’ माधवन ने बताया कि उनके रिश्ते में शुरू से ही पारदर्शिता रही है। उनका मोबाइल फोन और बैंक अकाउंट हमेशा उनकी पत्नी के पास ही रहते हैं। डायरेक्टर मणि रत्नम की सलाह ने किया काम माधवन ने मशहूर फिल्म डायरेक्टर मणि रत्नम की एक सलाह का भी जिक्र किया जो उनके वैवाहिक जीवन में बहुत काम आई। मणि रत्नम ने उनसे कहा था कि जब रिश्ता अच्छा चल रहा हो, तो उसे बार-बार यह देखने के लिए टेस्ट नहीं करना चाहिए कि पार्टनर आपसे कितना प्यार करता है। कई बार बेवजह परखने से ही रिश्ते खराब हो जाते हैं। माधवन ने इस सलाह को माना। जब वे तमिल सिनेमा के स्टार बने और उनकी फीमेल फैन फॉलोइंग बढ़ी, तो उन्होंने सबसे पहले अपने शादीशुदा होने की घोषणा की थी। वे अपने फैंस के खत भी सरिता के साथ मिलकर ही खोलते थे।