Wednesday, 10 Jun 2026 | 07:55 AM

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पहले वनडे में बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को 86 रन हराया:21 साल बाद कंगारू टीम पर मिली दूसरी जीत; नालेद राणा ने झटके 4 विकेट

पहले वनडे में बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को 86 रन हराया:21 साल बाद कंगारू टीम पर मिली दूसरी जीत; नालेद राणा ने झटके 4 विकेट

बांग्लादेश ने मीरपुर में खेले गए पहले वनडे मैच में ऑस्ट्रेलिया को डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम के तहत 86 रन से हरा दिया। बांग्लादेश की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे इतिहास में यह केवल दूसरी जीत है। इससे पहले साल 2005 में बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को पहली बार किसी वनडे मैच में मात दी थी। इस मुकाबले में करीब चार साल बाद वनडे क्रिकेट में वापसी कर रहे मोसाद्देक हुसैन ने पहले बल्लेबाजी में नाबाद 86 रनों की पारी खेली और बाद में गेंदबाजी में भी 2 विकेट चटकाए। वहीं, नावेद राणा ने 4 विकेट लिए। ऑस्ट्रेलिया की टीम पिछले हफ्ते पाकिस्तान से वनडे सीरीज 2-1 से हारने के बाद यहां पहुंची है, जहां उसे पहले ही मैच में करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। खराब रोशनी और बारिश के कारण रुका मैच टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट पर 284 रन बनाए थे। जवाब में 285 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम 42.2 ओवरों में 9 विकेट खोकर केवल 191 रन ही बना सकी थी कि तभी मैदान पर तेज बिजली कड़कने और बारिश के कारण खेल को रोकना पड़ा। खेल दोबारा शुरू न होने की स्थिति में डकवर्थ-लुईस नियम के तहत बांग्लादेश को 86 रनों से विजेता घोषित कर दिया गया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से कैमरून ग्रीन 52 रन बनाकर नाबाद रहे। मोसाद्देक हुसैन की शानदार वापसी, शांतो और तंजीद के भी अर्धशतक चार साल बाद टीम में लौटे मोसाद्देक हुसैन बांग्लादेश की जीत के सबसे बड़े हीरो रहे। उन्होंने महज 70 गेंदों में 7 चौकों और 3 छक्कों की मदद से नाबाद 86 रन कूट डाले। हालांकि, इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई फील्डर्स ने उन्हें तीन जीवनदान भी दिए। कूपर कॉनोली, ओलिवर पीक और एडम जम्पा ने उनके कैच छोड़े, जिसका मोसाद्देक ने पूरा फायदा उठाया। उनके अलावा कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने 67 और ओपनर तंजीद हसन ने 54 रनों की महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से नाथन एलिस सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 38 रन देकर 3 विकेट लिए। खिलाड़ियों की कसी फील्डिंग ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और पारी की पहली ही गेंद पर ओपनर मैथ्यू शॉट को तस्कीन अहमद ने बोल्ड कर दिया। खराब फॉर्म से जूझ रहे मार्नस लाबुशेन भी सिर्फ 1 रन बनाकर मुस्तफिजुर रहमान का शिकार बने। पाकिस्तान के खिलाफ पिछली सीरीज में 0, 5 और 19 रन बनाने वाले लाबुशेन का फ्लॉप शो यहां भी जारी रहा। मिडिल ऑर्डर में कूपर कॉनोली (35) ने कप्तान जोश इंग्लिस (19) और एलेक्स कैरी (47) के साथ छोटी साझेदारियां कर पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन वे टीम को संकट से नहीं निकाल सके। नाहिद राणा की 140 किमी/घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी बांग्लादेश के युवा तेज गेंदबाज नाहिद राणा ने अपनी रफ्तार से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को खूब परेशान किया। लगातार 140 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की स्पीड से गेंदबाजी करते हुए राणा ने 41 रन देकर 4 विकेट चटकाए। उन्होंने अपने दूसरे स्पेल में घातक गेंदबाजी करते हुए तीन ओवरों में तीन विकेट निकालकर ऑस्ट्रेलिया की कमर तोड़ दी। मोसाद्देक हुसैन ने भी कसी हुई गेंदबाजी की और अपने 10 ओवर के कोटे में सिर्फ 37 रन देकर 2 जरूरी विकेट निकाले। 15 साल बाद दोनों देशों के बीच बाइलेटरल सीरीज ऑस्ट्रेलिया की टीम पूरे 15 साल बाद बांग्लादेश के दौरे पर कोई बाइलेटरल वनडे सीरीज खेल रही है। सीरीज का पहला मैच जीतकर बांग्लादेश ने 1-0 की बढ़त बना ली है। सीरीज के बाकी बचे दोनों मैच भी मीरपुर के इसी मैदान पर गुरुवार और रविवार को खेले जाएंगे।

अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले किए:हेलिकॉप्टर गिराने के बदले में अटैक; तेहरान बोला- हर हमले का जवाब देंगे

अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले किए:हेलिकॉप्टर गिराने के बदले में अटैक; तेहरान बोला- हर हमले का जवाब देंगे

अमेरिकी सेना ने मंगलवार रात ईरान पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि सेना ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की है। सेंटकॉम के मुताबिक, यह हमला होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी सेना के अपाचे हेलिकॉप्टर को गिराए जाने के जवाब में किया गया। इससे पहले ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर गश्त कर रहे अमेरिकी AH-64 अपाचे हेलिकॉप्टर को ईरान ने मार गिराया। हालांकि उन्होंने कहा कि हेलिकॉप्टर में सवार दोनों पायलट सुरक्षित हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई। ट्रम्प ने लिखा था, “अमेरिका को इस हमले का जवाब देना ही होगा।” उधर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “ईरानी सेना किसी भी हमले या धमकी को बिना जवाब नहीं छोड़ेंगे।” अराघची ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा, “अगर सुरक्षित रहना चाहते हैं तो हमारा क्षेत्र छोड़ दें। फारस की खाड़ी का इतिहास बाहरी ताकतों के बुरे अंजामों से भरा है।” हेलिकॉप्टर हादसे को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आई हैं। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, अपाचे हेलिकॉप्टर एक ईरानी ड्रोन से टकराने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह टक्कर जानबूझकर कराई गई थी या हादसा थी। मामले की जांच जारी है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

Sonu Mishra Quits Kala Hiran Film; Claims Threats Over Salman Khan Controversy

Sonu Mishra Quits Kala Hiran Film; Claims Threats Over Salman Khan Controversy

9 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक सोनू मिश्रा फिल्म ‘काला हिरण’ में लीड रोल निभा रहे थे। ‘आपकी जिंदगी का सबसे बड़ा किरदार आपको ऑफर किया जा रहा है…’ 14 अप्रैल को आए एक फोन कॉल से अभिनेता सोनू मिश्रा को लगा कि उनके करियर का बड़ा मोड़ आने वाला है। जल्दबाजी में टिकट भेजी गई, शूट के लिए यूपी बुलाया गया और बताया गया कि फिल्म एक बड़े सुपरस्टार से जुड़ी है। लेकिन सेट पर पहुंचने के बाद चीजें वैसी नहीं निकलीं जैसी उन्हें समझाई गई थीं। स्क्रिप्ट नहीं मिली, एग्रीमेंट नहीं हुआ और कहानी को लेकर सवाल बढ़ते गए। दैनिक भास्कर से बातचीत में सोनू मिश्रा ने बताया कि उन्होंने बीच में ही फिल्म ‘काला हिरण’ छोड़ने का फैसला क्यों लिया और इस विवाद के पीछे क्या हुआ। सोनू मिश्रा 18 सालों से फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। फोन आया और कहा गया- आपकी लाइफ का सबसे बड़ा किरदार है सोनू मिश्रा बताते हैं कि 14 अप्रैल को उन्हें अचानक फोन आया। उस वक्त वह एक बड़े प्रोजेक्ट की मीटिंग में थे। कॉल करने वालों ने कहा कि 16 तारीख को फ्री रहिए, आपकी जिंदगी का सबसे बड़ा किरदार आपको ऑफर किया जा रहा है। पहले उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं दी गई। सिर्फ इतना बताया गया कि एक सुपरस्टार पर फिल्म बन रही है। सोनू के मुताबिक, वह पहले भी सलमान खान के साथ काम कर चुके थे, इसलिए उन्हें लगा कि यह उनके करियर का बड़ा मौका हो सकता है। जल्दी-जल्दी बुलाया गया, टिकट के पैसे भेजे और सीधे शूटिंग पर पहुंचे सोनू के मुताबिक, उन्हें कहा गया कि शूट बहुत तेजी से करना है और अगले ही दिन यूपी पहुंचना होगा। उन्हें टोकन मनी भेजी गई, जिससे फ्लाइट टिकट बुक हुई। मुंबई से दिल्ली और फिर सड़क मार्ग से शूटिंग लोकेशन पहुंचाया गया। उनका कहना है कि शुरुआत से सब कुछ जल्दबाजी में हो रहा था। लीड रोल था, लेकिन न स्क्रिप्ट मिली, न एग्रीमेंट सोनू कहते हैं कि जब वह सेट पर पहुंचे, तब भी उन्हें किरदार की पूरी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कई बार पूछा कि स्क्रिप्ट कहां है और एग्रीमेंट कब होगा। उनका कहना है कि इंडस्ट्री में इतने साल काम करने के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि लीड रोल होने के बावजूद कोई औपचारिक प्रक्रिया नहीं हुई। फिल्म ‘काला हिरण’ की शूटिंग का कोर्ट वाला सीन सोनू मिश्रा ने दैनिक भास्कर से शेयर किया है। कोर्टरूम सीन करते-करते मुझे लगा मामला कुछ और है सोनू मिश्रा के मुताबिक, शूटिंग के पहले दिन ज्यादातर हिस्सा कोर्टरूम सेटअप में फिल्माया जा रहा था। उनका दावा है कि उन्हें जिस किरदार के लिए बुलाया गया था, वह एक ऐसे व्यक्ति का था, जो कोर्ट के अंदर कटघरे जैसे माहौल में खड़ा दिखाया जा रहा था। सोनू कहते हैं कि शुरुआत में उन्हें बताया गया था कि फिल्म एक घटना और उससे जुड़े पहलुओं पर आधारित होगी, लेकिन शूट के दौरान डायलॉग और सीन देखकर उन्हें लगा कि फिल्म सिर्फ घटनाओं का रीक्रिएशन नहीं कर रही थी। उनके मुताबिक, कोर्टरूम वाले हिस्सों में वकीलों की बहस, आरोपों वाले संवाद और किरदार पर सवाल उठाने वाले सीन शूट किए जा रहे थे। सोनू का दावा है कि उन्हें लगा कि कहानी में एक पक्ष ज्यादा मजबूत तरीके से सामने आ रहा है। सोनू कहते हैं कि उन्हें इसी दौरान पहली बार महसूस हुआ कि जिस तरह प्रोजेक्ट समझाकर बुलाया गया था और सेट पर जो शूट हो रहा था, दोनों में अंतर है। उनके अनुसार, उसी दिन उन्होंने टीम से स्क्रिप्ट और एग्रीमेंट मांगा, ताकि पूरी कहानी समझ सकें। लेकिन उन्हें कहा गया कि शूट जल्दी खत्म करना है और बाद में बाकी चीजें पूरी कर ली जाएंगी। सोनू का कहना है कि पहले दिन के शूट के बाद उनके मन में सवाल उठने लगे और दूसरे दिन तक उन्होंने तय कर लिया कि बिना पूरी स्पष्टता के वह इस फिल्म का हिस्सा आगे नहीं बनना चाहते। सोनू मिश्रा ने सलमान की फिल्म ‘सिकंदर’ में एक कॉन्स्टेबल का रोल प्ले किया था। दूसरे दिन लगा कि मुझे पूरी बात नहीं बताई गई सोनू मिश्रा बताते हैं कि पहले दिन के बाद उनके मन में कई सवाल थे। इसलिए दूसरे दिन वह इस उम्मीद के साथ सेट पर पहुंचे कि अब उन्हें स्क्रिप्ट, एग्रीमेंट और कहानी की पूरी दिशा समझाई जाएगी। उनके मुताबिक, दूसरे दिन भी शूटिंग जारी रही, लेकिन चीजें पहले दिन जैसी ही रहीं। उन्होंने दोबारा टीम से पूछा कि फिल्म की कहानी क्या है, किरदार किस दिशा में जा रहा है और आधिकारिक प्रक्रिया कब पूरी होगी। सोनू का दावा है कि उन्हें लगातार यही कहा गया कि शूट जल्दी खत्म करना है और बाकी औपचारिकताएं बाद में पूरी कर ली जाएंगी। उनके मुताबिक, इसी दौरान उन्हें महसूस हुआ कि फिल्म का नैरेटिव उस तरह नहीं जा रहा था, जैसा शुरुआत में समझाया गया था। सोनू कहते हैं कि दूसरे दिन तक उन्हें लगने लगा था कि वह पूरी जानकारी के साथ इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बने हैं। उनके मुताबिक, कहानी, शूट और बातचीत- तीनों में उन्हें स्पष्टता नहीं मिल रही थी। उन्होंने कहा कि उसी दिन उन्होंने मन बना लिया था कि अगर स्क्रिप्ट और एग्रीमेंट के जरिए पूरी तस्वीर साफ नहीं की गई, तो वह आगे फिल्म का हिस्सा नहीं बनेंगे। हालांकि उस समय उन्होंने तुरंत फिल्म छोड़ने की घोषणा नहीं की। उनके मुताबिक, वह प्रोफेशनल तरीके से चीजों को मौका देना चाहते थे और इंतजार कर रहे थे कि शायद आगे चीजें स्पष्ट हो जाएं। लेकिन दूसरे दिन तक उन्होंने लगभग तय कर लिया था कि वह इस प्रोजेक्ट से बाहर निकल जाएंगे। एग्रीमेंट दिखाया गया, यहीं सबसे बड़ा झटका लगा सोनू बताते हैं कि कुछ दिनों बाद मेकर्स से मुलाकात हुई। उन्हें लगा कि अब औपचारिक तरीके से आगे बढ़ेंगे। लेकिन उनके मुताबिक, एग्रीमेंट में प्रमोशन से जुड़ी कुछ शर्तें थीं, जिनसे वह सहमत नहीं थे। “मैंने वहीं एग्रीमेंट फाड़ दिया।” सोनू कहते हैं कि उन्होंने उसी वक्त साफ कर दिया कि वह इस तरीके से काम नहीं करेंगे। उनका कहना है कि उन्होंने वहीं फिल्म छोड़ने का फैसला ले लिया। वॉइस नोट में

Sonu Mishra Quits Kala Hiran Film; Claims Threats Over Salman Khan Controversy

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1 घंटे पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक सोनू मिश्रा फिल्म ‘काला हिरण’ में लीड रोल निभा रहे थे। ‘आपकी जिंदगी का सबसे बड़ा किरदार आपको ऑफर किया जा रहा है…’ 14 अप्रैल को आए एक फोन कॉल से अभिनेता सोनू मिश्रा को लगा कि उनके करियर का बड़ा मोड़ आने वाला है। जल्दबाजी में टिकट भेजी गई, शूट के लिए यूपी बुलाया गया और बताया गया कि फिल्म एक बड़े सुपरस्टार से जुड़ी है। लेकिन सेट पर पहुंचने के बाद चीजें वैसी नहीं निकलीं जैसी उन्हें समझाई गई थीं। स्क्रिप्ट नहीं मिली, एग्रीमेंट नहीं हुआ और कहानी को लेकर सवाल बढ़ते गए। दैनिक भास्कर से बातचीत में सोनू मिश्रा ने बताया कि उन्होंने बीच में ही फिल्म ‘काला हिरण’ छोड़ने का फैसला क्यों लिया और इस विवाद के पीछे क्या हुआ। सोनू मिश्रा 18 सालों से फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। फोन आया और कहा गया- आपकी लाइफ का सबसे बड़ा किरदार है सोनू मिश्रा बताते हैं कि 14 अप्रैल को उन्हें अचानक फोन आया। उस वक्त वह एक बड़े प्रोजेक्ट की मीटिंग में थे। कॉल करने वालों ने कहा कि 16 तारीख को फ्री रहिए, आपकी जिंदगी का सबसे बड़ा किरदार आपको ऑफर किया जा रहा है। पहले उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं दी गई। सिर्फ इतना बताया गया कि एक सुपरस्टार पर फिल्म बन रही है। सोनू के मुताबिक, वह पहले भी सलमान खान के साथ काम कर चुके थे, इसलिए उन्हें लगा कि यह उनके करियर का बड़ा मौका हो सकता है। जल्दी-जल्दी बुलाया गया, टिकट के पैसे भेजे और सीधे शूटिंग पर पहुंचे सोनू के मुताबिक, उन्हें कहा गया कि शूट बहुत तेजी से करना है और अगले ही दिन यूपी पहुंचना होगा। उन्हें टोकन मनी भेजी गई, जिससे फ्लाइट टिकट बुक हुई। मुंबई से दिल्ली और फिर सड़क मार्ग से शूटिंग लोकेशन पहुंचाया गया। उनका कहना है कि शुरुआत से सब कुछ जल्दबाजी में हो रहा था। लीड रोल था, लेकिन न स्क्रिप्ट मिली, न एग्रीमेंट सोनू कहते हैं कि जब वह सेट पर पहुंचे, तब भी उन्हें किरदार की पूरी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कई बार पूछा कि स्क्रिप्ट कहां है और एग्रीमेंट कब होगा। उनका कहना है कि इंडस्ट्री में इतने साल काम करने के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि लीड रोल होने के बावजूद कोई औपचारिक प्रक्रिया नहीं हुई। फिल्म ‘काला हिरण’ की शूटिंग का कोर्ट वाला सीन सोनू मिश्रा ने दैनिक भास्कर से शेयर किया है। कोर्टरूम सीन करते-करते मुझे लगा मामला कुछ और है सोनू मिश्रा के मुताबिक, शूटिंग के पहले दिन ज्यादातर हिस्सा कोर्टरूम सेटअप में फिल्माया जा रहा था। उनका दावा है कि उन्हें जिस किरदार के लिए बुलाया गया था, वह एक ऐसे व्यक्ति का था, जो कोर्ट के अंदर कटघरे जैसे माहौल में खड़ा दिखाया जा रहा था। सोनू कहते हैं कि शुरुआत में उन्हें बताया गया था कि फिल्म एक घटना और उससे जुड़े पहलुओं पर आधारित होगी, लेकिन शूट के दौरान डायलॉग और सीन देखकर उन्हें लगा कि फिल्म सिर्फ घटनाओं का रीक्रिएशन नहीं कर रही थी। उनके मुताबिक, कोर्टरूम वाले हिस्सों में वकीलों की बहस, आरोपों वाले संवाद और किरदार पर सवाल उठाने वाले सीन शूट किए जा रहे थे। सोनू का दावा है कि उन्हें लगा कि कहानी में एक पक्ष ज्यादा मजबूत तरीके से सामने आ रहा है। सोनू कहते हैं कि उन्हें इसी दौरान पहली बार महसूस हुआ कि जिस तरह प्रोजेक्ट समझाकर बुलाया गया था और सेट पर जो शूट हो रहा था, दोनों में अंतर है। उनके अनुसार, उसी दिन उन्होंने टीम से स्क्रिप्ट और एग्रीमेंट मांगा, ताकि पूरी कहानी समझ सकें। लेकिन उन्हें कहा गया कि शूट जल्दी खत्म करना है और बाद में बाकी चीजें पूरी कर ली जाएंगी। सोनू का कहना है कि पहले दिन के शूट के बाद उनके मन में सवाल उठने लगे और दूसरे दिन तक उन्होंने तय कर लिया कि बिना पूरी स्पष्टता के वह इस फिल्म का हिस्सा आगे नहीं बनना चाहते। सोनू मिश्रा ने सलमान की फिल्म ‘सिकंदर’ में एक कॉन्स्टेबल का रोल प्ले किया था। दूसरे दिन लगा कि मुझे पूरी बात नहीं बताई गई सोनू मिश्रा बताते हैं कि पहले दिन के बाद उनके मन में कई सवाल थे। इसलिए दूसरे दिन वह इस उम्मीद के साथ सेट पर पहुंचे कि अब उन्हें स्क्रिप्ट, एग्रीमेंट और कहानी की पूरी दिशा समझाई जाएगी। उनके मुताबिक, दूसरे दिन भी शूटिंग जारी रही, लेकिन चीजें पहले दिन जैसी ही रहीं। उन्होंने दोबारा टीम से पूछा कि फिल्म की कहानी क्या है, किरदार किस दिशा में जा रहा है और आधिकारिक प्रक्रिया कब पूरी होगी। सोनू का दावा है कि उन्हें लगातार यही कहा गया कि शूट जल्दी खत्म करना है और बाकी औपचारिकताएं बाद में पूरी कर ली जाएंगी। उनके मुताबिक, इसी दौरान उन्हें महसूस हुआ कि फिल्म का नैरेटिव उस तरह नहीं जा रहा था, जैसा शुरुआत में समझाया गया था। सोनू कहते हैं कि दूसरे दिन तक उन्हें लगने लगा था कि वह पूरी जानकारी के साथ इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बने हैं। उनके मुताबिक, कहानी, शूट और बातचीत- तीनों में उन्हें स्पष्टता नहीं मिल रही थी। उन्होंने कहा कि उसी दिन उन्होंने मन बना लिया था कि अगर स्क्रिप्ट और एग्रीमेंट के जरिए पूरी तस्वीर साफ नहीं की गई, तो वह आगे फिल्म का हिस्सा नहीं बनेंगे। हालांकि उस समय उन्होंने तुरंत फिल्म छोड़ने की घोषणा नहीं की। उनके मुताबिक, वह प्रोफेशनल तरीके से चीजों को मौका देना चाहते थे और इंतजार कर रहे थे कि शायद आगे चीजें स्पष्ट हो जाएं। लेकिन दूसरे दिन तक उन्होंने लगभग तय कर लिया था कि वह इस प्रोजेक्ट से बाहर निकल जाएंगे। एग्रीमेंट दिखाया गया, यहीं सबसे बड़ा झटका लगा सोनू बताते हैं कि कुछ दिनों बाद मेकर्स से मुलाकात हुई। उन्हें लगा कि अब औपचारिक तरीके से आगे बढ़ेंगे। लेकिन उनके मुताबिक, एग्रीमेंट में प्रमोशन से जुड़ी कुछ शर्तें थीं, जिनसे वह सहमत नहीं थे। “मैंने वहीं एग्रीमेंट फाड़ दिया।” सोनू कहते हैं कि उन्होंने उसी वक्त साफ कर दिया कि वह इस तरीके से काम नहीं करेंगे। उनका कहना है कि उन्होंने वहीं फिल्म छोड़ने का फैसला ले लिया। वॉइस नोट में

Adani Acquires Intellismart for ₹3,050 Cr; Becomes Indias Largest Smart Meter Firm

Adani Acquires Intellismart for ₹3,050 Cr; Becomes Indias Largest Smart Meter Firm

Hindi News Business Adani Acquires Intellismart For ₹3,050 Cr; Becomes Indias Largest Smart Meter Firm मुंबई8 मिनट पहले कॉपी लिंक अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) ने इंटेलिस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को खरीद लिया है। यह सौदा पूरे 3,050 करोड़ रुपए में हुआ है। इसके तहत एईएसएल को इंटेलिस्मार्ट की पूरी 100% हिस्सेदारी मिलेगी। इंटेलिस्मार्ट भारत की प्रमुख स्मार्ट मीटरिंग कंपनियों में से एक है। कंपनी के पास यूपी, गुजरात, एमपी, बिहार और असम में 2.2 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर हैं। इस अधिग्रहण के बाद एईएसएल के कुल स्मार्ट मीटरों की संख्या बढ़कर 4.7 करोड़ से अधिक हो जाएगी। इसके साथ ही एईएसएल देश की सबसे बड़ी स्मार्ट मीटर कंपनी बन गई है। इंटेलिस्मार्ट एनआईआईएफ और ईईएसएल का संयुक्त उपक्रम है। इस सौदे में पूरी इक्विटी का अधिग्रहण शामिल है। इसके साथ अडाणी इस कंपनी में एनआईआईएफ का पूरा बकाया कर्ज भी चुकाएगी। AESL के स्मार्ट मीटरिंग बिजनेस में अभी 2.46 करोड़ से ज्यादा मीटर वहीं, AESL के स्मार्ट मीटरिंग बिजनेस में अभी 2.46 करोड़ से ज्यादा मीटर का ऑर्डर बुक है। अधिग्रहण के बाद कंपनी के पास 4.7 करोड़ स्मार्ट मीटर का पोर्टफोलियो होगा और इससे भारत के स्मार्ट मीटरिंग मार्केट में अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस की टॉप पोजीशन को और मजबूत होगी। अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का कहना है कि इस अधिग्रहण के बाद उसके पास 4.7 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर का पोर्टफोलियो होगा। इससे कंपनी भारत की सबसे बड़ी स्मार्ट मीटरिंग प्लेटफॉर्म बन जाएगी। स्मार्ट मीटर बिजली उपभोक्ताओं को रियल टाइम बिजली खपत की जानकारी देने, बिलिंग में पारदर्शिता लाने और बिजली चोरी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। केंद्र सरकार भी देशभर में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना को तेजी से आगे बढ़ा रही है। ऐसे में यह अधिग्रहण भविष्य के लिहाज से काफी रणनीतिक माना जा रहा है। उपभोक्ताओं को सटीक बिजली बिल मिलेंगे: CEO अडाणी एनर्जी के CEO कंदर्प पटेल ने कहा कि IntelliSmart का अधिग्रहण कंपनी की क्षमता और निष्पादन शक्ति को और मजबूत करेगा। इससे भारत के बिजली वितरण क्षेत्र के आधुनिकीकरण में तकनीक आधारित समाधान उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही बड़े स्तर पर संचालन होने से लागत में कमी आएगी और बेहतर दक्षता हासिल होगी। इससे आम उपभोक्ताओं को सटीक बिजली बिल मिलेंगे और गलत बिलों की समस्या खत्म होगी। —————— ये खबर भी पढ़ें…. अडाणी पावर का चौथी तिमाही में मुनाफा 64% बढ़ा:यह ₹4,271 करोड़ रहा, इनकम भी 10% बढ़ी अडाणी पावर ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 64% बढ़कर ₹4,271 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹2,599 करोड़ का मुनाफा हुआ था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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Hindi News Business Adani Acquires Intellismart For ₹3,050 Cr; Becomes Indias Largest Smart Meter Firm मुंबई1 घंटे पहले कॉपी लिंक अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) ने इंटेलिस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को खरीद लिया है। यह सौदा पूरे 3,050 करोड़ रुपए में हुआ है। इसके तहत एईएसएल को इंटेलिस्मार्ट की पूरी 100% हिस्सेदारी मिलेगी। इंटेलिस्मार्ट भारत की प्रमुख स्मार्ट मीटरिंग कंपनियों में से एक है। कंपनी के पास यूपी, गुजरात, एमपी, बिहार और असम में 2.2 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर हैं। इस अधिग्रहण के बाद एईएसएल के कुल स्मार्ट मीटरों की संख्या बढ़कर 4.7 करोड़ से अधिक हो जाएगी। इसके साथ ही एईएसएल देश की सबसे बड़ी स्मार्ट मीटर कंपनी बन गई है। इंटेलिस्मार्ट एनआईआईएफ और ईईएसएल का संयुक्त उपक्रम है। इस सौदे में पूरी इक्विटी का अधिग्रहण शामिल है। इसके साथ अडाणी इस कंपनी में एनआईआईएफ का पूरा बकाया कर्ज भी चुकाएगी। AESL के स्मार्ट मीटरिंग बिजनेस में अभी 2.46 करोड़ से ज्यादा मीटर वहीं, AESL के स्मार्ट मीटरिंग बिजनेस में अभी 2.46 करोड़ से ज्यादा मीटर का ऑर्डर बुक है। अधिग्रहण के बाद कंपनी के पास 4.7 करोड़ स्मार्ट मीटर का पोर्टफोलियो होगा और इससे भारत के स्मार्ट मीटरिंग मार्केट में अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस की टॉप पोजीशन को और मजबूत होगी। अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का कहना है कि इस अधिग्रहण के बाद उसके पास 4.7 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर का पोर्टफोलियो होगा। इससे कंपनी भारत की सबसे बड़ी स्मार्ट मीटरिंग प्लेटफॉर्म बन जाएगी। स्मार्ट मीटर बिजली उपभोक्ताओं को रियल टाइम बिजली खपत की जानकारी देने, बिलिंग में पारदर्शिता लाने और बिजली चोरी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। केंद्र सरकार भी देशभर में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना को तेजी से आगे बढ़ा रही है। ऐसे में यह अधिग्रहण भविष्य के लिहाज से काफी रणनीतिक माना जा रहा है। उपभोक्ताओं को सटीक बिजली बिल मिलेंगे: CEO अडाणी एनर्जी के CEO कंदर्प पटेल ने कहा कि IntelliSmart का अधिग्रहण कंपनी की क्षमता और निष्पादन शक्ति को और मजबूत करेगा। इससे भारत के बिजली वितरण क्षेत्र के आधुनिकीकरण में तकनीक आधारित समाधान उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही बड़े स्तर पर संचालन होने से लागत में कमी आएगी और बेहतर दक्षता हासिल होगी। इससे आम उपभोक्ताओं को सटीक बिजली बिल मिलेंगे और गलत बिलों की समस्या खत्म होगी। —————— ये खबर भी पढ़ें…. अडाणी पावर का चौथी तिमाही में मुनाफा 64% बढ़ा:यह ₹4,271 करोड़ रहा, इनकम भी 10% बढ़ी अडाणी पावर ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 64% बढ़कर ₹4,271 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹2,599 करोड़ का मुनाफा हुआ था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

अब हरियाणवी सिंगर डिंपल चौधरी का आपत्तिजक VIDEO सामने आया:युवक के प्राइवेट पार्ट पर नोट लगाकर अश्लील हरकत की; ट्रोलर्स बोले-खुद वल्गैरिटी को बढ़ावा दिया

अब हरियाणवी सिंगर डिंपल चौधरी का आपत्तिजक VIDEO सामने आया:युवक के प्राइवेट पार्ट पर नोट लगाकर अश्लील हरकत की; ट्रोलर्स बोले-खुद वल्गैरिटी को बढ़ावा दिया

उत्तर प्रदेश के हाथरस में स्टेज पर कमर छूने पर थप्पड़ मारने वाली हरियाणवी डांसर का अब खुद अश्लील हरकत करते का वीडियो सामने आया है। यह वीडियो 3 जून को उसी प्रोग्राम का है। वीडियो में डांसर डांस स्टेप करते समय नोट को युवक के प्राइवेट पार्ट पर टच करती दिखाई दे रही है। हालांकि, युवक ने पैंट शर्ट पहनी हुई है, लेकिन डांसर की हरकत पर मुस्कुराता नजर आ रहा है। पास में ही खड़ा दूसरा युवक यह वीडियो बना रहा है और हंसता हुआ दिखाई दे रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद डांसर को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है। कई लोग इस हरकत को अश्लील बताते हुए आरोप लगा रहे हैं कि वह खुद इस तरह की चीजों को बढ़ावा दे रही हैं। उधर, डांसर ने भी ट्रोलर्स के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- कलाकारों को ट्रोल करना कोई नई बात नहीं है। पहले हाथरथ स्टेज शो के दौरान बदसलूकी करने वाले युवक की गिरफ्तारी होने दी जाए, इसके बाद मैं ट्रोल करने वालों को भी जवाब दूंगी। डांसर के नए वीडियो ने बढ़ाया विवाद… महिला इन्फ्लुएंसर बोलीं- खुद वल्गैरिटी करते हो, रिएक्ट मत करो “मैंने मोस्टली ना बोलना बंद कर रखा था, लेकिन मुझे अब बोलना पड़ रहा है। एक वीडियो है, काफी ज्यादा चर्चा में आ रही है। काफी ज्यादा उस पे फेक रिपोर्टर्स हैं, जो न्यूज बना के डाल रहे हैं। वो है डांसर की, ठीक है? खुल्लम नाम ले रही हूं, क्योंकि मुझे वो चीज नहीं अच्छी लग रही है। जब आपको पता है कि आप वल्गैरिटी करते हो, आप खुद भी गलत हरकतें करते हो, तो आप उस चीज को रिएक्ट मत करो। अगर आपको थप्पड़ मारना था तो ऑन द स्पॉट मारते, रुक के नहीं मारना था। मारूं नहीं मारूं, मारूं नहीं मारूं, वो चीज पहली गलती लगी, ठीक है? दूसरी बात, आपने ही कहीं ना कहीं उन्हें हिंट दिया होगा, किनारा दिया होगा तभी आपके साथ ये बदतमीजी हुई है, वरना नहीं होती। और अगर अब भी आप लोगों को लगता है कि मैं गलत कह रही हूं, तो आप डांसर के दोनों वीडियो देख लो। आप बताना कि उनमें से कौन सा सही है और कौन सा गलत है। ट्रोलर्स को डांसर ने दिया ऐसा जवाब… अब पढ़िए… सुसाइड के ऐलान के बुधवार को क्या होगा ———————- डांसर विवाद से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… ‘कमर छूने वाला गिरफ्तार नहीं हुआ तो जान दे दूंगी’:हरियाणवी डांसर बोलीं- 15 जून तक इंतजार करूंगी; जहां इज्जत मिलेगी, वहीं परफॉर्मेंस दूंगी स्टेज पर हरियाणवी डांसर की कमर छूने पर FIR:बोलीं- मेरी बहन मुझसे भी सुंदर, पैसों का लालच होता तो वह भी इसी लाइन में होती

President Murmu Confers Gallantry Awards

President Murmu Confers Gallantry Awards

Hindi News Career President Murmu Confers Gallantry Awards | Rashtrapati Bhavan June 10 Current Affairs 7 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. पीएम नरेंद्र मोदी सबसे लंबा कार्यकाल पूरा करने वाले नेता बने 10 जून को पीएम नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित पीएम बने। पीएम मोदी ने देश के पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा। पीएम नरेंद्र मोदी ने लगातार 4,399 दिनों का कार्यकाल पूरा किया है और जवाहरलाल नेहरू का 4,398 दिनों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। जवाहरलाल नेहरू ने पहले आम चुनाव (1952) के बाद प्रधानमंत्री के तौर पर 4,398 दिन का लगातार कार्यकाल पूरा किया था। इसके साथ ही इंदिरा गांधी ने 24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977 तक लगातार प्रधानमंत्री के तौर पर काम किया था और उनका ये कार्यकाल 4,077 दिनों का था। कांग्रेस पार्टी ने 1951-52 में पहला आम चुनाव जीता और फिर 1957 और 1962 में भी जीत हासिल की। वह 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने और 2014 में प्रधानमंत्री का पद संभालने से पहले तक इस पद पर रहे। नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। 2. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में शौर्य चक्र दिए 8 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में रक्षा अलंकरण समारोह में जवानों और उनके परिवारों को 7 कीर्ति चक्र 15 वीर चक्र और 29 शौर्य चक्र प्रदान किए। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। इन शौर्य चक्रों में मरणोपरांत 2 कीर्ति चक्र, 3 वीर चक्र और 1 शौर्य चक्र शामिल हैं। ऑपरेशन सिंदूर में शामिल भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा को भी वीर चक्र से सम्मानित किया गया है। उन्हें पहले शौर्य चक्र भी मिल चुका है। ग्रुप कैप्टन मनीष ने सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान उड़ाते हुए पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले में हिस्सा लिया था। वहीं, LoC पर 3 आतंकियों को मार गिराने वाले लेफ्टिनेंट कर्नल नितेश भारती शुक्ला को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। इसके अलवा अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाके में सैन्य अभियान के दौरान बहादुरी दिखाने वाले मेजर आदित्य प्रताप सिंह को भी शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान साहस दिखाने वाले पुलिस अधिकारी लक्ष्मण केवट और रामेश्वर प्रसाद देशमुख को भी ये सम्मान मिला। भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के. और रूपा ए. ने नाविका सागर परिक्रमा-II अभियान के तहत समुद्र के रास्ते दुनिया का चक्कर पूरा करने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। 4 राष्ट्रीय राइफल्स के शहीद लांस दफादार बलदेव चंद को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रक्षा अलंकरण समारोह में यह वीरता पुरस्कार उनकी पत्नी और मां को प्रदान किया। 7 पैरा (स्पेशल फोर्सेज) के मेजर आशीष कुमार को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। नवंबर 2024 में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में एक आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान उन्होंने ऑपरेशन का नेतृत्व किया। छत्तीसगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। दोनों अधिकारियों ने 16 अप्रैल 2024 को एक बड़े नक्सल विरोधी अभियान का नेतृत्व किया था। नक्सलियों के हमले के बीच उन्होंने तीन घंटे से ज्यादा चली मुठभेड़ में मोर्चा संभाला, घायल जवानों को सुरक्षित निकाला और अभियान को सफल बनाया। सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर की मां ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की हाथों से कीर्ति चक्र लिया। 3. इंद्रौर में BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक शुरू हुई 9 जून को मध्य प्रदेश के इंद्रौर में ब्रिक्स BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक शुरू हुई। ये समिट 13 जून तक चलेगी। इस बैठक में BRICS देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के कृषि मंत्री शामिल हुए। इस समिट में खाद्य सिक्योरिटी , एग्रीकल्चर इनोवेशन , क्लाइमेट चेंज, एग्रीकल्चर ट्रेड और छोटे किसानों पर बात होगी। कृषि मंत्रालय के मुताबिक, दुनिया की लगभग 42% कृषि भूमि, 68% कृषि जोतें और 42% खाद्य उत्पादन ब्रिक्स देशों के पास हैं। इस समिट में कृषि क्षेत्र में नई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर चर्चा की जाएगी। जलवायु परिवर्तन के दौर में खेती को कैसे सुरक्षित बनाया जाए, इस पर सेशन आयोजित होंगे। इस समिट में छोटे किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। जॉइंट डिक्लेरेशन में फूड सिक्योरिटी और न्यूट्रिशन, डिजिटल एग्रीकल्चर और एग्रीकल्चर में स्मार्ट टेक्नोलॉजी का यूज बढ़ाने, एग्रीकल्चर इनोवेशन, AI, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स और एग्रीकल्चर इंवेस्टमेंट पर जॉइंट डिक्लेरेशन भी पेश किया जा सकता है। ये BRICS की 16वीं बैठक है, जिसमें 20 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 4. H-1B वीजा में 1 लाख डॉलर के शुल्क पर अमेरिकी कोर्ट ने रोक लगाई 8 जून को अमेरिका में फेडरल कोर्ट ने ट्रम्प के H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर (करीब 95 लाख रुपए) फीस वसूलने वाली नीति को रद्द कर दिया है। बोस्टन कोर्ट ने कहा कि ये फीस नहीं बल्कि एक टैक्स है और इसे लागू करने के लिए राष्ट्रपति नहीं बल्कि संसद की मंजूरी जरूरी होती है। ट्रम्प ने सितंबर 2025 में कहा था कि H-1B वीजा पर विदेशी कर्मचारियों को नौकरी देने वाली कंपनियों को उनके हर वीजा के लिए 1 लाख डॉलर की एक्स्ट्रा फीस देनी होगी। इसके बाद 20 राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने इसे चुनौती दी थी। अब कोर्ट के फैसले के खिलाफ ट्रम्प सरकार अपील कर सकती है। H-1B एक गैर-प्रवासी वीजा है, जिसके जरिए अमेरिकी कंपनियां कुछ समय के लिए विदेशों से हाई स्किल प्रोफेशनल्स को नौकरी पर रख सकती हैं। पहले H-1B वीजा आवेदन करने पर कंपनियों को करीब 2000 से 5000 डॉलर तक फीस देनी पड़ती थी। इस वीजा का सबसे ज्यादा इस्तेमाल भारतीय IT और टेक प्रोफेशनल्स करते हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसी साल मई में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के सामने H-1B वीजा का मुद्दा उठाया था। रुबियो ने माना था कि नए इमिग्रेशन सिस्टम में बदलाव के दौरान

2030 तक खत्म हो जाएगा अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन का सफर:नासा प्रशांत महासागर में गिराएगी मलबा, 9500 करोड़ रुपए का आएगा खर्च

2030 तक खत्म हो जाएगा अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन का सफर:नासा प्रशांत महासागर में गिराएगी मलबा, 9500 करोड़ रुपए का आएगा खर्च

पृथ्वी से करीब 400 किलोमीटर ऊपर पिछले 25 वर्षों से मानवता की सबसे बड़ी अंतरिक्ष प्रयोगशाला के रूप में काम कर रहा इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नासा ने 2028 से शुरू करके 2030 तक इसे सुरक्षित तरीके से धरती पर गिराने की अपनी योजना को सार्वजनिक किया है। इसके लिए नासा ने 1 अरब डॉलर (करीब 9500 करोड़ रुपए) का प्लान तैयार किया है। आईएसएस निर्धारित उम्र पूरी कर चुका है। इसका कार्यकाल कई बार बढ़ चुका है। पिछले कुछ सालों से इसमें लगातार तकनीकी खामियां आ रही हैं। स्टेशन को सुरक्षित बनाए रखने पर अरबों डॉलर खर्च होते हैं। नासा अब अपने संसाधनों को चंद्रमा और मंगल मिशनों पर केंद्रित करना चाहता है। इसलिए आईएसएस को सम्मानजनक और सुरक्षित तरीके से रिटायर करने का फैसला लिया गया है। कैसे होगा अंतरिक्ष स्टेशन का अंत? करीब 4.5 लाख किलोग्राम वजनी आईएसएस को यूं ही पृथ्वी की ओर गिरने नहीं दिया जाएगा। 2028 के आसपास स्टेशन को कक्षा में बनाए रखने की प्रक्रिया धीरे-धीरे बंद कर दी जाएगी। विशेष अंतरिक्ष यान से उसे नियंत्रित तरीके से पृथ्वी के वायुमंडल में धकेला जाएगा। वायुमंडल में प्रवेश करते ही स्टेशन का अधिकांश हिस्सा घर्षण से जलकर नष्ट हो जाएगा। हालांकि, इसके बाद भी स्पेस के बड़े टुकड़े पृथ्वी पर आबादी वाले क्षेत्रों में गिर सकते हैं। इसलिए नासा ने प्रशांत महासागर के एक दूरस्थ क्षेत्र को चुना है ताकि वायुमंडल में जलने के बाद बचा हुआ मलबा इसी सुनसान समुद्री क्षेत्र में गिरे। NASA के अनुसार, ISS को दक्षिण प्रशांत महासागर के क्षेत्र में क्रैश किया जाएगा। इस जगह का नाम पॉइंट नीमो है। यह जगह वैश्विक स्तर पर खास अंतरिक्ष के पुराने स्पेस स्टेशन, सैटेलाइट और दूसरे कचरे को डिस्पोज करने के लिए चुनी गई है। पॉइंट नीमो के आस पास किसी भी जहाज के जाने पर बैन है। यहां इंसानों के रहने के लिए कोई जगह नहीं है। साल 1971 से लेकर अब तक तकरीबन 300 तरह के अंतरिक्षीय कचरे को यहां गिराया गया है। इसमें अधिकतर अमेरिकी और रूसी कचरा शामिल है। 19 देशों के अंतरिक्ष यात्री ISS का दौरा कर चुके ISS में अंतरिक्ष यात्रियों के लिए सभी सुविधाएं मौजूद हैं। यहां 6 से 8 लोग 6 महीने तक रह सकते हैं। इस पर पृथ्वी से उड़ान भरने वाले बड़े-बड़े अंतरिक्ष यान उतारे जाते हैं। अब तक 19 देशों के 250 से ज्यादा अंतरिक्ष यात्रियों ने ISS का दौरा किया है। आईएसएस की जगह अब प्राइवेट स्पेस स्टेशन नासा के नेतृत्व में कई निजी कंपनियां अपने अंतरिक्ष स्टेशन बना रही हैं। इनमें वोस्ट कंपनी का हेवन-2, एक्सिओम का स्पेस स्टेशन, और ब्लू ओरिजिन का ऑर्बिट रीफ प्रमुख हैं। चीन पहले ही अपना स्पेस स्टेशन अंतरिक्ष में स्थापित कर चुका है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) भी 2035 तक खुद का अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है। ——————– ISS से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में हवा का रिसाव:नासा ने एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस क्राफ्ट में छिपने को कहा इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में हवा का रिसाव बढ़ने के बाद नासा ने तुरंत एक्शन लिया और एस्ट्रोनॉट्स को स्पेसक्राफ्ट में छिपने और सुरक्षित निकलने (इवैक्युएशन) के लिए तैयार रहने का आदेश दिया। हालांकि, करीब दो घंटे की मशक्कत और जांच के बाद स्थिति नियंत्रण में देखकर इस आदेश को वापस ले लिया गया। पूरी खबर पढ़ें…

2030 तक खत्म हो जाएगा अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन का सफर:नासा प्रशांत महासागर में गिराएगी मलबा, 9500 करोड़ रुपए का आएगा खर्च

2030 तक खत्म हो जाएगा अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन का सफर:नासा प्रशांत महासागर में गिराएगी मलबा, 9500 करोड़ रुपए का आएगा खर्च

पृथ्वी से करीब 400 किलोमीटर ऊपर पिछले 25 वर्षों से मानवता की सबसे बड़ी अंतरिक्ष प्रयोगशाला के रूप में काम कर रहा इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नासा ने 2028 से शुरू करके 2030 तक इसे सुरक्षित तरीके से धरती पर गिराने की अपनी योजना को सार्वजनिक किया है। इसके लिए नासा ने 1 अरब डॉलर (करीब 9500 करोड़ रुपए) का प्लान तैयार किया है। आईएसएस निर्धारित उम्र पूरी कर चुका है। इसका कार्यकाल कई बार बढ़ चुका है। पिछले कुछ सालों से इसमें लगातार तकनीकी खामियां आ रही हैं। स्टेशन को सुरक्षित बनाए रखने पर अरबों डॉलर खर्च होते हैं। नासा अब अपने संसाधनों को चंद्रमा और मंगल मिशनों पर केंद्रित करना चाहता है। इसलिए आईएसएस को सम्मानजनक और सुरक्षित तरीके से रिटायर करने का फैसला लिया गया है। कैसे होगा अंतरिक्ष स्टेशन का अंत? करीब 4.5 लाख किलोग्राम वजनी आईएसएस को यूं ही पृथ्वी की ओर गिरने नहीं दिया जाएगा। 2028 के आसपास स्टेशन को कक्षा में बनाए रखने की प्रक्रिया धीरे-धीरे बंद कर दी जाएगी। विशेष अंतरिक्ष यान से उसे नियंत्रित तरीके से पृथ्वी के वायुमंडल में धकेला जाएगा। वायुमंडल में प्रवेश करते ही स्टेशन का अधिकांश हिस्सा घर्षण से जलकर नष्ट हो जाएगा। हालांकि, इसके बाद भी स्पेस के बड़े टुकड़े पृथ्वी पर आबादी वाले क्षेत्रों में गिर सकते हैं। इसलिए नासा ने प्रशांत महासागर के एक दूरस्थ क्षेत्र को चुना है ताकि वायुमंडल में जलने के बाद बचा हुआ मलबा इसी सुनसान समुद्री क्षेत्र में गिरे। NASA के अनुसार, ISS को दक्षिण प्रशांत महासागर के क्षेत्र में क्रैश किया जाएगा। इस जगह का नाम पॉइंट नीमो है। यह जगह वैश्विक स्तर पर खास अंतरिक्ष के पुराने स्पेस स्टेशन, सैटेलाइट और दूसरे कचरे को डिस्पोज करने के लिए चुनी गई है। पॉइंट नीमो के आस पास किसी भी जहाज के जाने पर बैन है। यहां इंसानों के रहने के लिए कोई जगह नहीं है। साल 1971 से लेकर अब तक तकरीबन 300 तरह के अंतरिक्षीय कचरे को यहां गिराया गया है। इसमें अधिकतर अमेरिकी और रूसी कचरा शामिल है। 19 देशों के अंतरिक्ष यात्री ISS का दौरा कर चुके ISS में अंतरिक्ष यात्रियों के लिए सभी सुविधाएं मौजूद हैं। यहां 6 से 8 लोग 6 महीने तक रह सकते हैं। इस पर पृथ्वी से उड़ान भरने वाले बड़े-बड़े अंतरिक्ष यान उतारे जाते हैं। अब तक 19 देशों के 250 से ज्यादा अंतरिक्ष यात्रियों ने ISS का दौरा किया है। आईएसएस की जगह अब प्राइवेट स्पेस स्टेशन नासा के नेतृत्व में कई निजी कंपनियां अपने अंतरिक्ष स्टेशन बना रही हैं। इनमें वोस्ट कंपनी का हेवन-2, एक्सिओम का स्पेस स्टेशन, और ब्लू ओरिजिन का ऑर्बिट रीफ प्रमुख हैं। चीन पहले ही अपना स्पेस स्टेशन अंतरिक्ष में स्थापित कर चुका है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) भी 2035 तक खुद का अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है। ——————– ISS से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में हवा का रिसाव:नासा ने एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस क्राफ्ट में छिपने को कहा इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में हवा का रिसाव बढ़ने के बाद नासा ने तुरंत एक्शन लिया और एस्ट्रोनॉट्स को स्पेसक्राफ्ट में छिपने और सुरक्षित निकलने (इवैक्युएशन) के लिए तैयार रहने का आदेश दिया। हालांकि, करीब दो घंटे की मशक्कत और जांच के बाद स्थिति नियंत्रण में देखकर इस आदेश को वापस ले लिया गया। पूरी खबर पढ़ें…